Silver Gold Price Today : एशियाई बाजारों में शुरुआती कारोबार में सोने-चांदी के भाव में नरमी, जानिए आगे कैसी रह सकती है इनकी चाल

Silver Gold Price Today : मंगलवार को एशियाई बाजारों के शुरुआती कारोबार में सोने की कीमतों में गिरावट आई है। निवेशक अमेरिकी फेडरल रिजर्व की आगामी नीति और रिटेल महंगाई के आंकड़ों पर नजर रखे हुए हैं। इससे ब्याज दरों की आगे की दिशा के बारे में संकेत मिल सकते हैं। फिलहाल हाजिर सोना (स्पॉट गोल्ड) 0.3% गिरकर 4,126.84 डॉलर प्रति औंस पर दिख रहा है। वहीं, दिसंबर की डिलीवरी वाला अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स 0.3% गिरकर 4,146.00 डॉलर पर दिख रहा है।

निवेशकों का फोकस अब यूएस फेड की 27-28 अक्टूबर की नीति बैठक और अगले हफ्ते आने वाले अमेरिकी ‘पर्सनल कंजम्पशन एक्सपेंडिचर्स’ (PCE) डेटा पर है। यूएस फेड 2% महंगाई दर का लक्ष्य लेकर चल रहा है, इसलिए वह इस डेटा पर बहुत बारीकी से नजर रखे हुए है।

यूएस फेड ने सितंबर में अपनी बेंचमार्क ब्याज दरों को 25 बेसिस पॉइंट बढ़ाकर 3.75%-4.00% की रेंज में कर दिया था। CME के ​​’फेडवॉच टूल’ के मुताबिक ट्रेडर्स का मानना ​​है कि इस बात की 83% संभावना है कि केंद्रीय बैंक अगले हफ्ते दरों में कोई खास बदलाव नहीं करेगा,जबकि दिसंबर में दरों के बढ़ने की उम्मीद 94% बनी हुई है।

इस बीच बैंक ऑफ जापान के गवर्नर काज़ुओ उएदा ने कहा है कि रिटेल महंगाई दर केंद्रीय बैंक के 2% के लक्ष्य के काफी करीब है। ग्लोबल स्तर पर AI की भारी मांग और टाइट जॉब मार्केट के कारण महंगाई का दबाव बढ़ रहा है, जिससे ब्याज दरों में और बढ़ोतरी की संभावना के संकेत मिलते हैं।

आमतौर पर, ऊंची ब्याज दरों का असर सोने की कीमतों पर पड़ता है क्योंकि इससे सोना (बुलियन) अपने पास रखने की ‘अपॉर्चुनिटी कॉस्ट’ बढ़ जाती है, जबकि सोने पर कोई ब्याज नहीं मिलता।

जियोपोलिटिकल फ्रंट की बात करें तो यमन के ईरान-समर्थित हूती विद्रोहियों ने सोमवार को कहा कि उन्होंने सऊदी अरब के एनर्जी इंफ्रा, हवाई अड्डों और सैन्य ठिकानों पर कई हमले किए हैं।

दूसरी कीमती धातुओं की बात करें तो, स्पॉट सिल्वर 0.7% गिरकर 56.69 डॉलर प्रति औंस पर आ गई है। वहीं, प्लैटिनम 1,639.65 डॉलर पर सपाट दिख रहा है। जबकि, पैलेडियम 0.7% गिरकर 1,112.08 डॉलर पर आ गया है।

एक्सपर्ट्स की राय

स्मॉलकेस मैनेजर और ओमनीसाइंस कैपिटल के सीईओ विकास गुप्ता का कहना है कि अगले 2-3 के नजरिए से सोने को लेकर आम राय यही है कि इसकी कीमतें बढ़ेंगी। इस अवधि के दौरान महंगाई और ब्याज दरों में भी बढ़ोतरी होगी। हालांकि,ये दोनों चीजें एक साथ नहीं हो सकतीं।

विकास गुप्ता का मानना है कि केंद्रीय बैंक सोने के बड़े खरीदार हो सकते हैं,लेकिन साथ ही ऐसे बड़े विक्रेता भी हो सकते हैं जो उसी समय सोना बेचें,जिससे सोने की कीमतें नियंत्रण में बनी रह सकती है।

भारत में त्योहारों और शादियों का सीजन आने वाला है। आमतौर पर इससे सोने की कीमतें बढ़ती हैं। हालांकि,फेड द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की संभावना को देखते हुए,ग्लोबल मार्केट में सोने की कीमतें दबाव में रह सकती हैं। भारत में त्योहारों के दौरान सोने की कीमतों में थोड़ी तेजी आ सकती है,लेकिन उसके बाद कीमतें स्थिर रहने की संभावना है।

ब्रिकवर्क रेटिंग्स में हेड ऑफ रिसर्च,राजीव शरण का कहना है कि भारत में दशहरा मनाया जा रहा है और इस समय 24-कैरेट सोना लगभग 1.48 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास कारोबार कर रहा है। पिछले महीने यह अपने रिकॉर्ड हाई से 6% से ज्यादा नीचे आया है। इस त्योहारी सीजन में जो बदलाव आया है वह सोने के प्रति भारतीय परिवारों के लगाव में नहीं,बल्कि इसे खरीदने के तरीके में है। भारतीय अपने त्योहारी बजट को तो स्टेबल रख रहे हैं,भले ही इसके लिए उन्हें कम वजन वाले आभूषण खरीदने पड़ें।

साथ ही लोग सोने के सिक्कों,बार और एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड (ETF) में अधिक निवेश कर रहे हैं। यह बदलाव महत्वपूर्ण है क्योंकि त्योहारी खरीदारी अब केवल गहने खरीदने तक सीमित न रहकर, संपत्ति को सुरक्षित रखने के एक व्यवस्थित तरीके में बदल रही है। आगे चलकर, अमेरिका में ऊंची ब्याज दरें सोने की कीमतों में बहुत तेज उछाल नहीं आने देंगी,जिससे निकट भविष्य में सोने की कीमत में 5% तक की उतार-चढ़ाव वाली रेंज बनी रहने की संभावना है। इस दशहरे पर,खरीदार कीमतों में आई हालिया गिरावट को किसी चेतावनी के रूप में नहीं, बल्कि खरीदारी शुरू करने के एक अच्छे मौके के तौर पर देख रहे हैं।

 

 

Gold Price Today: सोने में गिरावट पर लगा ब्रेक, दशहरा पर 24 और 22 कैरेट दोनों का भाव चढ़ा

 

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

नेपाल 4 झीलों का जलस्तर घटाएगा:भारत में भी बाढ़ का खतरा कम होगा; अगस्त में भोटेकोशी नदी में आई बाढ़ जैसी तबाही रोकने की तैयारी

नेपाल अगस्त में भोटेकोशी नदी में आई बाढ़ जैसी तबाही रोकने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए चार ग्लेशियरों से बनने वाली झीलों का जलस्तर घटाया जाएगा। इससे नेपाल के साथ भारत में भी बाढ़ का खतरा कम होने की उम्मीद है। इस प्रोजेक्ट पर 474 करोड़ रुपए खर्च होंगे और इसे 2033 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इन झीलों से बिहार में बाढ़ का खतरा बना रहता है नेपाल सरकार ने इस काम के लिए मनांग जिले की थुलागी, संखुवासभा की लोअर वरुण और होंगु-2 के साथ सोलुखुम्बु की लुम्दिंग झील को चुना है। ये झीलें समुद्र तल से 4050 से 5483 मीटर की ऊंचाई पर हैं। योजना के तहत होंगु-2 झील का जलस्तर एक मीटर घटाया जाएगा। वहीं, थुलागी, लोअर वरुण और लुम्दिंग झीलों का जलस्तर तीन-तीन मीटर कम किया जाएगा। इनमें से तीन झीलों का पानी कोशी नदी और गंडकी नदी में पहुंचता है। ये दोनों नदियां बिहार से होकर गुजरती हैं। इसलिए इस योजना से बिहार की बस्तियों, खेती और सड़कों समेत जरूरी सुविधाओं को भी बाढ़ से बचाने में मदद मिल सकती है। झीलों का जलस्तर कैसे कम किया जाएगा? डॉ. भट्टराई के मुताबिक, लगातार काम करने का मौका मिले तो तीन साल में झीलों का जलस्तर घटाया जा सकता है। लेकिन ये झीलें ऊंचाई वाले इलाकों में हैं, जहां खराब मौसम के कारण साल में केवल 5 से 6 महीने ही काम हो सकता है। इसी वजह से प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए 2033 तक का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि इस योजना से खतरा पूरी तरह खत्म नहीं होगा। हालांकि, इन चार झीलों के फटने पर सबसे ज्यादा नुकसान होने की आशंका है। इसलिए इन्हें प्राथमिकता दी गई है। भारत, नेपाल और चीन की 47 झीलों से खतरा अगस्त में नेपाल की भोटेकोशी नदी में आई बाढ़ ने हिमालयी इलाकों में ग्लेशियर से बनी झीलों से होने वाले खतरे को फिर सामने ला दिया था। संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) और इंटरनेशनल सेंटर फॉर इंटीग्रेटेड माउंटेन डेवलपमेंट की 2020 की रिपोर्ट के मुताबिक भारत, नेपाल और चीन की 47 हिमनद झीलों को ज्यादा खतरे वाला बताया गया था। इनमें नेपाल की 21, चीन की 25 और भारत की एक झील शामिल है। इनमें से 42 झीलों का पानी कोशी नदी में पहुंचता है। इनमें 24 झीलें चीन और 18 नेपाल में हैं। कोशी नदी नेपाल से भारत के बिहार में आती है, इसलिए इन झीलों के फटने से दोनों देशों में बाढ़ का खतरा पैदा हो सकता है। इस प्रोजेक्ट के लिए ग्रीन क्लाइमेट फंड ₹343 करोड़ देगा चारों झीलों का जलस्तर घटाने की परियोजना पर कुल 474 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इसमें सबसे ज्यादा 343 करोड़ रुपए ग्रीन क्लाइमेट फंड देगा। यह संयुक्त राष्ट्र के जलवायु समझौते के तहत बना अंतरराष्ट्रीय कोष है। नेपाल सरकार 107 करोड़ और UNDP 20 करोड़ रुपए देगा। इसके अलावा निजी क्षेत्र से भी 3 करोड़ रुपए मिलेंगे। इस प्रोजेक्ट से नेपाल में 38 लाख से ज्यादा लोगों को फायदा मिलने का अनुमान है। इससे बाढ़ के कारण होने वाले संभावित आर्थिक नुकसान में भी 212 करोड़ रुपए तक की कमी आ सकती है। ————————- यह खबर भी पढ़ें… नेपाल की बूढ़ी गंडकी नदी में बाढ़: कई पुल-घर बहे, 10 लापता; लैंडस्लाइड से स्यारी नदी का रास्ता बंद, बिहार में भी खतरा नेपाल के गोरखा जिले में रविवार सुबह बूढ़ी गंडकी नदी में अचानक बाढ़ आने से कई गांवों को नुकसान पहुंचा है। बाढ़ में करीब 35 घर और 6 पुल बह गए, जबकि कम से कम 10 लोग लापता हैं। उनकी तलाश की जा रही है। पूरी खबर पढ़ें…

MG Hector Tomahawk EV vs Mahindra XEV 9S real-world range compared

MG Hector Tomahawk EV vs Mahindra XEV 9S real-world range compared
MG Hector Tomahawk EV vs Mahindra XEV 9S real-world range compared

MG recently launched the Hector Tomahawk EV with a 69.2kWh battery, promising a claimed range of 517km. The 3-row electric SUV is positioned squarely against the Mahindra XEV 9S, which is one of the most popular EVs in its price range, and has a larger battery capacity and a higher claimed range of 679km. But in real-world conditions, does the Mahindra XEV 9S offer higher range than the MG Hector Tomahawk EV? We find out. 

MG Hector Tomahawk EV vs Mahindra XEV 9S: Specifications, price

Tomahawk EV has a smaller battery, but weighs less than XEV 9S and is more affordable

MG Hector Tomahawk EV vs Mahindra XEV 9S: Specifications, price

 

MG Hector Tomahawk EV

Mahindra XEV 9S

Battery pack (kWh)

69.2

79

No. of motor(s)

1

1

Drivetrain

FWD

RWD

Power (hp)

204

286

Torque (Nm)

310

380

Kerb weight (kg)

1,908

Over 2,201*

Price (in Rs lakh)

19.50-23.50

22.65-30.15

*The XEV 9e has a kerb weight of 2201kg, so the XEV 9S, being a 3-row offering, will be heavier.

The MG Hector Tomahawk EV gets a smaller 69.2kWh battery compared to the XEV 9S’ 79kWh unit. It also gets a less powerful front motor that produces 82hp and 70Nm less than the XEV 9S’s rear-mounted motor. However, the Hector Tomahawk EV is the lighter electric SUV in this comparison, weighing over 250kg less than the Mahindra XEV 9S.

The MG Hector Tomahawk EV also asks a lower price, its base-spec variant costing Rs 3.15 lakh less and its top-spec variant costing Rs 6.65 lakh less than the XEV 9S’s 79kWh battery trims. 

MG Hector Tomahawk EV vs Mahindra XEV 9S: Real-world range comparison

Although offering very different city and highway efficiencies, both eSUVs offer similar average range

MG Hector Tomahawk EV vs Mahindra XEV 9S: Real-world range comparison

 

MG Hector Tomahawk EV

Mahindra XEV 9S

Claimed range (ARAI)

517km

679km

Tested city range

495km

478km

Tested highway range

397km

477km

Tested average range

446km

477.5km

While the MG Hector Tomahawk EV has a claimed ARAI range of 517km, the Mahindra XEV 9S promises a higher range of 679km. However, in our real-world tests, the XEV 9S delivered a higher average range, despite the Hector Tomahawk EV performing better in city driving conditions.

In the city, the Tomahawk EV covered 495km on a full charge, which is 17km more than the XEV 9S. However, on the highway, the Mahindra managed 477km, going 80km further than the MG. As a result, the Mahindra achieved an average real-world range of 477.5km, which is 31.5km more than the Tomahawk EV’s 446km.

In our real-life tests, we found the Tomahawk EV’s relatively mild regenerative braking, even in its strongest setting, limits its potential for better city efficiency. Meanwhile, its bulky, upright design also works against it on the highway. The XEV 9S, on the other hand, weighs over 2.2 tonnes, which definitely affects its efficiency against the Hector Tomahawk EV.

Autocar India’s range testing

For our real-world range test, we begin with each car’s battery fully charged and tyre presures set as per the manufacturer’s recommendations. We drive the cars on a fixed loop covering both city and highway stretches while maintaining set average speeds. We then calculate the range based on the percentage of charge consumed. The AC is set to 22deg C in auto mode, and features such as the music system, lights and ventilated seats are used as needed, just as a regular user would. This approach ensures consistency and gives a clear idea of what to expect in daily use.

Prices are ex-showroom, India.

रोचक तथ्य: भारत में ‘रावण’ नाम के 34 गांव! राजस्थान सबसे आगे, यूपी भी पीछे नहीं

Dussehra Special: दशहरे पर जिस रावण का पुतला देशभर में जलाया जाता है, उसी नाम से मिलते-जुलते गांव भारत के अलग-अलग हिस्सों में भी मौजूद हैं। इस मामले में राजस्थान सबसे आगे, छत्तीसगढ़ और यूपी भी पीछे नहीं हैं।

Dussehra 2026: आज या कल कब होगा रावण दहन? जानें सही तारीख, विजय मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व

Dussehra 2026: धर्म पर धर्म, असत्य पर सत्य और बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक महापर्व विजयादशमी (दशहरा) इस वर्ष देश भर में भव्य रूप से मनाया जा रहा है। दशहरे के पावन अवसर पर मां अपराजिता की पूजा, शस्त्र पूजन (आयुध पूजा), शमी वृक्ष के पत्तों के आदान-प्रदान और शाम को रावण, कुंभकर्ण व मेघनाद के पुतलों के दहन की परंपरा निभाई जाती है। हालांकि, तिथियों की गणना और क्षेत्रीय परंपराओं की वजह से लोगों के मन में इस बात को लेकर भ्रम की स्थिति बनी है कि रावण दहन 20 अक्टूबर को होगा या 21 अक्टूबर को। पंचांग और शास्त्रीय मान्यताओं के आधार पर आइए समझते हैं कि रावण दहन की सही तारीख, शुभ मुहूर्त और पूजन विधि क्या है।

20 या 21 अक्टूबर: कब मनाया जाएगा दशहरा और रावण दहन?

हिंदू पंचांग के अनुसार, आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को विजयादशमी का पर्व मनाया जाता है।

दशमी तिथि का प्रारंभ: 20 अक्टूबर को दोपहर 12 बजकर 50 मिनट से।

दशमी तिथि का समापन: 21 अक्टूबर को दोपहर 2 बजकर 11 मिनट तक।

श्रवण नक्षत्र: 19 अक्टूबर की दोपहर 3 बजकर 38 मिनट से शुरू होकर 20 अक्टूबर की शाम 6 बजकर 2 मिनट तक।

उत्तर, मध्य और पश्चिम भारत में 20 अक्टूबर को दशहरा

उत्तर भारत, राजस्थान, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में विजयादशमी का निर्धारण अपराह्न काल (दोपहर के समय) में दशमी तिथि की उपस्थिति के आधार पर किया जाता है। 20 अक्टूबर को दोपहर 12:50 बजे के बाद दशमी तिथि लग रही है, इसलिए उत्तर भारत में मुख्य दशहरा पर्व और रावण दहन 20 अक्टूबर मंगलवार को ही संपन्न होगा। हालांकि मंगलवार के दिन माता की मूर्ति का विसर्जन नहीं किया जाता, इसलिए देवी दुर्गा की विदाई 21 अक्टूबर बुधवार को होगी।

पूर्वी भारत में 21 अक्टूबर को विजयादशमी

पश्चिम बंगाल, ओडिशा, असम और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में दुर्गा पूजा का निर्धारण सूर्योदय कालीन तिथि (उदयातिथि) के आधार पर होता है। 20 अक्टूबर को सूर्योदय के समय नवमी तिथि रहेगी (जो दोपहर 12:50 तक चलेगी), जबकि 21 अक्टूबर को सूर्योदय के समय दशमी तिथि मौजूद रहेगी। इसलिए बंगाल और पूर्वी भारत में 21 अक्टूबर को विजयादशमी मनाई जाएगी।

रावण दहन का सही समय और प्रदोष काल मुहूर्त

दशहरे पर रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के विशाल पुतलों का दहन हमेशा सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल के दौरान किया जाता है। शास्त्रानुसार 20 अक्टूबर को रावण दहन के लिए सबसे उत्तम समय इस तरह रहेगा:

प्रदोष काल का समय: 20 अक्टूबर को शाम 5 बजकर 47 मिनट से रात 8 बजकर 17 मिनट (कुछ गणनाओं में 8:21 बजे) तक।

रावण दहन का सर्वोत्तम मुहूर्त: 20 अक्टूबर की शाम 5 बजकर 47 मिनट से 6 बजकर 12 मिनट के बीच का समय रावण दहन के लिए सबसे शुभ और फलदायी माना गया है।

पूजा के शुभ मुहूर्त: अपराजिता पूजन और आयुध पूजा

विजयादशमी के दिन मां अपराजिता और अस्त्र-शस्त्रों की पूजा का विशेष विधान है। इस दिन अगर आप नया वाहन, इलेक्ट्रॉनिक सामान या प्रॉपर्टी खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो इन विजय और शुभ मुहूर्तों का ध्यान रखें:

मां अपराजिता पूजा मुहूर्त: 20 अक्टूबर को दोपहर 1 बजकर 14 मिनट से दोपहर 3 बजकर 30 मिनट तक।

आयुध/शस्त्र पूजा मुहूर्त: 20 अक्टूबर को दोपहर 1 बजकर 59 मिनट से दोपहर 2 बजकर 45 मिनट तक।

विजयादशमी पर क्या करें और क्या है धार्मिक महत्व?

विजयादशमी का पर्व केवल उत्सव का दिन नहीं है, बल्कि यह जीवन में धर्म और मर्यादा को स्थापित करने का संदेश देता है। इस दिन मां अपराजिता का ध्यान कर जीवन में हर क्षेत्र में विजय की कामना की जाती है। इसके साथ ही शमी के वृक्ष की पूजा की जाती है और शमी के पत्तों को ‘सोना’ मानकर अपनों में बांटकर आशीर्वाद लिया जाता है। विजयादशमी को अभूज मुहूर्त माना जाता है। इस दिन अपने काम में आने वाले उपकरणों, अस्त्र-शस्त्रों, गाड़ियों और व्यापारिक बही-खातों की पूजा करना अत्यंत शुभ माना जाता है।

बुराइयों के दहन का संकल्प

रावण दहन का प्रतीक हमें यह याद दिलाता है कि व्यक्ति चाहे कितना भी शक्तिशाली या विद्वान क्यों न हो, अहंकार, क्रोध और असत्य का अंत विनाशकारी ही होता है। इस दिन अपने अंदर की बुराइयों को त्याग कर सत्य और अच्छाई के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया जाता है।

यह भी पढ़ें: Happy Dussehra 2026 Wishes: विजयादशमी पर अपनों को भेजें ये 15 बेस्ट बधाई संदेश, कोट्स और WhatsApp स्टेटस

Stock Market Holiday: आज, 20 अक्टूबर को विजयादशमी पर शेयर बाजार बंद; MCX पर भी नहीं होगी ट्रेडिंग

आज, 20 अक्टूबर को देश विजयादशमी (दशहरा) का त्योहार मना रहा है। अधर्म पर धर्म की जीत के इस पर्व पर देश में बैंक, स्कूल, सरकारी ऑफिस समेत कई अन्य संस्थान बंद हैं। शेयर बाजारों में भी छुट्टी है, यानि कि BSE और NSE पर ट्रेडिंग नहीं होगी। शेयर बाजार और MCX हर शनिवार और रविवार को बंद रहते हैं। लेकिन कुछ दूसरे खास मौकों और सार्वजनिक अवकाशों पर भी इनमें छुट्टी रहती है। 20 अक्टूबर को कमोडिटीज में ट्रेडिंग के प्लेटफॉर्म MCX (Multi Commodity Exchange) में दशहरा पर सुबह के सेशन में छुट्टी है। लेकिन शाम को 5 बजे से 11:30/11:55 बजे तक का सेशन ओपन है।

BSE में इक्विटी सेगमेंट, इक्विटी डेरिवेटिव सेगमेंट, करेंसी डेरिवेटिव्स सेगमेंट्स, ट्राई पार्टी रेपो सेगमेंट्स, NDS-RST में ट्रेडिंग हॉलिडे है। लेकिन कमोडिटी डेरिवेटिव्स सेगमेंट और इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसीप्ट्स (EGR) सेगमेंट में शाम का सेशन (शाम 5 बजे से 11:30/11:55 बजे तक) ओपन है।

इसी तरह NSE में भी इक्विटीज, इक्विटी डेरिवेटिव्स, करेंसी डेरिवेटिव्स, इंट्रेस्ट रेट डेरिवेटिव्स, निगोशिएटेड ट्रेड रिपोर्टिंग प्लेटफॉर्म, म्यूचुअल फंड्स, सिक्योरिटी लेंडिंग एंड बॉरोइंग स्कीम्स, कॉरपोरेट बॉन्ड्स, न्यू डेट सेगमेंट्स, इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसीप्ट्स, सेगमेंट्स में मंगलवार को छुट्टी है। कमोडिटी डेरिवेटिव्स में सुबह के सेशन में छुट्टी है लेकिन शाम का सेशन (शाम 5 बजे से 11:30/11:55 बजे तक) ओपन है।

बाकी बचे साल में शनिवार-रविवार के अलावा और कब बाजार बंद

10 नवंबर: दिवाली-बलिप्रतिपदा

24 नवंबर: प्रकाश पर्व श्री गुरु नानक देव

25 दिसंबर: क्रिसमस

Muhurat Trading: दिवाली पर मुहूर्त ट्रेडिंग की टाइमिंग का हुआ ऐलान, दोपहर 2:20 बजे से खुलेगा बाजार

शनिवार/रविवार को पड़ रहे त्योहार

8 नवंबर: दिवाली लक्ष्मी पूजन

दिवाली के मौके पर मुहूर्त ट्रेडिंग रविवार, 8 नवंबर 2026 को होगी। मुहूर्त ट्रेडिंग का समय बाद में घोषित किया जाएगा।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Happy Dussehra 2026 Wishes: विजयादशमी पर अपनों को भेजें ये 15 बेस्ट बधाई संदेश, कोट्स और WhatsApp स्टेटस

Happy Dussehra 2026 Wishes: असत्य पर सत्य और अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक महापर्व विजयादशमी (दशहरा) इस साल देश भर में पूरे उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। हिंदू पंचांग के मुताबिक साल 2026 में उत्तर, पश्चिम और मध्य भारत के अधिकांश हिस्सों में मुख्य दशहरा पर्व 20 अक्टूबर मंगलवार को मनाया जा रहा है, जबकि पश्चिम बंगाल, ओडिशा और पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों में दुर्गा पूजा की स्थानीय परंपराओं और उदयातिथि के आधार पर 21 अक्टूबर बुधवार को विजयादशमी मनाई जाएगी। त्योहारों के इस पावन अवसर पर लोग एक-दूसरे को शुभकामनाएं भेजकर सुख, समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य की कामना करते हैं। अगर आप भी अपने परिवार, दोस्तों और प्रियजनों को व्हाट्सएप, फेसबुक या इंस्टाग्राम के जरिए बेहतरीन बधाई संदेश भेजना चाहते हैं तो यहां आपके लिए चुनिंदा शुभकामनाएं, कोट्स और स्टेटस दिए गए हैं।

विजयादशमी 2026: शुभ मुहूर्त और तिथियां

पंचांग के मुताबिक आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि 20 अक्टूबर को दोपहर 12 बजकर 50 मिनट से शुरू होकर 21 अक्टूबर को दोपहर 2 बजकर 11 मिनट तक रहेगी। श्रवण नक्षत्र का समय 19 अक्टूबर की दोपहर 3 बजकर 38 मिनट से शुरू होकर 20 अक्टूबर की शाम 6 बजकर 2 मिनट तक रहा। उत्तर भारत में 20 अक्टूबर को अपराह्न काल में दशमी तिथि रहने के कारण मुख्य रूप से इसी दिन दशहरा मनाया जा रहा है, जबकि माता की विदाई परंपरा के अनुसार 21 अक्टूबर को होगी।

अपनों को भेजने के लिए 15 बेस्ट बधाई संदेश और शुभकामनाएं

1 – शुभ विजयादशमी! भगवान राम की कृपा से आपके जीवन में हमेशा अच्छाई की जीत हो और हर चुनौती में आपको सफलता मिले। आपको और आपके परिवार को दशहरा की हार्दिक शुभकामनाएं!

2- Happy Dussehra! असत्य पर सत्य की विजय का यह पर्व आपके जीवन में नई रोशनी, सकारात्मकता और अपार खुशियां लेकर आए।

3- मां दुर्गा और भगवान श्री राम के आशीर्वाद से आपके घर में सुख, शांति और समृद्धि का वास हो। आप सभी को विजयादशमी की बहुत-बहुत बधाई!

4 – आइए इस दशहरे पर अपने अंदर के अहंकार, क्रोध और बुराइयों का दहन करें और नेकी के मार्ग पर चलने का संकल्प लें। हैप्पी दशहरा 2026!

5- सफलता और समृद्धि की कामना: आपकी मेहनत रंग लाए और आपके जीवन में हर कार्य में सफलता व आर्थिक स्थिरता बनी रहे। आपको और आपके अपनों को दशहरा की शुभकामनाएं।

6- परिवार के लिए संदेश: मां दुर्गा और भगवान राम के आशीर्वाद से हमारा परिवार हमेशा एकजुट, खुशहाल और स्वस्थ रहे। आप सभी को विजयादशमी की मंगलकामनाएं!

7- धैर्य, सत्य और साहस ही मनुष्य की सबसे बड़ी ताकत हैं। विजयादशमी का यह पवित्र पर्व आपके जीवन में नई शुरुआत लेकर आए।

8 – नया सवेरा, नई शुरुआत: पुरानी चिंताओं को पीछे छोड़कर विश्वास और आत्मविश्वास के साथ जीवन में आगे बढ़ें। आपको दशहरा की ढेरों बधाइयां!

9 – हर चुनौती एक नया अवसर लेकर आती है। भगवान राम आपको हर बाधा से लड़ने का साहस दें। Happy Dussehra 2026!

10 – आपके जीवन का हर अंधकार दूर हो और आपका भविष्य उम्मीदों और उजालों से जगमगा उठे। विजयादशमी की हार्दिक शुभकामनाएं!

WhatsApp Status के लिए

1 – अधर्म का नाश हो, धर्म की रक्षा हो, हर दिल में श्रीराम का वास हो। आप सभी को दशहरा की शुभकामनाएं!

2 – आपके और आपके परिवार के लिए यह पावन पर्व उत्तम स्वास्थ्य, सौभाग्य और ढेरों खुशियां लेकर आए। शुभ दशहरा!

3- रिश्तों में प्यार बढ़े, आपसी सौहार्द बना रहे और हर तरफ खुशहाली हो। विजयादशमी के इस पावन दिन पर यही कामना है।

4- हर बुराई को हराकार अच्छाई को अपनाने का दिन है दशहरा। आइए मिलकर इस पर्व को धूमधाम से मनाएं। Happy Vijayadashami!

5 – भगवान श्रीराम आपको बुद्धि, बल और पराक्रम प्रदान करें ताकि आप जीवन की हर कठिनाई पर विजय प्राप्त कर सकें। दशहरा की शुभकामनाएं!

प्रेरणादायक कोट्स (Inspirational Quotes for Dussehra)

  • सत्य को अपना मार्ग बनाएं और दयालुता को अपनी ताकत बनाएं।
  • भय जब आपका नियंत्रण छोड़ देता है, तभी वास्तविक साहस की शुरुआत होती है।
  • अहंकार और बुराई पर विजय पाना ही जीवन की सबसे बड़ी जीत है।
  • हर चुनौती इंसान को अंदर से मजबूत और बेहतर बनने का अवसर देती है।
  • आप इन संदेशों और कोट्स को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म या मैसेजिंग ऐप्स के जरिए शेयर करके अपने दोस्तों और रिश्तेदारों के साथ इस पावन पर्व की खुशियां बांट सकते हैं।

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दशहरा 2026 वाहन पूजा मुहूर्त: कार और बाइक पूजा का सबसे शुभ समय, नोट कर लें सही विधि

आज 20 अक्टूबर को देश भर में दशहरा यानी विजयादशमी मनाई जा रही है। आज के दिन भगवान राम ने रावण पर जीत हासिल की थी। दशहरे पर नई गाड़ी खरीदना और अपनी कार-बाइक की पूजा करना बहुत शुभ माना जाता है। कहते हैं इससे सफर सुरक्षित रहता है। अगर आप भी आज अपनी गाड़ी की पूजा करने वाले हैं तो शुभ मुहूर्त और पूजा की विधि यहाँ जान लें।

कार या बाइक की पूजा इस तरह करें

पंचांग के अनुसार आज पूजा के लिए ये समय शुभ है:

  • विजय मुहूर्त: दोपहर 1:59 से 2:45 बजे तक
  • अपराह्न मुहूर्त: दोपहर 1:14 से 3:30 बजे तक
  • दशमी तिथि: 20 अक्टूबर दोपहर 12:50 से 21 अक्टूबर दोपहर 2:11 बजे तक

ध्यान दें, हर शहर के पंचांग में समय थोड़ा अलग हो सकता है, इसलिए अपने शहर का समय जरूर देख लें।

पूजा के लिए रखें ये सामग्री

पूजा के लिए ये सामान पहले से तैयार रख लें।

  • रोली, कुमकुम, हल्दी
  • अक्षत यानी साबुत चावल
  • फूल और गेंदे की माला
  • धूप और घी का दीया
  • मौली या कलावा
  • नारियल, नींबू
  • फल या मिठाई का प्रसाद

कार-बाइक की पूजा कैसे करें?

  1.  सबसे पहले अपनी गाड़ी को अच्छे से धोकर साफ करें।
  2.  गाड़ी को साफ और खुली जगह पर खड़ा करें।
  3.  भगवान गणेश को याद करके पूजा शुरू करें।
  4.  गाड़ी के आगे रोली से स्वस्तिक बनाएं और टायरों पर तिलक लगाएं।
  5.  गाड़ी पर फूल-अक्षत चढ़ाएं और माला लगाएं। चाबी या हैंडल पर मौली बांध दें।
  6.  धूप-दीया जलाकर आरती करें और प्रसाद चढ़ाएं।

कुछ लोग नजर उतारने के लिए नींबू का भी इस्तेमाल करते हैं, पर ये जरूरी नहीं है।

दशहरे पर गाड़ी की पूजा क्यों करते हैं?

दशहरा बुराई पर अच्छाई की जीत का त्योहार है। इसलिए इस दिन नई चीजों की शुरुआत शुभ मानी जाती है। इसी वजह से लोग इस दिन गाड़ी और अपने काम के औजारों की पूजा करते हैं।

रावण दहन का समय

आज शाम रावण दहन का शुभ समय 5:47 से 8:21 बजे तक है। इसमें 5:47 से 6:12 बजे तक का समय सबसे अच्छा माना गया है। आपके शहर में रावण दहन का समय स्थानीय आयोजन के हिसाब से अलग हो सकता है।

2027 Kawasaki KLE500 SE SmartRide revealed

2027 Kawasaki KLE500 SE SmartRide revealed
KLE500 SE press image

Kawasaki has expanded its 2027 KLE500 range with a new SE SmartRide variant, which adds a mechanical centrifugal clutch to the parallel-twin adventure motorcycle. The system allows riders to pull away and come to a stop without operating the clutch lever, while gear changes on the move still use the lever and pedal as normal.

  1. KLE500 now has three variants
  2. 451cc parallel-twin engine produces 45hp and 42.6Nm

Kawasaki KLE500 SE SmartRide details

No other mechanical changes over the KLE500 SE, which debuted last year

The KLE500 lineup now comprises three variants – the base KLE500, the KLE500 SE and the new KLE500 SE SmartRide. At first, the SmartRide system may sound similar to Honda’s E-Clutch technology, but the two work quite differently. While both aim to simplify clutch operation, Honda uses an electromechanical actuator to automate clutch movement, whereas SmartRide relies on a purely mechanical centrifugal clutch.

Aside from the addition of the clutch technology, the SmartRide variant also gets tubeless tyres, replacing the tube-type setup on the standard SE. Otherwise, the two variants share the same hardware, including the 451cc parallel-twin engine producing 45hp at 9,000rpm and 42.6Nm at 6,000rpm.

The SE SmartRide is available in a single colour, Pearl Blizzard White. Following its international debut last year, we’d reported that Kawasaki India has the KLE500 in the pipeline for a launch here, which we expect to happen over the next few months.

When it goes on sale, the KLE500 will join a growing list of sub-500cc adventure bikes in our market. Given its potential CBU (Completely Built-Up) import route and the premium pricing that would entail, it will also see competition from upcoming India-made motorcycles such as the Royal Enfield Himalayan 750 and the Norton Atlas.

Parag Parikh Flexi Cap Fund: पराग पारिख में पैसा लगाना बंद कर रहे निवेशक? 6 महीने में 77% घटा निवेश

Parag Parikh Flexi Cap Fund: पराग पारिख फ्लेक्सी कैप फंड में हर महीने आने वाला अनुमानित निवेश तेजी से घटा है। मार्च 2026 में यह करीब ₹3,950 करोड़ था। सितंबर में घटकर सिर्फ ₹900 करोड़ रह गया। यानी 6 महीने में करीब 77% की गिरावट आई। हालांकि, फंड में पैसा आना बंद नहीं हुआ है। इसके बावजूद फंड मैनेजर ने नए शेयरों और दूसरे निवेश विकल्पों में पैसा लगाना जारी रखा है।

फंड की कैश होल्डिंग भी काफी घटी है। मार्च में कुल संपत्ति का 18.94% पैसा कैश में था। सितंबर में यह घटकर 9.77% रह गया। इस दौरान फंड को रियल एस्टेट, REITs और चुनिंदा ऑयल एंड गैस कंपनियों में निवेश के मौके मिले।

फंड में निवेश क्यों घटा?

PPFAS Mutual Fund के फंड मैनेजर राज मेहता ने Moneycontrol को बताया कि निवेश में कमी से फंड की रणनीति नहीं बदली है। उनके मुताबिक, फंड में अब भी नया पैसा आ रहा है।

उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में मिडकैप और स्मॉलकैप फंडों का प्रदर्शन बेहतर रहा है। ऐसे में निवेशकों का रुझान भी उनकी तरफ बढ़ा है। अक्सर निवेशक हालिया रिटर्न देखकर अपना पैसा लगाने का फैसला करते हैं।

कैश में पैसा रखने के बजाय कहां निवेश किया?

राज मेहता के मुताबिक, फंड कितना पैसा कैश में रखेगा, यह बाजार के स्तर से ज्यादा निवेश के मौकों पर निर्भर करता है। बाजार में लंबे समय तक खास तेजी न आने और कुछ शेयरों की कीमत घटने से फंड को खरीदारी के मौके मिले। इसलिए उसने कैश घटाकर शेयरों में निवेश बढ़ाया।

सितंबर की फैक्टशीट के मुताबिक, फंड की कुल संपत्ति का 72.06% हिस्सा भारतीय कोर इक्विटी में था। वहीं, 11.90% विदेशी सिक्योरिटीज, IDR और ADR में लगा था। REITs और InvITs में निवेश 6.27% था।

सितंबर में किन शेयरों में बढ़ाया निवेश?

अगस्त के मुकाबले सितंबर में DLF में सबसे ज्यादा नया निवेश किया गया। फंड की कुल संपत्ति का 1.81% हिस्सा इसमें लगाया गया। इसके अलावा Mahindra & Mahindra, Indus Towers, Bharti Airtel और कुछ ऑयल एंड गैस कंपनियों में भी निवेश बढ़ाया गया।

दूसरी तरफ, फंड ने Great Eastern Shipping Company से अपना निवेश निकाल लिया। अगस्त में इस शेयर में फंड की संपत्ति का 0.11% हिस्सा लगा था।

फंड के पास Embassy Office Parks REIT में 2.49%, Knowledge Realty Trust में 2.18% और Brookfield India Real Estate Trust में 1.60% निवेश था।

फंड का रिटर्न कैसा रहा?

हाल के प्रदर्शन की बात करें तो फंड का रिटर्न कमजोर रहा है। इसके रेगुलर प्लान ने एक साल में 4.14% निगेटिव रिटर्न दिया। वहीं, बेंचमार्क Nifty 500 TRI में 2.03% की गिरावट आई।

हालांकि, तीन, पांच और दस साल की अवधि में फंड ने अपने बेंचमार्क से बेहतर प्रदर्शन किया।

NPS vs PPF: रिटायरमेंट के लिए कौन बेहतर, किसमें बनेगा ज्यादा पैसा? समझिए पूरा कैलकुलेशन

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।