Nifty Outlook for 6 July: 24600 तक जाएगा निफ्टी? एक्सपर्ट्स से जानिए अहम लेवल्स

Nifty Outlook: पिछले हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन यानी शुक्रवार को निफ्टी ने बढ़त के साथ कारोबार की शुरुआत की। बाजार गैप-अप खुला, लेकिन पूरे दिन 24,370-24,380 के दायरे में फंसा रहा। इसी स्तर पर बिकवाली हावी रही और बाजार आगे नहीं बढ़ सका। निफ्टी 95 अंक यानी 0.39% की बढ़त के साथ 24,271 पर बंद हुआ।

पूरे हफ्ते कैसा रहा बाजार?

शुक्रवार की तेजी के साथ निफ्टी ने लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में बढ़त दर्ज की। इस वजह से इंडेक्स पिछले 10 हफ्तों के सबसे ऊंचे वीकली क्लोजिंग पर बंद हुआ।

हफ्ते की शुरुआत कमजोर रही थी। शुरुआती दिनों में बाजार पर बिकवाली का दबाव था। लेकिन अहम सपोर्ट लेवल से शानदार वापसी हुई। इसके बाद लगातार तीन दिन तेजी देखने को मिली। पूरे हफ्ते में निफ्टी करीब 0.90% चढ़ा।

सेक्टर का हाल कैसा रहा

इस हफ्ते निफ्टी रियल्टी सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाला सेक्टर रहा। इसके बाद निफ्टी हेल्थकेयर में अच्छी तेजी देखने को मिली। वहीं, निफ्टी पीएसयू बैंक सबसे कमजोर सेक्टर रहा। निफ्टी एनर्जी इंडेक्स भी लाल निशान में बंद हुआ।

मिडकैप और स्मॉलकैप में क्या हुआ?

हालिया तेजी के बाद मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में मुनाफावसूली देखने को मिली। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स ने ‘बेयरिश एंगल्फिंग’ कैंडल बनाई। इसे निकट अवधि की कमजोरी का संकेत माना जाता है। वहीं, निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स ने शुरुआती बढ़त का बड़ा हिस्सा गंवा दिया और लगभग सपाट बंद हुआ।

हालांकि, अच्छी बात यह है कि दोनों इंडेक्स अब भी अपने अहम मूविंग एवरेज के ऊपर कारोबार कर रहे हैं। इससे संकेत मिलता है कि लंबी अवधि का तेजी का ट्रेंड अभी कायम है।

अगले हफ्ते के अहम फैक्टर

अगले हफ्ते बाजार की नजर कई अहम फैक्टर्स पर रहेगी। वैश्विक संकेत अगर सकारात्मक रहे तो तेजी बनी रह सकती है। इसके अलावा कंपनियों के जून तिमाही के बिजनेस अपडेट भी शेयरों में हलचल बढ़ा सकते हैं।

निवेशक मानसून की प्रगति पर भी नजर रखेंगे। जून में बारिश सामान्य से 40% कम रही थी। हालांकि, भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने जुलाई में सामान्य का 94% बारिश होने का अनुमान जताया है। वहीं, पूरे 2026 के मानसून का अनुमान घटाकर 90% कर दिया गया है। इसकी वजह एल नीनो को बताया गया है।

निफ्टी पर एक्सपर्ट की राय

HDFC Securities के नागराज शेट्टी का मानना है कि बाजार में चल रही कंसोलिडेशन जल्द खत्म हो सकती है। इसके बाद निफ्टी में नई तेजी देखने को मिल सकती है। उनके मुताबिक, अगले हफ्ते निफ्टी 24,600 तक पहुंच सकता है। वहीं, 24,050 का स्तर अहम सपोर्ट रहेगा।

Centrum Finverse के निलेश जैन का कहना है कि निफ्टी 24,100 के स्तर के ऊपर मजबूती से टिक गया है। यही इसका 100-डे मूविंग एवरेज भी है। अगर इंडेक्स इस स्तर के ऊपर बना रहता है, तो यह धीरे-धीरे 24,550 तक जा सकता है।

LKP Securities के रूपक डे भी बाजार को लेकर सकारात्मक हैं। उनका मानना है कि निफ्टी पहले 24,500 तक जा सकता है और उसके बाद इससे ऊपर भी निकल सकता है। उन्होंने 24,200 को पहला और 24,000 को मजबूत सपोर्ट बताया है।

बैंक निफ्टी पर राय

बैंक निफ्टी पूरे हफ्ते सीमित दायरे में कारोबार करता रहा। जून में आई तेज तेजी के बाद अब इंडेक्स में कंसोलिडेशन देखने को मिल रहा है। बुधवार को अच्छी तेजी आई थी, लेकिन बाकी दिनों में कारोबार सुस्त रहा। पूरे हफ्ते में बैंक निफ्टी 0.41% गिरकर 58,000 के नीचे बंद हुआ।

Angel One के राजेश भोसले का कहना है कि बैंक निफ्टी फिलहाल समय के हिसाब से करेक्शन के दौर में है। हालांकि, बड़ी तस्वीर अब भी सकारात्मक है क्योंकि इंडेक्स अप्रैल के ब्रेकआउट लेवल 57,500 के ऊपर बना हुआ है।

उनका मानना है कि 57,000-56,500 का दायरा मजबूत सपोर्ट देगा। वहीं, अगर बैंक निफ्टी 58,500-58,800 के ऊपर टिकता है, तो तेजी का अगला चरण शुरू हो सकता है।

Dividend Stocks: टाइटन से नेस्ले तक… इस हफ्ते 45 कंपनियां देंगी ₹75 तक का डिविडेंड, चेक करें पूरी लिस्ट

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

IND vs ENG: इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज से पहले एक्शन में बुमराह, नेट्स में बहाया पसीना

भारत और इंग्लैंड के बीच 3 मैचों की वनडे सीरीज की शुरुआत 14 जुलाई से होगी। वहीं इस मुकाबले में कई बड़े खिलाड़ियों की वापसी होगी। इंग्लैंड के खिलाफ मुकाबले में रोहित शर्मा, विराट कोहली और जसप्रीत बुमराह की वापसी होगी। बुमराह को वर्कलोड मैनेजमेंट के तहत इंग्लैंड और आयरलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में आराम दिया गया है। वहीं इंग्लैंड के खिलाफ मुकाबले के लिए भारतीय तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ने आगामी क्रिकेट सीजन की तैयारी तेज कर दी है।

प्रैक्टिस करते नजर आए बुमराह

हाल ही में वह अहमदाबाद में प्रैक्टिस के दौरान लाल गेंद से गेंदबाजी करते नजर आए। बुमराह ने अपने इंस्टाग्राम पर ट्रेनिंग सेशन की कुछ तस्वीरें भी शेयर कीं, जिनमें वह पूरी लय के साथ प्रैक्टिस करते दिखे। आईपीएल के बाद छोटे ब्रेक के बाद वह गुजरात की घरेलू टीम के खिलाड़ियों के साथ लगातार नेट्स में पसीना बहा रहे हैं, ताकि आने वाली चुनौतियों के लिए पूरी तरह तैयार रह सकें।

 

इंग्लैड के खिलाफ खेलेंगे मुकाबला

जसप्रीत बुमराह को आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ चल रही टी20 सीरीज से आराम दिया गया है, ताकि उनका वर्कलोड मैनेजमेंट संभाला जा सके। बुमराह इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली तीन मैचों की वनडे सीरीज में भारतीय टीम का हिस्सा होंगे। यह सीरीज 14 जुलाई से बर्मिंघम में शुरू होगी, जबकि इसके बाद बाकी मुकाबले 16 जुलाई को कार्डिफ और 19 जुलाई को लॉर्ड्स में खेले जाएंगे।

इससे पहले कब खेले थे वनडे मैच

इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली वनडे सीरीज में जसप्रीत बुमराह लंबे समय बाद 50 ओवर के क्रिकेट में वापसी करेंगे। इससे पहले उन्होंने 2023 वनडे विश्व कप फाइनल के बाद कोई वनडे मैच नहीं खेला था, क्योंकि उनका वर्कलोड मैनेजमेंट रखने के लिए उन्हें आराम दिया गया था। हाल ही में वह अफगानिस्तान के खिलाफ घरेलू टेस्ट और वनडे सीरीज का भी हिस्सा नहीं थे। अब बुमराह सितंबर में जापान के एशियन गेम्स में टी20 टीम से जुड़ेंगे और इसके बाद अगस्त में श्रीलंका के खिलाफ होने वाली दो टेस्ट मैचों की सीरीज में भी भारतीय गेंदबाजी की अहम जिम्मेदारी संभालते नजर आएंगे।

न्यूजीलैंड से होगा भारत का मुकाबला

श्रीलंका के खिलाफ होने वाली दो टेस्ट मैचों की सीरीज के दोनों मुकाबले स्थानीय समयानुसार सुबह 10 बजे शुरू होंगे। इसके बाद भारत नवंबर में न्यूजीलैंड के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की अहम सीरीज खेलेगा। फिलहाल विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) की अंक तालिका में भारत नौ मैचों के बाद 48.15 प्रतिशत अंक के साथ पांचवें स्थान पर है। ऐसे में आने वाली टेस्ट सीरीज में जसप्रीत बुमराह का अच्छा प्रदर्शन भारत के लिए बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि टीम की नजर WTC फाइनल में जगह बनाने पर होगी।

जसप्रीत बुमराह का टेस्ट और वनडे दोनों फॉर्मेट में शानदार रिकॉर्ड रहा है। उन्होंने अब तक 52 टेस्ट मैचों में 234 विकेट और 89 वनडे मुकाबलों में 149 विकेट अपने नाम किए हैं। खास बात यह है कि श्रीलंका दौरा उनके करियर का पहला मौका होगा, जब वह वहां टेस्ट क्रिकेट खेलते हुए नजर आएंगे।

कल का मौसम 6 जुलाई: गुजरात से MP तक रेड-ऑरेंज अलर्ट, IMD ने इन 22+ राज्यों में धुआंधार बारिश, आंधी-तूफान का अलर्ट जारी किया

देश भर में दक्षिण-पश्चिम मानसून (Southwest Monsoon 2026) का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है। मानसून की उत्तरी सीमा (NLM) इस समय जामनगर, उदयपुर, अजमेर, झुंझुनू, हिसार और बठिंडा से होकर गुजर रही है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक अगले 3 दिनों के भीतर मानसून के उत्तरी अरब सागर, गुजरात के कुछ और हिस्सों, पंजाब और हरियाणा के बचे हुए इलाकों और राजस्थान के कुछ और भागों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हैं।

IMD के ताजा बुलेटिन के मुताबिक उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे उत्तरी ओडिशा-पश्चिम बंगाल के तटों पर बना डीप डिप्रेशन 7 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है। यह वर्तमान में ओडिशा के बालासोर से लगभग 40 किमी दक्षिण, चांदबाली से 50 किमी उत्तर-उत्तर-पूर्व और पश्चिम बंगाल के दीघा से 70 किमी दक्षिण-पश्चिम में केंद्रित है। इसके अगले 12 घंटों के दौरान बालासोर के करीब चांदबाली और दीघा के बीच उत्तरी ओडिशा तट को पार करने की संभावना है। इसके बाद यह उत्तर ओडिशा और उत्तरी छत्तीसगढ़ की ओर बढ़ेगा।

इस डिप्रेशन के साथ-साथ मौसमी ट्रफ रेखा, ऑफ-शोर ट्रफ और पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण 6 जुलाई को देश के 22 से अधिक राज्यों में मूसलाधार बारिश और तीव्र आंधी-तूफान का डबल अटैक होने जा रहा है।

इन 4 क्षेत्रों में अत्यंत भारी बारिश का रेड अलर्ट

मौसम विभाग ने 6 जुलाई के लिए देश के चार राज्यों/क्षेत्रों में अत्यंत भारी बारिश की आशंका जताते हुए रेड अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में रिकॉर्डतोड़ पानी बरस सकता है:

  • छत्तीसगढ़
  • गुजरात क्षेत्र
  • कोंकण और गोवा
  • मध्य महाराष्ट्र

WhatsApp Image 2026-07-05 at 18.23.26

मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तराखंड सहित इन राज्यों में बहुत भारी बारिश

आईएमडी के पूर्वानुमान के मुताबिक, 6 जुलाई को कई राज्यों में बादलों की तेज गर्जना के साथ बहुत भारी बारिश दर्ज की जाएगी जिसके लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है-

  • मध्य प्रदेश
  • पूर्वी राजस्थान
  • उत्तराखंड
  • हिमाचल प्रदेश
  • ओडिशा
  • सौराष्ट्र और कच्छ
  • केरल और माहे
  • कर्नाटक

दिल्ली, पंजाब, यूपी और बिहार सहित इन राज्यों में भारी बारिश

  • मौसम विभाग ने 6 जुलाई को देश के कई अन्य हिस्सों में भी भारी मानसून की बौछारें पड़ने की संभावना जताई है:
  • उत्तर और मध्य भारत: हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली, पंजाब, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, और महाराष्ट्र का विदर्भ क्षेत्र।
  • पूर्वी भारत: बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल व सिक्किम।
  • पश्चिम और दक्षिण भारत: महाराष्ट्र का मराठावाड़ा इलाका।
  • उत्तर-पूर्व भारत: अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा।

4 राज्यों में 60 किमी/घंटे की रफ्तार से बवंडर की चेतावनी

मौसम विभाग ने 6 जुलाई को कुछ राज्यों में बेहद खतरनाक और विनाशकारी हवाओं के साथ बवंडर आने की चेतावनी दी है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, तटीय कर्नाटक, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक और तेलंगाना में अलग-अलग स्थानों पर 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से तीव्र थंडरस्कॉल चलने की आशंका है।

देश भर में आंधी-तूफान, बिजली और तेज हवाओं का कहर

इसके अलावा देश के अलग-अलग हिस्सों में आंधी और आकाशीय बिजली का अलर्ट जारी किया गया है-

40-50 किमी/घंटे की रफ्तार वाली आंधी और बिजली: बिहार, झारखंड, गंगीय पश्चिम बंगाल, राजस्थान, गुजरात राज्य, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, मध्य महाराष्ट्र, मराठावाड़ा, आंध्र प्रदेश, केरल व माहे और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में अलग-अलग स्थानों पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी और आकाशीय बिजली कड़केगी।

30-40 किमी/घंटे की रफ्तार वाली हवाएं: उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में कुछ जगहों पर गरज-चमक के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है।

सिर्फ आकाशीय बिजली का अलर्ट: उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा में अलग-अलग स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है।

मजबूत सतही हवाएं: तटीय कर्नाटक, केरल व माहे, रायलसीमा, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल और तेलंगाना में अलग-अलग जगहों पर काफी तेज सतही हवाएं चलने की संभावना है।

असम में भारी उमस का अलर्ट

मौसम के इस उतार-चढ़ाव के बीच उत्तर-पूर्व के राज्य असम और मेघालय में कुछ स्थानों पर मौसम बेहद गर्म और उमस भरा बना रहेगा। इससे लोगों को चिपचिपी गर्मी का सामना करना पड़ सकता है।

समंदर में जाने वाले मछुआरों के लिए सख्त चेतावनी

डीप डिप्रेशन और चक्रवाती प्रणालियों के कारण समुद्री तटों पर हालात बेहद खराब और डरावने रहने वाले हैं-

अरब सागर और तटीय इलाके: गुजरात, महाराष्ट्र, कोंकण व गोवा, कर्नाटक, केरल के तटों, लक्षद्वीप क्षेत्र और उससे सटे पूर्व-मध्य व उत्तर-पूर्वी अरब सागर में 40-50 किमी प्रति घंटे (झोंके 60 किमी प्रति घंटे तक) की रफ्तार से मौसम खराब रहेगा।

बंगाल की खाड़ी: उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी, उत्तरी पश्चिम बंगाल और ओडिशा के तटों पर 45-55 किमी प्रति घंटे (झोंके 65 किमी प्रति घंटे तक) की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने की आशंका है। इसके अलावा केंद्रीय बंगाल की खाड़ी, उत्तरी पश्चिम बंगाल, ओडिशा और उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटों पर भी 45-55 किमी प्रति घंटे (झोंके 65 किमी प्रति घंटे तक) की रफ्तार से चक्रवाती हवाएं चलेंगी।

आंध्र प्रदेश के तटों, उत्तरी और मध्य बंगाल की खाड़ी के अधिकांश हिस्सों, दक्षिणी बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों और उत्तरी अंडमान सागर में 40-50 किमी प्रति घंटे (झोंके 60 किमी प्रति घंटे तक) की रफ्तार से ऊंची लहरों के साथ तूफानी मौसम रहने का अनुमान है। मछुआरों को इन क्षेत्रों में न जाने की सख्त हिदायत दी गई है।

प्यार के लिए पार कर दी LoC, गर्लफ्रेंड के लिए PoK से भारत आ गया युवक…लव स्टोरी का चौंकाने वाला अंत

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) के रहने वाले एक युवक ने कथित तौर पर जम्मू-कश्मीर में रहने वाली एक युवती से मिलने के लिए लाइन ऑफ कंट्रोल (LoC) पार कर ली। दोनों की दोस्ती सोशल मीडिया ऐप स्नैपचैट पर हुई थी, जो बाद में प्यार में बदल गई। हालांकि, यह सीमा पार की प्रेम कहानी ज्यादा आगे नहीं बढ़ सकी और युवक को वापस पाकिस्तान भेज दिया गया।

स्नैपचैट वाली मोहब्बत में PoK से भारत आ गया युवक

रिपोर्ट के मुताबिक, PoK के मुजफ्फराबाद निवासी जीशान मीर की पहचान जम्मू-कश्मीर के उरी की रहने वाली इरम मजीद से स्नैपचैट के जरिए हुई थी। अधिकारियों का कहना है कि प्रेमिका से मिलने की चाह में जीशान ने गैरकानूनी तरीके से LoC पार की। रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय सीमा में आने के करीब एक महीने बाद 31 मई को जीशान मीर को उरी के सिलिकोट सेक्टर के पास भारतीय सेना की 12 ग्रेनेडियर्स की टीम ने पकड़ लिया था। सभी कानूनी और सुरक्षा संबंधी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद 4 जुलाई को कमान अमन सेतु क्रॉसिंग पर उसे पाकिस्तानी सेना के अधिकारियों को सौंप दिया गया।

भारतीय सेना ने पकड़ा

अधिकारियों ने बताया कि भारत में रहने के दौरान भारतीय सेना ने जीशान मीर के साथ मानवीय आधार पर सम्मान और संवेदनशीलता के साथ व्यवहार किया। यह सेना की पेशेवर कार्यशैली और मानवीय मूल्यों के अनुरूप था। यह मामला हाल के वर्षों में सामने आई सीमा पार की प्रेम कहानियों में एक नया उदाहरण बन गया है।

इससे पहले साल 2023 में पाकिस्तान की रहने वाली सीमा हैदर भी काफी चर्चा में रही थीं। वह अपने चार बच्चों के साथ गैरकानूनी तरीके से भारत आई थीं ताकि अपने साथी सचिन मीना के साथ रह सकें। दोनों की पहचान ऑनलाइन गेम PUBG खेलते समय हुई थी और बाद में दोनों के बीच प्यार हो गया। भारत आने के बाद सीमा हैदर को गिरफ्तार किया गया था, लेकिन बाद में उन्हें जमानत मिल गई। अब वह ग्रेटर नोएडा में सचिन मीना के साथ रहती हैं और दोनों के दो बच्चे हैं।

साल 2023 में ऐसा ही एक और मामला सामने आया था। पाकिस्तान की 19 वर्षीय इकरा जीवानी अपने साथी मुलायम सिंह यादव के साथ रहने के लिए नेपाल के रास्ते गैरकानूनी तरीके से भारत पहुंची थीं। दोनों की पहचान मोबाइल पर लूडो खेलते समय हुई थी। बाद में दोनों ने शादी कर ली और बेंगलुरु में रहने लगे। कुछ समय बाद अधिकारियों ने उन्हें ढूंढ़ निकाला। इसके बाद इकरा को गिरफ्तार किया गया और बाद में उन्हें वापस पाकिस्तान भेज दिया गया।

PoK में पाकिस्तानी फोर्स ने लोगों पर गोलियां चलाईं:पाकिस्तान सरकार के खिलाफ 40 हजार प्रदर्शनकारी जुटे थे; कई लोग घायल

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में रविवार को जम्मू-कश्मीर जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के शांतिपूर्ण प्रदर्शन रैली पर पाकिस्तानी फोर्स ने गोलियां चला दीं। ANI की रिपोर्ट के मुताबिक, JAAC ने दावा किया कि अब्बासपुर के सरदार गुलाम हुसैन खान स्पोर्ट्स स्टेडियम में करीब 40 हजार लोग जुटे थे। संगठन का आरोप है कि डुडियाल के AMB इलाके में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने बिना उकसावे के गोलीबारी की, जिसमें कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए। हालांकि, घायलों की आधिकारिक संख्या या पाकिस्तान प्रशासन की ओर से इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। JAAC का कहना है कि यह प्रदर्शन इस्लामाबाद सरकार के खिलाफ है। साथ ही, यह आंदोलन JAAC के नेताओं और कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी, प्रशासनिक विफलताओं और बुनियादी अधिकारों की मांग को लेकर चल रहा है। संगठन ने गिरफ्तार नेताओं और कार्यकर्ताओं की तुरंत रिहाई की मांग की है। पाकिस्तानी सेना की फायरिंग की 2 फोटो… कई इलाकों से पहुंचे लोग, विदेश में भी प्रदर्शन रिपोर्ट के अनुसार, डेरा इस्माइल खान में चल रहे धरना स्थल पर भी कई अलग-अलग इलाकों से लोगों के काफिले लगातार पहुंचते रहे। प्रदर्शन में महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों की भी बड़ी भागीदारी बताई गई। JAAC ने कहा कि रावलाकोट और चक की महिलाएं भी सड़कों पर उतरकर आंदोलन का नेतृत्व कर रही हैं। संगठन का दावा है कि प्रदर्शनकारी प्रशासन के दबाव के बावजूद पीछे नहीं हटे। वहीं, JAAC की अपील पर न्यूजीलैंड के ऑकलैंड में रहने वाले कश्मीरी समुदाय ने भी प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने JAAC के कोर कमेटी सदस्य शौकत नवाज मीर की गिरफ्तारी का विरोध किया और उनकी रिहाई की मांग की। JAAC का कहना है कि शौकत नवाज मीर की गिरफ्तारी के बाद पूरे PoJK में तनाव बढ़ गया है। संगठन ने सोशल मीडिया पर ‘रीलिज शौकत मीर’ अभियान चलाया, जिसके तहत लोगों से आंदोलन में शामिल होने की अपील की। प्रदर्शन के दौरान ‘लॉन्ग लिव कश्मीर’ और ‘लॉन्ग लिव द पीपल’ जैसे नारे लगाए गए। प्रदर्शन करने वाले संगठन JAAC के बारे में जानिए 5 लाख लोगों को जुटाने का लक्ष्य JAAC ने सोशल मीडिया पर PoK के 10 जिलों की अनुमानित आबादी का आंकड़ा साझा किया। संगठन के मुताबिक, यदि प्रत्येक जिले से 50 हजार लोग प्रदर्शन में शामिल हों तो कुल संख्या पांच लाख तक पहुंच सकती है।
संगठन ने लोगों से सफेद झंडे के साथ शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने और अनुशासन बनाए रखने की अपील की। उसका कहना है कि उद्देश्य दुनिया को यह संदेश देना है कि प्रदर्शन केवल बुनियादी अधिकारों की मांग के लिए है। पिछले महीने हिंसा में 30 की मौत हुई थी 8 जून को PoK में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई हिंसक झड़पों में 30 लोगों की मौत हो गई, जबकि 200 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक यह हिंसा जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) और क्षेत्रीय सरकार के बीच चल रहे विवाद के दौरान हुई। रिपोर्ट के अनुसार मृतकों में 4 पुलिसकर्मी शामिल हैं। वहीं 23 सुरक्षाकर्मी और करीब 50 प्रदर्शनकारी घायल हुए हैं। पुलिस ने अब तक 30 लोगों को गिरफ्तार किया है। PoK में JAAC और सरकार के बीच विधानसभा की 12 आरक्षित सीटों को लेकर विवाद चल रहा है। ये सीटें उन शरणार्थियों के लिए आरक्षित हैं जो जम्मू-कश्मीर से पाकिस्तान के अन्य हिस्सों में जाकर बसे थे। JAAC इन सीटों को खत्म करने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहा है। भारत ने इंटरनेशनल कम्युनिटी से दखल देने की मांग की थी PoK में चल रहे विरोध प्रदर्शनों पर भारत ने पाकिस्तान पर फेक न्यूज और फेक वीडियो फैलाने का आरोप लगाया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि इस मामले में पाकिस्तान की तरफ से लगातार झूठी खबरें और वीडियो फैलाने का पैटर्न देखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह अपनी नाकामियों को छिपाने और मानवाधिकार उल्लंघन से ध्यान हटाने की हताश कोशिश है। रणधीर जायसवाल ने कहा कि पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में पुलिस की बर्बरता की खबरें सामने आ रही हैं, जिनमें कई लोगों की मौत हुई है और कई घायल हुए हैं। उन्होंने कहा कि भारत को उम्मीद है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय पाकिस्तान के गलत कामों और मानवाधिकार उल्लंघन के लिए उसे जवाबदेह ठहराएगा। JAAC पर बैन लगा, जिसके बाद हिंसा भड़की सरकार ने 5 जून को JAAC पर आतंकवाद विरोधी कानून के तहत प्रतिबंध लगा दिया था। इसके बाद से इलाके में तनाव लगातार बढ़ रहा है। रविवार को JAAC के कार्यकर्ता संगठन के एक सदस्य की मौत के विरोध में अस्पताल के शवगृह के बाहर प्रदर्शन कर रहे थे। सदस्य की मौत कथित तौर पर पुलिस फायरिंग में हुई थी। पुलिस जब प्रदर्शनकारियों को हटाने पहुंची, तभी झड़प शुरू हो गई और हिंसा फैल गई। रावलकोट के कमिश्नर सरदार वहीद खान ने रॉयटर्स से कहा कि प्रदर्शनकारियों की गोलीबारी में चार पुलिसकर्मियों और एक राहगीर की मौत हुई। उन्होंने दावा किया कि इसके जवाब में सुरक्षा बलों की कार्रवाई में छह प्रदर्शनकारी मारे गए। पाकिस्तानी अखबार डॉन के मुताबिक पुलिस का आरोप है कि JAAC से जुड़े लोगों ने सुरक्षाकर्मियों पर शॉटगन और अन्य हथियारों से हमला किया। पुलिस ने घटना को आतंकवादी कार्रवाई करार देते हुए कहा कि कानून-व्यवस्था और नागरिकों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। PoK में 27 जुलाई को चुनाव गिलगित-बाल्टिस्तान के बाद 27 जुलाई को पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में विधानसभा चुनाव कराए जाएंगे। PoK की विधानसभा में कुल 53 सीटें हैं। इनमें से 45 सीटों पर सीधे चुनाव होता है, जबकि 8 सीटें महिलाओं, तकनीकी विशेषज्ञों और धार्मिक विद्वानों के लिए आरक्षित हैं। PoK में विधानसभा का कार्यकाल पांच साल का होता है। इससे पहले 2021 में PoK विधानसभा चुनाव में इमरान खान की पार्टी (PTI) ने 45 में से 25 सीटें जीतकर सरकार बनाई थी। इसके बाद सरदार अब्दुल कय्यूम नियाजी प्रधानमंत्री बने। हालांकि अप्रैल 2022 में इमरान खान की सरकार गिर गई। इसका असर वहां की राजनीति पर भी पड़ा। मई 2022 में सरदार अब्दुल कय्यूम नियाजी ने इस्तीफा दे दिया। इसके बाद PTI ने ही सरदार तनवीर इलियास को नया प्रधानमंत्री बनाया। लेकिन अप्रैल 2023 में PoK की उच्च अदालत ने उन्हें अदालत की अवमानना के मामले में अयोग्य घोषित कर दिया। इसके बाद उनका पद चला गया और एक बार फिर नया प्रधानमंत्री चुनना पड़ा। इसके बाद PTI के ही चौधरी अनवरुल हक प्रधानमंत्री बने। लेकिन कुछ ही समय बाद उन्होंने इमरान खान और PTI से दूरी बना ली और खुद को स्वतंत्र नेता के रूप में स्थापित किया। चौधरी अनवरुल हक को भी नवंबर 2025 में अविश्वास प्रस्ताव के जरिए हटा दिया गया था, और अब वहां पाकिस्तान पीपल्स पार्टी (PPP) के फैसल मुमताज राठौर नए प्रधानमंत्री हैं। ————————— पाकिस्तान के कब्जे वाले गिलगित-बाल्टिस्तान में चुनाव से भारत नाराज:कहा- इससे अवैध कब्जा वैध नहीं होगा; 7 जून को 24 सीटों पर वोटिंग भारत ने पाकिस्तान के कब्जे वाले गिलगित-बाल्टिस्तान में 7 जून को होने वाले विधानसभा चुनावों का कड़ा विरोध किया है। विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को जारी बयान में कहा कि पाकिस्तान जिस क्षेत्र पर अवैध और जबरन कब्जा किए हुए है, वहां चुनाव कराने की उसकी योजना पूरी तरह अस्वीकार्य है। पूरी खबर यहां पढ़ें…

Akshay Kumar: अक्षय कुमार के प्रोडक्शन हाउस ने ‘हेरा फेरी 3’ के राइट्स को लेकर दी चेतावनी, गलत काम करने वालों के खिलाफ करेंगे कानूनी कार्रवाई

Akshay Kumar: ‘हेरा फेरी 3’ एक ऐसी फ़िल्म है जो किसी और चीज़ से ज़्यादा अपने से जुड़े विवादों की वजह से चर्चा में रही है। पहले कास्ट में बदलाव, फिर परेश रावल का अचानक बाहर जाना और वापस आना, उसके बाद डायरेक्टर का बदलना और अब प्रियदर्शन का फ़िल्म से अलग होना—यह विवाद थमने का नाम ही नहीं ले रहा है।

अब, ‘कंप्लीट सिनेमा’ के 4 जुलाई, 2026 के अंक में छपे एक पब्लिक नोटिस में, अक्षय कुमार के प्रोडक्शन हाउस ‘केप ऑफ़ गुड फ़िल्म्स LLP’ ने घोषणा करते हुए कहा कि फ़िल्म को बनाने और कमर्शियली इस्तेमाल करने के अधिकार सिर्फ़ और सिर्फ़ उन्हीं के पास हैं।

बाद में, अक्षय कुमार के फैन क्लब ने पब्लिक नोटिस का एक स्क्रीनशॉट शेयर किया। इसमें डिस्ट्रीब्यूटर, एग्ज़िबिटर, सिनेमा चेन, OTT प्लेटफॉर्म, टेलीविज़न ब्रॉडकास्टर, डिजिटल प्लेटफॉर्म और अन्य सभी संबंधित लोगों को संबोधित किया गया था।

अक्षय के प्रोडक्शन हाउस की ओर से जारी नोटिस में कहा गया है, “आम जनता और खास तौर पर भारतीय फिल्म इंडस्ट्री को यह सूचित किया जाता है कि ‘केप ऑफ गुड फिल्म्स LLP’ के पास ‘हेरा फेरी 3’ (‘फिल्म’) नाम की सिनेमैटोग्राफ फिल्म को बनाने, डिस्ट्रीब्यूट करने, मार्केटिंग करने, इस्तेमाल करने, कमर्शियलाइज़ करने और उससे जुड़े अन्य सभी काम करने का एकमात्र और एक्सक्लूसिव अधिकार है। यह अधिकार अटूट, दुनिया भर में लागू, हमेशा के लिए और बिना किसी रोक-टोक के है। इसमें फिल्म से जुड़े सभी अधिकार शामिल हैं, जो सभी तरीकों, मीडिया, प्लेटफॉर्म, टेक्नोलॉजी और फॉर्मेट में लागू होंगे, चाहे वे अभी मौजूद हों या भविष्य में बनाए जाएं।”

इसमें आगे कहा गया है, “सभी लोगों और संस्थाओं से कहा जाता है कि वे ‘केप ऑफ़ गुड फ़िल्म्स LLP’ के ऊपर बताए गए अधिकारों को पहचानें और उनका सम्मान करें। साथ ही, उन्हें चेतावनी दी जाती है कि वे ‘केप ऑफ़ गुड फ़िल्म्स LLP’ की लिखित मंज़ूरी के बिना किसी ऐसी तीसरी पार्टी के साथ कोई समझौता, लेन-देन, बातचीत, प्रतिनिधित्व या डीलिंग न करें जो इस फ़िल्म से जुड़े अधिकारों का दावा करती हो।”

नोटिस में उन लोगों के ख़िलाफ़ कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है जो इसका पालन नहीं करते हैं। नोटिस में कहा गया है, “जो कोई भी इस नोटिस के ख़िलाफ़ काम करेगा, वह पूरी तरह से अपने जोखिम पर ऐसा करेगा, और ‘केप ऑफ़ गुड फ़िल्म्स LLP’ कानून और इक्विटी के तहत उपलब्ध सभी अधिकारों और उपायों को सुरक्षित रखती है।”

‘हेरा फेरी’ फ़्रैंचाइज़ी की शुरुआत साल 2000 में हुई थी, जिसमें अक्षय कुमार, सुनील शेट्टी और परेश रावल मुख्य भूमिकाओं में थे। यह फ़िल्म हिंदी सिनेमा की सबसे पसंदीदा कॉमेडी फ़िल्मों में से एक बन गई और 2006 में इसका सीक्वल ‘फिर हेरा फेरी’ आया। फ़ैंस सालों से इसके तीसरे भाग का इंतज़ार कर रहे हैं, लेकिन यह फ़िल्म अभी भी अनिश्चितता के बीच अटकी हुई है।

Vaibhav Sooryavanshi: संजू की जगह वैभव सूर्यवंशी को चुने जाने पर भड़के संजय मांजरेकर, फैसले पर उठाए सवाल

IND vs ENG: भारत और इंग्लैंड के बीच 5 मैचों की टी20 सीरीज के दूसरे मुकाबले में इंग्लैंड ने भारत ने 4 विकेट से मात दी है। वहीं इंग्लैंड के खिलाफ मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी ने अपना डेब्यू किया। वह भारत की ओर से सबसे कम उम्र में डेब्यू करने वाले खिलाड़ी बन गए। इससे पहले ये रिकॉर्ड क्रिकेट के दिग्गज खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर के नाम था। वहीं पूर्व भारतीय क्रिकेटर संजय मांजरेकर ने इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टी20 मैच में संजू सैमसन की जगह 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी को मौका देने के फैसले पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि वैभव का अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू देखना खुशी की बात है, लेकिन अगर संजू पूरी तरह फिट थे तो उन्हें बाहर बैठाने का फैसला समझ से परे है।

पहले मैच में वैभव ने बनाए 14 रन

संजू सैमसन के बाहर होने की वजह चोट नहीं थी। मैच के बाद जब कप्तान श्रेयस अय्यर से इस फैसले के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने माना कि टीम में जगह के लिए कड़ा मुकाबला है। संजू की जगह 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी को मौका मिला, लेकिन अपने पहले अंतरराष्ट्रीय मैच में वह ज्यादा प्रभाव नहीं छोड़ सके और 10 गेंदों में 14 रन बनाकर आउट हो गए। ओल्ड ट्रैफर्ड की उछाल भरी पिच पर उन्हें बल्लेबाजी करने में मुश्किलों का सामना करना पड़ा।

संजय मांजरेकर ने फैसले पर उठाया सवाल

संजय मांजरेकर ने X पर लिखा, “वैभव सूर्यवंशी को भारत की जर्सी में खेलते देखना बेहद खुशी की बात है। लेकिन संजू सैमसन को बाहर क्यों किया गया? अगर ऐसा हुआ है तो यह हैरान करने वाला फैसला है। मुझे उम्मीद है कि वह चोटिल होंगे, क्योंकि अगर ऐसा नहीं है तो ये काफी अजीब चयन है। अगर टीम वैभव को मौका देना चाहती थी, तो उन्हें तीसरे नंबर पर भी बल्लेबाजी कराई जा सकती थी।”

कैसा था भारत-इंग्लैंड का मुकाबला

भारत और इंग्लैंड के बीच 5 मैचों की टी20 सीरीज का दूसरा मुकाबला 4 जुलाई को मैनचेस्टर के ओल्डट्रैफर्ड में खेला गया। मुकाबले में इंग्लैंड ने भारत को 4 विकेट से मात दी है। इस जीत के साथ इंग्लैंड की टीम 5 मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है। वहीं सीरीज का पहला मुकाबला बारिश की वजह से रद्द हो गया था। दूसरे टी-20 में पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने 20 ओवर में 7 विकेट पर 190 रन बनाए। टारगेट का पीछा करने आई इंग्लैंड की टीम 19 ओवर में ही टारगेट हासिल कर लिया।

IT Stocks: चॉइस इंस्टीट्यूशनल ने आईटी कंपनियों की रेटिंग-टारगेट घटाए, कहा- रिकवरी में लग सकता है वक्त

IT Stocks: ब्रोकरेज फर्म Choice Institutional Equities का मानना है कि वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही (Q1 FY27) भारतीय आईटी सेक्टर के लिए एक और कमजोर तिमाही साबित हो सकती है। ब्रोकरेज के मुताबिक, मांग में सुधार नहीं दिख रहा। उल्टा हालात और बिगड़े हैं। इससे साफ है कि जिस रिकवरी की उम्मीद थी, वह अब और आगे खिसक गई है।

ब्रोकरेज का कहना है कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता अब भी बनी हुई है। कंपनियां नए फैसले लेने में समय लगा रही हैं। AI की वजह से प्रोडक्टिविटी बढ़ी है, लेकिन इसका असर रेवेन्यू पर दबाव के रूप में दिख रहा है। वहीं, भू-राजनीतिक तनाव भी बना हुआ है। इन सब वजहों से कंपनियां गैरजरूरी (Discretionary) खर्च कम कर रही हैं। इसका असर पूरे आईटी सेक्टर की ग्रोथ पर पड़ रहा है।

लार्जकैप और मिडकैप पर अनुमान

ब्रोकरेज का मानना है कि बड़ी आईटी कंपनियों की कॉन्स्टेंट करेंसी (CC) ग्रोथ तिमाही आधार पर सपाट रह सकती है। कुछ कंपनियों में हल्की गिरावट भी देखने को मिल सकती है।

वहीं, मिडकैप आईटी कंपनियां बेहतर प्रदर्शन कर सकती हैं। इसकी वजह नए डील्स का शुरू होना और बाजार हिस्सेदारी बढ़ना है।

कमाई के अनुमान में कटौती

Choice Institutional Equities का कहना है कि वित्त वर्ष 2027 की पहली छमाही की ग्रोथ पूरे साल के गाइडेंस के हिसाब से कमजोर दिख रही है। ऐसे में आने वाली तिमाहियों में कई कंपनियां अपने गाइडेंस में बदलाव कर सकती हैं। कमाई के अनुमान भी घटाए जा सकते हैं।

इसी वजह से ब्रोकरेज ने वित्त वर्ष 2027 और 2028 के लिए पूरे आईटी सेक्टर की कमाई के अनुमान में 0.1% से 16.7% तक की कटौती की है। साथ ही, कई कंपनियों के टारगेट प्राइस और वैल्यूएशन में भी 0% से 21.6% तक की कमी की गई है। इसकी वजह कमजोर मांग, AI की वजह से रेवेन्यू पर दबाव और बढ़ता एग्जीक्यूशन रिस्क है।

क्या अब आईटी शेयरों में खरीदारी का मौका है?

ब्रोकरेज का मानना है कि आईटी शेयरों में पहले ही अच्छी-खासी गिरावट आ चुकी है। इसलिए अब नीचे जाने की गुंजाइश सीमित दिखती है। हालांकि, सेक्टर में दोबारा तेज तेजी तभी आएगी, जब मांग में सुधार दिखे। कंपनियों की रेवेन्यू ग्रोथ तेज हो। साथ ही, GenAI से सिर्फ लागत घटाने के बजाय कमाई बढ़ने के भी साफ संकेत मिलें।

HCLTech : चॉइस इंस्टीट्यूशनल ने HCLTech की रेटिंग ‘Add’ से बढ़ाकर ‘Buy’ कर दी है। हालांकि, टारगेट प्राइस 1,500 रुपये से घटाकर 1,410 रुपये कर दिया गया है।

Mphasis : इसकी रेटिंग ‘Buy’ से घटाकर ‘Add’ कर दी गई है। कंपनी का नया टारगेट प्राइस 2,520 रुपये रखा गया है।

Persistent Systems : ब्रोकरेज ने Persistent Systems की रेटिंग घटाकर ‘Add’ कर दी है। कंपनी का नया टारगेट प्राइस 5,010 रुपये तय किया गया है।

Tech Mahindra : महिंद्रा ग्रुप की आईटी कंपनी की रेटिंग भी घटाकर ‘Add’ कर दी गई है। ब्रोकरेज ने शेयर का नया टारगेट प्राइस 1,600 रुपये रखा है।

Zensar Technologies : ब्रोकरेज ने Zensar Technologies की रेटिंग भी ‘Add’ कर दी है। कंपनी का नया टारगेट प्राइस 560 रुपये तय किया गया है।

TCS : चॉइस इंस्टीट्यूशनल ने टाटा ग्रुप की आईटी TCS पर ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखी है। हालांकि, टारगेट प्राइस घटाकर 2,625 रुपये कर दिया गया है।

Infosys : इस आईटी कंपनी पर भी ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखी गई है। ब्रोकरेज ने टारगेट प्राइस घटाकर 1,360 रुपये कर दिया है।

Happiest Minds : इस पर ब्रोकिंग फर्म ने ‘Buy’ रेटिंग कायम रखी है। कंपनी का नया टारगेट प्राइस 440 रुपये कर दिया गया है।

Coforge : चॉइस इंस्टीट्यूशनल ने Coforge पर ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखी है। कंपनी का टारगेट प्राइस 1,900 रुपये पर कायम रखा गया है।

Wipro : ब्रोकरेज ने Wipro पर ‘Add’ रेटिंग बरकरार रखी है। हालांकि, टारगेट प्राइस घटाकर 185 रुपये कर दिया गया है।

Stocks to Buy: ये 10 स्टॉक्स दे सकते हैं 43% तक रिटर्न, एक्सपर्ट्स ने दी खरीदने की सलाह

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

अमेरिका में AAPI अवार्ड मिलने पर भावुक हुईं नीता अंबानी, पिता को याद कर मंच से कही ये बात

रिलायंस फाउंडेशन की चेयरपर्सन नीता अंबानी ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का गौरव बढ़ाया है। अमेरिका के फ्लोरिडा स्थित टाम्पा सिटी में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में उन्हें दो बेहद प्रतिष्ठित सम्मानों से नवाजा गया है। अमेरिका के टाम्पा में उन्हें प्रतिष्ठित अमेरिकन एसोसिएशन ऑफ फिजिशियंस ऑफ इंडियन ओरिजिन (AAPI) ह्यूमैनिटेरियन अवार्ड से नवाजा गया। इसके साथ ही, टाम्पा शहर की मेयर जेन कैस्टर ने उन्हें ‘की टू द सिटी ऑफ टाम्पा’ (Key to the City of Tampa) अवॉर्ड से सम्मानित किया। वहीं इस मौके पर नीता अंबानी ने कहा कि यह पल उनके लिए बेहद खास और भावुक करने वाला है। उन्होंने बताया कि उनके पिता ने उन्हें ऐसे संस्कार दिए, जिन्होंने जीवन और समाज सेवा के रास्ते पर हमेशा उनका मार्गदर्शन किया। उन्होंने कहा, “आज मेरे लिए बहुत भावुक दिन है। इस मंच पर ह्यूमैनिटेरियन अवार्ड मिलना मेरे लिए बड़े सम्मान की बात है।”

खास मौके पर नीता अंबानी ने पिता को किया याद

अपने पिता को याद करते हुए रिलायंस फाउंडेशन की चेयरपर्सन नीता अंबानी ने कहा कि उन्होंने हमेशा उन्हें और उनकी बहन को सिखाया कि लड़कियों को भी लड़कों की तरह बराबर अवसर मिलने चाहिए। नीता अंबानी ने कहा, “मेरे पिता ने मुझे करुणा और दूसरों की मदद करने का महत्व सिखाया। उन्होंने हमेशा मुझे और मेरी बहन को भरोसा दिलाया कि बेटियां किसी भी मामले में बेटों से कम नहीं होतीं।” उन्होंने अपने पिता की लंबी बीमारी का भी जिक्र किया। नीता अंबानी ने बताया कि उनकी देखभाल करते हुए उन्हें बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की जरूरत का एहसास हुआ। इसी अनुभव ने उन्हें रिलायंस फाउंडेशन के माध्यम से हेल्थकेयर के क्षेत्र में काम करने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा, “मेरे पिता अपने जीवन के आखिरी वर्षों में गंभीर रूप से बीमार थे। स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में मैंने जो भी काम किया है, उसकी शुरुआत उसी अनुभव से हुई।”

अवॉर्ड लेते  हुए नीता अंबानी ने कहा कि यह सम्मान सिर्फ उनका नहीं, बल्कि उन सभी लोगों का भी है जो उनके साथ मिलकर समाज सेवा का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “मैं पूरे सम्मान और आभार के साथ AAPI ह्यूमैनिटेरियन अवॉर्ड स्वीकार करती हूं। समाज सेवा का काम कोई एक व्यक्ति अकेले नहीं कर सकता। इसके पीछे एक मेहनती, समर्पित और ईमानदार टीम होती है।” नीता अंबानी ने आगे कहा कि रिलायंस फाउंडेशन का पूरा काम एक सरल सोच पर आधारित है। उन्होंने कहा, “हम लोगों की परवाह करते हैं, अपने देश की परवाह करते हैं और अपने पर्यावरण की भी पूरी जिम्मेदारी निभाते हैं।”

भारतीय-अमेरिकी समुदाय की सराहना

नीता अंबानी ने भारतीय-अमेरिकी समुदाय की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने भारत की संस्कृति और परंपराओं को जीवित रखा है और अमेरिका के विकास में भी अहम योगदान दिया है। उन्होंने भारतीय मूल के डॉक्टरों की भी प्रशंसा की और कहा कि उनकी काबिलियत तथा मरीजों की सेवा के प्रति समर्पण ने उन्हें दुनिया भर में सम्मान दिलाया है। उन्होंने बताया कि AAPI ह्यूमैनिटेरियन अवॉर्ड उन्हें स्वास्थ्य, शिक्षा, खेल, संस्कृति और सामुदायिक विकास के क्षेत्र में किए गए कामों और रिलायंस फाउंडेशन के माध्यम से लंबे समय से की जा रही समाज सेवा के लिए दिया गया है।

Instagram Ad Row: क्या भारत में बैन होगा इंस्टाग्राम? सरकार ने Meta को भेजा नोटिस, जानिए क्या है विवाद

Instagram Ad Row: केंद्र सरकार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर ‘पेड’ विज्ञापनों में बच्चों के यौन शोषण और दुर्व्यवहार से जुड़े वीडियो और अन्य विवादित कंटेंट को लेकर मेटा (Meta) को कड़े शब्दों में नोटिस जारी किया है। सूत्रों ने कहा कि सरकार ने यह नोटिस शनिवार 4 जुलाई की शाम को जारी किया। इस नोटिस में दिग्गज अमेरिकी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म कंपनी को बच्चों के यौन शोषण से जुड़े कंटेंट को बढ़ावा देने वाले इंस्टाग्राम विज्ञापनों को तुरंत हटाने का आदेश दिया है। आपको बता दें कि मेटा, इंस्टाग्राम और फेसबुक की पैरेंट कंपनी है।

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने Meta को निर्देश दिया है कि ऐसे सभी विज्ञापन और कंटेंट, जो बच्चों के यौन शोषण संबंधी कंटेंट तक पहुंच उपलब्ध कराते हैं या उसे बढ़ावा देते हैं, उन्हें तत्काल हटाया जाए। साथ ही कंपनी से 7 दिनों के भीतर डिटेल्स जवाब भी मांगा गया है। सूत्रों ने पीटीआई को बताया, “इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने इंस्टाग्राम को उन सभी विज्ञापनों और सामाग्रियों को हटाने का आदेश दिया है जो बच्चों के यौन शोषण और दुर्व्यवहार को बढ़ावा देते हैं या उन तक पहुंच आसान बनाते हैं।”

क्या है आरोप?

यह कदम सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव के निर्देश के एक दिन बाद उठाया गया है। इसमें उन्होंने मंत्रालय के अधिकारियों से मेटा को तलब करने को कहा था। यह मामला इंस्टाग्राम विज्ञापनों से जुड़ा है, जिन पर बच्चों के यौन शोषण से जुड़े कंटेंट को बढ़ावा देने का आरोप है। सरकारी सूत्रों ने बताया कि मंत्रालय ने मेटा को भेजे नोटिस में बच्चों के यौन शोषण से जुड़े कंटेंट के विज्ञापनों के आरोपों पर स्पष्टीकरण और मामले में की गई कार्रवाई की जानकारी मांगी है।

7 दिन में देना होगा जवाब

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने मेटा से सात दिनों के भीतर विस्तृत स्पष्टीकरण भी मांगा है। कैलिफोर्निया मुख्यालय वाली दिग्गज टेक कंपनी मेटा के पास फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सऐप जैसे लोकप्रिय सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का स्वामित्व है। मंत्रालय का यह ताजा कदम BBC की एक रिपोर्ट के बाद आया है। रिपोर्ट में आरोप लगाया गया था कि मेटा का ‘रिकमेंडेशन एल्गोरिदम’ बच्चों के यौन शोषण से जुड़े कंटेंट वाले वीडियो को बढ़ावा दे रहा था। इससे सुरक्षा उपायों में गंभीर कमियां उजागर हुईं।

BBC की जांच में फेसबुक और इंस्टाग्राम पर इस तरह के विज्ञापन भी देखे गए। जबकि मेटा की विज्ञापन नीतियां स्पष्ट रूप से अश्लील कंटेंट पर रोक लगाती हैं। यह आरोप है कि इंस्टाग्राम ने ‘रेप वीडियो’ और ‘चाइल्ड वीडियो’ जैसे शब्दों वाले ‘पेड’ विज्ञापन दिखाए। ये यूजर्स को टेलीग्राम चैनलों पर ले जाते थे, जहां कथित तौर पर ऐसा कंटेंट बेचा जा रहा था।

सरकार क्या चाहती है?

मामले की जानकारी रखने वाले एक व्यक्ति के अनुसार, सरकार यह जानना चाहेगी कि ऐसे विज्ञापनों को कैसे मंजूरी दी गई आरोपों के सामने आने के बाद मेटा ने क्या सुधारात्मक कदम उठाए हैं। साथ ही कंपनी भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए वह क्या सुरक्षा उपाय करने की योजना बना रही है। सूत्रों ने कहा कि अगर आरोप बच्चों के यौन शोषण से जुड़े कंटेंट को बढ़ावा देने वाले ‘पेड’ विज्ञापनों से संबंधित हैं, तो एक मध्यस्थ होने के बावजूद मेटा किसी तीसरे पक्ष के कंटेंट के तर्क या बचाव का सहारा नहीं ले सकती।

सूत्रों में से एक ने कहा, “अगर आरोप सही पाए जाते हैं, तो उन्हें उन विज्ञापनों के लिए जवाबदेह ठहराया जाएगा जिनसे प्लेटफॉर्म को रेवेन्यू मिलता है।” उसने कहा कि जहां मंत्रालय मामले के तकनीकी और नियामक पहलुओं की समीक्षा करेगा। वहीं, अगर किसी एजेंसी, प्राधिकरण या व्यक्ति को लगता है कि कानून के तहत अपराध हुआ है, तो वे विज्ञापनदाता या प्लेटफॉर्म के खिलाफ शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

सरकार ने ‘बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करने’ की नीति अपनाई

भारत सरकार ने बच्चों के यौन शोषण से जुड़े ऑनलाइन कंटेंट के मामले में ‘बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करने’ की नीति अपनाई है। इसके तहत ऑनलाइन प्लेटफॉर्म को ऐसे कंटेंट का तुरंत पता लगाने, उसे हटाने और उसकी रिपोर्ट करने के साथ-साथ डिजिटल परिवेश में बच्चों की सुरक्षा के लिए मजबूत उपाय करने की जरूरत है। सरकार ने समय-समय पर उन वेबसाइट को भी ब्लॉक किया है जिनमें बच्चों के यौन शोषण से जुड़े कंटेंट होते हैं। यह कार्रवाई इंटरपोल से मिली लिस्ट के आधार पर की गई है, जो भारत की नेशनल नोडल एजेंसी CBI को मिलती है।

Meta पर बढ़ा दबाव

सरकार के इस नोटिस के बाद Meta पर अपने कंटेंट मॉडरेशन सिस्टम को और मजबूत करने का दबाव बढ़ गया है। यदि कंपनी तय समय के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं देती या निर्देशों का पालन नहीं करती, तो उसके खिलाफ सूचना प्रौद्योगिकी कानूनों के तहत आगे की कार्रवाई की जा सकती है।

क्या है CSEAM?

Child Sexual Exploitation and Abuse Material (CSEAM) वह अवैध कंटेंट होता है। इनमें बच्चों के यौन शोषण या उत्पीड़न से जुड़ी तस्वीरें, वीडियो या अन्य डिजिटल कंटेंट शामिल होते हैं। भारत में ऐसे कंटेंट का निर्माण, प्रसार, प्रचार या शेयर करना गंभीर अपराध है। केंद्र सरकार ने साफ संकेत दिया है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। सरकार चाहती है कि सभी डिजिटल कंपनियां अपनी जिम्मेदारी निभाएं। ऐसे कंटेंट को तुरंत हटाने के लिए प्रभावी निगरानी व्यवस्था सुनिश्चित करें।

मेटा को दूसरी बार भेजा गया है नोटिस

इस सप्ताह दूसरी बार मेटा जांच के दायरे में आया है। इससे पहले बुधवार को भारत सरकार ने मेटा को एक नोटिस जारी करके व्हाट्सऐप पर प्रस्तावित ‘यूजरनेम फीचर’ के बारे में सवाल पूछा था। सरकार को चिंता है कि इससे ऑनलाइन धोखाधड़ी, ‘फिशिंग’ डिजिटल अरेस्ट घोटाला और किसी और का रूप धारण किए जाने वाले हमले काफी बढ़ सकते हैं।

ये भी पढ़ें- Khamenei Funeral News: ‘मुझे लगा था लोग उनसे नफरत करते हैं…’; खामेनेई के अंतिम संस्कार में उमड़ी भीड़ देख ट्रंप के उड़े होश

सरकार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को निर्देश दिया है कि जब तक इस मुद्दे पर सरकार की संतुष्टि के अनुसार बातचीत पूरी नहीं हो जाती, तब तक इस फीचर को रोक दिया जाए। सूत्रों का कहना है कि व्हाट्सऐप ‘यूजरनेम फीचर’ को पेश करने में देरी करेगा।