Tata Curvv Series X: ₹10 लाख में लॉन्च हुई नई SUV-कूपे, अब कम कीमत में मिलेंगे ज्यादा फीचर्स

Tata Curvv Series X: ₹10 लाख में लॉन्च हुई नई SUV-कूपे, अब कम कीमत में मिलेंगे ज्यादा फीचर्स

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Tata Curvv Series X Launch: टाटा मोटर्स ने अपनी लोकप्रिय SUV-कूपे Curvv का नया Series X वेरिएंट लाइनअप भारतीय बाजार में लॉन्च कर दिया है। इसकी कीमत ₹10 लाख से ₹19 लाख (एक्स-शोरूम) के बीच रखी गई है। कंपनी ने नए लाइनअप में वेरिएंट्स को दोबारा व्यवस्थित करने के साथ कई ऐसे फीचर्स निचले और मिड-स्पेक मॉडल में शामिल किए हैं, जो पहले महंगे वेरिएंट तक सीमित थे।

 

इसके अलावा Dark Edition को भी पहले के मुकाबले ज्यादा वेरिएंट में उपलब्ध कराया गया है। खास बात यह है कि Curvv Series X में पहले की तरह तीन इंजन विकल्प मिलते रहेंगे।

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₹10 लाख से शुरू होती है कीमत

 

नई Tata Curvv Series X का सबसे किफायती Smart X वेरिएंट है। इसकी कीमत पुराने बेस वेरिएंट की तुलना में करीब ₹24,000 ज्यादा है। कंपनी ने पेट्रोल और डीजल मॉडल के बीच कीमत का अंतर भी घटाया है। अब यह अंतर ₹1.3 लाख है, जो पहले ₹1.5 लाख था। इसी तरह ऑटोमैटिक गियरबॉक्स के लिए अतिरिक्त कीमत भी ₹1.5 लाख से घटकर ₹1.3 लाख हो गई है।

 

कम कीमत वाले वेरिएंट में ज्यादा फीचर्स

 

Curvv Series X की सबसे बड़ी खासियत इसका फीचर-लोडेड लाइनअप है। Pure X जैसे अपेक्षाकृत निचले वेरिएंट से ही 10.25-इंच इंफोटेनमेंट स्क्रीन मिलने लगती है।

 

इसके अलावा कार में:

 

  • Wireless Android Auto और Apple CarPlay
  • Automatic Climate Control
  • Cruise Control
  • Push-Button Start
  • Auto-Folding ORVMs
  • 10.25-इंच Digital Instrument Cluster
  • Multiple Drive Modes
  • Front और Rear USB Ports
  • Cooled Glove Box

 

जैसे फीचर्स मिलते हैं।

 

केबिन में हल्के रंग की इंटीरियर थीम और लेदरेट अपहोल्स्ट्री दी गई है। पीछे बैठने वाले यात्रियों के लिए AC वेंट्स, रियर आर्मरेस्ट और Reclining Rear Seats भी मिलती हैं।

 

पीछे बैठने वालों के लिए ज्यादा जगह

 

Tata ने Curvv Series X के केबिन में भी बदलाव किए हैं। फ्रंट सीट बैक को 10 mm पतला किया गया है, जबकि रियर सीट को 20 mm पीछे और 10 mm नीचे किया गया है। इससे पीछे बैठने वाले यात्रियों के लिए ज्यादा जगह मिलती है।

 

अन्य प्रमुख फीचर्स में:

  •  
  • Panoramic Sunroof
  • 360-Degree Camera
  • Blind-View Monitor
  • Rain-Sensing Wipers
  • Automatic Headlamps

 

शामिल हैं।

 

सेफ्टी के लिए सभी प्रमुख वेरिएंट में 6 एयरबैग, ESP, Hill-Hold Control, ABS के साथ EBD और Rear Parking Sensors जैसे फीचर्स दिए गए हैं।

 

टॉप वेरिएंट में 12.3-इंच स्क्रीन और JBL साउंड

 

Curvv Series X के टॉप-स्पेक वेरिएंट में फीचर्स और भी प्रीमियम हो जाते हैं। इसमें 12.3-इंच इंफोटेनमेंट स्क्रीन के साथ 9-स्पीकर JBL ऑडियो सिस्टम दिया गया है।

 

इसके अलावा:

 

  • Ventilated Front Seats
  • 6-Way Powered Driver Seat
  • Ambient Lighting
  • Wireless Charging
  • Twin-Zone Climate Control
  • Level 2 ADAS
  • Air Purifier
  • Connected Car Technology
  • Gesture-Controlled Powered Tailgate

 

जैसे फीचर्स भी उपलब्ध हैं।

 

Dark Edition अब ज्यादा वेरिएंट में

 

Tata Curvv Series X का बाहरी डिजाइन मौजूदा Curvv जैसा ही SUV-Coupe स्टाइल वाला है। इसमें Flush Door Handles, LED Headlamps, DRLs और LED Tail-Lamps मिलते हैं। हालांकि, Series X में पहले के क्रोम ग्रिल की जगह ब्लैक ग्रिल ट्रीटमेंट दिया गया है। कंपनी ने Dark Edition को भी अब लाइनअप में नीचे के वेरिएंट तक उपलब्ध करा दिया है। इसमें एक्सटीरियर और इंटीरियर दोनों में ब्लैक थीम देखने को मिलती है। निचले वेरिएंट में 17-इंच Diamond-Cut Alloy Wheels, जबकि ऊंचे वेरिएंट में 18-इंच Alloy Wheels दिए गए हैं।

 

तीन इंजन विकल्प बरकरार

 

Tata Curvv Series X में कंपनी ने मौजूदा तीन इंजन विकल्पों को बरकरार रखा है।

 

  • 1.2-लीटर Turbo Petrol
  • पावर: 120 hp
  • टॉर्क: 170 Nm
  • 1.2-लीटर Direct-Injection Turbo Petrol
  • पावर: 125 hp
  • टॉर्क: 225 Nm
  • 1.5-लीटर Diesel
  • पावर: 118 hp
  • टॉर्क: 260 Nm

 

120 hp वाला 1.2-लीटर टर्बो पेट्रोल और 1.5-लीटर डीजल इंजन 6-स्पीड मैनुअल और 7-स्पीड डुअल-क्लच ऑटोमैटिक (DCA) गियरबॉक्स के साथ उपलब्ध हैं। वहीं, 125 hp वाला 1.2-लीटर डायरेक्ट-इंजेक्शन टर्बो पेट्रोल इंजन केवल टॉप-स्पेक Accomplished X+ वेरिएंट में दिया गया है और इसे 7-स्पीड DCA गियरबॉक्स के साथ जोड़ा गया है।

 

आसान भाषा में समझें तो क्या बदला?

 

Tata Curvv Series X का फोकस ज्यादा कीमत बढ़ाए बिना ज्यादा फीचर्स उपलब्ध कराने पर है। कंपनी ने महंगे वेरिएंट के कई फीचर्स को निचले और मिड-स्पेक मॉडल तक पहुंचाया है। वहीं, Dark Edition की उपलब्धता बढ़ने से ग्राहकों को ज्यादा विकल्प मिलेंगे।

नेता, अधिकारी-कर्मचारी खा रहे गरीबों से पैसा, BJP विधायक जयंत मलैया ने भ्रष्टाचार पर अपनी ही सरकार को घेरा

नेता, अधिकारी-कर्मचारी  खा रहे गरीबों से पैसा, BJP विधायक जयंत मलैया ने भ्रष्टाचार पर अपनी ही सरकार को घेरा

भोपाल। मध्य प्रदेश में सरकरी अफसरों के आए दिन भ्रष्टाचार के मामलों के बीच भाजपा के सीनियर नेता और दमोह विधायक जयंत मलैया ने सिस्टम के भ्रष्टाचार की  पोल खोलकर रख दी है। पूर्व मंत्री जयंत मलैया ने अधिकारियों-कर्मचारियों से लेकर जनप्रतिनिधियों और नगर पालिका से जुड़े लोगों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि गरीबों के हक का पैसा खाया जा रहा है। उनका कहना था कि आम जनता का काम बिना पैसे दिए नहीं होता।

 

एक बैठक में भाजपा विधायक जयत मलैया ने कहा कि नेता लोग,अधिकारी-कर्मचारी,पार्षद लोग गरीब लोगों से पैसे खा रहे है। किश्त और गल्ला देने के नाम पर नगर पालिका के लोग पैसे खा रहे है। किसी की किश्त आगे डालते है किसी की पीछे डालते है। इसमें कोई पार्टी की बात नहीं। मैंने कहा था कि नंबर से डालों और क्रम से डाला।

 

भाजपा के सीनियर नेता के इस बयान के बाद प्रदेश में सियासत गर्मा गई है और सोशल मीडिया पर वीडियो जमकर वायरल हो रहा है। कांग्रेस ने मलैया के बयान के सहारे भ्रष्टाचार के खिलाफ भाजपा सरकार के जीरो टॉलरेंस के दावे पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने मलैया के वायरल वीडियो अपने एक्स प्लेटफॉर्म पर पोस्ट कर सीधे सरकार को घेरा है। 

 

दरअसल भाजपा विधायक जयंत मलैया ने सरकारी मशीनरी और स्थानीय निकायों में भ्रष्टाचार की ओर सीधा इशारा किया गया है। मलैया के बयान से सवाल यह उठ रहा है कि यदि सत्तारूढ़ दल का ही एक वरिष्ठ विधायक यह कह रहा है कि गरीबों से जुड़े कामों के लिए पैसे लिए जा रहे हैं, तो फिर जमीनी स्तर पर सरकार की भ्रष्टाचार विरोधी व्यवस्था कितनी प्रभावी है। मलैया के बयान में केवल अधिकारियों और कर्मचारियों पर ही सवाल नहीं उठाया गया, बल्कि पार्षदों और नगर पालिका से जुड़े लोगों को भी कटघरे में खड़ा किया गया है। मलैया के इस बयान के बाद विपक्ष को सरकार पर हमला करने का मौका मिल गया है। 

Redmi 17 5G की भारत में एंट्री, Snapdragon 4 Gen 5 प्रोसेसर और 7,900mAh बैटरी के साथ

Redmi ने गुरुवार को भारत में अपना नया Redmi 17 5G स्मार्टफोन लॉन्च कर दिया है। इस फोन को Amazon और कंपनी के अधिकृत आउटलेट्स से खरीदा जा सकेगा। ग्लोबल वेरिएंट की तरह भारत में भी यह स्मार्टफोन तीन अलग-अलग कलर ऑप्शन में उपलब्ध होगा। आइए जानते हैं Redmi 17 5G की कीमत और इसके स्पेसिफिकेशंस के बारे में।

भारत में Redmi 17 5G की कीमत

Redmi 17 5G के 6GB RAM + 128GB स्टोरेज वाले मॉडल की शुरुआती कीमत ₹39,999 है। वहीं, 8GB RAM + 128GB स्टोरेज वाले मॉडल की कीमत ₹41,999 है। खास बात यह है कि कंपनी ने दोनों मॉडल्स की नेट इफेक्टिव कीमत क्रमशः ₹23,999 और ₹26,999 तय की है।

यह फोन भारत में 10 सितंबर 2026 से Amazon और Xiaomi के अधिकृत आउटलेट्स के जरिए खरीदा जा सकेगा। Redmi 17 5G को Absolute Black, Endless Blue और Eternal Orange जैसे तीन कलर ऑप्शन में पेश किया गया है।

Redmi 17 5G के स्पेसिफिकेशन्स

Redmi 17 5G में डुअल-सिम स्लॉट है और यह Android 16 पर आधारित HyperOS3 पर चलता है। इस हैंडसेट में 6.9-इंच का HD+ डिस्प्ले होगा, जिसका रिफ्रेश रेट 120Hz तक और पीक ब्राइटनेस 825 निट्स होगी।

पावर की बात करें तो, इस स्मार्टफोन में Qualcomm का ऑक्टा-कोर Snapdragon 4 Gen 5 चिप है, जो 4nm प्रोसेस पर बना है। इसमें Adreno GPU के साथ 8GB तक LPDDR4x RAM और 256GB तक UFS 2.2 ऑनबोर्ड स्टोरेज भी मिलता है, जिसे माइक्रो-SD कार्ड से 2TB तक बढ़ाया जा सकता है।

फोटोग्राफी के लिए, इस हैंडसेट में डुअल रियर कैमरा सेटअप है, जिसमें f/1.8 अपर्चर वाला 50MP का मेन सेंसर और एक सेकेंडरी कैमरा शामिल है। सेल्फी के लिए, स्मार्टफोन में f/2.05 अपर्चर वाला 8MP का कैमरा दिया गया है।

Redmi 17 5G में 7,900mAh की बैटरी है और यह 45W वायर्ड फास्ट चार्जिंग और 22.5W रिवर्स वायर्ड चार्जिंग को सपोर्ट करता है। इस डिवाइस का साइज 170.12×78.42×8.8mm है। कनेक्टिविटी के लिए, Redmi 17 5G में 5G और 4G LTE नेटवर्क के साथ डुअल-बैंड Wi-Fi, Bluetooth, NFC, GPS और USB Type-C पोर्ट की सुविधा है। इसमें 3.5mm हेडफोन जैक भी दिया गया है।

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Kareena Kapoor: एक्टिंग की वजह से स्कूल ड्रॉप करने का करीना कपूर को है अफसोस, 11वीं क्लास के बाद नहीं की पढ़ाई

Kareena Kapoor: करीना कपूर ने माना कि उन्हें एक्टिंग के लिए स्कूल छोड़ने का अफसोस है। करीना कपूर ने साल 2000 में अभिषेक बच्चन के साथ फिल्म ‘रिफ्यूजी’ से बॉलीवुड में डेब्यू किया था। फिल्म की शूटिंग के समय वह 19 साल की थीं और फिल्म रिलीज होने के बाद 20 साल की हो गईं। इसके बाद उन्होंने सिर्फ एक्टिंग पर ध्यान देने का फैसला किया।

हाल ही में पॉडकास्टर हनुमान दास के साथ बातचीत में करीना ने कहा, “मैंने अपनी पढ़ाई पूरी नहीं की और यह बात कहीं न कहीं मेरे मन में रह गई। हालांकि मेरे पास मौका था, लेकिन मैं फिल्मों में आ गई। 11वीं क्लास के बाद आगे पढ़ाई नहीं की। मुझे पता है कि बहुत से लोग इसका मजाक उड़ा सकते हैं या जो चाहें कह सकते हैं, लेकिन मैं एक एक्टर के तौर पर खुद को साबित करना चाहती थी। मैं बस अपने दिल की बात सुनना चाहती थी।”

उन्होंने कहा, “मुझे अपनी पढ़ाई पूरी न कर पाने का अफसोस है। इसीलिए मैंने अपने बेटों को भी यही समझाया है कि वे पहले अपनी पढ़ाई पूरी करें और फिर अपने मन की सुनें। जब UNICEF ने मुझसे भारत में लड़कियों की शिक्षा को सपोर्ट करने के बारे में बात की, तो मुझे यह बात बहुत गहराई से महसूस हुई, क्योंकि मुझे हमेशा से अपनी अधूरी पढ़ाई का अफसोस रहा है।”

करीना कपूर की पढ़ाई-लिखाई

एक्ट्रेस बनने से पहले, करीना ने मुंबई के जमनाबाई नर्सी स्कूल में पढ़ाई की और बाद में देहरादून के वेलहम गर्ल्स स्कूल गईं। कहा जाता है कि उन्होंने कुछ समय के लिए मुंबई के मिठीबाई कॉलेज में कॉमर्स की पढ़ाई भी की थी, लेकिन उन्होंने अपनी डिग्री पूरी नहीं की।

करीना ने हार्वर्ड समर स्कूल में माइक्रो-कंप्यूटर्स का तीन महीने का समर कोर्स भी किया था। इससे पहले, करीना ने बताया था कि एक्टिंग शुरू करने से पहले वह वकील बनने के बारे में सोच रही थीं। आज, करीना इंडस्ट्री की सबसे पॉपुलर एक्ट्रेसेस में से एक हैं।

करीना कपूर की आने वाली फ़िल्में

वहीं, काम की बात करें तो करीना को आखिरी बार 2024 में ‘सिंघम अगेन’ और ‘क्रू’ में देखा गया था। अब, करीना कपूर और पृथ्वीराज सुकुमारन मेघना गुलज़ार की फ़िल्म ‘दायरा’ के लिए साथ आ रहे हैं। यह फ़िल्म क्राइम और जुडिशियल सिस्टम पर आधारित है और भारत के कई मामलों से प्रेरित है।

यह फ़िल्म 18 सितंबर को सिनेमाघरों में रिलीज़ होगी। इस फ़िल्म में करीना और पृथ्वीराज पहली बार साथ नज़र आएंगे। फ़िल्म का हाल ही में रिलीज़ हुआ ट्रेलर फ़ैन्स को बहुत पसंद आया है और वे फ़िल्म देखने के लिए बेताब हैं।

पुतिन बोले- रूसी जहाजों को जब्त करना आतंकवाद है:इससे यूक्रेन जंग कभी खत्म नहीं होगी; नॉर्वे के जहाज जब्त करने पर नाराजगी जताई

रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच समुद्र में रूसी जहाजों को लेकर तनाव बढ़ गया है। रूस के नागरिक और कारोबारी जहाजों पर हमलों को लेकर राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने चेतावनी दी है। उन्होंने इसे आतंकवाद करार दिया और कहा कि इससे रूस और यूक्रेन के बीच शांति वार्ता की संभावना और मुश्किल हो रही है। पुतिन ने नॉर्वे की ओर से रूसी रिसर्च जहाज प्रोफेसर मोलचानोव को हिरासत में लिए जाने पर भी नाराजगी जताई। नॉर्वे ने यूक्रेन के कहने पर जहाज जब्त किया नॉर्वे ने यूक्रेन की सरकारी कंपनी नाफ्टोगाज की मांग पर इस जहाज को हिरासत में लिया। उस वक्त ‘प्रोफेसर मोलचानोव’ स्वालबार्ड के बारेंट्सबर्ग इलाके में खड़ा था। यह रूस का सरकारी रिसर्च जहाज है। इस पर वैज्ञानिकों और रिसर्च से जुड़े कर्मचारियों के अलावा उनके परिवार और पर्यटक भी सफर करते हैं। यह स्वालबार्ड की रूसी बस्तियों के लिए जरूरी सामान भी पहुंचाता है। नॉर्वे ने यह जहाज किसी समुद्री प्रतिबंध के उल्लंघन के आरोप में नहीं, बल्कि एक पुराने मुआवजे के मामले में जब्त किया। 2014 में रूस ने क्रीमिया पर कब्जा करने के बाद वहां नाफ्टोगाज की संपत्तियों पर नियंत्रण कर लिया था। इसके बाद नाफ्टोगाज ने रूस से मुआवजा मांगा। 2023 में हेग की एक अंतरराष्ट्रीय अदालत ने रूस को नाफ्टोगाज को करीब 4.22 अरब डॉलर देने का आदेश दिया। रूस ने अब तक यह रकम नहीं दी है। पुतिन बोले- यूक्रेन ने 100 रूसी जहाजों पर हमले किए पुतिन ने कहा कि उनकी नाराजगी सिर्फ नॉर्वे द्वारा जहाज जब्त किए जाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यूक्रेन अब समुद्र में रूसी नागरिक जहाजों को सीधे निशाना बना रहा है। उन्होंने दावा किया कि पिछले 40 दिनों के भीतर लगभग 100 रूसी व्यापारिक जहाजों पर हमले किए गए, जिनमें कई रूसी व विदेशी नाविकों की जान गई है। पुतिन ने चेतावनी दी कि रूस दुनिया के किसी भी कोने में इसका करारा जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है। अमेरिका से बातचीत का रास्ता अभी बंद नहीं हुआ यूक्रेन के साथ शांति वार्ता को लेकर भले ही मुश्किलें बढ़ रही हों, लेकिन पुतिन ने अमेरिका के साथ बातचीत का रास्ता खुला होने के संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा कि रूस और अमेरिका के बीच संपर्क लगातार बना हुआ है और मॉस्को, वॉशिंगटन के साथ रिश्ते फिर सामान्य करना चाहता है। पुतिन ने यह भी साफ किया कि इसके लिए सिर्फ रूस की इच्छा काफी नहीं है। अमेरिका को भी इसके लिए तैयार होना होगा। पुतिन ने ट्रम्प के रुख को लेकर कहा कि उनकी समझ के मुताबिक अमेरिकी राष्ट्रपति सकारात्मक बातचीत के पक्ष में हैं। उन्होंने बताया कि दोनों देशों की खुफिया एजेंसियों के बीच संपर्क जारी है। ट्रम्प के दूत भी रूस के संपर्क में हैं। इसी बीच पिछले हफ्ते CIA प्रमुख जॉन रैटक्लिफ ने मॉस्को में रूस के खुफिया अधिकारियों से मुलाकात की थी। इस मुलाकात में क्या बात हुई, यह दोनों देशों ने सार्वजनिक नहीं किया है। पुतिन ने नई सैन्य लामबंदी की खबरों को खारिज किया राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने रूस में नई अनिवार्य सैन्य भर्ती या लामबंदी की खबरों को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि फिलहाल रूस को नए सैनिकों की लामबंदी की जरूरत नहीं है। व्लादिवोस्तोक में ईस्टर्न इकोनॉमिक फोरम में पुतिन ने कहा, “आज ऐसी कोई स्थिति नहीं है, जिसके लिए लामबंदी की जरूरत हो।” उन्होंने इन खबरों को दुष्प्रचार अभियान बताया। पुतिन के मुताबिक, इस महीने होने वाले रूस के निचले सदन स्टेट ड्यूमा के चुनाव से पहले यह अभियान चलाया जा रहा है, ताकि चुनाव के नतीजों को प्रभावित किया जा सके। उन्होंने कहा कि लोग अपनी इच्छा से सेना में शामिल हो रहे हैं और सैन्य सेवा के लिए कॉन्ट्रैक्ट साइन कर रहे हैं। 2022 में 3 लाख लोगों की हुई थी लामबंदी रूस में आखिरी बार सितंबर 2022 में आंशिक लामबंदी हुई थी। क्रेमलिन के मुताबिक, तब करीब 3 लाख रिजर्व सैनिकों को सेना में बुलाया गया था। इस फैसले के बाद रूस में काफी विरोध हुआ था और बड़ी संख्या में सैन्य सेवा की उम्र वाले पुरुष देश छोड़कर चले गए थे। इसके बाद से क्रेमलिन कई बार कह चुका है कि रूस में दोबारा ऐसी लामबंदी की कोई योजना नहीं है।

Hyundai compact EV to debut by end of 2026

Hyundai compact EV to debut by end of 2026
Hyundai compact EV to debut by end of 2026

At its 2026 CEO Investor Day, Hyundai revealed plans to debut its made-in-India compact electric SUV by March 2027. However, Tarun Garg, Managing Director and CEO of Hyundai Motor India, in an interaction with our sister publication Autocar Professional, confirmed the EV will debut earlier than that, by the end of 2026. Garg also said that the EV will initially use battery cells from Svolt, before moving to its original plan to source them from Exide. 

  1. To be built on the E-GMP (K) platform that underpins the Inster EV
  2. Will rival the Tata Nexon EV, Mahindra XUV 3XO EV and Kia Syros EV

Hyundai has also revealed it expects EVs to account for more than 7 percent of its domestic sales within the next year. In FY26 (April 2025 to March 2026), EVs accounted for a 1 percent share of total Hyundai sales in the country, a figure similar to FY25 (April 2024 to March 2025).

Upcoming Hyundai compact EV: More details

Svolt to supply battery cells initially, after Exide flagged production delays earlier

Image source: @joonsun_erin on Instagram

The upcoming compact EV will initially use Svolt battery cells. “We are already ready with the new EV using Svolt cells. Otherwise, the programme could have been delayed, and we did not want to delay the vehicle,” Garg said to Autocar Professional. However, Hyundai subsequently plans to source locally produced cells through its association with Exide, as was originally planned. Notably, Exide revealed in August 2026 that battery production is delayed and that they would not be able to supply components by FY27 (by March 2027). 

Will be underpinned by the Inster’s E-GMP (K) platform

The upcoming compact EV, codenamed HE1i, will be underpinned by the E-GMP (K) platform, also used by the internationally available Inster EV. It will be offered in two versions: standard range and long range, but exact specifications are under wraps. For context, the Inster EV is also available in standard and long-range versions, with 42kWh and 45kWh batteries, respectively, offering a WLTP-claimed range of up to 355km.

Hyundai has also confirmed that the new compact EV will get a ‘next-generation infotainment system’, which could be the Pleos Connect infotainment system seen on several new-age Hyundai models now, and a ‘Level 2 assisted driving technology’. It will be manufactured at Hyundai’s Sriperumbudur facility in Tamil Nadu. Upon launch, it will lock horns with the Tata Nexon EV, Mahindra XUV 3XO EV and Kia Syros EV. 

With inputs from Ketan Thakkar and Hormazd Sorabjee

Market Outlook : लगातार चौथे सेशन में गिरावट के साथ बंद हुआ बाजार, जानिए 4 सितंबर को कैसी रह सकती है इसकी चाल

Market Outlook : गुरुवार, 3 सितंबर के ट्रेडिंग सेशन में बाजार की क्लोजिंग गिरावट के साथ हुई। US फ़ेडरल रिज़र्व के साथ ही दुनिया भर के केंद्रीय बैंक बढ़ती कीमतों के दबाव से निपटने के लिए ब्याज दरें बढ़ा सकते हैं। इस आशंका के चलते बाजार दबाव में आ गया। कारोबार के अंत में निफ्टी 0.17% की गिरावट के साथ 23,873 पर बंद हुआ, जबकि सेंसेक्स 0.55% गिरकर 76,152 पर बंद हुआ। ये दोनों इंडेक्स लगातार चौथे सेशन में गिरावट लेकर बंद हुए। हालांकि, हालांकि, ब्रॉडर मार्केट ने अपनी शुरुआती गिरावट से उबरते हुए अच्छी वापसी की। इसके चलते निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 1.40% की बढ़त हुई, जबकि निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 0.27% की बढ़ोतरी देखने को मिली।

सेक्टर के हिसाब से देखें तो रियल्टी, मीडिया, केमिकल और प्राइवेट बैंक के शेयरों में खरीदारी आई। वहीं, IT, FMCG, ऑटो और फार्मा शेयरों में बिकवाली देखने को मिली।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स में हेड ऑफ़ रिसर्च, विनोद नायर का कहना है कि बाजार की रिकवरी की कोशिशें असफल हो गईं। ग्लोबल स्तर पर मिले अच्छे संकेतों और FII के नए निवेश के बावजूद, लंबे समय से चले आ रहे जियोपॉलिटिकल तनाव और ग्लोबल यील्ड में बढ़ोतरी का असर भी देखने को मिल रहा है। बैंकिंग और रियल्टी शेयरों ने बाजारर को सपोर्ट दिया। स्मॉल-कैप शेयरों में भी निवेशकों की दिलचस्पी दिखी। यह घरेलू विकास की संभावनाओं में भरोसे को दिखाता है। कच्चे तेल की लगातार बनी ऊंची कीमतें घरेलू बाजार के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई हैं। हालांकि भारत की मज़बूत ग्रोथ स्टोरी और हाल ही में सॉवरेन रेटिंग में सुधार जैसे पॉजिटिव फैक्टर बने हुए हैं। लेकिन बाजार की निकट भविष्य की दिशा मुख्य रूप से ग्लोबल मैक्रो और जियोपॉलिटिकल जोखिमों में होने वाली घट-बढ़ पर निर्भर करेगी।

रेलिगेयर ब्रोकिंग के SVP रिसर्च, अजीत मिश्रा का कहना है कि बाजार शुरुआती बढ़त को बनाए रखने में नाकाम रहा और वीकली एक्सपायरी के दिन गिरावट के साथ बंद हुआ। ग्लोबल मार्केट से मिले अच्छे संकेतों के कारण निफ्टी गैप-अप के साथ खुला। हालांकि, जैसे-जैसे कारोबारी सेशन आगे बढ़ा बिकवाली के दबाव के कारण इंडेक्स नीचे आ गया। नतीजतन अंत में निफ्टी 0.17% गिरकर दिन के निचले स्तर के पास 24,873.45 पर बंद हुआ। सेंसेक्स लगभग 0.55% गिरकर 76,152.86 पर बंद हुआ।

अलग-अलग सेक्टर का प्रदर्शन मिला-जुला रहा। रियल्टी, बैंकिंग और एनर्जी शेयरों ने अच्छा प्रदर्शन किया, जबकि IT और FMCG शेयरों पर दबाव रहा। ब्रॉडर मार्केट का प्रदर्शन बेहतर रहा। इससे मिडकैप इंडेक्स में लगभग 0.37% की बढ़त हुई, जबकि स्मॉलकैप इंडेक्स 1.20% ऊपर बंद हुआ।

शुरुआत में मार्केट को ग्लोबल मार्केट में रिकवरी, ग्लोबल बॉन्ड यील्ड में कमी, FII की खरीदारी और RBI के उम्मीद से ज़्यादा FCNR डिपॉजिट रोलओवर से सपोर्ट मिला, जिससे मार्केट का सेंटीमेंट बेहतर हुआ। हालांकि, जियोपॉलिटिकल अनिश्चितताओं और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के बीच निवेशक सतर्क रहे, क्योंकि ये फैक्टर ग्लोबल रिस्क लेने की क्षमता को प्रभावित करते रहते हैं।

टेक्निकल तौर पर निफ़्टी को रिकवरी के दौरान रुकावट का सामना करना पड़ रहा है, जो शॉर्ट-टर्म स्ट्रक्चर के कमजोर होने का संकेत है। इसके लिए 23,800 का जोन शॉर्ट-टर्म के लिए एक अहम सपोर्ट बना हुआ है और अगर यह लेवल टूटता है, तो 23,700–23,600 के जोन की ओर गिरावट आ सकती है। ऊपर की ओर, 24,000–24,150 का जोन रेजिस्टेंस के तौर पर काम कर सकता है। कच्चे तेल की ऊंची कीमतों, जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता और कमजोर मार्केट मोमेंटम को देखते हुए रिस्क मैनेजमेंट पर खास फोकस रखते हुए सतर्क और स्टॉक-स्पेसिफिक अप्रोच अपनाने की सलाह होगी।

बोनान्ज़ा में रिसर्च एनालिस्ट अभिनव तिवारी का कहना है कि आने वाले समय में बाजार की दिशा कच्चे तेल की कीमतों और मैक्रो-इकोनॉमिक हालात पर निर्भर करेगी। अगर हालात और बिगड़े तो बाजार में सावधानी बरती जा सकती है और रुपये पर दबाव बढ़ सकता है। अच्छी बात यह है कि इंस्टीट्यूशनल निवेश में स्थिरता और भारत की मज़बूत ग्रोथ की उम्मीद बाजार को सहारा दे सकती है। खास तौर पर ब्याज दरों से प्रभावित होने वाले सेक्टर में सोच-समझकर निवेश करने की रणनीति अपनाने की जरूरत है।

LKP सिक्योरिटीज में सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे का कहना है कि निफ्टी की शुरुआत गैप-अप के साथ हुई, लेकिन राइजिंग चैनल के निचले बैंड के पास उसे रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ा, जिससे पूरे दिन बिकवाली का दबाव बना रहा। डेली टाइमफ्रेम पर ‘डार्क क्लाउड कवर’ कैंडलस्टिक पैटर्न बना है जो निकट भविष्य में कमजोरी बने रहने का संकेत देता है। निफ्टी के लिए निचले स्तर पर 23,850 पर सपोर्ट है। इसके नीचे जाने पर इंडेक्स 23,700–23,730 के स्तर तक गिर सकता है। ऊपरी स्तर पर, 24,000 पर रेजिस्टेंस है। मंदी के रुझान को खत्म करने के लिए निफ्टी के लिए 24,000 के स्तर के ऊपर टिके रहना जरूरी होगा।

 

बाजार में इस समय निफ्टी का टेक्सचर काफी खराब, अभी इंडेक्स में कोई पोजिशन कैरी नहीं करें

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

किचन का वो ‘कचरा’ जो आपकी त्वचा और पौधों के लिए है असली सोना!

आलू की सब्जी या कोई दूसरी डिश बनाने के बाद हम उसके छिलके निकालकर सीधे डस्टबिन में डाल देते हैं। लेकिन जिन्हें हम बेकार समझते हैं, वे घर के कई छोटे-बड़े कामों में इस्तेमाल हो सकते हैं, इन छिलकों को सही तरीके से इस्तेमाल करके बर्तन साफ करने, पौधों की देखभाल करने और यहां तक कि खाने के लिए कुछ नया बनाने में भी काम लिया जा सकता है।

यदि आप भी घर में चीजों को दोबारा इस्तेमाल करना पसंद करते हैं, तो आलू के छिलकों को फेंकने से पहले एक बार जरूर सोचें। इन्हें थोड़ी मेहनत के साथ उपयोगी चीज में बदला जा सकता है और इससे किचन का कचरा भी कम होगा। आलू के छिलकों के कुछ आसान और काम के इस्तेमाल करके आप घर पर आसानी से आजमा सकते हैं।

potato pos

1. चेहरे की सफाई और निखार में मदद

आलू के छिलकों में कुछ एंटीऑक्सिडेंट और पोषक तत्व पाए जाते हैं, इसलिए कई लोग इन्हें स्किन की देखभाल के लिए इस्तेमाल करते हैं। छिलकों को गुलाब जल से हल्का गीला करके चेहरे पर बहुत हल्के हाथों से लगाया जा सकता है। आप चाहें तो छिलकों को पीसकर उसमें थोड़ा दूध मिलाकर पेस्ट भी बना सकते हैं। इसे करीब 10 मिनट चेहरे पर लगाकर साफ पानी से धो लें। इससे स्किन साफ और मुलायम महसूस हो सकती है।

2. बालों के लिए इस्तेमाल

आलू के छिलकों से तैयार पानी को बालों की देखभाल के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है। इसके लिए छिलकों को करीब 1 लीटर पानी में 10-15 मिनट तक उबालें। पानी आधा रह जाए तो इसे छानकर ठंडा कर लें। शैम्पू करने के बाद इस पानी को बालों और स्कैल्प पर लगाएं और कुछ देर बाद नॉर्मल पानी से धो लें।

3. डार्क सर्कल और टैनिंग के लिए

आलू के छिलकों को डार्क सर्कल, झाइयों और टैनिंग के लिए घरेलू उपाय के समान इस्तेमाल किया जाता है। इसके लिए छिलके के अंदर वाले हिस्से को एफेक्टेड जगह पर करीब 5 मिनट तक बहुत हल्के हाथों से लगाएं। आंखों के आसपास इस्तेमाल करते समय सावधानी रखें और आंखों में जाने से बचाएं। आपकी स्किन सेंसेटिव है, तो पहले पैच टेस्ट जरूर कर लें।

4. वेट लॉस में फायदेमंद

आलू के छिलकों में डाइटरी फाइबर पाया जाता है, जो पेट को कुछ समय तक भरा रखने में मदद कर सकता है। इसी कारण छिलके सहित आलू को डाइट में शामिल किया जा सकता है। यदि आपको कुरकुरा खाना पसंद है, तो साफ किए हुए आलू के छिलकों को हल्के मसालों के साथ बेक या रोस्ट करके स्नैक की तरह भी खा सकते हैं।

5. पौधों के लिए न्यूट्रिशन

आलू के छिलकों को कूड़े में फेंकने के बजाय पौधों की देखभाल में इस्तेमाल किया जा सकता है। इन्हें अच्छी तरह साफ करके कुछ दिनों तक सुखाएं या पानी में भिगोकर इसका पानी तैयार करें। छाने हुए पानी को पौधों की मिट्टी में सीमित मात्रा में डाला जा सकता है। छिलकों को सीधे बहुत ज्यादा मात्रा में मिट्टी में डालने से बचें, ताकि कीड़े न लगे।

6. होम क्लीनिंग में मददगार

आलू के छिलकों से तैयार पानी का इस्तेमाल कुछ घरेलू सफाई के कामों में किया जा सकता है। छिलकों को पानी में उबालकर उस पानी को ठंडा कर लें और फिर इसे सफाई के लिए इस्तेमाल करें। छोटे-मोटे दाग या गंदगी साफ करने में इसे आजमाया जा सकता है।

आलू के छिलके सिर्फ किचन वेस्ट नहीं हैं, बल्कि इन्हें सही तरीके से इस्तेमाल करके स्किन, बालों, पौधों और घर की सफाई जैसे कई कामों में मदद ली जा सकती है। इसलिए अगली बार इन्हें फेंकने से पहले इनके इन आसान इस्तेमालों को जरूर आजमाएं।

3 reasons to buy the Maruti Celerio and 3 reasons to avoid it

3 reasons to buy the Maruti Celerio and 3 reasons to avoid it
Maruti Celerio side static

The Celerio is positioned between the cheaper Alto K10 and the even more popular Wagon R in Maruti Suzuki’s line-up. Priced between Rs 4.70 lakh and Rs 6.75 lakh (ex-showroom), the Celerio is available in petrol and CNG versions with manual and AMT gearbox options, just like its rivals. While the second-gen model arrived on the entry-level hatchback scene in 2021, it hasn’t received a single facelift in the following five years, placing it at a disadvantage over some of its competitors. This Heartect platform-based hatchback goes up against the likes of the new-gen Tata Tiago and its own stablemate, the Wagon R.

Reasons to buy the Maruti Celerio

City slicker

The Celerio’s urban-friendly demeanour is great for regular commutes

Maruti Celerio engine

One of the factors making the Maruti Celerio a great urban runabout is its 1.0-litre three-cylinder engine. It builds power smoothly right from lower RPMs which, along with a slick 5-speed manual gearbox and a light clutch, make pottering around town an easy affair. Those seeking an even easier time commuting can pick the AMT (automated manual transmission), whose shifts are relatively smooth as far as AMTs go.

Maruti Celerio front tracking

Helping matters further in the city is the plaint suspension, which soaks up bumps at lower speeds without much fuss. The light steering, tight turning radius and good front visibility also go a long way in helping you navigate compact parking spots and bustling city traffic. And despite its cost-friendly design, the height-adjustment feature for the driver’s seat means finding a suitable position isn’t too much of an issue.

Efficiency champ

This is Maruti Suzuki’s most frugal offering in the country

Maruti Celerio AMT gearbox

Not only is it easy to drive, but the Maruti Celerio will not have you complaining about fuel economy either. The petrol version with the 5-speed manual transmission has a claimed mileage of up to 25.24kpl, while the AMT option is rated at 26kpl – making the Celerio AMT the most fuel-efficient petrol car in the market. All variants of the Celerio come with an automatic engine stop-start function, further reducing fuel consumption. While this feature isn’t enabled when running on CNG (in VXi MT only), the claimed mileage of 34.43km/kg is better than that of the Maruti Wagon R CNG and the Renault Kwid CNG.

Roomy boot

The Celerio’s boot affords more space than some rivals

Maruti Celerio boot space

At 292 litres, the boot of the Maruti Celerio is bigger than those rivals such as the Tata Tiago and Renault Kwid. This is enough to accommodate two large suitcases and a couple of carry-on-sized bags, with still some room to spare. If you need even more space, the 60:40 split-folding rear seats will come in handy. On the other hand, the loading lip is high and relatively narrow, making loading or unloading heavier items cumbersome.

Reasons to avoid the Maruti Celerio

Ergonomic niggles

This interior has a few sore points that’ll take getting used to

Maruti Celerio infotainment

Compared to most of its adversaries, the power window switches of the Maruti Celerio aren’t placed on the doors. The front ones are positioned on the dashboard, whilst the rear switches are found on the rear centre pedestal between the front seats. Buttons to operate the door and power-window locks are also on the dashboard. Then there are the thick A-pillars, which can obstruct your view at junctions and roundabouts.

Maruti Celerio rear seats

The well-cushioned rear seats of the Celerio offer plenty of kneeroom for even taller occupants. However, headroom isn’t all that good, and the fixed headrests are positioned way too low to be effective. The angled design of these headrests also means that they poke into your back, which can be uncomfortable.

Unimpressive material quality and feature set

The Celerio’s cabin isn’t the most up-to-date in this segment

When compared to the new-gen Tata Tiago, the interior of the Maruti Celerio looks and feels a touch dated. There’s plenty of hard plastics which, even though are accompanied by shiny trim and a sculpted dashboard, feel pretty basic. The relatively simple design is backed by an equipment list that isn’t particularly competitive either.

Maruti Celerio interior

For instance, even the top trim level of the Celerio doesn’t come with a rearview camera. There’s also no automatic climate control system, while Apple CarPlay and Android Auto both require a wired connection. The touch-infotainment screen is a 7-inch unit, whereas a similarly priced Tata Tiago offers an 8-inch setup. On the outside, the Maruti Celerio gets the old-school ‘flip-up’ door handles.

Imperfect on a highway

This hatchback isn’t particularly meant to be driven hard or fast

Maruti Celerio side tracking

While it’s perfectly at home in the city, the Maruti Suzuki Celerio isn’t as good out on the open road. The lifeless steering aside, the body moves around enough – both of which robs you of confidence required to push the car any harder.

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Simple Energy ने भारतीय बाजार में अपना नया फैमिली-केंद्रित इलेक्ट्रिक स्कूटर Simple Wave लॉन्च कर दिया है। कंपनी ने इसकी शुरुआती कीमत ₹1,09,999 (इंट्रोडक्टरी एक्स-फैक्ट्री कीमत) रखी है। यह स्कूटर कंपनी की Simple One रेंज से नीचे पोजिशन किया गया है। Simple Wave में चार अलग-अलग बैटरी विकल्प, 243 किलोमीटर तक की दावा की गई IDC रेंज और कुल 70 लीटर का स्टोरेज दिया गया है।

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कंपनी के मुताबिक, Simple Wave की डिलीवरी 25 सितंबर 2026 से शुरू होगी। हालांकि, इसके सभी वेरिएंट की कीमत और अलग-अलग शहरों में एक्स-शोरूम कीमत की जानकारी बाद में घोषित की जाएगी।

 

Simple Wave की कीमत और खासियतें

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Simple Wave को तीन प्रमुख वेरिएंट में कुल छह कॉन्फिगरेशन के साथ पेश किया गया है। इसमें 2.2 kWh, 2.7 kWh, 3.7 kWh और 5 kWh बैटरी विकल्प मिलते हैं।

 

  • शुरुआती कीमत: ₹1,09,999
  • कुल कॉन्फिगरेशन: 6
  • बैटरी विकल्प: 2.2 kWh से 5 kWh
  • दावा की गई IDC रेंज: 110 KM से 243 KM
  • अधिकतम स्पीड: 90 KM/H
  • 0-40 KM/H: 3.3 सेकंड
  • कुल स्टोरेज: 70 लीटर
  • सीट की लंबाई: 920 mm
  • डिलीवरी: 25 सितंबर 2026
  • 243 KM तक की रेंज

 

Simple Energy ने Wave को चार बैटरी क्षमता के साथ पेश किया है। कंपनी का टॉप-स्पेक Wave+ मॉडल 5 kWh Nickel Cobalt Aluminium बैटरी पैक के साथ आता है, जबकि अन्य कॉन्फिगरेशन में Lithium Iron Phosphate (LFP) बैटरी का इस्तेमाल किया गया है।

 

टॉप वेरिएंट की अधिकतम दावा की गई स्पीड 90 किलोमीटर प्रति घंटा है। Sport मोड में यह स्कूटर 0 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार महज 3.3 सेकंड में पकड़ सकता है।

 

सभी बैटरी पैक को IP67 वाटर और डस्ट रेजिस्टेंस रेटिंग मिली है। कंपनी का दावा है कि स्कूटर 300 mm तक पानी में चलने की क्षमता रखता है।

इन इलेक्ट्रिक स्कूटर्स से होगा मुकाबला

Simple Wave का मुकाबला भारतीय बाजार में मौजूद कई फैमिली इलेक्ट्रिक स्कूटर्स से होगा। इसके प्रमुख प्रतिद्वंद्वियों में Ather Konark, TVS iQube, Bajaj Chetak, Vida VX2, Ather Rizta और River Indie शामिल हैं।

₹1.10 लाख की शुरुआती कीमत Simple Wave को मास-मार्केट इलेक्ट्रिक स्कूटर सेगमेंट में मजबूत स्थिति देती है। हालांकि, इसकी वास्तविक वैल्यू की तुलना सभी छह कॉन्फिगरेशन की कीमत सामने आने के बाद ही बेहतर तरीके से की जा सकेगी।

 

750W चार्जर से चार्जिंग

 

Simple Wave के साथ 750W का एक्सटर्नल चार्जर उपलब्ध है। कंपनी के अनुसार, छोटी बैटरी को 0 से 80 फीसदी तक चार्ज होने में करीब 70 मिनट लगते हैं, जबकि 5 kWh बैटरी वाले मॉडल को 80 फीसदी तक चार्ज करने में करीब 2 घंटे 15 मिनट लग सकते हैं।

 

स्कूटर में स्मार्ट ओवरनाइट चार्जिंग फीचर भी दिया गया है, जो बैटरी की चार्जिंग को ऑप्टिमाइज करने के साथ उसकी लंबी उम्र बनाए रखने में मदद करता है। इसमें थर्ड-जेनरेशन Battery Management System (BMS) के साथ थर्मल प्रोटेक्शन, ऑनबोर्ड डायग्नोस्टिक्स और रियल-टाइम रेंज कैलकुलेशन जैसे फीचर्स मिलते हैं।

 

फैमिली स्कूटर जैसा डिजाइन

 

Simple One की तुलना में Simple Wave का डिजाइन ज्यादा पारंपरिक और फैमिली स्कूटर जैसा है। कंपनी के मुताबिक, इसके डिजाइन में डॉल्फिन की सहज और फ्लूड मूवमेंट से प्रेरणा ली गई है। स्कूटर में चौड़ा फ्रंट एप्रन, स्मूद बॉडी पैनल और स्माइल-शेप्ड LED DRL दिया गया है। मिरर और साइड पैनल में भी डॉल्फिन से प्रेरित डिजाइन एलिमेंट्स देखने को मिलते हैं। लाइटिंग फीचर्स में LED हेडलैंप, LED टेललैंप और इंडिकेटर्स के साथ बूट इल्यूमिनेशन, चार्जिंग पोर्ट इल्यूमिनेशन और एग्जिट लाइटिंग शामिल हैं।

 

Simple Wave को Pearl White, Coral Red, Twilight Black, Polar Blue, Dolphin Grey और Forest Green रंगों में पेश किया जाएगा। हालांकि, सभी रंग हर कॉन्फिगरेशन में उपलब्ध नहीं होंगे।

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70 लीटर का बड़ा स्टोरेज

 

Simple Wave की सबसे बड़ी खासियतों में इसका 70 लीटर का कुल स्टोरेज स्पेस शामिल है। इसे तीन हिस्सों में बांटा गया है:

 

63 लीटर अंडरसीट स्टोरेज

4 लीटर साइड-माउंटेड 'Pill' कम्पार्टमेंट

3 लीटर फ्रंट ग्लवबॉक्स

 

कंपनी के अनुसार, मुख्य अंडरसीट स्टोरेज में दो हेलमेट रखे जा सकते हैं। बाहर से आसानी से एक्सेस किए जा सकने वाले Pill कम्पार्टमेंट में दस्तावेज, सनग्लास, पानी की बोतल या रेनवियर रखा जा सकता है।

 

कंपनी अतिरिक्त Pill कम्पार्टमेंट को दूसरी तरफ एक्सेसरी के तौर पर भी उपलब्ध कराएगी।

 

920 mm लंबी सीट

 

Simple Wave में 920 mm लंबी सीट दी गई है। कंपनी का दावा है कि यह भारतीय स्कूटर में दी गई सबसे लंबी सीट है। इसकी सीट हाइट 775 mm और ग्राउंड क्लीयरेंस 175 mm है।

 

7-इंच TFT डिस्प्ले और कनेक्टेड फीचर्स

 

ऊंचे वेरिएंट में 7-इंच नॉन-टच TFT इंस्ट्रूमेंट डिस्प्ले दिया गया है, जिसमें ऑटोमैटिक ब्राइटनेस एडजस्टमेंट की सुविधा है।

 

कनेक्टेड फीचर्स में शामिल हैं:

 

  • Turn-by-turn Navigation
  • Call और Music Controls
  • Message Notifications
  • Live Efficiency Display
  • Remaining Range Estimation
  • Do Not Disturb Mode
  • Bluetooth, GPS और Wi-Fi
  • OTA Software Updates

 

निचले वेरिएंट में InfiniteBlack मल्टी-सेगमेंट डिजिटल डिस्प्ले मिलता है, लेकिन Bluetooth कनेक्टिविटी स्टैंडर्ड रखी गई है। Simple Connect ऐप और स्मार्टवॉच ऐप के जरिए यूजर्स लाइव लोकेशन, राइडिंग स्टैटिस्टिक्स, व्हीकल डायग्नोस्टिक्स, नेविगेशन शेयरिंग, जियोफेंसिंग, चोरी का अलर्ट और टोइंग नोटिफिकेशन जैसी सुविधाओं का इस्तेमाल कर सकते हैं।

 

प्राइवेसी के लिए इसमें Incognito Mode भी दिया गया है, जिससे कुछ समय के लिए लोकेशन ट्रैकिंग और शेयरिंग को बंद किया जा सकता है।

 

6.4 kW मोटर और 179 Nm टॉर्क

 

अधिकतर वेरिएंट में कंपनी की इन-हाउस 6.4 kW Permanent Magnet Synchronous Motor दी गई है। कंपनी के अनुसार यह मोटर व्हील पर 179 Nm टॉर्क पैदा करती है। एंट्री-लेवल मॉडल में 4.5 kW मोटर मिलती है। कंपनी का कहना है कि मोटर को Rare-Earth Materials के बिना तैयार किया गया है।

 

इसके अलावा Simple Energy ने HushDrive Transmission System पेश किया है। इसमें मोल्डेड रबर डैम्पर्स का इस्तेमाल किया गया है, जिससे चेन से आने वाले शोर और कंपन को कम करने में मदद मिलती है। वेरिएंट के आधार पर इसमें EcoX, Eco, Ride और Sport राइडिंग मोड मिलते हैं। स्कूटर की दावा की गई ग्रेडेबिलिटी 20 डिग्री है।

 

सस्पेंशन और सेफ्टी फीचर्स

Simple Wave उसी बेस प्लेटफॉर्म पर तैयार किया गया है, जिस पर Simple One आधारित है, लेकिन फैमिली स्कूटर के हिसाब से इसमें कई बदलाव किए गए हैं। इसमें टेलीस्कोपिक फ्रंट फोर्क और एडजस्टेबल ट्विन रियर शॉक एब्जॉर्बर दिए गए हैं। कंपनी के मुताबिक, मोनोशॉक की जगह ट्विन रियर सस्पेंशन देने से अतिरिक्त स्टोरेज और बेहतर लोड-कैरी करने की क्षमता हासिल हुई है।

 

स्कूटर में 12-इंच डायमंड-कट अलॉय व्हील्स के साथ:

 

220 mm फ्रंट डिस्क ब्रेक

रियर ड्रम ब्रेक

Combined Braking System (CBS)

 

मिलता है।

 

चुनिंदा वेरिएंट में Traction Control, Super Hold और DropSafe जैसे फीचर्स भी दिए गए हैं। DropSafe स्कूटर के गिरने की स्थिति में मोटर पावर को काट देता है। इसके अलावा Reverse, Crawl और Limp Home मोड भी उपलब्ध हैं। बैटरी का चार्ज बेहद कम होने पर Limp Home Mode परफॉर्मेंस को सीमित कर देता है, ताकि स्कूटर सीमित दूरी तक चल सके।

 

सर्विस नेटवर्क बढ़ाने की तैयारी

Simple Energy कई राज्यों और शहरों में कंपनी के स्वामित्व वाली Simple Super Labs स्थापित करने की योजना बना रही है। कंपनी का लक्ष्य औसत रिपेयर टर्नअराउंड टाइम को करीब 15 दिन से घटाकर 3 दिन करना है। पहले चरण में नवंबर 2026 से बेंगलुरु, चेन्नई, कोच्चि, गोवा, पुणे, दिल्ली, ओडिशा और कोलकाता में ये सुविधाएं शुरू किए जाने की उम्मीद है।