Abhijeet Dipke : दिल्ली में तिरंगा यात्रा पर अड़े CJP प्रमुख अभिजीत दीपके को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया

Abhijeet Dipke : दिल्ली में तिरंगा यात्रा पर अड़े CJP प्रमुख अभिजीत दीपके को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया

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दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क में तिरंगा यात्रा निकालने की घोषणा पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रमुख अभिजीत दीपके को पुलिस ने शुक्रवार को नोटिस जारी किया। इस बीच खबर है कि दिल्ली पुलिस ने दीपके को हिरासत में लिया है। अभिजीत दीपके को घर से निकलते ही हिरासत में लिया गया। वे तिरंगा मार्च के लिए कनॉट प्लेस  जा रहे थे। पुलिस ने धारा बीएनएस 163 का हवाला दिया।

दिल्ली पुलिस PRO राजीव रंजन ने ‘लहरा दो तिरंगा’ विरोध प्रदर्शन पर कहा कि राष्ट्रीय झंडे को आदर के साथ फहराया जाता है। किसी भी पुलिसकर्मी की व्यक्तिगत जानकारी सोशल मीडिया पर साझा नहीं की जानी चाहिए। यह गलत और गैरकानूनी है। नेहा बोरा को भी पुलिस ने हिरासत में लिया। नेहा बोरा और उसके समर्थकों ने नारेबाजी की।

6 दिनों में दीपके को दूसरी बार कस्टडी में लिया गया है। इससे पहले 10 अक्टूबर को उन्हें हिरासत में लिया गया था, अगले दिन छोड़ दिया गया। नई दिल्ली जिले में BNSS की धारा 163 लागू है। धारा के मुताबिक 4 या 4 से ज्यादा लोग इकट्ठा नहीं हो सकते हैं। इससे पहले दिल्ली पुलिस झंडेवालान स्थित उस बंगले पर पहुंची थी, जहां CJP फाउंडर अभिजीत दीपके ठहरे हुए थे। पुलिस ने उन्हें प्रदर्शन नहीं करने का नोटिस दिया था।

पुलिस ने उन्हें मार्च नहीं निकालने की चेतावनी देते हुए कहा कि कनॉट प्लेस और आसपास के इलाकों में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत प्रतिबंध लागू हैं। पुलिस के मुताबिक, बिना अनुमति मार्च निकालने या भीड़ जुटाने पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

 

जानकारी के अनुसार, पुलिस की एक टीम उस घर पर पहुंची, जहां अभिजीत दीपके रह रहे हैं। यहां एक पुलिस अधिकारी ने उन्हें नोटिस सौंपा। नोटिस में प्रतिबंधों का उल्लंघन नहीं करने और सोशल मीडिया के जरिए लोगों को कथित तौर पर भड़काने से संबंधित चेतावनी भी दी गई।

 

नोटिस मिलने पर पुलिस से भिड़े CJP प्रमुख

 

पुलिस की ओर से नोटिस दिए जाने के दौरान अभिजीत दीपके नाराज नजर आए। उन्होंने नोटिस की भाषा और उसमें लगाए गए आरोपों पर सवाल उठाए। वीडियो में उन्हें पुलिसकर्मी से यह पूछते हुए सुना जा सकता है कि उनके खिलाफ क्या आरोप हैं और क्या इसी तरह नोटिस जारी किए जाते हैं। दीपके ने कहा, “ये क्या मजाक लगा रखा है आप लोगों ने। क्या नोटिस है? ये नोटिस होती है? जो मन में आए, वो लिखे जा रहे हैं आप लोग।” पुलिसकर्मी ने उनसे नोटिस पर हस्ताक्षर भी करवाए। इस दौरान दीपके के कंधे पर तिरंगा दिखाई दिया। उन्होंने पुलिस टीम के अपने आवास पर पहुंचने का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया।

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तिरंगा लहराने पर रोक नहीं, लेकिन मार्च के लिए अनुमति जरूरी

 

पुलिस ने अभिजीत दीपके को बताया कि राष्ट्रीय ध्वज लहराना अपने आप में कानून के खिलाफ नहीं है। हालांकि, लागू प्रतिबंधों के दौरान बिना अनुमति मार्च निकालना और भीड़ इकट्ठा करना नियमों का उल्लंघन हो सकता है। पुलिस ने चेतावनी दी कि ऐसा करने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। दीपके को राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान और उसके इस्तेमाल से जुड़े फ्लैग कोड के प्रावधानों की जानकारी भी दी गई। वहीं, नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) ने तिरंगा यात्रा निकालने के लिए CJP को अनुमति नहीं दी है।

 

शांतिपूर्ण प्रदर्शन से कारोबार को नुकसान नहीं: अभिजीत दीपके

 

इससे पहले अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट साझा कर उन दावों पर सवाल उठाए थे, जिनमें कहा जाता है कि सार्वजनिक प्रदर्शनों से आर्थिक गतिविधियां प्रभावित होती हैं। उन्होंने तर्क दिया कि शांतिपूर्ण विरोध के बजाय प्रशासनिक सख्ती, आवाजाही पर पाबंदियां और इंटरनेट सेवाएं बंद करने जैसे कदम आम लोगों तथा व्यापारियों के लिए ज्यादा परेशानी पैदा कर सकते हैं।

 

दीपके ने कहा कि कारोबार को शांतिपूर्ण प्रदर्शनों से नुकसान नहीं होता, बल्कि तब मुश्किलें बढ़ती हैं जब सरकार पूरे शहर को बंद करने, इंटरनेट सेवाएं निलंबित करने और नागरिकों की आवाजाही पर रोक लगाने का फैसला करती है। उन्होंने यह भी कहा कि CJP शुरुआत से ही महात्मा गांधी के शांति और अहिंसा के रास्ते पर चलने की बात करती रही है। दीपके के मुताबिक, पार्टी ने मुंबई, पुणे, जयपुर, लखनऊ, बेंगलुरु और नागपुर में प्रदर्शन किए हैं और उनका दावा है कि ये सभी शांतिपूर्ण रहे।