सोमवार, 31 अगस्त 2026 को सुबह करीब 6:30 बजे Bullion.co.in के अनुसार चांदी की कीमत ₹2,42,190 प्रति किलोग्राम रही। वहीं, 925 स्टर्लिंग सिल्वर का भाव ₹2,24,026 प्रति किलोग्राम दर्ज किया गया। निवेशकों और चांदी खरीदने वालों के लिए आज के रेट खास हैं, क्योंकि पिछले कुछ दिनों में कीमती धातु की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला है।
एक महीने में चांदी करीब 11% चढ़ी
ताजा आंकड़ों के मुताबिक, 999 फाइन चांदी की कीमत में पिछले एक महीने के दौरान 11 फीसदी से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है। वहीं, एक साल की अवधि में चांदी का भाव करीब 100 फीसदी तक बढ़ चुका है। यानी लंबी अवधि में चांदी ने निवेशकों को मजबूत रिटर्न दिया है।
बड़े शहरों में चांदी के दाम
देश के अलग-अलग शहरों में चांदी की कीमत में थोड़ा अंतर देखने को मिल रहा है। प्रमुख शहरों में 999 फाइन चांदी के रेट इस प्रकार हैं:
मुंबई: ₹2,41,760 प्रति किलो
दिल्ली: ₹2,41,340 प्रति किलो
चेन्नई: ₹2,42,460 प्रति किलो
कोलकाता: ₹2,41,440 प्रति किलो
बेंगलुरु: ₹2,41,950 प्रति किलो
हैदराबाद: ₹2,42,140 प्रति किलो
इन आंकड़ों के अनुसार, दिए गए प्रमुख शहरों में चेन्नई में चांदी सबसे महंगी और दिल्ली में सबसे सस्ती रही।
रविवार को नहीं हुआ था कारोबार
30 अगस्त, रविवार को घरेलू बुलियन मार्केट में नियमित कारोबार नहीं हुआ था। इसलिए उस दिन चांदी के कोई नए क्लोजिंग रेट जारी नहीं किए गए। इससे पहले 28 अगस्त को आखिरी कारोबारी सत्र में चांदी की कीमत में बड़ी गिरावट दर्ज की गई थी।
दिल्ली के सर्राफा बाजार में 999 शुद्धता वाली चांदी ₹5,000 की गिरावट के साथ ₹2,45,500 प्रति किलोग्राम पर आ गई थी। इससे पहले इसका भाव ₹2,50,500 प्रति किलो था।
खरीदारी से पहले चेक करें ताजा रेट
चांदी की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार, मांग-सप्लाई और बाजार की स्थिति के आधार पर लगातार बदल सकती है। इसके अलावा अलग-अलग शहरों में टैक्स, स्थानीय शुल्क और अन्य लागत के कारण कीमत में थोड़ा अंतर हो सकता है। इसलिए चांदी खरीदने से पहले अपने शहर का ताजा भाव जरूर जांच लें।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि ईरान के खर्ग द्वीप को पूरी तरह तबाह कर दिया गया है। होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास अमेरिका और ईरान के बीच तनाव फिर बढ़ गया है। लारक हमले के बाद ईरान ने भी अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइलें दागी थीं।
राष्ट्रपति ट्रंप ने अपनी पोस्ट में कहा कि खर्ग द्वीप धुएं में उड़ाया जा रहा है। खर्ग फारस की खाड़ी में ईरान का मुख्य तेल-निर्यात केंद्र है। यह पोस्ट तब आई जब होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास अमेरिका और ईरान की लड़ाई फिर से भड़क उठी।
President Trump just posted that Kharg Island is “being blown to smithereens.”
Kharg is Iran’s main oil-export hub in the Persian Gulf.
The post came as U.S. Iran fighting flared again around the Strait of Hormuz.
Reports say the clip Trump shared appears to be AI-generated… pic.twitter.com/ZMcExlWeEl
— Commentary Donald J. Trump Posts From Truth Social (@TrumpDailyPosts) August 31, 2026
खबरों के अनुसार, ट्रंप द्वारा शेयर किया गया क्लिप एआई-जनरेटेड फुटेज प्रतीत होता है, न कि पुष्ट लाइव स्ट्राइक वीडियो। ट्रंप महीनों से खर्ग को धमकी दे रहे हैं और पहले कह चुके हैं कि अमेरिकी बलों ने तेल सुविधाओं को बख्शते हुए वहां के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया था।
अमेरिका ने लारक आईलैंड पर हमला किया था। अमेरिकी सेंट्रल कमांड यानी CENTCOM के मुताबिक, कार्रवाई में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC के जवान इन रॉकेट लॉन्चरों से होर्मुज स्ट्रेट में समुद्री माइंस डालने की तैयारी कर रहे थे। हमले में कई ईरानी सैनिकों और नागरिकों के मारे जाने या घायल होने की खबर सामने आई।
खर्ग द्वीप ईरान का काला खजाना
खर्ग द्वीप को ईरान का काला खजाना कहा जाता है। यह इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) के लिए भी राजस्व का प्रमुख स्रोत है।
कहां है खर्ग द्वीप
खर्ग द्वीप एक छोटा प्रवाल द्वीप है, जो ईरान के कच्चे तेल उद्योग का सबसे बड़ा टर्मिनल है। देश के करीब 90% कच्चे तेल का निर्यात यहीं से होता है। इसे ईरान की तेल की जीवनरेखा भी कहा जाता है। उत्तरी फारस की खाड़ी में स्थित यह द्वीप ईरान से करीब 25 किलोमीटर दूर और और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के 483 किमी (300 मील) उत्तर-पश्चिम में स्थित है। इसकी लंबाई 6 किलोमीटर है।
क्या है द्वीप का चीन से कनेक्शन
खर्ग द्वीप से निर्यात होने वाले तेल का सबसे बड़ा खरीदार चीन है। इस तेल निर्यात से ईरान को न केवल भारी राजस्व मिलता है, बल्कि एक महाशक्ति के रूप में चीन का रणनीतिक साथ भी मिलता है। द्वीप पर अमेरिक हमले से चीन भी नाराज हो सकता है।
Nepal Flash Flood: नेपाल में 26 अगस्त को आए विनाशकारी बाढ़ ने सबकुछ तबाह कर दिया। बाढ़ में अब तक कम से कम 800 लोगों के मरने की खबर है वहीं हजारों लोग लापता है। अभी लोग इस तबाही से उबर भी नहीं पाए हैं कि नेपाल में एक बार फिर बाढ़ का खतरे का अलर्ट आने लगा। भोटेकोशी नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद अधिकारियों ने रविवार को नई चेतावनी जारी की है। बाढ़ प्रभावित इलाकों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और सुरक्षित जगह पर जाने के लिए तैयार रहने को कहा गया है। वहीं, राहत और बचाव टीमें पहले आई बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में लगातार काम कर रही हैं।
लोगों को भेजा जा रहा अलर्ट
रविवार सुबह लोगों के मोबाइल पर बाढ़ को लेकर चेतावनी मैसेज भेजे जा रहे है। इसके बाद से पहले से प्रभावित इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता और बढ़ गई। वहींलगातार मिल रही अलग-अलग चेतावनियों के कारण प्रभावित गांवों के लोगों के बीच भी डर और असमंजस का माहौल बना हुआ है। इसी बीच राहत और बचाव दल काठमांडू को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से जोड़ने वाले प्रमुख हाईवे को फिर से खोलने में जुटे हुए हैं। बाढ़ प्रभावित इलाकों में खतरा अभी पूरी तरह टला नहीं है।
चीन से मिली जानकारी
नेपाल में बाढ़ को लेकर जारी नई चेतावनी चीन से मिली ताजा जानकारी के बाद जारी की गई है। नेपाल की आपदा प्रबंधन एजेंसी के प्रमुख धर्म राज उप्रेती ने बताया कि ऊपरी इलाकों में पानी का बहाव बढ़ने की सूचना मिली है। इसके बाद नदी के आसपास रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और किसी भी आपात स्थिति के लिए तैयार रहने को कहा गया है। न्यूज एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक, करीब 5.6 किलोमीटर दूर बना एक बड़ा गड्ढा अब भी चिंता का कारण बना हुआ है, जिसमें बड़ी मात्रा में पानी जमा है। अधिकारियों ने इसकी स्थिति पर लगातार नजर रखने की बात कही है।
लापता लोगों की तलाश जारी
26 अगस्त को आए बाढ़ और भूस्खलन ने नेपाल के कई हिस्सों में भारी तबाही मचाई है और बड़ी संख्या में लोगों की जान गई है। नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन से हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं। आपदा एजेंसी के अनुसार, देश में मृतकों की संख्या बढ़कर 788 हो गई है, जबकि 2,502 लोग अब भी लापता हैं। वहीं, चीन की सीमा से लगे प्रभावित क्षेत्र में भी भारी नुकसान हुआ है, जहां अधिकारियों ने 16 लोगों की मौत और 546 लोगों के लापता होने की जानकारी दी है। राहत और बचाव अभियान के बीच लापता लोगों की तलाश लगातार जारी है।
ग्लेशियर का एक हिस्सा टूटने से आई बाढ़
नेपाल और तिब्बत में आई भीषण बाढ़ के बाद सैकड़ों विदेशी नागरिकों के लापता होने की खबर है। इनमें कई लोग नौकरी, पहाड़ों की यात्रा और धार्मिक यात्रा के लिए हिमालयी क्षेत्र में पहुंचे थे। बताया जा रहा कि ग्लेशियर का एक हिस्सा टूटने और बड़ी मात्रा में पानी व मलबा नीचे आने से नदियों का जलस्तर अचानक बढ़ गया। तेज बहाव की चपेट में आने से कई घर, पुल और अन्य ढांचे बह गए, जिससे नेपाल और तिब्बत के कई इलाकों में भारी नुकसान हुआ है।
Market news : US में बॉन्ड यील्ड बढ़ने और क्रूड में उछाल से भारतीय बाजार के सेंटिमेंट कमजोर दिख रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी 100 प्वाइंट से ज्यादा नीचे आ गया है। शुक्रवार को FIIs की कैश और वायदा मिलाकर 5600 करोड़ रुपये से ज्यादा की बिकवाली देखने को मिली। इनके नेट शॉर्ट कॉन्ट्रैक्ट फिर दो लाख के पार चले गए हैं। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।
मार्केट ओवरव्यू
28 अगस्त को उतार-चढ़ाव भरे सेशन में भारतीय इक्विटी इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए और लगातार दो दिनों की गिरावट का सिलसिला खत्म होगा। IT शेयरों में बढ़त की वजह से निफ्टी 24,150 के ऊपर बंद होने में कामयाब रहा था। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 330.92 अंक या 0.43 प्रतिशत बढ़कर 77,264.51 पर और निफ्टी 84.80 अंक या 0.35 प्रतिशत बढ़कर 24,175.65 पर बंद हुआ। वीकली बेसिस पर देखें तो मार्केट में लगातार तीसरे हफ्ते गिरावट जारी रही। बीते हफ्ते BSE सेंसेक्स और निफ्टी50 दोनों में 0.3% की गिरावट आई। ब्रॉडर मार्केट का प्रदर्शन बेंचमार्क इंडेक्स के मुकाबले कमजोर रहा और निफ्टी मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में बहुत कम बदलाव के साथ कारोबार खत्म हुआ
एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो
28 अगस्त को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने 5,000 करोड़ रुपये से ज़्यादा के शेयर बेचे,लेकिन घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने 5,183 करोड़ रुपये के शेयर खरीदकर इसकी भरपाई कर दी और लगातार 14वें दिन भी खरीदारी जारी रखी।
अमेरिकी डॉलर के मुकाबले एशियाई करेंसी में मिला-जुला असर दिख रहा है। इंडोनेशियाई रुपिया 0.29% और जापानी येन 0.09% मजबूत हुए हैं। दक्षिण कोरियाई वॉन में 0.04% की गिरावट आई है,जबकि फिलीपींस पेसो 0.10% कमजोर हुआ है। थाई बाहत 0.19% और ताइवान डॉलर 0.17% गिरे हैं। चीनी रेनमिनबी में 0.14% की नरमी आई हैं,जबकि मलेशियाई रिंगित 0.20% टूटा है। सिंगापुर डॉलर भी 0.02% नीचे आया है।
वेस्ट एशिया टेंशन और बढ़ी
वेस्ट एशिया टेंशन और बढ़ गई है। लारक द्वीप पर अमेरिकी हमले के बाद ईरान का पलटवार हुआ है। ईरान ने जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया है। ईरान के सुप्रीम लीडर र्मोजतबा खामेनेई ने कहा है कि डॉलर की भूमिका धीरे-धीरे खत्म करने की जरूरत है। इधर क्रूड 90 डॉलर के पार चला गया है।
US फेड चेयरमैन ने दिए दरें बढ़ाने के संकेत, बॉन्ड यील्ड 4.7 के पार, डॉलर इडेक्स में उछाल
US फेड चेयरमैन केविन वॉर्श ने दरें बढ़ाने के संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा है कि महंगाई लक्ष्य से ज्यादा रही तो कदम उठाने पड़ेंगे। इस बयान के बाद बॉन्ड यील्ड 4.7 के पार चली गई है। डॉलर इंडेक्स में भी उछाल आया है। सोना-चांदी ठंडे पड़े हैं। अमेरिकी बाजार भी कमजोरी के साथ बंद हुए। वहीं एशिया भी कमजोर दिख रहा है। निक्केई और कॉस्पी 2% फिसले हैं।
सबसे बड़े IPO का रास्ता हुआ साफ
देश के सबसे बड़े IPO का रास्ता साफ हो गया है। सेबी ने जियो प्लैटफॉर्म्स के IPO को मंजूरी दे दी है। जियो प्लैटफॉर्म्स 27 करोड़ फ्रेश शेयर जारी करेगी। इस रकम का इस्तेमाल कर्ज चुकाने में होगा।
HDFC बैंक से रिटायर होंगे शशिधर जगदीशन
शशिधर जगदीशन दोबारा HDFC बैंक के MD&CEO नहीं बनेंगे। ये 26 अक्टूबर को रिटायर होंगे। उन्होंने कहा है कि वे दोबारा नियुक्ति नहीं चाहते। उन्होंने बैंक के बोर्ड से कहा है कि उत्तराधिकारी तलाश करने का प्रोसेस तेज किया जाए।
सुभाष चंद्रा के रीपेमेंट प्लान का विरोध
ज़ी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज की और से बड़ी खबर आई है। सुभाष चंद्रा के रीपेमेंट प्लान का विरोध किया गया है। NCLT के फैसले को कैनरा, HDFC बैंक और LIC हाउसिंग फाइनेंस चुनौती देंगे।
MSCI की आज रीबैलेंसिंग
आखिरी आधे घंटे में आज MSCI की रीबैलेंसिंग होगी। लॉरस लैब्स,लेंसकार्ट,अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस और ग्रो शामिल होंगे। वहीं बालकृष्ण इंडस्ट्रीज, SBI कार्ड्स और एस्ट्रल बाहर होंगे। MSCI में भारत के वेटेज में भी हल्की बढ़त होगी।
LPG Price Today: 31 अगस्त 2026 को LPG सिलेंडर की कीमतों पर सबकी नजर है। हर महीने की पहली तारीख को तेल कंपनियां घरेलू और कमर्शियल LPG सिलेंडर के दामों में बदलाव करती हैं। ऐसे में आज 14.2 किलो वाले घरेलू सिलेंडर और 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों को लेकर उपभोक्ताओं और कारोबारियों में खास दिलचस्पी है।
घरेलू LPG की कीमत का सीधा असर आम परिवारों के मासिक बजट पर पड़ता है, जबकि कमर्शियल सिलेंडर के दाम होटल, रेस्टोरेंट, ढाबे और दूसरे कारोबारों की लागत को प्रभावित करते हैं।
दिल्ली, मुंबई और बड़े शहरों में LPG का भाव
दिल्ली में घरेलू 14.2 किलो LPG सिलेंडर की कीमत ₹942 है, जबकि मुंबई में यह ₹941.50 में उपलब्ध है।फिलहाल 1 सितंबर 2026 के नए LPG रेट जारी होने का इंतजार है। नए दाम सामने आने तक ग्राहकों को पिछले महीने लागू कीमतों के आधार पर ही सिलेंडर मिल रहा है। शहर के हिसाब से LPG की कीमत अलग हो सकती है, इसलिए बुकिंग से पहले अपने शहर का मौजूदा रेट जरूर जांच लें
शहर
घरेलू LPG (14.2 किलो)
कमर्शियल LPG (19 किलो)
कोलकाता
₹968.00
₹2,872.50
मुंबई
₹941.50
₹2,691.50
चेन्नई
₹957.50
₹2,906.00
गुड़गांव
₹950.50
₹2,755.00
नोएडा
₹939.50
₹2,738.00
बैंगलोर
₹944.50
₹2,821.00
भुवनेश्वर
₹968.00
₹2,908.00
चंडीगढ़
₹951.50
₹2,760.00
हैदराबाद
₹994.00
₹2,985.00
जयपुर
₹945.50
₹2,765.50
लखनऊ
₹979.50
₹2,860.50
पटना
₹1,031.50
₹3,018.00
तिरुवनंतपुरम
₹951.00
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जून में बढ़े थे घरेलू LPG के दाम
घरेलू LPG की कीमतों में आखिरी बड़ा बदलाव जून 2026 में देखने को मिला था। उस समय तेल कंपनियों ने 14.2 किलो वाले सिलेंडर की कीमत में ₹29 की बढ़ोतरी की थी। इसके बाद दिल्ली में घरेलू LPG का भाव ₹913 से बढ़कर ₹942 हो गया था।
जून के बाद घरेलू सिलेंडर की कीमत में कोई बदलाव नहीं हुआ है। इसलिए सितंबर में भी लोगों की नजर इस बात पर है कि क्या तेल कंपनियां घरेलू LPG के दाम में कोई बदलाव करती हैं।
अगस्त में कमर्शियल LPG हुआ था सस्ता
कमर्शियल LPG सिलेंडर इस्तेमाल करने वाले कारोबारियों को 1 अगस्त को राहत मिली थी। तेल कंपनियों ने 19 किलो वाले सिलेंडर की कीमतों में अलग-अलग शहरों में करीब ₹192 से ₹209 तक की कटौती की थी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी को इसका प्रमुख कारण माना गया था।
सितंबर में LPG के दाम पर क्यों है नजर?
LPG की कीमतों पर अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल और गैस बाजार के साथ-साथ रुपये की स्थिति और वैश्विक सप्लाई का भी असर पड़ता है। मध्य-पूर्व में जारी तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य में शिपिंग गतिविधियों में आई कमी के कारण आने वाले समय में तेल और गैस की वैश्विक सप्लाई पर दबाव बढ़ने की आशंका है। ऐसे में 1 सितंबर के बाद भी LPG की कीमतों में संभावित बदलाव पर लोगों की नजर बनी रहेगी। सिलेंडर बुक करने से पहले अपने शहर का ताजा रेट जरूर चेक करें।
पाकिस्तान, तुर्किये और सऊदी अरब के बीच मक्का संयुक्त रक्षा समझौते के तहत पहली बैठक सोमवार को इस्तांबुल में होगी। बैठक में तीनों देशों के विदेश और रक्षा मंत्री के साथ सैन्य प्रमुख भी शामिल होंगे। पाकिस्तान की ओर से उपप्रधानमंत्री मोहम्मद इशाक डार, रक्षा मंत्री ख्वाजा मुहम्मद आसिफ और सेना प्रमुख एवं चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज फील्ड मार्शल सैयद आसिम मुनीर हिस्सा लेंगे। पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्किये ने 7 अगस्त को मक्का में संयुक्त रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। समझौते के तहत किसी एक देश पर हमला तीनों देशों पर हमला माना जाएगा। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच इस समझौते को तीनों देशों के बीच सुरक्षा सहयोग मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। बैठक का एजेंडा फिलहाल साफ नहीं मक्का रक्षा समझौते के तहत बनी रणनीतिक राजनीतिक और रक्षा समिति की पहली बैठक का एजेंडा सार्वजनिक नहीं किया गया है, लेकिन क्षेत्रीय सुरक्षा, ईरान से जुड़े हालात, रक्षा सहयोग और आपसी सुरक्षा रणनीति पर चर्चा होने की संभावना है। इसके अलावा क्षेत्र में बढ़ते तनाव और संभावित सुरक्षा खतरों से निपटने के लिए आपसी तालमेल मजबूत करने पर भी विचार किया जा सकता है। बांग्लादेश ने भी दिखाई रुचि मक्का समझौते के तहत भविष्य में अन्य देशों के जुड़ने की संभावना है। बांग्लादेश पहले ही इस समझौते में रुचि दिखा चुका है। पाकिस्तान के विदेश कार्यालय के मुताबिक, इस्तांबुल बैठक में उसकी भागीदारी तुर्किये और सऊदी अरब के साथ मजबूत संबंधों के साथ क्षेत्र में स्थायी शांति और स्थिरता के लिए उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। चार देशों की अलग बैठक भी होगी मक्का रक्षा समझौते की बैठक के अलावा तुर्किये, पाकिस्तान, सऊदी अरब और मिस्र के विदेश मंत्रियों की एक अलग बैठक भी प्रस्तावित है। यह चार देशों का समूह क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता से जुड़े मुद्दों पर समन्वय बढ़ाने के उद्देश्य से मार्च में बनाया गया था। इस समूह की पिछली बैठक 5 अगस्त को जॉर्डन की राजधानी अम्मान में हुई थी। उस दौरान नेताओं ने क्षेत्रीय शांति, सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने के लिए संवाद और आपसी सहयोग को और मजबूत करने पर जोर दिया था। चुनौतियों का सामना कर रहे हैं तीनों देश मक्का रक्षा समझौता ऐसे समय में हुआ है, जब तीनों देश अपनी-अपनी सुरक्षा चुनौतियों से जूझ रहे हैं। इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर पूरे पश्चिम एशिया पर पड़ रहा है। पाकिस्तान का अफगानिस्तान के साथ सीमा विवाद चल रहा है, जबकि सऊदी अरब को हूती विद्रोहियों के हमलों का खतरा बना रहता है। वहीं, तुर्किये लंबे समय से कुर्द उग्रवादी समूहों के खिलाफ अभियान चला रहा है और इजराइल के साथ उसके संबंध भी तनावपूर्ण हैं। ऐसे हालात में तीनों देशों ने सुरक्षा और रक्षा सहयोग बढ़ाने के लिए यह समझौता किया है। खबर अपडेट हो रही है…
पाकिस्तान, तुर्किये और सऊदी अरब के बीच मक्का संयुक्त रक्षा समझौते के तहत पहली बैठक सोमवार को इस्तांबुल में होगी। बैठक में तीनों देशों के विदेश और रक्षा मंत्री के साथ सैन्य प्रमुख भी शामिल होंगे। पाकिस्तान की ओर से उपप्रधानमंत्री मोहम्मद इशाक डार, रक्षा मंत्री ख्वाजा मुहम्मद आसिफ और सेना प्रमुख एवं चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज फील्ड मार्शल सैयद आसिम मुनीर हिस्सा लेंगे। पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्किये ने 7 अगस्त को मक्का में संयुक्त रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। समझौते के तहत किसी एक देश पर हमला तीनों देशों पर हमला माना जाएगा। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच इस समझौते को तीनों देशों के बीच सुरक्षा सहयोग मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। बैठक का एजेंडा फिलहाल साफ नहीं मक्का रक्षा समझौते के तहत बनी रणनीतिक राजनीतिक और रक्षा समिति की पहली बैठक का एजेंडा सार्वजनिक नहीं किया गया है, लेकिन क्षेत्रीय सुरक्षा, ईरान से जुड़े हालात, रक्षा सहयोग और आपसी सुरक्षा रणनीति पर चर्चा होने की संभावना है। इसके अलावा क्षेत्र में बढ़ते तनाव और संभावित सुरक्षा खतरों से निपटने के लिए आपसी तालमेल मजबूत करने पर भी विचार किया जा सकता है। बांग्लादेश ने भी दिखाई रुचि मक्का समझौते के तहत भविष्य में अन्य देशों के जुड़ने की संभावना है। बांग्लादेश पहले ही इस समझौते में रुचि दिखा चुका है। पाकिस्तान के विदेश कार्यालय के मुताबिक, इस्तांबुल बैठक में उसकी भागीदारी तुर्किये और सऊदी अरब के साथ मजबूत संबंधों के साथ क्षेत्र में स्थायी शांति और स्थिरता के लिए उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। पाकिस्तान-सऊदी-तुर्किये की सैन्य ताकत एक साथ इस समझौते के तहत तीनों देशों की अलग-अलग ताकत एक साथ आएगी। चार देशों की अलग बैठक भी होगी मक्का रक्षा समझौते की बैठक के अलावा तुर्किये, पाकिस्तान, सऊदी अरब और मिस्र के विदेश मंत्रियों की एक अलग बैठक भी प्रस्तावित है। यह चार देशों का समूह क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता से जुड़े मुद्दों पर समन्वय बढ़ाने के उद्देश्य से मार्च में बनाया गया था। इस समूह की पिछली बैठक 5 अगस्त को जॉर्डन की राजधानी अम्मान में हुई थी। उस दौरान नेताओं ने क्षेत्रीय शांति, सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने के लिए संवाद और आपसी सहयोग को और मजबूत करने पर जोर दिया था। चुनौतियों का सामना कर रहे हैं तीनों देश मक्का रक्षा समझौता ऐसे समय में हुआ है, जब तीनों देश अपनी-अपनी सुरक्षा चुनौतियों से जूझ रहे हैं। इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर पूरे पश्चिम एशिया पर पड़ रहा है। पाकिस्तान का अफगानिस्तान के साथ सीमा विवाद चल रहा है, जबकि सऊदी अरब को हूती विद्रोहियों के हमलों का खतरा बना रहता है। वहीं, तुर्किये लंबे समय से कुर्द उग्रवादी समूहों के खिलाफ अभियान चला रहा है और इजराइल के साथ उसके संबंध भी तनावपूर्ण हैं। ऐसे हालात में तीनों देशों ने सुरक्षा और रक्षा सहयोग बढ़ाने के लिए यह समझौता किया है। ये खबर भी पढ़ें… तुर्किये जा रही फेरी बोट समुद्र में पलटी:7 की मौत, 24 लापता; 270 यात्री सवार थे, बोट के ऊपर चढ़कर जान बचाई मेडिटेरियन सी में तुर्किये जा रही फेरी बोट रविवार को समुद्र में पलट गई। यह फेरी यूरोपीय देश साइप्रस के उत्तरी तट से 270 से ज्यादा यात्रियों के साथ रवाना हुई थी। पूरी खबर पढ़ें
Mohan Bhagwat Canada Visit: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने कनाडा के टोरंटो में आयोजित ‘हिंदू विश्व बंधु-एम्ब्रेस द वर्ल्ड इन फ्रेंडशिप’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए हिंदू पहचान, विविधता, एकता और भारत की सभ्यतागत सोच पर विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि हिंदू शब्द को किसी एक भाषा, पूजा पद्धति या जीवनशैली तक सीमित नहीं किया जा सकता। हिंदू विचारधारा की मूल भावना अलग-अलग विविधताओं को स्वीकार करने और उनमें मौजूद एकता को पहचानने की है।
मोहन भागवत ने आगे कहा कि हिंदू की पहचान किसी खास भाषा, पूजा के तरीके या जीवन जीने की शैली से तय नहीं होती। उन्होंने कहा कि हिंदू विचार सभी को स्वीकार करने और सभी का सम्मान करने की भावना पर आधारित है।
उन्होंने कहा, “जब मैं हिंदू कहता हूं तो हिंदू शब्द को किसी विशेष भाषा, किसी विशेष पूजा या किसी विशेष जीवनशैली से परिभाषित नहीं किया जा सकता।” भागवत ने जोर देकर कहा कि हिंदू विचारधारा में ‘सबका सम्मान और सबकी स्वीकृति’ का भाव है।
‘विविधता स्वाभाविक है, एकता वास्तविकता’
RSS प्रमुख ने भारत की सामाजिक और सांस्कृतिक विविधता का जिक्र करते हुए कहा कि देश में जाति, पंथ और भाषाओं की अनेकता हमेशा से रही है। उनके मुताबिक, अलग-अलग होना स्वाभाविक है, लेकिन एकता मूल वास्तविकता है।
उन्होंने कहा, “कई जातियां हैं, कई पंथ हैं, कई भाषाएं हैं। सब कुछ अनेक है। विविधता स्वाभाविक है, जबकि एकता वास्तविकता है।” भागवत ने कहा कि भारत की प्राचीन सभ्यतागत सोच यह सिखाती है कि विविधता को एकता के लिए खतरा नहीं माना जाना चाहिए। बल्कि उसका सम्मान और संरक्षण किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि विविधता एकता की अभिव्यक्ति है। यही विविधता समाज को सुंदर बनाती है।
‘हिंदू जागे तो दुनिया जागेगी’
मोहन भागवत ने अपने संबोधन में सेवा और मानवता की भावना को भी हिंदू विचार से जोड़ा। उन्होंने कहा कि भारत की परंपरा जरूरतमंदों की मदद करने की रही है और कई बार भारत ने बिना मांगे भी दूसरों की सहायता की है। उन्होंने कहा, “जब भी दुनिया में कहीं भारत से मदद मांगी गई, भारत ने कभी मना नहीं किया। बल्कि बिना मांगे भी मदद का हाथ बढ़ाया। यही भारत की परंपरा और उसका डीएनए है।”
इसी संदर्भ में उन्होंने कहा कि आपने यह बात सुनी होगी कि अगर हिंदू जागता है तो दुनिया जागती है। भागवत ने कहा कि हिंदू आध्यात्मिक परंपरा लोगों को विविधता के भीतर एकता देखने की सीख देती है। इसमें केवल मनुष्यों ही नहीं। बल्कि जीव-जंतुओं और निर्जीव प्रकृति के साथ भी जुड़ाव की भावना पर जोर दिया जाता है।
‘वसुधैव कुटुंबकम’ का किया जिक्र
RSS प्रमुख ने अपने भाषण में भारत की प्राचीन अवधारणा ‘वसुधैव कुटुंबकम’ का भी उल्लेख किया। उन्होंने इसे पूरी दुनिया को एक परिवार मानने वाली सोच बताया। उन्होंने कहा कि खुले विचारों वाले और ज्ञान रखने वाले लोग इस विचार को स्वीकार करते हैं कि पूरी पृथ्वी एक परिवार है। भागवत के मुताबिक, इंसानों के बीच बाहरी रूप-रंग को लेकर भले ही अंतर दिखाई दे। लेकिन मूल रूप से सभी एक हैं। इसी सोच से दूसरों की सेवा करने का दायित्व पैदा होता है। उन्होंने कहा, “दूसरों की सेवा करना हमारा कर्तव्य है। हमने यह ज्ञान प्राप्त किया है, जो हमें स्थायी खुशी और संतुष्टि देता है।”
‘भारत विश्वगुरु बना, महाशक्ति बनकर नहीं’
मोहन भागवत ने भारत के वैश्विक प्रभाव की तुलना केवल सैन्य या आर्थिक ताकत से करने के बजाय सेवा और मानवीय मूल्यों से की। उन्होंने कहा कि भारत ने दुनिया पर अपना प्रभाव किसी सुपरपावर के रूप में नहीं बनाया, बल्कि अपने चरित्र और दुनिया की सेवा के कारण ‘विश्वगुरु’ बना। उन्होंने कहा, “कोई भारत को सुपरपावर कह सकता है, लेकिन भारत सुपरपावर नहीं था। उसने दुनिया की सेवा की और अपने चरित्र के कारण ‘विश्वगुरु’ बना, ‘महाशक्ति’ नहीं।”
द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान पोलिश शरणार्थियों का उदाहरण
भागवत ने भारत की शरण देने की परंपरा को समझाने के लिए इतिहास के कई उदाहरण दिए। उन्होंने द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान पोलिश शरणार्थियों का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि जब पोलैंड के लोग युद्ध और संकट के कारण परेशान थे, तब जामनगर के महाराजा ने उन्हें शरण और सुरक्षा दी। उन्हें तब तक संरक्षण दिया गया, जब तक वे सुरक्षित रूप से अपने देश लौटने की स्थिति में नहीं आ गए।
न्होंने भारत की हालिया मानवीय सहायता का भी उदाहरण दिया। भागवत ने मध्य-पूर्व के एक युद्ध क्षेत्र से भारतीय नागरिकों की निकासी का उल्लेख करते हुए कहा कि भारतीय सैन्य विमानों ने न केवल भारतीयों बल्कि सात अन्य देशों के नागरिकों को भी सुरक्षित निकाला।
Shamli Encounter: उत्तर प्रदेश के शामली में सोमवार तड़के पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में दो बदमाश मारे गए। पुलिस के मुताबिक, दोनों बदमाश अंकित बालियान हत्याकांड में शामिल शूटर थे और उनकी गिरफ्तारी पर 50-50 हजार रुपए का इनाम घोषित था।
शामली के कोतवाली क्षेत्र में हुई इस कार्रवाई की जानकारी देते हुए एसपी एनपी सिंह ने बताया कि पुलिस को सुबह करीब चार बजे सूचना मिली थी कि अंकित बालियान हत्याकांड में शामिल दो शूटर शामली की ओर आ रहे हैं। सूचना मिलते ही जिले के सभी संबंधित थानों की पुलिस को अलर्ट कर मौके पर भेजा गया।
पुलिस के अनुसार, बदमाशों ने पुलिस को चकमा देने की कोशिश की और मन्ना माजरा की ओर भागने लगे। इसी दौरान होटल राजमहल के पास उन्होंने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। बदमाशों की गोलीबारी में पुलिस की एक गाड़ी को भी गोली लगी, जबकि दो पुलिसकर्मी घायल हो गए।
इसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए फायरिंग की, जिसमें दोनों बदमाशों को गोली लगी। पुलिस टीम ने दोनों को घायल अवस्था में अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृत बदमाशों की पहचान सुमित पुत्र धर्मपाल और मोहित के रूप में हुई है। दोनों हरियाणा के सोनीपत जिले के राझड़ा गांव के निवासी बताए गए हैं।
मुठभेड़ के बाद पुलिस ने घटनास्थल को घेर लिया और जांच शुरू कर दी है। मौके पर एसपी एनपी सिंह समेत पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद हैं। पुलिस अब दोनों बदमाशों के आपराधिक रिकॉर्ड और अंकित बालियान हत्याकांड में उनकी भूमिका से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।
August was a busy month for the Indian car market, bringing several new models ajd variants, as well as updates. The BMW X1 LWB and MG Hector Tomahawk EV and PHEV were among the fresh launches, while the Mahindra Scorpio N received a mid-lifecycle update. The Mahindra BE 6 gained the ‘Sporteq’ suffix, while three existing models added new trims: the Range Rover SV Ultra, BYD Sealion 7 Dynamic and Skoda Kylaq Sportline. After such a packed August, September is also set to see more car launches.
Kia Sorento
Launch: September 4
The Kia Sorento will be the brand’s new flagship ICE model in India, and it will be offered with both strong-hybrid and diesel powertrains. The 1.6-litre strong-hybrid version will produce 238hp and 380Nm, while the 2-litre diesel will make 202hp and 441Nm.
The Sorento gets Kia’s signature Tiger Nose grille, large vertical LED headlights with Y-shaped LED daytime running lamps (DRLs), LED fog lamps and vertical aero vents at the edges. Kia has not revealed the alloy wheel size yet, but they are likely to be 19-inch units. At the rear, the Sorento gets squarish tail-lamps with an inverted L-shaped LED signature, a large roof spoiler and a two-tone bumper.
Inside, there is a connected panel housing the infotainment and instrument cluster screens. Kia has not revealed their sizes, but both are likely to be 12.3-inch units. Other features seen in the official images include ADAS, ventilated front seats, a digital interior rearview mirror (IRVM), an electrically operated tailgate, dual-zone climate control, ambient lighting and a panoramic sunroof.
The Sorento is expected to be available in both 6- and 7-seat layouts. Kia has already started accepting bookings for the Sorento and upon launch, it will compete with the Skoda Kodiaq, Volkswagen Tayron and Jeep Meridian.
Maruti Baleno facelift
Launch: September 5
The Maruti Baleno is currently in its second generation, which was launched in 2022, and is due for an update. Previous spy shots of the Baleno facelift have suggested a redesigned front end with a new grille featuring a horizontal bar in the centre connecting the headlights. Test mules have also shown a new bumper without the front fog lamps seen on the current model.
Image credit: Harsh Vlogs via YouTube.
From the side, the only expected change is a new alloy wheel design. At the rear, the facelift could get a redesigned bumper, while the tail-lights are likely to remain unchanged. Inside, the Baleno could retain the current 9-inch touchscreen; however, update the upholstery and add new features.
Image credit: Harsh Vlogs via YouTube.
Under the hood, the facelifted Baleno is expected to continue with the existing powertrain options. These include a 90hp 1.2-litre naturally aspirated petrol engine with 5-speed manual and 5-speed AMT choices, along with a 77.5hp CNG version available only with the manual gearbox. It will continue to rival the Tata Altroz, Hyundai i20 and Toyota Glanza.
BMW 7 Series, i7 facelifts
Launch: September 11
BMW opened bookings for the facelifted 7 Series and i7 flagship sedans on August 1, soon after their global debut earlier this year. In India, the company currently sells the 740i petrol and 740d diesel versions of the 7 Series, along with the eDrive 50 and M70 xDrive variants of the all-electric i7. These versions get several updates with the facelift, although BMW is yet to confirm which variants will be introduced in here.
In international markets, the facelifted 740i and 740d continue with their 3.0-litre straight-six engines, but with uprated outputs. The 740i makes 400hp and 580Nm, up by 19hp and 60Nm, while the 740d develops 313hp and 670Nm, an increase of 27hp and 20Nm. Both continue to use 48V mild-hybrid systems, 8-speed automatic gearboxes and BMW’s xDrive all-wheel-drive system. The i7 also gets a larger 112.4kWh battery in both variants, up from 101.7kWh. The lower 50 trim now comes only with xDrive all-wheel drive instead of rear-wheel drive and produces 455hp and 660Nm, up by 6hp and 10Nm. The M70 xDrive now makes 680hp and 1,100Nm, gaining 30hp and 85Nm. Charging speeds have also improved.
Visually, the updated 7 Series and i7 have a more monolithic look. They get new split LED headlights, slimmer and more upright kidney grilles with an illuminated surround, and larger bumper air intakes. The side profile remains largely unchanged apart from the side skirts and alloy wheels, while the rear gets new wraparound LED tail-lamps, a redesigned tailgate and a revised bumper.
Inside, BMW has redesigned the dashboard around a 17.9-inch infotainment touchscreen, a 14.6-inch passenger display and a pillar-to-pillar Panoramic Vision display at the base of the windscreen. The steering wheel is now a four-spoke unit, similar to those used in BMW’s Neue Klasse models, while the centre console and transmission tunnel have also been updated.
Rear passengers get powered seats with heating, ventilation, massage and lumbar support. The 31.3-inch 8K Theatre Screen can now be operated by touch, while the rear-door displays have also been updated to control the rear-seat experience. Other key features include ambient lighting, a Bowers & Wilkins surround sound system and 4-zone climate control. The BMW luxury sedan competes directly with the Mercedes-Benz S-Class, which also received a facelift this year.
Porsche Cayenne Electric
Debut: September 30
Porsche announced prices for the Cayenne Electric in November last year, and the SUV is now set for its physical showcase. The standard Cayenne Electric is priced at Rs 1.77 crore, while the range-topping Turbo Electric costs Rs 2.27 crore (both ex-showroom).
Both trims of the Porsche Cayenne Electric get a 113kWh battery and a dual-motor all-wheel-drive setup as standard. The more powerful Turbo Electric produces 1,156hp and 1,500Nm with Launch Control, allowing it to sprint from 0-100kph in 2.5 seconds before reaching an electronically limited top speed of 260kph. It has a claimed WLTP range of 537km. Whereas, the standard Cayenne Electric makes 442hp and 835Nm with Launch Control, does 0-100kph in 4.8 seconds and has an electronically limited top speed of 230kph. Its claimed WLTP range stands at 542km.
The Cayenne Electric keeps a similar overall shape to the ICE-powered Cayenne. However, the EV gets a closed-off grille, with two air vents on either side of the bumper to cool the battery and electrical components. These vents are larger on the Turbo trim. At the rear, there is a full-width LED light bar with illuminated Porsche lettering. The bumper has also been redesigned with horizontal black elements.
Inside, the Cayenne Electric gets a three-spoke steering wheel and digital driver’s display, similar to the ICE model. Porsche has also added a new 14.5-inch curved touchscreen infotainment system that flows into the centre console. An optional 14.9-inch passenger display is also available at an additional cost. Other features include 8-way electrically adjustable front seats, four-zone automatic climate control, ventilated front seats, a panoramic sunroof and wireless phone charging.