‘वोट देगा अहीर, लैपटॉप लेगा जहीर’, सुभाष यदुवंश का अखिलेश यादव पर तंज, लैपटॉप वितरण को लेकर उठाए सवाल

'वोट देगा अहीर, लैपटॉप लेगा जहीर', सुभाष यदुवंश का अखिलेश यादव पर तंज, लैपटॉप वितरण को लेकर उठाए सवाल

भाजपा MLC सुभाष यदुवंश ने समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने अखिलेश यादव द्वारा लैपटॉप बांटे जाने की तस्वीरें सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा, ‘वोट देगा अहीर और लैपटॉप लेगा जहीर।’ दरअसल, हाल ही में अखिलेश यादव ने लखनऊ स्थित सपा कार्यालय में कुछ छात्र-छात्राओं को लैपटॉप बांटे थे, जिसमें अधिकतर मुस्लिम छात्र शामिल थे।

 

अब सोशल मीडिया पर इसको लेकर कई तस्वीरें वायरल हो रही हैं। इसी तस्वीर को लेकर सुभाष यदुवंश ने अखिलेश यादव पर परोक्ष रूप से मुस्लिम तुष्टीकरण का आरोप लगाया है। उन्होंने सपा प्रमुख के इस कदम को यादवों की उपेक्षा से जोड़ा है। सुभाष यदुवंश ने तंज कसा है कि सपा में केवल मुस्लिमों का बोलबाला है, यादवों को सपा केवल वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल करती है जबकि फायदा सिर्फ मुस्लिमों को पहुंचाया जाता है।

 

ये पहला मौका नहीं है जब सुभाष यदुवंश ने अखिलेश यादव पर हमला बोला है। इससे पहले भी सुभाष यदुवंश सपा के पीडीए पर निशाना साधते रहे हैं। सुभाष यदुवंश का आरोप है कि अखिलेश का पीडीए केवल ढकोसला है और सपा सिर्फ एक परिवार की हिमायती पार्टी है।

 

अखिलेश यादव की लैपटॉप वितरण योजना पर उठते रहे हैं सवाल

 

लैपटॉप वितरण को लेकर अखिलेश यादव पर पहले भी आरोप लगते रहे हैं। हाल ही में भाजपा प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने भी सपा की लैपटॉप वितरण योजना को लॉलीपॉप योजना बताया था। उन्होंने कहा था कि अखिलेश यादव ने सरकार में रहते हुए लैपटॉप वितरण के नाम पर अपनी तिजोरी भरी है। कई नेता आरोप लगाते रहते हैं कि सपा सरकार में छात्रों को खराब क्वालिटी का लैपटॉप दिया गया था। वितरण में भी गड़बड़ी की गई थी।

नारी गरिमा से खिलवाड़ स्वीकार नहीं : CM योगी

नारी गरिमा से खिलवाड़ स्वीकार नहीं : CM योगी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जो समाज जगत जननी मां भगवती का उपासक है, वहां नारी  गरिमा के विपरीत आचरण की कोई जगह नहीं हो सकती। सनातन परंपरा ने सदैव मातृशक्ति की सुरक्षा, सम्मान और गरिमा को सर्वोच्च स्थान दिया है। नवरात्रि में कन्याओं का पूजन इसी भाव का प्रतीक है। सरकार ने इस परंपरा को केवल धार्मिक अनुष्ठानों तक सीमित नहीं रखा, बल्कि नारी सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली का हिस्सा बनाया है। मिशन शक्ति अभियान इसी संकल्प से प्रेरित है। मुख्यमंत्री सोमवार को शारदीय नवरात्रि की महानवमी पर गोरखनाथ मंदिर में कन्या पूजन के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।

मातृशक्ति के सम्मान की परंपरा को आगे बढ़ा रही सरकार

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि जगत जननी मां भगवती का नवम स्वरूप सभी सिद्धियां प्रदान करने वाला है। महानवमी पर कन्या पूजन के माध्यम से सनातन धर्मावलंबी मातृशक्ति के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हैं। बासंतिक और शारदीय नवरात्रि की परंपरा नारी के प्रति सर्वोच्च सम्मान का संदेश देती है। गोरखनाथ मंदिर की इस पावन परंपरा से जुड़कर कन्याओं का पूजन और उन्हें भोजन कराने का अवसर मिलना उनका सौभाग्य है।

 

उन्होंने कहा कि नारी सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। प्रदेश के प्रत्येक थाने में महिला हेल्प डेस्क स्थापित की गई है। महिलाओं की समस्याओं के समाधान के लिए अलग कक्ष की व्यवस्था है, जहां महिला बीट पुलिस अधिकारी अथवा उपनिरीक्षक स्तर की महिला अधिकारी उनकी समस्याएं सुनती हैं। महिलाओं की सहायता के लिए 1090 हेल्पलाइन भी संचालित है।

महिला पुलिसकर्मियों की संख्या 10 हजार से बढ़कर 45 हजार

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि वर्ष 2017 तक उत्तर प्रदेश पुलिस में लगभग 10 हजार महिला कार्मिक थीं। आज यह संख्या बढ़कर करीब 45 हजार हो गई है। पुलिस भर्ती में महिलाओं के लिए 20 प्रतिशत सीटें आरक्षित की गई हैं। महिला पुलिसकर्मी प्रदेश में बेहतर सुरक्षा का माहौल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।

 

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी की प्रेरणा से बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, मातृ वंदना योजना और नारी शक्ति वंदन अधिनियम, नारी गरिमा तथा स्वावलंबन को नई दिशा दे रहे हैं। मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के तहत बेटी के जन्म से स्नातक तक की शिक्षा के लिए विभिन्न चरणों में 25 हजार रुपये उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

पांच लाख से अधिक कन्याओं का सामूहिक विवाह

सीएम योगी ने कहा कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत एक लाख रुपये की सहायता दी जा रही है। अब तक पांच लाख से अधिक कन्याओं के विवाह इस योजना के माध्यम से संपन्न हो चुके हैं। प्रदेश में 54 हजार बीसी सखी ग्राम पंचायतों में बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध करा रही हैं। ड्रोन दीदी और लखपति दीदी जैसे कार्यक्रमों से भी महिलाओं को आगे बढ़ने के अवसर मिल रहे हैं। सरकार बेटियों की शिक्षा, प्रशिक्षण और आत्मनिर्भरता के लिए लगातार काम कर रही है।

विंध्यवासिनी धाम में एक दिन में 25 लाख से अधिक श्रद्धालु

मुख्यमंत्री ने बताया कि शारदीय नवरात्रि में प्रदेश के लगभग 45 हजार स्थानों पर दुर्गा पूजा पंडाल स्थापित किए गए हैं। देवी मंदिरों और शक्तिपीठों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। मां विंध्यवासिनी धाम में कॉरिडोर निर्माण के बाद श्रद्धालुओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। रविवार को 25 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन-पूजन किया। सोमवार को भी 20 से 25 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है।

 

उन्होंने बताया कि शक्तिपीठ देवीपाटन, सहारनपुर स्थित मां शाकंभरी पीठ और सीतापुर के ललिता देवी शक्तिपीठ में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। शासन-प्रशासन ने दर्शनार्थियों की सुविधा, सुरक्षा और सुगम आवागमन के लिए व्यापक प्रबंध किए हैं।

विजयादशमी पर सामाजिक बुराइयों के दहन का लें संकल्प

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि मंगलवार को विजयादशमी का पर्व मनाया जाएगा। यह अधर्म, असत्य और अन्याय पर धर्म, सत्य और न्याय की विजय का उत्सव है। प्रभु श्रीराम की विजय का यह पर्व समाज को बुराइयों से मुक्त होने का संदेश देता है। रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों के दहन के साथ नशे, भ्रष्टाचार, अराजकता, असुरक्षा और आतंकवाद जैसी बुराइयों के खात्मे का भी संकल्प लेना चाहिए।

 

उन्होंने समाज की एकता को भंग कर राष्ट्र को कमजोर करने का प्रयास करने वाले अराजक तत्वों को बेनकाब करने का आह्वान किया। कहा कि विजयादशमी पर रामलीला और पुतला दहन के आयोजनों के लिए व्यापक तैयारियां की गई हैं। यातायात प्रबंधन और सुरक्षा के साथ सभी निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। पर्व उत्साह और उमंग से मनाएं, लेकिन अनुशासन और सुरक्षा की अनदेखी न करें।

 

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को महानवमी की बधाई देते हुए मां भगवती से सभी के सुख और समृद्धि की कामना की। विजयादशमी की अग्रिम शुभकामनाएं देते हुए कहा कि पर्व केवल उत्सव मनाने का अवसर नहीं, बल्कि समाज को नशे, भ्रष्टाचार, अराजकता और विभाजनकारी प्रवृत्तियों से मुक्त करने का संकल्प लेने का भी अवसर है।

लखनऊ में बनेगी AI सिटी, योगी सरकार ने तेज की तैयारी, वृन्दावन IT सिटी में विकसित होगा टेक्नोलॉजी हब

लखनऊ में बनेगी AI सिटी, योगी सरकार ने तेज की तैयारी, वृन्दावन IT सिटी में विकसित होगा टेक्नोलॉजी हब

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश को आधुनिक तकनीक और नवाचार का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में लखनऊ एआई सिटी परियोजना पर काम आगे बढ़ रहा है। इस परियोजना की परिकल्पना प्रदेश में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) इकोसिस्टम को विकसित करने, तकनीक आधारित कंपनियों को प्रोत्साहित करने और निवेश के नए अवसर सृजित करने के उद्देश्य से की गई है। प्रस्तावित एआई सिटी के माध्यम से लखनऊ को एक उभरते प्रौद्योगिकी केंद्र के रूप में विकसित करने की तैयारी है।

 

वृन्दावन आईटी सिटी को उपयुक्त स्थल के रूप में चिह्नित किया गया

 

एआई सिटी की स्थापना के लिए तैयार की गई प्री-फिजिबिलिटी रिपोर्ट में भूमि चयन, परियोजना की अवधारणा, विकास की संरचना और देश-दुनिया की समान परियोजनाओं के आधार पर बेंचमार्किंग जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं का आकलन किया गया है। इस रिपोर्ट के आधार पर वृन्दावन आईटी सिटी को प्रस्तावित एआई सिटी-कम-बिजनेस पार्क के लिए सर्वाधिक उपयुक्त स्थल के रूप में चिह्नित किया गया है।

 

एआई कंपनियों को आकर्षित करने के लिए मिले 25 से अधिक प्रस्ताव

 

परियोजना में रणनीतिक सहयोग विकसित करने और एआई आधारित कंपनियों की स्थापना को प्रोत्साहित करने के लिए राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय हितधारकों से प्रस्ताव आमंत्रित किए गए थे। 26 जुलाई 2025 को जारी एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (ईओआई) के सापेक्ष 25 से अधिक प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। यह पहल परियोजना में संभावित साझेदारों की रुचि और एआई आधारित कारोबारी गतिविधियों के लिए अवसर विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

 

परियोजना की योजना और विकास के लिए विशेषज्ञ संस्थाओं की नियुक्ति

 

एआई सिटी-कम-बिजनेस पार्क की योजना तैयार करने, विकास की रूपरेखा बनाने और निवेश आकर्षित करने के लिए परियोजना प्रबंधन इकाई (पीएमयू) स्थापित करने की प्रक्रिया के तहत ट्रांजेक्शन एडवाइजर और कंसल्टेंसी संस्था की नियुक्ति की गई है। एआई सिटी की स्थापना से जुड़ी परामर्शी सेवाओं के लिए निविदा प्रक्रिया के माध्यम से कंसल्टेंट का चयन भी किया गया है। निर्धारित निर्देशों के अनुसार, कंसल्टेंट को नियुक्ति की तारीख से एक वर्ष के भीतर भूमि के संबंध में अंतिम निर्णय लेने और मास्टर डेवलपर को परियोजना से जोड़ने की प्रक्रिया आगे बढ़ानी है।

 

तकनीक, निवेश और रोजगार के नए अवसरों पर जोर

 

योगी सरकार की इस पहल का उद्देश्य प्रदेश में एआई आधारित उद्योगों के विकास के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करना है। परियोजना के आकार लेने से लखनऊ में तकनीकी कंपनियों, नवाचार आधारित उद्यमों और निवेशकों के लिए नए अवसर विकसित हो सकते हैं। साथ ही, एआई एवं डिजिटल तकनीक से जुड़े कौशल, अनुसंधान और रोजगार की संभावनाओं को भी प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है। लखनऊ एआई सिटी परियोजना प्रदेश को उभरती तकनीकों के क्षेत्र में आगे बढ़ाने और उत्तर प्रदेश में भविष्य की अर्थव्यवस्था के लिए मजबूत आधार तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

OYO IPO: ओयो की पैरेंट कंपनी Prism नवंबर में ला सकती है IPO, ₹6650 करोड़ जुटाने की तैयारी

OYO IPO: ओयो की पैरेंट कंपनी Prism नवंबर में IPO लॉन्च कर सकती है। कंपनी फिलहाल निवेशकों से बातचीत कर रही है, ताकि शेयर बिक्री को लेकर उनकी दिलचस्पी का अंदाजा लगाया जा सके। यह जानकारी मनीकंट्रोल को सूत्रों ने दी है। सूत्रों के मुताबिक, IPO की तारीख अभी तय नहीं हुई है। यह फैसला निवेशकों की मांग, बाजार की स्थिति और जरूरी मंजूरियों पर निर्भर करेगा।

IPO से जुटाए पैसे का क्या करेगी कंपनी?

29 जून 2026 को जारी अपडेटेड ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) के मुताबिक, Prism फ्रेश शेयर जारी करके ₹6,650 करोड़ तक जुटाना चाहती है। इसमें मौजूदा शेयरधारक अपनी हिस्सेदारी नहीं बेचेंगे।

कंपनी ₹4,987.5 करोड़ अपनी सब्सिडियरी Oravel Stays Singapore में निवेश करेगी। इस रकम से कुछ कर्ज चुकाया जाएगा या उसका समय से पहले भुगतान किया जाएगा। बाकी पैसे का इस्तेमाल सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों के लिए होगा।

दिसंबर 2025 तक के नौ महीनों में कंपनी का फाइनेंस कॉस्ट ₹1,089.3 करोड़ रहा। यह मार्च 2025 में समाप्त पूरे वित्त वर्ष के ₹959.2 करोड़ से ज्यादा है।

35 से ज्यादा देशों में कारोबार

2012 में शुरू हुआ OYO अब सिर्फ बजट होटल तक सीमित नहीं है। इसका कारोबार होटल, छुट्टियों में किराये पर मिलने वाले घरों और प्रॉपर्टी लिस्टिंग तक फैला है। इसके ब्रांड्स में Townhouse, Sunday, Motel 6, Studio 6 और Belvilla शामिल हैं।

31 दिसंबर 2025 तक कंपनी के प्लेटफॉर्म पर 35 से ज्यादा देशों में 2.93 लाख से अधिक लिस्टिंग थीं। इनमें होटल, होम और सब्सक्रिप्शन आधारित प्रॉपर्टी लिस्टिंग शामिल हैं। विदेशों में विस्तार के लिए कंपनी ने G6, CheckMyGuest और MadeComfy जैसी कंपनियों का अधिग्रहण भी किया है।

मुनाफा बढ़ा, लेकिन टैक्स क्रेडिट का भी असर

वित्त वर्ष 2025 में OYO का रेवेन्यू 16% बढ़कर ₹6,252.8 करोड़ हो गया। वित्त वर्ष 2024 में यह ₹5,388.8 करोड़ था। नेट प्रॉफिट भी ₹229.6 करोड़ से बढ़कर ₹244.8 करोड़ पहुंच गया।

हालांकि, इस मुनाफे में ₹767.6 करोड़ के डिफर्ड टैक्स क्रेडिट की बड़ी भूमिका थी। कंपनी को वित्त वर्ष 2025 में ₹489.3 करोड़ का प्री-टैक्स नुकसान हुआ था।

दिसंबर 2025 तक के नौ महीनों में Prism ने ₹6,941 करोड़ का रेवेन्यू और ₹748.3 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया। इस दौरान ₹559.3 करोड़ का डिफर्ड टैक्स क्रेडिट भी मिला।

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Cancer Medicines : कैंसर की 137 दवाओं के ट्रेड मार्जिन पर NPPA का फैसला, मरीजों को राहत मिलने की उम्मीद

Cancer Medicines : कैंसर की 137 दवाओं के ट्रेड मार्जिन पर NPPA का फैसला, मरीजों को राहत मिलने की उम्मीद

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केंद्र सरकार ने कैंसर के मरीजों को दवाओं की कीमतों में राहत देने की दिशा में कदम उठाया है। राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (NPPA) ने 137 चिन्हित गैर-अनुसूचित कैंसर रोधी दवाओं के ट्रेड मार्जिन को तर्कसंगत बनाने की प्रक्रिया अपनाई है। इस कदम का उद्देश्य दवाओं की कीमतों पर नियंत्रण रखने और मरीजों के लिए इलाज को अधिक किफायती बनाने में मदद करना है।

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137 कैंसर रोधी दवाओं के ट्रेड मार्जिन का पुनर्निर्धारण

राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (National Pharmaceutical Pricing Authority) दवाओं की कीमतों से जुड़े मामलों की निगरानी करता है। प्राधिकरण ने 137 चिन्हित गैर-अनुसूचित कैंसर रोधी दवाओं के ट्रेड मार्जिन को तर्कसंगत बनाने का कदम उठाया है।

 

ट्रेड मार्जिन वह अंतर होता है, जो दवा की खरीद लागत और वितरण श्रृंखला में उसके आगे बिक्री मूल्य के बीच रहता है। इसमें थोक विक्रेताओं और खुदरा विक्रेताओं जैसे कारोबारियों का मार्जिन शामिल हो सकता है। ट्रेड मार्जिन को तर्कसंगत बनाने का उद्देश्य दवाओं की कीमतों में अनावश्यक बढ़ोतरी को सीमित करने और मरीजों पर इलाज का आर्थिक बोझ कम करने में मदद करना है।

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कैंसर के मरीजों को कैसे मिल सकता है फायदा?

कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवाओं पर मरीजों को लंबे समय तक खर्च करना पड़ सकता है। ऐसे में दवाओं के वितरण और बिक्री से जुड़े मार्जिन को नियंत्रित करने के उपाय मरीजों के लिए राहत देने में मदद कर सकते हैं।

 

हालांकि, उपलब्ध जानकारी में ट्रेड मार्जिन की निर्धारित अधिकतम सीमा, संबंधित दवाओं की पूरी सूची और प्रत्येक दवा की कीमत में होने वाले बदलाव का विवरण नहीं दिया गया है। इसलिए सभी 137 दवाओं की कीमतों में एक समान कटौती होने का दावा करना उचित नहीं होगा।

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क्या है NPPA?

राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (NPPA) भारत में दवाओं की कीमतों से जुड़े नियामकीय मामलों पर काम करता है। इसका उद्देश्य दवाओं की उपलब्धता और उचित कीमतों से संबंधित व्यवस्था को बनाए रखने में मदद करना है। 

1997 में कॉर्बेट आई थी सोनाकली, 21 साल तक रानी बनकर रही और अब कहा अलविदा! 80 साल की हथिनी को अंतिम विदाई में मिला गार्ड ऑफ ऑनर

रामनगर के कॉर्बेट टाइगर रिजर्व की करीब 80 साल की हथिनी सोनाकली का निधन हो गया। सोनाकली ने शनिवार रात इलाज के दौरान अंतिम सांस ली। सोनाकली का उम्र से जुड़ी बीमारियों से ग्रस्त थी। वहीं इलाज कै दौरान उसकी मौत हुई। अधिकारियों ने सोमवार को इसकी जानकारी दी। सोनाकली कई सालों तक वन्यजीव संरक्षण और रेस्क्यू अभियानों का हिस्सा रही थी। उनके निधन के बाद रविवार को वन विभाग के कर्मचारियों ने पूरे राजकीय सम्मान के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी। इस दौरान उन्हें सेरेमोनियल सैल्यूट भी दिया गया।

कई अभियानों में निभाई मुख्य भुमिका

कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के डायरेक्टर साकेत बडोला ने सोनाकली की मौत को रिजर्व के लिए बड़ी क्षति बताया। उन्होंने कहा कि सोनाकली ने कई बाघों को बचाने के अभियानों में अहम भूमिका निभाई थी। सोनाकली की उम्र बढ़ने और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की वजह से साल 2018 में रिटायर कर दिया गया था।

कब लाया गया था टाइगर रिजर्व

सोनाकली को साल 1997 में कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में लाया गया था। उन्होंने 1997 से 2002 तक ढिकाला जोन में काम किया। इसके बाद 2002 से 2016 तक हल्दूपाराव और कालागढ़ क्षेत्रों में तैनात रहीं। साल 2016 में उन्हें फिर ढिकाला रेंज में जिम्मेदारी दी गई, जहां उन्होंने रिटायरमेंट तक काम किया। वन्यजीवों की सुरक्षा और बाघों को बचाने के कई अभियानों में अहम योगदान देने वाली सोनाकली 23 जनवरी 2018 को रिटायर हो गई थीं।

21 साल तक किया काम

सोनाकली ने लगभग 21 साल तक ढिकाला, हल्दूपड़ाव-कालागढ़ और ढिकाला रेंज मे अलग-अलग इलाकों में वन विभाग के साथ काम किया। इस दौरान उसने कई चुनौतीपूर्ण अभियानों में वनकर्मियों की मदद की और वन्यजीवों को बचाने में अहम योगदान दिया। सोनाकली ने अपने कार्यकाल के दौरान कई मुश्किल अभियानों में वन विभाग की मदद की थी। साल 2011 में उसने एक आदमखोर बाघ को पकड़ने के अभियान में अहम भूमिका निभाई।

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Uttarakhand : कुंजापुरी मेले में दलेर मेहंदी का कार्यक्रम बीच में रुकवाया, मंत्री सुबोध उनियाल ने लगाई फटकार

Uttarakhand : कुंजापुरी मेले में दलेर मेहंदी का कार्यक्रम बीच में रुकवाया, मंत्री सुबोध उनियाल ने लगाई फटकार

delar mehndi

उत्तराखंड के टिहरी जिले में आयोजित प्रसिद्ध कुंजापुरी मेले में पंजाबी गायक दलेर मेहंदी के कार्यक्रम को लेकर विवाद खड़ा हो गया। नरेंद्रनगर में आयोजित मेले में दलेर मेहंदी मंच पर प्रस्तुति दे रहे थे तभी कैबिनेट मंत्री और नरेंद्रनगर के विधायक सुबोध उनियाल मंच पर पहुंच गए। इसके बाद मंत्री ने गायक के कार्यक्रम पर आपत्ति जताई और उनकी प्रस्तुति बीच में ही रुकवा दी।

नवरात्रि के धार्मिक आयोजन का दिया हवाला

 

उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, मंत्री सुबोध उनियाल ने मंच से दलेर मेहंदी को फटकार लगाते हुए कहा कि यहां मां दुर्गा की पूजा और नवरात्रि का धार्मिक आयोजन हो रहा है। ऐसे पवित्र अवसर पर नशे की हालत में प्रस्तुति देना उचित नहीं है। मंत्री ने गायक पर शराब पीकर गाने का आरोप लगाते हुए इसे गलत बताया। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने डलेर मेहंदी को वहां से जाने के लिए कहा था, लेकिन वह नहीं जा रहे थे। इसी दौरान मंत्री ने उनके गाने को लेकर भी नाराजगी जताई।

 

कुंजापुरी मेले में घटनाक्रम की चर्चा

 

नरेंद्रनगर का कुंजापुरी मेला क्षेत्र का प्रसिद्ध आयोजन है। इस कार्यक्रम में दलेर मेहंदी की प्रस्तुति के दौरान मंत्री के मंच पर पहुंचने और कार्यक्रम रुकवाने का घटनाक्रम चर्चा में आ गया है। हालांकि उपलब्ध विवरण में दलेर मेहंदी की ओर से इस मामले पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। साथ ही, उनके नशे में होने के आरोप की स्वतंत्र पुष्टि भी उपलब्ध जानकारी से नहीं होती है। इसलिए इस आरोप को पुष्ट तथ्य के बजाय मंत्री की ओर से लगाए गए आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

इंदौर के सराफा बाजार में 100 करोड़ के सोने की तस्‍करी को लेकर बड़ा खुलासा, DRI ने बढ़ाया जांच का दायरा

इंदौर के सराफा बाजार में 100 करोड़ के सोने की तस्‍करी को लेकर बड़ा खुलासा, DRI ने बढ़ाया जांच का दायरा

गोल्ड ट्रेडिंग कॉन्सेप्ट, गर्म प्रीमियम टोन में

इंदौर के सराफा बाजार में सोने की तस्करी से जुड़े मामले में DRI (डायरेक्टर ऑफ रेवेन्यु इंटेलीजेंस) की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। एजेंसी के मुताबिक एक ज्वेलर्स ने पिछले दो से तीन साल में करीब 90 किलो सोना खरीदा, जिसकी कीमत 100 करोड़ रुपए से अधिक आंकी गई है। मामले में जांच एजेंसी जांच कर रही है, हालांकि आरोपियों ने उन पर लगे आरोपों से इनकार किया है।

आशंका है कि यह सोना विदेश से तस्करी कर भारत लाया गया था और बाद में ज्वेलरी कारोबार के जरिए बाजार में बेचा गया। मामले में आरोपी कारोबारी दीपक खंडेलवाल और उनके बेटे नकुल खंडेलवाल की जमानत याचिका इंदौर जिला कोर्ट ने खारिज कर दी है। हालांकि, पिता-पुत्र ने तस्करी के सोने की खरीद से इनकार किया है।

कार की सीट के नीचे मिले थे सोने के बिस्किट : बता दें कि DRI को सूचना मिली थी कि कुछ लोग महाराष्ट्र से सोना लेकर इंदौर आ रहे हैं। इस पर एजेंसी की टीम ने 14 अगस्त 2026 को एक कार की जांच की। कार में सवार रोमेल और यश लालवानी को पकड़ा गया। तलाशी के दौरान फ्रंट सीट के नीचे रखे एक बॉक्स में सोने के तीन बिस्किट मिले। इनकी कीमत 4.72 करोड़ रुपए बताई गई। पूछताछ में सामने आया कि सोना इंदौर के कारोबारी दीपक खंडेलवाल को बेचा जाना था। जांच में यह भी पता चला कि तीन किलो सोने में से दो किलो सोना दीपक का बताया गया था। इसके बाद DRI ने जांच का दायरा बढ़ा दिया।

100 करोड़ से ज्‍यादा है कीमत : DRI की जांच में सराफा बाजार स्थित जीडी ज्वेलर्स का संबंध दीपक खंडेलवाल और उनके बेटे नकुल खंडेलवाल से सामने आया। दोनों को 19 अगस्त को राजस्थान के कोटा से गिरफ्तार किया गया था। जांच में निखिल लालवानी के जरिए पिछले दो से तीन साल में करीब 90 किलो सोना खरीदने की बात सामने आई। इसकी कीमत 100 करोड़ रुपए से अधिक आंकी गई है। एजेंसी को आशंका है कि यह सोना विदेश से तस्करी कर भारत लाया गया था। इसके बाद इसे खरीदकर ज्वेलरी कारोबार के माध्यम से बाजार में बेचा गया। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि सोने की खरीद-बिक्री में कस्टम ड्यूटी की चोरी हुई या नहीं।

बड़े ग्राहक भी जांच के दायरे में : करीब 90 किलो सोने की खरीद का खुलासा होने के बाद एजेंसी की जांच आगे के खरीददारों तक भी पहुंच सकती है। जांच में उन बड़े ग्राहकों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है, जिन्होंने कथित तौर पर नकद भुगतान कर सोना खरीदा। कुछ अन्य दुकानदारों के शामिल होने की आशंका भी जताई गई है। हालांकि, इनकी भूमिका की पुष्टि जांच के बाद ही होगी।

आरोपों पर क्‍या कहा पिता-पुत्र ने : अदालत में दीपक और नकुल खंडेलवाल की ओर से तस्करी के सोने से किसी तरह का संबंध होने से इनकार किया गया। उनके पक्ष ने कहा कि उन्होंने ऐसा कोई सोना नहीं खरीदा और वे करीब 20 साल से सराफा कारोबार कर रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि वे परिवार के साथ राजस्थान में कुलदेवी के दर्शन करने गए थे, इसी दौरान DRI ने उन्हें कोटा में गिरफ्तार किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में शक्ति और सामर्थ्य से सार्थक हो रहा है भारत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में शक्ति और सामर्थ्य से सार्थक हो रहा है भारत

        

विजयादशमी सत्य की शक्ति और शक्ति की सार्थकता का महापर्व है। यह भारतीय चेतना का वह प्रकाश है, जो हमें विश्वास दिलाता है कि अन्याय कितना भी प्रबल हो, प्रतिकार का संकल्प उससे बड़ा होता है। असत्य का वैभव क्षणिक है, सत्य का सामर्थ्य शाश्वत। भगवान श्रीराम की विजय इसी विश्वास की प्रतिष्ठा है। यह पर्व हमें सिखाता है कि सत्य के प्रति आस्था के साथ उसकी रक्षा का साहस भी आवश्यक है। न्याय की कामना तभी फलित होती है, जब समाज उसके लिए खड़ा होने का संकल्प लेता है।

 

भगवान श्रीराम के देश में शक्ति की आराधना का उद्देश्य सदैव लोकमंगल रहा है। श्रीराम का धनुष पीड़ितों के लिए आश्वासन और अत्याचारियों के लिए चेतावनी है। उनका पराक्रम मर्यादा से प्रेरित है और उनका प्रत्येक संकल्प जनकल्याण के लिए समर्पित है। उन्होंने वनवास के कठिन मार्ग पर समाज के विभिन्न वर्गों को साथ लेकर यह सिद्ध किया कि विश्वास, संगठन और सामूहिक पुरुषार्थ से बड़ी से बड़ी चुनौती पर विजय प्राप्त की जा सकती है। यही हमारी सांस्कृतिक चेतना का आधार और राष्ट्रनिर्माण का मार्ग है।

 

विजयादशमी पर शस्त्र-पूजन इसी चेतना की अभिव्यक्ति है। शस्त्रों का पूजन करते हुए हम शक्ति के विवेकपूर्ण उपयोग और उसके साथ जुड़े उत्तरदायित्व को स्वीकार करते हैं। हम संकल्प लेते हैं कि हमारा बल निर्बल की रक्षा करे, हमारा साहस अन्याय के विरुद्ध खड़ा हो और हमारा पराक्रम मानवता के कल्याण में समर्पित रहे। शस्त्र धारण करने वाले हाथों में संयम और निर्णय लेने वाले मन में संवेदना हो यही इस परंपरा का संदेश है। मर्यादा से अनुशासित शक्ति ही समाज का विश्वास बनती है।

 

आज यही भाव भारत के राष्ट्रीय आत्मविश्वास में दिखाई देता है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राष्ट्र की सुरक्षा के प्रति दृढ़ संकल्प और भारतीय सशस्त्र बलों का अदम्य पराक्रम देशवासियों को गर्व से भरता है। भारत शांति, सहयोग और सह-अस्तित्व में विश्वास रखता है। अपनी संप्रभुता, स्वाभिमान और नागरिकों की सुरक्षा के लिए आवश्यक निर्णय लेने का उसका संकल्प भी उतना ही अटल है। हमारी शांतिप्रियता को हमारे सामर्थ्य का संबल प्राप्त है। सजग और समर्थ भारत विश्वशांति के प्रति अपने दायित्व को भी दृढ़ता से निभा सकता है।

 

ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय सशस्त्र बलों ने आतंकवादी ढांचों के विरुद्ध सटीक कार्रवाई कर साहस, कौशल और सैन्य दक्षता का परिचय दिया। हमारे वीर जवानों ने अपने पराक्रम से राष्ट्र के सुरक्षा संकल्प को साकार किया। यह शौर्य प्रत्येक भारतीय के लिए गौरव और विश्वास का विषय है। विजयादशमी पर हम अपने सैनिकों को नमन करते हुए उस कर्तव्यनिष्ठा से प्रेरणा लें, जिसके लिए राष्ट्र की रक्षा सर्वोपरि है। देश का सम्मान सुरक्षित रखने वाले इन प्रहरियों के प्रति हमारी कृतज्ञता हमारे आचरण में भी दिखाई देनी चाहिए।

 

सीमा पर तैनात सैनिक का जीवन त्याग और तपस्या की जीवंत गाथा है। जब हम अपने परिवार के साथ पर्व मनाते हैं, तब वह अपने परिवार से दूर हमारी सुरक्षा में तैनात रहता है। हमारे घरों का उत्सव उसकी चौकसी के विश्वास पर टिका है। उसके साथ उसके परिवार का धैर्य और समर्पण भी वंदनीय है। सैनिकों, वीर नारियों और सैन्य परिवारों का सम्मान हमारी राष्ट्रीय चेतना का अभिन्न अंग होना चाहिए। उनके त्याग का स्मरण हमें अपने नागरिक दायित्वों के प्रति अधिक सजग बनाता है।

 

मध्यप्रदेश में सुशासन के हमारे प्रयासों का केंद्र भी नागरिकों का सम्मान, सुरक्षा और कल्याण है माताओं-बहनों को निर्भय वातावरण मिले, युवाओं को प्रतिभा निखारने के अवसर मिलें, किसानों का परिश्रम समृद्धि में बदले और जरूरतमंद तक शासन का सहयोग पहुंचे—यही हमारा संकल्प है। शासन के सामर्थ्य की वास्तविक कसौटी अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के जीवन में आने वाला सकारात्मक परिवर्तन है। जब नागरिक को समय पर न्याय, सहज सेवा और आगे बढ़ने का अवसर मिलता है, तब रामराज्य की भावना लोकजीवन में आकार लेती है।

 

विजयादशमी हमें अपने भीतर झांकने का अवसर भी देती है। रावण दहन के साथ अहंकार, लोभ, भेदभाव और कर्त्तव्य के प्रति उदासीनता से मुक्ति का संकल्प आवश्यक है। ईमानदारी को व्यवहार में, सद्भाव को संबंधों में और अनुशासन को दिनचर्या में स्थान देना होगा। समाज की एकता हमारी सबसे बड़ी शक्ति है। प्रत्येक नागरिक का सम्मान और राष्ट्रहित के प्रति साझा समर्पण भारत को अजेय आत्मबल प्रदान करता है।

 

आइए, इस विजयादशमी पर शस्त्र-पूजन के साथ अपने संकल्पों को भी नई धार दें। भगवान श्रीराम की मर्यादा, मां दुर्गा की शक्ति और वीर सैनिकों का साहस हमारा पथ प्रकाशित करे। हम सत्य के पक्ष में खड़े हों, न्याय के लिए कार्य करें और अपने कर्तव्य से राष्ट्र को सशक्त बनाएं। शक्ति से सुरक्षा, सामर्थ्य से समृद्धि और सत्य से विजय—इसी संकल्प के साथ भारत का गौरवशाली भविष्य गढ़ें।

सभी प्रदेशवासियों को विजयादशमी की हार्दिक मंगलकामनाएं।

 

 (लेखक-मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री हैं।)

लखनऊ कैफे ऑनर मर्डर केस : पुलिस महकमे में भूचाल! DCP, ACP और SO पर गिरी गाज, फरार मॉडल श्रद्धा पर 25 हजार का इनाम

लखनऊ कैफे ऑनर मर्डर केस : पुलिस महकमे में भूचाल! DCP, ACP और SO पर गिरी गाज, फरार मॉडल श्रद्धा पर 25 हजार का इनाम

Lucknow Cafe Owner Shiva Sharma Case

Lucknow Cafe Owner Shiva Sharma Case: नवाबों के शहर लखनऊ में 28 वर्षीय कैफे मालिक शिवा शर्मा की संदिग्ध मौत का मामला अब सिर्फ एक क्राइम स्टोरी नहीं, बल्कि खाकी के लिए साख का सवाल बन चुका है। घटना के 10वें दिन भी आरोपी फैशन मॉडल श्रद्धा दुबे पुलिस की पकड़ से बाहर है, वहीं दूसरी तरफ इस हाई-प्रोफाइल केस में लापरवाही और गाज गिरने का बड़ा दौर शुरू हो गया है। सोमवार को प्रशासनिक फेरबदल करते हुए लखनऊ के डीसीपी, एसीपी और हजरतगंज थाना प्रभारी को उनके पदों से हटा दिया गया है। 25 हजार की इनामी मॉडल का एक सनसनीखेज इंटरव्यू वीडियो भी सामने आया है, जिसने पूरी जांच की दिशा ही मोड़ दी है।

क्या है पूरा मामला?

5वीं मंजिल से रहस्यमयी मौत या हत्या? : बीती 9 अक्टूबर को हजरतगंज के बालू अड्डा इलाके के ‘अवध ग्रीन अपार्टमेंट’ से गिरकर कैफे मालिक शिवा शर्मा की मौत हो गई थी। शुरुआती तौर पर इसे हादसा या खुदकुशी माना जा रहा था, लेकिन मृतक की मां रंजना शर्मा के बयानों और साक्ष्यों ने पुलिस की थ्योरी बदल दी। मां का आरोप है कि शिवा की लिव-इन पार्टनर व फैशन मॉडल श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि और साथियों ने शिवा को बेरहमी से पीटा, प्रताड़ित किया और बालकनी से नीचे फेंक दिया।

पुलिस अफसरों का तबादला

मामले में लापरवाही और जांच में देरी की सुगबुगाहट के बीच शासन ने सख्त कदम उठाया है। डीसीपी (मध्य) विक्रांत वीर को यूपी पुलिस मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया। एसीपी रजनीश वर्मा को क्राइम ब्रांच में भेज दिया गया। हजरतगंज थाना प्रभारी (SO) विक्रम सिंह को लाइन हाजिर कर दिया गया है।

फरार मॉडल का ‘इंटरव्यू बम’ और आत्महत्या का दावा

जब पुलिस मॉडल श्रद्धा दुबे, उसकी बहन और सहयोगी दानिश की तलाश में नेपाल बॉर्डर तक खाक छान रही है, तभी श्रद्धा का एक रिकॉर्डेड इंटरव्यू सामने आया। वीडियो में उसने खुद को बेकसूर बताते हुए दावा किया कि शिवा पर 15-20 लाख रुपए का कर्ज था और उसने आर्थिक तंगी में आत्महत्या की है।

 

उसने कहा- घटना वाले दिन शिवा ने खुद को बाथरूम में बंद किया और अचानक बालकनी से छलांग लगा दी। श्रद्धा ने कहा कि मैं भगोड़ी नहीं हूं, पुलिस के सामने सच रखूंगी। साथ ही सोशल मीडिया पर एक ऑडियो भी वायरल हुआ, जिसमें शिवा कथित तौर पर श्रद्धा के 6 लाख के गहने बेच देने की बात मान रहा है।

नेपाल भागने की आशंका और पुलिस का शिकंजा

श्रद्धा का महिंद्रा स्कॉर्पियो-एन वाहन बहराइच के रूपईडीहा में लावारिस हालत में मिला है, जो नेपाल सीमा से महज 1 किलोमीटर दूर है। पुलिस को अंदेशा है कि आरोपी नेपाल सीमा पार कर चुके हैं। तीनों मुख्य आरोपियों पर 25-25 हजार रुपए का इनाम घोषित कर दिया गया है। फिलहाल, शिवा के परिजनों की मांग है कि जब आरोपी बेकसूर है, तो वह पुलिस के सामने आने के बजाय क्यों भाग रही है?