
Muhurat Trading 2026 Details & History: भारत में दिवाली केवल दीपों और खुशियों का पर्व नहीं है, बल्कि शेयर बाजार के निवेशकों और व्यापारियों के लिए एक बेहद शुभ अवसर भी है। हर साल दिवाली के दिन भारतीय शेयर बाजार (BSE और NSE) नियमित कारोबार के लिए बंद रहते हैं, लेकिन शाम को एक विशेष ‘मुहूर्त ट्रेडिंग’ सत्र का आयोजन किया जाता है। हिंदू मान्यताओं और परंपराओं के अनुसार, इस शुभ समय में किया गया निवेश साल भर समृद्धि और धन-लाभ लेकर आता है।
मुहूर्त ट्रेडिंग 2026: जानिए तारीख और समय
इस साल दिवाली के अवसर पर मुहूर्त ट्रेडिंग का विशेष सत्र रविवार, 8 नवंबर 2026 को आयोजित किया जाएगा।
मुख्य ट्रेडिंग सत्र: दोपहर 2:20 बजे से अपराह्न 3:30 बजे तक (कुल 1 घंटा)
प्री-ओपनिंग सेशन: दोपहर 2:05 बजे से दोपहर 2:20 बजे तक
इस एक घंटे के विशेष ट्रेडिंग विंडो में निवेशक इक्विटी, कमोडिटी, करेंसी और डेरिमेंटिव्स में नए ट्रेड और निवेश की शुरुआत करते हैं।
कब और कैसे हुई मुहूर्त ट्रेडिंग की शुरुआत?
भारतीय शेयर बाजार में मुहूर्त ट्रेडिंग की परंपरा दशकों पुरानी है:
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE): बीएसई में मुहूर्त ट्रेडिंग की शुरुआत साल 1957 में हुई थी।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE): एनएसई ने इस परंपरा को साल 1992 से अपनाना शुरू किया।
डिजिटल ट्रेडिंग और डीमैट खातों से पहले के दौर में व्यापारी और ब्रोकर्स इस दिन पारंपरिक पोशाक पहनकर दलाल स्ट्रीट स्थित बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज के ट्रेडिंग रिंग में शारीरिक रूप से इकट्ठा होते थे और सौदे दर्ज करते थे।
सांस्कृतिक जड़ें: चोपड़ा पूजन से जुड़ा है इतिहास
मुहूर्त ट्रेडिंग की जड़ें मुख्य रूप से गुजराती और मारवाड़ी व्यापारी समुदायों की पुरानी व्यावसायिक परंपराओं से जुड़ी हैं। दिवाली के दिन व्यापारी अपने पुराने बही-खातों को बंद करके नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत करते थे और ‘चोपड़ा पूजन’ का अनुष्ठान करते थे। इस पूजा में धन और समृद्धि की देवी मां लक्ष्मी और भगवान गणेश का आशीर्वाद लिया जाता था।
शेयर बाजार में मुहूर्त ट्रेडिंग इसी पारंपरिक अनुष्ठान का एक आधुनिक और डिजिटल रूप बनकर उभरी है, जिसे निवेशक नए संवत की शुभ शुरुआत मानते हैं।
निवेशकों के लिए जरूरी सलाह: सावधानी है जरूरी
चूंकि यह विशेष ट्रेडिंग सत्र केवल एक घंटे के लिए होता है, इसलिए बाजार में कम समय के भीतर काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। वैसे आपको बता दें कि मुहूर्त ट्रेडिंग में केवल शुभ मुहूर्त में निवेश की परंपरा है। यह किसी भी तरह से मुनाफे की गारंटी नहीं देती। इसलिए, निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी तरह के भावुक या जल्दबाजी में लिए गए फैसलों से बचें और मजबूत फंडामेंटल वाले शेयरों में ही सोच-समझकर निवेश करें।

आम आदमी पार्टी (AAP) ने दावा किया कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को दिल्ली एयरपोर्ट पर तीन घंटे रोका गया। AAP के मुताबिक, पेरिस से लौटने के बाद अधिकारियों ने मान का 50 हजार रुपए का चालान भी काटा। अधिकारियों ने इसके पीछे ऊपर से बहुत दबाव होने की बात कही।
आम आदमी पार्टी पंजाब के मीडिया प्रभारी बलतेज पन्नू ने कहा है कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को पेरिस से लौटने पर दिल्ली एयरपोर्ट पर जान-बूझकर तीन घंटे रोका गया और उसके बाद 50,000 रुपये का चालान भी काट दिया गया। उन्होंने यह नहीं बताया कि यह जुर्माना क्यों लगाया गया है लेकिन आरोप लगाया है कि एयरपोर्ट के अधिकारियों ने ऊपर से भारी दबाव होने का हवाला दिया है।
आप नेता ने लगाए गंभीर आरोप
उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार हर स्तर पर पंजाब के साथ धक्केशाही करती है। पहले दिल्ली की सीमाओं पर डेढ़ साल तक किसानों को जबरन बैठाकर रखा गया और फिर पंजाब के हक के फंड जारी नहीं किए गए। पन्नू ने कहा कि अब तक कम से कम चार बार सीएम मान को विदेश यात्रा की इजाजत इसलिए नहीं दी गई क्योंकि भाजपा सरकार को डर है कि अगर मुख्यमंत्री विदेश गए तो वहां से निवेश और फंड लाकर पंजाब को तरक्की की राह पर ले जाएंगे।
कोर्ट की इजाजत पर गए थे फ्रांस
पन्नू ने बताया कि जब मुख्यमंत्री ने पंजाब-हरियाणा उच्च न्यायालय के आदेशों के अनुसार पेरिस (फ्रांस) की यात्रा की, जहां वे विश्व के दूसरे सबसे बड़े फूड फेस्टिवल में पंजाब के मशहूर राजमा और सफेद चने जैसे उत्पाद लॉन्च करने गए। इस यात्रा को केंद्र ने पहले मंजूरी नहीं दी थी। बाद में कोर्ट ने उन्हें फ्रांस यात्रा की इजाजत दी थी। केंद्र की उदासीनता का अंदाजा यहीं से लगाया जा सकता है कि महावाणिज्य दूत तक मुख्यमंत्री से मिलने नहीं आए।
3 घंटे तक एयरपोर्ट पर कराया इंतजार
पन्नू ने कहा कि जब सीएम मान दिल्ली एयरपोर्ट पर पहुंचे तो उन्हें जान-बूझकर इंतजार कराया गया। यह बोला गया कि आपका सामान अभी आ रहा है। पन्नू ने आरोप लगाया कि तीन घंटे के बाद जब सीएम मान को जाने दिया गया और सामान गाड़ी में रखकर वह जाने लगे तो उसी समय अधिकारी पीछे दौड़कर आए और 50,000 रुपये का चालान काट दिया गया।

आम आदमी पार्टी (AAP) ने दावा किया कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को दिल्ली एयरपोर्ट पर तीन घंटे रोका गया। AAP के मुताबिक, पेरिस से लौटने के बाद अधिकारियों ने मान का 50 हजार रुपए का चालान भी काटा। अधिकारियों ने इसके पीछे ऊपर से बहुत दबाव होने की बात कही।
आम आदमी पार्टी पंजाब के मीडिया प्रभारी बलतेज पन्नू ने कहा है कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को पेरिस से लौटने पर दिल्ली एयरपोर्ट पर जान-बूझकर तीन घंटे रोका गया और उसके बाद 50,000 रुपये का चालान भी काट दिया गया। उन्होंने यह नहीं बताया कि यह जुर्माना क्यों लगाया गया है लेकिन आरोप लगाया है कि एयरपोर्ट के अधिकारियों ने ऊपर से भारी दबाव होने का हवाला दिया है।
आप नेता ने लगाए गंभीर आरोप
उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार हर स्तर पर पंजाब के साथ धक्केशाही करती है। पहले दिल्ली की सीमाओं पर डेढ़ साल तक किसानों को जबरन बैठाकर रखा गया और फिर पंजाब के हक के फंड जारी नहीं किए गए। पन्नू ने कहा कि अब तक कम से कम चार बार सीएम मान को विदेश यात्रा की इजाजत इसलिए नहीं दी गई क्योंकि भाजपा सरकार को डर है कि अगर मुख्यमंत्री विदेश गए तो वहां से निवेश और फंड लाकर पंजाब को तरक्की की राह पर ले जाएंगे।
कोर्ट की इजाजत पर गए थे फ्रांस
पन्नू ने बताया कि जब मुख्यमंत्री ने पंजाब-हरियाणा उच्च न्यायालय के आदेशों के अनुसार पेरिस (फ्रांस) की यात्रा की, जहां वे विश्व के दूसरे सबसे बड़े फूड फेस्टिवल में पंजाब के मशहूर राजमा और सफेद चने जैसे उत्पाद लॉन्च करने गए। इस यात्रा को केंद्र ने पहले मंजूरी नहीं दी थी। बाद में कोर्ट ने उन्हें फ्रांस यात्रा की इजाजत दी थी। केंद्र की उदासीनता का अंदाजा यहीं से लगाया जा सकता है कि महावाणिज्य दूत तक मुख्यमंत्री से मिलने नहीं आए।
3 घंटे तक एयरपोर्ट पर कराया इंतजार
पन्नू ने कहा कि जब सीएम मान दिल्ली एयरपोर्ट पर पहुंचे तो उन्हें जान-बूझकर इंतजार कराया गया। यह बोला गया कि आपका सामान अभी आ रहा है। पन्नू ने आरोप लगाया कि तीन घंटे के बाद जब सीएम मान को जाने दिया गया और सामान गाड़ी में रखकर वह जाने लगे तो उसी समय अधिकारी पीछे दौड़कर आए और 50,000 रुपये का चालान काट दिया गया।
केन्या में धर्म के नाम पर बच्चों को भूखा रखकर मारने के मामले में धर्मगुरु पॉल मैकेंजी और उसके करीब 30 साथियों को दोषी ठहराया गया है। रॉयटर्स को मुताबिक, मैकेंजी ने लोगों से कहा था कि दुनिया खत्म होने से पहले भूखे रहने पर वे स्वर्ग पहुंच जाएंगे। इस मामले में 190 बच्चों और एक वयस्क की मौत हुई। अब सजा 6 नवंबर को सुनाई जाएगी। मैकेंजी जिस शाकाहोला जंगल में रहता था, पुलिस को वहां सामूहिक कब्रों की जानकारी मिली। इसके बाद शव निकालने का काम शुरू हुआ। अब तक यहां 400 से ज्यादा शव मिल चुके हैं। सोमवार को अदालत ने 191 मौतों के मामले में फैसला सुनाया, जबकि बाकी मौतों की जांच अभी जारी है। ईसाई धर्म के नाम पर अलग ग्रुप चला रहा था मैकेंजी सरकारी वकीलों के मुताबिक, मैकेंजी गुड न्यूज इंटरनेशनल चर्च के जरिए ईसाई धर्म के नाम पर एक ऐसा ग्रुप चला रहा था, जो दुनिया के खत्म होने की बात करता था। रॉयटर्स के मुताबिक, उसने लोगों को भूखा रखकर मारने की योजना तीन चरणों में बनाई थी। इस मामले में मैकेंजी ने हत्या के आरोपों से इनकार किया। उसने कहा कि उसने किसी को भूखा रहने के लिए मजबूर नहीं किया। हालांकि, अदालत ने उसकी दलील नहीं मानी। हिरासत में होते हुए 52 लोगों की मौत का निर्देश दिया इस मामले का पता मार्च 2023 में चलना शुरू हुआ। उस समय एक स्थानीय व्यक्ति ने पुलिस को बताया कि उसके भाई और भाभी ने मैकेंजी के आदेश पर जंगल में अपने बच्चों को भूखा रखकर मार दिया था। इसके बाद मैकेंजी को गिरफ्तार किया गया लेकिन जमानत पर रिहा कर दिया गया। उसके रिश्तेदारों का कहना है कि रिहाई के बाद उसने दुनिया खत्म होने की जो तारीख बताई थी उसे और करीब कर दिया। अप्रैल 2023 में पुलिस ने उसे दोबारा गिरफ्तार किया। इसके बाद अधिकारियों ने जंगल की ज्यादा व्यवस्थित तरीके से तलाशी शुरू की और सामूहिक कब्रों से शव निकालने लगे। जंगल में हुई मौतों को लेकर मैकेंजी पर दूसरे मामले भी चल रहे हैं। इनमें आतंकवाद से जुड़े आरोप भी शामिल हैं, जिनसे उसने इनकार किया है। सरकारी वकीलों का आरोप है कि हिरासत में रहने के दौरान भी मैकेंजी ने जंगल से करीब 30 किलोमीटर दूर एक गांव में 52 लोगों की मौत का निर्देश दिया था। इस मामले में भी मैकेंजी ने खुद को निर्दोष बताया है। कुछ बच्चों को माता-पिता के सामने खाना नहीं दिया जज डायना कावेद्जा मोचाचे ने आठ घंटे से ज्यादा चली सुनवाई में बताया कि कुछ मामलों में बच्चों को उनके परिवारों से अलग कर दिया गया था। उन्हें खाना नहीं दिया गया, जबकि उनके माता-पिता यह सब देखते रहे। मैकेंजी फैसले के समय अदालत में मौजूद था। उसकी पत्नी भी उसके साथ बैठी थी। वह भी इस मामले में आरोपी है। 62 साल के फ्रांसिस वांजे ने इस घटना में अपने परिवार के आठ सदस्यों को खो दिया। मरने वालों में उनके दो नाती-पोते भी शामिल थे। फैसले से पहले उन्होंने रॉयटर्स से कहा कि इस घटना के कारण उनका परिवार लंबे समय से मानसिक परेशानी झेल रहा है। वे इस दिन का इंतजार कर रहे थे। बच्चों को स्कूल और अस्पताल जाने से भी रोकता था मैकेंजी लोगों को अपने बच्चों को स्कूल भेजने से रोकता था। अगर कोई बीमार पड़ता, तो उसे अस्पताल जाने की भी इजाजत नहीं थी। मैकेंजी इन संस्थानों को शैतान से जुड़ा बताता था। उसके फॉलोअर्स प्लास्टिक की चादरों और सूखी घास से बनी अस्थायी झोपड़ियों में रहते थे। मैकेंजी ने जंगल में उनके रहने के इलाकों के नाम बाइबिल से जुड़े रखे थे। इनमें यरुशलम और यहूदिया जैसे नाम शामिल थे। मैकेंजी 2017 से पुलिस की नजर में था इस घटना ने केन्या में पुलिस और प्रशासन की भूमिका पर सवाल खड़े किए। मैकेंजी 2017 से अधिकारियों की नजर में था। उस साल पुलिस ने उसके ठिकाने की तलाशी ली थी। इसके बावजूद वह लंबे समय तक अपनी गतिविधियां चलाता रहा। पुलिस के मुताबिक, 2019 में अधिकारियों ने उसके चर्च को बंद करा दिया था। इसके बाद वह शाकाहोला जंगल में रहने चला गया। इस घटना के बाद केन्या में चर्च और दूसरे धार्मिक संगठनों पर सख्त निगरानी रखने की मांग उठी। देश में आम लोगों की जिंदगी में धर्म की अहम भूमिका है। ————————– यह खबर भी पढ़ें… नीदरलैंड के पहले गे PM जल्द पिता बनेंगे: सोशल मीडिया पर लिखा- 2027 में आएगा नया मेहमान; दो महिला दोस्तों ने की मदद नीदरलैंड के प्रधानमंत्री रॉब जेटेन 2027 में पिता बनेंगे। उन्होंने सोमवार को सोशल मीडिया पर इसकी घोषणा की। जेटेन के पार्टनर निकोलस कीनन अर्जेंटीना के हॉकी खिलाड़ी हैं। पूरी खबर पढ़ें…
Hanuman Ansh Box Office Collection: सिनेमाघरों में लंबे समय तक टिके रहना किसी भी फिल्म के लिए बड़ी बात होती है। निर्देशक विशाल चतुर्वेदी की फिल्म ‘हनुमान अंश’ ने रिलीज के 75वें दिन एक बार फिर कमाई में उछाल दर्ज किया है। Sacnilk के आंकड़ों के मुताबिक, 20 अक्टूबर को फिल्म ने सभी भाषाओं में 62 लाख रुपये का इंडिया नेट कलेक्शन किया। इसके साथ ही फिल्म का वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन 450.68 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।
75वें दिन फिल्म की कमाई में आया उछाल
‘हनुमान अंश’ ने मंगलवार को कुल 490 शो से कमाई की। इसमें हिंदी संस्करण का सबसे बड़ा योगदान रहा। हिंदी में फिल्म ने 483 शो के जरिए 61 लाख रुपये कमाए, जबकि तेलुगु संस्करण से एक लाख रुपये का कलेक्शन हुआ। सोमवार को फिल्म की कमाई 28 लाख रुपये रही थी। मंगलवार को यह बढ़कर 62 लाख रुपये हो गई। इस तरह एक दिन में कलेक्शन में करीब 121.4 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई। फिल्म की कुल इंडिया नेट कमाई अब 340.75 करोड़ रुपये हो चुकी है।
हिंदी वर्जन से मिल रहा सबसे ज्यादा योगदान
फिल्म का हिंदी संस्करण 7 अगस्त 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हुआ था, जबकि तेलुगु वर्जन 9 अक्टूबर को आया। मंगलवार को हिंदी संस्करण की ऑक्यूपेंसी 33 फीसदी और तेलुगु संस्करण की 34 फीसदी दर्ज की गई। फिल्म ने अपने 75वें दिन कुल 28,430 फुटफॉल्स दर्ज किए।
पहले हफ्तों में धीमी शुरुआत
फिल्म की कमाई शुरुआती हफ्तों में सीमित रही। पहले हफ्ते में 1.08 करोड़ रुपये और दूसरे हफ्ते में 40 लाख रुपये का कलेक्शन हुआ। तीसरे हफ्ते में कमाई बढ़कर 10.40 करोड़ रुपये पहुंच गई। इसके बाद फिल्म ने रफ्तार पकड़ी और पांचवें हफ्ते में 90.25 करोड़ रुपये कमाए। छठे हफ्ते में 80.25 करोड़ और चौथे हफ्ते में 61 करोड़ रुपये का कारोबार दर्ज किया गया।
हालांकि, सातवें हफ्ते के बाद कमाई में गिरावट आने लगी। आठवें हफ्ते में 29.20 करोड़, नौवें में 10.60 करोड़ और दसवें हफ्ते में 11 करोड़ रुपये का कलेक्शन हुआ।
दुनियाभर में 450 करोड़ के पार पहुंची कमाई
Sacnilk के मुताबिक, फिल्म का भारत में ग्रॉस कलेक्शन 402.08 करोड़ रुपये और विदेशों से ग्रॉस कलेक्शन 48.60 करोड़ रुपये है। दोनों को मिलाकर वर्ल्डवाइड कमाई 450.68 करोड़ रुपये हो गई है।
क्या है ‘हनुमान अंश’ की कहानी?
फिल्म की कहानी लक्ष्मी नारायण नाम के एक बच्चे की है, जो आजादी से पहले के भारत में अपनी मां को खोने के बाद भगवान की तलाश में घर छोड़ देता है। उत्तर भारत की यात्रा के दौरान उसकी जिंदगी बदलती है और वह आध्यात्मिक भक्ति तथा निस्वार्थ सेवा की राह पर आगे बढ़ता है। फिल्म में शोभिनव सत्या और चंदन आनंद मुख्य भूमिकाओं में हैं। यह नीम करोली बाबा के जीवन से प्रेरित प्रस्तावित ट्रिलॉजी की पहली फिल्म है।
Jio Platforms IPO : NSE प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड के IPO का ‘क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स’ (QIBs) वाला हिस्सा 28 मिनट के भीतर ही 1.95 गुना भर गया। नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NII) का हिस्सा 11 प्रतिशत बुक हुआ है। जबकि रिटेल हिस्से का 8 फीसदी हिस्सा भरा है। कुल मिलाकर,अब तक यह इश्यू 56 प्रतिशत सब्सक्राइब हो चुका है।
एंकर निवेशकों ने जम कर किया निवेश
19 अक्टूबर को जियो प्लेटफॉर्म्स ने 212 एंकर निवेशकों से 8,109.84 करोड़ रुपये जुटाए। इन निवेशकों में ब्लैकरॉक, कैपिटल ग्रुप, फिडेलिटी इन्वेस्टमेंट्स, टी. रो प्राइस, श्रोडर्स, जेपी मॉर्गन एसेट मैनेजमेंट, फ्रैंकलिन टेम्पलटन, इनवेस्को और प्रूडेंशियल शामिल हैं। जियो प्लेटफॉर्म्स के IPO के लिए एंकर निवेशकों की मांग लगभग 2.5 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गई, जिससे यह इतनी बड़ी बोली हासिल करने वाला पहला भारतीय IPO बन गया।
इश्यू सब्सक्राइब करने से पहले इन 10 बातों पर रहे नजर
1) जियो प्लेटफॉर्म्स IPO की तारीख
यह IPO आज पब्लिक सब्सक्रिप्शन के लिए खुल गया है। सब्सक्रिप्शन 23 अक्टूबर को बंद होगा।
2) प्राइस बैंड
जियो प्लेटफॉर्म्स IPO का प्राइस बैंड 1,065 रुपये से 1,119 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है। इस ऑफर में 27 करोड़ शेयरों का फ्रेश इश्यू शामिल है।
3) जियो प्लेटफॉर्म्स एंकर बुक
कंपनी ने 212 एंकर निवेशकों से 8,109.84 करोड़ रुपये जुटाए। इस इश्यू में कई बड़े सॉवरेन वेल्थ फंड और पेंशन फंड ने भी निवेश किया है, जिनमें सिंगापुर का GIC, नॉर्जेस बैंक इन्वेस्टमेंट मैनेजमेंट, अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी, कतर इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी, PSP इन्वेस्टमेंट्स, कैलिफोर्निया स्टेट टीचर्स रिटायरमेंट सिस्टम और फ्लोरिडा रिटायरमेंट सिस्टम शामिल हैं।
घरेलू संस्थागत निवेशकों की मांग भी मजबूत रही है। एसबीआई म्यूचुअल फंड, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल, एचडीएफसी म्यूचुअल फंड, आदित्य बिड़ला सन लाइफ, निप्पॉन इंडिया और कोटक महिंद्रा म्यूचुअल फंड जैसे प्रमुख म्यूचुअल फंड हाउसों ने इस इश्यू में हिस्सा लिया। इसके अलावा, जीवन बीमा निगम (LIC), एचडीएफसी लाइफ, एसबीआई लाइफ, एसबीआई पेंशन, एचडीएफसी पेंशन, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल और यूटीआई पेंशन जैसी प्रमुख बीमा कंपनियों और पेंशन फंडों ने भी इसमें भाग लिया।
4) जियो प्लेटफॉर्म्स IPO GMP
ग्रे मार्केट गतिविधियों पर नज़र रखने वाले प्लेटफॉर्म्स के मुताबिक कंपनी के शेयरों का GMP 22-23 प्रतिशत के बीच चल रहा है। ‘इन्वेस्टरगेन’ (Investorgain) ने कंपनी के शेयरों के लिए 247 रुपये का GMP बताया है, जो 22.1 प्रतिशत का लिस्टिंग गेन दर्शाता है, जबकि ‘IPO वॉच’ (IPO Watch) ने 23.2 प्रतिशत का GMP बताया है।
5)Jio Platforms IPO पर ब्रोकरेज की राय
मोतीलाल ओसवाल ने कहा है कि इस इश्यू में लिस्टिंग गेन और लंबी अवधि के लिए सब्सक्राइब करें। यह सब्सक्राइबर बेस के हिसाब से भारत का सबसे बड़ा डिजिटल कनेक्टिविटी प्लेटफॉर्म है,जो देश के ज़्यादातर वायरलेस डेटा ट्रैफिक को कैरी करता है, जिसमें प्रोप्राइटरी टेक्नोलॉजी पर बना देश भर में 5G नेटवर्क और JioAirFiber के तहत बढ़ता हुआ फिक्स्ड वायरलेस ब्रॉडबैंड बिज़नेस शामिल है। इसकी डिजिटल सर्विसेज़ क्लाउड एंटरप्राइज़ सॉल्यूशंस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तक फैली हुई हैं। इसकी प्रमोटर रिलायंस इंडस्ट्रीज है।
HDFC सिक्योरिटीज ने जियो प्लेटफॉर्म्स पर अपने IPO नोट में इसकी प्रतिस्पर्धी ताकतों पर जोर दिया है। ब्रोकरेज का कहना है कि एक विशेष वर्टिकल टेक्नोलॉजी स्टैक और इंजीनियरिंग क्षमताएं, उन्नत और स्वतंत्र नेटवर्क टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर, व्यापक डिजिटल कनेक्टिविटी और हाई-स्पीड नेटवर्क तक पहुंच जैसी खासियतें कंपनी को बढ़त देती हैं।
फिलिपकैपिटल का कहना है कि 2016 में अपनी शुरुआत के बाद से जियो प्लेटफॉर्म्स ने आक्रामक कीमतों और अलग तरह के ऑफर्स के जरिए पिछले एक दशक में भारत के टेलीकॉम की दुनिया को पूरी तरह बदल दिया है।
एमके ग्लोबल ने कहा कि जियो प्लेटफॉर्म्स की बाजार में लीडिंग पोजीशन,कीमतों को तय करने की क्षमता,विकास के कारकों और काम करने के बेहतरीन रिकॉर्ड को देखते हुए, इसके इश्यू का भाव काफी अच्छा है। कंपनी का काम करके दिखाने का रिकॉर्ड भरोसेमंद है। जैसे-जैसे 5G निवेश का दौर पूरा होगा,कंपनी का कैश जनरेशन और मजबूत होता जाएगा।
SBICAPS के मुताबिक इश्यू की कीमत कंपनी के स्केल,अर्निंग ग्रोथ,तकनीकी क्षमताओं और भविष्य में कमाई की लंबी अवधि की संभावनाओं को दिखाती है। उधार की रकम चुकाने से लीवरेज (कर्ज के बोझ) और फाइनेंस लागत में कमी आने,कैश फ्लो मजबूत होने और भविष्य के निवेश के लिए फाइनेंशियल सपोर्ट मिलने की उम्मीद है।
6) जियो प्लेटफॉर्म्स IPO अलॉटमेंट की डेट
जियो प्लेटफॉर्म्स IPO का अलॉटमेंट 26 अक्टूबर तक फाइनल होने की संभावना है।
7) जियो प्लेटफॉर्म्स की लिस्टिंग की डेट
कंपनी के इक्विटी शेयरों को 28 अक्टूबर को BSE और NSE दोनों पर लिस्ट किए जाने का प्रस्ताव है।
8) जियो प्लेटफॉर्म्स IPO की डिटेल
इस IPO में 27 करोड़ नए इक्विटी शेयर जारी किए जाएंगे,जो इश्यू के बाद कंपनी की कुल इक्विटी पूंजी का 2.9 प्रतिशत हिस्सा होंगे। इस इश्यू में जियो प्लेटफॉर्म्स के कर्मचारियों के लिए 500 करोड़ रुपये के शेयर और इसकी मूल कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज के पात्र शेयरधारकों के लिए 2,500 करोड़ रुपये के शेयर रिजर्व रखे गए हैं। कंपनी पात्र कर्मचारियों को अंतिम ऑफर प्राइस पर 54 रुपये प्रति शेयर की छूट के साथ शेयर जारी करेगी।
9) जियो प्लेटफॉर्म्स IPO का लक्ष्य
कंपनी को मिलने वाली रकम का कुछ हिस्सा उसकी टेलीकॉम सब्सिडियरी का कर्ज चुकाने में इस्तेमाल किया जाएगा, जबकि बाकी रकम का इस्तेमाल सामान्य कॉर्पोरेट जरूरतों के लिए किया जाएगा। लिस्टिंग के बाद, रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के पास जियो प्लेटफॉर्म्स में बहुमत हिस्सेदारी बनी रहेगी।
10) जियो प्लेटफॉर्म्स के बारे में जानें
एक दशक पहले रिलायंस के टेलीकॉम मार्केट में कदम रखने के बाद से जियो प्लेटफॉर्म्स ग्राहकों की संख्या के लिहाज से दुनिया के सबसे बड़े मोबाइल ऑपरेटरों में से एक बन गया है। यह कारोबार मोबाइल कनेक्टिविटी से आगे बढ़कर ब्रॉडबैंड, डिजिटल एंटरटेनमेंट, क्लाउड और एंटरप्राइज़ सेवाओं तक फैल गया है, जिससे यह भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था में रिलायंस की पैठ बनाने की कोशिशों का आधार बन गया है।
जून 2026 तक कंपनी के 53.33 करोड़ ग्राहक थे और भारत के वायरलेस डेटा ट्रैफिक में इसकी हिस्सेदारी लगभग 60 प्रतिशत थी। इसके अलावा, जियो के पास 26,800.8 MHz के साथ भारत का सबसे बड़ा स्पेक्ट्रम बैंक है।
(डिस्क्लेमर: नेटवर्क 18 मीडिया एंड इनवेस्टमेंट लिमिटेड पर इंडिपेंडेंट मीडिया ट्रस्ट का मालिकाना हक है। इसकी बेनफिशियरी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज है।)
डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।
मेनबोर्ड सेगमेंट में HD फायर प्रोटेक्ट की 21 अक्टूबर को लिस्टिंग तो अच्छे गेन में हुई लेकिन कुछ ही पलों में शेयर लाल निशान में आ गया। BSE पर शेयर ने लगभग 23.4 प्रतिशत प्रीमियम के साथ ₹334.40 और NSE पर 23.6 प्रतिशत प्रीमियम के साथ ₹335 पर शुरुआत की। कुछ ही पलों में शेयर लिस्टिंग प्राइस से 9 प्रतिशत तक नीचे आ गया। IPO प्राइस ₹271 था। कंपनी का ₹712.31 करोड़ का IPO 131.73 गुना के शानदार सब्सक्रिप्शन के साथ बंद हुआ था। इश्यू में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 256.65 गुना, नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 203.21 गुना, रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 30.55 गुना और एंप्लॉयीज के लिए रिजर्व हिस्सा 23.61 गुना भरा।
HD फायर प्रोटेक्ट ने IPO खुलने से एक दिन पहले एंकर निवेशकों से 213.11 करोड़ रुपये जुटाए थे। कंपनी आग से सुरक्षा करने वाले इक्विपमेंट और सिस्टम बनाती और सप्लाई करती है। यह आग बुझाने के पानी, फोम और गैस-बेस्ड सॉल्यूशंस की पेशकश करती है। कंपनी 8 प्रोडक्ट कैटेगरीज में कई तरह के प्रोडक्ट बनाती है, जैसे कि स्प्रिंकलर, अलार्म वॉल्व व एक्सेसरीज, डेल्यूज वॉल्व और सिस्टम, फोम इक्विपमेंट व सप्रेशन सिस्टम, मॉनिटर व नोजल, वॉटर स्प्रे नोजल, कस्टम-इंजीनियर्ड सिस्टम, गैस सप्रेशन सिस्टम आदि।
कंपनी के प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल इंडस्ट्रियल, रेजिडेंशियल और कमर्शियल कामों में होता है, जैसे कि ऑयल व गैस, रिफाइनिंग व पेट्रोकेमिकल्स, पावर एंड एनर्जी, हेवी इंजीनियरिंग, एयरोस्पेस, फार्मास्यूटिकल्स, डेटा सेंटर, हॉस्पिटैलिटी, हेल्थकेयर। HD Fire Protect के प्रोडक्ट एक्सपोर्ट भी होते हैं।
Stock Market Rise: बाजार में तेजी लौटी, सेंसेक्स 829 अंक तक उछला; फिर भी निवेशकों की दौलत घटी
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।







