राहुल का दावा, ज्ञानेश मैसेज करते हैं

नई दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार उनको मैसेज करते हैं और कई बार उनसे बात करने की कोशिश की है। इतना ही नहीं राहुल ने यह भी कहा कि ज्ञानेश कुमार अपराधी नहीं हैं। राहुल ने सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की, जिसमें उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार अपराध नहीं हैं, उनसे सारे काम करवाए जाते हैं। गौरतलब है कि इससे पहले भी राहुल ने ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा देकर सरकारी गवाह बनने की सलाह दी थी।

राहुल ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट की ओर मार्च करने से एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की, जिसमें एक पत्रकार ने उनसे सवाल किया कि, आप लोग चुनाव आयोग की बात करते हैं, आप सीधा ज्ञानेश कुमार पर आरोप लगाते हैं। क्या कभी उन्होंने आप से बात करने की कोशिश की? इस सवाल के जवाब में राहुल ने कहा, ‘हां उनके मैसेज आते हैं। ज्ञानेश कुमार यह प्रेस कॉन्फ्रेंस देख रहे हैं। मैं उनसे कहना चाहता हूं आप अपराधी नहीं है, आपसे बस करवाया गया है। सबसे आसान रास्ता है कि इस्तीफा दो और रास्ते से हट जाओ’।

राहुल ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, ‘दिल्ली को जेल बना दिया गया है। ये पुलिस वाले डिस्टर्ब हैं। ये कह रहे हैं कि हमसे युवाओं को क्यों पिटवाया जा रहा है। वे कह रहे हैं कि युवाओं को रोकने को कहा जा रहा है। आरएसएस के गुंडे महिलाओं को मार रहे हैं। एक तरफ हमसे कहा जा रहा है कि पैलेट गन चलाइए’। राहुल ने आगे कहा, ‘एक दिन हमें पुलिस ने रोका, जंतर मंतर पर पुलिस ने रोका, आज भी रोकेंगे। आपको लगता है कि क्या एक दिन की बात है। ये मत सोचिए कि पांच दिन पहले शुरू हुआ था। सालों से हमें रोका जा रहा है, अब दिख रहा है’।

केंद्र पर निशाना साधते हुए राहुल ने कहा, ‘आप सोच रहे हो कि हमारे लिए मुश्किल है। पुलिस हमें मार रही है। जितना आप थक रहे हो, उतना पुलिस थक रही है। पुलिस कह रही है कि हम ज्ञानेश कुमार को क्यों बचा रहे हैं। पेशेंस और पर्सीवरेंस, लगे रहना है। हम करेंगे, वे रोकेंगे, हमें लगे रहना है। जितने दिन लगेंगे, एक महीने, दो महीने, साल…हम पीछे नहीं हटेंगे’। राहुल ने आगे कहा, ‘ये हिंदुस्तान की जनता की इन्पॉर्टेंस हैं। देश के हर युवा से कह रहा हूं कि ये आपके फ्यूचर, आपकी इज्जत की लड़ाई है। अगर आप नहीं आ सकते तो शाम को जब सुप्रीम कोर्ट के सामने होंगे, तब हमें सॉलिडेरिटी दिखाइए। जिस भी तरीके से ये कर सकते हैं, अपना एक्सप्रेशन करिए। बताइए कि जो हो रहा है, हम उसके खिलाफ हैं। हम ये नहीं होने देंगे’।

UP board date sheet 2027: 5 फरवरी 2027 से शुरू होंगी यूपी बोर्ड की परीक्षाएं, 10-12वीं कक्षा की पूरी डेटशीट जारी

UP board date sheet 2027: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (upmsp) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए 10वीं और 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा की तारीख घोषित कर दी है। इस साल यूपी बोर्ड की परीक्षाएं 05 फरवरी, 2027 से शुरू होंगे और 24 फरवरी को खत्म होंगी। इस साल बोर्ड परीक्षा देने वाले छात्र बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर परीक्षा का पूरा कार्यक्रम देख सकते हैं और अपने विषय के अनुसार डेटशीट डाउनलोड कर सकते हैं।

यूपी बोर्ड की परीक्षा पर रहेगा विधानसभा चुनावों का साया

उत्तर प्रदेश में 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं। इसे देखते हुए बोर्ड की ओर से कहा गया है कि पूरा परीक्षा कार्यक्रम 20 दिन में ही संपन्न कराने की तैयारी है। इससे पहले चुनाव आयोग कई बार बोर्ड परीक्षाओं की तारीखों में बदलाव करवा चुका है। चुनावी वर्ष में परीक्षाओं का कार्यक्रम तय करने के लिए चुनाव आयोग की अनुमति लेनी भी अपेक्षित होती है।

दो पालियों में आयोजित होंगी परीक्षाएं

सुबह की पाली सुबह 8:30 बजे से 11:45 बजे तक

शाम की पाली दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक

कार्यक्रम के अनुसार, शुरुआती 15 मिनट प्रश्नपत्र पढ़ने के लिए निर्धारित हैं। सुबह की पाली में उत्तर लिखने का समय सुबह 8:45 बजे से 11:45 बजे तक, जबकि शाम की पाली में दोपहर 2:15 बजे से शाम 5:15 बजे तक बताया गया है।

UP Board 10th Date Sheet 2027: यूपी बोर्ड हाईस्कूल डेटशीट 2027

दिनांक एवं दिन पाली एवं समय विषय 

05 फरवरी 2027 (शुक्रवार) सुबह (8:30 AM – 11:45 AM) हिंदी, प्रारंभिक हिंदी

08 फरवरी 2027 (सोमवार) सुबह (8:30 AM – 11:45 AM) सामाजिक विज्ञान

09 फरवरी 2027 (मंगलवार) सुबह (8:30 AM – 11:45 AM) एन०सी०सी० शाम (2:00 PM – 5:15 PM) मानव विज्ञान

10 फरवरी 2027 (बुधवार) सुबह (8:30 AM – 11:45 AM) अंग्रेजी शाम (2:00 PM – 5:15 PM) इलेक्ट्रिशियन, हेल्थकेयर, ऑटोमोबाइल, सोलर सिस्टम रिपेयर, प्लम्बर, सुरक्षा, आई०टी०/आई०टी०ई०एस०, मोबाइल रिपेयर, आपदा प्रबन्ध, रिटेल ट्रेडिंग (खुदरा व्यापार)

12 फरवरी 2027 (शुक्रवार) सुबह (8:30 AM – 11:45 AM) गृह विज्ञान (केवल बालिकाओं के लिए / बालकों के लिए तथा उन बालिकाओं के लिए जिन्होंने इसे अनिवार्य विषय के रूप में नहीं लिया है)

13 फरवरी 2027 (शनिवार) सुबह (8:30 AM – 11:45 AM) गणित

15 फरवरी 2027 (सोमवार) सुबह (8:30 AM – 11:45 AM) संस्कृत

16 फरवरी 2027 (मंगलवार) सुबह (8:30 AM – 11:45 AM) गुजराती, पंजाबी, बंगला, मराठी, असामी, उड़िया, कन्नड़, कश्मीरी, सिन्धी, तमिल, तेलुगू, मलयालम, नेपाली

17 फरवरी 2027 (बुधवार) सुबह (8:30 AM – 11:45 AM) विज्ञान शाम (2:00 PM – 5:15 PM) संगीत वादन

18 फरवरी 2027 (गुरुवार) सुबह (8:30 AM – 11:45 AM) कम्प्यूटर शाम (2:00 PM – 5:15 PM) सिलाई

19 फरवरी 2027 (शुक्रवार) सुबह (8:30 AM – 11:45 AM) वाणिज्य

20 फरवरी 2027 (शनिवार) सुबह (8:30 AM – 11:45 AM) उर्दू

22 फरवरी 2027 (सोमवार) सुबह (8:30 AM – 11:45 AM) चित्रकला, रंजनकला

23 फरवरी 2027 (मंगलवार) सुबह (8:30 AM – 11:45 AM) संगीत गायन शाम (2:00 PM – 5:15 PM) पालि, अरबी, फारसी

24 फरवरी 2027 (बुधवार) सुबह (8:30 AM – 11:45 AM) सुरक्षा

UP Board 12th Date Sheet 2027: यूपी बोर्ड इंटरमीडिएट डेटशीट 2027

दिनांक एवं दिन पाली एवं समय विषय एवं स्ट्रीम

05 फरवरी 2027 (शुक्रवार) शाम (2:00 PM – 5:15 PM) हिंदी, सामान्य हिंदी

08 फरवरी 2027 (सोमवार) सुबह (8:30 AM – 11:45 AM) व्यावसायिक शिक्षा वर्ग ‘आई’ – प्रथम प्रश्नपत्र (सभी ट्रेड जैसे काष्ठ शिल्प, सिलाई, ऑटोमोबाइल, बैंकिंग, हेल्थ केयर आदि) शाम (2:00 PM – 5:15 PM) अंग्रेजी

09 फरवरी 2027 (मंगलवार) सुबह (8:30 AM – 11:45 AM) कृषि शस्य विज्ञान (एग्रोनामी) – प्रथम प्रश्नपत्र (कृषि भाग-1) / षष्ठम् प्रश्नपत्र (कृषि भाग-2) शाम (2:00 PM – 5:15 PM) नागरिक शास्त्र

10 फरवरी 2027 (बुधवार) सुबह (8:30 AM – 11:45 AM) व्यावसायिक शिक्षा वर्ग ‘आई’ – द्वितीय प्रश्नपत्र शाम (2:00 PM – 5:15 PM) इतिहास

12 फरवरी 2027 (शुक्रवार) सुबह (8:30 AM – 11:45 AM) व्यावसायिक शिक्षा वर्ग ‘आई’ – तृतीय प्रश्नपत्र शाम (2:00 PM – 5:15 PM) जीव विज्ञान, गणित

13 फरवरी 2027 (शनिवार) सुबह (8:30 AM – 11:45 AM) शस्य विज्ञान (व्यावसायिक), कृषि वनस्पति विज्ञान (द्वितीय प्रश्न पत्र – कृषि भाग-1), कृषि अर्थशास्त्र (सप्तम प्रश्न पत्र – कृषि भाग-2) शाम (2:00 PM – 5:15 PM) अर्थशास्त्र

15 फरवरी 2027 (सोमवार) सुबह (8:30 AM – 11:45 AM) संगीत गायन, संगीत वादन, नृत्यकला शाम (2:00 PM – 5:15 PM) रसायन विज्ञान, समाज शास्त्र

16 फरवरी 2027 (मंगलवार) सुबह (8:30 AM – 11:45 AM) कृषि भौतिकी एवं जलवायु विज्ञान (तृतीय प्रश्नपत्र – कृषि भाग-1), कृषि जन्तु विज्ञान (अष्टम् प्रश्नपत्र – कृषि भाग-2) शाम (2:00 PM – 5:15 PM) भूगोल

17 फरवरी 2027 (बुधवार) सुबह (8:30 AM – 11:45 AM) व्यावसायिक शिक्षा वर्ग ‘आई’ – चतुर्थ प्रश्नपत्र शाम (2:00 PM – 5:15 PM) भौतिक विज्ञान, सैन्य विज्ञान

18 फरवरी 2027 (गुरुवार) सुबह (8:30 AM – 11:45 AM) कृषि अभियांत्रण (चतुर्थ प्रश्नपत्र – कृषि भाग-1), कृषि पशुपालन तथा पशु चिकित्सा विज्ञान (नवम् प्रश्नपत्र – कृषि भाग-2) शाम (2:00 PM – 5:15 PM) चित्रकला आलेखन, चित्रकला प्राविधिक, रंजनकला

19 फरवरी 2027 (शुक्रवार) सुबह (8:30 AM – 11:45 AM) व्यावसायिक शिक्षा वर्ग ‘आई’ – पंचम प्रश्नपत्र शाम (2:00 PM – 5:15 PM) मानव विज्ञान

20 फरवरी 2027 (शनिवार) सुबह (8:30 AM – 11:45 AM) भाषाएँ: उर्दू, गुजराती, पंजाबी (गुरुमुखी), बंगला, मराठी, असामी, उड़िया, कन्नड़, सिन्धी, तमिल, तेलुगू, मलयालम, नेपाली शाम (2:00 PM – 5:15 PM) मनोविज्ञान, शिक्षाशास्त्र, तर्कशास्त्र

22 फरवरी 2027 (सोमवार) सुबह (8:30 AM – 11:45 AM) सामान्य आधारित विषय (व्यावसायिक वर्ग के लिये), कृषि गणित तथा प्रारम्भिक सांख्यिकी (पंचम प्रश्नपत्र – कृषि भाग-1), कृषि रसायन विज्ञान (दशम प्रश्नपत्र – कृषि भाग-2) शाम (2:00 PM – 5:15 PM) व्यवसाय अध्ययन (वाणिज्य वर्ग के लिये), गृह विज्ञान

23 फरवरी 2027 (मंगलवार) सुबह (8:30 AM – 11:45 AM) लेखाशास्त्र (वाणिज्य वर्ग के लिये), एन०सी०सी० शाम (2:00 PM – 5:15 PM) पालि, अरबी, फारसी

24 फरवरी 2027 (बुधवार) सुबह (8:30 AM – 11:45 AM) कम्प्यूटर शाम (2:00 PM – 5:15 PM) संस्कृत

वोट चोरी के खिलाफ जन आंदोलन जारी रहेगा : राहुल

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष एवं लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने वोट चोरी और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जनआंदोलन जारी रखने का ऐलान करते हुए कहा है कि जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त इस्तीफा नहीं देते तथा चुनाव व्यवस्था में सुधार नहीं होता तब तक युवा पीछे नहीं हटेंगे और यह जन आंदोलन चलता रहेगा।

श्री गांधी ने सोमवार को यहां विशेष संवाददाता सम्मेलन में यह घोषणा करते हुए कहा कि दिल्ली को किले में तब्दील कर दिया गया है और लोगों को राजधानी पहुंचने से रोका जा रहा है, आंदोलनकारी को पीटा जा रहा है और इसे साफ है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार ज्ञानेश कुमार को बचा रही है। उन्होंने दावा किया कि पुलिसकर्मी भी मौजूदा हालात से परेशान हैं और उनमें से कई विपक्ष के आंदोलन को सही मानते हैं। उनका कहना था कि सच्चाई उनके साथ है और वे न थकेंगे, न रुकेंगे और लड़ते रहेंगे।

उन्होंने कहा कि पुलिस, आईटीबीपी, सीआरपीएफ, जनता और विपक्षी दल एक तरफ हैं, जबकि दूसरी तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और ज्ञानेश कुमार हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि आरएसएस और भाजपा से जुड़े लोग महिलाओं और युवाओं के खिलाफ हिंसा कर प्रदर्शनकारियों को निशाना बना रहे है। उन्होंने दावा किया कि मोदी सरकार के करीब 200 अधिकारी उनके संपर्क में हैं और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) तथा विदेश मंत्रालय के भीतर से उन्हें सूचनाएं लगातार मिल रही हैं। उन्होंने कहा कि मतदाताओं के अधिकार छीने जाने पर लोग सवाल पूछ रहे हैं।

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श्री गांधी ने बताया कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और उन्होंने लोकतंत्र तथा चुनाव की निष्पक्षता पर गंभीर चिंता जताते हुए भारत के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखा था। मुख्य न्यायाधीश ने जवाब देते हुए याचिका दायर करने को कहा है। इंडिया गठबंधन के नेता अब मिलकर उच्चतम न्यायालय जाकर याचिका दायर करेंगे। लोगों से जन आंदोलन में जुटने की अपील करते हुए उन्होंने कहा कि संविधान की रक्षा में विश्वास रखने वाले सभी दलों के लोग इस लड़ाई में शामिल होंगे। जब तक संविधान की रक्षा, मुख्य चुनाव आयुक्त का इस्तीफा, चुनाव व्यवस्था में सुधार और देश के लोगों को न्याय नहीं मिलता आंदोलन जारी रहेगा।

कांग्रेस नेता ने कहा कि पहले दिन विपक्षी नेताओं को चुनाव आयोग जाते समय रोका गया और बस में बैठाया गया, दूसरे दिन जंतर-मंतर जाते समय भी उन्हें रोका गया और धक्का-मुक्की हुई, जबकि तीसरे दिन विपक्षी नेताओं ने राजघाट पर प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि अब विपक्ष उच्चतम न्यायालय जा रहा है।

उन्होंने युवाओं से हर दिन लोकतंत्र और संविधान की रक्षा की लड़ाई जारी रखने, किसी से डरे बिना आंदोलन से पीछे नहीं हटने का आह्वान किया और कहा कि यह आंदोलन भगवान शिव का तांडव और शिव की बारात की तरह लोक कल्याण के लिए है इसमें कुछ भी पहले से तय नहीं होता और इसमें कोई भी शामिल हो सकता है।

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दिल्ली में प्रदर्शन पर वर्ल्ड मीडिया:NYT बोला- राजधानी किले में तब्दील, विरोध को दबाना मुश्किल, अल-जजीरा ने लिखा- सरकार के लिए सबसे गंभीर चुनौती

भारत में SIR को लेकर विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। इस मामले को दुनियाभर के मीडिया संस्थानों को प्रमुखता से कवर किया गया है।

NYT – सरकार के लिए सत्ता बनाए रखने के तरीके कमजोर पड़े अमेरिकी अखबार न्यूयॉर्क टाइम्स लिखता है कि भारत में एक समय कमजोर पड़ चुका विपक्ष अब फिर सक्रिय होता दिखाई दे रहा है। विपक्षी दल युवाओं के आंदोलन से बनी राजनीतिक जगह का फायदा उठाने की कोशिश कर रहे हैं। शनिवार को दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र की राजधानी एक किले में तब्दील हो गई। भारतीय अधिकारियों ने जरूरत से ज्यादा ताकत का इस्तेमाल किया, तो देश के युवाओं ने भी उतने ताकतवर तरीके से इसका विरोध किया। मोदी समर्थक पहले विरोधियों के प्रदर्शन को कमजोर बताकर या ‘देशद्रोही’ कहकर उनका विरोध कम करने की कोशिश करते रहे हैं। लेकिन इस आंदोलन में समाज के अलग-अलग वर्गों के लोग शामिल हैं। इससे प्रदर्शनकारियों को उसी तरीके से निशाना बनाना सरकार के लिए मुश्किल हो रहा है। वॉशिंगटन पोस्ट – मोदी और चुनाव आयोग के खिलाफ गुस्सा बढ़ा अमेरिकी अखबार वॉशिंगटन पोस्ट ने लिखा कि भारत में युवाओं के विरोध-प्रदर्शन के बीच प्रधानमंत्री मोदी और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ गुस्सा बढ़ रहा है। वोटर लिस्ट में बदलाव के विरोध में आंदोलन कर रहे युवाओं ने दिल्ली में प्रदर्शन का ऐलान किया था, लेकिन पुलिस ने जंतर-मंतर पहुंचने से पहले ही कई नेताओं, विपक्षी सांसदों और छात्र कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने दिल्ली में सुरक्षा बढ़ाई, जगह-जगह बैरिकेडिंग की और वाहनों की जांच की। यह आंदोलन ऐसे समय तेज हुआ है, जब इससे पहले पेपर लीक के मुद्दे पर हुए युवा प्रदर्शनों के बाद जुलाई में शिक्षा मंत्री को इस्तीफा देना पड़ा था। CNN- सरकार ही नहीं CJP के लिए भी बड़ी परीक्षा अमेरिकी अखबार CNN लिखता है कि कई हफ्तों तक धरने और मार्च चलने के बाद जुलाई में धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया था। यह मोदी सरकार के लिए एक राजनीतिक झटका था। विपक्षी दल भी सरकार को इस तरह का झटका नहीं दे पाए थे।अब मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ हो रहा प्रदर्शन CJP के लिए एक परीक्षा है। पार्टी यह देखना चाहती है कि क्या शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के लिए अपनाई गई उसकी सफल रणनीति को देश की चुनाव व्यवस्था जैसे बड़े मुद्दे पर भी दोहराया जा सकता है। साउथ चाइना पोस्ट- भारत में चुनाव प्रक्रिया पर सवाल हॉन्गकॉन्ग के अखबार साउथ चाइना पोस्ट ने लिखा वोटर लिस्ट में करीब 13 करोड़ नाम हटाए जाने की खबर के बाद विरोध तेज हुआ है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि वोटर लिस्ट में बदलाव से भाजपा को फायदा पहुंच सकता है। शनिवार को दिल्ली में प्रदर्शन रोकने के लिए हजारों पुलिस और पैरामिलिट्री जवान तैनात किए गए, कई मेट्रो स्टेशन और बाजार बंद रहे और 2,000 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया। रिपोर्ट ने इस विरोध को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए अब तक की गंभीर राजनीतिक चुनौतियों में से एक बताया है। अल जजीरा – PM मोदी के लिए अब तक की सबसे गंभीर चुनौती अल जजीरा ने विरोध प्रदर्शन को लेकर लिखा है कि ये PM मोदी और उनकी सरकार के लिए अब तक की सबसे गंभीर चुनौतियों में से एक हैं। पिछले हफ्ते इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के बाद विरोध और तेज हो गया। रिपोर्ट में बताया गया था कि दो चुनाव आयुक्तों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के वोटर लिस्ट में किए गए बदलावों पर सवाल उठाए थे। इन बदलावों के चलते वोटर लिस्ट से करीब 13 करोड़ नाम हटा दिए गए थे। भाजपा का कहना है कि चुनावों में उसकी सफलता मोदी की लोकप्रियता और भारत की आर्थिक तरक्की को दिखाती है। पार्टी ने विपक्ष पर गलत जानकारी फैलाने का आरोप लगाया है। —————————- यह खबर भी पढ़ें… CJP का दिल्ली पुलिस को 24 घंटे का अल्टीमेटम: कहा- प्रदर्शन की इजाजत नहीं मिली तो फिर आंदोलन करेंगे कॉकरोच जनता पार्टी ने दिल्ली पुलिस को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। उसने कहा कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की तारीख नहीं मिली तो फिर आंदोलन करेंगे। पूरी खबर पढ़ें…

CJI Video: कांग्रेस नेताओं से मिलने से इनकार के बाद चीफ जस्टिस सूर्यकांत का पहला रिएक्शन, बोले- सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे सबके लिए खुले

Delhi Protest Update: चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) जस्टिस सूर्यकांत ने सोमवार (12 अक्टूबर) को कहा कि सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे हर किसी के लिए खुले हैं। कोई भी आम नागरिक या निर्वाचित जनप्रतिनिधि अपनी शिकायत लेकर अदालत आ सकता है। उन्होंने विपक्षी गठबंधन ‘INDIA’ ब्लॉक के नेताओं से मुलाकात नहीं करने के फैसले पर पहला बयान दिया है। CJI ने बताया कि उन्हें रविवार 11 अक्टूबर को मुलाकात के अनुरोध से जुड़ा पत्र मिला था। इसके बाद उन्होंने उसी रात जवाब देकर मुलाकात नहीं कर पाने की वजह बता दी थी।

न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक CJI जस्टिस सूर्यकांत ने कहा, “मुझे कल बैठक के अनुरोध के संबंध में एक पत्र मिला था। और मैंने कल रात ही उसका जवाब दे दिया था, जिसमें उन कारणों का उल्लेख किया गया था कि मैं क्यों नहीं मिल पाऊंगा।” उन्होंने यह भी कहा, “सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे सभी के लिए खुले हैं। किसी भी आम नागरिक या निर्वाचित निकाय के सदस्य की किसी भी याचिका का स्वागत है। हर भारतीय नागरिक को अदालत का दरवाजा खटखटाने का अधिकार है, और हम उनकी चिंताओं को सुनेंगे और कानून के तहत जो भी उचित होगा, वह करेंगे।”

CJI सूर्यकांत ने यह बयान राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के 33वें स्थापना दिवस समारोह के बाद पत्रकारों से बातचीत के दौरान दिया। उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के नेता चुनाव आयोग के खिलाफ अपनी शिकायतों को लेकर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकालने की तैयारी कर रहे हैं। चीफ जस्टिस के इस बयान को विपक्षी नेताओं के उस अनुरोध के संदर्भ में देखा जा रहा है, जिसमें उन्होंने कथित चुनावी अनियमितताओं के मुद्दे पर CJI से मुलाकात कर अपना पक्ष रखने और ज्ञापन सौंपने की मांग की थी।

विपक्षी नेताओं से मुलाकात क्यों नहीं करेंगे CJI?

इससे पहले CJI जस्टिस सूर्यकांत ने INDIA ब्लॉक के नेताओं के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात करने से इनकार कर दिया था। पीटीआई के मुताबिक, सीजेआई सूर्यकांत ने ‘वोट चोरी’ के आरोपों पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी से यह कहते हुए मुलाकात से इनकार कर दिया कि इस तरह के मुद्दे पहले ही सुप्रीम कोर्ट के समक्ष विचाराधीन हैं। सूत्रों ने बताया कि राहुल गांधी के मुलाकात के अनुरोध पर CJI सूर्यकांत ने कहा कि प्रशासनिक स्तर पर कोई आदेश पारित नहीं किया जा सकता। उन्होंने कांग्रेस नेता से याचिका दायर करने को कहा, जिस पर मंगलवार को सुनवाई हो सकती है।

सूत्रों के मुताबिक, सीजेआई ने कहा कि यदि किसी नागरिक के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन होता है, तो सुप्रीम कोर्ट उसके लिए 24 घंटे उपलब्ध है। सूत्रों ने बताया कि जस्टिस सूर्यकांत ने यह भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट प्रशासनिक स्तर पर कार्यपालिका के कामकाज में हस्तक्षेप नहीं कर सकता। इससे पहले, अपनी मांगों को लेकर विपक्षी दलों ने सोमवार को उच्चतम न्यायालय तक विरोध मार्च निकालने की घोषणा की थी। कांग्रेस ने इसे ‘चलो दिल्ली- लोकतंत्र के लिए मार्च’ का नाम दिया है। विपक्षी दलों की मांग है कि चुनावी प्रक्रिया से जुड़े उनके आरोपों पर उचित कार्रवाई हो।

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दिल्ली में सुरक्षा कड़ी, कई जगह बैरिकेडिंग

विपक्षी नेताओं के प्रस्तावित मार्च को देखते हुए मध्य दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। बाराखंभा रोड और मंडी हाउस के आसपास सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। दिल्ली पुलिस के साथ रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के जवान भी तैनात हैं। सुरक्षा कारणों से दिल्ली मेट्रो के 6 स्टेशनों पर एंट्री-एग्जिट गेट बंद कर दी गई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 12 अक्टूबर को शाम 4 बजे तक कुछ स्टेशनों के गेट बंद रहेंगे।

दिल्ली के दो प्रदर्शनों का फर्क

राजधानी दिल्ली में छह से नौ अक्टूबर तक विपक्षी पार्टियों ने प्रदर्शन किया। राहुल गांधी के साथ 19 विपक्षी पार्टियों के 178 लोकसभा सदस्य और 62 राज्यसभा सदस्य प्रदर्शन कर रहे थे। विपक्ष ने 30 सितंबर को साझा बैठक करके तय किया था कि छह अक्टूबर को चुनाव आयोग के मुख्यालय निर्वाचन सदन का घेराव करेंगे। इसके बावजूद न तो निर्वाचन सदन को सुरक्षित रखने के लिए देश भर से अर्धसैनिक बुलाए गए और न विपक्ष को रोकने के लिए उनके लोगों को घरों में नजरबंद किया गया। सुरक्षा बलों ने किसी को नहीं रोका। संसद भवन से मार्च शुरू हुआ तो नीति आयोग के सामने उसे रोक दिया गया। उसके बाद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा ने थोड़ी उछलकूद की, राहुल बैरिकेड पर चढ़े और फिर आकाशवाणी परिसर में धरने पर बैठ गए, जहां से करीब आठ घंटे बाद उनको हटा दिया गया। दूसरे दिन भी इसी तरह का प्रदर्शन हुआ। विपक्षी सांसद जंतर मंतर की ओर बढ़े। पुलिस ने उन्हें दो सौ मीटर पहले रोक दिया। वहां प्रियंका गांधी वाड्रा जमीन पर लेट गईं, लेकिन पुलिस सबको उठा ले गई और दो घंटे में छोड़ दिया। उसके अगले दिन राजघाट और फिर राष्ट्रपति भवन तक मार्च हुआ। किसी को रोकने के लिए कोई अतिरिक्त प्रयास नहीं हुआ।

लेकिन 10 अक्टूबर के कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन को रोकने के लिए देश के अलग अलग राज्यों से अर्धसैनिक बलों की 221 टुकड़ियां दिल्ली बुलाई गईं। आठ से 12 अक्टूबर तक उनको दिल्ली में तैनात किया गया। दिल्ली पुलिस के जवानों, अधिकारियों की छुट्टी रद्द कर दी गई। 15 हजार जवान तैनात किए गए। ड्रोन से निगरानी शुरू हुई। मेट्रो स्टेशन बंद किए गए। ट्रेनें रद्द की गईं। कनॉट प्लेस और आसपास की दुकानें बंद करा दी गईं। इंटरनेट बंद करा दिया गया। दो दिन शराब की दुकानें बंद रहीं। सीजेपी के समर्थकों को उनके घरों से गिरफ्तार किया गया। पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने शनिवार को पूरी दुनिया के जंग का मैदान बना दिया। सेंट्रल दिल्ली से बहुत दूर के इलाकों में भी बैरिकेडिंग थी, चेकिंग हो रही थी और लोग पकड़े जा रहे थे।

खैबर पख्तूनख्वा में पाकिस्तानी चुनाव आयोग के अधिकारी की गोली मारकर हत्या, अज्ञात हमलावरों की तलाश जारी

पाकिस्तान में एक सनसनीखेज घटना में शनिवार को चुनाव आयोग के वरिष्ठ अधिकारी की गोली मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने बताया कि अज्ञात बंदूकधारियों ने खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में शक के आधार पर हत्या को अंजाम दिया। मृत अधिकारी पाकिस्तान चुनाव आयोग (ECP) के डायरेक्टर जनरल शमशाद अख्तर बताए जा रहे हैं। उनकी हत्या टैंक जिले के गिरह बलूच के पास की गई, जो दक्षिण वजीरिस्तान की सीमा से लगा है।

शुरुआती जांच में स्थानीय पुलिस ने बताया कि ईसीपी के डायरेक्टर जनरल शमशाद अख्तर को अज्ञात हमलावरों ने गोली मार दी, जिसमें उनकी मौत हो गई। पुलिस की जानकारी के मुताबिक हमलावरों ने शक के आधार पर डायरेक्टर जनरल को मौत के घाट उतार दिया। गोलीबारी के बाद हमलावर मौके से भाग गए, जबकि रेस्क्यू 1122 के कर्मचारियों ने शव को डिस्ट्रिक्ट हेडक्वार्टर हॉस्पिटल पहुंचाया।

परिवार के सदस्यों ने बताया कि अख्तर अपने भाई की मौत के बाद टैंक आए थे, जिनकी शुक्रवार को मौत हो गई थी। पुलिस और सुरक्षा बलों ने हमलावरों को पकड़ने के लिए इलाके में सर्च ऑपरेशन शुरू किया है। ECP ने एक बयान में अख्तर की मौत पर गहरा दुख जताया, जिसमें चीफ इलेक्शन कमिश्नर, कमीशन के सदस्य, उसके सेक्रेटरी और सभी स्टाफ ने दुखी परिवार के प्रति संवेदना जताई।

आयोग ने कहा कि वह इस मुश्किल समय में परिवार के साथ है और मृतक की माफी और उसके परिवार के लिए सब्र और ताकत की प्रार्थना करता है। ECP और उसके कर्मचारियों ने सरकार से यह भी आग्रह किया कि वह सभी सरकारी कर्मचारियों को आतंकवाद के कामों से सुरक्षा दे।

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Jantar Mantar Protest: दिल्ली पुलिस ने अरविंद केजरीवाल, ममता बनर्जी, वृंदा करात समेत कई नेताओं को लिया हिरासत में

मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने शनिवार, 10 अक्टूबर को राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध-प्रदर्शन का आह्वान किया है। इस बीच दिल्ली पुलिस ने अरविंद केजरीवाल, ममता बनर्जी, वृंदा करात समेत कई नेताओं को हिरासत में ले लिया है। दिल्ली पुलिस ने मुंबई से दिल्ली आए CJP फाउंडर अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को राष्ट्रीय राजधानी में उनका प्लेन उतरते ही हिरासत में ले लिया था।

CEC ज्ञानेश कुमार पर मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की आड़ में मतदाता सूचियों में गड़बड़ी करने का आरोप लगा है। साथ ही वोटर रजिस्ट्रेशन के दस्तावेज ‘फॉर्म 6’ में बदलाव के लिए दो सहयोगी निर्वाचन आयुक्तों की आपत्ति को दरकिनार करने के आरोप भी हैं।

आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को कहा था कि वह अपने परिवार के साथ 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP के प्रदर्शन में शामिल होंगे। उन्होंने पूरे देश के लोगों से अपील की थी कि वे अधिक से अधिक संख्या में जंतर-मंतर पहुंचें। शनिवार को AAP ने आरोप लगाया कि जंतर-मंतर पर CJP के प्रदर्शन से पहले दिल्ली पुलिस ने केजरीवाल के आवास के आसपास कड़ा पहरा लगा दिया।

गोपाल राय भी हिरासत में

ताजा अपडेट के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान केजरीवाल को हिरासत में ले लिया गया है। AAP के नेता गोपाल राय को भी हिरासत में लिया गया है। इसके अलावा दिल्ली पुलिस ने ममता बनर्जी समेत TMC के दूसरे MPs को भी हिरास​त में लिया है। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के महासचिव एम. ए. बेबी, पार्टी की वरिष्ठ नेता वृंदा करात और कई अन्य नेताओं को भी प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिया गया।

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पंजाब में मनीष सिसोदिया डिटेन

न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, शनिवार को AAP के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया को पंजाब में कई पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ पुलिस ने हिरासत में ले लिया। सिसोदिया चंडीगढ़ में CEC ज्ञानेश कुमार के मुद्दे पर मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) के दफ्तर के बाहर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। इस प्रदर्शन के दौरान AAP नेता और कार्यकर्ता CEO के दफ्तर की ओर मार्च कर रहे थे, चुनाव आयोग के खिलाफ नारे लगा रहे थे और जवाबदेही की मांग कर रहे थे। जब प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा घेरा तोड़ने की कोशिश की तो तनाव बढ़ गया, जिसके बाद पुलिस को दखल देना पड़ा। इसके बाद सिसोदिया, हरपाल सिंह चीमा और पंजाब के प्रमुख पार्टी नेताओं समेत कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया गया।

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राष्ट्रपति मुर्मू से मुलाकात के बाद राहुल गांधी बोले- उन्होंने ‘वोट चोरी’ के आरोपों को खारिज नहीं किया, सबूत मांगे

राष्ट्रपति मुर्मू से मुलाकात के बाद राहुल गांधी बोले- उन्होंने 'वोट चोरी' के आरोपों को खारिज नहीं किया, सबूत मांगे

rahul gandhi

INDIA गठबंधन के नेताओं ने शुक्रवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात कर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर अपनी चिंताएं रखीं। मुलाकात के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने दावा किया कि राष्ट्रपति ने विपक्ष के ‘वोट चोरी’ के आरोपों को खारिज नहीं किया, बल्कि उनसे सबूत देने को कहा। राहुल गांधी ने कहा कि वे सोमवार को सुप्रीम कोर्ट जाएंगे। विपक्षी नेताओं ने चुनाव में कथित अनियमितताओं की जांच और चुनाव प्रक्रिया में बदलाव की मांग भी उठाई।

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राहुल गांधी के मुताबिक, विपक्षी नेताओं ने राष्ट्रपति को एक ज्ञापन सौंपा। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर भारतीय लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाने की साजिश का आरोप लगाया गया। ये विपक्ष की ओर से लगाए गए आरोप हैं; इन्हें स्वतंत्र रूप से प्रमाणित तथ्य के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

 

राहुल गांधी बोले- पूरे देश को पता है कि ‘वोट चोरी’ हुई

 

राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद राहुल गांधी ने कहा कि यह बैठक उनके लिए काफी असाधारण रही। उन्होंने बताया कि विपक्ष ने ज्ञापन में चुनावी प्रक्रिया को लेकर अपनी चिंताएं विस्तार से रखीं।

 

राहुल गांधी के अनुसार, राष्ट्रपति ने विपक्ष के आरोपों का सीधे तौर पर खंडन नहीं किया, लेकिन उनसे चुनाव में कथित गड़बड़ी के सबूत मांगे। राहुल गांधी ने कहा कि उनके अनुसार चुनाव में कथित ‘वोट चोरी’ के सबूत पूरे देश में चर्चा का विषय हैं और विपक्ष अलग-अलग राज्यों के चुनावों में अनियमितताओं का आरोप लगा रहा है।

 

उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव को लेकर भी सवाल उठाए। हालांकि, चुनाव में धांधली के आरोपों पर किसी निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए संबंधित सबूतों और आधिकारिक जांच के नतीजों को देखना जरूरी होगा।

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ममता बनर्जी बोलीं- राष्ट्रपति ने जांच का भरोसा दिया

पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने भी राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा और चुनाव प्रक्रिया से जुड़ी चिंताओं को सामने रखा।

 

ममता बनर्जी के मुताबिक, राष्ट्रपति ने मामले की जांच करने और दिए गए विवरणों को देखने की बात कही। उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति ने सबूत उपलब्ध कराने को कहा है और विपक्ष की ओर से संबंधित सामग्री भेजने की बात कही गई है। ममता बनर्जी ने कहा कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सवालों पर उचित ध्यान देना जरूरी है।

 

खरगे ने की बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग

 

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि INDIA गठबंधन के नेताओं ने राष्ट्रपति को चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका को लेकर अपनी चिंताओं से अवगत कराया।

 

खरगे के मुताबिक, विपक्ष ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) के बजाय बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग रखी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ने कथित वोट चोरी के मामलों के सबूत मांगे हैं और विपक्षी दल फिलहाल संबंधित प्रमाण जुटा रहे हैं। खरगे ने कहा कि विपक्ष उपलब्ध सामग्री राष्ट्रपति को सौंपेगा।

 

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह के कदमों से लोकतंत्र को नुकसान पहुंच रहा है। ये खरगे के राजनीतिक आरोप हैं। उनके मुताबिक, राष्ट्रपति ने उनकी बातें ध्यान से सुनीं और मामले की पड़ताल करने तथा संबंधित पक्षों से विचार-विमर्श करने की बात कही।

 

प्रियंका गांधी ने मेट्रो बंद करने के कदम पर उठाया सवाल

 

दिल्ली में प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन से पहले मेट्रो सेवाओं पर लगाए गए प्रतिबंधों को लेकर कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “इसे ही डर कहते हैं।” विपक्षी नेताओं ने राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर अपनी मांगें दोहराईं। उनकी प्रमुख मांगों में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और चुनाव प्रक्रिया से जुड़ी कथित अनियमितताओं की जांच का मुद्दा शामिल है।

 

अब सबूतों और आगे की कार्रवाई पर नजर

राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद विपक्ष ने कहा है कि वह कथित चुनावी अनियमितताओं से जुड़े सबूत और अन्य विवरण सौंपेगा। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि विपक्ष कौन-से दस्तावेज या प्रमाण प्रस्तुत करता है और संबंधित संवैधानिक संस्थाएं इन आरोपों पर क्या कार्रवाई करती हैं।

दिल्ली प्रोटेस्ट पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, मेट्रो चलने पर नहीं लगाई जाएगी पूरी रोक, कहा- सेवाएं बंद करने के बजाय रेगुलेट करें

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को केंद्र और अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे यह पक्का करें कि 10 अक्टूबर को CJP के विरोध प्रदर्शन के कारण दिल्ली मेट्रो और राजधानी आने वाली ट्रेनों की आवाजाही पर पूरी तरह रोक न लगे। क्योंकि सब कुछ पूरी तरह से ठप नहीं कर सकते।

भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्य कांत और जस्टिस बागची और वी. मोहना की बेंच ने केंद्र से कहा कि यात्रियों को कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए। इसी कारण से सेवाओं को नियंत्रित तरीके से चलने दिया जाए। बेंच ने इस बात पर जोर दिया कि पूरी तरह रोक लगाने और सेवाओं को नियंत्रित तरीके से चलने देने में फर्क है।

बेंच ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता की बात पर ध्यान दिया कि वे अधिकारियों से रोक पर फिर से विचार करने और मेट्रो ट्रेनों व अन्य रेलवे सेवाओं को उचित रूप से नियंत्रित तरीके से चलने देने के लिए कहेंगे ताकि आम जनता को कोई असुविधा न हो और आनुपातिकता के सिद्धांत का ध्यान रखा जा सके।

उन्होंने कहा कि हम यह साफ करते हैं कि मेट्रो ट्रेनों की आवाजाही पर पूरी तरह रोक नहीं लगाई जाएगी।” बेंच ने आगे कहा, “हम निर्देश देते हैं कि मेट्रो ट्रेनों और अन्य रेलवे सेवाओं की उचित रूप से नियंत्रित तरीके से आवाजाही के बारे में अधिकारियों द्वारा लिए गए सोच-समझकर किए गए फैसले का उचित प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि आम जनता को होने वाली असुविधा कम से कम हो।”

बेंच ने ये भी कहा कि दिल्ली में ट्रैफिक की आवाजाही के संबंध में भी इसी तरह के विज्ञापन जारी किए जाने चाहिए। बेंच ने कहा कि सड़कों पर बैरिकेडिंग के मामले पर भी फिर से विचार किया जाना चाहिए और वैकल्पिक रास्तों का उचित प्रचार-प्रसार किया जाना चाहिए।

बता दें कि  दिल्ली में 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन होने वाला है। प्रदर्शन से पहले मेट्रो स्टेशनों को बंद करने और कई ट्रेनों को रद्द करने का सरकार ने फैसला किया था। इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका को दाखिल किया गया था। CPI(M) के महासचिव और पूर्व राज्यसभा सांसद एमए बेबी ने याचिका दाखिल कर कोर्ट से इस फैसले में दखल देने को कहा गया था। प्रदर्शन मतदाता सूची में बदलाव की प्रक्रिया (SIR) और चुनाव आयोग के खिलाफ किया जाने वाला है। इसके चलते दिल्ली पुलिस ने 8 अक्टूबर को दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) को पत्र लिखकर 57 मेट्रो स्टेशनों के एंट्री और एग्जिट गेट बंद रखने का ऐलान किया था। यह बंद  9 अक्टूबर की रात 9 बजे से शुरू होकर हालात सामान्य होने तक जारी रखने के लिए कहा गया है।