Trading Plan: कंसोलिडेशन के बीच निफ्टी में 23000 का लेवल मुमकिन, बैंक निफ्टी भी 56000 की ओर कर सकता है वापसी

Trading Plan : रिकवरी और स्टेबिलिटी के संकेतों को देखते हुए, एक दिन की गिरावट के बाद निफ्टी में फिर से तेजी आ सकती है। यह 23,000 के पहले रेजिस्टेंस लेवल को फिर से हासिल करने की कोशिश कर सकता है,जिसके बाद 23,200 पर बड़ा रेजिस्टेंस जोन है। हालांकि,ऊपर की ओर तेजी सीमित रहने की संभावना है,क्योंकि निफ्टी अभी भी अपने मिड और लॉन्ग टर्म मूविंग एवरेज के नीचे ट्रेड कर रहा है। साथ ही,कच्चे तेल की ऊंची कीमतें भी बाजार के सेंटीमेंट पर दबाव डाल रही हैं। नीचे की तरफ 22,800–22,700 का ज़ोन निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट एरिया का काम कर सकता है।

उधर बैंक निफ्टी को 56,400–56,500 के स्तर तक ऊपर जाने के लिए 56,000–56,100 के ज़ोन को फिर से हासिल करना होगा। बाजार जानकारों का कहना है कि तब तक यह इंडेक्स कंसोलिडेशन (एक दायरे में) में रह सकता है, जिसमें 55,300–55,000 पर तत्काल सपोर्ट है और इसके बाद 54,700–54,400 का ज़ोन बड़े सपोर्ट के रूप में काम करेगा।

निफ्टी आउटलुक और रणनीति

ICICI सिक्योरिटीज में डेरिवेटिव्स एंड क्वांट रिसर्च हेड और वाइस प्रेसिडेंट,जय ठक्कर का कहना है कि हाल ही में आई रिकवरी का 23,000 के स्तर के ऊपर टिक न पाना यह दिखाता है कि ऊपरी स्तरों पर बिकवाली का दबाव अभी भी बना हुआ है। हालांकि पिछले हफ्ते निफ्टी में एक जोरदार उछाल देखने को मिला था। लेकिन सोमवार को आई गिरावट यह चेतावनी देती है कि इस रिकवरी को एक पक्का ‘ट्रेंड रिवर्सल’मान लेना जोखिम भरा हो सकता है।

नीचे की तरफ, 22,700 का स्तर तत्काल सपोर्ट के तौर पर काम कर सकता है। अगर बिकवाली का दबाव बढ़ता है तो इसके बाद 22,500 और 22,200 के स्तर बड़े सपोर्ट का काम करेंगे। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें,ग्लोबल घटनाओं को लेकर बनी अनिश्चितता और बड़े प्राइवेट बैंकिंग शेयरों में कमजोरी,मार्केट सेंटीमेंट बिगाड़ रहे हैं।

आने वाले कारोबारी सत्रों में उतार-चढ़ाव बने रहने की संभावना है,खासकर इसलिए क्योंकि बाजार में छुट्टी होने के कारण यह ट्रेडिंग सप्ताह छोटा हो गया है। इसलिए,जब तक निफ्टी वापस 23,200 के स्तर को हासिल नहीं कर लेता, तब तक निकट अवधि में बाजार के एक दायरे (साइडवेज) में रहने के आसार हैं। जब तक 22,500 का स्तर कायम रहता है,तब तक ‘गिरावट पर खरीदारी’ (बाय-ऑन-डिप्स) की रणनीति अपनाई जा सकती है।

अहम रेजिस्टेंस: 23,000, 23,200

अहम सपोर्ट: 22,700, 22,500

रणनीति: 22,650 के आसपास गिरावट आने पर निफ्टी फ्यूचर्स खरीदें। इसमें 22,500 के नीचे स्टॉप-लॉस रखें और 23,000 तथा 23,200 के टारगेट रखें।

बैंक निफ्टी आउटलुक और रणनीति

जय ठक्कर का कहना है कि ब्रॉडर मार्केट की तुलना में बैंक निफ्टी ने बेहतर प्रदर्शन किया लेकिन प्राइवेट बैंकों में बिकवाली के दबाव से नहीं बच सका। बड़े प्राइवेट बैंकों का कमजोर प्रदर्शन एक बड़ी बात बन गई है जिस पर नजर रखना जरूरी है। खासकर ऐसे समय में जब निवेशक तिमाही नतीजों पर नजरें बनाए हुए हैं और साथ ही यह भी देख रहे हैं कि कच्चे तेल की ऊंची कीमतें महंगाई,नकदी (लिक्विडिटी)और ब्याज दरों के अनुमानों पर क्या असर डाल सकती हैं।

तकनीकी मोर्चे पर,55,000 का स्तर तत्काल सपोर्ट का काम कर रहा है। अगर इंडेक्स इस स्तर के नीचे टिक जाता है तो इसमें 53,000 तक की और बड़ी गिरावट आ सकती है। ऊपर की तरफ, 56,000 का स्तर एक तत्काल रेजिस्टेंस है और इसके बाद 57,000 के स्तर पर बड़ा रेजिस्टेंस है। जब तक इंडेक्स मजबूती से 56,000 के स्तर के ऊपर नहीं निकल जाता,तब तक रिकवरी की कोशिशों के दौरान नई बिकवाली देखने को मिल सकती है।

हालांकि सरकारी बैंकों में मजबूती कुछ सहारा दे सकती है,लेकिन बैंकिंग इंडेक्स में व्यापक तेजी का रुझान बनाने के लिए यह अभी पर्याप्त नहीं है। इसलिए,निकट भविष्य के लिए सतर्क रहने की जरूरत है। ट्रेडर्स के लिए बेहतर यही होगा कि वे कोई बड़ा दांव लगाने से पहले कन्फर्मेशन का इंतजार करें।

अहम रेजिस्टेंस: 56,000, 57,000

अहम सपोर्ट: 55,000, 54,500

रणनीति: 56,000 के ऊपर बैंक निफ्टी फ्यूचर्स खरीदें, 55,000 के नीचे स्टॉप-लॉस रखें और 57,000 तथा 57,500 के टारगेट रखें।

 

Market cues : बाजार के दायरे में ट्रेड करने की उम्मीद, मुनाफे के सौदे पकड़ने के लिए इन अहम स्तरों पर रहे नजर

 

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‘ऐतिहासिक समझौता बहुत जल्द..’, इंडिया-US ट्रेड डील पर रुबियो के बाद ट्रंप ने भी दे दिया बड़ा अपडेट

India US Trade Deal: अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि एक साल से भी अधिक समय तक चली वार्ता के बाद भारत और अमेरिका ट्रेड डील को अंतिम रूप देने के बेहद करीब हैं। वहीं, भारत दौरे पर आए अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने संकेत दिया है कि दोनों देश अब तकनीकी विवरणों को सुलझाने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं और अगले कुछ हफ्तों के भीतर इस समझौते पर सहमति बन सकती है।

व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान जब ट्रंप से भारत-अमेरिका ट्रेड डील की संभावनाओं पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा, ‘वे डील करना चाहते हैं। हम भी डील करने जा रहे हैं। हां, हम इसके बेहद करीब हैं।’ उन्होंने आगे कहा कि यह समझौता ‘काफी अलग तरह का सौदा हो सकता है’, हालांकि उन्होंने इसकी विस्तृत जानकारी नहीं दी।

मार्को रुबियो बोले: ‘महीनों नहीं, हफ्तों में हो सकती है डील’

भारत की दो दिवसीय यात्रा पर आए अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने ‘नेटवर्क18’ के एडिटर-इन-चीफ राहुल जोशी को दिए एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में कहा कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को कुछ ही हफ्तों में अंतिम रूप दिया जा सकता है।

रुबियो ने कहा, ‘हम बेहद करीब हैं। मुझे लगता है कि हम अब उन तकनीकी विवरणों पर आ गए हैं जिन्हें सुलझाया जाना बाकी है। तकनीकी बारीकियां इसलिए मायने रखती हैं क्योंकि दोनों पक्षों को यह सुनिश्चित करना होगा कि समझौते की भाषा और प्रावधानों का अर्थ दोनों देशों के लिए एक समान हो।’

रुबियो ने स्पष्ट किया कि हालांकि वे सीधे तौर पर बातचीत की मेज पर नहीं हैं और यह प्रक्रिया अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (USTR) द्वारा संभाली जा रही है, लेकिन वे इसकी प्रगति पर लगातार नज़र बनाए हुए हैं। उन्होंने कहा, ‘वाशिंगटन को उम्मीद है कि यह समझौता महीनों में नहीं, बल्कि कुछ हफ्तों के भीतर पूरा हो जाएगा।’

क्या भारत को मिलेंगे बेहतर टैरिफ रेट्स?

जब रुबियो से पूछा गया कि क्या भारत अन्य देशों की तुलना में अधिक अनुकूल टैरिफ दरों की उम्मीद कर सकता है, तो उन्होंने कहा कि किसी भी व्यापार समझौते का मुख्य उद्देश्य मौजूदा दरों की तुलना में बेहतर शर्तें हासिल करना होता है।

उन्होंने कहा, ‘जाहिर है कि डील करने का मकसद यही होता है कि अभी जो दरें हैं, उनसे बेहतर दरें मिलें।’ उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि यह समझौता लंबे समय तक टिकाऊ तभी रहेगा जब यह दोनों देशों के आर्थिक हितों को पूरा करेगा।

रुबियो ने स्वीकार किया कि भारत भी अन्य देशों की तरह बातचीत के दौरान अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा करेगा, लेकिन दोनों देशों के मजबूत रिश्ते मतभेदों को दूर करने में मदद करेंगे। उन्होंने कहा, ‘जब आप दोस्त और सहयोगी होते हैं, तो यही बात आपको मतभेदों को मिटाने और एक ऐसे समझौते पर पहुंचने में मदद करती है जो दोनों के लिए फायदेमंद हो।’

रणनीतिक स्तर पर बढ़ी उम्मीदें

दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारियों के बयानों से लंबे समय से रुके इस व्यापार समझौते को लेकर उत्साह बढ़ा है। हाल ही में नई दिल्ली में ‘ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम’ में भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोरे ने कहा था कि ‘मुख्य मुद्दों का समाधान हो गया है’ और दोनों देश समझौते के बहुत करीब हैं।

दूसरी ओर, भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी बातचीत की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा था कि दोनों पक्ष एक समझौते की ओर बढ़ रहे हैं।

कुल मिलाकर ट्रंप और रुबियो ने संकेत दिए हैं कि भारत और अमेरिका ऐतिहासिक ट्रेड डील के बेहद करीब हैं। रुबियो के अनुसार, वार्ता अब अंतिम चरण में है और केवल तकनीकी बारीकियों को सुलझाया जा रहा है। उम्मीद जताई जा रही है कि अगले कुछ हफ्तों में दोनों देश पारस्परिक रूप से फायदेमंद और बेहतर टैरिफ दरों वाले व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर कर सकते हैं।

टाइगर श्रॉफ फायरिंग मामला: दिल्ली से गिरफ्तार 4 आरोपियों की आज मुंबई कोर्ट में पेशी, शूटर्स तक पहुंचाए थे हथियार

टाइगर श्रॉफ फायरिंग मामला: दिल्ली से गिरफ्तार 4 आरोपियों की आज मुंबई कोर्ट में पेशी, शूटर्स तक पहुंचाए थे हथियार

tiger shroff

फिल्म अभिनेता टाइगर श्राफ पर हमले के मामले में दिल्ली पुलिस ने 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया। इन पर शूटर्स को हथियार पहुंचाने का आरोप है। इससे पहले 3 शूटर्स को भी कोटा से गिरफ्तार किया गया था। सभी को मुंबई लाया गया। उन्हें आज कोर्ट में पेश किया जाएगा। ALSO READ: टाइगर श्रॉफ पर गोली चलाने वाले नाबालिग के पिता ने खोले राज, बताया 2 महीने से घर नहीं आया था बेटा

 

अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई फायरिंग से जुड़े मामले में शामिल चार आरोपितों को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने गिरफ्तार किया है। चारों को अदालत में पेश कर मुंबई पुलिस को ट्रांजिट रिमांड पर सौंप दिया गया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों के नाम कुणाल, सुमित, राधा और बबीता है।

 

कैसे शूटर्स तक पहुंचे थे हथियार?

पुलिस अधिकारी के मुताबिक हाल ही में जेल से जमानत पर छूटे कुणाल की पहचान हरसाना गांव के एक दोस्त के जरिए अनिल पंडित से हुई थी, जिसके बाद दोनों एन्क्रिप्टेड एप के जरिए बात करने लगे थे।

 

अनिल पंडित के निर्देश पर कुणाल ने सुमित के साथ मिलकर अमृतसर से एक पिस्टल और 20 कारतूस एकत्र किए थे। दो महीने पहले कुणाल की मुलाकात राधा से हुई। उसने अपनी गतिविधियों के बारे में बताकर उससे संबंध बनाए और उसे हथियार के साथ मुंबई जाने के लिए राजी किया। 15 अक्टूबर को कुणाल ने राधा और बबीता को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर छोड़ा था। पिस्तूल राधा के बैग में छुपाई गई थी। यात्रा के दौरान कुणाल एक ऐप के जरिए उनके संपर्क में था और उन्हें पंडित के निर्देश पहुंचा रहा था। वे दोनों 17 अक्टूबर को मुंबई पहुंचीं और एक होटल में ठहरीं। अगले दिन, सुबह करीब 11 बजे, एक नाबालिग लड़के ने राधा के होटल के पास से उसका बैग ले लिया। ALSO READ: टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग के बाद नेपाल भागने की थी प्लानिंग, कोटा पुलिस ने ऐसे दबोचे तीनों आरोपी

 

कोटा से गिरफ्तार हुए थे शूटर्स

इससे पहले राजस्थान के कोटा रेलवे स्टेशन से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिन्हें मुंबई पुलिस हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। पुलिस लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े अनिल पंडित के संपर्क और पूरी साजिश की जांच कर रही है।

 

गौरतलब है कि घटना 18 अक्टूबर की शाम जुहू में हुई थी, जिसमें टाइगर श्रॉफ बाल-बाल बचे थे। उनके ड्राइवर समेत 2 लोग घायल हुए थे। पंडित ने कुणाल को बताया कि गोलीबारी करने वाले मुंबई में फंस गए हैं। राधा और बबीता 18 अक्टूबर को दादर-हरिद्वार एक्सप्रेस से मुंबई से दिल्ली के लिए रवाना हुईं। उन्हें मंगलवार को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर पकड़ लिया गया। कुणाल और सुमित को भी मंगलवार को सोनीपत में गिरफ्तार कर लिया गया।

Stocks to Watch: 21 अक्टूबर को Bajaj Finance, Hindustan Zinc, L&T Tech, PC Jeweller समेत इन शेयरों पर रहेगा फोकस

बुधवार, 21 अक्टूबर को कई शेयर फोकस में रहने वाले हैं। वजह हैं- तिमाही नतीजे, कारोबार से जुड़े डेवलपमेंट्स, नई डील या कॉन्ट्रैक्ट, आदि। लिस्ट में पीसी ज्वेलर, अदाणी ग्रीन एनर्जी, बजाज फाइनेंस, L&T टेक्नोलॉजी सर्विसेज, वारी रिन्यूएबल टेक्नोलॉजीस, हिंदुस्तान जिंक, SML महिंद्रा, IREDA जैसे कई नाम शामिल हैं। इन शेयरों में तेज हलचल देखने को मिल सकती है। इसके अलावा बुधवार को मेनबोर्ड और SME दोनों सेगमेंट में 1-1 लिस्टिंग है। वहीं 3 शेयर एक्स-डिविडेंड ट्रेड करने वाले हैं। आइए डिटेल में जानते हैं किन प्रमुख शेयरों पर रहेगी नजर…

आज इन कंपनियों के तिमाही नतीजे

इटर्नल, आदित्य बिड़ला सन लाइफ AMC, विशाल मेगा मार्ट, अदाणी ग्रीन एनर्जी, इंडियन होटल्स कंपनी, केईआई इंडस्ट्रीज, महिंद्रा एंड महिंद्रा फाइनेंशियल सर्विसेज, इंटरनेशनल जेमोलॉजिकल इंस्टीट्यूट, पीसी ज्वेलर, SRF, इंडोसोलर, वेल्सपन स्पेशिएलिटी सॉल्यूशंस

इन शेयरों पर रहेगी नजर

बजाज फाइनेंस: Q2 (जुलाई-सितंबर 2026 ​तिमाही) में सालाना आधार पर कंसोलिडेटेड मुनाफा 29% बढ़कर 6,367 करोड़ रुपये हो गया। नेट इंटरेस्ट इनकम 24% बढ़कर 13,335 करोड़ रुपये हो गई। ग्रॉस NPA घटकर 1.06% रह गया। नेट NPA घटकर 0.42% रह गया।

L&T टेक्नोलॉजी सर्विसेज: Q2 में सालाना आधार पर कंसोलिडेटेड मुनाफा 66.8% बढ़कर 548.2 करोड़ रुपये हो गया। रेवेन्यू 12.1% बढ़कर 3,040.4 करोड़ रुपये हो गया। EBIT 29.8% बढ़कर 496.6 करोड़ रुपये हो गया। EBIT मार्जिन 220 bps बढ़कर 16.3% हो गया। कंपनी ने प्रति शेयर 20 रुपये का अंतरिम डिविडेंड घोषित किया है।

वारी रिन्यूएबल टेक्नोलॉजीस: Q2 में सालाना आधार पर कंसोलिडेटेड मुनाफा 30% घटकर 81.5 करोड़ रुपये रह गया। रेवेन्यू 36.5% बढ़कर 1,057.8 करोड़ रुपये हो गया।

शोभा: Q2 में सालाना आधार पर कंसोलिडेटेड मुनाफा 54.6% गिरकर 33 करोड़ रुपये रहा। रेवेन्यू 31.3% घटकर 967.1 करोड़ रुपये पर आ गया।

डेल्टा कॉर्प: Q2 में सालाना आधार पर कंसोलिडेटेड बेसिस पर कंपनी ने 106.4 करोड़ रुपये का घाटा देखा। पिछले साल यह 25.1 करोड़ रुपये के मुनाफे में थी। रेवेन्यू 12.85% घटकर 159.5 करोड़ रुपये रह गया।

हिंदुस्तान जिंक: Q2 में सालाना आधार पर कंसोलिडेटेड मुनाफा 142.1% बढ़कर 6,412 करोड़ रुपये हो गया। रेवेन्यू 76.5% बढ़कर 15,093 करोड़ रुपये हो गया।

जस्ट डायल: Q2 में सालाना आधार पर मुनाफा 9.7% गिरकर 107.8 करोड़ रुपये हो गया। रेवेन्यू 13.1% बढ़कर 342.8 करोड़ रुपये हो गया।

गैलेंट इस्पात: Q2 में सालाना आधार पर कंसोलिडेटेड मुनाफा 32% घटकर 60.5 करोड़ रुपये और रेवेन्यू 13.1% बढ़कर 1,145.9 करोड़ रुपये हो गया।

पिरामल फाइनेंस: Q2 में सालाना आधार पर कंसोलिडेटेड मुनाफा 67% उछलकर 545 करोड़ रुपये हो गया। नेट इंटरेस्ट इनकम 35% बढ़कर 1,530 करोड़ रुपये रही।

इंडियन रिन्यूएबल एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी: Q2 में सालाना आधार पर स्टैंडअलोन मुनाफा 0.91% बढ़कर 554 करोड़ रुपये हो गया। रेवेन्यू 14% बढ़कर 2,344 करोड़ रुपये रहा। ऑपरेटिंग प्रॉफिट 16.5% बढ़कर 904 करोड़ रुपये हो गया। ग्रॉस NPA घटकर 3.57% हो गया। नेट NPA घटकर 1.08% हो गया।

SML महिंद्रा: Q2 में सालाना आधार पर मुनाफा 44.4% गिरकर 11.7 करोड़ रुपये रह गया। रेवेन्यू 20.7% बढ़कर 669.8 करोड़ रुपये हो गया।

धामपुर बायो ऑर्गेनिक्स: कंपनी ने भारत में माइकोप्रोटीन के एक्सक्लूसिव उत्पादन के लिए स्विट्जरलैंड की कंपनी ‘प्लैनेटरी SA’ के साथ एक टेक्नोलॉजी लाइसेंसिंग समझौता किया है।

सीगल इंडिया: कंपनी की सब्सिडियरी, ‘जाम खंभालिया जामनगर पावर ट्रांसमिशन लिमिटेड’ ने ‘सेंट्रल ट्रांसमिशन यूटिलिटी ऑफ इंडिया’ के साथ एक ट्रांसमिशन सर्विस एग्रीमेंट किया है। यह समझौता एक इंटरस्टेट ट्रांसमिशन सिस्टम के विकास और संचालन के लिए है।

Market cues : बाजार के दायरे में ट्रेड करने की उम्मीद, मुनाफे के सौदे पकड़ने के लिए इन अहम स्तरों पर रहे नजर

ट्रांसरेल लाइटिंग: कंपनी के बोर्ड ने ‘NOPL पेस ग्रीन एनर्जी’ में 49% इक्विटी हिस्सेदारी को 20 करोड़ रुपये में खरीदने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। NOPL, भारत सरकार की ‘PM-कुसुम’ योजना के कंपोनेंट C के तहत महाराष्ट्र में लगभग 990 MW (AC) कुल क्षमता वाला सोलर पावर पोर्टफोलियो विकसित कर रही है। इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य कृषि फीडरों के सोलराइजेशन (सौर ऊर्जा से जोड़ने) में मदद करना और सिंचाई के लिए दिन के समय बिजली की उपलब्धता में सुधार करना है।

JSW ड्यूलक्स: कर्नाटक GST विभाग ने अप्रैल 2020 से मार्च 2021 की अवधि के लिए टैक्स डिमांड को संशोधित करते हुए 42.04 करोड़ रुपये का आदेश जारी किया है। इस संशोधित डिमांड में 14.07 करोड़ रुपये का टैक्स, 13.9 करोड़ रुपये का ब्याज और 14.07 करोड़ रुपये का जुर्माना शामिल है। कंपनी को 5 अगस्त को कर्नाटक GST विभाग से एक कारण बताओ नोटिस मिला था, जिसमें इनपुट टैक्स क्रेडिट को अमान्य ठहराते हुए 118.33 करोड़ रुपये की टैक्स डिमांड की गई थी। इस डिमांड में 40.09 करोड़ रुपये का टैक्स, 38.17 करोड़ रुपये का ब्याज और 40.07 करोड़ रुपये का जुर्माना शामिल था।

बल्क डील्स

एक्सप्रो इंडिया: आशीष कचोलिया ने कंपनी में 2.22 लाख इक्विटी शेयर 21.53 करोड़ रुपये में बेचे हैं। शेयरों की यह संख्या कंपनी की पेड-अप इक्विटी कैपिटल के 0.94% के बराबर है।

मेनबोर्ड लिस्टिंग

HD फायर प्रोटेक्ट

SME लिस्टिंग

वैभव व्यापार

ये स्टॉक करेंगे एक्स-डिविडेंड ट्रेड

ICICI प्रूडेंशियल एसेट मैनेजमेंट कंपनी

मैंगलोर रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स

एलेकॉन इंजीनियरिंग कंपनी

Stock Split: एक साल में 190% और 5 साल में 1000% चढ़ी कीमत, अब 10 टुकड़ों में टूटेगा शेयर

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

LPG Price 21 October 2026: घरेलू गैस सस्ती या महंगी? बुकिंग से पहले जानें ताजा रेट

LPG Price 21 October 2026: घर का महीनेभर का हिसाब-किताब बनाना हो, तो रसोई गैस का खर्च नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। सिलेंडर की कीमत में थोड़ा-सा बदलाव भी परिवार के बजट को प्रभावित कर सकता है। वहीं, होटल और रेस्टोरेंट चलाने वालों के लिए कमर्शियल गैस के दाम कारोबार के खर्च से जुड़े होते हैं। ऐसे में अगर आप 20 अक्टूबर को LPG सिलेंडर बुक करने की तैयारी कर रहे हैं, तो पहले अपने शहर की कीमतों पर नजर डाल लीजिए।

फिलहाल घरेलू LPG सिलेंडर के दाम में इस महीने कोई नया बदलाव नहीं हुआ है। हालांकि, कमर्शियल सिलेंडर महंगा होने से कारोबारियों की लागत बढ़ गई है। आइए, समझते हैं कि अलग-अलग शहरों में गैस के क्या भाव हैं और इसका आपकी जेब पर क्या असर पड़ सकता है।

एक टेबल में देखें 10 शहरों के घरेलू और कमर्शियल LPG रेट

शहरघरेलू सिलेंडर (14.2 किलो)कमर्शियल सिलेंडर (19 किलो)
दिल्ली₹942₹2,810
मुंबई₹941.50₹2,764.50
कोलकाता₹968₹2,954
चेन्नई₹957.50₹2,983
नोएडा₹939.50₹2,810
गुरुग्राम₹950.50₹2,828
लखनऊ₹979.50₹2,932.50
जयपुर₹945.50₹2,839
पटना₹1,031.50₹3,100.50
हैदराबाद₹994₹3,065

हर महीने कब बदलते हैं LPG सिलेंडर के दाम?

तेल कंपनियां आमतौर पर हर महीने की पहली तारीख को LPG सिलेंडर की कीमतों की समीक्षा करती हैं। हालांकि, घरेलू और कमर्शियल सिलेंडर के दामों में बदलाव एक जैसा नहीं होता।

घरेलू गैस की कीमतें कई महीनों तक स्थिर रह सकती हैं, जबकि कमर्शियल सिलेंडर के रेट में अपेक्षाकृत ज्यादा बार बदलाव देखने को मिलता है। यही वजह है कि उपभोक्ताओं और कारोबारियों, दोनों के लिए नई कीमतों पर नजर रखना जरूरी है।

बुकिंग से पहले जरूर करें रेट चेक: घरेलू सिलेंडर के दाम फिलहाल स्थिर हैं, लेकिन शहर के अनुसार कीमत अलग हो सकती है। इसलिए LPG बुक कराने से पहले अपने स्थानीय वितरक या आधिकारिक गैस बुकिंग माध्यम से लागू कीमत की पुष्टि कर लें।

Petrol Diesel Price Today: 21 अक्टूबर को क्या हैं पेट्रोल और डीजल के भाव? देखें लेटेस्ट अपडेट

फ्रांस के ऐतिहासिक टाउन हॉल में आग लगाने के आरोप में संदिग्ध गिरफ्तार

फ्रांस के ऐतिहासिक टाउन हॉल में आग लगाने के आरोप में संदिग्ध गिरफ्तार

france violence

-शिवांगी सक्सेना

फ्रांस के लिमोज शहर में शनिवार को हुए हिंसक प्रदर्शनों के दौरान ऐतिहासिक टाउन हॉल में आग लगाने के मामले में सुरक्षा बलों ने मंगलवार, 20 अक्टूबर को एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया। ALSO READ: डोनाल्ड ट्रंप की ‘सुपर इंटेलिजेंस फोर्स’ क्या है

 

अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी के कट्टर वामपंथी संगठनों से जुड़े होने का संदेह है। मामले की जांच के लिए आतंकवाद निरोधक पुलिस को भी बुलाया गया है।

मध्य फ्रांस के लिमोज शहर में स्थित ऐतिहासिक टाउन हॉल 17 अक्टूबर को आग की चपेट में आ गया था। आग इतनी भीषण थी कि इमारत की छत और घंटाघर ढह गए।

 

लिमोज अभियोजक कार्यालय के अनुसार, 40 वर्षीय संदिग्ध को नजदीकी शहर वाल दीजेयर में विशेष पुलिस इकाई रेड (आरएआईडी) के अधिकारियों ने गिरफ्तार किया। संदिग्ध पहले से ही निगरानी के दायरे में था और उसे संभावित खतरे के रूप में चिह्नित किया गया था। उसका संबंध कट्टर वामपंथी आंदोलनों से बताया जा रहा है। ALSO READ: 100 साल पहले मिले जीवाश्म ने दी नए डायनासोर की खबर

 

17 अक्टूबर को लिमोज में हुए प्रदर्शन में करीब 5,000 लोगों ने हिस्सा लिया। अधिकारियों के अनुसार, इनमें लगभग 700 लोग ऐसे थे जिन्हें कट्टरपंथी और बेहद हिंसक बताया गया।

Mercedes-AMG GT SUV vs rivals: Specifications compared

Mercedes-AMG GT SUV vs rivals: Specifications compared
Mercedes-AMG GT SUV vs rivals

Mercedes-Benz recently unveiled its latest performance SUV, the all-electric AMG GT SUV. As the second model based on the 800-volt AMG.EA platform, the AMG GT SUV touts some serious numbers, particularly when it comes to power and performance. We take a look at how the AMG GT SUV stacks up on paper against its key rivals: the Porsche Cayenne Electric and Lotus Eletre. For this comparison, we’ve selected the top-spec, most potent versions of each electric performance SUV, specifically the AMG GT 63 SUV, Cayenne Turbo Electric, and Eletre 900 Sport.

Mercedes-AMG GT SUV vs rivals: Powertrain and performance

 AMG GT 63 SUVCayenne Turbo ElectricEletre 900 Sport
Battery capacity (kWh)106 / 128113112
Motor layoutTripleDualDual
Power (hp)721 (up to 1,169)857 (up to 1,156)905
Torque (Nm)2,0001,360 (up to 1,500)985
Gearbox2-speed automatic1-speed automatic2-speed automatic
Drive layoutAWDAWDAWD
Claimed 0-100kph time (sec)2.72.52.95
Claimed top speed (kph)270*260258

Both the AMG GT SUV and Cayenne Electric have boost functions to significantly raise the power output when launch control is engaged, during which the Merc is a touch more powerful. However, when comparing constant, non-launch-control outputs, it’s the Eletre that ranks as the most powerful one here, followed by the Cayenne Electric and then the AMG GT SUV. In terms of torque output, though, the AMG GT SUV’s 2,000Nm figure far outclasses its rivals.

The standard 106kWh battery pack of the AMG GT SUV is the smallest here, but the optional 128kWh unit turns the hierarchy around. The AMG GT SUV also has a triple-motor layout, while the Porsche and the Lotus SUVs have dual-motor setups – all three are all-wheel drive, however. An interesting aspect of the AMG GT SUV’s motors is that they feature an axial-flux design, which makes them more compact and energy-dense than the radial-flux motors used in the Cayenne Electric and Eletre.

Much like the Eletre, the AMG GT SUV comes fitted with a 2-speed gearbox, whereas the Cayenne Electric makes do with a single-speed transmission. Coming to performance, the Cayenne Electric boasts the lowest 0-100kph time in this company, coming in at 0.2sec quicker than the AMG GT SUV and 0.45sec quicker than the Eletre. The AMG GT SUV, however, carries the highest top speed (albeit only with the optional Driver’s Package), followed by the Cayenne Electric and the Eletre.

Mercedes-AMG GT SUV vs rivals: Range and charging

 AMG GT 63 SUVCayenne Turbo ElectricEletre 900 Sport
Battery capacity (kWh)106 / 128113112
Max WLTP range (km)585 / 700623500
Max AC charging wattage (kW)112222
Max DC charging wattage (kW)600 / 710400350
10-80 percent DC charging speed (minutes)11 / 121620

The Eletre carries the lowest range figure, outpaced even by the 106kWh spec of the AMG GT SUV. Expectedly, the 128kWh version of the Merc sports the highest range among its rivals, coming in at 77km over the Cayenne Electric and a full 200km over the Eletre. Even DC charging speeds are a sweep for the AMG GT SUV. When it comes to AC charging, though, the AMG GT SUV can only accept a maximum of 11kW, which is half the wattage that the Cayenne Electric and Eletre are capable of charging at.

Mercedes-AMG GT SUV vs rivals: Dimensions

 AMG GT 63 SUVCayenne Turbo ElectricEletre 900 Sport
Length (mm)5,0844,9855,103
Width (mm)2,0011,9802,019
Height (mm)1,6561,6741,636
Wheelbase (mm)3,0403,0233,019
Kerb weight (kg)2,585 / 2,6952,6452,640
Boot space (litres)670747688
Frunk space (litres)1119046

The Eletre is the longest and widest SUV here, but the AMG GT SUV edges ahead of both its rivals on the wheelbase front. Height is a win for the Cayenne Electric, followed closely by the AMG GT SUV and then the Eletre. Interestingly, the AMG GT SUV is the lightest one here in its 106kWh guise, and the heaviest in its 128kWh spec. Boot space, however, is where the AMG GT SUV trails its rivals – the Cayenne Electric offers 77 litres more space. Looking at frunk space, though, the AMG GT SUV sports the largest capacity, while the Eletre has the smallest one.

Top News 21 October: टाइगर श्रॉफ फायरिंग मामले में 4 और गिरफ्तार, जियो का मेगा IPO, मॉडल श्रद्धा दुबे नागपुर से अरेस्ट

Top News 21 October: टाइगर श्रॉफ फायरिंग मामले में 4 और गिरफ्तार, जियो का मेगा IPO, मॉडल श्रद्धा दुबे नागपुर से अरेस्ट

top news 21 october

Top News 21 October: टाइगर श्राफ मामले में पुलिस ने 4 और आरोपियों को गिरफ्तार किया। रिटेल निवेशकों के लिए खुलेगा JIO का आईपीओ। अभिजीत दीपके ने CJP आंदोलन की तुलना नेपाल-बांग्लादेश से न करने की अपील की। मॉडल श्रद्धा दुबे नागपुर से गिरफ्तार। 21 अक्टूबर की बड़ी खबरें :
 

टाइगर श्राफ मामले में 4 गिरफ्तार

फिल्म अभिनेता टाइगर श्राफ पर हमले के मामले में दिल्ली पुलिस ने 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया। इससे पहले 3 शूटर्स को भी कोटा से गिरफ्तार किया गया था। सभी को मुंबई लाया गया। उन्हें आज कोर्ट में पेश किया जाएगा। दिल्ली से गिरफ्तार चारों लोगों पर शूटर्स को हथियार पहुंचाने का आरोप है। 

 

जियो का मेगा IPO

जियो का 30,213 करोड़ रुपये का मेगा आईपीओ बुधवार को रिटेल निवेशकों के लिए खुलेगा। आकार के मामले में यह देश का सबसे बड़ा पब्लिक ऑफर माना जा रहा है। कंपनी ने इसका प्राइज बैंड 1,065 रुपये से 1,119 रुपये प्रति शेयर तय किया है। ALSO READ: Jio IPO ने रचा इतिहास! 2.5 लाख करोड़ से ज्यादा का दांव, एंकर निवेशकों की डिमांड 30 गुना पार
 

CJP आंदोलन की तुलना नेपाल-बांग्लादेश से न करें : दीपके

कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने वीडियो मैसेज जारी कर कहा- सौरव दास और आशुतोष रांका का शांतिपूर्वक जेल जाना गांधीवादी सत्याग्रह का सबूत है। उन्होंने कहा- भारत में हो रहे प्रदर्शनों की तुलना नेपाल और बांग्लादेश के सत्ता बदलाव वाले हिंसक प्रदर्शन से करना ठीक नहीं। ALSO READ: अभिजीत दीपके का बड़ा बयान, CJP के प्रोटेस्‍ट पर लगेगा ब्रेक, जानिए क्‍यों लिया यह फैसला?

 

दिल्ली में सर्दी की दस्तक

दिल्ली में लोगों को सुबह-शाम की ठंड का अहसास होने लगा है। पश्चिमी विक्षोभ के चलते राजधानी में अधिकतम और न्यूनतम तापमान लगभग 4 से 5 डिग्री सेल्सियस तक नीचे गिरा है। 24 और 25 अक्टूबर को यहां हल्की बारिश की संभावना है।

 

मॉडल श्रद्धा दुबे नागपुर से गिरफ्तार

लखनऊ के करोड़पति कारोबारी शिवा शर्मा हत्या की आरोपी लिवइन पार्टनर मॉडल श्रद्धा दुबे को मंगलवार को नागपुर से गिरफ्तार कर लिया गया है। श्रद्धा पर 50 हजार का इनाम था। वह 11 दिन से फरार थी। ALSO READ: शिवा शर्मा हत्याकांड : मुख्य आरोपी श्रद्धा दुबे गिरफ्तार, 11 दिन से दे रही थी चकमा

 

ईरान बोला-एक ग्राम एनरिच्ड-यूरेनियम भी देश से बाहर नहीं जाएगा:जब तक अमेरिका भरोसा पैदा नहीं करता, कोई बातचीत नहीं होगी

ईरान ने मंगलवार को कहा कि वह अपना एक ग्राम भी एनरिच्ड यूरेनियम किसी दूसरे देश नहीं भेजेगा। ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सेक्रेटरी मोहसिन रजाई ने कहा कि जब तक अमेरिका भरोसा जीतने के लिए ठोस कदम नहीं उठाता और ईरान की सभी शर्तें नहीं मानता, तब तक बातचीत नहीं होगी। ईरान ने अमेरिका के सामने 7 शर्तें रखीं ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने कहा कि अमेरिका तब तक ईरान का भरोसा नहीं जीत सकता, जब तक वह उसकी सात शर्तें पूरी नहीं करता। ये शर्तें पिछले महीने होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा खोलने के लिए रखी गई थीं। ईरान की प्रमुख मांगों में उसके बंदरगाहों पर लगी अमेरिकी नाकेबंदी खत्म करना, तेल निर्यात पर लगे प्रतिबंध हटाना और क्षेत्र के सभी मोर्चों पर लड़ाई रोकना शामिल है। ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई भी कह चुके हैं कि हथियार बनाने के लिए जरूरी स्तर के करीब पहुंच चुके एनरिच्ड यूरेनियम को देश से बाहर नहीं भेजा जाना चाहिए। परमाणु कार्यक्रम पर दोनों देशों में विवाद ईरान का परमाणु कार्यक्रम अमेरिका के साथ समझौते की राह में बड़ी रुकावट बना हुआ है। अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने इसी महीने की शुरुआत में कहा था कि ईरान को यूरेनियम संवर्धन की अपनी क्षमता में ठोस कमी करनी होगी। उनके मुताबिक, ऐसा करना अमेरिकी मांगें मानने और दोनों देशों के बीच आठ महीने से चल रही जंग खत्म करने के लिए जरूरी है। एनरिच्ड यूरेनियम वह यूरेनियम होता है, जिसमें एक खास तरह के परमाणु की मात्रा बढ़ाई जाती है। इसका इस्तेमाल परमाणु ऊर्जा बनाने के साथ परमाणु हथियारों में भी हो सकता है। ईरान पर परमाणु हथियार बनाने का आरोप अमेरिका, इजराइल और कई पश्चिमी देश लंबे समय से ईरान पर परमाणु हथियार बनाने की कोशिश करने का आरोप लगाते रहे हैं। इन देशों की चिंता की एक बड़ी वजह ईरान का यूरेनियम को 60% तक संवर्धित करना है। आम तौर पर नागरिक परमाणु ऊर्जा के लिए इतने ऊंचे स्तर की जरूरत नहीं होती, जबकि परमाणु हथियारों में इस्तेमाल होने वाले यूरेनियम का संवर्धन स्तर करीब 90% होता है। हालांकि, ईरान इन आरोपों से इनकार करता रहा है। उसका कहना है कि वह परमाणु हथियार बनाने की कोशिश नहीं कर रहा है। पाकिस्तान बातचीत की कोशिश करा रहा पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर दोनों देशों के बीच बातचीत दोबारा शुरू कराने के लिए ईरान के दौरे पर हैं। उन्होंने मुनीर के साथ मुलाकात में भी ईरान का यही रुख दोहराया। ईरानी मीडिया के मुताबिक, मंगलवार को राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने तेहरान में मुनीर से मुलाकात की। समाचार एजेंसी नूर न्यूज के अनुसार, इस दौरान क्षेत्र के हालात और बातचीत कराने की कोशिशों पर चर्चा हुई। मुनीर ने ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबाफ से भी मुलाकात की। पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। इससे पहले पाकिस्तान की कोशिशों से जून में दोनों देशों के बीच अंतरिम शांति समझौता हुआ था। लेकिन कुछ ही हफ्तों बाद अमेरिका और ईरान के बीच फिर लड़ाई शुरू हो गई और समझौता टूट गया।

ईरान बोला-एक ग्राम एनरिच्ड-यूरेनियम भी देश से बाहर नहीं जाएगा:जब तक अमेरिका भरोसा पैदा नहीं करता, कोई बातचीत नहीं होगी

ईरान ने मंगलवार को कहा कि वह अपना एक ग्राम भी एनरिच्ड यूरेनियम किसी दूसरे देश नहीं भेजेगा। ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सेक्रेटरी मोहसिन रजाई ने कहा कि जब तक अमेरिका भरोसा जीतने के लिए ठोस कदम नहीं उठाता और ईरान की सभी शर्तें नहीं मानता, तब तक बातचीत नहीं होगी। ईरान ने अमेरिका के सामने 7 शर्तें रखीं ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने कहा कि अमेरिका तब तक ईरान का भरोसा नहीं जीत सकता, जब तक वह उसकी सात शर्तें पूरी नहीं करता। ये शर्तें पिछले महीने होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा खोलने के लिए रखी गई थीं। ईरान की प्रमुख मांगों में उसके बंदरगाहों पर लगी अमेरिकी नाकेबंदी खत्म करना, तेल निर्यात पर लगे प्रतिबंध हटाना और क्षेत्र के सभी मोर्चों पर लड़ाई रोकना शामिल है। ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई भी कह चुके हैं कि हथियार बनाने के लिए जरूरी स्तर के करीब पहुंच चुके एनरिच्ड यूरेनियम को देश से बाहर नहीं भेजा जाना चाहिए। परमाणु कार्यक्रम पर दोनों देशों में विवाद ईरान का परमाणु कार्यक्रम अमेरिका के साथ समझौते की राह में बड़ी रुकावट बना हुआ है। अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने इसी महीने की शुरुआत में कहा था कि ईरान को यूरेनियम संवर्धन की अपनी क्षमता में ठोस कमी करनी होगी। उनके मुताबिक, ऐसा करना अमेरिकी मांगें मानने और दोनों देशों के बीच आठ महीने से चल रही जंग खत्म करने के लिए जरूरी है। एनरिच्ड यूरेनियम वह यूरेनियम होता है, जिसमें एक खास तरह के परमाणु की मात्रा बढ़ाई जाती है। इसका इस्तेमाल परमाणु ऊर्जा बनाने के साथ परमाणु हथियारों में भी हो सकता है। ईरान पर परमाणु हथियार बनाने का आरोप अमेरिका, इजराइल और कई पश्चिमी देश लंबे समय से ईरान पर परमाणु हथियार बनाने की कोशिश करने का आरोप लगाते रहे हैं। इन देशों की चिंता की एक बड़ी वजह ईरान का यूरेनियम को 60% तक संवर्धित करना है। आम तौर पर नागरिक परमाणु ऊर्जा के लिए इतने ऊंचे स्तर की जरूरत नहीं होती, जबकि परमाणु हथियारों में इस्तेमाल होने वाले यूरेनियम का संवर्धन स्तर करीब 90% होता है। हालांकि, ईरान इन आरोपों से इनकार करता रहा है। उसका कहना है कि वह परमाणु हथियार बनाने की कोशिश नहीं कर रहा है। ट्रम्प बोले- ईरान परमाणु हथियार नहीं बना पाएगा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 15 अक्टूबर को न्यूजमैक्स को दिए इंटरव्यू में दोबारा कहा कि अमेरिका ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देगा। रॉयटर्स मुताबिक, ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका यह सुनिश्चित करना चाहता है कि ईरान के पास कभी परमाणु हथियार न हों, क्योंकि अगर उसके पास ऐसे हथियार हुए तो वह उनका इस्तेमाल करेगा। ट्रम्प ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़े पहाड़ के नीचे बने ठिकाने को निशाना बनाने की संभावना भी जताई। उन्होंने कहा कि इस ठिकाने पर हमला करना पड़ सकता है। हालांकि, ट्रम्प ने यह भी साफ किया कि ईरान के खिलाफ जंग में अमेरिका परमाणु बम का इस्तेमाल नहीं करेगा। पाकिस्तान बातचीत की कोशिश करा रहा पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर दोनों देशों के बीच बातचीत दोबारा शुरू कराने के लिए ईरान के दौरे पर हैं। उन्होंने मुनीर के साथ मुलाकात में भी ईरान का यही रुख दोहराया। ईरानी मीडिया के मुताबिक, मंगलवार को राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने तेहरान में मुनीर से मुलाकात की। समाचार एजेंसी नूर न्यूज के अनुसार, इस दौरान क्षेत्र के हालात और बातचीत कराने की कोशिशों पर चर्चा हुई। मुनीर ने ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबाफ से भी मुलाकात की। पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। इससे पहले पाकिस्तान की कोशिशों से जून में दोनों देशों के बीच अंतरिम शांति समझौता हुआ था।लेकिन कुछ ही हफ्तों बाद अमेरिका और ईरान के बीच फिर लड़ाई शुरू हो गई और समझौता टूट गया। 28 फरवरी से चल रही है अमेरिका-ईरान की लड़ाई अमेरिका और इजराइल ने 28 फरवरी को ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई शुरू की थी। इसके जवाब में ईरान ने इजराइल और उन खाड़ी देशों में हमले किए, जहां अमेरिकी सैन्य ठिकाने मौजूद हैं। अमेरिका का कहना है कि उसका मकसद ईरान की परमाणु क्षमता को कमजोर करना है। वहीं ईरान लगातार कहता रहा है कि उसका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है और उसे परमाणु तकनीक के इस्तेमाल का अधिकार है। ———————— यह खबर भी पढ़ें… ट्रम्प मिडटर्म चुनाव हार सकते हैं:10 में से 9 सर्वे में पीछे, महंगाई-ईरान जंग से लोकप्रियता घटी, अपने ही उम्मीदवार दूरी बना रहे अमेरिका में 3 नवंबर को होने वाले मिडटर्म चुनाव राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की पार्टी के लिए मुश्किल खड़ी कर सकते हैं। पूरी खबर पढ़ें…