Sensex लगातार दूसरे दिन लाल, एक्सपायरी को Nifty 24056 पर बंद, डूबे निवेशकों के ₹3.46 लाख करोड़

Sensex-Nifty closes red: उम्मीद से बेहतर जीडीपी ग्रोथ और निचले स्तर पर वैल्यू बाइंग से मार्केट में तेज रिकवरी आई लेकिन फिर कच्चे तेल के उबाल और बैंकिंग शेयरों की बिकवाली का दबाव अधिक भारी पड़ गया। इस दबाव में डे-हाई से सेंसेक्स 576 प्वाइंट्स टूट गया तो निफ्टी भी फिसलकर 24000 के नीचे आ गया। ब्रोडर लेवल पर मिडकैप स्पेस में अधिक दबाव दिखा। निफ्टी स्मॉलकैप 100 आज 0.25% कमजोर हुआ तो निफ्टी मिडकैप 100 भी 1.39% की गिरावट के साथ बंद हुआ।

सेक्टरवाइज एफएमसीजी और आईटी सेक्टर ने मार्केट को संभालने की काफी कोशिश की जिनके निफ्टी इंडेक्स करीब 1% मजबूत हुए। हालांकि ऑटो, बैंकिंग और फार्मा स्टॉक्स का दबाव अधिक भारी पड़ गया। निफ्टी फार्मा आज करीब डेढ़ फीसदी तो निफ्टी ऑटो और निफ्टी पीएसयू बैंक 1% से अधिक और निफ्टी प्राइवेट बैंक करीब 1% कमजोर हुआ। बिकवाली की इस आंधी में आज BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप ₹3 लाख करोड़ से अधिक गिर गया।

अब इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो महीने के पहले कारोबारी दिन आज 1 सितंबर निफ्टी की वीकली एक्सपायरी को सेंसेक्स (Sensex) 12.99 प्वाइंट्स यानी 0.02% की मामूली फिसलन के साथ 76,944.28 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 24.60 प्वाइंट्स यानी 0.10% की कमजोरी के साथ 24,055.80 पर बंद हुआ है।

इंट्रा-डे में आज सेंसेक्स और निफ्टी में काफी उठा-पटक दिखी। पहले तो सेंसेक्स 193.01 प्वाइंट्स गिरकर 76,764.26 तक आया था, जिससे फिर यह 467.61 प्वाइंट्स रिकवर होकर 77,231.87 के हाई तक पहुंचा लेकिन फिर इस हाई से यह 575.75 प्वाइंट्स टूटकर 76,656.12 तक आ गया। वहीं निफ्टी भी 70.90 प्वाइंट्स टूटकर 24,009.50 तक आया था, जिससे यह फिर 133.65 प्वाइंट्स ऊपर चढ़कर 24,143.15 तक पहुंचा था लेकिन फिर इस हाई लेवल से यह 190.60 प्वाइंट्स टूटकर 23,952.55 तक आ गया।

डूबे निवेशकों के ₹3.46 लाख करोड़

एक कारोबारी दिन पहले यानी 31 अगस्त 2026 को बीएसई पर लिस्टेड सभी शेयरों का कुल मार्केट कैप ₹4,91,58,204.57 करोड़ था। आज यानी 1 सितंबर 2026 को यह घटकर ₹4,88,11,607.93 करोड़ पर आ गया। इसका मतलब हुआ कि निवेशकों की पूंजी में आज ₹3,46,596.64 करोड़ की गिरावट आई है।

Sensex के 13 स्टॉक्स ग्रीन

सेंसेक्स पर 30 शेयर लिस्टेड हैं जिसमें 13 आज ग्रीन रहे। दिन के आखिरी में आज आईटीसी, एचसीएलटेक और इंफोसिस सबसे अधिक बढ़त के साथ बंद हुए तो दूसरी तरफ मारुति, एसबीआई और इंडिगो में सबसे अधिक गिरावट रही। नीचे सेंसेक्स पर लिस्टेड सभी शेयरों के लेटेस्ट भाव और आज उतार-चढ़ाव की डिटेल्स देख सकते हैं-

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Share Market Rally: रक्षाबंधन को 358 प्वाइंट्स चढ़ा Sensex, इन 4 वजहों से Nifty भी मजबूत

Share Market Rally: अधिकतर एशियाई बाजारों में रौनक और आईटी सेक्टर में खरीदारी के मजबूत रुझानों पर सवार घरेलू स्टॉक मार्केट में भी जोश आ गया। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 358 प्वाइंट्स उछल पड़ा तो निफ्टी भी चढ़कर 24150 के पार चला गया। ब्रोडर लेवल पर भी मार्केट में रौनक है और निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 मजबूत हुए हैं। अब इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो फिलहाल 10:08 AM पर सेंसेक्स (Sensex) 302.45 प्वाइंट्स यानी 0.39% की बढ़त के साथ 77,236.04 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 61.00 प्वाइंट्स यानी 0.25% के उछाल के साथ 24,151.85 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 357.86 प्वाइंट्स उछलकर 77,291.45 और निफ्टी भी 75.40 प्वाइंट्स चढ़कर 24,166.25 तक पहुंच गया था।

Share Market Rally: ये है वजह

IT Sector से मजबूत सपोर्ट

मार्केट को आज आईटी सेक्टर से शानदार सपोर्ट मिला है। इसका निफ्टी इंडेक्स करीब 3% उछल पड़ा। इसे दक्षिण कोरिया के टेकहैवी इंडेक्स कोस्पी की तेज गिरावट से सपोर्ट मिला है। आमतौर पर एआई से जुड़े स्टॉक्स में गिरावट से आईटी स्टॉक्स को सपोर्ट मिलता है। हालांकि दूसरी तरफ बैंकिंग शेयर मार्केट पर दबाव डाल रहे हैं लेकिन सरकारी बैंकों और प्राइवेट बैंकों के निफ्टी इंडेक्स में गिरावट हल्की ही है।

India VIX में नरमी

मार्केट की घबराहट को मापने वाले वोलैटिलिटी इंडेक्स इंडिया विक्स में नरमी से मार्केट को सपोर्ट मिला। फिलहाल यह 1.08% की गिरावट के साथ 10.95 पर है। इसके अधिक होने का मतलब शॉर्ट टर्म में वोलैटिलिटी बढ़ने की आशंका और कम होने का मतलब शॉर्ट टर्म में उठा-पटक कम होने की संभावना है।

एशियाई बाजारों में रौनक

घरेलू मार्केट को आज अधिकतर एशियाई बाजारों में रौनक से सपोर्ट मिला है। ताइवान के ताइवान वेटेड और जापान के निक्केई 225 में करीब 1-1% की बढ़त है तो सिंगापुर के स्ट्रैट टाइम्स और इंडोनेशिया के जकार्ता कंपोजिट में भी अच्छी बढ़त है। वहीं दक्षिण कोरिया को कोस्पी में 1% से अधिक तो थाईलैंड के सेट कंपोजिट में आधे फीसदी की गिरावट है।

Nifty का टेक्निकल आउटलुक

ब्रोकरेज फर्म बजाज ब्रोकिंग के मुताबिक निफ्टी 24,000-24,350 की रेंज में रह सकता है, जब तक कि यह 24,360 के ऊपर बंद न हो जाए। इस स्तर के ऊपर जाने यानी ब्रेकआउट से रिकवरी 24,550-24,700 तक बढ़ सकती है। शॉर्ट-टर्म में इसे 24,000-23,800 के लेवल पर सपोर्ट मिल रहा है।

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HDFC Bank में CEO पद को लेकर हलचल बढ़ी, RBI गवर्नर से मिले चेयरमैन राजीव कुमार

HDFC Bank CEO Appointment: देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंक HDFC Bank के एमडी और सीईओ शशिधर जगदीशन का मौजूदा कार्यकाल 26 अक्टूबर 2026 को खत्म हो रहा है। अब इसमें दो महीने से थोड़ा ज्यादा समय बचा है। इसी बीच बैंक के चेयरमैन राजीव कुमार ने पिछले हफ्ते RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा से मुलाकात की है।

सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक में सबसे अहम बात जगदीशन के अगले कार्यकाल को लेकर हुई। RBI यह समझना चाहता है कि बैंक बोर्ड जगदीशन को दोबारा एमडी और सीईओ बनाने के पक्ष में है या नहीं।

बोर्ड में जगदीशन के नाम पर कितनी सहमति?

RBI यह भी जानना चाहता था कि राजीव कुमार के चेयरमैन बनने के बाद बोर्ड में किसी दूसरे नाम पर भी चर्चा हुई है या नहीं। एक वरिष्ठ सूत्र ने कहा कि अभी तक HDFC Bank बोर्ड ने एमडी और सीईओ की नियुक्ति को लेकर RBI को कोई सिफारिश नहीं भेजी है।

RBI अब जल्द फैसला चाहता है

राजीव कुमार 30 जून 2026 को HDFC Bank के बोर्ड में शामिल हुए थे। इसके बाद से RBI अधिकारियों के साथ उनकी यह चौथी औपचारिक बातचीत बताई जा रही है।

शुरुआत में RBI ने बोर्ड को कुछ समय दिया। इसकी वजह यह थी कि राजीव कुमार ने 15 जुलाई को औपचारिक रूप से चेयरमैन का पद संभाला था। अब उन्हें पद संभाले करीब एक महीना हो चुका है। ऐसे में RBI चाहता है कि बैंक के नेतृत्व को लेकर तस्वीर जल्द साफ हो।

आमतौर पर छह महीने पहले शुरू हो जाती है प्रक्रिया

बैंकों में आम तौर पर एमडी और सीईओ का कार्यकाल खत्म होने से करीब छह महीने पहले दोबारा नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू हो जाती है। बोर्ड अपनी सिफारिश RBI को भेजता है।

अगर नया सीईओ चुनना हो, तो पसंदीदा उम्मीदवारों के नाम आम तौर पर कार्यकाल खत्म होने से कम से कम चार महीने पहले RBI को भेजे जाते हैं।

HDFC Bank का मामला इसलिए अलग दिख रहा है। जगदीशन का कार्यकाल खत्म होने में अब करीब दो महीने बचे हैं। लेकिन बोर्ड ने अभी तक RBI को कोई नाम नहीं भेजा है।

जगदीशन के सामने क्या संभावनाएं?

पहले की रिपोर्टों के मुताबिक, इस पद को लेकर चार संभावनाएं हैं। जगदीशन को फिर से तीन साल का कार्यकाल मिल सकता है। उन्हें इससे छोटा कार्यकाल भी दिया जा सकता है। बैंक बोर्ड किसी दूसरे आंतरिक उम्मीदवार का नाम भी भेज सकता है।

इसके अलावा किसी बाहरी उम्मीदवार के नाम पर भी विचार हो सकता है। यानी फिलहाल यह तय नहीं है कि अक्टूबर के बाद HDFC Bank की कमान किसके हाथ में होगी।

AT-1 बॉन्ड मामले पर भी बात

RBI गवर्नर और राजीव कुमार की बातचीत सिर्फ सीईओ की नियुक्ति तक सीमित नहीं रही। सूत्रों के मुताबिक, AT-1 बॉन्ड की मिस-सेलिंग से जुड़े मामले पर भी चर्चा हुई।

कुछ नाराज बॉन्डधारक इस मामले को लेकर बहरीन में कानूनी कार्रवाई कर रहे हैं। RBI इस मामले को लेकर भी बैंक की स्थिति समझना चाहता है।

कुछ महीनों में बदला बैंक का नेतृत्व

HDFC Bank में पिछले कुछ महीनों में नेतृत्व स्तर पर काफी बदलाव हुए हैं। पूर्व चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती ने मार्च में अचानक बोर्ड छोड़ दिया था।

इसके बाद नॉन-एग्जीक्यूटिव बोर्ड सदस्य केकी मिस्त्री को अंतरिम चेयरमैन बनाया गया। करीब तीन महीने की तलाश के बाद राजीव कुमार को नया नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरमैन चुना गया। उन्हें पहले अतिरिक्त निदेशक बनाया गया था। RBI की मंजूरी के बाद 15 जुलाई को उन्होंने चेयरमैन का पद संभाला।

HDFC Bank का शेयर बुधवार को 0.02% की मामूली गिरावट के साथ 727.35 रुपये पर बंद हुआ। हालांकि, पिछले 1 साल में यह 25.28% टूट चुका है।

AI डेटा सेंटर से बिजली की मांग बढ़ेगी, इन 3 शेयरों पर एक्सपर्ट की नजर

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Share Market Crash: मजबूत एशियाई संकेतों के बावजूद Sensex लाल, 4 वजहों से आया Nifty आया 24300 के करीब

Share Market Crash: विदेशी निवेशकों की ताबड़तोड़ बिकवाली और लगातार दूसरे महीने आरबीआई के टारगेट रेंज से अधिक महंगाई की रफ्तार ने आज मार्केट पर तेज दबाव बनाया। वैश्विक मार्केट से मिले-जुले रुझानों के बीच सेंसेक्स 250 प्वाइंट्स से अधिक टूट गया तो निफ्टी भी फिसलकर 24300 के करीब आ गया। हालांकि ब्रोडर लेवल पर भी रुझान मिला-जुला है। निफ्टी मिडकैप 100 पर फिलहाल बिकवाली का दबाव है लेकिन निफ्टी स्मॉलकैप 100 ग्रीन है। अब घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो फिलहाल 09:45 AM पर सेंसेक्स (Sensex) 159.82 प्वाइंट्स यानी 0.20% की गिरावट के साथ 77,806.53 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 90.25 प्वाइंट्स यानी 0.37% की फिसलन के साथ 24,345.70 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 256.72 प्वाइंट्स टूटकर 77,709.63 और निफ्टी 119.65 प्वाइंट्स गिरकर 24,316.30 तक आ गया था।

Share Market Crash: ये है वजह

महंगाई की तेज रफ्तार

जुलाई में महंगाई 19 महीने के ऊपरी स्तर पर पहुंच गई है। लगातार चौथे महीने इसमें इजाफा हुआ है और लगातार दूसरे महीने यह आरबीआई के 2-4% के टारगेट रेंज से ऊपर रहा। जुलाई में रिटेल महंगाई दर मासिक आधार पर 4.38% से बढ़कर 4.45% पर रही है। खाने-पीने की चीजों ने महंगाई बढ़ाई है।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली

एक कारोबारी दिन पहले 12 अगस्त को विदेशी निवेशकों ने इक्विटी मार्केट में खरीदारी से अधिक बिकवाली की जिसका दबाव आज मार्केट में दिख रहा है। विदेशी निवेशकों ने ₹1002.50 करोड़ के शेयरों की नेट बिक्री की।

बैंकिंग स्टॉक्स में बिकवाली का दबाव

मार्केट को आज बैंकिंग शेयरों में बिकवाली का दबाव झेलना पड़ा है। सरकारी और प्राइवेट, दोनों सेक्टर्स के बैंकों के निफ्टी इंडेक्स में आधे-आधे फीसदी से अधिक की गिरावट है तो निफ्टी मेटल और निफ्टी फार्मा में भी आधे फीसदी की गिरावट है। निफ्टी ऑटो फिलहाल ग्रीन है लेकिन इसमें बढ़त आधे फीसदी से कम ही है।

Sensex की वीकली एक्सपायरी

सेंसेक्स के इंडेक्स डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स की आज वीकली एक्सपायरी है तो इसका मार्केट पर दबाव दिख रहा है।

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Retail Inflation : लगातार चौथे महीने महंगाई बढ़ी, रिटेल इंफ्लेशन जुलाई में 4.45% हुई; RBI के लिए बढ़ेगी मुश्किल

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Top Trading Picks : कमजोर बाजार में भी करनी है अच्छी कमाई तो इन दो शेयरों पर लगाएं दांव

Top Trading Picks : 11 अगस्त को ग्लोबल मार्केट से मिल रहे कमजोर संकेतों और बैंकिंग शेयरों पर दबाव के कारण भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स गिरावट के साथ खुले हैं। सुबह 9:45 बजे के आसपास सेंसेक्स 341.60 अंक या 0.43% गिरकर 78,200.84 पर और निफ्टी 98.40 अंक या 0.40% गिरकर 24,485.40 पर दिख रहा था। ऐसे में मार्केट ट्रेंड पर बात करते हुए manasjaiswal.com के मानस जायसवाल ने कहा कि पिछले हफ्ते सोमवार को निफ्टी ने एक ट्रायंगुलर फॉर्मेशन का ब्रेकआउट दिया था। उसके बाद अगले पांच सेशन से हमें कंसोलिडेशन देखने को मिल रहा है। लेकिन ध्यान रखें की यह कंसोलीडेशन 10 डे मूविंग एवरेज के ऊपर और जो ट्रायंगुलर फॉर्मेशन था उसके अपर बैंड के ऊपर हो रहा है। ऐसे में अभी तक का ट्रेंड पॉजिटिव लग रहा है।

जब तक निफ्टी 24,350 के आसपास स्थित 20 डे मूविंग एवरेज के ऊपर ट्रेड करता रहेगा, मार्केट का ट्रेंड पॉजिटिव बना रहेगा। इसलिए अपनी लॉन्ग पोजीशन में बने रहें। हालांकि यह भी सही है कि कंसोलिडेशन हो रहा है, इसलिए फ्रेश खरीदारी आपको केवल 24,700 के ऊपर ही करनी है। अगर 24,700 का आंकड़ा ब्रेक हुआ तो निफ्टी 25,300 की तरफ जाने की कोशिश करेगा। बाजार का ओवरऑल ट्रेंड पॉजिटिव बना हुआ है। पोजीशन को 24,350 के स्टॉप लॉस के साथ होल्ड करना चाहिए।

बैंक निफ्टी ट्रेंड

बैंक निफ्टी में भी कंसोलिडेशन देखने को मिल रहा है और यहां पर भी कंसोलिडेशन 20 डे मूविंग एवरेज के ऊपर हो रहा है। ऐसे में जब तक बैंक निफ्टी 57300 के ऊपर ट्रेड करता रहेगा ट्रेंड पॉजिटिव बना रहेगा। फ्रेश खरीदारी करनी है तो थोड़ा वेट कर लें। 58100 58100 के ऊपर ही खरीदारी करें। अगर ये लेवल पार हो गए तो उसके ऊपर करीब 1200 से 1300 अंक की तेजी देखने को मिल सकती है।

मानस जायसवाल की टॉप पिक्स

मानस जायसवाल ने कहा कि बाजार में काफी अपॉर्चुनिटीज़ हैं। अगर आप स्टॉक स्पेसिफिक देखें तो सबसे पहला रिकमेंडेशन बीएसई है। बीएसई का शेयर लोअर टॉप लोअर बॉटम बना रहा था। लेकिन कल इसमें कुछ रिवर्सल के साइन देखने को मिले हैं। कैंडलस्टिक चार्ट पर मॉर्निंग स्टार पैटर्न बना है। आरएसआई में भी पॉजिटिव डायवर्जन देखने को मिला। बीएसई शेयर एक बाउंस बैक के लिए तैयार दिख रहा है। इस स्टॉक में करंट लेवल के आसपास, 3549 रुपए के स्टॉप लॉस के साथ, 3700 रुपए के पहले और 3700 रुपए के दूसरे टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह होगी।

मानस जायसवाल का आज का दूसरा पसंदीदा स्टॉक है DMART। इस स्टॉक में भी हायर टॉप, हायर बॉटम्स का कंफर्मेशन मिला है। स्टॉक अपने 10-20 डे मूविंग एवरेज के ऊपर निकला है। यहां पर भी एक बाउंस बैक की उम्मीद दिख रही है। इस शेयर में 3974 रुपए के स्टॉपलॉस के साथ, 4200 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह होगी।

 

 

Market Trend : ब्रेंट क्रूड की बढ़ती कीमत बाजार के लिए सबसे बड़ा निगेटिव फैक्टर, आज इन दो शेयरों में हो सकती है बंपर कमाई

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Trading Plan: ICICI सिक्योरिटीज के जय ठक्कर से जाने आज कैसी रह सकती है बाजार की चाल, क्या हो कमाई की रणनीति

Trading Plan: आने वाले सेशन में निफ्टी 50 के 24,500-24,650 की सीमित रेंज में ट्रेड करने की संभावना है। हालांकि,इंडेक्स की अंदरूनी मजबूती बनी हुई है और यह अपने 200-डे EMA, 21 डे EMA और 24,482 के ब्रेकआउट जोन के ऊपर ट्रेड कर रहा है। अगर इंडेक्स इस रेंज से नीचे गिरता है,तो अगला डाउनसाइड टारगेट 24,400 हो सकता है। ऊपर की तरफ,24,700-24,800 का जोन रेजिस्टेंस का काम करेगा।

उधर बैंक निफ्टी के लिए 57,500 का लेवल एक अहम सपोर्ट का काम कर सकता है। अगर यह लेवल टूटता है और इसमें बड़ी गिरावट आती है तो और बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है। ऊपर की तरफ इसके लिए 58,100-58,250 का जोन रेजिस्टेंस का काम करेगा। बाजार जानकारों का कहना कि अगर बैंक निफ्टी इस रेंज से ऊपर जाता है तो 58,500 और उसके बाद 58,700 तक के लेवल देखने को मिल सकते हैं।

निफ्टी आउटलुक और रणनीति

ICICI सिक्योरिटीज के वाइस प्रेसिडेंट और हेड ऑफ डेरिवेटिव्स एंड क्वांट रिसर्च,जय ठक्कर का कहना है कि सोमवार को वीकली सेटलमेंट से पहले आखिरी ट्रेडिंग सेशन में निफ्टी लगभग सपाट बंद हुआ,लेकिन कुल मिलाकर स्थिति पॉजिटिव दिख रही है। डेली क्लोजिंग अब लगभग सामान्य हो गई है और इम्प्लाइड वोलैटिलिटी भी कम हुई है,जो एक अच्छी बात है। पिछली वीकली एक्सपायरी में दोपहर 3:15 बजे तक कोई ‘थीटा डिके'(समय बीतने के साथ ऑप्शन की कीमत में कमी)नहीं हुआ क्योंकि क्लोजिंग प्राइस को लेकर अनिश्चितता थी,लेकिन पिछले कुछ दिनों के आंकड़े बताते हैं कि दोपहर 3:15 बजे और 3:30 बजे के बीच का अंतर कम हुआ है,जो एक अच्छा संकेत है।

ऑप्शन डेटा से पता चलता है कि शॉर्ट-टर्म रिवर्सल 24,200 से 24,000 के लेवल पर है, जो कुल पुट बेस है। वहीं,24,600-24,800 का जोन रेसिस्टेंस का काम कर रहा है,क्योंकि वीकली एक्सपायरी के लिए यहां सबसे ज्यादा कॉल बेस है और यह 200 DMA के भी करीब है। अगर निफ्टी इसके ऊपर जाता है तो इसके 25,000 की ओर बढ़ने की संभावना है,जहां कुल मिलाकर सबसे ज्यादा कॉल बेस है।

इन बातों को ध्यान में रखकर देखें तो निफ्टी की शॉर्ट टर्म रेंज 24,200-24,800 पर दिख रही है। इसके बाद 24,000-25,000 का लेवल है। इंडिया VIX स्थिर हो गया है और इक्विटी कैश सेगमेंट और इंडेक्स फ्यूचर्स,दोनों में FIIs की तरफ से बिकवाली का दबाव भी कम हुआ है।

मिडिल ईस्ट में जियोपॉलिटिकल तनाव कम होने और इंटरनेशनल क्रूड ऑयल की कीमतें घटने से भारतीय इक्विटी मार्केट के लिए अच्छे संकेत मिल रहे हैं। इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए निफ्टी के लिए शॉर्ट-टर्म में नजरिया पॉजिटिव बना हुआ है।

अहम रेजिस्टेंस: 24,600, 24,800

अहम सपोर्ट: 24,200, 24,000

स्ट्रैटेजी: वर्तमान भाव पर निफ्टी फ्यूचर्स खरीदें और 24,400 के आस-पास गिरावट आने पर और खरीदारी करें। क्लोजिंग बेसिस पर 24,200 के नीचे स्टॉप-लॉस रखें और 24,800 और 25,000 का टारगेट रखें।

बैंक निफ्टी आउटलुक और रणनीति

जय ठक्कर का कहना है कि प्राइवेट सेक्टर के बैंकों के नतीजों और हाल ही में बढ़े जियो-पॉलिटिकल तनाव (जिससे ब्याज दरें बढ़ने का डर पैदा हुआ था) के बाद से बैंक निफ्टी कंसोलिडेशन मोड में आ गया है। हालांकि,अमेरिका से नौकरियों और महंगाई को लेकर आए अच्छे मैक्रो डेटा,जियो-पॉलिटिकल तनाव में कमी और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट ने बैंकिंग शेयरों में आ रही गिरावट को रोकने में मदद की है।

ऑप्शंस डेटा से पता चलता है कि 58,000 का स्ट्राइक अहम है क्योंकि यहां सबसे ज्यादा कॉल और पुट बेस है। ऐसे में इसके ऊपर जाने पर इंडेक्स पॉजिटिव हो जाएगा। ऐसा होने तक यह कंसोलिडेट होता रह सकता है। चूंकि हाल ही में काफी कंसोलिडेशन हुआ है और ओवरऑल मार्केट की स्थिति भी पॉजिटिव है,इसलिए ऐसा लगता है कि इंडेक्स में ऊपर की ओर ब्रेकआउट होगा,जिससे यह 59,000 और 60,000 के लेवल तक पहुंच सकता है।

नीचे की तरफ बैंक निफ्टी के लिए 57,000 पर तत्काल सपोर्ट है क्योंकि 58,000 स्ट्राइक के बाद यहीं सबसे ज्यादा पुट बेस है।

अहम रेजिस्टेंस: 58,000

अहम सपोर्ट: 57,000

स्ट्रैटेजी: 58,000 के ऊपर बैंक निफ्टी अगस्त फ्यूचर्स खरीदें। स्टॉप-लॉस 57,000 के नीचे रखें और टारगेट 59,000 और 60,000 पर सेट करें।

 

 

Market cues : मोमेंटम इंडिकेटर दे रहे कंसोलीडेशन जारी रहने के संकेत, 24500-24700 का दायरा टूटने पर ही आएगी तेजी

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Market Trend : सेंसेक्स की वीकली एक्सपायरी के दिन बाजार में हल्की बढ़त, जानिए इंडेक्स और स्टॉक्स में आज कहां होगी कमाई

Market Trend : 6 अगस्त के शुरुआती कारोबार में भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स में हल्की बढ़त के साथ कारोबार हो रहा है। सुबह 10:30 बजे के आसपास सेंसेक्स 155 अंक या 0.20 प्रतिशत बढ़कर 78,740 के आसपास और निफ्टी 10 अंक बढ़ कर 24,630 के आसपास दिख रहा था। सेक्टर के हिसाब से देखें तो मीडिया इंडेक्स 0.7% नीचे था और फार्मा इंडेक्स 0.5% ऊपर था। ऐसे में बाजार की रणनीति पर बात करते हुए सीएनबीसी-आवाज के वीरेंद्र कुमार ने कहा कि निफ्टी के लिए पहला रेजिस्टेंस 24680-24740 पर और बड़ा रेजिस्टेंस 24766-24788/24817 पर है। इसके लिए पहला बेस 24481-24529 पर और बड़ा बेस 24389-24461 पर है।

कल बाजार रेजिस्टेंस-1 और बेस-1 के बीच सीमित दायरे में रहा। बाजार अब भी CAS के बदलाव को पचा रहा है,कल एडजस्टमेंट सामान्य रहे। FIIs की कैश में बिकवाली रही। इंडेक्स में नई शॉर्ट पोजिशन जुड़ी। नेट शॉर्ट बढ़कर 1.59 लाख पर रहे। इसमें 5500 कॉन्ट्रैक्ट जुड़े। ग्लोबल संकेत फ्लैट है। ऊपरी स्तर से US बाजार फिसले हैं। नैस्डैक में कमजोरी रही। आज BSE सेंसेक्स की एक्सपायरी है। ऐसे में दायरे में उतार-चढ़ाव संभव है। आज की क्लोजिंग अहम रहेगी। 24600 पर कॉल राइटिंग दिखी है। 24700-24750-24800 सबसे मजबूत कॉल राइटिंग जोन है।

24680-740 पर बड़ी बाधा है। 24500-24400 पर पुट राइटिंग हुई है। 24400 पर 200 DEMA है। बेस-1 और रजिस्टेंस-1 के बीच ट्रेडिंग रणनीति होनी चाहिए 24481 के नीचे टिकने पर दबाव बढ़ेगा,24740 के ऊपर टिकने पर ब्रेकआउट संभव है।

बैंक निफ्टी पर रणनीति

वीरेंद्र कुमार ने कहा कि बैंक निफ्टी के लिए पहला रजिस्टेंस 58067-58181/58267 पर और बड़ा रजिस्टेंस 58431-58589/58773 पर है। इसके लिए पहला बेस 57432-57553 पर और बड़ा बेस 57167-57289 पर है। कल बैंक निफ्टी बेस-1 और रजिस्टेंस-1 के दायरे में रहा। कच्चे तेल में नरमी है,लेकिन बैंकिंग शेयरों में अभी मोमेंटम की कमी है। 58000-58200 पर मजबूत कॉल राइटिंग दिखी है। 57600-57500-57400 पर पुट राइटिंग हुई है। ये 10 DEMA और 20 DEMA भी है

ओपनिंग चाहे कहीं भी हो,फिलहाल बेस-1 और रजिस्टेंस-1 के बीच ट्रेड करें। 58267 के ऊपर टिकने पर ही दमदार ब्रेकआउट के संकेत मिलेंगे। 57432 के नीचे फिसलने पर दबाव बढ़ेगा, फिर बेस-2 का टेस्ट संभव हैं।

 

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चकाचक चार्ट वाले शेयर

चकाचक चार्ट वाले शेयर बताने के लिए हमारे साथ जुड़े हैं Mantri FinMart के अरुण कुमार मंत्री। इनकी जेएसडब्ल्यू स्टील में 1328 रुपए के आसपास, 1312 रुपए के स्टॉप लॉस के साथ 1362 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है। वहीं, आरबीएल बैंक में इनकी 389 रुपए के आसपास, 385 रुपए के स्टॉप लॉस के साथ 399 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है।

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

HDFC Bank AGM: आने वाली तिमाहियों में HDFC बैंक के CASA और NIM सुधरेंगे : चेयरमैन राजीव कुमार

HDFC Bank AGM: देश के सबसे बड़े प्राइवेट लेंडर HDFC बैंक के पार्ट-टाइम चेयरमैन राजीव कुमार ने कहा कि बैंक की कॉरपोरेट गवर्नेंस मजबूत है। इसे आगे और सशक्त किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आने वाली कुछ तिमाहियों में CASA (करंट अकाउंट-सेविंग अकाउंट) रेशियो और नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) में सुधार होगा।

मर्जर से बैलेंस शीट का स्ट्रक्चर बदला

राजीव कुमार ने कहा कि HDFC लिमिटेड के मर्जर के बाद बैंक की बैलेंस शीट के स्ट्रक्चर में बदलाव आया है। इसका सबसे ज्यादा असर CASA रेशियो और NIM पर पड़ा।

उन्होंने कहा, ‘हम डिपॉजिट मार्केट में अपनी हिस्सेदारी लगातार बढ़ा रहे हैं। साथ ही कंजम्प्शन आधारित कारोबार पर फोकस बढ़ा रहे हैं। हमें भरोसा है कि अगले 2-3 वर्षों में CASA और NIM दोनों में सुधार होगा।’

पहली बार AGM में किया संबोधन

राजीव कुमार ने 5 अगस्त को बैंक की 32वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) को संबोधित किया। यह उनका चेयरमैन के तौर पर पहला संबोधन था।

उन्होंने कहा कि बैंक की कार्यसंस्कृति मजबूत है। आंतरिक नियंत्रण प्रणाली भी मजबूत बनी हुई है। उन्होंने कहा, ‘हम अपने शेयरधारकों, ग्राहकों और सभी हितधारकों के भरोसे की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। बैंक के कामकाज का तरीका और आंतरिक नियंत्रण प्रणाली मजबूत है। इसे आगे और सशक्त बनाया जाएगा।’

पूर्व चेयरमैन के इस्तीफे के बाद आया बयान

राजीव कुमार का यह बयान अहम माना जा रहा है। मार्च में तत्कालीन पार्ट-टाइम चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती ने इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने नैतिक मूल्यों में मतभेद की बात कही थी। इसके बाद स्वतंत्र कानूनी जांच कराई गई। जून में आई रिपोर्ट में किसी तरह की गवर्नेंस या नैतिक चूक के सबूत नहीं मिले।

CEO के तीसरे कार्यकाल पर चुप्पी

राजीव कुमार ने कहा कि बोर्ड में नई नियुक्तियां सिर्फ मेरिट के आधार पर होंगी। उन्होंने कहा कि योग्यता, ईमानदारी और पेशेवर उत्कृष्टता को ही प्राथमिकता दी जाएगी।

हाल के महीनों में MD और CEO शशिधर जगदीशन के तीसरे कार्यकाल को लेकर चर्चा रही है। हालांकि, राजीव कुमार ने अपने संबोधन में इस मुद्दे का जिक्र नहीं किया।

 

डिपॉजिट ग्रोथ रही मजबूत

राजीव कुमार ने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में HDFC बैंक के डिपॉजिट में 14.4% की बढ़ोतरी हुई। यह पूरे बैंकिंग सिस्टम की 11.5% वृद्धि से बेहतर रही। वहीं, इसी अवधि में बैंक के एडवांस (लोन) 12.1% बढ़े।

राजीव कुमार ने कहा कि HDFC बैंक से पहली बार होम लोन लेने वाले 95% से ज्यादा ग्राहक बैंक में सेविंग अकाउंट भी खोल रहे हैं। इससे मर्जर के बाद क्रॉस-सेलिंग के अवसर बढ़े हैं।

HDFC बैंक के शेयरों का हाल

HDFC बैंक के शेयर बुधवार को 0.99% की गिरावट के साथ 734.65 रुपये पर बंद हुए। पिछले 1 महीने में स्टॉक 11.47% गिरा है। वही, 1 साल के दौरान 25.70% टूटा है। पिछले 5 साल का रिटर्न भी 1.56% नेगेटिव हो गया है। बैंक का मार्केट कैप 5.65 लाख करोड़ रुपये है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Gift Nifty Indicator: क्रूड में उबाल से क्या लाल होगा बाजार या बुल्स भरेगा आज नई उड़ान, जानें गिफ्ट निफ्टी क्या दे रहा है संकेत

Gift Nifty Indicator: बुधवार को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी के तेजी के साथ खुलने की उम्मीद है। GIFT निफ्टी गैप-अप शुरुआत का संकेत दे रहा है। ऐसा इसलिए क्योंकि एशियाई बाज़ार मंगलवार की भारी बिकवाली से उबर गए हैं। US फेडरल रिज़र्व के पॉलिसी फैसले और बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों की कमाई की रिपोर्ट से पहले आई उम्मीद ने ग्लोबल रिस्क सेंटीमेंट को बेहतर बनाया है।

सुबह 8:15 बजे GIFT निफ्टी 245 अंक या 1.02 फीसदी बढ़कर 24,230 पर ट्रेड कर रहा था, जिससे संकेत मिलता है कि निफ्टी 50 मंगलवार की क्लोजिंग 23,985.35 से काफी ऊपर खुल सकता है। यह सकारात्मक संकेत तब आया है जब मंगलवार को भारतीय शेयर बाज़ार में ज़्यादातर सपाट कारोबार हुआ था। सेंसेक्स 69.86 अंक या 0.09 प्रतिशत गिरकर 76,765.92 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 10.60 अंक या 0.04 प्रतिशत गिरकर 23,985.35 पर बंद हुआ। IT, ऑटो और रियल्टी शेयरों में बढ़त के बावजूद एनर्जी, FMCG, मेटल और बैंकिंग शेयरों में कमजोरी के कारण बाज़ार में गिरावट रही।

भारी बिकवाली के बाद एशियाई बाजारों में रिकवरी

पिछले सेशन में भारी नुकसान के बाद बुधवार को एशियाई शेयरों में रिकवरी हुई, क्योंकि निवेशक US फेडरल रिज़र्व के पॉलिसी फ़ैसले और बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों की कमाई का इंतज़ार कर रहे थे।

मंगलवार को 3.6 प्रतिशत गिरने के बाद MSCI का एशिया-पैसिफिक शेयरों (जापान को छोड़कर) का सबसे बड़ा इंडेक्स 0.8 प्रतिशत बढ़ा। दक्षिण कोरिया के कोस्पी में 1 प्रतिशत से ज़्यादा की बढ़त हुई, जबकि जापान के निक्केई में लगभग 1 प्रतिशत की तेज़ी आई। नैस्डैक फ्यूचर्स 0.5 प्रतिशत बढ़े और यूरोपीय फ्यूचर्स ने भी मज़बूत शुरुआत का संकेत दिया।

यह रिकवरी AI से जुड़े खर्च, चिप-सेक्टर के वैल्यूएशन और बढ़ती प्रतिस्पर्धा को लेकर बनी चिंताओं के बावजूद हुई, जिनकी वजह से इस हफ़्ते की शुरुआत में टेक्नोलॉजी शेयरों में भारी बिकवाली हुई थी।

मिडिल ईस्ट में नए तनाव के कारण क्रूड में उछाल

मिडिल ईस्ट में नए तनाव के कारण हाल के दिनों में देखी गई शांति खत्म हो गई और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 3 प्रतिशत बढ़कर $86.80 प्रति बैरल हो गया, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड 3 प्रतिशत से ज़्यादा बढ़कर $81.95 पर पहुंच गया। यह बढ़त तब हुई जब US सेना ने कहा कि ईरान ने कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं जिन्हें सफलतापूर्वक रोक दिया गया। मंगलवार को अमेरिकी बाज़ार मिले-जुले रुख के साथ बंद हुए। एप्पल और दूसरी बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों के नतीजे आने से पहले, सेमीकंडक्टर शेयरों में आई गिरावट की भरपाई डिफेंसिव हैवीवेट शेयरों में हुई बढ़त से हो गई।

S&P 500 में 0.21 प्रतिशत की बढ़त हुई, जबकि डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 1.03 प्रतिशत चढ़ा। नैस्डैक कंपोजिट 0.22 प्रतिशत गिरा क्योंकि निवेशक टेक्नोलॉजी शेयरों को लेकर सतर्क रहे।

उम्मीद है कि फेडरल रिजर्व बुधवार को बाद में ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करेगा; बाज़ार में दरों में कोई बदलाव न होने की संभावना 71 प्रतिशत और 25-बेसिस-पॉइंट की बढ़ोतरी की संभावना 29 प्रतिशत मानी जा रही है।

निफ्टी- बैंक निफ्टी पर क्या बनाए रणनीति

HDFC सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट नागराज शेट्टी ने कहा कि सोमवार को आई ज़बरदस्त तेज़ी के बाद, कमज़ोर ग्लोबल मार्केट संकेतों के बीच मंगलवार को निफ्टी 50 कंसोलिडेशन के दौर में चला गया। उन्होंने बताया कि डेली चार्ट पर इंडेक्स ने एक छोटी बुलिश कैंडलस्टिक बनाई है, जिसमें ऊपर की तरफ़ एक छोटी शैडो (upper shadow) है। यह 24,000–24,100 के अहम रेजिस्टेंस ज़ोन के पास उतार-चढ़ाव वाली चाल (choppy price action) का संकेत देता है, जो ‘पोलैरिटी में बदलाव’ (change in polarity) के कॉन्सेप्ट के अनुरूप है।

शेट्टी के अनुसार, जारी कंसोलिडेशन के बावजूद निफ्टी का शॉर्ट-टर्म ट्रेंड पॉज़िटिव बना हुआ है। हालांकि, इंडेक्स के एक अहम ओवरहेड रेजिस्टेंस के पास होने की वजह से, उन्हें उम्मीद है कि 24,100 के लेवल के ऊपर निर्णायक ब्रेकआउट की कोशिश करने से पहले, मार्केट में निकट भविष्य में और कंसोलिडेशन या मामूली पुलबैक देखने को मिल सकता है।

Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा संकेत, मजबूत हो सकती है भारतीय बाजार की शुरुआत

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Trading Plan : 24000 के ऊपर टिके रहने तक शॉर्ट-टर्म का रुझान पॉजिटिव, निफ्टी में जल्द ही 24500 का टारगेट मुमकिन

Trading Plan : भारतीय बेंचमार्क इंडेक्सों में आज सुस्ती देखने को मिल रही है। निफ्टी 24225 के आसपास सपाट कारोबार कर रहा है। निफ्टी पर बढ़त बनाने वाले प्रमुख शेयरों में अल्ट्राटेक सीमेंट,श्रीराम फाइनेंस,टाटा स्टील,अदाणी एंटरप्राइजेज और टेक महिंद्रा शामिल हैं। जबकि गिरावट वाले शेयरों में HDFC बैंक,मारुति सुजुकी,एटरनल,सन फार्मा और डॉ. रेड्डीज लैब्स शामिल हैं। निफ्टी मिडकैप और स्मॉलकैप मामूली बढ़त के साथ कारोबार कर रहे हैं। सेक्टरों की बात करें तो कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और फार्मा को छोड़कर बाकी सभी इंडेक्स बढ़त के साथ कारोबार कर रहे हैं। PSU बैंक में लगभग 1% की तेजी है।

निफ़्टी आउटलुक और रणनीति

ICICI सिक्योरिटीज में वाइस प्रेसिडेंट और हेड ऑफ डेरिवेटिव्स एंड क्वांट रिसर्च,जय ठक्कर का कहना है कि पिछले ट्रेडिंग वीक में निफ़्टी 24,300 के स्तर से काफी ऊपर बंद हुआ था,लेकिन पिछले ट्रेडिंग सेशन में यह गिरावट के साथ बंद हुआ। हालांकि,इंडेक्स दिन के निचले स्तर से उबरने में कामयाब रहा। इसके साथ ही,पुट-कॉल रेश्यो (PCR) इंट्राडे आधार पर 1.05 से सुधरकर क्लोजिंग के समय 1.36 हो गया, जो 24,000-24,200 स्ट्राइक रेंज में बड़ी संख्या में पुट जुड़ने का संकेत देता है। अब इस जोन के एक अहम सपोर्ट एरिया के तौर पर काम करने की उम्मीद है,जबकि 24,500 का स्तर तत्काल टारगेट बना हुआ है क्योंकि वहां सबसे ज्यादा कॉल बेस है।

India VIX,जो दिन के दौरान 13.84 के उच्चतम स्तर पर पहुंचा था,1.29 प्रतिशत गिरकर 12.98 पर बंद हुआ। इससे संकेत मिलता है कि भू-राजनीतिक तनाव,जिसके कारण कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़ी थीं,जल्द ही कम हो सकते हैं। कुल मिलाकर,डेरिवेटिव्स मार्केट का रुख बुल्स के पक्ष में रहा। 120 शेयरों में ‘लॉन्ग बिल्ड-अप’और 34 शेयरों में ‘शॉर्ट कवरिंग’देखी गई,जबकि 52 शेयरों में ‘शॉर्ट बिल्ड-अप’और 7 शेयरों में ‘लॉन्ग अनवाइंडिंग’हुई। इस तरह,बेंचमार्क इंडेक्स के नेगेटिव जोन में बंद होने के बावजूद,F&O मार्केट का दायरा पॉजिटिव बना रहा।

पिछले ट्रेडिंग हफ्ते में कमजोर प्रदर्शन के बाद,ब्रॉडर मार्केट ने अच्छा प्रदर्शन किया। इसलिए,जब तक निफ़्टी 24,000 के स्तर से ऊपर बना हुआ है,तब तक शॉर्ट-टर्म का रुझान पॉजिटिव रहेगा और ऊपर की ओर 24,500 का लक्ष्य रहेगा।

अहम रेजिस्टेंस: 24,300, 24,500

अहम सपोर्ट: 24,100, 24,000

स्ट्रैटेजी: निफ्टी फ्यूचर्स को मौजूदा मार्केट प्राइस पर खरीदें और 24,100 के आस-पास गिरावट आने पर और खरीदारी करें। स्टॉप-लॉस 24,000 के नीचे रखें और टारगेट 24,500 व 24,600 रखें।

बैंक निफ्टी आउटलुक और रणनीति

जय ठक्कर का कहना है कि पिछले कुछ ट्रेडिंग सेशन से बैंक निफ्टी 57,000-58,500 की रेंज में ट्रेड कर रहा है। हालांकि पिछले ट्रेडिंग हफ्ते में इंडेक्स 58,500 के लेवल से थोड़ा ऊपर बंद हुआ था,लेकिन वीकेंड पर बड़े बैंकों के नतीजे आने के बाद यह वापस उसी रेंज में आ गया। ऑप्शन डेटा के मुताबिक 59,000 स्ट्राइक पर सबसे ज्यादा कॉल बेस बना हुआ है,इसके बाद 60,000 और 58,000 स्ट्राइक का नंबर आता है। पुट साइड पर 58,000 स्ट्राइक के अलावा कोई बड़ा बेस नहीं है। इसके बाद 57,000 और 56,000 स्ट्राइक हैं। नतीजतन,बेयर्स का पलड़ा भारी बना हुआ है। इसके साथ ही PCR 0.93 पर है,जो थोड़ा न्यूट्रल-से-बेयरिश रुख दिखाता है।

हालांकि,शॉर्ट कवरिंग की वजह से PSU बैंकिंग शेयरों में अच्छी बढ़त देखी गई है,जिससे बैंकिंग इंडेक्स को कुछ समय के लिए सहारा मिला है। इसलिए,जब तक मौजूदा ट्रेडिंग रेंज ऊपर की ओर नहीं टूटती,तब तक शॉर्ट-टर्म में रुझान के एक ही दायरे में रहने की संभावना है। इसलिए,अभी के लिए कंडीशनल बाय की सलाह दी जाती है।

अहम रेजिस्टेंस: 58,500, 59,000

अहम सपोर्ट: 57,000, 56,000

स्ट्रेटेजी: 58,500 के ऊपर बैंक निफ्टी फ्यूचर्स खरीदें और 59,000 के ऊपर और पोजीशन जोड़ें। स्टॉप-लॉस 58,000 के नीचे रखें और टारगेट 60,000 का रखें।

 

Market cues : सुस्त चाल के साथ एक दायरे में ही ट्रेड करता रहेगा बाजार, आज इन अहम लेवल्स पर रहे नजर

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।