₹1.10 लाख में आया नया Electric Scooter, 243 KM की रेंज और 70 लीटर स्टोरेज ने मचाई हलचल

₹1.10 लाख में आया नया Electric Scooter, 243 KM की रेंज और 70 लीटर स्टोरेज ने मचाई हलचल

Simple Energy ने भारतीय बाजार में अपना नया फैमिली-केंद्रित इलेक्ट्रिक स्कूटर Simple Wave लॉन्च कर दिया है। कंपनी ने इसकी शुरुआती कीमत ₹1,09,999 (इंट्रोडक्टरी एक्स-फैक्ट्री कीमत) रखी है। यह स्कूटर कंपनी की Simple One रेंज से नीचे पोजिशन किया गया है। Simple Wave में चार अलग-अलग बैटरी विकल्प, 243 किलोमीटर तक की दावा की गई IDC रेंज और कुल 70 लीटर का स्टोरेज दिया गया है।

ALSO READ: Royal Enfield Sales : अगस्त में रॉयल एनफील्ड की बिक्री 11% बढ़ी, 1.26 लाख से ज्यादा मोटरसाइकिल बिकीं

कंपनी के मुताबिक, Simple Wave की डिलीवरी 25 सितंबर 2026 से शुरू होगी। हालांकि, इसके सभी वेरिएंट की कीमत और अलग-अलग शहरों में एक्स-शोरूम कीमत की जानकारी बाद में घोषित की जाएगी।

 

Simple Wave की कीमत और खासियतें

ALSO READ: Maruti Suzuki : छोटी और सस्ती इलेक्ट्रिक कारों पर बड़ा अपडेट, मारुति सुजुकी ने EV को लेकर बताया अपना प्लान

Simple Wave को तीन प्रमुख वेरिएंट में कुल छह कॉन्फिगरेशन के साथ पेश किया गया है। इसमें 2.2 kWh, 2.7 kWh, 3.7 kWh और 5 kWh बैटरी विकल्प मिलते हैं।

 

  • शुरुआती कीमत: ₹1,09,999
  • कुल कॉन्फिगरेशन: 6
  • बैटरी विकल्प: 2.2 kWh से 5 kWh
  • दावा की गई IDC रेंज: 110 KM से 243 KM
  • अधिकतम स्पीड: 90 KM/H
  • 0-40 KM/H: 3.3 सेकंड
  • कुल स्टोरेज: 70 लीटर
  • सीट की लंबाई: 920 mm
  • डिलीवरी: 25 सितंबर 2026
  • 243 KM तक की रेंज

 

Simple Energy ने Wave को चार बैटरी क्षमता के साथ पेश किया है। कंपनी का टॉप-स्पेक Wave+ मॉडल 5 kWh Nickel Cobalt Aluminium बैटरी पैक के साथ आता है, जबकि अन्य कॉन्फिगरेशन में Lithium Iron Phosphate (LFP) बैटरी का इस्तेमाल किया गया है।

 

टॉप वेरिएंट की अधिकतम दावा की गई स्पीड 90 किलोमीटर प्रति घंटा है। Sport मोड में यह स्कूटर 0 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार महज 3.3 सेकंड में पकड़ सकता है।

 

सभी बैटरी पैक को IP67 वाटर और डस्ट रेजिस्टेंस रेटिंग मिली है। कंपनी का दावा है कि स्कूटर 300 mm तक पानी में चलने की क्षमता रखता है।

इन इलेक्ट्रिक स्कूटर्स से होगा मुकाबला

Simple Wave का मुकाबला भारतीय बाजार में मौजूद कई फैमिली इलेक्ट्रिक स्कूटर्स से होगा। इसके प्रमुख प्रतिद्वंद्वियों में Ather Konark, TVS iQube, Bajaj Chetak, Vida VX2, Ather Rizta और River Indie शामिल हैं।

₹1.10 लाख की शुरुआती कीमत Simple Wave को मास-मार्केट इलेक्ट्रिक स्कूटर सेगमेंट में मजबूत स्थिति देती है। हालांकि, इसकी वास्तविक वैल्यू की तुलना सभी छह कॉन्फिगरेशन की कीमत सामने आने के बाद ही बेहतर तरीके से की जा सकेगी।

 

750W चार्जर से चार्जिंग

 

Simple Wave के साथ 750W का एक्सटर्नल चार्जर उपलब्ध है। कंपनी के अनुसार, छोटी बैटरी को 0 से 80 फीसदी तक चार्ज होने में करीब 70 मिनट लगते हैं, जबकि 5 kWh बैटरी वाले मॉडल को 80 फीसदी तक चार्ज करने में करीब 2 घंटे 15 मिनट लग सकते हैं।

 

स्कूटर में स्मार्ट ओवरनाइट चार्जिंग फीचर भी दिया गया है, जो बैटरी की चार्जिंग को ऑप्टिमाइज करने के साथ उसकी लंबी उम्र बनाए रखने में मदद करता है। इसमें थर्ड-जेनरेशन Battery Management System (BMS) के साथ थर्मल प्रोटेक्शन, ऑनबोर्ड डायग्नोस्टिक्स और रियल-टाइम रेंज कैलकुलेशन जैसे फीचर्स मिलते हैं।

 

फैमिली स्कूटर जैसा डिजाइन

 

Simple One की तुलना में Simple Wave का डिजाइन ज्यादा पारंपरिक और फैमिली स्कूटर जैसा है। कंपनी के मुताबिक, इसके डिजाइन में डॉल्फिन की सहज और फ्लूड मूवमेंट से प्रेरणा ली गई है। स्कूटर में चौड़ा फ्रंट एप्रन, स्मूद बॉडी पैनल और स्माइल-शेप्ड LED DRL दिया गया है। मिरर और साइड पैनल में भी डॉल्फिन से प्रेरित डिजाइन एलिमेंट्स देखने को मिलते हैं। लाइटिंग फीचर्स में LED हेडलैंप, LED टेललैंप और इंडिकेटर्स के साथ बूट इल्यूमिनेशन, चार्जिंग पोर्ट इल्यूमिनेशन और एग्जिट लाइटिंग शामिल हैं।

 

Simple Wave को Pearl White, Coral Red, Twilight Black, Polar Blue, Dolphin Grey और Forest Green रंगों में पेश किया जाएगा। हालांकि, सभी रंग हर कॉन्फिगरेशन में उपलब्ध नहीं होंगे।

ALSO READ: सस्ते Electric Scooters की होने वाली है इंट्री, Ather से Honda तक मचेगी हलचल

70 लीटर का बड़ा स्टोरेज

 

Simple Wave की सबसे बड़ी खासियतों में इसका 70 लीटर का कुल स्टोरेज स्पेस शामिल है। इसे तीन हिस्सों में बांटा गया है:

 

63 लीटर अंडरसीट स्टोरेज

4 लीटर साइड-माउंटेड 'Pill' कम्पार्टमेंट

3 लीटर फ्रंट ग्लवबॉक्स

 

कंपनी के अनुसार, मुख्य अंडरसीट स्टोरेज में दो हेलमेट रखे जा सकते हैं। बाहर से आसानी से एक्सेस किए जा सकने वाले Pill कम्पार्टमेंट में दस्तावेज, सनग्लास, पानी की बोतल या रेनवियर रखा जा सकता है।

 

कंपनी अतिरिक्त Pill कम्पार्टमेंट को दूसरी तरफ एक्सेसरी के तौर पर भी उपलब्ध कराएगी।

 

920 mm लंबी सीट

 

Simple Wave में 920 mm लंबी सीट दी गई है। कंपनी का दावा है कि यह भारतीय स्कूटर में दी गई सबसे लंबी सीट है। इसकी सीट हाइट 775 mm और ग्राउंड क्लीयरेंस 175 mm है।

 

7-इंच TFT डिस्प्ले और कनेक्टेड फीचर्स

 

ऊंचे वेरिएंट में 7-इंच नॉन-टच TFT इंस्ट्रूमेंट डिस्प्ले दिया गया है, जिसमें ऑटोमैटिक ब्राइटनेस एडजस्टमेंट की सुविधा है।

 

कनेक्टेड फीचर्स में शामिल हैं:

 

  • Turn-by-turn Navigation
  • Call और Music Controls
  • Message Notifications
  • Live Efficiency Display
  • Remaining Range Estimation
  • Do Not Disturb Mode
  • Bluetooth, GPS और Wi-Fi
  • OTA Software Updates

 

निचले वेरिएंट में InfiniteBlack मल्टी-सेगमेंट डिजिटल डिस्प्ले मिलता है, लेकिन Bluetooth कनेक्टिविटी स्टैंडर्ड रखी गई है। Simple Connect ऐप और स्मार्टवॉच ऐप के जरिए यूजर्स लाइव लोकेशन, राइडिंग स्टैटिस्टिक्स, व्हीकल डायग्नोस्टिक्स, नेविगेशन शेयरिंग, जियोफेंसिंग, चोरी का अलर्ट और टोइंग नोटिफिकेशन जैसी सुविधाओं का इस्तेमाल कर सकते हैं।

 

प्राइवेसी के लिए इसमें Incognito Mode भी दिया गया है, जिससे कुछ समय के लिए लोकेशन ट्रैकिंग और शेयरिंग को बंद किया जा सकता है।

 

6.4 kW मोटर और 179 Nm टॉर्क

 

अधिकतर वेरिएंट में कंपनी की इन-हाउस 6.4 kW Permanent Magnet Synchronous Motor दी गई है। कंपनी के अनुसार यह मोटर व्हील पर 179 Nm टॉर्क पैदा करती है। एंट्री-लेवल मॉडल में 4.5 kW मोटर मिलती है। कंपनी का कहना है कि मोटर को Rare-Earth Materials के बिना तैयार किया गया है।

 

इसके अलावा Simple Energy ने HushDrive Transmission System पेश किया है। इसमें मोल्डेड रबर डैम्पर्स का इस्तेमाल किया गया है, जिससे चेन से आने वाले शोर और कंपन को कम करने में मदद मिलती है। वेरिएंट के आधार पर इसमें EcoX, Eco, Ride और Sport राइडिंग मोड मिलते हैं। स्कूटर की दावा की गई ग्रेडेबिलिटी 20 डिग्री है।

 

सस्पेंशन और सेफ्टी फीचर्स

Simple Wave उसी बेस प्लेटफॉर्म पर तैयार किया गया है, जिस पर Simple One आधारित है, लेकिन फैमिली स्कूटर के हिसाब से इसमें कई बदलाव किए गए हैं। इसमें टेलीस्कोपिक फ्रंट फोर्क और एडजस्टेबल ट्विन रियर शॉक एब्जॉर्बर दिए गए हैं। कंपनी के मुताबिक, मोनोशॉक की जगह ट्विन रियर सस्पेंशन देने से अतिरिक्त स्टोरेज और बेहतर लोड-कैरी करने की क्षमता हासिल हुई है।

 

स्कूटर में 12-इंच डायमंड-कट अलॉय व्हील्स के साथ:

 

220 mm फ्रंट डिस्क ब्रेक

रियर ड्रम ब्रेक

Combined Braking System (CBS)

 

मिलता है।

 

चुनिंदा वेरिएंट में Traction Control, Super Hold और DropSafe जैसे फीचर्स भी दिए गए हैं। DropSafe स्कूटर के गिरने की स्थिति में मोटर पावर को काट देता है। इसके अलावा Reverse, Crawl और Limp Home मोड भी उपलब्ध हैं। बैटरी का चार्ज बेहद कम होने पर Limp Home Mode परफॉर्मेंस को सीमित कर देता है, ताकि स्कूटर सीमित दूरी तक चल सके।

 

सर्विस नेटवर्क बढ़ाने की तैयारी

Simple Energy कई राज्यों और शहरों में कंपनी के स्वामित्व वाली Simple Super Labs स्थापित करने की योजना बना रही है। कंपनी का लक्ष्य औसत रिपेयर टर्नअराउंड टाइम को करीब 15 दिन से घटाकर 3 दिन करना है। पहले चरण में नवंबर 2026 से बेंगलुरु, चेन्नई, कोच्चि, गोवा, पुणे, दिल्ली, ओडिशा और कोलकाता में ये सुविधाएं शुरू किए जाने की उम्मीद है।

जयशंकर बोले-भारत यूक्रेन जंग खत्म कराने में मदद को तैयार:कहा- जरूरत पड़ी तो मध्यस्थता करेंगे; ब्लैक सी में नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया

केंद्रीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि भारत रूस-यूक्रेन युद्ध खत्म कराने में मदद के लिए तैयार है। उन्होंने जरूरत पड़ने पर मध्यस्थता करने की भी पेशकश की है। जयशंकर ने यह बात गुरुवार को कीव दौरे के दौरान पत्रकारों से बातचीत में कही। वे यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा के साथ मौजूद थे। जयशंकर ने ब्लैक सी में भारतीयों समेत सभी नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की जरूरत पर भी जोर दिया है। साथ ही उन्होंने कहा कि युद्ध का समाधान बातचीत और कूटनीति के जरिए निकाला जाना चाहिए। ब्लैक सी दुनिया के प्रमुख समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है। रूस और यूक्रेन से गेहूं, मक्का और सूरजमुखी तेल का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से दुनिया के दूसरे देशों तक पहुंचता है। जयशंकर के यूक्रेन दौरे की तस्वीरें… यूक्रेन बोला- रूसी हमलों के बीच जयशंकर का दौरा अहम यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा ने जयशंकर के कीव दौरे को अहम बताया। उन्होंने कहा कि रूसी हमलों के बीच भारतीय विदेश मंत्री की यह यात्रा खास मायने रखती है। सिबिहा ने कहा कि रूस लगातार यूक्रेनी शहरों, बंदरगाहों और नागरिक जहाजों को निशाना बना रहा है। दोनों नेताओं ने ब्लैक सी में जहाजों की आवाजाही सामान्य करने और इससे जुड़ी वैश्विक खाद्य सुरक्षा पर भी चर्चा की। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के उस रुख का भी स्वागत किया, जिसमें भारत लगातार बातचीत और कूटनीति के जरिए युद्ध खत्म करने की बात कहता रहा है। दोनों देश अगली अंतर-सरकारी आयोग की बैठक कराने पर भी सहमत हुए। दोनों नेताओं के बीच इंफ्रास्ट्रक्चर, फार्मा, टेक्नोलॉजी और डिजिटल सेक्टर में भारत-यूक्रेन के बीच सहयोग बढ़ाने पर भी बात हुई। जयशंकर 3 से 5 सितंबर तक यूक्रेन और पोलैंड दौरे पर विदेश मंत्री एस. जयशंकर 3 से 5 सितंबर तक यूक्रेन और पोलैंड की आधिकारिक यात्रा पर हैं। यूक्रेन के बाद वे पोलैंड जाएंगे, जहां उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री रादोस्लाव सिकोरस्की से द्विपक्षीय बातचीत करेंगे। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, इस यात्रा का मकसद दोनों देशों के साथ भारत के रिश्तों को और मजबूत करना है। इस दौरान क्षेत्रीय हालात और आपसी हितों से जुड़े दूसरे अहम मुद्दों पर भी चर्चा होगी। खबर लगातार अपडेट हो रही है…

चीन- PhD छोड़, रिसर्च पेपर की गड़बड़ियां खोजने लगा शख्स:40 वैज्ञानिकों का फर्जीवाड़ा पकड़ा गया, जिनपिंग सरकार ने फंडिंग-पुरस्कार छीने

चीन में एक पूर्व PhD छात्र गेंग होंगवेई के रिसर्च पेपर में गड़बड़ियां पकड़ने के बाद 40 से ज्यादा रिसर्चर्स पर कार्रवाई हुई है। चीन की प्रमुख रिसर्च फंडिंग संस्था नेशनल नेचुरल साइंस फाउंडेशन ऑफ चाइना (NSFC) ने 31 मामलों में कार्रवाई की है। इसे संस्था की अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। कार्रवाई की जद में कई प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों के वरिष्ठ प्रोफेसर भी हैं। इनमें 4 ऐसे वैज्ञानिक हैं, जिनके पेपर पर पूर्व PhD छात्र गेंग होंगवेई ने सोशल मीडिया पर सवाल उठाए थे। गेंग को ‘स्टूडेंट गेंग’ के नाम से जाना जाता है। उन्होंने 2025 में बायोसाइंस की PhD छोड़ दी थी। इसके बाद वह रिसर्च पेपर में डेटा, तस्वीरों और ग्राफ की गड़बड़ियां खोजकर सोशल मीडिया पर सामने लाने लगे। उनके सवालों के बाद संबंधित संस्थानों ने जांच शुरू की और अब मामला NSFC की कार्रवाई तक पहुंच गया है। PhD ड्रॉपआउट ने क्या पकड़ा? 1. आंकड़ों में अजीब पैटर्न
एक पेपर में एक कॉलम के लगभग सभी आंकड़ों का आखिरी अंक 5 था। दूसरे कॉलम में भी आंकड़े एक तय पैटर्न में थे। एक कॉलम के आंकड़े दूसरे से लगभग हर जगह 0.3 के अंतर पर थे। गेंग ने इसे डेटा की विश्वसनीयता पर सवाल उठाने वाली बात बताया। 2. 196 चूहों के वजन में सटीकता
एक रिसर्च में 196 लैब चूहों का वजन दो दशमलव तक दर्ज किया गया था। गेंग ने सवाल उठाया कि चलते-फिरते चूहों का वजन इतनी सटीकता से कैसे दर्ज किया गया। इससे डेटा के साथ छेड़छाड़ की आशंका पैदा हुई। 3. एक ही तस्वीर, अलग-अलग प्रयोग
कुछ पेपर में एक जैसी तस्वीरों को अलग-अलग प्रयोगों के नतीजे के तौर पर इस्तेमाल किए जाने पर सवाल उठे। कुछ डेटा सेट भी असामान्य रूप से एक-दूसरे से मिलते थे। नेचर ने भी बताया था कि गेंग ने कई पेपर के आंकड़ों में असामान्यताएं पकड़ी थीं। चार बड़े वैज्ञानिक भी कार्रवाई की जद में गेंग ने अप्रैल में चीन के चार प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों से जुड़े वैज्ञानिकों के रिसर्च पर सवाल उठाए थे। इनमें टोंगजी यूनिवर्सिटी के वांग पिंग, नानकाई यूनिवर्सिटी के चेन चुआन, शंघाई यूनिवर्सिटी के सु जियाचन और सन यात-सेन यूनिवर्सिटी के कुआंग डोंगमिंग शामिल हैं। इन चारों को चीन का प्रतिष्ठित नेशनल साइंस फंड फॉर डिस्टिंग्विश्ड यंग स्कॉलर्स मिल चुका था। यह चीन में युवा वैज्ञानिकों को दिया जाने वाला प्रमुख सम्मान है। इनमें से तीन अपने संस्थानों में डीन या एसोसिएट डीन जैसे प्रशासनिक पदों पर रह चुके हैं। इन वैज्ञानिकों के खिलाफ उनके विश्वविद्यालयों ने भी कार्रवाई की। कुछ को प्रशासनिक पदों से हटाया गया। इसके बाद NSFC ने भी इन मामलों में कार्रवाई की। संस्था ने संबंधित रिसर्च फंडिंग और सम्मान वापस ले लिए। उन्हें पहले मिली 1 करोड़ युआन से ज्यादा यानी करीब 15 लाख डॉलर की रिसर्च ग्रांट लौटाने का आदेश दिया गया। साथ ही तीन से सात साल तक NSFC की फंडिंग के लिए दोबारा आवेदन करने पर रोक लगा दी गई। अंतरराष्ट्रीय जर्नल्स के पेपर भी जांच के घेरे में गेंग के सवालों में नेचर, नेचर कैंसर और सेल बायोलॉजी जैसे प्रतिष्ठित जर्नल्स में प्रकाशित रिसर्च पेपर भी शामिल थे। मई में साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट ने रिपोर्ट किया था कि चीनी सोशल मीडिया पर इन जर्नल्स में प्रकाशित कुछ रिसर्च पेपर को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। इसके बाद स्प्रिंगर नेचर ने कहा था कि उसे पांच पेपर को लेकर चिंताएं मिली हैं और उनकी जांच की जा रही है। जुलाई में नेचर और नेचर कैंसर ने चीन के वैज्ञानिकों के दो रिसर्च पेपर वापस ले लिए।

Tamil Nadu CM Vijay announces plans for new Motor Sports City

Tamil Nadu CM Vijay announces plans for new Motor Sports City
Tamil Nadu CM Vijay Motor Sports City

Tamil Nadu Chief Minister C. Joseph Vijay has revealed plans to develop a dedicated motorsport city in Chennai. This will include a new race track, capable of hosting F1, F2, F3, F4 and other international races.

“An Olympic city will be set up in Chennai. A Motor Sports city will also be set up in Chennai to host Formula 1 races. The talents of youth in motor sports will be identified, and training and racing opportunities will be provided to create national and international level champions,” Vijay said during the state Assembly.

He added, “Establishing world-class motor vehicle car racing arenas will provide opportunities for tourism, special vehicle manufacturing industries, employment, and economic development.”

  1. New Chennai race track aims to host F1, F2 and more
  2. Venue will also include training facilities

Chennai Motor Sports City plans revealed

F4 India

Tamil Nadu is at the very heart of the motorsport scene in India, with tracks like the Madras International Circuit and Kari Motor Speedway hosting majority of our national championship races. There’s also the Madras International Karting arena, which is the first karting track in the country to meet global CIK (Commission Internationale de Karting) standards. 

Vijay highlighted the business case behind setting up the new motorsport city in the state. Tamil Nadu is currently a leading state for the production of various two-wheelers and four-wheelers, as well as racing vehicles. He added that setting up “world class” racing venues will provide opportunities to boost tourism, specialised vehicle manufacturing industries and well as employment and the local economy in general.

While the precise location of this new motorsport city hasn’t been revealed, Vijay did share that the goal is for the venue to be capable of hosting international-level racing like F4, F3, F2 and even F1. 

Driver development will be another key focus area. Vijay stated that the venue will also include training facilities to identify and nurture local racing talent in a bid to give them opportunities on the national and international stage. 

India eyes F1 return

F1 Indian GP

This announcement follows renewed interest from the Indian government to bring F1 back to India.

The Buddh International Circuit last hosted The F1 Indian GP from 2011 to 2013. But the race was then dropped, mainly due to the Uttar Pradesh government’s taxation policy at the time, which classified F1 as entertainment rather than sport. 

However, speaking to media earlier this year, sports minister Mansukh Mandaviya shared that the government is working to make India a viable host country for international racing. “For instance, if the entertainment tax cannot be altogether repealed, we will try to ensure that reimbursements are provided to incentivise the project for the organisers. Discussions are ongoing on this issue. It is an interministerial matter, and we are trying our best to make it attractive for Formula 1,” he said at the time.

F1 CEO Stefano Domenicali has stated that there is “big interest” for the championship to return to India, but also stressed that this won’t happen any time soon and will require several conditions to be met. “There are the right things that we need to do – to again find back the right promoters, the right collaboration and the right timing, which will not be in the very short term. But when we talk about five years in Formula 1, it seems to be very far away, but it’s not,” he told F1 India broadcaster FanCode.

राष्‍ट्रपति ट्रंप का दावा, ईरान के साथ युद्ध ज्यादा लंबा नहीं चलेगा

राष्‍ट्रपति ट्रंप का दावा, ईरान के साथ युद्ध ज्यादा लंबा नहीं चलेगा

donald trump

अमेरिका और ईरान के बीच भीषण जंग थमने का नाम ही नहीं ले रही है। दोनों ओर से वार पलटवार जारी। इस बीच अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि ईरान के साथ युद्ध बहुत ज्यादा लंबा नहीं चलेगा। ALSO READ: होर्मुज स्ट्रेट पर अमेरिका का लगभग पूरा कंट्रोल? ट्रंप के दावे से मचा हड़कंप ; तेल के दाम चढ़े

 

ट्रंप ने व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि मुझे नहीं लगता कि यह बहुत ज्यादा लंबा चलेगा। मुझे नहीं पता कि ईरान और कितना नुकसान सह सकता है। लेकिन इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। अमेरिका ने पिछली रात ईरान पर 'बहुत बड़ा हमला' किया था। इसमें होर्मुज जलडमरूमध्य के पास हाल में लगाए गए सैन्य उपकरणों को निशाना बनाया गया। इनमें रडार और मिसाइल से जुड़ी प्रणाली शामिल थे।

 

ईरान पर अमेरिका का ‘बहुत बड़ा हमला’

उन्होंने कहा कि अमेरिका ने पिछली रात ईरान पर बहुत जोरदार हमला किया। उन्होंने कहा कि ईरान ने हल्का जवाब दिया, लेकिन अमेरिका ने बहुत जोरदार हमला किया। उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी सैनिकों ने इस अहम समुद्री मार्ग से बारूदी सुरंगें हटा दी हैं। अमेरिकी सेना ऐसे जहाजों को भी वहां से निकाल रही है, जो लाखों बैरल तेल लेकर जा रहे हैं। ALSO READ: अमेरिका का ईरान पर मिसाइल और ड्रोन हमला, 12 लोगों की मौत, तेहरान ने अमेरिकी ठिकानों पर जवाबी हमले का किया दावा

 

ईरान के पास रडार नहीं 

अमेरिकी राष्‍ट्रपति ने कहा कि ईरानी सेना होर्मुज जलडमरूमध्य में रडार और मिसाइल प्रणाली को फिर से तैयार करने की कोशिश कर रही थी। वह बारूदी सुरंगें बिछाने की क्षमता भी दोबारा हासिल करने की कोशिश कर रही थी। अमेरिका कई जहाजों को निशाना बना रहा है। ईरान के पास रडार नहीं है, क्योंकि अमेरिका ने उसे नष्ट कर दिया है।

अमेरिकी महिलाओं का वोटिंग पैटर्न:महिलाएं कहती हैं कि राजनीति में रुचि नहीं, पर ट्रम्प की जीत में बड़ा योगदान

अमेरिका में अगर महिलाओं से राजनीति के बारे में पूछें, तो उनमें से कई यही कहेंगी कि वे राजनीति में बिल्कुल भी दिलचस्पी नहीं रखतीं। फिर भी, 1970 के दशक से शुरू होकर रिपब्लिकन पार्टी के भीतर उनके वोट की ताकत एक अलग ही कहानी बयां करती है। 2024 के चुनाव में लगभग दो-तिहाई महिलाओं ने डोनाल्ड ट्रम्प के पक्ष में मतदान किया। ये अमेरिका के कुल वोटरों का 37% हिस्सा हैं और इनमें से 68% खुद को ईसाई मानती हैं। वहीं, श्वेत इवेंजेलिकल (एक धार्मिक समूह) महिलाओं में से 80% से अधिक ने ट्रम्प को वोट दिया। इसके उलट, खुद को किसी भी धर्म से न जोड़ने वाली लगभग 80% श्वेत महिलाओं ने 2024 में कमला हैरिस को वोट दिया। अमेरिका में महिलाओं की राजनीति को किसी एक मुद्दे तक सीमित नहीं किया जा सकता। बल्कि, उनके मतदान के तरीके एक तरह के सांस्कृतिक नजरिए को दर्शाते हैं। महिलाओं की राजनीतिक पसंद केवल नेताओं के भाषणों से तय नहीं होती। वे जो किताबें पढ़ती हैं, घर में जो सामान रखती हैं और रोजमर्रा के जो कंटेंट देखती हैं, उसका भी उनकी सोच और वोट पर गहरा असर पड़ता है। आम धारणा यह है कि गर्भपात का विरोध ईसाई महिलाओं को रिपब्लिकन पार्टी को वोट देने के लिए प्रेरित करता है, लेकिन कई सर्वे से पता चलता है कि गर्भपात का नंबर महंगाई, आप्रवासन, अपराध जैसे मुद्दों से काफी नीचे है। महिलाओं के वोट पाने की रणनीति अलग है… लंबे समय से, फूलों से सजी बाइबल स्टडी बुक्स, लोकप्रिय उपन्यास महिलाओं को सिखाते रहे हैं कि उन्हें क्या मानना ​​चाहिए, कैसे जीना चाहिए और कैसे मतदान करना चाहिए। मीडिया और लाइफस्टाइल ब्रांड ‘द कंजर्वेटर’ की फाउंडर जेमी लीघ फ्रैंकलिन ने दक्षिणपंथी रणनीति का वर्णन किया – महिलाओं को सांस्कृतिक रूप से रूढ़िवादी नजरिए में शामिल करो, फिर ‘अमेरिका समर्थक, पश्चिमी सभ्यता समर्थक, परिवार समर्थक’ वोट हासिल करो। राजनीति की बात करने की कोई जरूरत ही नहीं है।

टेक्सटाइल कंपनी के शेयर में 20% का अपर सर्किट लगा, EV बिजनेस में बड़े प्लान का दिखा दम

टेक्सटाइल कंपनी Jindal Worldwide के शेयर में गुरुवार को जबरदस्त तेजी आई। शेयर 20% चढ़कर अपर सर्किट लगा और यह ₹48.22 पर बंद हुआ। ये स्टॉक का एक साल से ज्यादा समय का सबसे ऊंचा स्तर है। पिछले 6 महीने में स्टॉक 108.65% का रिटर्न दिया है।

इससे पहले मंगलवार को शेयर 10% चढ़ा था। बुधवार को इसमें करीब 4.5% की गिरावट आई। लेकिन गुरुवार को इसमें फिर से तेज खरीदारी देखने को मिली।

FY28 तक 100 शोरूम खोलने का प्लान

Jindal Worldwid की EV सब्सिडियरी Jindal Mobilitric ने बड़ा विस्तार प्लान बनाया है। कंपनी FY28 के अंत तक देशभर में करीब 100 शोरूम खोलना चाहती है।

FY27 के अंत तक करीब 40 शोरूम खोले जाएंगे। बाकी शोरूम FY28 में शुरू होंगे। कंपनी का कहना है कि वह EV ग्राहकों तक बेहतर तरीके से पहुंचना चाहती है। साथ ही आफ्टर-सेल्स सर्विस को भी मजबूत किया जाएगा।

अभी दो शोरूम, 52 डीलर जुड़े

कंपनी का अहमदाबाद स्थित मैन्युफैक्चरिंग प्लांट चालू हो चुका है। Jindal Mobilitric ने श्रीनगर और जयपुर में अपने पहले दो शोरूम खोले हैं।

कंपनी ने देशभर में 52 डीलर भी नियुक्त किए हैं। अब इन्हीं के जरिए कंपनी अपना रिटेल नेटवर्क बढ़ाएगी। उसका फोकस बड़े शहरों के साथ छोटे शहरों पर भी है।

अमित अग्रवाल फिर बने मैनेजिंग डायरेक्टर

Jindal Worldwide ने अमित यमुनादत्त अग्रवाल को फिर से मैनेजिंग डायरेक्टर नियुक्त किया है। उनका नया कार्यकाल तीन साल का होगा।

EV बिजनेस के विस्तार प्लान से शेयर में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी है। यही वजह है कि गुरुवार को शेयर में फिर से तेज उछाल देखने को मिला।

Jindal Worldwide का बिजनेस क्या है?

Jindal Worldwide का मुख्य कारोबार टेक्सटाइल सेक्टर में है। कंपनी डेनिम फैब्रिक और दूसरे टेक्सटाइल प्रोडक्ट्स बनाती है। कंपनी का टेक्सटाइल बिजनेस उसका मुख्य कारोबार है। हालांकि, अब वह इलेक्ट्रिक व्हीकल सेक्टर में भी तेजी से कदम बढ़ा रही है।

कंपनी की सब्सिडियरी Jindal Mobilitric इलेक्ट्रिक व्हीकल बिजनेस संभालती है। कंपनी ने अहमदाबाद में अपना मैन्युफैक्चरिंग प्लांट शुरू कर दिया है। श्रीनगर और जयपुर में दो शोरूम खुल चुके हैं। अब कंपनी देशभर में रिटेल नेटवर्क बढ़ाने और EV मार्केट में अपनी मजबूत पहचान बनाने की तैयारी कर रही है।

Share Market Updates: सेंसेक्स दिन के हाई से 372 अंक तक लुढ़का, इन कारणों से बाजार ने गंवाई पूरी बढ़त

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

मस्ती, म्यूजिक और जबरदस्त बीट्स के साथ ‘डोंट बी शाय’ का पहला गाना ‘झूमो’ हुआ रिलीज

‘डोंट बी शाय’ एक ‘कमिंग-ऑफ-एज’ कहानी है और हर ऐसी कहानी के साथ एक साउंडट्रैक होता है, जो उसके साथ ही धीरे धीरे किरदारों को संग लेकर आगे बढ़ते जाता है। ऐसे में ‘डोंट बी शाय’ के मेकर्स ने अपने म्यूज़िकल सफर की शुरुआत ‘झूमो’ गाने के साथ शुरू कर दी है। यह गाना एनर्जी से भरा है और कहना होगा कि ऐसी ही म्यूजिकल शुरुआत की जरूरत थी।

फिल्म का फर्स्ट सॉन्ग अपने साथ भरपूर एनर्जी ही नहीं बल्कि खूब सारी मस्ती, और जवानी का जोश लेकर आया है। गाने के शानदार बीट्स, कमाल की कोरियोग्राफ़ी, जबरदस्त बोल और रेट्रो-स्टाइल फैशन वाली रंगीन दुनिया से सजा ‘झूमो’ गाना लिस्नर्स को झूमने पर मजबूर करने वाला है। कहना होगा कि यह गाना दोस्ती, जश्न और बेफिक्र होकर मज़े करने के पलों को खूबसूरती से दिखाता है।

फिल्म के पहले गाने ‘झूमो’ को टी-सीरीज़ द्वारा प्रस्तुत किया गया है। गाने को राम संपत ने कंपोज़ किया है, जबकि इसके बोल राम संपत और देवांश वैद्य द्वारा लिखे गए हैं। अपनी ज़बरदस्त बीट्स और हाई एनर्जी के साथ, यह गाना ‘डोंट बी शाय’ की रंगों से भरी दुनिया का माहौल बनाता है। एक ऐसी दुनिया जहां दोस्ती, शरारत और बड़े होने के यादगार पल सबसे खास हैं।

कंपोज़र और लिरिसिस्ट राम संपत ने गाने के बारे में बात करते हुए कहा है, “‘झूमो’ को एक ऐसे गाने के रूप में सोचा गया था जो छोटे पल में जीने की छोटी सी खुशी का जश्न मनाए। हम चाहते थे कि यह गाना जीवन से भरा होने के साथ ही रिदमिक क्वालिटी से भी सजा हो। ‘डोंट बी शाय’ की शरारत भरी दुनिया के साथ मेल खाए।

‘डोंट बी शाय’ की कहानी श्यामिली ‘शाय’ दास नाम की लड़की की है। वह 20 साल की है और उसे लगता है कि उसकी ज़िंदगी एकदम सही ट्रैक पर चल रही है, लेकिन तभी उसकी अच्छीखासी चल रही ज़िंदगी में कुछ ऐसा होता है, जिसकी उसने कभी उम्मीद नहीं की थी। हर चीज़ उसके हाथों से जैसे फिसल रही होती है और बेकाबू होकर बाहर होने लगती हैं।

बता दें कि इस फ़िल्म को श्रीति मुखर्जी ने लिखा और डायरेक्ट किया है। इसे आलिया भट्ट और शाहीन भट्ट द्वारा उनके ‘इटर्नल सनशाइन प्रोडक्शंस’ के बैनर तले प्रोड्यूस किया जा रहा है और ‘चॉकबोर्ड एंटरटेनमेंट’ की ग्रीष्मा शाह और विकेश भूटानी ने इसे को-प्रोड्यूस किया है। फ़िल्म में कुणाल रॉय कपूर, अनुराग बसु, नेहा धूपिया और अंजू अल्वा नाइक भी अहम भूमिकाओं में हैं। फिल्म ‘डोंट बी शाय’ 25 सितंबर, 2026 को रिलीज़ होने वाली है।

Abhinandan Varthaman: पाकिस्तानी फाइटर जेट गिराने वाले एयरफोर्स के पूर्व ग्रुप कैप्टन अभिनंदन वर्धमान ने IAF छोड़ी, अब गोवा के इस एयरलाइन से जुड़े

Abhinandan Varthaman: पाकिस्तानी जेट गिराने वाले इंडियन एयर फोर्स (IAF) के फाइटर पायलट और पूर्व ग्रुप कैप्टन अभिनंदन वर्धमान ने भारतीय वायुसेना से समय से पहले ही रिटायरमेंट ले लिया है। अब वह गोवा के एक प्राइवेट एयरलाइन में कमर्शियल पायलट के तौर पर अपना नया एविएशन करियर शुरू कर रहे हैं। वर्धमान को फरवरी 2019 में पाकिस्तान एयरफोर्स के फाइटर जेट के साथ हवाई लड़ाई में अपना विमान गिराए जाने के बाद पाकिस्तान में तीन दिनों तक बंधक बनाकर रखा गया था।

करीब दो दशक इंडियन एयरफोर्स में सेवा देने के बाद यह अभिनंदन के करियर की नई पारी है। अभिनंदन 27 फरवरी 2019 को पाकिस्तानी फाइटर जेट F-16 गिराने के बाद भारत समेत दुनियाभर में सुर्खियों में आए थे। न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, अभिनंदन अब पायलट के तौर पर रीजनल एयरलाइन FLY91 से जुड़ गए हैं।

कॉमर्शियल यात्री विमान के पायलट होंगे

सूत्रों ने बताया कि यहां वे कॉमर्शियल यात्री विमान के पायलट होंगे। सूत्रों ने बताया कि ‘वीर चक्र’ से सम्मानित वर्तमान अगस्त में गोवा की एयरलाइन FLY91 में पायलट के तौर पर शामिल हुए। 2019 में पाकिस्तान के साथ हवाई संघर्ष के बाद वर्धमान चर्चा में आए थे। उस हवाई लड़ाई के दौरान उन्होंने पाकिस्तान के एक फाइटर जेट को मार गिराया था। इसके बाद उन्हें तीन दिनों तक पाकिस्तान में हिरासत में रखा गया था।

‘वीर चक्र’ से सम्मानित

उन्हें 2021 में ‘वीर चक्र’ से सम्मानित किया गया था, जो युद्ध के समय वीरता के लिए भारत का तीसरा सबसे बड़ा सम्मान है। इस सम्मान के लिए जारी प्रशस्ति पत्र में हवाई संघर्ष के दौरान उनके “कर्तव्य के प्रति असाधारण समर्पण” को सराहा गया था। FLY91 के प्रवक्ता ने इस मामले पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

उन्होंने पीटीआई से कहा कि किसी कर्मचारी की निजी जानकारी एक निजी मामला है। एयरलाइन में वर्तमान की भूमिका के बारे में और जानकारी तुरंत उपलब्ध नहीं हो सकी। गोवा स्थित FLY91 ने मार्च 2024 में अपना कामकाज शुरू किया था। इसके बेड़े में अभी छह ATR 72-600 विमान हैं। यह दो बेस गोवा और हैदराबाद से अपनी सेवाएं देती है।

अभिनंदन वर्धमान के बारे में बड़ी बातें

  • फरवरी 2019 में पुलवामा में आत्मघाती बम धमाके में सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स (CRPF) के 40 जवानों की मौत के बाद भारतीय सेना ने पाकिस्तानी इलाके में आतंकवादियों के खिलाफ एयर स्ट्राइक की थी। नई दिल्ली ने कहा कि स्ट्राइक में बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद (JeM) ग्रुप के ट्रेनिंग कैंप को निशाना बनाया गया था।
  • अगले दिन पाकिस्तान एयरफोर्स की जवाबी कार्रवाई से दोनों परमाणु बम से लैस दो पड़ोसियों के बीच युद्ध का डर पैदा हो गया था। इस टकराव का सबसे चर्चित चेहरा विंग कमांडर वर्धमान थे। उनके MiG-21 फाइटर जेट को गिराए जाने के बाद पाकिस्तान द्वारा उन्हें पकड़ लिए जाने से दशकों में दोनों पड़ोसियों के बीच सबसे गंभीर सैन्य संकट पैदा हो गया था।
  • 27 फरवरी 2019 को अपना जेट हिट होने से पहले वर्धमान  ने पाकिस्तान के F-16 फ़ाइटर जेट को मार गिराया था। उस समय विंग कमांडर रहे वर्धमान को तीन दिनों तक बंधक बनाकर रखा गया था। 1 मार्च की रात को पाकिस्तान ने उन्हें रिहा कर दिया था।
  • हवाई लड़ाई के दौरान अपने मिग-21 बाइसन से बाहर निकलते समय वर्धमान को चोटें आई थीं। बाद में उसी साल डॉगफाइट के दौरान “असाधारण कर्तव्य-निष्ठा” दिखाने के लिए उन्हें भारत के युद्ध-समय के तीसरे सबसे बड़े वीरता पुरस्कार ‘वीर चक्र’ से सम्मानित किया गया। अभी यह साफ नहीं हो पाया है कि वर्धमान ने समय से पहले रिटायरमेंट क्यों लिया।

ये भी पढ़ें- IMD Rain Forecast: लो-प्रेशर ने बदला मौसम का मिजाज, यूपी-दिल्ली और एमपी समेत 15+ राज्यों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट! जानिए अपने राज्य का वेदर

Lumino Industries Share Price: 34% के दमदार प्रीमियम पर लिस्टिंग; अब क्या करें- बाय, सेल या होल्ड?

ल्यूमिनो इंडस्ट्रीज लिमिटेड के IPO निवेशकों को लिस्टिंग डे पर जबरदस्त गेन हुआ है। 3 सितंबर को शेयर BSE पर शेयर करीब 33 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 109 रुपये और NSE पर 34 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 110 रुपये पर लिस्ट हुआ। IPO के लिए फाइनल इश्यू प्राइस 82 रुपये था। ल्यूमिनो इंडस्ट्रीज लिमिटेड एक इंटीग्रेटेड इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (EPC) कंपनी है। यह अपने प्रोडक्ट भारत की बड़ी EPC कंपनियों को सप्लाई करती है और इंटरनेशनल ग्राहकों को भी सेवाएं देती है।

इसका फोकस पावर ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन इंडस्ट्री के लिए कंडक्टर, पावर केबल, इलेक्ट्रिकल वायर और खास तरह के प्रोडक्ट बनाने और उनकी सप्लाई करने पर है। कंपनी ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन लाइनों में इस्तेमाल होने वाले हाई-टेंपरेचर लो-सैग (HTLS) कंडक्टर भी बनाती है।इसके मैन्युफैक्चरिंग बिजनेस में एल्युमीनियम कंडक्टर, पावर केबल और इलेक्ट्रिकल वायर शामिल हैं। वहीं EPC बिजनेस में पावर ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन, रेलवे इलेक्ट्रिफिकेशन, HTLS री-कंडक्टरिंग, EHV सबस्टेशन, सोलर पावर प्रोजेक्ट और वॉटर मैनेजमेंट प्रोजेक्ट शामिल हैं।

कंपनी का ₹700 करोड़ का IPO 124.02 गुना सब्सक्रिप्शन के साथ बंद हुआ था। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 232.79 गुना, नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 185.21 गुना, रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 40.27 गुना और एंप्लॉयीज के लिए रिजर्व हिस्सा 12.37 गुना भरा था।

ब्रोकरेज की राय

स्वास्तिका इन्वेस्टस्मार्ट में वेल्थ हेड, शिवानी न्याति का कहना है, “हमारा नजरिया पॉजिटिव है। इसकी वजह हैं- EPC और केबल सेक्टर की दूसरी कंपनियों के मुकाबले आकर्षक वैल्यूएशन, 11.71% EBITDA मार्जिन के साथ अच्छा मुनाफा, और मुख्य प्रतिस्पर्धियों में सबसे ज्यादा RoNW। IPO से मिले पैसे से कर्ज कम करने की योजना से भविष्य में फाइनेंस कॉस्ट भी कम हो सकती है। कंपनी की सरकारी और PSU क्लाइंट्स पर निर्भरता बेहद ज्यादा है। रेवेन्यू का 53%–86% हिस्सा इसी से आता है। यह एक बड़ा रिस्क है, क्योंकि टेंडर बेस्ड कैश फ्लो में उतार-चढ़ाव हो सकता है।”

आगे कहा कि IPO में शेयर पाने वाले निवेशक थोड़ा मुनाफा वसूल सकते हैं और बाकी शेयर ₹98–100 के ट्रेलिंग स्टॉप-लॉस के साथ होल्ड कर सकते हैं। नए निवेशकों को लिस्टिंग के बाद हुई जबरदस्त बढ़त के बाद स्टॉक के पीछे नहीं भागना चाहिए और थोड़े कंसोलिडेशन का इंतजार करना चाहिए। अगर स्टॉक मजबूत वॉल्यूम के साथ ₹110–112 के ऊपर बना रहता है, तो यह ₹120–125 की ओर बढ़ सकता है। मीडियम-टर्म निवेशक समझदारी से पोजीशन साइजिंग करते हुए इसे होल्ड कर सकते हैं।

Kwick Forensic Solutions IPO Listing: निवेशकों को जबरदस्त मुनाफा, शेयर 66% के बंपर प्रीमियम पर लिस्ट

कंपनी की वित्तीय सेहत

ल्यूमिनो इंडस्ट्रीज का वित्त वर्ष 2025-26 में रेवेन्यू 7 प्रतिशत बढ़कर ₹2,089.31 करोड़ हो गया। शुद्ध मुनाफा 28 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ ₹160 करोड़ रहा। एक साल पहले रेवेन्यू ₹1,946.68 करोड़ और शुद्ध मुनाफा ₹124.59 करोड़ था। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी पर ₹384.16 करोड़ की उधारी थी।कंपनी का मार्केट कैप 3400 करोड़ रुपये के करीब है। शेयर की फेस वैल्यू 5 रुपये है। कंपनी में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 71.97 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।