भारत के विमानन क्षेत्र पर संकट के बादल

भारत के विमानन क्षेत्र पर संकट के बादल

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विवेक कुमार

एक साल पहले भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के विमानन क्षेत्र को उभरते भारत की पहचान बताते हुए कहा था कि यह उद्योग नई ऊंचाइयों को छूने के लिए तैयार है। लेकिन अब भारत के विमानन क्षेत्र को कई गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। एयर इंडिया और इंडिगो जैसी देश की दो सबसे बड़ी एयरलाइनों से जुड़ी घटनाओं ने सुरक्षा, नियामक व्यवस्था और वित्तीय स्थिरता को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। ALSO READ: नेपाल में तबाही के बीच फरक्का बैराज फिर क्यों है चर्चा में

 

दुनिया के तीसरे सबसे बड़े घरेलू विमानन बाजार के रूप में भारत ने पिछले दशक में तेज वृद्धि दर्ज की है, लेकिन हालिया घटनाक्रमों ने इस विकास मॉडल की कमजोरियों को भी उजागर किया है। भू-राजनीतिक घटनाओं ने हालात को और जटिल बना दिया है, जिनसे एयरलाइनों की लागत बढ़ी है और विस्तार योजनाओं पर असर पड़ा है।

 

देश के घरेलू विमानन बाजार में एयर इंडिया और इंडिगो का दबदबा है। दोनों एयरलाइनों के पास मिलाकर घरेलू उड़ानों की लगभग 90 प्रतिशत सीट क्षमता है। विशेषज्ञों का कहना है कि प्रतिस्पर्धा की कमी भी उद्योग की चुनौतियों में एक महत्वपूर्ण कारक है।

 

मार्टिन कंसल्टिंग  के प्रमुख और एविएशन क्षेत्र के विशेषज्ञ मार्क मार्टिन कहते हैं कि वैश्विक प्रतिष्ठा और विश्वसनीयता के लिहाज से 2025 और 2026 भारत के लिए विमानन क्षेत्र में सबसे कठिन वर्षों में रहे हैं। ALSO READ: टैक्सियों को लेकर क्यों लड़ते रहते हैं भारत के दो राज्य

 

सुरक्षा के सवाल

इस महीने एयर इंडिया की एक उड़ान से जुड़ी घटना ने नई चिंताएं पैदा कर दीं। थाईलैंड के फुकेट से नई दिल्ली आ रही एयर इंडिया की एक उड़ान अचानक लगभग 300 फुट नीचे आ गई, जिससे 24 यात्री घायल हो गए। घटना के बाद तब और विवाद बढ़ गया जब रिपोर्टों में दावा किया गया कि विमान के कप्तान की लैंडिंग के बाद की गई जांच में मारिजुआना सेवन के संकेत मिले।

 

इसके बाद एयर इंडिया ने अपने सभी पायलटों की एक बार विशेष मादक पदार्थ जांच कराने का फैसला किया। मामले की जांच जारी है और शुरुआती निष्कर्ष आने वाले हफ्तों में सामने आने की संभावना है।

 

यह घटना ऐसे समय हुई है जब एयर इंडिया पहले से ही सुरक्षा संबंधी सवालों के केंद्र में है। पिछले साल अहमदाबाद से लंदन जा रहे एक बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमान हादसे में 241 लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद एयरलाइन की सुरक्षा प्रक्रियाओं पर व्यापक ध्यान गया।

 

एक अलग ऑडिट में एयर इंडिया के भीतर सुरक्षा संबंधी लगभग 100 कमियां सामने आईं। संसदीय समिति की रिपोर्ट के अनुसार इनमें सात ऐसे उल्लंघन शामिल थे जिन पर तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई की आवश्यकता बताई गई। रिपोर्ट में बोइंग 787 और बोइंग 777 विमानों के पायलटों के प्रशिक्षण में बार-बार सामने आने वाली कमियों का भी उल्लेख किया गया।

 

पूर्व एयरलाइन परिचालन प्रमुख शक्ति लुंबा का दावा है कि एयर इंडिया की सुरक्षा संस्कृति कमजोर है। उनके अनुसार केवल सुरक्षा की बात करने से सुरक्षा संस्कृति विकसित नहीं होती, बल्कि उसके लिए लगातार और ठोस कार्रवाई जरूरी होती है। डीजीसीए पर भी कई तरह के आरोप लगे हैं।

 

एयर इंडिया के पूर्व कार्यकारी निदेशक जितेंद्र भार्गव ने पायलट से जुड़े कथित मादक पदार्थ मामले को प्रबंधन की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़ा करने वाला बताया। उन्होंने कहा कि यदि कोई पायलट लंबे समय से ऐसे व्यवहार में शामिल हो तो उसके सहयोगियों को इसकी जानकारी होने की संभावना रहती है। ALSO READ: शहरों को ठंडा रखने वाले पेड़ों को भी अब चाहिए सहारा

 

वित्तीय दबाव के खतरे

सुरक्षा संबंधी चुनौतियों के साथ-साथ भारतीय एयरलाइनों पर वित्तीय दबाव भी बढ़ रहा है। पिछले साल भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ने के बाद पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र बंद होने से भारतीय विमानन कंपनियों को लंबे और अधिक महंगे मार्गों का इस्तेमाल करना पड़ रहा है।

 

इसके अलावा पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के कारण विमान ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी ने एयरलाइनों की लागत और बढ़ा दी है। रेटिंग एजेंसी आईसीआरए का अनुमान है कि चालू वित्त वर्ष में भारतीय एयरलाइनों को लगभग चार अरब डॉलर का नुकसान हो सकता है।

 

एयर इंडिया का घाटा पिछले वित्त वर्ष में बढ़कर 2.3 अरब डॉलर से ज्यादा हो गया, जबकि इंडिगो को लगातार दो तिमाहियों में नुकसान दर्ज करना पड़ा है।

 

वित्तीय दबाव का असर विस्तार योजनाओं पर भी दिखाई दे रहा है। इंडिगो ने पिछले महीने अपनी वाइड-बॉडी विमान सेवा बंद कर दी, जबकि रिपोर्टों के अनुसार एयर इंडिया सैकड़ों नए विमानों की खरीद को टालने पर विचार कर रही है।

 

कैसे होगा विस्तार?

पिछले दशक में भारतीय विमानन क्षेत्र ने तेजी से विस्तार किया है। पिछले साल भारतीय एयरलाइनों ने लगभग 16.7 करोड़ यात्रियों को सेवा दी, जो दस वर्ष पहले के मुकाबले दोगुने से अधिक है। इसी अवधि में देश में 70 से अधिक नए हवाई अड्डे जुड़े और एयरलाइनों ने लगभग 1,500 विमानों के ऑर्डर दिए।

 

स्टारएयर कंसल्टिंग के अध्यक्ष हर्ष वर्धन का कहना है कि समस्या विकास की कमी नहीं, बल्कि यह है कि विमानन पारिस्थितिकी तंत्र के अन्य हिस्से इस तेज वृद्धि के साथ तालमेल नहीं बिठा पाए। नियामकीय ढांचे को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। पिछले साल इंडिगो को पायलटों की थकान से जुड़े नए नियमों की पर्याप्त तैयारी ना होने के कारण बड़ी संख्या में उड़ानें रद्द करनी पड़ी थीं। उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि नए विश्राम नियमों के कुछ हिस्सों को अस्थायी रूप से स्थगित किया जाना नियमगत कमजोरी का संकेत है। लुंबा का आरोप है कि नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) कई बार नियामक की बजाय सुविधाकर्ता की भूमिका निभाता दिखाई देता है।

 

पिछले दो दशकों में सात प्रमुख भारतीय एयरलाइनों का बंद होना या बिक जाना भी बाजार में प्रतिस्पर्धा कम होने का कारण बना है। इससे नियामकों के लिए प्रमुख कंपनियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करना और मुश्किल हो गया है।

 

बड़ी तैयारी की जरूरत

सरकार ने पिछले साल कहा था कि देश को पांच बड़ी एयरलाइनों की जरूरत है। इसके बाद दो नई विमानन कंपनियों की योजनाओं को मंजूरी दी गई है। साथ ही हवाई अड्डा संचालकों को एयरलाइन स्वामित्व की अनुमति देने वाले नियमों में ढील देने के प्रस्ताव पर भी विचार किया जा रहा है।

 

हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि केवल नए निवेशकों को आकर्षित करना पर्याप्त नहीं होगा। उनके अनुसार लागत संरचना लंबे समय से इतनी कठिन रही है कि नई कंपनियों के लिए बाजार में जगह बनाना मुश्किल साबित हुआ है।

 

विशेषज्ञों का कहना है कि भारत की विमानन महत्वाकांक्षाओं के सामने सबसे बड़ा विरोधाभास यही है कि एक ओर इस क्षेत्र को देश के सबसे संभावनाशील उद्योगों में गिना जाता है, जबकि दूसरी ओर इस व्यापार से मुनाफे पर लगातार दबाव बना हुआ है।

IMD Weather Update: अगले 24 घंटों में आसमान से होगी आफत की बारिश! IMD का अलर्ट, 18 राज्यों में होगी भारी बरसात

IMD Weather Update: पिछले कुछ दिनों से देश के कई राज्यों में बारिश का सिलसिला बना हुआ है। वहीं राज्यों के लोगों को अभी बारिश से राहत नहीं मिलने वाली है। अब मौसम विभाग ने आने वाले कुछ घंटों के लिए नया अलर्ट जारी किया है। IMD के मुताबिक, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार समेत 18 राज्यों में कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश हो सकती है। बारिश के साथ कई इलाकों में 40 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का भी अनुमान है। इसके अलावा कुछ जगहों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका भी जताई गई है। आईएमडी ने मौसम को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

बंगाल की खाड़ी में बने मौसम सिस्टम का असर पूर्वी और मध्य भारत में दिख सकता है। कई राज्यों में तेज बारिश के साथ जलभराव और पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का खतरा है। तेज हवाओं से पेड़ और कमजोर ढांचे भी प्रभावित हो सकते हैं। आइए जानते हैं कैसा होगा आज का मौसम

इन राज्यों के लिए जारी किया अलर्ट

मौसम विभाग ने आने वाले समय के लिए कई राज्यों में बारिश को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी है। ओडिशा, छत्तीसगढ़, झारखंड और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में अगले 24 घंटे के दौरान अचानक बाढ़ की स्थिति बनने का खतरा है। इसके अलावा पूर्वी, मध्य और उत्तर भारत के कई इलाकों में अगले कुछ दिनों तक बारिश का दौर जारी रह सकता है। उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, महाराष्ट्र, कर्नाटक और केरल समेत कई राज्यों में हल्की से तेज बारिश होने की संभावना जताई गई है। वहीं पूर्वोत्तर राज्यों में भी मौसम बिगड़ सकता है। लोगों को भारी बारिश के दौरान जरूरी सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

कैसा होगा यूपी-दिल्ली का मौसम

दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश में मौसम अगले कुछ दिनों तक बदला हुआ नजर आ सकता है। राजधानी दिल्ली में आज आसमान में बादल छाए रहने की संभावना है, जबकि आने वाले दिनों में हल्की बारिश के साथ तेज हवा और गरज-चमक देखने को मिल सकती है। वहीं उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बारिश का दौर तेज होने की उम्मीद है। पूर्वी और पश्चिमी यूपी के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश के साथ आंधी और बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। मौसम विभाग ने लोगों को बारिश और आंधी के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी है।

US-Iran War: अमेरिका का ईरान पर फिर बड़ा हमला, होर्मुज स्ट्रेट में की जमकर बमबारी, तेहरान ने जॉर्डन के अमेरिकी ठिकानों पर दागी मिसाइलें

US-Iran War: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। अमेरिका ने एक बार फिर से होर्मुज स्ट्रेट में ईरान पर जमकर बमबारी की है। अमेरिका ने ईरान के लारक द्वीप (Larak Island) पर हमला कर वहां मौजूद दो मिसाइल लॉन्चरों को निशाना बनाया है। इसके बाद ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने जवाबी कार्रवाई करते हुए जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागने का दावा किया है। यह करीब एक महीने में अमेरिका की ईरान के खिलाफ पहली मिलिट्री एक्शन है।

इस हमले से फरवरी से रुक-रुक कर चल रही लड़ाई में आई शांति टूट गई है। ईरान ने इसे जानलेवा हमला बताते हुए बदला लेने की घोषणा की है। इससे एक बार फिर होर्मुज स्ट्रेट और पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ गया है। अमेरिकी हमले को लेकर सामने आई जानकारी के मुताबिक, यह जुलाई के अंत के बाद ईरान पर अमेरिका का पहला बड़ा हमला है।

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के प्रवक्ता कमांडर टिम हॉकिन्स ने CBS News को बताया कि IRGC की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी। BBC के मुताबिक, अमेरिकी सेना ने देखा था कि ईरानी बल होर्मुज जलडमरूमध्य में रॉकेट और समुद्री बारूदी सुरंगें (Sea Mines) लॉन्च करने की तैयारी कर रहे थे।

लारक द्वीप पर क्यों हुआ हमला?

लारक द्वीप ईरान के महत्वपूर्ण बंदरगाह बंदर अब्बास के बिल्कुल करीब स्थित है। यह रणनीतिक रूप से बेहद अहम होर्मुज जलडमरूमध्य के बीचों-बीच आता है। यह जलमार्ग दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल व्यापार मार्गों में से एक है। रिपोर्टों के मुताबिक, ईरान फिलहाल इस इलाके से गुजरने वाले टैंकरों को लारक द्वीप के पास से होकर जाने और जांच कराने के लिए मजबूर कर रहा है।

कुछ जहाजों से कथित तौर पर 20 लाख डॉलर तक का शुल्क लिए जाने की बात भी सामने आई है। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, ईरान की ओर से समुद्री सुरंगें बिछाने की तैयारी को देखते हुए लारक द्वीप पर मौजूद लॉन्चरों को निशाना बनाया गया।

ईरान ने दी बदले की धमकी

ईरानी सेना IRGC ने अमेरिकी हमले की कड़ी निंदा की है। इसे ट्रंप प्रशासन की बड़ी रणनीतिक और घातक गलती बताया। IRGC के प्रवक्ता होसैन मोहेब्बी ने कहा कि इस गलत आकलन की कीमत अमेरिका को आर्थिक और सैन्य दोनों मोर्चों पर चुकानी पड़ेगी। ईरान की IRGC से जुड़े तस्नीम न्यूज एजेंसी के अनुसार, लारक द्वीप पर हमला ड्रोन के जरिए किया गया। एजेंसी ने दावा किया कि हमले में दो लोगों की मौत हुई है। जबकि दो अन्य घायल हुए हैं। इसके बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई का दावा किया।

जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल हमला

ईरानी सरकारी मीडिया के मुताबिक, IRGC ने जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों किंग हुसैन और अल-अजराक को बैलिस्टिक मिसाइलों से निशाना बनाया। IRGC का दावा है कि इन हमलों में अमेरिकी ठिकानों के तकनीकी ढांचे, रखरखाव सुविधाओं और लड़ाकू विमानों से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाया गया। वहां भारी नुकसान हुआ है।

हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। जॉर्डन की सेना ने कहा कि उसकी एयर डिफेंस सिस्टम ने देश के हवाई क्षेत्र में घुसी आठ मिसाइलों को रोक लिया है। जॉर्डन की सरकारी न्यूज एजेंसी पेट्रा के अनुसार, सेना के प्रवक्ता ने बताया कि ये मिसाइलें सोमवार तड़के देश के हवाई क्षेत्र में दाखिल हुई थीं।

ट्रंप ने दी थी समुद्री सुरंगों पर चेतावनी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले सप्ताह दावा किया था कि ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य में बिछाई गई सभी समुद्री बारूदी सुरंगों को या तो नष्ट कर दिया गया है या हटा दिया गया है। ट्रंप ने यह भी चेतावनी दी थी कि यदि ईरान ने दोबारा किसी जहाज या नाव के जरिए नई सुरंगें बिछाने की कोशिश की तो उसे नष्ट कर दिया जाएगा। हालांकि, ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने ट्रंप के इस दावे को ‘प्रचार और भ्रम फैलाने वाली बात’ बताया है।

ईरान पर बढ़ रहा आर्थिक दबाव

अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव के साथ-साथ आर्थिक दबाव भी बढ़ रहा है। अमेरिका ने 24 अगस्त को ईरान के खिलाफ नए प्रतिबंधों का ऐलान किया था। इनका उद्देश्य ईरान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और अलग-थलग करना तथा उसके सहयोगी देशों पर सेकेंडरी प्रतिबंधों का दबाव बढ़ाना है। ईरानी अधिकारियों और सरकारी मीडिया ने इन प्रतिबंधों को पहले से जारी अमेरिकी आर्थिक दबाव का ही विस्तार बताया है। ईरान का आरोप है कि अमेरिका सैन्य संघर्ष में असफल रहने के बाद आर्थिक दबाव बढ़ा रहा है।

होर्मुज जलडमरूमध्य क्यों है इतना महत्वपूर्ण?

होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे अहम तेल मार्गों में से एक है। युद्ध शुरू होने से पहले दुनिया के कुल इस्तेमाल होने वाले तेल और लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) का करीब 20% हिस्सा इसी रास्ते से होकर गुजरता था। इसलिए इस इलाके में किसी भी तरह का सैन्य टकराव या समुद्री ट्रैफिक में रुकावट का असर सिर्फ अमेरिका और ईरान तक सीमित नहीं रहेगा। बल्कि वैश्विक तेल कीमतों, शिपिंग और ऊर्जा आपूर्ति पर भी पड़ सकता है।

छह महीने से जारी है ईरान युद्ध

अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी को ईरान के खिलाफ व्यापक सैन्य हमले शुरू किए थे। इसके जवाब में ईरान ने इजरायल के साथ-साथ खाड़ी क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकानों और सहयोगी देशों को निशाना बनाया था। इस संघर्ष के दौरान होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री ट्रैफिक लगभग बंद हो गया था।

अब लारक द्वीप पर अमेरिकी हमले और उसके बाद जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों पर ईरानी जवाबी कार्रवाई ने इस लंबे संघर्ष को एक बार फिर गंभीर मोड़ पर ला दिया है। सबसे बड़ी टेंशन यह है कि होर्मुज में फिर से सैन्य टकराव बढ़ा तो इसका सीधा असर दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति और तेल बाजार पर पड़ सकता है।

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Petrol Diesel Price Today: पेट्रोल-डीजल भरवाने से पहले चेक करें आज का भाव, दिल्ली-NCR में ये हैं कीमतें

Petrol Diesel Price Today: हर दिन की शुरुआत सिर्फ सूरज की किरणों से नहीं होती, बल्कि पेट्रोल और डीजल की नई कीमतों से भी होती है, जो आम आदमी की जेब पर सीधा असर डालती हैं। सुबह 6 बजे देश की तेल विपणन कंपनियां (OMCs) ताजा दरें जारी करती हैं, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर-रुपए की विनिमय दर में आए बदलावों पर आधारित होती हैं। ये बदलाव रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करते हैं, चाहे वो ऑफिस जाने वाला व्यक्ति हो या फल-सब्जी बेचने वाला व्यापारी।

ऐसे में हर दिन की कीमतों की जानकारी रखना सिर्फ जरूरी ही नहीं, बल्कि समझदारी भी है। सरकार की यह प्रणाली पारदर्शिता सुनिश्चित करती है ताकि उपभोक्ताओं को किसी तरह की भ्रमित जानकारी न मिले।

आपके शहर में आज का पेट्रोल-डीजल का भाव

ये रहे 01 सितंबर 2026 के प्रमुख शहरों के पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट

नई दिल्ली: पेट्रोल ₹102.12 प्रति लीटर और डीजल ₹95.20 प्रति लीटर।

मुंबई: पेट्रोल ₹111.18 और डीजल ₹97.83 प्रति लीटर।

कोलकाता: पेट्रोल ₹113.47 जबकि डीजल ₹99.82 प्रति लीटर।

चेन्नई: पेट्रोल ₹107.77 और डीजल ₹99.55 प्रति लीटर।

गुरुग्राम: पेट्रोल ₹102.77 तथा डीजल ₹95.44 प्रति लीटर।

नोएडा: पेट्रोल ₹102.12 और डीजल ₹95.56 प्रति लीटर।

बेंगलुरु: पेट्रोल ₹110.93 जबकि डीजल ₹98.80 प्रति लीटर।

भुवनेश्वर: पेट्रोल ₹109.92 और डीजल ₹100.92 प्रति लीटर।

चंडीगढ़: पेट्रोल ₹98.10 तथा डीजल ₹86.09 प्रति लीटर।

हैदराबाद: पेट्रोल ₹115.69 और डीजल ₹103.82 प्रति लीटर।

जयपुर: पेट्रोल ₹112.66 जबकि डीजल ₹97.78 प्रति लीटर।

लखनऊ: पेट्रोल ₹102.05 और डीजल ₹95.55 प्रति लीटर।

पटना: पेट्रोल ₹113.35 तथा डीजल ₹99.36 प्रति लीटर।

तिरुवनंतपुरम: पेट्रोल ₹115.49 और डीजल ₹104.40 प्रति लीटर।

पिछले दो साल से स्थिर क्यों हैं कीमतें?

मई 2022 के बाद से केंद्र और कई राज्यों द्वारा टैक्स में कटौती की गई, जिसके बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में स्थिरता देखी जा रही है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव होता रहता है, फिर भी भारतीय उपभोक्ताओं के लिए कीमतें तुलनात्मक रूप से स्थिर बनी हुई हैं।

किन कारणों से तय होती हैं ईंधन की कीमतें?

  1. कच्चे तेल की कीमतें:

पेट्रोल और डीजल का उत्पादन मुख्य रूप से कच्चे तेल से होता है। जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो इसका असर सीधे भारतीय बाजार पर पड़ता है।

  1. डॉलर के मुकाबले रुपया:

भारत अधिकतर कच्चा तेल आयात करता है, और यह डॉलर में खरीदा जाता है। यदि रुपया कमजोर होता है, तो ईंधन महंगा हो जाता है।

  1. सरकारी टैक्स और शुल्क:

केंद्र और राज्य सरकारें पेट्रोल-डीजल पर भारी टैक्स लगाती हैं, जो खुदरा मूल्य का बड़ा हिस्सा होते हैं। यही कारण है कि राज्यों में कीमतों में अंतर होता है।

  1. रिफाइनिंग की लागत:

कच्चे तेल को इस्तेमाल लायक बनाने की प्रक्रिया (रिफाइनिंग) में भी खर्च होता है। ये लागत कच्चे तेल की गुणवत्ता और रिफाइनरी की क्षमता पर निर्भर करती है।

  1. मांग और आपूर्ति का संतुलन:

बाजार में ईंधन की मांग अगर बढ़ जाती है, तो कीमतें भी ऊपर जाने लगती हैं। खासकर त्योहारों, गर्मी या सर्दी के मौसम में ईंधन की खपत ज्यादा होती है।

कैसे करें अपने शहर की कीमतें SMS से चेक?

अगर आप मोबाइल से ईंधन की कीमत जानना चाहते हैं, तो ये प्रक्रिया आसान है:

Indian Oil ग्राहक: अपने शहर का कोड टाइप करें और उसे “RSP” के साथ 9224992249 पर भेजें।

BPCL ग्राहक: “RSP” लिखकर 9223112222 पर भेजें।

HPCL ग्राहक: “HP Price” लिखकर 9222201122 पर भेजें।

नेपाल में बाढ़ से बहा पुल, राहुल गांधी के खिलाफ FIR; दिल्ली में 3565 H1N1 केस

नेपाल में बाढ़ से बहा पुल, राहुल गांधी के खिलाफ FIR; दिल्ली में 3565 H1N1 केस

top news 31 august

Top News 31 August : उत्तर भारत के कई राज्यों में बारिश का दौर जारी। नेपाल में बाढ़ से एक झूला पुल बहा। नेपाल की विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन के बाद 900 से ज्यादा हाइड्रोपावर कर्मचारी लापता। उत्तराखंड में राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। दिल्ली में बढ़े स्वाइन फ्लू के मामले। 31 अगस्त की बड़ी खबरें :

 

उत्तर भारत में बारिश का कहर

उत्तर-पश्चिम भारत के पहाड़ी क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश का दौर जारी। जम्मू-कश्मीर में भूस्खलन से सांबा-मानसर मार्ग और बनी-बसोहली सड़क पर यातायात ठप हो गया। मौसम विभाग ने उत्तर भारत के 10 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 5 सितंबर तक बारिश और बज्रपात का अनुमान जताया है।  

 

नेपाल में फिर बाढ़, झूला पुल बहा

नेपाल के मध्य हिस्से में रविवार सुबह त्रिशूली नदी में फिर बाढ़ आ गई। इस बाढ़ में एक झूला पुल बह गया। यह पुल गंडकी प्रांत के गोरखा जिले की गंडकी ग्रामीण नगरपालिका-8 के घ्यालचोक को पृथ्वी राजमार्ग के पास स्थित चरौंदी से जोड़ता था।

 

सुरंगों में फंसे 900 से ज्यादा हाइड्रोपावर कर्मचारी

नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन के बाद 900 से ज्यादा हाइड्रोपावर कर्मचारी लापता हैं। इन मजूदूरों के जलविद्युत परियोजनाओं की सुरंगों में फंसे होने की आशंका है। कर्मचारियों और इंजीनियरों को निकालने के लिए नेपाली सेना के नेतृत्व में करीब 90 सदस्यीय संयुक्त टीम अभियान चला रही है। बचाव दल सुरंग तक पहुंचने के लिए ड्रिलिंग, खुदाई और नियंत्रित विस्फोट कर रहे हैं। ALSO READ: नेपाल में बाढ़ से सुरंगों में फंसे 900 से ज्‍यादा मजदूर, रेस्क्यू टीम चला रही अभियान, इस तरह पहुंचाई ऑक्सीजन

 

दिल्ली में बढ़े स्वाइन फ्लू के मामले

दिल्ली में स्वाइन फ्लू (H1N1) के मामलों में बढ़ोतरी जारी है। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, 29 अगस्त तक एच1एन1 के कुल 3565 मामले सामने आए हैं। इनमें दिल्ली के 3006 और दिल्ली से बाहर के 559 मामले शामिल हैं।

 

राहुल गांधी के खिलाफ उत्तराखंड में FIR

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के खिलाफ उत्तराखंड के हल्द्वानी कोतवाली में एफआईआर दर्ज की गई है। राहुल गांधी के खिलाफ यह एफआईआर अनुसूचित जाति के युवक अमित कुमार की शिकायत पर दर्ज की गई है। अमित कुमार की तरफ से आरोप लगाया गया है कि राहुल गांधी ने उनके खिलाफ जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया है। ALSO READ: राहुल गांधी की बढ़ीं मुश्किलें, उत्तराखंड में FIR दर्ज, जातिवादी टिप्पणी का लगा आरोप

Gold Price Today: सप्ताह के पहले दिन सोना कमजोर, दिल्ली से लेकर चेन्नई तक गिरा भाव

सप्ताह के पहले दिन सोमवार को देश में सोने की कीमत में गिरावट है। 31 अगस्त की सुबह राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत फिसलकर 158380 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गई है। मुंबई, कोलकाता और चेन्नई में भाव 158230 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया है। बीते सप्ताह 24 कैरेट गोल्ड 4850 रुपये और 22 कैरेट गोल्ड 4450 रुपये नीचे आया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोना 4,599.70 डॉलर प्रति औंस पर है।

देश के कुछ बड़े शहरों में गोल्ड रेट

दिल्ली में सोने की कीमतदिल्ली में 24 कैरेट सोने की कीमत 163890 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 145190 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

मुंबई और कोलकाता: मुंबई और कोलकाता में 22 कैरेट सोने की कीमत 145040 रुपये प्रति 10 ग्राम, जबकि 24 कैरेट सोने की कीमत 158230 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

चेन्नई में सोने की कीमत: 24 कैरेट सोने की कीमत 158230 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 145040 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

पुणे और बेंगलुरु में कीमत: इन दोनों शहरों में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत 158230 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट गोल्ड की कीमत 145040 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

शहर22 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)24 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)
दिल्ली145190158380
मुंबई145040158230
अहमदाबाद145090158280
चेन्नई145040158230
कोलकाता145040158230
हैदराबाद145040158230
जयपुर145190158380
भोपाल145090158280
लखनऊ145190158380
चंडीगढ़145190158380

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चांदी की कीमत

दूसरी कीमती धातु चांदी में भी गिरावट दिख रही है। 31 अगस्त की सुबह चांदी 254900 रुपये प्रति किलोग्राम पर है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर चांदी यानि कि स्पॉट सिल्वर की कीमत 70.31 डॉलर प्रति औंस है। सोने और चांदी की देश के अंदर कीमतें डोमेस्टिक फैक्टर्स के साथ-साथ ग्लोबल फैक्टर्स से भी प्रभावित होती हैं।

Bajaj Pulsar N160 SS: 3 reasons to buy and 2 reasons to skip it

Bajaj Pulsar N160 SS: 3 reasons to buy and 2 reasons to skip it
Bajaj Pulsar N160 4V SS

The Bajaj Pulsar N160 4V SS is the top variant of the updated N160 range, bringing a significantly reworked engine with ride-by-wire, a new 37mm USD fork, a 5-inch TFT display and Google Maps casting to a segment that was already competitive. It continues alongside the 2-valve N160 rather than replacing it. Here’s what works in its favour and a couple of reasons it might not be for everyone.

Reasons to buy the Bajaj Pulsar N160 4V SS

Smooth, tractable and genuinely quick

The new 4-valve engine is a more significant step up than the numbers alone might suggest. Despite producing 18.5hp at 9,500rpm from the same 165cc displacement, it retains the excellent smoothness and tractability of the outgoing 2-valve unit, with only minor vibrations at high revs and a very light clutch pull. During our time with the bike, we found it genuinely pleasant to ride in the city at lower revs, while still having enough performance higher up in the range to more closely match the TVS Apache RTR 160 4V, which was a rival it previously trailed. 

TFT display and features that justify the step up

The SS model comes with a 5-inch TFT display that happens to be the most feature-rich instrument cluster in the segment, offering Bluetooth music control, document storage and Google Maps casting. The last feature works seamlessly on Android devices (with the phone screen staying off during casting) but iOS users will need to keep their screen on, which is a Google limitation rather than Bajaj’s. Ride-by-wire unlocks four riding modes, making this the only bike in the 160cc segment to offer them. Dual-channel ABS and a larger 300mm front disc are also part of the SS package.

Competitive pricing

At Rs 1.43 lakh (ex-showroom), the N160 4V SS is priced slightly above the equivalent top variant of the TVS Apache RTR 160 4V but offers a more comprehensive feature set in return. With a 4-valve engine, ride-by-wire, a USD fork, dual-channel ABS and feature-rich TFT display, the value proposition is genuinely strong for what the segment offers.

Reasons to skip the Bajaj Pulsar N160 4V SS

Suspension is on the firmer side

Despite the move to the larger 37mm USD fork, the overall suspension tune retains the taut, firm character of previous N160 models. It handles rough roads competently and corners well, but doesn’t have the soft, cushioned feel of rivals like the Apache RTR 160 4V. Riders who spend long hours in the saddle or frequently encounter broken urban surfaces may find it harder work than the competition.

Kerb weight and turning radius

At 151kg, the N160 4V SS is not the lightest motorcycle in its class, and this makes itself felt in slow-speed city manoeuvring. The turning radius in particular is less generous than ideal for navigating tight urban situations and that’s a practical drawback that everyday commuters are likely to notice more than those who primarily ride on open roads.

UP Weather, 31 August: यूपी में झमाझम बारिश की संभावना, पूर्वांचल में अलर्ट; जानें अगले सात दिन का मौसम

UP Weather, 31 August: यूपी में अगले एक हफ्ते तक प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश की संभावना जताई है। खासकर पूर्वांचल में मध्यम से तेज बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। सोमवार को कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट, जबकि अन्य दिनों के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है।

26वां SCO समिट आज से, PM मोदी किर्गिस्तान पहुंचे:पुतिन और जिनपिंग से एक साल में दूसरी बार मुलाकात करेंगे

26वां SCO समिट 31 अगस्त से 1 सितंबर को बिशकेक में होगा। इस समिट की मेजबानी किर्गिस्तान करेगा और अध्यक्षता सादिर जापारोव करेंगे। यह SCO के 25 साल पूरे होने पर आयोजित सम्मेलन है। इस बार की थीम है- सतत शांति, विकास और समृद्धि के लिए साथ मिलकर आगे बढ़ना। इस समिट में भारत, चीन, रूस, पाकिस्तान, ईरान समेत 10 सदस्य देशों के नेता शामिल होंगे। PM मोदी भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। मोदी रविवार शाम को ही उज्बेकिस्तान की 2 दिन की यात्रा पूरी करने के बाद शंघाई को-ऑपरेशन ऑर्गनाइजेशन (SCO) समिट में शामिल होने के लिए किर्गिस्तान रवाना हो गए थे। 2017 में भारत और पाकिस्तान पूर्ण सदस्य बने। फिर 2023 में ईरान और 2024 में बेलारूस इसमें शामिल हुए। समिट के दौरान मोदी की चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से भी मुलाकात करेंगे। मोदी बिश्केक में होने वाले 6वें वर्ल्ड नोमैड गेम्स के उद्घाटन समारोह में भी शामिल होंगे। 4 पॉइंट में जानें भारत के लिए SCO समिट अहम क्यों… शंघाई को-ऑपरेशन समिट (SCO) क्या है… शंघाई को-ऑपरेशन समिट की स्थापना 15 जून 2001 को चीन के शंघाई शहर में हुई थी।शुरुआत में इसके 6 सदस्य देश थे- चीन, रूस, कजाखस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान। आज SCO दुनिया के सबसे बड़े क्षेत्रीय संगठनों में शामिल है, जिसमें 10 पूर्ण सदस्य देश हैं।इसका मुख्य उद्देश्य सुरक्षा, आतंकवाद का विरोध, आर्थिक सहयोग, संपर्क और सांस्कृतिक सहयोग बढ़ाना है। अगले साल पाकिस्तान को मिल सकती है मेजबानी यह SCO के 25 साल पूरे होने पर आयोजित ऐतिहासिक सम्मेलन है। यूरेशिया की सुरक्षा, व्यापार और रणनीतिक संतुलन के लिहाज से यह साल का सबसे महत्वपूर्ण बहुपक्षीय सम्मेलन माना जा रहा है। समिट के बाद किर्गिस्तान की अध्यक्षता समाप्त होगी और 2026–27 की अध्यक्षता पाकिस्तान को सौंपे जाने की उम्मीद है। 2027 का SCO शिखर सम्मेलन पाकिस्तान में प्रस्तावित है। 2025 तियानजिन डिक्लरेशन में पहलगाम हमले की निंदा हुई थी शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के राष्ट्राध्यक्षों की परिषद का तियानजिन घोषणा-पत्र में कहा गया था- “सदस्य देशों ने 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा की। उन्होंने मृतकों और घायलों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना और सहानुभूति व्यक्त की। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे हमलों के दोषियों, आयोजकों और प्रायोजकों को न्याय के कटघरे में लाया जाना चाहिए।” ——————————— पीएम मोदी के उज्बेकिस्तान दौरे से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… PM मोदी को उज्बेकिस्तान का सर्वोच्च सम्मान: यह उन्हें मिला 36वां अंतरराष्ट्रीय सम्मान उज्बेकिस्तान के दौरे पर गए पीएम मोदी को रविवार को राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव ने अपने देश के सर्वोच्च राज्य सम्मान ‘ओली दाराजली दोस्लिक’ से सम्मानित किया। उज्बेक भाषा के इस शब्द का मतलब है- उच्च स्तरीय मित्रता। यह पीएम मोदी को मिला 36वां अंतरराष्ट्रीय सम्मान है। रविवार रात पीएम उज्बेकिस्तान से रवाना हो किर्गिस्तान पहुंच चुके हैं। पढ़ें पूरी खबर…

Rashifal Today: आज इन मूलांक वालों को होगा धन लाभ और इनको हो सकता है नुकसान! जानें अपना राशिफल

Aaj Ka Rashifal: अंक ज्योतिष के अनुसार, हर इंसान की जन्मतिथि का अपना खास महत्व होता है। 31 अगस्त 2026 का दिन आर्थिक मामलों में अलग-अलग मूलांक वाले लोगों के लिए अलग असर लेकर आएगा। कुछ लोगों के लिए निवेश और बचत के लिहाज से दिन अच्छा रह सकता है, जबकि कुछ लोगों को पैसों से जुड़े फैसले लेते समय सावधानी बरतने की जरूरत होगी। आइए जानते हैं मूलांक 1 से 9 तक के लोगों के लिए आज का दिन कैसा रहेगा।

मूलांक 1

अगर आपका जन्म 1, 10, 19 या 28 तारीख को हुआ है, तो आज आपका ध्यान पैसों से जुड़े मामलों पर रहेगा। आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने के लिए लंबे समय की योजना बनाना आपके लिए फायदेमंद रहेगा। खर्चों पर नियंत्रण रखें और बिना सोचे-समझे कोई बड़ा आर्थिक फैसला न लें। छोटी-छोटी बचत आगे चलकर आपके लिए बड़ा फायदा ला सकती है। धैर्य और सही प्लानिंग से आर्थिक उतार-चढ़ाव को संभालने में मदद मिलेगी।

मूलांक 2

अगर आपका जन्म 2, 11, 20 या 29 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक स्थिरता बनाए रखना आपकी प्राथमिकता होनी चाहिए। गैर-जरूरी चीजों पर पैसा खर्च करने से बचें और भविष्य के लिए वित्तीय योजना पर ध्यान दें। निवेश से जुड़े मामलों में सोच-समझकर फैसला लें। जल्दबाजी में किया गया खर्च आपकी आर्थिक योजना को बिगाड़ सकता है। धैर्य के साथ आगे बढ़ने से भविष्य मजबूत हो सकता है।

मूलांक 3

अगर आपका जन्म 3, 12, 21 या 30 तारीख को हुआ है, तो आज पैसों से जुड़े मामलों में आपको व्यावहारिक रवैया अपनाना होगा। अपनी आर्थिक योजनाओं को दोबारा देखें और उन्हें लागू करने की दिशा में कदम बढ़ाएं। बाजार में मिलने वाले नए अवसरों पर नजर रखें, लेकिन कोई भी फैसला पूरी जानकारी लेने के बाद ही करें।

मूलांक 4

अगर आपका जन्म 4, 13, 22 या 31 तारीख को हुआ है, तो आज घर-परिवार से जुड़े खर्च आपका बजट प्रभावित कर सकते हैं। भावनाओं में आकर खरीदारी करने से बचें और जरूरी खर्चों को प्राथमिकता दें। अपने बजट को व्यवस्थित रखना आपके लिए जरूरी रहेगा। अगर पहले से बजट बनाया हुआ है तो उसे दोबारा जांचें और जरूरत के अनुसार बदलाव करें।

मूलांक 5

अगर आपका जन्म 5, 15 या 23 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक मामलों में थोड़ी सावधानी बरतने की जरूरत है। व्यवस्थित बजट बनाने से आपको अपनी वित्तीय स्थिति समझने में मदद मिलेगी। अचानक खरीदारी करने या गैर-जरूरी खर्च करने से बचें। इस दौरान कुछ नए आर्थिक अवसर भी सामने आ सकते हैं, लेकिन उनमें पैसा लगाने से पहले अच्छी तरह जांच-पड़ताल कर लें।

मूलांक 6

अगर आपका जन्म 6, 15 या 25 तारीख को हुआ है, तो आज आपको पैसों के मामले में व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ना चाहिए। अपने जरूरी और गैर-जरूरी खर्चों में अंतर करें और उसी के अनुसार बजट तैयार करें। छोटी-छोटी आर्थिक बातों पर भी ध्यान देना जरूरी होगा। आज किए गए कुछ बदलाव आगे चलकर आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकते हैं। खर्चों को सही दिशा में रखने से आर्थिक स्थिति बेहतर होगी।

मूलांक 7

अगर आपका जन्म 7, 16 या 25 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक स्थिति को मजबूत करने पर ध्यान दें। कपड़े, लग्जरी सामान या दूसरी गैर-जरूरी चीजों पर ज्यादा खर्च करने से बचना आपके लिए बेहतर रहेगा। भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए निवेश और बचत की योजना बनाएं। सोच-समझकर लिया गया आर्थिक फैसला आपको आगे चलकर सुरक्षा दे सकता है।

मूलांक 8

अगर आपका जन्म 8, 17 या 26 तारीख को हुआ है, तो आज का दिन आर्थिक मामलों के लिहाज से अच्छा रह सकता है। भविष्य को ध्यान में रखकर बनाई गई योजनाएं आपकी आर्थिक स्थिति मजबूत करने में मदद कर सकती हैं। हालांकि, बिना योजना के खर्च करने से बचें। अपने निवेश और बजट की एक बार फिर जांच कर लें और देखें कि आप अपने वित्तीय लक्ष्यों की सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं या नहीं।

मूलांक 9

अगर आपका जन्म 9, 18 या 27 तारीख को हुआ है, तो आज पैसों से जुड़े मामलों में समझदारी से फैसला लेने की जरूरत है। आपके सामने निवेश या कमाई के कुछ नए विकल्प आ सकते हैं, लेकिन किसी भी आकर्षक ऑफर को देखकर तुरंत फैसला न लें। अपने लंबे समय के आर्थिक लक्ष्यों पर ध्यान बनाए रखें। जरूरत हो तो अपनी वित्तीय योजना में कुछ बदलाव करें। खर्चों को व्यवस्थित रखना और स्थिरता पर ध्यान देना आज आपके लिए फायदेमंद रहेगा।

डिस्क्लेमर: इस लेख की सामग्री पूरी तरह से ज्योतिषीय भविष्यवाणियों पर आधारित है। हम इसकी सत्यता और सटीकता का पूरी तरह दावा नहीं करते। यहां दी गई किसी भी जानकारी के आधार पर कोई वित्तीय, स्वास्थ्य या व्यावसायिक निर्णय लेने से पहले योग्य विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।