Saif Ali Khan: पिता से मजाक करना इब्राहिम को पड़ा भारी, सैफ अली खान बेटे को किया ऐसा रोस्ट फैंस की छूटी हंसी

Saif Ali Khan: सैफ अली खान आखिरकार इंस्टाग्राम पर डेब्यू कर चुके हैं। उनकी पहली पोस्ट ने ही फैंस के चेहरे पर मुस्कान ला दी है। बीते दिनों उन्होंने पटौदी लाइब्रेरी के पास निकलवाईं तस्वीरें शेयर करके इंस्टाग्राम पर कदम रखा। इन तस्वीरों ने काफी चर्चा बटोरी। यूजर्स की तरह उनके बेटे और एक्टर इब्राहिम अली खान को भी यकीन नहीं हुआ कि उनके पिता इंस्टाग्राम पर आ गए हैं। दोनों के बीच की इस मजेदार नोकझोंक ने सबका ध्यान खींच लिया है।

इब्राहिम अपने पिता को इस प्लेटफॉर्म पर देखकर हैरान रह गए और पूछा, “क्या ये आप हैं, अब्बा? नहीं ना?” जवाब में सैफ ने इब्राहिम की बचपन की एक पुरानी फोटो शेयर की और पूछा कि क्या इसमें दिख रहा छोटा बच्चा मई 2008 में पैदा हुआ इब्राहिम है। इब्राहिम ने भी इस मजाक में साथ देते हुए कहा, “शायद हां।”

उनकी यह मजेदार बातचीत देखकर कई लोग हंस पड़े। पिता-बेटे की इस जोड़ी को ऑनलाइन एक-दूसरे के साथ मजाक करते देखना लोगों को बहुत अच्छा लगा। ‘एले’ (Elle) के साथ एक पुराने इंटरव्यू में इब्राहिम ने बताया था कि वह अपने माता-पिता सैफ अली खान और अमृता सिंह से क्या सीखना या अपनाना चाहते हैं।

इब्राहिम ने कहा, “सच कहूं तो, मुझे उनके शानदार करियर से कुछ भी नहीं चाहिए। मैं एक एक्टर के तौर पर अपना रास्ता खुद बनाना चाहता हूं। शायद मेरे पिता का नेशनल अवार्ड और मेरी मां का डेब्यू – बस इतना ही।”

इब्राहिम अली खान ने अपनी फैशन पसंद के बारे में भी बात की और बताया कि कैसे उनके पिता, सैफ अली खान, उनके स्टाइल को प्रभावित करते हैं। उनका मानना ​​है कि उनके पिता के कपड़े पहनने का अंदाज एकदम अलग है। इसलिए उनकी नकल करने का कोई मतलब नहीं बनता। हालांकि सैफ की कुछ फैशन पसंदों का इब्राहिम पर असर पड़ा है, जैसे कि जींस, बंदाना, कुर्ते और जैकेट।

साथ ही इब्राहिम ने यह भी कहा कि उन्हें थोड़े मॉडर्न कपड़े पहनना ज्यादा पसंद है। उन्होंने यह भी बताया कि कभी-कभी वह सैफ की टी-शर्ट और बंदाना उधार ले लेते हैं।

निर्वाचन आयोग ने 17 राज्यों में मतदाता सूचियों के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण का दिया आदेश

निर्वाचन आयोग ने बृहस्पतिवार को 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूचियों के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसएसआर) का आदेश दिया। साथ ही आयोग ने पहली बार यह निर्देश दिया है कि राजनीतिक दलों को “पढ़ने योग्य पीडीएफ प्रारूप” में मतदाता सूचियां उपलब्ध कराई जाएं।

जिन राज्यों में एसएसआर कराया जाएगा, उनमें उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गोवा, पंजाब और मणिपुर शामिल हैं। इन राज्यों में अगले साल की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने हैं। इन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अंतिम मतदाता सूची चार जनवरी को प्रकाशित की जाएगी।

निर्वाचन आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, निर्वाचन कानून के तहत एसएसआर एक अनिवार्य वार्षिक प्रक्रिया है। यह प्रक्रिया खास तौर पर उन राज्यों में की जाती है, जहां विधानसभा चुनाव होने वाले हैं।

मशीन द्वारा पढ़े जाने योग्य मतदाता सूची की उपलब्धता विपक्षी दलों की एक प्रमुख मांग रही है। हालांकि, आंकड़ों में हेरफेर की आशंकाओं और अदालती आदेशों का हवाला देते हुए निर्वाचन आयोग (ईसी) ने फिलहाल के लिए इस मांग को खारिज कर दिया है।

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एक अहम बदलाव के तहत, ईसी राजनीतिक दलों को मतदाता सूचियों की ‘सॉफ्ट कॉपी’ उपलब्ध कराएगा। अब मसौदा और अंतिम मतदाता सूचियां (बिना फोटो के) ‘इमेज पीडीएफ’ के बजाय ‘पढ़ने योग्य पीडीएफ प्रारूप’ में दी जाएंगी।

इन 17 राज्यों में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पूरा हो चुका है। वहीं, असम में कानूनी कारणों से एसआईआर के बजाय विशेष पुनरीक्षण कराया गया।

मतदाता सूची के पुनरीक्षण का उद्देश्य पात्र मतदाताओं, खासकर युवाओं और पहली बार मतदान करने वालों के नाम मतदाता सूची में शामिल करना, इसकी प्रविष्टियों में सुधार करना और इसमें संशोधन को और बेहतर बनाना है।

जिन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एसएसआर कराया जाएगा, उनमें अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह, असम, बिहार, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, लक्षद्वीप, मध्य प्रदेश, मणिपुर, पुडुचेरी, पंजाब, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल शामिल हैं।

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IIM कलकत्ता के छात्रों की चमकी किस्मत, कंसल्टिंग कंपनियों ने दिए करोड़ों के ऑफर्स!

कोलकाता। IIM कलकत्ता के MBA प्लेसमेंट में इस बार कई बड़े ऑफर सामने आए हैं। देश-विदेश की कंपनियों ने प्लेसमेंट प्रोसेस में हिस्सा लिया और स्टूडेंट्स को अलग-अलग सेक्टर में नौकरी के मौके मिले। प्लेसमेंट में कंसल्टिंग सेक्टर की सबसे ज्यादा हिस्सेदारी रही। इसके अलावा मैनेजमेंट, फाइनेंस और IT जैसे फील्ड में भी स्टूडेंट्स को ऑफर मिले।

कंसल्टिंग सेक्टर में सबसे ज्यादा जॉब ऑफर मिले। इसके बाद जनरल मैनेजमेंट का नंबर रहा। अलग-अलग रीजन की हिस्सेदारी इस तरह रही।

  • कंसल्टिंग: 38%
  • जनरल मैनेजमेंट: 21%
  • फाइनेंस, IT और प्रोडक्ट मैनेजमेंट: कुल 18.6%
  • सेल्स और मार्केटिंग: 9%

डोमेस्टिक और इंटरनेशनल कंपनियों ने दिए लाखों के सैलरी पैकेज

IIM कलकत्ता के 61वें MBA बैच के 458 स्टूडेंट्स को 202 कंपनियों से 542 जॉब ऑफर मिले। स्टूडेंट्स का एवरेज सालाना पैकेज 36 लाख रुपये और मीडियन पैकेज 35 लाख रुपये रहा। सबसे बड़ा डोमेस्टिक पैकेज 1.45 करोड़ रुपये और विदेशी कंपनी से मिला सबसे बड़ा ऑफर 1.10 करोड़ रुपये सालाना का था।

एवरेज पैकेज सभी स्टूडेंट्स की सैलरी को जोड़कर निकाला जाता है। वहीं, मीडियन पैकेज में आधे स्टूडेंट्स की सैलरी इससे कम और आधे की इससे ज्यादा होती है।

एग्जीक्यूटिव MBA को भी मिला अट्रैक्टिव सैलरी पैकेज

इस MBA बैच में अलग-अलग सब्जेक्ट से पढ़ाई करने वाले स्टूडेंट शामिल थे। इनके एजुकेशनल बैकग्राउंड और एक्सपीरियंस की जानकारी इस तरह है।

मेल स्टूडेंट्स: 64%

फीमेल स्टूडेंट्स: 36%

एवरेज वर्क एक्सपीरियंस: 22.6 महीने

इंजीनियरिंग बैकग्राउंड: 55.7%

कॉमर्स बैकग्राउंड: 16.9%

बैच में CA, CFA और FRM जैसी क्वालिफिकेशन रखने वाले 80 से ज्यादा स्टूडेंट शामिल थे, जबकि 20 से ज्यादातर स्टूडेंट्स को स्टार्टअप चलाने का एक्सपीरियंस था। वहीं, IIM कलकत्ता के एग्जीक्यूटिव MBA (MBAEx) बैच का एवरेज सालाना पैकेज 35.37 लाख रुपये रहा और सबसे बड़ा पैकेज 1.25 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।

पिछले साल के मुकाबले इस साल रहा इतने परसेंट हाइक

इंस्टिट्यूट के पिछले प्लेसमेंट आंकड़ों के मुताबिक, 2022 से 2025 के बीच एवरेज सालाना पैकेज करीब 34 लाख से 36 लाख रुपये के बीच रहा।

2025: एवरेज पैकेज 34.23 लाख रुपये रहा। सबसे बड़ा डोमेस्टिक पैकेज 91.45 लाख रुपये और इंटरनेशनल पैकेज 1.45 करोड़ रुपये था।

2024: एवरेज पैकेज 35.61 लाख रुपये रहा और सबसे बड़ा पैकेज 1.20 करोड़ रुपये रिकॉर्ड किया गया।

पिछले कुछ सालों में IIM कलकत्ता के MBA स्टूडेंट्स का औसत पैकेज करीब-करीब एक जैसा रहा है। हालांकि, सबसे बड़े पैकेज में हर साल बदलाव हुआ है।

हेल्थ पॉलिसी के बावजूद हॉस्पिटल का 3 लाख बिल जेब से भरना है, FD तोड़े या किसी से उधार लें?

हेल्थ पॉलिसी होने के बावजूद कई बार हॉस्पिटल के बिल का कुछ हिस्सा जेब से भरना पड़ता है। अगर हॉस्पिटल के बिल में से 3 लाख रुपये जेब से भरना हो तो फिर क्या करना चाहिए? क्या सेविंग्स के पैसा का इस्तेमाल करना चाहिए, बैंक एफडी को तोड़ देना चाहिए या पीएफ से पैसे निकालने चाहिए? मनीकंट्रोल ने यह सवाल एक्सपर्ट से पूछा।

बीमारी को ध्यान में रखकर लेने होंगे फैसले

आरोग्य फाइनेंस के को-फाउंडर और सीईओ जोस पीटर ने कहा कि इस सवाल का जवाब कई बातों पर निर्भर है। इसमें बीमारी कौन सी है, बीमारी के इलाज में कितना समय लगेगा और कितने पैसे खर्च होंगे शामिल हैं। कई बार बीमारी का इलाज एक सर्जरी से हो जाता है, जबकि कुछ बीमारी में बार-बार हॉस्पिटल में भर्ती होने की जरूरत पड़ती है।

हॉस्पिटल बिल और इंश्योरेंस सेटलमेंट स्टेंटमेंट को चेक करें

उन्होंने कहा कि अगर हॉस्पिटल का बिल 5 लाख आने पर हेल्थ पॉलिसी के बावजूद 3 लाख जेब से चुकाना हो तो बड़ी समस्या हो जाती है। खासकर तब जब परिवार को दवाइयां भी खरीदनी हो और आगे भी डॉक्टर से दिखाना हो। ऐसे में परिवार को हॉस्पिटल के बिल को ध्यान से देखना जरूरी है। इंश्योरेंस कंपनी के सेटलमेंट स्टेटमेंट को भी देखना होगा। इससे पता चलेगा कि कौन-कौन से चार्ज इंश्योरेंस में कवर नहीं हुआ है।

कई हॉस्पिटल इंटरेस्ट-फ्री मेडिकल EMI ऑफर करते हैं

सबसे पहले हॉस्पिटल से यह पूछा जा सकता है कि क्या वह इंटरेस्ट-फ्री मेडिकल EMI ऑफर करता है। इसमें इंटरेस्ट का बोझ हॉस्पिटल उठाता है। अगर हॉस्पिटल यह सुविधा ऑफर करता है तो परिवार के लिए इसका इस्तेमाल करना सबसे अच्छा रहेगा। परिवार मंथली किस्त चुकाने के लिए अपने गैरजरूरी खर्चों में कटौती कर सकता है। अगर यह सुविधा हॉस्पिटल ऑफर नहीं करता है तो ही बैंक एफडी तोड़ने या दूसरे विकल्प का इस्तेमाल करने की जरूरत पड़ेगी।

बैंक एफडी तोड़ने से पहले इन बातों को ध्यान में रखें 

अगर बैंक एफडी तोड़ना जरूरी हो तो पहले यह देखना होगा कि इंटरेस्ट के मामले में कितना लॉस होगा और तय समय से पहले एफडी तोड़ने पर कितनी पेनाल्टी चुकानी होगी। एफडी पर लोन लेना अच्छा विकल्प हो सकता है। लेकिन, अगर एफडी अगर लंबी अवधि का है तो उसे तोड़ना सस्ता पड़ेगा। परिवार दोनों विकल्पों पर विचार करने के बाद फैसला ले सकता है।

ईपीएफ में जमा पैसा निकालने का भी विकल्प

तीसरा विकल्प ईपीएफ से पैसे निकालना है। लेकिन, यह ध्यान में रखना जरूरी है कि ईपीएफ से पैसे निकालने का असर आपकी रिटायरमेंट सेविंग्स पर पड़ता है। इस प्रोसेस में समय भी लगता है। यह विकल्प तब काम नहीं करेगा, जब पेशेंट हॉस्पिटल में है और उसे हॉस्पिटल से घर लाने से पहले बिल चुकाना जरूरी हो। ऐसी स्थिति में ईपीएफ से पैसे निकलने का इंतजार नहीं किया जा सकता।

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जरूरत के हिसाब से कुछ विकल्पों का किया जा सकता है इस्तेमाल

उपर्युक्त विकल्पों पर विचार करने के बाद सबसे अच्छा यह होगा कि हॉस्पिटल का बिल चुकाने के लिए सेविंग्स के कुछ पैसे का इस्तेमाल किया जाए और बाकी पैसा का इंतजाम दूसरे स्रोतों से किया जाए। इससे अचानक हाथ खाली नहीं होगा और हॉस्पिटल से पेशेंट के डिस्चार्ज के बाद भी उसकी देखभाल के लिए पैसे बचे रहेंगे।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।

‘अमित शाह की पुलिस’ की बर्बरता को अनदेखा नहीं किया जाएगा: राहुल गांधी

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान कथित पुलिस कार्रवाई में कई विद्यार्थियों के घायल होने का हवाला देते हुए शुक्रवार को कहा कि ‘‘अमित शाह की दिल्ली पुलिस की बर्बरता को अनदेखा नहीं किया जाएगा’’ और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ हर कानूनी रास्ता अपनाया जाएगा।

गांधी ने इन विद्यार्थियों से हाल ही में हुई मुलाकात का एक वीडियो ‘एक्स’ पर साझा किया। इनमें कुछ का संबंध कांग्रेस के छात्र संगठन एनएसयूआई से है। कांग्रेस नेता ने दावा किया कि दिल्ली पुलिस ने केरल की अथिरा और राजस्थान की रितु समेत कई विद्यार्थियों की पिटाई की, लेकिन इस मामले में प्राथमिकी दर्ज करने से इनकार किया जा रहा है।

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लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने केरल के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला और राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा से बात की तथा उनसे संबंधित पुलिस अधिकारी के खिलाफ अपने यहां मामला दर्ज कराने के लिए कहा।

उन्होंने कहा कि केरल में पहले ही ‘जीरो एफआईआर’ दर्ज की जा चुकी है और घटना के लिए जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों के खिलाफ केरल, राजस्थान तथा अदालतों में उपलब्ध सभी कानूनी विकल्पों का इस्तेमाल किया जाएगा। गांधी ने कहा अमित शाह की दिल्ली पुलिस की बर्बरता को अनदेखा नहीं किया जाएगा।’’

कांग्रेस नेता ने इस घटना की तुलना 1930 के धरासणा सत्याग्रह से भी की और कहा कि उस समय सरोजिनी नायडू के नेतृत्व में निहत्थे सत्याग्रहियों ने पुलिस की लाठियों का सामना किया था, लेकिन उनमें से किसी ने जवाब में हाथ नहीं उठाया और पूरी दुनिया ने इसे देखा था। उन्होंने कहा पुलिस हड्डियां तोड़ सकती है, सत्याग्रह नहीं।’’

गांधी ने कहा कि देश के युवा, विशेषकर युवतियां निडर, दृढ़ और एकजुट’’ हैं तथा लोकतंत्र के लिए खड़े हो रहे हैं। उन्होंने कहा मैं उनके साथ खड़ा हूं।

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कल का मौसम 17 अक्टूबर: शनिवार को इन इलाकों में जमकर होगी बारिश, 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं, IMD ने दिया ये अलर्ट

Mausam Update: देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज अभी भी काफी कड़ा बना हुआ है। उत्तर-पूर्वी मानसून के असर की वजह से दक्षिण भारत के राज्यों में मूसलाधार बारिश का दौर लगातार जारी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी ताजा मौसम बुलेटिन के मुताबिक कल शनिवार 17 अक्टूबर को दक्षिण प्रायद्वीप के कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की चेतावनी दी गई है। इस दौरान कुछ जगहों पर तेज हवाएं चलने और आकाशीय बिजली चमकने का भी अनुमान जताया गया है। आइए जानते हैं कल 17 अक्टूबर को देश के अलग अलग राज्यों में कैसा रहेगा मौसम का हाल।

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दक्षिण भारत में भारी से बहुत भारी बारिश का तांडव जारी

दक्षिण प्रायद्वीप में सक्रिय मौसमी प्रणालियों के चलते बारिश की गतिविधियां थमने का नाम नहीं ले रही हैं। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक कल 17 अक्टूबर को दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल के अलग-अलग हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की पूरी संभावना है। इसके अलावा तटीय कर्नाटक, केरल व माहे और आंध्र प्रदेश के अलग अलग जिलों में भी भारी बारिश दर्ज की जाएगी। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि इस दौरान आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु के कुछ इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे (झोंके 60 किमी/घंटे) की गति से तेज तूफानी हवाएं चलेंगी और गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली कड़केगी। आंतरिक कर्नाटक, केरल व माहे और तेलंगाना के हिस्सों में भी 30 से 40 किमी/घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं। तटीय आंध्र प्रदेश के मैदानी इलाकों में दिन भर तेज सतही हवाएं चलती रहेंगी।

देश के दूसरे हिस्सों में गरज-चमक और बादलों की आवाजाही

दक्षिण भारत के अलावा देश के अन्य हिस्सों में भी छिटपुट मौसमी हलचल देखने को मिलेगी। मौसम विभाग के मुताबिक छत्तीसगढ़, तटीय कर्नाटक, कोंकण व गोवा, मध्य महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, मराठवाड़ा और ओडिशा के अलग-अलग हिस्सों में बादलों की गरज के साथ आकाशीय बिजली चमकने की गतिविधियां दर्ज की जा सकती हैं। राहत की बात यह है कि पिछले कुछ दिनों से उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और अन्य प्रणालियों का असर अब कमजोर पड़ने लगा है। इससे दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश समेत अधिकांश मैदानी राज्यों में मौसम मुख्यतः साफ या आंशिक रूप से बादल छाए रहने की स्थिति में लौट रहा है।

मछुआरों के लिए राहत की खबर

समुद्री और तटीय इलाकों में उठने वाले तूफानों को लेकर मौसम विभाग ने फिलहाल स्थिति पूरी तरह सामान्य बताई है। समुद्र के भीतर किसी भी प्रकार की असाधारण या खतरनाक हलचल न होने की वजह से IMD ने मछुआरों के लिए समुद्र में जाने को लेकर कोई चेतावनी जारी नहीं की है।

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Nayyi Navelli: ‘नई नवेली’ में यामी गौतम धर का दमदार एक्शन और कॉमिक अंदाज छाया, दर्शकों ने बांधे तारीफों के पुल

Nayyi Navelli: अमेजन MGM स्टूडियोज और कलर येलो की फिल्म ‘नई नवेली’ 16 अक्टूबर को दशहरे के खास मौके पर सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। यह फिल्म दर्शकों के लिए एक अनोखी फैंटेसी और पारिवारिक मनोरंजन का अनुभव लेकर आई है। फिल्म देखने के बाद दर्शक इसकी कहानी, कलाकारों की अदाकारी, कॉमिक और दमदार एक्शन की तारीफ कर रहे हैं। खास तौर पर यामी गौतम धर के अभिनय ने दर्शकों का ध्यान खींचा है।

फिल्म देखने के बाद एक दर्शक ने यामी गौतम धर के किरदार की तारीफ करते हुए कहा- “फिल्म के निर्देशक और मेकर्स ने यामी गौतम को एक ऐसी नायिका के रूप में पेश किया है, जो सिर्फ अच्छी बातें नहीं करतीं, बल्कि अपने पति को बचाने के लिए भी आगे आती हैं। उनका यह अंदाज काफी अच्छा लगा।”

वहीं एक अन्य दर्शक ने यामी के एक्शन अवतार की सराहना करते हुए कहा, “इस फिल्म में यामी गौतम सिर्फ एक अभिनेत्री के तौर पर ही नहीं, बल्कि एक दमदार एक्शन परफॉर्मर के रूप में भी नजर आती हैं। उन्होंने एक्शन सीन्स को बेहद शानदार और प्रभावशाली तरीके से निभाया है।”

एक अन्य दर्शक ने फिल्म में यामी की कॉमिक टाइमिंग की तारीफ करते हुए कहा, “‘नई नवेली’ में हमें कुछ अलग देखने को मिला। यामी गौतम की कॉमिक टाइमिंग और उनकी अदाकारी कमाल की है।” जबकि एक दर्शक ने फिल्म के कॉमेडी, डायलॉग्स और कास्टिंग की तारीफ करते हुए कहा, “फिल्म का ह्यूमर, वन-लाइनर्स और कास्टिंग काफी अच्छी है। कहानी भी नई और अलग है, जो दर्शकों को कुछ नया देखने का मौका देती है। भक्ति और कॉमेडी का ऐसा मेल फिल्मों में कम ही देखने को मिलता है। यह एक बेहतरीन फिल्म है।”

इन प्रतिक्रियाओं से साफ है कि ‘नई नवेली’ में फैंटेसी, कॉमेडी, एक्शन और पारिवारिक मनोरंजन का अनोखा मेल दर्शकों को पसंद आ रहा है। यामी गौतम धर का दमदार और अलग अंदाज फिल्म की खासियत बनकर उभरा है।

फिल्म का निर्देशन बालाजी मोहन ने किया है, जबकि इसकी कहानी हिमांशु शर्मा और दिव्य निधि शर्मा ने लिखी है। फिल्म में यामी गौतम धर के साथ अड्डिनाथ एम. कोठारे, अनुराग ठाकुर, सुनीता राजवार, मीता वशिष्ठ, आदित्य कुलश्रेष्ठ, सुस्मिता मुखर्जी और प्रतीक पचौरी अहम भूमिकाओं में नजर आ रहे हैं। फिल्म को आनंद एल. राय और हिमांशु शर्मा ने प्रोड्यूस किया है, जबकि इसका संगीत जी. वी. प्रकाश कुमार ने तैयार किया है। ‘नई नवेली’ 16 अक्टूबर यानी आज दशहरे के मौके पर सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है।

Meerut में पति की हत्या के मामले में पत्नी और प्रेमी को मृत्युदंड, सांप के काटने से मौत दिखाने की रची थी साजिश

Meerut में पति की हत्या के मामले में पत्नी और प्रेमी को मृत्युदंड, सांप के काटने से मौत दिखाने की रची थी साजिश

उत्तरप्रदेश के मेरठ जिले में पति की हत्या कर उसकी मौत को सांप के काटने से हुई घटना दिखाने के मामले में अदालत ने पत्नी और उसके प्रेमी को मृत्युदंड की सजा सुनाई है। शुक्रवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एडीजे-12) जयवीर सिंह नागर की अदालत ने दोनों दोषियों को फांसी की सजा सुनाई।

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अधिकारी के मुताबिक, यह मामला मेरठ जिले के बहसूमा क्षेत्र के अकबरपुर सादात गांव का है। यहां के निवासी अमित कश्यप उर्फ मिक्की कश्यप की हत्या के मामले में उसकी पत्नी रविता और उसके प्रेमी अमरदीप को अदालत ने दोषी करार दिया था।

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अदालत ने सात अक्टूबर को दोनों को हत्या के मामले में दोषी ठहराया था। अभियोजन पक्ष के अनुसार, अमित की गला घोंटकर हत्या की गई थी और इसके बाद उसकी मौत को सांप के काटने से हुई घटना के रूप में दिखाने की कोशिश की गई थी।

 

इस मामले में सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने शुक्रवार को पत्नी रविता और उसके प्रेमी अमरदीप को मृत्युदंड की सजा सुनाई। मामले में हत्या और उसे छिपाने के लिए कथित तौर पर रची गई साजिश ने पूरे घटनाक्रम को गंभीर बना दिया।

BMW F 450 RR Image gallery

BMW F 450 RR Image gallery
Shadow silhouette of the BMW F 450 RR on a deserted highway.

BMW has revealed the third motorcycle based on its 420cc engine platform, the F 450 RR. This follows the F 450 GS which was revealed last November and the F 450 R, which debuted as recently as two weeks ago. This trio of motorcycles are manufactured by TVS in Hosur.

The F 450 RR’s 420cc, twin-cylinder, liquid-cooled mill continues to mete out 48hp at 8,750rpm and 43Nm at 6,750 rpm. Other technical aspects such as the suspension, brakes and kerb weight are closer to its sport-naked sibling, the F 450 R. The standard seat height is 790mm and BMW offers two seat options, to either increase it to 810mm, or drop it down to 775mm. Brakes are the same as the R, a 310mm front disc with a Brembo four-piston monobloc caliper and a ByBre 240mm rear disc. The base variant of the F 450 RR has a kerb weight of 177kg (178kg with ERC).

The F 450 RR has four variants, Base, Exclusive, M Sport and M Sport with Innovation Package. As standard, all four get the exact same rider aids as the R, some of which are, dual-channel and lean-sensitive ABS, a 6.5-inch TFT display with smartphone connectivity, and three ride modes (Rain, Road and Race).

BMW hasn’t revealed prices for the F 450 RR, or a timeline for an Indian launch, like the F 450 R. For context, the F 450 GS reached our shores six months after its international reveal, which means that the R and the RR could be expected in the first quarter of 2027. Once they get here, we anticipate the F 450 R to be the most affordable option with the F 450 RR sitting between it and the F 450 GS.

अल्बानिया में महंगी शिक्षा के खिलाफ छात्र सड़कों पर उतरे:सरकारी इमारतों और बैंकों में आग लगाई; अभी 11 देशों में छात्र आंदोलन चल रहा

अल्बानिया की राजधानी तिराना में महंगी शिक्षा और खराब सुविधाओं के खिलाफ अब छात्र सड़कों पर उतर आए हैं। छात्र प्रधानमंत्री एदी रामा के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री कार्यालय, सरकारी इमारतों और कई बैंकों की शाखाओं में आग लगा दी। भीड़ को हटाने के लिए पुलिस ने आंसू गैस और पानी का इस्तेमाल किया। इस दौरान दर्जनों पुलिसकर्मी और प्रदर्शनकारी घायल हो गए। अल्बानिया में जारी यह विरोध ऐसे समय हो रहा है, जब भारत, फ्रांस, जर्मनी समेत दुनिया के कुल 11 देशों में छात्र अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। अल्बानिया में प्रदर्शन से जुड़ी 5 तस्वीरें… कई महीनों से नाराज थे छात्र, सरकार पर अनदेखी का आरोप अल्बानिया में छात्रों की नाराजगी अचानक नहीं बढ़ी है। वे कई महीनों से पढ़ाई के बढ़ते खर्च और डिग्री लेने के बाद नौकरी मिलने की कम संभावनाओं को लेकर आवाज उठा रहे हैं। छात्रों का कहना है कि शिक्षा महंगी होती जा रही है, जबकि पढ़ाई पूरी करने के बाद भी रोजगार के पर्याप्त मौके नहीं मिल रहे हैं। अल्बानिया के पत्रकार आर्लिस अलिकाज ने अल जजीरा से कहा कि मौजूदा प्रदर्शन कई महीनों से दबे गुस्से का नतीजा हैं। तिराना के इंस्टीट्यूट फॉर पॉलिटिकल स्टडीज के प्रोफेसर और शोधकर्ता अफ्रिम क्रास्निकी के मुताबिक, छात्र और युवा करीब तीन महीने तक शांतिपूर्ण प्रदर्शन करते रहे, लेकिन उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया। उनका आरोप है कि सरकार ने बातचीत करने के बजाय कई बार छात्रों की छवि खराब करने की कोशिश की। अब लोगों का गुस्सा सिर्फ सरकार के खिलाफ नहीं है। सरकारी संस्थानों की जवाबदेही की कमी और लोगों की शिकायतों पर कार्रवाई नहीं होने से भी नाराजगी बढ़ी है। ट्रम्प के दामाद के लग्जरी रिसॉर्ट बनाने का भी विरोध एदी रामा 2013 से अल्बानिया के प्रधानमंत्री हैं। पिछले साल मई में वे चौथी बार इस पद पर चुने गए थे। हालांकि, इसके बाद उनकी सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर लोगों में नाराजगी बढ़ी है। मौजूदा प्रदर्शन रामा के लिए अब तक के सबसे गंभीर जन विरोध में से एक माने जा रहे हैं। सरकार के खिलाफ विरोध कुछ महीने पहले ही शुरू हो गया था। इसकी एक वजह देश के दक्षिणी तट पर लग्जरी रिसॉर्ट बनाने की योजना भी है। इस परियोजना से अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प के दामाद जेरेड कुशनर जुड़े हैं। गुरुवार को रॉयटर्स से बातचीत में रामा ने इस्तीफे की मांग खारिज कर दी। उन्होंने कहा कि सरकारें लोकतांत्रिक चुनावों से बदलती हैं। पिछले साल देश में चुनाव हुए थे, क्रांति नहीं। 2018 में भी शिक्षा के खर्च पर बड़ा आंदोलन हुआ था —————————- यह खबर भी पढ़ें… फ्रांस में शिक्षकों की कमी को लेकर आंदोलन हिंसक हुआ:धमाके में 15 साल के छात्र का हाथ उड़ा; 5 हजार गिरफ्तार, 87% गिरफ्तार नाबालिग फ्रांस में शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर छात्र सड़कों पर उतर गए हैं। सितंबर में शुरू हुआ यह आंदोलन अब पूरे देश में फैल गया है। छात्र स्कूलों में बढ़ती भीड़, जर्जर इमारतों और शिक्षकों की कमी का विरोध कर रहे हैं। पूरी खबर पढ़ें…