Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा संकेत, मजबूत हो सकती है भारतीय बाजार की शुरुआत

Stock Market Live Update: सोमवार को आई तेजी के बाद, आज निफ्टी की वीकली एक्सपायरी वाले सेशन में बुल्स (तेजी की उम्मीद रखने वाले) उम्मीद के साथ शुरुआत कर रहे हैं। हालांकि मार्केट का मिज़ाज अभी भी ‘तेजी पर बिकवाली’ (sell-on-rallies) वाला ही है, फिर भी बुल्स लगातार दूसरे दिन अपनी बढ़त को आगे बढ़ाने और ऊपर की तरफ़ 22,800 के लेवल के करीब पहुंचने की कोशिश करेंगे।

रात भर में तेल की कीमतें तो कम हुईं, लेकिन बॉन्ड यील्ड ऊंचे लेवल पर बनी हुई है। IT शेयरों पर नज़र रहेगी क्योंकि ग्लोबल लेवल पर AI ट्रेड में खरीदार मिल रहे हैं और नैस्डैक ने रात भर में रिकॉर्ड ऊंचाई छुई है। निफ्टी के लिए सोमवार का हाई लेवल 22,621 पार करना बुल्स के लिए पहला टारगेट होगा, जबकि 22,350 – 22,400 ज़ोन के बीच सपोर्ट मिल सकता है।

दोनों इंडेक्स में ज़्यादा मजबूत निफ्टी बैंक को भी 55,000 के लेवल के ऊपर दबाव का सामना करना पड़ा, जिसकी वजह HDFC बैंक का खराब प्रदर्शन था, लेकिन बुल्स ऊपर की तरफ 55,000 – 55,200 ज़ोन को फिर से टेस्ट करने की कोशिश करेंगे, साथ ही 54,350 – 54,500 ज़ोन के बीच सपोर्ट की तलाश करेंगे।

बिज़नेस अपडेट्स आ रहे हैं और कोटक, एक्सिस, इंडसइंड जैसे और भी बैंकिंग शेयर इन पर प्रतिक्रिया देंगे। हालांकि, Q2 में 23% रेवेन्यू ग्रोथ के बाद ट्रेंट (Trent) पर नज़र रखने लायक शेयर हो सकता है।

 

Kotak Mahindra Bank Q2 Update: नेट एडवांस 24% बढ़ा, डिपॉजिट में 23% की तेजी; फोकस में रहेगा स्टॉक

Kotak Mahindra Bank Q2 Update: कोटक महिंद्रा बैंक ने सितंबर तिमाही में मजबूत बिजनेस ग्रोथ दर्ज की है। बैंक के प्रोविजनल बिजनेस अपडेट के मुताबिक, 30 सितंबर तक नेट एडवांस सालाना आधार पर 24.7% बढ़कर ₹5.77 लाख करोड़ हो गया। बैंक ने यह अपडेट सोमवार, 5 अक्टूबर को स्टॉक एक्सचेंजों के पास दाखिल किया।

बैंक का कुल डिपॉजिट भी सालाना आधार पर 23.2% बढ़कर ₹6.51 लाख करोड़ हो गया। वहीं, CASA डिपॉजिट 11.3% बढ़कर ₹2.49 लाख करोड़ रहा।

तिमाही आधार पर भी मजबूत ग्रोथ

तिमाही आधार पर नेट एडवांस में 12.7% की बढ़ोतरी हुई। कुल डिपॉजिट 13.7% बढ़ा, जबकि CASA डिपॉजिट में पिछली तिमाही के मुकाबले 7.8% की तेजी दर्ज हुई।

बैंक का औसत नेट एडवांस ₹5.47 लाख करोड़ रहा। इसमें सालाना आधार पर 22.1% और तिमाही आधार पर 10.5% की बढ़ोतरी हुई। औसत कुल डिपॉजिट ₹6.06 लाख करोड़ रहा, जो सालाना आधार पर 18.8% और तिमाही आधार पर 8.5% बढ़ा। औसत CASA ₹2.26 लाख करोड़ रहा, जिसमें सालाना 14.2% और तिमाही आधार पर 4.4% की बढ़ोतरी हुई।

FCNR(B) डिपॉजिट का भी असर

कोटक महिंद्रा बैंक ने बताया कि सितंबर तिमाही के अंत के आंकड़ों में FCNR(B) डिपॉजिट भी शामिल हैं। RBI की स्वैप सुविधा के तहत FCNR(B) डिपॉजिट 5.78 अरब डॉलर यानी करीब ₹55,344 करोड़ रहा।

इन डिपॉजिट के बदले बैंक की इंटरनेशनल ब्रांचों के जरिए 1.68 अरब डॉलर यानी करीब ₹16,110 करोड़ का एडवांस भी शामिल है। बैंक ने कहा कि ये आंकड़े प्रोविजनल हैं और इनकी सीमित समीक्षा बैंक के वैधानिक ऑडिटर्स करेंगे।

Q1 में 25.6% बढ़ा था मुनाफा

FY27 की पहली तिमाही में Kotak Mahindra Bank का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 25.6% बढ़कर ₹4,123 करोड़ रहा था। यह CNBC-TV18 के ₹3,910 करोड़ के पोल अनुमान से ज्यादा था।

पहली तिमाही में बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) 9.2% बढ़कर ₹7,928 करोड़ रही थी। हालांकि, यह ₹8,058 करोड़ के पोल अनुमान से थोड़ी कम थी। बैंक के आधिकारिक Q1 अपडेट में भी ₹4,123 करोड़ के स्टैंडअलोन PAT और ₹5.73 लाख करोड़ से ज्यादा के डिपॉजिट दर्ज किए गए थे।

एसेट क्वालिटी में ज्यादा बदलाव नहीं

बैंक की एसेट क्वालिटी ज्यादातर स्थिर रही। मार्च तिमाही में GNPA 1.2% था, जो जून तिमाही में घटकर 1.18% रह गया। नेट NPA 0.27% पर रहा। वहीं, बैंक का NIM घटकर 4.53% रह गया था। मार्च तिमाही में यह 4.67% था।

Q1 में बैंक का नेट एडवांस ₹5.12 लाख करोड़ रहा था, जिसमें सालाना आधार पर 15% की बढ़ोतरी हुई थी। डिपॉजिट 12% बढ़कर ₹5.72 लाख करोड़ रहा था।

कोटक महिंद्रा बैंक के शेयर का प्रदर्शन

बिजनेस अपडेट से पहले सोमवार को Kotak Mahindra Bank का शेयर 0.4% गिरकर ₹416.50 पर बंद हुआ। शेयर इस साल अब तक 6% से ज्यादा गिर चुका है। वहीं, पिछले 12 महीनों में इसमें करीब 3% की गिरावट आई है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

IDFC FIRST Bank Q2 Update: लोन ग्रोथ 20% रही, डिपॉजिट में भी उछाल; शेयरों पर रहेगी नजर

IDFC FIRST Bank Q2 Update: प्राइवेट सेक्टर के IDFC FIRST Bank ने सोमवार, 5 अक्टूबर को सितंबर तिमाही का बिजनेस अपडेट जारी किया। बैंक के लोन और एडवांस में सालाना आधार पर 20.4% की बढ़ोतरी हुई। यह बढ़कर ₹3,13,864 करोड़ हो गया।

वहीं, बैंक का कुल डिपॉजिट 17% बढ़कर ₹3,23,697 करोड़ रहा। सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट को हटाकर कस्टमर डिपॉजिट 17.6% बढ़ा। यह ₹3,16,529 करोड़ रहा।

CASA रेशियो भी बढ़ा

बैंक का CASA रेशियो 51.3% रहा। पिछली तिमाही में यह 50.8% था। एक साल पहले CASA रेशियो 50.1% रहा था।

तिमाही आधार पर भी बैंक की ग्रोथ अच्छी रही। लोन और एडवांस 5.4% बढ़े। वहीं, कुल डिपॉजिट में 3.8% की बढ़ोतरी हुई।

FCNR(B) से भी मिला बड़ा सपोर्ट

तिमाही के दौरान बैंक ने ₹34,390 करोड़ के FCNR(B) डिपॉजिट जुटाए। इनमें से ₹24,885 करोड़ की लिवरेज International Banking Unit (IBU) ने NRI ग्राहकों को दी।

बाद में इन डिपॉजिट को घरेलू बैलेंस शीट में FCNR(B) डिपॉजिट के तौर पर दर्ज किया गया।

FCNR(B) जोड़ने पर लोन और डिपॉजिट ज्यादा

IBU की बैलेंस शीट में FCNR(B) लोन को जोड़ने पर ग्रॉस एडवांस ₹3,38,749 करोड़ रहा। इसमें सालाना आधार पर 29.9% और तिमाही आधार पर 13.7% की बढ़ोतरी हुई।

FCNR(B) को शामिल करने पर बैंक का कुल डिपॉजिट ₹3,48,582 करोड़ रहा। इसमें सालाना आधार पर 25.9% और तिमाही आधार पर 11.8% की बढ़ोतरी हुई।

बैंक ने डिपॉजिट ग्रोथ क्यों धीमी की?

बैंक के मुताबिक, तिमाही में FCNR(B) डिपॉजिट काफी ज्यादा आया। इससे बैंक के पास अतिरिक्त लिक्विडिटी हो गई।

इसी वजह से बैंक ने डिपॉजिट ग्रोथ की रफ्तार धीमी की। साथ ही, अतिरिक्त लिक्विडिटी को मैनेज करने के लिए सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट भी घटाए।

LCR बढ़कर 125% हुआ

FY27 की दूसरी तिमाही में बैंक का औसत लिक्विडिटी कवरेज रेशियो (LCR) 125% रहा। पहली तिमाही में यह 116% था। बैंक ने कहा कि उसकी एसेट क्वालिटी मजबूत बनी हुई है।

सोमवार को BSE पर IDFC FIRST Bank का शेयर ₹82.20 पर बंद हुआ। शेयर में ₹1.88 यानी 2.34% की तेजी रही।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

YES Bank Q2 Update: यस बैंक का लोन 24% बढ़ा, डिपॉजिट में भी तगड़ा उछाल; फोकस में रहेगा स्टॉक

YES Bank Q2 Update: प्राइवेट बैंक YES Bank ने सितंबर तिमाही का बिजनेस अपडेट जारी किया है। बैंक का लोन और एडवांस 30 सितंबर 2026 तक 3,09,675 करोड़ रुपये रहा। तिमाही आधार पर इसमें 8.6% की बढ़त हुई। वहीं सालाना आधार पर लोन 23.8% बढ़ा है।

डिपॉजिट भी बढ़ा

यस बैंक के डिपॉजिट 30 सितंबर तक 3,54,084 करोड़ रुपये पहुंच गए। तिमाही आधार पर इसमें 12.3% की बढ़ोतरी हुई। सालाना आधार पर डिपॉजिट 19.5% बढ़ा है। एक साल पहले यह 2,96,276 करोड़ रुपये था।

CASA डिपॉजिट में बढ़त

बैंक का CASA यानी करंट और सेविंग अकाउंट डिपॉजिट 1,06,255 करोड़ रुपये रहा। जून तिमाही में यह 1,03,233 करोड़ रुपये था। साल भर पहले यह 99,708 करोड़ रुपये था। हालांकि, CASA रेश्यो घटकर 30% रह गया, जो जून में 32.7% और एक साल पहले 33.7% था।

सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट बढ़ा

YES Bank के सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट 30 सितंबर तक 11,382 करोड़ रुपये रहे। जून तिमाही में यह आंकड़ा 6,604 करोड़ रुपये था। यानी इसमें भी अच्छी बढ़ोतरी हुई है।

क्रेडिट-टू-डिपॉजिट रेश्यो घटा

बैंक का क्रेडिट-टू-डिपॉजिट रेश्यो 87.5% रहा। पिछली तिमाही में यह 90.4% था। एक साल पहले यह 84.5% था। वहीं, कंसोलिडेटेड आधार पर औसत लिक्विडिटी कवरेज रेश्यो 131.4% रहा।

नॉर्मलाइज्ड लोन ग्रोथ 3.3%

FCNR(B) डिपॉजिट और उससे जुड़े विदेशी मुद्रा टर्म लोन को हटाने पर लोन ग्रोथ 3.3% रही। पिछली तिमाही में यह 17.7% थी। इसी तरह, नॉर्मलाइज्ड डिपॉजिट ग्रोथ 6.5% रही, जो पिछली तिमाही में 13.2% थी।

नॉर्मलाइज्ड CASA रेश्यो

FCNR(B) को हटाने के बाद CASA रेश्यो 31.7% रहा। जून तिमाही में यह 32.8% और एक साल पहले 33.7% था। नॉर्मलाइज्ड क्रेडिट-टू-डिपॉजिट रेश्यो 83.2% रहा। पिछली तिमाही में यह 90.4% था।

FCNR(B) को लेकर बैंक की सफाई

बैंक ने बताया कि नॉर्मलाइज्ड आंकड़ों में कुछ FCNR(B) डिपॉजिट शामिल नहीं किए गए हैं। ये डिपॉजिट RBI की रियायती USD/INR फॉरेक्स स्वैप सुविधा के तहत जुटाए गए थे। इनसे जुड़े विदेशी मुद्रा टर्म लोन को भी आंकड़ों से अलग रखा गया है।

30 सितंबर और 30 जून 2026 के आंकड़ों को बकाया FCNR(B) डिपॉजिट और संबंधित लोन के हिसाब से एडजस्ट किया गया है। वहीं, 30 सितंबर 2025 के आंकड़ों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

यस बैंक के शेयरों का हाल

1 अक्टूबर को YES Bank का शेयर 1.19% की गिरावट के साथ 20.70 रुपये पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने में स्टॉक 14.05% चढ़ा है। हालांकि, एक साल के दौरान इसमें 5.61% की गिरावट आई है। यस बैंक का मार्केट कैप 64.95 हजार करोड़ रुपये है।

Stocks to Watch: 5 अक्टूबर को फोकस में रहेंगे ये 20 स्टॉक्स, IREDA, RVNL से लेकर HDFC बैंक तक शामिल

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Share Market Fall: 15 साल में सबसे लंबी गिरावट, Sensex लाल, 5 वजहों से Nifty आया 22500 के पास

Share Market Crash: बॉन्ड यील्ड में उछाल का दबाव ढीला नहीं हो पा रहा। आज सेंसेक्स की वीकली एक्सपायरी के दिन मार्केट में बिकवाली का दबाव दिखा। इस महीने के पहले और इस हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन आज सेंसेक्स 293 प्वाइंट्स टूट गया तो निफ्टी भी फिसलकर 22500 के करीब आ गया। ब्रोडर लेवल पर भी बिकवाली का दबाव है और निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 लाल हैं।

अब घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें फिलहाल 10:23 AM पर सेंसेक्स (Sensex) 72.33 प्वाइंट्स यानी 0.10% की गिरावट के साथ 72,407.96 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 57.45 प्वाइंट्स यानी 0.25% की फिसलन के साथ 22,563.00 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 292.67 प्वाइंट्स टूटकर 72,187.62 और निफ्टी 112.40 गिरकर 22,508.05 तक आ गया था।

Share Market Crash: ये है वजह

मजबूत बॉन्ड यील्ड

10-साल के अमेरिकी ट्रेजरी की यील्ड 5% के पार बनी हुई है, जिससे मार्केट पर दबाव भी बना हुआ है।

FIIs की तेज बिकवाली

बॉन्ड यील्ड की मजबूती और जियो-पॉलिटिकल अस्थिरता पर विदेशी निवेशकों ने बुधवार 30 सितंबर को भी भारतीय इक्विटी मार्केट में तेज बिकवाली की और ₹10,148.41 करोड़ के शेयरों की नेट बिक्री की जिससे मार्केट पर दबाव पड़ा है। इस बिकवाली के साथ लगातार पांच कारोबारी दिनों में विदेशी निवेशकों यानी एफआईआई ने ₹34,203.14 करोड़ भारतीय शेयर बाजार से निकाल लिए।

ऑटो सेक्टर का भारी दबाव

सितंबर महीने की बिक्री के आंकड़े आने से पहले ऑटो सेक्टर के शेयरों में बिकवाली का तेज दबाव दिखा और इसका निफ्टी इंडेक्स 2% से अधिक टूट गया। निफ्टी मेटल भी करीब 1% कमजोर है। वहीं दूसरी तरफ आईटी और बैंकिंग शेयर मार्केट को ऊपर खींचने की कोशिश कर रहे। निफ्टी आईटी डेढ़ फीसदी से अधिक तो निफ्टी प्राइवेट बैंक 1% मजबूत है। निफ्टी पीएसयू बैंक में भी करीब आधे फीसदी की बढ़त है।

India VIX में नरमी

मार्केट की घबराहट को मापने वाले वोलैटिलिटी इंडेक्स India VIX में उछाल से मार्केट पर दबाव बना है। फिलहाल यह 0.94% की तेजी के साथ 13.62 पर है। इसके अधिक होने का मतलब शॉर्ट टर्म में वोलैटिलिटी बढ़ने की आशंका और कम होने का मतलब शॉर्ट टर्म में उठा-पटक कम होने की संभावना है।

Sensex की एक्सपायरी

आज सेंसेक्स के डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स की वीकली एक्सपायरी है, जिसका मार्केट पर असर दिख रहा है। एक्सपायरी का मतलब 1 अक्टूबर को एक्सपायर होने वाले F&O (फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस) को आज स्क्वॉयर ऑफ करना है।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

HDFC Bank News: नए चीफ कंप्लायंस ऑफिसर की नियुक्ति, वीएन श्रीवत्सन संभालेंगे जिम्मेदारी

HDFC Bank News: प्राइवेट सेक्टर के सबसे बड़े लेंडर HDFC Bank ने वी एन श्रीवत्सन को नया चीफ कंप्लायंस ऑफिसर बनाया है। उनका कार्यकाल तीन साल का होगा। यह अवधि बैंक में जॉइन करने की तारीख से शुरू होगी।

श्रीवत्सन के 4 जनवरी 2027 को HDFC Bank जॉइन करने की उम्मीद है। वह बैंक के फुल-टाइम कर्मचारी होंगे। अभी वह ICICI Bank में ओवरसीज बैंकिंग और सब्सिडियरीज के हेड ऑफ कंप्लायंस और डेटा प्राइवेसी ऑफिसर हैं।

34 साल का अनुभव

श्रीवत्सन को करीब 34 साल का प्रोफेशनल अनुभव है। इसमें करीब 25 साल बैंकिंग और फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्टर में काम करने का अनुभव है। करीब 10 साल का अनुभव सीधे कंप्लायंस और रेगुलेटरी इंस्पेक्शन से जुड़ा है।

उन्होंने आठ साल से ज्यादा समय तक रिटेल बैंकिंग कंप्लायंस और रेगुलेटरी इंस्पेक्शन की जिम्मेदारी संभाली है। उनके काम में रेगुलेशन की निगरानी और रेगुलेटरी इंस्पेक्शन संभालना शामिल रहा है।

कंप्लायंस का लंबा अनुभव

श्रीवत्सन ने कंप्लायंस फ्रेमवर्क और पॉलिसी तैयार करने का काम किया है। इन्हें लागू कराने की जिम्मेदारी भी संभाली है। इसके अलावा उन्होंने रेगुलेटरी इंस्पेक्शन से जुड़े मामलों को भी देखा है।

उन्होंने सीनियर मैनेजमेंट, ऑडिट कमेटी, बोर्ड और रेगुलेटर्स के साथ काम किया है। श्रीवत्सन ने पीएसजी कॉलेज ऑफ टेक्नोलॉजी से बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में पोस्टग्रेजुएट डिग्री की है। उन्होंने श्री वेंकटेश्वर यूनिवर्सिटी से बीटेक किया है।

राकेश कुमार राजपूत ने छोड़ा पद

HDFC Bank के चीफ कंप्लायंस ऑफिसर राकेश कुमार राजपूत ने 30 सितंबर 2026 को यह पद छोड़ दिया। वह 1 अक्टूबर 2023 से इस जिम्मेदारी को संभाल रहे थे।

हालांकि, राजपूत HDFC Bank के फुल-टाइम कर्मचारी बने रहेंगे। उनके पास बीएससी (ऑनर्स) की डिग्री है। वह इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ बैंकर्स के सर्टिफाइड एसोसिएट हैं। इसके अलावा उनके पास बिजनेस मैनेजमेंट में एडवांस्ड डिप्लोमा है।

Stock in Focus: 1 साल में 46% क्रैश हुआ स्टॉक, अब इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी को ₹220 करोड़ का टोल ऑपरेशन कॉन्ट्रैक्ट मिला

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

शेयर बाजार में डूबे सात लाख करोड़ रु

मुंबई। सोमवार को कारोबारी हफ्ते के पहले दिन शेयर बाजार में आम निवेशकों को बड़ा नुकसान हुआ। कारोबार बंद होने तक निवेशकों के सात लाख करोड़ रुपए डूब गए। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज यानी बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक 1,124 अंक गिरा। बीएसई में लगातार आठवें हफ्ते गिरावट हुई है। शेयर बाजार में गिरावट का सिलसिला लगभग दो साल से चल रहा है। सितंबर 2024 में बीएसई का सूचकांक 85 हजार से ऊपर था, जो अब 72 हजार पर आ गया है। यानी दो साल में 13 हजार अंकों की गिरावट हुई है।

बहरहाल, सोमवार को सूचकांक 1,124 अंक, यानी 1.52 फीसदी गिरावट के साथ 72,772 पर बंद हुआ। निफ्टी में 360 अंक, यानी 1.56 फीसदी की गिरावट रही, ये 22,780 पर बंद हुआ। सोमवार को बैंकिंग शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली आई। माना जा रहा है कि बाजार में इतनी बड़ी गिरावट अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान से जंग रोकने से इनकार के कारण आई। सोमवार की गिरावट से निवेशकों की की संपत्ति सात लाख करोड़ से ज्यादा घट गई। शुक्रवार को बाजार बंद होते समय बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों की कुल बाजार पूंजी 482 लाख करोड़ के करीब था, जो सोमवार को घट कर 475 लाख करोड़ रह गई।

जानकारों का मानना है कि अमेरिका और ईरान में जल्दी समझौता होने के आसार नहीं दिख रहे हैं, इससे तनाव बना हुआ हैं। उधर रूस और यूक्रेन के बीच तनाव भी बढ़ा है। होर्मुज की खाड़ी भी बंद है। इससे कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी हो रही है। इसका असर भी बाजार पर दिख रहा है। अगर कच्चे तेल की महंगाई बनी रहती है तो भारत के शेयर बाजार पर भी इसका दबाव दिखाई देगा।

हाहाकार, ₹4 लाख करोड़ स्वाहा, Sensex 1248 प्वाइंट कमजोर, Nifty 23063 पर बंद

Sensex-Nifty closes deep red: सेंसेक्स और बैंकेक्स की मंथली एक्सपायरी के दिन आज मार्केट में हाहाकार मच गया। अधिकतर एशियाई बाजारों में बिकवाली की आंच आज घरेलू स्टॉक मार्केट में भी महसूस हुई। सेंसेक्स की मंथली एक्सपायरी को आज बिकवाली की ऐसी आंधी चली कि सेंसेक्स 1264 प्वाइंट् टूट गया तो निफ्टी भी फिसलकर 23100 के नीचे आ गया और ये गहरे लाल बंद हुए। ब्रोडर लेवल पर भी मार्केट में काफी दबाव है लेकिन मिडकैप स्पेस में थोड़ी अधिक। निफ्टी मिडकैप 100 आज ढाई फीसदी से अधिक कमजोर हुआ तो निफ्टी स्मॉलकैप 100 डेढ़ फीसदी से अधिक टूटकर बंद हुआ।

सेक्टरवाइज मार्केट को आज बैंकिंग शेयरों ने बुरी तरह तोड़ दिया। प्राइवेट सेक्टर का निफ्टी इंडेक्स आज 2% से अधिक कमजोर हुआ को सरकारी बैंकों का निफ्टी इंडेक्स 1% से अधिक नीचे आया। निफ्टी मेटल करीब 2%, निफ्टी ऑटो डेढ़ फीसदी से अधिक, निफ्टी एफएमसीजी 1% से अधिक, निफ्टी रियल्टी 1% से अधिक और निफ्टी आईटी करीब आधा फीसदी कमजोर हुआ। किसी भी सेक्टर का निफ्टी इंडेक्स ग्रीन नहीं है। इस दबाव में आज BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप ₹4 लाख करोड़ से अधिक घट गई।

अब इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो आज 24 सितंबर के दिन सेंसेक्स की मंथली एक्सपायरी को सेंसेक्स (Sensex) 1,247.71 प्वाइंट्स यानी 1.67% की गिरावट के साथ 73,580.54 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 383.70 प्वाइंट्स यानी 1.64% की फिसलन के साथ 23,063.10 पर बंद हुआ है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 1264.33 प्वाइंट्स टूटकर 73,563.92 और निफ्टी भी 400.65 प्वाइंट्स गिरकर 23,046.15 तक आ गया था।

निवेशकों के ₹4 लाख करोड़ स्वाहा

एक कारोबारी दिन पहले यानी 23 सितंबर 2026 को बीएसई पर लिस्टेड सभी शेयरों का कुल मार्केट कैप ₹4,85,01,353.86 करोड़ था। आज यानी 24 सितंबर 2026 को यह घटकर ₹4,80,99,180.54 करोड़ रह गया। इसका मतलब हुआ कि निवेशकों की पूंजी में आज ₹402,173.32 करोड़ की गिरावट आई है।

Sensex का सिर्फ 1 शेयर ग्रीन

सेंसेक्स पर 30 शेयर लिस्टेड हैं जिसमें आज सिर्फ 1 स्टॉक- एनटीपीसी ही ग्रीन बंद हुआ है। वहीं दूसरी तरफ दिन के आखिरी में आज बजाज फाइनेंस, एक्सिस बैंक और बजाज फिनसर्व में सबसे अधिक गिरावट रही। नीचे सेंसेक्स पर लिस्टेड सभी शेयरों के लेटेस्ट भाव और आज उतार-चढ़ाव की डिटेल्स देख सकते हैं-

 

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स्टॉक मार्केट में आज की लाइव हलचल के लिए यहां जुड़ें

पांच वजहों से आज मार्केट में चली बिकवाली की आंधी

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Share Market Crash: 5 सेकंड में ₹4 लाख करोड़ साफ, 700 प्वाइंट्स टूटा Sensex, इन 5 वजह से Nifty धड़ाम

Share Market Crash: अधिकतर एशियाई बाजारों में बिकवाली की आंच आज घरेलू स्टॉक मार्केट में भी महसूस हुई। सेंसेक्स की मंथली एक्सपायरी को आज शुरुआती कारोबार में ही सेंसेक्स और निफ्टी धड़ाम हो गए। सेंसेक्स 700 प्वाइंट्स से अधिक टूट गया तो निफ्टी भी फिसलकर 23200 के करीब आ गया। ब्रोडर लेवल पर भी मार्केट में काफी दबाव है लेकिन मिडकैप स्पेस में थोड़ी अधिक। निफ्टी मिडकैप 100 में 1% से अधिक गिरावट है और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में आधे फीसदी से अधिक। इस माहौल में मार्केट खुलते ही बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप ₹4 लाख करोड़ से अधिक कम हो गया यानी कि निवेशकों की दौलत ₹4 लाख करोड़ से अधिक घट गई

अब इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो फिलहाल 09:55 AM पर सेंसेक्स (Sensex) 701.31 प्वाइंट्स यानी 0.94% की गिरावट के साथ 74,126.94 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 233.95 प्वाइंट्स यानी 1.00% की फिसलन के साथ 23,212.85 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 707.63 प्वाइंट्स टूटकर 74,120.62 और निफ्टी भी 241.35 प्वाइंट्स गिरकर 23,205.45 तक आ गया था।

Share Market Crash: ये है वजह

बॉन्ड यील्ड में उछाल

सितंबर में नए ऑर्डर में तेजी के कारण अमेरिका में बिजनेस एक्टिविटी पांच साल से अधिक समय में सबसे मजबूत स्तर पर पहुंच गई। इसके चलते अमेरिका के बेंचमार्क 10-साल का ट्रेजरी यील्ड साल 2007 के बाद के रिकॉर्ड लेवल पर पहुंच गया तो मार्केट ने ब्याज दरों में एक और बढ़ोतरी की उम्मीदें बढ़ा दी।

कच्चे तेल में उबाल

अमेरिका और ईरान के बीच समझौते को लेकर अनिश्चितता ने कच्चे तेल को फिर से उबाल दिया, जिसकी आंच में मार्केट झुलस गए। ग्लोबल ऑयल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड उछलकर प्रति बैरल $102 के करीब पहुंच गया।

Sensex की मंथली एक्सपायरी

आज बीएसई के सेंसेक्स और बैकेंक्स समेत अन्य इंडेक्स के डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स की मंथली एक्सपायरी है तो मार्केट पर इसका असर दिखा। एक्सपायरी का मतलब डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स को लेकर अपनी पोजिशन बंद करना है यानी उसे आगे नहीं बढ़ा सकते हैं।

बैंकिंग शेयरों का भारी दबाव

आज मार्केट पर बैंकिंग शेयरों ने भारी दबाव बनाया है। प्राइवेट बैंकों का निफ्टी इंडेक्स 1% से अधिक कमजोर है तो सरकारी बैंकों का निफ्टी इंडेक्स भी करीब 1% कमजोर है।

टेक्निकल आउटलुक

जियोजीत इंवेस्टमेंट्स के चीफ मार्केट स्ट्रैटेजिस्ट आनंद जेम्स का कहना है कि एक कारोबारी दिन पूरे दिन मार्केट में पॉजिटिव माहौल रहा, जिससे 23760 या उससे ऊपर तक तेजी की उम्मीदें जगीं, लेकिन 23490 के लेवल ने बढ़त को रोके रखा।

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