ENG W vs AUS W: ऑस्ट्रेलिया-इंग्लैंड के बीच आज होगी खिताबी भिड़ंत, जानें कब और कहां देखें फाइनल

ENG vs AUS: लंदन के ऐतिहासिक लॉर्ड्स मैदान पर रविवार को ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच महिला टी20 विश्व कप 2026 का फाइनल मुकाबला खेला जाएगा। दोनों टीमों के बीच होने वाले इस खिताबी मुकाबले का क्रिकेट प्रेमी बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। टी20 विश्व कप के खिताबी मुकाबलों में इंग्लैंड अब तक ऑस्ट्रेलिया को नहीं हरा सका है और आंकड़े भी इसी ओर इशारा करते हैं। ऐसे में पुराने रिकॉर्ड से ज्यादा मौजूदा प्रदर्शन अहम माना जा रहा है।

इंग्लैंड की टीम आठ साल बाद महिला टी20 विश्व कप के फाइनल में पहुंची है, वहीं ऑस्ट्रेलिया छह बार यह खिताब जीतकर अपनी बादशाहत पहले ही साबित कर चुका है। दोनों टीमों की बीच मुकाबले की शुरुआत भारतीय समयानुसार रात 8 बजे से शुरू होगा। आइए जानते हैं कब और कहां पर देखें मुकाबला

ऑस्ट्रेलिया का पलड़ा भारी

इंग्लैंड इस फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपनी पिछली हार का सिलसिला तोड़ने के इरादे से उतरेगा। पिछले कुछ सालों में दोनों टीमों के मुकाबलों में ऑस्ट्रेलिया का पलड़ा भारी रहा है। खासतौर पर पिछली एशेज सीरीज में ऑस्ट्रेलिया ने इंग्लैंड को पूरी तरह मात दी थी। ऐसे में इस बार का फाइनल दोनों टीमों के लिए बेहद अहम मुकाबला माना जा रहा है।

कितने बजे शुरू होगा मुकाबला

महिला टी20 वर्ल्ड कप 2026 का फाइनल मुकाबला रविवार, 5 जुलाई को इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेला जाएगा। भारतीय दर्शक इस मैच का आनंद रात 8:00 बजे (भारतीय समयानुसार) से ले सकेंगे, जब दोनों टीमें ट्रॉफी जीतने के लिए मैदान पर आमने-सामने होंगी।

कहां पर खेला जाएगा मुकाबला

महिला टी20 वर्ल्ड कप 2026 का फाइनल मुकाबला इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच लंदन के ऐतिहासिक लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड में खेला जाएगा। क्रिकेट के सबसे प्रतिष्ठित मैदानों में शामिल लॉर्ड्स इस बड़े मुकाबले की मेजबानी करेगा, जहां दोनों टीमें खिताब जीतने के इरादे से मैदान पर उतरेंगी।

कहां पर देखें मुकाबला

भारत में महिला टी20 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल मुकाबले का सीधा प्रसारण स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क पर देखा जा सकेगा। वहीं, जो दर्शक मोबाइल या ऑनलाइन मैच देखना चाहते हैं, वे इस मुकाबले की लाइव स्ट्रीमिंग जियोहॉटस्टार ऐप और वेबसाइट पर देख सकते हैं।

Stock Split: 5 छोटे टुकड़ों में टूटने वाला है टोनर मेकर का शेयर, एक महीने में दिया 18% रिटर्न

केमिकल सेक्टर की कंपनी इंडियन टोनर्स एंड डेवलपर्स का स्टॉक, स्प्लिट होने जा रहा है। इसके तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाला एक शेयर, 2 रुपये फेस वैल्यू वाले 5 शेयरों में टूट जाएगा। कंपनी पहली बार स्टॉक स्प्लिट करने जा रही है। इसकी घोषणा इस साल मई महीने में हुई थी। रिकॉर्ड डेट 17 जुलाई है। इस तारीख से एक दिन पहले मार्केट क्लोजिंग तक जिनके नाम शेयरों के लाभार्थी मालिकों के तौर पर रजिस्टर ऑफ मेंबर्स ऑफ द कंपनी या डिपॉजिटरीज के रिकॉर्ड्स में दर्ज हो चुके होंगे, उनके स्टॉक स्प्लिट हो जाएंगे।

Indian Toners & Developers Ltd कम्पैटिबल कलर कॉपियर टोनर के मामले में भारत की सबसे बड़ी मैन्युफैक्चरर और एक्सपोर्टर होने का दावा करती है। इसने 1992 में मैन्युफैक्चरिंग शुरू की थी। प्रोडक्ट्स में लेजर टोनर, कलर टोनर, कॉपियर/डिजिटल टोनर, वाइड फॉर्मेट कॉपियर एंड प्रिंटर टोनर शामिल हैं।

इंडियन टोनर्स एंड डेवलपर्स के शेयर की कीमत वर्तमान में BSE पर 292.85 रुपये है। कंपनी का मार्केट कैप 300 करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर 3 महीनों में 24 प्रतिशत और एक महीने में लगभग 18 प्रतिशत चढ़ा है। शेयर का BSE पर 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 300 रुपये और एडजस्टेड लो 215.40 रुपये है।

कंपनी की वित्तीय सेहत

जनवरी-मार्च 2026 तिमाही में इंडियन टोनर्स एंड डेवलपर्स का स्टैंडअलोन बेसिस पर रेवेन्यू 45.74 करोड़ रुपये रहा। शुद्ध मुनाफा 7.62 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। पूरे वित्त वर्ष 2026 के दौरान स्टैंडअलोन रेवेन्यू 165.81 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 27.23 करोड़ रुपये रहा। कंपनी में मार्च 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 69.25 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।

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Mangalam Worldwide का स्टॉक भी होने वाला है स्प्लिट

स्टेनलेस स्टील सेक्टर की कंपनी मंगलम वर्ल्डवाइड लिमिटेड का स्टॉक भी स्प्लिट होने वाला है। 10 रुपये फेस वैल्यू वाला एक शेयर, 1 रुपये फेस वैल्यू वाले 10 शेयरों में टूट जाएगा। रिकॉर्ड डेट 10 जुलाई है। मंगलम वर्ल्डवाइड गुजरात की कंपनी है। इसके कामकाज में स्क्रैप को पिघलाने से लेकर सीमलेस पाइप और ट्यूब बनाने तक के काम शामिल हैं। शेयर की कीमत वर्तमान में BSE पर 376.10 रुपये है। कंपनी वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 10 रुपये फेस वैल्यू वाले हर शेयर पर 30 पैसे प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड देने वाली है। रिकॉर्ड डेट 17 जुलाई है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

E20 Petrol : भूटान ने भारत से E20 पेट्रोल ठुकराया? वायरल दावों पर केंद्र सरकार ने जारी किया फैक्ट चेक

E20 Petrol : पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय (MoPNG) ने उन खबरों को पूरी तरह गलत बताया है, जिनमें दावा किया गया था कि भूटान ने भारत से E20 पेट्रोल खरीदने से इनकार कर दिया है। मंत्रालय ने साफ किया कि भारत की तेल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) ने भूटान को E20 पेट्रोल निर्यात करने का कोई प्रस्ताव दिया ही नहीं था। समाचार एजेंसी ANI के अनुसार, मंत्रालय ने कहा कि फिलहाल भूटान को E20 पेट्रोल भेजने की कोई योजना भी नहीं है। मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर जारी बयान में लोगों से अपील की कि इस तरह की अफवाहों पर भरोसा न करें और केवल पेट्रोलियम मंत्रालय तथा तेल विपणन कंपनियों की आधिकारिक जानकारी पर ही विश्वास करें।

कांग्रेस ने लगाया था ये आरोप

यह सफाई ऐसे समय में आई है, जब एक दिन पहले कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि भूटान, नेपाल, बांग्लादेश और श्रीलंका ने भारत का E20 ईंधन लेने से इनकार कर दिया है। वहीं, सूचना और प्रसारण मंत्रालय (MIB) ने भी E20 ईंधन को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब दिया। मंत्रालय ने कहा कि E20 पेट्रोल को बाजार में लाने से पहले देश के प्रमुख तकनीकी संस्थानों में इसकी प्रयोगशाला, वाहनों और वास्तविक परिस्थितियों में व्यापक जांच की गई थी। इन सभी परीक्षणों में यह ईंधन भरोसेमंद और बेहतर प्रदर्शन करने वाला पाया गया।

इंजन और वारंटी को लेकर भी आया  ये जवाब

सरकार ने साफ किया है कि वाहन बनाने वाली कंपनियां अपने मॉडल तय एथेनॉल मिश्रण मानकों के अनुसार तैयार कर रही हैं। सूचना और प्रसारण मंत्रालय (MIB) के मुताबिक, अगर वाहन में स्वीकृत E20 पेट्रोल का इस्तेमाल किया जाता है, तो सिर्फ इसी वजह से गाड़ी की कंपनी की वारंटी खत्म नहीं होती। मंत्रालय ने यह भी कहा कि इथेनॉल मिश्रित ईंधन वैज्ञानिक आधार पर तैयार किया गया है और दुनिया के कई देशों में इसका सफलतापूर्वक इस्तेमाल हो रहा है। भारत भी अपने इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल कार्यक्रम के तहत इसी मानक को अपना रहा है। मंत्रालय ने जोर देकर कहा कि E20 एक तय क्वालिटी वाला मानक ईंधन है, इसे पेट्रोल में मिलावट नहीं माना जा सकता।

सूचना और प्रसारण मंत्रालय (MIB) ने बताया कि ARAI, इंडियन ऑयल रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पेट्रोलियम (IIP) द्वारा किए गए विस्तृत परीक्षणों में पुराने वाहनों पर E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से इंजन की मजबूती या प्रदर्शन पर कोई बड़ी समस्या सामने नहीं आई। मंत्रालय ने यह भी कहा कि 1 अप्रैल 2025 से पूरे देश में E20 पेट्रोल लागू होने के बाद से लाखों वाहन इस ईंधन पर चल रहे हैं। अब तक ऐसा कोई प्रमाण नहीं मिला है कि E20 पेट्रोल की वजह से किसी वाहन का इंजन खराब हुआ हो।

Stocks to Buy: ये 10 स्टॉक्स दे सकते हैं 43% तक रिटर्न, एक्सपर्ट्स ने दी खरीदने की सलाह

Stocks to Buy: ब्रोकरेज हाउसेज ने 10 शेयरों पर खरीदारी की सलाह दी है। इनके लिए 14% से 43% तक के संभावित अपसाइड का अनुमान लगाया गया है। मजबूत बिजनेस आउटलुक, कमाई में सुधार और ग्रोथ की उम्मीद के दम पर इन शेयरों को लेकर ब्रोकरेज का नजरिया पॉजिटिव बना हुआ है।

DLF

ब्रोकरेज Motilal Oswal ने DLF पर ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखी है। ब्रोकरेज ने 775 रुपये का टारगेट प्राइस तय किया है। निवेशकों को यहां करीब 14% तक का रिटर्न मिल सकता है।

ब्रोकरेज का मानना है कि कमर्शियल पोर्टफोलियो से मिलने वाली नियमित आय अगले पांच साल तक ग्रोथ का बड़ा आधार रहेगी। रेजिडेंशियल लॉन्च और मजबूत कलेक्शन से कैश फ्लो भी बेहतर रहेगा।

Hindustan Zinc

Emkay Global ने Hindustan Zinc पर ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखी है। ब्रोकरेज ने 625 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। शेयर में 17% से ज्यादा की बढ़त की संभावना जताई गई है।

ब्रोकरेज का कहना है कि डिमर्जर के बाद कंपनी समूह की वित्तीय और परिचालन मजबूती का अहम आधार बनेगी। रेवेन्यू और EBITDA में इसका सबसे बड़ा योगदान रहने की उम्मीद है।

Dixon Technologies

Investec ने Dixon Technologies पर ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखी है। ब्रोकरेज ने 14,500 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। यानी शेयर में करीब 17% तक का उछाल आ सकता है।

ब्रोकरेज का कहना है कि Vivo के साथ प्रस्तावित जॉइंट वेंचर को मंजूरी मिलने से पहले भी मोबाइल फोन का वॉल्यूम मजबूत रहेगा। एक्सपोर्ट, बैकवर्ड इंटीग्रेशन और नए बिजनेस से भी कमाई बढ़ने की उम्मीद है।

Coforge

ब्रोकरेज फर्म Bank of America ने Coforge पर पहली बार कवरेज शुरू करते हुए ‘Buy’ रेटिंग दी है। ब्रोकरेज ने 1,725 रुपये का टारगेट प्राइस रखा है। इस हिसाब से शेयर में करीब 18% तक की बढ़त देखने को मिल सकती है।

ब्रोकरेज का मानना है कि बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज, सरकारी और ट्रैवल सेक्टर से मजबूत ऑर्डर मिल रहे हैं। इससे वित्त वर्ष 2026 से 2029 के बीच कंपनी की ऑर्गेनिक रेवेन्यू ग्रोथ मजबूत रह सकती है।

Lodha Developers

Motilal Oswal ने Lodha Developers पर ‘Buy’ रेटिंग दोहराई है। ब्रोकरेज ने 1,285 रुपये का टारगेट प्राइस रखा है। यह शेयर करीब 21% तक का रिटर्न दे सकता है।

ब्रोकरेज का मानना है कि नए प्रोजेक्ट लॉन्च, मजबूत एक्सीक्यूशन और लगातार बिजनेस विस्तार से कंपनी अपनी बढ़त बनाए रखेगी। ऑपरेटिंग कैश फ्लो और रेंटल कारोबार का विस्तार भी कमाई को सहारा देगा।

Bharti Airtel

Nomura ने Bharti Airtel को टेलीकॉम सेक्टर में अपनी टॉप पसंद बताया है। ब्रोकरेज ने टारगेट प्राइस 2,220 रुपये से बढ़ाकर 2,355 रुपये कर दिया है। ‘Buy’ रेटिंग भी बरकरार रखी गई है। इस हिसाब से शेयर में करीब 24% तक का अपसाइड मिल सकता है।

ब्रोकरेज का कहना है कि 5G रोलआउट अब लगभग पूरा हो चुका है। इससे पूंजीगत खर्च कम होगा। फ्री कैश फ्लो बढ़ेगा और आने वाले वर्षों में कर्ज भी तेजी से घट सकता है।

MCX

Jefferies ने MCX पर पहली बार कवरेज शुरू करते हुए ‘Buy’ रेटिंग दी है। ब्रोकरेज ने 3,600 रुपये का टारगेट प्राइस रखा है। ब्रोकरेज को शेयर में करीब 28% तक की छलांग की उम्मीद है।

ब्रोकरेज का मानना है कि भारत का कमोडिटी डेरिवेटिव्स बाजार अभी शुरुआती दौर में है। कम पैठ की वजह से आने वाले वर्षों में MCX के लिए ग्रोथ की बड़ी गुंजाइश है।

United Spirits

Antique ने United Spirits पर ‘Buy’ रेटिंग दोहराई है। ब्रोकरेज ने 1,791 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। मौजूदा भाव से शेयर करीब 29% तक चढ़ सकता है।

ब्रोकरेज का कहना है कि तमिलनाडु में डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम में बदलाव का फायदा कंपनी को मिलेगा। इससे राष्ट्रीय ब्रांडों की पहुंच बढ़ेगी। प्रीमियम पोर्टफोलियो की बिक्री को भी सहारा मिलेगा।

RBL Bank

ब्रोकरेज Nuvama ने RBL Bank पर ‘Buy’ रेटिंग दी है। ब्रोकरेज ने 470 रुपये का टारगेट प्राइस रखा है। इस टारगेट के आधार पर शेयर में करीब 30% की तेजी देखने को मिल सकती है।

ब्रोकरेज का कहना है कि बैंक कॉरपोरेट लोन, माइक्रोफाइनेंस और क्रेडिट कार्ड कारोबार की चुनौतियों से काफी हद तक उबर चुका है। Emirates NBD के 26,000 करोड़ रुपये के निवेश से बैंक की पूंजी स्थिति भी मजबूत हुई है।

Jubilant Ingrevia

ब्रोकरेज फर्म Anand Rathi ने Jubilant Ingrevia पर ‘Buy’ रेटिंग दी है। ब्रोकरेज ने शेयर का टारगेट प्राइस 975 रुपये रखा है। मौजूदा भाव 680.95 रुपये के मुकाबले इसमें करीब 43% तक की बढ़त देखने को मिल सकती है।

ब्रोकरेज का कहना है कि वित्त वर्ष 2027 कंपनी के लिए टर्नअराउंड वाला साल साबित हो सकता है। भरूच प्लांट में EBITDA बेहतर होने की उम्मीद है। 6.6 करोड़ डॉलर के कर्ज को कम करने की योजना से बैलेंस शीट मजबूत होगी और वित्तीय जोखिम घटेगा।

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SBI PO Recruitment: भारतीय स्टेट बैंक हायर कर रहा है 1500 ऑफिसर, निकल न जाए मौका; 8 जुलाई से पहले कर दें अप्लाई

अगर आप भारतीय स्टेट बैंक (SBI) में नौकरी चाह रहे हैं तो सुनहरा मौका है। बैंक इस साल 1,500 प्रोबेशनरी ऑफिसर्स की भर्ती करने वाला है। इस ​हायरिंग को लेकर बैंक ने जून में नोटिफिकेशन जारी किया था। उसके मुताबिक, कुल 1,500 पदों में से 1,446 रेगुलर वैकेंसी हैं, जबकि 54 बैकलॉग वैकेंसी हैं। आवेदन करने की आखिरी तारीख 8 जुलाई है और बैंक को उम्मीद है कि पूरी भर्ती प्रक्रिया दिसंबर तक पूरी कर ली जाएगी।

SBI प्रोबेशनरी ऑफिसर बनने के लिए एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया की बात करें तो आवेदन करने वाले का किसी भी विषय में ग्रेजुएट होना जरूरी है। जहां तक उम्र की बात है तो 1 अप्रैल, 2026 तक आवेदन करने वाली की मिनिमम एज 21 साल होनी चाहिए।

पे स्केल

शुरुआती बेसिक पे- 48,480/- (4 एडवांस इंक्रीमेंट के साथ)

स्केल- 48480-2000/7-62480-2340/2-67160-2680/7-85920, डीए, एचआरए, समेत कई भत्ते।

भत्तों को मिलाकर मुंबई सेंटर पर शुरुआती CTC लगभग ₹21.97 लाख प्रति वर्ष होगा।

किस वर्ग के कितने पद

अनारक्षित : 588

OBC (अन्य पिछड़ा वर्ग): 390

SC (अनुसूचित जाति): 234

ST (अनुसूचित जनजाति): 144

EWS (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग): 144

इस वैकेंसी से जुड़ी और डिटेल के लिए पढ़ें… SBI PO Notification 2026: एसबीआई में पीओ के 1500 पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी

FY26 में कितने लोग किए थे नियुक्त

पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में SBI ने भारतीय खेलों को बढ़ावा देने और अनुशासित व उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली टीम तैयार करने के उद्देश्य से 67 खिलाड़ियों की भी भर्ती की थी। बैंक की ताजा सालाना रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में 4,640 अधिकारियों, 19,340 सहायक कर्मचारियों (एसोसिएट्स) और कॉन्ट्रैक्ट पर 1,653 कर्मचारियों की नियुक्ति की गई। रिपोर्ट में कहा गया है कि SBI में कर्मचारियों के नौकरी छोड़ने की सालाना दर लगातार 1 प्रतिशत से कम पर बनी हुई है। वित्त वर्ष 2025-26 में यह दर लगभग 0.97 प्रतिशत रही।

वित्त वर्ष 2025-26 में SBI में भर्ती पर कुल खर्च ₹75.87 करोड़ रहा और कुल 25,633 लोगों की भर्ती की गई। इस आंकड़े में रिटायर हो चुके अधिकारी भी शामिल हैं। इस तरह, प्रति वैकेंसी खर्च ₹29,597 रहा, जबकि वित्त वर्ष 2025 में यह ₹40,441 था।

वर्कफोर्स में कितनी महिलाएं

सालाना रिपोर्ट के मुताबिक, बैंक की कुल घरेलू वर्कफोर्स में महिलाओं की हिस्सेदारी 28.54 प्रतिशत है। मैनेजर लेवल (जूनियर, मिडिल और सीनियर मैनेजमेंट में असिस्टेंट जनरल मैनेजर ग्रेड तक के अधिकारी) पर उनकी हिस्सेदारी 24 प्रतिशत है। सीनियर लीडरशिप (टॉप एग्जीक्यूटिव ग्रेड) में यह हिस्सेदारी 8.55 प्रतिशत है। बैंक के कर्मचारियों की संख्या 2,45,000 से ज्यादा है।

IND vs ENG: रवि बिश्नोई की वजह से भारत हारा मैच? इंग्लैंड से हार के बाद ईशान किशन ने बताई हार की असली वजह

India vs England: भारत और इंग्लैंड के बीच मैनचेस्टर के ओल्डट्रैफर्ड में खेले गए दूसरे टी20 मुकाबले में भारत को 4 विकेट से हाल मिली है। जीत के साथ इंग्लैंड की टीम 5 मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है। मैनचेस्टर में खेले गए दूसरे टी20 मैच में एक समय ऐसा लग रहा था कि भारत आसानी से मुकाबला जीत जाएगा। इंग्लैंड को आखिरी चार ओवर में 49 रन की जरूरत थी, लेकिन रवि बिश्नोई के एक ओवर ने मैच का रुख बदल दिया। रवि बिश्नोई के एक ओवर में 29 रन बने, जिसमें दो फ्री-हिट पर जैकब बेथेल ने शानदार छक्के लगाए। इसी ओवर ने इंग्लैंड की जीत की राह आसान कर दी। इंग्लैंड ये मैच 19 ओवर में ही जीत गया।

मैच के बाद क्या कहा

मैच के बाद कप्तान श्रेयस अय्यर ने माना कि, एक ओवर में ज्यादा रन बनने के बाद मुकाबले का रुख बदल गया। लेकिन उन्होंने किसी भी खिलाड़ी को हार का जिम्मेदार नहीं ठहराया और कहा कि जीत-हार पूरी टीम की जिम्मेदारी होती है। ईशान किशन ने भी माना कि मैच कुछ अहम गेंदों में भारत के हाथ से निकल गया। लेकिन उन्होंने किसी एक खिलाड़ी को हार का जिम्मेदार नहीं ठहराया। ईशान ने कहा कि टी20 क्रिकेट में कुछ गेंदें ही पूरे मैच का रुख बदल देती हैं और इस मुकाबले में भी ऐसा ही देखने को मिला।

जैकब बेथेल की तारीफ की

मैच के बाद ईशान किशन ने रिपोर्टर्स से कहा, “हमें पूरे मैच के दौरान लग रहा था कि मुकाबला हमारे कंट्रोल में है। लेकिन फ्री-हिट पर मिले रन से बल्लेबाज का दबाव कम हो गया और मैच का रुख बदलने लगा।” उन्होंने आगे कहा, “मुझे लगता है कि हमारी गेंदबाजी काफी अच्छी रही। हमने अपनी योजनाओं के मुताबिक गेंदबाजी की, लेकिन जैकब बेथेल को भी पूरा श्रेय देना होगा। उसने धैर्य के साथ बल्लेबाजी की, लंबे समय तक क्रीज पर टिका रहा और सही समय पर सही गेंदबाजों पर आक्रमण किया।”

फ्री-हिट नहीं देना था

उन्होंने आगे कहा, “हम और बेहतर गेंदबाजी कर सकते थे। शायद हमें वे फ्री-हिट वाली गेंदें नहीं देनी चाहिए थीं, जिन पर दो छक्के लगे। बिना किसी अतिरिक्त मेहनत के विपक्षी टीम को 12 रन और दो अतिरिक्त मौके मिल गए। टी20 जैसे छोटे फॉर्मेट में ऐसे छोटे-छोटे पल ही मैच का नतीजा बदल देते हैं। उम्मीद है कि अगले मैच में हम ऐसी गलतियों से बचेंगे।”

हम यह मैच नहीं जीत सके

हाल के टी20 मैचों में भारत को उम्मीद के मुताबिक नतीजे नहीं मिले हैं। लेकिन ईशान किशन ने कहा कि, टीम अच्छा क्रिकेट खेल रही है और गलतियों से सीखकर अगले मैचों में बेहतर प्रदर्शन करेगी। ईशान किशन ने कहा, “हम यह मैच नहीं जीत सके, लेकिन मुझे लगता है कि हम अच्छा क्रिकेट खेल रहे हैं। सबसे अहम बात यह है कि हर मुकाबले के बाद हम यह समझें कि किन क्षेत्रों में हमें और सुधार करने की जरूरत है।”

उन्होंने आगे कहा, “हमारी सबसे बड़ी ताकत ये है कि पूरी टीम एकजुट है और हर खिलाड़ी खुद को बेहतर बनाने की कोशिश कर रहा है। लगातार जीत न मिलना टीम के आत्मविश्वास पर असर डाल सकता है, लेकिन हमारी टीम में अनुभवी और समझदार खिलाड़ी हैं। हम जानते हैं कि कहां सुधार करना है और एक टीम के रूप में आगे बेहतर प्रदर्शन करने की कोशिश करेंगे।”

IND vs ENG: इन 6 गेंदों ने भारत से छीन लिया मैच, जैकब बेथल ने खेली धाकड़ पारी, टीम इंडिया को मिला हार

इंजन खराब होने से लेकर वारंटी खत्म होने तक… E20 Petrol पर सरकार ने इन बड़े दावों की बताई सच्चाई

सोशल मीडिया पर इन दिनों E20 Petrol को लेकर कई तरह के दावे किए जा रहे हैं। E20 पेट्रोल को लेकर पानी, इंजन डैमेज, माइलेज और वारंटी से जुड़े कई दावे भी किए जा रहे हैं। वहीं सोशल मीडिया पर एक दावा तेजी से फैल रहा है कि इसका इस्तेमाल करने पर वाहन का बीमा क्लेम या कंपनी की वारंटी खत्म हो सकती है। इस दावे के वायरल होने के बाद केंद्र सरकार ने सामने आकर स्थिति स्पष्ट की और लोगों से ऐसी भ्रामक जानकारी पर भरोसा न करने की अपील की।

सरकार ने इन बड़े दावों की बताई सच्चाई

सरकार ने साफ किया है कि E20 पेट्रोल इस्तेमाल करने वाले वाहन मालिकों को किसी तरह की चिंता करने की जरूरत नहीं है। संबंधित बीमा कंपनियों और वाहन निर्माता कंपनियों ने भी स्पष्ट किया है कि E20 ईंधन के उपयोग से न तो वाहन का बीमा प्रभावित होता है और न ही कंपनी की वारंटी पर कोई असर पड़ता है। सरकार की ओर से साझा की गई जानकारी में कहा गया कि बीमा कंपनियों और वाहन निर्माता कंपनियों ने स्पष्ट किया है कि E20 फ्यूल का इस्तेमाल करने से भारत में किसी भी वाहन के बीमा या कंपनी की वारंटी पर कोई असर नहीं पड़ता। इसलिए इस तरह की अफवाहों पर भरोसा करने की जरूरत नहीं है।

मंत्रालय ने यह भी बताया कि वाहन निर्माता कंपनियों के संगठन ने स्पष्ट किया है कि जिन गाड़ियों को E20 ईंधन के लिए तैयार किया गया है और जो तय मानकों को पूरा करती हैं, उनकी कंपनी वारंटी पहले की तरह जारी रहेगी। यानी E20 पेट्रोल इस्तेमाल करने से वारंटी पर कोई असर नहीं पड़ेगा। इससे पहले भी सरकार ने E20 पेट्रोल को लेकर सोशल मीडिया पर फैल रही कई गलत जानकारियों पर विस्तार से जवाब दिया था। सरकार ने एक विस्तृत जानकारी जारी कर इंजन की सुरक्षा, ईंधन की खपत, वाहन की वारंटी, माइलेज और पर्यावरण पर पड़ने वाले असर जैसे मुद्दों पर अपनी स्थिति स्पष्ट की थी।

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने बताया कि E20 कार्यक्रम के तहत पेट्रोल में 20 प्रतिशत तक इथेनॉल मिलाया जाता है। मंत्रालय के अनुसार, यह योजना वैज्ञानिक अध्ययनों, तय सुरक्षा मानकों और कई देशों के अनुभव को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। मंत्रालय ने बताया कि इथेनॉल मिला हुआ पेट्रोल दुनिया के कई देशों में लंबे समय से इस्तेमाल किया जा रहा है। अमेरिका, ब्राज़ील, कनाडा, थाईलैंड, जापान और कई यूरोपीय देशों में भी यह ईंधन पहले से उपयोग में है। मंत्रालय के अनुसार, E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से वाहन के प्रदर्शन पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ता और माइलेज में भी केवल मामूली बदलाव देखने को मिलता है।

सरकार का मानना है कि इथेनॉल ब्लेंडिंग कार्यक्रम देश की तेल आयात पर निर्भरता कम करने में अहम भूमिका निभाएगा। फिलहाल भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से कच्चा तेल खरीदता है, जिससे अंतरराष्ट्रीय कीमतों में बदलाव और वैश्विक परिस्थितियों का सीधा असर देश पर पड़ता है। ऐसे में इथेनॉल के बढ़ते इस्तेमाल से ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ाने और आयात का बोझ कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

Elon Musk अब नहीं रहे ट्रिलेनियर, Tesla-SpaceX की बिकवाली से लगा करंट, एक्सपर्ट ने किया सतर्क

दुनिया के पहले और इकलौते ट्रिलेनियर यानी $1 लाख करोड़ से अधिक दौलत वाले शख्स एलॉन मस्क (Elon Musk) को टेस्ला (Tesla) और स्पेसएक्स (SpaceX) के शेयरों की गिरावट से तगड़ा शॉक लगा। इनकी गिरावट से मस्क की दौलत से हजारों करोड़ डॉलर साफ हो गए। अब यह सवाल उठने लगा है कि क्या यह गिरावट अस्थायी है या फिर एआई और स्पेस से जुड़ी हाई-ग्रोथ कंपनियों को लेकर मार्केट की सोच में बड़े बदलाव का संकेत। टेस्ला का शेयर दिसंबर 2025 में एक साल के हाई $498.83 से करीब 21% टूटकर करीब $393 पर है। वहीं अब तक के सबसे बड़ा आईपीओ लाने के बाद 12 जून को नास्डाक पर लिस्ट हुई स्पेसएक्स $225.64 के रिकॉर्ड हाई से करीब 30% टूटकर अब $157-158 के करीब आ चुका है। इस गिरावट के कारण एलन मस्क की नेटवर्थ स्पेसएक्स की लिस्टिंग के तुरंत बाद अपने $1.45 ट्रिलियन के रिकॉर्ड हाई से घटकर $1 ट्रिलियन से नीचे आ गई है।

प्रॉफिट बुकिंग है या गहरी गिरावट?

वेस्टेड फाइनेंस के सीईओ और फाउंडर विक्रम शाह का मानना है कि टेस्ला और स्पेसएक्स की गिरावट की दोनों वजहें हैं- प्रॉफिट बुकिंग और गहरी गिरावट। शेयरों की तेज रैली के बाद निवेशकों ने पैसा निकाला शुरू किया तो इस पर दबाव पड़ा। इसके अलावा मार्केट ने अब एआई और स्पेस इकॉनमी से जुड़ी कंपनियों का वैल्यूएशन फिर से करना शुरू किया है। ऐसे में यह अनुमान लगाना मुश्किल है कि वैल्यूएशन आखिर कहां स्थिर होंगे।

विक्रम शाह के मुताबिक टेस्ला और स्पेसएक्स के सिर्फ शेयर ही टूटे हैं, बिजनेस के स्तर पर अभी भी ज्यादा कुछ नहीं टूटा है। उन्होंने जिक्र किया कि टेस्ला ने अभी हाल में अपना सबसे मजबूत तिमाही डिलीवरी आंकड़ा पेश किया है, फिर भी शेयर टूटे हैं। इससे संकेत मिल रहा है कि निवेशक अभी कंपनी के इलेक्ट्रिक वेईकल बिजनेस की बजाय उसके लंबे समय के ऑटोनॉमस ड्राइविंग और रोबोटैक्सी विजन पर अधिक ध्यान दे रहे हैं। स्पेसएक्स की स्थिति भी ऐसी ही है। स्टारलिंक लगातार प्रॉफिटेबल तरीके से बढ़ रहा है और कंपनी का लॉन्च बिजनेस भी विस्तार कर रहा है, लेकिन पोस्ट-लिस्टिंग शुरुआती तेजी के बाद शेयरों पर दबाव आया है।

क्या करना चाहिए भारतीय निवेशकों को?

विक्रम शाह के मुताबिक टेस्ला और स्पेसएक्स की गिरावट खरीदें या बेचें, फैसले जितना साधारण नहीं है बल्कि उन्होंने निवेशकों को सलाह दी है कि पोर्टफोलियो एलोकेशन और निवेश के लॉन्ग-टर्म गोल्स पर फोकस करना चाहिए। उनका कहना है कि एआई और स्पेस में 5–10 साल के लिए निवेश कर रहे हैं तो कुछ हफ्तों की गिरावट से ज्यादा फर्क नहीं पड़ना चाहिए। उन्होंने निवेशकों को यह भी देखने की सलाह दी है कि कहीं इन शेयरों में उनका एक्सपोजर पहले की तेजी के कारण जरूरत से ज्यादा तो नहीं हो गया है। साथ ही उन्होंने भारतीय निवेशकों को बिना सोचे-समझे नई लिस्ट हुई हाई-वैल्यू अमेरिकी कंपनियों में निवेश करने से सावधान किया। उनका मानना है कि अमेरिकी स्टॉक्स में निवेश इतना छोटा होना चाहिए कि शॉर्ट-टर्म उतार-चढ़ाव से पूरा पोर्टफोलियो प्रभावित न हो।

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भारत के इंजीनियरों से ज्यादा पैसे और इज्जत कमाते हैं ऑस्ट्रेलिया के प्लंबर! वहां रहने वाले ऐडी खानेजा ने बताई गजब की बात

सोशल मीडिया पर एक भारतीय युवक का वीडियो इन दिनों खूब चर्चा में है। ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले इस युवक ने वहां प्लंबर, इलेक्ट्रिशियन और बढ़ई जैसे स्किल्ड प्रोफेशन को मिलने वाली कमाई और सम्मान पर अपनी राय साझा की है। उनका कहना है कि इन कामों को वहां सिर्फ रोजगार नहीं, बल्कि सम्मानजनक करियर माना जाता है। उनके वीडियो ने भारत में स्किल्ड ट्रेड्स को लेकर लोगों की सोच पर नई बहस छेड़ दी है।

यहां प्लंबर बनना भी लोगों का सपना है’

वीडियो में युवक बताते हैं कि भारत में अक्सर पढ़ाई में कमजोर बच्चों को ताना दिया जाता है कि वे बड़े होकर प्लंबर, बढ़ई या इलेक्ट्रिशियन बनेंगे। लेकिन ऑस्ट्रेलिया में स्थिति बिल्कुल अलग है। वहां कई युवा खुद इन पेशों को चुनना चाहते हैं क्योंकि इनमें अच्छी कमाई और बेहतर भविष्य मिलता है।

15 मिनट के काम के मिले हजारों रुपये

उन्होंने एक निजी अनुभव साझा करते हुए बताया कि उनके घर का ताला खराब हो गया था। इसे ठीक करने के लिए उन्होंने एक बढ़ई को बुलाया। बढ़ई ने सिर्फ 15 मिनट में काम पूरा किया और इसके लिए 150 ऑस्ट्रेलियाई डॉलर फीस ली। उनका कहना था कि ऐसे कामों की वहां अच्छी कीमत दी जाती है।

सैलरी सुनकर रह जाएंगे हैरान

युवक के मुताबिक, ऑस्ट्रेलिया में एक कंस्ट्रक्शन मैनेजर सालाना करीब 2 लाख ऑस्ट्रेलियाई डॉलर तक कमा सकता है। वहीं प्लंबर और इलेक्ट्रिशियन भी आसानी से 1.2 लाख ऑस्ट्रेलियाई डॉलर या उससे अधिक की कमाई कर लेते हैं।

अब बेटे को इंजीनियर नहीं, बढ़ई बनाना चाहूंगा’

वीडियो में उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि अब वह शायद पहले भारतीय पिता होंगे जो अपने बच्चे से इंजीनियर या डॉक्टर बनने के बजाय बढ़ई का काम सीखने को कहेंगे। उनका मानना है कि इससे अच्छी कमाई भी होगी और रोजमर्रा के छोटे-मोटे कामों के लिए दूसरों पर निर्भर भी नहीं रहना पड़ेगा।

सिर्फ पैसे नहीं, सम्मान भी मिलता है

उनका कहना है कि ऑस्ट्रेलिया में हाथ से काम करने वाले लोगों को काफी सम्मान दिया जाता है। प्लंबर, इलेक्ट्रिशियन और बढ़ई जैसे पेशों को वहां किसी भी दूसरे प्रोफेशन की तरह सम्मानजनक माना जाता है। उनके मुताबिक, भारत में अभी भी इन कामों को उतनी इज्जत नहीं मिलती।

लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रिया

वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग राय सामने आई। कुछ यूजर्स ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया में न्यूनतम वेतन और स्किल ट्रेनिंग सिस्टम की वजह से इन नौकरियों की अच्छी कमाई होती है। वहीं कुछ लोगों का मानना था कि आज भी इंजीनियरिंग और दूसरे प्रोफेशन में कमाई की संभावनाएं अधिक हैं। इस वीडियो ने एक बार फिर स्किल-बेस्ड प्रोफेशन और उनके सम्मान को लेकर बहस छेड़ दी है।

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Khamenei Funeral News: ‘मुझे लगा था लोग उनसे नफरत करते हैं…’; खामेनेई के अंतिम संस्कार में उमड़ी भीड़ देख ट्रंप के उड़े होश

Khamenei Funeral News: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में उमड़ी भारी भीड़ पर हैरानी जताई है। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि ईरान के लोग खामेनेई को पसंद नहीं करते। लेकिन अंतिम यात्रा में लाखों लोगों की मौजूदगी देखकर वे चौंक गए। एक अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट में यह दावा किया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि उन्हें ईरान के अंदर बिल्कुल अलग प्रतिक्रिया की उम्मीद थी। एक्सियोस (Axios) से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि वह तेहरान में अंतिम संस्कार की रस्मों पर बारीकी से नजर रखे हुए थे।

अंतिम संस्कार के वीडियो के बारे में पूछे जाने पर न्यूज वेबसाइट Axios से बातचीत में ट्रंप ने कहा, “मैं हैरान था। मुझे लगा था कि लोग उससे नफरत करते हैं।” यह टिप्पणी तब आई जब खामेनेई के अंतिम संस्कार की रस्मों के लिए तेहरान में लाखों लोग जमा हुए। खामेनेई 28 फरवरी को अमेरिकी-इजरायली हवाई हमले में मारे गए थे। अंतिम संस्कार का कार्यक्रम पूरे सप्ताह चलेगा। अंत में मशहद में उन्हें दफनाया जाएगा। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि यह भी संभव है कि लोगों के आंसू नकली हों।

‘हम चाहें तो सभी नेताओं को निशाना बना सकते थे’

ट्रंप ने दावा किया कि खामेनेई के अंतिम संस्कार में ईरान के कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे। अमेरिका चाहे तो उन्हें निशाना बना सकता था। लेकिन ऐसा नहीं किया गया क्योंकि अमेरिका ईरान के साथ बातचीत जारी रखना चाहता है। उनके मुताबिक, “वे सभी एक जगह मौजूद हैं। एक ही वार में हम सबको खत्म कर सकते हैं, लेकिन ऐसा नहीं करेंगे क्योंकि फिर बातचीत करने के लिए कोई नहीं बचेगा।”

‘ईरान समझौता करना चाहता है’

ट्रंप ने दावा किया कि ईरान अमेरिका के साथ समझौता करने के लिए उत्सुक है। उनके अनुसार, दोनों देशों ने अंतिम संस्कार की अवधि तक बातचीत और सैन्य कार्रवाई को अस्थायी रूप से रोकने पर सहमति बनाई है। उन्होंने कहा, “वे समझौता करने के लिए बेताब हैं। हमने अंतिम संस्कार के लिए उन्हें एक सप्ताह का समय दिया क्योंकि हम ऐसा करना उचित समझते हैं।”

तेहरान में उमड़ा जनसैलाब

4 जुलाई से शुरू हुए अंतिम संस्कार में तेहरान के ग्रैंड मोसल्ला परिसर में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। श्रद्धांजलि देने आए लोगों ने खामेनेई की तस्वीरें हाथों में ली थी। इस दौरान अमेरिका तथा इजरायल के खिलाफ नारे लगाए। उनके ताबूत को राष्ट्रीय ध्वज में लपेटकर सार्वजनिक दर्शन के लिए रखा गया।

9 जुलाई को होगा अंतिम संस्कार

अंतिम संस्कार की रस्में ईरान के कई शहरों में जारी रहेंगी। इसके बाद 9 जुलाई को खामेनेई को मशहद स्थित इमाम रजा दरगाह में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। भारत में सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि आयतुल्ला हकीम इलाही के अनुसार, सुरक्षा कारणों और संभावित हमलों के खतरे को देखते हुए मोजतबा खामेनेई के अपने पिता के अंतिम संस्कार में शामिल होने की संभावना कम है।

खामेनेई के अंतिम संस्कार में भारत से कौन गया?

केंद्रीय मंत्री पवित्र मार्गेरिटा और बिहार के राज्यपाल सैयद अता हसनैन ने खामेनेई के अंतिम संस्कार से जुड़े कार्यक्रम में शुक्रवार को हिस्सा लिया। दोनों ने भारत सरकार एवं देश की जनता की ओर से उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। पिछले तीन दशक से ईरान का नेतृत्व कर रहे खामेनेई की 28 फरवरी को तेहरान पर अमेरिका और इजरायल के हवाई हमलों के पहले दिन मृत्यु हो गई थी।

विदेश राज्य मंत्री मार्गेरिटा ने X पर प्रधानमंत्री कार्यालय और विदेश मंत्रालय के हैंडल को टैग करते हुए पोस्ट किया, “माननीय बिहार के राज्यपाल और मैंने तेहरान में ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला सैयद अली खामेनेई के अंतिम संस्कार से जुड़े कार्यक्रम में भारत का प्रतिनिधित्व किया। भारत सरकार और देश की जनता की ओर से अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की।”

उन्होंने समारोह की कुछ तस्वीरें भी शेयर कीं। बिहार लोकभवन ने X पर एक पोस्ट में कहा कि राज्यपाल ने पश्चिम एशिया में हालिया संघर्ष में जान गंवाने वालों के परिजनों के प्रति भी गहरी संवेदना व्यक्त की। बिहार के लोकभवन ने राज्यपाल हसनैन के हैंडल को टैग करते हुए कहा, “विदेश राज्य मंत्री पवित्र मार्गेरिटा के साथ आज तेहरान में अयातुल्ला सैयद अली खामेनेई के अंतिम संस्कार से जुड़े कार्यक्रम में भारत का प्रतिनिधित्व किया। हालिया संघर्ष में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों के प्रति भी गहरी संवेदना व्यक्त की।”

लोकभवन ने समारोह की कुछ तस्वीरें भी शेयर कीं। भारत स्थित ईरानी दूतावास ने भी X पर एक पोस्ट जारी करके हसनैन और मार्गेरिटा के श्रद्धांजलि अर्पित करने का वीडियो शेयर किया। यह श्रद्धांजलि उस सभागार में दी गई, जहां खामेनेई के लिए शोक समारोह आयोजित किया गया था।

विपक्षी नेता भी पहुंचे तेहरान

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया था। पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ने खामेनेई के अंतिम संस्कार से जुड़े कार्यक्रम में कांग्रेस पार्टी का प्रतिनिधित्व किया। साथ ही पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) प्रमुख महबूबा मुफ्ती और भारत से गए सिख, हिंदू, मुस्लिम और ईसाई धर्मगुरुओं ने भी दिवंगत ईरानी नेता को श्रद्धांजलि अर्पित की।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल से उनकी साप्ताहिक प्रेस वार्ता में पूछा गया कि खामेनेई के अंतिम संस्कार से जुड़े कार्यक्रम में भारत का प्रतिनिधित्व किसने किया, क्योंकि इसमें कई लोग शामिल हुए हैं। उन्होंने कहा, “जहां तक भारत सरकार का सवाल है, हमने इस संबंध में प्रेस विज्ञप्ति जारी की है। हमारी ओर से बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन और विदेश राज्य मंत्री पवित्र मार्गेरिटा आज तेहरान में ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता के अंतिम संस्कार से जुड़े कार्यक्रम में भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।”

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विदेश मंत्रालय ने दो जुलाई को जारी अपने बयान में कहा था, “इस कार्यक्रम में भारत का उच्चस्तरीय प्रतिनिधित्व दोनों देशों के बीच सभ्यतागत संबंधों तथा लोगों के बीच संपर्क के महत्व को रेखांकित करता है, जो राजनीतिक और आर्थिक संबंधों के लिए मजबूत आधार प्रदान करता है।” खामेनेई के अंतिम संस्कार से जुड़े कार्यक्रम पांच, छह और सात जुलाई को तेहरान और कोम में आयोजित किए जाएंगे। जबकि उन्हें नौ जुलाई को मशहद शहर में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।