Himachal Cabinet decisions: आंगनबाड़ी वर्कर्स और वन मित्रों का मानदेय बढ़ाने को मिली कैबिनेट की मंजूरी, 12,000 नई नौकरियों को भी मिली हरी झंडी

Himachal Cabinet decisions: हिमाचल प्रदेश में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में आज कैबिनेट बैठक आयोजित की गई, जिसमें कई अहम फैसले लिए गए। प्रदेशवासियों के लिए सौगातों का पिटारा खोलते हुए सुक्खू सरकार ने राज्य सरकार के लगभग सभी विभागों और सार्वजनिक उपक्रमों में 12,000 पद सृजित करने और उनको भरने की मंजूरी दे दी। साथ ही, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और वन मित्रों का मानदेय बढ़ाने को भी स्वीकृति प्रदान की।

मुख्यमंत्री सुक्खू की अध्यक्षता में हुई बैठक में, कैबिनेट ने जल शक्ति विभाग में पैरा पंप ऑपरेटर, पैरा फिटर और मल्टीपर्पस वर्कर समेत 4,090 पैरा-वर्कर को रखने को मंजूरी दी। कैबिनेट ने सहायक वन रक्षक नियुक्त करने की योजना को भी मंजूरी दी। इससे वन विभाग में 500 पद भरने का रास्ता साफ हो गया। हिमाचल कैबिनेट ने 100 और स्कूलों को सीबीएसई से जोड़ने का फैसला किया, जिसके लिए एक नई स्कीम तैयार की जाएगी। एक बयान में कहा गया कि नई योजना आधारित भर्ती के तहत इन स्कूलों में 3,900 टीचिंग और 900 नॉन-टीचिंग पोस्ट भरने को भी मंजूरी दी गई है।

कैबिनेट ने आंगनवाड़ी वर्कर्स का महीने का मानदेय 10,500 रुपये से बढ़ाकर 11,500 रुपये, आंगनवाड़ी सहायकों का 5,800 रुपये से बढ़ाकर 6,800 रुपये और वन मित्रों का 10,000 रुपये से बढ़ाकर 12,000 रुपये करने को मंजूरी दी। प्रदेश कैबिनेट ने सीमावर्ती क्षेत्रों में तैनात विशेष पुलिस अधिकारियों (SPOs) का मानदेय भी 500 रुपये प्रति महीना बढ़ाएने और 100% डिसेबिलिटी वाले लोगों की महीने की पेंशन 1 अप्रैल, 2026 से बढ़ाकर 3,000 रुपये करने को भी स्वीकृति प्रदान की।

कैबिनेट ने 33 छोटे हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर प्रोजेक्ट्स, जिनमें से हर एक की इंस्टॉल्ड कैपेसिटी 5 MW से कम है, के अलॉटमेंट को कैंसिल करने को मंज़ूरी दी, क्योंकि डेवलपर्स उन्हें आगे बढ़ाने को लेकर सीरियस नहीं थे। कैबिनेट बैठक में कांगड़ा जिले की बोह वैली में आपदा प्रभावित परिवारों को एक विशेष राहत पैकेज देने का फैसला किया। उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की अध्यक्षता में एक उप समिति भी बनाई गई, जो राज्य सरकार के कर्मचारियों के उनके होम डिस्ट्रिक्ट और उसी डिस्ट्रिक्ट के अंदर ट्रांसफर को नियमित करने के लिए पूरी गाइडलाइन्स बनाएगी। कैबिनेट ने एम्बुलेंस लिंक रोड्स के डिजाइन, कंस्ट्रक्शन और सर्टिफिकेशन के लिए गाइडलाइन्स को मंजूरी दी, और उन्हें फॉर्मली एक अलग कैटेगरी के तौर पर मान्यता दी ताकि रोड कनेक्टिविटी को जितना हो सके उतना आसान बनाया जा सके।

महंगाई दर भी आंकड़ों की बाजीगरी

भारतीय रिजर्व बैंक ने ब्याज दर यानी रेपो रेट करीब 44 महीने के बाद की है। बीते 44 महीनों में ब्याज दर या तो स्थिर रही या उसमें कमी की गई। लंबे समय से रेपो रेट 5.25 फीसदी पर स्थिर था, जिसे बढ़ा कर 5.50 फीसदी कर दिया गया है। मौद्रिक नीति समिति यानी एमपीसी की दोमासिक बैठक के बाद जब रेपो रेट बढ़ाने की घोषणा हुई तो मामला सिर्फ 0.25 फीसदी की बढ़ोतरी पर रुक नहीं गया, बल्कि सूत्रों के हवाले से और विशेषज्ञों के आकलन के आधार पर दावा किया गया कि रेपो रेट में अभी और बढ़ोतरी होगी। यहां तक कहा गया कि इसमें एक फीसदी तक की बढ़ोतरी हो सकती है। अगली बैठक दिसंबर में है और उस समय 0.50 फीसदी बढ़ोतरी की बात कही जा रही है।

रेपो रेट बढ़ने और आगे बढ़ते रहने की खबरों का बहुत बड़ा असर गुरुवार, आठ अक्टूबर को शेयर बाजार पर पड़ा। बीएसई का संवेदी सूचकांक एक हजार अंक से ज्यादा गिर गया। निवेशकों के लाखों करोड़ रुपए एक दिन में डूब गए वैसे पिछले नौ हफ्ते से लगातार शेयर बाजार गिर रहा है और करीब 20 लाख रुपए की बाजार पूंजी स्वाहा होने की खबर है।

बहरहाल, रिजर्व बैंक ने रेपो रेट में जो बढ़ोतरी की उसका आधार यह था कि महंगाई बढ़ रही है। सवाल है कि महंगाई कितनी बढ़ रही है? सरकार के आंकड़ों में तो महंगाई इतनी नहीं बढ़ी है कि उसे नियंत्रित करने के लिए रेपो रेट बढ़ाना पड़े!

खुदरा महंगाई का सबसे ताजा आंकड़ा अगस्त है। अगस्त के महीने में खुदरा महंगाई 4.82 फीसदी रही, जो जुलाई में 4.45 फीसदी थी। यह सरकारी आंकड़ा है। सोचें, रिजर्व बैंक ने खुद चार फीसदी की औसत महंगाई दर बनाए रखने का लक्ष्य तय किया। उसके दो से छह फीसदी का लक्ष्य बनाया है। यानी अधिकतम छह फीसदी तक महंगाई होती है तो काम चल सकता है। उससे ज्यादा होने पर मुश्किल होगी। उसके हिसाब से औसत महंगाई चार फीसदी तक रहे तो ठीक है। फिर 4.45 फीसदी या 4.82 फीसदी की महंगाई दर को पैनिक होने की स्थिति नहीं मान सकते हैं। इसका अर्थ है कि इन आंकड़ों से अलग असली आंकड़ा कुछ और है। महंगाई के सरकारी आंकड़ों से अलग असली महंगाई वह है, जिसे लोग महसूस कर रहे हैं पर सरकार बता नहीं रही है।

असली महंगाई की बात करें तो वह सरकार के आंकड़ों से बहुत ज्यादा है। बरसात खत्म हो गई है फिर प्याज की कीमतें 70 रुपए किलो से कम नहीं हैं। यह स्थिति तब है, जब सरकार सस्ता प्याज बिकवाने की बात कर रही है। इसी तरह 31 अक्टूबर तक सरकार ने शुल्क मुक्त चीनी के आयात की अनुमति दी थी फिर भी चीनी की कीमत 70 रुपए किलो से कम नहीं हो रही है। ईंधन की महंगाई चरम पर है। पेट्रोल, डीजल और सीएनजी की कीमतें बेहिसाब बढ़ी हैं, जिससे माल ढुलाई बहुत महंगा हुआ है और खाने पीने की सारी चीजों की कीमत बढ़ गई है। इसके बावजूद महंगाई का आंकड़ा 4.82 फीसदी बताते है। यह हाथी के दिखाने के दांत हैं। असली महंगाई इससे कहीं ज्यादा है। यह वैसे ही है जैसे गर्मियों में बताया जाता है कि तापमान 45 डिग्री है, लेकिन महसूस होने वाला तापमान 52 डिग्री या उससे ज्यादा है। असल में महसूस होने वाली गर्मी कई दूसरे फैक्टर पर निर्भर करती है। वैसे ही महसूस होने वाली महंगाई अलग है और सरकार का आंकड़ा अलग है।

यह इसलिए भी हुआ क्योंकि सरकार ने महंगाई के आकलन का तरीका भी बदल दिया है। अब 2024 की नई सीरीज के आधार पर महंगाई का आकलन हो रहा है। सरकार ने बड़ी होशियारी से खुदरा महंगाई के बास्केट में खाने पीने की चीजों का वजन कम कर दिया। खुदरा महंगाई का आकलन करने वाली पुरानी सीरीज में खाने और पीने की चीजों का वजन 45.86 फीसदी होता था। नई सीरीज में इसे घटा कर 35.75 फीसदी कर दिया है। यानी 11 फीसदी से ज्यादा की कमी की गई है।

सोचें, जिन वस्तुओं का सबसे ज्यादा उपभोग है और जिन वस्तुओं की कीमतें अलग अलग सीजन में अलग अलग कारणों से बहुत बढ़ती रहती है उनके वजन में इतनी बडी कटौती कर दी गई। जाहिर है इससे महंगाई की दर पहले के मुकाबले कम दिखाई देगी। लेकिन लोगों को ज्यादा महसूस होगी क्योंकि खाने पीने की चीजों की कीमतें तो बेतहाशा बढ़ रही हैं। हालांकि भले सरकार इस महसूस होने वाली महंगाई का आंकड़ा नहीं बता रही है लेकिन उसको पता है और इसलिए रेपो रेट में बढ़ोतरी हुई है।

TCS Share Price: अच्छे Q2 नतीजों से IT कंपनी का शेयर 6% तक उछला, अब ब्रोकरेज की क्या राय- बाय, सेल या होल्ड?

IT कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के शेयरों में शुक्रवार, 9 अक्टूबर को दिन में 6% तक की बढ़त दिखी। बीएसई पर शेयर 2204 रुपये के हाई तक गया। कंपनी का मार्केट कैप बढ़कर 7.90 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया है। कंपनी ने एक दिन पहले जुलाई-सितंबर 2026 तिमाही के वित्तीय नतीजे जारी किए थे, जो कि अच्छे रहे। लिहाजा निवेशकों का पॉजिटिव रिस्पॉन्स आ रहा है। तिमाही के दौरान TCS का शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 15% बढ़कर 13,884 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले मुनाफा 12,075 करोड़ रुपये था।

ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 11.2% बढ़कर 73,188 करोड़ रुपये रहा। सितंबर 2025 तिमाही में यह 65,799 करोड़ रुपये था। सितंबर 2026 तिमाही में TCS का EBIT सालाना आधार पर 6% बढ़कर 17,553 करोड़ रुपये और EBIT मार्जिन घटकर 23.98% रहा। कंपनी ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए प्रति शेयर 12 रुपये के दूसरे अंतरिम डिविडेंड का ऐलान किया है।

रिकॉर्ड डेट 14 अक्टूबर है। इस तारीख तक जिन लोगों के नाम शेयरों के लाभार्थी मालिकों के तौर पर रजिस्टर ऑफ मेंबर्स ऑफ द कंपनी या डिपॉजिटरीज के रिकॉर्ड्स में दर्ज होंगे, वे डिविडेंड के हकदार होंगे। डिविडेंड का पेमेंट पात्र शेयरहोल्डर्स को 30 अक्टूबर को किया जाएगा।

6 महीनों में कैसा रहा बिजनेस

अप्रैल-सितंबर 2026 यानि कि वित्त वर्ष 2027 के पहले 6 महीनों के दौरान TCS का ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 1,45,463 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले यह 1,29,236 करोड़ रुपये था। शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा 27,233 करोड़ रुपये दर्ज​ किया गया, जो सितंबर 2025 ​छमाही में 24,835 करोड़ रुपये था।

TCS के शेयर पर ब्रोकरेज की राय

सितंबर तिमाही के नतीजे जारी होने के बाद नोमुरा ने डील बुकिंग से दिख रही संभावनाओं का हवाला देते हुए TCS के शेयर के लिए 2,630 रुपये के टारगेट प्राइस के साथ ‘बाय’ रेटिंग बरकरार रखी है। लेकिन चेतावनी भी दी है कि मैक्रो-इकोनॉमिक अनिश्चितता और री-इनवेस्टमेंट का असर शॉर्ट-टर्म ग्रोथ और मार्जिन पर पड़ सकता है। जेपी मॉर्गन ने 2,300 रुपये के टारगेट प्राइस के साथ ‘ओवरवेट’ रेटिंग बरकरार रखी है। गोल्डमैन सैक्स ने 2,210 रुपये के टारगेट के साथ ‘बाय’ रेटिंग बरकरार रखी है। HSBC ने 2,350 रुपये और CLSA ने 2,038 रुपये के टारगेट के साथ ‘होल्ड’ रेटिंग बरकरार रखी है। सिटी ने सुस्त रेवेन्यू ग्रोथ, मार्जिन पर दबाव और डील मिलने की रफ्तार में कमी का हवाला देते हुए 1,840 रुपये के टारगेट प्राइस के साथ ‘सेल’ रेटिंग बनाए रखी है।

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Market cues : 22000 के मनोवैज्ञानिक लेवल पर भी मंडरा रहा खतरा, 21700 तक फिसल सकता है निफ्टी

Trade setup for today : 8 अक्टूबर को निफ्टी पर मदड़ियों का दबदबा बना रहा। यह 1.64 प्रतिशत गिरा और लगातार एक और सेशन में इसमें गिरावट जारी रही। मोमेंटम इंडिकेटर ‘बेयरिश’ जोन में बने रहे। जबकि इंडेक्स सभी अहम मूविंग एवरेज से काफी नीचे ट्रेड करता रहा। तेल की ऊंची कीमतें, रुपये में कमजोरी, FII की लगातार बिकवाली और इंडिया VIX का 15 के स्तर से ऊपर जाना भी मार्केट सेंटीमेंट पर भारी पड़ा। मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर निफ्टी गुरुवार के 22,180 के निचले स्तर को साफ तौर पर तोड़ता है तो मंदड़िए 22,000 के अहम मनोवैज्ञानिक स्तर को टारगेट कर सकते हैं और उसके बाद निफ्टी अप्रैल 2025 के निचले स्तर 21,700 तक जा सकता है। ऊपर की तरफ,22,400 एक शुरुआती रेजिस्टेंस बन सकता है और उसके बाद 22,600-22,700 का जोन बड़े रेजिस्टेंस का काम कर सकता है।

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

निफ्टी 50 (22,232) के लिए अहम लेवल

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस : 22,497, 22,596 और 22,756

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 22,177, 22,078 और 21,918

निफ्टी स्पेशल फॉर्मेशन

निफ्टी 50 पिछले 18 महीनों के सबसे निचले क्लोजिंग स्तर पर पहुंच गया और डेली टाइमफ्रेम पर एक लंबी लाल कैंडल बनाई,जो बाजार में भारी गिरावट के दबाव का संकेत है। 10, 20, 50, 100 और 200-दिन के EMA सभी नीचे की ओर झुके हुए थे। RSI सुपर-बेयरिश जोन में बना रहा और 30 से गिरकर 27.55 पर आ गया, जबकि MACD सिग्नल लाइन के नीचे रहा और हिस्टोग्राम में एक बढ़ती हुई लाल पट्टी दिखाई दी। कुल मिलाकर ये संकेत लगातार मंदी के रुझान की ओर इशारा करते हैं और बताते हैं कि इंडेक्स पर निकट भविष्य में दबाव बना रह सकता है।

बैंक निफ्टी (54,515) के लिए अहम लेवल

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 54,899, 55,055 और 55,307

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 54,395, 54,239 और 53,987

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 55,897, 57,285

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 54,053, 52,784

बैंक निफ्टी स्पेशल फॉर्मेशन

गुरुवार को 1 प्रतिशत की गिरावट के बाद बैंक निफ्टी पिछले हफ़्ते के क्लोजिंग लेवल के करीब आ गया। बैंकिंग इंडेक्स ने डेली चार्ट पर एक लंबी बेयरिश कैंडल बनाई और सभी अहम मूविंग एवरेज से नीचे बना रहा,जो लगातार बनी कमजोरी को दिखाता है। RSI गिरकर 40 के ज़ोन से नीचे 36.45 पर आ गया,जबकि MACD जो अपनी सिग्नल लाइन की ओर ऊपर की तरफ बढ़ रहा था,सिग्नल लाइन से नीचे ही बना रहा। हालांकि,MACD हिस्टोग्राम लगातार छठे सेशन में भी मंदी के रुझान (बेयरिश मोमेंटम) में कमी दिखाता रहा। कुल मिलाकर ये इंडिकेटर बताते हैं कि मंदी का दबाव बना हुआ है,भले ही यह दबाव धीरे-धीरे कम हो रहा हो।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो (करोड़ रुपए में)

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इंडिया VIX

मार्केट में संभावित उतार-चढ़ाव को मापने वाला इंडिया VIX कल 10.01% बढ़कर 15.275 पर पहुंच गया। यह 11 जून, 2026 के बाद इसका सबसे ऊंचा क्लोजिंग लेवल है। यह सभी अहम मूविंग एवरेज से ऊपर बना हुआ है, जो बुल्स के बीच बढ़ती बेचैनी का संकेत है। 15 के लेवल से ऊपर बने रहने पर बुल्स पर दबाव बना रह सकता है।

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पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 8 अक्टूबर को गिरकर 0.73 पर आ गया, जबकि पिछले सेशन में यह 0.89 था। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।

F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: अंबुजा सीमेंट्स, बंधन बैंक, LIC हाउसिंग फाइनेंस

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: SAIL

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HDFC Bank Share Price: FIIs ने बेची होल्डिंग तो शेयर धड़ाम, ब्रोकरेजेज का ये है रुझान

HDFC Bank Share Price: प्राइवेट सेक्टर के सबसे बड़े लेंडर एचडीएफसी बैंक के शेयरों में आज बिकवाली का भारी दबाव दिखी और इसकी वजह इसका सितंबर तिमाही का शेयरहोल्डिंग पैटर्न है। इसमें सामने आया कि विदेशी निवेशकों (FIIs) ने इसमें अपनी हिस्सेदारी 2.43% कम की और अब जून तिमाही के आखिरी में 41.82% से घटकर सितंबर तिमाही के आखिरी में 39.39% (FIIs Holding in HDFC Bank) तक आ गई। इसने बैंक के शेयरों पर दबाव बढ़ाया और फिलहाल बीएसई पर यह 1.65% की गिरावट के साथ ₹692.20 पर है। इंट्रा-डे में यह 1.79% टूटकर ₹691.20 तक आ गया था।

FIIs vs DII in HDFC Bank: किसकी कितनी होल्डिंग?

सितंबर 2026 तिमाही के आखिरी में एचडीएफसी बैंक में विदेशी निवेशकों यानी FIIs की हिस्सेदारी 2.43 पर्सेंटेज प्वाइंट्स कम होकर 39.39% पर आ गई। वहीं दूसरी तरफ इस दौरान घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) की होल्डिंग 1.69 पर्सेंटेज प्वाइंट्स बढ़कर 43.44% हो गई। इसमें म्यूचुअल फंड्स की 31.88% हिस्सेदारी है तो ₹2 लाख तक के निवेश वाले यानी खुदरा निवेशकों की हिस्सेदारी 10.87% है।

क्या कहना है एक्सपर्ट्स का

एचडीएफसी बैंक के शेयरों में गिरावट ऐसे समय में आई है, जब सीईओ के तौर पर अनूप बागची की नियुक्ति के असर का मार्केट आकलन कर रहा है। अधिकतर ब्रोकरेज फर्म ने उनकी नियुक्ति का सपोर्ट किया है लेकिन कुछ एनालिस्ट्स ने चेतावनी दी कि उन्हें काम संभालने में समय लगेगा।

नुवामा के बीएफएसआई एनालिस्ट हेड आनंद दामा का कहना है कि अनूप को पहले अपनी टीम फिर से बनाने की जरूरत पड़ेगी और फिर एक लंबे समय में वह नए आइडिया ला सकते हैं और गवर्नेंस से जुड़ी चिंताओं को कम करने में मदद कर सकते हैं।

मोतीलाल ओसवाल का कहना है कि अनूप बागची की नियुक्ति से एचडीएफसी बैंक की लीडरशिप से जुड़ी एक बड़ी चिंता दूर हो गई और अनूप बागची का अनुभव एक बड़ी ताकत साबित होगी।

अनूप बागची अभी ICICI प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस के सीईओ हैं और देश के दूसरे सबसे बड़े प्राइवेट बैंक ICICI Bank में सीनियर पदों पर रह चुके हैं, जहां उन्होंने रिटेल और होलसेल बैंकिंग बिजनेस संभाला था। उन्होंने छह साल तक ICICI सिक्योरिटीज को भी लीड किया। उनकी उम्र 56 साल है तो वह लंबे समय तक एचडीएफसी बैंक की कमान संभाल सकते हैं क्योंकि RBI के नियमों के मुताबिक बैंक सीईओ 70 साल की उम्र तक बने रह सकते हैं।

इंडिपेंडेंट एनालिस्ट नीरज दीवान का कहना है कि प्रोविजनल डेटा और एचडीएफसी ग्रुप के बाहर के किसी शख्स को सीईओ की कमान बैंक के लिए पॉजिटिव है लेकिन निवेशक अभी सतर्कता बरत रहे हैं। उनका कहना है कि ऑपरेशनल परफॉर्मेंस पर कुछ और तिमाहियों तक दबाव बना रह सकता है। बैंक ने शनिवार को सितंबर के आखिरी तक अपने डिपॉजिट में लगभग 18.8% और ग्रॉस एडवांस में 16.3% की बढ़ोतरी की जानकारी दी थी।

शेयरों पर क्यों आया दबाव

साल 2023 में अपनी पैरेंट कंपनी एचडीएफसी के साथ विलय के बाद एचडीएफसी बैंक के मार्जिन और ग्रोथ पर असर पड़ा। इसका असर बैंक के शेयरों पर पड़ा और अपने पियर्स के मुकाबले यह कमजोर हुआ। गवर्नेंस से जुड़ी चिंताओं के कारण मार्च में चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती के अचानक इस्तीफे ने भी सेंटीमेंट पर बुरा असर डाला। हालांकि एक स्वतंत्र जांच में उनके दावों की पुष्टि तो नहीं हुई लेकिन शेयरों पर दबाव बना रहा। प्राइस-टू-एडजस्टेड बुक वैल्यू के आधार पर यह स्टॉक अब आईसीआईसीआई बैंक के मुकाबले 25% डिस्काउंट पर है और साल 2025 में अपने रिकॉर्ड हाई पर पहुंचने के बाद से इसमें लगभग 31% की गिरावट आई है।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

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Stocks to Watch: अधिकतर एशियाई बाजारों से कमजोर रुझानों के बीच गिफ्ट निफ्टी से आज घरेलू स्टॉक मार्केट में हल्की ग्रीन शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी फिलहाल 17.00 प्वाइंट्स यानी 0.08% की बढ़त के साथ 22,609.00 पर है। एक कारोबारी दिन पहले 07 अक्टूबर को सेंसेक्स (Sensex) 429.11 प्वाइंट्स यानी 0.59% की गिरावट के साथ 72,638.70 और निफ्टी (Nifty) भी 173.05 प्वाइंट्स यानी 0.76% की फिसलन के साथ 22,603.05 पर बंद हुआ था। अब आज इंडिविजुअल स्टॉक्स की बात करें तो अपनी खास कॉरपोरेट एक्टिविटीज के चलते कुछ स्टॉक्स में तेज हलचल दिख सकती है। यहां इन शेयरों के बारे में डिटेल्स दी जा रही है।

Stocks to Watch: आज इन स्टॉक्स पर फोकस

PC Jeweller Q2 (YoY)

हेल्दी कंज्यूमर डिमांड के दम पर सितंबर तिमाही में सालाना आधार पर पीसी ज्वैलर का कंसालिडेटेड रेवेन्यू 28% बढ़ गया। साथ ही आउटस्टैंडिंग एक्सपोर्ट डेटर्स से इसे ₹142 करोड़ का रेमिटेंस मिला। आउटस्टैंडिंग डेट के रीपेमेंट के साथ कंपनी डेट-फ्री हो गई।

Senco Gold Q2 (YoY)

सितंबर तिमाही में सेंको गोल्ड का टोटल रेवेन्यू सालाना आधार पर 31% और रिटेल रेवेन्यू 29% की रफ्तार से बढ़ा तो सेम-स्टोर सेल्स ग्रोथ 19% रही। डायमंड ज्लैवरी सेल्स वैल्यू 40% बढ़ी तो वॉल्यूम 7% बढ़ा। कंपनी ने ने सितंबर तिमाही में 6 नए शोरूम खोले और अब इसके नेटवर्क में 215 स्टोर हो गए हैं।

Jubilant Foodworks Q2 (YoY)

सितंबर तिमाही में सालाना आधार पर जुबिलैंट फूडवर्क्स का कंसालिडेटेड रेवेन्यू 11.9% बढ़कर ₹2,608.7 और स्टैंडएलोन रेवेन्यू 11.6% उछलकर ₹1,885.8 करोड़ पर पहुंच गया। डोमिनोज इंडिया की लाइक-फार-लाइक ग्रोथ 4.1% रही तो यूरेशिया की ग्रोथ 2.1% नीचे आई। सितंबर तिमाही में कंपनी ने 108 स्टोर जोड़े और अब इसके कुल 3820 स्टोर हो गए। डोमिनोज इंडिया ने 88 स्टोर जोड़े और अब इसके 2601 स्टोर हो गए।

TD Power Systems

टीडी पावर सिस्टम्स ने 7 अक्टूबर को अपना क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशंस प्लेसमेंट (QIP) इश्यू लॉन्च किया, जिसका फ्लोर प्राइस प्रति शेयर ₹775.35 तय किया गया है। CNBC-TV18 की रिपोर्ट के अनुसार सूत्रों का कहना है कि कंपनी इस इश्यू के जरिए ₹600 करोड़ तक जुटाने की कोशिश में है।

Tata Power Company

टाटा पावर ने नॉर्वे की रिन्यूएबल एनर्जी टेक्नोलॉजी कंपनी ओशन सन के साथ नई मेम्ब्रेन-बेस्ड फ्लोटिंग सोलर टेक्नोलॉजी को भारत लाने के लिए साझेदारी की है। इस साझेदारी के तहत टाटा पावर और ओशन सन महाराष्ट्र में टाटा पावर के मुल्शी रिजर्वयार में 300-kWp का फ्लोटिंग सोलर पायलट प्रोजेक्ट शुरू करेंगे।

Godrej Properties

बीएमसी ने गोदरेज प्रॉपर्टीज और आरसी ग्रुप के साथ मिलकर मुंबई के बांद्रा बे में एक लैंडस्केप्ड बे-साइड प्रोमेनेड यानी समुद्र किनारे टहलने की जगह के पहले चरण का ऐलान किया है।

HCL Technologies

एचसीएलटेक, जोहान्सबर्ग ने साउथ अफ्रीका में अपना एक नया रीजनल हेडक्वार्टर शुरू किया है।

Ola Electric Mobility

ओला इलेक्ट्रिक ने प्रति शेयर ₹27 के भाव पर ₹999.73 करोड़ के 37.02 करोड़ राइट्स इक्विटी शेयरों को मंजूरी दी है। राइट्स एंटाइटेलमेंट पाने के लिए रिकॉर्ड डेट 13 अक्टूबर तय की गई है। यह राइट्स इश्यू 22 अक्टूबर को खुलेगा और 30 अक्टूबर को बंद होगा।

RPP Infra Projects

आरपीपी इंफ्रा ने लीजेंड 96 रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट में जॉइंट डेवलपर के तौर पर अपनी हिस्सेदारी से पीछे हटने का फैसला किया है। इसकी वजह मंजूरी मिलने में देरी, फाइनेंसिंग की दिक्कतें, प्रस्तावित सुरक्षा व्यवस्था और रेवेन्यू-शेयरिंग के तय समझौते में प्रस्तावित बदलाव बताई गई है। कंपनी ने विल्स रियल्टर्स को अपना इरादा बता दिया है और डेवलपमेंट और फाइनेंसिंग एग्रीमेंट को खत्म करने और दोनों पक्षों के बीच पेएबल अमाउंट के निपटारे की मांग की है।

ASK Automotive

राजस्थान जीएसटी धिकारियों ने 6 अक्टूबर को राजस्थान के भिवाड़ी में आस्क ऑटोमोटिव की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट में सर्च ऑपरेशन चलाया।

MRF

एमआरएफ की याचिका पर केरल के स्टेट टैक्स के डिप्टी कमिश्नर ने एक रेक्टिफिकेशन ऑर्डर यानी सुधार आदेश जारी किया है, जिसमें कुल टैक्स डिमांड को ₹91.53 करोड़ से घटाकर ₹36.19 करोड़ कर दिया गया है। यह मामला फाइनेंशियल ईयर 2014-15 के लिए सेल्स टैक्स के तहत एक्सपोर्ट क्लीयरेंस और डिक्लेरेशन फॉर्म से जुड़ा है।

Karur Vysya Bank, Indian Overseas Bank, PNB, Indian Bank, Tamilnad Mercantile Bank, BoB

आरबीआई ने रेपो रेट को 25 बीपीएस बढ़ाया तो कुछ बैंकों ने रेपो रेट से जुड़े लेंडिंग रेट को भी बढ़ा दिया है। करूर वैश्य बैंक ने एक्सटर्नल बेंचमार्क रेपो लिंक्ड रेट को 8.55% से 8.80%, इंडियन ओवरसीज बैंक (IOB) ने 8.10% से 8.35%, पीएनबी (पंजाब नेशनल बैंक) ने 8.10% से 8.35, इंडियन बैंक ने 7.95% से 8.20%, तमिलनाड मर्केंटाइल बैंक ने 8.25% से 8.50% और बीओबी (बैंक ऑफ बड़ौदा) ने 5.25% से 5.50% कर दिया है।

JTL Industries, AceVector

गोल्डमैन सैक्स ग्रुप की गोल्डमैन सैक्स इन्वेस्टमेंट्स मॉरीशस I ने जेटीएल इंडस्ट्रीज के 19.71 लाख शेयर (0.5% होल्डिंग) ₹16.16 करोड़ में प्रति शेयर ₹82.03 के भाव पर खरीदे हैं। वहीं गोल्डमैन सैक्स बैंक यूरोप SE ने स्नैपडील की ऐसवेक्टर के 31.17 लाख शेयर (0.59% हिस्सेदारी) ₹9.61 करोड़ में प्रति शेयर ₹29.88 के भाव पर बेच दिए। सितंबर 2026 तक गोल्डमैन सैक्स की ऐसवेक्टर में 1.56% हिस्सेदारी थी।

Jeena Sikho Lifecare

ओरेगानो लाइफ ने प्रति शेयर ₹420.28 के भाव पर ₹29.35 करोड़ में जीना सीखो लाइफकेयर के 6.98 लाख शेयर (0.56% होल्डिंग) बेच दी।

Nityas Gems & Jewellery, Vishal Nirmiti

नित्याज जेम्स एंड ज्वैलरी और विशाल निर्मिति के शेयर आज बीएसई और एनएसई पर लिस्ट होंगे।

Omara, Sollfege, SJP Ultrasonics,EverestIMS, Shree TNB, Dove Soft, Eventions

ओमारा वेंचर्स इंडिया, सोलफेज स्मार्ट इलेक्ट्रॉनिक्स, एवरेस्टआईएमएस टेक, , एसजेपी अल्ट्रासोनिक्स, श्री टीएमबी पॉलीमर्स और डव सॉफ्ट बीएसई एसएमई तो एवेंशंस के शेयर एनएसई एसएमई पर लिस्ट होंगे।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

आरबीआई के बयान से पहले सेंसेक्स 400 अंक लुढ़का

मौद्रिक नीति पर रिजर्व बैंक (आरबीआई) के बयान से पहले बुधवार को घरेलू शेयर बाजारों में शुरुआती कारोबार में गिरावट रही और बीएसई का सेंसेक्स 400 अंक से ज्यादा टूट गया।

सेंसेक्स 102.43 अंक की बढ़त के साथ 72,965.38 अंक पर खुला। खबर लिखे जाते समय यह 444.27 अंक (0.61 प्रतिशत) के नुकसान में 72,676.52 अंक पर रहा। रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति की तीन दिन की बैठक के बाद आज बयान जारी होना है। इससे पहले बाजार में गिरावट देखी जा रही है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 सूचकांक 85.65 अंक नीचे 22,690.45 अंक पर खुला।

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खबर लिखे जाते समय यह 160.40 अंक यानी 0.70 प्रतिशत गिरकर 22,628.75 अंक पर था। वृहत बाजार में भी बिकवाली का जोर है। मीडिया सेक्टर को छोड़कर अन्य सभी सूचकांकों में गिरावट है। टिकाऊ उपभोक्ता उत्पाद, ऑटो, धातु, एफएमसीजी, तेल एवं गैस, आईटी, बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्रों की कंपनियों में बिकवाली ज्यादा हावी रही।

सेंसेक्स की कंपनियों में बजाज फाइनेंस, भारती एयरटेल और इटरनल को छोड़कर अन्य सभी कंपनियों के शेयर लाल निशान में हैं। टाइटन का शेयर करीब चार प्रतिशत नीचे है। एशियन पेंट्स, बीईएल, एक्सिस बैंक और मारुति सुजुकी के शेयर फिलहाल एक से डेढ़ फीसदी के बीच गिरावट में हैं।

Pic Credit : UNI

ढहते मार्केट में 20% के अपर सर्किट पर शेयर, Q1 में मुनाफा और रेवेन्यू डबल तो आया जोश

Kanohar Electricals Q1 Result: लिस्टिंग के बाद पहली बार रिजल्ट पेश करने के बाद कनोहर इलेक्ट्रिकल्स के शेयर रॉकेट बन गए। ऐसे समय में, जब मार्केट में अफरा-तफरी मची थी, इसके शेयरों ने आज जून तिमाही में रेवेन्यू और मुनाफा के डबल होने का जश्न मनाया और 20% के अपर सर्किट पर पहुंच गया। कंपनी ने एक कारोबारी दिन पहले शाम में कारोबारी नतीजे पेश किए थे और अब आज मार्केट खुला तो शेयर उछल पड़े। फिलहाल बीएसई पर यह 15.84% की बढ़त के साथ ₹1090.25 (Kanohar Share Price) पर है। इंट्रा-डे में यह 20% के अपर सर्किट ₹1,129.35 पर पहुंचा था जो इसके शेयरों के लिए रिकॉर्ड हाई लेवल भी है।

Kanohar Electricals Q1 Result: खास बातें

कनोहर इलेक्ट्रिकल्स के लिए इस वित्त वर्ष 2027 की शुरुआत धमाकेदार रही और इसका मुनाफा-रेवेन्यू दोगुने से अधिक रफ्तार से बढ़ गया। वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही अप्रैल-जून 2026 में कंपनी का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 140.0% उछलकर ₹27.3 करोड़ और ऑपरेशंस से रेवेन्यू 103.5% बढ़कर ₹137.1 करोड़ पर पहुंच गया। ऑपरेटिंग लेवल पर भी कंपनी का परफॉरमेंस दमदार रहा और EBITDA इस दौरान 152.2% बढ़कर ₹38.8 करोड़ और ईबीआईटीडीए मार्जिन 22.8% से 28.3% पर पहुंच गया। जून 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी का ऑर्डर बुक तिमाही आधार पर 11% बढ़कर ₹2026.0 करोड़ पर पहुंच गया, जिसमें से 88.4% ऑर्डर गवर्नमेंट सेक्टर से हैं।

अब तक कैसी रही शेयरों की चाल

कनोहर इलेक्ट्रिकल्स के शेयरों ने कम समय में ही निवेशको की ताबड़तोड़ कमाई कराई है, वह भी ऐसे समय में, जब मार्केट में कोहराम मचा हुआ था। पिछले महीने 16 सितंबर 2026 को बीएसई पर यह महज ₹672.05 के भाव पर था, जोकि इसके शेयरों के लिए रिकॉर्ड निचला स्तर है। इस निचले स्तर से एक ही महीने में यह 68.06% उछलकर आज 7 अक्टूबर 2026 को ₹1,129.35 पर पहुंच गया जोकि इसके शेयरों के लिए रिकॉर्ड हाई लेवल है। इस दौरान निफ्टी डेढ़ फीसदी से अधिक नीचे आया।

कनोहर इलेक्ट्रिकल्स के शेयरों की पिछले महीने 16 सितंबर को एंट्री हुई थी। इसके ₹1056 करोड़ के आईपीओ के तहत निवेशकों को ₹632 के भाव पर शेयर जारी हुए थे और निवेशकों को 8% तक का लिस्टिंग गेन मिला।

Vans Electro IPO Listing: ₹140880 का मुनाफा हर लॉट में, ₹118 के शेयर धांसू लिस्टिंग के बाद अपर सर्किट पर

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।