एसआईआर के बाद भी मतदाता सूची में गड़बड़ी, फर्जी मतदाताओं के नाम शामिल : अखिलेश

समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्‍यक्ष अखिलेश यादव ने मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर सवाल उठाते हुए सोमवार को कहा कि इस प्रक्रिया के पूरा होने के बाद भी मतदाता सूची में गड़बड़ी है और उसमें फर्जी मतदाताओं के नाम शामिल हैं।

सपा मुख्‍यालय की ओर से जारी एक बयान के मुताबिक, अखिलेश ने कहा एसआईआर के बाद भी मतदाता सूची में गड़बड़ी है और उसमें फर्जी मतदाताओं के नाम शामिल हैं। कई जगहों पर एक ही व्यक्ति एक से ज्यादा मतदान केंद्रों पर मतदाता के रूप में पंजीकृत है।

बयान में अखिलाश ने दावा किया कि “निर्वाचन आयोग ने भी इन गड़बिड़यों को स्वीकार किया है, हालांकि वह इन्हें छोटी-मोटी गलती बता रहा है। उन्होंने कहा यह छोटी-मोटी नहीं, बल्कि बहुत मोटी गड़बड़ी है।

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अखिलेश ने सोमवार को लखनऊ के गोमती नगर में पूर्व मंत्री विद्या चौधरी के आवास पर पहुंचकर उनका हालचाल जाना। उन्होंने संवाददाताओं से बातचीत में कहा पूरा देश जानता है कि जब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) हारने लगती है, तो वह बेईमानी और चोरी पर उतर आती है।

अखिलेश ने आरोप लगाया भाजपा निर्वाचन आयोग की मिलीभगत से बेईमानी करती है। निर्वाचन आयोग भाजपा के इशारे पर काम करता है।

उन्होंने कहा अगर विपक्षी दल और आम जनता निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हैं, तो भाजपा को क्यों दर्द होता है? भाजपा बचाव के लिए क्यों सामने आती है?”

अखिलेश ने “मतदाता सूची में गड़बड़ी और चुनावों में वोटों की लूट” को लेकर अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

उन्होंने दावा किया कि सपा ने मतदाता सूची में गड़बड़ी और उपचुनाव में “वोटों की चोरी” को लेकर निर्वाचन आयोग से सबूतों के साथ शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।

अखिलेश ने कहा कि निर्वाचन आयोग एक संवैधानिक संस्था है और उसे भाजपा के इशारे पर काम नहीं करना चाहिए।

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Muhurat Trading: दिवाली पर मुहूर्त ट्रेडिंग की टाइमिंग का हुआ ऐलान, दोपहर 2:20 बजे से खुलेगा बाजार

Diwali Muhurat Trading 2026: नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ने दिवाली के दिन होने वाले विशेष ‘मुहूर्त ट्रेडिंग’ सत्र की टाइमिंग का ऐलान कर दिया है। इस साल रविवार, 8 नवंबर 2026 को विशेष लाइव ट्रेडिंग सत्र आयोजित किया जाएगा। इस दिन भारतीय शेयर बाजार नए हिंदू वर्ष विक्रम संवत 2083 का स्वागत करेगा।

भारतीय शेयर बाजार में दिवाली के दिन मुहूर्त ट्रेडिंग की परंपरा दशकों पुरानी है। मान्यता है कि इस शुभ मुहूर्त में शेयर बाजार में निवेश करने से पूरे वर्ष सुख-समृद्धि और वित्तीय उन्नति बनी रहती है। आइए जानते हैं NSE द्वारा जारी मुहूर्त ट्रेडिंग का मिनट-टू-मिनट पूरा शेड्यूल।

मेन ट्रेडिंग सेशन

मुहूर्त ट्रेडिंग के दौरान मुख्य बाजार में कारोबार की समय-सारणी इस प्रकार रहेगी:

प्री-ओपन ऑर्डर एंट्री: दोपहर 2:05 बजे से 2:15 बजे तक (इसमें ऑर्डर दर्ज, संशोधित या रद्द किए जा सकते हैं)।

ऑर्डर मैचिंग व ट्रेड कन्फर्मेशन: दोपहर 2:15 बजे से 2:17 बजे तक।

प्री-ओपन बफर टाइम: दोपहर 2:17 बजे से 2:20 बजे तक।

कंटीन्यूअस ट्रेडिंग: दोपहर 2:20 बजे से शुरू होगा।

मार्केट क्लोजिंग टाइम: नॉन-क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) प्रतिभूतियों के लिए बाजार दोपहर 3:30 बजे बंद होगा, जबकि CAS सिक्योरिटीज के लिए सामान्य बाजार 3:15 बजे समाप्त होगा।

CAS और पोस्ट-क्लोज सेशन का शेड्यूल

क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) और उसके बाद के सत्रों की समय-सारणी इस प्रकार निर्धारित की गई है:

  • रेफरेंस प्राइस कैलकुलेशन: दोपहर 3:15 बजे से 3:20 बजे तक।
  • CAS ऑर्डर एंट्री पीरियड: दोपहर 3:20 बजे से 3:30 बजे तक।
  • ऑर्डर मैचिंग व ट्रेड कन्फर्मेशन: दोपहर 3:30 बजे से 3:35 बजे तक।
  • CAS ट्रांजिशन टाइम: दोपहर 3:35 बजे से 3:50 बजे तक।
  • पोस्ट-क्लोज सेशन: दोपहर 3:50 बजे से शाम 4:00 बजे तक।
  • ट्रेड मॉडिफिकेशन कट-ऑफ टाइम: शाम 4:15 बजे तक।

नोट: प्री-ओपन और CAS ऑर्डर एंट्री पीरियड के अंतिम 2 मिनट में सिस्टम-ड्रिवन रैंडम क्लोजर लागू रहेगा।

ब्लॉक डील, IPO और अन्य विशेष सत्र

ब्लॉक डील विंडो: दोपहर 1:50 बजे से 2:05 बजे तक खुलेगी।

IPO और री-लिस्टेड सिक्योरिटीज के लिए स्पेशल प्री-ओपन: दोपहर 2:05 बजे से 2:50 बजे तक (अंतिम 10 मिनट में रैंडम क्लोजर)।

स्पेशल प्री-ओपन वाली कंपनियों का नॉर्मल मार्केट: दोपहर 3:05 बजे से 3:30 बजे तक चलेगा।

कॉल ऑक्शन इलिक्विड सेशन: दोपहर 2:25 बजे से 3:10 बजे तक रहेगा।

NSE ने स्पष्ट किया है कि इस विशेष दिवाली मुहूर्त ट्रेडिंग सत्र के दौरान एग्जिक्यूटेड सभी सौदों के लिए सेटलमेंट दायित्व अनिवार्य रूप से लागू होंगे।

Aayush Wellness ने लॉन्च की कैल्शियम-विटामिन टैबलेट, 16 अरब डॉलर के बाजार में एंट्री

हेल्थकेयर सेक्टर की Aayush Wellness Limited ने कैल्शियम और विटामिन सप्लीमेंट लॉन्च किया है। कंपनी ने इसका नाम Aayush Calcium Vitamin Tablets रखा है। इसके साथ ही कंपनी ने बोन और जॉइंट हेल्थ यानी हड्डियों और जोड़ों की सेहत से जुड़े बाजार में कदम रखा है।

कंपनी के मुताबिक, यह बाजार 16.3 अरब डॉलर का है। वहीं, ग्लोबल डाइटरी सप्लीमेंट्स बाजार में कंपनी की मौजूदगी पहले से है, जिसे वह अब और मजबूत करना चाहती है।

टैबलेट में क्या-क्या है?

कंपनी के मुताबिक, इस टैबलेट में पांच पोषक तत्व शामिल हैं। इनमें कैल्शियम साइट्रेट, विटामिन D2, मैग्नीशियम, जिंक और फोलिक एसिड शामिल हैं। इन सभी का शरीर में अलग-अलग काम है।

कैल्शियम साइट्रेट शरीर को कैल्शियम देता है। यह हड्डियों और दांतों को मजबूत रखने के लिए जरूरी है। वहीं, विटामिन D2 शरीर को कैल्शियम सोखने में मदद करता है। यानी शरीर को कैल्शियम का पूरा फायदा मिले, इसके लिए विटामिन D भी जरूरी है।

इसके अलावा, टैबलेट में मैग्नीशियम और जिंक भी हैं। मैग्नीशियम मांसपेशियों के सही कामकाज में मदद करता है। वहीं, जिंक शरीर की कोशिकाओं और हड्डियों के स्वास्थ्य के लिए जरूरी है। इसमें फोलिक एसिड भी मिलाया गया है, जो नई कोशिकाएं बनाने और लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण में भूमिका निभाता है।

कंपनी का कहना है कि इस फॉर्मूलेशन का मकसद शरीर में पोषक तत्वों की कमी को दूर करने में मदद करना है। इससे हड्डियों की मजबूती और मांसपेशियों के सामान्य कामकाज को सहारा मिल सकता है।

कंपनी ने क्या कहा?

Aayush Wellness Limited के निदेशक काशीराम जाधव ने कहा कि भारत में कैल्शियम और विटामिन की कमी एक बड़ी स्वास्थ्य चुनौती है। इसी जरूरत को देखते हुए कंपनी ने इस बाजार में कदम रखा है।

उन्होंने कहा कि यह लॉन्च निवारक स्वास्थ्य सेवा और पोषण से जुड़े उत्पादों पर कंपनी के फोकस का हिस्सा है। लोगों में अपनी सेहत और खानपान को लेकर जागरूकता बढ़ रही है। कंपनी को उम्मीद है कि इससे इस तरह के उत्पादों की मांग बढ़ सकती है।

भारत में कैल्शियम और विटामिन D की कमी पर फोकस

कंपनी के मुताबिक, भारत में विटामिन D की कमी काफी आम है। कंपनी का दावा है कि यह कमी आबादी के 80-90% लोगों तक को प्रभावित कर सकती है। वहीं, 50% से ज्यादा वयस्कों को पर्याप्त कैल्शियम नहीं मिल पाता।

विटामिन D की कमी होने पर शरीर कैल्शियम को ठीक से सोख नहीं पाता। इससे हड्डियों की सेहत प्रभावित हो सकती है। कैल्शियम और विटामिन D की कमी का असर मांसपेशियों पर भी पड़ सकता है।

इसी जरूरत को देखते हुए Aayush Wellness अपने न्यूट्रास्यूटिकल पोर्टफोलियो का विस्तार कर रही है। कंपनी का लक्ष्य रोजमर्रा की पोषण संबंधी जरूरतों को पूरा करने वाले और उत्पाद बाजार में उतारना है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

ग्वालियर शीतला मंदिर हादसे के घायलों से सीएम डॉ. मोहन यादव ने मुलाकात, बोले घटना के दोषियों पर होगी कड़ी कार्रवाई

ग्वालियर शीतला मंदिर हादसे के घायलों से सीएम डॉ. मोहन यादव ने मुलाकात, बोले घटना के दोषियों पर होगी कड़ी कार्रवाई

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को ग्वालियर के शीतला माता मंदिर हादसे के पीड़ितों से मुलाकात की। उन्होंने ट्रक हादसे में गंभीर रूप से घायल श्रद्धालुओं से ग्वालियर के जयारोग्य अस्पताल में मुलाकात की। सीएम डॉ. मोहन यादव ने उनके स्वास्थ्य और उन्हें  मिल रही सुविधाओं की जानकारी ली। साथ ही, उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना भी की। 

 

इसके बाद मुख्यमंत्री ने संबंधित डॉक्टरों और अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी घायलों को गुणवत्तापूर्ण और फ्री इलाज उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने उपचार में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने, मरीजों के समुचित उपचार और देखभाल के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं करने के निर्देश भी दिए।

 

घायलों से मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मीडिया से कहा कि बीती रात एक घटना घटी थी। हम उस घटना में घायल हुए लोगों से मिलने यहां आए हैं । हम घायलों को बेहतर चिकित्सा दिलाने के लिए तत्पर हैं। और घटना की जांच के हमने निर्देश दे दिए हैं। हर व्यक्ति की चिंता करने का काम सरकार का है। सरकार सभी लोगों के साथ खड़ी है। इस घटना के दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।


सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता घायलों को बेहतर से बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है। आवश्यकता पड़ने पर एयर एम्बुलेंस की व्यवस्था भी की जाएगी, लेकिन घायलों को हर संभव बेहतर उपचार मिले, यह सुनिश्चित किया जा रहा है। चिकित्सकों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, अधिकांश घायलों की स्थिति में पहले की तुलना में सुधार है। हालांकि, एक-दो गंभीर मरीजों की स्थिति पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।

‘लंदन की लाखों की कमाई और आरामदायक जिंदगी छोड़ देश के लिए लड़े आशुतोष और सौरभ…’ , CJP नेता अभिजीत दिपके ने लिखी इमोशनल पोस्ट

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फांउडर अभिजीत दिपके ने पार्टी के सदस्य आशुतोष रांका और सौरव दास के समर्थन में एक इमोशनल नोट लिखा है। आशुतोष रांका और सौरव दास सोमवार को लगातार छठे दिन न्यायिक हिरासत में रहे। सोशल मीडिया पर किए गए पोस्ट में अभिजीत दिपके ने बताया कि दोनों ही लंदन में लाखों की कमाई कर रहे थे। अभिजीत ने उनकी पुरानी जिंदगी, देश के लिए कुछ बेहतर करने के फैसले और दूसरों के हक में आवाज उठाने के जज्बे को याद किया। उन्होंने बताया कि कैसे दोनों ने अपनी आरामदायक जिंदगी छोड़कर उन लोगों के लिए लड़ने का रास्ता चुना, जिन्हें मदद की जरूरत है।

दिपके ने किया इमोशनल पोस्ट

X पर किए गए पोस्ट में अभिजीत दिपके ने लिखा, “कुछ साल पहले आशुतोष रांका लंदन में अच्छी सैलरी वाली कॉर्पोरेट नौकरी करते थे, जहां से उन्हें लाखों रुपये मिलते थे। वहीं, सौरव दास देश की कानूनी व्यवस्था पर लिख रहे थे और अपनी जिंदगी अच्छे से जी रहे थे। दोनों के पास सफल करियर, फाइनेंशियल सिक्योरिटी और अपनी बनाई हुई जिंदगी को आगे बढ़ाने के कई मौके थे।”

उन्होंने आगे लिखा, “लेकिन दोनों ने देश को बेहतर बनाने की उम्मीद में अपनी पुरानी जिंदगी छोड़ने का फैसला किया। उनके पास आरामदायक जीवन छोड़कर सड़कों पर उतरने, मुश्किलों का सामना करने और जेल जाने की कोई मजबूरी नहीं थी। इसके बावजूद, उन्होंने यह रास्ता चुना और देश के लिए कुछ बेहतर करने की कोशिश में जुट गए।”

बिता सकते थे आराम की जिंदगी

दिपके ने आगे लिखा, “इन दोनों की सबसे खास बात यह है कि अच्छी बैकग्राउंड से आने के बावजूद उन्होंने उन लोगों के हक में आवाज उठाने का फैसला किया, जिनके पास उनके जैसे मौके और सुविधाएं नहीं थीं। वे चाहते तो दूसरों की परेशानियों से दूर रहकर अपनी जिंदगी आराम से बिता सकते थे। वे उन लोगों की समस्याओं को भी नजरअंदाज कर सकते थे, जिन्हें वे जानते तक नहीं थे।”

यहीं है उनकी सबसे बड़ी खूबी

दिपके ने आगे लिखा, “उनसे किसी ने अपनी सुख-सुविधाएं छोड़ने या इतना बड़ा त्याग करने के लिए नहीं कहा था। इसके बावजूद उन्होंने ऐसा किया, क्योंकि वे सिर्फ अपनी नहीं, बल्कि दूसरों की जिंदगी की भी परवाह करते थे। मेरे हिसाब से, किसी इंसान की सबसे बड़ी खूबी यही होती है कि वह अनजान लोगों के लिए भी आवाज उठाए, ऐसी लड़ाइयां लड़े जिनका सीधा संबंध उससे न हो और दूसरों की जिंदगी बेहतर बनाने के लिए अपना सब कुछ दांव पर लगाने को तैयार रहे। आशु और सौरव भी ऐसे ही इंसान हैं।” बता दें इससे पहले भी अभिजीत दिपके ने आशुतोष रांका और सौरव दास के लिए इमोशनल पोस्ट डाला था।

UP चुनाव 2027 : सर्वे में BJP को बढ़त का दावा, योगी सरकार से 77% संतुष्ट, CM पद के लिए योगी आदित्यनाथ पहली पसंद

UP चुनाव 2027 : सर्वे में BJP को बढ़त का दावा, योगी सरकार से 77% संतुष्ट, CM पद के लिए योगी आदित्यनाथ पहली पसंद

Yogi adityanath

उत्तरप्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले न्यूज 18 नेटवर्क के एक सर्वेक्षण में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) को बढ़त मिलने का दावा किया गया है। सर्वे के मुताबिक, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार के कामकाज, कानून-व्यवस्था और बुनियादी ढांचे को लेकर लोगों की राय काफी हद तक सकारात्मक है। हालांकि, रोजगार और बेरोजगारी का मुद्दा सरकार के लिए चुनौती बना हुआ है।

 

सर्वेक्षण में राज्य के सभी 75 जिलों के 30,925 लोगों को शामिल किया गया। सर्वे 17 सितंबर से 2 अक्टूबर 2026 के बीच किया गया था। इसके नतीजों में भाजपा-राजग को बढ़त दिखाई गई है, जबकि समाजवादी पार्टी (सपा)-कांग्रेस गठबंधन और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के समर्थन का भी आकलन किया गया है।

 

सर्वे में भाजपा-राजग को 66.6 प्रतिशत समर्थन

 

सर्वेक्षण के अनुसार, यदि अभी विधानसभा चुनाव कराए जाएं तो 66.6 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने भाजपा के नेतृत्व वाले राजग को वोट देने की बात कही। वहीं, 26.4 प्रतिशत लोगों ने सपा-कांग्रेस गठबंधन और 5.4 प्रतिशत ने बसपा के पक्ष में राय दी। अगली सरकार किस गठबंधन की बनेगी, इस सवाल पर भी 66.6 प्रतिशत लोगों ने भाजपा-राजग के पक्ष में राय जताई। वहीं, 26.5 प्रतिशत लोगों ने सपा-कांग्रेस गठबंधन की सरकार बनने की संभावना जताई। इसके अलावा, 65.2 प्रतिशत उत्तरदाताओं का मानना था कि भाजपा को राज्य में लगातार तीसरी बार सरकार बनाने का मौका मिलना चाहिए।

 

ये आंकड़े सर्वेक्षण में शामिल लोगों की राय को दर्शाते हैं। इन्हें 2027 के चुनाव के वास्तविक नतीजे के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

 

मुख्यमंत्री पद के लिए योगी आदित्यनाथ पहली पसंद

 

मुख्यमंत्री पद के लिए पसंद पूछे जाने पर योगी आदित्यनाथ को 66.2 प्रतिशत लोगों का समर्थन मिला। वहीं, समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव 24.4 प्रतिशत लोगों की पसंद रहे। सर्वेक्षण में 77.1 प्रतिशत लोगों ने योगी सरकार के कामकाज पर संतुष्टि जताई, जबकि 13.5 प्रतिशत लोगों ने असंतोष व्यक्त किया। सरकार के प्रदर्शन का आकलन सात प्रमुख मानकों पर किया गया था।

 

कानून-व्यवस्था और बुनियादी ढांचे को लेकर संतुष्टि

 

सर्वेक्षण में कानून-व्यवस्था सरकार का सबसे बेहतर आंका गया पक्ष रहा। इस मुद्दे पर 74 प्रतिशत लोगों ने संतुष्टि जताई। इसके बाद बुनियादी ढांचे को लेकर 68.6 प्रतिशत और कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर 66.3 प्रतिशत लोगों ने संतोष व्यक्त किया।

 

मतदान के लिए सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा पूछे जाने पर 33.4 प्रतिशत लोगों ने कानून-व्यवस्था को प्राथमिकता दी। भाजपा-राजग के मौजूदा समर्थकों में 89.6 प्रतिशत लोग कानून-व्यवस्था से संतुष्ट थे। वहीं, सपा-कांग्रेस और बसपा समर्थकों के बीच यह आंकड़ा लगभग 43 प्रतिशत रहा।

 

सर्वे के मुताबिक, भाजपा-राजग के मौजूदा समर्थकों में 94.7 प्रतिशत लोग राज्य सरकार के कामकाज से संतुष्ट थे। इनमें 93.3 प्रतिशत ने योगी आदित्यनाथ को मुख्यमंत्री पद के लिए अपनी पहली पसंद बताया, जबकि 93.2 प्रतिशत का मानना था कि भाजपा को तीसरा कार्यकाल मिलना चाहिए।

 

भाजपा ने पुराने समर्थकों को बनाए रखा, विपक्ष के समर्थन में भी सुधार

 

सर्वेक्षण में दावा किया गया कि 2022 के विधानसभा चुनाव और 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को वोट देने वाले लगभग 91 प्रतिशत लोग अब भी भाजपा या उसके गठबंधन का समर्थन कर रहे हैं।

 

दूसरी ओर, सपा-कांग्रेस गठबंधन के पुराने समर्थकों को बनाए रखने की दर लगभग 83 से 85 प्रतिशत बताई गई। सर्वे के मुताबिक, गठबंधन का मौजूदा समर्थन 2022 के विधानसभा चुनाव की तुलना में 3.7 प्रतिशत अंक और 2024 के लोकसभा चुनाव के मुकाबले 2.4 प्रतिशत अंक अधिक था।

 

इन आंकड़ों से सर्वे में दोनों राजनीतिक खेमों के समर्थकों के रुझान का आकलन किया गया है। वास्तविक मतदान में मतदाताओं का व्यवहार अलग हो सकता है।

 

रोजगार बना सरकार के लिए बड़ी चुनौती

 

सरकार के कामकाज के सात मानकों में रोजगार ऐसा क्षेत्र रहा, जहां संतुष्टि का स्तर सबसे कम दर्ज किया गया। सर्वेक्षण के अनुसार, 58.3 प्रतिशत लोगों ने रोजगार के मामले में सरकार के प्रदर्शन पर संतुष्टि जताई।

 

बेरोजगार उत्तरदाताओं में यह आंकड़ा घटकर 50.7 प्रतिशत रह गया। भूमिहीन और अकुशल श्रमिकों के बीच रोजगार को लेकर संतुष्टि लगभग 52 से 53 प्रतिशत रही।

 

यहां तक कि भाजपा-राजग के मौजूदा समर्थकों में भी रोजगार के मुद्दे पर संतुष्टि 74.5 प्रतिशत थी, जो कानून-व्यवस्था, बुनियादी ढांचे और कल्याणकारी योजनाओं के आंकड़ों से कम है।

 

सर्वेक्षण में रोजगार के अलावा महंगाई और परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक होने जैसे मुद्दों पर भी लोगों की राय ली गई। ऐसे मुद्दे आगामी विधानसभा चुनाव में मतदाताओं की प्राथमिकताओं को प्रभावित कर सकते हैं।

 

राम मंदिर चंदे के विवाद पर क्या बोले लोग?

 

सर्वेक्षण में अयोध्या स्थित राम मंदिर के लिए दिए गए चंदे में कथित हेराफेरी के मुद्दे पर भी लोगों से सवाल पूछे गए। इस मामले में 31.2 प्रतिशत लोगों ने मंदिर ट्रस्ट के अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया। वहीं, 20.6 प्रतिशत ने कर्मचारियों और ठेकेदारों तथा 13.7 प्रतिशत ने राज्य सरकार को जिम्मेदार माना।

 

यह आंकड़े उत्तरदाताओं की राय पर आधारित हैं। इन्हें कथित हेराफेरी के मामले में किसी पक्ष की कानूनी जिम्मेदारी का प्रमाण नहीं माना जा सकता। सर्वेक्षण में जेन जी के विरोध प्रदर्शनों और अन्य सार्वजनिक मुद्दों को लेकर भी लोगों की राय जानने की कोशिश की गई।

कैसे किया गया सर्वेक्षण?

 

न्यूज18 नेटवर्क के इस सर्वेक्षण में उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों से जनसंख्या के अनुपात में उत्तरदाताओं का चयन किया गया। इसमें शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों के लोगों को शामिल किया गया। लोगों से घर-घर जाकर आमने-सामने बातचीत की गई। इसके लिए कंप्यूटर आधारित व्यक्तिगत साक्षात्कार (CAPI) और एक संरचित प्रश्नावली का इस्तेमाल किया गया।

 

उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव फरवरी-मार्च 2027 में प्रस्तावित हैं। ऐसे में सर्वेक्षण के निष्कर्ष राजनीतिक दलों के लिए जनमत को समझने का एक संकेत हो सकते हैं, लेकिन चुनाव का अंतिम परिणाम मतदाताओं के वास्तविक मतदान पर निर्भर करेगा।

कॉजपा नेताओं की न्यायिक हिरासत दो दिनों के लिए बढ़ायी गयी

कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के नेता सौरव दास और आशुतोष रांका को सोमवार को मंदिर मार्ग पुलिस थाने में नवनियुक्त विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया और दोनों को और दो दिन के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।

यह घटनाक्रम कॉजपा के उन आरोपों के बीच हुआ, जिनमें कहा गया है कि इस मामले में जमानत की कार्यवाही जानबूझकर विलंबित की जा रही है, ताकि इसके दो सह-संयोजकों की रिहायी रोकी जा सके। इससे पहले दोनों को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के लिए लगाई गई पाबंदियों का उल्लंघन करने के बाद 13 अक्टूबर को शुरुआती तौर पर पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया था।

दोनों को कथित तौर पर ताला लगे गेट को फांदकर जंतर-मंतर में प्रवेश करने के बाद हिरासत में लिया गया था। जंतर-मंतर को इससे पहले निर्धारित प्रदर्शन स्थल की सूची से हटा दिया गया था।

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अन्य कॉजपा कार्यकर्ताओं के साथ दास और राकां ने उस दिन घटनास्थल पर राष्ट्र ध्वज प्रदर्शित किया था और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारे लगाए थे। इसके बाद उन्हें हिरासत में लेकर एहतियातन गिरफ्तार कर लिया गया था।

दोनों को बाद में एक विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया था और मजिस्ट्रेट ने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया था।

सूत्रों के अनुसार, सोमवार को पुलिस ने दोनों नेताओं की न्यायिक हिरासत बढ़ाने का अनुरोध किया, जिसके बाद अदालत ने उन्हें दो और दिनों के लिए जेल भेज दिया। उन्होंने बताया कि दास और रांका को अब बुधवार को पेश किया जाएगा।

रविवार को, दोनों की जमानत याचिका पर सुनवाई कर रहे विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट ने अज्ञात लोगों द्वारा धमकी दिए जाने का दावा किया, जिसके बाद पुलिस ने एक गैर-संज्ञेय मामला दर्ज किया।

कॉजपा संस्थापक अभिजीत दीपके ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में आरोप लगाया, था सरकार जानबूझकर आशु (आशुतोष) और सौरव की अवैध गिरफ्तारी को लंबा खींच रही है। वह अदालती कार्यवाही विलंबित करने और उनकी रिहाई को रोकने के लिए हर तरह के हथकंडे अपना रही है।

कॉजपा ने यह भी आरोप लगाया कि उनके नेताओं की रिहाई के लिए दी गई जमानतदारों की गारंटी को ‘अस्पष्ट’ आधारों पर खारिज कर दिया गया।

Pic Credit : UNI

अयोध्या का वैभव सात समंदर पार, रूसी बोले- दोनों देशों को जोड़ रही श्रीराम की लीला

अयोध्या का वैभव सात समंदर पार, रूसी बोले- दोनों देशों को जोड़ रही श्रीराम की लीला

Moscow Ramlila event

उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अयोध्या में हुए विकास कार्यों की चर्चा अब रूस की राजधानी मॉस्को में भी हो रही है। मॉस्को में ‘रूसी राम’ के नाम से प्रसिद्ध सोवियत रंगमंच के अभिनेता गेनादी मिखाइलोविच पेचनिकोव की 100वीं जयंती पर आयोजित समारोह में रूसी कलाकारों और बुद्धिजीवियों ने अयोध्या के विकास और रामलीला के आयोजन की सराहना की।

 

कलाकारों ने कहा कि जिस तरह दिवाली पर अयोध्या जगमगाती है, उसी तरह वे मॉस्को में भी भगवान राम की लीला के माध्यम से भारतीय संस्कृति की झलक प्रस्तुत करना चाहते हैं। समारोह में भारतीय और रूसी कलाकारों की रामलीला को लेकर भी चर्चा हुई। इस दौरान वक्ताओं ने भगवान राम के आदर्शों, रामराज्य की अवधारणा और भारत-रूस के सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत बनाने में पेचनिकोव के योगदान को याद किया।

अयोध्या के विकास से प्रभावित रूसी कलाकार

मॉस्को में आयोजित समारोह में बाल रंगमंच की निदेशक अल्ला लियोनिदोव्ना ने उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अयोध्या में हुए विकास कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रामलीला और अन्य विकास कार्यों के माध्यम से अयोध्या को बेहतर बनाया है। अब रूस में भी भगवान राम की लीला के जरिए राम राज्य की अवधारणा को समझने का मौका मिल रहा है। उन्होंने कहा कि रामलीला केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भगवान राम के जीवन और उनके आदर्शों को लोगों तक पहुंचाने का माध्यम भी है।

पिता के अभिनय ने दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत किया : तात्याना

‘रूसी राम’ गेनादी मिखाइलोविच पेचनिकोव की पुत्री तात्याना पेचनिकोव ने अपने पिता के योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने अभिनय के माध्यम से भारत और रूस की मित्रता को नया रूप दिया। भगवान राम की भूमिका निभाकर उन्होंने रूसी समाज को भारतीय संस्कृति और परंपराओं से परिचित कराया। तात्याना ने उत्तर प्रदेश में हुए बदलावों का उल्लेख करते हुए कहा कि योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद अयोध्या का वैभव और बढ़ा है। उन्होंने कहा कि उनके पिता के अभिनय ने दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

पेचनिकोव ने रूस को रामराज्य की अवधारणा से कराया परिचित

मॉस्को के एर्शोव थिएटर संस्थान के वीसी बिताली एवगेनिविच दाशिंस्की ने कहा कि गेनादी मिखाइलोविच पेचनिकोव ने रूस के लोगों को भगवान राम और रामराज्य की अवधारणा से परिचित कराया। उन्होंने अपने अभिनय के माध्यम से भगवान राम के आदर्शों को रूसी समाज तक पहुंचाया। उनका योगदान केवल रंगमंच तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने भारत और रूस के बीच सांस्कृतिक जुड़ाव को भी मजबूत किया। आज उनकी 100वीं जयंती पर दोनों देशों के कलाकार और भारतीय समुदाय के लोग उन्हें याद कर रहे हैं।

भगवान राम का जीवन सिखाता है जीने का तरीका : अलेक्जेंड्रा

एर्शोव थिएटर संस्थान, मॉस्को की रेक्टर अलेक्जेंड्रा कोनेवा ने कहा कि भगवान राम के जीवन से हमें जीवन जीने का सलीका मिलता है। उनके आदर्श आज भी समाज को सही दिशा दिखाते हैं। उन्होंने कहा कि भगवान राम के जीवन और चरित्र को रंगमंच के माध्यम से प्रस्तुत करना नई पीढ़ी को उनके विचारों से परिचित कराने का महत्वपूर्ण माध्यम है।

रूसी रंगमंच पर राम बनकर बनाई अलग पहचान

मास्को में आयोजित होने वाली रामलीला के निर्माता एवं निर्देशक डॉ. रामेश्वर सिंह ने बताया कि गेनादी मिखाइलोविच पेचनिकोव सोवियत रंगमंच के प्रतिष्ठित अभिनेता थे। उन्होंने भगवान राम की भूमिका निभाकर रूस में भारतीय संस्कृति और रामायण की परंपरा को लोकप्रिय बनाने में योगदान दिया। इसी कारण उन्हें ‘रूसी राम’ के नाम से जाना जाता है। उनकी जन्मशताब्दी पर मॉस्को में आयोजित समारोह में उनके अभिनय और भारत-रूस के सांस्कृतिक संबंधों में योगदान को याद किया गया। समारोह में रूसी कलाकारों और प्रवासी भारतीयों की भागीदारी ने दोनों देशों के सांस्कृतिक जुड़ाव को सामने रखा।

Electric Scooter : सस्ते स्कूटर की होने वाली है धमाकेदार इंट्री, जान लीजिए फीचर्स, और क्या हो सकती है कीमत

Electric Scooter : सस्ते स्कूटर की होने वाली है धमाकेदार इंट्री, जान लीजिए फीचर्स, और क्या हो सकती है कीमत

aprila scooter

इटली की वाहन निर्माता कंपनी पियाजियो ग्रुप (Piaggio Group) भारतीय बाजार में अपनी इलेक्ट्रिक स्कूटर रेंज का विस्तार करने की तैयारी कर रही है। कंपनी भारत के लिए एक नया स्कूटर प्लेटफॉर्म विकसित कर रही है, जिस पर पेट्रोल और इलेक्ट्रिक दोनों तरह के स्कूटर तैयार किए जाएंगे। कंपनी की योजना इस नई रेंज को 2027 में अप्रिलिया (Aprilia) ब्रांड के तहत लॉन्च करने की है। इसकी शुरुआती कीमत करीब 85,000 रुपये (एक्स-शोरूम) हो सकती है।

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पियाजियो व्हीकल्स के चेयरमैन, सीईओ और मैनेजिंग डायरेक्टर डिएगो ग्राफी ने नई स्कूटर रेंज की योजनाओं की पुष्टि की है। कंपनी के मुताबिक, इस रेंज में इलेक्ट्रिक स्कूटर के साथ 125cc पेट्रोल इंजन वाला मॉडल भी शामिल होगा। इनकी कीमत 85,000 रुपये से लेकर 1.30 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) के बीच रखी जा सकती है। इस रेंज के ऊंचे कीमत वाले मॉडल प्रीमियम इलेक्ट्रिक स्कूटर होंगे।

 

₹85,000 से ₹1.30 लाख के बीच होगी कीमत

 

कंपनी का लक्ष्य भारतीय बाजार में उन ग्राहकों को आकर्षित करना है, जो किफायती कीमत पर नया पेट्रोल या इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदना चाहते हैं। डिएगो ग्राफी के मुताबिक, कंपनी 85,000-90,000 रुपये की शुरुआती कीमत से लेकर 1.20-1.30 लाख रुपये तक के सेगमेंट को ध्यान में रखकर उत्पाद पेश करेगी। इस रेंज में अधिक कीमत वाले प्रीमियम इलेक्ट्रिक वेरिएंट भी शामिल होंगे।

 

कंपनी पिछले कुछ वर्षों से भारत के लिए इस नए प्लेटफॉर्म पर काम कर रही है। यह प्लेटफॉर्म भारत में पियाजियो की विस्तार योजनाओं का अहम हिस्सा है। इसके जरिए कंपनी पेट्रोल स्कूटर के साथ इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों के बाजार में भी अपनी मौजूदगी मजबूत करना चाहती है।

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इलेक्ट्रिक और पेट्रोल दोनों स्कूटर के लिए बनेगा नया प्लेटफॉर्म

 

पियाजियो का नया प्लेटफॉर्म खासतौर पर भारतीय बाजार की जरूरतों को ध्यान में रखकर विकसित किया जा रहा है। कंपनी ने इसे शुरुआत से ही इलेक्ट्रिक और पेट्रोल, दोनों तरह के स्कूटरों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया है।

 

आमतौर पर कंपनियां अपने मौजूदा पेट्रोल स्कूटर प्लेटफॉर्म में बदलाव करके इलेक्ट्रिक मॉडल तैयार करती हैं। हालांकि, पियाजियो का कहना है कि उसका नया प्लेटफॉर्म शुरुआत से ही इलेक्ट्रिक पावरट्रेन को समायोजित करने के लिए तैयार किया गया है। इससे लागत, परफॉर्मेंस और ड्राइविंग रेंज के बीच बेहतर संतुलन बनाने में मदद मिल सकती है।

 

कंपनी भारत में इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन उद्योग से जुड़े नए घटनाक्रमों पर भी नजर रख रही है। इनमें दिल्ली की घोषित ईवी पॉलिसी 2026 भी शामिल है। हालांकि, पियाजियो की रणनीति किसी एक राज्य तक सीमित रहने के बजाय पूरे भारतीय बाजार को ध्यान में रखकर स्कूटर लॉन्च करने की है।

 

Vespa ब्रांड के तहत फिलहाल नहीं आएगा इलेक्ट्रिक स्कूटर

 

पियाजियो ने यह भी स्पष्ट किया है कि फिलहाल वेस्पा (Vespa) ब्रांड के तहत इलेक्ट्रिक स्कूटर लॉन्च करने की उसकी योजना नहीं है। कंपनी के मुताबिक, मौजूदा कॉन्फिगरेशन में किफायती कीमत के साथ अपेक्षित रेंज और परफॉर्मेंस हासिल करना चुनौतीपूर्ण है।

 

इसी वजह से कंपनी नए प्लेटफॉर्म पर ध्यान केंद्रित कर रही है, जिसे इलेक्ट्रिक स्कूटर की जरूरतों के मुताबिक तैयार किया जा रहा है। कंपनी का उद्देश्य लागत को नियंत्रित रखते हुए बेहतर परफॉर्मेंस, पर्याप्त रेंज और ग्राहकों की जरूरतों के अनुरूप उत्पाद तैयार करना है।

 

भारत से दूसरे देशों में भी निर्यात करेगी कंपनी

 

पियाजियो भारत को सिर्फ घरेलू बिक्री का बाजार नहीं, बल्कि वैश्विक उत्पादन और निर्यात केंद्र के रूप में भी विकसित करना चाहती है। कंपनी के महाराष्ट्र स्थित बारामती प्लांट में बनने वाले कुल दोपहिया वाहनों में से फिलहाल लगभग 10-20 प्रतिशत का निर्यात विभिन्न देशों में किया जाता है।

 

कंपनी का लक्ष्य इस हिस्सेदारी को बढ़ाकर कम से कम 50 प्रतिशत तक पहुंचाना है। यानी भारत में बनने वाले उसके कुल दोपहिया वाहनों का आधा हिस्सा घरेलू बाजार के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजारों में निर्यात के लिए तैयार करने की योजना है।

 

भारत में निर्मित अप्रिलिया RS 457 और Tuono 457 पहले से ही कई अंतरराष्ट्रीय बाजारों में निर्यात किए जाते हैं। कंपनी भविष्य में आने वाले मॉडलों के साथ भी इसी रणनीति को अपनाना चाहती है।

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यूरोप में भी बिकेंगे नए स्कूटर

 

डिएगो ग्राफी के मुताबिक, विकास के चरण में मौजूद नए इलेक्ट्रिक और पेट्रोल स्कूटर सिर्फ भारत के लिए नहीं होंगे। इनके समान वेरिएंट यूरोप के बाजारों में भी निर्यात किए जाएंगे।

 

इस तरह पियाजियो की आगामी स्कूटर रेंज भारतीय ग्राहकों के लिए किफायती विकल्प उपलब्ध कराने के साथ-साथ कंपनी की वैश्विक विस्तार रणनीति का भी हिस्सा होगी। हालांकि, इन स्कूटरों के अंतिम डिजाइन, फीचर्स, बैटरी क्षमता, वास्तविक रेंज और लॉन्च की सटीक तारीख की जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

 

Papankusha Ekadashi 2026: पापांकुशा एकादशी का व्रत करने से मिलती है सभी पापों से मुक्ति, 21 या 22 अक्टूबर कब है अश्विन एकादशी व्रत

Papankusha Ekadashi 2026: हिंदू कैलेंडर में हर माह के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि का विशेष स्थान है। इस दिन भगवान विष्णु को समर्पित एकादशी व्रत किया जाता है। माना जाता है कि पूरे साल में आने वाले एकादशी व्रत करने से भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है और उनकी कृपा से वैकुंठ में स्थान प्राप्त होता है। हर माह की तरह अश्विन शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि का व्रत भी बेहद महत्वपूर्ण है। इसे पापांकुशा एकादशी के नाम से जाना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस व्रत को करने से सभी पापों से मुक्ति मिलती है और मोक्ष का मार्ग प्रशस्त होता है। इस दिन श्रद्धालु उपवास रखकर भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना करते हैं। माना जाता है कि एकादशी व्रत में विष्णु सहस्रनाम और भगवद्गीता का पाठ करने से सुख-शांति की प्राप्ति होती है। आइए जानें इस साल पापांकुशा एकादशी का व्रत 21 या 22 अक्टूबर किस दिन किया जाएगा?

कब है पापांकुशा एकादशी का व्रत?

उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पंडित आनंद भारद्वाज ने नेटवर्क 18 को बताया कि अश्विन महीने के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि 21 अक्टूबर को दोपहर 2 बजकर 11 मिनट पर शुरू होगी। इसका समापन 22 अक्टूबर को दोपहर 2 बजकर 47 मिनट पर होगा। उदया तिथि के अनुसार, पापांकुशा एकादशी का व्रत 22 अक्टूबर 2026, गुरुवार को रखा जाएगा।

सभी पापों से मिलती है मुक्ति

पापांकुशा एकादशी व्रत में भगवान विष्णु के साथ माता लक्ष्मी की भी पूजा की जाती है। ज्योतिषाचार्य ने बताया कि पद्म पुराण और भागवत पुराण के अनुसार, इस दिन व्रत करने से मनुष्य के सभी जाने-अनजाने पाप नष्ट हो जाते हैं और भगवान विष्णु की कृपा से मोक्ष की प्राप्ति होती है। यह व्रत खास तौर पर उन लोगों के लिए फलदायक माना गया है जो आध्यात्मिक उन्नति, मानसिक शांति और जीवन के अंतिम लक्ष्य मोक्ष की प्राप्ति की कामना रखते हैं।

एकादशी व्रत में जरूर करें ये कार्य

  • एकादशी के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान आदि के बाद व्रत संकल्प लें।
  • पूजा में भगवान विष्णु को पीली मिठाई का भोग लगाएं। पीला रंग उनका प्रिय माना जाता है।
  • भगवान विष्णु के साथ-साथ देवी लक्ष्मी की भी पूजा करें।
  • इस दिन पीपल के पेड़ पर जल चढ़ाना भी शुभ माना जाता है।

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