Market Trend : बैंक, NBFCs, ऑटो और रियल एस्टेट पर दबाव बने रहने की उम्मीद, चुनिंदा IT शेयर कर सकते हैं आउटपरफॉर्म

Market Trend : US-ईरान टेंशन,कच्चे तेल में उछाल और बढ़ती बॉन्ड यील्ड से बाजार डर गया है। निफ्टी करीब दो सौ प्वाइंट टूटकर 23850 के नीचे है। मिडकैप-स्मॉलकैप शेयरों में बिकवाली का ज्यादा प्रेशर है। हालांकि बैंक निफ्टी की रिकवरी की कोशिश हो रही है। इधर क्रूड 96 डॉलर के ऊपर है तो इंडिया VIX 4 परसेंट उछला है। आज ऑटो शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली आई है। ऑटो इंडेक्स 2 परसेंट से ज्यादा नीचे आया है। आयशर, बजाज ऑटो निफ्टी के टॉप लूजर हैं। वहीं रियल्टी, IT, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और डिफेंस में भी कमजोरी है। लेकिन चुनिंदा PSU बैंकों में खरीदारी दिख रही है।

बाजार: आज कहां हो नजर

बाजार पर अपनी राय साझा करते हुए सीएनबीसी-आवाज के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि आज रेट सेंसिटिव सेक्टर्स पर काफी दबाव हो सकता है। बैंक, NBFCs, ऑटो और रियल एस्टेट पर दबाव दिख सकता है। सबसे ज्यादा दबाव गोल्ड फाइनेंस शेयरों पर रह सकता है। पिछले 2-3 दिनों से आवाज़ पर मणप्पुरम, मुथूट फाइनेंस पर निगेटिव नजरिया रहा है। हालांकि निवेशकों के लिए खरीदारी के मौके भी हैं। हिंद जिंक और बाकी मेटल शेयरों में भी काफी दबाव दिख सकता है। श्रीराम फाइनेंस, चोला फाइनेंस जैसे ऑटो फाइनेंस शेयर भी गिर सकते हैं। रियल एस्टेट और हाउसिंग फाइनेंस शेयरों में भी दबाव संभव है।

चुनिंदा IT शेयर आज Outperform कर सकते हैं। कल IT शेयरों ने अच्छी रिकवरी दिखाई है। डॉलर और कच्चे तेल का ऊपर आना और कोस्पी का नीचे आना IT के लिए एल्गो पॉजिटिव है। आखिर में, India VIX अपनी Complacency से बाहर आ रहा है। गिरते बाजार में VIX का ना बढ़ना ठीक संकेत नहीं था।

FIIs लगातार शॉर्टिंग कर रहे हैं और उनका ट्रैक रिकॉर्ड बढ़िया है। इस तरह की शॉर्टिंग वो आमतौर पर 500-1000 अंकों के लिए करते हैं। 24,600 से हम पहले ही 24,000 तक आ चुके हैं। 23,950 नहीं बचा तो 23,600-23,800 भी संभव है। 24,200 के ऊपर निकले तभी कोई शॉर्ट कवरिंग संभव है।

निफ्टी पर रणनीति

अनुज सिंघल ने कहा कि निफ्टी के लिए सबसे अहम सपोर्ट 23,950-24,000 पर है। इसके नीचे फिसले तो अगला बड़ा सपोर्ट सिर्फ 23,800 पर होगा। निफ्टी के लिए पहला रजिस्टेंस 24,100-24,150 पर और बड़ा रजिस्टेंस 24,200-24,250 पर है। 24,000-24,050 के रिजेक्शन पर बिकवाली करें। सख्त SL 24,100 पर रखें। खरीदारी तभी करें जब 23,900-23,950 को बचाए,सख्त SL 23,875 पर होना चाहिए।

बैंक निफ्टी पर रणनीति

अनुज सिंघल ने कहा कि बैंक निफ्टी कल ठीक 200 DMA पर बंद हुआ। बैंक निफ्टी में अब तक 57,000-58,000 की रेंज रही है। आज 57,000 टूटने का रिस्क रहेगा। 57,400-57,500 के रिजेक्शन पर बिकवाली करें,SL 57,600 पर रखें। खरीदारी तभी करें जब बैंक निफ्टी 57,900-58,000 को बचाए, SL 57,800 पर सेट करें।

 

Trading Picks : इंडेक्स में उछाल पर बिकवाली की रणनीति करेगी काम, इन दो शेयरों में हो सकती है अच्छी कमाई

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Mitsubishi Pajero returns after 5-year hiatus

Mitsubishi Pajero returns after 5-year hiatus
5th-generation Mitsubishi Pajero front quarter static

The fifth-generation Mitsubishi Pajero has debuted, marking a comeback for the SUV nameplate after its 2021 discontinuation. Like the previous-generation model, the 2026 Pajero has a ladder-frame chassis and gets a four-wheel-drive (4WD) setup with a low-range transfer case. It is offered only with a diesel engine and has a fairly modernised exterior and interior design in its fifth-generation avatar.

  1. The diesel engine produces 480Nm and is mated to an 8-speed AT
  2. Has a wheelbase of 2,870mm and offers a 230mm ground clearance

सिर्फ फिटनेस ही नहीं, गार्डनिंग में भी नंबर 1 हैं मिलिंद सोमन! घर पर खुद उगाते हैं ये सब्जियां

फिटनेस आइकन और मैराथन रनर मिलिंद सोमन अपनी फिटनेस और एक्टिव लाइफस्टाइल के लिए जाने जाते हैं। लेकिन कम ही लोग जानते हैं कि उन्हें गार्डनिंग का भी काफी शौक है। मिलिंद और उनकी पत्नी अंकिता ने 2020 के लॉकडाउन के दौरान घर पर सब्जियां उगाना शुरू किया था। धीरे-धीरे उनका घर का बगीचा एक छोटे से होम फार्म में बदल गया, जहां वे कई तरह की ताजी सब्जियां उगाते हैं। दोनों अक्सर सोशल मीडिया पर अपने गार्डन और उसमें उगी सब्जियों की तस्वीरें भी शेयर करते रहते हैं।

मिलिंद के घर के गार्डन में कद्दू, लौकी, टमाटर, बैंगन, मिर्च, बीन्स, पत्तागोभी, फूलगोभी, मूली, मेथी और पालक जैसी सब्जियां उगती हैं। अंकिता भी कई बार भिंडी और मूली जैसी सब्जियों की झलक दिखा चुकी हैं। एक बार मिलिंद ने अपने गार्डन से बड़ा-सा कद्दू तोड़ते हुए वीडियो शेयर किया था। साथ ही उन्होंने लोगों से कद्दू की पसंदीदा रेसिपी भी पूछी थी।

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मिलिंद की फिटनेस का राज और गार्डनिंग 

मिलिंद सोमन अपनी फिटनेस, मैराथन और एक्टिव लाइफस्टाइल के साथ-साथ उन्हें नेचर और गार्डनिंग में भी काफी दिलचस्पी है। मिलिंद और उनकी पत्नी अंकिता कोंवर ने 2020 के लॉकडाउन में घर पर सब्जियां उगाने की शुरुआत की थी। धीरे-धीरे उनका यह शौक एक छोटे से किचन गार्डन में बदल गया, जहां वे अपनी जरूरत के हिसाब से कई तरह की ताजी सब्जियां उगाने लगे। दोनों अक्सर अपने गार्डन और वहां उगने वाली फसलों की झलकियां सोशल मीडिया पर शेयर करते रहे हैं।

मिलिंद के गार्डन में सिर्फ कद्दू ही नहीं, बल्कि लौकी, टमाटर, बैंगन, मिर्च, बीन्स, पत्तागोभी, फूलगोभी, मेथी, पालक और मूली जैसी कई सब्जियां उगाई जाती हैं। उनकी गार्डनिंग से पता चलता है कि यह केवल लॉकडाउन के समय शुरू हुआ शौक नहीं था, बल्कि दोनों ने इसे लगातार जारी रखा। मिलिंद ने अपने इस अंदाज को मजाकिया तरीके से “दाढ़ी वाला किसान” भी कहा है।

 

मिलिंद के साथ पत्नी अंकिता की भागीदारी

अंकिता भी गार्डनिंग में मिलिंद का साथ देती हैं और उनकी पोस्ट से साफ पता चलता है कि यह सिर्फ लॉकडाउन के समय शुरू हुआ कोई छोटा-मोटा शौक नहीं था। दोनों ने इसे लगातार आगे बढ़ाया और अपने घर में ही हरियाली से भरा एक खूबसूरत गार्डन तैयार किया। एक बार मिलिंद ने अपने गार्डन से निकला बड़ा सा कद्दू दिखाते हुए मजाक में कहा था कि अब अगले कुछ दिनों तक कद्दू ही खाना पड़ेगा। अंकिता ने भी कद्दू के साथ मूली, भिंडी और दूसरी सब्जियों की तस्वीरें शेयर की हैं।

 

घर में ऐसे बनाएं अपना DIY ग्रीन हाउस

गार्डनिंग सेटअप की सबसे खास चीजों में से एक उनका घर पर बनाया गया छोटा सा ग्रीनहाउस है। उन्होंने इसे सब्जियां उगाने के लिए एक अलग जगह के तौर पर तैयार किया था। उनके घर के केयरटेकर ने इसे प्यार से “सब्जी का घर” नाम दिया था। ग्रीनहाउस में पौधों और बेलों के बढ़ने के बाद यह जगह काफी हरी-भरी नजर आने लगी थी।

आप भी घर पर ताजी सब्जियां उगाना चाहते हैं, तो छोटा DIY ग्रीनहाउस बना सकते हैं। इसके लिए छत, बालकनी या आंगन में ऐसी जगह चुनें जहां अच्छी धूप आती हो। बांस या लकड़ी से मजबूत फ्रेम बनाकर उसे साफ ऐक्रेलिक या UV-स्टेबलाइज्ड पॉलीइथिलीन शीट से कवर करें। गमलों या ग्रो बैग में अच्छी मिट्टी और कम्पोस्ट भरकर सब्जियां लगाएं। पौधों को रेगुलर पानी दें, लेकिन ध्यान रखें कि मिट्टी में जरूरत से ज्यादा पानी जमा न हो। बहुत ज्यादा गीली मिट्टी से पौधों की जड़ों को नुकसान पहुंच सकता है और उनकी ग्रोथ भी प्रभावित हो सकती है। इसलिए पानी देने से पहले मिट्टी की नमी जरूर देख लें। इसके साथ ही ग्रीनहाउस को रोजाना चेक करते रहें। पौधों की पत्तियों पर कीड़े या किसी तरह की परेशानी तो नहीं है, पत्तियां मुरझा तो नहीं रही हैं और अंदर का टेम्परेचर बहुत ज्यादा तो नहीं हो रहा, इन सभी बातों का ध्यान रखें। थोड़ी-सी देखभाल से पौधे स्वस्थ रहेंगे और अच्छी तरह बढ़ेंगे।

 

क्या है सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की मौत का केस जिसकी अब CBI करेगी जांच? 2020 से अबतक ये सब हुआ

Disha Salian Case: दिवंगत बॉलीवुड सेलिब्रिटी मैनेजर दिशा सालियान की मौत के मामले में बुधवार (2 सितंबर) को बड़ा कानूनी मोड़ आ गया। बॉम्बे हाई कोर्ट ने बुधवार (2 सितंबर) को दिवंगत बॉलीवुड एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियन की मौत के मामले की केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) जांच का आदेश दिया। इस दौरान अदालत ने साफ किया कि किसी भी व्यक्ति को तब तक आरोपी नहीं माना जाना चाहिए, जब तक कि जांच अधिकारी को उसके खिलाफ पर्याप्त सबूत न मिल जाएं। कोर्ट ने CBI को निर्देश दिया है कि जांच के लिए एक वरिष्ठ और अनुभवी अधिकारी की नियुक्ति की जाए। साथ ही मामले में संबंधित धाराओं के तहत FIR दर्ज कर आगे की जांच की जाएगी।

यह मामला दिशा सालियान के पिता सतीश सालियान की याचिका के बाद एक बार फिर बॉम्बे हाईकोर्ट के सामने आया था। सतीश सालियान ने अपनी बेटी की मौत की परिस्थितियों पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच की मांग की थी। हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान इस बात पर भी सवाल उठाए थे कि परिवार की ओर से संदेह जताए जाने के बावजूद FIR क्यों दर्ज नहीं की गई?

‘बिना सबूत किसी को भी आरोपी न माना जाए’

हाई कोर्ट ने साफ कहा है कि जब तक जांच में किसी के खिलाफ ठोस सबूत न मिल जाएं, तब तक किसी को भी आरोपी न माना जाए। अदालत ने कहा, “अगर कोई गंभीर अपराध (कॉग्निज़ेबल ऑफ़ेंस) बनता है, तो इस मामले में जल्द से जल्द चार्जशीट दाखिल की जानी चाहिए। अगर कोई गंभीर अपराध नहीं बनता है, तो जजों ने जांच अधिकारी (I.O.) को आदेश दिया है कि वे सक्षम अदालत में मामले को बंद करने की उचित प्रक्रिया शुरू करें।” दिशा के पिता को प्रोटेस्ट पिटीशन दाखिल करने की इजाजत दी गई है।

CBI दर्ज करेगी FIR, वरिष्ठ अधिकारी संभालेंगे जांच

हाई कोर्ट के आदेश के बाद अब मामले में संबंधित प्रावधानों के तहत FIR दर्ज की जाएगी। इसके बाद CBI जांच को आगे बढ़ाएगी। हाईकोर्ट ने विशेष रूप से निर्देश दिया है कि जांच के लिए किसी वरिष्ठ और अनुभवी अधिकारी को नियुक्त किया जाए, ताकि मामले की जांच निष्पक्ष और प्रभावी तरीके से हो सके।

दिशा सालियान की मौत 8 जून 2020 को मुंबई में एक बिल्डिंग से गिरने के बाद हुई थी। उस समय पुलिस ने इसे दुर्घटनावश हुई मौत के रूप में दर्ज किया था। बाद में मामले को लेकर कई सवाल और आरोप सामने आए तथा दिशा के पिता ने स्वतंत्र जांच की मांग की।

सतीश सालियान का बयान भी दर्ज होगा

CBI जांच के दौरान दिशा के पिता सतीश सालियान का बयान दर्ज किया जाएगा। उनके आरोपों और उन परिस्थितियों के बारे में विस्तार से जानकारी ली जाएगी। हाईकोर्ट पहले ही यह स्पष्ट कर चुका था कि किसी मामले में कानूनी रूप से उचित जांच और प्रक्रिया का पालन जरूरी है, ताकि परिवार को मामले में उचित निष्कर्ष और न्यायिक रूप से स्वीकार्य क्लोजर मिल सके।

आदित्य ठाकरे को लेकर कोर्ट का अहम रुख

मामले में शिवसेना (UBT) नेता आदित्य ठाकरे का नाम राजनीतिक और कानूनी बहस के दौरान सामने आता रहा है। हालांकि, CBI जांच का आदेश दिए जाने का अर्थ यह नहीं है कि आदित्य ठाकरे या किसी अन्य व्यक्ति को आरोपी घोषित कर दिया गया है।

Disha Salian Case_

जांच एजेंसी को उपलब्ध सबूतों, बयानों, रिकॉर्ड और अन्य तथ्यों के आधार पर अपनी जांच आगे बढ़ानी होगी। किसी भी व्यक्ति को केवल आरोपों या राजनीतिक दावों के आधार पर आरोपी नहीं माना जा सकता। ठाकरे की ओर से पहले भी उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों को खारिज किया गया है। उनके वकील ने अदालत में याचिका को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताते हुए आरोपों का विरोध किया था।

कोर्ट के फैसले के बाद भावुक हुए दिशा के पिता

हाईकोर्ट के फैसले के बाद दिशा सालियान के पिता सतीश सालियान भावुक हो गए। उन्होंने अदालत के आदेश के लिए धन्यवाद दिया। साथ ही उम्मीद जताई कि अब उनकी बेटी की मौत से जुड़े सवालों की निष्पक्ष तरीके से जांच होगी। दिशा सालियान की मौत के मामले में पिछले कई वर्षों से अलग-अलग दावे और जांच को लेकर सवाल उठते रहे हैं। मुंबई पुलिस ने पहले मामले में किसी तरह की आपराधिक साजिश से इनकार किया था। जबकि दिशा के परिवार की ओर से बाद में गंभीर संदेह जताते हुए नए सिरे से जांच की मांग की गई।

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पति ने छोड़ा साथ, तीन बेटों की जिम्मेदारी… फिर भी नहीं टूटी बबीता, ठेले से दुकान तक पहुंची ‘आत्मनिर्भरता’ की कहानी

पति ने छोड़ा साथ, तीन बेटों की जिम्मेदारी… फिर भी नहीं टूटी बबीता, ठेले से दुकान तक पहुंची ‘आत्मनिर्भरता’ की कहानी

babita sharma

जिंदगी जब मुश्किलों से घिर जाती है तो अक्सर इंसान रास्ते तलाशना छोड़ देता है। लेकिन उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले की बबीता शर्मा आज महिलाओं के लिए मिसाल बन गई है। नंदग्राम की रहने वाली बबीता ने मुश्किलों को अपनी कमजोरी नहीं, बल्कि ताकत बनाया। पति ने जिम्मेदारियों से मुंह मोड़ा तो उनके ऊपर तीन बेटों की जिम्मेदारी आ गई। आर्थिक हालात ने हर कदम पर परीक्षा ली, लेकिन बबीता ने हार नहीं मानी। सड़क किनारे पूजा सामग्री बेचने से शुरू हुआ सफर आज एक दुकान तक पहुंच चुका है। ALSO READ: गन्ने के खेत से विदेशी बाजार तक पहुंची यूपी की एक्सपोर्ट चेन, निर्यात नीति ने बदली तस्वीर

 

बबीता की यह कहानी अब सिर्फ गाजियाबाद की गलियों तक सीमित नहीं है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ के 137वें एपिसोड में प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के लाभार्थियों का जिक्र करते हुए बबीता शर्मा का नाम लिया। पीएम मोदी ने बताया कि योजना के लाभार्थियों में करीब 46 प्रतिशत महिलाएं हैं और लगभग 35 लाख महिलाएं इस योजना का लाभ लेकर अपने कारोबार को आगे बढ़ा रही हैं।
 

जब जिंदगी ने ली सबसे कठिन परीक्षा

कोविड काल वर्ष 2022 बबीता की जिंदगी में ऐसा मोड़ लेकर आया, जिसने उनके सामने कई चुनौतियां खड़ी कर दीं। पति वेल्डिंग का काम करते है, लेकिन उन्होंने और बच्चों और बबीता की जिम्मेदारी से मुंह मोड़ लिया। ऐसे में तीन बेटों की जिम्मेदारी अचानक उनके कंधों पर आ गई। हालात बिगड़ने पर बबीता बच्चों को लेकर अपने मायके नंदग्राम आ गईं।

 

मायके में आकर तीन बच्चों को पढ़ाना और उनका भविष्य बनाना आसान नही था, जेब में पूंजी नहीं थी, लेकिन कुछ कर दिखाने का जज्बा जरूर था बबीता के पास। शुरूआती दौर में बबीता से बहुत कम पूंजी से सड़क किनारे ठेला लगाकर छोटा-मोटा सामान बेचना शुरू कर दिया, इसी ठेले पर पूजा-पाठ से जुड़ी सामग्री रखकर बच्चों का खर्च उठाया। ग्राहक बबीता के पास पूजा सामग्री के लिए आते, लेकिन पूरा सामान न मिलने पर वापस लौट जाते थे। बबीता व्यवसाय बढ़ाना चाहती थी, लेकिन आर्थिक तंगी सामने खड़ी हो जाती। यहीं से बबीता के संघर्ष का अगला अध्याय शुरू हुआ। ALSO READ: GPS से होगी गन्ना ढुलाई की लाइव ट्रैकिंग, 24 घंटे में चीनी मिल पहुंचेगा गन्ना, योगी सरकार का बड़ा डिजिटल बदलाव

 

10 हजार रुपये ने जगाई उम्मीद

वर्ष 2022 में किसी के माध्यम से बबीता को प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना की जानकारी मिली। उन्होंने योजना के तहत आवेदन किया और उन्हें पहली बार 10 हजार रुपये का ऋण मिला।

 

यह पूंजी भले ही बहुत बड़ी नहीं थी, लेकिन बबीता के लिए यह उनके सपनों की पहली सीढ़ी थी। उन्होंने इस पैसे से अपने कारोबार को बढ़ाया। सड़क किनारे ठेले से शुरू हुआ काम धीरे-धीरे एक खोखे तक पहुंच गया।

 

बबीता ने समय से पहली ऋण राशि समय से चुकाई। इसके बाद उन्होंने दोबारा योजना के तहत आवेदन किया और उन्हें 20 हजार रुपये का ऋण मिला। बढ़ती पूंजी के साथ उनके कारोबार का विस्तार भी बढ़ता गया। उन्होंने तीसरी बार में 50 हजार का ऋण लिया, जिससे उसकी किस्मत के दरवाजे भी खुल गए।

 

ठेले से बाजार की दुकान तक

अब मेहनत रंग लाई। बबीता ने बाजार में किराये पर दुकान ली और पूजा सामग्री का कारोबार शुरू किया। जो काम कभी सड़क किनारे कुछ सामान के साथ शुरू हुआ था, वह अब एक पहचान बन चुका है।

 

यह बदलाव सिर्फ दुकान की चारदीवारी का नहीं था। बबीता के लिए यह आत्मविश्वास, सम्मान और आत्मनिर्भरता की नई शुरुआत थी।

 

उनकी कहानी बताती है कि किसी महिला को अवसर और थोड़ी आर्थिक मदद मिल जाए तो वह न सिर्फ अपने परिवार को संभाल सकती है, बल्कि खुद रोजगार खड़ा कर दूसरी महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बन सकती है।

 

‘मोदी जी मेरे लिए पिता और भाई जैसे हैं’

‘मन की बात’ में प्रधानमंत्री द्वारा अपना नाम लिए जाने पर बबीता भावुक हैं। उनका कहना है कि जिस समय उनके सामने कोई रास्ता नहीं था, उस समय प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना ने उन्हें आगे बढ़ने का सहारा दिया।

 

बबीता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपने लिए माता-पिता जैसा मानती हैं। उनका कहना है कि पीएम मोदी द्वारा ऐसी कल्याणकारी योजना ने आगे बढ़ने का अवसर दिया, उसी के कारण आज वह अपने पैरों पर खड़ी हैं। प्रधानमंत्री के मुंह से अपना नाम सुनना उनके लिए जिंदगी के सबसे खास पलों में से एक है। ALSO READ: स्वयं सहायता समूहों से जुड़े सवा करोड़ ग्रामीण परिवारों की बदली तकदीर

 

बबीता की सफलता पर गाजियाबाद को गर्व

बबीता शर्मा का नाम प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में आने के बाद गाजियाबाद प्रशासन में भी खुशी का माहौल है। जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ ने इसे पूरे जिले के लिए गौरव का क्षण बताया। उन्होंने कहा कि बबीता की कहानी जिले की हजारों महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करेगी।

 

मुख्यमंत्री की ओर से भी बबीता की सफलता की सराहना किए जाने की बात सामने आई है। प्रशासन का मानना है कि बबीता जैसी कहानियां सरकारी योजनाओं के उद्देश्य को जमीन पर साकार होते हुए दिखाती हैं।

 

‘एक छोटी शुरुआत भी बदल सकती है पूरी जिंदगी’

 

बबीता की कहानी का सबसे बड़ा संदेश यही है कि संसाधन कम हो सकते हैं, लेकिन हौसला कम नहीं होना चाहिए।

 

एक महिला, जिसने कभी सड़क किनारे सामान बेचकर अपने बच्चों का भविष्य संभालने की कोशिश शुरू की थी, आज अपनी दुकान के जरिए आत्मनिर्भर जीवन जी रही है। उनका सफर उन लाखों महिलाओं के लिए उम्मीद है, जो आर्थिक परेशानियों के कारण अपने सपनों को रोक देती हैं।

 

बबीता ने साबित कर दिया है कि सरकारी योजना का लाभ जब मेहनत और हौसले से जुड़ता है, तो 10 हजार रुपये की मदद भी किसी की जिंदगी बदलने की शुरुआत बन सकती है।

 

जिला प्रशासन ने सरकारी योजनाओं का लाभ लेने की अपील की है, उन्होंने कहाकि की नागरिक जिलाधिकारी कार्यालय, डूडा, नगर निगम और विकास भवन से संपर्क करके योजना के लाभार्थी बन सकते है। वहीं महिलाओं की कल्याणकारी योजनाओं के लिए जिला प्रोबेशन अधिकारी को नोडल अधिकारी बनाया गया है।

कीर्तिखाल का भैरवगढ़ी मंदिर: गढ़वाल के रक्षक काल भैरव का धाम, जानें क्या है खास

कीर्तिखाल का भैरवगढ़ी मंदिर: गढ़वाल के रक्षक काल भैरव का धाम, जानें क्या है खास

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पौड़ी गढ़वाल जिले के कीर्तिखाल में बने भैरव गढ़ी मंदिर को गढ़वाल का रक्षक कहा जाता है। समुद्र तल से 1855 मीटर की ऊंचाई पर स्थित यह मंदिर ऊंचे पहाड़ों और खूबसूरत गहरी खाइयों की वजह से भी आकर्षण का केंद्र है। इसे लंगूरगढ़ के नाम से भी जाना जाता है।

 

उत्तराखंड के मुख्‍यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा, पौड़ी गढ़वाल जिले के कीर्तिखाल गांव में बना भैरव गढ़ी मंदिर नैसर्गिक सौंदर्य से परिपूर्ण पहाड़ों के बीच स्थित है। भैरव जी को गढ़वाल के रक्षक के रूप में जाना जाता है। पौड़ी गढ़वाल जनपद आगमन पर इस पावन मंदिर के दर्शन अवश्य करें।

 

मंदिर के गर्भगृह में शिवलिंग की स्थापना की गई है, जहां श्रद्धालु बैठकर भजन-कीर्तन करते रहते हैं। कहा जाता है कि काल भैरव को काला रंग पसंद होता है, इसलिए यहां पर मडुवे यानी रागी के आटे का प्रसाद बनाया जाता है। मनोकामना पूरी होने पर श्रद्धालु यहां चांदी का छत्र चढ़ाते हैं।

 

लंगूरगढ़ बहुत ही शक्तिशाली गढ़ था

माना जाता है कि सन 1791 में लंगूरगढ़ बहुत ही शक्तिशाली गढ़ था। उस समय नेपाल की गोरखा सेना ने इस पूरे क्षेत्र पर हमला करके बड़े भूभाग को अपने राज्य में शामिल कर लिया था। लंगूरगढ़ को जीतने के लिए गोरखा सेना ने दो साल तक इसकी घेराबंदी करके रखी। हालांकि गोरखाओं की हार हुई और वह लंगूरगढ़ को छोड़कर भाग गए।

 

समुद्रतल से करीब 1855 मीटर की ऊंचाई पर है मंदिर

भैरव की गुमटी पर बने भैरवगढ़ी मंदिर के बाएं हिस्से में एक शक्तिकुंड भी है। इस क्षेत्र में जब भी किसी की शादी होती है तो नवविवाहित जोड़ा कुशहाल वैवाहिक जीवन की कामना के साथ यहां दर्शनों के लिए पहुंचता है। यह मंदिर समुद्रतल से करीब 1855 मीटर की ऊंचाई पर है।

 

कैसे पहुंचे मंदिर?

लैंसडाउन से करीब 18 किमी दूर इस मंदिर तक जाने के लिए सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन कोटद्वार है जो करीब 35 किमी दूर है और एयरपोर्ट देहरादून का जॉली ग्रांट हवाई अड्डा है। कीर्तिखाल में होटल की व्यवस्था नहीं है। हालांकि, यहां पर अब कुछ होमस्टे मिल सकते हैं। गुमखाल और लैंसडाउन में होटल मिल सकते हैं, जिनका किराया सीजन के हिसाब से तय होता है।

Trading Picks : इंडेक्स में उछाल पर बिकवाली की रणनीति करेगी काम, इन दो शेयरों में हो सकती है अच्छी कमाई

Trading Picks : बाजार पर बात करते हुए चॉइस ब्रोकिंग में VP टेक्निकल रिसर्च, सचिन गुप्ता का कहना है कि निफ्टी कल क्लोजिंग ऑक्शन सेशन के दौरान 24,000 के स्तर से ऊपर आ गया, लेकिन 1 सितंबर को थोड़ी गिरावट के साथ बंद हुआ,जिससे निकट भविष्य के लिए बाजार का रुख सतर्क और कंसोलिडेशन वाला बना हुआ है।

टेक्निकल सेटअप नियर टर्म में निगेटिव रुझान के साथ सतर्क और रेंज-बाउंड बाजार का संकेत दे रहा है। निफ्टी में 23,800–24,200 की रेंज में उतार-चढ़ाव बने रहने की संभावना है। इसके लिए 23,950–24,000 मेन सपोर्ट जोन और 24,200 तत्काल रेजिस्टेंस के रूप में काम करेगा।

अगर निफ्टी 24,200 के स्तर से ऊपर बना रहता है तो 24,400 तक जाने का रास्ता खुल सकता है,जबकि 23,950 से नीचे की गिरावट आने पर यह 23,800 और 23,600 तक गिर सकता है।

थिंक्रेडब्लू (Thincredblu) को फाउंडर गौरव उदानी का कहना है कि निफ्टी अभी एक अहम टेक्निकल लेवल पर है,जहां 23,900–24,000 का दायरा तत्काल सपोर्ट जोनन का काम कर रहा है। निफ्टी के लिए इस रेंज को बनाए रखना ज़रूरी होगा। अगर यह लगातार 23,900 के नीचे बना रहता है तो बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है और गिरावट और गहरी हो सकती है।

ऊपर की तरफ,24,200–24,300 का दायरा अहम रेजिस्टेंस रेंज बना हुआ है। जब तक कि जबरदस्त खरीदारी न हो इन लेवल्स की ओर किसी भी रिकवरी में बिकवाली का दबाव दिख सकता है। हाल की अस्थिरता को देखते हुए,ट्रेडर्स को सावधान रहना चाहिए और आक्रामक पोजीशन लेने से बचना चाहिए। फ़लहाल,कोई भी दिशा तय करने से पहले इस बात पर ध्यान देना चाहिए कि निफ्टी 23,900–24,000 के सपोर्ट जोन के आसपास कैसा व्यवहार करता है।

निफ्टी पर रणनीति

सीएनबीसी-आवाज़ के वीरेंद्र कुमार का कहना है कि निफ्टी के लिए पहला रजिस्टेंस 24160-24222 पर और बड़ा रजिस्टेंस 24266-24289/24331 पर है। इसके लिए पहला बेस 23977-23909 पर और बड़ा बेस 23869-23834/23809 पर है। टेक्निकली 24000 टूटा है। क्लोजिंग में सिर्फ CAS क्लोजिंग ने बचाया। ब्रेंट,बॉन्ड यील्ड और US मार्केट तीनों के संकेत निगेटिव हैं। FIIs की इंडेक्स और स्टॉक फ्यूचर्स में भारी बिकवाली हुई है। FIIs के नेट शॉर्ट बढ़कर 2.22 लाख पर पहुंचे हैं। अब कॉल राइटर्स की पकड़ मजबूत है, 23500 पुट में भारी OI है। 23977 के नीचे बेस-1 और बेस-2 में से कोई भी टेस्ट कर सकता है। रजिस्टेंस-1 के नीचे कमजोर रहेगी, SELL ON RISE बेहतर रणनीति होगी। 24160-24222 के ऊपर मजबूती आई तो शॉर्ट कवरिंग दिख सकती है।

बैंक निफ्टी पर रणनीति

सीएनबीसी-आवाज़ के वीरेंद्र कुमार का कहना है कि बैंक निफ्टी के लिए पहला रजिस्टेंस 57531-57678 पर और बड़ा रजिस्टेंस 57841-58040 पर है। इसके लिए पहला बेस 57189-56931 पर और बड़ा बेस 56745-56561/56414 पर है। टेक्निकली 50 DEMA पर क्लोजिंग हुई है,लेकिन कच्चे तेल में तेजी से चिंता है। 57189-56931 बेस को बहुत सम्मान दें। 57500-57800-58000 पर कॉल राइटर्स की मजबूत पकड़ है। बेस-1 के नीचे टिकने पर 56561 के जोन तक दबाव संभव है। लेकिन सावधानी जरूरी है,बैंक निफ्टी अचानक सरप्राइज दे सकता है।

चकाचक चार्ट वाले शेयर

चकाचक चार्ट वाले शेयर बताने के लिए हमारे साथ जुड़े हैं Prakashgaba.com के प्रकाश गाबा। इनकी इंफोसिस में 1140 रुपए के स्टॉपलॉस के साथ, 1170 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है। ONGC में भी इनकी 235 रुपए के स्टॉपलॉस के साथ, 241 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है

 

निफ्टी 23,900 के नीचे, सेंसेक्स 460 अंक टूटा, कोल इंडिया, TBZ, HDFC बैंक सबसे ज्यादा एक्टिव शेयर

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

घुटनों को दें रोजाना थोड़ी केयर, दर्द और जकड़न में काम आएंगी ये 7 आदतें

घुटनों में दर्द आजकल काफी आम समस्या हो गई है। घुटना हमारे शरीर का एक बहुत जरूरी जोड़ है, जो खड़े होने, चलने, सीढ़ियां चढ़ने और बैठने जैसे रोज के कामों में हमारा साथ देता है। ऐसे में जब घुटने में दर्द, जकड़न या सूजन होने लगे तो छोटे-छोटे काम भी मुश्किल लग सकते हैं। घुटने का दर्द सिर्फ बढ़ती उम्र की वजह से ही नहीं होता, बल्कि चोट, ज्यादा वजन, लंबे समय तक बैठे रहने या घुटने पर ज्यादा प्रेशर पड़ने की वजह से भी परेशानी हो सकती है।

यदि घुटनों में हल्का दर्द है या मामूली खिंचाव की वजह से परेशानी हो रही है, तो रोज की कुछ आसान आदतों से राहत पाने में मदद मिल सकती है। लेकिन दर्द लगातार बना रहे, बढ़ता जाए या घुटने में ज्यादा सूजन और चलने में परेशानी हो, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। वहीं सामान्य और हल्के दर्द में कुछ आसान घरेलू उपाय आपकी परेशानी को कम करने और घुटनों को आराम देने में मदद कर सकते हैं।

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1. अदरक वाली चाय का सेवन 

अदरक में जिंजरोल जैसे नेचुरल कंपोनेंट्स पाए जाते हैं, जो शरीर में सूजन से जुड़े प्रोसेस पर असर डाल सकते हैं। इसलिए कुछ लोगों को अदरक की चाय से हल्की परेशानी में आराम महसूस हो सकता है, लेकिन इसे घुटने के दर्द का इलाज नहीं माना जाना चाहिए। एक इंच अदरक के टुकड़ों को एक कप पानी में करीब 5 मिनट उबालकर छान लें। स्वाद के लिए नींबू या थोड़ा शहद मिला सकते हैं।

2. अचानक दर्द हो तो RICE तरीका अपनाएं

दर्द अचानक पैर मुड़ने, गिरने या चोट लगने के बाद शुरू हुआ है, तो शुरुआती समय में RICE तरीका अपनाया जा सकता है। इसमें Rest यानी आराम, Ice यानी बर्फ, Compression यानी हल्का दबाव और Elevation यानी पैर को ऊंचा रखना शामिल है। दर्द बढ़ाने वाली एक्टिविटी रोकें और बर्फ को कपड़े में लपेटकर 15 से 20 मिनट तक लगाएं। जरूरत पड़ने पर हल्का क्रेप बैंडेज लगाएं और आराम करते समय पैर को तकिए पर थोड़ा ऊंचा रखें।

3. नी-कैप के साथ सही जूते-चप्पल पहनें

कुछ लोगों को घुटने का सपोर्ट यानी नी-कैप पहनने से चलने-फिरने में सहारा मिल सकता है, लेकिन यह हर किसी के लिए जरूरी नहीं है। यदि इस्तेमाल करें तो सही साइज का नी-कैप ही पहनें। साथ ही ऐसे जूते-चप्पल चुनें जिनमें पैर को अच्छा सपोर्ट मिले और चलने में आराम रहे।

4. एप्सम सॉल्ट वाले गर्म पानी में पैर रखें

एप्सम सॉल्ट को गर्म पानी में डालकर पैर रखने से कुछ लोगों को जकड़न और थकान में आराम महसूस हो सकता है, हालांकि इसके असर के पक्के सबूत नहीं हैं। एक बाल्टी गर्म पानी में करीब दो कप एप्सम सॉल्ट डालकर पैरों को 15 से 20 मिनट तक रखा जा सकता है। पानी बहुत ज्यादा गर्म न हो और बाद में पैरों को अच्छी तरह सुखा लें।

5. स्ट्रेचिंग करें और हल्की एक्सरसाइज रूटीन में शामिल करें

घुटनों में दर्द होने पर पूरी तरह आराम करने के बजाय हल्की एक्सरसाइज और स्ट्रेचिंग करना मददगार हो सकता है। इससे घुटने के आसपास की मसल्स एक्टिव रहती हैं और जोड़ को हिलाने में आसानी होती है। हैमस्ट्रिंग स्ट्रेच के लिए कुर्सी पर बैठकर एक पैर सामने सीधा करें और थोड़ा आगे झुकें। काफ स्ट्रेच में दीवार पर हाथ रखकर एक पैर पीछे करें और एड़ी जमीन पर रखें। इसके अलावा कुर्सी पर बैठकर पैर को सीधा करके 5 सेकंड रोकें और फिर नीचे करें।

6. घुटने की हल्के गर्म तेल से मालिश करें

घुटने के आसपास हल्के हाथों से मालिश करने से कुछ लोगों को दर्द और जकड़न में आराम महसूस हो सकता है। इसके लिए तिल, नारियल या सरसों के तेल को हल्का गुनगुना करके इस्तेमाल कर सकते हैं। घुटने और आसपास की मसल्स पर करीब 10 मिनट तक हल्के हाथों से गोल-गोल मालिश करें।

7. डाइट में ओमेगा-3 वाली चीजें शामिल करें

ओमेगा-3 शरीर के लिए जरूरी पोषक तत्व है और सूजन से जुड़े प्रोसेस में भूमिका निभाता है। इसलिए इसे बैलेंस डाइट का हिस्सा बनाया जा सकता है। मछली खाने वाले लोग मैकेरल यानी बांगड़ा, सार्डिन और हिलसा जैसी मछली खा सकते हैं, जबकि शाकाहारी लोग अलसी, अखरोट और चिया सीड्स को डाइट में शामिल कर सकते हैं। साथ ही बहुत ज्यादा तला-भुना खाना कम करना बेहतर है।

घुटने के दर्द के लिए डॉक्टर को दिखाएं

घुटने के दर्द में घरेलू उपायों से राहत न मिले या दर्द बार-बार परेशान करे, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। यदि दर्द दो हफ्ते से ज्यादा समय तक बना रहे, घुटने में ज्यादा सूजन, लालिमा या गर्माहट महसूस हो, पैर पर वजन रखने या खड़े होने में परेशानी हो, घुटना अचानक जवाब देने लगे, जोड़ टेढ़ा या असामान्य दिखाई दे या आप घुटने को पूरी तरह मोड़ या सीधा न कर पा रहे हों, तो इसे नजरअंदाज न करें।

Mahanadi Coalfields IPO: एक और सरकारी कंपनी ने जमा किया ड्राफ्ट, कोल इंडिया बेचेगी 10% हिस्सा

सरकारी कंपनी कोल इंडिया के 100 प्रतिशत मालिकाना हक वाली सब्सिडियरी, महानदी कोलफील्ड्स ने IPO के लिए कैपिटल मार्केट रेगुलेटर SEBI के पास ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) जमा किया है। इस इश्यू में केवल ऑफर फॉर सेल (OFS) रहेगा, जिसमें कोल इंडिया अपनी 10 प्रतिशत हिस्सेदारी या 66.18 करोड़ शेयरों को बिक्री के लिए रखेगी। IPO में नए शेयर जारी नहीं होंगे, लिहाजा महानदी कोलफील्ड्स को इस ऑफरिंग से कोई पैसा नहीं मिलेगा। शेयरों को बेचने से होने वाली पूरी कमाई कोल इंडिया के पास जाएगी।

महानदी कोलफील्ड्स मुख्य रूप से ओडिशा में काम करती है और इसने वित्त वर्ष 2026 में भारत के कुल घरेलू कोयला उत्पादन में 21 प्रतिशत का योगदान दिया। कोल इंडिया के उत्पादन में इसकी हिस्सेदारी 28.4 प्रतिशत रही। वित्त वर्ष 2026 के दौरान भारत के कुल कोयला उत्पादन में कोल इंडिया का योगदान लगभग 74 प्रतिशत था।

महानदी कोलफील्ड्स के शेयरों को BSE और NSE दोनों पर लिस्ट करने का प्रस्ताव है। SBI कैपिटल मार्केट्स, एक्सिस कैपिटल, BOB कैपिटल मार्केट्स, IDBI कैपिटल मार्केट्स एंड सिक्योरिटीज और IIFL कैपिटल सर्विसेज को इस इश्यू के लिए बुक-रनिंग लीड मैनेजर नियुक्त किया गया है। महानदी कोलफील्ड्स का वित्त वर्ष 2025-26 में शुद्ध मुनाफा 1.3 प्रतिशत की गिरावट के साथ 10,678 करोड़ रुपये रहा। रेवेन्यू 2.6 प्रतिशत की गिरावट के साथ 30,550 करोड़ रुपये हो गया।

मार्च और अप्रैल में ये 2 सब्सिडियरी हुई थीं लिस्ट

कोल इंडिया की वर्तमान में 8 सहायक कंपनियां- ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड, भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL), सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड, वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड, साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL), नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड, MCL, और सेंट्रल माइन प्लानिंग एंड डिजाइन इंस्टीट्यूट लिमिटेड (CMPDIL) हैं।

इससे पहले भारत कोकिंग कोल लिमिटेड जनवरी 2026 में स्टॉक एक्सचेंजों पर लिस्ट हुई थी। इसका पब्लिक इश्यू 1,068.78 करोड़ रुपये का था। सेंट्रल माइन प्लानिंग एंड डिजाइन इंस्टीट्यूट लिमिटेड मार्च, 2026 में NSE और BSE पर लिस्ट हुई थी। इसका IPO 1,841.45 करोड़ रुपये का था।

2030 तक CIL की सभी सहायक कंपनियां लिस्ट कराने का है प्लान

प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने कोयला मंत्रालय को निर्देश दिया है कि वह यह सुनिश्चित करे कि 2030 तक कोल इंडिया लिमिटेड की सभी सहायक कंपनियां स्टॉक एक्सचेंजों पर लिस्ट हो जाएं। इस कदम का उद्देश्य निगरानी को सुव्यवस्थित करना, पारदर्शिता बढ़ाना और संपत्तियों के मोनेटाइजेशन के जरिए वैल्यू अनलॉक करना है।

Priority Jewels IPO: 100.45 गुना के बंपर सब्सक्रिप्शन के बाद आज, 2 सितंबर को अलॉटमेंट; कैसी रहेगी लिस्टिंग?

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

JLR opens bookings for Range Rover Electric with up to 600km range

JLR opens bookings for Range Rover Electric with up to 600km range
Range Rover Electric

Bookings for the Range Rover Electric have commenced in India from today. Order books are open for Range Rover Electric standard wheelbase in Autobiography and long-wheelbase in SV, SV Ultra and SV Black versions. The company is also accepting bookings for the standard wheelbase Range Rover Electric First Edition. 

The Range Rover Electric is Jaguar Land Rover’s (JLR) second EV after the Jaguar I-Pace. However, unlike the contract-manufactured Jaguar I-Pace, the Range Rover Electric is the first EV to be fully developed and built in-house at JLR.