ONGC New Chairman: नियुक्ति के लिए सरकार ने बढ़ाई मैक्सिमम एज लिमिट, अब 5 साल तक का हो सकता है टर्म

सरकार ने सरकारी कंपनी ONGC के अगले चेयरमैन की नियुक्ति के लिए योग्यता शर्तों में ढील दी है। इसके तहत अधिकतम उम्र सीमा को बढ़ाकर 59 साल कर दिया गया है। साथ ही अब चुने गए उम्मीदवार को 3 साल का फिक्स्ड टर्म दिया जाएगा, जिसे और 2 साल बढ़ाया जा सकता है। इससे ONGC चेयरमैन बनने के लिए योग्य उम्मीदवारों का दायरा बढ़ गया है। ONGC भारत की सबसे बड़ी तेल और गैस उत्पादक कंपनी है।

न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, सरकारी कंपनियों में नियुक्तियों के लिए सरकार की एजेंसी ‘पब्लिक एंटरप्राइजेज सिलेक्शन बोर्ड (PESB)’ ने ONGC के चेयरमैन पद के लिए आवेदन मंगाए हैं। यह पद 7 दिसंबर को खाली हो जाएगा। 6 दिसंबर 2026 को मौजूदा चेयरमैन अरुण कुमार सिंह का बढ़ा हुआ कार्यकाल खत्म होने वाला है। नई नियुक्ति के लिए संशोधित उम्र सीमा सेंट्रल पब्लिक सेक्टर एंटरप्राइजेज (CPSEs) में बोर्ड-लेवल की ज्यादातर नियुक्तियों के लिए अपनाए जाने वाले नियमों से अलग है।

कैसे होगा सिलेक्शन और कब तक कर सकते हैं आवेदन

ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन (ONGC) के विज्ञापन के अनुसार, उम्मीदवारों की उम्र पद खाली होने की तारीख यानि 7 दिसंबर, 2026 को 59 साल या उससे ज्यादा नहीं होनी चाहिए। चुने गए उम्मीदवार को शुरू में 3 साल के लिए नियुक्त किया जाएगा और परफॉर्मेंस रिव्यू के बाद उनके कार्यकाल को 2 साल और बढ़ाया जा सकता है। विज्ञापन में कहा गया है, “60 साल की उम्र के बाद कोई भी नौकरी या कार्यकाल का विस्तार कॉन्ट्रैक्ट के आधार पर होगा।” कैंडिडेट का सिलेक्शन सामान्य PESB सिलेक्शन प्रोसेस के बजाय पेट्रोलियम मंत्रालय की ओर से गठित एक सर्च-कम-सिलेक्शन कमेटी द्वारा किया जाएगा।

विज्ञापन के अनुसार, ऑनलाइन आवेदन 21 जुलाई को बंद हो जाएंगे, जबकि तय तरीकों से आवेदन भेजने की आखिरी तारीख 30 जुलाई है। जिम्मेदारियों की बात करें तो चेयरमैन ONGC के ओवरऑल मैनेजमेंट और स्ट्रैटेजिक डायरेक्शन के लिए जिम्मेदार होंगे। इसमें रेवेन्यू और मुनाफे में बढ़ोतरी करना, ONGC के एक्सप्लोरेशन और प्रोडक्शन बिजनेस का नेतृत्व करना, अधिग्रहणों और जॉइंट वेंचर्स के जरिए नए एनर्जी और पेट्रोकेमिकल सेक्टर्स में विस्तार की देखरेख करना और पूरी कंपनी में टेक्नोलॉजी को अपनाने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाना शामिल है।

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अरुण कुमार सिंह की नियुक्ति के टाइम भी दी गई थी छूट

सरकार ने 2022 में ONGC के मौजूदा चेयरमैन और CEO अरुण कुमार सिंह की नियुक्ति के समय भी इसी तरह की छूट दी थी। पेट्रोलियम मंत्रालय द्वारा बनाई गई एक सर्च-कम-सिलेक्शन कमेटी ने उन्हें अगस्त 2022 में उस वक्त चुना था, जब वह 60 साल के होने वाले थे। इस तरह वह इस उम्र में किसी बड़ी सरकारी कंपनी (ब्लू-चिप कंपनी) के चेयरमैन बनने वाले पहले एग्जीक्यूटिव बने। सिंह अक्टूबर 2022 में भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर पद से रिटायर हुए थे। सरकार द्वारा योग्यता के नियमों में ढील देने के बाद 6 दिसंबर 2022 को उन्होंने ONGC में कार्यभार संभाला।

पिछले साल, केंद्र सरकार ने उन्हें एक साल का खास एक्सटेंशन दिया, जिससे वह 6 दिसंबर 2026 तक ONGC के चेयरमैन बने रह सकें। सरकार ने पिछले साल ही रेगुलर चेयरमैन की तलाश शुरू कर दी थी। PESB ने अप्रैल 2025 में आवेदन मंगाए थे और ऑयल इंडिया लिमिटेड के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर रंजीत रथ समेत एक दर्जन से ज्यादा उम्मीदवारों ने आवेदन किया था। हालांकि, कोई इंटरव्यू नहीं हुआ और बिना किसी आधिकारिक स्पष्टीकरण के सिलेक्शन प्रोसेस बिना किसी नतीजे के खत्म हो गई।

E20 Petrol: एथेनॉल वाले पेट्रोल को लेकर मचे बवाल के बीच मारुति की 1.5 करोड़ पुरानी गाड़ियों की सर्विसिंग से क्या पता चला?

E20 Petrol Row: देश में एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल को लेकर लोगों के बीच मौजूद चिंताओं और बहस के बीच ऑटोमोबाइल सेक्टर की दिग्गज कंपनी मारुति सुजुकी ने एक बड़ा और राहत देने वाला दावा किया है। नई दिल्ली में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय, भारी उद्योग मंत्रालय और सड़क परिवहन औ राजमार्ग मंत्रालय द्वारा आयोजित एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में वाहन उद्योग के दिग्गजों ने E-20 फ्यूल को लेकर स्थिति स्पष्ट की है।

प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) की एक रिलीज के मुताबिक इस उच्च स्तरीय प्रेस कॉन्फ्रेंस में मारुति सुजुकी के कॉरपोरेट अफेयर्स के सीनियर एग्जीक्यूटिव ऑफिसर राहुल भारती ने कंपनी के सर्विस डेटा के आधार पर एथेनॉल वाले पेट्रोल से इंजन खराब होने के दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया।

मारुति सुजुकी की 1.5 करोड़ पुरानी गाड़ियों की सर्विसिंग से क्या पता चला?

प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए मारुति सुजुकी के राहुल भारती ने एक बेहद महत्वपूर्ण आंकड़ा पेश किया। उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में मारुति सुजुकी ने कुल 2.84 करोड़ कारों की सर्विसिंग की थी। इन गाड़ियों में से 1.5 करोड़ से अधिक कारें तीन साल से ज्यादा पुरानी थीं। यानी वे तकनीकी रूप से ई20 सर्टिफाइड नहीं थीं।

भारती ने बताया कि इतनी बड़ी संख्या में पुरानी गाड़ियों की सर्विसिंग के बावजूद फील्ड से ई20 फ्यूल की वजह से इंजन में जंग, सामान्य टूट-फूट या गाड़ी के किसी भी पार्ट/कंपोनेंट की लाइफ खराब होने की एक भी शिकायत या समस्या सामने नहीं आई है। उन्होंने भरोसा दिया कि ई10 के लिए डिजाइन किए गए वाहनों का ई20 ईंधन के साथ सभी मापदंडों पर परीक्षण किया जा चुका है और इसमें चिंता की कोई बात नहीं है।

माइलेज पर कितना पड़ता है असर? मारुति ने समझाया पूरा गणित

माइलेज में गिरावट के दावों पर मारुति सुजुकी के सीनियर एग्जीक्यूटिव ऑफिसर ने स्पष्ट गणित समझाया। उन्होंने कहा कि ई10 पेट्रोल की तुलना में ई20 पेट्रोल की कैलोरीफिक वैल्यू लगभग 3 से 3.5 प्रतिशत कम होती है। माइलेज पर इसका असर भी केवल इसी सीमा तक सीमित है। जैसे कि अगर कोई कार 20 किलोमीटर प्रति लीटर का माइलेज देती है तो ई20 की वजह से उसका माइलेज केवल 0.6 किलोमीटर प्रति लीटर ही कम होगा।

इसकी तुलना में टायर का प्रेशर, ड्राइविंग का तरीका, सही गियर का इस्तेमाल, अचानक एक्सीलरेट करना, बार-बार ब्रेक लगाना और गाड़ी का रखरखाव जैसी वजहें माइलेज में इससे कहीं ज्यादा बड़ा अंतर पैदा करते हैं। उन्होंने यह भी जोड़ा कि माइलेज में होने वाले इस मामूली नुकसान की भरपाई बेहतर एक्सीलरेशन, बेहतर एंटी-नॉकिंग और शुद्ध पेट्रोल की तुलना में एथेनॉल से होने वाले बेहद कम प्रदूषण से पूरी हो जाती है।

क्या बाजार में उपलब्ध हैं रेट्रोफिटमेंट किट?

राहुल भारती ने साफ किया कि वाहनों को ई20 कंप्लायंस की तय सीमा से कहीं अधिक सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया जाता है। इसके साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्तमान में बाजार में पुरानी गाड़ियों को ई20 के अनुकूल बनाने के लिए कोई भी रेट्रोफिटमेंट किट नहीं बेची जा रही है। इस तरह के समाधान फिलहाल सिर्फ रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) के स्तर तक ही सीमित हैं।

टोयोटा और हीरो मोटोकॉर्प ने भी जताई सहमती

प्रेस कॉन्फ्रेंस में टोयोटा किर्लोस्कर मोटर के कंट्री हेड और एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट विक्रम गुलाटी ने कहा कि ऑटोमोटिव उद्योग सबसे कड़े रेग्युलेटेड क्षेत्रों में से एक है। वाहनों को बाजार में उतारने से पहले और बाद में वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त स्वतंत्र एजेंसियों द्वारा कड़े परीक्षणों से गुजरना पड़ता है।

भारत यूएनईसीई (UNECE) का हिस्सा है, इसलिए यहां के टेस्टिंग प्रोटोकॉल अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि ई20 को लागू करने का निर्णय पुरानी गाड़ियों पर कड़े परीक्षणों के बाद ही लिया गया था। उन्होंने यह भी बताया कि हाल ही में शुरू किए गए E85 डिस्पेंसिंग स्टेशन विशेष रूप से केवल फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों के लिए हैं जो भविष्य की नीति की दिशा तय करते हैं।

वहीं, दुनिया की सबसे बड़ी टू-व्हीलर निर्माताओं में से एक हीरो मोटोकॉर्प के चीफ बिजनेस ऑफिसर आशुतोष वर्मा ने भी मारुति के दावों का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि कंपनी ने अपने व्यापक सर्विस डेटा का विश्लेषण किया है और पाया है कि ई20 ईंधन पर चलने वाले वाहनों में पहले के ईंधन की तुलना में किसी भी तरह के नुकसान या खराबी की कोई अधिक घटना सामने नहीं आई है।

वैज्ञानिक सबूतों और वैश्विक मानकों पर आधारित है ई20 प्रोग्राम

इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड (EIL) की पूर्व चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर वर्तिका शुक्ला ने बताया कि एथेनॉल सम्मिश्रण कार्यक्रम को सभी हितधारकों के साथ गहन विचार-विमर्श के बाद तैयार किया गया है। इसे वैज्ञानिक सबूतों और वाहन निर्माताओं द्वारा किए गए व्यापक परीक्षणों का पूरा समर्थन प्राप्त है जो वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं के अनुरूप है। वर्तमान में ई20 ईंधन बीआईएस मानक और बीएस-VI (BS-VI) उत्सर्जन मानदंडों के पूरी तरह अनुरूप है और देश के सभी रिटेल आउटलेट्स पर समान रूप से उपलब्ध है।

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प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में टीवीएस मोटर कंपनी के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट प्रसाद कृष्णन, हुंडई मोटर इंडिया के एसोसिएट वाइस प्रेसिडेंट पुनीत आनंद और बजाज ऑटो लिमिटेड के सर्कल हेड (सेल्स- नॉर्थ एंड ईस्ट) मनप्रीत सिंह बिंद्रा सहित पूरे पैनल ने ई20 कार्यक्रम पर सामूहिक विश्वास जताया और उपभोक्ताओं के हर सवाल का पारदर्शिता से जवाब देने की प्रतिबद्धता दोहराई।

Viral Video: मनाली की वादियों में बदली जिंदगी! पहाड़ों में शिफ्ट होते ही हर महीने ₹30,000 की बचत, कॉरपोरेट कपल का वीडियो वायरल

Viral News: दिल्ली, मुंबई, गुरुग्राम या बेंगलुरु जैसे महंगे शहरों की भागदौड़ छोड़कर एक कॉरपोरेट कपल ने जब हिमाचल प्रदेश के मनाली में बसने का फैसला किया, तो उनका मकसद पैसे बचाना नहीं बल्कि सुकून भरी जिंदगी जीना था। लेकिन इस फैसले ने उनकी जिंदगी के साथ-साथ बैंक बैलेंस भी बदल दिया। अब यह कपल हर महीने 30,000 रुपये से ज्यादा की बचत कर रहा है। अंजलि और नमन ने इंस्टाग्राम पर @anjali.aur.naman नाम से अपने अकाउंट के जरिए अपनी जिंदगी में हए बदलाव को लेकर जानकारी दी है।

दोनों रिमोट कॉरपोरेट जॉब करते हैं। उन्होंने बताया कि वे शहर छोड़कर मनाली इसलिए आए ताकि प्रकृति के बीच शांत और संतुलित जीवन जी सकें। उनका कहना है कि पैसे बचाना उनका उद्देश्य नहीं था। लेकिन यह अपने आप होने लगा।

किराए में हुई सबसे बड़ी बचत

शहरों में जहां वे हर महीने ₹45,000 किराया देते थे। वहीं, मनाली में उन्हें सिर्फ ₹28,000 में बेहतर घर मिल गया। यानी केवल किराए में ही ₹17,000 की मासिक बचत होने लगी। रिमोट वर्क की वजह से रोज ऑफिस जाने की जरूरत नहीं रही। इससे हर महीने करीब ₹3,000 का यात्रा खर्च बचने लगा।

कपल ने क्या कहा?

वीडियो में अंजलि कहती हैं, “हमने बिना कोशिश किए ही हर महीने 30,000 रुपये से ज्यादा बचाना शुरू कर दिया। हाय, हम अंजलि और नमन हैं। मनाली में रहने वाला एक कॉर्पोरेट कपल जो रिमोट वर्क करता है। हम यहां पैसे बचाने के लिए नहीं आए थे। बल्कि अपनी कॉर्पोरेट नौकरी करते हुए ‘स्लो ट्रैवल’ (आराम से यात्रा) का अनुभव करने आए थे।”

इसके बाद वह बताती हैं कि हिमालय के इस शहर में बसने के बाद उनके खर्च कैसे बदले। सबसे बड़ी बचत किराए में हुई, जो शहर में 45,000 रुपये से घटकर मनाली में 28,000 रुपये हो गया। इससे उनके रहने का मासिक खर्च 17,000 रुपये कम हो गया।

रिमोट वर्क से किराए का खर्च समाप्त

रिमोट वर्क की वजह से रोजाना आने-जाने का खर्च भी खत्म हो गया। इससे हर महीने लगभग 3,000 रुपये की बचत हुई। इसके अलावा ऑफिस डिनर, कॉफी के लिए बाहर जाना और स्नैक ब्रेक जैसे आम खर्च भी तेजी से कम हुए। इससे उनके महीने के बजट में 7,500 रुपये की और कमी आई।

हालांकि, सबसे बड़ी हैरानी की बात वीकेंड पर घूमने-फिरने के खर्च का खत्म होना था। शहर में रहते हुए यह कपल तेज-तर्रार शहरी जिंदगी से दूर छोटी-छोटी यात्राओं पर हर महीने लगभग 5,000 से 6,000 रुपये खर्च करता था। मनाली आने के बाद उन्हें ऐसे ब्रेक की योजना बनाने की जरूरत महसूस नहीं हुई, क्योंकि प्रकृति और शांत माहौल उनकी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन गए हैं।

‘पैसे बचाने नहीं, जिंदगी बदलने आए थे’

अंजलि का कहना है, “हमने रिमोट वर्क इसलिए नहीं चुना कि पैसे बचेंगे। बल्कि इसलिए चुना क्योंकि हम अलग तरीके से जीना चाहते थे। बचत तो बस एक बोनस बन गई।”

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सोशल मीडिया पर छिड़ी नई बहस

इस वीडियो के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोग महानगरों में बढ़ते खर्च, रिमोट वर्क के फायदे और छोटे शहरों में बेहतर वर्क-लाइफ बैलेंस को लेकर चर्चा कर रहे हैं। कई लोग अब यह मानने लगे हैं कि अगर नौकरी रिमोट हो, तो छोटे शहरों में रहकर बेहतर जीवन और बड़ी बचत दोनों संभव हैं।

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Ram Mandir Chanda Chori: चढ़ावे के सोने को बना दिया बिस्कुट और फिर… राम मंदिर चंदा चोरी मामले में सनसनीखेज खुलासा

Ram Mandir Chanda Chori Case: अयोध्या के राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए दान में कथित गड़बड़ी की जांच अब नए चरण में पहुंच गई है। स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) इस बात की जांच कर रही है कि क्या मंदिर से कथित तौर पर चोरी किए गए सोने के आभूषणों को पहचान मिटाने के लिए उसे गलाकर सोने के बिस्किट (Gold Biscuits) में बदल दिया गया। फिलहाल, SIT इस पूरे मामले की कई पहलुओं से जांच कर रही है। यह अभी संदेह और जांच का विषय है कि कथित तौर पर चोरी किए गए सोने को वास्तव में गलाकर बिस्किट बनाया गया था या नहीं।

अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में आधिकारिक रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा। ‘इंडिया टुडे’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, जांचकर्ताओं को शक है कि आरोपियों ने चोरी किए गए सोने और चांदी के गहनों को पिघला दिया होगा ताकि उनकी पहचान मिटाई जा सके। कई बार छापेमारी और तलाशी के बाद भी सोने-चांदी के गायब गहने नहीं मिले, जिसके बाद जांच की दिशा में तेजी आई है।

मंदिर के इंचार्ज से पूछताछ तेज

जांच के सिलसिले में राम मंदिर गए SIT अधिकारियों ने मंदिर के इंचार्ज KD बाबू से गहनों और अन्य कीमती चढ़ावे के रखरखाव, उनकी इन्वेंट्री, स्टोरेज और देखभाल के बारे में पूछताछ की। रिपोर्ट में कहा गया है कि जांच टीम ने गहनों और अन्य कीमती दान का रिकॉर्ड मांगा है। साथ ही सरकारी कंपनी प्रिंटिंग एंड मिंटिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (Mint) के साथ हुए लेन-देन का रिकॉर्ड भी मांगा है।

जांचकर्ताओं ने अभी तक के जांच में पाया है कि ‘श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट’ की तिमाही बैठकों में ज्यादातर ध्यान कैश दान और रेवेन्यू पर होता था। जबकि सोने, चांदी और अन्य कीमती चढ़ावे की डिटेल्स इन्वेंट्री बनाए रखने या उसकी समीक्षा करने पर बहुत कम ध्यान दिया जाता था। ‘इंडिया टुडे’ ने सूत्रों के हवाले से अपनी रिपोर्ट में यह दावा किया है।

आभूषण नहीं मिले, इसलिए SIT ने बदली जांच की दिशा

जांच एजेंसियों को लगातार छापेमारी और तलाशी के बावजूद कथित तौर पर गायब सोने-चांदी के आभूषण नहीं मिले। इसके बाद स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) को शक है कि आरोपियों ने आभूषणों को पिघलाकर उनकी पहचान खत्म कर दी, जिससे उन्हें बरामद करना मुश्किल हो जाए।

मंदिर प्रशासन से मांगे गए रिकॉर्ड

जांच के दौरान SIT ने राम मंदिर पहुंचकर मंदिर प्रभारी केडी बाबू से पूछताछ की। अधिकारियों ने आभूषणों के रखरखाव, स्टोरेज, इन्वेंट्री और श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए कीमती दान से जुड़े सभी रिकॉर्ड मांगे। इसके साथ ही सरकारी प्रिंटिंग एंड मिंटिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (Mint) के साथ हुए लेन-देन का ब्यौरा भी जांच के दायरे में लिया गया है।

7 जून को सामने आया थआ मामला

राम मंदिर में कथित दान गबन का मामला 7 जून को सामने आया था। इसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने SIT का गठन किया। प्रारंभिक जांच के आधार पर 25 जून को FIR दर्ज की गई। मंदिर में दान गिनने के काम से जुड़े 8 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

चंपत राय ने खुद को बताया व्हिसलब्लोअर

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों से इनकार किया है। उनका कहना है कि कथित गड़बड़ी का सबसे पहले पता उन्होंने ही लगाया था। उन्होंने दावा किया कि चोरी पकड़ने के लिए उन्होंने मंदिर परिसर में सीक्रेट CCTV कैमरे लगवाए थे। उन्हीं कैमरों की फुटेज से कथित चोरी का खुलासा हुआ।

‘मुझे मेरे ही लोगों ने धोखा दिया’

पुलिस पूछताछ के दौरान चंपत राय ने कहा कि उनका दान के कथित गबन से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा, “मुझे मेरे ही भरोसेमंद लोगों ने धोखा दिया। चोरी पकड़ने के लिए छिपे हुए कैमरे मैंने ही लगवाए थे।”

सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग

कांग्रेस ने मांग की है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अयोध्या में राम मंदिर में दान और चढ़ावे की कथित चोरी की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच का आदेश दें। पणजी में आयोजित प्रेस वार्ता में कांग्रेस के महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर मामले की स्वतंत्र जांच की मांग की है, क्योंकि मंदिर में दान के मैनेजमेंट को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। उन्होंने BJP को भारत के मंदिरों पर आक्रमणकारियों द्वारा किए गए अतीत के कथित लूटपाट संबंधी उसके अक्सर दिए जाने वाले बयानों की भी याद दिलाई।

वेणुगोपाल ने पूर्व केंद्रीय गृह सचिव के उन दावों का भी जिक्र किया, जिनमें कहा गया था कि मंदिर में दान किए गए एक किलोग्राम सोने का सही हिसाब-किताब नहीं रखा गया था। इस मुद्दे को लेकर प्रधानमंत्री की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा, “यह किसी आम आदमी का आरोप नहीं है। यह आरोप केंद्र सरकार के एक सेवानिवृत्त गृह सचिव ने लगाया है। अयोध्या राम मंदिर में जो कुछ हो रहा है, वह हम सभी के लिए बहुत दुखद है। यह देश के सभी आस्था रखने वालों के लिए दुखद है।”

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वेणुगोपाल ने कहा कि कांग्रेस के लोग आस्था के कारण ईश्वर में विश्वास करते हैं। लेकिन BJP के लोग ईश्वर में विश्वास नहीं करते और वे लोगों को बांटने और मंदिर को लूटने के मकसद से धर्म की बात करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अयोध्या मंदिर में हुई चोरी के लिए विश्व हिंदू परिषद (VHP) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पूरी तरह जिम्मेदार हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मंदिर को लूटने वालों को केंद्र और उत्तर प्रदेश की सरकारें बचा रही हैं।

SBI Bank Holiday: कल 6 जुलाई, सोमवार को देश के कई राज्यों में बंद रहेंगे बैंक! जानिए RBI ने क्यों दी है छुट्टी

Bank Holiday on 6 July: अगर सोमवार, 6 जुलाई को आपको बैंक से जुड़ा कोई जरूरी काम है, तो ये खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। कल देश के कुछ राज्यों में बैंक बंद रहने वाले हैं। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की छुट्टियों की लिस्ट के मुताबिक, 6 जुलाई को कुछ चुनिंदा राज्यों में सरकारी और निजी बैंक शाखाओं में कामकाज नहीं होगा। हालांकि, यह छुट्टी पूरे देश में लागू नहीं है। आइए जानते हैं कि कल किन राज्यों में बैंक बंद रहेंगे और कहां सामान्य रूप से काम होगा।

इन राज्यों में कल बंद रहेंगे बैंक

6 जुलाई 2026 को देश के दो प्रमुख राज्यों में विशेष क्षेत्रीय त्योहारों और महापुरुषों की जयंती के कारण बैंकों में अवकाश रहेगा:

पश्चिम बंगाल: देश के महान विचारक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती के विशेष अवसर पर कल पश्चिम बंगाल के सभी बैंक बंद रहेंगे।

मिजोरम: मिजोरम में कल ‘MHIP Day’ (मिजो ह्मेइछे इंसुइखौम पावल दिवस) मनाया जाएगा, जिसके चलते राज्य सरकार और आरबीआई के निर्देशानुसार वहां के सभी बैंकों में छुट्टी रहेगी।

क्या दिल्ली-मुंबई और अन्य शहरों में भी बंद रहेंगे बैंक?

नहीं, कल पूरे देश में छुट्टी नहीं है। दिल्ली, मुंबई, नोएडा, चेन्नई, बेंगलुरु, लखनऊ, पटना और उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र समेत देश के ज्यादातर राज्यों में बैंक अपने सामान्य समय पर खुलेंगे। यह छुट्टी केवल पश्चिम बंगाल और मिजोरम में ही है।

जुलाई 2026 में बैंक की छुट्टियां(RBI)

  1. 5 जुलाई (रविवार): साप्ताहिक अवकाश (पूरे देश में)
  2. 6 जुलाई (सोमवार): MHIP डे / डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जयंती (मिजोरम और पश्चिम बंगाल में बंद)
  3. 9 जुलाई (गुरुवार): बेहदेहिनखलाम (मेघालय में बंद)
  4. 11 जुलाई (शनिवार): दूसरा शनिवार (पूरे देश में)
  5. 12 जुलाई (रविवार): साप्ताहिक अवकाश (पूरे देश में)
  6. 16 जुलाई (गुरुवार): रथ यात्रा / कांग / हरेला (ओडिशा, उत्तराखंड और मणिपुर में बंद)
  7. 17 जुलाई (शुक्रवार): यू तिरोत सिंह की पुण्यतिथि (मेघालय में बंद)
  8. 18 जुलाई (शनिवार): द्रुकपा त्शे-जी (सिक्किम में बंद)
  9. 19 जुलाई (रविवार): साप्ताहिक अवकाश (पूरे देश में)
  10. 22 जुलाई (बुधवार): खारची पूजा (त्रिपुरा में बंद)
  11. 25 जुलाई (शनिवार): चौथा शनिवार (पूरे देश में)
  12. 26 जुलाई (रविवार): साप्ताहिक अवकाश (पूरे देश में)

डिजिटल और ऑनलाइन बैंकिंग सेवाएं रहेंगी चालू

बैंक की शाखाएं बंद रहने के बावजूद ग्राहकों को परेशान होने की जरूरत नहीं है। डिजिटल बैंकिंग के इस दौर में सभी ऑनलाइन सेवाएं चौबीसों घंटे काम करेंगी:

  • UPI पेमेंट सामान्य रूप से काम करेंगे।
  • इंटरनेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग के जरिए आप पैसे ट्रांसफर कर सकेंगे।
  • एटीएम (ATM) से कैश निकालने और जमा करने की सुविधा पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

अगर आपको चेक क्लीयरेंस, बैंक लॉकर या ड्राफ्ट जैसे ब्रांच से जुड़े जरूरी काम हैं, तो राज्यों की छुट्टियों की इस लिस्ट को ध्यान में रखकर ही अपनी योजना बनाएं।

Kratikal Tech IPO: साइबर सिक्योरिटी कंपनी के इश्यू को 221 गुना का बंपर सब्सक्रिप्शन, क्या 7 जुलाई को लिस्टिंग भी होगी शानदार?

SME सेगमेंट में ₹39.69 करोड़ का Kratikal Tech IPO 2 जुलाई को बंद हो चुका है। अब 7 जुलाई को इसकी लिस्टिंग का इंतजार है, जो​ कि BSE SME पर होने वाली है। उम्मीद की जा रही है कि लिस्टिंग अच्छी रहेगी क्योंकि इश्यू को बेहद शानदार रिस्पॉन्स मिला था। यह IPO 220.71 गुना के बंपर सब्सक्रिप्शन के साथ बंद हुआ है। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 145.82 गुना, नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 324.64 गुना और रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 218.48 गुना भरा।

ग्रे मार्केट की मानें तो Kratikal Tech के शेयर IPO के अपर प्राइस बैंड ₹135 से 40.74% के प्रीमियम पर लिस्ट हो सकते हैं। ग्रे मार्केट एक अनऑथराइज्ड मार्केट है, जहां किसी कंपनी के शेयर उसकी लिस्टिंग होने तक ट्रेड करते हैं। Kratikal Tech IPO में 29 करोड़ नए शेयर जारी हुए थे। कंपनी ने IPO की ओपनिंग से एक दिन पहले एंकर निवेशकों से ₹11.22 करोड़ जुटाए थे।

क्या करती है Kratikal Tech

यह एक AI-बेस्ड साइबर सिक्योरिटी कंपनी है, जो अपने खास प्लेटफॉर्म और साइबर सिक्योरिटी कंसल्टिंग सर्विसेज के जरिए सॉफ्टवेयर-एज-ए-सर्विस (SaaS)-बेस्ड साइबर रिस्क मैनेजमेंट सॉल्यूशन देती है। कंपनी दो इंटीग्रेटेड बिजनेस सेगमेंट में काम करती है- Threatcop ब्रांड के तहत पीपुल सिक्योरिटी मैनेजमेंट (PSM) सॉल्यूशंस और Kratikal ब्रांड के तहत टेक्नोलॉजी एंड प्रोसेस सिक्योरिटी सर्विसेज। कंपनी भारत में और भारत के बाहर BFSI, फिनटेक, टेलीकॉम, IT/ITES, हेल्थकेयर, फार्मास्यूटिकल्स, मैन्युफैक्चरिंग और ई-कॉमर्स जैसे सेक्टर के कस्टमर्स को सर्विस देती है। इसके प्रमोटर पवन कुमार, परतोष कुमार और दीप जंग थापा हैं।

Knack Packaging IPO 87 गुना के शानदार सब्सक्रिप्शन के साथ बंद, अब लिस्टिंग पर मुनाफा होगा या घाटा?

IPO के पैसों का कैसे होगा इस्तेमाल

Kratikal Tech अपने IPO से हासिल पैसों का इस्तेमाल सब्सिडियरीज Threatcop FZ LLC, UAE और Threatcop AI Inc, USA में निवेश के लिए, प्रोडक्ट डेवलपमेंट में निवेश के लिए और सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए करेगी। वित्त वर्ष 2026 के दौरान कंपनी की कुल इनकम 74% की बढ़ोतरी के साथ ₹36.86 करोड़ रही। शुद्ध मुनाफा 61% बढ़कर ₹6.14 करोड़ हो गया। उधारी ₹1 लाख थी। वित्त वर्ष 2025 में कुल इनकम ₹21.15 करोड़ और शुद्ध मुनाफा ₹3.81 करोड़ था।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

LPG Price Today: एलपीजी उपभोक्ताओं को राहत! घरेलू और कमर्शियल सिलेंडर के नए रेट जारी, देखें- राज्यवार डिटेल्स

LPG Price Today: देशभर में एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए राहत की खबर है। आज (5 जुलाई) भी 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू LPG सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। यानी आम उपभोक्ताओं को पहले की तरह ही पुराने दाम पर सिलेंडर मिलेगा। कमर्शियल उपभोक्ताओं को भी कीमतों में बड़ी कटौती का फायदा मिलेगा। अब उपभोक्ताओं की नजर अगले मासिक कीमत संशोधन पर रहेगी, जहां अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति के अनुसार नए दाम तय किए जाएंगे।

जुलाई की शुरुआत राहत भरी

जुलाई 2026 में एलपीजी, सीएनजी और पीएनजी उपभोक्ताओं के लिए राहत की खबर है। 14.2 किलोग्राम घरेलू LPG सिलेंडर, CNG और PNG की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। वहीं, 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतों में 1 जुलाई से ₹173 से ₹183.50 तक की कटौती की गई है।

कमर्शियल उपभोक्ताओं को बड़ी राहत

इंडियन ऑयल ने वर्ष 2026 में पहली बार कमर्शियल LPG सिलेंडर के दाम घटाए हैं। इस फैसले से होटल, रेस्तरां, ढाबों, कैटरिंग और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की लागत में कमी आने की उम्मीद है।

घरेलू गैस की सप्लाई सामान्य

सरकार ने स्पष्ट किया है कि पश्चिम एशिया में हालिया तनाव के बावजूद देशभर में घरेलू LPG, PNG और CNG की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य बनी हुई है। साथ ही, होटल और रेस्तरां जैसे व्यावसायिक उपभोक्ताओं को भी अब पहले की तरह नियमित गैस आपूर्ति मिल रही है।

ATF भी हुआ सस्ता

कमर्शियल LPG के साथ-साथ एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में भी ₹5 प्रति लीटर की कटौती की गई है। इसके बाद दिल्ली में ATF का नया रेट ₹110 प्रति लीटर हो गया है। इससे एयरलाइंस की परिचालन लागत कम होने की संभावना है।

पश्चिम एशिया संकट का असर

हालांकि, साल 2026 की पहली छमाही में भारत की LPG खपत में 8% की गिरावट दर्ज की गई। इसका मुख्य कारण पश्चिम एशिया में संघर्ष के चलते होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते LPG आयात प्रभावित होना रहा। जनवरी से जून के बीच देश की LPG खपत करीब 1.47 करोड़ टन रही, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह लगभग 1.60 करोड़ टन थी।

अमेरिका बना सबसे बड़ा सप्लायर

मार्च से जून 2026 के दौरान अमेरिका भारत का सबसे बड़ा LPG सप्लायर बनकर उभरा। मई महीने में गैस की खपत घटकर पिछले पांच वर्षों के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई थी। हालांकि अब आपूर्ति व्यवस्था सामान्य होने लगी है।

जुलाई की मुख्य बातें

घरेलू 14.2 किलोग्राम LPG: कोई बदलाव नहीं।

CNG और PNG: कीमतें स्थिर हैं।

19 किलोग्राम कमर्शियल LPG: ₹173–₹183.50 तक सस्ता।

ATF: ₹5 प्रति लीटर की कटौती।

सरकार कादावा: देशभर में LPG, CNG और PNG की पर्याप्त आपूर्ति जारी है।

भारत में एलपीजी (LPG) सिलेंडर की नई कीमतें हर महीने की पहली तारीख को जारी की जाती हैं। तेल कंपनियां (जैसे- इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम) हर महीने अंतरराष्ट्रीय बाजार में एलपीजी की कीमतों, कच्चे तेल के रुझान, रुपये-डॉलर की कीमत और अन्य बाजार कारकों की समीक्षा करती हैं। फिर उसके आधार पर नई दरें लागू करती हैं।

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मुख्य बातें

  • कीमतें हर महीने की 1 तारीख को अपडेट होती हैं।
  • घरेलू बनाम कमर्शियल: 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में हर महीने बदलाव होता है क्योंकि यह सीधे अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क से जुड़ा होता है। वहीं, 14.2 किलो वाले घरेलू सिलेंडर की कीमतों में बदलाव सरकार की नीतियों और सब्सिडी के आधार पर तय होता है।

लेटेस्ट रेट चेक करने के तरीके: आप अपने शहर के सटीक रेट इंडेन, भारत गैस या एचपी गैस की आधिकारिक वेबसाइटों, उनके मोबाइल ऐप या अपने गैस वितरक (डिस्ट्रीब्यूटर) से संपर्क करके जान सकते हैं।

Blue Star के शेयर में 18% तक उछाल का दम! ब्रोकरेज ने दी खरीदने की सलाह

एसी, एयर प्योरिफायर और वॉटर कूलर बनाने वाली ब्लू स्टार लिमिटेड के शेयरों में आगे 18 प्रतिशत तक का उछाल देखने को मिल सकता है। ऐसी उम्मीद प्रभुदास लीलाधर के टारगेट प्राइस से मिली है। ब्रोकरेज ने शेयर के लिए ‘बाय’ रेटिंग के साथ कवरेज शुरू किया है। टारगेट प्राइस 1873 रुपये प्रति शेयर दिया है। यह शेयर के मौजूदा भाव से 18 प्रतिशत ज्यादा है। बीएसई पर शेयर शुक्रवार, 3 जुलाई को 1583.60 रुपये पर बंद हुआ था।

ब्रोकरेज ने अपनी रिसर्च रिपोर्ट में कहा कि ब्लू स्टार भारत की प्रमुख एयर कंडीशनिंग और कमर्शियल रेफ्रिजरेशन कंपनियों में से एक है। कंपनी की मौजूदगी रूम एयर कंडीशनर (RAC), कमर्शियल एयर कंडीशनर (CAC), इलेक्ट्रो-मैकेनिकल प्रोजेक्ट्स (EMP), कमर्शियल रेफ्रिजरेशन और इंडस्ट्रियल सॉल्यूशंस जैसे कई क्षेत्रों में है। कंपनी भारत में कूलिंग की बढ़ती मांग का फायदा उठाने के लिए अच्छी स्थिति में है। इसके पीछे कारण हैं…

  • RAC की बढ़ती पहुंच और मार्केट शेयर में बढ़ोतरी
  • CAC और EMP में लीडरशिप
  • श्री सिटी फैसिलिटी के जरिए मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को समय पर बढ़ाना
  • डेटा सेंटर के विस्तार और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट से मिलने वाले नए मौके

प्रभुदास लीलाधर ने उम्मीद जताई है कि FY26-28E के दौरान ब्लू स्टार का रेवेन्यू 18.9%, EBITDA 22.9% और शुद्ध मुनाफा 24.9% CAGR (कंपाउंडेड एनुअल ग्रोथ रेट) से बढ़ेगा। इसकी वजह यूनिटरी कूलिंग प्रोडक्ट्स (UCP) और EMP दोनों कारोबारों में लगातार मांग, क्षमता का बेहतर इस्तेमाल और ऑपरेटिंग लेवरेज है। कंपनी की अच्छी कमाई की संभावना, बेहतर मुनाफे और हीटिंग, वेंटिलेशन और एयर कंडीशनिंग (HVAC) इंडस्ट्री में लीडरशिप को देखते हुए ब्रोकरेज ने शेयर के लिए ‘बाय’ रेटिंग और 1,873 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है।

Blue Star का शेयर 6 महीनों में 12 प्रतिशत कमजोर

Blue Star का मार्केट कैप 32500 करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर की फेस वैल्यू 2 रुपये है। शेयर BSE 500 इंडेक्स का हिस्सा है। शेयर 6 महीनों में 12 प्रतिशत नीचे आया है। कंपनी में मार्च 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 36.49 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। BSE पर शेयर का 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 2,049.95 रुपये और एडजस्टेड लो 1,450 रुपये है।

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जनवरी-मार्च 2026 तिमाही में कंपनी का स्टैंडअलोन बेसिस पर रेवेन्यू 3,862.88 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 162.93 करोड़ रुपये रहा। पूरे वित्त वर्ष 2026 के दौरान कंपनी का स्टैंडअलोन बेसिस पर रेवेन्यू 11,779.23 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। इस बीच शुद्ध मुनाफा 385.10 करोड़ रुपये रहा।

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चीन हो या पाकिस्तान… अब दुश्मन का गेम ओवर! भारत बना रहा ‘100 किमी की चक्रव्यूह’ दीवार

भारत सरकार ने हाल ही में लगभग ₹52,000 करोड़ के रक्षा खरीद प्रस्तावों को मंजूरी दी है। पहली नजर में यह सामान्य सैन्य खरीद लग सकती है। लेकिन गहराई से देखने पर पता चलता है कि इस बार भारत का ध्यान महंगे लड़ाकू विमानों और युद्धपोतों की बजाय उन हथियारों पर है, जो किसी भी युद्ध के शुरुआती घंटों में सबसे अधिक काम आएंगे। जब डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल (DAC) ने मिलिट्री खरीद प्रस्तावों को मंजूरी दी, तो पहली नजर में यह लिस्ट खरीद का एक और आम दौर लगी। लेकिन बारीकी से देखने पर एक साफ पैटर्न दिखता है।

भारत की ₹52,000 करोड़ की यह रक्षा खरीद केवल नए हथियार खरीदने की योजना नहीं है। बल्कि भविष्य के युद्धों की बदलती रणनीति के अनुसार सेना को तैयार करने का बड़ा कदम है। अब लक्ष्य केवल शक्तिशाली हथियार रखना नहीं। बल्कि ऐसी आधुनिक और नेटवर्क आधारित सेना बनाना है जो ड्रोन, मिसाइल, इलेक्ट्रॉनिक हमलों और कई मोर्चों पर एक साथ होने वाले खतरों का प्रभावी ढंग से सामना कर सके।

‘ऑपरेशन सिंदूर’ से मिला बड़ा सबक

कुछ महीने पहले हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान पाकिस्तान की ओर से ड्रोन, मिसाइल और रॉकेट जैसे कई हवाई खतरों का सामना भारत की एयर डिफेंस सिस्टम ने सफलतापूर्वक किया। इस अभियान ने भारतीय सेना को यह एहसास कराया कि भविष्य के युद्ध केवल लड़ाकू विमानों या लंबी दूरी की मिसाइलों से नहीं जीते जाएंगे। बल्कि ड्रोन, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणाली और स्मार्ट हथियार निर्णायक भूमिका निभाएंगे।

अब छोटे लेकिन स्मार्ट हथियारों पर फोकस

भारत अब ऐसे हथियार खरीद रहा है जो सीमा पर तैनात सैनिकों को तुरंत जवाब देने की क्षमता देंगे। इनमें शामिल हैं-

एंटी-ड्रोन इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सिस्टम

शोल्डर-फायर्ड एंटी-टैंक मिसाइलें

शॉर्ट रेंज एयर डिफेंस सिस्टम

कामिकाज़े ड्रोन

हाई एल्टीट्यूड प्सूडो सैटेलाइट (HAPS)

इनका उद्देश्य दुश्मन के ड्रोन, टैंक, हेलीकॉप्टर और कम ऊंचाई पर उड़ने वाले विमानों को तुरंत रोकना है।

पाकिस्तान और चीन…दो अलग-अलग चुनौतियां

भारत को पश्चिमी सीमा पर पाकिस्तान और उत्तरी सीमा पर चीन जैसी दो अलग-अलग सैन्य चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। पाकिस्तान की ओर से ड्रोन, टैंक, तोपखाने और घुसपैठ का खतरा रहता है। चीन के साथ ऊंचाई वाले इलाकों में निगरानी, लंबी दूरी की रॉकेट सिस्टम और आधुनिक ड्रोन बड़ी चुनौती हैं। इसी वजह से भारत तीनों सेनाओं थल, वायु और नौसेना को एक साथ मजबूत बनाने की दिशा में काम कर रहा है।

ड्रोन बन गए हैं सबसे बड़ा खतरा

आज के युद्ध में छोटे और सस्ते ड्रोन भी बड़े सैन्य ठिकानों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। एक ड्रोन को गिराने के लिए करोड़ों रुपये की मिसाइल चलाना आर्थिक रूप से सही नहीं माना जाता। इसलिए दुनिया भर की सेनाएं अब इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सिस्टम अपना रही हैं, जो ड्रोन के संचार और नेविगेशन को जाम करके उन्हें निष्क्रिय कर देते हैं। भारत भी इसी दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

‘सुदर्शन चक्र’ बनेगा भारत की सुरक्षा ढाल

सरकार एक राष्ट्रीय एयर डिफेंस सिस्टम ‘सुदर्शन चक्र’ विकसित कर रही है। इसका उद्देश्य बैलिस्टिक मिसाइल, क्रूज मिसाइल, ड्रोन और अन्य हवाई खतरों से पूरे देश की सुरक्षा करना है। इसमें लंबी दूरी की S-400, मध्यम दूरी की MR-SAM, छोटी दूरी की मिसाइलें और एंटी-ड्रोन सिस्टम मिलकर कई स्तरों वाली सुरक्षा प्रदान करेंगे।

आकाश तरंग सिस्टम क्या है?

आकाश तरंग एंटी-यूएवी इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सिस्टम मिसाइल चलाकर ड्रोन को नष्ट नहीं करता, बल्कि उसकी रेडियो और जीपीएस सिग्नल को जाम कर देता है। इससे ड्रोन अपना नियंत्रण खो देता है, वापस लौट जाता है या दुर्घटनाग्रस्त हो जाता है। भविष्य के युद्धों में यह भारत की पहली सुरक्षा पंक्ति माना जा रहा है।

MR-SAM की ताकत

मीडियम रेंज सरफेस-टू-एयर मिसाइल (MR-SAM) लगभग 70 किलोमीटर से अधिक दूरी तक लड़ाकू विमान, हेलीकॉप्टर, ड्रोन और क्रूज़ मिसाइलों को निशाना बना सकती है। यह भारत की बहु-स्तरीय एयर डिफेंस सिस्टम का महत्वपूर्ण हिस्सा है और रणनीतिक ठिकानों की सुरक्षा सुनिश्चित करती है।

इन सबको मिलाकर देखें तो खरीद की यह लिस्ट यह भी दिखाती है कि आधुनिक युद्ध के बारे में भारत की समझ कैसे बदल रही है। मिलिट्री प्लानर्स का मानना ​​है कि भविष्य के युद्ध का फैसला सिर्फ सैकड़ों किलोमीटर दूर उड़ने वाले फाइटर जेट या महाद्वीपों के बीच मार करने वाली बैलिस्टिक मिसाइलों से नहीं होगा। इसका फैसला सैकड़ों सस्ते ड्रोन, सटीक निशाना लगाने वाली मिसाइलों, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम, बिना पायलट वाले विमानों और टैक्टिकल लेवल पर स्मार्ट हथियार लिए सैनिकों से भी होगा।

कम दूरी के हथियार क्यों जरूरी हैं?

एयरक्राफ्ट कैरियर, फाइटर जेट और पनडुब्बी जैसे बड़े प्लेटफॉर्म राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए जरूरी बने हुए हैं। हालांकि, कई मिलिट्री एनालिस्ट का तर्क है कि भविष्य की टैक्टिकल लड़ाइयों का नतीजा तय करने वाले हथियार छोटे, सस्ते और आसानी से तैनात किए जा सकने वाले होंगे। आधुनिक एंटी-टैंक मिसाइल से लैस एक सैनिक करोड़ों रुपये की बख्तरबंद गाड़ी को नष्ट कर सकता है।

सस्ते ड्रोन का एक झुंड एडवांस्ड एयर डिफेंस सिस्टम को महंगी इंटरसेप्टर मिसाइलें इस्तेमाल करने पर मजबूर कर सकता है। इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर उपकरण बिना एक भी गोली चलाए ड्रोन को बेकार कर सकते हैं। पोर्टेबल एयर डिफेंस मिसाइलें दुश्मन के विमानों को युद्ध के मैदान में आजादी से काम करने से रोक सकती हैं। इससे पता चलता है कि DAC की कई मंजूरियां सैकड़ों किलोमीटर के बजाय कुछ 10 किलोमीटर के दायरे में काम करने वाले सिस्टम पर क्यों केंद्रित हैं।

सिर्फ रणनीतिक क्षमताओं में निवेश करने के बजाय भारत उस चीज को भी मजबूत कर रहा है जिसे मिलिट्री प्लानर अक्सर ‘टैक्टिकल एज’ (युद्ध के मैदान में बढ़त) कहते हैं। भारत की मिलिट्री प्लानिंग अनोखी है क्योंकि उसे दो बिल्कुल अलग तरह के ऑपरेशनल माहौल के लिए तैयारी करनी होती है। पश्चिमी सीमा पर पाकिस्तान एक तेजी से बदलने वाला युद्ध का मैदान बनाता है, जिसमें बख्तरबंद गाड़ियां, तोपखाने, ड्रोन और सीमा पार से घुसपैठ जैसी चीजें शामिल हैं।

वहीं, उत्तरी सीमा पर चीन की चुनौती ऊंचाई वाले इलाकों में युद्ध, एडवांस्ड सर्विलांस क्षमताएं, लंबी दूरी की रॉकेट आर्टिलरी और तेजी से बेहतर हो रहे बिना पायलट वाले सिस्टम से जुड़ी है। हालांकि इलाके बहुत अलग हैं, लेकिन दोनों मोर्चों पर एक जरूरत समान है। लगातार निगरानी, ​​तेजी से टारगेट का पता लगाना और हवाई खतरों से कई स्तरों पर सुरक्षा। यही वजह है कि DAC की मंजूरी में एक साथ कई क्षेत्रों को शामिल किया गया है।

Petrol Diesel Price Today: पेट्रोल-डीजल की नई कीमतें जारी, 5 जुलाई के ताजा रेट यहां देखें

Petrol Diesel Price Today:  हर दिन की शुरुआत सिर्फ सूरज की किरणों से नहीं होती, बल्कि पेट्रोल और डीजल की नई कीमतों से भी होती है, जो आम आदमी की जेब पर सीधा असर डालती हैं। सुबह 6 बजे देश की तेल विपणन कंपनियां (OMCs) ताजा दरें जारी करती हैं, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर-रुपए की विनिमय दर में आए बदलावों पर आधारित होती हैं। ये बदलाव रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करते हैं, चाहे वो ऑफिस जाने वाला व्यक्ति हो या फल-सब्जी बेचने वाला व्यापारी।

ऐसे में हर दिन की कीमतों की जानकारी रखना सिर्फ जरूरी ही नहीं, बल्कि समझदारी भी है। सरकार की यह प्रणाली पारदर्शिता सुनिश्चित करती है ताकि उपभोक्ताओं को किसी तरह की भ्रमित जानकारी न मिले।

आपके शहर में आज का पेट्रोल-डीजल का भाव

ये रहे 05 जुलाई 2026 के प्रमुख शहरों के पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट —

नई दिल्ली: पेट्रोल 102.12 रुपये और डीजल 83.09 रुपये प्रति लीटर।

मुंबई: पेट्रोल 111.18 रुपये और डीजल 86 रुपये प्रति लीटर।

कोलकाता: पेट्रोल 113.47 रुपये और डीजल 93.50 रुपये प्रति लीटर।

चेन्नई: पेट्रोल 107.77 रुपये और डीजल 91.50 रुपये प्रति लीटर।

गुरुग्राम: पेट्रोल 102.77 रुपये और डीजल 91.70 रुपये प्रति लीटर।

नोएडा: पेट्रोल 102.12 रुपये और डीजल 91.70 रुपये प्रति लीटर।

बेंगलुरु: पेट्रोल 110.93 रुपये और डीजल 90 रुपये प्रति लीटर।

भुवनेश्वर: पेट्रोल 109.92 रुपये प्रति लीटर।

चंडीगढ़: पेट्रोल 98.10 रुपये प्रति लीटर।

हैदराबाद: पेट्रोल 115.69 रुपये और डीजल 97 रुपये प्रति लीटर।

जयपुर: पेट्रोल 112.66 रुपये और डीजल 90.91 रुपये प्रति लीटर।

लखनऊ: पेट्रोल 102.05 रुपये और डीजल 95.75 रुपये प्रति लीटर।

पटना: पेट्रोल 113.35 रुपये प्रति लीटर।

तिरुवनंतपुरम: पेट्रोल 115.49 रुपये प्रति लीटर।

अहमदाबाद: डीजल 82.25 रुपये प्रति लीटर।

पुणे: डीजल 92.50 रुपये प्रति लीटर।

पिछले दो साल से स्थिर क्यों हैं कीमतें?

मई 2022 के बाद से केंद्र और कई राज्यों द्वारा टैक्स में कटौती की गई, जिसके बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में स्थिरता देखी जा रही है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव होता रहता है, फिर भी भारतीय उपभोक्ताओं के लिए कीमतें तुलनात्मक रूप से स्थिर बनी हुई हैं।

किन कारणों से तय होती हैं ईंधन की कीमतें?

  1. कच्चे तेल की कीमतें:

पेट्रोल और डीजल का उत्पादन मुख्य रूप से कच्चे तेल से होता है। जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो इसका असर सीधे भारतीय बाजार पर पड़ता है।

  1. डॉलर के मुकाबले रुपया:

भारत अधिकतर कच्चा तेल आयात करता है, और यह डॉलर में खरीदा जाता है। यदि रुपया कमजोर होता है, तो ईंधन महंगा हो जाता है।

  1. सरकारी टैक्स और शुल्क:

केंद्र और राज्य सरकारें पेट्रोल-डीजल पर भारी टैक्स लगाती हैं, जो खुदरा मूल्य का बड़ा हिस्सा होते हैं। यही कारण है कि राज्यों में कीमतों में अंतर होता है।

  1. रिफाइनिंग की लागत:

कच्चे तेल को इस्तेमाल लायक बनाने की प्रक्रिया (रिफाइनिंग) में भी खर्च होता है। ये लागत कच्चे तेल की गुणवत्ता और रिफाइनरी की क्षमता पर निर्भर करती है।

  1. मांग और आपूर्ति का संतुलन:

बाजार में ईंधन की मांग अगर बढ़ जाती है, तो कीमतें भी ऊपर जाने लगती हैं। खासकर त्योहारों, गर्मी या सर्दी के मौसम में ईंधन की खपत ज्यादा होती है।

कैसे करें अपने शहर की कीमतें SMS से चेक?

अगर आप मोबाइल से ईंधन की कीमत जानना चाहते हैं, तो ये प्रक्रिया आसान है:

Indian Oil ग्राहक: अपने शहर का कोड टाइप करें और उसे “RSP” के साथ 9224992249 पर भेजें।

BPCL ग्राहक: “RSP” लिखकर 9223112222 पर भेजें।

HPCL ग्राहक: “HP Price” लिखकर 9222201122 पर भेजें।