Silver Price Today: चांदी हुई और सस्ती, दिल्ली, चेन्नई, मुंबई समेत इन शहरों की कीमतें देखें

Silver Price Today: चांदी की कीमतों में दबाव देखने को मिला। 21 अक्टूबर को 1 किलो चांदी का दाम 211,950 रुपये है। अगर पिछले दो हफ्तों को देखें तो सोने के मुकाबले चांदी के दाम ज़्यादा तेजी से गिरे हैं। चांदी का दाम करीब 2,50,000 रुपये से गिरकर करीब 2,10,000 रुपये पर आ गया है। चांदी के दाम में करीब 40,000 रुपये की गिरावट आई है।

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी का वायदा भाव शुरुआती कारोबार में 0.84% घटकर यानी 1780 रुपये गिरावट के साथ 2,09,705 रुपये प्रति किलो हो गया। जबकि पिछले कारोबारी सत्र में चांदी 2,11,485 रुपये प्रति किलो पर बंद हुई थी। बुलियंस के मुताबिक चांदी की कीमत 2,10,150 रुपये किलो हो गई। जबकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में 57.63 डॉलर प्रति औंस हो गई। उधर गुडरिटर्न्स के मुताबिक चांदी की कीमत 2,30,000 रुपये प्रति किलो पर है।

आइए गुडरिटर्न के आंकड़ों के मुताबिक 21 अक्टूबर को भारत के प्रमुख शहरों में चांदी की ताजा कीमतों पर एक नजर डालते हैं

 शहर1 किलो चांदी का भाव
दिल्ली₹ 2,30,000
मुंबई₹ 2,30,000
कोलकाता₹2,30,000
चेन्नई₹2,30,000
लखनऊ₹2,30,000
पटना₹2,30,000
जयपुर₹2,30,000
अहमदाबाद₹2,30,000
पुणे₹2,30,000
बेंगलुरु₹ 2,30,000
हैदराबाद₹2,30,000
भोपाल₹2,30,000
चंडीगढ़₹2,30,000
नोएडा₹2,30,000
गुरुग्राम₹2,30,000

एक्सपर्ट्स का कहना है कि चांदी के दाम करीब 6 महीने के निचले स्तर पर आ गए हैं। वहीं, अगर चांदी के दाम की तुलना इस साल के ऑल-टाइम रिकॉर्ड लेवल 4,25,000 रुपये से गिरा है। दो लाख रुपये से ज़्यादा की गिरावट आई है।

इस बीच, एक्सपर्ट्स का कहना है कि चांदी के दाम में गिरावट की मुख्य वजह सोने के बाजारों में गिरावट है। जब एक्सपर्ट्स ने सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने में निवेश करना शुरू किया, तो सोने के दामों में भारी बढ़ोतरी हुई। लेकिन अब, सोने से निवेश हटाए जाने के चक्कर में चांदी के दाम भी गिर रहे हैं। दूसरी ओर, एक्सपर्ट्स का कहना है कि इंटरनेशनल मार्केट में चांदी की इंडस्ट्रियल डिमांड के बावजूद, मौजूदा करेक्शन कीमतों में डिमांड से ज़्यादा बढ़ोतरी की वजह से है।

पिछले दिन क्या रहा चांदी का भाव?

त्योहारी सीजन से पहले मांग में सुधार और वैश्विक बाजारों में मजबूती के बीच चांदी की कीमतों को समर्थन मिला। दशहरा की वजह से मंगलवार को बाजार बंद था पिछले कारोबारी दिन सोमवार को दिल्ली के सर्राफा बाजार में चांदी का भाव लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में 2.15 लाख रुपये प्रति किलो पर स्थिर रहा।

हालांकि, अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी की हाजिर कीमत एक प्रतिशत से अधिक बढ़कर 57.63 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई। वहीं, वायदा बाजार में भी चांदी की कीमतों में तेजी दर्ज की गई।

दिल्ली के सर्राफा बाजार में सोमवार को चांदी की कीमत में कोई बदलाव नहीं हुआ। इसका भाव लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में 2,15,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर बना रहा। दूसरी ओर, अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर चांदी की कीमत एक प्रतिशत से अधिक की तेजी के साथ 57.63 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई। वैश्विक बाजार में मजबूती और त्योहारी सीजन के दौरान बहुमूल्य धातुओं की मांग में सुधार से चांदी को समर्थन मिला।

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

₹250 के मशरूम से खड़ा कर दिया 90 लाख का बिजनेस एम्पायर, ये है केरल की शिजे का बिजनेस आइडिया

केरल: केरल की 57 वर्षीय शिजे ने घर में सिर्फ ₹250 से मशरूम उगाने का प्रयोग शुरू किया था। उस समय उनका मकसद खाली समय का सही इस्तेमाल करना था, लेकिन धीरे-धीरे यह प्रयोग बिजनेस में बदल गया। आज शिजे और उनके पति थैंकाचन का मशरूम कारोबार सालाना ₹80 लाख से ₹90 लाख तक का रेवेन्यू कमा रहा है। उनकी कंपनी ने अब तक करीब 10,000 लोगों को मशरूम की खेती की ट्रेनिंग भी दी है।

खाली समय का किया सही इस्तेमाल

शिजे ने ये काम तब शुरू किया था जब उनके पति काम पर और बच्चे स्कूल चले जाते थे। घर में खाली समय में कुछ नया करने की चाहत थी। परिवार पहले से ही खेती से जुड़ा था, तो पति के साथ मिलकर उन्होंने ऑयस्टर मशरूम उगाने का ट्रायल किया। शुरुआत में उन्हें ज्यादा जानकारी नहीं थी, कई बार फसल खराब भी हुई, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। गलतियों से सीखते-सीखते वह मशरूम उगाने में एक्सपर्ट बन गईं।

सिर्फ मशरूम नहीं, कई प्रोडक्ट्स बनाती हैं शिजे

शिजे ने खुद को सिर्फ ताजे मशरूम बेचने तक सीमित नहीं रखा। उन्होंने समझा कि अगर बिजनेस को बड़ा करना है तो सिर्फ कच्चा माल बेचने से काम नहीं चलेगा। इसलिए धीरे-धीरे उन्होंने मशरूम से बनने वाले कई वैल्यू-एडेड प्रोडक्ट्स जैसे मशरूम का अचार, पापड़, पाउडर और सूप मिक्स बनाना शुरू कर दिया। इससे उन्हें बाजार में ज्यादा दाम मिलने लगे और उनका बिजनेस तेजी से बढ़कर एक भरोसेमंद ब्रांड बन गया।

हजारों लोगों के लिए बनी प्रेरणा

आज शिजे की पहचान एक सफल महिला उद्यमी के तौर पर होती है। वह अब तक करीब 10 हजार लोगों, खासकर महिलाओं को मशरूम की खेती की ट्रेनिंग दे चुकी हैं। कई लोग उनसे सीखकर अपना खुद का छोटा बिजनेस शुरू कर चुके हैं। शिजे की कहानी इस बात का सबूत है कि शुरुआत कितनी छोटी है इससे फर्क नहीं पड़ता, अगर मेहनत और सीखने की ललक हो तो 250 रुपये से भी करोड़ों का सफर तय किया जा सकता है।

छोटी शुरुआत भी बड़ा बदलाव ला सकती है

शिजे की कहानी उन सभी लोगों के लिए एक सीख है जो कम पूंजी या संसाधनों की वजह से अपना आइडिया शुरू नहीं कर पाते। उन्होंने साबित किया है कि बिजनेस के लिए बड़ी रकम से ज्यादा बड़ी सोच, लगातार सीखने की इच्छा और मेहनत जरूरी है। अगर आपके पास भी खाली समय में कुछ नया करने का जुनून है, तो 250 रुपये जैसी छोटी रकम भी आपको लाखों की सफलता तक पहुंचा सकती है। जरूरत है तो बस पहले कदम की।

Currency Check : रुपए में लगातार 8वें सेशन में तेजी कायम, डॉलर के मुकाबले 15 पैसे की बढ़त के साथ 94.78 पर खुला

Currency Check : 21 अक्टूबर को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया बढ़त के साथ खुला है। रुपए के जियो प्लेटफॉर्म्स के IPO से जुड़े डॉलर इनफ्लो और भारतीय रिजर्व बैंक के सपोर्ट से मदद मिल रही है। ऐसे में रुपये की बढ़त का सिलसिला लगातार आठवें दिन भी जारी है। सोमवार को 94.92 पर बंद होने के बाद,आज रुपया 15 पैसे की तेजी के साथ 94.78 प्रति डॉलर पर खुला।

फिनरेक्स का कहना है कि रुपया 94.73 पर खुलने की उम्मीद थी। आज से रिटेल और HNI (हाई नेट वर्थ इंडिविजुअल्स) के लिए शुरू हो रहे जियो (JIO) IPO से आने वाले निवेश से रुपये को फायदा मिलने की उम्मीद है। आयातकों के लिए डॉलर पर 94.73 का भाव निकट अवधि में खरीदारी के लिए अच्छा हो सकता है, क्योंकि 2 महीने और उससे आगे की अवधि के लिए प्रीमियम ऊंचे बने हुए हैं। निर्यातकों को 94.95 के स्तर का इंतजार करना चाहिए ताकि वे ऊंचे प्रीमियम पर डॉलर बेच सकें या हेजिंग कर सकें। वहीं, आयातकों को केवल अक्टूबर महीने के लिए ही खरीदारी करनी चाहिए,ताकि वे ऊंचे प्रीमियम के बोझ से बच सकें।

दूसरी एशियन करेंसीज पर एक नजर

शुरुआती कारोबार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले एशियाई मुद्राओं का प्रदर्शन मिला-जुला रहा। इसमें इंडोनेशियाई रुपिया और चीनी रेनमिनबी सबसे मजबूत दिखीं। इनमें 0.3 प्रतिशत और 0.099 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। मलेशियाई रिंगित में 0.012 प्रतिशत की मामूली तेजी आई है। वहीं, दक्षिण कोरियाई वॉन में 0.013 प्रतिशत की गिरावट आई है। इसके अलावा ताइवान डॉलर 0.037 प्रतिशत और जापानी येन 0.051 प्रतिशत नीचे आ गए हैं।

फिलीपीनो पेसो में 0.105 प्रतिशत की कमजोरी आई, जबकि थाई बहत का प्रदर्शन सबसे खराब रहा, जो पिछले बंद भाव के मुकाबले 0.196 प्रतिशत गिर गया है।

बुधवार को अमेरिकी डॉलर दबाव में रहा। इससे पहले के सोशन में यह तीन सप्ताह के निचले स्तर पर आ गया था। ट्रेजरी यील्ड और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के कारण डॉलर की मांग थोड़ी कम हुई है।

छह अन्य मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की स्थिति को मापने वाला अमेरिकी डॉलर इंडेक्स मंगलवार को आई 0.2% की गिरावट के बाद आज 101.78 पर मजबूत दिख रहा है

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

CM भूपेंद्र पटेल की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक, इन बड़े मुद्दों पर होगा मंथन

CM भूपेंद्र पटेल की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक, इन बड़े मुद्दों पर होगा मंथन

Gujarat CM bhupendra patel on LPG Crisis

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की अध्यक्षता में गांधीनगर में राज्य सरकार की महत्वपूर्ण कैबिनेट बैठक आयोजित होने जा रही है। इस बैठक में राज्य की वर्तमान स्थिति से जुड़े कई नीतिगत और महत्वपूर्ण मुद्दों पर गहन चर्चा की जाएगी। पूरे राज्य की निगाहें इस बैठक पर टिकी हैं, जिसमें बिजली संकट से लेकर त्योहारों और विकास कार्यों तक के विषयों पर मंत्रिमंडल के बीच विचार-विमर्श किया जाएगा।

 

बिजली संकट और वर्तमान स्थिति की समीक्षा

इस कैबिनेट बैठक का मुख्य और प्राथमिक मुद्दा राज्य में उत्पन्न हुई बिजली संकट की स्थिति रहेगा। राज्य में बिजली की वर्तमान स्थिति क्या है और अब तक इससे निपटने के लिए सरकार द्वारा क्या कदम उठाए गए हैं, इसकी विस्तृत समीक्षा की जाएगी। इसके अलावा, बिजली आपूर्ति में आने वाली बाधाओं को दूर करने और जनता को राहत देने के उपायों पर भी चर्चा होगी।

 

बिजली आपूर्ति को लेकर आगामी योजना

बिजली संकट को ध्यान में रखते हुए कैबिनेट बैठक में सरकार द्वारा भविष्य की योजनाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। कृषि और उद्योगों सहित आम नागरिकों को निर्बाध (बिना रुकावट) बिजली आपूर्ति मिलती रहे, इसके लिए आने वाले समय में क्या नीतिगत निर्णय लिए जाएं और कौन सी नई रणनीतियाँ अपनाई जाएं, इस पर मंत्रियों और अधिकारियों के बीच मंथन किया जाएगा।

 

कम बारिश वाले क्षेत्रों की स्थिति की समीक्षा

बिजली संकट के अलावा, गुजरात के जिन क्षेत्रों में इस वर्ष कम बारिश दर्ज की गई है, वहाँ की वर्तमान स्थिति का भी कैबिनेट में रिव्यू लिया जाएगा। कम बारिश के कारण उत्पन्न हुई पीने के पानी और सिंचाई के पानी की समस्याओं, चारे की स्थिति तथा किसानों की सहायता के लिए सरकार की आगामी योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की जाएगी।

 

पीएम मोदी के आगामी गुजरात दौरे की तैयारियाँ

कैबिनेट बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगामी गुजरात दौरे को लेकर भी विस्तृत चर्चा होगी। पीएम मोदी के दौरे के दौरान आयोजित होने वाले विभिन्न सरकारी कार्यक्रमों, लोकार्पणों और भूमिपूजन के साथ-साथ प्रशासनिक स्तर पर की जाने वाली तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा कर योजनाओं को अंतिम रूप दिया जाएगा।

 

दिवाली के त्योहार और आगामी कार्यक्रमों का आयोजन

आगामी दिवाली के त्योहारों को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार द्वारा आयोजित किए जाने वाले विभिन्न कार्यक्रमों और त्योहारों के दौरान नागरिकों की सुविधा के लिए की जाने वाली व्यवस्थाओं पर कैबिनेट में चर्चा होगी। इसके साथ ही राज्य सरकार की अन्य आगामी नीतियों, विकास योजनाओं और प्रशासनिक निर्णयों पर भी इस बैठक में विचार-विमर्श किया जाएगा।

इटली- नाबालिग ने तोड़फोड़ की तो माता-पिता भरपाई करेंगे:हिंसक प्रदर्शन पर ₹21 लाख जुर्माना, 5 साल तक जेल; लूटपाट-आगजनी के बाद नए नियम लागू

इटली में हिंसक प्रदर्शन करने वालों को अब 5 साल तक जेल और करीब 21 लाख रुपए तक जुर्माना देना पड़ सकता है। प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी की सरकार ने मंगलवार को मिलान में दुकानों में लूटपाट और आगजनी के बाद सुरक्षा के नए नियमों को मंजूरी दी है। नए नियमों के तहत नाबालिगों के किए नुकसान की भरपाई उनके माता-पिता को करनी होगी। साथ ही, 14 साल से ज्यादा उम्र के बच्चों पर केस चलाना आसान होगा। मिलान में 500 अतिरिक्त सैनिक तैनात होंगे सरकार ने मिलान में सुरक्षा बढ़ाने के लिए साल के आखिर तक 500 अतिरिक्त सैनिक तैनात करने का फैसला किया है। प्रधानमंत्री मेलोनी ने सोशल मीडिया पर जारी वीडियो में कहा कि हिंसा में इतनी बड़ी संख्या में युवाओं का शामिल होना दुखद और डराने वाला है। उन्होंने कहा, 17 अक्टूबर को हुए प्रदर्शन में कई युवा चीजें तोड़ने, चोरी करने और ऐसा करते हुए अपना वीडियो बनाने आए थे। मेलोनी के मुताबिक, इस समस्या से गंभीरता से निपटना जरूरी है, ताकि हिंसा के वीडियो देखकर दूसरे युवा भी ऐसा करने के लिए प्रेरित न हों। चेहरा ढकने या किसी को चोट पहुंचाने पर बढ़ेगी सजा नए नियमों के तहत प्रदर्शन के दौरान हिंसा में शामिल होने को अलग अपराध बनाया गया है। अगर कोई आरोपी चेहरा ढककर हिंसा करता है या किसी को चोट पहुंचती है, तो उसकी सजा बढ़ाई जाएगी। प्रदर्शन के दौरान दुकानों या दूसरी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों को उसकी भरपाई करनी होगी। सरकार के इस आदेश को स्थायी कानून बनाने के लिए संसद की मंजूरी जरूरी है। संसद को 60 दिनों के भीतर इसे कानून में बदलना होगा। 14 साल से ज्यादा उम्र के बच्चों पर केस चलाना आसान नए नियमों में 14 साल से ज्यादा उम्र के बच्चों को सामान्य तौर पर अपने काम के नतीजों को समझने में सक्षम माना जाएगा। अगर कोई यह साबित करना चाहता है कि बच्चा अपने काम को समझने में सक्षम नहीं था, तो उसे इसके सबूत देने होंगे। अब तक यह फैसला जज करते थे कि कोई नाबालिग अपने काम के सही-गलत होने और उसके नतीजों को समझ सकता है या नहीं। नए नियमों से इस प्रक्रिया में बदलाव होगा। मेलोनी ने कहा कि सरकार हिरासत केंद्रों में और जगह बनाएगी। किशोर न्याय व्यवस्था में जजों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी, ताकि नाबालिगों से जुड़े मामलों को संभालने में मदद मिल सके। दो दिन की हिंसा में 100 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल मिलान के मुख्य खरीदारी इलाके में 17 अक्टूबर को हिंसा भड़क गई थी। कई प्रदर्शनकारियों ने अपने चेहरे ढक रखे थे। उन्होंने पुलिस से झड़प की, दुकानों में लूटपाट की और संपत्ति में आग लगा दी। पुलिस ने भीड़ को हटाने के लिए पानी की बौछारें कीं और आंसू गैस छोड़ी। 18 अक्टूबर को भी लूटपाट और हिंसा जारी रही। अधिकारियों के मुताबिक, दो दिनों में 100 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल हुए। मिलान पुलिस ने बताया कि 17 अक्टूबर की रात करीब 2000 युवा हिंसा में शामिल हुए थे। इनमें विदेशी माता-पिता के यहां पैदा हुए और बाद में इटली की नागरिकता पाने वाले लोग, साथ ही दूसरे देशों के नागरिक भी बड़ी संख्या में थे। अब तक करीब 50 लोगों को गिरफ्तार किया गया। इनमें 30 से ज्यादा नाबालिग हैं। स्कूलों की हालत पर 30 अक्टूबर को हड़ताल का ऐलान इटली में लोग कम सैलरी, महंगा रहन-सनह और खराब सरकारी सुविधाओं के खिलाफ सड़कों पर उतरे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि रोजमर्रा की चीजों के दाम बढ़ रहे हैं, लेकिन कमाई उस हिसाब से नहीं बढ़ रही। महंगे मकानों और किराए की समस्या ने भी लोगों की मुश्किलें बढ़ाई हैं। अब प्रदर्शनकारियों ने 30 अक्टूबर को देशभर में हड़ताल का ऐलान किया है। —————— यह खबर भी पढ़ें… यूरोप के 6 देशों में शिक्षा-महंगाई पर प्रदर्शन: फ्रांस में आगजनी-लूटपाट, इटली में स्कूलों पर कब्जा किया, ग्रीस में संसद के सामने बैठे आंदोलनकारी यूरोप के 6 देशों में पढ़ाई का बढ़ता खर्च, बेरोजगारी और महंगे घरों के खिलाफ प्रदर्शन तेज हो गए हैं। फ्रांस में प्रदर्शनकारियों ने दुकानों में लूटपाट की और कई सरकारी इमारतों में आग लगा दी। पूरी खबर पढ़ें…

इटली- नाबालिग ने तोड़फोड़ की तो माता-पिता भरपाई करेंगे:हिंसक प्रदर्शन पर ₹21 लाख जुर्माना, 5 साल तक जेल; लूटपाट-आगजनी के बाद नए नियम लागू

इटली में हिंसक प्रदर्शन करने वालों को अब 5 साल तक जेल और करीब 21 लाख रुपए तक जुर्माना देना पड़ सकता है। प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी की सरकार ने मंगलवार को मिलान में दुकानों में लूटपाट और आगजनी के बाद सुरक्षा के नए नियमों को मंजूरी दी है। नए नियमों के तहत नाबालिगों के किए नुकसान की भरपाई उनके माता-पिता को करनी होगी। साथ ही, 14 साल से ज्यादा उम्र के बच्चों पर केस चलाना आसान होगा। मिलान में 500 अतिरिक्त सैनिक तैनात होंगे सरकार ने मिलान में सुरक्षा बढ़ाने के लिए साल के आखिर तक 500 अतिरिक्त सैनिक तैनात करने का फैसला किया है। प्रधानमंत्री मेलोनी ने सोशल मीडिया पर जारी वीडियो में कहा कि हिंसा में इतनी बड़ी संख्या में युवाओं का शामिल होना दुखद और डराने वाला है। उन्होंने कहा, 17 अक्टूबर को हुए प्रदर्शन में कई युवा चीजें तोड़ने, चोरी करने और ऐसा करते हुए अपना वीडियो बनाने आए थे। मेलोनी के मुताबिक, इस समस्या से गंभीरता से निपटना जरूरी है, ताकि हिंसा के वीडियो देखकर दूसरे युवा भी ऐसा करने के लिए प्रेरित न हों। चेहरा ढकने या किसी को चोट पहुंचाने पर बढ़ेगी सजा नए नियमों के तहत प्रदर्शन के दौरान हिंसा में शामिल होने को अलग अपराध बनाया गया है। अगर कोई आरोपी चेहरा ढककर हिंसा करता है या किसी को चोट पहुंचती है, तो उसकी सजा बढ़ाई जाएगी। प्रदर्शन के दौरान दुकानों या दूसरी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों को उसकी भरपाई करनी होगी। सरकार के इस आदेश को स्थायी कानून बनाने के लिए संसद की मंजूरी जरूरी है। संसद को 60 दिनों के भीतर इसे कानून में बदलना होगा। 14 साल से ज्यादा उम्र के बच्चों पर केस चलाना आसान नए नियमों में 14 साल से ज्यादा उम्र के बच्चों को सामान्य तौर पर अपने काम के नतीजों को समझने में सक्षम माना जाएगा। अगर कोई यह साबित करना चाहता है कि बच्चा अपने काम को समझने में सक्षम नहीं था, तो उसे इसके सबूत देने होंगे। अब तक यह फैसला जज करते थे कि कोई नाबालिग अपने काम के सही-गलत होने और उसके नतीजों को समझ सकता है या नहीं। नए नियमों से इस प्रक्रिया में बदलाव होगा। मेलोनी ने कहा कि सरकार हिरासत केंद्रों में और जगह बनाएगी। किशोर न्याय व्यवस्था में जजों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी, ताकि नाबालिगों से जुड़े मामलों को संभालने में मदद मिल सके। दो दिन की हिंसा में 100 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल मिलान के मुख्य खरीदारी इलाके में 17 अक्टूबर को हिंसा भड़क गई थी। कई प्रदर्शनकारियों ने अपने चेहरे ढक रखे थे। उन्होंने पुलिस से झड़प की, दुकानों में लूटपाट की और संपत्ति में आग लगा दी। पुलिस ने भीड़ को हटाने के लिए पानी की बौछारें कीं और आंसू गैस छोड़ी। 18 अक्टूबर को भी लूटपाट और हिंसा जारी रही। अधिकारियों के मुताबिक, दो दिनों में 100 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल हुए। मिलान पुलिस ने बताया कि 17 अक्टूबर की रात करीब 2000 युवा हिंसा में शामिल हुए थे। इनमें विदेशी माता-पिता के यहां पैदा हुए और बाद में इटली की नागरिकता पाने वाले लोग, साथ ही दूसरे देशों के नागरिक भी बड़ी संख्या में थे। अब तक करीब 50 लोगों को गिरफ्तार किया गया। इनमें 30 से ज्यादा नाबालिग हैं। स्कूलों की हालत पर 30 अक्टूबर को हड़ताल का ऐलान इटली में लोग कम सैलरी, महंगा रहन-सनह और खराब सरकारी सुविधाओं के खिलाफ सड़कों पर उतरे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि रोजमर्रा की चीजों के दाम बढ़ रहे हैं, लेकिन कमाई उस हिसाब से नहीं बढ़ रही। महंगे मकानों और किराए की समस्या ने भी लोगों की मुश्किलें बढ़ाई हैं। अब प्रदर्शनकारियों ने 30 अक्टूबर को देशभर में हड़ताल का ऐलान किया है। —————— यह खबर भी पढ़ें… यूरोप के 6 देशों में शिक्षा-महंगाई पर प्रदर्शन: फ्रांस में आगजनी-लूटपाट, इटली में स्कूलों पर कब्जा किया, ग्रीस में संसद के सामने बैठे आंदोलनकारी यूरोप के 6 देशों में पढ़ाई का बढ़ता खर्च, बेरोजगारी और महंगे घरों के खिलाफ प्रदर्शन तेज हो गए हैं। फ्रांस में प्रदर्शनकारियों ने दुकानों में लूटपाट की और कई सरकारी इमारतों में आग लगा दी। पूरी खबर पढ़ें…

Share Market Rise: शेयर बाजार में तूफानी तेजी: इन 2 वजहों से सेंसेक्स 800 अंक उछला, निफ्टी 23,100 के पार

Share Market Rise: भारतीय शेयर बाजार में आज, बुधवार को सुबह के कारोबार में तूफानी तेजी देखने को मिल रही है। सेंसेक्स 800 से अधिक अंकों की छलांग लगाते हुए 74,650 के पार निकल गया है, वहीं निफ्टी 50 भी 223 अंक चढ़कर 23,112 के स्तर पर पहुंच गया है। बाजार में आई इस जोरदार लिवाली से दलाल स्ट्रीट पर रौनक छा गई है।

कारोबार में इस बढ़त की मुख्य वजह आईटी और बैंकिंग सेक्टर में आई जोरदार खरीदारी है। निफ्टी आईटी इंडेक्स 735 अंक (+2.33%) की बड़ी बढ़त के साथ 32,251 पर ट्रेड कर रहा है, जबकि निफ्टी बैंक भी 355 अंक बढ़कर 55,843 के स्तर पर पहुंच गया है। हालांकि, मिडकैप शेयरों में सुस्ती देखी जा रही है और निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स मामूली 0.02% की गिरावट के साथ कारोबार कर रहा है। लार्जकैप में संस्थागत निवेशकों का भरोसा लौटने से बाजार नए रिकॉर्ड की ओर बढ़ता दिख रहा है।

गिफ्ट निफ्टी ने दिए थे रिकवरी के संकेत

चॉइस ब्रोकिंग के टेक्निकल रिसर्च वीपी सचिन गुप्ता ने बाजार खुलने से पहले संकेत दिए थे कि गिफ्ट निफ्टी 75 अंक ऊपर 23,009 के स्तर पर ट्रेड कर रहा था, जिससे भारतीय बाजारों की सकारात्मक शुरुआत के संकेत मिल रहे थे। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया था कि इस रिकवरी की मजबूती वैश्विक संकेतों, कच्चे तेल की चाल और संस्थागत निवेशकों (FII/DII) के फंड फ्लो पर निर्भर करेगी।

आईटी और बैंकिंग शेयरों में क्यों आ रही है तेजी?

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वी के विजयकुमार का मानना है कि ब्रेंट क्रूड की ऊंची कीमतों और अमेरिका में बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी की वजह से बाजार पर निकट अवधि में दबाव रह सकता है। हालांकि, घरेलू स्तर पर मजबूत लिक्विडिटी, लार्जकैप शेयरों के वाजिब वैल्यूएशन और Q2 नतीजों में सुधार से बाजार को निचले स्तरों पर सहारा मिल रहा है।

वी के विजयकुमार के अनुसार, आईटी और बैंकिंग क्षेत्र ने Q2 के नतीजों में अच्छा प्रदर्शन किया है और इनके वैल्यूएशन आकर्षक स्तर पर हैं। इसलिए इन सेक्टरों में किसी भी गिरावट पर घरेलू संस्थागत निवेशक (DII) जमकर खरीदारी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह समय ‘स्टॉक पिकर्स मार्केट’ है, जहां तिमाही नतीजों के आधार पर चुनिंदा शेयरों में एक्शन देखने को मिलेगा।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

LIVE: पुलिस स्मृति दिवस पर क्या बोले पीएम मोदी?

LIVE: पुलिस स्मृति दिवस पर क्या बोले पीएम मोदी?

pm modi

Latest News Today Live Updates in Hindi : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि दी। पल-पल की जानकारी…

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नेशनल पुलिस मेमोरियल में ‘नेशनल पुलिस स्मरण दिवस परेड’ में कर्तव्य पालन के दौरान जान गंवाने वाले जवानों को पुष्प चक्र अर्पित किया। 

इस अवसर पर उन्होंने कहा, ’21 अक्टूबर 1959 को लद्दाख के दुर्गम हॉट स्प्रिंग क्षेत्र में आज के दिन CRPF के 10 जवानों ने चीन की सेना के हमले का डटकर मुकाबला करते हुए अपने प्राण की आहुति दी। जब हॉट स्प्रिंग की उस घटना का अध्ययन करते हैं तो पता चलता है कि जब संघर्ष का निर्णय ऊंची पहाड़ियों पर लिया होगा तब परिणाम तय था मगर उन अमर सपूतों ने देश की 1 इंच जमीन भी किसी विदेशी के हाथ में न जाए, इस संकल्प को मृत्योपरांत अपनाते हुए अपना अमर बलिदान दिया और तब से 21 अक्टूबर का यह दिन हर साल पुलिस स्मृति दिवस के रूप में मनाते हैं।’प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए लिखा, “पुलिस स्मृति दिवस हमारे पुलिस कर्मियों के प्रति गहरा आभार व्यक्त करने का अवसर है, जो अत्यंत कठिन परिस्थितियों में भी पूरी निष्ठा के साथ अपनी सेवाएं देते हैं। कानून-व्यवस्था बनाए रखने से लेकर अपराधों से लड़ने, आपातकालीन स्थितियों में मदद करने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तक, उनका योगदान अमूल्य है। हम उन बहादुर पुलिस कर्मियों को सादर श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं, जिन्होंने कर्तव्य निभाते हुए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। उनका साहस, अटूट समर्पण और सर्वोच्च बलिदान हमारे देश की स्मृतियों में सदैव अंकित रहेगा।”

Forget diesel, go hybrid: Renault’s Stephane Deblaise

Forget diesel, go hybrid: Renault’s Stephane Deblaise
Forget diesel, go hybrid: Renault’s Stephane Deblaise

“Forget diesel, go hybrid,” Renault Group India CEO Stephane Deblaise told us in an interview at the launch of the Duster hybrid. Renault claims that hybrid is the perfect replacement for diesel. The 1.5-litre K9K diesel engine was instrumental in the first-generation Duster’s sales success; out of the nearly 200,000 units sold, nearly 90 percent were powered by the diesel engine. However, the K9K was axed in 2020, when the stricter BS6 emission norms went into effect. 

First-generation Renault Duster’s K9K 1.5L diesel engine.

Renault Duster hybrid leads in claimed mileage than rivals

In addition to the Renault Duster, the Toyota Hyryder, Maruti Grand Vitara and Victoris are currently the only other mid-size SUVs to offer a hybrid powertrain option. The Duster hybrid’s ARAI-rated mileage of 29kpl is 1.03kpl higher than what the Grand Vitara and Hyryder claim. Meanwhile, the Victoris comes closest to matching the Renault SUV’s figure, with a margin of just 0.35kpl between the two. 

It even has the upper hand in peak outputs, making a combined 160hp and 172Nm, which is 21hp and 31Nm more than the Maruti and Toyota rivals. Furthermore, its 1.4kWh battery pack is relatively the largest in the segment, and as per Renault, up to 80 percent of city driving can be done in pure electric mode.

Speaking of pricing, Renault has priced the Duster’s hybrid lineup from Rs 16.99 lakh to Rs 19.49 lakh, ex-showroom (introductory price applicable for all Duster hybrid deliveries before the end of 2026). The base trim is Rs 31,000 pricier than the Grand Vitara and Rs 56,000 more expensive than the Victoris hybrid, while it is Rs 19,000 cheaper than the Hyryder. At the top-end, the Duster hybrid is Rs 13,000 cheaper than the Grand Vitara and Rs 50,000 than both the Victoris and Hyryder.

Both the engine and the battery are currently imported from Spain, but despite that, the Duster hybrid is priced competitively against its rivals, especially at the top end. “India is a difficult market as people want everything for a very low price. This is why it’s an interesting market to challenge original equipment manufacturers (OEMs) to be the best,” Stephane said. 

Renault is working on localising hybrid powertrain

On the scope of localisation, which may lead to a lower price, Francisco Hidalgo Marques, VP Sales and Marketing, Renault India, told Autocar Professional, “We are working on that…the speed of localisation is a manufacturer’s problem and that is our task to do it as soon as possible.” 

Francisco Hidalgo Marques, VP Sales and Marketing, Renault India
Francisco Hidalgo Marques, VP Sales and Marketing, Renault India.

“When we launched the new Duster in January 2026, we launched it with turbo-petrol engine options and announced that hybrid will be part of the future of India. Now, in the last few months a lot of things have changed. Petrol sales have declined and we have a lot of customers who have been coming for the petrol Duster and they are saying, ‘I’m going to wait until the hybrid’s launch. I really want to know if the price is good, I will jump,'” he added. 

Francisco also assured that the company is working very hard on increasing the production. He also highlighted that hybrid sales in the mid-size SUV segment are relatively less due to limited options for the customers. But that is set to change soon with the Kia Seltos adding a hybrid powertrain, as well as the next-generation Hyundai Creta.

He also highlighted that hybrid sales in the mid-size SUV segment remain relatively low due to the limited number of options available to customers. However, this is set to change, with the Kia Seltos set to add a hybrid powertrain soon. Even the next-generation Hyundai Creta will offer a hybrid option.

With inputs from Mugdha Mishra.

कैंसर मरीजों के परिवारों को खिलाते हैं मुफ्त खाना | Vanakkam Anna Foundation | Chattisgarh | Raipur

कैंसर मरीजों के परिवारों को खिलाते हैं मुफ्त खाना | Vanakkam Anna Foundation | Chattisgarh | Raipur

कभी खुद दो वक्त की रोटी के लिए संघर्ष किया… आज हर दिन 500+ लोगों का पेट भरते हैं!
मिलिए डी. गणेश राव से, जिन्होंने स्कूटर पर खाना पहुँचाकर इस नेक पहल की शुरुआत की।
कोविड के दौरान अस्पतालों में मरीजों के साथ आए परिवारों की परेशानी देखकर उन्होंने उन्हें मुफ्त खाना खिलाना शुरू किया।
आज Vanakkam Anna Annadata Foundation के जरिए जरूरतमंदों तक घर जैसा खाना पहुँचाया जाता है।
आज कई लोग दान देकर और स्वयंसेवक बनकर इस मुहिम का हिस्सा हैं।
आप भी इस पहल से जुड़ सकते हैं।
📞 संपर्क: +91 88151 85518
।@vanakkamannadatafoundation

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