कल का मौसम 17 अक्टूबर: शनिवार को इन इलाकों में जमकर होगी बारिश, 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं, IMD ने दिया ये अलर्ट

Mausam Update: देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज अभी भी काफी कड़ा बना हुआ है। उत्तर-पूर्वी मानसून के असर की वजह से दक्षिण भारत के राज्यों में मूसलाधार बारिश का दौर लगातार जारी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी ताजा मौसम बुलेटिन के मुताबिक कल शनिवार 17 अक्टूबर को दक्षिण प्रायद्वीप के कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की चेतावनी दी गई है। इस दौरान कुछ जगहों पर तेज हवाएं चलने और आकाशीय बिजली चमकने का भी अनुमान जताया गया है। आइए जानते हैं कल 17 अक्टूबर को देश के अलग अलग राज्यों में कैसा रहेगा मौसम का हाल।

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दक्षिण भारत में भारी से बहुत भारी बारिश का तांडव जारी

दक्षिण प्रायद्वीप में सक्रिय मौसमी प्रणालियों के चलते बारिश की गतिविधियां थमने का नाम नहीं ले रही हैं। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक कल 17 अक्टूबर को दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल के अलग-अलग हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की पूरी संभावना है। इसके अलावा तटीय कर्नाटक, केरल व माहे और आंध्र प्रदेश के अलग अलग जिलों में भी भारी बारिश दर्ज की जाएगी। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि इस दौरान आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु के कुछ इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे (झोंके 60 किमी/घंटे) की गति से तेज तूफानी हवाएं चलेंगी और गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली कड़केगी। आंतरिक कर्नाटक, केरल व माहे और तेलंगाना के हिस्सों में भी 30 से 40 किमी/घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं। तटीय आंध्र प्रदेश के मैदानी इलाकों में दिन भर तेज सतही हवाएं चलती रहेंगी।

देश के दूसरे हिस्सों में गरज-चमक और बादलों की आवाजाही

दक्षिण भारत के अलावा देश के अन्य हिस्सों में भी छिटपुट मौसमी हलचल देखने को मिलेगी। मौसम विभाग के मुताबिक छत्तीसगढ़, तटीय कर्नाटक, कोंकण व गोवा, मध्य महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, मराठवाड़ा और ओडिशा के अलग-अलग हिस्सों में बादलों की गरज के साथ आकाशीय बिजली चमकने की गतिविधियां दर्ज की जा सकती हैं। राहत की बात यह है कि पिछले कुछ दिनों से उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और अन्य प्रणालियों का असर अब कमजोर पड़ने लगा है। इससे दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश समेत अधिकांश मैदानी राज्यों में मौसम मुख्यतः साफ या आंशिक रूप से बादल छाए रहने की स्थिति में लौट रहा है।

मछुआरों के लिए राहत की खबर

समुद्री और तटीय इलाकों में उठने वाले तूफानों को लेकर मौसम विभाग ने फिलहाल स्थिति पूरी तरह सामान्य बताई है। समुद्र के भीतर किसी भी प्रकार की असाधारण या खतरनाक हलचल न होने की वजह से IMD ने मछुआरों के लिए समुद्र में जाने को लेकर कोई चेतावनी जारी नहीं की है।

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Nayyi Navelli: ‘नई नवेली’ में यामी गौतम धर का दमदार एक्शन और कॉमिक अंदाज छाया, दर्शकों ने बांधे तारीफों के पुल

Nayyi Navelli: अमेजन MGM स्टूडियोज और कलर येलो की फिल्म ‘नई नवेली’ 16 अक्टूबर को दशहरे के खास मौके पर सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। यह फिल्म दर्शकों के लिए एक अनोखी फैंटेसी और पारिवारिक मनोरंजन का अनुभव लेकर आई है। फिल्म देखने के बाद दर्शक इसकी कहानी, कलाकारों की अदाकारी, कॉमिक और दमदार एक्शन की तारीफ कर रहे हैं। खास तौर पर यामी गौतम धर के अभिनय ने दर्शकों का ध्यान खींचा है।

फिल्म देखने के बाद एक दर्शक ने यामी गौतम धर के किरदार की तारीफ करते हुए कहा- “फिल्म के निर्देशक और मेकर्स ने यामी गौतम को एक ऐसी नायिका के रूप में पेश किया है, जो सिर्फ अच्छी बातें नहीं करतीं, बल्कि अपने पति को बचाने के लिए भी आगे आती हैं। उनका यह अंदाज काफी अच्छा लगा।”

वहीं एक अन्य दर्शक ने यामी के एक्शन अवतार की सराहना करते हुए कहा, “इस फिल्म में यामी गौतम सिर्फ एक अभिनेत्री के तौर पर ही नहीं, बल्कि एक दमदार एक्शन परफॉर्मर के रूप में भी नजर आती हैं। उन्होंने एक्शन सीन्स को बेहद शानदार और प्रभावशाली तरीके से निभाया है।”

एक अन्य दर्शक ने फिल्म में यामी की कॉमिक टाइमिंग की तारीफ करते हुए कहा, “‘नई नवेली’ में हमें कुछ अलग देखने को मिला। यामी गौतम की कॉमिक टाइमिंग और उनकी अदाकारी कमाल की है।” जबकि एक दर्शक ने फिल्म के कॉमेडी, डायलॉग्स और कास्टिंग की तारीफ करते हुए कहा, “फिल्म का ह्यूमर, वन-लाइनर्स और कास्टिंग काफी अच्छी है। कहानी भी नई और अलग है, जो दर्शकों को कुछ नया देखने का मौका देती है। भक्ति और कॉमेडी का ऐसा मेल फिल्मों में कम ही देखने को मिलता है। यह एक बेहतरीन फिल्म है।”

इन प्रतिक्रियाओं से साफ है कि ‘नई नवेली’ में फैंटेसी, कॉमेडी, एक्शन और पारिवारिक मनोरंजन का अनोखा मेल दर्शकों को पसंद आ रहा है। यामी गौतम धर का दमदार और अलग अंदाज फिल्म की खासियत बनकर उभरा है।

फिल्म का निर्देशन बालाजी मोहन ने किया है, जबकि इसकी कहानी हिमांशु शर्मा और दिव्य निधि शर्मा ने लिखी है। फिल्म में यामी गौतम धर के साथ अड्डिनाथ एम. कोठारे, अनुराग ठाकुर, सुनीता राजवार, मीता वशिष्ठ, आदित्य कुलश्रेष्ठ, सुस्मिता मुखर्जी और प्रतीक पचौरी अहम भूमिकाओं में नजर आ रहे हैं। फिल्म को आनंद एल. राय और हिमांशु शर्मा ने प्रोड्यूस किया है, जबकि इसका संगीत जी. वी. प्रकाश कुमार ने तैयार किया है। ‘नई नवेली’ 16 अक्टूबर यानी आज दशहरे के मौके पर सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है।

Meerut में पति की हत्या के मामले में पत्नी और प्रेमी को मृत्युदंड, सांप के काटने से मौत दिखाने की रची थी साजिश

Meerut में पति की हत्या के मामले में पत्नी और प्रेमी को मृत्युदंड, सांप के काटने से मौत दिखाने की रची थी साजिश

उत्तरप्रदेश के मेरठ जिले में पति की हत्या कर उसकी मौत को सांप के काटने से हुई घटना दिखाने के मामले में अदालत ने पत्नी और उसके प्रेमी को मृत्युदंड की सजा सुनाई है। शुक्रवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एडीजे-12) जयवीर सिंह नागर की अदालत ने दोनों दोषियों को फांसी की सजा सुनाई।

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अधिकारी के मुताबिक, यह मामला मेरठ जिले के बहसूमा क्षेत्र के अकबरपुर सादात गांव का है। यहां के निवासी अमित कश्यप उर्फ मिक्की कश्यप की हत्या के मामले में उसकी पत्नी रविता और उसके प्रेमी अमरदीप को अदालत ने दोषी करार दिया था।

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अदालत ने सात अक्टूबर को दोनों को हत्या के मामले में दोषी ठहराया था। अभियोजन पक्ष के अनुसार, अमित की गला घोंटकर हत्या की गई थी और इसके बाद उसकी मौत को सांप के काटने से हुई घटना के रूप में दिखाने की कोशिश की गई थी।

 

इस मामले में सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने शुक्रवार को पत्नी रविता और उसके प्रेमी अमरदीप को मृत्युदंड की सजा सुनाई। मामले में हत्या और उसे छिपाने के लिए कथित तौर पर रची गई साजिश ने पूरे घटनाक्रम को गंभीर बना दिया।

BMW F 450 RR Image gallery

BMW F 450 RR Image gallery
Shadow silhouette of the BMW F 450 RR on a deserted highway.

BMW has revealed the third motorcycle based on its 420cc engine platform, the F 450 RR. This follows the F 450 GS which was revealed last November and the F 450 R, which debuted as recently as two weeks ago. This trio of motorcycles are manufactured by TVS in Hosur.

The F 450 RR’s 420cc, twin-cylinder, liquid-cooled mill continues to mete out 48hp at 8,750rpm and 43Nm at 6,750 rpm. Other technical aspects such as the suspension, brakes and kerb weight are closer to its sport-naked sibling, the F 450 R. The standard seat height is 790mm and BMW offers two seat options, to either increase it to 810mm, or drop it down to 775mm. Brakes are the same as the R, a 310mm front disc with a Brembo four-piston monobloc caliper and a ByBre 240mm rear disc. The base variant of the F 450 RR has a kerb weight of 177kg (178kg with ERC).

The F 450 RR has four variants, Base, Exclusive, M Sport and M Sport with Innovation Package. As standard, all four get the exact same rider aids as the R, some of which are, dual-channel and lean-sensitive ABS, a 6.5-inch TFT display with smartphone connectivity, and three ride modes (Rain, Road and Race).

BMW hasn’t revealed prices for the F 450 RR, or a timeline for an Indian launch, like the F 450 R. For context, the F 450 GS reached our shores six months after its international reveal, which means that the R and the RR could be expected in the first quarter of 2027. Once they get here, we anticipate the F 450 R to be the most affordable option with the F 450 RR sitting between it and the F 450 GS.

अल्बानिया में महंगी शिक्षा के खिलाफ छात्र सड़कों पर उतरे:सरकारी इमारतों और बैंकों में आग लगाई; अभी 11 देशों में छात्र आंदोलन चल रहा

अल्बानिया की राजधानी तिराना में महंगी शिक्षा और खराब सुविधाओं के खिलाफ अब छात्र सड़कों पर उतर आए हैं। छात्र प्रधानमंत्री एदी रामा के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री कार्यालय, सरकारी इमारतों और कई बैंकों की शाखाओं में आग लगा दी। भीड़ को हटाने के लिए पुलिस ने आंसू गैस और पानी का इस्तेमाल किया। इस दौरान दर्जनों पुलिसकर्मी और प्रदर्शनकारी घायल हो गए। अल्बानिया में जारी यह विरोध ऐसे समय हो रहा है, जब भारत, फ्रांस, जर्मनी समेत दुनिया के कुल 11 देशों में छात्र अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। अल्बानिया में प्रदर्शन से जुड़ी 5 तस्वीरें… कई महीनों से नाराज थे छात्र, सरकार पर अनदेखी का आरोप अल्बानिया में छात्रों की नाराजगी अचानक नहीं बढ़ी है। वे कई महीनों से पढ़ाई के बढ़ते खर्च और डिग्री लेने के बाद नौकरी मिलने की कम संभावनाओं को लेकर आवाज उठा रहे हैं। छात्रों का कहना है कि शिक्षा महंगी होती जा रही है, जबकि पढ़ाई पूरी करने के बाद भी रोजगार के पर्याप्त मौके नहीं मिल रहे हैं। अल्बानिया के पत्रकार आर्लिस अलिकाज ने अल जजीरा से कहा कि मौजूदा प्रदर्शन कई महीनों से दबे गुस्से का नतीजा हैं। तिराना के इंस्टीट्यूट फॉर पॉलिटिकल स्टडीज के प्रोफेसर और शोधकर्ता अफ्रिम क्रास्निकी के मुताबिक, छात्र और युवा करीब तीन महीने तक शांतिपूर्ण प्रदर्शन करते रहे, लेकिन उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया। उनका आरोप है कि सरकार ने बातचीत करने के बजाय कई बार छात्रों की छवि खराब करने की कोशिश की। अब लोगों का गुस्सा सिर्फ सरकार के खिलाफ नहीं है। सरकारी संस्थानों की जवाबदेही की कमी और लोगों की शिकायतों पर कार्रवाई नहीं होने से भी नाराजगी बढ़ी है। ट्रम्प के दामाद के लग्जरी रिसॉर्ट बनाने का भी विरोध एदी रामा 2013 से अल्बानिया के प्रधानमंत्री हैं। पिछले साल मई में वे चौथी बार इस पद पर चुने गए थे। हालांकि, इसके बाद उनकी सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर लोगों में नाराजगी बढ़ी है। मौजूदा प्रदर्शन रामा के लिए अब तक के सबसे गंभीर जन विरोध में से एक माने जा रहे हैं। सरकार के खिलाफ विरोध कुछ महीने पहले ही शुरू हो गया था। इसकी एक वजह देश के दक्षिणी तट पर लग्जरी रिसॉर्ट बनाने की योजना भी है। इस परियोजना से अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प के दामाद जेरेड कुशनर जुड़े हैं। गुरुवार को रॉयटर्स से बातचीत में रामा ने इस्तीफे की मांग खारिज कर दी। उन्होंने कहा कि सरकारें लोकतांत्रिक चुनावों से बदलती हैं। पिछले साल देश में चुनाव हुए थे, क्रांति नहीं। 2018 में भी शिक्षा के खर्च पर बड़ा आंदोलन हुआ था —————————- यह खबर भी पढ़ें… फ्रांस में शिक्षकों की कमी को लेकर आंदोलन हिंसक हुआ:धमाके में 15 साल के छात्र का हाथ उड़ा; 5 हजार गिरफ्तार, 87% गिरफ्तार नाबालिग फ्रांस में शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर छात्र सड़कों पर उतर गए हैं। सितंबर में शुरू हुआ यह आंदोलन अब पूरे देश में फैल गया है। छात्र स्कूलों में बढ़ती भीड़, जर्जर इमारतों और शिक्षकों की कमी का विरोध कर रहे हैं। पूरी खबर पढ़ें…

दिवाली-छठ में कंफर्म टिकट की टेंशन खत्म! कानपुर और गोविंदपुरी से गुजरेंगी ये स्पेशल ट्रेनें, शेड्यूल-टाइमिंग जान लीजिए

दीपावली और छठ पूजा पर घर जाने की तैयारी कर रहे यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है। त्योहारों के दौरान ट्रेनों में बढ़ती भीड़ और लंबी वेटिंग के बीच रेलवे ने कानपुर से होकर चलने वाली विशेष ट्रेनों का इंतजाम किया है। इनमें नई दिल्ली-पटना वंदे भारत फेस्टिवल स्पेशल भी शामिल है। इसके अलावा मालदा टाउन और खुर्दा रोड से चलने वाली विशेष ट्रेनें भी कानपुर के रास्ते यात्रियों को सफर का विकल्प देंगी। इससे दिल्ली, बिहार और पूर्वी भारत की ओर जाने वाले यात्रियों को फायदा मिल सकता है। खास बात यह है कि इन ट्रेनों का ठहराव कानपुर सेंट्रल और गोविंदपुरी जैसे स्टेशनों पर निर्धारित किया गया है।

दिल्ली से पटना तक वंदे भारत, कानपुर में पांच मिनट ठहराव

त्योहारों के लिए चलाई जा रही वंदे भारत फेस्टिवल स्पेशल दिल्ली से बिहार जाने वाले यात्रियों के लिए खास विकल्प है। ट्रेन नंबर 02252 नई दिल्ली से सुबह 8:35 बजे रवाना होगी और दोपहर 1:30 बजे कानपुर सेंट्रल पहुंचेगी। यहां पांच मिनट ठहरने के बाद यह 1:35 बजे पटना के लिए रवाना हो जाएगी। रास्ते में प्रयागराज, पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन, बक्सर और आरा में भी इसका ठहराव होगा। ट्रेन रात 9:30 बजे पटना पहुंचेगी। इस तरह दिल्ली से पटना तक का सफर करीब 13 घंटे में पूरा होगा।

यह ट्रेन 16 और 18 अक्टूबर को चलने के बाद 21 अक्टूबर से 25 नवंबर तक सोमवार, बुधवार और शनिवार को संचालित होगी। वापसी में ट्रेन नंबर 02251 पटना से सुबह 10 बजे रवाना होगी और शाम 5:50 बजे कानपुर सेंट्रल पहुंचेगी। पांच मिनट बाद यहां से चलकर रात 11:30 बजे नई दिल्ली पहुंचेगी। वापसी में इसका संचालन 17 और 19 अक्टूबर के बाद 22 अक्टूबर से 26 नवंबर तक मंगलवार, बृहस्पतिवार और रविवार को निर्धारित है।

कानपुर से अखंड प्रताप सिंह की रिपोर्ट

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अगले महीने शुरु होगा क्रिकेट का चौथा फॉर्मेट, क्या है यह टेस्ट ट्वेंटी?

क्रिकेट के इतिहास में ‘टेस्ट ट्वेंटी’ के 80 ओवर के प्रारूप पर आधारित दुनिया का पहला मिश्रित युगल (लड़के-लड़कियों का मिला-जुला) क्रिकेट टूर्नामेंट 14 नवंबर को कोलंबो के SSC में शुरू होगा। इसमें 160 लड़के और लड़कियां हिस्सा लेंगे, जिनका स्कोरबोर्ड एक ही होगा। इस टूर्नामेंट में पहली बार, एक टॉस से दो चीजें तय होंगी। कौन सी टीम पहले बल्लेबाजी करेगी, और पहले लड़कियां खेलेंगी या लड़के।

लड़कियां लड़कियों के खिलाफ खेलेंगी, और लड़के लड़कों के खिलाफ। जो भी सुबह बल्लेबाजी करेगा, उसके रन रात तक जुड़ते जाएंगे, और अंत में दोनों का कुल स्कोर ही जीत तय करेगा। लड़कियों के रन लड़कों के मैच का नतीजा तय करेंगे, और लड़कों के रन लड़कियों के मैच का। क्रिकेट के इतिहास में ऐसा पहले कभी नहीं हुआ है।

पिछले लगभग 150 सालों में क्रिकेट के तीन प्रारूप रहे हैं। टेस्ट क्रिकेट, वनडे और टी-20 अब 14 नवंबर को चौथा प्रारूप सामने आएगा। ‘टेस्ट ट्वेंटी’ का पहला सीजन श्रीलंका के कोलंबो स्थित सिंहलीज़ स्पोर्ट्स क्लब एसएससी में 14 से 29 नवंबर तक खेला जाएगा, जिसमें 30 नवंबर को ‘रिजर्व डे’ (अतिरिक्त दिन) के तौर पर रखा गया है। दुनिया भर से चुने गए 13 से 21 साल के 160 युवा क्रिकेटर 4 महाद्वीपीय टीमों में बंटकर कोलंबो पहुंचेंगे। यह पहला ऐसा टूर्नामेंट होगा, जिसमें एक ही टीम के लिए लड़कियों की 11 सदस्यीय टीम और लड़कों की 11 सदस्यीय टीम खेलेंगी, और उनके रन जुड़कर एक साझा परिणाम बनाएंगे।

श्रीलंका ने पिछले 100 सालों में युवा क्रिकेट की एक ऐसी संस्कृति विकसित की है, जिसका कोई और देश मुकाबला नहीं कर सकता। नवंबर से, यह देश दुनिया के इस नए युवा क्रिकेट फॉर्मेट का जन्मस्थान बन जाएगा। 80 ओवर। 2 गेंदें। कुछ भी रीसेट नहीं होता।

एक ही मैच में लाल और सफेद दोनों गेंदों का इस्तेमाल

‘टेस्ट ट्वेंटी का हर मैच एक ही दिन में खेला जाता है। दोनों टीमें दो-दो बार बल्लेबाजी करती हैं। पहले 40 ओवर सफेद कपड़ों में, लाल गेंद से और दिन के उजाले में खेले जाते हैं। बाकी 40 ओवर रंगीन कपड़ों में, सफेद गेंद से और एसएससी की फ्लडलाइट्स के नीचे खेले जाते हैं। यह पहली बार है जब एक ही मैच में लाल और सफेद दोनों गेंदों का इस्तेमाल होगा। पहले हाफ के स्कोर दूसरे हाफ में जुड़ जाते हैं। दिन में बनाए गए रन रात में भी मायने रखते हैं। रात होने तक एक नतीजा सामने आ जाता है।

20 लड़कियां और 20 लड़के

हर महाद्वीपीय टीम में 40 खिलाड़ियों का स्क्वॉड होता है। 20 लड़कियां और 20 लड़के। हर मैच में लड़कियां लड़कियों के खिलाफ और लड़के लड़कों के खिलाफ खेलते हैं। फिर उनके स्कोर एक ही स्कोरबोर्ड पर जुड़ जाते हैं, और कुल स्कोर के आधार पर ही जीत तय होती है।

इससे डगआउट का माहौल भी बदल जाता है। लड़कियां और लड़के पूरे दिन एक साथ, एक ही टीम के बैनर तले बैठते हैं और दूसरी टीम की हर गेंद को देखते हैं, क्योंकि उनके द्वारा बनाया गया हर रन उनकी अपनी टीम के लिए जरूरी होता है।

क्रिकेट के लगभग 150 साल के इतिहास में, लड़कियों के रन कभी लड़कों के मैच में नहीं गिने गए। लेकिन 14 नवंबर से कोलंबो में, वे ही तय करेंगी कि जीत किसकी होगी। हज़ारों से 160 तक एक भी गेंद फेंके जाने से पहले, 5 महाद्वीपों के हज़ारों युवा क्रिकेटरों ने अपना नाम आगे बढ़ाया। पिछले 300 दिनों में, मैदान पर और ऑनलाइन हुए ट्रायल के ज़रिए इनमें से बेहतरीन खिलाड़ियों को चुना गया।

इनमें से, ग्लोबल सिलेक्शन कमिटी ने सबसे अच्छे खिलाड़ियों का चयन किया है। इस कमिटी के अध्यक्ष भारत के जाने-माने कोच राजकुमार शर्मा हैं – वही व्यक्ति जिन्होंने विराट कोहली को बचपन में खोजा था और उन्हें एक चैंपियन के रूप में तैयार किया था। इस महीने के आखिर में, ‘प्लेयर्स ड्राफ्ट’ के ज़रिए अंतिम 160 खिलाड़ियों के नामों की घोषणा होगी। 80 लड़कियाँ और 80 लड़के। यह ‘टेस्ट ट्वेंटी’ का पहला बैच होगा।

Abhijeet Dipke : दिल्ली में तिरंगा यात्रा पर अड़े CJP प्रमुख अभिजीत दीपके को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया

Abhijeet Dipke : दिल्ली में तिरंगा यात्रा पर अड़े CJP प्रमुख अभिजीत दीपके को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया

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दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क में तिरंगा यात्रा निकालने की घोषणा पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रमुख अभिजीत दीपके को पुलिस ने शुक्रवार को नोटिस जारी किया। इस बीच खबर है कि दिल्ली पुलिस ने दीपके को हिरासत में लिया है। अभिजीत दीपके को घर से निकलते ही हिरासत में लिया गया। वे तिरंगा मार्च के लिए कनॉट प्लेस  जा रहे थे। पुलिस ने धारा बीएनएस 163 का हवाला दिया।

दिल्ली पुलिस PRO राजीव रंजन ने ‘लहरा दो तिरंगा’ विरोध प्रदर्शन पर कहा कि राष्ट्रीय झंडे को आदर के साथ फहराया जाता है। किसी भी पुलिसकर्मी की व्यक्तिगत जानकारी सोशल मीडिया पर साझा नहीं की जानी चाहिए। यह गलत और गैरकानूनी है। नेहा बोरा को भी पुलिस ने हिरासत में लिया। नेहा बोरा और उसके समर्थकों ने नारेबाजी की।

6 दिनों में दीपके को दूसरी बार कस्टडी में लिया गया है। इससे पहले 10 अक्टूबर को उन्हें हिरासत में लिया गया था, अगले दिन छोड़ दिया गया। नई दिल्ली जिले में BNSS की धारा 163 लागू है। धारा के मुताबिक 4 या 4 से ज्यादा लोग इकट्ठा नहीं हो सकते हैं। इससे पहले दिल्ली पुलिस झंडेवालान स्थित उस बंगले पर पहुंची थी, जहां CJP फाउंडर अभिजीत दीपके ठहरे हुए थे। पुलिस ने उन्हें प्रदर्शन नहीं करने का नोटिस दिया था।

पुलिस ने उन्हें मार्च नहीं निकालने की चेतावनी देते हुए कहा कि कनॉट प्लेस और आसपास के इलाकों में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत प्रतिबंध लागू हैं। पुलिस के मुताबिक, बिना अनुमति मार्च निकालने या भीड़ जुटाने पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

 

जानकारी के अनुसार, पुलिस की एक टीम उस घर पर पहुंची, जहां अभिजीत दीपके रह रहे हैं। यहां एक पुलिस अधिकारी ने उन्हें नोटिस सौंपा। नोटिस में प्रतिबंधों का उल्लंघन नहीं करने और सोशल मीडिया के जरिए लोगों को कथित तौर पर भड़काने से संबंधित चेतावनी भी दी गई।

 

नोटिस मिलने पर पुलिस से भिड़े CJP प्रमुख

 

पुलिस की ओर से नोटिस दिए जाने के दौरान अभिजीत दीपके नाराज नजर आए। उन्होंने नोटिस की भाषा और उसमें लगाए गए आरोपों पर सवाल उठाए। वीडियो में उन्हें पुलिसकर्मी से यह पूछते हुए सुना जा सकता है कि उनके खिलाफ क्या आरोप हैं और क्या इसी तरह नोटिस जारी किए जाते हैं। दीपके ने कहा, “ये क्या मजाक लगा रखा है आप लोगों ने। क्या नोटिस है? ये नोटिस होती है? जो मन में आए, वो लिखे जा रहे हैं आप लोग।” पुलिसकर्मी ने उनसे नोटिस पर हस्ताक्षर भी करवाए। इस दौरान दीपके के कंधे पर तिरंगा दिखाई दिया। उन्होंने पुलिस टीम के अपने आवास पर पहुंचने का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया।

delhi police

तिरंगा लहराने पर रोक नहीं, लेकिन मार्च के लिए अनुमति जरूरी

 

पुलिस ने अभिजीत दीपके को बताया कि राष्ट्रीय ध्वज लहराना अपने आप में कानून के खिलाफ नहीं है। हालांकि, लागू प्रतिबंधों के दौरान बिना अनुमति मार्च निकालना और भीड़ इकट्ठा करना नियमों का उल्लंघन हो सकता है। पुलिस ने चेतावनी दी कि ऐसा करने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। दीपके को राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान और उसके इस्तेमाल से जुड़े फ्लैग कोड के प्रावधानों की जानकारी भी दी गई। वहीं, नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) ने तिरंगा यात्रा निकालने के लिए CJP को अनुमति नहीं दी है।

 

शांतिपूर्ण प्रदर्शन से कारोबार को नुकसान नहीं: अभिजीत दीपके

 

इससे पहले अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट साझा कर उन दावों पर सवाल उठाए थे, जिनमें कहा जाता है कि सार्वजनिक प्रदर्शनों से आर्थिक गतिविधियां प्रभावित होती हैं। उन्होंने तर्क दिया कि शांतिपूर्ण विरोध के बजाय प्रशासनिक सख्ती, आवाजाही पर पाबंदियां और इंटरनेट सेवाएं बंद करने जैसे कदम आम लोगों तथा व्यापारियों के लिए ज्यादा परेशानी पैदा कर सकते हैं।

 

दीपके ने कहा कि कारोबार को शांतिपूर्ण प्रदर्शनों से नुकसान नहीं होता, बल्कि तब मुश्किलें बढ़ती हैं जब सरकार पूरे शहर को बंद करने, इंटरनेट सेवाएं निलंबित करने और नागरिकों की आवाजाही पर रोक लगाने का फैसला करती है। उन्होंने यह भी कहा कि CJP शुरुआत से ही महात्मा गांधी के शांति और अहिंसा के रास्ते पर चलने की बात करती रही है। दीपके के मुताबिक, पार्टी ने मुंबई, पुणे, जयपुर, लखनऊ, बेंगलुरु और नागपुर में प्रदर्शन किए हैं और उनका दावा है कि ये सभी शांतिपूर्ण रहे।

Crompton Greaves Q2 Results: इस कंज्यूमर ड्यूरेबल कंपनी के प्रॉफिट में दिखा 68% का जबरदस्त उछाल, रेवेन्यू भी बढ़ी

Crompton Greaves Q2 Results: क्रॉम्पटन ग्रीव्स कंज्यूमर इलेक्ट्रिकल्स ने शुक्रवार को सितंबर तिमाही के लिए अपने नेट प्रॉफिट में सालाना आधार पर 68% की उछाल दर्ज किया। कंपनी ने रेवेन्यू और EBITDA के मामले में CNBC-TV18 के अनुमानों को पीछे छोड़ दिया, क्योंकि कंपनी ने अपने सभी सेगमेंट में डबल डिजिट में रेवेन्यू ग्रोथ हासिल की। नेट प्रॉफिट एक साल पहले के ₹71 करोड़ से बढ़कर ₹119.3 करोड़ हो गया। रेवेन्यू 18.1% बढ़कर ₹2,263.2 करोड़ हो गया, जो कि ₹1,916 करोड़ था। यह आंकड़ा ₹2,123 करोड़ के अनुमान से बेहतर रहा।

EBITDA सालाना आधार पर 24.1% बढ़कर ₹205 करोड़ हो गया, जो ₹185 करोड़ के अनुमान से अधिक है। EBITDA मार्जिन पिछले साल की इसी तिमाही के 8.6% से बढ़कर 9% हो गया, जो 8.7% के अनुमान से बेहतर है।

कमोडिटी की लागत के दबाव के बावजूद मार्जिन में सुधार

लागत के लिहाज से चुनौतीपूर्ण माहौल के बीच, कंपनी ने अपने EBITDA मार्जिन में 40 बेसिस पॉइंट्स का विस्तार किया। इसमें ‘उन्नति’ (Unnati) प्रोग्राम के तहत लागत बचाने के उपायों और ऑपरेटिंग लीवरेज से मदद मिली।

ब्याज और टैक्स से पहले की कमाई (EBIT) मार्जिन 70 बेसिस पॉइंट्स सुधरकर 7% हो गया, जबकि टैक्स से पहले का मुनाफा (PBT) मार्जिन 210 बेसिस पॉइंट्स बढ़कर 7.4% हो गया।

हालांकि, कमोडिटी की कीमतों में तेजी (महंगाई) के कारण इनपुट लागत पर दबाव बना रहा। क्रॉम्पटन ने बताया कि जून तिमाही में सप्लाई चेन में जो रुकावटें आई थीं, वे अब सामान्य हो गई हैं, जिससे कंपनी ने अपनी इन्वेंट्री (स्टॉक) के स्तर को उचित रूप से बढ़ा लिया है। इन्वेंट्री बढ़ने से नेट वर्किंग कैपिटल में भी इजाफा हुआ है।

पंखों के कारोबार में फिर से डबल डिजिट  की ग्रोथ

क्रॉम्पटन ने अपने सभी सेगमेंट में दोहरे अंकों की रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की, जिसमें दक्षिणी और पश्चिमी बाजारों की बदौलत जनरल ट्रेड में अच्छी ग्रोथ देखने को मिली। कंपनी ने अपनी अब तक की सबसे अधिक तिमाही एक्सपोर्ट बिक्री भी दर्ज की।

कंपनी का पंखों (Fans) का कारोबार नौ लगातार तिमाहियों के बाद फिर से दोहरे अंकों की ग्रोथ पर लौट आया है। इसमें BLDC (ब्रशलेस डायरेक्ट करंट), स्टैंडर्ड और TPW (टेबल, पैडेस्टल और वॉल) पंखों का अहम योगदान रहा। कंपनी ने BLDC डिस्ट्रीब्यूशन में क्रमिक बढ़ोतरी और नए प्रोडक्ट्स लॉन्च करने से बनी तेजी को भी दर्ज किया।

पंप सेगमेंट में, नॉन-सोलर बिजनेस ने डबल-डिजिट में ग्रोथ दर्ज की, साथ ही विभिन्न सब-कैटेगरी में कंपनी का मार्केट शेयर भी बढ़ा। मजबूत जनरल ट्रेड और ग्रामीण मांग के चलते वॉटर हीटर सेगमेंट में भी दोहरे अंकों की ग्रोथ देखने को मिली, और इस कैटेगरी में कंपनी का मार्केट शेयर भी बढ़ा।

बेहतर प्रोडक्ट और चैनल मिक्स की बदौलत, छोटे घरेलू उपकरणों (स्मॉल डोमेस्टिक अप्लायंसेज) में दोहरे अंकों की ग्रोथ दर्ज की गई। एयर फ्रायर और इंडक्शन कुकटॉप का प्रदर्शन शानदार रहा, जबकि मिक्सर ग्राइंडर कैटेगरी में कंपनी ने अपना मार्केट शेयर बढ़ाया।

रूफटॉप सोलर रोलआउट और FY29 के लक्ष्य

रूफटॉप सोलर के मामले में, क्रॉम्पटन ने बताया कि आंध्र प्रदेश टेंडर का काम सही दिशा में चल रहा है और अब तक लगभग 20,000 इंस्टॉलेशन पूरे हो चुके हैं। कंपनी ने ‘बिजनेस-टू-कंज्यूमर’ (B2C) के साथ-साथ कमर्शियल और इंडस्ट्रियल सेगमेंट में भी अपना काम शुरू कर दिया है।

कंपनी FY29 के लिए अपने तीन साल के कई लक्ष्यों को हासिल करने की राह पर है। इनमें 11-12% का एग्जिट EBITDA मार्जिन, डिविडेंड और/या बायबैक के जरिए लगभग 35% का कैश पेआउट रेशियो, और ग्रीनफील्ड निवेश को छोड़कर लगभग ₹120 करोड़ का सालाना कैपिटल एक्सपेंडिचर (पूंजीगत व्यय) शामिल है।

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(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

चारपाई पर पति की लाश और पास बैठा जिंदा सांप… मेरठ कोर्ट ने प्रेमी संग मिलकर हत्या करने वाली पत्नी को सुनाई फांसी की सजा

Meerut Amit Kashyap Murder Case: उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में चर्चित और सनसनीखेज अमित कश्यप हत्याकांड में कोर्ट ने कड़ा फैसला सुनाया है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (ACJM) जयवीर सिंह नागर की अदालत ने शुक्रवार को अपने पति की गला घोटकर हत्या करने वाली बेवफा पत्नी और उसके प्रेमी को मौत की सजा सुनाई है। इस खौफनाक वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपियों ने मौत को प्राकृतिक रूप देने के लिए चारपाई पर एक जिंदा सांप छोड़ दिया था ताकि सबको लगे कि पति की मौत सांप के डसने से हुई है। अदालत ने हत्या के इस संगीन मामले में मृतका की पत्नी रविता और उसके प्रेमी अमरदीप को दोषी करार देते हुए फांसी की सजा सुनाई है।

क्या था पूरा मामला और कैसे रचा गया षड्यंत्र?

यह सनसनीखेज मामला मेरठ के अकबरपुर सादात गांव का है। यहां रहने वाले अमित कश्यप उर्फ मिक्की कश्यप की पत्नी रविता के अमरदीप नाम के शख्स के साथ संबंध थे। प्रेम प्रसंग के रास्ते का कांटा बन रहे पति को रास्ते से हटाने के लिए दोनों ने एक खतरनाक साजिश रची। 17 अप्रैल 2025 की रात रविता ने अपने प्रेमी अमरदीप के साथ मिलकर सोते समय अपने पति अमित कश्यप की गला घोटकर बेरहमी से हत्या कर दी। इस जघन्य हत्याकांड को एक दुर्घटना या प्राकृतिक मौत का रूप देने के लिए आरोपियों ने हत्या के बाद अमित की चारपाई के पास एक जिंदा सांप लाकर छोड़ दिया था। अगले दिन जब परिवार के लोगों ने अमित को चारपाई पर मृत देखा और पास में सांप को बैठा पाया तो शुरुआत में परिजनों को यही लगा कि उसकी मौत किसी जहरीले सांप के डसने से हुई है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने खोली पोल, 551 दिनों में आया फैसला

जब अमित का पोस्टमार्टम कराया गया तो डॉक्टरों की रिपोर्ट ने इस पूरी साजिश का पर्दाफाश कर दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में अमित के गले और नाक पर गंभीर चोट के निशान मिले। इससे यह साफ हो गया कि उसकी मौत सांप के काटने से नहीं, बल्कि गला घोटकर की गई थी। इसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हत्या का मुकदमा दर्ज किया।

पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए घटना के सिर्फ 60 दिनों के भीतर ही अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी थी। एसीजेएम जयवीर सिंह नागर की अदालत में इस मामले की सुनवाई चली। महज 551 दिनों के भीतर इस ट्रायल के दौरान कुल 87 तारीखें पड़ीं और अभियोजन पक्ष की ओर से 12 से अधिक गवाहों के बयान दर्ज कराए गए। गवाहों और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर 7 अक्टूबर को कोर्ट ने रविता और अमरदीप को दोषी करार दे दिया था, जिसके बाद आज अदालत ने दोनों को फांसी की सजा सुनाई है।

मेरठ कोर्ट का ऐतिहासिक कदम: 3 दिन में 4 दोषियों को मौत की सजा

मेरठ की अदालत ने पिछले कुछ दिनों में अपराधियों के खिलाफ बेहद सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने महज 3 दिनों के भीतर दो अलग-अलग चर्चित मामलों में कुल 4 दोषियों को फांसी की सजा सुनाई है। इससे पहले मेरठ कोर्ट ने चर्चित ‘नीले ड्रम हत्याकांड में साहिल और मुस्कान को भी फांसी की सजा सुनाई थी।

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