‘चुनाव के बाद मत पछताना’, ओवैसी का सपा को बड़ा ऑफर! यूपी में गठबंधन की सियासत तेज

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में अब छह महीने से भी कम समय बचा है। ऐसे में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने एक बार फिर समाजवादी पार्टी (सपा) के साथ चुनावी गठबंधन की इच्छा जताई है। मुरादाबाद में एक जनसभा को संबोधित करते हुए ओवैसी ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से अपील की कि चुनाव के बाद अफसोस करने के बजाय अभी से बातचीत शुरू करें। हालांकि, समाजवादी पार्टी की ओर से इस प्रस्ताव को लेकर कोई खास सकारात्मक संकेत नहीं मिले। पार्टी के एक सांसद ने कहा कि दोनों दलों के बीच गठबंधन होना फिलहाल काफी मुश्किल नजर आता है।

असदुद्दीन ओवैसी ने अखिलेश यादव को भेजा फ्रेंड रिक्वेस्ट!

असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि उनकी पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को दोबारा सत्ता में आने से रोकने के लिए समाजवादी पार्टी (सपा) के साथ गठबंधन करने को तैयार है। ओवैसी ने कहा, “हम नहीं चाहते कि उत्तर प्रदेश में भाजपा फिर से सरकार बनाए। मैं हाथ मिलाने के लिए तैयार हूं और गठबंधन करने को भी तैयार हूं। अभी बातचीत का सही समय है। चुनाव खत्म होने के बाद पछताने से कोई फायदा नहीं होगा।” उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी की लड़ाई किसी धर्म के खिलाफ कभी नहीं रही और आगे भी नहीं रहेगी। उनके मुताबिक, उनकी लड़ाई सम्मान, अधिकार और न्याय के लिए है। ओवैसी ने यह भी कहा कि वह अधिकारों और राजनीतिक प्रतिनिधित्व के मुद्दे पर अखिलेश यादव के साथ बैठकर गठबंधन पर चर्चा करने के लिए तैयार हैं।

यूपी चुनाव से पहले बड़ी पक रही सियासी खिचड़ी

विपक्ष के वोट बंटने की आलोचना पर असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि उनकी पार्टी समाजवादी पार्टी (सपा) के खिलाफ नहीं, बल्कि उसके साथ मिलकर चुनाव लड़ना चाहती है। उन्होंने कहा कि ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) की राजनीति किसी धर्म के विरोध पर नहीं, बल्कि न्याय, समानता और समाज के पिछड़े व वंचित वर्गों के अधिकारों की लड़ाई पर आधारित है। हालांकि, समाजवादी पार्टी के भीतर ओवैसी के इस प्रस्ताव को ज्यादा समर्थन नहीं मिला। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए सपा सांसद मोहिबुल्लाह नदवी ने कहा कि उनकी पार्टी हमेशा सभी वर्गों को साथ लेकर चलने वाली राजनीति में विश्वास करती है। लेकिन उन्होंने यह भी संकेत दिया कि एआईएमआईएम के साथ चुनावी गठबंधन होना फिलहाल आसान नहीं दिखता।

समाजवादी पार्टी के सांसद मोहिबुल्लाह नदवी ने कहा, “समाजवादी पार्टी हमेशा सभी वर्गों को साथ लेकर चलने की राजनीति करती रही है। जहां तक असदुद्दीन ओवैसी का सवाल है, उनकी अपनी अलग राजनीतिक सोच है और वह उसी पर आगे बढ़ते हैं। ऐसे में उनके साथ चुनावी गठबंधन होना फिलहाल काफी मुश्किल नजर आता है।” इस बीच, गुरुवार को असदुद्दीन ओवैसी ने केंद्र सरकार पर भी तीखा निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं की समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रही है और अपनी कमियों की जिम्मेदारी से बच रही है। समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में ओवैसी ने कहा कि सरकार का रवैया युवाओं के प्रति उपेक्षापूर्ण है। उनका आरोप था कि सरकार युवाओं की बात सुनने और उनसे संवाद करने के बजाय उनकी चिंताओं को नजरअंदाज कर रही है।

FY26 में भारत में Costa Coffee के स्टोर घटकर रह गए 198, फिर भी रेवेन्यू 7% बढ़ा

ब्रिटेन के कॉफी चेन ब्रांड कोस्टा कॉफी के बीते वित्त वर्ष 2025-26 में भारत में 22 स्टोर कम हो गए। अब स्टोर्स की संख्या 198 रह गई है। इससे पहले के वित्त वर्ष में कंपनी के देशभर में 220 आउटलेट थे। 5 सालों में यह पहली बार है, जब भारत में कोस्टा कॉफी के स्टोर घटे हैं। कोस्टा कॉफी की एक्सक्लूसिव फ्रेंचाइजी पार्टनर देवयानी इंटरनेशनल लिमिटेड की ताजा वार्षिक रिपोर्ट में यह जानकारी मिली है। कोस्टा कॉफी का मालिकाना हक ‘द कोका कोला कंपनी’ के पास है।

हालांकि, स्टोर की संख्या कम होने के बावजूद वित्त वर्ष 2025-26 में भारत में कोस्टा कॉफी के रेवेन्यू में 7 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। यह 212.5 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। वित्त वर्ष 2024-25 में रेवेन्यू 198.5 करोड़ रुपये था। यह दर्शाता है कि कंपनी अब केवल स्टोर बढ़ाने के बजाय प्रति आउटलेट अधिक बिक्री और बेहतर प्रदर्शन पर ध्यान दे रही है। सालाना रिपोर्ट में कहा गया है कि कोस्टा कॉफी अपने पोर्टफोलियो को बढ़ाने के लिए अधिक अनुशासित और चयनात्मक (सिलेक्टिव) रणनीति अपना रही है।

Costa Coffee ने 2020-21 से किया तेजी से विस्तार

कोस्टा कॉफी ने भारत में वित्त वर्ष 2020-21 से तेजी से विस्तार किया। उस समय कंपनी के केवल 44 स्टोर थे, जो वित्त वर्ष 2021-22 में बढ़कर 55 हो गए। वित्त वर्ष 2022-23 में इनकी संख्या 112, वित्त वर्ष 2023-24 में 179 और वित्त वर्ष 2024-25 में 220 हो गई। लेकिन वित्त वर्ष 2025-26 में स्टोर की संख्या घटकर 198 रह गई। कोस्टा कॉफी के ग्लोबल चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) फिलिप शैले ने अप्रैल, 2025 में कहा था कि भारत कंपनी के टॉप 20 बाजारों में शामिल है और आने वाले वर्षों में यह टॉप 5 बाजारों में शामिल हो सकता है।

देवयानी इंटरनेशनल लिमिटेड ने अपनी सालाना रिपोर्ट में कहा है कि कंपनी कोस्टा कॉफी को मजबूत करना जारी रखे हुए है। ब्रांड ने युवाओं पर केंद्रित रीब्रांडिंग के जरिए खुद को उन कॉफी प्रेमियों की पसंदीदा चॉइस के तौर पर स्थापित किया है जो बेहतर माहौल चाहते हैं, जिसे यंग प्रोफेशनल्स और स्टूडेंट्स के लिए ‘सोशल स्पेस’ के तौर पर डिजाइन किया गया है।

PhonePe का FY26 में घाटा 62% बढ़ा, रेवेन्यू में रही 11% की ग्रोथ

भारत में कोस्टा कॉफी के कॉम्पिटीटर

भारत में कोस्टा कॉफी का मुकाबला स्टारबक्स, टिम हॉर्टन्स, McCafe जैसी इंटरनेशनल चेन से है। इसके अलावा, कैफे कॉफी डे, ब्लू टोकाई, थर्ड वेव कॉफी और बरिस्ता जैसी लोकल चेन भी भारत के तेजी से बढ़ते कैफे मार्केट में अपनी मौजूदगी बढ़ा रही हैं।

मौसम अलर्ट: अगले 7 दिन भारी बारिश की आशंका! कई राज्यों में बाढ़ जैसे हालात का खतरा, इन 26 राज्यों के लिए IMD ने जारी की चेतावनी

India Weather Update: देश के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर अपने प्रचंड रूप में आ गया है। उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे ओडिशा-पश्चिम बंगाल तट पर बने डिप्रेशन की वजह से अगले सात दिनों तक देश के बड़े हिस्से में भारी से अत्यंत भारी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक यह डिप्रेशन अगले 24 घंटों में और मजबूत होकर डीप डिप्रेशन में बदल जाएगा। इसके 27 जुलाई की दोपहर तक पाराद्वीप और सागर द्वीप के बीच ओडिशा और पश्चिम बंगाल तटों को पार करने की संभावना है।

मौसम विभाग ने अगले 7 दिनों (26 जुलाई से 1 अगस्त 2026) के दौरान देश के 26 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मूसलाधार बारिश, तेज हवाओं और बिजली गिरने की गंभीर चेतावनी जारी की है। ओडिशा और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में भारी बारिश से बाढ़ जैसे हालात उत्पन्न होने की आशंका है।

पिछले 24 घंटों का हाल: ओडिशा में 33 सेमी रिकॉर्ड बारिश

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 24 घंटों के दौरान ओडिशा में रिकॉर्ड तोड़ अत्यंत भारी बारिश दर्ज की गई है। ओडिशा के जगतसिंहपुर में 33 सेमी बारिश दर्ज की गई। छत्तीसगढ़, कोंकण, मध्य महाराष्ट्र, गुजरात और तटीय कर्नाटक के इलाकों में भारी बारिश हुई है। इसी तरह हिमाचल प्रदेश, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, राजस्थान और असम में भी काफी भारी बारिश देखने को मिली है।

जानिए आपके राज्य में अगले 7 दिन कैसा रहेगा मौसम? (क्षेत्रवार और राज्यवार पूर्वानुमान)

1- पूर्वी भारत: ओडिशा और बंगाल पर सबसे ज्यादा खतरा

ओडिशा: डिप्रेशन के सीधे असर के चलते 26 और 27 जुलाई को राज्य के कई हिस्सों में अत्यंत भारी बारिश होने की संभावना है। 28 जुलाई को अति भारी बारिश और 29 जुलाई से 1 अगस्त के दौरान भारी बारिश का सिलसिला बना रहेगा। तटीय इलाकों में 30-50 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी।

गंगेटिक पश्चिम बंगाल: 26 और 27 जुलाई को छिटपुट स्थानों पर अति भारी बारिश का अलर्ट है। 28 जुलाई को भी भारी बारिश की संभावना है। 26 से 28 जुलाई के दौरान 40-60 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।

उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम: 27 जुलाई से 1 अगस्त के बीच अधिकांश स्थानों पर बारिश और 28 जुलाई से 1 अगस्त के दौरान भारी बारिश का अनुमान है।

झारखंड: 26 से 28 जुलाई के दौरान भारी बारिश और 30 किमी/घंटे तक की रफ्तार से हवाएं चलने का पूर्वानुमान है।

बिहार: 26 से 29 जुलाई के दौरान हल्की से मध्यम बारिश और 28 जुलाई से 1 अगस्त के बीच कुछ इलाकों में भारी बारिश की संभावना है।

2- मध्य भारत: छत्तीसगढ़ में बाढ़ की आशंका, एमपी-विदर्भ में अलर्ट

छत्तीसगढ़: 27 जुलाई को छत्तीसगढ़ में कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा 26 और 28 जुलाई को भी अति भारी बारिश हो सकती है। 29 जुलाई से 1 अगस्त तक लगातार भारी बारिश जारी रहेगी।

पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश: पूर्वी मध्य प्रदेश में 29-30 जुलाई को अति भारी बारिश, जबकि 27-28 जुलाई और 31 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है। वहीं, पश्चिमी मध्य प्रदेश में 30-31 जुलाई को अति भारी बारिश का अलर्ट है। 26 से 30 जुलाई के दौरान दोनों हिस्सों में 50 किमी/घंटे तक की रफ्तार से आंधी-तूफान चल सकता है।

विदर्भ (महाराष्ट्र): 28 और 29 जुलाई को अति भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। 26, 27 और 30 जुलाई को भारी बारिश हो सकती है।

3- उत्तर-पश्चिम भारत: यूपी, दिल्ली-एनसीआर, पंजाब और पहाड़ी राज्यों का हाल

जम्मू-कश्मीर-लद्दाख: 29 और 30 जुलाई को अति भारी बारिश की संभावना है। 28 जुलाई और 31 जुलाई से 1 अगस्त तक भारी बारिश का अलर्ट रहेगा।

हिमाचल प्रदेश: 28 से 31 जुलाई के दौरान भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। 26-27 जुलाई और 1 अगस्त को भी भारी बारिश हो सकती है।

उत्तराखंड: 27 से 29 जुलाई के दौरान भारी से अति भारी बारिश का दौर जारी रहेगा। 26 जुलाई और 30 जुलाई से 1 अगस्त तक भी बारिश का अलर्ट है।

हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब: 28 और 29 जुलाई को दिल्ली-एनसीआर, पंजाब और हरियाणा में अति भारी बारिश का अनुमान जताया गया है। वहीं 27 जुलाई और 30-31 जुलाई को भारी बारिश होने के आसार हैं।

उत्तर प्रदेश: पूर्वी उत्तर प्रदेश में 27 से 30 जुलाई के दौरान अति भारी बारिश की संभावना है। 31 जुलाई और 1 अगस्त को भी भारी बारिश हो सकती है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 28 से 30 जुलाई के बीच अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। 27 जुलाई, 31 जुलाई और 1 अगस्त को भारी बारिश का अनुमान है।

राजस्थान: पूर्वी राजस्थान में 29 से 31 जुलाई के दौरान अति भारी बारिश हो सकती है। 28 जुलाई और 1 अगस्त को भारी बारिश की संभावना है। 28 जुलाई से 1 अगस्त के बीच 50 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। पश्चिमी राजस्थान में 26 जुलाई और 31 जुलाई से 1 अगस्त के बीच भारी बारिश की संभावना है।

4- पश्चिम भारत: कोंकण, गोवा और गुजरात में भारी बारिश

कोंकण और गोवा, मध्य महाराष्ट्र: 26 और 27 जुलाई को अति भारी बारिश का अलर्ट है। इसके बाद 28 से 31 जुलाई तक लगातार भारी बारिश होती रहेगी। मध्य महाराष्ट्र में 28-30 जुलाई को तेज हवाएं चलने की उम्मीद है।

गुजरात (क्षेत्र और सौराष्ट्र-कच्छ): गुजरात रीजन में 31 जुलाई और 1 अगस्त को अति भारी बारिश का अलर्ट है। 26-27 जुलाई और 30 जुलाई को भारी बारिश हो सकती है। सौराष्ट्र और कच्छ में 26 जुलाई और 31 जुलाई से 1 अगस्त के दौरान भारी बारिश होने की संभावना है।

5- उत्तर-पूर्व भारत: पूर्वोत्तर के राज्यों में भी आफत

असम और मेघालय: 29 जुलाई को अत्यंत भारी से अति भारी बारिश की संभावना है। 26-28 जुलाई और 30-31 जुलाई को भी भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा: 29 और 30 जुलाई को अति भारी बारिश हो सकती है। 26 से 28 जुलाई और 31 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है।

अरुणाचल प्रदेश: 27 से 31 जुलाई के दौरान भारी बारिश होने के आसार हैं।

6- दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत: तटीय इलाकों में अंधड़ की चेतावनी

तटीय आंध्र प्रदेश और यनम: 26 और 27 जुलाई को 70 किमी/घंटे तक की रफ्तार से ‘थंडरस्क्वॉल’ (तेज अंधड़ और तूफान) की चेतावनी दी गई है। 26 से 29 जुलाई तक भारी बारिश होने की संभावना है।

केरल, माहे और तटीय कर्नाटक: केरल में 26 जुलाई से 1 अगस्त तक लगातार भारी बारिश हो सकती है। तटीय कर्नाटक में 26 से 28 जुलाई तक भारी बारिश का अनुमान है।

तमिलनाडु, पुडुचेरी, रायलसीमा और कर्नाटक के आंतरिक भाग: इन क्षेत्रों में 26 से 30 जुलाई के दौरान 40 से 60 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज सतही हवाएं चलने और आंधी-तूफान आने की संभावना है।

IMD की सलाह

मौसम विभाग ने ओडिशा, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल और तटीय राज्यों के जिला प्रशासनों को हाई अलर्ट पर रहने की सलाह दी है। निचले इलाकों में जलभराव, नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी और पहाड़ी इलाकों (हिमाचल, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर) में भूस्खलन की आशंका को देखते हुए यात्रियों व स्थानीय निवासियों को सतर्क रहने और गैर-जरूरी यात्राओं से बचने की हिदायत दी गई है। मछुआरों को बंगाल की खाड़ी के तटीय इलाकों में न जाने की सलाह दी गई है।

IND vs ZIM T20 Match Live Score: क्लीन स्वीप के इरादे से उतरेगी टीम इंडिया, जिम्बाब्वे के लिए सम्मान बचाने की लड़ाई

IND vs ZIM T20 Match Live Score: भारत और जिम्बाब्वे के बीच तीन मैचों की टी20 सीरीज का तीसरा और आखिरी मुकाबला 26 जुलाई को रविवार को हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेला जाएगा। श्रेयस अय्यर की कप्तानी में टीम इंडिया पहले ही शुरुआती दोनों मैच जीतकर सीरीज अपने नाम कर चुकी है। सीरीज जीत चुकी भारतीय टीम क्लीन स्वीप के इरादे से उतरेगी। सिकंदर रजा की अगुवाई वाली जिम्बाब्वे की टीम आखिरी मैच जीतकर सम्मान बचाने की कोशिश करेगी। दोनों टीमों के बीच ये मुकाबला शाम 4:30 बजे से शुरू होगा। वहीं मुकाबले के टॉस शाम 4 बजे होगा।

ऐसे में अंतिम मैच में भारतीय टीम कुछ नए खिलाड़ियों को मौका देने के लिए प्लेइंग इलेवन में बदलाव कर सकती है। तेज गेंदबाज प्रिंस यादव चोट के कारण इस मुकाबले से बाहर रह सकते हैं। उन्होंने सीरीज में अब तक सबसे ज्यादा विकेट लिए हैं। भारत ने पहला टी20 सात विकेट और दूसरा मुकाबला 90 रन से जीतकर शानदार प्रदर्शन किया है। पिछले मैच में अभिषेक शर्मा और युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाए थे। वहीं इस मुकाबले में उनसे बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद होगी। पिछले मैच के ईशान किशन और तिलक वर्मा से इस मैच में भी शानदार प्रदर्शन की उम्मीद होगी।

IND vs ZIM: जिम्बाब्वे पर जीत दर्ज कर भारत ने इंग्लैंड टीम से छीना ताज, ICC टी20 रैंकिंग में टीम इंडिया फिर बनी नंबर-1

भारत ने जिम्बाब्वे के खिलाफ दूसरे टी20 मुकाबले में 90 रन की बड़ी जीत दर्ज की है। इस जीत के साथ भारत ने श्रेयस अय्यर की कप्तानी में पहली सीरीज जीत ली है। वहीं इस जीत के साथ भारत की टी20 टीम एक बार फिर आईसीसी टी20 इंटरनेशनल टीम रैंकिंग में नंबर-1 बन गई है। इससे पहले इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज 0-4 से हारने के कारण भारतीय टीम पहले स्थान से फिसलकर दूसरे नंबर पर पहुंच गई थी। वहीं भारतीय टीम ने शानदार वापसी करते हुए सिर्फ दो हफ्तों के भीतर फिर से दुनिया की नंबर-1 टी20 टीम बन गई है।

भारत और इंग्लैंड दोनों के 268 रेटिंग पॉइंट्स हैं। लेकिन डेसिमल के आधार पर की गई कैलकुलेशन में भारत इंग्लैंड से आगे है, इसलिए टीम इंडिया आईसीसी टी20 इंटरनेशनल टीम रैंकिंग में पहले स्थान पर है।

कैसा रहा मुकाबला

जिम्बाब्वे के खिलाफ दूसरे टी20 मुकाबले में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 5 विकेट पर 219 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया। टीम की ओर से विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन ने शानदार 81 रन की पारी खेली। वहीं उपकप्तान तिलक वर्मा ने तेज बल्लेबाजी करते हुए केवल 29 गेंदों में नाबाद 60 रन बनाए। दोनों खिलाड़ियों की दमदार पारियों की बदौलत भारत ने जिम्बाब्वे के सामने बड़ा टारगेट रखा।

Screenshot 2026-07-26 145052

तोड़ा किशन का रिकॉर्ड

ईशान किशन ने जिम्बाब्वे के खिलाफ 81 रन की शानदार पारी खेलकर साल 2026 में टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में अपने कुल रन 783 तक पहुंचा दिए हैं। इसके साथ ही उन्होंने एक कैलेंडर वर्ष में भारत के लिए सबसे ज्यादा टी20I रन बनाने के मामले में विराट कोहली को पीछे छोड़ दिया। इससे पहले विराट ने साल 2022 में 20 टी20 इंटरनेशनल मैचों में 781 रन बनाए थे, जबकि ईशान ने इस रिकॉर्ड को अपने नाम कर लिया। ईशान किशन अब एक कैलेंडर वर्ष में भारत के लिए सबसे ज्यादा टी20 इंटरनेशनल रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में तीसरे स्थान पर हैं। उनसे आगे केवल सूर्यकुमार यादव (1,164 रन) और अभिषेक शर्मा (859 रन) हैं।

ईशान किशन बना सकते हैं रिकॉर्ड

साल 2026 में ईशान किशन भारत के नियमित विकेटकीपर बल्लेबाज के रूप में 12 टी20 इंटरनेशनल मैच खेल चुके हैं और 370 रन बना चुके हैं। अगर वह जिम्बाब्वे के खिलाफ तीसरे टी20 मुकाबले में 67 रन और बना लेते हैं, तो भारत के लिए एक कैलेंडर वर्ष में नियमित विकेटकीपर के तौर पर सबसे ज्यादा टी20I रन बनाने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लेंगे। यह रिकॉर्ड फिलहाल संजू सैमसन के नाम है, जिन्होंने 2024 में 12 टी20 इंटरनेशनल मैचों में 436 रन बनाए थे।

जंतर-मंतर प्रदर्शन के बाद क्या होगा CJP का अगला कदम? कॉकरोच जनता पार्टी ने खुद किया खुलासा

कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) फिलहाल खुद को एक राजनीतिक पार्टी के बजाय युवाओं के आंदोलन के रूप में आगे बढ़ाने पर जोर दे रही है। संगठन ने अभी यह साफ नहीं किया है कि वह भविष्य में पूरी तरह चुनावी राजनीति में उतरेगा या नहीं। 37 दिनों तक चले विरोध प्रदर्शन के खत्म होने के बाद सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास ने मीडिया से बातचीत में कहा कि इस समय संगठन का मुख्य लक्ष्य चुनाव लड़ना नहीं है। उन्होंने बताया कि उनकी प्राथमिकता देशभर में संगठन का विस्तार करना, ज़्यादा से ज़्यादा युवाओं तक पहुंचना और जमीनी स्तर पर मजबूत नेटवर्क तैयार करना है।

क्या होगा सीजेपी का अगला कदम?

सौरव दास ने कहा कि संगठन का लक्ष्य अभी पूरी तरह साफ है। उनकी प्राथमिकता आंदोलन को देश के हर हिस्से और गांव-शहर तक पहुंचाना है। इसके लिए संगठन पूरे भारत में दौरा करेगा और युवाओं से सीधे बातचीत करेगा। उन्होंने कहा कि हाल के अनुभवों से यह पता चला है कि युवाओं और सरकार के बीच संवाद की बड़ी कमी है। उन्होंने कहा, “पिछले एक महीने में हमें महसूस हुआ कि बहुत से लोगों के पास अपनी समस्याएं और बातें रखने के लिए कोई मंच नहीं है। इसलिए हम जमीनी स्तर पर जाकर लोगों की बात सुनेंगे और उनसे जुड़ेंगे।”

सौरव दास का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब चर्चा हो रही है कि कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) भविष्य में चुनावी राजनीति में उतर सकती है। नीट-यूजी 2026 पेपर लीक के आरोपों और शिक्षा व्यवस्था में बड़े सुधारों की मांग को लेकर संगठन के लंबे आंदोलन ने देशभर का ध्यान अपनी ओर खींचा है।

युवाओं को जोड़ने का लक्ष्य

सौरव दास ने कहा कि संगठन का लक्ष्य अभी पूरी तरह साफ है। उनकी प्राथमिकता आंदोलन को देश के हर हिस्से और गांव-शहर तक पहुंचाना है। इसके लिए संगठन पूरे भारत में दौरा करेगा और युवाओं से सीधे बातचीत करेगा। उन्होंने कहा कि हाल के अनुभवों से यह पता चला है कि युवाओं और सरकार के बीच संवाद की बड़ी कमी है। उन्होंने कहा, “पिछले एक महीने में हमें महसूस हुआ कि बहुत से लोगों के पास अपनी समस्याएं और बातें रखने के लिए कोई मंच नहीं है। इसलिए हम जमीनी स्तर पर जाकर लोगों की बात सुनेंगे और उनसे जुड़ेंगे।” सौरव दास का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब चर्चा हो रही है कि कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) भविष्य में चुनावी राजनीति में उतर सकती है। नीट-यूजी 2026 पेपर लीक के आरोपों और शिक्षा व्यवस्था में बड़े सुधारों की मांग को लेकर संगठन के लंबे आंदोलन ने देशभर का ध्यान अपनी ओर खींचा है।

फिलहाल संगठन ने चुनाव लड़ने की कोई घोषणा नहीं की है। सौरव दास के बयान से साफ है कि अभी उनकी प्राथमिकता संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करना और युवाओं से जुड़े मुद्दों को लगातार उठाना है। उनका कहना है कि किसी भी राजनीतिक फैसले से पहले संगठन देशभर में अपना नेटवर्क मजबूत करेगा और लोगों की आवाज़ बनने की कोशिश जारी रखेगा।

खत्म हुआ आंदोलन

केंद्र सरकार की ओर से संगठन की कई मांगों पर विचार करने का भरोसा मिलने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने शनिवार को अपना विरोध प्रदर्शन खत्म कर दिया। संगठन की प्रमुख मांगों में नीट के उन अभ्यर्थियों के परिवारों को मुआवजा देना शामिल था, जिन्होंने आत्महत्या की, प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस लेना और परीक्षा व्यवस्था में सुधार से जुड़े प्रस्तावों पर चर्चा करना भी शामिल था।

विरोध प्रदर्शन उसी दिन खत्म हुआ, जिस दिन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दिया। इसके बाद प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी गई। इस बीच, सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर समर्थकों का आभार जताया। उन्होंने इसे “युवाओं की बड़ी जीत” बताया।

अभिजीत दिपके ने कहा कि आंदोलन खत्म होने के बाद उन्हें काफी राहत महसूस हो रही है। उन्होंने कहा, “अब मैं सुकून से सो सकता हूं और अपने घर में बिना किसी चिंता के सुबह उठ सकता हूं। अब यह सोचने की जरूरत नहीं रहती कि आगे क्या होगा या शाम तक क्या स्थिति बनेगी। मन में अब कोई घबराहट नहीं है।” उन्होंने आंदोलन का साथ देने वाले सभी समर्थकों का धन्यवाद किया। दिपके ने कहा कि कई लोगों ने आलोचनाओं के बावजूद संगठन पर भरोसा बनाए रखा और हर कदम पर उनका साथ दिया। साथ ही, उन्होंने उन लोगों का भी आभार जताया जिन्होंने आंदोलन और उसके अभियान पर सवाल उठाए। उनके मुताबिक, ऐसी आलोचना और सवालों से संगठन को अपनी कमियों को समझने और खुद को पहले से बेहतर बनाने में मदद मिली।

Dharmendra Pradhan Resigns: CJP प्रोटेस्ट के पहले दिन ही धर्मेंद्र प्रधान ने कर दी थी इस्तीफे की पेशकश! फिर किसने मना कर दिया?

Dharmendra Pradhan Resigns: मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने पूर्व केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को लेकर एक सनसनीखेज दावा किया है। उन्होंने दावा किया है कि तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में छात्र आंदोलन शुरू होने के पहले दिन ही भारतीय जनता पार्टी (BJP) के आलकमान के सामने मंत्री पद से इस्तीफे की पेशकश कर दी थी। विजयवर्गीय ने शनिवार 25 जुलाई को इंदौर में पत्रकारों से बातचीत में प्रधान की तारीफ करते हुए कहा कि उन्हें जो भी दायित्व सौंपा जाता है, वह उसे बड़ी ईमानदारी और समर्पण से निभाते हैं।

कैलाश विजयवर्गीय ने कहा, “पहले दिन से जैसे ही (छात्र) आंदोलन शुरू हुआ था, प्रधान ने पार्टी (BJP) अध्यक्ष से कहा कि अगर उन्हें ऐसा लगता है, तो वह (शिक्षा मंत्री के पद से) इस्तीफा दे देते हैं।” विजयवर्गीय के मुताबिक BJP अध्यक्ष ने उस समय प्रधान को यह कहते हुए इस्तीफा देने के लिए मना कर दिया था कि जब तक इस बारे में कोई निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक वह इस्तीफा नहीं देंगे और किसी व्यक्ति से इस्तीफे की बात तक नहीं करेंगे।

BJP के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव विजयवर्गीय ने कहा कि बाद में बनीं परिस्थितियों के चलते जब पार्टी ने प्रधान के इस्तीफे का निर्णय लिया, तो उन्होंने तुरंत इस्तीफा दे दिया। पीटीआई के मुताबिक उन्होंने कहा, “प्रधान के इस्तीफे से उन सब विदेशी ताकतों के मंसूबे खत्म हो गए जो बांग्लादेश और श्रीलंका की तरह भारत में हिंसा फैलाकर अस्थिरता पैदा करना चाहती थीं। इसलिए प्रधान ने जो काम किया है, उसके लिए मैं उनको बधाई भी देता हूं।”

कांग्रेस और राहुल गांधी पर हमला

प्रधान के इस्तीफे को लेकर कांग्रेस नेताओं के जश्न मनाने पर विजयवर्गीय ने एक कहावत का इस्तेमाल करते हुए तंज कसा कि पड़ोसी के घर में बच्चा पैदा होने पर कांग्रेस ढोलक बजा रही है। उन्होंने कहा, “छात्र आंदोलन में कांग्रेस की क्या भूमिका थी? बच्चों ने आंदोलन किया, वे (कांग्रेस) जाकर उसके पीछे खड़े हो गए। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद विपक्ष बिल्कुल निराश हो गया है और निराशा के पल में उन्हें आशा की एक किरण कॉकरोच जनता पार्टी में दिखी।”

मंत्री ने पूछा कि क्या छात्र आंदोलन में किसी कांग्रेस नेता ने पुलिस का एक भी लट्ठ खाया है? लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने दीमक का काम करते हुए देश की शिक्षा व्यवस्था को अंदर से खोखला कर दिया है।

इस बयान पर पलटवार करते हुए विजयवर्गीय ने कहा, “मुझे राहुल गांधी की राजनीतिक विचारधारा और उनकी बुद्धि पर बहुत तरस आता है। मुझे लगता है कि उन्हें अभी जरा समझना पड़ेगा कि संघ है क्या?” उन्होंने कहा कि देश आज सही दिशा में जा रहा है और इसके पीछे संघ की मेहनत है।

प्रह्लाद जोशी ने शिक्षा मंत्री का कार्यभार संभाला

नवनियुक्त केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने पदभार संभाल लिया है। धर्मेंद्र प्रधान के शनिवार को पद से इस्तीफा देने के बाद जोशी को शिक्षा मंत्री नियुक्त किया गया। जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। वह उपभोक्ता मामलों के मंत्री भी हैं।

नीट पेपर लीक होने के खिलाफ देशभर में कॉकरोच जनता पार्टी के नेतृत्व में छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किए। प्रदर्शनों के के बीच, प्रधान ने शनिवार को पद से इस्तीफा दे दिया। प्रधान ने अपने त्यागपत्र में कहा कि यह उनके लिए व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का विषय नहीं है। पिछले 10 दिनों के दौरान हुई घटनाओं से वह व्यथित हैं।

ये भी पढ़ें- Dharmendra Pradhan Resigns: किसी विवाद के कारण इस्तीफा देने वाले मोदी सरकार के दूसरे मंत्री हैं धर्मेंद्र प्रधान, पहले कौन थे?

PM मोदी ने गिनाई भारत की रक्षा आत्मनिर्भरता की ताकत, INS महेंद्रगिरि और पिनाका रॉकेट सिस्टम को बताया बड़ी उपलब्धि, Mann Ki Baat में क्या बोले

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के 136वें एपिसोड में भारत की बढ़ती रक्षा आत्मनिर्भरता और स्वदेशी तकनीक की उपलब्धियों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भारत अपनी सशस्त्र सेनाओं के साहस के साथ-साथ रक्षा क्षेत्र में तकनीकी क्षमता को लगातार मजबूत कर रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय नौसेना में शामिल किए गए INS महेंद्रगिरि को भारत की स्वदेशी रक्षा निर्माण क्षमता का उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि यह आधुनिक युद्धपोत भारत में डिजाइन और निर्मित किया गया है और इसमें 75 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री का इस्तेमाल किया गया है।

ALSO READ: CJP आंदोलन के पहले ही दिन धर्मेंद्र प्रधान ने की थी इस्तीफे की पेशकश, BJP के बड़े नेता का दावा

पीएम मोदी ने कहा, “यह आत्मनिर्भर भारत की बढ़ती ताकत का प्रतीक है।” प्रधानमंत्री ने भारत में विकसित पिनाका लॉन्ग रेंज गाइडेड रॉकेट (LRGR-120) का भी उल्लेख किया। यह रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) द्वारा विकसित एक आधुनिक और सटीक निशाना लगाने वाली आर्टिलरी रॉकेट प्रणाली है। उन्होंने कहा कि इस सफलता के पीछे देश के वैज्ञानिकों और इंजीनियरों की सामूहिक मेहनत है। पिनाका LRGR-120 की मारक क्षमता 60 किलोमीटर से 120 किलोमीटर तक बताई गई है।

ALSO READ: Pakistan को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की चेतावनी, आतंक और धमकियों पर नहीं झुकेगा भारत

'खुशा मिसाइल' परीक्षण को बताया बड़ी उपलब्धि

 

प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की स्वदेशी रक्षा क्षमताओं में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में खुशा मिसाइल के सफल उड़ान परीक्षण का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयास भारत को रक्षा क्षेत्र में और अधिक आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।

 

कारगिल विजय दिवस पर जवानों को किया याद

अपने संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने 1999 के कारगिल युद्ध में देश के लिए लड़ने वाले वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि कारगिल विजय दिवस हर भारतीय के लिए गर्व का अवसर है और यह सशस्त्र बलों के अद्भुत साहस की याद दिलाता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के वीर जवानों का त्याग और पराक्रम हमेशा प्रेरणा देता रहेगा।

टॉप 10 कंपनियों में से 9 का M-Cap ₹2.74 लाख करोड़ घटा, HDFC Bank को सबसे ज्यादा नुकसान

बीते सप्ताह सेंसेक्स की टॉप 10 मोस्ट वैल्यूएबल कंपनियों में से 9 के बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) में कुल मिलाकर ₹2.74 लाख करोड़ की गिरावट आई। सबसे ज्यादा नुकसान HDFC Bank को हुआ। पिछले सप्ताह सेंसेक्स 2,091.68 अंक या 2.67 प्रतिशत टूट गया। वहीं निफ्टी 566.85 अंक या 2.32 प्रतिशत के नुकसान में रहा। टॉप 10 कंपनियों में केवल हिंदुस्तान यूनिलीवर के मार्केट कैप में बढ़ोतरी दर्ज की गई। वहीं रिलायंस इंडस्ट्रीज, भारती एयरटेल, HDFC Bank, ICICI Bank, भारतीय स्टेट बैंक, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS), बजाज फाइनेंस, भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) और लार्सन एंड टुब्रो (L&T) का मार्केट कैप घट गया।

बीते सप्ताह HDFC Bank का मार्केट कैप ₹1,18,383.91 करोड़ घटकर ₹11,43,985.90 करोड़ रह गया। रिलायंस इंडस्ट्रीज का मार्केट कैप ₹65,429.82 करोड़ घटकर ₹17,29,661.44 करोड़ रहा। इसी तरह भारतीय स्टेट बैंक (SBI) का मार्केट कैप ₹26,814.94 करोड़ घटकर ₹9,36,953.84 करोड़, बजाज फाइनेंस का ₹26,802.74 करोड़ घटकर ₹6,30,471.54 करोड़ और LIC का मार्केट कैप ₹15,116.74 करोड़ घटकर ₹5,33,007.56 करोड़ हो गया।

ICICI Bank का मार्केट कैप ₹6,223.84 करोड़ की गिरावट के साथ ₹10,28,217.93 करोड़, भारती एयरटेल का ₹6,021.64 करोड़ घटकर ₹11,85,046.13 करोड़, TCS का ₹5,191.95 करोड़ घटकर ₹8,15,480.75 करोड़ और लार्सन एंड टुब्रो (L&T) का मार्केट कैप ₹4,092.79 करोड़ की गिरावट के साथ ₹5,20,747.89 करोड़ पर आ गया।

हिंदुस्तान यूनिलीवर को कितना हुआ फायदा

इस रुख के उलट हिंदुस्तान यूनिलीवर के मार्केट कैप में बीते सप्ताह ₹152.73 करोड़ की बढ़ोतरी हुई और यह ₹5,03,928.59 करोड़ पर पहुंच गया। सेंसेक्स की टॉप 10 कंपनियों में रिलायंस इंडस्ट्रीज बाजार पूंजीकरण के लिहाज से देश की सबसे मूल्यवान कंपनी बनी रही। इसके बाद क्रमश: भारती एयरटेल, HDFC Bank, ICICI Bank, भारतीय स्टेट बैंक, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS), बजाज फाइनेंस, भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC), लार्सन एंड टुब्रो और हिंदुस्तान यूनिलीवर का स्थान रहा।

Cyient Stock Outlook: तुरंत कर लें एग्जिट, 12% तक टूट सकता है भाव; मोतीलाल ओसवाल ने दी ‘सेल’ रेटिंग

नए सप्ताह में 27 जुलाई को BSE SME पर Gulf Lloyds के शेयर लिस्ट होने की उम्मीद है। 28 जुलाई को NSE SME पर Metalic Technoforge की लिस्टिंग होने वाली है। 29 जुलाई को BSE SME पर Shree Balaji Mala के शेयरों की लिस्टिंग हो सकती है। मेनबोर्ड सेगमेंट में 30 जुलाई को NSE और BSE पर Lohia Corp, Indo-MIM और Xtranet Technologies की लिस्टिंग की उम्मीद है। 31 जुलाई को BSE SME पर Silverstorm Parks & Resorts के शेयर लिस्ट हो सकते हैं।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

CM योगी का बड़ा ऐलान, आक्रमणकारियों नहीं, भारत के राष्ट्रनायकों के नाम पर बनेंगे म्यूजियम

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आगरा में समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि जिस आगरा में छत्रपति शिवाजी महाराज ने अपना शौर्य दिखाया था, सपा सरकार वहां मुगल म्यूजियम बना रही थी। हमने कहा, उत्तर प्रदेश की जनता का पैसा किसी आक्रमणकारी के नाम पर म्यूजियम नहीं, बल्कि भारत के राष्ट्रनायकों के नाम पर म्यूजियम बनेगा। छत्रपति शिवाजी महाराज के नाम पर भव्य म्यूजियम के निर्माण का कार्य इस वर्ष के अंत तक पूरा हो जाएगा। सीएम ने कहा कि डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर का एक महत्वपूर्ण नोड आगरा के अंदर विकसित करने जा रहे हैं। 

 

सीएम ने 53 परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया

 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को आगरा में आगरा उत्तर, आगरा ग्रामीण और आगरा दक्षिण विधानसभा क्षेत्रों के लिए 342 करोड़ रुपए से अधिक की 53 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। कार्यक्रम स्थल पर मुख्यमंत्री का स्वागत 'जय श्री राम'  एवं 'भारत माता की जय' के नारों के साथ गदा भेंट कर किया गया। इस दौरान उन्होंने स्कूली छात्रों की प्रदर्शनी का निरीक्षण किया और बच्चों से बातचीत कर उन्हें चॉकलेट्स दी। साथ ही अन्य स्टॉल्स का भी अवलोकन किया। मुख्यमंत्री ने नन्हे शिशुओं को गोद में लेकर दुलारा, उन्हें तिलक लगाया और खिलौने भेंट किए। 

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज मुझे ब्रजभूमि में आगरा की इस पौराणिक और महाराजा सूरजमल की शौर्य एवं पराक्रम की इस धरा पर एक बार फिर से आने का अवसर प्राप्त हुआ है। उन्होंने इस धरा को नमन करते हुए कहा कि जब तीन महीने पहले जब मैं आया था, तब 6,500 करोड़ रुपये की परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास का अवसर मुझे प्राप्त हुआ था। आज एक बार फिर से विधानसभाओं के कार्यक्रम की श्रृंखला में मुझे आगरा की इन तीन विधानसभाओं के साथ संवाद बनाने का अवसर प्राप्त हो रहा है। 

 

आगरा ने 2022 और 2024 में बीजेपी को अपना आशीर्वाद दिया

 

सीएम ने आगरा की जनता जनार्दन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आगरा ने 2022, 2024 में डबल इंजन की भारतीय जनता पार्टी को अपना आशीर्वाद दिया है। इसका परिणाम यह है कि आगरा ने जो सोचा, उससे पहले डबल इंजन सरकार उस योजना को लेकर आगरा के अंदर आ गई। आज आगरा स्मार्ट सिटी के साथ-साथ सेफ सिटी के एक नए मॉडल की तरफ आगे बढ़ रहा है। आगरा का यह मॉडल अभी तीन दिन पहले माननीय उच्चतम न्यायालय के फैसले के बाद तो और भी उसका उज्ज्वल पक्ष हम सबके सामने आया है। 468 औद्योगिक इकाइयों के एनओसी से जुड़े हुए कार्यक्रम टीटीजेड के नाते जो पेंडिंग पड़े हुए थे, उन सबको स्वीकृति मिल गई। यानी अब आगरा में उद्योग लगने से कोई रोकेगा नहीं, कोई रोक भी नहीं पाएगा।

 

आगरा में इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनाने की दिशा में कदम बढ़ा चुके हैं

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि मुझे बताते हुए प्रसन्नता है कि आगरा में हम इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनाने की दिशा में कदम बढ़ा चुके हैं। अब आगरा एक बार ब्रजभूमि के औद्योगिक गतिविधियों का ही नहीं, टूरिज्म के भी एक नए केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है। बेहतरीन कनेक्टिविटी हो गई है। आगरा के अंदर हर प्रकार की कनेक्टिविटी को मजबूती प्रदान करने की दिशा में डबल इंजन सरकार ने जो कार्य प्रारंभ किया, आज वह आप सबके सामने है। पेरू का इंटरनेशनल पोटैटो सेंटर भारत के अंदर कहीं खुलना था, हम लोगों ने कहा कि आगरा में हम जमीन उपलब्ध करवाते हैं, और अब इंटरनेशनल पोटैटो सेंटर ने यहां पर सफलतापूर्वक काम करना प्रारंभ कर दिया है। यहां के अन्नदाता किसानों को लाभ होगा, किसान के उत्पाद को वैल्यू एडिशन मिलेगा, और कई गुना दाम मिलने के बाद अन्नदाता किसानों की आमदनी बढ़ेगी। इससे उनके चेहरे पर खुशहाली आएगी। 

 

ट्रैफिक व्यवस्था को आधुनिक बनाने जैसे कार्य तेजी से आगे बढ़ाए जाएंगे

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्षों से टीटीजेडी के कारण लंबित पड़ी विकास परियोजनाओं को उच्चतम न्यायालय से हरी झंडी मिलने के बाद अब आगरा को स्मार्ट, सेफ और फ्यूचर रेडी सिटी के रूप में विकसित करने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। उन्होंने कहा कि अब शहर में मल्टी लेवल पार्किंग, इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर और ट्रैफिक व्यवस्था को आधुनिक बनाने जैसे कार्य तेजी से आगे बढ़ाए जाएंगे। आगरा के विकास के साथ-साथ किसानों के हितों का भी पूरा ध्यान रखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों द्वारा किसानों की समस्याएं उठाए जाने पर सरकार ने उनका समाधान निकाला है। किसानों को उनकी जमीन का उचित मूल्य मिले, इसके लिए सर्किल रेट बढ़ाने की दिशा में काम किया गया है। उन्होंने कहा कि जहां नए मूल्य के अनुरूप भुगतान संभव नहीं होगा, वहां सरकार किसानों की जमीन का अधिग्रहण नहीं करेगी और किसी भी किसान को नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा।

 

10 नई टाउनशिप विकसित करने को मंजूरी दी गई

 

सीएम ने कहा कि आगरा से आने वाले विकास प्रस्तावों को सरकार प्राथमिकता के आधार पर स्वीकृति दे रही है। इसी क्रम में ग्रेटर आगरा परियोजना के तहत करीब 5,200 करोड़ रुपये की लागत से 10 नई टाउनशिप विकसित करने को मंजूरी दी गई है। इसके अलावा आगरा-ग्वालियर रोड पर 1,500 करोड़ रुपये की लागत से अटलपुरम टाउनशिप विकसित की जा रही है, जहां करीब 10 हजार परिवारों के लिए आवास और व्यावसायिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि शहर में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का कार्य सफलतापूर्वक आगे बढ़ रहा है। साथ ही ओडीओपी और ओडीओसी योजना के तहत आगरा के लेदर उद्योग के बाद अब पेठा को भी वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में सरकार कार्य कर रही है।

 

500 महिलाओं के लिए श्रमजीवी हॉस्टल के निर्माण की घोषणा

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत के संरक्षण पर भी सरकार विशेष ध्यान दे रही है। छत्रपति शिवाजी महाराज के आगरा प्रवास से जुड़ी ऐतिहासिक कोठी के अधिग्रहण को मंजूरी दी गई है। इसके अलावा बटेश्वर धाम, कैलाश मंदिर, गुरु का ताल, गीत गोविंद वाटिका, अटल बिहारी वाजपेयी की जन्मस्थली बटेश्वर, फतेहपुर सीकरी और सौरीपुर जैन तीर्थ के विकास कार्यों को भी आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने यह भी घोषणा की कि आगरा में लोकमाता अहिल्याबाई होलकर की स्मृति में 500 महिलाओं के लिए श्रमजीवी हॉस्टल का निर्माण कराया जाएगा। इसके लिए राज्य सरकार ने स्वीकृति देने के साथ बजट भी जारी कर दिया है। 

 

आगरा में विकास परियोजनाओं पर तेजी से काम हो रहा

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि आगरा में हजारों करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं पर तेजी से काम किया जा रहा है। इन परियोजनाओं में पुल, फ्लाईओवर, सड़कों का चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण, पॉलिटेक्निक, आईटीआई, नए कॉलेज और विश्वविद्यालयों का निर्माण शामिल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले जो प्रदेश में सरकार चला रहे थे, वे सिर्फ अपने विकास में व्यस्त थे। जनता का पैसा सैफई सिंडीकेट की लूट-खसोट और डकैती का माध्यम बन गया था। 

 

सपा और कांग्रेस पर मुख्यमंत्री ने साधा निशाना

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि समाजवादी पार्टी और उससे पहले कांग्रेस सरकारों के कार्यकाल में नौजवानों की नौकरियों में भ्रष्टाचार, गरीबों की योजनाओं में अनियमितता और किसानों के हितों की उपेक्षा हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि इन परिस्थितियों के कारण प्रदेश के युवाओं के सामने पहचान का संकट खड़ा हुआ, किसान आत्महत्या के लिए मजबूर हुए तथा बेटियां और व्यापारी खुद को असुरक्षित महसूस करते थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में डबल इंजन की सरकार बिना रुके, बिना डिगे, बिना थके और बिना किसी भेदभाव के गांव, गरीब, किसान, नौजवान, महिलाओं सहित समाज के प्रत्येक वर्ग के उत्थान और विकास के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

 

यूपी में 9 सालों में 9 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी मिली

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार बिना किसी भेदभाव के गांव, गरीब, किसान, नौजवान, महिलाओं और समाज के हर वर्ग के उत्थान के लिए कार्य कर रही है। पिछले एक वर्ष में केंद्र सरकार ने 12 लाख युवाओं को सरकारी नौकरियां दी हैं, जबकि उत्तर प्रदेश सरकार ने नौ वर्षों में नौ लाख युवाओं को सरकारी सेवाओं में नियुक्ति दी है। अब भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है और आगरा, फिरोजाबाद, मथुरा सहित प्रदेश के सभी जिलों के युवाओं को समान अवसर मिल रहे हैं। अन्यथा इससे पहले सैफई सिंडीकेट उसमें कुंडली मारकर बैठ जाता था। चाचा-भतीजे की जोड़ी वसूली करके उस पूरे कार्यक्रम को इतना विवादित कर देते थे कि पूरा का पूरा अभियान फेल हो जाता था। न्यायालय को स्टे करना पड़ता था। 

 

2017 से पहले के मुख्यमंत्री 12 बजे सोकर उठते थे

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में अब बेटियों और व्यापारियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा। जो भी उनकी सुरक्षा में सेंध लगाने की कोशिश करेगा, उसके लिए केवल दो ही जगह हैं, जेल या जहन्नुम। उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके पास विकास के लिए न समय था, न सोच और न ही जनप्रतिनिधियों तथा जनता से संवाद की इच्छा। जहां पर मुख्यमंत्री 12 बजे सोकर उठता हो, 2 बजे तक तैयार होता हो, 5 बजे जिम चला जाता हो और 7 बजे के बाद अपनी मित्र मंडली के साथ मौज-मस्ती में लिप्त हो जाता हो, वहां का तो भगवान ही मालिक था। पहले प्रदेश के हर जिले में माफिया सक्रिय थे, थाने और तहसीलें गुंडों के प्रभाव में थीं तथा प्रदेश अराजकता, दंगों और कर्फ्यू के माहौल से जूझ रहा था।

 

आज यूपी दंगा, कर्फ्यू और माफियाराज से मुक्त होकर विकास की नई पहचान बन चुका

 

मुख्यमंत्री ने कहा आज उत्तर प्रदेश दंगा, कर्फ्यू और माफियाराज से मुक्त होकर विकास और सुशासन में नई पहचान बना चुका है। प्रदेश में कानून-व्यवस्था बेहतर हुई है और विकास की गति तेज हुई है। आगरा में सैकड़ों करोड़ रुपये की विकास परियोजनाएं इसी विकास यात्रा का हिस्सा हैं। उन्होंने याद दिलाया कि इससे पहले भी आगरा को 6,500 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की सौगात दी जा चुकी है। उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार बुलेट ट्रेन की गति से विकास कार्यों को आगे बढ़ा रही है और आगरा को स्मार्ट, सेफ एंड फ्यूचर रेडी सिटी के रूप में विकसित करने का लक्ष्य लेकर काम किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों के उत्साह की सराहना करते हुए आगरा ग्रामीण, आगरा उत्तरी और आगरा दक्षिण के नागरिकों का आभार व्यक्त किया।

 

 

मुख्यमंत्री ने विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को चेक, टैबलेट व चाबी वितरित किए

 

-राघव शर्मा, डॉली त्यागी और चेतना राणा (स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तीकरण योजना के तहत टैबलेट)

 

-सुनीता (चमड़ा उत्पाद के लिए टूल किट)

 

-सचिन कुमार, राम प्रकाश पचौरी (कृषि यंत्रीकरण योजना के तहत चाबी)

 

-उपासना (प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत चाबी)

 

-योगेश कुमार, मलखान सिंह (आयुष्मान भारत योजना के तहत आयुष्मान कार्ड)

 

-अमित गर्ग (66 लाख रुपए का चेक)

 

-शोभित बंसल, राजकुमार भगत, चित्रा चौहान (10 लाख रुपए का चेक)

 

-पुष्पा, नंद किशोर जैन (50 हजार रुपए का चेक)

 

ये रहे मौजूद 

इस अवसर पर  मंत्री भूपेंद्र चौधरी, प्रदेश की मंत्री बेबी रानी मौर्य,  मंत्री योगेंद्र उपाध्याय, मंत्री धर्मवीर प्रजापति, भारतीय जनता पार्टी के क्षेत्रीय अध्यक्ष पूरनलाल लोधी, महापौर हेमलता दिवाकर, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. मंजू भदौरिया, सांसद नवीन जैन, सांसद राजकुमार चाहर, विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल, धर्मपाल सिंह, डॉ. जी.एस. धर्मेश, चौधरी बाबूलाल, भगवान सिंह कुशवाहा, छोटेलाल वर्मा, रानी पक्षालिका सिंह, विधान परिषद सदस्य विजय शिवहरे, विधान परिषद सदस्य मानवेंद्र प्रताप सिंह, भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष प्रशांत पौनिया, महानगर अध्यक्ष राजकुमार गुप्ता समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।