DLF The Aureva: गुरुग्राम का लग्जरी रिटायरमेंट प्रोजेक्ट पूरी तरह बिका, शेयरों पर रहेगी नजर

DLF The Aureva: रियल्टी कंपनी DLF ने गुरुग्राम के सेक्टर 63 स्थित अपने लग्जरी रिटायरमेंट प्रोजेक्ट The Aureva की पूरी बिक्री कर ली है। कंपनी के मुताबिक, प्रोजेक्ट से करीब ₹1,985 करोड़ की सेल्स बुकिंग हुई है।

करीब 4.17 एकड़ में फैले इस प्रोजेक्ट में 172 लग्जरी घर हैं। इनका कुल कारपेट एरिया 4 लाख वर्गफुट से ज्यादा है। वहीं, कुल सेलएबल एरिया 7.5 लाख वर्गफुट से अधिक है।

लग्जरी के साथ वेलनेस पर फोकस

The Aureva को खास तौर पर रिटायरमेंट के बाद आरामदायक जिंदगी को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। यहां घर के साथ वेलनेस, हेल्थकेयर और सोशल लाइफ का भी ध्यान रखा गया है।

प्रोजेक्ट में लग्जरी क्लब हाउस है। इसके अलावा फिटनेस और वेलनेस सेंटर, इंडोर स्विमिंग पूल, स्पा, योगा पवेलियन, मेडिटेशन सेंटर और लाइब्रेरी जैसी सुविधाएं हैं। बैंक्वेट स्पेस, गार्डन और आउटडोर गैदरिंग एरिया भी बनाए गए हैं।

172 लग्जरी घर

The Aureva एक G+45 मंजिल की स्टैंडअलोन टावर है। इसमें 4 BHK घर हैं। हर घर के साथ तीन डेडिकेटेड पार्किंग स्पेस दिए गए हैं।

घरों में स्टाफ डॉर्मिटरी और बड़े प्राइवेट डेक भी हैं। डिजाइन में सुरक्षा और आसानी से आने-जाने का भी ध्यान रखा गया है।

ग्लोबल कंसल्टेंट्स ने किया डिजाइन

DLF के मुताबिक, प्रोजेक्ट को कई ग्लोबल कंसल्टेंट्स के साथ मिलकर तैयार किया गया है। इनमें HB Design, SHMA, BO Steiber Lighting Design, Hewshott और ESD Global शामिल हैं।

The Aureva सेक्टर 63 में The Arbour के पास है। यहां से Golf Course Extension Road, Southern Peripheral Road और NH-48 तक आसानी से पहुंचा जा सकता है।

DLF ने क्या कहा

DLF Home Developers के MD और चीफ बिजननेस ऑफिस आकाशा ओहरि ने कहा कि The Aureva के जरिए कंपनी भारत में लग्जरी रिटायरमेंट हाउसिंग को नया रूप देना चाहती है। प्रोजेक्ट में लग्जरी के साथ वेलनेस, हॉस्पिटैलिटी, हेल्थकेयर और कम्युनिटी सुविधाओं को जोड़ा गया है।

1 अक्टूबर को BSE पर DLF का शेयर ₹662.60 पर बंद हुआ। शेयर में पिछले बंद भाव के मुकाबले ₹9.40 की गिरावट रही।

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घर ढूंढ़ने निकला शख्स रह गया हैरान, गुरुग्राम में 3BHK का किराया जान उड़ जाएंगे होश

गुरुग्राम में घर किराए पर लेना अब पहले जितना आसान या किफायती नहीं रह गया है। शहर के कई इलाकों में किराए लगातार बढ़ रहे हैं, जिससे मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए मनपसंद बजट में घर ढूंढ़ना बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। हाल ही में इसी मुद्दे ने तब लोगों का ध्यान खींचा, जब एक व्यक्ति ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Reddit पर अपना अनुभव साझा किया। घर की तलाश के दौरान उसे बार-बार एक ही सलाह मिली बजट बढ़ाइए। इसके बाद उसने सवाल उठाया कि क्या अब शहर में महंगा किराया ही नई सामान्य स्थिति बन चुका है। उसकी पोस्ट देखते ही देखते वायरल हो गई और सैकड़ों लोगों ने अपने अनुभव साझा किए।

किसी ने बढ़ते किराए को जिम्मेदार ठहराया तो किसी ने ब्रोकरों के रवैये पर सवाल उठाए। यह चर्चा अब सिर्फ एक व्यक्ति की परेशानी नहीं, बल्कि गुरुग्राम में तेजी से बदलते रेंटल मार्केट और बढ़ती महंगाई पर बड़ी बहस का रूप ले चुकी है।

पोस्ट ने छेड़ दी बड़ी बहस

Reddit के r/gurgaon समुदाय में शेयर की गई पोस्ट ने देखते ही देखते लोगों का ध्यान खींच लिया। कई यूजर्स ने माना कि वे भी घर खोजते समय इसी तरह के अनुभव से गुजर चुके हैं। चर्चा धीरे-धीरे केवल किराए तक सीमित नहीं रही, बल्कि गुरुग्राम में तेजी से बढ़ती महंगाई और रहने की लागत पर भी सवाल उठने लगे।

हर घर के साथ जुड़ जाता है ‘बस ₹5,000 और’

पोस्ट लिखने वाले यूजर ने बताया कि गोल्फ कोर्स एक्सटेंशन रोड पर करीब 1,700 वर्गफुट का 3BHK फ्लैट ₹50,000 से अधिक में मिल रहा है, जबकि शहर के कई प्रमुख सेक्टरों में ₹60,000 या उससे ज्यादा किराया सामान्य हो चुका है। उनका कहना था कि हर बार ब्रोकर सिर्फ इतना कहते हैं, “बस ₹5,000 और बढ़ा दीजिए।”

किराया ही नहीं, सालाना खर्च भी बढ़ रहा

यूजर ने हिसाब लगाते हुए बताया कि ₹50,000 मासिक किराए का मतलब सालभर में ₹6 लाख से ज्यादा खर्च है। यदि मेंटेनेंस, बिजली और अन्य शुल्क जोड़ दिए जाएं, तो यह रकम आसानी से ₹7 लाख के पार पहुंच जाती है। ऐसे में मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए यह बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है।

क्या सैलरी इतनी तेजी से बढ़ी है?

यूजर ने सवाल उठाया कि जब वेतन में इतनी तेजी से बढ़ोतरी नहीं हुई, तो आखिर आम परिवार इतने महंगे किराए को कैसे वहन करें? उन्होंने यह भी पूछा कि क्या लोग वास्तव में इतनी रकम चुका रहे हैं, या फिर मकान मालिकों और ब्रोकरों ने हर समस्या का समाधान सिर्फ “बजट बढ़ाइए” बना दिया है।

दूसरे यूजर्स ने भी साझा किए अपने अनुभव

पोस्ट पर कई लोगों ने अपने अनुभव साझा किए। एक यूजर ने लिखा कि 2BHK की तलाश में जब उसने ₹45,000 का बजट बताया, तो ब्रोकर ने साफ कह दिया कि उसकी जरूरतें और बजट मेल नहीं खाते। वहीं एक अन्य यूजर ने बताया कि ऑनलाइन कई 3BHK फ्लैट ₹90,000 से लेकर ₹1.5 लाख प्रति माह तक में सूचीबद्ध हैं।

लोगों ने सुझाए दूसरे विकल्प

कई Reddit यूजर्स ने सलाह दी कि अगर बजट सीमित है, तो गुरुग्राम के प्रीमियम इलाकों से बाहर घर तलाशना बेहतर रहेगा। कुछ लोगों ने नोएडा जैसे एनसीआर शहरों का भी सुझाव दिया, जहां समान सुविधाओं वाले फ्लैट अपेक्षाकृत कम किराए में मिल सकते हैं।

बदलती सोच या बढ़ता दबाव?

यह चर्चा सिर्फ एक व्यक्ति के घर खोजने की कहानी नहीं रही, बल्कि इसने यह सवाल भी खड़ा कर दिया कि क्या गुरुग्राम में “अफोर्डेबल रेंट” की परिभाषा बदल चुकी है। बढ़ते किराए और स्थिर आय के बीच यह बहस अब शहर के हजारों किरायेदारों की साझा चिंता बनती दिखाई दे रही है।