Market Trend : कच्चे तेल में नरमी से अच्छे हुए बाजार के सेंटिमेंट, जानिए निफ्टी और बैंक निफ्टी में क्या हो कमाई की रणनीति

Market Trend : कच्चे तेल में नरमी से बाजार के सेंटिमेंट अच्छे हुए हैं। निफ्टी 100 प्वाइंट चढ़कर 22650 के पार चला गया है। इधर कोटक और एक्सिस बैंक के दमदार बिजनेस अपडेट्स से बैंक निफ्टी का भी जोश हाई है और यह 55000 के ऊपर टिका है। मिडकैप और स्मॉलकैप में भी रौनक है। दमदार बिजनेस अपडेट से ट्रेंट 10 फीसदी के अपर सर्किट के साथ निफ्टी का टॉप गेनर बना है। साथ ही कोटक महिंद्रा बैंक भी 4 फीसदी उछला है। उधर कल्याण ज्वेलर्स चमका है,लेकिन मुथूट फिसला है।

डॉलर इंडेक्स में मजबूती के बावजूद मेटल शेयरों में तेजी है। निफ्टी मेटल इंडेक्स करीब 1 फीसदी ऊपर दिख रहा है। FMCG से भी सपोर्ट मिल रहा है। लेकिन ऑटो और IT में दबाव नजर आ रहा है।

CAS फ्रेमवर्क वापस लेने की मीडिया रिपोर्ट्स के बाद कैपिटल मार्केट शेयरों में जोश है। BSE, एंजेल वन और मोतीलाल ओसवाल में जोरदार उछाल आया है। कैपिटल मार्केट इंडेक्स करीब 1.5 फीसदी मजबूत हुआ है।

इंटरनेशनल मार्केट में चीनी की कीमतें 2 साल की ऊंचाई पर पहुंचने से शुगर शेयरों में मिठास बढ़ी है। अवध शुगर और त्रिवेणी इंजीनियरिंग में अच्छी तेजी है। उधर श्री रेणुका और बलरामपुर चीनी में भी 4 फीसदी तक की तेजी है।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट, वी के विजयकुमार का कहना है कि तेजड़ियों के लिए एक निश्चित स्तर से आगे इस तेजी को बनाए रखना मुश्किल होगा। चूंकि US 10 ईयर बॉन्ड यील्ड 5.3% के आसपास बना हुआ है, इसलिए FIIs बिकवाली जारी रखेंगे,जिससे बाजार का रुख उछाल पर बिकवाली(sell on rally) वाला हो जाएगा। इसका मतलब है कि FIIs आकर्षक वैल्यूएशन के बावजूद लार्ज-कैप शेयरों की बिकवाली जारी रखेंगे,जबकि DIIs इन शेयरों की खरीदारी जारी रखेंगे क्योंकि फंड का इनफ्लो लगातार बना हुआ है।

बाजार में लगातार तेजी बने रहने के लिए कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट की जरूरत होगी। लेकिन इस मोर्चे पर कोई स्पष्टता नहीं है। जब RBI गवर्नर कल MPC पॉलिसी के फैसले की घोषणा करेंगे तो यह अनिश्चितता सेंट्रल बैंक पर दबाव डालेगी। महंगाई की बढ़ती उम्मीदों और ज्यादातर विकसित देशों में बढ़ते बॉन्ड यील्ड को देखते हुए 25 बेसिस पॉइंट की ब्याज दर बढ़ोतरी तय लग रही है। बाजार ने पहले ही ब्याज दर में बढ़ोतरी का अनुमान लगा लिया है,इसलिए बाजार का ध्यान पॉलिसी के रुख और ग्रोथ और महंगाई पर RBI के अनुमानों पर होगा।

निवेशकों के नजरिए से यह समझना जरूरी है कि ब्याज दर में बढ़ोतरी उन बैंकों के लिए फायदेमंद होगी जिनके मार्जिन बढ़ते फ्लोटिंग रेट्स से बेहतर होंगे।

थिनक्रेडब्लू सिक्योरिटीज (Thincredblu Securities) के फाउंडर गौरव उदानी का कहना है कि आज निफ्टी की वीकली एक्सपायरी है, इसलिए बाजार में उतार-चढ़ाव (वोलैटिलिटी)ज्यादा रहने और इंट्राडे में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकते हैं।

निफ्टी के लिए सबसे पहला सपोर्ट 22,450–22,500 के आसपास है,जबकि 22,750–22,850 मेन रेजिस्टेंस जोन बना हुआ है। बाजार ने 22,500 के लेवल से कुछ रिकवरी दिखाई है,लेकिन पॉजिटिव मोमेंटम बनाए रखने के लिए 22,750 के ऊपर टिके रहना जरूरी होगा। अगर इंडेक्स सपोर्ट जोन को बनाए रखता है तो गिरावट पर खरीदारी के मौके होंगे। 22,850 के ऊपर टिके रहने से शॉर्ट-टर्म सेटअप बेहतर हो सकता है और 23,000 की ओर रास्ता खुल सकता है। जबकि 22,450 के नीचे जाने पर बिकवाली का दबाव फिर से आ सकता है। एक्सपायरी को देखते हुए,ट्रेडर्स को सेशन के दौरान ज्यादा उतार-चढ़ाव और तेजी से रिवर्सल की उम्मीद रखनी चाहिए।

निफ्टी पर अनुज सिंघल की स्ट्रैटेजी

सीएनबीसी-आवाज के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल का कहना है कि निफ्टी में ऑप्शन राइटर्स की रेंज 22,380-22,720 है। सबसे अच्छा बिकवाली जोन 22,600-22,650 है। SL 22,750 पर रखें। कल भी इसी ट्रेड ने शानदार रिवॉर्ड दिया था। वहीं, सबसे अच्छा खरीदारी का जोन 22,400-22,450 है। SL 22,300 पर रखें।

निफ्टी बैंक पर अनुज सिंघल की स्ट्रैटेजी

अनुज सिंघल का कहना है कि बैंक निफ्टी के लिए पहला रजिस्टेंस 54,900-55,100 पर और बड़ा रजिस्टेंस 55,200-55,400 पर है। इसके लिए पहला सपोर्ट 54,500-54,700 पर और बड़ा सपोर्ट 54,200-54,400 पर है। बिकवाली का जोन 54,850-55,050 है। SL 55,200 पर रखें। खरीदारी का जोन 54,300-54,500 है। SL 54,150 पर रखें।

 

 

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डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Vishal Nirmiti IPO: ₹178 करोड़ का इश्यू 2 गुना भरकर बंद, अलॉटमेंट 6 अक्टूबर को; ऐसे करें चेक

सिविल इंजीनियरिंग, मैन्युफैक्चरिंग और कंस्ट्रक्शन कंपनी विशाल निर्मिती का IPO 1.79 गुना सब्सक्रिप्शन के साथ बंद हो गया है। यह ₹178 करोड़ का था। पब्लिक इश्यू में ₹145 करोड़ के 65.91 लाख नए शेयर जारी हुए। साथ ही प्रमोटर वामन प्रीस्ट्रेसिंग कंपनी प्राइवेट लिमिटेड की ओर से ₹33 करोड़ के 15 लाख शेयरों को ओएफएस रहा। IPO में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 1.33 गुना, रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 1.75 गुना और नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 1.89 गुना भरा।

IPO बंद होने के बाद अलॉटमेंट आज, 6 अक्टूबर को फाइनल होने की उम्मीद है। जिन लोगों ने Vishal Nirmiti के IPO में पैसे लगाए हैं, वे इसकी रजिस्ट्रार MUFG Intime India Pvt.Ltd. और स्टॉक एक्सचेंज BSE की वेबसाइट के जरिए अलॉटमेंट स्टेटस चेक कर सकते हैं। इसकी प्रोसेस इस तरह है…

BSE पर कैसे करें चेक

  • https://www.bseindia.com/investors/appli_check.aspx पर जाएं।
  • इश्यू का टाइप ‘इक्विटी’ चुनें।
  • ड्रॉपडाउन मेन्यू से Vishal Nirmiti IPO चुनें।
  • एप्लीकेशन नंबर या PAN डिटेल एंटर करें।
  • ‘कैप्चा’ डालें।
  • ‘Submit’ बटन पर क्लिक करें।

MUFG Intime की वेबसाइट से कैसे करें चेक

  • https://in.mpms.mufg.com/Initial_Offer/public-issues.html पर जाएं।
  • कंपनी नेम में Vishal Nirmiti सिलेक्ट करें।
  • PAN या एप्लीकेशन नंबर या DP/क्लाइंट ID या अकाउंट नंबर/IFSC में से एक को सिलेक्ट कर डिटेल डालें।
  • Submit पर क्लिक करें।

Vishal Nirmiti IPO के लिए प्राइस बैंड ₹208-₹220 प्रति शेयर था। कंपनी के शेयर NSE और BSE पर 8 अक्टूबर को लिस्ट हो सकते हैं। विशाल निर्मिती लिमिटेड का पुराना नाम सेजल फार्म्स प्राइवेट लिमिटेड था। यह कंपनी मुख्य रूप से रेलवे के लिए प्री-स्ट्रेस्ड कॉन्क्रीट (PSC) स्लीपर, प्री-कास्ट और प्री-स्ट्रेस्ड कॉन्क्रीट प्रोडक्ट्स की मैन्युफैक्च​रिंग और डीलिंग के कारोबार में है।

साथ ही, यह पंप्ड स्टोरेज प्रोजेक्ट्स (PSPs) के लिए माइल्ड स्टील पाइप, लाइनर और पेनस्टॉक पाइप बनाने और उन्हें लगाने का काम भी करती है। कंपनी रेलवे, रिन्यूएबल पावर और इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे सेक्टर्स में रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर, सिंचाई और सिविल इंजीनियरिंग प्रोजेक्ट्स के लिए इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (EPC) सर्विस भी देती है।

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IPO के पैसे कैसे होंगे इस्तेमाल

विशाल निर्मिती अपने पब्लिक इश्यू में नए शेयरों को जारी कर होने वाली कमाई का इस्तेमाल वर्किंग कैपिटल जरूरतों को पूरा करने के लिए, कर्ज चुकाने के लिए और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए करेगी। कंपनी के प्रमोटर ब्रिज बी तापड़िया, अजय भगवानदास तापड़िया, पवन विट्ठलदास तापड़िया, अखिल रणछोड़ तापड़िया, नवीन तापड़िया, राजेंद्रकुमार बद्रीनारायण तापड़िया, सुयश विट्ठलदास तापड़िया, वेदांत तापड़िया और केशव तापड़िया हैं।

विशाल निर्मिती का वित्त वर्ष 2025-26 में रेवेन्यू 6 प्रतिशत बढ़कर ₹344.13 करोड़ हो गया। शुद्ध मुनाफा भी 6 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ ₹24.98 करोड़ रहा। इस बीच कंपनी पर ₹87.42 करोड़ की उधारी थी। वित्त वर्ष 2025 के दौरान कंपनी का रेवेन्यू ₹324.86 करोड़ और शुद्ध मुनाफा ₹23.64 करोड़ दर्ज किया गया।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

IDFC FIRST Bank Q2 Update: लोन ग्रोथ 20% रही, डिपॉजिट में भी उछाल; शेयरों पर रहेगी नजर

IDFC FIRST Bank Q2 Update: प्राइवेट सेक्टर के IDFC FIRST Bank ने सोमवार, 5 अक्टूबर को सितंबर तिमाही का बिजनेस अपडेट जारी किया। बैंक के लोन और एडवांस में सालाना आधार पर 20.4% की बढ़ोतरी हुई। यह बढ़कर ₹3,13,864 करोड़ हो गया।

वहीं, बैंक का कुल डिपॉजिट 17% बढ़कर ₹3,23,697 करोड़ रहा। सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट को हटाकर कस्टमर डिपॉजिट 17.6% बढ़ा। यह ₹3,16,529 करोड़ रहा।

CASA रेशियो भी बढ़ा

बैंक का CASA रेशियो 51.3% रहा। पिछली तिमाही में यह 50.8% था। एक साल पहले CASA रेशियो 50.1% रहा था।

तिमाही आधार पर भी बैंक की ग्रोथ अच्छी रही। लोन और एडवांस 5.4% बढ़े। वहीं, कुल डिपॉजिट में 3.8% की बढ़ोतरी हुई।

FCNR(B) से भी मिला बड़ा सपोर्ट

तिमाही के दौरान बैंक ने ₹34,390 करोड़ के FCNR(B) डिपॉजिट जुटाए। इनमें से ₹24,885 करोड़ की लिवरेज International Banking Unit (IBU) ने NRI ग्राहकों को दी।

बाद में इन डिपॉजिट को घरेलू बैलेंस शीट में FCNR(B) डिपॉजिट के तौर पर दर्ज किया गया।

FCNR(B) जोड़ने पर लोन और डिपॉजिट ज्यादा

IBU की बैलेंस शीट में FCNR(B) लोन को जोड़ने पर ग्रॉस एडवांस ₹3,38,749 करोड़ रहा। इसमें सालाना आधार पर 29.9% और तिमाही आधार पर 13.7% की बढ़ोतरी हुई।

FCNR(B) को शामिल करने पर बैंक का कुल डिपॉजिट ₹3,48,582 करोड़ रहा। इसमें सालाना आधार पर 25.9% और तिमाही आधार पर 11.8% की बढ़ोतरी हुई।

बैंक ने डिपॉजिट ग्रोथ क्यों धीमी की?

बैंक के मुताबिक, तिमाही में FCNR(B) डिपॉजिट काफी ज्यादा आया। इससे बैंक के पास अतिरिक्त लिक्विडिटी हो गई।

इसी वजह से बैंक ने डिपॉजिट ग्रोथ की रफ्तार धीमी की। साथ ही, अतिरिक्त लिक्विडिटी को मैनेज करने के लिए सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट भी घटाए।

LCR बढ़कर 125% हुआ

FY27 की दूसरी तिमाही में बैंक का औसत लिक्विडिटी कवरेज रेशियो (LCR) 125% रहा। पहली तिमाही में यह 116% था। बैंक ने कहा कि उसकी एसेट क्वालिटी मजबूत बनी हुई है।

सोमवार को BSE पर IDFC FIRST Bank का शेयर ₹82.20 पर बंद हुआ। शेयर में ₹1.88 यानी 2.34% की तेजी रही।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Physicswallah Share Price: एडटेक कंपनी का शेयर 5% तक उछला, लेंडिंग बिजनेस पर एक अपडेट के बाद बढ़ी खरीद

एडटेक प्लेटफॉर्म फिजिक्सवाला के शेयर में 5 अक्टूबर को दिन में 5.5 प्रतिशत तक की बढ़त दिखी। BSE पर शेयर 126.80 रुपये के हाई तक गया। कंपनी का मार्केट कैप बढ़कर 36500 करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया है। कंपनी ने 4 अक्टूबर को अपनी नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) सेगमेंट की लेंडिंग स्ट्रैटेजी को रीस्ट्रक्चर करने और डायरेक्ट लेंडिंग से हटने की घोषणा की। कंपनी अपने 100 प्रतिशत मालिकाना हक वाली सब्सिडियरी FinZ Finance Private Limited के जरिए यह कारोबार करती है।

एक्सचेंज फाइलिंग में कहा गया कि FinZ Finance ने RBI-रजिस्टर्ड NBFC ऑक्सिलो फिनसर्व प्राइवेट लिमिटेड के साथ 95.79 करोड़ रुपये के लोन पोर्टफोलियो की बिक्री, ट्रांसफर और असाइनमेंट के लिए एक एग्रीमेंट किया है। ऑपरेशनल ट्रांजीशन प्रक्रिया 60 दिनों के अंदर पूरी होने की उम्मीद है।

चूंकि FinZ Finance का मुख्य काम लोन देना है, इसलिए इस प्रस्तावित ट्रांजेक्शन से इसके लोन देने के कामकाज में काफी कमी आएगी और उम्मीद है कि इससे इसके लोन देने के कामकाज आंशिक रूप से या धीरे-धीरे बंद हो जाएंगे। इस कदम का मकसद कंपनी को अपने मुख्य बिजनेस पर फोकस करने में मदद करना है।

शेयर 6 महीनों में 40 प्रतिशत मजबूत

फिजिक्सवाला के शेयर की फेस वैल्यू 1 रुपये है। यह BSE 500 इंडेक्स का हिस्सा है। कंपनी की शुरुआत 2016 में एक YouTube चैनल के तौर पर हुई थी। कंपनी नवंबर 2025 में लिस्ट हुई थी। IPO 3480 करोड़ रुपये का था। शेयर 6 महीनों में लगभग 40 प्रतिशत चढ़ा है। कंपनी में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 71.27 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। शेयर का BSE पर 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 162.05 रुपये और एडजस्टेड लो 77.75 रुपये है।

D-Mart Share Price: Q2 में अच्छे बिजनेस के बावजूद शेयर 6% तक फिसला, क्या अभी भी खरीदने लायक है स्टॉक

सितंबर महीने में ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल ने फिजिक्सवाला के शेयर के लिए ‘बाय’ रेटिंग के साथ कवरेज शुरू किया था। टारगेट प्राइस 200 रुपये प्रति शेयर रखा था। वहीं बुल केस में टारगेट प्राइस 220 रुपये प्रति शेयर दिया था। बेयर केस सिनेरियो में मोतीलाल ओसवाल ने 110 रुपये प्रति शेयर का टारगेट प्राइस दिया। ब्रोकरेज ने कंपनी के लिए कॉम्पिटिशन बढ़ना, ऑफलाइन कामकाज और सेंटर्स के इस्तेमाल में कमजोरी, फैकल्टी के ज्यादा संख्या में नौकरी छोड़ने से छात्रों के नतीजों और ब्रांड की इमेज पर असर; कोचिंग संस्थानों, विज्ञापन या डेटा प्राइवेसी से जुड़े नियमों में प्रतिकूल बदलावों को मुख्य जोखिमों में शामिल किया है।

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

D-Mart Share Price: Q2 में अच्छे बिजनेस के बावजूद शेयर 6% तक फिसला, क्या अभी भी खरीदने लायक है स्टॉक

दिग्गज निवेशक राधाकिशन दमानी की कंपनी एवेन्यू सुपरमार्ट्स के शेयरों में 5 अक्टूबर को दिन में 6 प्रतिशत तक की गिरावट दिखाई दी। BSE पर शेयर 3,574.40 रुपये के लो तक गया। जुलाई-सितंबर 2026 तिमाही में कंपनी का बिजनेस अच्छा रहने के बावजूद शेयर में बिकवाली का दबाव है। कंपनी D-Mart सुपरमार्केट चेन की ओनर है। शनिवार को इसने शेयर बाजारों को बताया कि सितंबर 2026 तिमाही में स्टैंडअलोन बेसिस पर ऑपरेशंस से रेवेन्यू सालाना आधार पर 18.4 प्रतिशत बढ़कर 19,206.18 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले यह 16,218.79 करोड़ रुपये था।

एक्सचेंज फाइलिंग के मुताबिक, तिमाही आधार पर कंपनी का रेवेन्यू सितंबर 2026 तिमाही में 4.7 प्रतिशत बढ़ा। जून तिमाही में यह 18,343.49 करोड़ रुपये था। एवेन्यू सुपरमार्ट्स ने यह भी बताया कि 30 सितंबर 2026 तक इसके D-Mart स्टोर्स की कुल संख्या 518 थी। इस आंकड़े में महाराष्ट्र के नवी मुंबई स्थित सानपाड़ा का स्टोर भी शामिल है। यह स्टोर रीकंस्ट्रक्शन के कारण फिलहाल ग्राहकों के लिए बंद है।

D-Mart के स्टोर महाराष्ट्र, गुजरात, आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश, कर्नाटक, तेलंगाना, छत्तीसगढ़, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR), तमिलनाडु, पंजाब और राजस्थान में हैं। इन स्टोर्स में रोजमर्रा के घरेलू सामान और व्यक्तिगत इस्तेमाल के प्रोडक्ट्स समेत कई तरह के सामान मिलते हैं।

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एवेन्यू सुपरमार्ट्स का मार्केट कैप 2.35 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है। यह BSE 100 इंडेक्स का हिस्सा है। शेयर 3 महीनों में 9 प्रतिशत और 6 महीनों में 17 प्रतिशत गिरा है। 2 साल में 24 प्रतिशत नीचे आया है। शेयर का BSE पर 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 4,642 रुपये और एडजस्टेड लो 3,528.65 रुपये है। कंपनी में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 74.48 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।

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शेयर पर ब्रोकरेज की राय

D-Mart के शेयर को ट्रैक करने वाले 32 एनालिस्ट्स में से 10 ने ‘बाय’ रेटिंग दी है। 13 ने ‘होल्ड’ और 9 ने ‘सेल’ की सलाह दी है। ब्रोकरेज फर्म CLSA ने एवेन्यू सुपरमार्ट्स के शेयर के लिए 5,723 रुपये के प्राइस टारगेट के साथ ‘हाई कन्विक्शन आउटपरफॉर्म’ रेटिंग दी है। बर्नस्टीन ने 5,000 रुपये के प्राइस टारगेट के साथ ‘आउटपरफॉर्म’ रेटिंग दी है। ब्रोकरेज ने कहा कि निवेशक आगे चलकर बिल-कट ग्रोथ और कंपनी के ग्रॉस मार्जिन प्रोफाइल पर नजर रखेंगे। यह भी उम्मीद जताई कि कंपनी FY27 में भी FY26 जैसी ही स्टोर खोलने की रफ्तार बरकरार रखेगी और सितंबर 2026 तिमाही के मार्जिन उम्मीद से बेहतर होंगे।

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Chartist Talk : जब तक निफ्टी 22000-22200 के ऊपर है बिकवाली करने से बचें, इस हफ्ते इन दो शेयरों में हो सकती है बंपर कमाई

Chartist Talk : निफ्टी 50 में जल्द ही टेक्निकल रिबाउंड की काफी संभावना है, भले ही बड़ा ट्रेंड न बदले। निफ्टी डेली टाइमफ्रेम पर ओवरसोल्ड है और वीकली टाइमफ्रेम पर भी ओवरसोल्ड होने की कगार पर है। ऑप्शन डेटा से पता चलता है कि 22,000-22,200 के ज़ोन में एक मज़बूत बेस है। ये बातें जेमस्टोन इक्विटी रिसर्च एंड एडवाइजरी सर्विसेज के फाउंडर मिलन वैष्णव ने मनीकंट्रोल के साथ हुए एक बातचीत में कही हैं।

उन्हों इस हफ्ते Aequs और BSE पर दांव लगाने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि जब तक Aequs अपने ब्रेकआउट पॉइंट से ऊपर बना रहता है,तब तक इसके ब्रेकआउट के आगे बढ़ाने और मौजूदा लेवल से काफी ऊपर जाने की संभावना ज़्यादा है। वहीं, BSE भी एक अच्छे टेक्निकल रिबाउंड के लिए तैयार हो रहा है, बशर्ते यह बताए गए सपोर्ट जोन से ऊपर बना रहे।

क्या आपको लगता है कि निफ़्टी 22,200–22,000 के जोन के आस-पास अपने निचले स्तर पर पहुच सकता है और फिर ऊपर की ओर अपनी नई चाल शुरू करने से पहले कुछ समय के लिए दायरे में बना रह सकता है?

हां, इस बात की काफ़ी संभावना है कि निफ्टी अपने निचले स्तर पर पहुंच जाए। शुक्रवार को ट्रेडिंग हालीडे था. इसलिए बाज़ार एक दिन के गैप के बाद सोमवार को खुला है। अब यह ग्लोबल ट्रेड सेटअप के हिसाब से खुद को एडजस्ट करेगा।

हालांकि,अगर हम मौजूदा स्थिति को टेक्निकल नज़रिए से देखें तो निफ़्टी में टेक्निकल रिबाउंड की ज़्यादा संभावना है। भले ही बड़ा ट्रेंड न बदले,फिर भी यह रिबाउंड जल्द ही हो सकता है। डेली टाइमफ़्रेम पर निफ़्टी ‘ओवरसोल्ड’ है और वीकली टाइमफ़्रेम पर भी यह ‘ओवरसोल्ड’ होने की कगार पर है।

ऑप्शंस डेटा से पता चलता है कि 22,000-22,200 के जोन में एक मज़बूत बेस है। इसलिए, अगर हम और नीचे भी जाते हैं,तो ऐसा कम से कम एक बार टेक्निकल रिबाउंड के बिना नहीं होना चाहिए।

इस हफ्ते के लिए आपकी ट्रेडिंग स्ट्रैटेजी क्या है?

ट्रेडिंग स्ट्रैटेजी आसान होगी। मैं बेसिक बातों पर ही ध्यान देने की जरूरत है। जब तक निफ्टी 22,000-22,200 जोन के ऊपर है, शॉर्टिंग करने से बचना चाहिए। शॉर्ट पोजीशन पर जो भी फायदा दिख रहा है मैं उसे सुरक्षित रखना चाहिए।

दूसरी ओर लॉन्ग पोजीशन लेने पर विचार किया जा सकता है, लेकिन केवल बहुत ही चुनिंदा बेसिस पर। वर्तमान तकनीकी स्थिति में केवल उन्हीं शेयरों में लॉन्ग पोजीशन ली जा सकती है जो स्पष्ट रूप से निचले स्तर पर पहुंच चुके हों और जिनकी रिलेटिव स्ट्रेंथ में सुधार हुआ हो।

क्या चार्ट और आपकी गट फीलिंग यह संकेत देती है कि बैंक निफ्टी पिछले हफ्ते के निचले स्तर से नीचे जा सकता है?

अगर आप एक टेक्नीशियन हैं, तो यहां भावनाओं के लिए कोई जगह नहीं है। हमारा काम भावनाओं को एक तरफ रखकर चार्ट को निष्पक्ष रूप से देखना है। तकनीकी नज़रिए से ऐसा नहीं लगता कि ऐसा होने की संभावना ज्यादा है। बैंक निफ्टी ने 53,850-54,100 के स्तरों के बीच एक मजबूत सपोर्ट बेस बनाया है। जब तक यह जोन सुरक्षित रहता है, एक तकनीकी उछाल (rebound) की उम्मीद कर सकते हैं, भले ही इससे बड़े ट्रेंड में कोई बदलाव न आए।

इस हफ़्ते के लिए आपके टॉप दो टॉप पिक क्या हैं?

Aequs

इस स्टॉक ने ₹265 के लेवल के ऊपर जाकर ब्रेकआउट करने की कोशिश की है। हालांकि,अभी यह स्टॉक अपने ब्रेकआउट लेवल के ठीक ऊपर कंसोलिडेट कर रहा है। जब तक यह स्टॉक अपने ब्रेकआउट पॉइंट के ऊपर बना रहता है, तब तक इसके ब्रेकआउट को आगे बढ़ाने और मौजूदा लेवल से काफ़ी ऊपर जाने की संभावना ज़्यादा है।

BSE

यह एक ऐसा स्टॉक है जिसने हाल के समय में ब्रॉडर मार्केट के मुकाबले कमजोर प्रदर्शन किया है। यह ₹2,850-3,000 के स्तर पर एक मज़बूत सपोर्ट जोन के करीब पहुंच रहा है। मेन इंडिकेटर्स में सकारात्मक बदलाव दिखने लगे हैं और गिरावट की रफ़्तार में भी कुछ कमी आई है। जब तक यह स्टॉक बताए गए सपोर्ट जोन के ऊपर बना रहता है,तब तक इसमें एक अच्छा टेक्निकल रिबाउंड देखने को मिल सकता है।

क्या आपको Mankind Pharma में और तेज़ी की उम्मीद है ?

Mankind Pharma में अभी भी और ऊपर जाने की गुंजाइश है। असल में सबसे नज़दीकी रेजिस्टेंस ₹2,640 पर है। अगर स्टॉक ₹2,640 के लेवल से ऊपर निकल जाता है तो इसमें फिर से तेज़ी आ सकती है। ₹2,300 और ₹2,398 के जोन में मज़बूत सपोर्ट है।

क्या आपको लॉरस लैब्स में और बढ़त की गुंजाइश दिखती है?

लॉरस लैब्स में तेजी का ट्रेंड बना हुआ है। हालांकि,यहां थोड़ी सावधानी बरतने की सलाह होगी। हाल ही में आई तेजी के दौरान लीड इंडिकेटर्स में नेगेटिव डाइवर्जेंस (negative divergence) देखा गया है। इसलिए,भले ही इससे तुरंत शेयर बेचने का संकेत नहीं मिलता,लेकिन जैसे-जैसे स्टॉक ऊपर जा रहा है,सावधानी बरतना जरूरी है। फिलहाल,इस स्टॉक में निवेश बनाए रखना ही बेहतर है। हालांकि,स्टॉप-लॉस को बढ़ाकर ₹1,870 पर ले आएं। अगर स्टॉक ₹1,870 के नीचे जाता है,तो इससे बाहर निकलने का समय होगा।

क्या टेक्निकल इंडिकेटर्स हिंडाल्को इंडस्ट्रीज में और गिरावट का संकेत दे रहे हैं?

पिछले कुछ हफ्तों से हिंडाल्को में गिरावट का दौर चल रहा है। टेक्निकल इंडिकेटर्स बताते हैं कि भले ही ट्रेंड में कोई बदलाव नहीं दिख रहा है और स्टॉक पर गिरावट का दबाव बना हुआ है,लेकिन ₹900-920 के जोन में मजबूत सपोर्ट मौजूद है। इसलिए,अगर गिरावट जारी रहती है तो यह सीमित ही होनी चाहिए।

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Paramount Syntex IPO: टेक्सटाइल कंपनी का इश्यू दूसरे दिन पूरा सब्सक्राइब, ₹81.79 करोड़ का है आईपीओ

Paramount Syntex IPO: टेक्सटाइल कंपनी Paramount Syntex Ltd के SME IPO को निवेशकों का जोरदार रिस्पॉन्स मिला है। IPO बोली के दूसरे दिन ही पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया। 1 अक्टूबर तक इश्यू को कुल 1.35 गुना सब्सक्रिप्शन मिला था।

नेट इश्यू में उपलब्ध 61.17 लाख शेयरों के मुकाबले करीब 80.56 लाख शेयरों के लिए बोलियां मिलीं। सबसे ज्यादा दिलचस्पी QIB कैटेगरी में दिखी। एंकर के बाद QIB हिस्से को 119.29 गुना सब्सक्रिप्शन मिला।

81.79 करोड़ रुपये का है IPO

Paramount Syntex का IPO कुल ₹81.79 करोड़ का है। कंपनी सिंथेटिक फाइबर, ऐक्रेलिक यार्न और ब्लेंडेड व डाइड यार्न जैसे प्रोडक्ट बनाती है। IPO का प्राइस बैंड ₹119 से ₹127 प्रति शेयर तय किया गया है।

6 अक्टूबर तक लगा सकते हैं दांव

IPO 30 सितंबर को खुला था और 6 अक्टूबर 2026 को बंद होगा। इसमें ₹10 फेस वैल्यू वाले अधिकतम 64.40 लाख इक्विटी शेयर शामिल हैं।

IPO का न्यूनतम लॉट साइज 2,000 शेयर है। यानी ऊपरी प्राइस बैंड पर रिटेल निवेशक को कम से कम ₹2.54 लाख लगाने होंगे। शेयरों की लिस्टिंग BSE SME प्लेटफॉर्म पर प्रस्तावित है। सौभाग्य कैपिटल ऑप्शंस लिमिटेड इस इश्यू का बुक रनिंग लीड मैनेजर है। वहीं, Bigshare Services Pvt Ltd रजिस्ट्रार है।

मशीनरी खरीदने में खर्च होगी रकम

कंपनी IPO से मिलने वाली रकम का बड़ा हिस्सा मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ाने में लगाएगी। करीब ₹61.68 करोड़ मौजूदा मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स में नई मशीनरी खरीदने पर खर्च किए जाएंगे।

यह IPO पूरी तरह फ्रेश इश्यू है। इसमें कोई Offer for Sale यानी OFS नहीं है। इसलिए IPO से जुटाई गई रकम सीधे कंपनी को मिलेगी और इसका इस्तेमाल तय कारोबारी जरूरतों के लिए किया जाएगा।

कंपनी ने क्या कहा

Paramount Syntex के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर पुनीत अरोड़ा ने कहा कि कंपनी ने पिछले कुछ सालों में ऐक्रेलिक, ऊन-मिश्रित और दूसरे खास तरह के धागों का पोर्टफोलियो तैयार किया है।

उन्होंने कहा कि कंपनी का फोकस प्रोडक्ट क्वालिटी, ग्राहकों के साथ मजबूत रिश्ते और टेक्सटाइल इंडस्ट्री की बदलती जरूरतों को पूरा करने पर है। कंपनी को आगे अपने बाजार और कारोबार को बढ़ाने की भी गुंजाइश दिख रही है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

DLF The Aureva: गुरुग्राम का लग्जरी रिटायरमेंट प्रोजेक्ट पूरी तरह बिका, शेयरों पर रहेगी नजर

DLF The Aureva: रियल्टी कंपनी DLF ने गुरुग्राम के सेक्टर 63 स्थित अपने लग्जरी रिटायरमेंट प्रोजेक्ट The Aureva की पूरी बिक्री कर ली है। कंपनी के मुताबिक, प्रोजेक्ट से करीब ₹1,985 करोड़ की सेल्स बुकिंग हुई है।

करीब 4.17 एकड़ में फैले इस प्रोजेक्ट में 172 लग्जरी घर हैं। इनका कुल कारपेट एरिया 4 लाख वर्गफुट से ज्यादा है। वहीं, कुल सेलएबल एरिया 7.5 लाख वर्गफुट से अधिक है।

लग्जरी के साथ वेलनेस पर फोकस

The Aureva को खास तौर पर रिटायरमेंट के बाद आरामदायक जिंदगी को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। यहां घर के साथ वेलनेस, हेल्थकेयर और सोशल लाइफ का भी ध्यान रखा गया है।

प्रोजेक्ट में लग्जरी क्लब हाउस है। इसके अलावा फिटनेस और वेलनेस सेंटर, इंडोर स्विमिंग पूल, स्पा, योगा पवेलियन, मेडिटेशन सेंटर और लाइब्रेरी जैसी सुविधाएं हैं। बैंक्वेट स्पेस, गार्डन और आउटडोर गैदरिंग एरिया भी बनाए गए हैं।

172 लग्जरी घर

The Aureva एक G+45 मंजिल की स्टैंडअलोन टावर है। इसमें 4 BHK घर हैं। हर घर के साथ तीन डेडिकेटेड पार्किंग स्पेस दिए गए हैं।

घरों में स्टाफ डॉर्मिटरी और बड़े प्राइवेट डेक भी हैं। डिजाइन में सुरक्षा और आसानी से आने-जाने का भी ध्यान रखा गया है।

ग्लोबल कंसल्टेंट्स ने किया डिजाइन

DLF के मुताबिक, प्रोजेक्ट को कई ग्लोबल कंसल्टेंट्स के साथ मिलकर तैयार किया गया है। इनमें HB Design, SHMA, BO Steiber Lighting Design, Hewshott और ESD Global शामिल हैं।

The Aureva सेक्टर 63 में The Arbour के पास है। यहां से Golf Course Extension Road, Southern Peripheral Road और NH-48 तक आसानी से पहुंचा जा सकता है।

DLF ने क्या कहा

DLF Home Developers के MD और चीफ बिजननेस ऑफिस आकाशा ओहरि ने कहा कि The Aureva के जरिए कंपनी भारत में लग्जरी रिटायरमेंट हाउसिंग को नया रूप देना चाहती है। प्रोजेक्ट में लग्जरी के साथ वेलनेस, हॉस्पिटैलिटी, हेल्थकेयर और कम्युनिटी सुविधाओं को जोड़ा गया है।

1 अक्टूबर को BSE पर DLF का शेयर ₹662.60 पर बंद हुआ। शेयर में पिछले बंद भाव के मुकाबले ₹9.40 की गिरावट रही।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Market Next Week : मिड और स्मॉल कैप्स में लगातार चौथे हफ्ते दिखी गिरावट, जानिए अगले हफ्ते कैसी रह सकती है बाजार की चाल

Market Next Week: बाजार के एक बड़े हिस्से पर दबाव बना रहा और मिड कैप और स्मॉल कैप इंडेक्स लगातार चौथे हफ्ते भी गिरावट का शिकार रहे। इस हफ्ते निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 3.5% और निफ़्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 3.3% की गिरावट आई, जिससे इनका प्रदर्शन बेंचमार्क इंडेक्स के मुकाबले कमजोर रहा। बीते हफ्ते BSE सेंसेक्स 1,986.04 अंक या 2.68% गिरकर 71,909.70 पर बंद हुआ,जबकि निफ़्टी 50 में 3.10% या 718.55 अंकों की गिरावट आई और यह 22,421.95 पर बंद हुआ।

निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सबसे ज्यादा टूटा

सेक्टोरल इंडेक्सों पर नजर डालें तो निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में सबसे ज्यादा 6% की गिरावट आई। इसके बाद निफ्टी ऑटो में 5.8% की गिरावट दर्ज की गई। निफ्टी मेटल, FMCG और PSU बैंक इंडेक्स में 4% से ज़्यादा की गिरावट हुई, जबकि निफ्टी रियल्टी, हेल्थकेयर, इंफ्रा और ऑयल एंड गैस इंडेक्स में 3% से ज़्यादा की गिरावट आई। हालांकि, निफ्टी IT में 0.5% की बढ़त हुई।

निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 3.5% की गिरावट

निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में इस हफ्ते 3.5% की गिरावट आई। इसमें लगातार चौथे हफ्ते भी इसमें गिरावट का सिलसिला जारी रहा। सबसे ज्यादा गिरावट वाले शेयरों में PB फिनटेक, पतंजलि फूड्स, वोडाफोन आइडिया, कोरोमंडल इंटरनेशनल, स्विगी, LIC हाउसिंग फाइनेंस, जुबिलेंट फूडवर्क्स, SBI कार्ड्स एंड पेमेंट सर्विसेज़, यस बैंक, कल्याण ज्वैलर्स इंडिया, हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन और रैडिको खेतान शामिल रहे।

निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में भी लगातार चौथे हफ्ते गिरावट

निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में भी लगातार चौथे हफ्ते गिरावट जारी रही। यह इस हफ्ते 3.3% गिर गया। इस गिरावट की वजह IFCI, आदित्य बिड़ला रियल एस्टेट, फ़िज़िक्सवाला, गुजरात मिनरल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन, गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स, आइनॉक्स विंड, वॉकहार्ट और वेल्सपन कॉर्प के शेयरों में आई गिरावट रही।

विदेशी संस्थागत निवेशकों की बिकवाली बढ़ी

बीते हफ्ते विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने अपनी बिकवाली बढ़ा दी और लगातार छठे हफ़्ते निकासी की। उन्होंने कुल 34,966.07 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। वहीं,घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने बाज़ार को सपोर्ट करना जारी रखा और इस हफ़्ते 33,455.30 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

इस हफ्ते बाजार में आई गिरावट से BSE पर लिस्टेड कंपनियों की कुल मार्केट वैल्यू में लगभग 15 लाख करोड़ रुपये की कमी आई।

जानें आगे कैसी रह सकती है बाजार की चाल

कोटक सिक्योरिटीज के VP टेक्निकल रिसर्च,अमोल अठावले ने कहा कि छोटे ट्रेडिंग वीक में बेंचमार्क इंडेक्स में भारी गिरावट आई। निफ्टी 3.10 प्रतिशत गिरकर बंद हुआ, जबकि सेंसेक्स में लगभग 2000 अंकों की गिरावट आई। सेक्टरों की बात करें तो लगभग सभी प्रमुख सेक्टर इंडेक्स में ऊपरी स्तरों पर प्रॉफिट बुकिंग देखने को मिली। कंज्यूमर और ऑटो इंडेक्स में सबसे ज्यादा गिरावट आई। कंज्यूमर इंडेक्स 6.15 प्रतिशत और ऑटो इंडेक्स 5.85 प्रतिशत नीचे बंद हुआ।

इस हफ्ते मार्केट में ऊपरी लेवल पर लगातार बिकवाली का दबाव बना रहा। वीकली चार्ट पर एक लॉन्ग ‘बेयरिश कैंडल’ बनी। इंट्राडे चार्ट पर ‘लोअर हाई’ और ‘लोअर लो’ बनने का सिलसिला जारी रहा,जो काफी हद तक नेगेटिव ट्रेंड का संकेत है।

अमोल अठावले का मानना ​​है कि शॉर्ट-टर्म में मार्केट का मिजाज कमज़ोर रहेगा, लेकिन यह ‘ओवरसोल्ड’ स्थिति में है। इसलिए, मौजूदा लेवल से ‘पुलबैक रैली’ की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। नीचे की तरफ, 22,200/71,300 एक अहम सपोर्ट जोन है, जबकि 22,500/72,200 तत्काल रेजिस्टेंस लेवल है। अगर मार्केट 22,500/72,200 के ऊपर जाता है तो पुलबैक बढ़कर 22,700–22,800/73,000-73,200 तक जा सकता है। इसके विपरीत अगर यह 22,200/71,300 के नीचे जाता है तो बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है और मार्केट 22,000–21,950/71,000-70,700 तक गिर सकता है।

बैंक निफ्टी पर अपनी राय साझा करते हुए अमोल अठावले ने कहा कि इसके लिए 54,000 एक अहम सपोर्ट ज़ोन है। अगर यह इस लेवल के ऊपर बना रहता है तो इंडेक्स वापस 55,000–55,500 तक जा सकता है। हालांकि, 54,000 के नीचे जाने पर बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है और इसके 53,500–53,200 तक गिरने की संभावना बढ़ सकती है।

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज़ के हेड ऑफ़ रिसर्च,वेल्थ मैनेजमेंट सिद्धार्थ खेमका का कहना है कि आने वाले समय में भारतीय शेयर बाजार पर दबाव बने रहने की संभावना है,क्योंकि ग्लोबल बॉन्ड मार्केट में भारी गिरावट,कच्चे तेल की कीमतों में फिर से तेजी और पिछले छह महीनों में विदेशी निवेशकों की सबसे ज्यादा बिकवाली का असर बाजार के सेंटीमेंट पर पड़ रहा है। US 10-ईयर ट्रेजरी बॉन्ड का यील्ड 2007 के अपने उच्चतम स्तर को पार करके 5.3% पर पहुंच गया है,जो अप्रैल 2002 के बाद सबसे ज्यादा है,जबकि 30-साल के बॉन्ड का यील्ड 5.6% पर है।

निफ्टी की अर्निंग यील्ड अब अमेरिकी बॉन्ड पर मिलने वाले ब्याज से कम होने हो गई है। इसके कारण,ग्लोबल यील्ड के स्थिर होने, कच्चे तेल की कीमतों में कमी आने और विदेशी निकासी में कमी आने तक बाजार में तेजी की संभावना नहीं है।

रेलिगेयर ब्रोकिंग के SVP रिसर्च अजीत मिश्रा का कहना है कि टेक्निकल नजरिए से देखें तो निफ्टी अपने अहम लॉन्ग टर्म सपोर्ट लेवल यानी 22,600 और 22,400 के आसपास 200-हफ्ते के SMA और EMA से साफ तौर पर नीचे आ गया और 22,180 के लेवल (जो अप्रैल 2026 का निचला स्तर था) की ओर बढ़ गया है। इससे बाजार में मंदी का माहौल और मज़बूत हुआ है।

निफ्टी के लिए 22,000–22,200 का जोन अगले अहम सपोर्ट के तौर पर काम कर सकता है, जबकि 22,500–22,600 का लेवल सबसे नजदीकी रेजिस्टेंस बन सकता है। इसके बाद 22,800 पर अगला बड़ा रेजिस्टेंस होगा। इंडेक्स में करेक्शन का दौर जारी रहने और उतार-चढ़ाव बढ़ने के कारण,निकट भविष्य में सतर्क रहने की जरूरत है और चुनिंदा शेयरों में ही मौके तलाशने की सलाह है।

LKP सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे का कहना है कि बाजार का मूड अभी भी कमजोर बना हुआ है क्योंकि कोविड के समय आई गिरावट के बाद पहली बार इंडेक्स अपने 200-हफ्ते के मूविंग एवरेज के नीचे बंद हुआ है। निचले स्तर पर,22,200 पर सपोर्ट है। अगर इंडेक्स इसके नीचे जाता है तो 22,060 तक और गिरावट आ सकती है।

ऊपर की तरफ 22,600 पर रेजिस्टेंस है। जब तक इंडेक्स 22,600 के नीचे रहेगा,तब तक उछाल पर बिकवाली का ट्रेंड बना रहेगा।

 

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