Diljit Dosanjh: ‘मरते दम तक पंजाब के साथ हूं’, भारत में ‘सतलुज’ बैन के बाद दिलजीत दोसांझ ने फैंस से डाउनलोड की हुई कॉपीज शेयर करने को कहा

Diljit Dosanjh: हनी त्रेहान की डायरेक्ट की हुई फिल्म ‘सतलुज’ के रिलीज़ होने के सिर्फ़ दो दिन बाद ही ZEE5 इंडिया से हटाए जाने पर दिलजीत दोसांझ ने अपनी बात रखी है। जहां कई दर्शक इस अचानक हटाए जाने से हैरान थे, वहीं एक्टर का कहना है कि उन्हें पहले से ही पता था कि ऐसा हो सकता है।

सोमवार को एक लाइव सेशन में फ़ैन्स से बात करते हुए दिलजीत ने बताया कि टीम ने जान-बूझकर प्रमोशन नहीं किया, क्योंकि उन्हें डर था कि अगर पहले से ही फ़िल्म के आने की घोषणा कर दी जाती, तो शायद यह कभी रिलीज ही नहीं हो पाती। उन्होंने कहा कि सबसे बड़ा मकसद यह पक्का करना था कि मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालरा की कहानी लोगों तक पहुंचे, भले ही यह कुछ ही समय के लिए क्यों न हो। लाइवस्ट्रीम के दौरान उन्होंने कहा, “आप मुझे जितना चाहें उतना परेशान कर सकते हैं। मैं मरते दम तक पंजाब के साथ हूं।”

मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालरा की ज़िंदगी पर बनी बायोपिक ड्रामा फ़िल्म ‘सतलुज’ (जिसे पहले ‘पंजाब ’95’ नाम से बनाया गया था) सेंसरशिप की वजह से लगभग चार साल तक अटकी रहने के बाद आखिरकार 3 जुलाई को ZEE5 पर रिलीज हुई। लेकिन भारत में यह फ़िल्म मुश्किल से दो दिन ही चल पाई और 5 जुलाई को इसे चुपचाप प्लेटफ़ॉर्म से हटा दिया गया।

एक लाइव सेशन के दौरान फ़ैन्स से बात करते हुए दिलजीत दोसांझ ने कहा कि टीम को पहले से ही पता था कि ऐसा हो सकता है। दिलजीत ने कहा, “यह घटना 1995 में हुई थी और तब लोगों को इस बारे में बात नहीं करने दी गई थी। आज भी ऐसा ही हो रहा है। हद हो गई! मुझे थोड़ा दुख है। हम आज भी वहीं खड़े हैं, जबकि अब 2026 चल रहा है।”

इसीलिए उन्होंने फ़िल्म की रिलीज की घोषणा करने या उसका प्रमोशन करने का फ़ैसला नहीं किया। सिंगर-एक्टर ने पंजाबी में कहा, “पहले दिन से ही इसकी उम्मीद थी, और इसीलिए हम फ़िल्म का प्रमोशन भी नहीं कर पाए और बिना किसी को बताए इसे रिलीज कर दिया। अगर हम रिलीज़ की घोषणा करते और दो दिन पहले इसका प्रमोशन करते, तो यह फ़िल्म रिलीज ही नहीं हो पाती। लेकिन अब मुझे तसल्ली है कि फ़िल्म हर घर तक पहुंच गई है। फ़िल्म आपके पास है, लोगों ने इसे डाउनलोड किया है, और आज नई पीढ़ी इसके बारे में बात कर रही है।”

एक्टर ने बताया कि उन्हें उम्मीद थी कि वीकेंड के बाद जब ऑफिस खुलेंगे तो कुछ हलचल होगी, लेकिन उन्होंने यह नहीं सोचा था कि फिल्म को रविवार शाम को ही हटा दिया जाएगा। उन्होंने कहा, “अभी रविवार की शाम है। जिस बात का मुझे शुक्रवार को ही शक था, जो बात मेरे मन में पहले से थी-इसलिए यह कोई हैरानी की बात नहीं है क्योंकि ऐसा होना मुमकिन लग रहा था—हां, मुझे लगा था कि जब सोमवार को ऑफिस खुलेंगे, तो फिल्म पर बैन लग सकता है। लेकिन मुझे अंदाज़ा नहीं था कि ऐसा रविवार शाम को ही हो जाएगा।”

उन्होंने यह भी कहा कि फिल्म को शुरू से ही मुश्किलों का सामना करना पड़ा है। उन्होंने कहा, “फिल्म शुरू करने में हमें डेढ़ साल लग गए। एडिटिंग के बाद, फिल्म चार साल तक अटकी रही। मैं दो साल तक फिल्म से जुड़ा रहा। हनी पाजी ने फिल्म को छह साल दिए।”

हालांकि ‘सतलुज’ भारत में सिर्फ़ 48 घंटों के लिए ही उपलब्ध थी, लेकिन दिलजीत दोसांझ का मानना ​​है कि फ़िल्म ने अपना काम कर दिया था। लाइवस्ट्रीम के दौरान उन्होंने कहा कि उन्हें खुशी है कि लोगों ने इसे देखा, डाउनलोड किया और इसकी कहानी पर बात करना शुरू किया।

उन्होंने लाइवस्ट्रीम में आगे कहा- लेकिन अब मुझे तसल्ली है कि यह फ़िल्म हर घर तक पहुंच गई है। फ़िल्म आप तक पहुंची है, लोगों ने इसे डाउनलोड किया है और आज नई पीढ़ी इसके बारे में बात कर रही है। मैंने एक वीडियो देखा—एक बहुत प्यारा वीडियो जो मैंने आज सुबह उठने के बाद देखा, जिसमें एक गुरुद्वारा साहिब के अंदर फ़िल्म दिखाई जा रही है। तो अब मुझे तसल्ली है कि फ़िल्म आप तक पहुंच गई है। सबने जो मेहनत की थी, उस मेहनत का आप तक पहुंचना बहुत ज़रूरी था। मैं इससे बहुत संतुष्ट हूं। ईश्वर की महिमा हो। मैं सभी का शुक्रिया अदा करता हूं और पूरी टीम को बधाई देता हूं क्योंकि हमारा काम, जो बात हम कहना चाहते थे और जिस तरह से कहना चाहते थे, वह लोगों तक बिल्कुल उसी तरह पहुंची है,” ।

दिलजीत ने यह भी कहा कि एक बार जब कोई चीज़ इंटरनेट पर आ जाती है, तो लोगों को उसे देखने से रोकना लगभग नामुमकिन हो जाता है। उन्होंने कहा कि अब यह फ़िल्म दर्शकों की है। उन्होंने कहा, “अब मुझे बहुत राहत महसूस हो रही है कि आखिरकार यह फ़िल्म आप तक पहुँच गई है। अब यह आपकी फ़िल्म है, अब इसे रोका नहीं जा सकता। यह अब लोगों की फ़िल्म है, आप इसे अब रोक नहीं सकते। मुझे लगता है कि जो लोग ऐसा सोचते हैं कि एक बार कोई चीज़ ऑनलाइन आने के बाद उसे बस ऐसे ही डिलीट किया जा सकता है, वे या तो मासूम हैं या उन्हें जानकारी नहीं है।”

दिलजीत दोसांझ ने उन सभी लोगों से भी अपील की जिन्होंने भारत में फ़िल्म की छोटी सी रिलीज़ के दौरान इसे डाउनलोड किया था कि वे इसे आगे भी शेयर करें ताकि ज़्यादा से ज़्यादा लोग इसे देख सकें। उन्होंने कहा, “अब आप इसे आपस में शेयर कर सकते हैं, यह आपकी फ़िल्म है।

दिलजीत के लिए ‘सतलुज’ सिर्फ़ एक फ़िल्म से कहीं ज़्यादा है। उन्होंने कहा कि यह कहानी ज़्यादा से ज़्यादा लोगों तक पहुंचनी चाहिए और दर्शकों से अपील की कि वे इसे अपने दोस्तों और परिवार के साथ शेयर करके ज़िंदा रखें। फ़िल्म को दर्शकों तक पहुंचाने के लंबे संघर्ष के बारे में बात करते हुए, उन्होंने पिछले चार सालों के सफ़र को याद किया। “यह फ़िल्म सबके पास है। जिन्होंने इसे नहीं देखा है, वे इसे अपने दोस्तों और साथियों को दिखा सकते हैं। आज सोमवार है- मैंने सुना है कि फ़िल्म अभी भी विदेशों में उपलब्ध है, देखते हैं कि यह कब तक रहती है। या अगर फ़िल्म कहीं वापस आती है, अगर वे इस मकसद के लिए लड़ सकते हैं… तो हम पिछले चार सालों से इसके लिए लड़ रहे हैं।”

भारतीय पासपोर्ट का नया जलवा, इंडियन पासपोर्ट होल्डर को बिना वीजा के मिलेगी इतने देशों में एंट्री!

क्या आप जानते हैं कि 2026 में भारत का पासपोर्ट दुनिया में किस स्थान पर है? हर साल ग्लोबल पासपोर्ट रैंकिंग यह बताती है कि किस देश के सिटिज़न को कितनी आसानी से ट्रैवल की सुविधा मिलती है। इस रैंकिंग में भारत की पोजीशन और बदलाव दोनों ही चर्चा में रहते हैं। आइए जानते हैं इस साल की लेटेस्ट रिपोर्ट क्या कहती है:

भारत की ग्लोबल रैंकिंग

Why the Indian passport is falling in global ranking

2026 के ग्लोबल पासपोर्ट इंडेक्स में भारत को 197 देशों में 125वां रैंक मिला है। यह दिखाता है कि भारत की रैंकिंग अभी भी मिड-लो रेंज पर बनी हुई है। साथ ही यह भी संकेत देता है कि अभी सुधार की काफी गुंजाइश बाकी है।

भारत का स्कोर

World Map, Camera, Passport, Travel Planning, Vintage Aesthetic Stock Illustration - Illustration of arranged, background: 357849845

रिपोर्ट के अनुसार भारत का कुल कंपोजिट स्कोर 45.1 रहा, जो पिछले पांच सालों में सबसे बेहतर स्कोर (5-year high) माना गया है। यानी सुधार भी देखने को मिला है और ट्रैवल की सुविधा धीरे-धीरे बेहतर हो रही है।

 

भारत की तुलना दूसरे देशों से

Henley Global Passport Index 2026: Singapore leads, UAE climbs to 5th, US back at 10—India's rank revealed

भारत से ठीक ऊपर नामीबिया (124वां) और नीचे अज़रबैजान (126वां) रहा। इससे पता चलता है कि भारत की पोजीशन अभी भी कई देशों के बीच मिड-टेबल में है और कॉम्पिटिशन काफी टाइट है।

रैंकिंग का बेसिस

 

Indian Passport Power 2026: 56 Visa-Free Destinations

यह इंडेक्स सिर्फ वीज़ा-फ्री ट्रैवल पर नहीं बल्कि तीन चीजों पर बेस्ड है:

मोबिलिटी (ट्रैवल की सुविधा), इन्वेस्टमेंट के मौके, लाइफ क्वालिटी, इन तीनों का बैलेंस ही फाइनल रैंक तयडिसाइड करता है।

 इंडियन ट्रैवलर का स्टेटस

Indian passport services get costlier in UAE from July 1. Here's how much you'll now pay

इंडियन पासपोर्ट होल्डर कई देशों में वीज़ा-ऑन-अराइवल और ई-वीज़ा की सुविधा मिलती है, लेकिन अभी भी कई डेवलप्ड कंट्री के लिए लंबी वीज़ा प्रोसेस करनी पड़ती है। इससे ट्रैवल प्लान थोड़ा मुश्किल और समय लेने वाला हो जाता है।

दुनिया के टॉप पासपोर्ट

India's Passport Power on the Rise: Facilitating Easier International Travel for Indians

2026 में दुनिया का सबसे मजबूत पासपोर्ट स्वीडन का रहा। इसके बाद स्विट्ज़रलैंड, फ़िनलैंड, जर्मनी, नीदरलैंड और डेनमार्क जैसे यूरोपीय देश टॉप पर रहे। सिंगापुर टॉप 10 में एकमात्र गैर-यूरोपीय देश रहा। यह दिखाता है कि यूरोप अभी भी ग्लोबल मोबिलिटी में आगे है।

 

भारत का पासपोर्ट अभी भी मिड-रैंक में है लेकिन धीरे-धीरे सुधार दिख रहा है। वीज़ा-ऑन-अराइवल और ई-वीज़ा की सुविधाएं इंडियन ट्रैवलर के लिए राहत देती हैं। हालांकि कई डेवलप्ड कंट्री तक पहुंच अभी भी आसान नहीं है। आने वाले समय में बेहतर एग्रीमेंट से भारत की रैंकिंग और मजबूत होने की उम्मीद है।

पृथ्वी शॉ की जिंदगी में एक और विवाद, मंगेतर ने कहा ‘धोखेबाज’

भारत को अंडर 19 विश्वकप जिताने वाले पृथ्वी शॉ का जीवन विवादों से इतना भरा रहा है कि पता ही नहीं चलता कौन सा विवाद पहले हुआ और कौन सा बाद में। अब वह एक और विवाद में फंस गए हैं। उनकी मंगेतर आकृति अग्रवाल ने उन पर धोखेबाजी का आरोप लगाया है। सोशल मीडिया पर उनके स्नैपशॉ्टस वायरल हो रहे हैं जिस पर लिखा है कि एक बार धोखा खाने के बाद भी बार बार धोखा मिला रहा है।

विवादों से भरा रहा है करियर

2 साल पहले एमसीए के एक सीनियर अधिकारी ने कहा  था कि खराब फिटनेस, रवैये और अनुशासन मसले के कारण कई बार टीम को मैदान पर उसे छिपाने पर मजबूर होना पड़ता था।शॉ ने 16 सदस्यीय विजय हजारे ट्रॉफी टीम में जगह नहीं मिलने पर सोशल मीडिया पोस्ट के जरिये गुस्सा निकाला था । वह सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी जीतने वाली मुंबई टीम का हिस्सा थे।

शॉ ने किशोरावस्था में पदार्पण करते हुए टेस्ट शतक बनाया था। 25 साल की उम्र में वह अपने करियर के चौराहे पर खड़े हैं क्योंकि इंडियन प्रीमियर लीग 2024 की कोई भी फ्रेंचाइजी उन्हें 75 लाख रुपये के कम आधार मूल्य पर भी खरीदने में दिलचस्पी नहीं दिखा रही थी।

भारत की 2018 अंडर-19 विश्व कप विजेता टीम के कप्तान पृथ्वी को भारतीय क्रिकेट के अगले स्टार के रूप में देखा जा रहा था और छह सत्र पहले टेस्ट पदार्पण पर शतक लगाने के बाद उनसे उम्मीदें बढ़ गई थीं।

भारत के लिये 5 टेस्ट, 6 वनडे और 1 T20I मैच खेल चुके शॉ आईपीएल मेगा नीलामी 2024  में नहीं बिके। पृथ्वी भारतीय क्रिकेट टीम से 2021 से दूर चल रहे हैं। उन्होंने टीम इंडिया के लिए आखिरी मैच श्रीलंका के खिलाफ जुलाई 2021 में खेला था।

264 वर्ष के शॉ टीम के अभ्यास सत्रों में नियमित रूप से भाग नहीं ले रहे और उनका वजन भी बढ गया है।कई फैंस के मन में चिंता भी थी कि साल 2018 के Under19 विश्वकप विजेता कप्तान बच्चे जैसे लगते थे और अब 26 साल की उम्र में भी उनका यह हाल हो गया।

14 साल की उम्र में AI कंपनी बनाकर छा गया ये लड़का, बुर्ज खलीफा में ऑफिस, कौन हैं जैनम जैन?

जहां 14 साल की उम्र में ज्यादातर बच्चे स्कूल, खेल और सोशल मीडिया में अपना समय बिताते हैं, वहीं जैनम जैन ने बहुत कम उम्र में एक अलग ही पहचान बना ली है। उन्होंने इतनी छोटी उम्र में एक AI स्टार्टअप की शुरुआत की, जिसने टेक्नोलॉजी और एंटरप्रेन्योरशिप की दुनिया में सभी को हैरान कर दिया है। उनकी यह उपलब्धि सिर्फ एक सफलता नहीं, बल्कि एक ऐसी कहानी है जो ये दिखाती है कि अगर सोच बड़ी हो तो उम्र कोई बाधा नहीं बनती।

जैनम का नाम अब उन युवा फाउंडर्स में शामिल हो चुका है जो कम उम्र में बड़े सपने देख रहे हैं और उन्हें हकीकत में बदलने की कोशिश कर रहे हैं। उनकी कहानी तेजी से चर्चा में है और लोग इसे एक प्रेरणादायक उदाहरण के तौर पर देख रहे हैं, जो युवाओं को आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है।

AI स्टार्टअप “Mengo Engine” की शुरुआत

जैनम जैन ने “Mengo Engine” नाम का AI प्लेटफॉर्म बनाया है, जो बिजनेस को आसान बनाने में मदद करता है। यह टूल कंपनियों के लिए मार्केटिंग, कस्टमर मैनेजमेंट, लीड जनरेशन और कंटेंट बनाने जैसे काम ऑटोमेट करता है। इसका मकसद है AI को हर बिजनेस के लिए आसान बनाना।

दुनिया की सबसे ऊंची इमारत में ऑफिस

सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि उनका स्टार्टअप दुबई की मशहूर इमारत Burj Khalifa के 141वें फ्लोर पर स्थित है। इतनी प्रतिष्ठित जगह से कंपनी चलाना उन्हें दुनिया के सबसे कम उम्र के AI फाउंडर्स में शामिल करता है।

6 साल की उम्र से शुरू हुआ बिजनेस का सफर

जैनम की दिलचस्पी बिजनेस में तब जागी जब वो सिर्फ 6 साल के थे। उनके पिता उन्हें एक बिजनेस मीटिंग में ले गए थे, जहां से उनके मन में यह समझ और जिज्ञासा पैदा हुई कि असल दुनिया में बिजनेस कैसे काम करता है।

105 दिनों में पूरा किया 10वीं का कोर्स

13 साल की उम्र में उन्होंने IGCSE 10वीं की पढ़ाई सिर्फ 105 दिनों में पूरी कर ली। उनका मानना है कि तेज लर्निंग से उन्हें अपने स्टार्टअप पर ज्यादा ध्यान देने का समय मिला।

खुद से सीखी AI की दुनिया

जैनम ने कोई खास AI कोर्स नहीं किया। उन्होंने खुद प्रोजेक्ट्स बनाए, इंटरनेट से सीखा और लगातार एक्सपेरिमेंट करते रहे। यही सेल्फ-लर्निंग उनकी सबसे बड़ी ताकत बनी।

छोटी उम्र में बड़ा रिज्यूमे

उनके नाम पहले से ही कई उपलब्धियां हैं—2 पेटेंट फाइल किए, TEDx स्पीच दी, किताब लिखी, यूट्यूब पर 1.45 लाख से ज्यादा सब्सक्राइबर बनाए और कई अवॉर्ड्स भी जीते। यह सब उनकी मेहनत और सीखने की लगन दिखाता है।

50 दिन के चैलेंज से बदलते रहे खुद को

10 साल की उम्र से उन्होंने खुद के लिए 50 दिन के चैलेंज सेट किए। इनमें 50 किताबें पढ़ना, 50 नेटवर्किंग इवेंट्स अटेंड करना और हजारों किलोमीटर की यात्रा करके नए लोगों से सीखना शामिल था।

बड़ा सपना यूनिकॉर्न कंपनी बनाना

इतनी कम उम्र में सफलता पाने के बाद भी उनका सपना बड़ा है। वो एक ग्लोबल यूनिकॉर्न टेक कंपनी बनाना चाहते हैं। उनका मानना है कि उम्र नहीं, बल्कि मेहनत और निरंतर सीखना सफलता की असली कुंजी है।

कौन से हैं भारत के वो 2 एयरपोर्ट, जिनकी डिजाइन और खूबसूरती ने ग्लोबल लिस्ट में बनाई जगह?

Vastu Shastra: वास्तु के ये 10 नियम बदल सकते हैं घर का माहौल, बनी रहेगी सुख-समृद्धि

A photo illustrating essential Vastu rules for happiness, prosperity, and a positive atmosphere at home

Home Vastu Rule: भारतीय परंपरा में वास्तु शास्त्र को जीवन और स्थान की ऊर्जा को संतुलित करने का विज्ञान माना गया है। माना जाता है कि यदि घर या कार्यस्थल वास्तु नियमों के अनुसार बनाया और व्यवस्थित किया जाए, तो वहां सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है और जीवन में सुख-समृद्धि, शांति और सफलता बनी रहती है। वहीं, गलत दिशा या असंतुलित ऊर्जा से घर में तनाव, आर्थिक समस्याएं और मानसिक अशांति उत्पन्न हो सकती है।ALSO READ: Vastu Tips for Plantation: सही दिशा में लगाया गया पौधा बदल सकता है आपकी किस्मत

 

इसलिए वास्तु नियमों का पालन घर के वातावरण को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यहां जानिए वास्तु शास्त्र के महत्वपूर्ण नियम, घर का सही माहौल बनाने के उपाय और सुख-समृद्धि बढ़ाने के सरल वास्तु टिप्स, जो जीवन में सकारात्मक ऊर्जा लाते हैं।

 

यहां वास्तु के ऐसे 10 अचूक नियम दिए गए हैं, जो आपके घर का माहौल पूरी तरह बदल सकते हैं:

 

1. ईशान कोण को रखें खाली

घर का उत्तर-पूर्वी कोना ईश्वर का स्थान माना जाता है। इस कोने को हमेशा बिल्कुल साफ, हल्का और खुला रखें। यहां कभी भी भारी अलमारी, कबाड़ या जूता-चप्पल का रैक न रखें। इस दिशा में मंदिर बनाना सबसे उत्तम होता है।

 

2. पूजा घर के नियम

घर में सुख-शांति के लिए पूजा घर का सही होना बहुत जरूरी है। मंदिर में कभी भी एक ही देवी-देवता की आमने-सामने दो तस्वीरें न रखें। मृत परिजनों की तस्वीरें पूजा घर में रखने की बजाय घर की दक्षिण दिशा में लगाएं।

 

3. मुख्य द्वारपर मांगलिक चिन्ह

घर का मुख्य द्वार खुशियों और लक्ष्मी के प्रवेश का रास्ता है। इसे हमेशा साफ-सुथरा रखें। मुख्य द्वार पर सिंदूर से स्वास्तिक, ॐ या शुभ-लाभ का चिन्ह बनाएं। इसके अलावा, प्रवेश द्वार पर बंदनवार (तोरण) लगाना भी बेहद शुभ माना जाता है।

 

4. रसोई घर की सही दिशा

रसोई घर में अग्नि का वास होता है, जो सेहत और समृद्धि से जुड़ा है। वास्तु के अनुसार, रसोई हमेशा अग्नि कोण (South-East) में होनी चाहिए। खाना बनाते समय आपका मुख पूर्व दिशा की ओर होना चाहिए। ध्यान रखें कि सिंक (पानी) और चूल्हा (आग) कभी भी एक सीध में या बिल्कुल पास-पास न हों।ALSO READ: Vastu Tips: घर से वास्तु दोष मिटाने के 3 आसान उपाय, सुख-समृद्धि से भर जाएगा जीवन

 

5. तिजोरी और धन रखने का स्थान

यदि आप चाहते हैं कि घर में धन टिके और बरकत हो, तो अलमारी या तिजोरी को घर के दक्षिण या पश्चिम कोने में इस तरह रखें कि उसका मुख खुलते समय उत्तर दिशा की ओर हो। उत्तर दिशा को कुबेर की दिशा माना जाता है।

 

6. दर्पण लगाने की सही जगह

गलत दिशा में लगा शीशा घर में नकारात्मकता और बीमारियां बढ़ा सकता है। दर्पण को हमेशा घर की उत्तर या पूर्व दीवार पर लगाएं। ध्यान रखें कि बेडरूम में शीशा इस तरह न लगा हो जिसमें सोते समय आपका शरीर दिखाई दे, इससे स्वास्थ्य खराब होता है।

 

7. शाम के समय कपूर का धुआं और रोशनी

शाम के वक्त (सूर्यास्त के समय) घर के सभी कमरों की लाइटें कुछ देर के लिए जरूर जलाएं, विशेषकर मुख्य द्वार और पूजा घर में। इस समय घर में कपूर या लोबान का धुआं करने से दिनभर की एकत्रित हुई नकारात्मक ऊर्जा बाहर निकल जाती है और लक्ष्मी का आगमन होता है।

 

8. सोते समय सिर की दिशा

अक्सर लोग इस बात पर ध्यान नहीं देते, लेकिन गलत दिशा में सोने से मानसिक तनाव और अनिद्रा की समस्या होती है। सोते समय आपका सिर हमेशा दक्षिण  या पूर्व दिशा की ओर होना चाहिए। उत्तर दिशा की तरफ सिर करके कभी न सोएं।

 

9. बाथरूम के दरवाजे रखें बंद

बाथरूम और टॉयलेट में नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव सबसे ज्यादा होता है। इसलिए इस्तेमाल के बाद हमेशा बाथरूम का दरवाजा बंद रखें। बाथरूम के अंदर एक कांच की कटोरी में सेंधा नमक भरकर रखने से वहां की नकारात्मक ऊर्जा नष्ट हो जाती है।

 

10. बंद घड़ियां और टूटी चीजें हटाना

वास्तु में बंद घड़ी को दुर्भाग्य का सूचक माना जाता है। यदि घर में कोई घड़ी बंद पड़ी है या खराब है, तो उसे तुरंत ठीक करवाएं या हटा दें। इसी तरह टूटे हुए बर्तन, चटका हुआ कांच और बंद पड़े इलेक्ट्रॉनिक सामान घर में आर्थिक तंगी लाते हैं।

 

विशेष टिप: घर में पोंछा लगाते समय पानी में थोड़ा सा समुद्री नमक (खड़ा नमक) मिलाना शुरू करें। यह एक छोटा सा बदलाव घर के कलह-कलेश को शांत कर खुशहाली का माहौल बनाता है।ALSO READ: Flat Vastu Tips: फ्लैट में रह रहे लोगों के लिए वास्तु के 5 टिप्स

कौन से हैं भारत के वो 2 एयरपोर्ट, जिनकी डिजाइन और खूबसूरती ने ग्लोबल लिस्ट में बनाई जगह?

2026 की “World’s Most Beautiful Airports” लिस्ट में भारत ने एक बार फिर अपनी खास पहचान बनाई है। इस बार भारत के दो एयरपोर्ट टर्मिनल इस सूची में शामिल किए गए हैं, जो दुनिया के कई बड़े देशों जैसे चीन, जर्मनी, अमेरिका और कंबोडिया के बेहतरीन एयरपोर्ट्स के साथ खड़े हैं। यह लिस्ट बताती है कि अब एयरपोर्ट सिर्फ यात्रा करने की जगह नहीं रहे, बल्कि इन्हें सुंदर डिजाइन और पर्यावरण के अनुकूल तरीके से भी बनाया जा रहा है। आज के समय में एयरपोर्ट्स में आधुनिक तकनीक के साथ-साथ प्राकृतिक थीम और लोकल संस्कृति का भी ध्यान रखा जा रहा है।

भारत के इन दोनों एयरपोर्ट्स की खासियत यह है कि ये न सिर्फ देखने में सुंदर हैं, बल्कि यात्रियों को एक अलग और आरामदायक अनुभव भी देते हैं, जिससे देश की आधुनिक सोच और संस्कृति दोनों दुनिया के सामने आती हैं।

गुवाहाटी एयरपोर्ट

गुवाहाटी के लोकप्रिया गोपीनाथ बोरदोलोई इंटरनेशनल एयरपोर्ट का टर्मिनल 2 पूरी तरह से प्राकृतिक थीम पर बनाया गया है। इसका डिजाइन बांस ऑर्किड फूल से प्रेरित है, जो उत्तर-पूर्व भारत की खास पहचान है। अंदर जाते ही यह जगह एक प्राकृतिक दुनिया जैसी महसूस होती है। यहां “स्काई फॉरेस्ट” जैसी हरियाली, ऊंची छतें और स्थानीय कला देखने को मिलती है, जो यात्रियों को असम की संस्कृति से जोड़ती है।

नवी मुंबई एयरपोर्ट

नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट का टर्मिनल 1 बेहद आधुनिक और भविष्यवादी डिजाइन में बनाया गया है। इसकी छत कमल के फूल की पंखुड़ियों जैसी दिखती है। यह डिजाइन सिर्फ सुंदरता के लिए नहीं है, बल्कि प्राकृतिक रोशनी और हवा को बेहतर तरीके से अंदर लाने में भी मदद करता है, जिससे ऊर्जा की खपत कम होती है। अंदर की सजावट में डिजिटल आर्ट और कमल पैटर्न का खास इस्तेमाल किया गया है।

दुनिया के टॉप 7 खूबसूरत एयरपोर्ट्स

इस लिस्ट में भारत के अलावा चीन, जर्मनी, कंबोडिया और अमेरिका के एयरपोर्ट भी शामिल हैं। इनमें शामिल हैं—

  • Guangzhou Baiyun International Airport (China)
  • Frankfurt Airport (Germany)
  • Techo International Airport (Cambodia)
  • Pittsburgh International Airport (USA)
  • San Diego International Airport (USA)
  • Guwahati Airport Terminal 2 (India)
  • Navi Mumbai Airport Terminal 1 (India)

क्या है इस साल की खास बात?

इस साल की रैंकिंग में साफ दिख रहा है कि अब एयरपोर्ट डिजाइन में प्रकृति, पर्यावरण और आधुनिक तकनीक का मेल तेजी से बढ़ रहा है। भारत के दोनों एयरपोर्ट इस बदलाव का बेहतरीन उदाहरण हैं, जो देश की संस्कृति और आधुनिक सोच को दुनिया के सामने पेश करते हैं।

भारत को मिलने जा रही पहली हाइड्रोजन ट्रेन कैसी है? जानें इसकी खासियत समेत सबकुछ

India First Hydrogen Train: भारत के रेलवे इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है, जहां देश अपनी पहली हाइड्रोजन ट्रेन के साथ हरित परिवहन की दिशा में एक नया कदम बढ़ाएगा। इस अत्याधुनिक ट्रेन का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसी महीने 17 जुलाई करेंगे, जिसकी तैयारियां तेजी से शुरू हो चुकी हैं। यह ट्रेन जींद–सोनीपत रेल ट्रैक पर संचालित होगी, जिसे पर्यावरण के लिए बहुत अनुकुल माना जा रहा है। इसके साथ ही, अमृत भारत योजना के तहत बने जींद स्टेशन का भी उद्घाटन संभव है।

क्या है खासियत?

हाइड्रोजन से चलने वाली इस ट्रेन की खासियत यह है कि इससे प्रदूषण नहीं होता, और यह ट्रेन सिर्फ पानी और गर्मी छोड़ेगी। इसके अलावा, इस ट्रेन में कुल 10 कोच और 1200-किलोवाट का इंजन है। जानकारी के अनुसार, शुरुआत में यह ट्रेन 75 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी।

किस-किस देश में चल रही यह ट्रेन?

भारत इस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करने वाले चुनिंदा देशों में शामिल हो जाएगा। अभी सिर्फ जर्मनी, जापान, चीन और अमेरिका के पास यह टेक्नोलॉजी है।

रविवार को हुई समीक्षा बैठक

रविवार को पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में देर शाम हरियाणा विधानसभा के उपाध्यक्ष डॉ. कृष्ण लाल मिड्डा ने जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इस बैठक में उपायुक्त डॉ. विशाली शर्मा, अतिरिक्त उपायुक्त प्रदीप कुमार, सभी एसडीएम, नगर निगम और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में प्रधानमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम से जुड़ी विभागवार जिम्मेदारियों की समीक्षा की गई और समयबद्ध तरीके से सभी कार्य पूरे करने के निर्देश दिए गए।

यह पूरे जिले के लिए गौरव का विषय” 

डॉ. कृष्ण लाल मिड्डा ने अधिकारियों से कहा कि, “17 जुलाई को प्रधानमंत्री का प्रस्तावित दौरा पूरे जिले के लिए गौरव का विषय है। सभी विभाग अपनी जिम्मेदारी पूरी गंभीरता से निभाएं और तैयारियों में किसी भी प्रकार की कमी न रहने दें। प्रत्येक अधिकारी यह सोचकर कार्य करे कि उसका विभाग इस आयोजन को सफल बनाने में अपनी सर्वोत्तम भूमिका निभाए।

यह भी पढ़ें: E20 Petrol: एथेनॉल वाले पेट्रोल के विवाद के बीच मशहूर टीचर अभिनय मैथ की कीमती वोल्वो XC 90 चलते-चलते रुकी! फिर ये हुआ उनके साथ

Godrej Consumer Products Share Price: Q1 बिजनेस अपडेट के बाद नोमुरा ने दोहराई ‘बाय’ रेटिंग, शेयर 4 प्रतिशत तक उछला

ब्रोकरेज फर्म नोमुरा ने गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स (GCPL) के शेयर के लिए अपनी ‘बाय’ रेटिंग बरकरार रखी है। टारगेट प्राइस 1,300 रुपये प्रति शेयर दिया है। इसकी वजह है कि कंपनी का जून तिमाही का बिजनेस अपडेट उम्मीद से बेहतर रहा है। इस अपडेट के बाद गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स के शेयरों में 4 प्रतिशत तक की तेजी दिखी। बीएसई पर भाव 1,117.85 रुपये के हाई तक गया। कंपनी का मार्केट कैप बढ़कर 1.13 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया है।

नोमुरा का मानना है कि कंपनी की स्टैंडअलोन वॉल्यूम ग्रोथ उम्मीदों के मुताबिक है और अप्रैल-जून तिमाही में कंसोलिडेटेड रेवेन्यू और EBITDA ग्रोथ अनुमान से ज्यादा रही है। भारत और इंटरनेशनल, दोनों ही बिजनेस में सुधार से आने वाली तिमाहियों में मार्जिन रिकवरी में मदद मिलनी चाहिए, हालांकि नए ब्रांड्स में ज्यादा निवेश की वजह से निकट भविष्य में EBITDA ग्रोथ शुरुआती डबल डिजिट में ही बनी रह सकती है।

गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स को उम्मीद है कि अप्रैल-जून 2026 तिमाही में उसका कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ‘हाई-टीन’ (15-19%) की रेंज में बढ़ेगा, जो वित्त वर्ष 2027 के लिए कंपनी के ‘डबल-डिजिट’ ग्रोथ के अनुमान से बेहतर है। वॉल्यूम ग्रोथ 7-9% रहने की संभावना है, जबकि EBITDA के कंपनी के ‘डबल-डिजिट’ ग्रोथ अनुमान से ज्यादा रहने की उम्मीद है।

मार्जिन पर दबाव बने रहने का अनुमान

कंपनी का मानना ​​है कि कॉम्पिटीशन का दबाव कम हो रहा है और बिजनेस की प्रॉफिटेबिलिटी वापस आ गई है। लेकिन इनपुट कॉस्ट बढ़ने की वजह से इस तिमाही में मार्जिन पर दबाव बने रहने की उम्मीद है। GCPL का मानना है कि जून तिमाही में लगभग 6-9% की इनपुट कॉस्ट मार्जिन पर असर डालेगी, लेकिन कंपनी प्राइसिंग एक्शन, कॉस्ट सेविंग और मीडिया ऑप्टिमाइजेशन के जरिए धीरे-धीरे रिकवरी को लेकर आश्वस्त है।

IIT Bombay ग्रेजुएट की वायरल कहानी निकली फर्जी, US जॉब छोड़ दुकान चलाने का दावा झूठा

सोशल मीडिया पर एक कहानी तेजी से वायरल हो गई, जिसमें दावा किया गया कि IIT Bombay के एक ग्रेजुएट ने अमेरिका की ₹2.9 करोड़ सालाना नौकरी छोड़कर भारत लौटकर अपने घर के नीचे किराना दुकान शुरू कर दी। यह कहानी X (Twitter) पर “Vikas Alwys” नाम के अकाउंट से पोस्ट की गई थी और देखते ही देखते हजारों लोगों तक पहुंच गई। कई यूजर्स ने इसे एक भावुक और प्रेरणादायक कहानी मानकर बिना जांचे-परखे शेयर कर दिया। लेकिन बाद में सामने आया कि इस कहानी में किए गए दावे किसी ठोस सबूत पर आधारित नहीं थे।

न तो उस व्यक्ति की पहचान की पुष्टि हुई और न ही उसकी शैक्षणिक या नौकरी से जुड़ी कोई आधिकारिक जानकारी मिली। धीरे-धीरे यह मामला चर्चा में आ गया और सोशल मीडिया पर वायरल होने वाली फर्जी कहानियों को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे।

कौन था ‘Vivek Sharma’ का दावा?

पोस्ट में बताया गया कि ‘विवेक शर्मा’ IIT Bombay के कंप्यूटर साइंस गोल्ड मेडलिस्ट थे, जो एक साधारण परिवार से आते हैं। दावा था कि उनके माता-पिता ने उनकी पढ़ाई के लिए अपनी बचत और सोना तक बेच दिया। आगे लिखा गया कि उन्हें अमेरिका की बड़ी कंपनी से लाखों डॉलर का ऑफर मिला था, लेकिन परिवार की बीमारी के चलते उन्होंने नौकरी छोड़ दी और घर लौटकर किराना दुकान चलाने लगे।

फर्जी कहानी के पीछे कोई ठोस सबूत नहीं

इस वायरल दावे में किसी भी तरह का पुख्ता स्रोत नहीं दिया गया था। बाद में पता चला कि यह कहानी पहले LinkedIn पर भी साझा की गई थी, जिसे एक डॉक्टर ने पोस्ट किया था और बाद में काफी बदलाव कर दिए।

जांच में सामने आया कि 2012 के JEE रिकॉर्ड में ‘विवेक शर्मा’ नाम का कोई ऐसा टॉपर मौजूद ही नहीं था, जैसा दावा किया गया था।

खुद लेखक ने माना कहानी काल्पनिक थी

पोस्ट करने वाले ने बाद में स्वीकार किया कि यह कहानी एक “inspirational fictional persona” थी, यानी लोगों को प्रेरित करने के लिए बनाई गई एक काल्पनिक कहानी। इसके बाद उन्हें सोशल मीडिया पर काफी आलोचना का सामना करना पड़ा।

तस्वीर भी निकली किसी और की

इस कहानी के साथ जो फोटो वायरल की गई थी, वह भी गलत निकली। जांच में पता चला कि वह व्यक्ति कोई ‘विवेक शर्मा’ नहीं, बल्कि YouTuber और किराना स्टोर मालिक Sumit Gorai हैं, जिनकी तस्वीर को गलत तरीके से इस्तेमाल किया गया।

असल सच्चाई क्या है?

पूरी जांच के बाद साफ हो गया कि यह कहानी पूरी तरह फर्जी थी। न कोई IIT Bombay टॉपर ‘विवेक शर्मा’ है, न ही ऐसा कोई व्यक्ति जिसने US जॉब छोड़कर किराना दुकान शुरू की हो। यह सिर्फ सोशल मीडिया पर बनाई और फैलाई गई एक मनगढ़ंत कहानी थी, जिसे लोगों ने बिना सत्यापित किए वायरल कर दिया।

नोएडा की इस कलाकार की बालकनी में हर दिन जुटते हैं 200 पक्षी, पीछे की कहानी दिल छू लेगी

Share Market Rally: 4 वजहों से Sensex में 400 अंकों का उछाल,Nifty पहुंचा 24400 के करीब

Share Market Rally: इस हफ्ते के पहले कारोबारी दिन आज मार्केट में शानदार रौनक दिखी। घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज सेंसेक्स और निफ्टी शुरुआती कारोबार में ही उछल पड़े। सेंसेक्स (Sensex) इंट्रा-डे में 400 प्वाइंट्स से अधिक उछल पड़ा तो निफ्टी 50 (Nifty 50) चढ़कर 24400 के एकदम करीब पहुंच गया। हालांकि ब्रोडर लेवल पर रौनक थोड़ी हल्की है और निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में हल्की बढ़त है। अब इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो फिलहाल 09:58 AM पर सेंसेक्स 379.23 प्वाइंट्स यानी 0.49% की बढ़त के साथ 78,143.14 और निफ्टी 50 भी 113.65 प्वाइंट्स यानी 0.47% की बढ़त के साथ 24,384.50 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 430.45 प्वाइंट्स चढ़कर 78,194.36 और निफ्टी 123.55 प्वाइंट्स उछलकर 24,394.40 तक पहुंचा था।

Share Market Rally: ये है वजह

कच्चे तेल का उत्पादन बढ़ाने पर सहति

तेल निकालने वाले देशों के संगठन OPEC+ ने अगस्त से अपने प्रोडक्शन टारगेट को और बढ़ाने पर सहमति जताई तो इसके भाव नरम पड़े और मार्केट को सपोर्ट मिला। रविवार को तेल निकालने वाले खाड़ी देशों (OPEC) और रूस ने अगस्त से हर दिन तेल का उत्पादन 1.88 लाख बैरल बढ़ाने की बात कही है। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के एक सर्वे के मुताबिक जून में ओपेक का तेल उत्पादन मई महीने की तुलना में 33 लाख बैरल प्रतिदिन बढ़कर 1.94 करोड़ बैरल प्रति दिन हो गया।

विदेशी निवेशकों की खरीदारी

प्रोविजनल आंकड़ो के मुताबिक शुक्रवार को विदेशी निवेशकों ने भारतीय स्टॉक मार्केट में ₹1355.33 करोड़ के शेयरों की नेट खरीदारी की जिससे मार्केट को आज सपोर्ट मिला है। जियोजीत इंवेस्टमेंट्स के चीफ इंवेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वीके विजयकुमार के मुताबिक कच्चे तेल के प्रति बैरल $72 के नीचे आने, FCNR(B) (फॉरेन करेंसी नॉन-रेजिडेंट (बैंक)) डिपॉजिट्स से निवेश आने की उम्मीद और वैश्विक एआई ट्रेड की कमजोरी पर विदेशी निवेशकों ने भारतीय मार्केट का रुख किया है।

बैंकों के मजबूत बिजनेस अपडेट

मार्केट को एचडीएफसी बैंक, एक्सिस बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक समेत अन्य बैंकों के वीकेंड पर आए जून तिमाही के मजबूत बिजनेस अपडेट से सपोर्ट मिला। बैंकों ने जून तिमाही के कारोबारी नतीजे से पहले प्रोविजनल आंकड़े पेश किए हैं। ब्रोकरेज फर्म जेफरीज का कहना है कि एचडीएफसी बैंक, इंडसइंड बैंक और बंधन बैंक की लोन ग्रोथ उम्मीद से बेहतर रही तो कोटक महिंद्रा बैंक में हल्की सुस्ती दिखी।

टेक्निकल आउटलुक

एनालिस्ट्स के मुताबिक जब तक निफ्टी 24300 के पार बना हुआ है, मार्केट में तेजी का रुझान कायम रहेगा। एक्सिस डायरेक्ट के रिसर्च हेड राजेश पालवीय (Rajesh Palviya) के मुताबिक 24,150 के ब्रेकआउट जोन के ऊपर निफ्टी को लेकर बुलिश रुझान रहेगा। फिलहाल निफ्टी के लिए यह सपोर्ट लेवल का काम कर रहा है। उनका मानना है कि 24,400 के पार मजबूती से जाने पर 24,600 का रास्ता खुल सकता है लेकिन अगर यह 24,150 के नीचे आया तो मुनाफावसूली के दबाव में यह 24000 तक फिसल सकता है। राजेश के मुताबिक मीडियम टर्म में माहौल पॉजिटिव ही दिख रहा है लेकिन वैश्विक टेक स्टॉक्स में दबाव के चलते तेजी सीमित रह सकती है।

स्टॉक मार्केट में आज की लाइव हलचल के लिए यहां जुड़ें

Crude Oil Price: क्रूड को लेकर आई बड़ी खबर, उत्पादन बढ़ाएगा OPEC+

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।