SBI ETF: आज से खुला SBI का नया डिफेंस ETF, जानिए NFO, निवेश राशि और जोखिम की पूरी डिटेल

SBI BSE India Defence ETF: डिफेंस सेक्टर में निवेश की बढ़ती दिलचस्पी के बीच एसबीआई म्यूचुअल फंड ने अपने नए इंडेक्स-ट्रैकिंग फंड ‘SBI BSE India Defence ETF’ के लॉन्च की घोषणा की है। इस NFO में निवेश की शुरुआत आज, 13 अक्टूबर 2026 से हो चुकी है और निवेशक 19 अक्टूबर 2026 तक इसमें सब्स्क्रिप्शन के लिए आवेदन कर सकते हैं।

यह एक ओपन-एंडेड एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड (ETF) है, जो मुख्य रूप से BSE India Defence Index को ट्रैक करेगा और ट्रैकिंग एरर के अधीन रहते हुए इंडेक्स के समान टोटल रिटर्न देने का लक्ष्य रखेगा।

कैसा होगा एसेट एलोकेशन?

एसबीआई म्यूचुअल फंड द्वारा जारी स्कीम इंफॉर्मेशन डॉक्यूमेंट के मुताबिक, फंड का एसेट एलोकेशन इस प्रकार रहेगा:

95% से 100% हिस्सा: बीएसई इंडिया डिफेंस इंडेक्स में शामिल रक्षा क्षेत्र की कंपनियों के सिक्योरिटीज/शेयरों में निवेश किया जाएगा।

0% से 5% हिस्सा: सरकारी प्रतिभूतियों, स्टेट डेवलपमेंट लोन्स, ट्रेजरी बिल्स, ट्राई-पार्टी रेपो और लिक्विड म्यूचुअल फंड यूनिट्स में लगाया जाएगा।

निवेश की शर्तें और फंड मैनेजर

यह एक पैसिवली मैनेज्ड फंड है। इसमें फंड मैनेजर एक्टिवली स्टॉक सिलेक्शन करने के बजाय सीधे इंडेक्स की कंपनियों में आनुपातिक निवेश करेगा। इस स्कीम के फंड मैनेजर वायरल छड़वा है। वे दिसंबर 2020 से एसबीआई म्यूचुअल फंड से जुड़े हुए हैं और कई पैसिव स्कीम्स की देखरेख करते हैं।

एक ही सेक्टर में केंद्रित होने के कारण इस फंड का रिस्क मीटर ‘वेरी हाई’ श्रेणी में रखा गया है। निवेशकों पर रक्षा क्षेत्र और संबंधित कंपनियों के शेयर उतार-चढ़ाव का सीधा असर पड़ेगा।

NFO की मुख्य बातें

पैरामीटर विवरण
फंड का नाम SBI BSE India Defence ETF
स्कीम का प्रकारओपन-एंडेड एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड (ETF)
अंडरलाइंग इंडेक्सBSE India Defence Index
एनएफओ की तारीख13 अक्टूबर 2026 से 19 अक्टूबर 2026
ऑफर प्राइस₹10.00 प्रति यूनिट
न्यूनतम निवेश₹5,000 (इसके बाद ₹1,000 के गुणक में)
फंड मैनेजरवायरल छड़वा
रिस्क रेटिंगवेरी हाई

निवेशकों के लिए क्या है खास?

अगर आप डिफेंस क्षेत्र की कंपनियों के प्रदर्शन का सीधा फायदा उठाना चाहते हैं और किसी एक शेयर में जोखिम लेने के बजाय पूरे इंडेक्स में डायवर्सिफाइड निवेश की तलाश में हैं, तो यह ETF एक विकल्प हो सकता है। वैसे चूंकि यह एक थीमैटिक/सेक्टोरल फंड है, इसलिए इसमें सामान्य डायवर्सिफाइड इक्विटी फंड्स की तुलना में जोखिम अधिक रहता है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

HD Fire Protect IPO: एंकर इनवेस्टर्स से जुटाए ₹213 करोड़, 13 अक्टूबर से ओपनिंग; ग्रे मार्केट में उड़ान भर रहा है शेयर

मेनबोर्ड सेगमेंट में HD फायर प्रोटेक्ट का ₹712.31 करोड़ का IPO आज, 13 अक्टूबर से खुलने वाला है। एक दिन पहले कंपनी ने एंकर निवेशकों से 213.11 करोड़ रुपये जुटाए। प्राइस बैंड के अपर एंड पर 25 इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स को 78.64 लाख इक्विटी शेयर अलॉट किए गए। कुल एंकर एलोकेशन में से, 56,52,331 इक्विटी शेयर 9 घरेलू म्यूचुअल फंड्स को दिए गए। इनमें SBI म्यूचुअल फंड, HDFC एसेट मैनेजमेंट कंपनी, कोटक म्यूचुअल फंड, UTI म्यूचुअल फंड, ICICI प्रूडेंशियल एसेट मैनेजमेंट कंपनी, आदित्य बिड़ला सन लाइफ एसेट मैनेजमेंट कंपनी, PGIM इंडिया, बंधन म्यूचुअल फंड और मिरे एसेट शामिल हैं।

बजाज लाइफ इंश्योरेंस और एक्सिस मैक्स लाइफ इंश्योरेंस ने कुल 14.95 करोड़ रुपये के 5.51 लाख शेयर सब्सक्राइब किए। अशोका व्हाइटओक, एलियांज ग्लोबल इनवेस्टर्स फंड और अमुंडी फंड्स जैसे दूसरे बड़े इनवेस्टर्स ने भी एंकर बुक में हिस्सा लिया।

HD फायर प्रोटेक्ट IPO 15 अक्टूबर को बंद होगा। प्राइस बैंड ₹258-₹271 प्रति शेयर और लॉट साइज 55 शेयर है। कंपनी के IPO में 2.63 करोड़ शेयरों का ऑफर फॉर सेल (OFS) रहेगा। नए शेयर जारी नहीं होंगे। OFS में कंपनी के 2 प्रमोटर- हरीश नरशी धरमशी और कुसुम हरीश धरमशी शेयरों को बिक्री के​ लिए रखेंगे। IPO बंद होने के बाद अलॉटमेंट 16 अक्टूबर को फाइनल होगा। शेयरों की लिस्टिंग NSE और BSE पर 21 अक्टूबर को हो सकती है।

क्या करती है HD Fire Protect

HD फायर प्रोटेक्ट आग से सुरक्षा करने वाले इक्विपमेंट और सिस्टम बनाती और सप्लाई करती है। यह आग बुझाने के पानी, फोम और गैस-बेस्ड सॉल्यूशंस की पेशकश करती है। कंपनी 8 प्रोडक्ट कैटेगरीज में कई तरह के प्रोडक्ट बनाती है, जैसे कि स्प्रिंकलर, अलार्म वॉल्व व एक्सेसरीज, डेल्यूज वॉल्व और सिस्टम, फोम इक्विपमेंट व सप्रेशन सिस्टम, मॉनिटर व नोजल, वॉटर स्प्रे नोजल, कस्टम-इंजीनियर्ड सिस्टम, गैस सप्रेशन सिस्टम आदि।

कंपनी के प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल इंडस्ट्रियल, रेजिडेंशियल और कमर्शियल कामों में होता है, जैसे कि ऑयल व गैस, रिफाइनिंग व पेट्रोकेमिकल्स, पावर एंड एनर्जी, हेवी इंजीनियरिंग, एयरोस्पेस, फार्मास्यूटिकल्स, डेटा सेंटर, हॉस्पिटैलिटी, हेल्थकेयर। HD Fire Protect के प्रोडक्ट एक्सपोर्ट भी होते हैं।

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IPO में कितना हिस्सा रिजर्व

IPO में 50 प्रतिशत हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए, 35 प्रतिशत हिस्सा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए और 15 प्रतिशत हिस्सा नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व है। HD Fire Protect IPO के लिए एंबिट प्राइवेट लिमिटेड, आनंद राठी एडवाइजर्स लिमिटेड और IIFL कैपिटल सर्विसेज लिमिटेड बुक रनिंग लीड मैनेजर हैं। रजिस्ट्रार MUFG Intime India Pvt.Ltd. है।

ग्रे मार्केट में दौड़ रहा है शेयर

HD Fire Protect की लिस्टिंग अच्छी रहने की उम्मीद है। ग्रे मार्केट में शेयर 31.73 प्रतिशत प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है। ग्रे मार्केट एक अनऑथराइज्ड मार्केट है, जहां​ किसी कंपनी के शेयर उसकी लिस्टिंग तक ट्रेड करते हैं। कंपनी का अप्रैल-जून 2026 तिमाही में रेवेन्यू 114 करोड़ रुपये रहा। शुद्ध मुनाफा 23.87 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान रेवेन्यू 12 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 505.12 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 6 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 116.79 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

63 Moons Tech Share Price: सब्सिडियरी ने FY27 के लिए रेवेन्यू अनुमान बढ़ाया, शेयर ने लगाई 12% तक की छलांग

63 मून्स टेक्नोलॉजीस के शेयरों में 12 अक्टूबर को दिन में जबरदस्त खरीद देखने को मिली। BSE पर शेयर पिछले बंद भाव से लगभग 12.5 प्रतिशत तक उछलकर 860.30 रुपये के हाई तक गया। कंपनी का मार्केट कैप 3800 करोड़ रुपये के करीब पहुंच गया है। कंपनी ने एक दिन पहले शेयर बाजारों को अप्रैल-सितंबर 2026 छमाही के लिए अपनी सब्सिडियरी 63SATS Cybertech Ltd का बिजनेस अच्छा रहने की जानकारी दी थी। सब्सिडियरी ने बिलिंग में जबरदस्त बढ़ोतरी के बारे में बताया है और वित्त वर्ष 2026-27 के लिए बिल किए गए रेवेन्यू का अनुमान बढ़ा दिया है।

इनवेस्टर अपडेट के अनुसार, सितंबर 2026 ​छमाही के लिए 63SATS Cybertech का प्रोविजनल बिल्ड रेवेन्यू 218 करोड़ रुपये रहा। यह पूरे वित्त वर्ष 2026 के दौरान बिल किए गए 87 करोड़ रुपये के रेवेन्यू से लगभग 2.5 गुना ज्यादा है। बिलिंग जून 2026 तिमाही में 102.57 करोड़ रुपये थी। सितंबर 2026 तिमाही में यह 115.64 करोड़ रुपये हो गई।

FY27 में अब कितने रेवेन्यू का अनुमान

63SATS Cybertech ने वित्त वर्ष 2027 के लिए अपने बिल किए गए रेवेन्यू का अनुमान 350 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 600 करोड़ रुपये कर दिया है। कंपनी ने अपने क्लाइंट बेस में भी बढ़ोतरी की जानकारी दी है। एंटरप्राइज क्लाइंट्स की संख्या वित्त वर्ष 2026 में 72 थी। सितंबर 2026 छमाही में यह 107 हो गई।

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63 Moons Technologies शेयर 6 महीनों में 50 प्रतिशत चढ़ा

शेयर की फेस वैल्यू 2 रुपये है। यह BSE 1000 इंडेक्स का हिस्सा है। शेयर 3 महीनों में 20 प्रतिशत और 6 महीनों में करीब 50 प्रतिशत मजबूत हुआ है। 2 साल में यह लगभग 90 प्रतिशत और 3 साल में 230 प्रतिशत की बढ़त देख चुका है। 5 साल में कीमत 680 प्रतिशत उछली है। जून 2026 के आखिर तक कंपनी में प्रमोटर्स के पास 45.63 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। शेयर का BSE पर 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 957.70 रुपये और एडजस्टेड लो 465.55 रुपये है।

BSE पर मौजूद डेटा के मुताबिक, 63 मून्स टेक्नोलॉजीस का जून 2026 तिमाही में स्टैंडअलोन बेसिस पर रेवेन्यू 36.12 करोड़ रुपये रहा। शुद्ध मुनाफा 3.15 करोड़ रुपये और प्रति शेयर अर्निंग 68 लाख रुपये दर्ज की गई। पूरे वित्त वर्ष 2026 के दौरान कंपनी का स्टैंडअलोन रेवेन्यू 108.96 करोड़ रुपये, शुद्ध मुनाफा 174.66 करोड़ रुपये और प्रति शेयर अर्निंग 37.91 करोड़ रुपये रही।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Lenskart Block Deal: एक झटके में बिके ₹1895 करोड़ के शेयर, कीमत 5% लुढ़की

चश्मे बनाने वाली कंपनी लेंसकार्ट सॉल्यूशंस के शेयरों में 12 अक्टूबर को सुबह के कारोबार में 5 प्रतिशत तक की गिरावट दिखाई दी। BSE पर शेयर 643.80 रुपये के लो तक गया। ब्लॉक डील के जरिए कंपनी के 2.93 करोड़ शेयरों की बिक्री हुई है। ये शेयर कंपनी की 1.67 प्रतिशत इक्विटी के बराबर हैं। शेयरों को 647 रुपये प्रति शेयर के भाव पर बेचा गया है। इन शेयरों की कुल वैल्यू 1,895 करोड़ रुपये है। शेयरों को किसने बेचा और किसने खरीदा, इस बारे में अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

वीकेंड पर CNBC-TV18 ने सूत्रों के हवाले से बताया था कि अल्फा वेव वेंचर्स LP, लेंसकार्ट सॉल्यूशंस में 1,691 करोड़ रुपये की 1.6 प्रतिशत तक इक्विटी 640 रुपये प्रति शेयर के फ्लोर प्राइस पर बेच सकती है। शेयर बेचने वालों को आगे और हिस्सेदारी बेचने के लिए 30 दिन के लॉक-इन पीरियड का पालन करना होगा। स्टॉक एक्सचेंज के डेटा के अनुसार, जून 2026 तिमाही के आखिर तक लेंसकार्ट में प्रमोटर एंटिटीज की हिस्सेदारी 17.53 प्रतिशत थी।

Alpha Wave Ventures ने अगस्त में भी बेचा था हिस्सा

इससे पहले Alpha Wave Ventures LP ने अगस्त महीने में ब्लॉक डील के जरिए लेंसकार्ट के 2.95 करोड़ शेयर या 1.7 प्रतिशत इक्विटी 1,857 करोड़ रुपये में बेची थी। खरीदारों में नेशनल पेंशन सिस्टम, ICICI प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड और व्हाइटओक कैपिटल म्यूचुअल फंड शामिल थे। 3 दिन पहले लेंसकार्ट में सॉफ्टबैंक विजन फंड (SVF) II लाइटबल्ब केमैन ने BSE पर ब्लॉक डील के जरिए 641.75 रुपये प्रति शेयर की औसत कीमत पर 2,887.9 करोड़ रुपये के 4.5 करोड़ शेयर बेचे थे। सोसाइटे जेनरल ODI ने 688.92 करोड़ रुपये के 1.07 करोड़ शेयर खरीदे।

21 सितंबर 2026 को लेंसकार्ट सॉल्यूशंस में ब्लॉक डील्स के जरिए 3.6 करोड़ शेयरों की बिक्री हुई थी। ट्रांजेक्शन 688 रुपये प्रति शेयर के भाव पर हुआ और डील की कुल वैल्यू 2,468 करोड़ रुपये रही। डील से पहले CNBC-TV18 ने सूत्रों के हवाले से कहा था कि प्लेटिनम जैस्मीन ए 2018 ट्रस्ट लेंसकार्ट में हिस्सेदारी बेच सकती है। प्लेटिनम जैस्मीन, अबू धाबी इनवेस्टमेंट अथॉरिटी (ADIA) का एक इनवेस्टमेंट व्हीकल है।

अगस्त और जून में भी सॉफ्टबैंक ने बेचे थे Lenskart के शेयर

इस साल अगस्त में सॉफ्टबैंक विजन फंड (SVF) II लाइटबल्ब (केमैन) लिमिटेड ने लेंसकार्ट में 2.58% हिस्सेदारी ब्लॉक डील के जरिए बेची थी। 4.5 करोड़ शेयर ₹2,887.87 करोड़ में बेचे गए थे। खरीदारों में सोसाइटे जेनरल ओडीआई, गोल्डमैन सैक्स, मोतीलाल ओसवाल म्यूचुअल फंड, वैनगार्ड ग्रुप, मॉर्गन स्टेनली, SBI म्यूचुअल फंड, निप्पॉन इंडिया, HDFC म्यूचुअल फंड जैसे कई घरेलू और वैश्विक निवेशक शामिल थे।

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जून में भी सॉफ्टबैंक समूह ने SVF II लाइटबल्ब (केमैन) के जरिए लेंसकार्ट में 3.25% हिस्सेदारी बेची थी। उस वक्त 5,65,00,000 शेयर बेचे गए थे और ट्रांजेक्शन की वैल्यू ₹2,873.30 करोड़ रही थी। व्हाइटओक कैपिटल म्यूचुअल फंड (MF), मिरे एसेट MF, कोटक MF, केनरा रोबेको MF, ICICI प्रूडेंशियल MF, HDFC लाइफ इंश्योरेंस कंपनी, ICICI प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस, सोसाइटी जेनरल, मेट्जलर एसेट मैनेजमेंट, गोल्डमैन सैक्स, फिडेलिटी, कॉप्थॉल मॉरीशस इनवेस्टमेंट, इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड, और डेंडाना इनवेस्टमेंट्स (मॉरीशस) लिमिटेड खरीदार रहे थे।

नवंबर 2025 में हुई थी लिस्ट

लेंसकार्ट ने 10 नवंबर, 2025 को शेयर बाजार में एंट्री की थी। इसका IPO 7278.02 करोड़ रुपये का था। कंपनी का मार्केट कैप 1.12 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर की फेस वैल्यू 2 रुपये है। यह BSE 200 इंडेक्स का हिस्सा है। शेयर साल 2026 में अब तक लगभग 50 प्रतिशत चढ़ा है।

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Zetwerk Manufacturing IPO 15 अक्टूबर से, प्राइस बैंड ₹143-₹151 प्रति शेयर तय

जेटवर्क मैन्युफैक्चरिंग बिजनेस लिमिटेड का IPO 15 अक्टूबर को खुलने जा रहा है। इसके लिए प्राइस बैंड ₹143-₹151 प्रति शेयर फिक्स किया गया है। लॉट साइज 99 शेयर है। कंपनी का इरादा ₹5,012.33 करोड़ जुटाने का है। IPO में ₹2,830 करोड़ के नए शेयर जारी होंगे, साथ ही ₹2,182.33 करोड़ के शेयरों का ऑफर फॉर सेल (OFS) रहेगा। इश्यू 19 अक्टूबर को बंद होगा, जिसके बाद अलॉटमेंट 21 अक्टूबर को फाइनल हो सकता है। 20 अक्टूबर को शेयर बाजार में दशहरा की छुट्टी है। कंपनी के शेयर NSE और BSE पर 23 अक्टूबर को लिस्ट हो सकते हैं।

जेटवर्क पहले एक डिजिटल मार्केटप्लेस थी और अब मैन्युफैक्चरर्स को ग्राहकों से जोड़कर एक एंड-टू-एंड इंडस्ट्रियल मैन्युफैक्चरिंग प्लेटफॉर्म बन गई है। यह कई सेक्टर्स में कस्टम-बिल्ट कंपोनेंट्स के लिए इंजीनियरिंग, उत्पादन और डिलीवरी को व्यवस्थित करती है। ग्राहक डिजाइन प्रदान करते हैं, जेटवर्क सप्लायर का चयन, गुणवत्ता नियंत्रण, टाइमलाइंस और लॉजिस्टिक्स को संभालती है। कंपनी लैपटॉप, हियरेबल्स, वियरेबल्स, IT हार्डवेयर बनाती है। जेटवर्क में खोसला वेंचर्स, एक्सेल, लाइटस्पीड, पीक XV पार्टनर्स, ग्रीनओक्स, एवेनिर जैसे दिग्गजों का पैसा लगा हुआ है।

जेटवर्क में फुली डाइल्यूटेड बेसिस पर पीक XV पार्टनर्स इनवेस्टमेंट्स V सबसे बड़ी इंडीविजुअल शेयरहोल्डर है, जिसके पास 9.12 प्रतिशत हिस्सेदारी है। ग्रीनओक्स कैपिटल अपॉर्चुनिटीज फंड II के पास 8.61 प्रतिशत, रामकृष्णन के पास 8.36 प्रतिशत, एक्सेल इंडिया V के पास 7.74 प्रतिशत और आचार्य के पास 7.53 प्रतिशत हिस्सा है।

Zetwerk IPO को जुलाई में सेबी से मिली थी मंजूरी

जेटवर्क ने अपने IPO के लिए इस साल मार्च में कॉन्फिडेंशियल तरीके से ड्राफ्ट पेपर जमा किए थे। कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी से जुलाई में मंजूरी मिलने के बाद अपडेटेड ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस 13 अगस्त 2026 को फाइल किया। OFS में प्रमोटर-ग्रुप एंटिटी Creovate Innovation, को-फाउंडर अमृत आचार्य, श्रीनाथ रामकृष्णन के साथ-साथ निवेशक पीक XV पार्टनर्स, एक्सेल, लाइटस्पीड वेंचर, के कैपिटल आदि भी शेयरों को बिक्री के लिए रखेंगे।

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IPO के लिए कोटक महिंद्रा कैपिटल कंपनी, मॉर्गन स्टेनली इंडिया, गोल्डमैन सैक्स (इंडिया) सिक्योरिटीज, एवेंडस कैपिटल, जेएम फाइनेंशियल, एचएसबीसी सिक्योरिटीज एंड कैपिटल मार्केट्स (इंडिया), पैंटोमैथ कैपिटल एडवाइजर्स, बुक रनिंग लीड मैनेजर हैं। रजिस्ट्रार Kfin Technologies Ltd. है। इश्यू में 75 प्रतिशत हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए, 10 प्रतिशत हिस्सा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए और 15 प्रतिशत हिस्सा नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व है।

IPO के पैसे कैसे होंगे इस्तेमाल

Zetwerk अपने IPO में नए शेयरों को जारी कर हासिल होने वाले पैसों का इस्तेमाल अपना और सब्सिडियरीज का कर्ज चुकाने, पहले से न पता अधिग्रहणों, अन्य रणनीतिक निवेशों और सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए करेगी। अप्रैल-जून 2026 तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू ₹4,195.70 करोड़ और शुद्ध घाटा ₹732.98 करोड़ रहा। इस बीच कंपनी पर ₹1,942.19 करोड़ की उधारी थी। वित्त वर्ष 2025-26 में जेटवर्क का रेवेन्यू 40 प्रतिशत बढ़कर ₹16,100.63 करोड़ रहा। घाटा 1,606.17 करोड़ दर्ज किया गया।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

HD Fire Protect IPO: 13 अक्टूबर से खुलेगा इश्यू, GMP 30% के पार; जानिए प्राइस बैंड समेत पूरी डिटेल

HD Fire Protect IPO: आग से बचाने वाले इक्विपमेंट बनाने वाली HD Fire Protect के आईपीओ को लेकर ग्रे मार्केट में तगड़ी हलचल दिख रही है। यह इश्यू 13 अक्टूबर से खुलेगा, मगर इसका ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) अभी से करीब 32% है।

कंपनी ने IPO के लिए ₹258 से ₹271 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। यह IPO 13 अक्टूबर को खुलेगा और 15 अक्टूबर 2026 को बंद होगा। इसके जरिए कंपनी ₹712.31 करोड़ जुटाने जा रही है।

₹80 प्रति शेयर के लिस्टिंग गेन का संकेत

इनवेस्टरगेन के मुताबिक, ग्रे मार्केट में HD Fire Protect का GMP 31.73% है। इस हिसाब से शेयर की संभावित लिस्टिंग कीमत करीब ₹357 हो सकती है। IPO का ऊपरी प्राइस बैंड ₹271 है। यानी इस कीमत के मुकाबले करीब ₹86 प्रति शेयर का संभावित फायदा दिख रहा है।

हालांकि, GMP के आधार पर लिस्टिंग प्राइस तय नहीं होती। यह बाजार में चल रहा अनौपचारिक भाव है। लिस्टिंग से पहले इसमें बदलाव हो सकता है। इसलिए इसे मुनाफे की गारंटी नहीं मानना चाहिए।

पूरा IPO ऑफर फॉर सेल है

HD Fire Protect का पूरा IPO ऑफर फॉर सेल (OFS) है। इसमें 2,62,84,500 मौजूदा शेयर बेचे जाएंगे। इनकी कुल कीमत ₹712.31 करोड़ है। इसका मतलब है कि कंपनी को IPO से कोई नया पैसा नहीं मिलेगा। शेयर बेचने से मिलने वाली पूरी रकम मौजूदा शेयरधारकों को जाएगी।

प्रमोटर हरीश नरशी धरमशी 89,83,700 शेयर बेचेंगे। इनकी कीमत करीब ₹243.46 करोड़ है। वहीं, प्रमोटर कुसुम हरीश धरमशी 1,73,00,800 शेयर बेचेंगी। इनकी कीमत करीब ₹468.85 करोड़ है। दोनों प्रमोटर मिलकर करीब 2.63 करोड़ शेयर बेच रहे हैं। इनकी कुल कीमत ₹712.31 करोड़ है।

कब होगा अलॉटमेंट और लिस्टिंग?

HD Fire Protect IPO का अलॉटमेंट 16 अक्टूबर को फाइनल होने की उम्मीद है। वहीं, कंपनी के शेयर 21 अक्टूबर को NSE और BSE पर लिस्ट हो सकते हैं।

IPO का लॉट साइज 55 शेयर है। ₹271 के ऊपरी प्राइस बैंड पर एक लॉट के लिए ₹14,905 लगाने होंगे। यानी रिटेल निवेशकों को कम से कम इतनी रकम की जरूरत होगी।

कंपनी की कमाई और मुनाफा कितना बढ़ा?

HD Fire Protect की कुल आय वित्त वर्ष 2026 में 12% बढ़कर ₹505 करोड़ हो गई। वित्त वर्ष 2025 में यह ₹451 करोड़ थी। कंपनी का मुनाफा भी बढ़ा है। वित्त वर्ष 2026 में प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) 6% बढ़कर ₹117 करोड़ रहा। एक साल पहले यह ₹110 करोड़ था।

कंपनी का ऑपरेशंस से रेवेन्यू वित्त वर्ष 2024 में ₹372.95 करोड़ था। वित्त वर्ष 2026 में यह बढ़कर ₹489.28 करोड़ हो गया। इस दौरान रेवेन्यू की सालाना औसत ग्रोथ 14.54% रही।

क्या काम करती है HD Fire Protect?

HD Fire Protect की शुरुआत अप्रैल 1997 में हुई थी। कंपनी आग से बचाव के इक्विपमेंट और सिस्टम बनाती है। इसके प्रोडक्ट पानी, फोम और गैस की मदद से आग बुझाने में काम आते हैं। कंपनी के प्रोडक्ट में स्प्रिंकलर, अलार्म और डिल्यूज वाल्व, फोम उपकरण, मॉनिटर और नोजल शामिल हैं। इसके अलावा कंपनी वॉटर स्प्रे नोजल, खास जरूरतों के हिसाब से तैयार किए गए सिस्टम और गैस से आग बुझाने वाले सिस्टम भी बनाती है।

कंपनी के ग्राहक कई तरह के उद्योगों में हैं। इनमें तेल और गैस, पेट्रोकेमिकल्स, बिजली, इंजीनियरिंग, एयरोस्पेस, फार्मा, डेटा सेंटर, होटल और हेल्थकेयर जैसे सेक्टर शामिल हैं। इसके प्रोडक्ट का इस्तेमाल औद्योगिक, आवासीय और व्यावसायिक जगहों पर होता है।

Stocks to Watch: 12 अक्टूबर को फोकस में रहेंगे ये 12 शेयर, बैंकिंग स्टॉक्स पर भी रहेगी नजर

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stock in Focus: सोलर कंपनी को ₹4001 करोड़ के नए ऑर्डर मिले, शेयरों पर रहेगी नजर

Stock in Focus: सोलर सेल और मॉड्यूल बनाने वाली कंपनी Premier Energies को 4,001 करोड़ रुपये के नए ऑर्डर मिले हैं। ये ऑर्डर वित्त वर्ष 2026-27 की जुलाई-सितंबर तिमाही में मिले।

इन ऑर्डर के तहत कंपनी 2,308 मेगावाट (MW) के सोलर सेल और मॉड्यूल की सप्लाई करेगी। इसके अलावा, इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (EPC) प्रोजेक्ट्स पर भी काम करेगी। ये ऑर्डर बिजली, मॉड्यूल और EPC कंपनियों से मिले हैं। इसमें रिटेल मार्केट से मिले ऑर्डर शामिल नहीं हैं।

सोलर सेल और मॉड्यूल बनाने की क्षमता बढ़ी

Premier Energies ने अपनी मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ाई है। कंपनी की सोलर मॉड्यूल बनाने की क्षमता लगभग दोगुनी होकर 11.1 गीगावाट (GW) हो गई है। वहीं, सोलर सेल की क्षमता 3.6 GW से बढ़कर 10.6 GW हो गई है।

यह बढ़ोतरी आंध्र प्रदेश के नायडुपेटा में नया प्लांट शुरू होने के बाद हुई है। कंपनी ने पिछले महीने यहां 7 GW की TOPCon सोलर सेल मैन्युफैक्चरिंग यूनिट चालू की थी।

कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर चिरंजीव सलूजा ने कहा कि बढ़ता ऑर्डर बुक कंपनी की ग्रोथ स्ट्रैटेजी को दिखाता है। उनके मुताबिक, भारतीय सोलर बाजार में ग्राहक बड़े पैमाने पर सप्लाई, भरोसेमंद कंपनियों और नई तकनीक चाहते हैं। कंपनी इन जरूरतों को पूरा करने के लिए तैयार है।

FY28 तक रेवेन्यू और मार्जिन का अनुमान

अगस्त में कंपनी के चीफ बिजनेस ऑफिसर विनय रुस्तगी ने कहा था कि 15,000 करोड़ रुपये के ऑर्डर बुक से कंपनी को वित्त वर्ष 2027-28 (FY28) तक रेवेन्यू और मार्जिन का अनुमान लगाने में मदद मिल रही है।

कंपनी का ऑर्डर बुक वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) के रेवेन्यू का करीब दोगुना है। इससे कंपनी को FY27 और FY28 तक कारोबार की स्थिति का अंदाजा मिल रहा है। रुस्तगी ने यूरोप में एक्सपोर्ट और बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) को कंपनी के लिए ग्रोथ के दो नए मौके बताया।

Premier Energies का शेयर शुक्रवार को BSE पर 895 रुपये पर बंद हुआ। इसमें पिछले बंद भाव के मुकाबले 9 रुपये यानी 1.02% की बढ़त दर्ज की गई।

Dividend Stocks: इस हफ्ते वेदांता, TCS और आनंदी राठी डिविडेंड देंगे, जानिए रिकॉर्ड डेट

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Dividend Stocks: इस हफ्ते वेदांता, TCS और आनंदी राठी डिविडेंड देंगे, जानिए रिकॉर्ड डेट

Dividend Stocks: इस हफ्ते Vedanta, Tata Consultancy Services (TCS) और Anand Rathi Wealth के शेयर चर्चा में रह सकते हैं। इन तीनों कंपनियों ने डिविडेंड का ऐलान किया है। अब निवेशकों की नजर रिकॉर्ड डेट पर है। आइए जानते हैं कि किस कंपनी ने कितना डिविडेंड दिया है और शेयरों का प्रदर्शन कैसा रहा है।

Vedanta

Vedanta हर शेयर पर ₹5 का अंतरिम डिविडेंड देगी। शेयर की फेस वैल्यू ₹1 है। कंपनी कुल करीब ₹1,955 करोड़ का डिविडेंड देगी। इसके लिए बुधवार, 14 अक्टूबर 2026 को रिकॉर्ड डेट तय की गई है।

शुक्रवार को BSE पर कंपनी का शेयर 4.11% चढ़कर ₹263.50 पर बंद हुआ। पिछले एक साल में शेयर ने 51% रिटर्न दिया है। दो साल में यह 47% चढ़ा है। वहीं, तीन साल का रिटर्न 234% रहा है।

Tata Consultancy Services (TCS)

टाटा ग्रुप की आईटी कंपनी TCS ने हर शेयर पर ₹12 के अंतरिम डिविडेंड का ऐलान किया है। शेयर की फेस वैल्यू ₹1 है। कंपनी 30 अक्टूबर 2026 को डिविडेंड का भुगतान करेगी। इसके लिए 14 अक्टूबर 2026 को रिकॉर्ड डेट तय की गई है।

TCS का शेयर शुक्रवार को BSE पर 4.23% की तेजी के साथ ₹2,163 पर बंद हुआ। कंपनी का मार्केट कैप ₹7.82 लाख करोड़ रहा। हालांकि, लंबी अवधि में शेयर का प्रदर्शन कमजोर रहा है। एक साल में शेयर 29% गिरा है। दो साल में 49% और तीन साल में 40% की गिरावट आई है।

Anand Rathi Wealth

Anand Rathi Wealth हर शेयर पर ₹4 अंतरिम डिविडेंड देने वाली है।शेयर की फेस वैल्यू ₹5 है। यानी डिविडेंड फेस वैल्यू का 80% है। कंपनी ने इससे पहले अप्रैल में हर शेयर पर ₹7 के फाइनल डिविडेंड का ऐलान किया था।

कंपनी ने गुरुवार, 15 अक्टूबर 2026 को रिकॉर्ड डेट तय की है। डिविडेंड का भुगतान ऐलान की तारीख से 30 दिनों के भीतर किया जाएगा।

पिछले कारोबारी सत्र में कंपनी का शेयर 4.68% गिरकर ₹2,038.70 पर बंद हुआ। हालांकि, एक साल में इसने 38.14% रिटर्न दिया है। तीन साल का रिटर्न 331.44% रहा है। वहीं, 2026 में अब तक शेयर 31.75% चढ़ चुका है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Fusion CX IPO: ₹702 करोड़ का एक और इश्यू 14 अक्टूबर से; रहेंगे ₹500 करोड़ के नए शेयर; चेक करें प्राइस बैंड

मेनबोर्ड सेगमेंट में फ्यूजन CX का ₹702 करोड़ का IPO 14 अक्टूबर को खुलने वाला है। प्राइस बैंड ₹275-₹289 प्रति शेयर और लॉट साइज 51 शेयर है। कंपनी वॉइस, ईमेल, चैट, सोशल मीडिया और मैसेजिंग के जरिए मल्टीचैनल कस्टमर सपोर्ट उपलब्ध कराती है। यह AI डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर सर्विस भी देती है, जिसमें डेटा कलेक्शन, डेटा एनोटेशन, इमेज व वीडियो लेबलिंग, और रोबोटिक टेली-ऑपरेशंस शामिल हैं।

Fusion CX इंसानी विशेषज्ञता को टेक्नोलॉजी और अपने खास AI टूल्स के साथ कंबाइन करके कई भाषाओं में और कई चैनलों के जरिए कस्टमर एंगेजमेंट उपलब्ध कराती है, काम करने की क्षमता बेहतर बनाती है और कस्टमर के साथ बातचीत को ऑटोमेट करती है। 30 जून, 2026 तक Fusion CX के 13 देशों में 40 डिलीवरी सेंटर थे।

कंपनी के पब्लिक इश्यू में ₹500 करोड़ के 1.73 करोड़ नए शेयर जारी होंगे। साथ ही ₹202 करोड़ के 69.90 लाख शेयरों का ऑफर फॉर सेल (OFS) रहेगा। OFS में प्रमोटर्स P.N.S. बिजनेस प्राइवेट लिमिटेड और रसीश कंसल्टेंट्स प्राइवेट लिमिटेड शेयरों को बिक्री के लिए रखेंगे। एंकर निवेशक 13 अक्टूबर को बोली लगा सकेंगे।

कब होगी लि​स्टिंग

IPO 16 अक्टूबर को बंद होगा, जिसके बाद अलॉटमेंट 19 अक्टूबर को फाइनल हो सकता है। कंपनी के शेयर NSE और BSE पर 22 अक्टूबर को लिस्ट होंगे। इस इश्यू के लिए ‘नुवामा वेल्थ मैनेजमेंट लिमिटेड’ बुक रनिंग लीड मैनेजर है। रजिस्ट्रार Kfin Technologies है। IPO में 75 प्रतिशत हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए, 15 प्रतिशत हिस्सा नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए और 10 प्रतिशत हिस्सा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व है।

ग्रे मार्केट में Fusion CX का शेयर अभी से 19.03 प्रतिशत प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है। ग्रे मार्केट एक अनऑथराइज्ड मार्केट है, जहां​ किसी कंपनी के शेयर उसकी लिस्टिंग तक ट्रेड करते हैं।

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कंपनी की वित्तीय सेहत

Fusion CX का अप्रैल-जून 2026 तिमाही में रेवेन्यू ₹503.85 करोड़ रहा। शुद्ध मुनाफा ₹55.70 करोड़ दर्ज किया गया। इस बीच कंपनी पर ₹238.13 करोड़ की उधारी थी। वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान कंपनी का रेवेन्यू 37 प्रतिशत बढ़कर ₹1,851.83 करोड़ और शुद्ध मुनाफा 129 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ ₹169.84 करोड़ रहा।

IPO के पैसे कैसे होंगे इस्तेमाल

कंपनी अपने पब्लिक इश्यू में नए शेयरों को जारी कर होने वाली कमाई का इस्तेमाल अपना और सब्सिडियरीज का कर्ज चुकाने के लिए, स्टेप डाउन सब्सिडियरीज में निवेश के लिए, पहले से न पता अधिग्रहणों के जरिए इनऑर्गेनिक ग्रोथ के लिए और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए करेगी।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।