Volvo EX90 pros and cons explained

Volvo EX90 pros and cons explained
2 reasons to choose the Volvo EX90, 2 reasons not to

Volvo’s flagship EV, the EX90, has been on sale overseas since 2022. Ahead of its launch on October 12, the manufacturer has revealed details of the India-spec model. It will be sold here in the range-topping ‘Ultra’ variant, which we got to experience recently. If you are interested in the flagship Volvo EX90, here are two reasons to choose it and two reasons to think otherwise.

Reasons to buy the Volvo EX90

Offers a comfortable driving experience on all types of roads 

The Volvo EX90 features an air suspension system that offers a good balance between ride comfort and handling. The car takes microseconds to adjust to the various undulations on the road. Volvo is offering this system with three adjustable modes: Soft, Standard and Firm. ‘Soft’, as the name suggests, offers a comfortable drive over broken roads at medium to high speeds, but it results in a bit more body roll, which does not make it feel confident. ‘Standard’ offers a comfortable ride on bad roads but without feeling overly soft in the corners. ‘Firm’ adds a layer of stability through sharp corners and high speeds.

Has adequate performance and impressive cabin insulation

The India-spec Volvo EX90 Ultra will be offered with a 106kWh battery pack powering dual electric motors producing 456hp and 670Nm. Volvo claims a 0-100kph time of 5.5 seconds, which is fairly quick given its size. However, the SUV builds speed linearly, and the powertrain feels more relaxed and laid-back. Volvo is offering the EX90 with four driving modes: Range, Standard, Performance and Off-road. Even in ‘Performance’ mode, outright zippy acceleration associated with EVs is missing, and the SUV builds up pace gradually. 

As engine sounds are absent on an EV, wind and road noises that filter into the cabin tend to get amplified, especially with larger wheels. However, this is not the case with the Volvo EX90, which offers top-notch cabin insulation. This keeps the cabin feeling near-silent. 

Reasons not to buy the Volvo EX90

Essential drive settings buried within the infotainment system menus

The Volvo EX90’s dashboard is devoid of buttons. All functions can be accessed through the steering-mounted controls or the massive 14.5-inch touchscreen infotainment system that sits in the centre of the dashboard. Simple but essential tasks such as adjusting the outside rearview mirrors (ORVMs) require navigating menus and multiple inputs, which is neither convenient nor safe while on the move. Some hard-coded climate control functions are in the bottom section of the touchscreen, but operating them requires taking your eyes off the road.

Inconsistent brake bite point

Volvos are generally known for offering a strong safety suite, and the flagship EX90 is no different. However, the braking performance is inconsistent due to a variable brake bite point. This is because the EX90 employs regenerative braking with traditional hydraulic brakes, and the transition, depending on the battery’s state of charge and drive modes, causes the bite point to vary.

As mentioned earlier, the Volvo EX90 will launch on October 12. It is expected to have a small premium over its ICE counterpart, the XC90, which currently starts at Rs 98.80 lakh (ex-showroom).

Petrol Diesel Price Today: पेट्रोल-डीजल के भाव में राहत या झटका? जानें 2 सितंबर के लेटेस्ट रेट

Petrol Diesel Price Today: हर दिन की शुरुआत सिर्फ सूरज की किरणों से नहीं होती, बल्कि पेट्रोल और डीजल की नई कीमतों से भी होती है, जो आम आदमी की जेब पर सीधा असर डालती हैं। सुबह 6 बजे देश की तेल विपणन कंपनियां (OMCs) ताजा दरें जारी करती हैं, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर-रुपए की विनिमय दर में आए बदलावों पर आधारित होती हैं। ये बदलाव रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करते हैं, चाहे वो ऑफिस जाने वाला व्यक्ति हो या फल-सब्जी बेचने वाला व्यापारी।

ऐसे में हर दिन की कीमतों की जानकारी रखना सिर्फ जरूरी ही नहीं, बल्कि समझदारी भी है। सरकार की यह प्रणाली पारदर्शिता सुनिश्चित करती है ताकि उपभोक्ताओं को किसी तरह की भ्रमित जानकारी न मिले।

आपके शहर में आज का पेट्रोल-डीजल का भाव

ये रहे 02 सितंबर 2026 के प्रमुख शहरों के पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट

नई दिल्ली: पेट्रोल ₹102.12 प्रति लीटर और डीजल ₹95.20 प्रति लीटर।

मुंबई: पेट्रोल ₹111.18 और डीजल ₹97.83 प्रति लीटर।

कोलकाता: पेट्रोल ₹113.47 जबकि डीजल ₹99.82 प्रति लीटर।

चेन्नई: पेट्रोल ₹107.77 और डीजल ₹99.55 प्रति लीटर।

गुरुग्राम: पेट्रोल ₹102.77 तथा डीजल ₹95.44 प्रति लीटर।

नोएडा: पेट्रोल ₹102.12 और डीजल ₹95.56 प्रति लीटर।

बेंगलुरु: पेट्रोल ₹110.93 जबकि डीजल ₹98.80 प्रति लीटर।

भुवनेश्वर: पेट्रोल ₹109.92 और डीजल ₹100.92 प्रति लीटर।

चंडीगढ़: पेट्रोल ₹98.10 तथा डीजल ₹86.09 प्रति लीटर।

हैदराबाद: पेट्रोल ₹115.69 और डीजल ₹103.82 प्रति लीटर।

जयपुर: पेट्रोल ₹112.66 जबकि डीजल ₹97.78 प्रति लीटर।

लखनऊ: पेट्रोल ₹102.05 और डीजल ₹95.55 प्रति लीटर।

पटना: पेट्रोल ₹113.35 तथा डीजल ₹99.36 प्रति लीटर।

तिरुवनंतपुरम: पेट्रोल ₹115.49 और डीजल ₹104.40 प्रति लीटर।

पिछले दो साल से स्थिर क्यों हैं कीमतें?

मई 2022 के बाद से केंद्र और कई राज्यों द्वारा टैक्स में कटौती की गई, जिसके बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में स्थिरता देखी जा रही है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव होता रहता है, फिर भी भारतीय उपभोक्ताओं के लिए कीमतें तुलनात्मक रूप से स्थिर बनी हुई हैं।

किन कारणों से तय होती हैं ईंधन की कीमतें?

  1. कच्चे तेल की कीमतें:

पेट्रोल और डीजल का उत्पादन मुख्य रूप से कच्चे तेल से होता है। जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो इसका असर सीधे भारतीय बाजार पर पड़ता है।

  1. डॉलर के मुकाबले रुपया:

भारत अधिकतर कच्चा तेल आयात करता है, और यह डॉलर में खरीदा जाता है। यदि रुपया कमजोर होता है, तो ईंधन महंगा हो जाता है।

  1. सरकारी टैक्स और शुल्क:

केंद्र और राज्य सरकारें पेट्रोल-डीजल पर भारी टैक्स लगाती हैं, जो खुदरा मूल्य का बड़ा हिस्सा होते हैं। यही कारण है कि राज्यों में कीमतों में अंतर होता है।

  1. रिफाइनिंग की लागत:

कच्चे तेल को इस्तेमाल लायक बनाने की प्रक्रिया (रिफाइनिंग) में भी खर्च होता है। ये लागत कच्चे तेल की गुणवत्ता और रिफाइनरी की क्षमता पर निर्भर करती है।

  1. मांग और आपूर्ति का संतुलन:

बाजार में ईंधन की मांग अगर बढ़ जाती है, तो कीमतें भी ऊपर जाने लगती हैं। खासकर त्योहारों, गर्मी या सर्दी के मौसम में ईंधन की खपत ज्यादा होती है।

कैसे करें अपने शहर की कीमतें SMS से चेक?

अगर आप मोबाइल से ईंधन की कीमत जानना चाहते हैं, तो ये प्रक्रिया आसान है:

Indian Oil ग्राहक: अपने शहर का कोड टाइप करें और उसे “RSP” के साथ 9224992249 पर भेजें।

BPCL ग्राहक: “RSP” लिखकर 9223112222 पर भेजें।

HPCL ग्राहक: “HP Price” लिखकर 9222201122 पर भेजें।

Top News 2 September: 19 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, राम मंदिर को मिलेगा पहला CEO; ईरान पर अमेरिकी हमले से बढ़ा तनाव

Top News 2 September: 19 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, राम मंदिर को मिलेगा पहला CEO; ईरान पर अमेरिकी हमले से बढ़ा तनाव

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Top News 2 September: मौसम विभाग ने 19 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया। अयोध्या राम मंदिर को आज मिलेगा पहले CEO। अमेरिकी हमलों से दहला ईरान। ट्रंप ने फिर दी सख्त परिणाम भुगतने की चेतावनी। पेट्रोल डीजल की बिक्री में उछाल। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 से पहले मोटरकेड रिहर्सल को लेकर ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की। 2 सितंबर की बड़ी खबरें : 

 

19 राज्यों में भारी बारिश के अलर्ट

दक्षिण-पश्चिम मानसून एक बार फिर देश के अधिकांश हिस्सों में सक्रिया हुआ है। इसके प्रभाव से जम्मू कश्मीर, उत्तराखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और पूर्वोत्तर के राज्यों में भारी बारिश हुई है। मौसम विभाग ने 7 सितंबर तक 19 राज्यों में भारी बारिश के अलर्ट जारी किया है।

 

राम मंदिर को मिलेगा नया CEO

अयोध्या राम मंदिर के CEO के लिए 3 नाम हुए शॉर्टलिस्ट कर लिए गए हैं। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट आज मंदिर के पहले CEO के नाम का एलान कर सकता है। सचिव पद पर भी आधिकारिक घोषणा हो सकती है। ट्रस्ट में अनिल मिश्रा के इस्तीफे से रिक्त हुए सदस्य पद पर भी बुधवार को नियुक्ति की जा सकती है।

 

यूएस-ईरान टकराव बढ़ा

अमेरिकी सेना ने मंगलवार को ईरान में चाबहार और केशम द्वीप समेत कई अहम ठिकानों पर मिसाइलों से हमला किया। IRGC के ठिकानों को भी निशाना बनाया गया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने धमकी दी कि अगर ईरान ने इस हमले का जवाब दिया, तो उसे और भी सख्त परिणाम भुगतने होंगे। मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ने से कच्चे तेल की कीमतों में भारी तेजी। ब्रेंट क्रूड 96 डॉलर प्रति बैरल के करीब।

 

पेट्रोल-डीजल की बिक्री में उछाल

देश में मानसूनी बारिश के अनियमित रहने का असर ईंधन की मांग पर भी देखने को मिला है। अगस्त में सार्वजनिक क्षेत्र की तीन प्रमुख पेट्रोलियम कंपनियों की पेट्रोल और डीजल बिक्री में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई। ALSO READ: मानसूनी बारिश के अनियमित होने से पेट्रोल-डीजल की बिक्री में उछाल, अगस्त में 9.1% बढ़ी मांग
 

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की एडवाइजरी

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 से पहले मोटरकेड रिहर्सल को लेकर ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की है। 2 सितंबर को राष्ट्रीय राजधानी की 35 से ज्यादा सड़कों पर यातायात प्रतिबंध और डायवर्जन लागू रहेगा।

ईरान में शादी वाले घर पर अमेरिकी मिसाइल का कहर! बच्चे समेत 5 की मौत; तेहरान का जॉर्डन, कुवैत और बहरीन में US ठिकानों पर जवाबी हमला

US-Iran War Update: ईरान में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के दौरान एक दर्दनाक घटना सामने आई है। दक्षिणी ईरान में एक ऐसे रिहायशी मकान को मिसाइल हमले से नुकसान पहुंचा, जहां शादी का समारोह चल रहा था। अमेरिकी सेना के हमले में एक बच्चे समेत कम से कम 5 लोगों की मौत हो गई। जबकि 50 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। वहीं, तेहरान ने जॉर्डन, कुवैत और बहरीन में मौजूद US ठिकानों पर जवाबी हमला किया है।

ईरानी रेड क्रिसेंट के मुताबिक, यह हमला होर्मोजगान प्रांत के सिरिक काउंटी के कुहेस्तक शहर में हुआ। जिस घर को हमले के दौरान नुकसान पहुंचा, वहां शादी का जश्न मनाया जा रहा था। रेड क्रिसेंट ने बताया कि अमेरिकी मिसाइल हमले के बाद मिसाइल के छर्रे रिहायशी मकान तक पहुंचे, जिससे वहां मौजूद लोग इसकी चपेट में आ गए।

रेड क्रिसेंट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी देते हुए कहा कि हमले में बड़ी संख्या में लोग घायल हुए हैं। शुरुआती जानकारी में एक छोटे बच्चे समेत चार लोगों की मौत की बात कही गई थी। जबकि बाद की रिपोर्टों में मृतकों की संख्या बढ़कर 5 बताई गई। घायलों की संख्या 50 से ज्यादा है।

मलबे में तब्दील हुआ घर, चीख-पुकार का वीडियो सामने आया

ईरानी सरकारी मीडिया ने हमले के बाद का कथित वीडियो भी जारी किया है। फुटेज में घटनास्थल पर भारी मलबा और मकान को हुआ नुकसान दिखाई देता है। वीडियो में आसपास मौजूद लोगों की चीख-पुकार भी सुनाई देती है। हालांकि, वीडियो और मृतकों तथा घायलों से जुड़े आंकड़ों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।

ईरान का पलटवार, जॉर्डन, कुवैत और बहरीन में अमेरिका के ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले

इस बीच, ईरान ने अमेरिका के खिलाफ जवाबी कार्रवाई तेज कर दी है। ईरान ने बुधवार तड़के जॉर्डन, कुवैत और बहरीन में अमेरिकी सैन्य हितों से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाकर बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन हमले किए। ये हमले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस चेतावनी के कुछ ही समय बाद हुए, जिसमें उन्होंने ईरान को अमेरिका के खिलाफ किसी भी हमले की स्थिति में और ज्यादा कड़ा जवाब देने की चेतावनी दी थी।

ईरानी हमले ऐसे समय हुए जब अमेरिकी सेना ने दक्षिणी ईरान में हमलों की एक नई लहर शुरू की थी। अमेरिका का कहना है कि इन हमलों में ईरानी सेना इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से जुड़े बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया गया। वॉशिंगटन के मुताबिक, यह कार्रवाई हाल में होर्मुज जलडमरूमध्य में कमर्शियल जहाजों और अमेरिकी सैनिकों के खिलाफ कथित हमले के प्रयासों के जवाब में की गई।

जॉर्डन में 10 मिसाइलों को मार गिराने का दावा

जॉर्डन में ईरानी IRGC ने एक अमेरिकी मरीन कॉर्प्स बेस पर बड़े पैमाने पर बैलिस्टिक मिसाइल हमला करने का दावा किया। ईरानी मीडिया ने इस सैन्य ठिकाने की पहचान कैंप टिटिन के तौर पर की है, जो अकाबा की खाड़ी के पास स्थित बताया गया है। ईरानी न्यूज एजेंसी ‘तस्नीम’ ने दावा किया कि हमले में अमेरिकी सैनिकों को निशाना बनाया गया। जवाबी हमले में बड़ी संख्या में अमेरिकी सैनिकों के मारे जाने की बात कही। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। दूसरी ओर, जॉर्डन की ओर से 10 ईरानी मिसाइलों को इंटरसेप्ट किए जाने की जानकारी सामने आई है।

हमले से बढ़ता तनाव, खाड़ी क्षेत्र पर मंडरा रहा खतरा

अमेरिका और ईरान के बीच लगातार बढ़ते सैन्य टकराव ने पूरे खाड़ी क्षेत्र में तनाव बढ़ा दिया है। एक तरफ अमेरिकी सेना ईरान के सैन्य और IRGC से जुड़े ठिकानों पर हमले कर रही है। वहींं ईरान जवाब में अमेरिकी सैन्य मौजूदगी वाले देशों और ठिकानों को निशाना बना रहा है। होर्मुज स्ट्रेट को लेकर भी स्थिति बेहद संवेदनशील बनी हुई है। यह क्षेत्र वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। यहां सैन्य तनाव बढ़ने का असर अंतरराष्ट्रीय व्यापार और तेल आपूर्ति पर भी पड़ सकता है।

ये भी पढ़ें- 2 सितंबर को होगी मूसलाधार बारिश! IMD ने दिल्ली, यूपी, बिहार समेत 15 से ज्यादा राज्यों के लिए जारी किया अलर्ट

Trading Ideas: निफ्टी में अभी और गिरावट मुमकिन, कमजोर बाजार में भी इन दो शेयरों में हो सकती है कमाई

Trading Ideas : खराब ग्लोबल संकेतों के चलते कल 1 सितंबर को बाजार पर दबाव दिखा। हालांकि बाजार निचले स्तरों से सुधरकर बंद हुआ। निफ्टी और सेंसेक्स की फ्लैट क्लोजिंग हुई। वहीं मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में बिकवाली रही। निफ्टी 25 प्वाइंट गिरकर 24,056 पर बंद हुआ। सेंसेक्स 13 प्वाइंट गिरकर 76,944 पर बंद हुआ। बैंक निफ्टी 615 प्वाइंट गिरकर 57,410 पर बंद हुआ। मिडकैप 890 प्वाइंट गिरकर 63,335 पर बंद हुआ। निफ्टी के 50 में से 30 शेयरों में बिकवाली रही। सेंसेक्स के 30 में से 17 शेयरों में बिकवाली दिखी। बैंक निफ्टी के 14 में से 11 शेयरों में बिकवाली रही। वहीं, डॉलर के मुकाबले रुपया 21 पैसे मजबूत होकर 94.95 रुपए प्रति डॉलर पर बंद हुआ।

आज के लिए बाजार पर अपनी रणनीति साझा करते हुए manasjaiswal.com के मानस जायसवाल ने कहा कि कल निफ्टी ने नॉर्मल ट्रेडिंग आवर्स में 24,000 के लेवल को तो ब्रेक किया था। क्लोजिंग बेसिस पर यह 24050 के आसपास बंद हुआ। अगर हम निफ्टी फ्यूचर्स की बात करें तो चार्ट्स पर एक फ्रेश ब्रेकडाउन दिखता है। ऐसे में लगता है कि निफ्टी में और गिरावट हो सकती है। निफ्टी में हमें 23860 तक के लेवल्स देखने को मिल सकते हैं। इस गिरावट पर खरीदारी ना करें। कभी कोई उछाल मिले तो लॉन्ग पोजीशन से निकलना ही बेहतर रहेगा। अब आपको फ्रेश खरीदारी तभी करनी है जब निफ्टी 24,250 के ऊपर निकले और उसके ऊपर सस्टेन करना शुरू करें। उससे पहले सेल ऑन रैलीज़ का मार्केट बना रहेगा।

बैंक निफ्टी में भी 57,200 पर सपोर्ट है। अगर बैंक निफ्टी 57,200 के नीचे ट्रेड करने लगेगा तो गिरावट बढ़ेगी। ऐसी स्थिति में 56,800 तक के लेवल्स देखने को मिल सकते हैं। ऐसे में यहां भी सतर्क रहने की जरूरत है। खरीदारी तभी करें जब बैंक निफ्टी 58,000 के ऊपर सस्टेन होना शुरू करे।

मानस जायसवाल के टॉप पिक्स

आज के लिए उनकी एक बाय और एक सेल की रेमेंडेशन है। उनको आईटी स्पेस बढ़िया लगता है। आईटी स्पेस में काफी स्टॉक्स ऐसे हैं जहां पर फ्रेश ब्रेकआउट देखने को मिला है। HCLT जिसने अपने 200 डे मूविंग एवरेज को रिगेन कर लिया है, इसमें उनकी लॉन्ग साइड में ट्रेड लेने की सलाह है। इस शेयर में 1329 रुपए के स्टॉप लॉस के साथ, 1390 रुपए तक के टारगेट्स के लिए खरीदारी की सलाह है।

वहीं, SBI में बिकवाली की सलाह है। अगर आप SBI के चार्ट्स देखें तो इस स्टॉक ने 100 डे मूविंग एवरेज के सपोर्ट को तोड़ दिया है। यह 100 डे मूविंग एवरेज के नीचे फिसला है। स्टॉक अब 200 डे मूविंग एवरेज को टेस्ट कर सकता है। इसलिए SBI में बिकवाली करेंगे। इसके लिए 1041 रुपए के स्टॉप लॉस के साथ 1010 रुपए तक के टारगेट रखें।

 

Market cues : नियर टर्म में बाजार के सतर्क और कंसोलिडेशन के दौर में रहने के संकेत, इन लेवल्स पर रहे नजर

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

बाल धोने का तरीका बदलें! शैंपू से पहले एक्सपर्ट का ये 5 मिनट वाला तरीका अपनाएं

आजकल बालों से जुड़ी परेशानियां तेजी से बढ़ रही हैं। कंघी करते समय ज्यादा बाल निकलना, बालों का बीच से टूटना या धीरे-धीरे पतला होना कई लोगों के लिए चिंता बन गया है। ऐसे में बालों की खोई हुई मजबूती और चमक वापस पाने के लिए लोग अलग-अलग हेयर केयर प्रोडक्ट्स और घरेलू तरीकों का सहारा लेते हैं। लेकिन हर किसी के बाल अलग होते हैं, इसलिए एक ही तरीका सभी पर एक जैसा असर करे, यह जरूरी नहीं है। ऐसे में बालों की बेहतर देखभाल के लिए एक आसान रूटीन है, जिसे शैंपू करने से पहले ही अपनाया जा सकता है। इसे प्री-कंडीशनिंग कहा जाता है और इसमें बाल धोने से पहले सही तरीके से तेल लगाने और फिर हेयर वॉश करने का तरीका शामिल है। यदि आप भी बालों के झड़ने और टूटने से परेशान हैं, तो यह आसान तरीका हेयर केयर रूटीन में शामिल कर सकते है।

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1. शैंपू से पहले बालों को ऐसे करें तैयार

जावेद हबीब ने बाल धोने से पहले प्री-कंडीशनिंग का आसान तरीका बताया है। इसके लिए सबसे पहले बालों को हल्का गीला करें और फिर उनकी लंबाई पर थोड़ा तेल लगाएं। तेल लगाते समय बालों और स्कैल्प को जोर-जोर से रगड़ने या मसाज करने से बचें। इस प्रोसेस का मकसद बालों को शैंपू करने से पहले तैयार करना है, ताकि वॉश के दौरान बालों पर ज्यादा खिंचाव न पड़े।

2. स्कैल्प की सफाई पर दें खास ध्यान

बालों को हेल्दी और मजबूत बनाए रखने के लिए उनकी रेगुलर सफाई बहुत जरूरी है। स्कैल्प पर गंदगी, पसीना और तेल जमा रहने से बालों से जुड़ी कई परेशानियां हो सकती हैं। इसलिए अपने बालों के हिसाब से एक सही वॉशिंग रूटीन बनाएं और उसे रेगुलर फॉलो करें। साफ स्कैल्प बालों की बेहतर देखभाल की पहली सीढ़ी हो सकती है।3. कंघी करने का तरीका

यदि आपके बाल लंबे हैं, तो तेल लगाने के बाद उन्हें बहुत हल्के हाथों से कंघी कर सकते हैं। कंघी करते समय बालों को खींचें नहीं, क्योंकि गीले बाल आसानी से टूट सकते हैं। इसके बाद करीब 5 मिनट तक तेल को बालों पर लगा रहने दें। इसके बाद आप अपने सामान्य हेयर वॉश रूटीन को फॉलो कर सकते हैं।

4.  हेयर वॉश में रखें इन बातों का ध्यान

करीब 5 मिनट बाद बालों को धोया जा सकता है। इसके लिए आप अपने बालों के हिसाब से शैंपू का इस्तेमाल कर सकते हैं। जावेद हबीब ने बाल साफ करने के लिए शिकाकाई जैसे ट्रडीटोनाल हर्ब्स को भी एक ऑप्शन बताया है। सबसे जरूरी बात यह है कि बालों की सफाई और देखभाल को कभी-कभार नहीं, बल्कि रेगुलर रूटीन का हिस्सा बनाएं। यदि बहुत ज्यादा या लगातार बाल झड़ रहे हैं, तो इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं, ऐसे में एक्सपर्ट की सलाह लेना बेहतर रहेगा।5. बालों को ज्यादा टाइट बांधने से बचें

बालों को लंबे समय तक बहुत टाइट पोनीटेल, जूड़ा या चोटी में बांधने से उनमें खिंचाव पड़ सकता है। गीले बालों को कसकर बांधने से बचें, क्योंकि इस समय बाल ज्यादा नाजुक होते हैं और आसानी से टूट सकते हैं। कोशिश करें कि बालों को ढीला रखें और सॉफ्ट हेयर टाई का इस्तेमाल करें।

बालों की बेहतर देखभाल के लिए छोटी-छोटी आदतों को अपने रूटीन का हिस्सा बनाना जरूरी है। शैंपू से पहले की सही देखभाल और रेगुलर हेयर केयर से बालों को हेल्दी और मजबूत बनाए रखने में मदद मिल सकती है। मानसून में इन आसान बातों का ध्यान रखकर बालों की खूबसूरती और सेहत बरकरार रखी जा सकती है। रेगुलर देखभाल से बालों को ज्यादा मैनेजेबल बनाए रखने में मदद मिल सकती है। इसके लिए बालों की जरूरत के हिसाब से सही रूटीन अपनाना भी जरूरी है।

Ather Konarc S 125 vs rivals: Price and specifications compared

Ather Konarc S 125 vs rivals: Price and specifications compared
A studio shot showing the Ather Konarc, Chetak C3001, TVS iQube, and Vida VX2 Go.

Ather recently launched its first scooter on the completely new EL platform. Called the Konarc, it is currently available in six variants, starting at Rs 99,999 and going up to Rs 1.45 lakh at the moment. However, it appears that Ather is looking to make sure that there’s a Konarc at every price range. The most affordable Konarc S with 100km range isn’t going to be available until early next year, which makes the Konarc S 125km range variant the entry-level Konarc. So, how does it compare to the offerings from legacy manufacturers? Let’s find out.

Ather Konarc S 125 vs rivals: Motor, battery and charging

Chetak offers the most range

 

Ather Konarc S 125

TVS iQube 3.1 kWh

Chetak C3001

Vida VX2 Go 3.1

Peak motor power

4kW

4.4kW

3.1kW

6kW

Rated torque

16Nm

33Nm

20Nm

25Nm

Claimed top speed

70kph

82kph

80kph

70kph

Battery capacity

2.7kWh

3.1kWh

3kWh

3.1kWh

Claimed charge time (0-80 percent)

4h30m

4h03m

2h55m

4h45m

IDC range

125km

123km

131km

127km

These scooters rarely compare 1:1 in specifications, but if we take range as the most important factor, these are Ather Konarc’s closest rivals. As such, the Vida VX2 Go is the most powerful here, while the iQube develops the most torque. However, the Chetak quotes the highest range of the lot, and it sweetens the deal further by offering the fastest bundled charger (750W) and the shortest 0-80 charging time.

Ather Konarc S 125 vs rivals: Dimensions and underpinnings

iQube is the lightest and has the lowest seat height

 

Ather Konarc S 125

TVS iQube 3.1kWh

Chetak C3001

Vida VX2 Go 3.1

Wheelbase

1,352mm

1,301mm

1,355mm

1,301mm

Seat height

770mm

770mm

775mm

777mm

Ground clearance

NA

157mm

NA

155mm

Kerb weight

126.5kg

116.8kg

125kg

118kg

The C3001 and the Konarc have the longest and second-longest wheelbase, respectively, and they’re on the heavier side as well; the latter is explained by their metal body panels. Seat height is more or less on par, but if you care about the minutest of numbers, the Vida VX2’s is the tallest of the bunch. However, we wouldn’t expect that to deter buyers from choosing the Vida.

Ather Konarc S 125 vs rivals: Brakes, tyres and suspension

Konarc is the only one with a 14” wheel

 

Ather Konarc S 125

TVS iQube 3.1kWh

Chetak C3001

Vida VX2 Go 3.1

Brakes (F,R)

220mm disc, 130mm drum

220mm disc, 130mm drum

130mm drum, 130mm drum

190mm disc, 130mm drum

Tyres (F,R)

90/90-14, 100/90-12

90/90-12, 90/90-12

NA

90/90-12, 100/80-12

Suspension (F,R)

Telescopic, monoshock

Telescopic, twin shock

Leading-link, monoshock

Telescopic, monoshock

Ather’s biggest advantage over the others is its 14-inch front wheel, something none of the other scooters has. It also has the widest rear tyre, even though they all use 12-inch wheels. As for brakes, Chetak is the only one here without a disc brake. It is also the only one to feature a leading-link front suspension, paying homage to the design used on the original petrol-powered Chetak of yesteryear, whereas the others get a more modern telescopic fork.

Ather Konarc S 125 vs rivals: Features

Basics sorted, with more features requiring subscriptions

Ather has reserved the top-shelf feature set for the Konarc Z line, which is slated to release late next year. As standard, the Konarc gets the largest-in-size 7-inch LCD cluster. It also has AirWalk, a feature that will make manually moving the scooter easier. No other scooter in this comparison can match that. The iQube gets a 5-inch TFT instrument cluster, the C3001 gets a monochrome LCD cluster, and the VX2 Go 3.1 gets a 4.2-inch LCD. They all also offer ride modes and basic smartphone connectivity as standard.

However, most of Ather’s tech features require Ather StackPro, which costs Rs 16,000 for the Konarc S 125km variant. This is a big add-on to the overall price of the scooter, but it is a one-time purchase. If you spring for it, you do get a lot of features such as TrueRange, AutoHold and Vehicle FallSafe. Ather also promises yearly software upgrades and new features, a claim no other manufacturer on this list can meet or beat.

The other scooters also require a paid subscription to access the full feature suite. However, Ather’s is the most expensive and has the highest number of features. Chetak offers a lifetime subscription to its TecPac for Rs 3,000. Vida and TVS charge Rs 999 and Rs 900 per year, respectively, for theirs.

Ather Konarc S 125 vs rivals: Price

TVS is the most expensive, while Vida is the most affordable

 

Ather Konarc S 125

TVS iQube 3.1kWh

Chetak C3001

Vida VX2 Go 3.1

Price

Rs 1.22 lakh

Rs 1.29 lakh

Rs 1.14 lakh

Rs 1.12 lakh

Of this lot, the Konarc S is the second most expensive scooter to buy, behind only the TVS iQube. If you prefer to keep things simpler, both price-wise and features-wise, the Chetak and the Vida offer that: a lean feature set with promising range for the price. However, remember that real-world experience, such as comfort, can change this equation, and we can only comment on that after riding them.

The prices listed are ex-showroom, Bengaluru.

Market cues : नियर टर्म में बाजार के सतर्क और कंसोलिडेशन के दौर में रहने के संकेत, इन लेवल्स पर रहे नजर

Trade setup for today : क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) में आई रिकवरी की वजह से कल निफ्टी क्लोजिंग बेसिस पर 24,000 के लेवल से ऊपर वापस आ गया। हालांकि 1 सितंबर को इंडेक्स में थोड़ी गिरावट के साथ कारोबार खत्म हुआ। मिडिल ईस्ट में जारी उथल-पुथल के बीच टेक्निकल इंडिकेटर नियर टर्म में बाजार के सतर्क और कंसोलिडेशन के दौर में रहने का संकेत दे रहे हैं। मार्केट एक्सपर्ट् का कहना है कि अगर निफ्टी 24,000-23,950 के सपोर्ट जोन के नीचे टूटता है और वहां बना रहता है,तो यह 23,800 और फिर 23,600 की तरफ गिर सकता है। हालांकि,अगर इंडेक्स इस जोन के ऊपर बना रहता है तो 24,200-24,400 की तरफं ऊपर जाने की संभावना बढ़ सकती है। वीकली ऑप्शन डेटा से पता चलता है कि शॉर्ट टर्म में निफ्टी 23,500-24,500 की बड़ी रेंज में ट्रेड करता नजर आ सकता है।

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

निफ्टी 50 (24056) के लिए अहम लेवल

पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 23,978, 23,933 और 23,860

पिवट प्वांइट पर आधारित रेजिस्टेंस :24,123, 24,168 और 24,241

स्पेशल फॉर्मेशन : निफ्टी ने डेली टाइमफ्रेम पर ‘हाई-वेव कैंडलस्टिक पैटर्न’ बनाया,जो बुल्स और बेयर्स के बीच असमंजस की स्थिति को दिखाता है। इंडेक्स सभी अहम मूविंग एवरेज से नीचे बना रहा। मीडियम और लॉन्ग-टर्म मूविंग एवरेज काफी हद तक सपाट रहे,जबकि शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज में गिरावट का ट्रेंड जारी रहा। 10-डे EMA भी 50-डे और 100-डे EMA से नीचे आ गया। RSI गिरकर 42.86 पर आ गया,जबकि MACD जीरो लाइन के नीचे अपना डाउनट्रेंड जारी रखे हुए है और रेड हिस्टोग्राम बार एक और सेशन के लिए बढ़ रहा है। ये सभी इंडिकेटर निकट भविष्य में कमजोरी और मार्केट में सतर्क नज़रिए की ओर इशारा कर रहे हैं।

बैंक निफ्टी (57410) के लिए अहम लेवल

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 57,677, 57,823 और 58,058

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 57,207, 57,062 और 56,827

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 58,137, 58,706

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 57,135, 56,870

स्पेशल फॉर्मेशन : बैंक निफ्टी ने दोनों तरफ विक्स (wicks) वाली एक ‘बेयरिश कैंडल’ बनाई जो उतार-चढ़ाव के बीच कमजोर का संकेत है। इसने पिछले दिन की सारी बढ़त गंवा दी और 1.06 फीसदी नीचे बंद हुआ। इंडेक्स अपने शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज से नीचे आ गया है,जो सावधानी बरतने का संकेत है। हालांकि,इसका ओवरऑल स्ट्रक्चर पॉज़िटिव बना हुआ है क्योंकि इंडेक्स अभी भी अपने मीडियम और लॉन्ग-टर्म मूविंग एवरेज से ऊपर ट्रेड कर रहा है। RSI और MACD कई सेशन से ज्यादातर एक ही दायरे में बने हुए हैं,जिससे पता चलता है कि कोई मज़बूत दिशात्मक मोमेंटम नहीं है। कुल मिलाकर,टेक्निकल सेटअप से संकेत मिलता है कि निकट भविष्य में सावधानी के साथ कंसोलिडेशन हो सकता है। जब तक कि यह रेजिस्टेंस लेवल से ऊपर या मुख्य सपोर्ट लेवल से नीचे नहीं जाता, इंडेक्स के एक दायरे में ही बने रहने की संभावना है।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो (करोड़ रुपए में)

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इंडिया VIX

मार्केट में उतार-चढ़ाव (वोलैटिलिटी) का अनुमान लगाने वाला India VIX कल 9.25-12.12 के बड़े दायरे में घूमने के बाद बिना किसी बदलवा के 11.19 पर बंद हुआ। वोलैटिलिटी इंडेक्स अपने शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज से नीचे और निचले दायरे में बना रहा। इससे पता चलता है कि मार्केट में चिंता कम है। कुल मिलाकर,हालात बताते हैं कि निकट भविष्य में वोलैटिलिटी के सीमित रहने की संभावना है,हालांकि इंडेक्स में अचानक बड़ी हलचल से वोलैटिलिटी बढ़ सकती है।

Market Insight : सितंबर के दूसरे भाग में निफ्टी में आ सकती है तेजी, छोटे-मझोले शेयरों में दिख रहा दम

पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 1 सितंबर को गिरकर 0.89 हो गया,जबकि पिछले सेशन में यह 0.91 था। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।

F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: LIC हाउसिंग फाइनेंस, सेल (SAIL)

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: कोई नहीं

 

 

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नेपाल बाढ़ में अबतक 1068 लोगों की मौत:4600 से ज्यादा की तलाश जारी; एक लड़की ने 17 रिश्तेदारों को खोया; चीन के 100 नागरिक लापता

नेपाल में बाढ़ के एक हफ्ते बाद भी रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। आपदा में लापता लोगों की तलाश के बावजूद कई परिवारों को अपने परिजनों की कोई जानकारी नहीं मिल पाई है। कई इलाकों में कीचड़ और मलबा जमा होने से राहत कार्य मुश्किल बना हुआ है। 26 अगस्त को आई बाढ़ के बाद अब तक 1,068 शव बरामद किए गए हैं, जिनमें 400 के केवल आंशिक अवशेष मिले हैं। करीब 4,606 लोग अभी भी लापता हैं। इनमें 500 विदेशी नागरिक हैं। नेपाल में सड़क और हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट पर काम कर रहे कई चीनी नागरिक लापता हैं। चीन के विदेश मंत्रालय के मुताबिक, नेपाल में करीब 100 चीनी नागरिकों का अब तक पता नहीं चला है। नेपाल और चीन के प्रभावित परिवारों की मांग है कि उनके परिजनों की सही और स्पष्ट जानकारी दी जाए। एक नेपाली लड़की ने बताया कि इस आपदा में उसने अपने परिवार के 17 सदस्यों को खो दिया। बाढ़ प्रभावित बिदुर में विस्थापित परिवार अस्थायी शिविरों में रह रहे हैं, लेकिन उन्हें अब भी दोबारा बाढ़ आने का डर सता रहा है। नेपाल त्रासदी की 4 तस्वीरें… नेपाल के 5 लोगों के शव यूपी में मिले उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले में गंडक नदी से मिले नेपाल के पांच नागरिकों के शव मंगलवार को सोनौली सीमा पर सौंपे गए। ये लोग नेपाल में आई अचानक बाढ़ में बह गए थे। शव नेपाल पुलिस को सौंपे गए। इनमें दो महिलाएं और तीन पुरुष हैं। नेपाल में शव जलाने की बजाय दफनाए जा रहे नेपाल में बाढ़ के बाद सैकड़ों अज्ञात शवों को जलाने के बजाय दफनाया जा रहा है। ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि शवों के अवशेष सुरक्षित रहें और DNA जांच से पहचान कर परिजनों को सौंपे जा सकें। दरअसल, पानी और कीचड़ में लंबे समय तक दबे रहने से शवों की हालत बहुत खराब हो चुकी है। कई शव पानी में फूल गए हैं और तेजी से सड़ रहे हैं। इससे उनकी पहचान करना मुश्किल हो गया है। दूसरी तरफ शवगृह और अस्थायी केंद्र भी शवों से भर चुके हैं। ऐसे में प्रशासन के लिए शवों को लंबे समय तक सुरक्षित रखना संभव नहीं है। यही वजह है कि अज्ञात शवों को सामूहिक कब्रों में दफनाया जा रहा है।

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