Tata Curvv Series X launched at Rs 9.9 lakh

Tata Curvv Series X launched at Rs 9.9 lakh
Curvv

Tata Motors has introduced the Curvv Series X, with prices ranging from Rs 9.9 lakh to Rs 18.5 lakh (ex-showroom). The new range gets a reshuffled variant lineup, with features from higher variants moved to lower and mid-spec versions. Tata has also expanded the availability of the #DARK edition across the range, while the powertrain remains unchanged.

Tata Curvv Series X price

Tata Curvv Series X ex-showroom prices
VariantPrice
Smart XRs 9.9 lakh
Pure XRs 10.99 lakh
Pure X+Rs 11.79 lakh
Creative XRs 12.91 lakh
Accomplished XRs 13.99 lakh
Accomplished X+Rs 18.5 lakh

The Smart X is the most affordable variant in the lineup, priced Rs 14,000 higher than the previous base trim. The petrol-diesel price gap has been reduced to Rs 1.3 lakh from Rs 1.5 lakh previously, while the premium for the automatic gearbox has also come down to Rs 1.3 lakh from Rs 1.5 lakh.

Tata Curvv Series X interior and features

The Curvv Series X gets a 10.25-inch infotainment screen with wireless Android Auto and Apple CarPlay, automatic climate control, cruise control and a rear-view camera. It also gets a 10.25-inch digital cockpit, smart key with push-button start, front and rear USB ports, Wi-Fi connectivity and multiple drive modes.

The cabin gets a lighter interior theme with leatherette upholstery and leatherette finishes on the steering wheel, gear-shift knob and centre-console armrest. Rear passengers get dedicated AC vents, a rear armrest and reclining rear seats. The front seat-back is 10mm slimmer, while the rear seat has been moved 20mm rearwards and 10mm lower.

Other features include a panoramic sunroof, 360-degree 3D surround-view camera with a blind-view monitor, front parking assist, rain-sensing wipers and automatic headlamps. Safety equipment includes six airbags, ESP, hill-hold control, ABS with EBD and rear parking sensors.

Tata Curvv Series X exterior

The Curvv Series X retains the SUV-coupe design of the existing model, with flush door handles, an illuminated four-spoke steering wheel, LED headlamps, DRLs and tail-lamps, and a rear spoiler. The Series X gets a black grille treatment in place of the earlier chrome finish. The #DARK edition is now available from lower down the range, with a blacked-out exterior and Obsidian-themed interior. It gets 17-inch diamond-cut alloy wheels, while higher versions offer 18-inchers.

Tata Curvv Series X powertrain 

The Curvv Series X continues with three engine options: a 1.2-litre turbo-petrol producing 120hp and 170Nm, a 1.2-litre direct-injection turbo-petrol producing 125hp and 225Nm, and a 1.5-litre diesel producing 118hp and 260Nm.

The 1.2-litre turbo-petrol and 1.5-litre diesel are available with a 6-speed manual and 7-speed dual-clutch automatic, while the 1.2-litre direct-injection turbo-petrol is exclusive to the top-spec Accomplished X+ and is paired with the 7-speed DCA.

सीएम डॉ. मोहन यादव ने किए द्वारकाधीश के दर्शन, मांगी प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि

सीएम डॉ. मोहन यादव ने किए द्वारकाधीश के दर्शन, मांगी प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को गुजरात की देवभूमि द्वारका स्थित वन द्वारकाधीश मंदिर में विधिवत दर्शन-पूजन किया। उन्होंने भगवान श्री द्वारकाधीश का आशीर्वाद प्राप्त किया। सीएम डॉ. यादव ने भगवान से प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और कल्याण की कामना की। इसके अलावा उन्होंने मंदिर की व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया। 

 

इस मौके पर सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आज मैं धार्मिक पर्यटन के मद्देनजर द्वारका आया हूं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में तीर्थाटन बढ़ा है। बाबा महाकाल की कृपा से अकेले उज्जैन में श्रद्धालु लगभग 20 गुना बढ़े हैं। आज की स्थिति में 10 करोड़ से ज्यादा दर्शनार्थी उज्जैन आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थानों को लेकर प्रधानमंत्री मोदी ने जो महाकाल लोक और बनारस में प्रयोग किया है, वह अद्भुत है। हमारी राज्य सरकार भी उसी दिशा में काम कर रही है।

 

अतीत हो रहा गौरवांवित

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे सभी देव स्थानों पर भी सुव्यवस्था स्थापित करने, यात्रियों के लिए सुगम आगमन, उनके रहने की व्यवस्था और सभी जरूरी निर्माण कार्य किए जा रहे हैं। इन व्यवस्थाओं को देखने के लिए भी मैं द्वारका भी आया हूं। आज सनातन संस्कृति का गौरवशाली अतीत फिर गौरवांवित हो रहा है। राज्य सरकारें अपने-अपने देव स्थलों काम कर रही हैं। द्वारका चार धाम में से प्रमुख स्थान है। हमारे चार शंकराचार्यों के चार पीठों में से ये एक है। उन्होंने कहा कि हमारे लिए गौरव की बात है कि कल जन्माष्टमी है। मैं सभी को बधाई देता हूं। गोपाल कृष्ण की कृपा हम पर बनी रहे।

Purple Style Labs IPO: आज, 3 सितंबर अलॉटमेंट फाइनल होने की तारीख, शेयर मिले या नहीं ऐसे करें चेक

पर्पल स्टाइल लैब्स का ₹680 करोड़ का IPO 2 सितंबर को बंद हो गया। इश्यू को कुल 1.36 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। इसमें 1.18 करोड़ नए शेयर जारी हुए। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 1.50 गुना, नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 0.89 गुना और रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 1.66 गुना भरा। अब आज, 3 सितंबर अलॉटमेंट फाइनल होने की तारीख है। इसके बाद कंपनी के शेयरों की लिस्टिंग NSE और BSE पर 7 सितंबर को होगी।

जिन लोगों ने पर्पल स्टाइल लैब्स के IPO में पैसे लगाए हैं, वे इसकी रजिस्ट्रार Kfin Technologies और स्टॉक एक्सचेंज BSE की वेबसाइट पर जाकर अलॉटमेंट स्टेटस चेक कर सकते हैं। इसकी प्रोसेस इस तरह है…

Kfin Technologies की वेबसाइट से

  • https://ipostatus.kfintech.com/ पर जाएं।
  • IPO में Purple Style Labs सिलेक्ट करें।
  • अब एप्लीकेशन नंबर, PAN और डीमैट अकाउंट में से किसी एक को सिलेक्ट कर डिटेल्स एंटर करें।
  • ‘Submit’ बटन पर क्लिक करें।

BSE से कैसे करें चेक

  • https://www.bseindia.com/investors/appli_check.aspx पर जाएं।
  • इश्यू का टाइप ‘इक्विटी’ चुनें।
  • ड्रॉपडाउन मेन्यू से Purple Style Labs IPO चुनें।
  • एप्लीकेशन नंबर या PAN डिटेल्स एंटर करें।
  • ‘कैप्चा’ डालें।
  • ‘सर्च’ बटन पर क्लिक करें।

Purple Style Labs IPO के लिए प्राइस बैंड ₹546-₹575 प्रति शेयर था। कंपनी ने IPO से पहले एंकर इनवेस्टर्स से ₹306 करोड़ रुपये जुटाए। कंपनी पब्लिक इश्यू से हुई कमाई का इस्तेमाल सब्सिडियरी PSL Retail में निवेश के लिए, सेल्स व मार्केटिंग खर्चों की फंडिंग के लिए, आम कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए और IPO पर हुए खर्च की भरपाई के लिए करेगी।

क्या करती है Purple Style Labs

पर्पल स्टाइल लैब्स लिमिटेड एक मल्टी-ब्रांड लग्जरी ओम्नी चैनल फैशन प्लेटफॉर्म है। कंपनी ‘पर्नियाज पॉप-अप शॉप’ (Pernia’s Pop-Up Shop or PPUS) के तहत काम करती है। यह महिलाओं और पुरुषों के कपड़ों, ज्वेलरी, एक्सेसरीज और बच्चों के कपड़ों में लग्जरी फैशन प्रोडक्ट्स के एक खास कलेक्शन की पेशकश करती है। शादी और खास मौकों पर पहने जाने वाले कपड़ों पर खास फोकस है।

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कंपनी एक ओम्नी चैनल बिजनेस मॉडल के जरिए काम करती है, जिसमें एक्सपीरियंस सेंटर, वेबसाइट, मोबाइल एप्लीकेशन, टेलीफोनिक और डिजिटल सेल्स चैनल, इवेंट्स और एग्जीबीशन शामिल हैं। कंपनी के भारत के साथ-साथ अमेरिका, यूके, मध्य पूर्व, ऑस्ट्रेलिया और अन्य बाजारों में भी कस्टमर हैं। पर्पल स्टाइल लैब्स का वित्त वर्ष 2025-26 में रेवेन्यू 15 प्रतिशत बढ़कर ₹567 करोड़ हो गया। एक साल पहले रेवेन्यू ₹494 करोड़ था। कंपनी पर वित्त वर्ष 2026 के दौरान ₹371.40 करोड़ की उधारी थी।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

जन्माष्टमी पर वृंदावन जाने से पहले पढ़ें यह गाइड! बांके बिहारी मंगला आरती का समय, रूट डायवर्जन और पार्किंग नियम

जन्माष्टमी के मौके पर वृंदावन में लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है, ऐसे में शहर में जाम और भीड़ को संभालने के लिए प्रशासन ने कई रास्तों पर वाहनों की एंट्री रोक दी है। 3 सितंबर की सुबह से 5 सितंबर की सुबह तक मथुरा और वृंदावन के कई प्रमुख रास्तों पर डायवर्जन और नो-एंट्री लागू रहेगी। बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग जगहों पर पार्किंग की व्यवस्था भी की गई है। इसलिए सफर शुरू करने से पहले रूट और पार्किंग की जानकारी समझ लेना आपके लिए काफी फायदेमंद रहेगा।

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मंगला आरती का समय

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर बांके बिहारी मंदिर में मंगला आरती 4 और 5 सितंबर की मध्यरात्रि रात 1:45 बजे होगी। आरती के लिए सिर्फ 600 पासधारक भक्तों को मंदिर में प्रवेश मिलेगा। इस बार श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंगला आरती का लाइव टेलीकास्ट भी किया जाएगा। इससे मंदिर में एंट्री न मिलने वाले भक्त भी घर बैठे इस खास आरती के दर्शन कर सकेंगे। भीड़ को कंट्रोल करने के साथ ज्यादा से ज्यादा श्रद्धालुओं तक आरती का दर्शन पहुंचाने के लिए यह व्यवस्था की गई है।

श्रीकृष्ण जन्मभूमि के ये रूट बंद

जन्माष्टमी के दौरान श्रीकृष्ण जन्मभूमि और आसपास के इलाकों में भारी भीड़ को देखते हुए कई प्रमुख रास्तों पर वाहनों की आवाजाही रोकी जाएगी। भूतेश्वर तिराहा, मसानी चौराहा, डीग गेट, गोकरण तिराहा, चौक बाजार, भरतपुर गेट, कृष्णापुरी, स्टेट बैंक चौराहा और महाविद्या कॉलोनी जैसे रास्तों से वाहनों को आगे जाने की अनुमति नहीं होगी। मसानी चौराहा से जन्मभूमि और चौक बाजार की तरफ भी वाहनों की एंट्री बंद रहेगी। डीग गेट से जन्मभूमि की ओर भी वाहन नहीं जा सकेंगे। वहीं गोवर्धन चौराहा और मंडी चौराहा से भूतेश्वर की तरफ भारी वाहन, रोडवेज बस और ट्रैक्टर नहीं जा पाएंगे।

मथुरा आने वालों के लिए पार्किंग व्यवस्था

शहर में वाहन लेकर जाने की बजाय श्रद्धालुओं को निर्धारित पार्किंग स्थलों पर गाड़ी खड़ी करनी होगी। यमुना एक्सप्रेसवे और वृंदावन की तरफ से आने वालों के लिए पीएमबी पॉलीटेक्निक स्कूल, जयसिंहपुरा, अनुज चौधरी के खाली प्लॉट और आरके ज्वैलर्स के सामने पार्किंग की व्यवस्था की गई है। गोकुल रेस्टोरेंट और हाईवे की तरफ से आने वाले वाहनों को आरएसएस संस्था के सामने, आईएसबीटी बस अड्डे और रामलीला मैदान में पार्क कराया जाएगा। वहीं धौलीप्याऊ की तरफ से आने वाले श्रद्धालु रेलवे ग्राउंड में वाहन खड़ा कर सकेंगे।

वृंदावन में इन रास्तों पर नो-एंट्री

जन्माष्टमी पर वृंदावन में भी ट्रैफिक रेगुलेशन काफी सख्त रहेगी। छटीकरा, रुक्मिणी विहार, पानीगांव, वृंदावन कट और सौ-शय्या जैसे रास्तों से भारी वाहनों की एंट्री पर रोक रहेगी। छटीकरा-वृंदावन रोड पर मल्टीलेवल पार्किंग से आगे वाहन नहीं जा सकेंगे। इसी तरह मथुरा-वृंदावन मार्ग पर सौ-शय्या से आगे भारी और चार पहिया वाहनों को रोक दिया जाएगा। वृंदावन आने वाले श्रद्धालुओं के लिए आईटीआई, दारुक, मंडी, पवनहंस हेलीपैड, एमवीडीए, पशुपैठ, पैराग्लाइडिंग और शिवा ढाबा समेत कई जगहों पर पार्किंग की व्यवस्था की गई है।

यात्रा से पहले रखें ये सावधानी

जन्माष्टमी में भीड़ बहुत ज्यादा होने की वजह से कई जगहों पर पार्किंग से मंदिर तक पैदल जाना पड़ सकता है। इसलिए बुजुर्गों और बच्चों के साथ जर्नी कर रहे हैं तो पहले से इसकी तैयारी रखें। अपना फोन, पर्स, चश्मा और जरूरी सामान सेफ रखें, क्योंकि भीड़भाड़ वाले इलाकों में सामान संभालकर रखना जरूरी है।

इससे आप जाम और रास्ता बंद होने जैसी परेशानी से काफी हद तक बच सकते हैं। इस तरह आप जन्माष्टमी पर मथुरा-वृंदावन की ट्रिप को आसान और परेशानी-फ्री बना सकते हैं।

BSE Share Price: बीएसई के सीईओ के इस बयान से रॉकेट बना शेयर, जानिए उन्होंने क्या कहा

बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज यानी बीएसई के शेयर 3 सितंबर को रॉकेट बन गए। इसकी वजह एक्सचेंज के एमडी और सीईओ सुंदररमण रामामूर्ति का एक बयान है। उन्होंने कहा कि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज यानी एनएसई ने इस बात की पुष्टि कर दी है कि उसके प्लेटफॉर्म पर उसके शेयर लिस्ट नहीं होंगे। इस बयान के बाद बीएसई के शेयरों में तेजी आई। 1:15 बजे शेयर 4.26 फीसदी के उछाल के साथ 3,303 रुपये पर चल रहा था। बीते एक साल में यह शेयर करीब 50 फीसदी भागा है।

एनएसई के शेयर की ट्रेडिंग एनएसई के प्लेटफॉर्म पर नहीं होगी

BSE के एमडी और सीईओ सुंदररमण ने सीएनबीसी-टीवी18 से बातचीत में कहा कि एनएसई ने इस बात की पुष्टि कर दी है कि ऑफर डॉक्युमेंट के साथ सेल्फ-ट्रेडिंग के लिए अडेन्डम (Addendum) इश्यू नहीं होगा। उन्होंने कहा कि 2017 में इजाजत लेने की कोशिशों के बावजूद बीएसई के शेयर को खुद के एक्सचेंज पर ट्रेडिंग की अनुमति नहीं मिली।

एनएसई के शेयर अपने प्लेटफॉर्म पर लिस्ट होते हैं तो बीएसई को नुकसान

पहले आई खबरों में कहा गया था कि बीएसई पर लिस्टिंग के बाद ‘permitted to trade’ कैटेगरी के जरिए एनएसई के शेयर की ट्रेडिंग उसके खुद के प्लेटफॉर्म पर हो सकती है। पीएल कैपिटल ने इस बारे में एक रिपोर्ट में कहा है कि अगर एनएसई के शेयर में उसके खुद के एक्सचेंज पर ट्रेडिंग होती है तो इसका असर FY27 में बीएसई के अर्निंग्स पर पड़ सकता है।

एक्सचेंज के शेयर को अपने प्लेटफॉर्म पर लिस्ट होने की इजाजत नहीं

बीएसई के एमडी ने कहा कि नियम के तहत किसी स्टॉक एक्सचेंज के शेयर को अपने ही प्लेटफॉर्म पर लिस्ट होने की इजाजत नहीं है। क्लोजिंग ऑक्श सेशन के बारे में उन्होंने कहा कि इसकी वजह से इंडेक्स ऑप्शन वॉल्यूम घटा है। उन्होंने कहा कि CAS सिस्टम के लिए लिक्विडिटी बहुत जरूरी है। लिक्विडिटी कम होने से पार्टिसिपेशन घटा है। इंडेक्स वॉल्यूम नीचे आ गया है।

CAS पर डीलर्स की फीडबैक ले रहा है एक्सचेंज

उन्होंने कहा, “हम CAS पर डीलर मीटिंग्स कर रहे हैं। डीलर्स का एक फीडबैक यह था कि F&O एक्सपायरी को CAS से अलग कर दिया जाए। दूसरा फीडबैक यह था कि CAS को धीरे-धीरे लागू किया जाए। एक फीडबैक यह था कि ऑर्डर मॉडिफेशन की इजाजत नहीं होनी चाहिए। हम सभी डीलर्स के फीडबैक पर विचार कर रहे हैं। फिर इसे हम रेगुलेटर्स को सब्मिट करेंगे।”

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3 अगस्त को हुई थी CAS की शुरुआत 

CAS यानी क्लोजिंग ऑक्शन सेशन की शुरुआत 3 अगस्त को हुई थी। इसमें कारोबार के अंत में एक संक्षिप्त ऑक्शन होता है, जिसमें बाय और सेल ऑर्डर्स मैच कराए जाते हैं। फिर, उसके आधार पर शेयर का क्लोजिंग प्राइस तय होता है। यह व्यवस्था कुछ एशियाई देशों में शामिल हैं। इनमें चीन, ताइवान, हांगकांगक और दक्षिण कोरिया शामिल हैं।

Janmashtami Laddu Gopal Puja Vidhi: इस जन्माष्टमी पर कैसे करें लड्डू गोपाल की पूजा और श्रृंगार? जानें कल पूजा की संपूर्ण विधि

Janmashtami Laddu Gopal Puja Vidhi: भगवान विष्णु के सभी अवतारों में कृष्णावतार सबसे लोकप्रिय और मोहक माना जाता है। यही वजह है कि भगवान के इस अवतार के जन्मोत्सव का पर्व भी अत्यंत उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान विष्णु ने भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को श्रीकृष्ण ने देवकी और वासुदेव के आठवें पुत्र के रूप में जन्म लिया था। माना जाता है कि श्रीकृष्ण का जन्म मध्यरात्रि को रोहिणी नक्षत्र में हुआ था। इसलिए भगवान के भक्त हर साल भाद्रपद कृष्ण अष्टमी तिथि को मध्यरात्रि में श्रीकृष्ण के जन्म का उत्सव मनाते हैं। इस साल जन्माष्टमी का पर्व कल यानी 4 सितंबर को मनाया जाएगा। इस दिन भगवान कृष्ण के बाल रूप लड्डू गोपाल का श्रृंगार किया जाता है और निशिता काल में विशेष पूजा की जाती है। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर निशिता काल में लड्डू गोपाल के जन्म, अभिषेक और श्रृंगार की प्रामाणिक पूजा विधि निम्न प्रकार है:

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की तैयारी

पूजा स्थान : चौकी पर लाल या पीला कपड़ा बिछाएं और उस पर फूलों व मोर पंख से झूला या आसन सजाएं।

सामग्री : पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद, गंगाजल), खीरा (डंठल व पत्ती वाला), नए वस्त्र, आभूषण, चंदन, अक्षत, तुलसी दल, माखन-मिश्री, धनिया पंजीरी और आरती की थाली तैयार रखें।

जन्मोत्सव और खीरा चीरने की विधि

  • मध्यरात्रि में खीरे के ऊपरी हिस्से को सिक्के या चाकू से काटकर बाल गोपाल का ‘नाल छेदन’ (जन्म का प्रतीक) करें।
  • ‘नंद के आनंद भयो जय कन्हैया लाल की’ के जयकारों के साथ शंख और घंटी बजाकर कान्हा के प्राकट्य का स्वागत करें।

पंचामृत और शुद्ध जल से अभिषेक

  • लड्डू गोपाल को एक बड़े पात्र (परात) में विराजमान करें।
  • सबसे पहले गंगाजल अर्पित करें, फिर क्रम से दूध, दही, शुद्ध देसी घी, शहद और शक्कर (या पंचामृत मिश्रण) से “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप करते हुए स्नान कराएं।
  • अंत में हल्के गुनगुने या साफ जल से इत्र मिलाकर अच्छी तरह स्नान कराएं और साफ तौलिए से पोंछें।

इस तरह करें लड्डू गोपाल का श्रृंगार

  • कान्हा को नए सुंदर पीले या रंगीन वस्त्र (पीतांबर) पहनाएं।
  • माथे पर चंदन और रोली का तिलक लगाएं तथा अक्षत (चावल) चढ़ाएं।
  • मुकुट, वैजयंती माला, बाजूबंद, कड़े, कुंडल और कमरधनी पहनाएं।
  • उनके हाथ में बांसुरी सजाएं और मुकुट में मोर पंख अवश्य लगाएं।

भोग और आरती

  • कान्हा को प्रिय माखन-मिश्री, धनिया पंजीरी, ऋतु फल और मिठाइयों का भोग लगाएं।
  • प्रत्येक भोग सामग्री में तुलसी दल (तुलसी का पत्ता) जरूर रखें, क्योंकि इसके बिना भगवान भोग स्वीकार नहीं करते।
  • कपूर और घी का दीपक जलाकर बाल गोपाल की आरती गाएं।
  • पूजा और आरती के बाद लड्डू गोपाल को प्रेमपूर्वक सजाए गए झूले पर विराजमान करें।
  • भक्ति भाव से उन्हें झूला झुलाएं, क्षमा प्रार्थना करें और परिवार के सुख-समृद्धि की कामना करते हुए सभी में प्रसाद बांटें।

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अमेरिका में $1 के सिक्के पर ट्रम्प की तस्वीर:250वीं वर्षगांठ पर जारी हुआ, बिक्री शुरू होने के कुछ घंटे बाद आउट ऑफ स्टॉक

अमेरिका ने अपनी 250वीं वर्षगांठ के मौके पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की तस्वीर वाला $1 का खास सिक्का जारी किया है। अमेरिकी मिंट ने बुधवार दोपहर 12 बजे इसकी बिक्री शुरू की। बिक्री शुरू होने के कुछ घंटे बाद ही सिक्का आउट ऑफ स्टॉक हो गया। दोपहर करीब 3 बजे अमेरिकी मिंट की वेबसाइट पर 25 सिक्कों का रोल उपलब्ध नहीं था। वहीं, 100 सिक्कों का बैग भी आउट ऑफ स्टॉक दिख रहा था। सिक्के के एक तरफ ट्रम्प की तस्वीर है। इसके साथ ‘IN GOD WE TRUST’ और ‘LIBERTY’ लिखा है। दूसरी तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति की मुहर और अमेरिका की 250वीं वर्षगांठ के लिए ‘250’ लिखा गया है। 25 सिक्कों के रोल की कीमत 61 डॉलर अमेरिकी मिंट के मुताबिक, 25 सिक्कों के रोल की कीमत 61 डॉलर और 100 सिक्कों के बैग की कीमत 154.50 डॉलर है। बिक्री शुरू होने के करीब आधे घंटे बाद ही वेबसाइट पर लोगों को वेटिंग एरिया में भेजा जाने लगा। वहां करीब 1 घंटे का वेटिंग टाइम बताया गया। गुरुवार दोपहर 2 बजे तक एक परिवार अधिकतम 2 खरीदारी कर सकता था। अमेरिकी मिंट ने बताया कि 2.5 लाख सिक्कों को खास ‘4 जुलाई’ निशान के साथ रैंडम तरीके से रोल और बैग में रखा गया है। ये सिक्के 4 जुलाई को बनाए गए थे। अमेरिका में इसी दिन स्वतंत्रता दिवस मनाया जाता है। 1926 के बाद पहली बार जीवित राष्ट्रपति की तस्वीर अमेरिकी मिंट के मुताबिक, इससे पहले किसी जीवित राष्ट्रपति की तस्वीर 1926 में सिक्के पर दिखाई गई थी। उस समय राष्ट्रपति कैल्विन कूलिज की तस्वीर अमेरिका की स्वतंत्रता की घोषणा पर हस्ताक्षर की 150वीं वर्षगांठ के मौके पर जारी आधे डॉलर के सिक्के पर लगाई गई थी। अमेरिकी कानून के तहत किसी जीवित राष्ट्रपति या जीवित पूर्व राष्ट्रपति की तस्वीर सिक्के पर लगाना प्रतिबंधित है। हालांकि, अमेरिका की 250वीं वर्षगांठ के लिए कांग्रेस नेसर्कुलेटिंग कलेक्टिबल कॉइन रीडिजाइन एक्ट पास किया। इसके तहत ट्रेजरी को इस अवसर पर खास $1 के सिक्के जारी करने की अनुमति मिली। कानून में यह भी कहा गया है कि सिक्के के पीछे वाले हिस्से पर किसी जीवित व्यक्ति का पोर्ट्रेट नहीं हो सकता। ट्रम्प की तस्वीर सिक्के के आगे वाले हिस्से पर है, इसलिए इसे कानून के मुताबिक माना गया है। —————————– ये खबर भी पढ़ें… नीदरलैंड्स ने अमेरिका-कनाडा से 86 टन सोना हटाकर लंदन भेजा:बैंक ऑफ इंग्लैड में रखा, कहा- संकट आने पर यहां आसानी से बेच सकेंगे नीदरलैंड्स ने अमेरिका और कनाडा में रखा अपना 86 टन सोना निकालकर लंदन भेज दिया है। डच सेंट्रल बैंक (DNB) के मुताबिक, यह ट्रांसफर मार्च से अगस्त के बीच कई महीनों में किया गया। अब यह सोना बैंक ऑफ इंग्लैंड में रखा गया है। पूरी खबर यहां पढ़ें…

खजराना मंदिर के गर्भगृह से छेड़छाड़ या वास्‍तु दोष, इंदौर में बारिश के लिए कई टोटके

खजराना मंदिर के गर्भगृह से छेड़छाड़ या वास्‍तु दोष, इंदौर में बारिश के लिए कई टोटके

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इंदौर में मानसून की बेरुखी ने शहरवासियों और प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। बारिश न होने के कारणों को लेकर अब आस्था, परंपरा और वास्तुशास्त्र के गलियारों में तरह-तरह के दावे और उपाय किए जा रहे हैं। इंदौर में इस साल बारिश नहीं होने से हर कोई परेशान है। इंदौर समेत कई सीमावर्ती जिलों में मानसूनी सीजन का महीना अगस्‍त बीतने के बाद भी अब तक कहीं बारिश नजर नहीं आ रही है। बारिश के दिनों में पानी के टैंकर संचालित हो रहे हैं। ऐसे में हर कोई अपने अपने इष्‍ट से शहर में बारिश के लिए प्रार्थना कर रहा है।

बता दें कि शहर में करीब 18 इंच बारिश दर्ज हो चुकी है, इसके बावजूद भू-जल स्तर (Groundwater Level) में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है। आलम यह है कि जो निजी टैंकर अमूल्य रूप से सिर्फ गर्मियों में संकट से निपटने के लिए चलाए जाते थे, वे इस बार अगस्त का महीना बीतने को होने के बावजूद शहर में पानी की सप्लाई में जुटे हुए हैं।

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धर्म और दर्शन के जानकार व ज्‍योतिषाचार्य अनिरुद्ध जोशी ने वेबदुनिया को बताया कि मेदिनी ज्योतिष के अनुसार वर्ष 2026 में ज्योतिषीय गणना के अनुसार पूरे भारत में बारिश का “खण्ड-वृष्टि” का योग रहा है। अर्थात कहीं बहुत ज्यादा तो कहीं बहुत कम वर्षा के योग की भविष्यवाणी थी। यदि हम मेदिनी ज्योतिष के अनुसार इंदौर में बारिश की बात करें तो अगस्त महीने में मंगल ग्रह के मिथुन राशि में रहने और सूर्य-केतु-बुध की युति के प्रभाव से बारिश में कुछ रुकावटें या खंड-वृष्टि देखने को मिलने के योग थे। हालांकि मानसून का पुनरागमन सितंबर मध्य के बाद जब मंगल ग्रह जल तत्त्व की कर्क राशि में प्रवेश करेगा और वहां पहले से मौजूद उच्च के गुरु से मिलेगा, तब मौसम में अचानक बड़ा बदलाव आएगा।

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इस्‍कॉन में होगी बारिश की प्रार्थना : 4 सितंबर को भव्य एवं आध्यात्मिक श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। महामन दास, अध्यक्ष, इस्कॉन इंदौर ने बताया कि श्री श्री राधा गोविंद मंदिर, हरे कृष्ण विहार, निपानिया में जन्माष्टमी के अवसर पर दिनभर धार्मिक अनुष्ठान, विशेष श्रीकृष्ण कथा, दर्शन, अभिषेक, भजन-संकीर्तन एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस दौरान इंदौर में अच्‍छी बारिश के लिए प्रार्थना भी की जाएगी।
 
बारिश के लिए ताई भी गईं थीं मंदिर : इंदौर में बारिश नहीं होने के कारण भगवान इंद्र को याद करते हुए उनके पंडरीनानाथ स्थित प्राचीन मंदिर में पूजा का विधान है। इसी परंपरा के चलते जब भी इंदौर में बारिश नहीं होती है तो शहर के लोग भगवान इंद्रदेव की कृपा के लिए मंदिर में पूजा के लिए पहुंचते हैं। इसी मान्यता के चलते बीते शनिवार को इंदौर की पूर्व सांसद एवं लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन मंदिर में जाकर पूजा की थी। लेकिन शनिवार के बाद भी इंदौर में कोई बारिश नहीं हुई है।
 
बारिश के लिए निकाली थी अंतिम यात्रा : इंदौर जिले की महू तहसील के ग्राम गवली पलासिया में अच्छी बारिश की कामना को लेकर ‘जिंदा व्यक्ति की शव यात्रा’ निकाली गई। ग्रामीणों का मानना है कि इस अनूठे टोटके से रूठे हुए मेघराज प्रसन्न होते हैं और क्षेत्र में अच्छी बारिश होती है। इस दौरान एक जिंदा शख्‍स अर्थी पर लेटा और ढोल-धमाकों के साथ उसकी अंतिम यात्रा निकाली गई। गांव में फसलों को पानी न मिलने से परेशान किसानों और ग्रामीणों ने एकजुट होकर इस प्रतीकात्मक यात्रा का आयोजन किया। यात्रा के दौरान एक जीवित व्यक्ति को बांस की अर्थी पर लिटाया गया और उसे कफन की तरह कपड़े से ढंका गया। इसके बाद ढोल-धमाकों और धार्मिक भजनों के साथ गांव की मुख्य गलियों और चौराहों से यह ‘जिंदा शव यात्रा’ निकाली गई। गांव के लोग पीछे-पीछे चलते हुए भगवान से जल्द से जल्द मूसलाधार बारिश कराने की प्रार्थना कर रहे थे। गवली पलासिया के ग्रामीणों का कहना है कि यह परंपरा नई नहीं है, बल्कि जब भी खेतों में पानी की सख्त जरूरत होती है और बारिश रुक जाती है, तो पूर्वजों के जमाने से चला आ रहा यह टोटका अपनाया जाता है। मान्यता है कि इस तरह की सांकेतिक शव यात्रा निकालने से प्राकृतिक बाधाएं दूर होती हैं और इंद्रदेव की कृपा बरसती है।
 
गर्भगृह से छेड़छाड़ या वास्‍तु दोष है वजह : दरअसल, करीब 10 साल के बाद पहली बार ऐसा हुआ है जब इंदौर सूखे की ओर बढ रहा है। आसमान में बादल छाए हुए हैं। लेकिन बारिश नहीं हो रही है। चर्चा है कि किसी धार्मिक अनिष्ट की वजह से ऐसा हो रहा है। चर्चा यह भी है कि खजराना मंदिर के गर्भ गृह से छेड़छाड़ करने के कारण ऐसा हो रहा है। क्योंकि मंदिर के मुख्य द्वार की छेड़ करने से परिसर का वास्तु बिगड़ गया है और बारिश नहीं होने का यह एक महत्वपूर्ण कारण बताया जा रहा है। वहीं कुछ लोग इंदौर का वास्‍तु दोष को भी दोषी मान रहे हैं।
 
गर्मियों में संकट लेगा विकराल रूप: अगर अगस्त में भी टैंकरों की आवश्यकता पड़ रही है, तो अंदाजा लगाया जा सकता है कि आगामी गर्मी के मौसम में जल संकट कितना भीषण हो सकता है, इसका अनुमान आसानी से लगाया जा सकता है। बता दें कि पिछले साल भी इंदौर में पानी का संकट गहराया था और निगम को कई टैंकर चलाने पडे थे।
 
इंदौर में सिर्फ 18 इंच बारिश : बता दें कि शहर में करीब 18 इंच बारिश दर्ज हो चुकी है, इसके बावजूद भू-जल स्तर (Groundwater Level) में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है। आलम यह है कि जो निजी टैंकर अमूल्य रूप से सिर्फ गर्मियों में संकट से निपटने के लिए चलाए जाते थे, वे इस बार अगस्त का महीना बीतने को होने के बावजूद शहर में पानी की सप्लाई में जुटे हुए हैं।

‘हनुमान अंश’ देखकर भावुक हुए वीरेंद्र सहवाग, बोले- महाराज जी की कृपा को महसूस करना ही अपने आप में खास है [VIDEO]

महान संत बाबा नीम करौली के जीवन से प्रेरित फिल्म ‘हनुमान अंश’ इन दिनों लगातार चर्चा में है। करीब 2 करोड़ रुपये के बजट में बनी इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर 60 करोड़ रुपये की कमाई का आंकड़ा पार कर लिया है। शुरुआत में फिल्म को भले ही धीमी प्रतिक्रिया मिली हो, लेकिन सोशल मीडिया पर दर्शकों की तारीफ के बाद इसकी लोकप्रियता तेजी से बढ़ी।

 

अब भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व विस्फोटक बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग ने भी फिल्म देखने के बाद अपनी प्रतिक्रिया साझा की है। सहवाग ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट कर फिल्म की तारीफ की और बताया कि बाबा नीम करौली के प्रति उनकी आस्था करीब एक दशक पुरानी है।

 

करीब 10 साल से बाबा नीम करौली से जुड़ा है सहवाग का जुड़ाव

 

सहवाग ने अपने वीडियो की शुरुआत ‘सीता-राम’ के अभिवादन से की। उन्होंने बताया कि करीब 10 साल पहले एक दोस्त के जरिए उन्हें बाबा नीम करौली और उनकी लीलाओं के बारे में जानने का मौका मिला था। इसके बाद उन्होंने बाबा के बारे में पढ़ना और उनके बारे में सुनना शुरू किया।

 

सहवाग के मुताबिक, समय के साथ उनके मन में बाबा के प्रति गहरी श्रद्धा और आकर्षण पैदा हुआ। उन्होंने बाबा के व्यक्तित्व, उनकी करुणा और भक्तों के जीवन में आए बदलावों का जिक्र करते हुए कहा कि उनकी कृपा का प्रभाव आज भी लोगों के अनुभवों में देखने को मिलता है।



 

 ‘हनुमान अंश’ को बताया बाबा नीम करौली को खूबसूरत श्रद्धांजलि

 

फिल्म देखने के अपने अनुभव को साझा करते हुए सहवाग ने कहा कि बाबा नीम करौली जैसे संत के पूरे व्यक्तित्व और उनके प्रभाव को किसी एक फिल्म में समेटना आसान नहीं है। हालांकि, उन्हें लगा कि ‘हनुमान अंश’ ने बाबा के जीवन और उनकी आध्यात्मिक यात्रा को खूबसूरती से पर्दे पर पेश करने की कोशिश की है।

 

उन्होंने फिल्म को बाबा नीम करौली के लिए एक सुंदर श्रद्धांजलि बताया। सहवाग का कहना था कि फिल्म के जरिए दर्शकों को बाबा के व्यक्तित्व और उनके प्रभाव की एक झलक जरूर मिलती है।

 

उन्होंने लोगों से फिल्म देखने की अपील करते हुए कहा कि अगर कोई बाबा नीम करौली को जानता है और उनके जीवन से जुड़ा रहा है, तो उसे यह फिल्म जरूर देखनी चाहिए।

 

 फिल्म का सांप वाला सीन सहवाग के दिल को छू गया

 

सहवाग ने फिल्म के उस दृश्य का भी खास तौर पर जिक्र किया, जिसने उन्हें सबसे ज्यादा प्रभावित किया। इस सीन में बाबा नीम करौली के शरीर पर सांप लिपटे हुए दिखाई देते हैं।

 

इस दौरान फिल्म में बाबा के संवाद को भी सहवाग ने याद किया। उन्होंने बताया कि जब एक भक्त उन्हें शिव का स्वरूप बताता है, तो बाबा की ओर से बेहद गहरी बात कही जाती है। सहवाग के मुताबिक, इस पूरे प्रसंग ने उन्हें भावुक कर दिया और फिल्म का यह हिस्सा उनके मन में बस गया।

 

सहवाग ने कहा कि बाबा नीम करौली को पूरी तरह समझ पाना शायद संभव नहीं है, लेकिन उनकी कृपा और प्रभाव को महसूस किया जा सकता है।

 

सोशल मीडिया पर लिखा- ‘महाराज जी की लीला बहुत निराली है’

 

फिल्म देखने के बाद सहवाग ने सोशल मीडिया पोस्ट में भी अपनी भावनाएं जाहिर कीं। उन्होंने लिखा कि महाराज जी की लीला को समझना शायद संभव नहीं, लेकिन उनकी कृपा को महसूस जरूर किया जा सकता है।

 

उन्होंने ‘हनुमान अंश’ को एक महान संत की अद्भुत यात्रा से जुड़ी फिल्म बताते हुए लोगों से इसे देखने की अपील की। सहवाग की इस प्रतिक्रिया के बाद फिल्म को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा और तेज हो गई है।

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 अब विराट कोहली तक पहुंचाना चाहते हैं फिल्म

 

सहवाग की प्रतिक्रिया ने फिल्म के निर्माताओं के लिए इसे और खास बना दिया है। निर्माता ने बताया कि वह खुद सहवाग के बड़े प्रशंसक रहे हैं और क्रिकेट से सहवाग की विदाई के बाद उन्होंने क्रिकेट देखना तक छोड़ दिया था।

 

ऐसे में सहवाग का अपनी इच्छा से फिल्म देखना और फिर सार्वजनिक रूप से उसकी तारीफ करना उनके लिए बेहद भावुक पल बन गया। अब निर्माता की इच्छा है कि भारतीय क्रिकेट के एक और बड़े स्टार विराट कोहली भी ‘हनुमान अंश’ देखें।

 

विराट कोहली और अनुष्का शर्मा की बाबा नीम करौली के प्रति आस्था भी कई बार चर्चा में रही है। ऐसे में निर्माता दोनों को फिल्म दिखाना चाहते हैं। सहवाग के रिएक्शन के बाद उनकी यह इच्छा और भी खास हो गई है।