Paramount Syntex IPO: टेक्सटाइल कंपनी का इश्यू दूसरे दिन पूरा सब्सक्राइब, ₹81.79 करोड़ का है आईपीओ

Paramount Syntex IPO: टेक्सटाइल कंपनी Paramount Syntex Ltd के SME IPO को निवेशकों का जोरदार रिस्पॉन्स मिला है। IPO बोली के दूसरे दिन ही पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया। 1 अक्टूबर तक इश्यू को कुल 1.35 गुना सब्सक्रिप्शन मिला था।

नेट इश्यू में उपलब्ध 61.17 लाख शेयरों के मुकाबले करीब 80.56 लाख शेयरों के लिए बोलियां मिलीं। सबसे ज्यादा दिलचस्पी QIB कैटेगरी में दिखी। एंकर के बाद QIB हिस्से को 119.29 गुना सब्सक्रिप्शन मिला।

81.79 करोड़ रुपये का है IPO

Paramount Syntex का IPO कुल ₹81.79 करोड़ का है। कंपनी सिंथेटिक फाइबर, ऐक्रेलिक यार्न और ब्लेंडेड व डाइड यार्न जैसे प्रोडक्ट बनाती है। IPO का प्राइस बैंड ₹119 से ₹127 प्रति शेयर तय किया गया है।

6 अक्टूबर तक लगा सकते हैं दांव

IPO 30 सितंबर को खुला था और 6 अक्टूबर 2026 को बंद होगा। इसमें ₹10 फेस वैल्यू वाले अधिकतम 64.40 लाख इक्विटी शेयर शामिल हैं।

IPO का न्यूनतम लॉट साइज 2,000 शेयर है। यानी ऊपरी प्राइस बैंड पर रिटेल निवेशक को कम से कम ₹2.54 लाख लगाने होंगे। शेयरों की लिस्टिंग BSE SME प्लेटफॉर्म पर प्रस्तावित है। सौभाग्य कैपिटल ऑप्शंस लिमिटेड इस इश्यू का बुक रनिंग लीड मैनेजर है। वहीं, Bigshare Services Pvt Ltd रजिस्ट्रार है।

मशीनरी खरीदने में खर्च होगी रकम

कंपनी IPO से मिलने वाली रकम का बड़ा हिस्सा मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ाने में लगाएगी। करीब ₹61.68 करोड़ मौजूदा मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स में नई मशीनरी खरीदने पर खर्च किए जाएंगे।

यह IPO पूरी तरह फ्रेश इश्यू है। इसमें कोई Offer for Sale यानी OFS नहीं है। इसलिए IPO से जुटाई गई रकम सीधे कंपनी को मिलेगी और इसका इस्तेमाल तय कारोबारी जरूरतों के लिए किया जाएगा।

कंपनी ने क्या कहा

Paramount Syntex के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर पुनीत अरोड़ा ने कहा कि कंपनी ने पिछले कुछ सालों में ऐक्रेलिक, ऊन-मिश्रित और दूसरे खास तरह के धागों का पोर्टफोलियो तैयार किया है।

उन्होंने कहा कि कंपनी का फोकस प्रोडक्ट क्वालिटी, ग्राहकों के साथ मजबूत रिश्ते और टेक्सटाइल इंडस्ट्री की बदलती जरूरतों को पूरा करने पर है। कंपनी को आगे अपने बाजार और कारोबार को बढ़ाने की भी गुंजाइश दिख रही है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

DLF The Aureva: गुरुग्राम का लग्जरी रिटायरमेंट प्रोजेक्ट पूरी तरह बिका, शेयरों पर रहेगी नजर

DLF The Aureva: रियल्टी कंपनी DLF ने गुरुग्राम के सेक्टर 63 स्थित अपने लग्जरी रिटायरमेंट प्रोजेक्ट The Aureva की पूरी बिक्री कर ली है। कंपनी के मुताबिक, प्रोजेक्ट से करीब ₹1,985 करोड़ की सेल्स बुकिंग हुई है।

करीब 4.17 एकड़ में फैले इस प्रोजेक्ट में 172 लग्जरी घर हैं। इनका कुल कारपेट एरिया 4 लाख वर्गफुट से ज्यादा है। वहीं, कुल सेलएबल एरिया 7.5 लाख वर्गफुट से अधिक है।

लग्जरी के साथ वेलनेस पर फोकस

The Aureva को खास तौर पर रिटायरमेंट के बाद आरामदायक जिंदगी को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। यहां घर के साथ वेलनेस, हेल्थकेयर और सोशल लाइफ का भी ध्यान रखा गया है।

प्रोजेक्ट में लग्जरी क्लब हाउस है। इसके अलावा फिटनेस और वेलनेस सेंटर, इंडोर स्विमिंग पूल, स्पा, योगा पवेलियन, मेडिटेशन सेंटर और लाइब्रेरी जैसी सुविधाएं हैं। बैंक्वेट स्पेस, गार्डन और आउटडोर गैदरिंग एरिया भी बनाए गए हैं।

172 लग्जरी घर

The Aureva एक G+45 मंजिल की स्टैंडअलोन टावर है। इसमें 4 BHK घर हैं। हर घर के साथ तीन डेडिकेटेड पार्किंग स्पेस दिए गए हैं।

घरों में स्टाफ डॉर्मिटरी और बड़े प्राइवेट डेक भी हैं। डिजाइन में सुरक्षा और आसानी से आने-जाने का भी ध्यान रखा गया है।

ग्लोबल कंसल्टेंट्स ने किया डिजाइन

DLF के मुताबिक, प्रोजेक्ट को कई ग्लोबल कंसल्टेंट्स के साथ मिलकर तैयार किया गया है। इनमें HB Design, SHMA, BO Steiber Lighting Design, Hewshott और ESD Global शामिल हैं।

The Aureva सेक्टर 63 में The Arbour के पास है। यहां से Golf Course Extension Road, Southern Peripheral Road और NH-48 तक आसानी से पहुंचा जा सकता है।

DLF ने क्या कहा

DLF Home Developers के MD और चीफ बिजननेस ऑफिस आकाशा ओहरि ने कहा कि The Aureva के जरिए कंपनी भारत में लग्जरी रिटायरमेंट हाउसिंग को नया रूप देना चाहती है। प्रोजेक्ट में लग्जरी के साथ वेलनेस, हॉस्पिटैलिटी, हेल्थकेयर और कम्युनिटी सुविधाओं को जोड़ा गया है।

1 अक्टूबर को BSE पर DLF का शेयर ₹662.60 पर बंद हुआ। शेयर में पिछले बंद भाव के मुकाबले ₹9.40 की गिरावट रही।

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Market Next Week : मिड और स्मॉल कैप्स में लगातार चौथे हफ्ते दिखी गिरावट, जानिए अगले हफ्ते कैसी रह सकती है बाजार की चाल

Market Next Week: बाजार के एक बड़े हिस्से पर दबाव बना रहा और मिड कैप और स्मॉल कैप इंडेक्स लगातार चौथे हफ्ते भी गिरावट का शिकार रहे। इस हफ्ते निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 3.5% और निफ़्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 3.3% की गिरावट आई, जिससे इनका प्रदर्शन बेंचमार्क इंडेक्स के मुकाबले कमजोर रहा। बीते हफ्ते BSE सेंसेक्स 1,986.04 अंक या 2.68% गिरकर 71,909.70 पर बंद हुआ,जबकि निफ़्टी 50 में 3.10% या 718.55 अंकों की गिरावट आई और यह 22,421.95 पर बंद हुआ।

निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सबसे ज्यादा टूटा

सेक्टोरल इंडेक्सों पर नजर डालें तो निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में सबसे ज्यादा 6% की गिरावट आई। इसके बाद निफ्टी ऑटो में 5.8% की गिरावट दर्ज की गई। निफ्टी मेटल, FMCG और PSU बैंक इंडेक्स में 4% से ज़्यादा की गिरावट हुई, जबकि निफ्टी रियल्टी, हेल्थकेयर, इंफ्रा और ऑयल एंड गैस इंडेक्स में 3% से ज़्यादा की गिरावट आई। हालांकि, निफ्टी IT में 0.5% की बढ़त हुई।

निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 3.5% की गिरावट

निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में इस हफ्ते 3.5% की गिरावट आई। इसमें लगातार चौथे हफ्ते भी इसमें गिरावट का सिलसिला जारी रहा। सबसे ज्यादा गिरावट वाले शेयरों में PB फिनटेक, पतंजलि फूड्स, वोडाफोन आइडिया, कोरोमंडल इंटरनेशनल, स्विगी, LIC हाउसिंग फाइनेंस, जुबिलेंट फूडवर्क्स, SBI कार्ड्स एंड पेमेंट सर्विसेज़, यस बैंक, कल्याण ज्वैलर्स इंडिया, हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन और रैडिको खेतान शामिल रहे।

निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में भी लगातार चौथे हफ्ते गिरावट

निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में भी लगातार चौथे हफ्ते गिरावट जारी रही। यह इस हफ्ते 3.3% गिर गया। इस गिरावट की वजह IFCI, आदित्य बिड़ला रियल एस्टेट, फ़िज़िक्सवाला, गुजरात मिनरल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन, गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स, आइनॉक्स विंड, वॉकहार्ट और वेल्सपन कॉर्प के शेयरों में आई गिरावट रही।

विदेशी संस्थागत निवेशकों की बिकवाली बढ़ी

बीते हफ्ते विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने अपनी बिकवाली बढ़ा दी और लगातार छठे हफ़्ते निकासी की। उन्होंने कुल 34,966.07 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। वहीं,घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने बाज़ार को सपोर्ट करना जारी रखा और इस हफ़्ते 33,455.30 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

इस हफ्ते बाजार में आई गिरावट से BSE पर लिस्टेड कंपनियों की कुल मार्केट वैल्यू में लगभग 15 लाख करोड़ रुपये की कमी आई।

जानें आगे कैसी रह सकती है बाजार की चाल

कोटक सिक्योरिटीज के VP टेक्निकल रिसर्च,अमोल अठावले ने कहा कि छोटे ट्रेडिंग वीक में बेंचमार्क इंडेक्स में भारी गिरावट आई। निफ्टी 3.10 प्रतिशत गिरकर बंद हुआ, जबकि सेंसेक्स में लगभग 2000 अंकों की गिरावट आई। सेक्टरों की बात करें तो लगभग सभी प्रमुख सेक्टर इंडेक्स में ऊपरी स्तरों पर प्रॉफिट बुकिंग देखने को मिली। कंज्यूमर और ऑटो इंडेक्स में सबसे ज्यादा गिरावट आई। कंज्यूमर इंडेक्स 6.15 प्रतिशत और ऑटो इंडेक्स 5.85 प्रतिशत नीचे बंद हुआ।

इस हफ्ते मार्केट में ऊपरी लेवल पर लगातार बिकवाली का दबाव बना रहा। वीकली चार्ट पर एक लॉन्ग ‘बेयरिश कैंडल’ बनी। इंट्राडे चार्ट पर ‘लोअर हाई’ और ‘लोअर लो’ बनने का सिलसिला जारी रहा,जो काफी हद तक नेगेटिव ट्रेंड का संकेत है।

अमोल अठावले का मानना ​​है कि शॉर्ट-टर्म में मार्केट का मिजाज कमज़ोर रहेगा, लेकिन यह ‘ओवरसोल्ड’ स्थिति में है। इसलिए, मौजूदा लेवल से ‘पुलबैक रैली’ की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। नीचे की तरफ, 22,200/71,300 एक अहम सपोर्ट जोन है, जबकि 22,500/72,200 तत्काल रेजिस्टेंस लेवल है। अगर मार्केट 22,500/72,200 के ऊपर जाता है तो पुलबैक बढ़कर 22,700–22,800/73,000-73,200 तक जा सकता है। इसके विपरीत अगर यह 22,200/71,300 के नीचे जाता है तो बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है और मार्केट 22,000–21,950/71,000-70,700 तक गिर सकता है।

बैंक निफ्टी पर अपनी राय साझा करते हुए अमोल अठावले ने कहा कि इसके लिए 54,000 एक अहम सपोर्ट ज़ोन है। अगर यह इस लेवल के ऊपर बना रहता है तो इंडेक्स वापस 55,000–55,500 तक जा सकता है। हालांकि, 54,000 के नीचे जाने पर बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है और इसके 53,500–53,200 तक गिरने की संभावना बढ़ सकती है।

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज़ के हेड ऑफ़ रिसर्च,वेल्थ मैनेजमेंट सिद्धार्थ खेमका का कहना है कि आने वाले समय में भारतीय शेयर बाजार पर दबाव बने रहने की संभावना है,क्योंकि ग्लोबल बॉन्ड मार्केट में भारी गिरावट,कच्चे तेल की कीमतों में फिर से तेजी और पिछले छह महीनों में विदेशी निवेशकों की सबसे ज्यादा बिकवाली का असर बाजार के सेंटीमेंट पर पड़ रहा है। US 10-ईयर ट्रेजरी बॉन्ड का यील्ड 2007 के अपने उच्चतम स्तर को पार करके 5.3% पर पहुंच गया है,जो अप्रैल 2002 के बाद सबसे ज्यादा है,जबकि 30-साल के बॉन्ड का यील्ड 5.6% पर है।

निफ्टी की अर्निंग यील्ड अब अमेरिकी बॉन्ड पर मिलने वाले ब्याज से कम होने हो गई है। इसके कारण,ग्लोबल यील्ड के स्थिर होने, कच्चे तेल की कीमतों में कमी आने और विदेशी निकासी में कमी आने तक बाजार में तेजी की संभावना नहीं है।

रेलिगेयर ब्रोकिंग के SVP रिसर्च अजीत मिश्रा का कहना है कि टेक्निकल नजरिए से देखें तो निफ्टी अपने अहम लॉन्ग टर्म सपोर्ट लेवल यानी 22,600 और 22,400 के आसपास 200-हफ्ते के SMA और EMA से साफ तौर पर नीचे आ गया और 22,180 के लेवल (जो अप्रैल 2026 का निचला स्तर था) की ओर बढ़ गया है। इससे बाजार में मंदी का माहौल और मज़बूत हुआ है।

निफ्टी के लिए 22,000–22,200 का जोन अगले अहम सपोर्ट के तौर पर काम कर सकता है, जबकि 22,500–22,600 का लेवल सबसे नजदीकी रेजिस्टेंस बन सकता है। इसके बाद 22,800 पर अगला बड़ा रेजिस्टेंस होगा। इंडेक्स में करेक्शन का दौर जारी रहने और उतार-चढ़ाव बढ़ने के कारण,निकट भविष्य में सतर्क रहने की जरूरत है और चुनिंदा शेयरों में ही मौके तलाशने की सलाह है।

LKP सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे का कहना है कि बाजार का मूड अभी भी कमजोर बना हुआ है क्योंकि कोविड के समय आई गिरावट के बाद पहली बार इंडेक्स अपने 200-हफ्ते के मूविंग एवरेज के नीचे बंद हुआ है। निचले स्तर पर,22,200 पर सपोर्ट है। अगर इंडेक्स इसके नीचे जाता है तो 22,060 तक और गिरावट आ सकती है।

ऊपर की तरफ 22,600 पर रेजिस्टेंस है। जब तक इंडेक्स 22,600 के नीचे रहेगा,तब तक उछाल पर बिकवाली का ट्रेंड बना रहेगा।

 

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डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Top Trading Picks : SBI सिक्योरिटीज के सुदीप शाह से जानें, सीमेंस एनर्जी, वेल्सपन , हैवेल्स और मैनकाइंड फार्मा में क्या हो ट्रेडिंग रणनीति

Top Trading Picks : गुरुवार, 1 अक्टूबर को निफ्टी 22,500 के नीचे बंद हुआ। US 10 ईयर बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के कारण सेंटीमेंट कमजोर रहा,जिससे निफ्टी की शुरुआत निचले स्तर पर हुई। दिन के दौरान,कच्चे तेल की कीमतों में मजबूती ने नेगेटिव सेंटीमेंट को और गहरा कर दिया जिससे इंडेक्स और नीचे आ गया। वीकली बेसिस पर देखें तो बीते हफ़्ते BSE सेंसेक्स 1,986.04 अंक यानी 2.68% गिरकर 71,909.70 पर बंद हुआ। जबकि निफ्टी में 718.55 अंक यानी 3.10% की गिरावट आई और यह 22,421.95 पर बंद हुआ। ऐसे में यहां हम आपके लिए कुछ ट्रेडिंग आइडिया दे रहें है, जिन पर अगले हफ्ते नजर रहनी चाहिए।

सीमेंस एनर्जी (Siemens Energy) : SBI सिक्योरिटीज के टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च के वाइस प्रेसिडेंट सुदीप शाह का कहना है कि सीमेंस एनर्जी 21 सितंबर से ₹3,158–3,358 की रेंज में कंसोलिडेट हो रहा है। ADX स्थिर बना हुआ है,जो बताता है कि इसमें किसी खास दिशा में मज़बूत मोमेंटम की कमी है। इस साइडवेज मूवमेंट के कारण मूविंग एवरेज भी सपाट हो गए हैं, जो एक रेंज-बाउंड ट्रेंड का संकेत देते हैं।

इस रेंज के किसी भी तरफ निर्णायक ब्रेकआउट से आगे की दिशा के संकेत मिलेंगे। अगर स्टॉक लगातार इस रेंज के ऊपरी स्तर के ऊपर ब्रेकआउट देता है तो इसमें नई तेजी आ सकती है।

वेल्सपन लिविंग (Welspun Living) : सुदीप शाह का कहना है कि वेल्सपन लिविंग (Welspun Living) के डेली चार्ट पर ‘हायर-हाई’ स्ट्रक्चर बन रहा है। हालांकि,स्टॉक के नया हाई बनाने के बावजूद ADX में गिरावट शुरू हो गई है,जो यह संकेत देता है कि ट्रेंड की मजबूती कम हो रही है।

साथ ही, RSI भी उसी तरह का नया हाई बनाने में नाकाम रहा है,जिससे ‘बेयरिश डाइवर्जेंस’की स्थिति बनी है। अगर स्टॉक 210–215 रुपये के 20-डे EMA जोन के नीचे टूटता है,तो यह ट्रेंड बदलने का संकेत हो सकता है। तब तक,आम तौर पर तेजी का रुख बना रहने की संभावना है।

एम्फैसिस (Mphasis) : सुदीप शाह ने कहा कि Mphasis ने अपने पिछले स्विंग-लो ज़ोन (₹2,130–2,110) से वापसी की है। हालांकि, मेन ट्रेंड में कोई खास बदलाव नहीं आया है और स्टॉक अभी भी अहम मूविंग एवरेज से नीचे ट्रेड कर रहा है। रिकवरी को और मज़बूत बनाने के लिए, स्टॉक को ₹2,280–2,290 जोन में मौजूद अपने 20-डे EMA से ऊपर मजबूती से निकलना होगा। अभी के लिए,चार्ट्स में ऊपर की ओर बढ़ने की संभावना का कोई साफ संकेत नहीं दिख रहा है,क्योंकि बीते हफ्ते दिखी रिकवरी को अभी एक टिकाऊ ट्रेंड रिवर्सल नहीं माना जा सकता है।

हैवेल्स (Havells) : सुदीप शाह का कहना है कि हैवेल्स इंडिया ने डेली चार्ट पर ₹1,040–1,010 के अहम सपोर्ट जोन के पास ‘बुलिश हरामी’ पैटर्न बनाया है। इस स्टॉक ने मार्च 2022 और दिसंबर 2022 समेत कई बार इस जोन से वापसी की है। हालांकि, सिर्फ़ ‘बुलिश हरामी’ पैटर्न से ही ट्रेंड बदलने की पुष्टि नहीं होती। इसके लिए आने वाले सेशन में मजबूत फ़ॉलो-थ्रू की जरूरत होती है।

जब तक स्टॉक इस सपोर्ट जोन के ऊपर बना रहता है,तब तक शॉर्ट टर्म में इसमें रिकवरी (पुलबैक) जारी रह सकती है। अगर स्टॉक इस जोन के नीचे टूटता है,तो यह पैटर्न अमान्य हो जाएगा और इसमें और गिरावट आ सकती है।

मैनकाइंड फार्मा (Mankind Pharma) : मैनकाइंड फार्मा का शेयर पिछले आठ सेशन से ₹2,430–2,559 की रेंज में कंसोलिडेट हो रहा है। इस कंसोलिडेशन के बावजूद, शेयर अपने अहम मूविंग एवरेज से ऊपर ट्रेड कर रहा है।

बढ़ता ADX बताता है कि ट्रेंड की मजबूती बुलिश रुख के पक्ष में है। अगर शेयर इस रेंज के ऊपरी स्तर से ऊपर निर्णायक रूप से ब्रेकआउट करता है तो नियर टर्म में इसमें और तेजी आ सकती है।

 

Market Trend: अगले हफ्ते निफ्टी में देखने को मिल सकती है पुलबैक रैली, बैंक निफ्टी जारी रखेगा निफ्टी से बेहतर प्रदर्शन

 

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D-Mart Q2 Business Update: स्टैंडअलोन रेवेन्यू 18% बढ़ा, स्टोर हुए 518; सोमवार को फोकस में रहेगा शेयर

दिग्गज निवेशक राधाकिशन दमानी की कंपनी एवेन्यू सुपरमार्ट्स ने जुलाई-सितंबर 2026 तिमाही में बिजनेस कैसा रहा, इसका अपडेट जारी किया है। कंपनी D-Mart सुपरमार्केट चेन की ओनर है। इसने शेयर बाजारों को बताया है कि सितंबर 2026 तिमाही में स्टैंडअलोन बेसिस पर ऑपरेशंस से रेवेन्यू सालाना आधार पर 18.4 प्रतिशत बढ़कर 19,206.18 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले यह 16,218.79 करोड़ रुपये था।

एक्सचेंज फाइलिंग के मुताबिक, तिमाही आधार पर कंपनी का रेवेन्यू सितंबर 2026 तिमाही में 4.7 प्रतिशत बढ़ा। जून तिमाही में यह 18,343.49 करोड़ रुपये था। इस अपडेट के जारी होने के बाद सोमवार, 5 अक्टूबर को शेयर की चाल पर नजर रहेगी। एवेन्यू सुपरमार्ट्स के शेयर की कीमत वर्तमान में बीएसई पर 3809.70 रुपये है।

D-Mart स्टोर्स की कुल संख्या हुई 518

एवेन्यू सुपरमार्ट्स के मुताबिक, 30 सितंबर 2026 तक इसके D-Mart स्टोर्स की कुल संख्या 518 थी। इस आंकड़े में महाराष्ट्र के नवी मुंबई स्थित सानपाड़ा का स्टोर भी शामिल है। यह स्टोर रीकंस्ट्रक्शन के कारण फिलहाल ग्राहकों के लिए बंद है। D-Mart के स्टोर महाराष्ट्र, गुजरात, आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश, कर्नाटक, तेलंगाना, छत्तीसगढ़, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR), तमिलनाडु, पंजाब और राजस्थान में हैं। इन स्टोर्स में रोजमर्रा के घरेलू सामान और व्यक्तिगत इस्तेमाल के प्रोडक्ट्स समेत कई तरह के सामान मिलते हैं।

Stock Split: 10 टुकड़ों में टूटेगा पेंट कंपनी का शेयर, 22 अक्टूबर रिकॉर्ड डेट

Avenue Supermarts का शेयर 3 महीनों में 12 प्रतिशत कमजोर

एवेन्यू सुपरमार्ट्स का मार्केट कैप 2.48 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है। यह BSE 100 इंडेक्स का हिस्सा है। शेयर 3 महीनों में 12 प्रतिशत गिरा है। 2 साल में 23 प्रतिशत नीचे आया है। शेयर का BSE पर 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 4,642 रुपये और एडजस्टेड लो 3,528.65 रुपये है। कंपनी में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 74.48 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।

अप्रैल-जून 2026 तिमाही में कंपनी का शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 11.33 प्रतिशत बढ़कर 860.61 करोड़ रुपये रहा था। ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू लगभग 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 18,794.53 करोड़ रुपये दर्ज किया गया था। EBITDA 1499 करोड़ रुपये और EBITDA मार्जिन 8 प्रतिशत रहा था। जून 2026 तिमाही के दौरान डी-मार्ट ने 3 नए स्टोर जोड़े, जिसके बाद स्टोर्स की कुल संख्या 503 हो गई थी।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

SRIT India IPO: 40% गेन के साथ हो सकती है लिस्टिंग! ग्रे मार्केट से बेहद अच्छे संकेत; सब्सक्रिप्शन भी रहा शानदार

मेनबोर्ड सेगमेंट में SRIT इंडिया के शेयरों की लिस्टिंग NSE और BSE पर 6 अक्टूबर को होने वाली है। शेयर शानदार गेन के साथ शुरुआत कर सकते हैं। ऐसी उम्मीद ग्रे मार्केट के संकेतों से मिली है। ग्रे मार्केट में कंपनी का शेयर 40.77 प्रतिशत प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है। हालांकि किसी कंपनी की लिस्टिंग के दिन ग्रे मार्केट के संकेत सच ही हो जाएं, ऐसा जरूरी नहीं है। ग्रे मार्केट एक अनऑथराइज्ड मार्केट है, जहां​ किसी कंपनी के शेयर उसकी लिस्टिंग तक ट्रेड करते हैं।

SRIT इंडिया IPO ₹218.40 करोड़ का था। यह 125.16 गुना भरकर बंद हो चुका है। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 91.84 गुना, नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 312.99 गुना और रिटेल इनवेस्टर्स के​ लिए रिजर्व हिस्सा 63.70 गुना सब्सक्राइब हुआ।

SRIT India बेंगलुरु की एक इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी और इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी इनेबल्ड सर्विसेज (IT/ITeS) सॉल्यूशंस कंपनी है। यह डिजिटल सॉल्यूशन, कस्टम एप्लीकेशन डेवलपमेंट और सिस्टम इंटीग्रेशन सर्विसेज उपलब्ध कराती है। कंपनी भारत और कुछ विदेशी बाजारों में सरकारी संस्थाओं और एंटरप्राइजेज के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म डिजाइन, इंप्लीमेंट और ऑपरेट करती है। इसकी सर्विसेज में हेल्थकेयर इनफॉर्मेशन सिस्टम्स, डिजिटल हेल्थ प्लेटफॉर्म, ई-गवर्नेंस सॉल्यूशंस, साइबर सिक्योरिटी, एंटरप्राइज सॉफ्टवेयर, नेटवर्किंग, कनेक्टिविटी, फाइबर ऑप्टिक इंफ्रास्ट्रक्चर, सिस्टम इंटीग्रेशन, ऑटोमेशन और मैनेज्ड सर्विसेज शामिल हैं।

IPOs This Week: 5 अक्टूबर से शुरू हफ्ते में केवल एक नया इश्यू, पर लिस्टिंग्स की भरमार; 29 कंपनियों के शेयर करेंगे शुरुआत

IPO के पैसे कैसे होंगे इस्तेमाल

कंपनी पब्लिक इश्यू से हुई कमाई का इस्तेमाल मौजूदा प्रोडक्ट्स को आधुनिक बनाने और रीडेवलपमेंट के लिए, वर्किंग कैपिटल जरूरतों को पूरा करने के लिए, पहले से न पता अधिग्रहणों और अन्य रणनीतिक पहलों के जरिए इनऑर्गेनिक ग्रेाथ के लिए, और आम कॉरपोरेट कामों के लिए करेगी। IPO में 1.68 करोड़ नए शेयर जारी हुए। प्राइस बैंड ₹123-₹130 प्रति शेयर था। SRIT India का वित्त वर्ष 2025-26 में रेवेन्यू 15 प्रतिशत बढ़कर ₹462.54 करोड़ रहा। शुद्ध मुनाफा 29 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ ₹43.29 करोड़ रहा। इस बीच कंपनी पर ₹36.15 करोड़ की उधारी थी। वित्त वर्ष 2025 के दौरान रेवेन्यू ₹400.50 करोड़ और शुद्ध मुनाफा ₹33.60 करोड़ दर्ज किया गया।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

IPOs This Week: 5 अक्टूबर से शुरू हफ्ते में केवल एक नया इश्यू, पर लिस्टिंग्स की भरमार; 29 कंपनियों के शेयर करेंगे शुरुआत

5 अक्टूबर से शुरू हो रहा हफ्ता IPO के लिहाज से काफी ठंडा रहेगा। नए हफ्ते में केवल एक नया पब्लिक इश्यू खुलने जा रहा है। वह भी SME। हालांकि नए सप्ताह में पहले से खुले 12 IPO में भी पैसे लगाने का मौका रहेगा। इनमें से 2 मेनबोर्ड सेगमेंट के हैं। जहां तक स्टॉक मार्केट में नई लिस्ट होने वाली कंपनियों की बात है तो नए शुरू हो रहे हफ्ते में बाढ़ आने वाली है। बाजार में 29 कंपनियों के शेयर अपनी शुरुआत कर सकते हैं। इनमें से 8 कंपनियां मेनबोर्ड सेगमेंट की हैं। आइए जानते हैं डिटेल…

नया खुल रहा IPO

R.K.Fashion Accessories IPO: ₹34.99 करोड़ का इश्यू 5 अक्टूबर को खुलेगा और 7 अक्टूबर को बंद होगा। बोली लगाने के लिए प्राइस बैंड ₹77-₹82 प्रति शेयर है। लॉट साइज 1,600 शेयर है। इश्यू बंद होने के बाद कंपनी के शेयर NSE SME पर 12 अक्टूबर को लिस्ट हो सकते हैं।

पहले से खुले IPO

Shree TNB Polymers IPO: कंपनी ₹31.80 करोड़ जुटाने की तैयारी में है। इश्यू 28 सितंबर को खुला था और 5 अक्टूबर को बंद होगा। प्राइस बैंड ₹50-₹53 प्रति शेयर और लॉट साइज 2,000 शेयर है। कंपनी की लिस्टिंग BSE SME पर 8 अक्टूबर को होने की उम्मीद है।

EverestIMS Technologies IPO: ₹48.46 करोड़ का इश्यू 29 सितंबर को खुला था और 5 अक्टूबर को बंद होगा। प्राइस बैंड ₹80-₹85 प्रति शेयर और लॉट साइज 1,600 शेयर है। कंपनी BSE SME पर 8 अक्टूबर को लिस्ट होगी।

Vishal Nirmiti IPO: ₹178 करोड़ का यह पब्लिक इश्यू 30 सितंबर को खुला था और 5 अक्टूबर को बंद होगा। प्राइस बैंड ₹208-₹220 प्रति शेयर और लॉट साइज 68 शेयर है। कंपनी के NSE और BSE पर 8 अक्टूबर को लिस्ट होने की उम्मीद है।

Nityas Gems & Jewellery IPO: ₹108.35 करोड़ का इश्यू 30 सितंबर को खुला और 5 अक्टूबर को बंद होगा। बोली ₹70-₹75 प्रति शेयर के भाव पर और 200 शेयरों के लॉट में लगा सकते हैं। कंपनी NSE और BSE पर 8 अक्टूबर को लिस्ट हो सकती है।

Eventions IPO: यह ₹38.12 करोड़ का है। इसकी भी ओपनिंग 30 सितंबर को हुई और क्लोजिंग 5 अक्टूबर को होगी। प्राइस बैंड ₹112-₹118 प्रति शेयर और लॉट साइज 1,200 शेयर है। कंपनी के शेयर NSE SME पर 8 अक्टूबर को शुरुआत करने वाले हैं।

Dove Soft IPO: यह 30 सितंबर को खुला था और 5 अक्टूबर को बंद होगा। बोली ₹104-₹111 प्रति शेयर के भाव पर और 1,200 शेयरों के लॉट में लगा सकते हैं। कंपनी का इरादा ₹73.26 करोड़ जुटाने का है। शेयरों की लिस्टिंग BSE SME पर 8 अक्टूबर को हो सकती है।

SJP Ultrasonics IPO: यह ₹23.45 करोड़ का है। इसकी भी ओपनिंग 30 सितंबर को हुई थी और क्लोजिंग 5 अक्टूबर को होगी। फाइनल इश्यू प्राइस ₹67 प्रति शेयर और लॉट साइज 2000 शेयर है। कंपनी BSE SME पर 8 अक्टूबर को लिस्ट होने वाली है।

Jio IPO: इसी महीने आ सकता है जियो का आईपीओ, विदेशी निवेशकों से मिला मजबूत रिस्पॉन्स

Sollfege Smart Electronics IPO: यह 30 सितंबर को खुला था और 5 अक्टूबर को बंद होगा। कंपनी ₹21.78 करोड़ जुटाने की तैयारी में है। फाइनल इश्यू प्राइस ₹55 प्रति शेयर और लॉट साइज 2000 शेयर है। कंपनी के BSE SME पर 8 अक्टूबर को लिस्ट होने की उम्मीद है।

Omara Ventures India IPO: ₹41.99 करोड़ का पब्लिक इश्यू 30 सितंबर को खुला। निवेश ₹296-₹311 प्रति शेयर के प्राइस बैंड में और 400 शेयरों के लॉट में कर सकते हैं। 5 अक्टूबर को इश्यू बंद होने के बाद कंपनी BSE SME पर 8 अक्टूबर को लिस्ट हो सकती है।

Paramount Syntex IPO: ₹81.79 करोड़ का इश्यू 30 सितंबर को खुला था और 6 अक्टूबर को बंद होगा। प्राइस बैंड ₹119-₹127 प्रति शेयर है। लॉट साइज 1,000 शेयर है। कंपनी की लिस्टिंग BSE SME पर 9 अक्टूबर को हो सकती है।

Acme India Industries IPO: यह भी 30 सितंबर को खुला। कंपनी ₹121.69 करोड़ जुटाना चाहती है। बोली 6 अक्टूबर तक ₹186-₹196 प्रति शेयर के भाव पर और 600 शेयरों के लॉट में लगा सकते हैं। कंपनी के शेयर BSE SME पर 9 अक्टूबर को शुरुआत कर सकते हैं।

TNA Solutions IPO: यह ₹37.86 करोड़ का है। ओपनिंग 30 सितंबर को हुई और क्लोजिंग 6 अक्टूबर को होने वाली है। प्राइस बैंड ₹66-₹70 प्रति शेयर और लॉट साइज 2,000 शेयर है। कंपनी के शेयर BSE SME पर 9 अक्टूबर को लिस्ट हो सकते हैं।

इन कंपनियों की होगी लिस्टिंग

नए सप्ताह में 5 अक्टूबर को NSE और BSE पर स्नैपडील की पेरेंट कंपनी Acevector, Runwal Enterprises, Orient Cables और German Green Steel & Power की लिस्टिंग होने की उम्मीद है। इसी दिन NSE SME पर Bench Mark Infotech Services, Himalayan Solar के शेयर लिस्ट होंगे। वहीं BSE SME पर Dudani Retail, Sai Urja Indo की लिस्टिंग हो सकती है। 6 अक्टूबर को NSE और BSE पर SRIT India, Shah Investor’s Home के शेयर अपनी शुरुआत कर सकते हैं। इसी दिन BSE SME पर Acme Universal Safezone 9, Shivchem Agro, Pind Hospitality के शेयर लिस्ट हो सकते हैं।

इसके बाद 7 अक्टूबर को NSE SME पर Green Asia Impex, Papadmalji Agro Foods की लिस्टिंग होने वाली है। इसी दिन BSE SME पर Vans Electroengineerings, Black Opal Consultants की लिस्टिंग होने की उम्मीद है। 8 अक्टूबर को NSE और BSE पर Vishal Nirmiti, Nityas Gems & Jewellery के शेयर शुरुआत कर सकते हैं।

इसी दिन BSE SME पर Shree TNB Polymers, EverestIMS Technologies, Dove Soft, SJP Ultrasonics, Sollfege Smart Electronics, Omara Ventures India लिस्ट हो सकती हैं। साथ ही NSE SME पर Eventions के शेयर लिस्ट हो सकते हैं। 9 अक्टूबर को BSE SME पर Paramount Syntex, Acme India Industries और TNA Solutions ​की लिस्टिंग होगी।

अप्रैल-सितंबर में मेनबोर्ड सेगमेंट में आए 78 IPO, जुटाए गए रिकॉर्ड ₹94205 करोड़

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Dove Soft IPO: दूसरे दिन इश्यू 0.87 गुना सब्सक्राइब, कारोबारी सेहत के साथ जानिए क्या करती है कंपनी

Dove Soft Limited के ₹73.26 करोड़ के SME IPO को दूसरे दिन के अंत तक 0.87 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। 5 अक्टूबर 2026 को इश्यू बंद होगा। अब तक नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर यानी NII कैटेगरी 1.19 गुना सब्सक्राइब हुई है।

QIB और मार्केट मेकर हिस्से को भी 1.00 गुना सब्सक्रिप्शन मिल चुका है। 1 अक्टूबर तक IPO में करीब ₹63.86 करोड़ की बोलियां आ चुकी थीं।

SMS से CPaaS की तरफ बढ़ रही कंपनी

Dove Soft का मुख्य कारोबार कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी से जुड़ा है। कंपनी पहले मुख्य रूप से SMS आधारित बिजनेस पर फोकस करती थी। अब वह AI आधारित और ओमनीचैनल CPaaS यानी Communication Platform as a Service मॉडल की तरफ बढ़ रही है।

इसके प्लेटफॉर्म पर RCS, WhatsApp, वॉइस, ईमेल और दूसरे डिजिटल कम्युनिकेशन चैनल शामिल हैं। कंपनी का लक्ष्य कारोबारों को एक ही प्लेटफॉर्म से अलग-अलग चैनलों पर ग्राहकों से जुड़ने की सुविधा देना है।

Dove Soft की कारोबारी सेहत

FY2025 से FY2026 के बीच कंपनी का रेवेन्यू 46% बढ़ा। इसी दौरान टैक्स के बाद मुनाफा यानी PAT 42% बढ़ा। कंपनी की शुरुआत 2011 में हुई थी।

आज इसकी मौजूदगी मुंबई, अहमदाबाद, गुरुग्राम और दुबई में है। कंपनी बड़े कॉर्पोरेट्स और OTT प्लेटफॉर्म्स को कम्युनिकेशन सॉल्यूशंस देती है।

IPO में क्या ऑफर है?

Dove Soft के IPO में कुल 53.28 लाख नए शेयर जारी किए जा रहे हैं। इसके अलावा 12.72 लाख शेयरों का OFS यानी Offer for Sale है।

IPO का प्राइस बैंड ₹104 से ₹111 प्रति शेयर है। कंपनी के शेयरों को BSE SME प्लेटफॉर्म पर लिस्ट करने का प्रस्ताव है। IPO से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल कंपनी अपनी आगे की कारोबारी जरूरतों के लिए करेगी।

बिजनेस कम्युनिकेशन बदल रहा है

Dove Soft के मुताबिक, अब कंपनियों का ग्राहक से संपर्क सिर्फ SMS तक सीमित नहीं है। WhatsApp, RCS, वॉइस और ईमेल जैसे चैनल भी कस्टमर कम्युनिकेशन का हिस्सा बन चुके हैं।

एक ही ग्राहक के साथ अलग-अलग चरणों में अलग चैनल इस्तेमाल किए जा सकते हैं। मसलन, ऑर्डर अपडेट के लिए SMS या WhatsApp और प्रमोशनल कम्युनिकेशन के लिए दूसरे डिजिटल चैनल का इस्तेमाल हो सकता है। Dove Soft इसी बदलाव को अपने कारोबार के लिए ग्रोथ का अगला मौका मान रही है।

AI और ऑटोमेशन पर भी फोकस

कंपनी ने अपने प्लेटफॉर्म में AI आधारित ऑटोमेशन को भी शामिल किया है। इसमें इंटेलिजेंट चैनल सिलेक्शन और रियल-टाइम एनालिटिक्स जैसी सुविधाएं हैं।

इसके अलावा वर्कफ्लो बेस्ड कम्युनिकेशन भी प्लेटफॉर्म का हिस्सा है। इसका मकसद कंपनियों के कम्युनिकेशन को ज्यादा ऑटोमेटेड और डेटा आधारित बनाना है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Acevector IPO: स्नैपडील की पेरेंट का इश्यू 5 गुना भरकर बंद, 5 अक्टूबर को लिस्टिंग; क्या कह रहा है ग्रे मार्केट

ई-कॉमर्स मार्केटप्लेस स्नैपडील की पेरेंट कंपनी ऐसवेक्टर का ₹420 करोड़ का IPO 29 सितंबर को बंद हो चुका है। यह 5.07 गुना भरा। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 3.42 गुना, नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 8.53 गुना और रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 4.83 गुना सब्सक्राइब हुआ। अब कंपनी के शेयर NSE और BSE पर 5 अक्टूबर को लिस्ट हो सकते हैं। ग्रे मार्केट में कंपनी का शेयर महज 2.19 प्रतिशत प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है। ऐसे में लिस्टिंग बहुत अच्छी रहने की उम्मीद नहीं है। हालांकि ग्रे मार्केट के संकेत लिस्टिंग के दिन सच ही हो जाएं, ऐसा जरूरी नहीं है।

Acevector IPO के लिए प्राइस बैंड ₹30-₹32 प्रति शेयर था। IPO में ₹287 करोड़ के 8.97 करोड़ नए शेयर जारी हुए। साथ ही ₹133 करोड़ के 4.16 करोड़ शेयरों का ऑफर फॉर सेल (OFS) रहा। IPO के लिए रजिस्ट्रार MUFG Intime India थी। IPO से पहले ऐसवेक्टर ने एंकर इनवेस्टर्स से ₹189 करोड़ जुटाए। IPO में नए शेयरों को जारी कर हासिल होने वाले पैसों का इस्तेमाल मार्केटप्लेस बिजनेस की मार्केटिंग और बिजनेस प्रमोशन के लिए, मार्केटप्लेस बिजनेस के टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए, अधिग्रहणों के जरिए इनऑर्गेनिक ग्रोथ के लिए और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा।

ऐसवेक्टर को कुणाल बहल और रोहित बंसल ने शुरू किया था। ऐसवेक्टर, स्नैपडील के साथ-साथ सॉफ्टवेयर-एज-ए-सर्विस (SaaS) प्लेटफॉर्म ‘यूनिकॉमर्स’ और कंज्यूमर ब्रांड बिल्डिंग फर्म Stellaro Brands को भी ऑपरेट करती है। यूनिकॉमर्स अगस्त 2024 में शेयर बाजार में लिस्ट हो चुकी है। इसका IPO ₹276.57 करोड़ का था।

Acevector IPO का अलॉटमेंट कैसे करें चेक

BSE पर

  • https://www.bseindia.com/investors/appli_check.aspx पर जाएं।
  • इश्यू का टाइप ‘इक्विटी’ चुनें।
  • ड्रॉपडाउन मेन्यू से Acevector IPO चुनें।
  • एप्लीकेशन नंबर या PAN डिटेल एंटर करें।
  • ‘कैप्चा’ डालें।
  • ‘Submit’ बटन पर क्लिक करें।

MUFG Intime की वेबसाइट से

  • https://in.mpms.mufg.com/Initial_Offer/public-issues.html पर जाएं।
  • कंपनी नेम में Acevector सिलेक्ट करें।
  • PAN या एप्लीकेशन नंबर या DP/क्लाइंट ID या अकाउंट नंबर/IFSC में से एक को सिलेक्ट कर डिटेल डालें।
  • Submit पर क्लिक करें।

अप्रैल-सितंबर में मेनबोर्ड सेगमेंट में आए 78 IPO, जुटाए गए रिकॉर्ड ₹94205 करोड़

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Bonus Share: मोल्ड-टेक ग्रुप की दो कंपनियां देंगी बोनस शेयर, 9 अक्टूबर रिकॉर्ड डेट; 6 महीनों में 80% तक रिटर्न

मोल्ड-टेक ग्रुप की दो कंपनियां बोनस शेयर देने जा रही हैं। ये कंपनियां हैं- मोल्ड-टेक पैकेजिंग और मोल्ड-टेक टेक्नोलॉजीस। दोनों कंपनियों ने इस कॉरपोरेट एक्शन की घोषणा अगस्त महीने में की थी। दोनों के बोनस इश्यू के लिए रिकॉर्ड डेट 9 अक्टूबर है। इस तारीख तक जिन लोगों के नाम शेयरों के लाभार्थी मालिकों के तौर पर रजिस्टर ऑफ मेंबर्स ऑफ द कंपनी या डिपॉजिटरीज के रिकॉर्ड्स में दर्ज होंगे, वे बोनस शेयर पाने के हकदार होंगे।

मोल्ड-टेक पैकेजिंग और मोल्ड-टेक टेक्नोलॉजीस के शेयरहोल्डर्स को उनके पास मौजूद हर एक शेयर पर 1 नया शेयर बोनस के तौर पर मिलने वाला है। मोल्ड-टेक पैकेजिंग के शेयर की फेस वैल्यू 5 रुपये है, जबकि मोल्ड-टेक टेक्नोलॉजीस के शेयर की फेस वैल्यू 2 रुपये है। दोनों कंपनियों की ओर से बोनस शेयरों का अलॉटमेंट 12 अक्टूबर 2026 को किया जाएगा।

Mold-Tek Technologies का शेयर 6 महीनों में 80 प्रतिशत मजबूत

Mold-Tek Technologies के शेयर की वर्तमान में BSE पर कीमत 203.70 रुपये है। कंपनी का मार्केट कैप 586 करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर 3 महीनों में 50 प्रतिशत और 6 महीनों में 80 प्रतिशत से ज्यादा मजबूत हुआ है। BSE पर 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 227.20 रुपये और एडजस्टेड लो 101.30 रुपये है। कंपनी में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 50.47 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।

Mold-Tek Tech का अप्रैल-जून 2026 तिमाही में रेवेन्यू 45.52 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 10 करोड़ रुपये रहा। पूरे वित्त वर्ष 2026 के दौरान कंपनी का रेवेन्यू 142.81 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 10.58 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।

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Mold-Tek Packaging 6 महीनों में 30 प्रतिशत बढ़ा

दूसरी ओर Mold-Tek Packaging के शेयर की कीमत वर्तमान में BSE पर 659.10 रुपये है। यह शेयर BSE 1000 इंडेक्स का हिस्सा है। कंपनी का मार्केट कैप 2200 करोड़ रुपये के करीब है। शेयर का BSE पर 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 830.35 रुपये और एडजस्टेड लो 453.80 रुपये है। शेयर 6 महीनों में 30 प्रतिशत से ज्यादा चढ़ा है। कंपनी में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 33.21 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।

Mold-Tek Packaging का अप्रैल-जून 2026 तिमाही में रेवेन्यू 300.45 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 25.57 करोड़ रुपये रहा। पूरे वित्त वर्ष 2026 के दौरान कंपनी का रेवेन्यू 886.61 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 72.87 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।