Stocks to Watch: आज 24 जुलाई को Tata Steel, Vedanta, Swiggy, Bajaj Finance, Astra Microwave समेत इन शेयरों पर नजर, बड़ी हलचल की उम्मीद

शुक्रवार, 31 जुलाई को कई शेयरों में तेज उतारचढ़ाव देखने को मिल सकता है। इनमें टाटा स्टील, वेदांता, स्विगी, बजाज फाइनेंस, मारुति सुजुकी इंडिया, बजाज फिनसर्व, एस्ट्रा माइक्रोवेव प्रोडक्ट्स, अबर्न कंपनी, नवीन फ्लोरीन, आरती इंडस्ट्रीज, मझगांव डॉक, रेलटेल, महिंद्रा एंड महिंद्रा जैसे नाम प्रमुख हैं। कुछ कंपनियों ने एक दिन पहले तिमाही नतीजे जारी किए थे। वहीं कुछ कंपनियां आज नतीजे जारी करने वाली हैं। कुछ कंपनियां ऐसी भी हैं, जिन्होंने एक दिन पहले नई डील, कॉन्ट्रैक्ट या अन्य तरह के ​डेवलपमेंट्स की जानकारी दी थी। इन पर बाजार शुक्रवार को प्रतिक्रिया देगा।

इसके अलावा 65 से ज्यादा कंपनियों के शेयर 31 जुलाई को एक्स-डिविडेंड ट्रेड करने वाले हैं। साथ ही 2 लिस्टिंग भी होने वाली हैं। आइए डिटेल में जानते हैं किन प्रमुख शेयरों पर रहेगी नजर…

आज इन कंपनियों के आएंगे नतीजे

मारुति सुजुकी इंडिया, बजाज फिनसर्व, अर्बन कंपनी, इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, GAIL (इंडिया), ITC, सन फार्मास्युटिकल इंडस्ट्रीज, ABB इंडिया, आधार हाउसिंग फाइनेंस, श्री सीमेंट, आदित्य बिड़ला कैपिटल, डिक्सन टेक्नोलोजिज (इंडिया), नारायण हृदयालय, ग्लेनमार्क फार्मास्युटिकल्स, क्लीन मैक्स एनवायरो एनर्जी सॉल्यूशंस, नेशनल एल्युमीनियम कंपनी, बजाज होल्डिंग्स एंड इनवेस्टमेंट और शैडोफैक्स टेक्नोलॉजिज

1 अगस्त को ये कंपनियां जारी करेंगी तिमाही रिजल्ट

डिविस लैबोरेटरीज, एपीएल अपोलो ट्यूब्स, मुथूट फाइनेंस, गुजरात अंबुजा एक्सपोर्ट्स, लेटेंट व्यू एनालिटिक्स, आदित्य बिड़ला लाइफस्टाइल ब्रांड्स, क्लीन साइंस एंड टेक्नोलॉजी, ईपैक प्रीफैब टेक्नोलोजिज और उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक

आज इन प्रमुख शेयरों पर रहेगी खास नजर

Tata Steel: अप्रैल-जून 2026 तिमाही (Q1) में शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 11.6% बढ़कर 2,318.5 करोड़ रुपये हो गया। रेवेन्यू 14.3% बढ़कर 60,794.3 करोड़ रुपये हो गया।

Vedanta: जून 2026 तिमाही में कंसोलिडेटेड बेसिस पर शुद्ध मुनाफा (कंपनी के मालिकों के लिए) 5473 करोड़ रुपये रहा। यह एक साल पहले के मुनाफे से 72 प्रतिशत ज्यादा है। ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू सालाना आधार पर 53.6 प्रतिशत बढ़कर 24205 करोड़ रुपये हो गया।

महिंद्रा एंड महिंद्रा: Q1 में शुद्ध लाभ एक साल पहले से 34 प्रतिशत बढ़कर 5,455 करोड़ रुपये हो गया। रेवेन्यू 28 प्रतिशत बढ़कर 58,188 करोड़ रुपये हो गया।

Swiggy: Q1 में शुद्ध कंसोलिडेटेड घाटा सालाना आधार पर घटकर 791 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले घाटा 1,197 करोड़ रुपये का था। रेवेन्यू 37.3% बढ़कर 6,812 करोड़ रुपये हो गया।

Bajaj Finance: Q1 में शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 27 प्रतिशत से ज्यादा बढ़कर 5985.75 करोड़ रुपये हो गया। ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू करीब 20 प्रतिशत बढ़कर 23165.45 करोड़ रुपये हो गया। शुद्ध ब्याज आय में सालाना आधार पर 24 प्रतिशत का इजाफा देखा गया और यह 11,495 करोड़ रुपये हो गई।

Torrent Pharmaceuticals: Q1 में शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 3.3% बढ़कर 566 करोड़ रुपये हो गया। रेवेन्यू 54.8% बढ़कर 4,921 करोड़ रुपये रहा।

RailTel Corporation of India: Q1 में मुनाफा सालाना आधार पर 0.5% घटकर 65.8 करोड़ रुपये रह गया। रेवेन्यू 20.1% बढ़कर 893.3 करोड़ रुपये हो गया।

Mazagon Dock Shipbuilders: Q1 में शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 21.5% बढ़कर 549.4 करोड़ रुपये रहा। रेवेन्यू 12.1% की बढ़ोतरी के साथ 2,942.7 करोड़ रुपये हो गया।

LIC Housing Finance: Q1 में शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 9.9% बढ़कर 1,499 करोड़ रुपये हो गया। शुद्ध ब्याज आय 0.6% की बढ़ोतरी के साथ 2,087.2 करोड़ रुपये रही।

Data Patterns India: Q1 में मुनाफा सालाना आधार पर 13.5% घटकर 22.1 करोड़ रुपये रह गया। रेवेन्यू 16.8% बढ़कर 116 करोड़ रुपये हो गया।

AWL Agri Business: Q1 में शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 48.2% बढ़कर 350.3 करोड़ रुपये हो गया। रेवेन्यू 17.5% बढ़कर 20,048.1 करोड़ रुपये रहा। कंपनी ने पंकज गोयल को 31 जुलाई से चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर नियुक्त किया है।

Thermax: Q1 में शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 83.4% घटकर 25.2 करोड़ रुपये पर आ गया। रेवेन्यू 6.7% की बढ़ोतरी के साथ 2,302.7 करोड़ रुपये हो गया।

Aarti Industries: Q1 में शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 260.5% बढ़कर 155 करोड़ रुपये हो गया। रेवेन्यू 42.4% बढ़कर 2,387 करोड़ रुपये हो गया।

Indegene: Q1 में शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 0.2% घटकर 116.2 करोड़ रुपये रह गया। रेवेन्यू 39.7% बढ़कर 1,063.1 करोड़ रुपये हो गया।

Astra Microwave Products: कंपनी को हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स से 2,205.23 करोड़ रुपये का ऑर्डर मिला है। यह ऑर्डर ‘उत्तम रडार प्रोग्राम’ के लिए 122 एडवांस्ड एयरबोर्न एक्टिव ऐरे यूनिट्स (AAAUs) और 121 इंटरफेस फ्रेम के लिए है।

Navin Fluorine International: कंपनी ने डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन (DRDO) के साथ सोडियम बोरोहाइड्राइड के बड़े पैमाने पर उत्पादन के लिए एक समझौता किया है। इसका मकसद एक अहम डिफेंस मैटीरियल के लिए स्वदेशी प्रोसेस डेवलपमेंट को तेज करना है।

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बल्क और ब्लॉक डील्स

IIFL Finance: FIH मॉरीशस इनवेस्टमेंट्स ने IIFL फाइनेंस में 63.39 लाख शेयर 374.02 करोड़ रुपये में बेचे। अमेरिकन फंड इंश्योरेंस सीरीज ग्लोबल स्मॉल कैपिटलाइजेशन फंड ने 9.8 करोड़ रुपये में 1.66 लाख शेयर खरीदे। स्मॉलकैप वर्ल्ड फंड ने 364.2 करोड़ रुपये में 61.73 लाख शेयर खरीदे।

Sapphire Foods India: फिडेलिटी फंड्स इंडिया फोकस फंड ने अतिरिक्त 20.22 लाख शेयर 39.58 करोड़ रुपये में खरीदे हैं। सिंगापुर सरकार ने 18.95 लाख शेयर 37.1 करोड़ रुपये में बेचे हैं।

Xtranet Technologies: मित्तल ग्रोथ पार्टनर्स LLP ने 9.4 लाख शेयर 12.69 करोड़ रुपये में खरीदे हैं।

Bai-Kakaji Polymers: अबाकस वेंचर अपॉर्चुनिटीज फंड ने 6.08 लाख शेयर 12.18 करोड़ रुपये में खरीदे हैं। टाइगर स्ट्रैटेजीज फंड-I ने 2.16 करोड़ रुपये में 1.08 लाख शेयर बेचे हैं। संजय पोपटलाल जैन ने 6.84 करोड़ रुपये में 3.42 लाख शेयर बेचे हैं।

इन कंपनियों की होगी लिस्टिंग

क्यूब हाईवेज ट्रस्ट

सिल्वरस्टॉर्म पार्क्स एंड रिसॉर्ट्स

आज ये शेयर करेंगे एक्स-डिविडेंड ट्रेड

कोल इंडिया

आयशर मोटर्स

REC

भारती हेक्साकॉम

एस्ट्राजेनेका फार्मा इंडिया

ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज

कल्याणी स्टील्स

मफतलाल इंडस्ट्रीज

पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन

AU स्मॉल फाइनेंस बैंक

अनंत राज

कोरोमंडल एग्रो प्रोडक्ट्स एंड ऑयल्स

सिटी यूनियन बैंक

ASK ऑटोमोटिव

बेजल प्रोजेक्ट्स

बाटा इंडिया

ADC इंडिया कम्युनिकेशंस

ऑलडिजी टेक

बाटलीबोई

सेलो वर्ल्ड

सेंटम इलेक्ट्रॉनिक्स

बंगाल टी एंड फैब्रिक्स

अमल

बॉम्बे डाइंग एंड मैन्युफैक्चरिंग कंपनी

कैंपस एक्टिववियर

कार्बोरंडम यूनिवर्सल

सिएट

DCM श्रीराम

EIH

ममता मशीनरी

नेक्सोम कैपिटल मार्केट्स

इंटरनेशनल ट्रैवल हाउस

एक्सप्लेओ सॉल्यूशंस

केल्टेक एनर्जीज

किर्लोस्कर ऑयल इंजन्स

KPT इंडस्ट्रीज

फाइन ऑर्गेनिक इंडस्ट्रीज

कैरा कैन कंपनी

केसी इंडस्ट्रीज

गैलेक्सी सर्फेक्टेंट्स

गंधार ऑयल रिफाइनरी (इंडिया)

एंड्योरेंस टेक्नोलोजिज

GE पावर इंडिया

हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन

फाइव-स्टार बिजनेस फाइनेंस

ग्रीनपैनल इंडस्ट्रीज

इगाराशी मोटर्स इंडिया

रेडटेप

वरुण बेवरेजेज

V-गार्ड इंडस्ट्रीज

RK स्वामी

PNB हाउसिंग फाइनेंस

इंडिजीन

प्लेटिनमवन बिजनेस सर्विसेज

इंडियन मेटल्स एंड फेरो अलॉयज

प्रिवी स्पेशलिटी केमिकल्स

प्रदीप मेटल्स

प्रिसिजन वायर्स इंडिया

सिंगर इंडिया

सिरका पेंट्स इंडिया

रामा फॉस्फेट्स

सैकसॉफ्ट

शिलचर टेक्नोलोजिज

टिम्केन इंडिया

स्मृति ऑर्गेनिक्स

स्पाइस आइलैंड्स इंडस्ट्रीज

स्ट्राइड्स फार्मा साइंस

WPIL

स्टॉक स्प्लिट के लिए ये शेयर करेंगे एक्स-स्प्लिट ट्रेड

नर्मदा एग्रोबेस

Asian Market Today: चिप शेयरों में जोरदार खरीदारी से एशियाई बाजारों में रौनक,कोस्पी 13% ऊपर, निक्केई 5% चढ़ा

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stocks to Watch: 30 जुलाई को फोकस में रहेंगे ये 16 स्टॉक्स, मिल सकता तगड़ी कमाई का मौका

Stocks to Watch: गुरुवार के कारोबारी सत्र में कई बड़े शेयर फोकस में रह सकते हैं। कुछ कंपनियों ने जून तिमाही के मजबूत नतीजे जारी किए हैं। कुछ के प्रदर्शन ने निवेशकों को निराश किया है। इसके अलावा एक सरकारी कंपनी में बड़ा मैनेजमेंट बदलाव भी हुआ है। आइए जानते हैं 30 जुलाई को किन 16 शेयरों पर बाजार की सबसे ज्यादा नजर रहेगी।

Eicher Motors

दोपहिया और कमर्शियल व्हीकल बनाने वाली कंपनी आयशर मोटर्स का जून तिमाही में कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा 21.4% बढ़कर 1,462 करोड़ रुपये रहा। रेवेन्यू 31.5% बढ़कर 6,632 करोड़ रुपये हो गया। मुनाफा और रेवेन्यू दोनों ही CNBC-TV18 के अनुमान से बेहतर रहे।

Dabur

एफएमसीजी कंपनी डाबर का जून तिमाही में शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 15.3% बढ़कर 586 करोड़ रुपये रहा। रेवेन्यू 10.6% बढ़कर 3,764.3 करोड़ रुपये और EBITDA 11% बढ़कर 741.2 करोड़ रुपये हो गया। EBITDA मार्जिन 19.6% से बढ़कर 19.7% रहा। मुनाफा अनुमान से बेहतर रहा, जबकि बाकी आंकड़े अनुमान के मुताबिक रहे।

MOIL

सरकारी मैंगनीज माइनिंग कंपनी MOIL का जून तिमाही का नेट प्रॉफिट 70.1% बढ़कर 87.6 करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल यह 51.5 करोड़ रुपये था। रेवेन्यू 6.6% बढ़कर 370.9 करोड़ रुपये और EBITDA 72.3% बढ़कर 135.8 करोड़ रुपये रहा। EBITDA मार्जिन 22.6% से बढ़कर 36.6% हो गया।

Bajaj Housing Finance

बजाज ग्रुप की कंपनी बजाज हाउसिंग फाइनेंस का जून तिमाही का शुद्ध मुनाफा 22.6% बढ़कर 715 करोड़ रुपये रहा। NII 9% बढ़कर 968 करोड़ रुपये और कुल आय 17.2% बढ़कर 3,063 करोड़ रुपये हो गई। कंपनी की एसेट क्वालिटी में भी सुधार हुआ। ग्रॉस NPA 0.30% से घटकर 0.29% और नेट NPA 0.13% से घटकर 0.12% रहा।

Vedanta Oil & Gas

ऑयल एंड गैस कंपनी वेदांता ऑयल एंड गैस ने जून तिमाही में 945 करोड़ रुपये का प्रॉफिट दर्ज किया। पिछली तिमाही में कंपनी को 476 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। रेवेन्यू 3.1% घटकर 2,507 करोड़ रुपये और EBITDA 7.7% घटकर 814 करोड़ रुपये रहा। EBITDA मार्जिन 34.1% से घटकर 32.5% पर आ गया।

Vedanta Iron & Steel

स्टील कंपनी वेदांता आयरन एंड स्टील ने जून तिमाही में 121 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा कमाया। पिछली तिमाही में कंपनी को 1,939 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। रेवेन्यू 5.2% घटकर 3,662 करोड़ रुपये और EBITDA 8.1% घटकर 508 करोड़ रुपये रहा। EBITDA मार्जिन 14.3% से घटकर 14% रह गया।

Vedanta Power

बिजली कंपनी वेदांता पावर को जून तिमाही में 423 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ। पिछली तिमाही में कंपनी ने 139 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था। 487 करोड़ रुपये के एक्सेप्शनल लॉस का असर नतीजों पर दिखा, जबकि रेवेन्यू 31% बढ़कर 2,607 करोड़ रुपये रहा।

Waaree Energies

रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी वारी एनर्जीज का जून तिमाही का नेट प्रॉफिट 14.1% बढ़कर 850 करोड़ रुपये रहा। रेवेन्यू 79.2% बढ़कर 7,932 करोड़ रुपये और EBITDA 44.4% बढ़कर 1,440 करोड़ रुपये हो गया। हालांकि, EBITDA मार्जिन 22.5% से घटकर 18.2% पर आ गया।

Cochin Shipyard

सरकारी शिपबिल्डिंग कंपनी कोचीन शिपयार्ड के डायरेक्टर (फाइनेंस) जोस वी. जे. अगले सात महीने तक CMD का अतिरिक्त प्रभार संभालते रहेंगे। उनकी नियुक्ति 1 अगस्त 2026 से बढ़ाई गई है। इस विस्तार को कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC) ने मंजूरी दी है।

Star Health

हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी स्टार हेल्थ का जून तिमाही का मुनाफा 438 करोड़ रुपये से बढ़कर 550 करोड़ रुपये हो गया। कंपनी की आय भी बढ़कर 4,917 करोड़ रुपये पहुंच गई। पिछले साल की समान तिमाही में यह 4,336 करोड़ रुपये थी।

MTAR Tech

इंजीनियरिंग कंपनी MTAR Tech का जून तिमाही का नेट प्रॉफिट 10.8 करोड़ रुपये से बढ़कर 50.2 करोड़ रुपये हो गया। रेवेन्यू 157 करोड़ रुपये से बढ़कर 360 करोड़ रुपये और EBITDA 28 करोड़ रुपये से बढ़कर 85 करोड़ रुपये पहुंच गया। EBITDA मार्जिन 18.1% से बढ़कर 23.5% हो गया।

Balkrishna Industries

टायर कंपनी बालकृष्ण इंडस्ट्रीज का जून तिमाही का शुद्ध मुनाफा 287 करोड़ रुपये से बढ़कर 432 करोड़ रुपये हो गया। आय बढ़कर 3,445 करोड़ रुपये और EBITDA 724 करोड़ रुपये रहा। EBITDA मार्जिन 18.2% से बढ़कर 21.01% हो गया। कंपनी ने 4 रुपये प्रति शेयर अंतरिम डिविडेंड का भी ऐलान किया है।

TBO Tek

ट्रैवल टेक कंपनी TBO Tek का जून तिमाही का प्रॉफिट 32.4% बढ़कर 83.3 करोड़ रुपये रहा। रेवेन्यू 81.1% बढ़कर 925.7 करोड़ रुपये और EBITDA 86.6% बढ़कर 138 करोड़ रुपये हो गया। EBITDA मार्जिन 14.4% से बढ़कर 14.9% रहा।

TeamLease

स्टाफिंग और एचआर सर्विसेज कंपनी TeamLease का जून तिमाही का शुद्ध मुनाफा 31.4% बढ़कर 34.9 करोड़ रुपये रहा। रेवेन्यू 5.8% बढ़कर 3,034.7 करोड़ रुपये हो गया। EBITDA 2.7% बढ़कर 31.5 करोड़ रुपये रहा। EBITDA मार्जिन 1% पर स्थिर बना रहा।

Triveni Engineering

इंजीनियरिंग और शुगर सेक्टर की कंपनी त्रिवेणी इंजीनियरिंग का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 2.1 करोड़ रुपये से बढ़कर 3.65 करोड़ रुपये हो गया। कंसोलिडेटेड आय 1,950 करोड़ रुपये और EBITDA 52.9 करोड़ रुपये रहा। EBITDA मार्जिन 1.96% से बढ़कर 2.71% हो गया।

Redington

आईटी डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी रेडिंग्टन का जून तिमाही का मुनाफा 76.6% बढ़कर 486 करोड़ रुपये रहा। रेवेन्यू 34.6% बढ़कर 34,922 करोड़ रुपये और EBITDA 76.8% बढ़कर 708 करोड़ रुपये हो गया। EBITDA मार्जिन 1.5% से बढ़कर 2% रहा।

कल ये कंपनियां तिमाही नतीजे जारी करेंगी

गुरुवार को कई बड़ी कंपनियां जून तिमाही (Q1) के नतीजे जारी करेंगी। इनमें आर्कियन केमिकल इंडस्ट्रीज, अजंता फार्मा, अपोलो पाइप्स, AWL एग्री बिजनेस, बजाज फाइनेंस, बेस्ट एग्रोलाइफ, एक्साइड इंडस्ट्रीज, ICRA और इंडियन रेलवे फाइनेंस कॉरपोरेशन (IRFC) शामिल हैं। इन कंपनियों के नतीजों पर निवेशकों की नजर रहेगी।

Crude Oil Price: कच्चे तेल में तूफानी तेजी, ट्रंप की धमकी के बाद 7% उछलकर 90 डॉलर के पार पहुंचा भाव

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Bajaj Housing Q1 Results: बजाज ग्रुप की कंपनी को ₹715 करोड़ का मुनाफा, शेयरों पर रहेगी नजर

Bajaj Housing Q1 Results: बजाज ग्रुप की दिग्गज कंपनी बजाज हाउसिंग फाइनेंस ने जून तिमाही में मजबूत नतीजे पेश किए हैं। हाउसिंग फाइनेंस कंपनी का शुद्ध मुनाफा 22.6% बढ़कर 715 करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल की समान तिमाही में यह 583 करोड़ रुपये था। बेहतर कारोबार और लोन पर कम प्रावधान का फायदा नतीजों में दिखा।

NII और रेवेन्यू दोनों बढ़े

जून तिमाही में बजाज हाउसिंग फाइनेंस की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) 9% बढ़कर 968 करोड़ रुपये रही। एक साल पहले यह 887 करोड़ रुपये थी।

वहीं, नेट टोटल इनकम 16% बढ़कर 1,175 करोड़ रुपये हो गई। पिछले साल यह 1,009 करोड़ रुपये थी। इस हाउसिंग फाइनेंस कंपनी का रेवेन्यू भी 17.2% बढ़कर 3,063 करोड़ रुपये पहुंच गया। एक साल पहले यह 2,613 करोड़ रुपये था।

AUM 24% बढ़ा

30 जून 2026 तक बजाज हाउसिंग फाइनेंस का एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) 24% बढ़कर 1,49,624 करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल यह 1,20,420 करोड़ रुपये था।

तिमाही के दौरान फर्म की ऑपरेटिंग एफिशिएंसी बेहतर हुई। ऑपरेटिंग खर्च और नेट टोटल इनकम का अनुपात घटकर 19.6% रह गया। पिछले साल यह 21.2% था। वहीं, लोन लॉस और प्रावधान घटकर 16 करोड़ रुपये रह गए। एक साल पहले यह 38 करोड़ रुपये थे।

एसेट क्वालिटी मजबूत रही

बजाज हाउसिंग फाइनेंस की ग्रॉस एनपीए (GNPA) 30 जून 2026 तक 0.29% रही। पिछले साल यह 0.30% थी। वहीं, नेट एनपीए (NNPA) घटकर 0.12% रह गया। एक साल पहले यह 0.13% था। स्टेज-3 एसेट्स पर प्रोविजनिंग कवरेज रेशियो 59% रहा।

जून तिमाही के आखिर में हाउसिंग फाइनेंस कंपनी का कैपिटल एडिक्वेसी रेशियो (Tier-II पूंजी सहित) 21.59% रहा। यह मजबूत बैलेंस शीट की ओर इशारा करता है।

बजाज हाउसिंग फाइनेंस क्या करती है?

बजाज हाउसिंग फाइनेंस, बजाज फाइनेंस की सब्सिडियरी है। यह हाउसिंग लोन देने वाली नॉन-डिपॉजिट टेकिंग हाउसिंग फाइनेंस कंपनी है। इसे 2015 में नेशनल हाउसिंग बैंक (NHB) से रजिस्ट्रेशन मिला था।

इसने 2017 में कारोबार शुरू किया। बजाज हाउसिंग फाइनेंस के शेयर सितंबर 2024 से NSE और BSE पर लिस्टेड हैं। कंपनी का रेगुलेशन RBI, SEBI और IRDAI करते हैं, जबकि NHB इसकी निगरानी करता है।

बजाज हाउसिंग के शेयरों का हाल

जून तिमाही के नतीजों से पहले बजाज हाउसिंग फाइनेंस का शेयर 2.6% की बढ़त के साथ 87.89 रुपये पर बंद हुआ। हालंकि, पिछले 1 साल में स्टॉक 24.18% गिरा है। कंपनी का मार्केट कैप 72.94 हजार करोड़ रुपये है।

SML Mahindra Share Price: M&M का ट्रक-बस बिजनेस SML महिंद्रा के नाम होगा, शेयर में 20% का अपर सर्किट लगा

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Market Outlook : लगातार पांच दिनों की गिरावट का सिलसिला टूटा, जानिए 28 जुलाई को कैसी रह सकती है बाजार की चाल

Market Outlook : भारतीय इक्विटी इंडेक्स ने 27 जुलाई को लगातार पांच दिनों की गिरावट का सिलसिला तोड़ते हुए बढ़त के साथ कारोबार खत्म किया और निफ्टी 24,000 के स्तर के करीब पहुंच गया। कारोबार के अंत में, सेंसेक्स 776.01 अंक या 1.02 प्रतिशत बढ़कर 76,835.78 पर और निफ्टी 228.50 अंक या 0.96 प्रतिशत बढ़कर 23,995.95 पर बंद हुआ। लगभग 2646 शेयरों में बढ़त देखी गई,1530 शेयरों में गिरावट आई और 176 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

निफ्टी में सबसे ज्यादा बढ़त वाले शेयरों में एटरनल,इंटरग्लोब एविएशन,इंफोसिस,बजाज फाइनेंस और श्रीराम फाइनेंस शामिल रहे। जबकि गिरावट वाले शेयरों में ONGC,सिप्ला,HDFC लाइफ,HDFC बैंक और डॉ.रेड्डीज लैब्स शामिल रहे।

सेक्टरों की बात करें तो निफ्टी मीडिया सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला सेक्टर रहा,जिसमें 2.4% की बढ़त हुई। इसके बाद निफ्टी IT का नंबर रहा,जिसमें 2.3% की बढ़त दर्ज की गई। निफ्टी रियल्टी में 2.2% की तेजी आई,जबकि निफ्टी ऑटो और निफ्टी फार्मा में 1.6% और 1.5% की बढ़त हुई।

अन्य सेक्टरों में निफ्टी FMCG में 1%,निफ्टी बैंक में 0.7%,निफ्टी इंफ्रा में 0.66%,निफ्टी मेटल में 0.6%,निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में 0.45%,निफ्टी प्राइवेट बैंक में 0.42% और निफ्टी PSU बैंक में 0.22% की बढ़त हुई।

ब्रॉडर मार्केट ने भी बेंचमार्क इंडेक्स की तरह ही बढ़त के साथ कारोबार खत्म किया। निफ्टी मिडकैप 100 में 1% की बढ़त हुई,जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 1.3% की तेजी आई।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ रिसर्च विनोद नायर का कहना है कि वेस्ट एशिया में हमलों के रुकने से इंपोर्ट की बढ़ती लागत और महंगाई को लेकर चिंताएं कम हुई हैं,जिससे बाजार में रिलीफ रैली आई है। कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट और लॉन्ग-टर्म बॉन्ड यील्ड में कमी से भी उम्मीदें बढ़ी हैं। इस हफ्ते यूएस फेड,बैंक ऑफ इंग्लैंड और बैंक ऑफ जापान जैसे बड़े सेंट्रल बैंकों की पॉलिसी मीटिंग्स में ब्याज दरों को मौजूदा स्तर पर बनाए रखने के लिए ज्यादा लचीलापन मिल सकता है। घरेलू मोर्चे पर,बारिश की कमी में सुधार से महंगाई के हालात को लेकर राहत मिली है,साथ ही उम्मीद से बेहतर Q1 नतीजों और पॉज़िटिव बिजनेस आउटलुक से भी मदद मिली है।

निफ्टी व्यू

रेलिगेयर ब्रोकिंग में एसवीपी,रिसर्च अजीत मिश्रा का कहना है कि तकनीकी तौर पर, निफ्टी ने 23,600 के जोन के आस-पास अहम ट्रेंडलाइन सपोर्ट को बचाते हुए अच्छी रिकवरी की है। हालांकि,इंडेक्स अभी भी 24,000–24,150 के तत्काल रेजिस्टेंस बैंड के नीचे ट्रेड कर रहा है। यह रेंज इसके 20-डे और 100-डे के DEMA के साथ मेल खाती है,जिससे यह जोन बुल्स के लिए एक बड़ी रुकावट बन गया है। अगर इंडेक्स मजबूती से इस रेंज के ऊपर बंद होता है तो यह 24,400 के स्तर तक और रिकवरी का रास्ता खोल सकता है।

प्रॉफिट बुकिंग होने पर नीचे की तरफ 23,600–23,800 का जोन तत्काल सपोर्ट का काम कर सकता। मौजूदा उतार-चढ़ाव को देखते हुए,हम स्टॉक स्पेसिफिक अप्रोच अपनाने की सलाह देते हैं। इसमें अलग-अलग सेक्टर के तुलनात्क रूप मजबूत शेयरों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए और साथ ही रिस्क और पोजीशन मैनेजमेंट में अनुशासन बनाए रखना चाहिए।

LKP सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे का कहना है कि कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से इक्विटी मार्केट का सेंटीमेंट बेहतर हुआ है, जिससे इंडेक्स में रिकवरी आई है। लगातार दूसरे दिन रिकवरी के साथ इंडेक्स ने 50EMA का लेवल फिर से हासिल कर लिया है। ऑवरली चार्ट पर RSI बुलिश क्रॉसओवर दिखा रहा है।

मंगलवार को NSE F&O कॉन्ट्रैक्ट्स की एक्सपायरी के कारण बाजार में उतार-चढ़ाव रह सकता है। अगर निफ्टी 24,000 के ऊपर जाता है और वहां बना रहता है तो हम 24,250–24,300 की ओर अपट्रेंड जारी रहने की उम्मीद कर सकते हैं। हालांकि,अगर यह 24,000 के ऊपर नहीं टिक पाता है तो 23,800 की ओर करेक्शन देखने को मिल सकता है।

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बैंक निफ्टी व्यू

LKP सिक्योरिटीज के टेक्निकल एनालिस्ट वत्सल भुवा का कहना है कि बैंक निफ्टी का सेशन एक छोटी’डोजी कैंडलस्टिक’के साथ खत्म हुआ। यह बाजार में अनिश्चितता का संकेत है। वहीं,आवरली चार्ट पर पॉजिटिव RSI डाइवर्जेंस शॉर्ट-टर्म मोमेंटम में सुधार का संकेत दे रहा है। हालांकि,इंडेक्स को अभी भी 57,400 के आसपास एक बड़े रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ रहा है,जहां इसका 200-DMA भी है।

अगर बैंक निफ्टी मजबूती से इस लेवल के ऊपर बंद होता है तो 58,500 की ओर रिकवरी आ सकती है। जब तक इंडेक्स अपने 200-DMA के ऊपर वापस नहीं आता और वहां नहीं पाता तब तक सावधानी बरतने की सलाह होगी। बैंक निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 56,800 पर है। जबकि रेजिस्टेंस लेवल 57,500 और 58,000 पर दिख रहे हैं।

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

टॉप 10 कंपनियों में से 9 का M-Cap ₹2.74 लाख करोड़ घटा, HDFC Bank को सबसे ज्यादा नुकसान

बीते सप्ताह सेंसेक्स की टॉप 10 मोस्ट वैल्यूएबल कंपनियों में से 9 के बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) में कुल मिलाकर ₹2.74 लाख करोड़ की गिरावट आई। सबसे ज्यादा नुकसान HDFC Bank को हुआ। पिछले सप्ताह सेंसेक्स 2,091.68 अंक या 2.67 प्रतिशत टूट गया। वहीं निफ्टी 566.85 अंक या 2.32 प्रतिशत के नुकसान में रहा। टॉप 10 कंपनियों में केवल हिंदुस्तान यूनिलीवर के मार्केट कैप में बढ़ोतरी दर्ज की गई। वहीं रिलायंस इंडस्ट्रीज, भारती एयरटेल, HDFC Bank, ICICI Bank, भारतीय स्टेट बैंक, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS), बजाज फाइनेंस, भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) और लार्सन एंड टुब्रो (L&T) का मार्केट कैप घट गया।

बीते सप्ताह HDFC Bank का मार्केट कैप ₹1,18,383.91 करोड़ घटकर ₹11,43,985.90 करोड़ रह गया। रिलायंस इंडस्ट्रीज का मार्केट कैप ₹65,429.82 करोड़ घटकर ₹17,29,661.44 करोड़ रहा। इसी तरह भारतीय स्टेट बैंक (SBI) का मार्केट कैप ₹26,814.94 करोड़ घटकर ₹9,36,953.84 करोड़, बजाज फाइनेंस का ₹26,802.74 करोड़ घटकर ₹6,30,471.54 करोड़ और LIC का मार्केट कैप ₹15,116.74 करोड़ घटकर ₹5,33,007.56 करोड़ हो गया।

ICICI Bank का मार्केट कैप ₹6,223.84 करोड़ की गिरावट के साथ ₹10,28,217.93 करोड़, भारती एयरटेल का ₹6,021.64 करोड़ घटकर ₹11,85,046.13 करोड़, TCS का ₹5,191.95 करोड़ घटकर ₹8,15,480.75 करोड़ और लार्सन एंड टुब्रो (L&T) का मार्केट कैप ₹4,092.79 करोड़ की गिरावट के साथ ₹5,20,747.89 करोड़ पर आ गया।

हिंदुस्तान यूनिलीवर को कितना हुआ फायदा

इस रुख के उलट हिंदुस्तान यूनिलीवर के मार्केट कैप में बीते सप्ताह ₹152.73 करोड़ की बढ़ोतरी हुई और यह ₹5,03,928.59 करोड़ पर पहुंच गया। सेंसेक्स की टॉप 10 कंपनियों में रिलायंस इंडस्ट्रीज बाजार पूंजीकरण के लिहाज से देश की सबसे मूल्यवान कंपनी बनी रही। इसके बाद क्रमश: भारती एयरटेल, HDFC Bank, ICICI Bank, भारतीय स्टेट बैंक, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS), बजाज फाइनेंस, भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC), लार्सन एंड टुब्रो और हिंदुस्तान यूनिलीवर का स्थान रहा।

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नए सप्ताह में 27 जुलाई को BSE SME पर Gulf Lloyds के शेयर लिस्ट होने की उम्मीद है। 28 जुलाई को NSE SME पर Metalic Technoforge की लिस्टिंग होने वाली है। 29 जुलाई को BSE SME पर Shree Balaji Mala के शेयरों की लिस्टिंग हो सकती है। मेनबोर्ड सेगमेंट में 30 जुलाई को NSE और BSE पर Lohia Corp, Indo-MIM और Xtranet Technologies की लिस्टिंग की उम्मीद है। 31 जुलाई को BSE SME पर Silverstorm Parks & Resorts के शेयर लिस्ट हो सकते हैं।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Market outlook : लाल निशान में बंद हुआ बाजार, जानिए 27 जुलाई को कैसी रह सकती है इसकी चाल

Market outlook :24 जुलाई को भारतीय इक्विटी इंडेक्स कमजोरी के साथ बंद हुए और निफ्टी 23,800 के नीचे चला गया। मार्केट बंद होने पर सेंसेक्स 331.62 अंक या 0.43 प्रतिशत गिरकर 76,059.77 पर और निफ्टी 102.15 अंक या 0.43 प्रतिशत गिरकर 23,767.45 पर बंद हुआ। लगभग 2050 शेयरों में बढ़त हुई,1961 शेयरों में गिरावट आई और 196 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ। निफ्टी में सबसे ज़्यादा गिरने वाले शेयरों में बजाज फाइनेंस,एटरनल, M&M, श्रीराम फाइनेंस और भारती एयरटेल शामिल रहे। जबकि बढ़ने वाले शेयरों में HCL टेक्नोलॉजीज,विप्रो,सिप्ला,ITC और HDFC लाइफ शामिल रहे।

सेक्टर के हिसाब से परफॉर्मेंस मिली-जुली रही। निफ्टी मीडिया सबसे ज्यादा बढ़त वाला सेक्टर रहा,जिसमें 1.8% की तेजी आई। इसके बाद निफ्टी IT (0.8% ऊपर),निफ्टी PSU बैंक (0.5% ऊपर)और निफ्टी बैंक (0.18% ऊपर)रहे।

दूसरी ओर निफ्टी ऑटो सबसे खराब परफॉर्मेंस वाला सेक्टर रहा,जिसमें 1.10% की गिरावट आई। इसके बाद निफ्टी मेटल (0.55% नीचे),निफ्टी एनर्जी (0.57% नीचे),निफ्टी रियल्टी (0.55% नीचे),निफ्टी ऑयल एंड गैस (0.46% नीचे),निफ्टी फार्मा (0.4% नीचे) और निफ्टी इंफ्रा (0.4% नीचे) रहे।

ब्रॉडर मार्केट भी अपने इंट्राडे निचले स्तरों से सुधरे। निफ्टी मिडकैप 100 बिना किसी बड़े बदलाव के बंद हुआ,जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 0.3 प्रतिशत की गिरावट आई।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स में हेड ऑफ़ रिसर्च,विनोद नायर ने कहा कि आने वाले समय में मार्केट का सेंटीमेंट खराब रह सकता है। तेल की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी रहने से मेन मैक्रो-इकोनॉमिक इंडिकेटर्स और ग्रोथ पर बुरा असर पड़ सकता है। क्रूड ऑयल की कीमतें संकट के समय के अपने पीक से काफी नीचे होने के बावजूद US 10-ईयर बॉन्ड यील्ड 52-हफ्ते के हाई पर पहुंच गए हैं। यह बॉन्ड मार्केट की उन चिंताओं को दिखाता है जो एनर्जी से जुड़ी महंगाई के जोखिम,मजबूत लेबर मार्केट की स्थिति और फेड के लगातार सख़्त रुख (hawkish stance) से जुड़ी हैं।

इन वजहों से सितंबर में ब्याज दरें बढ़ने की संभावना बढ़ गई है। इंपोर्ट पर वॉशिंगटन के नए टैरिफ ने एक्सपोर्ट पर निर्भर अर्थव्यवस्थाओं के लिए मुश्किलें बढ़ा दी हैं। टेक्नोलॉजी इंटेसिव मार्केट पर इसका सबसे ज्यादा असर पड़ा है,क्योंकि ग्रोथ पर ऊंची दरों का दबाव है और निवेशक दूसरे उभरते हुए मार्केट की ओर रुख करके जोखिम कम करने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि अच्छे वैल्यूएशन और क्रेडिट ग्रोथ की उम्मीदों के चलते बैंक निफ्टी का प्रदर्शन बेहतर रहा।

निफ्टी का आउटलुक

SBI सिक्योरिटीज में हेड-टेक्निकल एंड डेरिवेटिव्स रिसर्च सुदीप शाह का कहना है कि आगे निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 23650-23600 के जोन में दिख रहा है। अगर निफ्टी इस जोन के नीचे टिकता है,तो इसमें और गिरावट आ सकती है और यह शॉर्ट टर्म में 23450 और फिर 23300 तक जा सकता है। ऊपर की तरफ,निफ्टी के लिए तकाल रेजिस्टेंस 23950-24000 के जोन में है,जो 50-दिन के EMA के साथ मेल खाता है।

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बैंक निफ्टी का आउटलुक

सुदीप शाह ने कहा कि बैंक निफ्टी में भी निफ्टी जैसी ही शुरुआती कमजोरी दिखी। यह निचले स्तर पर खुला और नीचे की ओर गया,लेकिन फिर इंट्राडे के निचले स्तरों से तेज रिकवरी हुई जिससे नुकसान की भरपाई हो गई। इस रिकवरी की वजह से डेली चार्ट पर एक बड़ी बुलिश कैंडल बनी और इंडेक्स ने अपना 200-डे का EMA फिर से हासिल कर लिया,जो ट्रेडर्स के लिए एक अहम लॉन्ग-टर्म सपोर्ट लेवल है।

आगे बैंक निफ्टी के लिए तत्काल रेजिस्टेंस 57100-57200 जोन में है। अगर यह इस जोन के ऊपर टिकता है तो बैंक निफ्टी अपनी रिकवरी को 57600 और उसके बाद शॉर्ट टर्म में 58000 तक बढ़ा सकता है। नीचे की तरफ,बैंक निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 56300-56200 जोन में है।

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Stock Market Fall: सेंसेक्स 332 अंक गिरकर बंद; लगातार 5वें दिन लाल, निवेशकों के ₹91511 करोड़ स्वाहा

भारतीय शेयर बाजार शुक्रवार, 24 जुलाई को लगातार 5वें कारोबारी सत्र में गिरावट के साथ बंद हुए। दिन में सेंसेक्स ने 917 अंकों की तगड़ी मार झेली और 75,474.43 के लो तक चला गया। निफ्टी भी 263 अंक तक टूटकर 23,606.30 के लो तक गया। हालांकि बाद में रिकवरी हुई। सेंसेक्स 331.62 अंकों की गिरावट के साथ 76,059.77 पर और निफ्टी 102.15 अंकों की गिरावट के साथ 23,767.45 पर बंद हुआ।

इस बीच BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 91,510.68 करोड़ रुपये घट गया। गुरुवार, 23 जुलाई को शेयर मार्केट बंद होने पर BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 4,76,60,985.926 करोड़ रुपये रहा था। शुक्रवार को मार्केट बंद होने पर यह घटकर 4,75,69,475.24 करोड़ रुपये हो गया।

NSE पर एचसीएल टेक्नोलोजिज, सिप्ला, विप्रो, आईटीसी, HDFC लाइफ इंश्योरेंस कंपनी टॉप गेनर्स रहे। वहीं इटर्नल, महिंद्रा एंड महिंद्रा, बजाज फाइनेंस, श्रीराम फाइनेंस, बजाज ऑटो टॉप लूजर्स रहे।

एक दिन पहले कैसी रही थी चाल

पश्चिम एशिया में जारी संकट के कारण कच्चे तेल के दाम में उछाल से गुरुवार को सेंसेक्स 363.66 अंक या 0.47 प्रतिशत टूटकर 76,391.39 पर बंद हुआ था। निफ्टी 126.65 अंक या 0.53 प्रतिशत टूटकर 23,869.60 अंक पर बंद हुआ था।

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रुपये की चाल

शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में रुपया, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 22 पैसे मजबूत होकर 96.51 पर पहुंच गया। बाद में यह अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 18 पैसे मजबूत होकर 96.55 (अस्थायी) पर बंद हुआ। खबरों के मुताबिक, इसमें रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की संभावित दखलंदाजी का भी हाथ रहा, जिसके जरिए कच्चे तेल की कीमत में उछाल के बीच रुपये में और गिरावट को रोकने की कोशिश की गई। इसके अलावा कमजोर अमेरिकी डॉलर ने भी घरेलू करेंसी को कुछ सहारा दिया। रुपया गुरुवार को 20 पैसे की गिरावट के साथ 96.73 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।

एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी 6 प्रतिशत लुढ़क गया। जापान का निक्केई 225, चीन का एसएसई कंपोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग भी गिरावट में हैं। अमेरिकी शेयर बाजार गुरुवार को गिरावट के साथ बंद हुए थे।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Market Outlook: बाजार लगातार चौथे दिन गिरावट के साथ हुआ बंद, जानिए 24 जुलाई को कैसी रह सकती है इसकी चाल

Market Outlook : 23 जुलाई को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स लगातार चौथे दिन गिरावट के साथ बंद हुए और निफ्टी 22,900 के नीचे चला गया। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 363.66 अंक या 0.47 प्रतिशत गिरकर 76,391.39 पर और निफ्टी 126.65 अंक या 0.53 प्रतिशत गिरकर 23,869.60 पर बंद हुआ। लगभग 1569 शेयरों में बढ़त हुई,2479 शेयरों में गिरावट आई और 155 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

निफ्टी में सबसे ज्यादा गिरने वाले शेयरों में अदाणी एंटरप्राइजेज,श्रीराम फाइनेंस,नेस्ले इंडिया,अदाणी पोर्ट्स और बजाज फाइनेंस शामिल रहे। जबकि बढ़ने वाले शेयरों में बजाज ऑटो,एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस,एमएंडएम,टीसीएस और आयशर मोटर्स शामिल रहे।

सेक्टर के हिसाब से प्रदर्शन काफी हद तक कमजोर रहा और केवल कुछ ही इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए। गिरावट वाले सेक्टर में निफ्टी रियल्टी सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला सेक्टर रहा,जिसमें 1.8% की गिरावट आई। इसके बाद निफ्टी ऑयल एंड गैस,इंफ्रास्ट्रक्चर,पीएसयू बैंक और निफ्टी एनर्जी में 1-1% की गिरावट दर्ज की गई। अन्य पिछड़ने वाले सेक्टर में निफ्टी मेटल (-0.7%),निफ्टी फार्मा (-0.4%),निफ्टी एफएमसीजी (-0.4%) और निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स (-0.4%) शामिल रहे।

निफ्टी ऑटो इंडेक्स ने अच्छा प्रदर्शन किया और इसमें 0.7% की बढ़त हुई, इसके बाद निफ्टी मीडिया में 0.22% की बढ़त दर्ज की गई। निफ्टी मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में 1-1 प्रतिशत की गिरावट आई।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ रिसर्च, विनोद नायर का कहना है कि ग्लोबल एनर्जी सप्लाई में और दिक्कत की चिंताओं के बीच कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच रही हैं। ऐसे में महंगाई के जोखिम और कॉर्पोरेट मार्जिन पर दबाव की आशंका के कारण निवेशकों का उत्साह कमजोर पड़ रहा है।

हाल के मैक्रो-इकोनॉमिक संकेत बताते हैं कि लंबे समय से चल रहे जियोपॉलिटिकल तनाव का असर घरेलू अर्थव्यवस्था पर भी पड़ रहा है। इसका संकेत थोक महंगाई और बिजनेस एक्टिविटी में आई सुस्ती से मिलता है।

एनर्जी की ऊंची कीमतों के चलते ग्लोबल ब्याज दरें ऊंची रहने की आशंका और मजबूत हुई है। इससे उभरते बाजारों में जोखिम लेने इच्छा कमजोर हुई है। आज सभी सेक्टर में बिकवाली का दबाव देखा गया। हालांकि,मजबूत तिमाही नतीजों के दम पर ऑटो शेयरों ने बेहतर प्रदर्शन किया। इससे पता चलता है कि बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद,निवेशक उन कंपनियों को पसंद कर रहे हैं जिनकी कमाई में लगातार बढ़ोतरी हो रही है,मांग के रुझान अच्छे हैं और भविष्य के प्रदर्शन को लेकर बेहतर संभावनाएं दिख रही हैं।

इक्विरस वेल्थ के MD और बिजनेस हेड अंकुर पुंज का कहना है कि बाजार में गिरावट का सिलसिला जारी है। अमेरिका और यूरोप से मिले कमजोर संकेतों और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण निवेशक इक्विटी मार्केट में लंबे समय के लिए निवेश करने से घबरा रहे हैं। रुपये समेत प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की मजबूती निवेशकों को सुरक्षित डॉलर एसेट्स की ओर खींच रही है। हालांकि बाजार’ओवरसोल्ड’जोन में दिख रहा है,फिर भी निवेशकों को सावधानी बरतनी चाहिए और चुनिंदा शेयरों पर फोकस करना चाहिए।

LKP सिक्योरिटीज में सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे का कहना है कि डेली चार्ट पर निफ्टी ने अपवर्ड कंसोलिडेशन के लेवल को तोड़ दिया है। इससे पता चलता है कि मार्केट में मंदी का रुझान बढ़ रहा है। इसके अलावा,इंडेक्स अहम शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज से भी नीचे आ गया है। RSI इंडिकेटर ‘बेयरिश क्रॉसओवर’की स्थिति में है और नीचे की ओर जा रहा है।

मार्केट का सेंटीमेंट नेगेटिव दिख रहा है और आने वाले समय में भी मार्केट में कमजोरी बनी रह सकती है। निचे की तरफ निफ्टी 23,600 या उससे भी नीचे जा सकता है। वहीं, ऊपर की तरफ अगले कुछ दिनों तक 24,000 का लेवल रेजिस्टेंस के तौर पर काम कर सकता है।

 

Markets Trend : क्रूड के 98 डॉलर के पार जाने से सहमा बाजार, जानिए अब क्या हो ट्रेडिंग रणनीति

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Bajaj Finance पहुंचा आठ महीने के हाई पर, लगातार पांचवे दिन उछले शेयर, अब ये है अगला ट्रिगर

Bajaj Finance Share Price: बजाज ग्रुप की बजाज फाइनेंस के शेयर लगातार पांचवे कारोबारी दिन ऊपर चढ़ा है। इन पांच दिनों की तेजी के साथ आठ कारोबारी दिनों में यह 14 जुलाई को डेढ़ फीसदी से अधिक की गिरावट को छोड़ बाकी सात दिन यह मजबूत हुआ। आज की बात करें तो यह करीब 1% उछलकर आठ महीने के हाई पर पहुंच गया और अब रिकॉर्ड हाई से काफी करीब आ चुका है। अभी की बात करें तो बजाज फाइनेंस के शेयर बीएसई पर फिलहाल 0.29% की बढ़त के साथ ₹1067.00 पर है। इंट्रा-डे में यह 0.98% उछलकर ₹1,074.40 तक पहुंचा था।

जून में 11% से अधिक की बढ़त के बाद इस महीने अब तक यह 6% से अधिक उछल चुका है। इसके साथ ही पिछले साल सितंबर-अक्टूबर के बाद पहली बार लगातार दूसरे महीने यह मजबूती दिखा रहा है। हालांकि इस तेजी के साथ बजाज फाइनेंस का RSI (रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स) 71 हो गया यानी कि यह ओवरबॉट कैटेगरी में पहुंच गया। आरएसआई के 70 के ऊपर होने का मतलब स्टॉक का ओवरबॉट होना है।

क्यों चढ़ रहा Bajaj Finance का शेयर और अब आगे क्या है ट्रिगर?

बजाज फाइनेंस ने इस महीने की शुरुआत में जून 2026 तिमाही का बिजनेस अपडेट पेश किया था जिससे शेयरों को सपोर्ट मिल रहा है। इस वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में बजाज फाइनेंस का AUM (एसेट्स अंडर मैनेजमेंट) 23.9% बढ़कर ₹5.46 लाख करोड़ पर पहुंच गया तो डिपॉजिट्स भी करीब 15% उछलकर ₹72,109 करोड़ पर पहुंच गया। कंपनी ने जून तिमाही में रिकॉर्ड 51 लाख नए ग्राहक जोड़े और अब इसकी कस्टमर फ्रेंचाइजी 12.44 करोड़ पर पहुंच गई। जून तिमाही के आखिरी में कंपनी का डिपॉजिट बुक ₹68,500 करोड़ था।

बजाज फाइनेंस के लिए अब अगला ट्रिगर 30 जुलाई को आने वाला है, जिस दिन पूरी तिमाही के कारोबारी नतीजे पेश करेगी। नतीजे के साथ-साथ इस वित्त वर्ष 2027 के लिए गाइडेंस पर भी निवेशकों की नजर रहेगी। अपनी एसेट क्वालिटी पर ध्यान देने के लिए बजाज फाइनेंस ने वित्त वर्ष 2027 के लिए अपने ग्रोथ अनुमान को कम कर दिया था। कंपनी ने ग्रोथ के मामले में इस अनुमान को पहले के 25%-30% से घटाकर 22%-24% और नए कस्टमर जोड़ने के मामले में 1.5 करोड़-1.7 करोड़ कर दिया था।

एक साल में कैसी रही बजाज फाइनेंस की चाल

बजाज फाइनेंस के शेयरों ने निवेशकों को करारा झटका दिया। पिछले साल बीएसई पर 23 अक्टूबर 2025 को यह ₹1,102.45 के भाव पर था जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई लेवल है। इस हाई लेवल से 5 ही महीने में यह 28.49% फिसलकर 23 मार्च 2026 को ₹788.40 पर आ गया था जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है।

Real Estate Stocks: रिकॉर्ड सेल्स और मुनाफे में 3 गुना का उछाल, 7% चढ़ गया इस रियल एस्टेट डेवलपर का शेयर

FII Buying: विदेशी ने इन सेक्टर्स में की ताबड़तोड़ खरीदारी, जुलाई के पहले हाफ में डाले ₹15559 करोड़

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।