TomTom Layoffs: नीदरलैंड की कंपनी फिर करेगी छंटनी, इस बार 200 लोगों की जा सकती है नौकरी

नीदरलैंड्स की लोकेशन डेटा कंपनी टॉमटॉम एनवी (TomTom NV) एक बार फिर रीस्ट्रक्चरिंग कर रही है। इसके तहत वैश्विक स्तर पर 200 नौकरियां कम की जाएंगी। इससे सालाना लगभग 2.1 करोड़ यूरो (2.36 करोड़ डॉलर) की बचत होने की उम्मीद है। यह बात रॉयटर्स की एक रिपोर्ट में कही गई है। कंपनी AI को अपनाने के लिए पहले ही साल 2025 में 300 नौकरियां कम कर चुकी है। टॉमटॉम अब नए ड्राइविंग समाधान विकसित करने के लिए धीरे-धीरे अपना फोकस पार्टनरशिप्स पर शिफ्ट कर रही है।

इसके तहत कंपनी माइक्रोसॉफ्ट के साथ जेनरेटिव AI पर और मित्सुबिशी इलेक्ट्रिक के साथ ऑटोमेटेड ड्राइविंग पर काम कर रही है। टॉमटॉम अपने नए मैपिंग प्लेटफॉर्म ‘टॉमटॉम ऑर्बिस’ (TomTom Orbis) में निवेश भी कर रही है। TomTom का शेयर इस साल अब तक लगभग 30 प्रतिशत नीचे आया है।

ऑपरेटिंग मार्जिन गाइडेंस बढ़ाया

रॉयटर्स के मुताबिक, कंपनी ने 2026 के लिए अपने ऑपरेटिंग मार्जिन गाइडेंस को 3 प्रतिशत से बढ़ाकर लगभग 4 प्रतिशत कर दिया है। इसमें चौथी तिमाही में होने वाले 1.5 करोड़ यूरो के रीस्ट्रक्चरिंग खर्च का प्रभाव भी शामिल है। टॉमटॉम ने पूरे साल के लिए अपने रेवेन्यू के अनुमान को भी रिवाइज किया है। अब रेवेन्यू 50.5 करोड़ से 53 करोड़ यूरो के बीच रहने की उम्मीद है। पहले यह अनुमान 49.5 करोड़ से 55.5 करोड़ यूरो के बीच था। तीसरी तिमाही यानि कि जुलाई-सितंबर 2026 में टॉमटॉम का रेवेन्यू गिरकर लगभग 13 करोड़ यूरो रह गया। यह कंपनी के अनुमान से कम है।

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नेटफ्लिक्स में 1000 लोगों की छंटनी

नेटफ्लिक्स अपने 6% कर्मचारियों की छंटनी कर रही है। लगभग 1,000 लोगों की नौकरी जाने वाली है। यह साल 2022 के बाद से कंपनी की अब तक की सबसे बड़ी छंटनी है। रॉयटर्स के मुताबिक, यह जानकारी को-CEO ग्रेग पीटर्स और टेड सारंडोस की ओर से कर्मचारियों को भेजे गए ईमेल से सामने आई है। छंटनी मुख्य रूप से नेटफ्लिक्स की प्रोडक्ट, टेक, लीगल और ह्यूमन रिसोर्सेज टीमों में होगी। पिछले साल के अंत में कंपनी के पास लगभग 16,000 कर्मचारी थे।

सुधा यादव ने कर्नाटक की राज्यपाल के रूप में ली शपथ

पूर्व लोकसभा सदस्य एवं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) संसदीय बोर्ड की सदस्य सुधा यादव ने शुक्रवार को यहां राजभवन में कर्नाटक की राज्यपाल के रूप में शपथ ली। उन्होंने श्री थावरचंद गहलोत का स्थान लिया है, जिनका कार्यकाल पूरा हो गया है।

कर्नाटक उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश विभु बखरू ने मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार और अन्य गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में उन्हें पद की शपथ दिलाई।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने छह राज्यों में राज्यपालों की नियुक्ति और फेरबदल के तहत सुधा यादव को कर्नाटक का राज्यपाल नियुक्त किया है।

हरियाणा के महेंद्रगढ़ से पूर्व सांसद रहीं सुधा यादव ने आईआईटी रुड़की से रसायन विज्ञान (केमिस्ट्री) में एमएससी और पीएचडी की डिग्री हासिल की है। वह 2019 से 2022 तक ‘राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग’ की सदस्य रहीं और भाजपा में कई संगठनात्मक पदों पर काम कर चुकी हैं।

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वह अपने पति सुखबीर सिंह यादव की मृत्यु के बाद चुनावी राजनीति में आईं। उनके पति सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) में डिप्टी कमांडेंट थे और कारगिल युद्ध के दौरान शहीद हो गए थे। इसके बाद, उन्होंने लोकसभा में महेंद्रगढ़ का प्रतिनिधित्व किया और हरियाणा में एक प्रमुख अन्य पिछड़ा वर्ग के नेता के रूप में उभरीं।

इस फेरबदल के तहत श्री ढाल सिंह बिसेन को उत्तराखंड का राज्यपाल, श्री ब्रज मोहन राम को ओडिशा का राज्यपाल और श्री दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किया गया है।

सिक्किम के राज्यपाल रहे ओम प्रकाश माथुर को केरल का राज्यपाल बनाया गया है, जबकि केरल के निवर्तमान राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर को तमिलनाडु का राज्यपाल नियुक्त किया गया है।

ये नियुक्तियां राष्ट्रपति द्वारा विभिन्न राज्यों में राज्यपालों की नियुक्ति और उनके तबादले की संवैधानिक प्रक्रिया का हिस्सा हैं।

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जिस सिस्टम में हो उससे सवाल पूछना कभी मत छोड़ा, अभिनव बिंद्रा की खिलाड़ियों को सलाह

भारत के महान निशानेबाज अभिनव बिंद्रा ने शुक्रवार को कहा कि देश को ऐसे खिलाड़ियों की जरूरत है जो अपने ही काम पर, उन्हें बताई गई प्रक्रिया पर और उस ढांचे पर सवाल उठाये जिसमें वह काम करते हैं।बीजिंग ओलंपिक 2008 में व्यक्तिगत स्पर्धा का ओलंपिक स्वर्ण जीतने वाले पहले भारतीय बिंद्रा ने कहा कि उन्हें सफलता इसीलिये मिली क्योंकि वह सवाल पूछने का सामर्थ्य रखते थे।

उन्होंने संदर्भ का जिक्र नहीं करते हुए खिलाड़ियों को एक्स पर सलाह देते हुए कहा ,‘‘ मेरे पूरे खेल कैरियर में मैने कोचों से सवाल पूछे, सुझावों को चुनौती दी और उत्सुकता नहीं छोड़ी। इसलिये नहीं कि मैं सम्मान नहीं करता था बल्कि इसलिये कि मैं समझकर सीखना चाहता था।’’

उन्होंने कहा ,‘‘ मुझे चिंता है कि जब खिलाड़ियों को लगता है कि वे खुलकर अपनी बात नहीं कह सकते, तो समय के साथ कुछ कहीं ज्यादा चिंताजनक स्थिति पैदा हो जाती है। वे धीरे-धीरे अपने मन में भी सवाल पूछना बंद कर देते हैं। और जब ऐसा होता है, तो हम खेल में बेहतरीन प्रदर्शन के लिए जरूरी एक अहम चीज खो देते हैं।’’

बिंद्रा ने कहा ,‘‘ हमें ऐसे खिलाड़ी चाहिये जो अपने काम, अपने कोचों और उन्हें बताई गई प्रक्रिया पर सवाल उठा सकें। विद्रोह के लिये नहीं बल्कि बेहतर प्रदर्शन की वास्तविक इच्छा के लिये। कुछ को यह अनुशासनहीनता लग सकती है लेकिन विकास के लिये जरूरी है।’’उन्होंने कहा ,‘‘ सीखने की इच्छा छोड़ देने वाले खिलाड़ी और सवाल पूछना बंद करने वाले खिलाड़ी में फर्क है। यह अंतर समझना जरूरी है।’’

अब 43 साल के हो चुके बिंद्रा ने 2008 बीजिंग ओलंपिक में 10 मीटर एयर राइफल में स्वर्ण पदक जीता था। वह ओलिंपिक खेलों में व्यक्तिगत स्वर्ण पदक जीतने वाले भारत के पहले खिलाड़ी हैं।

वह 2010 से 2020 तक अंतरराष्ट्रीय निशानेबाजी खेल महासंघ (International Shooting Sport Federation ISSF) की एथलीट समिति के सदस्य थे जिसमें वह 2014 से इसके अध्यक्ष रहे। वह 2018 से आईओसी एथलीट आयोग के सदस्य हैं।

Tesla Roadster : टेस्ला की नई इलेक्ट्रिक कार में उड़ने की तकनीक, जानिए फीचर्स, रफ्तार और भारत में सड़क पर चलाने से जुड़ी जरूरी बातें

Tesla Roadster : टेस्ला की नई इलेक्ट्रिक कार में उड़ने की तकनीक, जानिए फीचर्स, रफ्तार और भारत में सड़क पर चलाने से जुड़ी जरूरी बातें

Tesla Roadster

एलन मस्क की कंपनी टेस्ला की बहुप्रतीक्षित इलेक्ट्रिक स्पोर्ट्स कार Roadster एक बार फिर चर्चा में है। कंपनी इसे सिर्फ तेज रफ्तार इलेक्ट्रिक कार के तौर पर नहीं, बल्कि रॉकेट जैसी थ्रस्टर तकनीक से लैस खास वाहन के रूप में पेश कर रही है। 15 अक्टूबर को अमेरिका के टेक्सास में SpaceX की डेवलपमेंट फैसिलिटी में हुए कार्यक्रम के दौरान मस्क ने Roadster का प्रदर्शन किया। साझा किए गए वीडियो में कार जमीन से ऊपर उठती और हवा में मूवमेंट करती दिखाई गई।

कंपनी के मुताबिक, कार के खास वर्जन में कोल्ड-गैस थ्रस्टर, बेहतर एयरोडायनामिक्स और जमीन से चिपकाव बढ़ाने वाला सक्शन सिस्टम दिया गया है। हालांकि, इन क्षमताओं से जुड़े दावों और वास्तविक परिस्थितियों में कार के प्रदर्शन के बीच अंतर समझना जरूरी है। खास बात यह है कि हवा में मूवमेंट करने वाले Rocket वर्जन को सार्वजनिक सड़कों पर चलाने की मंजूरी भी हर क्षेत्र में उपलब्ध नहीं है।

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Tesla Roadster के खास फीचर्स: खरीदारों के लिए क्या है जरूरी?

1. थ्रस्टर तकनीक से हवा में मूवमेंट करने का दावा

फीचर : SpaceX Cold-Gas Thrusters

Tesla Roadster के सबसे चर्चित फीचर्स में कोल्ड-गैस थ्रस्टर शामिल हैं। कंपनी के Rocket वर्जन में वाहन के चारों ओर ऐसे थ्रस्टर लगाए गए हैं, जो दबाव वाली गैस के जरिए ऊपर उठने, आगे बढ़ने और हवा में दिशा बदलने जैसी गतिविधियों में मदद कर सकते हैं। कंपनी के प्रदर्शन में प्रोटोटाइप को हवा में कलाबाजी करते हुए दिखाया गया। हालांकि, यह तकनीक सामान्य इलेक्ट्रिक कारों में इस्तेमाल होने वाली ड्राइविंग तकनीक से बिल्कुल अलग है। इसकी व्यावहारिक उपयोगिता, सुरक्षा और सड़क पर इस्तेमाल की अनुमति को लेकर अभी कई सवाल हैं। 

 

2. एक सेकंड से भी कम समय में 100 किमी/घंटा की रफ्तार

Tesla के Thrust वर्जन में थ्रस्टर और सक्शन सिस्टम का इस्तेमाल किया गया है। कंपनी का दावा है कि यह कॉन्फिगरेशन कार को बेहद कम समय में तेज रफ्तार तक पहुंचाने में मदद करेगा।

फीचर उपलब्ध जानकारी

  • 0 से 100 किमी/घंटा कंपनी के दावे के अनुसार एक सेकंड से कम
  • टॉप स्पीड 230 मील/घंटा से अधिक, यानी लगभग 370 किमी/घंटा
  • ड्राइवट्रेन पूरी तरह इलेक्ट्रिक
  • खास तकनीक कोल्ड-गैस थ्रस्टर और सक्शन सिस्टम
  • ये आंकड़े कंपनी के दावों और प्रदर्शन से संबंधित हैं। इन्हें स्वतंत्र रूप से प्रमाणित उत्पादन मॉडल के नतीजे नहीं माना जाना चाहिए। 

3. सक्शन सिस्टम से सड़क पर बेहतर पकड़

Roadster में मल्टी-मोड फैन और ग्राउंड-सीलिंग सिस्टम दिया गया है। यह कार के नीचे से हवा खींचकर डाउनफोर्स पैदा करने के लिए डिजाइन किया गया है। डाउनफोर्स का मतलब है वह बल जो तेज रफ्तार में कार को सड़क की सतह पर अधिक मजबूती से बनाए रखने में मदद करता है। इससे टायरों की पकड़, मोड़ पर नियंत्रण और स्थिरता बेहतर हो सकती है।
 

Tesla का दावा है कि इसका सक्शन सिस्टम विशेष परिस्थितियों में कार को उल्टा रहने तक में मदद कर सकता है। यह सामान्य सड़क पर इस्तेमाल होने वाला फीचर नहीं, बल्कि उच्च प्रदर्शन और विशेष प्रदर्शन परिस्थितियों के लिए विकसित तकनीक है। 

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4. छिपी हुई हेडलाइट और एयरोडायनामिक डिजाइन

Tesla Roadster के बाहरी डिजाइन में छिपी हुई हेडलाइट, पीछे की तरफ पूरी चौड़ाई में फैली टेललाइट और बॉडी के साथ समतल रखे गए एयरोडायनामिक एलिमेंट शामिल हैं। कंपनी का उद्देश्य कार को आकर्षक स्पोर्ट्स कार का लुक देने के साथ हवा के प्रतिरोध को कम करना है। इससे उच्च गति पर कार की दक्षता और प्रदर्शन को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।

5. एयरोस्पेस से प्रेरित पेंट और गोल्ड टिंटेड ग्लास

Tesla ने कार के सफेद रंग को Ano White नाम दिया है। कंपनी के अनुसार, इसका फिनिश एयरोस्पेस इंजीनियरिंग से प्रेरित है और इसे पराबैंगनी किरणों, जंग तथा कठिन परिस्थितियों से सुरक्षा को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
 

कार के Gold Glazed डिजाइन में सुनहरे रंग की झलक वाले टिंटेड शीशे और टाइटेनियम एक्सेंट भी शामिल हैं। इनका उद्देश्य कार को भविष्य की तकनीक से प्रेरित खास पहचान देना है।

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6. मिनिमलिस्ट केबिन और योक-स्टाइल स्टीयरिंग

कार के इंटीरियर में अल्ट्रावाइट फिनिश, ग्रे माइक्रोसुएड डिटेलिंग और बेहतर ग्रिप वाली सीटें दी गई हैं। इसके अलावा केबिन में ये फीचर्स शामिल हैं:

– योक-स्टाइल स्टीयरिंग कंट्रोल

– Steer-by-wire तकनीक

– एक बड़ी सेंट्रल टचस्क्रीन

– दो छोटी डिस्प्ले स्क्रीन

Steer-by-wire सिस्टम में स्टीयरिंग कंट्रोल और पहियों के बीच पारंपरिक मैकेनिकल कनेक्शन की जगह इलेक्ट्रॉनिक कंट्रोल का इस्तेमाल किया जाता है। इसका वास्तविक अनुभव और सुरक्षा उत्पादन मॉडल के अंतिम स्पेसिफिकेशन पर निर्भर करेगी।

7. मैग्नीशियम, टाइटेनियम और कार्बन फाइबर का इस्तेमाल

Tesla के मुताबिक, Roadster में मैग्नीशियम, टाइटेनियम और कार्बन फाइबर जैसी हल्की लेकिन मजबूत सामग्री का इस्तेमाल किया गया है। हल्के वजन वाले पहिए भी इसके डिजाइन का हिस्सा हैं। वाहन का वजन कम रखने से एक्सीलरेशन, हैंडलिंग और ड्राइवर के इनपुट पर प्रतिक्रिया बेहतर करने में मदद मिल सकती है। हालांकि, वास्तविक प्रदर्शन के लिए कार का अंतिम वजन और तकनीकी आंकड़े अहम होंगे।
 

Tesla Roadster कब लॉन्च होगी?

नई Roadster का प्रदर्शन अक्टूबर 2026 में किया गया है, लेकिन ग्राहकों को इसकी डिलीवरी के लिए अभी इंतजार करना पड़ सकता है। रिपोर्टों के मुताबिक, Tesla ने उत्पादन शुरू करने के लिए 2028 का लक्ष्य बताया है।  कंपनी ने Performance, Thrust और Rocket जैसे अलग-अलग कॉन्फिगरेशन पेश किए हैं। इनमें Rocket वर्जन को विशेष थ्रस्टर तकनीक के साथ तैयार किया गया है और यह सीमित उपलब्धता वाला मॉडल बताया गया है।

 

भारत में खरीदने वालों के लिए जरूरी बात: फिलहाल भारत में इसकी लॉन्च डेट, कीमत, डिलीवरी और सभी वर्जन की उपलब्धता की आधिकारिक पुष्टि के बिना खरीदारी की योजना बनाना जल्दबाजी होगी। खासकर Rocket वर्जन के लिए सार्वजनिक सड़कों पर इस्तेमाल की मंजूरी और सुरक्षा नियमों की स्थिति स्पष्ट होना जरूरी है।

क्या Tesla Roadster आम खरीदारों के लिए उपयोगी है?

Tesla Roadster का मुख्य आकर्षण इसकी असाधारण रफ्तार, स्पोर्ट्स कार डिजाइन और नई तकनीक है। लेकिन रोजाना ऑफिस आने-जाने, परिवार के साथ यात्रा करने या कम खर्च में इलेक्ट्रिक कार खरीदने वालों के लिए यह सामान्य कार का विकल्प नहीं है।

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शेयर बाजार में हेरफेर मामले में ED की बड़ी कार्रवाई, 6 शहरों में 29 ठिकानों पर की छापेमारी

केंद्रीय जांच एजेंसी ईडी यानी प्रवर्तन निदेशालय (ED) के मुंबई जोनल ऑफिस-I ने शेयर बाजार में कथित हेरफेर और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। ED ने 16 अक्टूबर 2026 को महाराष्ट्र, गुजरात समेत 6 शहरों में 29 ठिकानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई मुंबई, नासिक, अहमदाबाद, गांधीनगर, सूरत और भावनगर में की गई।

ED के इस जांच का संबंध लिस्टेड कंपनियों M/s R M Drip and Sprinklers Systems Ltd और M/s R&B Denims Ltd के शेयरों में कथित हेरफेर से है। ED ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA), 2002 के तहत यह कार्रवाई की है।

शेयरों के आवंटन से लेकर कीमत बढ़ाने तक की जांच

प्रवर्तन निदेशालय की जांच में सामने आया कि अप्रैल 2023 से मार्च 2024 के बीच दोनों कंपनियों ने चुनिंदा व्यक्तियों और संस्थाओं को 3.5 करोड़ से अधिक शेयर और कन्वर्टिबल वारंट जारी किए। जांच एजेंसी के मुताबिक, इन शेयरों के भुगतान में बड़ी रकम कुछ सीमित और आपस में जुड़े लोगों, कंपनियों और कर्जदाताओं के समूह से आई थी। इसके साथ ही आरोप है कि इसके बाद आने वाले महीनों में दोनों कंपनियों के शेयरों की कीमत लगातार बढ़ाई गई, जबकि अधिकांश शेयर उन्हीं लोगों के पास बने रहे।

‘Multibagger Stocks’ जैसे व्हाट्सऐप ग्रुप से निवेशकों को लुभाया

ED की जांच में यह भी सामने आया कि दिसंबर 2025 के अंत से फरवरी 2026 के बीच ‘Multibagger Stocks’ जैसे नामों वाले व्हाट्सऐप कम्युनिटी ग्रुप के जरिए इन दोनों शेयरों को खरीदने के लिए रोजाना टिप्स भेजे जा रहे थे। जांच एजेंसी के अनुसार, इन ग्रुपों के जरिए छोटे और खुदरा निवेशकों को शेयर खरीदने के लिए आकर्षित किया गया। इन ग्रुपों को चलाने के लिए हरियाणा और मुंबई में दूसरे लोगों के नाम पर लिए गए सिम कार्ड का इस्तेमाल किया गया, जबकि इनका संचालन गुजरात के भावनगर से किया जा रहा था।

ED के मुताबिक, इन संदेशों के बाद दोनों शेयरों में खरीदारों की संख्या करीब 3,400 से बढ़कर एक लाख से अधिक हो गई।

व्हाट्सऐप ग्रुप डिलीट होते ही शेयरों में भारी गिरावट

जांच के अनुसार, 25 फरवरी 2026 को इन व्हाट्सऐप ग्रुपों को अचानक डिलीट कर दिया गया। इसके बाद दोनों कंपनियों के शेयर लोअर सर्किट पर आ गए और कुछ ही दिनों में उनकी कीमत करीब 70 प्रतिशत तक गिर गई। इस घटनाक्रम के कारण एक लाख से अधिक छोटे निवेशकों को भारी नुकसान हुआ। कई निवेशक ऐसे शेयरों के साथ फंस गए, जिन्हें वे गिरती कीमतों के बीच बेच नहीं पा रहे थे।

कंपनियों के दफ्तर, प्रमोटरों के घर और ब्रोकिंग फर्मों पर छापे

ED ने जिन ठिकानों की तलाशी ली, उनमें दोनों कंपनियों के कार्यालय, उनके प्रमोटरों के आवास, कम कीमत पर शेयर पाने वाले लोगों के ठिकाने, स्टॉक-ब्रोकिंग और फाइनेंस कंपनियों के कार्यालय तथा कथित तौर पर प्रचार के लिए इस्तेमाल किए गए व्हाट्सऐप ग्रुपों के संचालन से जुड़े लोगों के परिसर शामिल हैं। छापेमारी के दौरान जांच एजेंसी ने कई आपत्तिजनक दस्तावेज, डिजिटल डिवाइस, शेयर लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड और संपत्तियों के दस्तावेज बरामद कर जब्त किए हैं।

ED मामले में मनी लॉन्ड्रिंग और शेयर बाजार में कथित हेरफेर से जुड़े वित्तीय लेनदेन की जांच कर रही है। मामले में आगे की जांच जारी है।

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Dussehra 2026: साल में एक बार खुलता है कानपुर का 136 साल पुराना मंदिर, रावण की होती है पूजा

Dussehra 2026: पूरे भारत में दशहरा बुराई पर अच्छाई की जीत के रूप में मनाया जाता है, जहां भगवान राम की जीत को दर्शाने के लिए रावण के पुतले जलाए जाते हैं। लेकिन कानपुर का एक मंदिर इससे बिल्कुल अलग परंपरा का पालन करता है। यहां लंका के दस सिरों वाले राजा को जलाया नहीं जाता, बल्कि उनकी पूजा की जाती है।

शिवाला इलाके में स्थित 135 साल पुराना ‘दशानन मंदिर’ रामायण के मुख्य खलनायक रावण को समर्पित है। यहां भगवान शिव के प्रति उनकी भक्ति और उनके ज्ञान के लिए उन्हें सम्मान दिया जाता है। यह मंदिर साल में केवल एक दिन यानी दशहरे के मौके पर ही भक्तों के लिए खुलता है। यह इस त्योहार से जुड़ी सबसे अनोखी धार्मिक परंपराओं में से एक है।

जहां कानपुर का बाकी हिस्सा शाम को होने वाले रावण दहन की तैयारी कर रहा है, वहीं सुबह के समय मंदिर परिसर का माहौल कुछ अलग ही होता है। यहां भक्त प्रार्थना करने, तेल के दीपक जलाने और “लंकापति नरेश रावण की जय” का नारा लगवाने के लिए इकट्ठा होते हैं—वे एक ऐसे व्यक्तित्व को नमन करते हैं, जिसे यहां बिल्कुल अलग नज़रिए से याद किया जाता है।

दशानन मंदिर कानपुर में रावण की पूजा क्यों की जाती है?

माना जाता है कि इस मंदिर का निर्माण 1890 में महाराज गुरु प्रसाद शुक्ला ने करवाया था। वे पड़ोसी उन्नाव जिले के रहने वाले थे और भगवान शिव के परम भक्त थे। स्थानीय लोगों के अनुसार यह मंदिर रावण की शिव-भक्ति, उसकी बुद्धिमत्ता और उसके ज्ञान के सम्मान में स्थापित किया गया था।

शिवाला में कैलाश मंदिर परिसर के भीतर स्थित दशानन मंदिर, दशहरे की प्रचलित कथा से बिल्कुल अलग एक तस्वीर पेश करता है। जहां दशहरा भगवान राम की रावण पर जीत का प्रतीक है, वहीं इस मंदिर की परंपरा रावण के जीवन के एक दूसरे पहलू पर ध्यान दिलाती है- एक विद्वान और भगवान शिव के सच्चे भक्त के रूप में उसकी पहचान।

इस मंदिर की एक खास विशेषता यहां मौजूद रावण की पांच फुट ऊंची प्रतिमा है। ज्यादातर मंदिरों की मूर्तियों से अलग, यह प्रतिमा साल के ज्यादातर समय ढकी रहती है और इसे केवल दशहरा के दिन ही खोला जाता है। मंदिर की स्थानीय परंपरा के अनुसार बाकी 364 दिन यह प्रतिमा ढकी रहती है, जो रावण के कैद में रहने के समय को दर्शाती है।

विजयादशमी के दिन मंदिर के दरवाजे खुलते हैं और भक्त यहां आशीर्वाद लेने आते हैं। वे अक्सर बुद्धि, शक्ति और ज्ञान के लिए प्रार्थना करते हैं। इस मौके पर एक विशेष आरती की जाती है। यह रस्म छोटी है, लेकिन बहुत अनोखी है। दशहरा की सुबह प्रार्थना और विशेष आरती के लिए मंदिर जल्दी खुल जाता है। दिन भर की रस्मों के बाद मंदिर के दरवाजे फिर से बंद हो जाते हैं और प्रतिमा अगली विजयादशमी तक वापस ढकी हुई अवस्था में आ जाती है।

यहां आने वाले भक्तों के लिए दशहरा सिर्फ रावण की हार को याद करने का दिन नहीं है। यह लंकापति रावण से जुड़े ज्ञान, भक्ति और उनके व्यक्तित्व की जटिलताओं पर विचार करने का भी एक अवसर है।

₹82 हजार करोड़ की बारिश, 25 सितंबर के बाद Nifty आज 23100 के पार बंद, लगातार दूसरे दिन Sensex ग्रीन

Share Market Rally: वैल्यू बाइंग और आईटी सेक्टर में खरीदारी के दम पर शुरुआती उठा-पटक से उबरते हुए सेंसेक्स और निफ्टी ने निचले स्तर से शानदार रिकवरी की। दिन के निचले स्तर से सेंसेक्स 766 प्वाइंट्स ऊपर चढ़ा तो निफ्टी भी 23100 के पार पहुंच गया। इससे पहले निफ्टी ने आखिरी बार 25 सितंबर को 23100 का लेवल छुआ था और इसी के पार बंद भी हुआ था। हालांकि ब्रोडर लेवल की रिकवरी फेल हो गई। निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 रेड से ग्रीन हुए और फिर लाल हो गए और रेड जोन में ही बंद हुए। इस मिले-जुले माहौल में बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप आज ₹82 हजार करोड़ से अधिक बढ़ गई।

सेक्टरवाइज मार्केट को आज आईटी सेक्टर से मजबूत सपोर्ट मिला, जिसका निफ्टी इंडेक्स करीब 4% मजबूत हुआ। साथ ही बैंकिंग शेयरों ने भी शानदार वापसी की और मार्केट को सपोर्ट किया। निफ्टी पीएसयू बैंक शुरुआती गिरावट से उबरते हुए आधे फीसदी से अधिक मजबूत हुआ और निफ्टी प्राइवेट बैंक में भी बढ़त रही। निफ्टी मेटल तो करीब 1% मजबूत हुआ। वहीं दूसरी तरफ एफएमसीजी और फार्मा सेक्टर के निफ्टी इंडेक्स लाल बंद हुए।

अब घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो आज 16 अक्टूबर को सेंसेक्स (Sensex) 413.66 प्वाइंट्स यानी 0.56% की बढ़त के साथ 74,729.27 और निफ्टी भी 148.80 प्वाइंट्स यानी 0.65% की मजबूती के साथ 23,146.15 पर बंद हुआ है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स दिन के निचले स्तर से 765.79 प्वाइंट्स रिकवर होकर 74,778.78 और निफ्टी दिन के निचले स्तर से 236.05 प्वाइंट्स उबरते हुए 23,149.85 तक पहुंच गया। इससे पहले सेंसेक्स 302.62 प्वाइंट्स गिरकर 74,012.99 और निफ्टी 83.55 प्वाइंट्स फिसलकर 22,913.80 तक आया था।

₹82 हजार करोड़ बढ़ी निवेशकों की दौलत

एक कारोबारी दिन पहले यानी 15 अक्टूबर 2026 को बीएसई पर लिस्टेड सभी शेयरों का कुल मार्केट कैप ₹4,71,83,561.46 करोड़ था। आज यानी 16 अक्टूबर 2026 को यह बढ़कर ₹4,72,66,122.04 करोड़ पर पहुंच गया। इसका मतलब हुआ कि निवेशकों की पूंजी में आज ₹82,560.57 करोड़ की बढ़ोतरी हुई है।

Sensex के 18 शेयर ग्रीन

सेंसेक्स पर 30 शेयर लिस्टेड हैं जिसमें 18 आज ग्रीन रहे। सबसे अधिक तेजी आज टेक महिंद्रा, टीसीएस और इंफोसिस में रही तो दूसरी तरफ इंडिगो में आज सबसे अधिक गिरावट रही। नीचे सेंसेक्स पर लिस्टेड सभी शेयरों के लेटेस्ट भाव और आज उतार-चढ़ाव की डिटेल्स देख सकते हैं-

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126 शेयर एक साल के हाई पर

बीएसई पर आज 4616 शेयरों की ट्रेडिंग हुई। इसमें 2404 शेयर आज मजबूत हुए तो 1962 में गिरावट रही जबकि 250 में कोई बदलाव नहीं हुआ। इसके अलावा 126 शेयर एक साल के हाई और 127 शेयर एक साल के निचले स्तर पर आ गए। वहीं 8 शेयर अपर सर्किट पर पहुंच गए तो 40 शेयर लोअर सर्किट पर आ गए।

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इन चार वजहों से आज सेंसेक्स-निफ्टी में हुई तेज रिकवरी

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

2027 Ducati Desmo450 MX Image Gallery

2027 Ducati Desmo450 MX Image Gallery
Ducati Desmo450 MX front right quarter

For 2027 Ducati has made changes throughout the Desmo450 MX in order to improve functionality, performance, reliability and ergonomics. The rear sprocket has been changed to a larger 51-tooth version, compared to the earlier 49-tooth one, in order to improve the rear wheel torque while exiting corners. The easiest way to differentiate the new model from the outgoing version is the new livery, featuring black logos instead of white.

On the Desmo450 MX Factory version, Ducati has increased the equipment on offer while trimming off 800g from its kerb weight. The factory model exclusively gets extra dark Kashima coating on its 49mm fork and monoshock, plus a titanium oxide (TiO) treatment for superior wear resistance. It also receives more accessories as standard, and a different drive chain than the standard version. The factory version also gets a new Ducati Corse livery featuring the red and black Ducati logo.

Prices for both Desmo450 MX models have dropped significantly in Europe. The Desmo450 MX is priced at GBP 9,495 (Rs 12.02 lakh) and the 450 MX Factory at GBP 10,795 (Rs 13.67 lakh). That’s a GBP 1,750 (Rs 2.22 lakh) drop on the regular MX and a GBP 2,400 (Rs 3.04 lakh) drop on the MX Factory compared to their respective 2026 versions. In India, the 2026 Desmo450 MX is available for Rs 17.23 lakh (ex-showroom).

Weather Update: दक्षिण में भारी बारिश का अलर्ट, पहाड़ों पर बर्फबारी ने बढ़ाई ठंड

Weather Update: दक्षिण में भारी बारिश का अलर्ट, पहाड़ों पर बर्फबारी ने बढ़ाई ठंड

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Weather Update 16 October: दक्षिण भारत के कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का दौर जारी है, जो 22 अक्टूबर तक बना रह सकता है। वहीं उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों जैसे हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचे शिखरों पर बर्फबारी का दौर जारी है। जिससे मैदानी इलाकों में भी हल्की ठंडक और तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है।

 

पिछले 24 घंटों में तमिलनाडु और तटीय कर्नाटक में बहुत भारी (12-20 सेमी) तथा केरल और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भारी बारिश दर्ज हुई है। यूपी, राजस्थान, ओडिशा, पंजाब और हरियाणा समेत देश के कई राज्यों में बारिश और ओलावृष्‍टि से फसलों को भारी नुकसान पहुंचा। मंडियों में खुले में रखी धान, बाजरा व मक्के की पैदावार भीगी। धान, कपास व गन्ने की फसलों को भी नुकसान। जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी।

 

दक्षिण भारत में भारी से बहुत भारी बारिश : पूर्वोत्तर मानसून और स्थानीय प्रणालियों के प्रभाव से दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में 22 अक्टूबर तक भारी बारिश की संभावना है। तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक के अलग-अलग इलाकों में बहुत भारी बारिश की संभावना है। तटीय कर्नाटक, केरल व माहे, आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में तेज बारिश हो सकती है। इस दौरान तेज हवाएं (40-50 किमी/घंटा, झोंके 60 किमी/घंटा तक), गरज-चमक और बिजली गिरने का अलर्ट भी जारी किया गया है। 

 

उत्तर और मध्य भारत : दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, चंडीगढ़ में आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं। सुबह-दोपहर में हल्की से बहुत हल्की बारिश/गरज-चमक की संभावना है। अधिकतम तापमान लगभग 29-31°C, न्यूनतम 18-20°C के आसपास रहने की संभावना है। तापमान में गिरावट आई है। उत्तर प्रदेश में अलग-अलग जगहों पर बारिश के साथ ही गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की संभावना है। उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, पूर्वी राजस्थान में बारिश हो सकती है। 

 

पूर्वी भारत : ओडिशा, गंगेटिक पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश/थंडरशॉवर; बिहार और झारखंड में ज्यादातर शुष्क या बहुत हल्की बारिश।

यहां बर्फबारी की संभावना

पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों (लाहौल-स्पीति, चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, किन्नौर आदि) में बारिश के साथ बर्फबारी हो रही है। कोकसर, केलांग आदि में कुछ सेंटीमीटर बर्फ जमा हुई। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख में 16-18 अक्टूबर तक ऊंचे इलाकों में हल्की बर्फबारी की संभावना। उत्तराखंड के ऊंचे क्षेत्रों में भी ठंडी हवाएं और मौसम खराब, बर्फबारी का प्रभाव संभव। 

 

जेलेंस्की ने बेल्जियम से और एफ-16 लड़ाकू विमानों तथा गोला-बारूद की मांग की

यूक्रेन के ऊर्जा ढांचे पर जारी रूसी हमलों के कारण हजारों लोग अंधेरे में रहने को मजबूर हैं और राजधानी कीव समेत कई इलाकों में बिजली आपूर्ति ठप हो गयी है।

इस बीच, अपनी वायु रक्षा प्रणाली को मजबूत करने के लिए यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने शुक्रवार को बेल्जियम से अतिरिक्त एफ-16 लड़ाकू विमानों और गोला-बारूद की मांग की है।

श्री जेलेंस्की यूरोपीय संघ (ईयू) के शिखर सम्मेलन में भाग लेने बेल्जियम की राजधानी आये थे, जहां उन्होंने बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर से मुलाकात के दौरान यह मुद्दा उठाया।

श्री डी वेवर के साथ बातचीत में श्री जेलेंस्की ने बताया कि ऊर्जा सुविधाओं पर रूसी हमलों के कारण यूक्रेन के वॉलिन क्षेत्र में लगभग 15,000 लोग बिना बिजली के रह रहे हैं, जबकि कीव के कुछ जिलों और आसपास के इलाकों में भी बिजली कटौती हो रही है। उन्होंने कहा कि कई इलाकों में मरम्मत दल काम शुरू नहीं कर पा रहे हैं, क्योंकि उन्हीं स्थानों को दोबारा रूसी हमलों का निशाना बनाये जाने का खतरा बना हुआ है।

श्री जेलेंस्की ने कहा, “जेट-संचालित ‘शाहिद’ ड्रोन के हमलों को नाकाम करने में एफ-16 लड़ाकू विमान काफी मददगार साबित हो रहे हैं।” उन्होंने बताया कि यूक्रेन जल्द से जल्द अतिरिक्त विमान हासिल करने के लिए बेल्जियम के साथ मिलकर काम कर रहा है। दोनों नेताओं ने इन लड़ाकू विमानों के लिए अधिक गोला-बारूद की आपूर्ति की संभावना पर भी चर्चा की।

श्री जेलेंस्की ने बेल्जियम के राजा फिलिप से भी अलग से मुलाकात की और लगातार समर्थन के लिए उनके, बेल्जियम सरकार और यहां की जनता के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि रूसी मिसाइल और ड्रोन हमलों के खिलाफ यूक्रेन की हवाई रक्षा को मजबूत करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता बनी हुई है।

उन्होंने मांग की कि युद्ध जारी रहने तक रूस की जब्त संपत्तियों को जब्त ही रखा जाये तथा उसे ये फंड दोबारा न दिये जायें, ताकि इनका इस्तेमाल नये हमलों या यूरोप में अस्थिरता फैलाने में न हो सके।

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यूक्रेनी राष्ट्रपति ने यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा, यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन के साथ बैठकों के दौरान भी यही चिंताएं उठायी और अतिरिक्त सैन्य एवं वित्तीय सहायता की मांग की।

यूरोपीय संघ के नेताओं के साथ मुलाकात के बाद श्री जेलेंस्की ने कहा कि रूस ने युद्ध समाप्त करने के लिए तैयार होने का कोई संकेत नहीं दिया है, बल्कि वह लगातार यूक्रेनी शहरों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचों को निशाना बना रहा है। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को यूक्रेनी शहर खारकीव पर हुए एक रूसी हमले में दो लोगों की मौत हो गयी और 17 अन्य घायल हो गये, जबकि एक अन्य हमला रिव्ने के एक शॉपिंग मॉल और चार क्षेत्रों की ऊर्जा सुविधाओं पर हुआ।

श्री जेलेंस्की ने यूक्रेन के ऊर्जा ढांचे और हवाई रक्षा के लिए यूरोप से अधिक सहयोग की मांग की, साथ ही अगले वर्ष तक देश की वित्तीय स्थिरता बनाये रखने के लिए सहायता की गुहार लगायी।

सुश्री फ्रेडरिक्सन के साथ बातचीत में उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि रूस ने प्रतिबंधों में ढील देने के संकेतों को एक प्रोत्साहन के रूप में लिया है, जिस कारण वह आवासीय भवनों, सब-स्टेशनों और दैनिक जीवन के लिए जरूरी बुनियादी ढांचों पर हमले जारी रखे हुए है। उन्होंने यूरोपीय देशों से सर्दियों से पहले अपनी तैयारियां तेज करने का आग्रह किया, जिसमें विशेष रूप से बैलिस्टिक मिसाइलों और जेट-संचालित ड्रोन को हवा में ही ध्वस्त करने में सक्षम वायु रक्षा प्रणालियों को प्राथमिकता दी जाये।

इस बीच, श्री कोस्टा ने यूक्रेन को राजनीतिक, वित्तीय और सैन्य रूप से समर्थन देने की यूरोपीय संघ की प्रतिबद्धता दोहरायी। उन्होंने कहा कि यूरोपीय संघ को अपनी सहायता जारी रखनी चाहिए, रूस पर दबाव बढ़ाना चाहिए और यूरोपीय संघ में यूक्रेन की सदस्यता की दिशा में प्रक्रिया को आगे बढ़ाना चाहिए।

Pic Credit : UNI