Mazagon Dock Q1 Results: सरकारी डिफेंस कंपनी का मुनाफा 22% बढ़ा, ऑर्डर बुक ₹18000 करोड़ के पार

Mazagon Dock Q1 Results: डिफेंस सेक्टर की सरकारी कंपनी मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स (Mazagon Dock Shipbuilders) ने जून तिमाही के मजबूत नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 21.5% बढ़कर ₹549.4 करोड़ रहा। पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹452.2 करोड़ था।

रेवेन्यू में 12% की बढ़त

मझगांव डॉक का ऑपरेशंस से रेवेन्यू 12.1% बढ़कर ₹2,943 करोड़ हो गया। पिछले साल इसी अवधि में यह ₹2,626 करोड़ था। कंपनी को अपने विभिन्न युद्धपोत और पनडुब्बी निर्माण प्रोजेक्ट्स में लगातार काम आगे बढ़ने का फायदा मिला।

मझगांव डॉक का जून तिमाही में EBITDA 48% बढ़कर ₹446.6 करोड़ पहुंच गया। वहीं, EBITDA मार्जिन 11.5% से बढ़कर 15.2% हो गया। इससे साफ है कि कंपनी की ऑपरेशनल एफिशिएंसी में अच्छी सुधार देखने को मिली। कंपनी की कुल आय ₹3,081 करोड़ रही, जो पिछले साल की समान तिमाही के ₹2,949 करोड़ से ज्यादा है।

ऑर्डर बुक ₹18,218 करोड़

30 जून 2026 तक मझगांव डॉक की ऑर्डर बुक ₹18,218 करोड़ रही। इससे आने वाली तिमाहियों में कंपनी के कारोबार और रेवेन्यू को अच्छी मजबूती मिलने की उम्मीद है।

मझगांव डॉक के शेयरों का हाल

मझगांव डॉक का शेयर गुरुवार को 0.79% बढ़कर ₹2,326 पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने में स्टॉक 9.60% गिरा है। वहीं, 1 साल में यह 15.72% टूटा है। हालांकि, पिछले 5 साल में स्टॉक ने 1,692% का मल्टीबैगर रिटर्न दिया है। कंपनी का मार्केट कैप 93.62 हजार करोड़ रुपये हैय़

मझगांव डॉक का बिजनेस

मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स भारत की प्रमुख रक्षा शिपबिल्डिंग कंपनी है। यह भारतीय नौसेना और तटरक्षक बल के लिए युद्धपोत, पनडुब्बियां और अन्य रक्षा पोत बनाती है। यह देश की इकलौती सरकारी शिपयार्ड कंपनी है, जो डिस्ट्रॉयर और पनडुब्बियां दोनों बनाती है। साथ ही, इसमें एक साथ 11 पनडुब्बियां और 10 युद्धपोत बनाने की क्षमता है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

गुरुग्राम को मिली बड़ी सौगात! 27 स्टेशनों वाली नई मेट्रो लाइन से बदल जाएगी शहर की तस्वीर

अगर आप गुरुग्राम में रहते हैं या रोजाना मेट्रो से सफर करते हैं, तो आपके लिए अच्छी खबर है। शहर में जल्द ही 28.5 किलोमीटर लंबा नया मेट्रो कॉरिडोर तैयार होने जा रहा है, जिससे लाखों यात्रियों का सफर पहले से कहीं ज्यादा आसान और तेज होगा। इस परियोजना के पूरा होने के बाद पुराने गुरुग्राम के कई इलाकों को पहली बार मेट्रो कनेक्टिविटी मिलेगी। साथ ही यात्रियों को एक मेट्रो लाइन से दूसरी लाइन पर बिना स्टेशन से बाहर निकले ट्रेन बदलने की सुविधा भी मिलेगी। आधुनिक इंटरचेंज स्टेशन और डबल डेकर ट्रैक इस परियोजना की सबसे बड़ी खासियत होंगे।

मेट्रो के इस नए कॉरिडोर में होंगे 27 स्टेशन

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, गुरुग्राम में लोगों का मेट्रो सफर जल्द ही और आसान होने वाला है। शहर में 28.5 किलोमीटर लंबा नया मेट्रो कॉरिडोर बनाया जाएगा। इस परियोजना के पूरा होने के बाद यात्रियों को एक मेट्रो लाइन से दूसरी लाइन पर आसानी से बदलने की सुविधा मिलेगी। साथ ही, पुराने गुरुग्राम के उन इलाकों तक भी मेट्रो पहुंचेगी, जहां अभी यह सुविधा उपलब्ध नहीं है।

यह नया मेट्रो कॉरिडोर 27 स्टेशनों वाला होगा। इसकी शुरुआत मिलेनियम सिटी सेंटर से होगी, जो दिल्ली मेट्रो की येलो लाइन से जुड़ा है। इसके बाद यह मेट्रो सेक्टर-45, साइबर पार्क, सुभाष चौक, पालम विहार, उद्योग विहार फेज-1 और साइबर सिटी जैसे प्रमुख इलाकों से होकर गुजरेगी। इस रूट का अंतिम स्टेशन द्वारका एक्सप्रेसवे स्पर पर सेक्टर-101 होगा।

बनेंगे ये बड़े इंटरचेंज

रिपोर्ट के मुताबिक, रूट का निरीक्षण करने के बाद गुरुग्राम मेट्रो रेल लिमिटेड (जीएमआरएल) के प्रबंध निदेशक चंद्र शेखर खरे ने बताया कि इस परियोजना में आधुनिक मल्टी-मॉडल ट्रांसफर हब और डबल डेकर एलिवेटेड ट्रैक बनाए जाएंगे। इससे यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी और भीड़भाड़ वाले इलाकों में जमीन अधिग्रहण की जरूरत भी कम पड़ेगी। इस परियोजना के तहत साइबर सिटी और मिलेनियम सिटी सेंटर में बड़े इंटरचेंज स्टेशन बनाए जाएंगे।

साइबर सिटी में यात्री एक ही परिसर के अंदर नई जीएमआरएल मेट्रो लाइन, मौजूदा रैपिड मेट्रो और भविष्य में बनने वाले दिल्ली-अलवर रैपिड रेल कॉरिडोर के बीच आसानी से ट्रेन बदल सकेंगे। वहीं, मिलेनियम सिटी सेंटर पर दिल्ली मेट्रो की येलो लाइन के साथ प्लेटफॉर्म-टू-प्लेटफॉर्म इंटरचेंज की सुविधा मिलेगी। यानी यात्रियों को ट्रेन बदलने के लिए स्टेशन से बाहर निकलने की जरूरत नहीं होगी।

इस परियोजना के तहत सुभाष चौक पर प्रस्तावित भोंडसी मेट्रो लाइन, हीरो होंडा चौक पर दिल्ली-एसएनबी रैपिड रेल कॉरिडोर (आरआरटीएस), सेक्टर-5 में गुरुग्राम रेलवे स्टेशन और सेक्टर-10 में बनने वाले मेगा बस टर्मिनल को भी मेट्रो से जोड़ने की योजना है। इससे यात्रियों को अलग-अलग परिवहन सेवाओं के बीच आसानी से सफर करने की सुविधा मिलेगी।

फ्लाईओवर के ऊपर बनाया जाएगा मेट्रो ट्रैक

पुराने गुरुग्राम में जगह की कमी को देखते हुए गुरुग्राम मेट्रो रेल लिमिटेड (जीएमआरएल) सेक्टर-7 से साइबर सिटी के बीच डबल डेकर मेट्रो स्टेशन बनाने की योजना पर काम कर रहा है। इस हिस्से में बाजघेरा रोड और सेक्टर-21 भी शामिल हैं। इस डिजाइन के तहत मेट्रो ट्रैक मौजूदा फ्लाईओवर के ऊपर बनाया जाएगा। इससे जमीन का कम अधिग्रहण करना पड़ेगा और निर्माण के दौरान ट्रैफिक भी कम प्रभावित होगा। इस नई मेट्रो परियोजना से सेक्टर-3, सेक्टर-4, सेक्टर-5, सेक्टर-7, सेक्टर-9, बसई और पालम विहार जैसे घनी आबादी वाले इलाकों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी। वहीं, बसई गांव से सेक्टर-101 तक बनने वाले दो स्टेशनों वाले लिंक के जरिए तेजी से विकसित हो रहे द्वारका एक्सप्रेसवे को भी सीधा मेट्रो कनेक्शन मिलेगा।

आएगी इतनी लागत

मेट्रो परियोजना का निर्माण कार्य अब तेजी से आगे बढ़ रहा है। करीब 1,503 करोड़ रुपये की लागत वाले पहले चरण का काम जारी है। इस चरण में 15.2 किलोमीटर लंबे हिस्से का निर्माण किया जा रहा है। परियोजना के लिए कास्टिंग यार्ड शुरू हो चुके हैं और जीएमडीए कार्यालय से हीरो होंडा चौक तक पाइलिंग और पिलर बनाने का काम चल रहा है। गुरुग्राम मेट्रो रेल लिमिटेड (जीएमआरएल) के अनुसार, मिलेनियम सिटी सेंटर से सेक्टर-9 तक का मेट्रो कॉरिडोर अगस्त 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, 21 जुलाई तक इस पूरी परियोजना का करीब 11 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका था।

Gold Silver Price Today: सोना ₹1000 उछलकर ₹1.48 लाख के पार, चांदी ₹600 सस्ती हुई

Gold Silver Price Today: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में गुरुवार को सोने की कीमत ₹1,000 बढ़कर ₹1.48 लाख प्रति 10 ग्राम पहुंच गई। ज्वेलर्स और रिटेल खरीदारों की ताजा खरीदारी के साथ-साथ वैश्विक बाजार में मजबूती से सोने को सहारा मिला। इससे पहले पिछले कारोबारी सत्र में 99.9% शुद्धता वाला सोना ₹1,47,000 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था।

वहीं, चांदी ₹600 टूटकर ₹2,24,700 प्रति किलोग्राम पर आ गई। एक दिन पहले इसका भाव ₹2,25,300 प्रति किलोग्राम था। यह जानकारी ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन ने दी।

क्यों बढ़ी सोने की कीमत?

कारोबारियों के मुताबिक, ज्वैलर्स और स्टॉकिस्ट की बढ़ी खरीदारी से घरेलू बाजार में सोने की कीमतों को सहारा मिला। हालांकि, रुपये में मजबूती की वजह से तेजी सीमित रही।

HDFC Securities के सीनियर कमोडिटी एनालिस्ट सौमिल गांधी ने कहा कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति के बाद डॉलर में कमजोरी आई है। इससे सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोने की मांग बढ़ी। उन्होंने बताया कि डॉलर इंडेक्स पिछले सत्र में करीब 1% गिरने के बाद 101 के आसपास कारोबार कर रहा था।

अंतरराष्ट्रीय बाजार का हाल

अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड मामूली बढ़त के साथ 4,071.55 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता दिखा। वहीं, स्पॉट सिल्वर 1% चढ़कर 58.25 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया।

Kotak Neo की एवीपी कमोडिटी रिसर्च कायनात चैनवाला के मुताबिक, फिलहाल बाजार की नजर अमेरिका के PCE महंगाई आंकड़ों और जॉबलेस क्लेम्स के डेटा पर है। आने वाले दिनों में यही तय करेगा कि सितंबर में फेड ब्याज दरों में बदलाव की संभावना कितनी मजबूत होती है। साथ ही, निवेशक अमेरिका-ईरान तनाव पर भी नजर बनाए हुए हैं।

भारत में घटी सोने की मांग

वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल की रिपोर्ट के मुताबिक, अप्रैल-जून तिमाही में भारत में सोने की मांग 6% घटकर 131.4 टन रह गई। पिछले साल इसी अवधि में यह 139.7 टन थी। मौसमी सुस्ती, ऊंची कस्टम ड्यूटी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोने की खरीद कम करने की अपील का असर मांग पर देखने को मिला।

वैश्विक स्तर पर अप्रैल-जून तिमाही में सोने की कुल मांग लगभग स्थिर रही। यह 1,269 टन रही, जबकि पिछले साल समान तिमाही में यह 1,268.6 टन थी।

MCX गोल्ड प्राइस का हाल

LKP Securities के वीपी रिसर्च एनालिस्ट (कमोडिटी एवं करेंसी) जतीन त्रिवेदी ने कहा कि COMEX Gold 4,030 से 4,080 डॉलर प्रति औंस के दायरे में कारोबार करता रहा। वहीं, MCX Gold करीब ₹1,42,500 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया और इसमें करीब ₹700 की तेजी आई।

आगे कैसी रहेगी चाल

जतीन त्रिवेदी का कहना है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया, लेकिन उसके बयान का रुख अब भी सख्त (Hawkish) रहा। तीन FOMC सदस्यों ने दरें बढ़ाने के पक्ष में वोट दिया। हालांकि, फेड ने आगे ब्याज दरों में बदलाव के समय को लेकर कोई स्पष्ट संकेत नहीं दिया। ऐसे में निवेशक फिलहाल सोने में सतर्क रुख अपना रहे हैं।

उन्होंने कहा कि अब बाजार की नजर अमेरिका के Core PCE Price Index पर रहेगी। यह फेड का पसंदीदा महंगाई संकेतक है और इससे ब्याज दरों की आगे की दिशा तय होने के संकेत मिल सकते हैं। इसके आधार पर सोने की कीमतों में अगली बड़ी चाल देखने को मिल सकती है।

*पीटीआई से इनपुट के साथ

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Kia Syros EV vs MG Windsor EV top-spec: Specs, features and price compared

Kia Syros EV vs MG Windsor EV comparison

Basically a badge-engineered version of the Chinese Wuling Cloud EV, the MG Windsor is a midsize EV that sits between the brand’s Comet and ZS EV models. On the other hand, the Kia Syros EV is the Korean automaker’s most affordable electric car in India and is based on the Hyundai Motor Group’s K1 platform. Compared to the Windsor, the Syros EV is a compact (sub-4-metre) model. However, not only are the top-spec variants of these cars priced really close to each other, their battery sizes are quite comparable too.

Explore full specs, features and a price breakdown in our Syros EV and Windsor EV comparison.

Kia Syros EV X-Line ER vs MG Windsor EV Essence Pro: Dimensions

The Windsor EV undeniably has the size advantage over the smaller Syros EV

Kia Syros EV X-Line ER vs MG Windsor EV Essence Pro dimensions

 

Kia Syros EV

MG Windsor EV

Length (mm)

3,995

4,295

Width (mm)

1,805

1,850

Height (mm)

1,670

1,677

Wheelbase (mm)

2,550

2,700

Boot space (litres)

390

579

Frunk (litres)

16

Wheel size (inches)

17

18

The Windsor EV is 300mm longer and 45mm wider than the Syros EV – the MG offers 150mm more wheelbase than the Kia, too. While there isn’t much between them in terms of height, the Windsor EV’s boot is 189 litres larger than that of the Syros EV. The latter’s wheels are also an inch smaller. Interestingly though, the Kia EV offers a 16-litre frunk (front trunk) – the MG has no frunk at all.

Kia Syros EV X-Line ER vs MG Windsor EV Essence Pro: Powertrain

The top-spec Syros EV offers more range and a punchier electric motor setup 

Kia Syros EV X-Line ER vs MG Windsor EV Essence Pro powertrain options

 

Kia Syros EV

MG Windsor EV

Battery size (kWh)

51.4

52.9

Electric motor setup

Single, front (FWD)

Single, front (FWD)

Power (hp)

171

136

Torque (Nm)

255

200

Claimed 0-100kph

8.1 seconds

Claimed range (km)

526

449

AC charging

7.25 hrs at 7.4kW (10-100%)

9.5 hrs at 7.4kW (10-100%)

DC fast charging

39 mins at 100kW (10-80%)

50 mins at 60kW (20-80%)

The X-Line ER (Extended Range) variant of the Kia Syros EV gets a 51.4kWh lithium-ion battery pack, which is just 1.5kWh smaller than the unit powering the top-spec MG Windsor. Despite this capacity disadvantage, the Syros EV’s claimed range is actually higher, by 77km higher.

Compared to the top-spec MG Windsor’s 60kW DC fast-charging capability, the Syros EV’s DC fast-charging limit is 40kW higher. Unlike MG, Kia’s claimed DC fast-charging time accounts for a SoC (state of charge) of 10-80 percent and not 20-80 percent. Taking all this into account, the Syros EV can be unplugged from a DC fast charger 11 minutes sooner, which would benefit regular long-distance users.

While neither automaker has listed the kerb weight of their cars, the smaller Syros EV is likely to be lighter than the Windsor EV. The former’s front-mounted electric motor also offers 35hp and 55Nm more. These two factors combine to give the Syros EV a claimed naught to 100kph sprint time of 8.1 seconds.

Kia Syros EV X-Line ER vs MG Windsor EV Essence Pro: Exterior features

The Windsor gets a couple more useful features here; the Syros has some ‘feel-good’ ones

Kia Syros EV X-Line ER vs MG Windsor EV Essence Pro exterior features

 

Kia Syros EV

MG Windsor EV

LED headlamps

Yes (auto)

Yes (auto projectors)

Connected light bar

No

Yes

Front fog lamps

Yes

No

Rear fog lamps

No

Yes

Cornering lights

No

Yes

Welcome lights

Yes

No

Puddle lamps

Yes

No

Powered ORVMs

Yes (with auto-fold function)

Yes (with auto-fold function)

Flush door handles

Yes

Yes

Body cladding

Yes

No

Roof rails

Yes

Yes

Rear spoiler

Yes

Yes

Powered tailgate

No

Yes

Colours

Mono-tone

Mono-tone

Both these cars are reasonably well-equipped in their respective top-spec variants. However, there are some distinct differences between the features that are offered in each. The Syros EV comes with front fog lamps plus fancier ‘welcome’ lighting functions as well as puddle lamps that project the ‘Kia’ logo – these make for a more premium experience when approaching the car. The Syros EV also goes for a rugged look, featuring black plastic cladding on the wheel arches and bumpers.

Compared to the Syros EV’s stylish multi-reflector LED headlamps, the Windsor EV uses projector LED units. While it doesn’t get front fog lamps, the MG features cornering lamps that can prove useful when driving in the dark. At the back, the top-spec Windsor EV gains a powered tailgate – another handy feature especially when your hands are occupied.

Kia Syros EV X-Line ER vs MG Windsor EV Essence Pro: Interior features

If you like a minimalistic interior that’s also feature-packed, the MG Windsor won’t disappoint

Kia Syros EV X-Line ER vs MG Windsor EV Essence Pro interior features

 

Kia Syros EV

MG Windsor EV

Infotainment screen

12.3-inch

15.6-inch

Digital driver’s display

12.3-inch

8.8-inch

HVAC screen

5.0-inch

No

Panoramic sunroof

Yes

Yes (fixed)

Wireless charger

Yes

Yes

Driver’s seat adjustment

4-way powered

6-way powered

Co-driver’s seat adjustment

4-way manual

4-way manual

Ventilated seats

Yes (front & rear)

Yes (front only)

Leatherette upholstery

Yes

Yes

Split rear seats

Yes

Yes

Automatic climate control

Yes (single-zone)

Yes (single-zone)

Ambient lighting

Yes (64 colours)

Yes (256 colours)

Audio system

8-speaker Harman Kardon

9-speaker Infinity

Apple CarPlay & Android Auto

Yes (wireless)

Yes (wireless)

USB Type-C ports

Yes (5 ports)

Yes (5 ports)

Connected car tech

Yes

Yes

Voice assistant

Yes

Yes

OTA updates

Yes

Yes

Gaming

No

Yes

Rear sunblinds

Yes

No

Rear armrest

Yes (with cupholders)

Yes (with cupholders)

Both cars come with wireless charging, leatherette seats, connected-car tech, and multiple USB ports for added convenience. However, in its top-spec X-Line ER avatar, the Kia Syros EV offers a third screen specifically to control the HVAC (heating, ventilation and air-conditioning) system. That said, there are physical buttons to operate this system, too. The Kia EV also gets a larger driver’s display, a panoramic sunroof that opens, ventilation function for the front & rear seats, plus rear sunblinds. Furthermore, the Syros EV’s interior design, quality and layout of its switchgear, plus the overall usability remain easily sufficient.

As for the fully loaded Essence Pro variant of the MG Windsor EV, its pièce de résistance is the massive 15.6-inch infotainment screen. Given its minimalistic interior layout, almost every control or feature is integrated into this main display. While this screen can be distracting, it comes with multiple customisation options and integrates various games and streaming services. Compared to the Syros EV’s 64-colour ambient lighting system, the Windsor’s supports 256 colours. Its driver’s seat also gets 6-way power adjustment, while the Inifinity premium audio rig features 9 speakers instead of the Kia’s 8-speaker setup.

Kia Syros EV X-Line ER vs MG Windsor EV Essence Pro: Safety features

Neither car is missing out on much when it comes to their respective safety tech

Kia Syros EV X-Line ER vs MG Windsor EV Essence Pro safety features

 

Kia Syros EV

MG Windsor EV

Airbags

6

6

ABS with EBD

Yes

Yes

Electronic stability program

Yes

Yes

Hill-hold assist

Yes

Yes

Hill-descent control

No

Yes

TPMS

Yes

Yes

Parking sensors

Yes (front & rear)

Yes (front & rear)

360-degree camera

Yes

Yes

Dashcam

Yes

No

Electronic parking brake

Yes (with auto-hold function)

Yes (with auto-hold function)

Auto-dimming IRVM

Yes

Yes

Rain-sensing wipers

Yes

Yes

ISOFIX

Yes

Yes

Rear wiper and defogger

Yes

Yes (defogger only)

All-wheel disc brakes

Yes

Yes

Level 2 ADAS

Yes

Yes

Only the top-spec variants of these EVs get Level 2 ADAS (Advanced Driver Assistance Systems). Some of the ADAS features shared between the two include adaptive cruise control, forward collision warning, lane-departure alert with lane-keeping assistance, and automatic emergency braking. Where the Windsor EV gets hill-descent control, the Syros EV comes with a dashcam and a rear wiper.

Kia Syros EV X-Line ER vs MG Windsor EV Essence Pro: Other features

Neither car is missing out on much when it comes to their respective safety tech

Kia Syros EV X-Line ER vs MG Windsor EV Essence Pro other features

 

Kia Syros EV

MG Windsor EV

Drive modes

Yes (3)

Yes (4)

Terrain modes

No

No

Single-pedal driving

Yes

No

V2V and V2L

Yes

Yes

AVAS

Yes

No

The Windsor EV comes with Eco+, Eco, Normal and Sport drive modes, while the Syros EV only gets Eco, Normal and Sport. Neither car features variable terrain modes, but both support vehicle-to-load (V2L) and vehicle-to-vehicle (V2V) functions for better practicality during regular family outings, such as picnics and long-distance trips. The Syros EV also comes with a dedicated Virtual Engine Sound System (VESS) to caution other motorists and pedestrians of the vehicle’s presence.

Conclusion

Kia Syros EV X-Line ER vs MG Windsor EV Essence Pro prices

 

Kia Syros EV

MG Windsor EV

Prices (In Rs, lakh)

20.00

19.00

Apart from being less expensive, the Windsor EV is a larger car with plenty of room on the inside and in the boot, compared to the compact Syros EV. However, the Kia makes a solid case for itself by offering good interior space and build quality, better overall performance, plenty of features, plus a good blend of digital real-estate and intuitive physical controls. If you need the added perks that a bigger car offers without having to spend the ‘big car’ money, the MG Windsor EV will suit your needs just fine. Picking the top-spec Kia Syros EV won’t be a disappointment either as long as you can justify its bloated price tag.

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नेपाल में सांप्रदायिक हिंसा भड़की, 3 लोगों की मौत:कई जिलों में कर्फ्यू लगा; कांवर यात्रा के दौरान डीजे बजाने को लेकर विवाद हुआ था

नेपाल के सुनसरी जिले में रविवार रात कांवर यात्रा के दौरान तेज आवाज में डीजे बजाने को लेकर शुरू हुए एक मामूली विवाद अब बड़े सांप्रदायिक तनाव में बदल गई है। शुरुआत में यह मामला दो समुदायों के बीच कहासुनी तक सीमित था, लेकिन देखते ही देखते हिंसा फैल गई और पुलिस को हालात काबू करने के लिए गोली चलानी पड़ी। इस हिंसा में अब तक दो लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई लोग घायल हुए हैं। घटना के बाद पूरे तराई-मधेश क्षेत्र में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए। प्रदर्शन के दौरान सिराहा में एक और युवक की मौत के बाद तनाव और बढ़ गया। हालात को देखते हुए प्रशासन ने सिराहा, धनुषा समेत कई जिलों में अगले आदेश तक कर्फ्यू लगा दिया है। बहस झड़प में बदली, पुलिस के आने पर भी नहीं रुकी श्रद्धालु कोसी बैराज से जल लेकर लौट रहे थे और उनके साथ डीजे व लाउडस्पीकर भी बज रहे थे। इसी दौरान दूसरे समुदाय के कुछ लोगों ने तेज आवाज में बज रहे संगीत पर आपत्ति जताई। पहले दोनों पक्षों के बीच बहस हुई, फिर धक्का-मुक्की शुरू हो गई और देखते ही देखते मामला हिंसक झड़प में बदल गया। शुरुआत में स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को शांत कराने की कोशिश की। लेकिन थोड़ी ही देर में दोनों समुदायों के और लोग मौके पर पहुंच गए। कई लोगों के हाथों में लाठी, बांस, पत्थर और भाले जैसे हथियार थे। इसके बाद दोनों तरफ से पथराव शुरू हो गया। हवाई फायरिंग के बाद भी हिंसा नहीं रुकी, पुलिस ने गोली चलाई पथराव में 8 पुलिसकर्मी, जिनमें एक इंस्पेक्टर भी शामिल थे, घायल हो गए। हालात बिगड़ने पर आसपास के पुलिस थानों और आर्म्ड पुलिस फोर्स (APF) की अतिरिक्त टीमों को बुलाया गया। पुलिस के मुताबिक, भीड़ पर पहले काबू पाने की कोशिश की गई। एक पुलिस अधिकारी ने तीन हवाई फायर भी किए, लेकिन हिंसा नहीं रुकी। इसके बाद रात करीब 10:45 बजे पुलिस ने गोली चलाई। गोली लगने से ओम प्रकाश मेहता की मौत हो गई। कई अन्य लोग भी गोली लगने से घायल हुए। बाद में इलाज के दौरान जयप्रकाश मेहता की भी मौत हो गई, जिससे इस घटना में मरने वालों की संख्या दो हो गई।

आधार अपडेट कराने बैंक गया किसान, तभी गार्ड की बंदूक से चली गोली…हुआ दर्दनाक हादसा

राजधानी दिल्ली से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया है। हरियाणा के झज्जर जिले के एक गांव में रहने वाले 27 वर्षीय किसान मनीष कुमार की जिंदगी एक दर्दनाक हादसे में खत्म हो गई। मनीष अपना आधार कार्ड अपडेट कराने दिल्ली के एक बैंक पहुंचे थे, लेकिन कुछ ही मिनटों में वहां ऐसा हादसा हुआ जिसने सबको स्तब्ध कर दिया। बैंक में गलती से चली गोली लगने से उनकी मौत हो गई। पुलिस ने मामले में सिक्योरिटी गार्ड को गिरफ्तार कर लिया है।

 सिक्योरिटी गार्ड के बंदूक से चली गोली

यह घटना सुबह करीब 10:30 बजे की है। पुलिस के मुताबिक, 53 वर्षीय सिक्योरिटी गार्ड विनोद कुमार अपनी 12 बोर की डबल बैरल बंदूक में कारतूस भर रहे थे। इसी दौरान गलती से बंदूक से गोली चल गई। गोली मनीष कुमार की पीठ में लगी और वह मौके पर ही जमीन पर गिर पड़े। घटना के बाद बैंक में अफरा-तफरी मच गई। गोली चलने की आवाज सुनते ही बैंक में मौजूद कर्मचारी और ग्राहक बाहर की ओर भागे। बाद में उन्होंने मनीष कुमार को खून से लथपथ हालत में पड़ा देखा। उन्हें तुरंत इलाज के लिए राव तुला राम अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।

बंदूक में खराबी के कारण हुआ हादसा!

पुलिस ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि बैंक के सिक्योरिटी गार्ड की बंदूक से गलती से गोली चल गई है, जिससे एक व्यक्ति घायल हो गया। जब पुलिस मौके पर पहुंची, तब तक घायल को अस्पताल भेजा जा चुका था। पूछताछ में सिक्योरिटी गार्ड विनोद कुमार ने बताया कि वह उस दिन ड्यूटी पर देर से पहुंचे थे। बैंक खुल चुका था और कर्मचारी व ग्राहक अंदर मौजूद थे। इसी दौरान वह अपनी बंदूक में कारतूस भर रहे थे, तभी अचानक गोली चल गई। पुलिस का कहना है कि यह हादसा लापरवाही या बंदूक में किसी तकनीकी खराबी की वजह से हुआ हो सकता है। पुलिस के अनुसार, विनोद कुमार हरियाणा के झज्जर जिले के एक गांव के रहने वाले हैं। वह भारतीय सेना में नौकरी कर चुके हैं और वर्ष 2018 में सेवानिवृत्त हुए थे। पिछले दो साल से वह एक निजी सुरक्षा एजेंसी के जरिए बैंक में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी कर रहे थे। उनके परिवार में दो बेटे हैं, जो कॉलेज में पढ़ाई कर रहे हैं।

गिरफ्तार हुआ गार्ड

पुलिस ने जांच के दौरान घटना में इस्तेमाल की गई बंदूक को अपने कब्जे में लेकर फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है। वहीं, मृतक मनीष कुमार के शव का पोस्टमार्टम भी कराया गया है। अब पुलिस पोस्टमार्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि गोली किन परिस्थितियों में चली। जांच के तहत पुलिस ने बैंक में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी अपने कब्जे में ले ली है। अधिकारी यह भी जांच कर रहे हैं कि सुरक्षा नियमों का सही तरीके से पालन किया गया था या नहीं। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि बैंक खुलने के बाद बंदूक में कारतूस भरना लापरवाही थी या नहीं। फिलहाल, पुलिस ने आरोपी सिक्योरिटी गार्ड के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 105 के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। अब आगे की कार्रवाई जांच और फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद की जाएगी।

सस्ते Electric Scooters की होने वाली है इंट्री, Ather से Honda तक मचेगी हलचल

electric scooter

देश में इलेक्ट्रिक स्कूटर सेगमेंट तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। पेट्रोल की ऊंची कीमतों, E20 फ्लेक्स-फ्यूल को लेकर चल रही चर्चाओं और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार के चलते ग्राहक इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं। जून 2026 में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर की बिक्री 1.93 लाख यूनिट से ज्यादा रही, जो सालाना आधार पर करीब 75 फीसदी की वृद्धि है। खास बात यह है कि कुल टू-व्हीलर बिक्री में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स की बाजार हिस्सेदारी पहली बार डबल डिजिट में पहुंची है।

 

बढ़ती मांग को देखते हुए कई ऑटो कंपनियां नए इलेक्ट्रिक स्कूटर पेश करने की तैयारी कर रही हैं। आने वाले 3-4 महीनों में भारत में चार नए इलेक्ट्रिक स्कूटर बाजार में दस्तक दे सकते हैं। इनमें Ather, VinFast, Honda और Simple Energy के मॉडल शामिल हैं।

 

 Ather EL01, VinFast Viper, Honda QC3 और Simple Arrive की एंट्री से भारतीय इलेक्ट्रिक स्कूटर बाजार में मुकाबला और तेज होने की उम्मीद है। खासकर किफायती और प्रीमियम दोनों सेगमेंट में ग्राहकों के पास आने वाले महीनों में पहले के मुकाबले ज्यादा विकल्प उपलब्ध होंगे।

1. Ather EL01

Ather Energy का नया मास-मार्केट इलेक्ट्रिक स्कूटर EL01 29 अगस्त 2026 को बेंगलुरु में आयोजित होने वाले Ather Community Day में पेश किया जाएगा। यह कंपनी के नए EL प्लेटफॉर्म पर आधारित होगा। भारत में इसकी अनुमानित एक्स-शोरूम कीमत 1.05 लाख से 1.15 लाख रुपये के बीच हो सकती है। Ather ने 2025 के Community Day में EL प्लेटफॉर्म के साथ EL01 के प्रोटोटाइप को प्रदर्शित किया था। दिसंबर 2025 में कंपनी ने EL01 के डिजाइन का पेटेंट भी फाइल किया था।

 

पेटेंट तस्वीरों के मुताबिक, स्कूटर में 14-इंच फ्रंट और 12-इंच रियर अलॉय व्हील मिल सकते हैं। इसमें स्विंगआर्म-माउंटेड इलेक्ट्रिक मोटर होगी। स्कूटर में बड़ा LED DRL और LED टेल-लैंप क्लस्टर भी देखने को मिलेगा। Ather EL01 कंपनी का पहला मॉडल होगा, जिसमें Advanced Electronic Braking System (AEBS) और ऑनबोर्ड चार्जर दिया जा सकता है। कंपनी इसे Ather Charge Drive Controller नाम देगी।

 

2. VinFast Viper

 

VinFast ने पिछले महीने भारत में Viper इलेक्ट्रिक स्कूटर का डिजाइन पेटेंट दाखिल किया है। माना जा रहा है कि यह भारत के टू-व्हीलर सेगमेंट में कंपनी का पहला मॉडल हो सकता है।

 

VinFast Viper में 5-स्पोक अलॉय व्हील, 3 kW हब-माउंटेड इलेक्ट्रिक मोटर और 4.8 kWh बैटरी पैक दिया जा सकता है। कंपनी भारत में इसे CKD (Completely Knocked Down) यूनिट के तौर पर ला सकती है। इसकी स्थानीय असेंबली तमिलनाडु के थूथुकुडी (Tuticorin) स्थित प्लांट में किए जाने की उम्मीद है।

 

प्रीमियम मैक्सी-स्टाइल इलेक्ट्रिक स्कूटर में 14-इंच व्हील मिलेंगे। इसकी अधिकतम रेंज करीब 156 किलोमीटर बताई गई है। वियतनाम में इसकी कीमत 45,500,000 VND है, जो भारतीय मुद्रा में करीब 1.63 लाख रुपये के बराबर है।

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भारत में VinFast Viper का मुकाबला Vida V2, Ola S1 Pro Plus, Ather 450 Apex और TVS iQube ST जैसे इलेक्ट्रिक स्कूटर्स से हो सकता है।

 

3. Honda QC3

Honda ने भारत में हाल ही में कई नए स्कूटर्स और मोटरसाइकिलों के साथ Honda QC3 इलेक्ट्रिक स्कूटर को पेश किया है। इसमें 3 kWh बैटरी पैक मिलेगा, जो फुल चार्ज पर 145 किलोमीटर की IDC रेंज देने में सक्षम होगा।

 

चार्जिंग की बात करें तो Honda QC3 को 0 से 80 फीसदी तक चार्ज होने में करीब 2 घंटे 40 मिनट लग सकते हैं, जबकि 100 फीसदी चार्ज होने में करीब 4 घंटे का समय लगेगा।

 

फीचर्स की बात करें तो इसमें 32-लीटर अंडर-सीट स्टोरेज, Smart Key और 5-इंच TFT इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर मिलेगा। TFT स्क्रीन में टर्न-बाय-टर्न नेविगेशन और Honda RoadSync कनेक्टिविटी की सुविधा भी दी जा सकती है। onda ने अभी इसकी आधिकारिक लॉन्च डेट का ऐलान नहीं किया है। हालांकि, उम्मीद है कि यह FY27 के दौरान भारत में बिक्री के लिए उपलब्ध हो सकता है। इसकी अनुमानित एक्स-शोरूम कीमत 1.10 लाख से 1.25 लाख रुपये के बीच हो सकती है। बाजार में इसका मुकाबला TVS iQube, Bajaj Chetak, Ather 450 और Hero Vida V2 से होगा।

4. Simple Arrive

Simple Energy 2 सितंबर 2026 को भारत में अपना पहला फैमिली इलेक्ट्रिक स्कूटर Simple Arrive लॉन्च करेगी। बेंगलुरु स्थित EV स्टार्टअप का यह मॉडल पारंपरिक डिजाइन के साथ आएगा।

 

Simple Arrive में फ्लैट सिंगल-पीस सीट, फ्रंट डिस्क ब्रेक, डुअल-शॉक रियर सस्पेंशन और सेंटर स्टैंड मिलेगा। स्कूटर में TFT इंस्ट्रूमेंट कंसोल और फ्रंट एप्रन में छोटे स्टोरेज स्पेस भी दिए जाएंगे। इस इलेक्ट्रिक स्कूटर को इस साल की शुरुआत में भारतीय सड़कों पर टेस्टिंग के दौरान देखा गया था। स्पाई तस्वीरों से पता चला था कि इसका डिजाइन कंपनी के One और OneS इलेक्ट्रिक स्कूटर्स की तुलना में ज्यादा पारंपरिक होगा।

 

हालांकि, Simple Arrive की बैटरी क्षमता और रेंज से जुड़ी जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं की गई है। Simple Energy की खासियत यह भी है कि कंपनी भारत में कमर्शियल स्तर पर heavy rare-earth-free electric motors बनाने वाली एकमात्र कंपनी होने का दावा करती है।

Third-gen Mercedes-Benz GLA interior image gallery

Mercedes-Benz GLA

The third-generation Mercedes-Benz GLA gets a new cabin with a stronger focus on technology and premium finishes. Depending on the variant, buyers can opt for the MBUX Superscreen that combines a 10.25-inch digital instrument cluster with dual 14-inch displays, while lower trims get an illuminated star-pattern panel ahead of the co-driver. Other highlights include a panoramic sunroof, 64-colour ambient lighting, a 16-speaker Burmester 3D sound system, 360-degree camera with transparent bonnet view and automatic parking assist. Fabric or leatherette upholstery is offered depending on the trim, alongside a minimalist centre console with very few physical controls.

Miyazaki mango: 4 आम की कीमत 2.11 लाख रुपये! इसकी वजह आपको हैरान कर देगी, यूपी के किसान ने बनाया अनोखा रिकॉर्ड

Miyazaki mango: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में दुनिया की सबसे महंगी किस्मों में गिने जाने वाले मियाजाकी आमों ने किसान संदीप चौधरी को देश में एक नई पहचान दिलाई है। सूरत के एक व्यापारी प्रवीण गुप्ता ने चौधरी से कुल मिलाकर लगभग एक किलोग्राम वजन वाले चार मियाजाकी आम 2.11 लाख रुपये में खरीदे हैं। इस किस्म के लिए भारत में इस कीमत पर हुई यह पहली बिक्री बताई जा रही है। इस रिकॉर्ड बिक्री ने इसलिए भी ध्यान खींचा है क्योंकि गुप्ता ने ये आम अपनी मां के नाम पर खरीदे।

चौधरी ने बताया कि यह सौदा शुरू में 3.5 लाख रुपये में तय हुआ था। लेकिन जब उन्हें पता चला कि खरीदार यह खरीद अपनी मां को समर्पित करना चाहता है, तो उन्होंने कीमत घटाकर ₹2.11 लाख कर दी। कुल रकम में से ₹1.11 लाख ऑनलाइन मिल चुके हैं। बाकी 1 लाख रुपये का भुगतान 1 अगस्त को डिलीवरी के समय किया जाएगा।

पीएम मोदी से मिली प्रेरणा

थरोली गांव के रहने वाले चौधरी ने बताया कि गुप्ता पिछले साल भी ये आम खरीदना चाहते थे। लेकिन उस समय उन्होंने इन्हें मुख्यमंत्री को भेज दिया था। मौजूदा सौदे के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि चार आम सूरत के गुप्ता को ₹2.11 लाख में बेचे गए। उन्होंने कहा कि इस बिक्री की सबसे खास बात यह थी कि इन्हें खरीदार की मां के नाम पर खरीदा गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नारे का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि गुप्ता ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ जैसी भावना के साथ काम किया है। उन्होंने कहा कि वे दोनों गुजरात में मिलेंगे, जहां आम सौंपे जाएंगे।

तीन साल पहले शुरू की थी आम की खेती

चौधरी ने पत्रकारों को बताया कि उन्होंने तीन साल पहले मियाजाकी आमों की खेती नई सोच के साथ शुरू की थी। उन्होंने कहा कि हमने सोचा कि किसानों को पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर अपनी आय बढ़ाने के लिए महंगी और खास फसलें भी उगानी चाहिए। उन्होंने कहा कि शुरू में कई लोगों ने उनका मज़ाक उड़ाया। लोगों ने कहा कि आम लाखों में नहीं बिक सकते। लेकिन उनकी मेहनत अब रंग लाई है। उन्होंने बताया कि अभी उनके पास मियाजाकी आम के लगभग 40 पेड़ हैं। यह पहली बार है जब उनके चार आम ₹2.11 लाख में बिके हैं।

कमाई का 10 प्रतिशत हिस्सा गरीब लोगों को समर्पित

संदीप चौधरी ने यह भी कहा कि बिक्री से हुई कमाई का 10 प्रतिशत हिस्सा गरीब लोगों की मदद के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। चौधरी ने कहा कि तीन साल की मेहनत के बाद इस डील की कामयाबी से वे बहुत खुश हैं। मियाजाकी आमों को उनके खास लाल-बैंगनी रंग, स्वाद और पोषक गुणों की वजह से दुनिया का सबसे महंगा आम माना जाता है।

चौधरी ने बताया कि आम आमों की तुलना में इनमें विटामिन A, विटामिन C, बीटा-कैरोटीन और एंटीऑक्सीडेंट ज्यादा मात्रा में होते हैं। उन्होंने दूसरे किसानों से अपील की है कि वे पारंपरिक खेती के साथ-साथ ऑर्गेनिक और ज़्यादा कीमत वाली फसलों की खेती भी करें।

मियाजाकी आम का जापान कनेक्शन

बता दें कि मियाजाकी (Miyazaki mango) आम दुनिया की सबसे महंगी आम की किस्मों में से एक मानी जाती है। इसका नाम जापान के मियाजाकी प्रांत के नाम पर रखा गया है, जहां इसकी व्यावसायिक खेती शुरू हुई। मियाजाकी आम को जापान में अक्सर ‘Egg of the Sun’ (Taiyo no Tamago) के नाम से भी बेचा जाता है।

यह नाम केवल उन प्रीमियम फलों के लिए इस्तेमाल किया जाता है जो आकार, रंग और मिठास जैसे सख्त गुणवत्ता मानकों पर खरे उतरते हैं। भारत के मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र के कुछ किसानों ने प्रयोग के तौर पर मियाज़ाकी आम की खेती शुरू की है। हालांकि इसकी खेती अभी सीमित स्तर पर ही होती है।

मियाजाकी की खासियत

  • पकने पर इसका रंग गहरा लाल या रूबी लाल हो जाता है।
  • एक फल का वजन आमतौर पर 350-500 ग्राम तक होता है।
  • इसमें प्राकृतिक शर्करा (Sugar) की मात्रा अधिक होती है। इसलिए इसका स्वाद बेहद मीठा होता है।
  • इसका गूदा रेशारहित (Fiberless), मुलायम और बेहद रसदार होता है।

मियाजाकी की कीमत

  • अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत गुणवत्ता और उपलब्धता के अनुसार बहुत अधिक हो सकती है।
  • प्रीमियम ग्रेड के मियाज़ाकी आम की एक जोड़ी (2 आम) की नीलामी जापान में लाखों रुपये के बराबर कीमत तक पहुंच चुकी है।
  • भारत में भी इसकी खेती करने वाले कुछ किसान हैं और यहां भी इसकी कीमत सामान्य आमों की तुलना में कई गुना अधिक रहती है।

कैसे होती है खेती?

  • इसकी खेती नियंत्रित तापमान और विशेष देखभाल में की जाती है।
  • फलों को अक्सर जाल (नेट) में लटकाकर उगाया जाता है ताकि वे सुरक्षित रहें। साथ ही पूरी तरह पकने पर बिना नुकसान के तोड़े जा सकें।

Royal Enfield targets 2.45 million unit production capacity by 2030

RE Factory

Royal Enfield has outlined an ambitious manufacturing and international expansion plan following a strong Q1 FY27 performance, with capacity targeted at 2.45 million units per year by FY30 and a CKD assembly plant in Indonesia under active consideration. The announcements were made by Eicher Motors MD and Royal Enfield CEO B Govindarajan during the company’s Q1 FY27 investor call.

  1. Royal Enfield to expand capacity from 1.5 million to 2.45 million units by FY30
  2. Rs 1,225 crore approved for Phase 1 of new Andhra Pradesh greenfield plant
  3. Indonesia CKD plant decision expected this quarter 

Royal Enfield capacity expansion plans

Brownfield expansion at Cheyyar to take capacity to 2 million by FY28

Royal Enfield currently has an annual manufacturing capacity of around 1.5 million motorcycles across four production units in Cheyyar and Chennai in Tamil Nadu – up from 50 percent utilisation in FY20 to 90 percent in FY26. The first module of the brownfield expansion at Cheyyar is now operational, with daily production crossing 5,000 units. The remaining phases are expected to be completed by FY28, taking total capacity to 2 million units annually.

Beyond that, Eicher Motors’ board has approved an investment of Rs 1,225 crore for the first phase of a new greenfield manufacturing facility in Andhra Pradesh. This addition is expected to contribute a further 4.5 lakh units of annual capacity and bring Royal Enfield’s total manufacturing footprint to 2.45 million units by FY30. The combined brownfield and greenfield expansion represents a capacity increase of over 60 percent from current levels.

Indonesia CKD plant could be set up at faster pace due to low local content requirements

On the international front, Royal Enfield is actively evaluating a CKD assembly plant in Indonesia after finding that exports from its existing Thailand CKD plant are still subject to import quotas of around 10,000 units per year – despite the ASEAN trade framework. Govindarajan said the company had identified a local assembler in Indonesia and that a decision on setting up a CKD operation there was expected during the current quarter. He noted that Indonesia’s local content requirements are relatively low, which could allow a CKD facility to come online quickly. However, he cautioned that a luxury tax of around 140 percent would remain even with local assembly, and the key benefit being the removal of the import quota restriction.

Royal Enfield currently operates seven CKD assembly units across Argentina, Bangladesh, Brazil (two units), Colombia, Nepal and Thailand, with a combined annual assembly capacity of 150,000 units. Indonesia would be the eighth. The company is also evaluating a CKD plant in Mexico following higher import tariffs there. Overseas revenue crossed Rs 1,000 crore for the first time in Q1 FY27, accounting for around 15 percent of total revenue, led by strong growth in Brazil and other Latin American markets.