Market Outlook : बढ़त के साथ बंद हुआ बाजार, जानिए 28 सितंबर को कैसी रह सकती है इसकी चाल

Market Outlook : भारतीय बाजार आज बढ़त लेकर बंद हुए हैं। CAS के बाद सेंसेक्स 300 से ज़्यादा अंक ऊपर बंद हुआ है। वहीं, निफ्टी 23,150 के करीब क्लोज हुआ है। क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) के बाद सेंसेक्स 315 अंक बढ़कर 73,895.74 पर बंद हुआ है। जबकि निफ्टी 77 अंक चढ़कर 23,140.50 पर सेटल हुआ है। प्री-CAS क्लोजिंग के मुकाबले, सेंसेक्स में लगभग 14 अंकों और निफ्टी में लगभग 12 अंकों की बढ़त देखी गई। निफ्टी ऑटो इंडेक्स में 0.89 प्रतिशत और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में 0.88 प्रतिशत की बढ़त हुई। जबकि रियल्टी में 0.76 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। प्राइवेट बैंक में 0.45 प्रतिशत और मेटल्स में 0.35 प्रतिशत की बढ़त हुई।

निफ्टी मीडिया इंडेक्स 0.23 प्रतिशत गिरा, जबकि ऑयल एंड गैस में 0.18 प्रतिशत और IT में 0.17 प्रतिशत की गिरावट आई। फार्मा भी 0.15 प्रतिशत नीचे बंद हुआ। ब्रॉडर मार्केट का प्रदर्शन बेंचमार्क के मुकाबले कमजोर रहा। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 84 अंक गिरकर 60,906 पर बंद हुआ। निफ्टी और सेंसेक्स के बढ़त के साथ बंद होने के बावजूद, यह इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुआ।

बैंक निफ्टी 142 अंक बढ़कर 55,580 पर पहुंच गया। इसमें कुछ खास फाइनेंशियल शेयरों में खरीदारी देखी गई। एक्सिस बैंक और बजाज फाइनेंस निफ्टी में सबसे ज़्यादा बढ़त वाले शेयरों में शामिल रहे।

SEBI रजिस्टर्ड ऑनलाइन ट्रेडिंग और वेल्थ टेक फर्म, ‘एनरिच मनी’ के CEO पोनमुडी आर ने कहा कि पिछले सेशन में आई भारी गिरावट के बाद निफ्टी में काफी टेक्निकल दबाव बना हुआ है और इसका ओवरऑल स्ट्रक्चर भी काफी कमजोर है। ऊपर की ओर, 23,200–23,300 का लेवल तत्काल रेजिस्टेंस ज़ोन का काम कर सकता है। अगर यह लगातार 23,300 के ऊपर क्लोज होता है तो 23,400–23,500 की तरफ थोड़ी राहत की रैली दिख सकती है, लेकिन जब तक यह जोन मजबूती से वापस हासिल नहीं हो जाता, तब तक किसी भी उछाल पर फिर से बिकवाली देखने को मिल सकती है।

नीचे की तरफ 23,000 का लेवल एक अहम साइकोलॉजिकल सपोर्ट है जिस पर नजर रखनी होगी। ऑप्शन डेटा से भी इसकी पुष्टि होती है, क्योंकि 23,000 के आसपास भारी ‘पुट OI’ जमा है, जो इसे शॉर्ट-टर्म स्ट्रक्चर के लिए एक अहम लेवल बनाता है। अगर यह लेवल निर्णायक रूप से टूटता है, तो बिकवाली तेज़ हो सकती है और 22,900–22,800 के लेवल तक जाने का रास्ता खुल सकता है। कुल मिलाकर, बाजार का शॉर्ट-टर्म सेटअप ‘बेयरिश’ बना हुआ है। हालांकि ओवरसोल्ड पोजीशन से बीच-बीच में थोड़ी राहत वाली तेजी (रिलीफ रैली) आ सकती है, लेकिन लगातार रिकवरी के लिए इंडेक्स को पहले 23,300 और उसके बाद 23,500 के स्तर को फिर से हासिल करना होगा।

PL कैपिटल में एडवाइजरी और डीलिंग के चीफ बिजनेस ऑफिसर विक्रम कसाट ने कहा कि गुरुवार को हुई भारी बिकवाली के बाद आज भारतीय इक्विटी मार्केट में थोड़ी रिकवरी दिखी। दोपहर के कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी 73,600 और 23,050 के लेवल के आसपास ट्रेड कर रहे थे। यह रिकवरी रिस्क लेने की इच्छा में किसी बड़े सुधार के बजाय कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और चुनिंदा शेयरों में वैल्यू बाइंग की वजह से आई है। ब्रेंट क्रूड की कीमत अभी भी $106 प्रति बैरल के आसपास बनी हुई है, US ट्रेजरी यील्ड 5% से ऊपर है और विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी है, इसलिए मैक्रो रिस्क अभी भी एक बड़ी चिंता का विषय बना हुआ है। लार्ज-कैप और कमजोर मिड-कैप और स्मॉल-कैप शेयरों के बीच का अंतर यह भी बताता है कि निवेशक अभी भी चुनिंदा शेयरों में ही निवेश कर रहे हैं। आगे चलकर, इस रिकवरी के टिके रहने का दारोमदार कच्चे तेल की कीमतों के स्थिर होने, ग्लोबल यील्ड में कमी आने और विदेशी निवेशकों की बिकवाली का दबाव कम होने पर निर्भर करेगा। तब तक, बाजार में उतार-चढ़ाव बने रहने की संभावना है।

ग्लोब कैपिटल मार्केट लिमिटेड में इक्विटी रिसर्च के AVP, विपिन कुमार ने कहा कि जब तक निफ्टी क्लोजिंग बेसिस पर 23,500-23,600 के स्पॉट ज़ोन के नीचे ट्रेड करता रहेगा, तब तक चार्ट का स्ट्रक्चर नेगेटिव बना रहेगा। निफ्टी के लिए प्राइस सपोर्ट 23,100-23,000 के लेवल के आसपास है। उन्होंने आगे कहा कि इस ज़ोन के नीचे की क्लोजिंग को नेगेटिव माना जाएगा। ऐसा होने पर निफ्टी निकट भविष्य में 22,500-22,400 की ओर जा सकता है।

सावधानी भरा नजरिया बनाए रखते हुए एक्सिस डायरेक्ट में डेरिवेटिव्स और टेक्निकल रिसर्च के सीनियर रिसर्च एनालिस्ट, हेमांग गौर ने कहा कि निफ्टी के लिए सबसे करीबी सपोर्ट 23,000 पर है और अगर यह टूटता है तो यह 22,800-22,850 की ओर गिर सकता है। वहीं, ऊपर की ओर 23,150 के पार जाने पर पुलबैक 23,250-23,300 तक बढ़ सकता है। कच्चे तेल की कीमतों और बॉन्ड यील्ड में लगातार कमी आने से मार्केट को खोई हुई बढ़त वापस पाने में मदद मिल सकती है।

 

 

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शेयर बाजार में 1,248 अंक की भारी गिरावट

नई दिल्ली। गुरुवार को शेयर बाजार में भारी गिरावट हुई। कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के बीच अमेरिका में सरकारी बॉन्ड पर बेहतर रिटर्न की खबरों ने निवेशकों को चिंता में डाला है। गुरुवार, 24 सितंबर को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज यानी बीएसई के 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक 1,248 अंक यानी 1.67 फीसदी गिरकर 73,581 पर बंद हुआ। निफ्टी में भी 384 अंक यानी 1.64 फीसदी की गिरावट रही। ये 23,063 पर आ गया।

गुरुवार को बैंकिंग, मेटल और ऑटो शेयर्स में सबसे ज्यादा बिकवाली रही। बताया जा रहा है कि कच्चे तेल के दाम सौ डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंचने और ईरान व अमेरिका के बीच तनाव के कारण होर्मुज की खाड़ी बंद होने को लेकर चिंता से तेल की सप्लाई प्रभावित होने का डर है। सो, तेल महंगा होने से हर चीज की महंगाई बढ़ेगी। इस चिंता में शेयर बाजार लगातार टूट रहा है।

इसके अलावा अमेरिका में बॉन्ड यील्ड बढ़ने से भी निवेशकों की चिंता बढ़ा रहा है। पिछले 10 साल में अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड बढ़कर 5.11 फीसदी पर पहुंच गई है जो 2007 के बाद का उच्चतम स्तर है। गौरतलब है कि जब निवेशक बॉन्ड बेचते हैं तो बॉन्ड की कीमत घटती है और यील्ड यानी रिटर्न बढ़ जाती है। यह रिटर्न बढ़ने से डॉलर में निवेश ज्यादा आकर्षक हो जाता है, जिससे विदेशी निवेशक भारत जैसे उभरते बाजारों से पैसा निकालकर अमेरिका में लगाने लगते हैं।

दूसरी ओर बीमा नियामक संस्था आईआरडीएआई के प्रस्तावित बदलावों से बीमा कंपनियों की कमाई घट सकती है। इसका असर बीमा, बैंकिंग और फाइनेंशियल शेयरों पर दिखा। बीमा कंपनी पीबी फिनटेक करीब 10 फीसदी तक गिर गया, जबकि एक्सिस बैंक, बजाज फाइनेंस और बजाज फिनसर्व भी दबाव में रहे। भारतीय शेयर बाजार में आई तेज बिकवाली से निवेशकों की संपत्ति चार लाख करोड़ रुपए घट गई है।

हाहाकार, ₹4 लाख करोड़ स्वाहा, Sensex 1248 प्वाइंट कमजोर, Nifty 23063 पर बंद

Sensex-Nifty closes deep red: सेंसेक्स और बैंकेक्स की मंथली एक्सपायरी के दिन आज मार्केट में हाहाकार मच गया। अधिकतर एशियाई बाजारों में बिकवाली की आंच आज घरेलू स्टॉक मार्केट में भी महसूस हुई। सेंसेक्स की मंथली एक्सपायरी को आज बिकवाली की ऐसी आंधी चली कि सेंसेक्स 1264 प्वाइंट् टूट गया तो निफ्टी भी फिसलकर 23100 के नीचे आ गया और ये गहरे लाल बंद हुए। ब्रोडर लेवल पर भी मार्केट में काफी दबाव है लेकिन मिडकैप स्पेस में थोड़ी अधिक। निफ्टी मिडकैप 100 आज ढाई फीसदी से अधिक कमजोर हुआ तो निफ्टी स्मॉलकैप 100 डेढ़ फीसदी से अधिक टूटकर बंद हुआ।

सेक्टरवाइज मार्केट को आज बैंकिंग शेयरों ने बुरी तरह तोड़ दिया। प्राइवेट सेक्टर का निफ्टी इंडेक्स आज 2% से अधिक कमजोर हुआ को सरकारी बैंकों का निफ्टी इंडेक्स 1% से अधिक नीचे आया। निफ्टी मेटल करीब 2%, निफ्टी ऑटो डेढ़ फीसदी से अधिक, निफ्टी एफएमसीजी 1% से अधिक, निफ्टी रियल्टी 1% से अधिक और निफ्टी आईटी करीब आधा फीसदी कमजोर हुआ। किसी भी सेक्टर का निफ्टी इंडेक्स ग्रीन नहीं है। इस दबाव में आज BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप ₹4 लाख करोड़ से अधिक घट गई।

अब इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो आज 24 सितंबर के दिन सेंसेक्स की मंथली एक्सपायरी को सेंसेक्स (Sensex) 1,247.71 प्वाइंट्स यानी 1.67% की गिरावट के साथ 73,580.54 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 383.70 प्वाइंट्स यानी 1.64% की फिसलन के साथ 23,063.10 पर बंद हुआ है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 1264.33 प्वाइंट्स टूटकर 73,563.92 और निफ्टी भी 400.65 प्वाइंट्स गिरकर 23,046.15 तक आ गया था।

निवेशकों के ₹4 लाख करोड़ स्वाहा

एक कारोबारी दिन पहले यानी 23 सितंबर 2026 को बीएसई पर लिस्टेड सभी शेयरों का कुल मार्केट कैप ₹4,85,01,353.86 करोड़ था। आज यानी 24 सितंबर 2026 को यह घटकर ₹4,80,99,180.54 करोड़ रह गया। इसका मतलब हुआ कि निवेशकों की पूंजी में आज ₹402,173.32 करोड़ की गिरावट आई है।

Sensex का सिर्फ 1 शेयर ग्रीन

सेंसेक्स पर 30 शेयर लिस्टेड हैं जिसमें आज सिर्फ 1 स्टॉक- एनटीपीसी ही ग्रीन बंद हुआ है। वहीं दूसरी तरफ दिन के आखिरी में आज बजाज फाइनेंस, एक्सिस बैंक और बजाज फिनसर्व में सबसे अधिक गिरावट रही। नीचे सेंसेक्स पर लिस्टेड सभी शेयरों के लेटेस्ट भाव और आज उतार-चढ़ाव की डिटेल्स देख सकते हैं-

 

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पांच वजहों से आज मार्केट में चली बिकवाली की आंधी

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शेयर बाजारों की गिरावट बढ़ी, सेंसेक्स 1,200 अंक से ज्यादा टूटा

पश्चिम एशिया संकट सुलझने की संभावना और धूमिल होने के कारण गुरुवार घरेलू शेयर बाजारों में भारी गिरावट देखी गई और दोपहर बाद बीएसई का सेंसेक्स 1,200 अंक से ज्यादा लुढ़क गया।

सेंसेक्स करीब 556 अंक की गिरावट में 74,272 अंक पर खुला। धीरे-धीरे इसकी गिरावट और बढ़ती गई। खबर लिखे जाते समय यह 1,214.82 अंक (1.62 प्रतिशत) लुढ़ककर 73,613.43 अंक पर था।

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सेंसेक्स की सभी 30 कंपनियां अभी गिरावट में हैं। बजाज फाइनेंस का शेयर छह प्रतिशत से ज्यादा टूट गया है।

ईरान ने “शर्तें पूरी होने तक” अमेरिका से बातचीत न करने की बात कही है। इससे बाजार में निवेश धारणा को धक्का पहुंचा है। साथ ही, कच्चे तेल में तेजी और रुपये में गिरावट के कारण भी शेयर बाजारों में बिकवाली देखी गई।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 सूचकांक 225 अंक नीचे 23,222 अंक पर खुला। खबर लिखे जाते समय यह 380.05 अंक यानी 1.62 प्रतिशत की गिरावट में 23,066.75 अंक पर रहा।

वृहत बाजार के और सेक्टर आधारित सभी सूचकांक लाल निशान में हैं।

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शेयर बाजारों में तेजी, सेंसेक्स 299 अंक चढ़ा

घरेलू शेयर बाजारों में बुधवार को तेजी लौट आई और बीएसई का सेंसेक्स 299 अंक ऊपर बंद हुआ। सेंसेक्स में सुबह से ही तेजी रही। यह 119 अंक ऊपर 74,648 अंक पर खुला और पूरे दिन हरे निशान में रहा। अंत में यह 299.17 अंक (0.40 प्रतिशत) की बढ़त के साथ 74,828.25 अंक पर रहा।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के निफ्टी-50 सूचकांक का ग्राफ भी लगभग ऐसा ही रही। यह 117.80 अंक यानी 0.50 प्रतिशत चढ़कर 23,446.80 अंक पर बंद हुआ। मंगलवार को दोनों प्रमुख सूचकांकों में गिरावट रही थी।

वृहत बाजार में भी तेजी रही। निफ्टी मिडकैप-50 सूचकांक 0.57 प्रतिशत और स्मॉलकैप-100 सूचकांक 0.89 प्रतिशत मजबूत हुआ।

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सेक्टर आधारित सूचकांकों में निफ्टी आईटी 0.87 प्रतिशत और निफ्टी मीडिया 0.50 प्रतिशत गिर गया। धातु समूह के सूचकांक में 2.40 प्रतिशत, एफएमसीजी में 1.32 प्रतिशत और रियल्टी में 1.10 प्रतिशत की तेजी रही। फार्मा, वित्त, बैंकिंग, स्वास्थ्य, टिकाऊ उपभोक्ता उत्पाद और तेल एवं गैस समूहों के सूचकांक भी ऊपर बंद हुए।

सेंसेक्स की कंपनियों में टाटा स्टील का शेयर सबसे अधिक सवा तीन प्रतिशत और बजाज फाइनेंस का तीन प्रतिशत चढ़ गया। आईटीसी, अल्ट्राटेक सीमेंट, पावरग्रिड, एलएंडटी, बजाज फिनसर्व, सन फार्मा और अडानी पोर्ट्स से शेयर एक से दो प्रतिशत तक की तेजी में रहे। हिंदुस्तान यूनीलिवर, भारती एयरटेल, भारतीय स्टेट बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज, एशियन पेंट्स और टेक महिंद्रा के शेयर भी हरे निशान में रहे।

आईटी सेक्टर में गिरावट रही। एचसीएल टेक्नोलॉजीज और इंफोसिस के शेयर एक प्रतिशत से अधिक गिर गये। टीसीएस, टाइटन और महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयर भी नुकसान में रहे।

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₹2 लाख करोड़ साफ, Sensex में 330 अंकों की गिरावट, Nifty टूटकर 23329 पर बंद

Share Market Crash: निफ्टी की वीकली एक्सपायरी के दिन आज शुरुआती बढ़त पूरा गंवाते हुए सेंसेक्स और निफ्टी लाल हो गए और दिन के आखिरी तक ये कमजोर बने रहे। डे-हाई से सेंसेक्स 600 प्वाइंट्स से अधिक टूट गया तो निफ्टी भी फिसलकर 23300 के नीचे तक आ गया। ब्रोडर लेवल पर भी ऐसा रुझान दिखा और निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में गिरावट है के साथ बंद हुए। सेक्टरवाइज मार्केट पर आज सबसे तगड़ा दबाव आईटी सेक्टर ने बनाया, जिसका निफ्टी इंडेक्स करीब 1% टूट गया। अधिकतर अहम सेक्टर के इंडेक्स आज लाल रहे। ओवरऑल आज बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप ₹2 लाख करोड़ से अधिक गिर गया।

अब इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो आज 22 सितंबर को निफ्टी की वीकली एक्सपायरी के दिन सेंसेक्स (Sensex) 329.91 प्वाइंट्स यानी 0.44% की गिरावट के साथ 74,529.08 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 85.30 प्वाइंट्स यानी 0.36% की फिसलन के साथ 23,329.00 पर बंद हुआ है। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 179.94 प्वाइंट्स उछलकर 75,038.93 तक पहुंचा था जिससे फिर यह 615.22 प्वाइंट्स टूटकर 74,423.71 तक आ गया तो दूसरी तरफ निफ्टी 50 भी 74.70 प्वाइंट्स चढ़कर 23,489.00 तक पहुंचा था, जिससे फिर यह 203.25 प्वाइंट्स गिरकर 23,285.75 तक आ गया था।

निवेशकों के ₹2.37 लाख करोड़ स्वाहा

एक कारोबारी दिन पहले यानी 21 सितंबर 2026 को बीएसई पर लिस्टेड सभी शेयरों का कुल मार्केट कैप ₹4,82,68,385.61 करोड़ था। आज यानी 22 सितंबर 2026 को यह घटकर ₹4,80,30,572.59 करोड़ रह गया। इसका मतलब हुआ कि निवेशकों की पूंजी में आज ₹237,813.02 करोड़ की गिरावट आई है।

Sensex के सिर्फ 7 स्टॉक्स ग्रीन

सेंसेक्स पर 30 शेयर लिस्टेड हैं जिसमें सिर्फ 7 ही आज ग्रीन रहे। दिन के आखिरी में आज जोमैटो की एटर्नल, इंडिगो और टाटइन सबसे अधिक बढ़त के साथ बंद हुए तो दूसरी तरफ बजाज फिनसर्व, ट्रेंट और बजाज फाइनेंस में सबसे अधिक गिरावट रही। नीचे सेंसेक्स पर लिस्टेड सभी शेयरों के लेटेस्ट भाव और आज उतार-चढ़ाव की डिटेल्स देख सकते हैं-

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इन पांच वजहों से मार्केट ने गंवाई बढ़त, लाल हुआ सेंसेक्स-निफ्टी

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शुरुआती तेजी के बाद 330 अंक लुढ़का सेंसेक्स

घरेलू शेयर बाजारों में शुरुआती तेजी खोते हुए प्रमुख सूचकांक गिरावट में बंद हुए और बीएसई का सेंसेक्स 330 अंक रहा।

सेंसेक्स 42 अंक ऊपर 74,901.50 अंक पर खुला और ऊपर 75,038.93 अंक तक गया। हालांकि पहले घंटे के कारोबार के बाद बिकवाली शुरू हो गयी। अंत में यह 329.91 अंक (0.44 प्रतिशत) गिरकर 74,529.08 अंक पर रहा।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 सूचकांक भी 85.30 अंक यानी 0.36 प्रतिशत फिसलकर 23,329 अंक पर बंद हुआ। पिछले कारोबारी दिवस पर दोनों प्रमुख सूचकांक ऊपर रहे थे।

वृहत बाजार में भी बिकवाली हावी रही। निफ्टी मिडकैप-50 सूचकांक 0.01 प्रतिशत और स्मॉलकैप-100 सूचकांक 0.23 प्रतिशत फिसल गया।

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सेक्टर आधारित सूचकांकों में मीडिया, रियल्टी, धातु और रसायन समूहों में तेजी रही। वहीं, आईटी, एफएमसीजी, बैंकिंग, वित्त, ऑटो, फार्मा, स्वास्थ्य, टिकाऊ उपभोक्ता उत्पाद और तेल एवं गैस समूहों के सूचकांकों में गिरावट रही।

सेंसेक्स की कंपनियों में बजाज फिनसर्व का शेयर डेढ़ फीसदी से अधिक टूट गया। ट्रेंट, बजाज फाइनेंस, सन फार्मा, टीसीएस और अल्ट्राटेक सीमेंट के शेयर एक से डेढ़ फीसदी टूट गए।

भारतीय स्टेट बैंक, इंफोसिस, एलएंडटी, आईटीसी, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, हिंदुस्तान यूनीलिवर, भारती एयरटेल, एक्सिस बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, टेक महिंद्रा, रिलायंस इंडस्ट्रीज, महिंद्रा एंड महिंद्रा, पावर ग्रिड और आईसीआईसीआई बैंक के शेयर भी लाल निशान में रहे।

इटरनल का शेयर करीब दो प्रतिशत और इंडिगो का डेढ़ फीसदी से ज्यादा चढ़ा। टाइटन और टाटा स्टील में भी तेजी देखी गई।

Pic Credit : UNI

शेयर बाजारों में लिवाली का जोर, आईटी कंपनियां दबाव में

Share Market Crash

कच्चे तेल में जारी नरमी से घरेलू शेयर बाजारों शुक्रवार को लिवाली का जोर रहा, हालांकि आईटी कंपनियों के शेयर गिरावट में रहे।

बीएसई का सेंसेक्स 19.63 अंक (0.03 प्रतिशत) फिसलकर 74,294.96 अंक पर बंद हुआ। सेंसेक्स के विपरीत नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 सूचकांक भी 75.80 अंक यानी 0.33 प्रतिशत चढ़कर 23,346.40 अंक पर पहुंच गया।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल फिलहाल सवा फीसदी नीचे है। इससे दूसरे प्रमुख एशियाई बाजारों के साथ घरेलू शेयर बाजारों में भी निवेश धारणा मजबूत रही। वृहत बाजार में चौतरफा लिवाली के बीच निफ्टी मिडकैप-50 सूचकांक 0.87 फीसदी और स्मॉलकैप-100 सूचकांक 1.74 प्रतिशत ऊपर बंद हुआ।

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सेक्टर आधारित सूचकांकों में निफ्टी धातु 1.51 प्रतिशत, निफ्टी मीडिया 1.34 प्रतिशत, निफ्टी रियल्टी 1.19 प्रतिशत और निफ्टी रसायन 1.17 प्रतिशत ऊपर बंद हुआ। तेल एवं गैस, बैंकिंग, वित्त, फार्मा और स्वास्थ्य समूहों में भी तेजी रही। आईटी, टिकाऊ उपभोक्ता उत्पाद, एफएमसीजी और ऑटो सेक्टरों के सूचकांक टूट गए।

सेंसेक्स की कंपनियों में टाटा समूह की कंपनी टीसीएस का शेयर सवा चार फीसदी से ज्यादा टूट गया। टाइटन और एशियन पेंट्स के शेयर दो प्रतिशत गिर गए। मारुति सुजुकी, टेक महिंद्रा, टाटा स्टील, सन फार्मा, एनटीपीसी, अल्ट्राटेक सीमेंट, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, आईटीसी, हिंदुस्तान यूनीलिवर और कोटक महिंद्रा बैंक के शेयर एक से दो प्रतिशत लुढ़क गए। महिंद्रा एंड महिंद्रा बैंक, बजाज फिनसर्व, ट्रेंट, आईसीआईसीआई बैंक, इंफोसिस, रिलायंस इंडस्ट्रीज और बीईएल में भी गिरावट रही।

अडानी पोर्ट्स का शेयर पौने चार फीसदी के करीब चढ़ गया। पावरग्रिड, एचडीएफसी बैंक और भारती एयरटेल में दो से ढाई फीसदी तक तेजी रही। बजाज फाइनेंस का शेयर 1.08 प्रतिशत ऊपर रहा। इंडिगो, इटरनल, एलएंडटी और भारतीय स्टेट बैंक भी बढ़त में रहे।

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