87 तारीखें, 12 गवाह, फांसी की सजा सुन रो पड़ी पति की कातिल रविता, सर्पदंश का नाटक कर छिपाने की थी साजिश

87 तारीखें, 12 गवाह, फांसी की सजा सुन रो पड़ी पति की कातिल रविता, सर्पदंश का नाटक कर छिपाने की थी साजिश

Meerut Amit Kashyap Murder Case

पति की हत्या कर उसे सांप के काटने से हुई मौत बताने की साजिश रचने के मामले में अदालत ने सख्त रुख अपनाया है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश जयवीर नागर की अदालत ने अमित कश्यप हत्याकांड में दोषी पत्नी रविता और उसके प्रेमी अमरदीप को मृत्युदंड की सजा सुनाई है। अदालत ने इस वारदात को जघन्य अपराध मानते हुए कहा कि प्रेम संबंधों के चलते पति की हत्या करना सामाजिक और पारिवारिक मर्यादाओं का गंभीर उल्लंघन है।

 

अदालत ने अपने फैसले में भारतीय पारिवारिक परंपराओं और नैतिक मूल्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि पति-पत्नी का रिश्ता विश्वास और जिम्मेदारी पर आधारित होता है। इसके बावजूद रविता ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति की जान ले ली। अदालत ने सावित्री और यमराज के प्रसंग का जिक्र करते हुए कहा कि जहां सावित्री अपने पति के प्राण वापस लाने के लिए यमराज से संघर्ष करती हैं, वहीं इस मामले में पत्नी ने ही अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति की जान ले ली। अदालत ने इसे रिश्तों की मर्यादा को तार-तार करने वाला कृत्य माना।

 

फांसी की सजा सुनते ही रो पड़ी रविता

 

मेरठ जिला कारागार के जेल सुपरीटेंडेंट ने बताया कि फांसी की सजा सुनते ही रविता रो पड़ी।  अमरदीप भी भावुक हो गया। रविता को अपने तीन बच्चों की चिंता थी कि उनका क्या होगा। कड़ी सुरक्षा में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से दोनों से सजा सुनी, फिर उनको बैरक में वापस भेज दिया।

 

गला दबाकर हत्या, फिर रची सांप के काटने की कहानी

 

अभियोजन पक्ष के मुताबिक, 12 और 13 अप्रैल 2025 की दरमियानी रात मेरठ जिले के बहसूमा थाना क्षेत्र के अकबर सादातपुर गांव में अमित कश्यप की हत्या कर दी गई थी। आरोप था कि पत्नी रविता ने अपने प्रेमी अमरदीप के साथ मिलकर अमित का गला दबाया और हत्या के बाद वारदात को प्राकृतिक मौत दिखाने के लिए शव के नीचे घोड़ापछाड़ सांप रख दिया। इसके जरिए परिवार को यह विश्वास दिलाने की कोशिश की गई कि अमित की मौत सर्पदंश से हुई है।

 

हालांकि, घटनाक्रम को लेकर परिवार के मन में शुरू से ही संदेह था। शव का पोस्टमार्टम कराने की तैयारी के दौरान रविता की ओर से विरोध किए जाने की बात भी सामने आई। परिजनों का शक गहराने पर पुलिस ने मामले की जांच आगे बढ़ाई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में अमित की मौत गला दबाने के कारण होने की पुष्टि हुई, जिसके बाद पुलिस ने रविता और अमरदीप को गिरफ्तार कर लिया।

 

87 तारीखों के बाद आया फैसला

 

इस हत्याकांड की सुनवाई के दौरान अदालत में कुल 87 तारीखें पड़ीं और 12 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने पहले दोनों आरोपियों को दोषी ठहराया और अब उन्हें मृत्युदंड की सजा सुनाई है। दोनों आरोपी करीब 17 महीने से चौधरी चरण सिंह जिला कारागार में बंद हैं।

 

अदालत ने माना कि हत्या के बाद साक्ष्यों और परिस्थितियों को दूसरी दिशा देने के लिए सर्पदंश की कहानी तैयार करना मामले की गंभीरता को और बढ़ाता है। फैसले के बाद अमित के परिजनों ने संतोष जताया। अमित की मां मुनेश ने कहा कि अदालत के निर्णय से उन्हें सुकून मिला है और उनके बेटे की आत्मा को अब शांति मिलेगी।

 

तीन बच्चों के भविष्य की चिंता, डीएम को निर्देश

 

इस मामले में रविता के तीन बच्चे भी हैं। अदालत ने उनके पालन-पोषण और भविष्य को ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी को आवश्यक व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। फैसले के साथ ही बच्चों की देखभाल और उनके जीवनयापन का सवाल भी महत्वपूर्ण हो गया है।

 

मेरठ में दो दिनों में चार दोषियों को मृत्युदंड

 

मेरठ की अदालतों के हालिया फैसलों के कारण दो दिनों के भीतर चार दोषियों को मृत्युदंड सुनाए जाने की चर्चा भी तेज है। 14 अक्टूबर को मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल को मृत्युदंड सुनाया गया था। इसके बाद 16 अक्टूबर को रविता और अमरदीप को भी फांसी की सजा सुनाई गई। दोनों मामलों में पति की हत्या के पीछे प्रेम संबंधों को वजह बताया गया।

 

लगातार सामने आए इन फैसलों ने वैवाहिक रिश्तों में विश्वासघात और प्रेम संबंधों के चलते की गई हत्याओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। अमित कश्यप हत्याकांड में अदालत का फैसला पीड़ित परिवार के लिए न्याय की दिशा में अहम पड़ाव है। हालांकि, मृत्युदंड के फैसले के बाद आगे की न्यायिक प्रक्रिया और अपील की स्थिति भी इस मामले में महत्वपूर्ण होगी।

UP Election Survey: यूपी में आज हुए चुनाव तो क्या Gen-Z वोटर पलटेंगे बाजी? जानिए इस मेगा सर्वे में क्या पता चला

उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर राजनीतिक हलचल अभी से तेज हो गई है। पिछले दो विधानसभा चुनावों में बीजेपी ने प्रचंड जीत हासिल की है। एक बार फिर सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बीजेपी तीसरी बार यूपी की सत्ता पर दावेदापी पेश कर रही है। ऐसे में प्रदेश की जनता का मूड, युवाओं की भूमिका और सरकार के कामकाज को लेकर न्यूज 18 ने Pvalue Analytics के सहयोग से ने सबसे बड़ा ओपिनियन पोल पेश किया है। हाल के दिनों युवाओं और छात्रों (Gen-Z) के आंदोलन और विरोध प्रदर्शनों की चर्चा के बीच इस मेगा सर्वे में एक बड़ा सवाल पूछा गया कि क्या आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में Gen-Z यानी युवा मतदाता बाजी पलटने में मुख्य भूमिका निभाएंगे? इस पर उत्तर प्रदेश की जनता ने बेहद दिलचस्प और स्पष्ट राय दी है।

56% लोगों का मानना: Gen-Z वोटर निभाएंगे सबसे बड़ी भूमिका

न्यूज 18 के मेगा सर्वे के आंकड़ों के मुताबिक आधे से अधिक यानी 56% उत्तरदाताओं का मानना है कि उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव में Gen-Z मतदाता निर्णायक और प्रमुख भूमिका निभाएंगे। इसके उलट सिर्फ 16.2% लोगों का मानना है कि चुनाव में युवाओं का कोई बहुत बड़ा असर नहीं पड़ेगा। सर्वे में यह भी सामने आया कि भारतीय जनता पार्टी और एनडीए (BJP/NDA) के समर्थकों में यह आंकड़ा अधिक है क्योंकि वे बेहतर शिक्षित हैं और राजनीतिक रूप से अधिक जागरूक नजर आते हैं। वहीं 14.2% लोगों ने स्वीकार किया कि वे Gen-Z शब्द या इसके कॉन्सेप्ट को नहीं जानते।

सर्वे: 77% लोग योगी सरकार से संतुष्ट, सीएम पद की पहली पसंद योगी आदित्यनाथ

सर्वे में राज्य सरकार के प्रदर्शन और नेतृत्व को लेकर भी जनमत का आकलन किया गया। ओपिनियन पोल में शामिल 77.1% लोग योगी आदित्यनाथ सरकार के अब तक के कामकाज और प्रदर्शन से पूरी तरह संतुष्ट हैं। अगले मुख्यमंत्री के रूप में 66.2% मतदाताओं की पहली पसंद योगी आदित्यनाथ हैं। 65.2% लोगों का मानना है कि बीजेपी को उत्तर प्रदेश में सत्ता की हैट्रिक बनाते हुए तीसरा कार्यकाल दिया जाना चाहिए।

सपा-कांग्रेस गठबंधन 26.4% वोट शेयर के साथ दूसरे स्थान पर है। बहुजन समाज पार्टी (BSP) 5.4% वोट शेयर के साथ तीसरे स्थान पर सिमटती नजर आई। आपको बता दें कि न्यूज 18 का यह ओपिनियन पोल 17 सितंबर से 2 अक्टूबर 2026 के बीच किया गया था। इसमें यूपी के सभी 75 जिलों से 30925 लोगों की राय ली गई।

कानपुर में कच्चा बादाम बजते ही भड़क गईं अंजलि अरोड़ा, डांडिया नाइट मंच छोड़कर वापस लौटीं

कच्चा बादाम गाने से फेमस हुईं अंजलि अरोड़ा कानपुर में आयोजित डांडिया नाइट में पहुंची। डीजे पर जैसे ही कच्चा बादाम गाना बजा तो अंजलि नाराज हो गईं और आयोजकों की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए वह वापस चली गईं।

यूपी में शिक्षा की नैया डुबोने वाली पार्टी है सपा : योगी आदित्यनाथ

यूपी में शिक्षा की नैया डुबोने वाली पार्टी है सपा : योगी आदित्यनाथ

CM Yogi Adityanath: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी पर शिक्षा व्यवस्था को नुकसान पहुंचाने और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने का आरोप लगाया। कहा कि सपा शिक्षा पर कितना भी उपदेश दे, उसका भरोसा नदी किनारे बैठे उस मगरमच्छ जैसा है, जो किसी को अपनी पीठ पर बैठाकर नदी पार कराने की बात करता है। सपा शिक्षा की नैया पार लगाने वाली नहीं, उसे डुबोने वाली पार्टी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सपा की चार सरकारों में शिक्षा, रोजगार और विकास के सामने संकट खड़ा हुआ। उस समय दंगे, कर्फ्यू और अराजकता प्रदेश की पहचान बन गए थे।

 

मुख्यमंत्री योगी शुक्रवार को गाजियाबाद में मेरठ-सहारनपुर शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के भाजपा प्रत्याशी श्रीचंद शर्मा और स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के प्रत्याशी दिनेश गोयल के समर्थन में आयोजित सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने शिक्षकों के लिए चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार, विश्वविद्यालयों की स्थापना और सरकारी भर्तियों का उल्लेख किया। साथ ही दोनों प्रत्याशियों को फिर विधान परिषद भेजने की अपील की।

रामलीलाओं के आयोजन को लेकर सपा पर साधा निशाना

मुख्यमंत्री ने कहा कि गाजियाबाद आते समय रास्ते में कई स्थानों पर बड़ी-बड़ी रामलीलाएं होती दिखाई दीं। सपा सरकार होती तो अब तक दंगे शुरू हो चुके होते और कर्फ्यू लगा होता। उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौर में नवरात्रि के दौरान दुर्गा पूजा के पंडाल और अन्य धार्मिक आयोजन भी नहीं हो पाते थे। आज गाजियाबाद से हरिद्वार के बीच साढ़े चार करोड़ श्रद्धालु कांवड़ लेकर निकलते हैं। श्रद्धालु बाबा औघड़नाथ, दुग्धेश्वरनाथ और पुरा महादेव सहित विभिन्न शिवालयों में जलाभिषेक करते हैं। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को बिना भेदभाव अपनी आस्था व्यक्त करने का अवसर मिलना चाहिए।

शिक्षक का संस्थान नहीं, राष्ट्र निर्माण में योगदान महत्वपूर्ण

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि शिक्षक बेसिक शिक्षा का हो या माध्यमिक, उच्च, तकनीकी अथवा चिकित्सा शिक्षा का, सभी को चिकित्सा सुविधा मिलेगी। वित्तपोषित, प्रबंधकीय व्यवस्था और स्ववित्तपोषित संस्थानों के शिक्षक भी इसमें शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि शिक्षक युग निर्माता और राष्ट्र निर्माता है। वह ऐसी पीढ़ियां तैयार करता है, जिनकी ऊर्जा प्रदेश की प्रगति में काम आती है। श्रीचंद शर्मा और दिनेश गोयल जब भी शिक्षकों तथा स्नातकों की समस्याएं लेकर आए, उनका समाधान किया गया।

विश्वविद्यालयों की मान्यता में भेदभाव का आरोप

मुख्यमंत्री ने कहा कि सपा सरकार में शिक्षा संस्थानों के लिए समान मानक नहीं थे। आजम खान विश्वविद्यालय बनाएं तो उनके लिए अलग नियम होते थे, जबकि ग्लोबल यूनिवर्सिटी को मान्यता नहीं दी जाती थी। भाजपा सरकार ने सभी के लिए एक जैसी व्यवस्था लागू की। सहारनपुर में मां शाकंभरी, अलीगढ़ में राजा महेंद्र प्रताप सिंह, मुरादाबाद में गुरु जंभेश्वर, आजमगढ़ में महाराज सुहेलदेव, बलरामपुर में मां पाटेश्वरी और मीरजापुर में मां विंध्यवासिनी के नाम पर विश्वविद्यालय स्थापित किए गए। मेरठ में मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय बनाया गया। लखनऊ में अटल बिहारी वाजपेयी चिकित्सा विश्वविद्यालय, गोरखपुर में आयुष विश्वविद्यालय और कुशीनगर में कृषि विश्वविद्यालय का निर्माण भी कराया गया।

नौकरी के नाम पर गड़बड़ी करने वालों के लिए जेल

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने अपराध और भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है। युवाओं की नौकरी से खिलवाड़ करने वालों को जेल भेजने और उनकी संपत्ति जब्त करने का निर्णय लिया गया। उन्होंने दावा किया कि साढ़े नौ वर्षों में साढ़े नौ लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई है। यूपी पुलिस में 32,600 से अधिक अभ्यर्थियों के परिणाम जारी हुए हैं। 42 हजार से अधिक होमगार्ड की भर्ती के परिणाम भी आ चुके हैं। शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया अंतिम चरण में है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 में प्रदेश में 120 स्टार्टअप थे। अब इनकी संख्या 24 हजार से अधिक हो चुकी है। इससे युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर बने हैं।

 

पीडीए के नाम पर टिकट वितरण को लेकर कटाक्ष

मुख्यमंत्री ने विधान परिषद चुनाव में सपा के प्रत्याशी चयन पर सवाल उठाए। कहा कि सपा के पीडीए का मतलब परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी है। पहले अपने चाचा को टिकट दिया और फिर मुंबई के एक धनकुबेर के हाथ टिकट गिरवी रख दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा टिकट वितरण में भी अपने घोषित सिद्धांतों पर नहीं चल रही है। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि विधान परिषद की 11 सीटों के चुनाव में भाजपा का प्रदर्शन पिछले राज्यसभा चुनाव से बेहतर होगा।

पश्चिमी यूपी में सड़क और रेल परियोजनाओं का उल्लेख

मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली-मेरठ के बीच 12 लेन एक्सप्रेसवे और नमो भारत रैपिड रेल से क्षेत्र में आवागमन सुगम हुआ है। गंगा एक्सप्रेसवे से मेरठ और प्रयागराज के बीच यात्रा का समय घटेगा। उन्होंने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, मेट्रो विस्तार और वाराणसी रोपवे परियोजना का भी उल्लेख किया। साथ ही काशी विश्वनाथ धाम, विंध्यवासिनी धाम, अयोध्या में श्रीराम मंदिर, ब्रज क्षेत्र, शुकतीर्थ और मां शाकंभरी शक्तिपीठ के विकास को विरासत और विकास का उदाहरण बताया।

23 अक्टूबर को मतदान के लिए अवकाश

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में 23 अक्टूबर को सुबह आठ से शाम चार बजे तक मतदान होगा। मतदाताओं के लिए अवकाश रहेगा। उन्होंने मतदान केंद्र पर उपलब्ध कराई जाने वाली कलम से मतपत्र पर वरीयता अंकित करने की अपील की।

 

शिक्षक एमएलसी प्रत्याशी श्रीचंद शर्मा ने कहा कि प्राथमिक से उच्च शिक्षा तक के शिक्षकों और उनके परिवारों के लिए पांच लाख रुपये की कैशलेस चिकित्सा सुविधा की व्यवस्था की गई है। वित्तविहीन शिक्षकों को राजकीय सम्मान दिलाने और शिक्षामित्रों, अनुदेशकों तथा व्यावसायिक शिक्षकों का मानदेय बढ़ाने का काम भी किया गया है।

 

कार्यक्रम में ये रहे मौजूद : सम्मेलन में भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष नवाब सिंह नागर, कैबिनेट मंत्री सुनील शर्मा, राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार कपिल देव अग्रवाल व नरेंद्र कश्यप, राज्यमंत्री बृजेश सिंह, जसवंत सैनी, दिनेश खटीक व केपी मलिक, भाजपा प्रदेश महामंत्री एवं राज्यसभा सदस्य रामप्रताप सिंह चौहान, सांसद डॉ. महेश शर्मा, भोला सिंह, अतुल गर्ग, राज्यसभा सदस्य लक्ष्मीकांत वाजपेयी और सुरेंद्र नागर सहित अन्य जनप्रतिनिधि व पदाधिकारी मौजूद रहे।

 

UP Election Survey: यूपी में अभी चुनाव हुए तो किसकी बनेगी सरकार? ओपिनियन पोल में सामने आए चौंकाने वाले आंकड़े

उत्तर प्रदेश की सियासत को लेकर देश के सबसे बड़े ओपिनियन पोल के आंकड़े सामने आ चुके हैं। हमारे सहयोगी न्यूज 18 द्वारा कराए गए इस सर्वे में राज्य की भावी राजनीतिक दिशा, मुख्यमंत्री पद की पसंद और योगी सरकार के कामकाज का लेखा-जोखा जनता की राय के आधार पर पेश किया गया है। उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में 30925 के बीच किए गए इस ओपिनियन पोल के नतीजे बताते हैं कि राज्य में आज विधानसभा चुनाव होते हैं, तो भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाला एनडीए (NDA) विपक्ष के इंडिया गठबंधन पर भारी पड़ता नजर आ रहा है। हालांकि आंकड़े ये भी बता रहे हैं कि मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी और कांग्रेस गठबंधन भी युवाओं और आर्थिक रूप से पिछड़े समूहों के बीच अपनी पैठ मजबूत कर रहा है।

सत्ता की हैट्रिक की ओर बीजेपी/एनडीए, सपा-कांग्रेस गठबंधन दूसरे नंबर पर

ओपिनियन पोल में जब लोगों से पूछा गया कि आज चुना हुए तो वो किसे वोट देना पसंद करेंगे, तो बीजेपी/एनडीए को 66.6% फीसदी लोगों ने अपनी पहली चॉइस बताया। सपा-कांग्रेस गठबंधन 26.4% वोट शेयर के साथ दूसरे स्थान पर है। बहुजन समाज पार्टी (BSP) 5.4% वोट शेयर के साथ तीसरे स्थान पर सिमटती नजर आई। यानी ओपिनियन पोल में ये बात साफ समझ में आई कि सीएम योगी के नेतृत्व में एनडीए चुनावों में हैट्रिक लगा सकता है।

सीएम पद की पहली पसंद योगी आदित्यनाथ, 77% लोग कामकाज से संतुष्ट

योगी आदित्यनाथ सरकार का प्रदर्शन और उनका नेतृत्व बीजेपी की इस बढ़त का सबसे मजबूत स्तंभ बनकर उभरा है। सर्वे के मुताबिक ओपनियन पोल में शामिल 77.1% लोग योगी सरकार के कामकाज से पूरी तरह संतुष्ट हैं, जबकि केवल 13.5% लोगों ने असंतोष जताया है। अगले मुख्यमंत्री के रूप में 66.2% लोगों की पहली पसंद योगी आदित्यनाथ हैं। वहीं, सपा प्रमुख अखिलेश यादव को 24.4% लोग मुख्यमंत्री के रूप में देखना चाहते हैं।

विपक्ष की वापसी और मतदाताओं का रुझान

सर्वे से यह भी संकेत मिलता है कि 2022 के विधानसभा चुनाव और 2024 के लोकसभा चुनाव की तुलना में सपा-कांग्रेस गठबंधन के जनाधार में क्रमशः 3.7% और 2.4% की बढ़त देखने को मिली है। यह रुझान मुख्य रूप से युवाओं, बेरोजगारों, पेपर लीक/जेन-जी विरोध प्रदर्शनों से प्रभावित लोगों और पूर्वी उत्तर प्रदेश में देखने को मिल रहा है। हालांकि ओपिनियन पोल के मुताबिक बीजेपी न सिर्फ अपने 91% पुराने मतदाताओं को बरकरार रखने में सफल रही है, बल्कि 2024 में वोट न देने वाले 53.0% नए मतदाताओं को भी अपनी ओर आकर्षित कर रही है।

कैसा रहा इस ओपिनियन पोल का सर्वे सैंपल?

न्यूज 18 द्वारा कराए गए इस व्यापक ओपिनियन पोल का सर्वे 17 सितंबर से 2 अक्टूबर 2026 के बीच आयोजित किया गया था। उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों से 30925 लोगों की राय ली गई।

चीता स्टेट ‘मध्यप्रदेश: सेवा संकल्प अभियान में महिलाओं एवं छात्राओं ने बनाई मादा चीता ‘मुखी’ की विशाल प्रतिकृति

चीता स्टेट ‘मध्यप्रदेश: सेवा संकल्प अभियान में महिलाओं एवं छात्राओं ने बनाई मादा चीता 'मुखी' की विशाल प्रतिकृति

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रोजेक्ट चीता के 4 वर्ष पूर्ण होने पर श्योपुर में 1,000 से अधिक महिलाओं एवं छात्राओं द्वारा ह्यूमन रंगोली के माध्यम से भारतीय मादा चीता ‘मुखी’ की विशाल प्रतिकृति बनाना अद्भुत और प्रेरणादायी है।

 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ‘एक्स’ पर कहा कि सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत नारी शक्ति की यह अनूठी पहल वन्यजीव संरक्षण के प्रति हमारी प्रतिबद्धता और जनभागीदारी का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि आइए, हम सभी प्रकृति एवं वन्यजीवों के संरक्षण का संकल्प लें।

 

उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 17 सितम्बर 2022 को श्योपुर जिले के कूनों में चीता पुर्नस्‍थापना प्रोजेक्‍ट की शुरूआत की थी। मात्र चार सालों में ही कूनों में चीतों की तादाद तेजी से बढ़ रही है। इससे मप्र अब चीता स्‍टेट के रूप में भी विख्‍यात हुआ है।  मप्र में वर्तमान में 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर तक सेवा संकल्प अभियान चलाया जा रहा है।

 

सेवा संकल्प अभियान के तहत शुक्रवार को श्योपुर जिले के ढेगदा स्थित क्रीड़ा परिसर में ह्युमन रंगोली के माध्यम से भारतीय मादा चीता ‘‘मुखी’’ की भव्य एवं आकर्षक विशाल प्रतिकृति बनाई गई। क्रियेटिव श्योपुर अंतर्गत बनाई गई इस ह्युमन रंगोली में महिला बाल विकास विभाग एवं एनआरएलएम से जुड़ी एक हजार से अधिक महिलाओं तथा कन्या आदिवासी परिसर की छात्राओं द्वारा चीते के मुख रंग आधारित परिधान पहनकर यह विशाल रंगोली बनाई गई है। शारदीय नवरात्र के अवसर पर महिलाओं की सामूहिक सहभागिता ने इस आयोजन को महिला शक्ति, एकजुटता और वन्यजीव संरक्षण के संदेश से विशेष रूप से जोड़ा है।

 

‘मुखी’ के बारे में-भारतीय चीता ‘‘मुखी’’ का जन्म 29 मार्च 2023 को कूनो नेशनल पार्क में हुआ था। वह नामीबिया से लाई गई मादा चीता ज्वाला की संतान है। मुखी के नाम यह इतिहास दर्ज है कि 70 साल बाद भारत की धरती पर जन्म लेने वाली वह पहली चीता है, इसलिए चीता मुखी भारत में जन्मे पहली चीता पीढ़ी की खास पहचान है। नवंबर 2025 में मादा भारतीय चीता मुखी ने पांच शावकों को जन्म दिया। यह भारत में चीता पुनर्स्थापन परियोजना के लिए एक बड़ी उपलब्धि थी। वर्तमान में मुखी तीन साल की आयु पूर्ण कर चुकी है।

यूपी में घर-घर पहुंच रहा नारी सशक्तीकरण का संदेश, महिला कल्याण विभाग ने संभाली कमान

यूपी में घर-घर पहुंच रहा नारी सशक्तीकरण का संदेश, महिला कल्याण विभाग ने संभाली कमान

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान एवं स्वावलंबन को मजबूत करने के लिए मिशन शक्ति फेज-6.0 के तहत व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। शारदीय नवरात्र के अवसर पर 11 से 20 अक्टूबर तक संचालित इस अभियान में महिला कल्याण विभाग प्रमुख भूमिका निभा रहा है। प्रदेश के सभी 75 जिलों में जागरूकता कार्यक्रमों के जरिए महिलाओं और बालिकाओं को उनके अधिकारों, सुरक्षा उपायों और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी जा रही है।

बेटियां एक दिन की अफसर बन समझ रहीं प्रशासनिक कार्यप्रणाली

महिला कल्याण एवं बाल विकास पुष्टाहार विभाग की अपर मुख्य सचिव लीना जौहरी ने बताया कि प्रदेश के अलग-अलग जिलों में बेटियों को एक दिन का जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक और बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) बनाया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य बेटियों में नेतृत्व क्षमता विकसित करना, आत्मविश्वास बढ़ाना और उन्हें निर्णय लेने के लिए प्रेरित करना है। इससे बेटियों को अपनी प्रतिभा पहचानने, प्रशासनिक कार्यप्रणाली समझने और भविष्य में जिम्मेदार पदों पर पहुंचने का हौसला मिल रहा।

सभी 75 जिलों में रैलियां, पदयात्राओं से जन-जन तक पहुंच रहा संदेश

लखनऊ, सीतापुर, बाराबंकी, रायबरेली, अलीगढ़, भदोही, प्रयागराज, गोरखपुर, वाराणसी, उन्नाव और इटावा समेत प्रदेशभर में रैलियां, पदयात्राएं, प्रभात फेरियां और जनसंपर्क कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इनमें जनप्रतिनिधियों, पुलिसकर्मियों, छात्राओं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं भाग ले रही हैं। अभियान के शुरुआती दिनों में रैलियों और पैदल मार्च में 50 हजार से अधिक लोगों ने भागीदारी की। उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं और मेधावी छात्राओं को सम्मानित करने के साथ बालिकाओं को सांकेतिक प्रशासनिक दायित्व सौंपकर नेतृत्व क्षमता विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है। मेले, प्रदर्शनी स्टॉल और लोक-सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से भी महिला सशक्तीकरण का संदेश पहुंचाया जा रहा है।

साइबर सुरक्षा से बाल विवाह उन्मूलन तक 15 गतिविधियों पर जोर

महिला कल्याण विभाग अभियान के तहत 15 प्रमुख गतिविधियों पर काम कर रहा है। इनमें जनजागरूकता रैलियां, महिला सम्मान समारोह, बालिका नेतृत्व विकास, करियर काउंसलिंग और मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना संबंधी कार्यशालाएं शामिल हैं। साइबर अपराध, डिजिटल अरेस्ट और ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। बाल सुरक्षा, पॉक्सो अधिनियम और बच्चों के साथ दुर्व्यवहार की पहचान एवं सूचना देने संबंधी प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।

 

कार्यस्थलों पर महिलाओं के लैंगिक उत्पीड़न की रोकथाम के लिए पॉश अधिनियम-2013, विधिक साक्षरता शिविर और लोक अदालत सहायता के प्रति जागरूकता बढ़ाई जा रही है। इसके अतिरिक्त वृद्धजन आवासों और आश्रय गृहों में संवेदीकरण, कन्या जन्मोत्सव, नवजात शिशु किट एवं पोषण वितरण, किशोरी स्वास्थ्य, माहवारी स्वच्छता और सेनेटरी पैड वितरण जैसी गतिविधियां भी संचालित हैं। बाल विवाह और दहेज उन्मूलन के लिए शपथ एवं जनसंवाद तथा महिला नेतृत्व में यातायात सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम भी अभियान का हिस्सा हैं।

सरकारी योजनाओं से जोड़ने के साथ वित्तीय साक्षरता पर फोकस

महिला कल्याण विभाग की टीमें गांवों, कस्बों और शहरी क्षेत्रों में जनसंपर्क कर महिलाओं एवं परिवारों को मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना और पति की मृत्यु के उपरांत निराश्रित महिला पेंशन योजना की जानकारी दे रही हैं। इसका उद्देश्य पात्र लाभार्थियों को योजनाओं से जोड़कर सरकारी सहायता का लाभ दिलाना है।

 

बेसिक शिक्षा विभाग की वित्तीय साक्षरता गतिविधियों से अब तक 1,18,657 बालिकाएं जुड़ चुकी हैं। इसके माध्यम से बालिकाओं में आर्थिक समझ और आत्मनिर्भरता की भावना विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है। करियर मार्गदर्शन, विधिक सहायता और सरकारी योजनाओं की जानकारी के जरिए महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति सजग बनाया जा रहा है। विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन और जनकल्याणकारी गतिविधियों में उत्कृष्ट योगदान देने वालों को सम्मानित कर प्रोत्साहित भी किया जा रहा है।

सुरक्षित आश्रय और सहायता सेवाओं की जानकारी, लापरवाही पर कार्रवाई

17 अक्टूबर-20 को शुरू हुआ मिशन शक्ति पांच चरणों के बाद अब छठवें चरण में पहुंच गया है। अभियान के तहत महिला शरणालय, शक्ति सदन, सखी निवास, नारी संरक्षण गृह और अन्य आश्रय सुविधाओं की जानकारी जरूरतमंद महिलाओं तक पहुंचाई जा रही है, ताकि वे आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षित आश्रय और सहायता सेवाओं का लाभ उठा सकें। आपातकालीन हेल्पलाइन के प्रचार-प्रसार के जरिए भी महिलाओं को संकट के समय उपलब्ध सहायता के प्रति जागरूक किया जा रहा है।

 

महिला कल्याण एवं बाल विकास पुष्टाहार विभाग की अपर मुख्य सचिव लीना जौहरी ने कहा कि महिलाओं को सुरक्षा, सम्मान, स्वास्थ्य, शिक्षा और आर्थिक आत्मनिर्भरता से जोड़ना विभाग की प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि योगी सरकार मिशन शक्ति के प्रभावी क्रियान्वयन और महिला सुरक्षा के प्रति संवेदनशीलता पर जोर दे रही है। संबंधित अधिकारियों को अभियान में प्राथमिकता के आधार पर सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

नवरात्र में योगी सरकार का बड़ा आयोजन, देवी मंदिरों में होंगे दुर्गा सप्तशती पाठ और देवी गीत

नवरात्र में योगी सरकार का बड़ा आयोजन, देवी मंदिरों में होंगे दुर्गा सप्तशती पाठ और देवी गीत

yogi

प्रदेश के प्रमुख देवी मंदिरों में शक्ति आराधना के साथ आज से महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन का संदेश गूंजेगा। मिशन शक्ति के तहत योगी सरकार शारदीय नवरात्र की सप्तमी से नवमी तिथि (शनिवार से सोमवार) तक चयनित मंदिरों में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन कराएगी। इनमें पारंपरिक देवी गीतों पर आधारित गायन और दुर्गा सप्तशती का पाठ होगा। 

 

देवी गायन और दुर्गा सप्तशती पाठ होंगे मुख्य आकर्षण

नवरात्र की सप्तमी, अष्टमी और नवमी पर होने वाले कार्यक्रमों में देवी गीतों की पारंपरिक गायन शैली को प्रमुखता दी जाएगी। इसके साथ दुर्गा सप्तशती का पाठ भी होगा। इन आयोजनों के जरिए शक्ति आराधना की परंपरा को आगे बढ़ाने के साथ महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता के प्रति जागरूक किया जाएगा।

 

स्थानीय कलाकारों को मंच देगी योगी सरकार

प्रत्येक मंदिर में तीन स्थानीय कलाकार प्रस्तुति देंगे। इस तरह कुल 78 कलाकारों को अपनी कला दिखाने का अवसर मिलेगा। इनमें महिला कलाकारों की संख्या अधिक रहेगी। लखनऊ के चंद्रिका देवी, संकटा देवी मंदिर, प्रयागराज के अलोपी देवी और ललिता देवी मंदिर में  तीन-तीन स्थानीय कलाकार प्रस्तुति देंगे। इस तरह लखनऊ और प्रयागराज के चार मंदिरों में कुल 12 कलाकारों को अवसर मिलेगा। बाकी 22 मंदिरों में तीन-तीन कलाकार कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे। 

 

सामाजिक बदलाव का माध्यम बनेंगे आयोजन

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि शारदीय नवरात्र आस्था, शक्ति और सांस्कृतिक परंपराओं का पर्व है। हमारा प्रयास है कि धार्मिक आयोजन सामाजिक बदलाव का माध्यम बनें और महिलाओं व बालिकाओं को सुरक्षा, सम्मान तथा आत्मनिर्भरता के प्रति जागरूक करें। इन कार्यक्रमों के जरिए स्थानीय कलाकारों, विशेषकर महिला कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा। इससे पारंपरिक देवी गीतों और लोक संस्कृति को बढ़ावा देने के साथ कलाकारों की आजीविका को सहारा मिलेगा।

 

 

योगी सरकार इन मंदिरों में कराएगी त्रिदिवसीय आयोजन 

 

  • मां विंध्यवासिनी देवी- मीरजापुर 
  • विशालाक्षी मंदिर- वाराणसी
  • ज्वाला देवी-सोनभद्र
  • सीता समाहित स्थल- सीतामढ़ी (भदोही)
  • अलोपशंकरी देवी-प्रयागराज
  • ललिता देवी- प्रयागराज
  • कड़ावासिनी- कौशांबी
  • देवीपाटन- बलरामपुर 
  • ललिता देवी- नैमिषारण्य (सीतापुर)
  • शाकुंभरी देवी- सहारनपुर 
  • कात्यायनी देवी- मथुरा
  • मां शीतला चौकिया धाम- जौनपुर 
  • बेल्हा देवी- प्रतापगढ़ 
  • महालक्ष्मी देवी मंदिर- वाराणसी
  • चंद्रिका देवी- उन्नाव
  • देवकाली मंदिर- औरैया
  • मां तरकुलहा देवी धाम- गोरखपुर 
  • मां शीतला माता स्थल-मऊ
  • मां सिंह वाहिनी काली देवी- चित्रकूट 
  • गायत्री शक्तिपीठ- हमीरपुर 
  • बैरागढ़ माता- कोंच जालौन
  • कुष्मांडा देवी-घाटमपुर 
  • शीतला माता मंदिर- मैनपुरी
  • चामुंडा देवी मंदिर- फिरोजाबाद
  • चंद्रिका देवी मंदिर-लखनऊ
  • संकटा देवी मंदिर- लखनऊ ।

FD Calculator: 5 लाख रुपये का बैंक एफडी 5 साल के लिए करने पर पैसा कितना बढ़कर मिलेगा?

बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट में एक बार फिर से लोगों की दिलचस्पी बढ़ती दिख रही है। इसकी वजह आरबीआई का इंटरेस्ट रेट बढ़ाने का फैसला है। केंद्रीय बैंक ने 7 अक्टूबर को अपनी मॉनेटरी पॉलिसी में रेपो रेट 5.25 फीसदी से बढ़ाकर 5.5 फीसदी कर दिया। इसके बाद बैंक भी एफडी पर इंटरेस्ट रेट बढ़ाएंगे।

अगर अभी आपको 5 लाख रुपये का एफडी 5 साल के लिए करना हो तो उस बैंक में करना ठीक रहेगा, जिसका इंटरेस्ट रेट ज्यादा है। इसके लिए स्मॉल फाइनेंस बैंक, सरकारी बैंक और प्राइवेट बैंकों के एफडी के इंटरेस्ट रेट के बारे में जान लेना जरूरी है। इससे फैसला लेना आसान हो जाएगा।

स्मॉल फाइनेंस बैंक (SFB) के FD पर इंटरेस्ट रेट्स

fd table 5

सरकारी बैंकों के एफडी पर इंटरेस्ट रेट्स

fd table 6

प्राइवेट बैंकों के एफडी पर इंटरेस्ट रेट्स

एसबीएम बैंक इंडिया 7.65%
DCB बैंक7.50%
यस बैंक7.25%
कोटक महिंद्रा बैंक 6.65%
IDFC First Bank7.10%
IDBI Bank 6.55%
एक्सिस बैंक 6.50%
HDFC Bank 6.50%
ICICI Bank 6.50%

एक्सपर्ट का कहना है कि स्मॉल फाइनेंस बैंक एफडी पर सबसे ज्यादा इंटरेस्ट रेट ऑफर कर रहे हैं। आप सूर्योंदय स्मॉल फाइनेंस बैंक में 8.25 फीसदी सालाना इंटरेस्ट रेट पर 5 लाख रुपये का एफडी 5 साल के लिए कर सकते हैं। 5 साल बाद आपको कुल 7,52,132 रुपये मिलेंगे। इसमें इंटरेस्ट के 2,52,132 रुपये शामिल हैं।

यह भी पढ़ें: हेल्थ पॉलिसी के बावजूद हॉस्पिटल का 3 लाख बिल जेब से भरना है, FD तोड़े या किसी से उधार लें?

एफडी 5 लाख से ज्यादा तो अलग-अलग बैंक में करने में फायदा

एक्सपर्ट्स का कहना है कि जो लोग 5 लाख से ज्यादा रुपये का एफडी करना चाहते हैं, उन्हें एक बैंक में नहीं कर अलग-अलग बैंकों में करना चाहिए। इसकी वजह यह है कि बैंक में एफडी पर मैक्सिम इंश्योरेंस कवर 5 लाख रुपये है। इसका मतलब है कि किसी अनहोनी की स्थिति में बैंक डिपॉजिटर्स को मैक्सिमम 5 लाख रुपये तक वापस करता है। अगर किसी डिपॉजिटर के एफडी में 10 लाख हैं तो भी उसे 5 लाख का ही बीमा का पैसा मिलेगा।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।