
उत्तराखंड की पुष्कर धामी सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से महिला स्वयं सहायता समूहों को 5 लाख रुपए तक का ब्याज मुक्त ऋण प्रदान कर रही है।
सीएम धामी ने एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा, महिला स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और उनके सपनों को नई उड़ान देने के लिए हमारी सरकार निरंतर प्रयासरत है। इसी दिशा में महिला स्वयं सहायता समूहों को 5 लाख रुपए तक का ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। जिससे महिलाएं स्वरोजगार, लघु उद्योग एवं अन्य आर्थिक गतिविधियों को आगे बढ़ाकर आत्मनिर्भर बन सकें। सशक्त और आत्मनिर्भर मातृशक्ति ही विकसित उत्तराखंड की मजबूत नींव है।
महिला स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और उनके सपनों को नई उड़ान देने के लिए हमारी सरकार निरंतर प्रयासरत है। इसी दिशा में महिला स्वयं सहायता समूहों को ₹5 लाख तक का ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे महिलाएं स्वरोजगार, लघु उद्योग एवं अन्य आर्थिक… pic.twitter.com/rZ5e9uiE3D
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) August 31, 2026
इस योजना की मुख्य बातें इस प्रकार हैं:
आर्थिक मजबूती: इस पहल का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की महिलाओं को स्वरोजगार, लघु उद्योग, और छोटे व्यवसायों को शुरू करने या बढ़ाने के लिए बिना किसी ब्याज के पूंजी उपलब्ध कराना है।
ब्याज का बोझ नहीं: ऋण राशि पर लगने वाला पूरा ब्याज राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाएगा, जिससे महिलाओं को बैंक ऋण चुकाने में आसानी होगी।
स्वरोजगार को बढ़ावा: इसके जरिए महिलाएं पापड़, आचार, हस्तशिल्प, सिलाई-कढ़ाई, कृषि आधारित उद्योग और अन्य घरेलू उत्पाद से जुड़े व्यवसाय शुरू कर सकती हैं।
आवेदन प्रक्रिया: महिला स्वयं सहायता समूह अपने नजदीकी बैंक शाखा, ब्लॉक विकास कार्यालय (BDO), या ग्रामीण आजीविका मिशन (UKRLM) के माध्यम से इस योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं।


