CJP नेताओं आशुतोष रांका और सौरव दास की बढ़ीं मुश्किलें, क्राइम ब्रांच को सौंपा गया केस, क्या बोले अभिजीत दिपके

CJP नेताओं आशुतोष रांका और सौरव दास की बढ़ीं मुश्किलें, क्राइम ब्रांच को सौंपा गया केस, क्या बोले अभिजीत दिपके

CJP Protest : abhijit dipke, saurab das, ashutosh ranka detained

जंतर-मंतर पर अनधिकृत प्रवेश से जुड़े मामले में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं आशुतोष रांका और सौरव दास से संबंधित केस दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच को सौंप दिया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, मामले की जांच अब क्राइम ब्रांच करेगी। वहीं, दोनों नेताओं की न्यायिक हिरासत दो दिन और बढ़ाए जाने के बाद CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर निशाना साधा है।

 

न्यायिक हिरासत दो दिन बढ़ने पर अभिजीत दिपके का बयान

 

अभिजीत दिपके ने सोमवार को सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक वीडियो में सौरव दास और आशुतोष रांका की हिरासत को लेकर सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विरोध प्रदर्शन करने वाले युवाओं को डराने के लिए सरकारी तंत्र का इस्तेमाल कर रही है। दिपके ने कहा कि दोनों युवा पांच दिन न्यायिक हिरासत में रहने के बावजूद अपने रुख पर कायम हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए पुलिस कार्रवाई, दिल्ली में लगाए गए बैरिकेड और प्रदर्शनकारियों के साथ किए गए व्यवहार का जिक्र किया।

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दिपके ने दावा किया कि सौरव दास और आशुतोष रांका जंतर-मंतर पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने गए थे, लेकिन उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि दोनों की अदालत में सुनवाई बार-बार टाली गई। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है।

‘क्या यह अघोषित आपातकाल नहीं?’

दिपके ने अपने वीडियो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व पर सवाल उठाते हुए कहा कि युवाओं को जेल में रखने और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने से उनकी आवाज नहीं दबाई जा सकती। उन्होंने कहा कि सरकार की कार्रवाई से युवा प्रदर्शनकारियों का हौसला नहीं टूटेगा।

 

उन्होंने सौरव दास की तारीफ करते हुए कहा कि दास ने पहले स्वीकार किया था कि उनके लिए जेल में एक दिन बिताना भी मुश्किल होगा, लेकिन अब वह हिरासत में रहने के बावजूद संयम बनाए हुए हैं। दिपके ने आशुतोष रांका और दोनों प्रदर्शनकारियों के परिवारों की भी सराहना की।

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परिवारों के हौसले का भी किया जिक्र

 

अभिजीत दिपके ने वीडियो में सौरव दास की मां से हुई बातचीत का भी उल्लेख किया। उनके मुताबिक, दास की मां ने कहा था कि उन्हें भरोसा है कि उनका बेटा ठीक रहेगा और इतनी आसानी से हिम्मत नहीं हारेगा। दिपके ने आरोप लगाया कि सरकार गिरफ्तारी और डराने की कार्रवाई के जरिए असहमति की आवाजों को दबाने की कोशिश कर रही है।

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उन्होंने कहा कि ऐसी कार्रवाई से प्रदर्शनकारियों को चुप नहीं कराया जा सकेगा। फिलहाल, जंतर-मंतर से जुड़े मामले की जांच क्राइम ब्रांच को सौंपे जाने की जानकारी सामने आई है। मामले में आगे की पुलिस कार्रवाई और अदालत की कार्यवाही पर नजर रहेगी।

WPL 2027 Auction: 28 अक्टूबर को सजेगा नीलामी का मंच, ऑक्शन में 146 खिलाड़ियों पर लगेगी बोली

महिला प्रीमियर लीग (WPL) 2027 के लिए खिलाड़ियों की नीलामी की डेट फाइनल हो गई है। WPL 2027 के लिए खिलाड़ियों की नीलामी 28 अक्टूबर को केरल के कोच्चि में आयोजित की जाएगी। ये नीलामी भारतीय समयानुसार शाम 5:30 बजे शुरू होगी। इसमें पांचों टीमों में खाली 27 जगहों को भरने के लिए 146 खिलाड़ियों पर बोली लगाई जाएगी। इस लिस्ट में 119 भारतीय और 27 विदेशी खिलाड़ी शामिल हैं। भारतीय खिलाड़ियों में 22 अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुके हैं, वहीं 97 खिलाड़ियों को अभी भारत की ओर से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने का मौका नहीं मिला है।

27 विदेशी खिलाड़ियों में 14 अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुके हैं और 13 ने अभी तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट नहीं खेला। नीलामी में खाली 27 जगहों में से 20 भारतीय खिलाड़ियों और सात विदेशी खिलाड़ियों के लिए हैं।

किसका है कितना बेस प्राइज

महिला प्रीमियर लीग (WPL) की नीलामी में 30 खिलाड़ियों ने अपना शुरुआती दाम 30 लाख रुपये रखा है। इससे पांचों टीमों को नए सीजन के लिए अपनी टीम मजबूत बनाने के लिए ज्यादा खिलाड़ियों को चुनने का मौका मिलेगा। महिला प्रीमियर लीग (WPL) की नीलामी में इंग्लैंड की बल्लेबाज सोफिया डंकले और ऑस्ट्रेलिया की ऑलराउंडर सोफी मोलिनक्स ने अपना शुरुआती दाम 50 लाख रुपये रखा है। यह नीलामी में सबसे ज्यादा तय की गई शुरुआती कीमत है।

इनके अलावा, भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज जी कमलिनी और बल्लेबाज किरण नवगिरे ने 40 लाख रुपये का शुरुआती दाम तय किया है। ऑस्ट्रेलिया की ऑलराउंडर हीथर ग्राहम और जेस जोनासेन ने भी अपना शुरुआती दाम 40 लाख रुपये रखा है।

यूपी के पास है सबसे बड़ा पर्स

पांचों टीमों ने कुल 63 खिलाड़ियों को अपनी टीम में बरकरार रखा है। इनमें 23 विदेशी खिलाड़ी भी शामिल हैं। अब नीलामी में टीमों के पास खिलाड़ियों को शामिल करने के लिए 27 जगहें खाली हैं, जिनमें से सात जगहें विदेशी खिलाड़ियों के लिए रखी गई हैं। पिछले साल की तरह इस बार भी यूपी वॉरियर्स सबसे ज्यादा 3.65 करोड़ रुपये की रकम के साथ खिलाड़ियों की नीलामी में उतरेगी। 28 अक्टूबर को कोच्चि में होने वाली नीलामी से पहले मुंबई इंडियंस और यूपी वॉरियर्स के पास अपनी टीम में सबसे ज्यादा खाली जगहें हैं। ऐसे में दोनों टीमों को नए खिलाड़ियों को शामिल करने और अपनी टीम मजबूत करने के ज्यादा मौके मिलेंगे।

किस टीम के पास कितनी जगह है खाली

गुजरात जायंट्स के पास नीलामी में खिलाड़ियों को शामिल करने के लिए सबसे कम तीन जगहें खाली हैं। इनमें एक जगह विदेशी खिलाड़ी के लिए है। टीम ने पांच विदेशी खिलाड़ियों समेत कुल 15 खिलाड़ियों को अपने साथ बनाए रखा है और उसके पास खर्च करने के लिए 1.25 करोड़ रुपये बचे हैं। वहीं, रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और यूपी वॉरियर्स ऐसी दो टीमें हैं, जिनके पास विदेशी खिलाड़ियों को शामिल करने के लिए दो-दो जगहें खाली हैं। महिला प्रीमियर लीग का पांचवां सीजन 14 जनवरी से 7 फरवरी 2027 तक खेला जाएगा।

Jio Platforms IPO: एंकर बुक 30 गुना से ज्यादा सब्सक्राइब, ब्लैकरॉक और जेपी मॉर्गन जैसे बड़े नामों ने दिखाई दिलचस्पी

Jio Platforms IPO: रिलायंस ग्रुप की Jio Platforms के IPO को लेकर बड़े निवेशकों में जबरदस्त उत्साह है। कंपनी के ₹8,110 करोड़ के एंकर बुक के मुकाबले 30 गुना से ज्यादा मांग आई है। संस्थागत निवेशकों की कुल बोलियां करीब ₹2.5 लाख करोड़ तक पहुंच गई हैं। इस मामले से जुड़े लोगों के मुताबिक, भारतीय IPO बाजार में इतनी बड़ी मांग पहली बार देखने को मिली है।

इस इश्यू में दुनिया की कई बड़ी निवेश कंपनियों और सरकारी निवेश फंड ने दिलचस्पी दिखाई है। इनमें BlackRock, Fidelity Investments, JPMorgan Asset Management, Franklin Templeton, Invesco और Capital Group जैसे नाम शामिल हैं।

दुनिया के बड़े निवेशक लगा रहे दांव

Jio Platforms के IPO में सिंगापुर के GIC, नॉर्वे के Norges Bank Investment Management, Abu Dhabi Investment Authority और Qatar Investment Authority जैसे बड़े सरकारी निवेश फंड भी दिलचस्पी दिखा रहे हैं।

विदेशी निवेशकों के अलावा भारतीय म्यूचुअल फंड कंपनियां भी पीछे नहीं हैं। देश के टॉप 10 म्यूचुअल फंड हाउस ने इस इश्यू में दिलचस्पी दिखाई है। इनमें SBI Mutual Fund, HDFC Mutual Fund, ICICI Prudential Mutual Fund, Nippon India Mutual Fund और Kotak Mahindra Mutual Fund शामिल हैं।

LIC और बड़ी बीमा कंपनियां भी कतार में

इस IPO में देश की बड़ी बीमा और पेंशन कंपनियां भी निवेश करना चाहती हैं। इनमें LIC, HDFC Life, SBI Life, SBI Pension, HDFC Pension और ICICI Prudential के नाम शामिल हैं।

मामले से जुड़े एक व्यक्ति के मुताबिक, इस इश्यू के लिए कई अरब डॉलर की बोलियां मिली हैं। विदेशी लॉन्ग-टर्म निवेशकों, सरकारी निवेश फंड और पेंशन फंड से बड़ी मांग आई है। टेक्नोलॉजी पर फोकस करने वाले वैश्विक फंड और बड़े फैमिली ऑफिस भी इसमें दिलचस्पी दिखा रहे हैं।

सिर्फ टेलीकॉम कंपनी नहीं है Jio

Jio का कारोबार अब मोबाइल कनेक्टिविटी से आगे बढ़ चुका है। कंपनी ब्रॉडबैंड, क्लाउड, एंटरटेनमेंट और एंटरप्राइज सर्विसेज में भी काम कर रही है।

IPO के बाद निवेशकों को Jio Platforms में सीधे निवेश करने का मौका मिलेगा। अभी यह Reliance Industries की सब्सिडियरी है। करीब ₹2.5 लाख करोड़ की मांग और बड़े निवेशकों की दिलचस्पी से बाजार में उतरने से पहले कंपनी को लेकर मजबूत उत्साह दिख रहा है।

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Disclaimer: मनीकंट्रोल, नेटवर्क18 ग्रुप का हिस्सा है। नेटवर्क18 का नियंत्रण इंडिपेंडेट मीडिया ट्रस्ट करता है, जिसकी एकमात्र लाभार्थी रिलायंस इंडस्ट्रीज है।

Airtel के नए वॉइस-only रिचार्ज प्लान लॉन्च, ₹185 से शुरू; कॉलिंग और SMS के लिए नहीं मिलेगा डेटा

Airtel के नए वॉइस-only रिचार्ज प्लान लॉन्च, ₹185 से शुरू; कॉलिंग और SMS के लिए नहीं मिलेगा डेटा

टेलीकॉम कंपनी भारती एयरटेल ने भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) के नए नियमों के अनुरूप केवल वॉइस कॉलिंग और SMS वाले प्रीपेड रिचार्ज प्लान पेश किए हैं। कंपनी ऐसा करने वाली पहली टेलीकॉम ऑपरेटर बन गई है। इन प्लान में अनलिमिटेड कॉलिंग और SMS की सुविधा मिलेगी, लेकिन मोबाइल इंटरनेट डेटा शामिल नहीं होगा।

 

एयरटेल के नए प्लान ₹185, ₹203 और ₹206 की कीमत में उपलब्ध हैं। इन्हें कंपनी की वेबसाइट और मोबाइल ऐप पर सूचीबद्ध किया गया है। ये प्लान उन ग्राहकों के लिए उपयोगी हो सकते हैं जिन्हें मुख्य रूप से फोन कॉल और मैसेजिंग की जरूरत होती है।

 

Airtel के ₹185, ₹203 और ₹206 वाले प्लान में क्या मिलेगा?

 

एयरटेल के तीनों नए प्लान में लोकल, STD और रोमिंग कॉलिंग अनलिमिटेड है। साथ ही, प्रत्येक प्लान में 300 SMS मिलेंगे। इन रिचार्ज में मोबाइल डेटा नहीं दिया जाएगा।

 

 ₹185, ₹203 और ₹206 के रिचार्ज में क्या है अंतर?

 

₹185 का प्लान: यह तीनों विकल्पों में सबसे सस्ता है और इसकी वैधता 28 दिन है। जिन ग्राहकों को कम कीमत में कॉलिंग की सुविधा चाहिए, उनके लिए यह विकल्प उपयोगी हो सकता है।

 

₹203 का प्लान: इसकी वैधता 30 दिन है। ₹185 वाले प्लान की तुलना में ₹18 अधिक खर्च करके दो दिन की अतिरिक्त वैधता मिलती है।

 

₹206 का प्लान: यह एक कैलेंडर महीने के लिए वैध है। इसका मतलब है कि इसकी वैधता निश्चित रूप से 30 दिन की नहीं होती, बल्कि हर महीने उसी तारीख के आधार पर नवीनीकृत होती है।

 

रिचार्ज चुनते समय सिर्फ कीमत ही नहीं, बल्कि वैधता और अपनी जरूरतों को भी देखना जरूरी है।

 

किन ग्राहकों के लिए उपयोगी हैं ये वॉइस-only प्लान?

 

एयरटेल के ये रिचार्ज खास तौर पर उन ग्राहकों के काम आ सकते हैं जिन्हें मोबाइल डेटा की जरूरत कम पड़ती है। इनमें शामिल हैं:

 

फीचर फोन इस्तेमाल करने वाले ग्राहक: जिन्हें मुख्य रूप से कॉलिंग और SMS चाहिए।

 

दूसरा मोबाइल नंबर रखने वाले लोग : जो एक नंबर का इस्तेमाल केवल कॉल करने या प्राप्त करने के लिए करते हैं।

 

Wi-Fi पर निर्भर यूजर: जो घर या ऑफिस में Wi-Fi से इंटरनेट चलाते हैं और मोबाइल डेटा पैक नहीं चाहते।

 

कम खर्च में रिचार्ज चाहने वाले ग्राहक: जो लंबी वैधता वाले महंगे पैक के बजाय कम अवधि का रिचार्ज करना चाहते हैं।

 

ऐसे ग्राहकों के लिए डेटा वाले प्लान पर खर्च करना जरूरी नहीं हो सकता, खासकर तब जब वे मोबाइल इंटरनेट का इस्तेमाल बहुत कम करते हों।

 

TRAI के नए नियम के बाद आए वॉइस-only प्लान

 

एयरटेल के इन प्लान की शुरुआत TRAI के उस निर्देश के बाद हुई है, जिसमें टेलीकॉम कंपनियों से केवल वॉइस कॉल और SMS की सुविधा वाले विशेष टैरिफ वाउचर उपलब्ध कराने को कहा गया था।

 

सितंबर में नियामक ने निर्देश दिया था कि कंपनियां डेटा सेवाओं को शामिल किए बिना केवल वॉइस कॉल और SMS वाले विशेष टैरिफ वाउचर पेश करें और उनके शुल्क में उचित कमी करें। TRAI के टेलीकॉम कंज्यूमर प्रोटेक्शन (तेरहवें संशोधन) विनियम, 2026 के तहत 30 दिन या उससे कम वैधता वाले ऐसे वाउचर उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया।

 

इसका उद्देश्य उन ग्राहकों को ऐसा रिचार्ज विकल्प देना है जिन्हें इंटरनेट डेटा की जरूरत नहीं है। हालांकि, ग्राहकों को रिचार्ज करने से पहले एयरटेल ऐप या वेबसाइट पर प्लान की मौजूदा कीमत, वैधता और सुविधाओं की पुष्टि कर लेनी चाहिए।

Pragyan Ojha: गंभीर-कोहली के बीच नहीं है सबकुछ ठीक? प्रज्ञान ओझा के सामने सबसे बड़ी चुनौती

BCCI ने भारत के पूर्व क्रिकेटर प्रज्ञान ओझा नया चीफ सिलेक्टर बनाया है। प्रज्ञान अजित अगरकर की जगह लेंगे। इसके साथ ही बोर्ड ने पूर्व भारतीय स्पिनर रमेश पोवार को भी सीनियर पुरुष चयन समिति में शामिल करने की पुष्टि की है। वहीं प्रज्ञान ओझा का बोर्ड और खिलाड़ियों के साथ उनके अच्छे संबंध हैं। हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, बीसीसीआई प्रमुख ने प्रज्ञान ओझा से कहा था कि वह परेशानी दूर करने में मदद करें। उन्हें मुख्य कोच गौतम गंभीर और विराट कोहली के बीच बातचीत की कमी को दूर करने की जिम्मेदारी भी दी गई थी।

रिपोर्ट के अनुसार, सिलेक्शन कमिटी में साउथ ज़ोन को रिप्रेजेंट करने वाले ओझा ने अपने कार्यकाल के दौरान कभी-कभी कोहली से इस मुद्दे पर बात की थी। ओझा और कोहली ने भारत के लिए एक-दूसरे के साथ 22 मैच खेले हैं।

ओझा को दी जिम्मेदारी

ऐसी खबरें है कि इंग्लैंड दौरे के बाद जब पूर्व मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर ने रोहित शर्मा को वनडे टीम से बाहर रखने का फैसला किया था, तो इसकी जानकारी रोहित तक पहुंचाने की जिम्मेदारी प्रज्ञान ओझा को दी गई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, उस समय ओझा और रोहित दोनों ब्रिटेन में थे। ओझा ने वहीं रोहित को चयनकर्ताओं के इस फैसले के बारे में बताया था।

24 टेस्ट मैच खेल चुके हैं ओझा

राष्ट्रीय चयनकर्ता के तौर पर प्रज्ञान ओझा अब तक ज्यादा चर्चा में नहीं रहे थे। लेकिन भारतीय क्रिकेट की एक अहम जिम्मेदारी संभालने के बाद उन पर पहले से कहीं ज्यादा दबाव होगा। अजीत अगरकर के मुख्य चयनकर्ता रहते हुए भारतीय टीम ने आईसीसी की दो बड़ी ट्रॉफियां जीती थीं। ऐसे में उनकी जगह लेना प्रज्ञान ओझा के लिए आसान नहीं होगा। प्रज्ञान ओझा ने भारत के लिए 24 टेस्ट मैच खेले हैं। उन्हें उनके अनुभव और वरिष्ठता के आधार पर मुख्य चयनकर्ता के पद पर आगे बढ़ाया गया। ऐसी खबरें हैं कि, ओझा के बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के प्रमुख वीवीएस लक्ष्मण के साथ भी अच्छे संबंध हैं। चयन से जुड़े मामलों में लक्ष्मण की भूमिका और प्रभाव लगातार बढ़ रहा है।

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इटली में हिंसक प्रदर्शनों के बीच भारतीयों के लिए एडवाइजरी:भीड़भाड़ वाली जगहों से दूर रहने की सलाह; PM मेलोनी ने इमरजेंसी बैठक बुलाई

इटली में बढ़ती महंगाई के खिलाफ हो रहे प्रदर्शनों के हिंसक होने के बाद भारतीय दूतावास ने वहां रह रहे भारतीय नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है। दूतावास ने सोमवार को भारतीयों से भीड़भाड़ वाली जगहों और प्रदर्शन वाले इलाकों से दूर रहने और स्थानीय खबरों पर नजर रखने को कहा है। इस बीच, इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने हिंसा की घटनाओं के बाद सोमवार को इमरजेंसी सिक्योरिटी बैठक बुलाई है। भारतीय दूतावास ने आपात स्थिति में मदद के लिए रोम और मिलान स्थित अपने कार्यालयों के नंबर जारी किए हैं। मिलान में पुलिस से भिड़े प्रदर्शनकारी, दुकानों में लूटपाट इटली के कई शहरों में रविवार को बढ़ती महंगाई के खिलाफ प्रदर्शन हुए। शुरुआत में शांतिपूर्ण रहे इन प्रदर्शनों के दौरान मिलान में हिंसा भड़क गई। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पत्थर, कूड़ेदान और कुर्सियां फेंकीं। इसके बाद पुलिस ने आंसू गैस और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। वीकेंड पर मिलान में 5,000 से ज्यादा लोग जुटे थे। हिंसा के दौरान दुकानों में लूटपाट की गई और संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया गया। इटली की न्यूज एजेंसी अंसा के मुताबिक, पुलिस ने 200 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया। इनमें करीब 80% नाबालिग हैं। झड़पों में पुलिसकर्मियों और अन्य लोगों के घायल होने की भी खबर है। ट्यूरिन में पत्थर और हथौड़े लेकर घूम रहे लोग पकड़े गए हिंसा का असर इटली के दूसरे शहरों में भी देखने को मिला। मेलोनी के मुताबिक, ट्यूरिन में कुछ लोगों को पत्थर और शीशे तोड़ने वाले हथौड़े लेकर जाते समय हिरासत में लिया गया। वहीं, बोलोन्या में गड़बड़ी की आशंका के चलते एक रेलवे स्टेशन को एहतियातन बंद कर दिया गया। मिलान के मेयर ग्यूसेपे साला ने कहा कि दुकानों के टूटे शीशे, लूटपाट और डरे हुए नागरिकों को देखकर चिंता होती है। उनके मुताबिक, ऐसी घटनाएं दुनिया के कई शहरों में देखने को मिल रही हैं। मेलोनी बोलीं- प्रदर्शन करना अधिकार, शहरों में आग लगाना नहीं प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने हिंसा की निंदा करते हुए कहा, ‘प्रदर्शन करना अधिकार है, लेकिन हमारे शहरों को बर्बाद करना नहीं।’ उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ उपद्रवियों ने प्रदर्शनों का फायदा उठाकर अराजकता फैलाने की कोशिश की। मेलोनी ने विपक्षी दलों से भी हिंसा की स्पष्ट रूप से निंदा करने की अपील की। उन्होंने कहा कि इस मामले में किसी तरह की अस्पष्टता नहीं होनी चाहिए, क्योंकि हिंसा की निंदा करने में हिचकिचाहट को उसका समर्थन समझा जा सकता है। ———————– ये खबर भी पढ़ें… यूरोप के 6 देशों में शिक्षा-महंगाई पर प्रदर्शन:फ्रांस में आगजनी-लूटपाट, इटली में स्कूलों पर कब्जा किया, ग्रीस में संसद के सामने बैठे आंदोलनकारी यूरोप के 6 देशों में पढ़ाई का बढ़ता खर्च, बेरोजगारी और महंगे घरों के खिलाफ प्रदर्शन तेज हो गए हैं। फ्रांस में प्रदर्शनकारियों ने दुकानों में लूटपाट की और कई सरकारी इमारतों में आग लगा दी। पूरी खबर यहां पढ़ें…

VIDEO : जामा मस्जिद मेट्रो स्टेशन पर अंडरगारमेंट में ‘सीक्रेट पैकेट’ छिपाकर ले जा रहा था संदिग्ध, CISF जवान ने दौड़कर पकड़ा

VIDEO : जामा मस्जिद मेट्रो स्टेशन पर अंडरगारमेंट में 'सीक्रेट पैकेट' छिपाकर ले जा रहा था संदिग्ध,  CISF जवान ने दौड़कर पकड़ा

jama masjid

दिल्ली के जामा मस्जिद मेट्रो स्टेशन पर शनिवार को बैगेज स्कैनिंग के दौरान संदिग्ध वस्तु दिखाई देने पर एक यात्री भागने लगा। हालांकि, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के जवानों ने तत्परता दिखाते हुए उसे स्टेशन के एग्जिट गेट के पास पकड़ लिया। तलाशी के दौरान उसके अंडरगारमेंट के सिले हुए हिस्से में छिपाकर रखा गया करीब 155 ग्राम पदार्थ बरामद हुआ, जिसकी जांच में सोने का पाउडर होने की जानकारी सामने आई।

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बैग स्कैनर में दिखी संदिग्ध वस्तु, भागने लगा यात्री

 

CISF के मुताबिक, जामा मस्जिद मेट्रो स्टेशन पर बैगेज की जांच के दौरान एक्स-रे बैगेज इंस्पेक्शन सिस्टम (XBIS) की स्क्रीन पर एक घनी और संदिग्ध वस्तु दिखाई दी। इसके बाद यात्री ने वहां से भागने की कोशिश की। सतर्क जवानों ने तुरंत उसका पीछा किया और निकास द्वार के पास उसे पकड़ लिया।

 

यात्री के बैग और अन्य सामान की जांच करने पर अंडरगारमेंट के सिले हुए हिस्से में एक अज्ञात अर्धठोस पदार्थ छिपा मिला। शुरुआती आशंका के आधार पर पुलिस को इसकी जानकारी दी गई और यात्री को बरामद सामग्री समेत पुलिस के हवाले कर दिया गया।

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पहले नशीले पदार्थ का हुआ संदेह

 

पुलिस के मुताबिक, शुरुआत में बरामद पदार्थ के नशीला या मन:प्रभावी पदार्थ होने की आशंका जताई गई थी। इसके बाद नारकोटिक्स अधिकारियों से संपर्क किया गया। जांच में इस आशंका को खारिज कर दिया गया और आगे की जांच में पदार्थ की पहचान सोने के पाउडर के रूप में हुई।

 

यात्री की पहचान मोहम्मद शोएब के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, वह उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर का रहने वाला है और उसने मलेशिया के कुआलालंपुर का पता भी बताया। उसने जांचकर्ताओं को बताया कि वह मलेशिया में कपड़ा क्षेत्र में काम करता है और वहां अपनी मलेशियाई पत्नी तथा दो बच्चों के साथ रहता है।

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16 अक्टूबर को दिल्ली पहुंचा था यात्री

 

पूछताछ के दौरान शोएब ने बताया कि वह 16 अक्टूबर को बरामद पदार्थ के साथ दिल्ली पहुंचा था और जामा मस्जिद इलाके के एक होटल में ठहरा था। अगले दिन वह लाजपत नगर जाने के लिए मेट्रो स्टेशन पहुंचा था। पुलिस ने मामले में सीमा शुल्क विभाग से भी संपर्क किया। हालांकि, अधिकारियों ने इसे अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर बताते हुए कार्रवाई शुरू नहीं की। पुलिस के अनुसार, शोएब बरामद सामग्री के स्वामित्व से जुड़े दस्तावेज पेश नहीं कर सका और न ही उसे ले जाने की संतोषजनक वजह बता पाया।

दिल्ली पुलिस एक्ट के तहत कार्रवाई

 

पुलिस ने बताया कि मामले में सुप्रीम कोर्ट मेट्रो पुलिस स्टेशन में दिल्ली पुलिस अधिनियम के तहत कार्रवाई शुरू की गई है। मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच की जा रही है। इस घटना में CISF जवानों की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई के कारण संदिग्ध यात्री को स्टेशन से बाहर निकलने से पहले ही पकड़ लिया गया।

Q2 Results: सोलर कंपनी का मुनाफा 30% फिसला, मार्जिन में भी गिरावट; फोकस में रहेगा स्टॉक

Waaree Renewable Q2 Results: सोलर कंपनी Waaree Renewable Technologies के रेवेन्यू में सितंबर तिमाही के दौरान अच्छी बढ़त हुई। लेकिन कंपनी का मुनाफा घट गया। वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट 30% गिरकर ₹82 करोड़ रह गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹116 करोड़ था।

दूसरी ओर, कंपनी का रेवेन्यू 36.53% बढ़कर ₹1,057.84 करोड़ पहुंच गया। एक साल पहले यह ₹775 करोड़ था। हालांकि, EBITDA सिर्फ 1.3% बढ़कर ₹160 करोड़ हुआ। इसका असर EBITDA मार्जिन पर भी पड़ा। यह 20% से घटकर 15% रह गया।

पहली छमाही में कैसा रहा प्रदर्शन?

अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच वारी रिन्यूएबल का रेवेन्यू 43.84% बढ़कर ₹1,982.09 करोड़ हो गया। पिछले साल इसी अवधि में यह ₹1,377.97 करोड़ था। EBITDA भी 21.04% बढ़कर ₹333.46 करोड़ पहुंच गया।

हालांकि, नेट प्रॉफिट में बढ़त नहीं हुई। यह पिछले साल के ₹202.75 करोड़ से घटकर ₹200.44 करोड़ रह गया। कंपनी के मुताबिक, अधिग्रहण से जुड़े खर्च और नए कारोबार के अलग-अलग प्रॉफिट मार्जिन का असर मुनाफे पर पड़ा है।

महाराष्ट्र में लगाएगी सोलर प्लांट

वारी रिन्यूएबल के बोर्ड ने महाराष्ट्र के वर्धा में 35 मेगावाट पीक क्षमता वाला सोलर प्लांट लगाने को मंजूरी दी है। इसकी AC क्षमता 25 मेगावाट होगी। कंपनी इस प्लांट से बिजली बनाएगी और बेचेगी।

कंपनी की अधूरी ऑर्डर बुक ₹5,500 करोड़ से ज्यादा है। यानी इतने मूल्य के प्रोजेक्ट अभी पूरे होने बाकी हैं। इसके अलावा, 34.6 GWp से ज्यादा के सोलर प्रोजेक्ट्स की बोली पाइपलाइन भी है। बैटरी स्टोरेज और बिजली ट्रांसमिशन कारोबार में भी कंपनी को अवसर दिख रहे हैं।

नए कारोबार पर भी नजर

Waaree Renewable अपने EPC और बिजली ट्रांसमिशन कारोबार को बढ़ाना चाहती है। कंपनी सोलर प्रोजेक्ट्स के रखरखाव से जुड़ी सेवाओं का भी विस्तार करेगी।

इसके लिए ड्रोन से सोलर पैनल की जांच, डेटा के जरिए खराबी का पहले पता लगाने और भूमिगत बिजली केबल में गड़बड़ी पहचानने जैसी तकनीकों पर काम किया जा रहा है।

नतीजों से पहले सोमवार, 19 अक्टूबर को NSE पर Waaree Renewable का शेयर 0.44% गिरकर ₹833.40 पर बंद हुआ।

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CJP नेता आशुतोष रांका और सौरव दास की बढ़ीं मुश्किलें, कोर्ट ने दो दिन बढ़ाई न्यायिक हिरासत

दिल्ली की एक अदालत ने सोमवार को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेता सौरव दास और आशुतोष रांका की न्यायिक हिरासत 21 अक्टूबर तक बढ़ा दी है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 21 अक्टूबर को होगी। फिलहाल दोनों नेता फिलहाल तिहाड़ जेल में बंद हैं। इससे पहले 14 अक्टूबर को उन्हें स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) में पेश किया गया था। कोर्ट ने उन्हें पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। दोनों पर शांति बनाए रखने के लिए दिए गए बॉन्ड की शर्तें तोड़ने और जंतर-मंतर में बिना अनुमति प्रवेश करने का आरोप है। जंतर-मंतर को पहले ही विरोध प्रदर्शन स्थल के रूप में अधिसूचित सूची से हटा दिया गया था।

दो दिन तक बढ़ी न्यायिक हिरासत

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की कानूनी टीम ने जमानत से जुड़े दस्तावेज जमा करने के बाद आशुतोष रांका और सौरव दास को रिहा करने की मांग की। इससे पहले, जमानतदार नहीं मिलने के कारण दोनों नेताओं को जेल भेज दिया गया था। सोमवार को पुलिस ने उनकी हिरासत बढ़ाने की मांग की, जिसके बाद मजिस्ट्रेट ने दोनों को दो दिन और जेल में रखने का आदेश दिया।

13 अक्टूबर को लिया था हिरासत में

सौरव दास और आशुतोष रांका को मंगलवार सुबह 13 अक्टूबर 2026 को हिरासत में लिया गया था। आरोप है कि दोनों ने बैरिकेड तोड़कर बिना अनुमति जंतर-मंतर में प्रवेश किया। इस दौरान उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए नारेबाजी भी की। सूत्रों के मुताबिक, पुलिस ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया। उन पर बिना अनुमति किसी जगह में घुसने, प्रतिबंधों का उल्लंघन करने, शांति बनाए रखने के लिए दिए गए बॉन्ड की शर्तें तोड़ने और एक सरकारी कर्मचारी को उसकी ड्यूटी करने से रोकने के आरोप लगाए गए हैं।

साइन किया था बॉन्ड

सूत्रों के अनुसार, शनिवार को प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए जाने के बाद सौरव दास और आशुतोष रांका ने एक साल तक शांति बनाए रखने का बॉन्ड भरा था। ये मामला ऐसे समय में सामने आया है, जब कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और अन्य संगठन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। इन संगठनों ने मतदाता सूची में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान कथित गड़बड़ियों का आरोप लगाया है। विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी गई है।