Jailer 2 box office collection day 2: रजनीकांत स्टारर ने शुक्रवार को मचाया गदर, 95 करोड़ हुई फिल्म की कमाई

Jailer 2 box office collection day 2: रजनीकांत की कोई भी फिल्म रिलीज होना उनके प्रशंसकों के लिए जश्न का मौका होता है। ‘जेलर 2’ की रिलीज को लेकर बने भारी उत्साह के चलते रजनीकांत की इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड तोड़ ओपनिंग हासिल की। ​​अब फिल्म की कोशिश है कि पहले वीकेंड में भी यह रफ्तार बनी रहे, क्योंकि शनिवार के अंत तक इसके ₹100 करोड़ का आंकड़ा पार करने की उम्मीद है।

जेलर 2 बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट

रिलीज के दिन, ‘जेलर’ ने घरेलू बॉक्स ऑफिस पर 15,887 शोज के जरिए ₹59.70 करोड़ की नेट कमाई की। भारत में ‘जेलर 2’ के लिए एडवांस बुकिंग रिलीज से पांच दिन पहले, 10 अक्टूबर को शुरू हुई। कुछ विदेशी बाजारों में यह एक दिन पहले ही शुरू हो चुकी थी। 14 अक्टूबर (बुधवार) के अंत तक फिल्म की दुनिया भर में एडवांस बुकिंग 80 करोड़ के पार पहुंच गई थी। अकेले भारत में फिल्म के लिए ओपनिंग डे के 18 लाख टिकट पहले ही बिक चुके थे, जिससे ₹37 करोड़ की ग्रॉस कमाई हुई।

सैकनिल्क (Sacnilk) के ताजा अपडेट के अनुसार ‘जेलर 2’ ने शनिवार को ₹35.60 करोड़ की कमाई की है। इसके साथ ही भारत में फिल्म की कुल नेट कमाई अब तक ₹95.30 करोड़ हो गई है। फिल्म ₹100 करोड़ के आंकड़े के काफी करीब पहुंच गई थी, लेकिन थोड़े से अंतर से चूक गई। अब सबकी नजरें शनिवार और रविवार पर टिकी हैं कि ‘जेलर 2’ अपने पहले वीकेंड का कितना फायदा उठा पाती है।

रजनीकांत की पिछली रिलीज ‘कुली’ ने भारत में अपनी रिलीज के दूसरे दिन ₹53.50 करोड़ (नेट) की कमाई की थी, जिससे इसका कुल कलेक्शन ₹108 करोड़ तक पहुंच गया था।

कोटा में दर्दनाक हादसा: खाई में गिरी खाटू श्याम जा रही बस, मध्य प्रदेश के 8 यात्रियों की मौत

कोटा में दर्दनाक हादसा: खाई में गिरी खाटू श्याम जा रही बस, मध्य प्रदेश के 8 यात्रियों की मौत

Kota Road Accident

राजस्थान के कोटा में शनिवार को दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर भोपाल से खाटू श्याम जा रही एक बस 15 फीट गहरी खाई में गिर गई। इस भीषण हादसे में मध्य प्रदेश के 8 यात्रियों की मौत हो गई, जबकि कई गंभीर रूप से घायल लोगों का अस्पताल में इलाज जारी है।

 

मीडिया खबरों के अनुसार, भोपाल से खाटू श्याम मंदिर जा रही इस बस को चलाते समय ड्राइवर ने अपना नियंत्रण खो दिया, जिससे बस कोटा के कराड़िया में एक खाई में गिर गई। बताया जा रहा है कि सभी मृतक मध्यप्रदेश के रहने वाले थे।

 

DM पीयूष सामरिया ने बताया कि अब तक 8 लोगों को मृत अवस्था में लाया गया है। सभी गंभीर मरीजों को ICU में शिफ्ट कर दिया गया है और उनका इलाज चल रहा है।

इजराइली कंपनी के विज्ञापनों के जरिए जासूसी की कोशिश:बिना क्लिक के डिवाइस में घुस सकता है मालवेयर; UN और नाटो के नेटवर्क तक पहुंच

टोरंटो यूनिवर्सिटी की सिटिजन लैब की जांच में खुलासा हुआ है कि इजराइली कंपनी डिस्कवर टेक के विज्ञापनों के जरिए मोबाइल और कंप्यूटर में जासूसी मालवेयर (एक तरह का सॉफ्टवेयर) पहुंचाने की कोशिश की गई। इसके लिए यूजर को विज्ञापन पर क्लिक करने की जरूरत भी नहीं थी। जांच में 1.20 लाख से ज्यादा वेबसाइटों और 75 हजार से ज्यादा ऐप पर ऐसे विज्ञापनों के रिकॉर्ड मिले। इनमें संयुक्त राष्ट्र (UN) और नाटो के नेटवर्क तक विज्ञापन पहुंचने की बात भी सामने आई है। रिकॉर्ड में भारत में इस्तेमाल होने वाले ट्रूकॉलर, एमएक्स प्लेयर और लूडो स्टार जैसे ऐप भी शामिल हैं। मोबाइल नंबर जुटाने की भी कोशिश जांच में ‘डार्क कार्टोग्राफर’ नाम के एक अन्य समूह का भी पता चला। यह समूह विज्ञापनों के जरिए 30 से ज्यादा देशों में लोगों के मोबाइल नंबर पता लगाने की कोशिश कर रहा था। भास्कर एनालिसिस: 6 पॉइंट में समझें, कैसे होती थी जासूसी 1. निशाना कैसे बनाते थे? हैकिंग करने वाले सामान्य विज्ञापनों के जरिए फोन और कंप्यूटर तक पहुंचने की कोशिश करते थे। इसके लिए यूजर का विज्ञापन पर क्लिक करना जरूरी नहीं था। कुछ मामलों में विज्ञापन स्क्रीन पर दिखाई दिए बिना भी कोड डिवाइस तक पहुंच सकता था। 2. डिवाइस की पहचान कैसे करते थे? विज्ञापन से जुड़े कोड के जरिए यह पता लगाने की कोशिश होती थी कि कौन-सा व्यक्ति किस ऐप या वेबसाइट का इस्तेमाल कर रहा है। डिवाइस से जुड़ी जानकारी भी जुटाई जाती थी। 3. जासूसी सॉफ्टवेयर कैसे पहुंचता था? पहले जुटाई गई जानकारी के आधार पर चुनिंदा डिवाइस को निशाना बनाया जाता था। विज्ञापन के जरिए उन डिवाइस तक जासूसी सॉफ्टवेयर पहुंचाने की कोशिश होती थी। यूजर को इसकी जानकारी नहीं होती थी। 4. कितने बड़े पैमाने पर हुई कोशिश? जांच के मुताबिक, डिस्कवर टेक ने 161 देशों में विज्ञापन दिखाने की कोशिश की। कंपनी के एक सर्वर पर जनवरी से जून 2026 के बीच 36.4 लाख से ज्यादा संभावित यूजर्स के रिकॉर्ड मिले। इन यूजर्स के डिवाइस तक कोड पहुंचाने की व्यवस्था थी। जांचकर्ताओं के मुताबिक, इस नेटवर्क का दायरा इससे भी बड़ा हो सकता है। 5. हमले पकड़ में क्यों नहीं आए? विज्ञापन सामान्य दिखाई देते थे और हर यूजर को एक जैसा कोड नहीं भेजा जाता था। चुनिंदा डिवाइस को ही निशाना बनाए जाने से इस गतिविधि का पता लगाना मुश्किल हो सकता था। 6. गूगल ने क्या कार्रवाई की? रिपोर्ट के मुताबिक, डिस्कवर टेक 2020 से गूगल की प्रमाणित विज्ञापन कंपनियों की सूची में शामिल थी। सिटिजन लैब के खुलासे के बाद गूगल ने कंपनी को इस सूची से हटा दिया। ये आंकड़े विज्ञापनों के रिकॉर्ड से जुड़े हैं। सीधे हैक हुए डिवाइस या जासूसी के शिकार यूजर्स की संख्या नहीं है। बीबीसी, न्यूयॉर्क टाइम्स और रक्षा एजेंसियों तक पहुंचे विज्ञापन जांच में बीबीसी, न्यूयॉर्क टाइम्स, फॉक्स न्यूज, सीबीसी और याहू जैसी वेबसाइटों पर संदिग्ध विज्ञापन दिखने के रिकॉर्ड मिले। इनके अलावा अमेरिका के रक्षा विभाग, स्वीडन के सशस्त्र बलों और नॉर्वे की पुलिस के नेटवर्क तक भी विज्ञापन पहुंचे। अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी और अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय के नेटवर्क पर भी ऐसे विज्ञापन दिखे। कई देशों के सरकारी कार्यालयों और चुनावों की निगरानी करने वाली संस्थाओं के नेटवर्क भी इनके निशाने पर रहे। ————————- ये खबर भी पढ़ें… ट्रम्प ने भारत पर 100% टैरिफ लगाने वाला कानून रोका: बोले-इसमें अमेरिका का फायदा अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने रूस पर सख्त प्रतिबंध लगाने वाले कानून को फिलहाल रोक दिया है। ट्रम्प ने शुक्रवार को इस फैसले से जुड़े आदेश पर हस्ताक्षर किए और कहा कि यह कदम अमेरिका के राष्ट्रीय हित में है। पूरी खबर यहां पढ़ें…

Vida Dirt.E K3 6Days Limited Edition revealed

Vida Dirt.E K3 6Days Limited Edition revealed
An indoor render of the new Vida Dirt.E K3 6Days limited edition

Vida, the electric two-wheeler brand from Hero, has revealed a new version of its electric youth motorcycle called the Dirt.E K3 6Days Limited Edition. It was showcased in Portugal at the 100th Fédération Internationale de Motocyclisme (FIM) International Six Days Enduro (ISDE), an off-road race that started back in 1913.

  1. Production limited to 100 units 
  2. Gets official 6Days logos and race-inspired graphics
  3. Based on the Dirt.E K3, uses a 500W motor and 360Wh battery

Vida Dirt.E K3 6DAYS Limited Edition details  

Features red and green colour scheme to match flag of host country of the race, Portugal

To celebrate the event, Hero has limited the production to only 100 units of the bike, with each unit honoring one of the 100 editions of the race. The motorcycle features official 6Days logos and gets a red and green colour scheme to match the flag of Portugal, the host country of the race. Apart from the cosmetic changes, the motorcycle remains mechanically unchanged.

The base bike first debuted in December 2025 as an electric off-roader designed specifically for young riders. Its most unique feature is the modular setup that allows you to adjust the bike’s proportions as your child grows. Just by using an allen key, parents can adjust the handlebar height, footpeg position, and seat height to change ergonomics as the rider gets taller.

Powering the mini dirt bike is a 500W motor that allows a top speed of 23-25kph. It uses a removable 350Wh battery pack that takes three hours to charge from 0 to 100 percent.The motorcycle has three ride modes: Beginner, Amateur and Pro,  limiting speeds to 8kph, 16kph and 25kph, respectively.

Currently the standard variant of the motorcycle is priced at Rs 89,990. Hero has not revealed pricing or availability timelines for the 6Days edition, but given that it’s a limited-run model, we can expect it to demand a premium.

‘पदक लाओ, पद पाओ’ के तहत खिलाड़ियों की सीधी भर्ती, सीएम योगी का बड़ा ऐलान

'पदक लाओ, पद पाओ' के तहत खिलाड़ियों की सीधी भर्ती, सीएम योगी का बड़ा ऐलान

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों को शारदीय नवरात्रि की षष्ठी तिथि की बधाई दी। उन्होंने कहा कि समस्त बाधाओं और आसुरी प्रवृत्तियों का संहार करने वाली मां कात्यायनी नारीशक्ति के अदम्य साहस, अटूट संकल्प और अजेय पराक्रम का प्रतीक हैं। मुख्यमंत्री ने आस्था, विकास व विरासत के जरिए राज्य में आए बदलाव से अवगत कराते हुए कहा कि प्रदेश में अब ‘पदक लाओ, पद पाओ’ के तहत खिलाड़ियों की सीधी भर्ती हो रही है। 

 

2017 से पहले चारदीवारी में कैद थे बेटियों के सपने

मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया अकाउंट ‘एक्स’ पर पोस्ट कर पिछली सरकार के कार्यकाल पर निशाना साधा। कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में भय और अराजकता का ऐसा माहौल था, जहां बेटियों के सपनों पर पहरे थे, हौसलों पर बंदिशें थीं और प्रतिभा अवसर के अभाव में दम तोड़ने को मजबूर थी। खेल के मैदान माफिया के कब्जे में थे, संसाधन नदारद थे और बेटियों की उड़ान को पंख देने के बजाय, उनके सपनों को चारदीवारी में कैद कर दिया गया था।

 

अब सुरक्षा, प्रोत्साहन से लिखी जा रही बदलाव की नई गाथा

मुख्यमंत्री ने 2017 के बाद आए बदलाव को भी इंगित किया। कहा कि विगत साढ़े 9 वर्षों में प्रदेश में बदलाव की नई गाथा लिखी गई है। भय का स्थान सुरक्षा ने लिया है, उपेक्षा का स्थान प्रोत्साहन ने लिया है और संसाधनों के अभाव का स्थान खेल सुविधाओं के विस्तार ने लिया है। गांव के खेल मैदानों और ब्लॉक स्तरीय मिनी स्टेडियम से लेकर जिला स्तरीय स्टेडियम, मंडल स्तरीय स्पोर्ट्स कॉलेज तथा मेरठ में मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय तक, बेटियों को अपनी प्रतिभा निखारने का सशक्त आधार मिल रहा है।

 

प्रतिभा को प्रोत्साहन, उपलब्धियों को सम्मान और भविष्य को सुरक्षा

मुख्यमंत्री ने बताया कि ओलंपिक, कॉमनवेल्थ एवं एशियन गेम्स के पदक विजेताओं को लाखों-करोड़ों के पुरस्कार और ‘पदक लाओ, पद पाओ’ के तहत सीधी भर्ती जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं। सरकार खिलाड़ियों की प्रतिभा को प्रोत्साहन, उपलब्धियों को सम्मान और भविष्य को सुरक्षा प्रदान कर रही है। इस परिवर्तन की गूंज अंतरराष्ट्रीय खेल मंचों पर भी सुनाई दे रही है। एथलेटिक्स में पारुल चौधरी, प्रियंका गोस्वामी, प्राची चौधरी और अन्नू रानी, जूडो में अस्मिता डे, क्रिकेट में दीप्ति शर्मा और मेघना सिंह, हॉकी में वंदना कटारिया, कुश्ती में दिव्या काकरान ने कॉमनवेल्थ एवं एशियन गेम्स में शानदार प्रदर्शन से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश और प्रदेश का गौरव बढ़ाया है।

Rajasthan Bus Accident: कोटा में श्रद्धालुओं से भरी बस पलटी, 8 की मौत, 6 से ज्यादा घायल

Rajasthan Bus Accident: राजस्थान के खाटू श्याम मंदिर में दर्शन करने जा रहे श्रद्धालुओं का सफर कोटा में एक दर्दनाक हादसे का शिकार हो गया। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर श्रद्धालुओं से भरी एक बस पलट गई। इस हादसे में कम से कम 8 लोगों की मौत हो गई। जबकि 6 से ज्यादा यात्री घायल हो गए। बता दें कि बस में बच्चे और बुजुर्ग समेत कुल 21 यात्री सवार थे। ये सभी यात्री भोपाल से राजस्थान के खाटू श्याम मंदिर जा रहे थे।

शुरुआती जानकारी के मुताबिक, बस चलाते समय ड्राइवर ने वाहन से नियंत्रण खो दिया, जिसके बाद बस सड़क किनारे खाई में जा गिरी। हालांकि, हादसा किस वजह से हुआ, इसकी अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है।

डीएम ने की मौत की पुष्टी

इस घटना के बाद, कोटा के जिला कलेक्टर पीयूष सामरिया ने बताया कि सभी घायलों को MBS अस्पताल ले जाया गया है और उनका इलाज चल रहा है। उन्होंने आठ लोगों की मौत की भी पुष्टि की।

वे जिले के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के साथ अस्पताल पहुंचे, जहां उन्होंने घायलों से मुलाकात की और उनकी स्थिति का जायजा लिया।

मलबे से 8 शव निकाले गए: सिमलिया SHO

चल रहे बचाव अभियान के बारे में जानकारी देते हुए, सिमलिया के SHO नंद सिंह ने TOI को बताया कि मलबे से अब तक आठ शव निकाले जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि हादसे के समय ट्रैवलर बस में लगभग 23 यात्री सवार थे।

SHO ने बताया कि घायलों को तुरंत इलाज के लिए पास के अस्पतालों – कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल और MBS अस्पताल – में ले जाया गया। इसके लिए तीन एम्बुलेंस तैनात की गई थीं। पुलिस के अनुसार, आठ घायल यात्रियों को इलाज के लिए इन दोनों अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।

फिलहाल आधिकारिक तौर पर आठ लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, लेकिन अधिकारियों को आशंका है कि मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है, क्योंकि बचाव दल अभी भी घटनास्थल से मलबा हटाने और पीड़ितों की पहचान करने का काम कर रहे हैं।

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Silver Price Today: चांदी की कीमतों में फिर हलचल, दिल्ली से लखनऊ तक जानें आज के रेट

चांदी खरीदने की योजना बना रहे हैं तो बाजार के ताजा रेट पर नजर रखना जरूरी है। कभी तेजी तो कभी गिरावट, चांदी की कीमतों में लगातार बदलाव देखने को मिल रहा है। 17 अक्टूबर 2026 की सुबह देश में चांदी का भाव 2,29,900 रुपये प्रति किलोग्राम दर्ज किया गया। इससे एक दिन पहले दिल्ली के सराफा बाजार में चांदी की कीमत में 6,000 रुपये प्रति किलोग्राम की गिरावट आई थी। ऐसे में खरीदारों के मन में सवाल है कि आने वाले दिनों में चांदी और सस्ती होगी या फिर कीमतों में दोबारा तेजी आएगी। आइए, अंतरराष्ट्रीय बाजार की चाल से लेकर देश के प्रमुख शहरों में चांदी के भाव तक पूरी जानकारी जानते हैं।

चांदी की कीमतों में क्यों दिख रहा उतार-चढ़ाव?

घरेलू बाजार में चांदी की कीमतों पर कई कारकों का असर पड़ता है। रुपये की मजबूती और वास्तविक मांग में कमी के कारण भारतीय बाजार में चांदी के भाव पर दबाव देखने को मिला। 17 अक्टूबर की सुबह अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट सिल्वर की कीमत 57.09 डॉलर प्रति औंस थी।

वहीं, 15 अक्टूबर को दिल्ली के सराफा बाजार में चांदी 6,000 रुपये प्रति किलोग्राम सस्ती हुई थी। कीमतों में इस तरह के बदलाव का असर उन लोगों पर पड़ता है, जो निवेश या गहने बनाने के लिए चांदी खरीदने की योजना बना रहे हैं।

इंटरनेशनल मार्केट में चांदी और सोने का क्या है हाल?

16 अक्टूबर को उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, कॉमेक्स बाजार में सोने का वायदा भाव 4,177.50 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था। इसमें 7.40 डॉलर यानी 0.18 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। दूसरी ओर, चांदी का वायदा भाव 57.430 डॉलर प्रति औंस रहा, जो 0.48 प्रतिशत की तेजी को दर्शाता है।

हालांकि, विदेशी बाजार में तेजी आने के बावजूद भारतीय बाजार में कीमतों का बढ़ना जरूरी नहीं है। घरेलू रेट पर रुपये की विनिमय दर, आयात लागत और स्थानीय मांग का भी प्रभाव पड़ता है।

दिल्ली से चेन्नई तक, एक किलो चांदी का भाव

गुडरिटर्न के आंकड़ों के मुताबिक, 16 अक्टूबर 2026 को देश के प्रमुख शहरों में एक किलोग्राम चांदी की कीमत इस प्रकार थी।

शहरचांदी का भाव (1 किलो)
दिल्ली₹2,29,900
मुंबई₹2,29,900
कोलकाता₹2,29,900
चेन्नई₹2,39,900
लखनऊ₹2,29,900
पटना₹2,29,900
जयपुर₹2,29,900
अहमदाबाद₹2,29,900
पुणे₹2,29,900
बेंगलुरु₹2,29,900
हैदराबाद₹2,29,900
भोपाल₹2,29,900
चंडीगढ़₹2,29,900
नोएडा₹2,29,900
गुरुग्राम₹2,29,900

असली चांदी की पहचान कैसे करें?

चांदी खरीदते समय उसकी शुद्धता की जांच करना भी जरूरी है। कुछ सामान्य संकेतों से शुरुआती अंदाजा लगाया जा सकता है, लेकिन केवल घरेलू टेस्ट के आधार पर चांदी के असली या नकली होने का अंतिम फैसला नहीं करना चाहिए।

  • मैग्नेट टेस्ट: शुद्ध चांदी आमतौर पर चुंबक से आकर्षित नहीं होती। हालांकि, यह जांच अकेले निर्णायक नहीं है।
  • आइस टेस्ट: चांदी गर्मी की अच्छी चालक होती है, इसलिए उसकी सतह पर रखी बर्फ तेजी से पिघल सकती है।
  • गंध की जांच: शुद्ध चांदी में आमतौर पर तेज धातु जैसी गंध नहीं होती, लेकिन गंध से शुद्धता प्रमाणित नहीं होती।
  • कपड़े से रगड़ना: चांदी पर काला निशान दिखना ऑक्सीकरण का संकेत हो सकता है, लेकिन इससे शुद्धता की पुष्टि नहीं होती।

चांदी खरीदते समय हॉलमार्क या उपलब्ध शुद्धता प्रमाण, पक्का बिल और विक्रेता की विश्वसनीयता जरूर जांचें। कीमतों में उतार-चढ़ाव के बीच खरीदारी का फैसला करने से पहले स्थानीय बाजार का ताजा भाव पता करना बेहतर रहेगा।

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Gold Price Today: सोना हुआ और सस्ता, नवरात्रि के 7वें दिन नीचे आया भाव; 10 बड़े शहरों में इतना है रेट

कौन हैं केटी जकारिया, जिन्हें ट्रंप ने 5 दिन में ही प्रेस सेक्रेटरी के पद से हटाया?

Katie Zacharia: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन में एक बार फिर बड़ा फेरबदल देखने को मिला है। व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी बनीं केटी जकारिया का कार्यकाल कुछ ही दिनों में खत्म हो गया। ट्रंप ने हाल ही में अचानक उनकी नियुक्ति का ऐलान किया था, लेकिन अब उन्हें इस पद से हटा दिया गया है। इस घटनाक्रम ने ट्रंप के पहले कार्यकाल की यादें ताजा कर दी हैं, जब व्हाइट हाउस में अधिकारियों को बार-बार बदला जाता था।

समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, शुक्रवार को व्हाइट हाउस के दो अधिकारियों ने जकारिया के पद छोड़ने की पुष्टि की। इनमें से एक अधिकारी ने कहा कि उन्हें पद से हटा दिया गया है, जबकि दूसरे ने बताया कि वह अब इस जिम्मेदारी से अलग हो रही हैं।

केटी जकारिया को पद से हटाने से पहले के पांच दिन काफी उतार-चढ़ाव भरे रहे। इस दौरान उन्हें कई असहज सवालों का सामना करना पड़ा। सवाल पूछने वालों में डोनाल्ड ट्रंप के कुछ प्रमुख मीडिया समर्थक भी शामिल थे। दिलचस्प बात यह है कि जकारिया को पद से हटाए जाने की पुष्टि होने से कुछ घंटे पहले ही ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से उन्हें इस नौकरी पर दोबारा विचार करने की सलाह दी थी।

व्हाइट हाउस में केटी जकारिया का कार्यकाल कैसे लड़खड़ा गया

ट्रम्प ने 9 अक्टूबर को जकारिया की नियुक्ति की घोषणा की थी। उन्हें कैरोलीन लेविट की जगह नियुक्त किया गया था, जो अब तक की सबसे कम उम्र की व्हाइट हाउस प्रेस सचिव थीं और कई सालों से ट्रम्प के करीबी लोगों में शामिल रही थीं।

केटी जकारिया रूढ़िवादी विचारों वाली राजनीतिक टिप्पणीकार हैं। ‘ट्रुथ सोशल’ (Truth Social) की मूल कंपनी ‘ट्रम्प मीडिया’ के संचार विभाग में काम कर चुकी थीं। इसके अलावा, ट्रम्प के दूसरे प्रशासन के दौरान उन्होंने कुछ समय के लिए ‘डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी’ में भी काम किया था।

हालांकि, मंगलवार को जब वह पहली बार व्हाइट हाउस प्रेस कोर के सामने आईं, तो तुरंत ही उन पर सवाल उठने लगे।

एसोसिएटेड प्रेस के अनुसार, ब्रीफिंग के दौरान जकारिया असहज दिखीं। वे रुक-रुक कर बोल रही थीं और ट्रम्प की उपलब्धियों का जिक्र कर रही थीं। उन्होंने केवल तीन पत्रकारों के सवालों के जवाब दिए-ये सभी पत्रकार ऐसे मीडिया संस्थानों से थे जिनका झुकाव रूढ़िवादी विचारधारा की ओर था या जो ट्रम्प के समर्थक थे। लगभग 14 मिनट बाद उन्होंने बातचीत खत्म कर दी।

बाद में जकारिया ने बताया कि उन्होंने जानबूझकर इस सेशन को छोटा रखा था, क्योंकि उसी दिन सुबह ट्रम्प को पत्रकारों के सवालों के जवाब देने थे। उन्होंने यह भी कहा कि व्हाइट हाउस के कर्मचारियों ने उन्हें पहले से पूरी जानकारी (ब्रीफिंग) नहीं दी थी।

इसके बाद, बुधवार और गुरुवार को वे अलास्का, एरिजोना और मोंटाना में ट्रम्प की रैलियों में उनके साथ गईं, लेकिन उन्होंने कोई और प्रेस ब्रीफिंग नहीं की।

हालांकि, पत्रकारों के सामने उनका यह प्रदर्शन उन कई मुद्दों में से सिर्फ एक था, जो उनके छोटे कार्यकाल के दौरान चर्चा का मुख्य विषय बने रहे।

केटी जकारिया की कानूनी योग्यताओं को लेकर विवाद

जकारिया की प्रोफेशनल बैकग्राउंड पर भी सवाल उठे, खासकर तब जब उन्होंने कुछ रूढ़िवादी टीवी नेटवर्कों पर खुद को वकील बताया।

जकारिया ने पेपरडाइन यूनिवर्सिटी के लॉ स्कूल से पढ़ाई की है, लेकिन वह कैलिफोर्निया की बार परीक्षा पास नहीं कर पाई थीं। इसके अलावा, उनके पास अमेरिका में वकालत करने के लिए जरूरी कोई अन्य योग्यता भी नहीं थी।

रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, उन्हें ऐसा कोई रिकॉर्ड नहीं मिला जिससे पता चले कि वह अमेरिका के किसी भी राज्य या डिस्ट्रिक्ट ऑफ कोलंबिया में वकील के तौर पर पंजीकृत थीं या उन्हें बार में शामिल किया गया था।

हालांकि, जकारिया ने खुद को ‘वकील’ कहने का बचाव करते हुए कहा कि जब वह कानूनी विश्लेषण देती थीं, तो यह शब्द इस्तेमाल करना सही था। उन्होंने यह भी दावा किया कि उन्होंने चीन में वकील के तौर पर काम किया था।

रॉयटर्स को दिए एक बयान में उन्होंने कहा, “मैंने सभी जरूरी योग्यताओं के साथ इंटरनेशनल ट्रांजैक्शन लॉ (अंतरराष्ट्रीय लेन-देन कानून) की प्रैक्टिस की है।”

इस विवाद ने उन रूढ़िवादी मीडिया हस्तियों का भी ध्यान खींचा, जो आमतौर पर ट्रम्प प्रशासन का समर्थन करते हैं।

वहीं, फॉक्स न्यूज के होस्ट शॉन हैनिटी, जो लंबे समय से ट्रम्प के सहयोगी रहे हैं, ने सवाल उठाया कि जकारिया ने अपनी योग्यताओं के बारे में खुलकर बात क्यों नहीं की। जब उन्होंने यह स्वीकार कर लिया कि वह कैलिफोर्निया बार परीक्षा पास नहीं कर पाई थीं, तो हैनिटी ने पूछा, “सीधे यह क्यों नहीं कह दिया कि ‘मैंने पेपरडाइन लॉ स्कूल से पढ़ाई की, फिर करियर का एक अलग रास्ता चुन लिया, और मैंने एक बार बार परीक्षा दी थी, लेकिन पास नहीं हो पाई’?”

उन्होंने ‘लॉयर’ (वकील) और ‘अटॉर्नी’ (कानूनी प्रतिनिधि) शब्दों के बीच उनके द्वारा किए गए अंतर को भी चुनौती दी और सवाल किया कि उन्होंने सीधे तौर पर यह क्यों नहीं कहा कि उन्होंने कभी वकालत नहीं की है।

जकारिया ने फिर दोहराया कि वह वकील के तौर पर काम नहीं कर रही थीं और न ही कोई कानूनी सलाह दे रही थीं। शुक्रवार को फॉक्स न्यूज के एक अलग इंटरव्यू में, उन्होंने कहा कि उनसे यह कभी नहीं पूछा गया था कि प्रेस सेक्रेटरी बनने से पहले उन्होंने बार परीक्षा पास की है या नहीं।

जकारिया और ट्रम्प, दोनों का यही कहना था कि उन्हें प्रशासन में वकील के तौर पर नहीं, बल्कि कम्युनिकेशंस (संचार) विभाग में काम करने के लिए रखा गया था।

‘मैं फिर से विचार करने को कहूंगा’: ट्रम्प ने उनके भविष्य पर सवाल उठाए

शुक्रवार तक, जकारिया के भविष्य को लेकर उठ रहे सवालों को नजरअंदाज करना मुश्किल हो गया था। उसी दिन फॉक्स न्यूज चैनल पर एक कार्यक्रम के दौरान, उनसे पूछा गया कि क्या राष्ट्रपति का उन पर अभी भी भरोसा है।

उन्होंने जवाब दिया, “मुझे उम्मीद है कि मैं अपने आस-पास के सभी लोगों का भरोसा और विश्वास जीत सकूंगी।” उन्होंने यह बताने से भी इनकार कर दिया कि वह व्हाइट हाउस में अपनी अगली प्रेस ब्रीफिंग कब करेंगी।

कुछ घंटों बाद, ट्रम्प ने सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया कि उन्होंने उन्हें अपने पद पर फिर से विचार करने की सलाह दी थी। जॉर्जिया में एक रैली के लिए रवाना होने से पहले व्हाइट हाउस के साउथ लॉन में पत्रकारों से बात करते हुए, राष्ट्रपति ने कहा कि उनका मानना ​​है कि मीडिया ने जकारिया के साथ अनुचित व्यवहार किया है।

ट्रंप ने कहा, “मैंने उससे कहा, ‘मुझे लगता है कि खुश रहना तुम्हारे लिए बेहतर होगा।'”

“मैंने कहा, ‘सच कहूं तो, अगर मैं तुम्हारी जगह होता, तो मैं फिर से सोचता।’ मैंने कहा, ‘तुम इस बारे में सोच लो, लेकिन मैं तो फिर से विचार करता।'”

ट्रंप ने यह भी बताया कि उन्होंने उससे पूछा था, “‘केटी, क्या तुम्हें इसकी जरूरत है? मुझे नहीं लगता कि तुम्हें इसकी जरूरत है।'” उन्होंने कहा कि वह चाहते थे कि “उसका जीवन अच्छा रहे,” न कि वह “मीडिया के हाथों बुरी तरह परेशान” हो।

उस समय, राष्ट्रपति ने उन्हें पद से हटाने की घोषणा तो नहीं की, लेकिन संकेत दिया कि अपनी यात्राओं से लौटने के बाद वे उनके भविष्य पर चर्चा करेंगे। ट्रंप ने पत्रकारों से कहा, “जब मैं वापस आऊंगा, तो हम बात करेंगे।”

जब उनसे किसी संभावित विकल्प (रिप्लेसमेंट) के बारे में पूछा गया, तो ट्रंप ने कहा कि इस पद के लिए कई लोग इच्छुक हैं।

व्हाइट हाउस में एक जाना-पहचाना फेरबदल, लेकिन जकारिया के लिए आगे क्या?

जकारिया को हटाना उसी तरह के अचानक किए गए बदलावों की वापसी है, जो अक्सर ट्रम्प के पहले कार्यकाल में देखने को मिलते थे, लेकिन उनके दूसरे कार्यकाल में ऐसे बदलाव कम ही हुए थे।

उनका कार्यकाल एंथनी स्कारामुची से भी छोटा रहा, जो 2017 में व्हाइट हाउस के कम्युनिकेशंस डायरेक्टर के तौर पर सिर्फ 10 दिन तक इस पद पर रहे थे।

उनके जाने पर प्रतिक्रिया देते हुए, स्कारामुची ने ‘X’ पर लिखा, “रिकॉर्ड तो टूटने के लिए ही बनते हैं।” उन्होंने आगे कहा, “लेकिन मुझे दूसरों के दुख में कोई खुशी नहीं मिलती।”

प्रेस सेक्रेटरी के पद से हटाए जाने के बावजूद, हो सकता है कि जकारिया ट्रम्प प्रशासन को पूरी तरह से न छोड़ें। रिपोर्ट के मुताबिक, उन्हें प्रशासन में कोई दूसरी जिम्मेदारी दी जा सकती है।

ABC न्यूज ने दो सूत्रों के हवाले से बताया कि केटी जकारिया को ट्रंप प्रशासन में ही किसी दूसरी जिम्मेदारी में भेजे जाने की संभावना है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस बारे में जल्द ही आधिकारिक ऐलान किया जा सकता है।

हालांकि, व्हाइट हाउस ने अभी तक यह नहीं बताया है कि प्रेस सेक्रेटरी के पद पर जकारिया की जगह कौन लेगा।

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Cult.fit को IPO के लिए SEBI से मिली मंजूरी, रहेंगे ₹950 करोड़ तक के नए शेयर

फिटनेस सर्विसेज प्लेटफॉर्म Cult.fit को IPO लाने के लिए कैपिटल मार्केट रेगुलेटर SEBI से मंजूरी मिल गई है। सेबी की वेबसाइट पर मौजूद एक दस्तावेज से पता चलता है कि कंपनी अब लिस्टिंग की प्रक्रिया आगे बढ़ा सकती है। Cult.fit के पब्लिक इश्यू में 950 करोड़ रुपये तक के नए इक्विटी शेयर जारी होंगे। साथ ही मौजूदा शेयरधारकों की ओर से 17.86 करोड़ तक इक्विटी शेयरों का ऑफर फॉर सेल (OFS) रहेगा।

Cult.fit भारत में 77 शहरों में 708 फिटनेस सेंटर चलाती है। 31 मार्च, 2026 तक इसके 987,000 से अधिक पेड मेंबर थे। यह कई माध्यमों से मेंबरशिप बेचती है, जिनमें इसका ऐप, वेबसाइट, कॉरपोरेट पार्टनरशिप प्रोग्राम और फिटनेस सेंटरों पर होने वाली डायरेक्ट सेल शामिल हैं। कल्ट फिट ने इस साल जुलाई में SEBI के पास IPO के लिए आवेदन किया था।

कंपनी में टेमासेक होल्डिंग्स के निवेश वाली मैकरिची इनवेस्टमेंट्स, फिटनेस फर्स्ट लक्जमबर्ग, IDG वेंचर्स इंडिया फंड, टाटा डिजिटल, चिराटे ट्रस्ट, श्रोडर्स कैपिटल, ट्वेंटी नाइन कैपिटल पार्टनर्स और एक्सेल इंडिया V (मॉरीशस) का भी पैसा लगा हुआ है।

IPO के पैसे कैसे इस्तेमाल करेगी Cult.fit

Cult.fit अपने IPO में नए शेयरों को जारी कर हासिल होने वाले पैसों का इस्तेमाल नए सेंटर खोलने, और ब्रांडिंग व मार्केटिंग के खर्चों के लिए करेगी। इस इश्यू के लिए एक्सिस कैपिटल और गोल्डमैन सैक्स जैसी एंटिटीज ‘बुक-रनिंग लीड मैनेजर’ हैं। साल 2016 में शुरू हुई कल्ट फिट भारत में जिम, ग्रुप वर्कआउट, आउटडोर फॉर्मेट, एट-होम वर्कआउट और फिटनेस प्रोडक्ट्स जैसे- कपड़े, जूते और जिम के सामान बेचने वाला एक बहुत बड़ा और जाना-माना प्लेटफॉर्म बन चुका है।

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इन कंपनियों के IPO को भी मंजूरी

कल्ट फिट के अलावा SEBI ने ईश्वरी ग्लोबल मेटल इंडस्ट्रीज और सोहन लाल कमोडिटी मैनेजमेंट के IPO को भी मंजूरी दी है। ईश्वरी ग्लोबल मेटल इंडस्ट्रीज के IPO में 500 करोड़ रुपये के नए शेयर जारी होंगे और 1.32 करोड़ इक्विटी शेयरों का OFS रहेगा। IPO का साइज 1,100 करोड़ रुपये से 1,300 करोड़ रुपये के बीच रह सकता है। सोहन लाल कमोडिटी मैनेजमेंट ने मार्च में कॉन्फिडेंशियल रूट से SEBI के पास IPO ड्राफ्ट जमा किया था। साल 2026 में अब तक 97 मेनबोर्ड कंपनियां अपने IPO के जरिए 1.1 लाख करोड़ रुपये से अधिक जुटा चुकी हैं।

ट्रंप का बड़ा फैसला, रूस से तेल-गैस खरीदने वाले देशों पर नहीं लगेगा 100% टैरिफ, भारत को क्या फायदा?

ट्रंप का बड़ा फैसला, रूस से तेल-गैस खरीदने वाले देशों पर नहीं लगेगा 100% टैरिफ, भारत को क्या फायदा?

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वैश्विक बाजार में हलचल मचाने वाला एक बड़ा फैसला लिया है। ट्रंप ने रूस से तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर भारी-भरकम टैरिफ लगाने के नियमों से फिलहाल छूट दे दी है। इस फैसले के बाद भारत और चीन जैसे बड़े देशों पर मंडरा रहा 100% तक टैरिफ का बड़ा खतरा फिलहाल टल गया है। ALSO READ: डोनाल्ड ट्रंप की ‘सुपर इंटेलिजेंस फोर्स’ क्या है

 

व्हाइट हाउस की ओर से जारी एक नए एग्जीक्यूटिव ऑर्डर के तहत ‘लिंडसे ओ ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट, 2026’ के कुछ कड़े प्रावधानों से राहत दी गई है। हालांकि, ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि रूस पर अमेरिकी प्रतिबंध पूरी तरह खत्म नहीं किए गए हैं और जरूरत पड़ने पर भविष्य में नियमों को दोबारा लागू करने का अधिकार सुरक्षित रखा गया है।

 

भारत पर 100% टैरिफ का खतरा कैसे टला?

ट्रंप ने शुक्रवार शाम जारी एक एग्जीक्यूटिव ऑर्डर में लिंडसे ओ ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट, 2026 के कुछ प्रावधानों से छूट देने का ऐलान किया। इस कानून पर ट्रंप ने 18 सितंबर 2026 को हस्ताक्षर किए थे।

 

ट्रंप ने शुक्रवार शाम जारी एक एग्जीक्यूटिव ऑर्डर में लिंडसे ओ ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट, 2026 के कुछ प्रावधानों से छूट देने का ऐलान किया। इस कानून पर ट्रंप ने 18 सितंबर 2026 को हस्ताक्षर किए थे। इस कानून के तहत रूस से तेल और गैस खरीदने वाले कुछ देशों पर 100% तक टैरिफ लगाने का प्रावधान है। वहीं, रूस से आने वाले सामान पर 500% तक चार्ज लगाने की व्यवस्था भी की गई है। भारत और चीन जैसे बड़े खरीदारों पर भी इसका असर पड़ सकता था। अब ट्रंप ने संबंधित प्रावधानों से छूट दे दी है, जिससे फिलहाल इस नए टैरिफ का खतरा टल गया है।

 

भारत को इस फैसले से क्या-क्या बड़े फायदे होंगे?

सस्ते कच्चे तेल की आपूर्ति जारी रहेगी: भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा रूस से आयात करता है। यदि 100% तक का टैरिफ लागू हो जाता, तो रूसी तेल महंगा हो जाता, जिससे भारत में पेट्रोल-डीजल और ऊर्जा की कीमतें बढ़ने का खतरा था। अब यह संकट टल गया है।

महंगाई पर लगाम: कच्चे तेल का आयात सस्ता बने रहने से देश के भीतर ईंधन के दाम स्थिर रहेंगे, जिससे परिवहन लागत और रोजमर्रा की चीजों के दाम नियंत्रित रखने में मदद मिलेगी।

आर्थिक स्थिरता और विदेशी मुद्रा की बचत: यदि अमेरिका भारी-भरकम टैरिफ लगाता, तो भारतीय अर्थव्यवस्था और आयात बिल पर भारी दबाव पड़ता। इस छूट से भारत के विदेशी मुद्रा भंडार और राजकोषीय घाटे पर पड़ने वाला अतिरिक्त दबाव कम हुआ है।

अमेरिका-भारत संबंधों के लिए राहत: इस फैसले से दोनों देशों के बीच ऊर्जा व्यापार को लेकर पैदा होने वाला संभावित कूटनीतिक तनाव फिलहाल टल गया है, जिससे भारत अपनी ऊर्जा सुरक्षा के फैसले स्वतंत्र रूप से ले सकेगा।