Bajaj Pulsar N160 SS: 3 reasons to buy and 2 reasons to skip it

Bajaj Pulsar N160 SS: 3 reasons to buy and 2 reasons to skip it
Bajaj Pulsar N160 4V SS

The Bajaj Pulsar N160 4V SS is the top variant of the updated N160 range, bringing a significantly reworked engine with ride-by-wire, a new 37mm USD fork, a 5-inch TFT display and Google Maps casting to a segment that was already competitive. It continues alongside the 2-valve N160 rather than replacing it. Here’s what works in its favour and a couple of reasons it might not be for everyone.

Reasons to buy the Bajaj Pulsar N160 4V SS

Smooth, tractable and genuinely quick

The new 4-valve engine is a more significant step up than the numbers alone might suggest. Despite producing 18.5hp at 9,500rpm from the same 165cc displacement, it retains the excellent smoothness and tractability of the outgoing 2-valve unit, with only minor vibrations at high revs and a very light clutch pull. During our time with the bike, we found it genuinely pleasant to ride in the city at lower revs, while still having enough performance higher up in the range to more closely match the TVS Apache RTR 160 4V, which was a rival it previously trailed. 

TFT display and features that justify the step up

The SS model comes with a 5-inch TFT display that happens to be the most feature-rich instrument cluster in the segment, offering Bluetooth music control, document storage and Google Maps casting. The last feature works seamlessly on Android devices (with the phone screen staying off during casting) but iOS users will need to keep their screen on, which is a Google limitation rather than Bajaj’s. Ride-by-wire unlocks four riding modes, making this the only bike in the 160cc segment to offer them. Dual-channel ABS and a larger 300mm front disc are also part of the SS package.

Competitive pricing

At Rs 1.43 lakh (ex-showroom), the N160 4V SS is priced slightly above the equivalent top variant of the TVS Apache RTR 160 4V but offers a more comprehensive feature set in return. With a 4-valve engine, ride-by-wire, a USD fork, dual-channel ABS and feature-rich TFT display, the value proposition is genuinely strong for what the segment offers.

Reasons to skip the Bajaj Pulsar N160 4V SS

Suspension is on the firmer side

Despite the move to the larger 37mm USD fork, the overall suspension tune retains the taut, firm character of previous N160 models. It handles rough roads competently and corners well, but doesn’t have the soft, cushioned feel of rivals like the Apache RTR 160 4V. Riders who spend long hours in the saddle or frequently encounter broken urban surfaces may find it harder work than the competition.

Kerb weight and turning radius

At 151kg, the N160 4V SS is not the lightest motorcycle in its class, and this makes itself felt in slow-speed city manoeuvring. The turning radius in particular is less generous than ideal for navigating tight urban situations and that’s a practical drawback that everyday commuters are likely to notice more than those who primarily ride on open roads.

UP Weather, 31 August: यूपी में झमाझम बारिश की संभावना, पूर्वांचल में अलर्ट; जानें अगले सात दिन का मौसम

UP Weather, 31 August: यूपी में अगले एक हफ्ते तक प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश की संभावना जताई है। खासकर पूर्वांचल में मध्यम से तेज बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। सोमवार को कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट, जबकि अन्य दिनों के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है।

26वां SCO समिट आज से, PM मोदी किर्गिस्तान पहुंचे:पुतिन और जिनपिंग से एक साल में दूसरी बार मुलाकात करेंगे

26वां SCO समिट 31 अगस्त से 1 सितंबर को बिशकेक में होगा। इस समिट की मेजबानी किर्गिस्तान करेगा और अध्यक्षता सादिर जापारोव करेंगे। यह SCO के 25 साल पूरे होने पर आयोजित सम्मेलन है। इस बार की थीम है- सतत शांति, विकास और समृद्धि के लिए साथ मिलकर आगे बढ़ना। इस समिट में भारत, चीन, रूस, पाकिस्तान, ईरान समेत 10 सदस्य देशों के नेता शामिल होंगे। PM मोदी भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। मोदी रविवार शाम को ही उज्बेकिस्तान की 2 दिन की यात्रा पूरी करने के बाद शंघाई को-ऑपरेशन ऑर्गनाइजेशन (SCO) समिट में शामिल होने के लिए किर्गिस्तान रवाना हो गए थे। 2017 में भारत और पाकिस्तान पूर्ण सदस्य बने। फिर 2023 में ईरान और 2024 में बेलारूस इसमें शामिल हुए। समिट के दौरान मोदी की चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से भी मुलाकात करेंगे। मोदी बिश्केक में होने वाले 6वें वर्ल्ड नोमैड गेम्स के उद्घाटन समारोह में भी शामिल होंगे। 4 पॉइंट में जानें भारत के लिए SCO समिट अहम क्यों… शंघाई को-ऑपरेशन समिट (SCO) क्या है… शंघाई को-ऑपरेशन समिट की स्थापना 15 जून 2001 को चीन के शंघाई शहर में हुई थी।शुरुआत में इसके 6 सदस्य देश थे- चीन, रूस, कजाखस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान। आज SCO दुनिया के सबसे बड़े क्षेत्रीय संगठनों में शामिल है, जिसमें 10 पूर्ण सदस्य देश हैं।इसका मुख्य उद्देश्य सुरक्षा, आतंकवाद का विरोध, आर्थिक सहयोग, संपर्क और सांस्कृतिक सहयोग बढ़ाना है। अगले साल पाकिस्तान को मिल सकती है मेजबानी यह SCO के 25 साल पूरे होने पर आयोजित ऐतिहासिक सम्मेलन है। यूरेशिया की सुरक्षा, व्यापार और रणनीतिक संतुलन के लिहाज से यह साल का सबसे महत्वपूर्ण बहुपक्षीय सम्मेलन माना जा रहा है। समिट के बाद किर्गिस्तान की अध्यक्षता समाप्त होगी और 2026–27 की अध्यक्षता पाकिस्तान को सौंपे जाने की उम्मीद है। 2027 का SCO शिखर सम्मेलन पाकिस्तान में प्रस्तावित है। 2025 तियानजिन डिक्लरेशन में पहलगाम हमले की निंदा हुई थी शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के राष्ट्राध्यक्षों की परिषद का तियानजिन घोषणा-पत्र में कहा गया था- “सदस्य देशों ने 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा की। उन्होंने मृतकों और घायलों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना और सहानुभूति व्यक्त की। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे हमलों के दोषियों, आयोजकों और प्रायोजकों को न्याय के कटघरे में लाया जाना चाहिए।” ——————————— पीएम मोदी के उज्बेकिस्तान दौरे से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… PM मोदी को उज्बेकिस्तान का सर्वोच्च सम्मान: यह उन्हें मिला 36वां अंतरराष्ट्रीय सम्मान उज्बेकिस्तान के दौरे पर गए पीएम मोदी को रविवार को राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव ने अपने देश के सर्वोच्च राज्य सम्मान ‘ओली दाराजली दोस्लिक’ से सम्मानित किया। उज्बेक भाषा के इस शब्द का मतलब है- उच्च स्तरीय मित्रता। यह पीएम मोदी को मिला 36वां अंतरराष्ट्रीय सम्मान है। रविवार रात पीएम उज्बेकिस्तान से रवाना हो किर्गिस्तान पहुंच चुके हैं। पढ़ें पूरी खबर…

Rashifal Today: आज इन मूलांक वालों को होगा धन लाभ और इनको हो सकता है नुकसान! जानें अपना राशिफल

Aaj Ka Rashifal: अंक ज्योतिष के अनुसार, हर इंसान की जन्मतिथि का अपना खास महत्व होता है। 31 अगस्त 2026 का दिन आर्थिक मामलों में अलग-अलग मूलांक वाले लोगों के लिए अलग असर लेकर आएगा। कुछ लोगों के लिए निवेश और बचत के लिहाज से दिन अच्छा रह सकता है, जबकि कुछ लोगों को पैसों से जुड़े फैसले लेते समय सावधानी बरतने की जरूरत होगी। आइए जानते हैं मूलांक 1 से 9 तक के लोगों के लिए आज का दिन कैसा रहेगा।

मूलांक 1

अगर आपका जन्म 1, 10, 19 या 28 तारीख को हुआ है, तो आज आपका ध्यान पैसों से जुड़े मामलों पर रहेगा। आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने के लिए लंबे समय की योजना बनाना आपके लिए फायदेमंद रहेगा। खर्चों पर नियंत्रण रखें और बिना सोचे-समझे कोई बड़ा आर्थिक फैसला न लें। छोटी-छोटी बचत आगे चलकर आपके लिए बड़ा फायदा ला सकती है। धैर्य और सही प्लानिंग से आर्थिक उतार-चढ़ाव को संभालने में मदद मिलेगी।

मूलांक 2

अगर आपका जन्म 2, 11, 20 या 29 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक स्थिरता बनाए रखना आपकी प्राथमिकता होनी चाहिए। गैर-जरूरी चीजों पर पैसा खर्च करने से बचें और भविष्य के लिए वित्तीय योजना पर ध्यान दें। निवेश से जुड़े मामलों में सोच-समझकर फैसला लें। जल्दबाजी में किया गया खर्च आपकी आर्थिक योजना को बिगाड़ सकता है। धैर्य के साथ आगे बढ़ने से भविष्य मजबूत हो सकता है।

मूलांक 3

अगर आपका जन्म 3, 12, 21 या 30 तारीख को हुआ है, तो आज पैसों से जुड़े मामलों में आपको व्यावहारिक रवैया अपनाना होगा। अपनी आर्थिक योजनाओं को दोबारा देखें और उन्हें लागू करने की दिशा में कदम बढ़ाएं। बाजार में मिलने वाले नए अवसरों पर नजर रखें, लेकिन कोई भी फैसला पूरी जानकारी लेने के बाद ही करें।

मूलांक 4

अगर आपका जन्म 4, 13, 22 या 31 तारीख को हुआ है, तो आज घर-परिवार से जुड़े खर्च आपका बजट प्रभावित कर सकते हैं। भावनाओं में आकर खरीदारी करने से बचें और जरूरी खर्चों को प्राथमिकता दें। अपने बजट को व्यवस्थित रखना आपके लिए जरूरी रहेगा। अगर पहले से बजट बनाया हुआ है तो उसे दोबारा जांचें और जरूरत के अनुसार बदलाव करें।

मूलांक 5

अगर आपका जन्म 5, 15 या 23 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक मामलों में थोड़ी सावधानी बरतने की जरूरत है। व्यवस्थित बजट बनाने से आपको अपनी वित्तीय स्थिति समझने में मदद मिलेगी। अचानक खरीदारी करने या गैर-जरूरी खर्च करने से बचें। इस दौरान कुछ नए आर्थिक अवसर भी सामने आ सकते हैं, लेकिन उनमें पैसा लगाने से पहले अच्छी तरह जांच-पड़ताल कर लें।

मूलांक 6

अगर आपका जन्म 6, 15 या 25 तारीख को हुआ है, तो आज आपको पैसों के मामले में व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ना चाहिए। अपने जरूरी और गैर-जरूरी खर्चों में अंतर करें और उसी के अनुसार बजट तैयार करें। छोटी-छोटी आर्थिक बातों पर भी ध्यान देना जरूरी होगा। आज किए गए कुछ बदलाव आगे चलकर आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकते हैं। खर्चों को सही दिशा में रखने से आर्थिक स्थिति बेहतर होगी।

मूलांक 7

अगर आपका जन्म 7, 16 या 25 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक स्थिति को मजबूत करने पर ध्यान दें। कपड़े, लग्जरी सामान या दूसरी गैर-जरूरी चीजों पर ज्यादा खर्च करने से बचना आपके लिए बेहतर रहेगा। भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए निवेश और बचत की योजना बनाएं। सोच-समझकर लिया गया आर्थिक फैसला आपको आगे चलकर सुरक्षा दे सकता है।

मूलांक 8

अगर आपका जन्म 8, 17 या 26 तारीख को हुआ है, तो आज का दिन आर्थिक मामलों के लिहाज से अच्छा रह सकता है। भविष्य को ध्यान में रखकर बनाई गई योजनाएं आपकी आर्थिक स्थिति मजबूत करने में मदद कर सकती हैं। हालांकि, बिना योजना के खर्च करने से बचें। अपने निवेश और बजट की एक बार फिर जांच कर लें और देखें कि आप अपने वित्तीय लक्ष्यों की सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं या नहीं।

मूलांक 9

अगर आपका जन्म 9, 18 या 27 तारीख को हुआ है, तो आज पैसों से जुड़े मामलों में समझदारी से फैसला लेने की जरूरत है। आपके सामने निवेश या कमाई के कुछ नए विकल्प आ सकते हैं, लेकिन किसी भी आकर्षक ऑफर को देखकर तुरंत फैसला न लें। अपने लंबे समय के आर्थिक लक्ष्यों पर ध्यान बनाए रखें। जरूरत हो तो अपनी वित्तीय योजना में कुछ बदलाव करें। खर्चों को व्यवस्थित रखना और स्थिरता पर ध्यान देना आज आपके लिए फायदेमंद रहेगा।

डिस्क्लेमर: इस लेख की सामग्री पूरी तरह से ज्योतिषीय भविष्यवाणियों पर आधारित है। हम इसकी सत्यता और सटीकता का पूरी तरह दावा नहीं करते। यहां दी गई किसी भी जानकारी के आधार पर कोई वित्तीय, स्वास्थ्य या व्यावसायिक निर्णय लेने से पहले योग्य विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।

कनाडा में भागवत बोले- मदद करना भारत की परंपरा:विविधता ही हमारे देश की खूबसूरती, दूसरों को अलग मानने की सोच छोड़नी चाहिए

RSS प्रमुख मोहन भागवत सोमवार को टोरंटो में ‘हिंदू विश्व बंधु’ कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने कार्यक्रम में कहा कि मुश्किल वक्त में दूसरों की मदद करना भारत की पुरानी परंपरा रही है। दुनिया में कहीं भी संकट आया और भारत से मदद मांगी गई, तो भारत ने कभी पीछे हटकर इनकार नहीं किया। कई बार भारत ने बिना मदद मांगे भी दूसरों की सहायता की है। भागवत ने कहा- भारत में विविधता एकता के खिलाफ नहीं, बल्कि उसकी खूबसूरती है। देश में अलग-अलग जाति, पंथ, भाषाएं और संस्कृतियां हैं, लेकिन ये सभी एक ही समाज का हिस्सा हैं। उन्होंने विविधता को स्वीकार करने और उसका सम्मान करने की बात कही। उन्होंने कहा कि ‘ये मेरा, वो तुम्हारा’ जैसी सोच से ऊपर उठने की जरूरत है। अलग-अलग रूप और पहचान के बावजूद सभी में एक ही दिव्यता है। इसलिए दूसरों को अलग या पराया मानने के बजाय सभी के साथ भाईचारे और सेवा की भावना रखनी चाहिए। भागवत बोले- भारत ने मुस्लिम-ईसाई, सभी को स्वीकार किया भागवत ने कहा कि हिंदू सभी का सम्मान और स्वीकार करते हैं। दुनिया में कहीं किसी पर अत्याचार हुआ और उसने शरण मांगी, तो उसे भारत में जगह मिली। भारत में मुस्लिम, ईसाई, यहूदी, पारसी और दूसरे समुदाय रहते हैं। लोग सिर्फ शरण लेने ही नहीं, बल्कि ज्ञान हासिल करने के लिए भी भारत आए हैं। उन्होंने कहा कि इंसान को फूल की तरह होना चाहिए। कली फूल बने और अपनी खुशबू पूरे वातावरण में फैलाए। इसी तरह व्यक्ति को विकसित होकर मानवता के लिए समर्पित होना चाहिए। एक हिंदू की सोच यह होनी चाहिए कि मुझे भी आगे बढ़ना है, मुझे सफल होना है, क्योंकि मुझे सेवा करनी है। भागवत के भाषण की 5 बड़ी बातें कार्यक्रम में 8 प्रांतों से पहुंचे 2,500 से ज्यादा लोग टोरंटो में ‘हिंदू विश्व बंधु’ कार्यक्रम का आयोजन कैनेडियन हिंदूज फॉर आउटरीच, रिलेशंस एंड डायलॉग (CHORD) ने किया था। कार्यक्रम में पूर्व कनाडाई रक्षा मंत्री और अल्बर्टा के पूर्व प्रीमियर जेसन केनी भी मौजूद थे। आयोजकों के मुताबिक, कनाडा के आठ प्रांतों से 2,500 से ज्यादा लोग पहुंचे। मोहन भागवत 17 दिनों के तीन देशों के विदेश दौरे पर हैं और कनाडा उनके दौरे का दूसरा पड़ाव है। वह 25 अगस्त को न्यूयॉर्क पहुंचे थे। अमेरिका में कार्यक्रमों के बाद अब वे कनाडा पहुंचे हैं। दौरे में अमेरिका और कनाडा के बाद ब्रिटेन भी शामिल है। —————————— भागवत से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… न्यूयॉर्क में भागवत के कार्यक्रम से पहले तिरंगे का अपमान, रिजिजू बोले- RSS या भाजपा की आलोचना करने की आजादी लेकिन देश का अपमान महंगा पड़ेगा केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने न्यूयॉर्क में RSS प्रमुख मोहन भागवत के कार्यक्रम स्थल के बाहर भारतीय झंडे के अपमान को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। रिजिजू ने घटना का वीडियो शेयर करते हुए लिखा- हमने हमेशा कहा है कि RSS, BJP या सरकार की आलोचना करने की आजादी है, लेकिन हमारे झंडे और मेरे देश का अपमान मत करो। यह बहुत महंगा पड़ेगा। पूरी खबर पढ़ें…

नेपाल बाढ़- अज्ञात शवों को दफनाना शुरू, सैकड़ों कब्रें तैयार:अबतक 804 मौतें; आरोप- 3 महीने पहले ग्लेशियरों की जानकारी मांगी थी, चीन ने नहीं दी

नेपाल में भीषण बाढ़ के बाद अज्ञात शवों का सामूहिक दफन शुरू कर दिया गया है। चितवन के देवघाट जंगल में प्रशासन ने सैकड़ों कब्रें खोदी हैं। यहां उन शवों को दफनाया जा रहा है, जिनकी पहचान नहीं हो पाई है और जो ज्यादा समय बीतने के कारण खराब होने लगे हैं। पिछले दो दिनों में 196 शव दफनाए गए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, कई शव इतनी खराब हालत में मिले हैं कि उनकी पहचान करना मुश्किल है। इसलिए हर शव के साथ पहचान नंबर और जरूरी रिकॉर्ड रखा जा रहा है, ताकि आगे DNA जांच के जरिए उनकी पहचान की जा सके। इस बीच 3 हजार से ज्यादा लोग अब भी लापता हैं और उनके परिवार अपनों की तलाश में जुटे हैं। 26 अगस्त को तिब्बत में ग्लेशियर टूटने से नेपाल की भोटेकोशी और त्रिशूली नदी में अचानक बाढ़ आ गई थी। इस आपदा में नेपाल में अब तक 788 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि तिब्बत में मरने वालों का आंकड़ा 16 पहुंच गया है। 3 हजार से ज्यादा लोग अब भी लापता हैं। वहीं, इस त्रासदी से पहले चीन से ग्लेशियरों के खतरे की जानकारी साझा करने को लेकर सवाल उठ रहे हैं। 27 मई को नेपाल और चीन के अधिकारियों की बैठक हुई थी। नेपाली अधिकारियों के मुताबिक, उन्होंने ग्लेशियरों में शुरुआती हलचल और जलस्तर की जानकारी पहले से देने की मांग की थी, लेकिन उन्हें चीन से उतनी जानकारी नहीं मिली, जितनी वे चाहते थे। नेपाल त्रासदी की 3 ताजा तस्वीरें… खबर से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे दिए ब्लॉग से गुजर जाइए…

अमेरिका ने ईरान के 2 रॉकेट लॉन्चर्स तबाह किए:होर्मुज में करीब एक महीने बाद हमला; ईरान बोला- कई सैनिक और नागरिक मारे गए

अमेरिकी सेना ने रविवार को ईरान के लारक द्वीप पर दो रॉकेट लॉन्चर्स को निशाना बनाया। जुलाई के के बाद ईरान पर यह पहला अमेरिकी हमला है। अमेरिकी सेना ने बताया कि ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के जवान होर्मुज स्ट्रेट में रॉकेट और समुद्री बारूदी सुरंगें लॉन्च करने की तैयारी कर रहे थे, तभी अमेरिकी सेना ने कार्रवाई की। ईरान के सेमी-ऑफिशियल मीडिया ने लारक द्वीप के पास धमाकों की आवाज सुनाई देने की जानकारी दी। ईरानी मीडिया के मुताबिक, अमेरिका ने द्वीप पर ड्रोन से हमला किया। ईरानी सेना ने बताया कि हमले में उनके कई सैनिक और नागरिक मारे गए हैं। कई घायल हैं। ईरान ने हमले का जवाब देने और जिम्मेदार लोगों को सजा देने की चेतावनी दी है। अमेरिकी सेना ने हाल ही में हटाई थीं बारूदी सुरंगें अमेरिकी सेना ने पिछले हफ्ते होर्मुज स्ट्रेट के अंतरराष्ट्रीय शिपिंग रूट से समुद्री बारूदी सुरंगें हटाने का काम पूरा किया था। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भी कहा था कि अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र में मौजूद सभी सुरंगों को हटा दिया गया या निष्क्रिय कर दिया गया है। ट्रम्प ने चेतावनी दी थी कि अगर कोई जहाज या नाव होर्मुज स्ट्रेट में नई समुद्री सुरंगें बिछाने की कोशिश करेगी, तो उसे नष्ट कर दिया जाएगा। अमेरिकी अधिकारी के मुताबिक, ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी। होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के लिए क्यों अहम? होर्मुज स्ट्रेट फारस की खाड़ी और अरब सागर के बीच का प्रमुख समुद्री रास्ता है। दुनिया के तेल और गैस कारोबार का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से होकर गुजरता है। संघर्ष से पहले दुनिया में इस्तेमाल होने वाले करीब पांचवें हिस्से के तेल की आवाजाही इसी रास्ते से होती थी। यही वजह है कि होर्मुज में तनाव बढ़ने या जहाजों की आवाजाही रुकने से कच्चे तेल की सप्लाई और कीमतों पर सीधा असर पड़ सकता है। अमेरिका और ईरान के बीच यहां बढ़ती सैन्य गतिविधि को इसी कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गंभीर माना जा रहा है। फरवरी से जारी है अमेरिका-इजराइल और ईरान का युद्ध अमेरिका और इजराइल ने 28 फरवरी को ईरान पर हमला किया था। इसके जवाब में ईरान ने इजराइल और उन खाड़ी देशों पर हमले किए, जहां अमेरिकी सैन्य ठिकाने मौजूद हैं। संघर्ष को अब छह महीने से ज्यादा हो चुके हैं और हाल के हफ्तों में स्थिति गतिरोध जैसी बनी हुई है। अमेरिका और इजराइल के हमलों के अलावा लेबनान में इजराइली हमलों से भी भारी नुकसान हुआ है। इन हमलों में हजारों लोगों की मौत और लाखों लोग विस्थापित हुए हैं। संघर्ष में अब तक 18 अमेरिकी सैनिकों के मारे जाने की जानकारी है। होर्मुज को अमेरिका का इलाका बता चुके हैं ट्रम्प अमेरिकी राष्ट्रपतिट्रम्प होर्मुज स्ट्रेट को ‘न्यू यूएस टेरिटरी’ यानी नया अमेरिकी इलाका बता चुके हैं। 18 अगस्त को उन्होंने पहली बार होर्मुज पर अमेरिकी नियंत्रण की बात कही थी। इसके बाद उन्होंने 23 अगस्त को ट्रुथ सोशल पर दोबारा ऐसी तस्वीर शेयर की, जिसमें होर्मुज को अमेरिकी इलाके के तौर पर दिखाया गया। जंग के बाद दो रास्तों में बंटा होर्मुज जंग शुरू होने से पहले होर्मुज को एक ही समुद्री रास्ता माना जाता था। जहाज तय रास्ते से गुजरते थे। उनका रास्ता बंदरगाह, जहाज के समझौते और सुरक्षा को देखकर तय होता था। लेकिन अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ने के बाद यहां दो अलग रास्तों की बात होने लगी। ईरानी रास्ता: यह होर्मुज के उत्तरी हिस्से में ईरान के तट के पास है। यह लारक और किश्म द्वीपों के करीब से गुजरता है और ईरान के बंदरगाहों और तेल टर्मिनलों तक जाता है। ओमानी रास्ता: यह होर्मुज के दक्षिणी हिस्से में ओमान के करीब है और ईरान के तट से दूर है। अमेरिका इसी रास्ते से जहाजों को गुजरने पर जोर देता है। अमेरिकी नौसेना की सुरक्षा में चलने वाले कई कॉमर्शियल जहाज भी इसी रास्ते का इस्तेमाल करते हैं। ———————– ये खबर भी पढ़ें… ईरान होर्मुज में जहाजों से टोल वसूलेगा, संसद की मंजूरी ईरान की संसद ने होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों से टोल यानी टैक्स या फीस लेने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। ईरान की मेहर न्यूज एजेंसी के मुताबिक, जिन देशों के जहाजों को होर्मुज से गुजरने की अनुमति होगी, उनसे समुद्री सेवाओं के बदले शुल्क लिया जाएगा। पूरी खबर पढ़ें…

सपा के भ्रष्टाचार का जीवंत स्मारक है जेपीएनआईसी : योगी आदित्यनाथ

सपा के भ्रष्टाचार का जीवंत स्मारक है जेपीएनआईसी : योगी आदित्यनाथ

Chief Minister Yogi Adityanath targeted Samajwadi Party over JPNIC

– सीएम योगी ने कहा, जयप्रकाश नारायण के नाम का इससे बड़ा अपमान नहीं हो सकता, जनता के पैसे पर डकैती की छूट नहीं

– रक्षामंत्री राजनाथ सिंह के साथ सीएम योगी ने किया वीरांगना अवंतीबाई लोधी की भव्य प्रतिमा का लोकार्पण, पुष्पांजलि भी अर्पित की

– सीएम योगी  ने कहा- दंगों की बादशाह है सपा, कर्फ्यू उसकी पहचान और सरकारी खजाने में लूट-खसोट उसकी आदत

– लखनऊ, गोरखपुर व बदायूं में वीरांगनाओं के नाम पर गठित की गईं तीन महिला पीएसी बटालियन

– सीएम ने कहा- जाति के नाम पर समाज को बांट रही सपा, हम बटेंगे नहीं, तो कटेंगे भी नहीं

Chief Minister Yogi Adityanath : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि लखनऊ में बना जयप्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर (जेपीएनआईसी) समाजवादी पार्टी के भ्रष्टाचार का जीवंत स्मारक है। सपा ने इसे अपनी प्राइवेट लिमिटेड कंपनी का अड्डा जैसा बना दिया था। एक महापुरुष के नाम का इससे बड़ा अपमान नहीं हो सकता। प्रदेश सरकार अपराध व अपराधियों के साथ-साथ बेईमानी और भ्रष्टाचार के खिलाफ भी जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। 

 

मुख्यमंत्री रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह के साथ वीरांगना अवंतीबाई लोधी की भव्य प्रतिमा का लोकार्पण करने के उपरांत जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए पूरा जीवन समर्पित करने वाले जयप्रकाश नारायण के नाम पर सपा शासनकाल में शुरू किए गए इस प्रोजेक्ट की लागत 200 करोड़ रुपये थी, लेकिन 864 करोड़ खर्च करने के बावजूद यह अधूरा रहा।

जिस काम को 18 महीने में पूरा होना था, वह दो साल बाद भी अधूरा था। सेंटर पर सपा का कब्जा रखने के लिए एक कमेटी गठित की गई, जिसमें अखिलेश यादव, डिंपल यादव, धर्मेंद्र यादव, अखिलेश के निजी सचिव और सपा प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी शामिल थे।

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जनता के पैसे पर डकैती की छूट नहीं

सीएम योगी ने कहा कि जेपीएनआईसी पर खर्च हुए 864 करोड़ रुपये सैफई सिंडिकेट के नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की जनता के हैं। जनता के पैसे पर किसी राजनीतिक दल को डकैती डालने की छूट नहीं दी जा सकती। सरकार ने कमेटी भंग कर इस सेंटर को वापस लिया है।

अब लखनऊ विकास प्राधिकरण के मार्गदर्शन में इसे संचालित कर जयप्रकाश नारायण की स्मृति को जीवंत किया जाएगा। साथ ही प्रदेश के खजाने से खर्च धनराशि की वसूली का प्रयास किया जाएगा। सरकार ने जिन लोगों के हाथ से खजाना छीन लिया, वे अब अनर्गल प्रलाप कर रहे हैं।

 

दंगा-कर्फ्यू, जातीय राजनीति सपा की पहचान

मुख्यमंत्री ने कहा कि पीडीए के नाम पर समाज को बांटने वाली सपा के लोगों ने कभी महापुरुषों का सम्मान तक नहीं किया। पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के निधन पर सपा नेताओं के मुंह से श्रद्धांजलि का एक शब्द नहीं निकला, एक ट्वीट तक नहीं किया। सपा दंगों की बादशाह है। कर्फ्यू उसकी पहचान और सरकारी खजाने में लूट-खसोट उसकी आदत रही है। खाली जमीनों पर सपाई गुंडों का कब्जा और महिलाओं- बेटियों में भय का माहौल पिछली सरकार की सबसे बड़ी पहचान रहा है।

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मिशन शक्ति से महिला सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज डबल इंजन की भाजपा सरकार मातृशक्ति को सशक्त बनाने के लिए निरंतर काम कर रही है। प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में शुरू हुआ मिशन शक्ति महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान, स्वाभिमान और स्वावलंबन से जुड़ा अभियान है। जब बेटी को सुरक्षा मिलती है तो उसमें संरक्षण का भाव पैदा होता है।

सम्मान मिलने पर वह अपने जीवन की दिशा स्वयं तय करती है और जब उसे स्वावलंबन के अवसर मिलते हैं तो वह अपनी गति को प्रगति में बदलने में कोई कसर नहीं छोड़ती। आज जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में दिखाई दे रहा बदलाव इसी सशक्तीकरण का परिणाम है। हम बीमारू छवि से निकल कर देश की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन बने हैं।

 

प्रेरित करेगी वीरांगना अवंतीबाई लोधी की प्रतिमा

सीएम योगी ने कहा कि लखनऊ स्थित राष्ट्र प्रेरणा स्थल श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृति को समर्पित है, जिसका लोकार्पण मोदी जी ने किया। यहां डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय और अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमाएं देश की अखंडता, अंत्योदय और सुशासन की प्रेरणा देती हैं। इसी तरह वीरांगना अवंतीबाई लोधी की भव्य अश्वारोही प्रतिमा भारतीय नारी की गरिमा, शौर्य और तेजस्विता का प्रतीक बनकर देशवासियों को प्रेरित करेगी। 

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पीएसी में तीन महिला बटालियन गठित

सीएम ने कहा कि अच्छी सरकार ही अच्छा कार्य करती है। सपा सरकार के समय दंगाइयों की काल बनी पीएसी को समाप्त करने की चेष्टा की गई। भाजपा सरकार ने पीएसी की सभी 54 कंपनियों को पुनर्गठित किया। साथ ही तय किया कि पीएसी में बेटियां भी नेतृत्व की भूमिका निभाएंगी। इसी क्रम में प्रदेश में वीरांगनाओं ऊदा देवी, झलकारी बाई व अवंतीबाई लोधी के नाम पर तीन महिला बटालियन गठित की गई हैं। इनमें एक लखनऊ, दूसरी गोरखपुर और तीसरी बदायूं में निर्माण के अंतिम चरण में है।

 

50 हजार बेटियों को मिलेगी स्कूटी

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्नातक अंतिम वर्ष की 50 हजार बेटियों को रानी लक्ष्मीबाई के नाम पर स्कूटी प्रदान की जाएंगी। 27, 28 और 29 अगस्त को हर बेटी, बहन व माता को परिवहन निगम व सिटी बस सेवा में निशुल्क यात्रा की सुविधा दी गई। अब 60 वर्ष से अधिक उम्र की प्रत्येक महिला को निगम की बसों में निशुल्क यात्रा की सुविधा शुरू कर दी गई है।

 

वीरांगना ने हिला दी थी ब्रिटिश हुकूमत की चूलें

मुख्यमंत्री ने कहा कि वीरांगना अवंतीबाई लोधी का जीवन देश की स्वतंत्रता और नारी शक्ति के अदम्य साहस का प्रतीक है। मात्र 26 वर्ष की उम्र में अवंतीबाई लोधी ने प्रथम स्वातंत्र्य समर में नेतृत्व करते हुए अंग्रेजों की चूलें हिला दी थीं।

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बैरकपुर में मंगल पांडे ने जो चिंगारी प्रज्वलित की, उसे झांसी में रानी लक्ष्मीबाई ने आगे बढ़ाया। मेरठ में धनसिंह गुर्जर कोतवाल के नेतृत्व में यह संघर्ष और विस्तृत हुआ। झांसी व ग्वालियर के बीच वीरांगना अवंतीबाई लोधी ने इसी संघर्ष का नेतृत्व किया। उनका जीवन हमें एकजुट रहने की प्रेरणा देता है। अगर हम बटेंगे नहीं, तो कटेंगे भी नहीं।

 

अवंतीबाई से कल्याण सिंह तक महापुरुषों का सम्मान

सीएम योगी ने कहा कि वीरांगना अवंतीबाई लोधी के सम्मान में तत्कालीन मुख्यमंत्री कल्याण सिंह ‘बाबूजी’ ने विधान भवन के सामने उनकी अश्वारोही प्रतिमा स्थापित कराई थी। अलीगढ़ में उनके नाम पर स्टेडियम का निर्माण भी कराया जा रहा है।

1942 के भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान लखनऊ में तिरंगा फहराने वाले अमर शहीद गुलाब सिंह लोधी के सम्मान में उन्नाव के पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय का नामकरण उनके नाम पर किया गया है। बुलंदशहर में कल्याण सिंह की स्मृति में मेडिकल कॉलेज का निर्माण कराया गया है। लखनऊ के कैंसर संस्थान का नाम भी बाबूजी के नाम पर रखा गया और वहां उनकी भव्य प्रतिमा स्थापित कराई गई है।

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महापुरुषों के प्रति श्रद्धा-सम्मान की भावना जीवंत रहे

मुख्यमंत्री ने क्षत्रिय लोधी महासभा के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम के आयोजकों का आभार जताते हुए समाज की एकता और महापुरुषों के आदर्शों को आगे बढ़ाने की अपील की। उन्होंने कहा कि वीरांगना अवंतीबाई लोधी, अमर शहीद गुलाब सिंह लोधी और श्रद्धेय बाबूजी कल्याण सिंह ने समाज की एकता को मजबूती देने के साथ राष्ट्र को भी सशक्त बनाने का कार्य किया।

इन महापुरुषों के प्रति श्रद्धा व सम्मान की भावना आने वाली पीढ़ियों में भी जीवंत रहे, इसके लिए सभी को सामूहिक प्रयास करने होंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभी को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की अग्रिम शुभकामनाएं दीं।

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कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री बीएल वर्मा, उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह, बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह, लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल सहित भाजपा पदाधिकारी, लोधी महासभा के प्रतिनिधि, विधायक और बड़ी संख्या में समाज के लोग मौजूद रहे।

राहुल गांधी की बढ़ीं मुश्किलें, उत्तराखंड में FIR दर्ज, जातिवादी टिप्पणी का लगा आरोप

राहुल गांधी की बढ़ीं मुश्किलें, उत्तराखंड में FIR दर्ज, जातिवादी टिप्पणी का लगा आरोप

Complaint filed against Rahul Gandhi in Haldwani Uttarakhand

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के खिलाफ उत्तराखंड के हल्द्वानी कोतवाली में एफआईआर दर्ज की गई है। राहुल गांधी के खिलाफ यह एफआईआर अनुसूचित जाति के युवक अमित कुमार की शिकायत पर दर्ज की गई है। यह मामला हल्द्वानी में कांग्रेस की रैली के बाद किए गए 'शुद्धिकरण यज्ञ' और उसे लेकर राहुल गांधी की टिप्पणी से जुड़ा है। अमित कुमार की तरफ से आरोप लगाया गया है कि राहुल गांधी ने उनके खिलाफ जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया है।

खबरों के अनुसार, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के खिलाफ उत्तराखंड के हल्द्वानी कोतवाली में एफआईआर दर्ज की गई है। राहुल गांधी के खिलाफ यह एफआईआर अनुसूचित जाति के युवक अमित कुमार की शिकायत पर दर्ज की गई है। यह मामला हल्द्वानी में कांग्रेस की रैली के बाद किए गए 'शुद्धिकरण यज्ञ' और उसे लेकर राहुल गांधी की टिप्पणी से जुड़ा है।

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अमित कुमार की तरफ से आरोप लगाया गया है कि राहुल गांधी ने उनके खिलाफ जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया है। अमित कुमार ने कहा कि वह स्वयं अनुसूचित जाति समुदाय से हैं। बयान से उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा, सम्मान और सुरक्षा प्रभावित हुई है। अमित कुमार ने अपनी शिकायत में कहा है कि इस बयान से उनके और शुद्धिकरण में शामिल दूसरे लोगों के सम्मान और सामाजिक छवि पर असर पड़ा है।

अमित कुमार के अनुसार, 8 अगस्त को रामलीला मैदान में कांग्रेस की विजय शंखनाद रैली हुई थी। रैली के बाद मैदान में कूड़ा-कचरा और अन्य आपत्तिजनक सामग्री मिलने का आरोप लगाते हुए 11 अगस्त को उन्होंने अनुसूचित जाति के अन्य सदस्यों के साथ मैदान की सफाई और हवन-शुद्धिकरण किया था।

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दरअसल, राहुल गांधी ने कहा कि शुद्धिकरण एससी/एसटी एक्ट के तहत एक आपराधिक कृत्य है, जिन भी लोगों ने ऐसा किया है उन पर जल्द से जल्द एफआईआर होनी चाहिए। हालांकि इस मामले को लेकर हल्द्वानी पुलिस ने कोई एफआईआर दर्ज नहीं की है। यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ, जब कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की रैली के बाद श्री राम सेना के सदस्यों ने वहां शुद्धिकरण हवन किया था।

CM मोहन यादव का चित्रकूट दौरा, दिनभर राहत-बचाव कार्यों की जानकारी लेते रहे, प्रशासन को दिए ये निर्देश

CM मोहन यादव का चित्रकूट दौरा, दिनभर राहत-बचाव कार्यों की जानकारी लेते रहे, प्रशासन को दिए ये निर्देश

Chief Minister Dr Mohan Yadav's visit to Chitrakoot

–  प्रभावित लोगों तक आवश्यक राहत सामग्री पहुंचाई जाए

– 31 अगस्त और 1 सितंबर को सतना के स्कूलों की छुट्टी

– चित्रकूट में अतिवृष्टि से जनता प्रभावित

Chief Minister Dr. Mohan Yadav : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 30 अगस्त को सुबह सतना जिले के चित्रकूट में अतिवृष्टि से प्रभावित इलाकों का जायजा लिया और लोगों से भेंट की। इसके बाद उन्होंने सतना के जिला प्रशासन को आवश्यक कार्यों के लिए स्पष्ट निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ओरछा (जिला निवाड़ी) में हो रही संगठन की बैठक के दौरान भी दिनभर सतना जिला प्रशासन से राहत कार्यों के संबंध में जानकारी प्राप्त की।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जनता को राहत पहुंचाने में कोई कमी नहीं रहना चाहिए। सतना कलेक्टर द्वारा जानकारी दी गई कि अतिवृष्टि की स्थिति को देखते हुए विद्यार्थियों की सुरक्षा का ध्यान रखते हुए जिले के सभी विद्यालयों में 31 अगस्त और 1 सितंबर को अवकाश घोषित किया गया है।

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देशानुसार अतिवृष्टि के कारण प्रभावित नागरिकों की सहायता के लिए अधिकारियों को तीन दिन तक चित्रकूट में रहकर आवश्यक सहायता कार्यों को सुनिश्चित करने और क्षेत्र की निरंतर निगरानी के लिए कहा गया है। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रभावितों को राजस्व पुस्तक परिपत्र 6/4 के प्रावधानों के अनुसार विभिन्न तरह की हानि के लिए निर्धारित सहायता राशि प्रदान करने का कार्य किया जाए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश

  • सभी बाढ़ प्रभावित नागरिकों के लिए भोजन, वस्त्र, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं तत्काल सुनिश्चित की जाएं।
  • प्रभावित लोगों तक आवश्यक राहत सामग्री पहुंचाई जाए, रेस्यूत  किए गए ग्रामीणों के लिए भी शुद्ध पेयजल और भोजन सुनिश्चित किया जाए।
  • बाढ़ से नुकसान के आकलन का कार्य समय पर हो। 
  • जिला प्रशासन के सभी संबंधित अधिकारी प्रभावित क्षेत्र का निरंतर दौरा एवं वहीं रात्रि विश्राम करें। एसबीआरएफ और एनडीआरएफ का समुचित सहयोग प्राप्त किया जाए। 
  • सभी प्रभावितों को सूखा राशन एवं अन्य आवश्यक राहत सामग्री भी पहुंचाई जाए।
  • प्रभावित परिवारों को प्रशासन के साथ ही अन्य आवश्यक सामग्री देने वाले स्वैच्छिक सहयोगियों से प्राप्त सामग्री भी उपलब्ध करवाई जाए।
  • स्थानीय निवासियों के साथ ही जो श्रद्धालु इस समय चित्रकूट आए हुए हैं, उन्हें भी आवश्यक सहायता प्रदान की जाए।