Top News 3 September: 12 राज्यों में बारिश का अलर्ट, ईरान युद्ध पर ट्रंप का बड़ा बयान

Top News 3 September: 12 राज्यों में बारिश का अलर्ट, ईरान युद्ध पर ट्रंप का बड़ा बयान

Heavy rain in India

Top News 3 September : देश के 12 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, ट्रंप का दावा- ज्यादा लंबी नहीं चलेगी जंग। पाकिस्तान में 100 साल पुराना हिंदू मंदिर ढहाए जाने पर भारत ने जताई आपत्ति। राम मंदिर ट्रस्ट के पहले सीईओ ने नई जिम्मेदारी मिलने पर चयन समिति, श्री राम मंदिर ट्रस्ट और भगवान राम के प्रति आभार जताया। 3 सितंबर की बड़ी खबरें : 

 

12 से ज्यादा राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

मध्य भारत के ऊपर बने निम्न दबाव के क्षेत्र और उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से पहाड़ से लेकर मैदान तक मूसलाधार बारिश का दौर शुरू हो गया है। नदियां उफान पर है। मौसम विभाग 12 से ज्यादा राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।  

 

ट्रंप का बड़ा दावा- लंबी नहीं चलेगी जंग

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को कहा कि उन्हें नहीं लगता कि ईरान के साथ जारी युद्ध अब 'बहुत ज्यादा लंबा' चलेगा। यह युद्ध 28 फरवरी को शुरू हुआ था।

 

पाकिस्तान में 100 साल पुराने हिन्दू मंदिर पर बवाल

पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में करीब 100 से 125 साल पुराने हिन्दू मंदिर को कथित तौर पर गिराए जाने के मामले में भारत ने कड़ी आपत्ति जताई है। भारत ने इसे अल्पसंख्यक समुदाय के पूजा स्थल के खिलाफ “निंदनीय तोड़फोड़ की कार्रवाई” करार दिया है। ALSO READ: पाकिस्तान में 100 साल पुराने हिन्दू मंदिर पर बवाल, भारत ने जताई कड़ी आपत्ति, जानें मंदिर गिराने पर क्या बोली सरकार

 

सिंधु जल संधि पर फिर बढ़ा विवाद

सिंधु जल संधि को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच विवाद एक बार फिर तेज हो गया है। अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता निकाय के फैसले को भारत द्वारा खारिज किए जाने के कुछ दिनों बाद पाकिस्तान ने बुधवार को नई दिल्ली से 1960 की जल बंटवारा संधि के तहत 'रचनात्मक तरीके से' बातचीत करने का आग्रह किया। ALSO READ: indus waters treaty : सिंधु जल संधि पर फिर बढ़ा विवाद, भारत के सामने फिर गिड़गिड़ाया Pakistan

 

राम मंदिर के CEO जितेंद्र मिश्रा का पहला बयान 

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट, अयोध्या के पहले CEO नियुक्त किए गए एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा (सेवानिवृत्त) ने नई जिम्मेदारी मिलने पर चयन समिति, श्री राम मंदिर ट्रस्ट और भगवान राम के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा- मैं भगवान से प्रार्थना करता हूं कि मुझे इतनी क्षमता प्रदान करें कि मैं इस जिम्मेदारी को अच्छी तरह निभा सकूं। ALSO READ: Ram Mandir : 'प्रभु राम मुझे यह जिम्मेदारी निभाने का सामर्थ्य दें', अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट के पहले CEO जितेंद्र मिश्रा ने कहा

रूस-यूक्रेन ने ब्लैक सी में 300 जहाजों पर हमले किए:दुनिया में गेहूं-मक्का महंगा होने का खतरा; रूस का अनाज निर्यात 71% घटा

रूस-यूक्रेन युद्ध में ब्लैक सी अब जंग का बड़ा मोर्चा बन गया है। पिछले करीब डेढ़ महीने में दोनों देशों ने 300 से ज्यादा जहाजों को निशाना बनाया है। इनमें अनाज ले जाने वाले जहाज, तेल टैंकर और दूसरे मालवाहक पोत शामिल हैं।लगातार हमलों से ब्लैक सी का समुद्री व्यापार प्रभावित हुआ है। जहाज मालिक इस रूट पर जाने से बच रहे हैं और माल ढुलाई की लागत बढ़ रही है। इसका असर दुनिया की खाद्य सप्लाई पर पड़ने का खतरा है। गेहूं और मक्का की कीमतों में तेजी आ सकती है। रूस और यूक्रेन मिलकर दुनिया के करीब 30% गेहूं निर्यात का हिस्सा रखते हैं। दोनों देशों का ज्यादातर अनाज ब्लैक सी के रास्ते दूसरे देशों तक पहुंचता है। रूस का अनाज निर्यात 71% घटा अगस्त में रूस का कुल अनाज निर्यात पिछले साल के 59 लाख टन से घटकर 17 लाख टन रह गया। यानी करीब 71% की गिरावट आई। रूस का गेहूं निर्यात भी 50 लाख टन से घटकर 13 लाख टन रह गया। रूसी गेहूं खरीदने वाले देशों की संख्या 43 से घटकर 16 रह गई है। वहीं, रूस से अनाज भेजने वाले बंदरगाहों की संख्या 47 से घटकर 10 रह गई। देश के सबसे बड़े बंदरगाह नोवोरोसिस्क से शिपमेंट 24.9 लाख टन से घटकर 10.4 लाख टन रह गया। पिछले साल के मुकाबले गेहूं 30% महंगा हुआ बंदरगाहों और जहाजों पर हमले बढ़ने से अनाज का समुद्री कारोबार प्रभावित हुआ है। दोनों देशों के गोदामों में अनाज मौजूद है, लेकिन उसे खरीदार देशों तक पहुंचाने में मुश्किल आ रही है। इसका असर अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी दिख रहा है। गेहूं की कीमतें पिछले एक साल में करीब 30% बढ़ चुकी हैं। यूक्रेन ने सड़क-रेल से निर्यात बढ़ाया, लेकिन सप्लाई कम ब्लैक सी का समुद्री रास्ता प्रभावित होने के बाद यूक्रेन सड़क और रेल नेटवर्क के जरिए अनाज दूसरे देशों तक भेज रहा है। हालांकि इन रास्तों की क्षमता ब्लैक सी के बंदरगाहों की तुलना में काफी कम है। डेन्यूब नदी के रास्ते भी सीमित मात्रा में अनाज भेजा जा रहा है। लेकिन जलस्तर और परिवहन क्षमता की वजह से यह विकल्प समुद्री रास्ते की पूरी भरपाई नहीं कर पा रहा है। मक्का की ग्लोबल सप्लाई पर भी असर का खतरा ब्लैक सी में बढ़ते तनाव का असर सिर्फ गेहूं पर नहीं, मक्का की सप्लाई पर भी पड़ सकता है। 2025-26 में यूक्रेन ने 2.3 करोड़ टन मक्का निर्यात किया था। यह दुनिया के कुल मक्का निर्यात का करीब 12% था। अगर मौजूदा हालात लंबे समय तक जारी रहे तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में मक्का की सप्लाई भी प्रभावित हो सकती है। ब्लैक सी क्यों है इतना अहम? ब्लैक सी दुनिया के प्रमुख समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है। रूस और यूक्रेन से गेहूं, मक्का और सूरजमुखी तेल का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से दुनिया के दूसरे देशों तक पहुंचता है। दोनों देश मिलकर वैश्विक गेहूं निर्यात का करीब 30% हिस्सा रखते हैं। इसलिए ब्लैक सी में सैन्य तनाव का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय खाद्य बाजार पर पड़ सकता है। 2022 में भी बढ़ी थीं खाद्य कीमतें 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद ब्लैक सी से अनाज निर्यात बाधित हुआ था। उस समय दुनिया भर में खाद्य कीमतों में तेज बढ़ोतरी हुई थी। बाद में संयुक्त राष्ट्र और तुर्किये की मध्यस्थता से ब्लैक सी ग्रेन डील लागू हुई। इससे लाखों टन अनाज अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच सका। अब ब्लैक सी में फिर जहाजों और बंदरगाहों पर हमले बढ़ने से वैश्विक खाद्य आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ गई है। अगर समुद्री रास्ता लंबे समय तक प्रभावित रहा तो गेहूं, मक्का और खाद्य तेल की कीमतों में नई तेजी आ सकती है। इसका असर उन देशों पर ज्यादा पड़ सकता है जो रूस और यूक्रेन से होने वाले अनाज निर्यात पर निर्भर हैं। ——————– ये खबर भी पढ़ें… रूबियो बोले- भारत-ईरान के बीच ट्रेड डील पर बातचीत नहीं:तेहरान की मदद करने वालों पर बैन लगाएंगे; मोदी-पजशकियान मुलाकात पर सवाल पूछा था अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कहा कि मुझे नहीं लगता कि भारत और ईरान के बीच कोई ट्रेड डील हुई है। उनसे पीएम मोदी और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पजशकियान की मुलाकात को लेकर सवाल किया गया था। पूरी खबर पढ़ें…

Trading Ideas : बाजार में कंसोलीडेशन की उम्मीद, शॉर्ट टर्म में जोरदार कमाई के लिए आज इन शेयरों पर रहे नजर

Trading Ideas : खराब ग्लोबल संकेतों से कल बाजार में दबाव दिखा। निफ्टी और सेंसेक्स गिरावट के साथ बंद हुए। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी दबाव देखने को मिला। एनर्जी,PSE और तेल-गैस इंडेक्स बढ़त पर बंद हुए। ऑटो,IT और कैपिटल मार्केट शेयरों में बिकवाली रही। निफ्टी 141 प्वाइंट गिरकर 23,914 पर बंद हुआ। सेंसेक्स 374 प्वाइंट गिरकर 76,570 पर बंद हुआ। बैंक निफ्टी 238 प्वाइंट गिरकर 57,172 पर बंद हुआ। मिडकैप 333 प्वाइंट गिरकर 63,002 पर बंद हुआ। निफ्टी के 50 में से 36 शेयरों में बिकवाली रही। सेंसेक्स के 30 में से 20 शेयरों में बिकवाली रही। बैंक निफ्टी के 14 में से 7 शेयरों में बिकवाली देखने को मिली। डॉलर के मुकाबले रुपया भी 2 पैसे कमजोर होकर 94.97 रुपए प्रति डॉलर पर बंद हुआ।

निफ्टी व्यू

मार्केट ट्रेंड पर बात करते हुए मंत्री फिनमार्ट के अरुण कुमार मंत्री ने कहा कि अगर मार्केट की बात करें तो निफ्टी में एक ब्रेकडाउन के संकेत हैं। 24000-24050 का जो एक हायर ट्रेंड लाइन का ब्रेकडाउन था वो कल देखने को मिला। यहां पर एक बेनिफिट ऑफ डाउट जरूर दे सकते हैं क्योंकि वीकली क्लोजिंग होनी अभी बाकी है और कैश के एडजस्टमेंट्स भी देखने को मिल रहे हैं। जहां तक निफ्टी की बात है आज के सेशन के लिए जो सपोर्ट है वो 23,800 के आसपास है। वहीं, 24050 को रेजिस्टेंस के तौर पर देख सकते हैं। अगर वीकली क्लोजिंग वापस 24,000 के ऊपर हो जाती है जो कि फ्राइडे होनी है तो मार्केट में वापस एक कंसोलीडेशन का जोन देखने को मिलेगा। वहीं, अगर 23,800 का लेवल टूट जाता है तो एक बड़ी गिरावट देखने को मिल सकती है और निफ्टी 23,500 की तरफ भी जा सकता है। ऐसे आज और कल का सेशन काफी अहम रहेगा। अगर 23,800 ब्रीच होता है तो मार्केट एक बड़ी गिरावट की तरफ जाएगा। वहीं, अगर हम आज वापस 24,000 रिक्लेम कर लेते हैं तो वापस हमें एक कंसोीडेशन देखने को मिल सकता है। जहां तक आज की बात है तो निफ्टी में कंसोलीडेशन देखने को मिल सकता है। इसके लिए निफ्टी ट्रेडर्स को 23800 पर स्टॉप लॉस रखना चाहिए।

बैंक निफ्टी व्यू

इसी तरह का नजरिया बैंक निफ्टी पर भी है। बैंक निफ्टी का स्ट्रक्चर थोड़ा ज्यादा पॉजिटिव है। बैंक निफ्टी ने अभी भी 57,000 का लेवल होल्ड किया हुआ है। अगर ये लेवल होल्ड कर जाता है और हम 57,500 के तरफ बढ़ते हैं तो बैंक निफ्टी जरूर एक लीडरशिप पोजीशन ले सकता है।

अरुण कुमार मंत्री की टॉप पिक्स

अपने पसंदीदा स्टॉक्स पर बात करते हुए उन्होंने आगे कहा कि स्टॉक्स में काफी अच्छा एक्शन है। आज के लिए बाय साइड पर दो स्टॉक्स अच्छे लग रहे हैं। पहला डिक्शन टेक्नोलॉजी, जिसमें खरीदारी की सलाह रहेगी। एक अच्छे कंसोलिडेशन के बाद यह स्टॉक वापस 14,500 रुपए के सपोर्ट के आसपास दिख रहा है। इसको 14,500 रुपए के आसपास खरीदनें की सलाह है। 14,240 रुपए का स्टॉपलॉस लगा कर 14,910 रुपए तक के टारगेट्स के लिए खरीदारी करें।

दूसरा स्टॉक नौकरी या इंफोएज हैं। इसमें खरीदारी की सलाह है। इस स्टॉक में भी एक ब्रेकआउट है और ओवरऑल ट्रेंड अभी भी पॉजिटिव बना है। इसको 134042 रुपए के आसपास खरीदे। 1326 रुपए का स्टॉप लॉस रहेगा और 1371 रुपए तक के टारगेट सेट करें।

 

Market cues : खतरे में 23800 का लेवल, यह सपोर्ट टूटने पर निफ्टी में 23,600 तक की गिरावट मुमकिन

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Gold Rate Today: सोने में नहीं थम रही गिरावट, लगातार हो रहा सस्ता; ये है लेटेस्ट रेट

सोने की कीमत में गिरावट थमने का नाम नहीं ले रही है। 3 सितंबर की सुबह भी ज्यादातर शहरों में 24 और 22 कैरेट का भाव गिरा है। राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत फिसलकर 152160 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गई है। एक दिन पहले दिल्ली के सराफा बाजार में हाजिर सोना लगातार छठे कारोबारी दिन गिरा और 3 सप्ताह से ज्यादा समय के निचले स्तर पर आ गया। अमेरिका-ईरान के बीच तनाव बढ़ने और उसके कारण कच्चे तेल की कीमतों में उछाल से महंगाई को लेकर चिंता बढ़ रही है।

अमेरिका के केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की आशंकाओं के बीच हाजिर सोने की कीमतें दबाव में हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोना 4,303.12 डॉलर प्रति औंस पर है।

देश के कुछ बड़े शहरों में गोल्ड रेट

दिल्ली में सोने की कीमतदिल्ली में 24 कैरेट सोने की कीमत 152160 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 139490 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

मुंबई और कोलकाता: मुंबई और कोलकाता में 22 कैरेट सोने की कीमत 139340 रुपये प्रति 10 ग्राम, जबकि 24 कैरेट सोने की कीमत 152010 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

चेन्नई में सोने की कीमत: 24 कैरेट सोने की कीमत 152010 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 139340 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

पुणे और बेंगलुरु में कीमत: इन दोनों शहरों में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत 152010 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट गोल्ड की कीमत 139340 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

शहर22 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)24 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)
दिल्ली139490152160
मुंबई139340152010
अहमदाबाद139390152060
चेन्नई139340152010
कोलकाता139340152010
हैदराबाद139340152010
जयपुर139490152160
भोपाल139390152060
लखनऊ139490152160
चंडीगढ़139490152160

Atal Pension Yojana: ₹5000 पेंशन की सरकारी गारंटी, समझिए निवेश और कमाई का पूरा हिसाब

चांदी की कीमत

सोने की तरह चांदी की कीमतें भी दबाव में हैं। 3 सितंबर की सुबह चांदी टूटकर 244900 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर चांदी यानि कि स्पॉट सिल्वर की कीमत 63.64 डॉलर प्रति औंस है। सोने और चांदी की देश के अंदर कीमतें डोमेस्टिक फैक्टर्स के साथ-साथ ग्लोबल फैक्टर्स से भी प्रभावित होती हैं।

4 घंटे मलबे में दबी रहीं 97 साल की महिला:रेस्क्यू के बाद बार-बार पूछा- पानी ने मुझे क्यों मारा; नेपाल बाढ़ में 1243 की मौत

नेपाल में 26 अगस्त को आई भीषण फ्लैश फ्लड में 97 साल की गुना माया बोहरा करीब 4 घंटे तक मलबे में दबी रहीं। नुवाकोट के देविघाट में नदी किनारे बने बुजुर्ग देखभाल केंद्र की ग्राउंड फ्लोर पर वह अपने कमरे में थीं। बाढ़ का पानी ग्राउंड फ्लोर तक पहुंचा और गुना माया को बहाकर एक किनारे तक ले गया, जहां पानी का बहाव कम था। उनके रिश्तेदार भी JCB लेकर मौके पर पहुंचे और रेस्क्यू में सेना और पुलिस की मदद की। गुना माया को काठमांडू के बीर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। रेस्क्यू के बाद वह बहुत कम बोलती हैं और बार-बार एक ही सवाल पूछती हैं- “पानी ने मुझे क्यों मारा?” नेपाल में इस बाढ़ से अब तक 1,243 लोगों की मौत हो चुकी है। भोटेकोशी नदी के रास्ते और अंडरग्राउंड पावरहाउस की सुरंगों में फंसे लोगों की तलाश अब भी जारी है। नेपाल त्रासदी से जुड़ी 5 तस्वीरें… खबर से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए….

EVs could improve dealer customer retention, says Hero MotoCorp CBO

EVs could improve dealer customer retention, says Hero MotoCorp CBO
EVs could improve dealer customer retention, says Hero MotoCorp CBO

Electric two-wheelers could help dealers retain more customers even as they reduce the need for traditional servicing, according to Hero MotoCorp’s chief business officer, Ashutosh Varma.

  1. EVs are currently complementing, rather than replacing, ICE two-wheelers, says Hero MotoCorp
  2. EV service retention could reach 85-90 percent
  3. Software-based services could create new revenue opportunities for dealers

EVs could improve service retention

Dealer revenue set to evolve

Speaking at a FADA conclave, Varma said the current growth of the ICE two-wheeler market suggests EVs are complementing conventional motorcycles and scooters rather than replacing them.

“The way the ICE business seems to be growing, it doesn’t seem like EVs are substituting ICE sales. It’s just like complementing ICE sales,” he said.

One of the potential benefits for dealers could be higher customer retention. Varma said average retention in the ICE business is around 60 percent, while EVs could push this considerably higher.

“In EVs it nudges us to move even further, possibly 85-90 percent,” he said.

While EVs have fewer mechanical components and generally require less routine maintenance than ICE vehicles, a higher proportion of EV owners returning to authorised workshops could help offset some of the reduction in conventional service and parts revenue.

Varma also pointed to software as another potential source of income for dealers. Manufacturers are increasingly offering modular, paid software and technology features, giving dealerships an opportunity to earn from services beyond traditional workshop jobs.

The revenue mix for dealerships is therefore likely to change as EVs become more common, rather than simply declining because vehicles need less mechanical servicing.

“The nature of revenues as you go forward will continue to evolve,” Varma said. “There are new avenues that will continue to emerge and EVs is an excellent example.”

अमेरिका के मिनियापोलिस में अपार्टमेंट बिल्डिंग में गोलीबारी:2 की मौत, संदिग्ध हमलावार भी मारा गया; तीन पुलिस अधिकारी घायल

अमेरिका के मिनियापोलिस में बुधवार दोपहर एक अपार्टमेंट बिल्डिंग में गोलीबारी हुई। इसमें 2 लोगों की मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक, गोली चलाने वाला संदिग्ध भी मारा गया है। घटना में 3 पुलिस अधिकारी घायल हुए हैं, जिनमें 2 को गोली लगी है। तीनों अधिकारियों की हालत स्थिर है। पुलिस को स्थानीय समयानुसार बुधवार शाम करीब 4:30 बजे बिल्डिंग में गोली चलने की सूचना मिली थी। इसके करीब 3 मिनट बाद पुलिसकर्मी बिल्डिंग में दाखिल हुए, जहां उन्हें पीड़ित मिले। पुलिस ने गोलियों की आवाज का पीछा करते हुए ऊपरी मंजिल तक पहुंचकर कार्रवाई की। एक की मौके पर मौत, दूसरे ने अस्पताल में दम तोड़ा मिनियापोलिस पुलिस के सार्जेंट गैरेट पार्टेन के मुताबिक, एक पीड़ित की गोली लगने से मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरे ने अस्पताल पहुंचने के बाद दम तोड़ दिया। संदिग्ध की मौत कैसे हुई, यह तुरंत साफ नहीं हो सका। हेनेपिन काउंटी मेडिकल सेंटर ने बताया कि अस्पताल में 7 मरीज लाए गए थे। हालांकि, अस्पताल ने घायलों की स्थिति के बारे में अतिरिक्त जानकारी नहीं दी। पार्टेन ने घटना को बेहद दुखद बताया और मृतकों, घायलों, पुलिस अधिकारियों और उनके परिवारों के प्रति संवेदना जताई। पुलिस को ऊपर की मंजिल से गोलियों की आवाज सुनाई दी पुलिस के मुताबिक, अधिकारी बिल्डिंग में दाखिल होने के बाद गोलियों की आवाज सुनकर ऊपरी मंजिल की ओर गए। वहां धुंध या धुएं जैसी स्थिति के कारण विजिबिलिटी काफी कम थी। घटना के बाद सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में मिनियापोलिस कन्वेंशन सेंटर के पास एक अपार्टमेंट टावर की ओर पुलिसकर्मी राइफल ताने नजर आए। अधिकारियों ने पास के घनी आबादी वाले लॉरिंग पार्क इलाके के लोगों को घटनास्थल से दूर रहने की चेतावनी दी। चश्मदीद ने 8 गोलियों की आवाज सुनी अपार्टमेंट बिल्डिंग में रहने वाले जूलियस बेली ने बताया कि वह बिल्डिंग के बाहर बैठे थे। तभी उन्होंने गोलियों की आवाज सुनी और एक ऐसे व्यक्ति को पिस्टल के साथ देखा, जिसे वह बिल्डिंग के निवासी के तौर पर पहचानते थे। बेली के मुताबिक, उन्होंने एक महिला को चिल्लाते सुना और तुरंत वहां से भाग गए। उन्होंने करीब 8 गोलियों की आवाज गिनी। बेली ने बताया कि वह व्यक्ति पहले भी हथियार दिखाता था। वह जून में इस बिल्डिंग में रहने आए थे और तब से उस व्यक्ति से बचने की कोशिश कर रहे थे। गवर्नर बोले- पुलिस की मदद के लिए राज्य के अधिकारी मौके पर मिनेसोटा के गवर्नर टिम वॉल्ज ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि राज्य के अधिकारी स्थानीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों की मदद के लिए मौके पर मौजूद हैं। उन्होंने डाउनटाउन मिनियापोलिस में लोगों की सुरक्षा के लिए काम कर रहे पुलिस और अन्य फर्स्ट रिस्पॉन्डर्स का आभार जताया। FBI डायरेक्टर काश पटेल ने भी कहा कि एजेंसी घटना पर प्रतिक्रिया दे रही है। उन्होंने स्थानीय अधिकारियों की मदद के लिए सभी जरूरी संसाधन उपलब्ध कराने की बात कही।

अमेरिका के मिनियापोलिस में अपार्टमेंट में गोलीबारी, 2 की मौत:संदिग्ध हमलावार भी मारा गया; तीन पुलिस अधिकारी घायल

अमेरिका के मिनियापोलिस में बुधवार दोपहर एक अपार्टमेंट में गोलीबारी हुई। इसमें 2 लोगों की मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक, गोली चलाने वाला संदिग्ध भी मारा गया है। घटना में 3 पुलिस अधिकारी घायल हुए हैं, जिनमें 2 को गोली लगी है। तीनों अधिकारियों की हालत स्थिर है। पुलिस को स्थानीय समयानुसार बुधवार शाम करीब 4:30 बजे बिल्डिंग में गोली चलने की सूचना मिली थी। इसके करीब 3 मिनट बाद पुलिसकर्मी बिल्डिंग में दाखिल हुए, जहां उन्हें पीड़ित मिले। पुलिस ने गोलियों की आवाज का पीछा करते हुए ऊपरी मंजिल तक पहुंचकर कार्रवाई की। एक की मौके पर मौत, दूसरे ने अस्पताल में दम तोड़ा मिनियापोलिस पुलिस के सार्जेंट गैरेट पार्टेन के मुताबिक, एक पीड़ित की गोली लगने से मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरे ने अस्पताल पहुंचने के बाद दम तोड़ दिया। संदिग्ध की मौत कैसे हुई, यह तुरंत साफ नहीं हो सका। हेनेपिन काउंटी मेडिकल सेंटर ने बताया कि अस्पताल में 7 मरीज लाए गए थे। हालांकि, अस्पताल ने घायलों की स्थिति के बारे में अतिरिक्त जानकारी नहीं दी। पुलिस को ऊपर की मंजिल से गोलियों की आवाज सुनाई दी पुलिस के मुताबिक, अधिकारी बिल्डिंग में दाखिल होने के बाद गोलियों की आवाज सुनकर ऊपरी मंजिल की ओर गए। वहां धुंध या धुएं जैसी स्थिति के कारण विजिबिलिटी काफी कम थी। घटना के बाद सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में मिनियापोलिस कन्वेंशन सेंटर के पास एक अपार्टमेंट टावर की ओर पुलिसकर्मी राइफल ताने नजर आए। अधिकारियों ने पास के घनी आबादी वाले लॉरिंग पार्क इलाके के लोगों को घटनास्थल से दूर रहने की चेतावनी दी। चश्मदीद ने 8 गोलियों की आवाज सुनी अपार्टमेंट बिल्डिंग में रहने वाले जूलियस बेली ने बताया कि वह बिल्डिंग के बाहर बैठे थे। तभी उन्होंने गोलियों की आवाज सुनी और एक ऐसे व्यक्ति को पिस्टल के साथ देखा, जिसे वह बिल्डिंग के निवासी के तौर पर पहचानते थे। बेली के मुताबिक, उन्होंने एक महिला को चिल्लाते सुना और तुरंत वहां से भाग गए। उन्होंने करीब 8 गोलियों की आवाज गिनी। बेली ने बताया कि वह व्यक्ति पहले भी हथियार दिखाता था। वह जून में इस बिल्डिंग में रहने आए थे और तब से उस व्यक्ति से बचने की कोशिश कर रहे थे। गवर्नर बोले- पुलिस की मदद के लिए राज्य के अधिकारी मौके पर मिनेसोटा के गवर्नर टिम वॉल्ज ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि राज्य के अधिकारी स्थानीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों की मदद के लिए मौके पर मौजूद हैं। उन्होंने डाउनटाउन मिनियापोलिस में लोगों की सुरक्षा के लिए काम कर रहे पुलिस और अन्य फर्स्ट रिस्पॉन्डर्स का आभार जताया। FBI डायरेक्टर काश पटेल ने भी कहा कि एजेंसी घटना पर प्रतिक्रिया दे रही है। उन्होंने स्थानीय अधिकारियों की मदद के लिए सभी जरूरी संसाधन उपलब्ध कराने की बात कही। ——————————- ये खबर भी पढ़ें… भारत ने पाकिस्तान में हिंदू मंदिर गिराने की निंदा की:100 साल पुराने मंदिर की जगह मदरसा बनाने का आरोप; इस्लामाबाद बोला- बारिश से गिरी इमारत भारत ने पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में 100 साल से ज्यादा पुराने एक हिंदू मंदिर को गिराए जाने की कड़ी निंदा की है। यह मंदिर लाहौर से करीब 130 किलोमीटर दूर नारोवाल जिले के सिराज गांव में था। मंदिर को 21 अगस्त को गिराए जाने की खबर सामने आई थी। पूरी खबर यहां पढ़ें…

Atal Pension Yojana: ₹5000 पेंशन की सरकारी गारंटी, समझिए निवेश और कमाई का पूरा हिसाब

Atal Pension Yojana: हर कोई चाहता है कि बुढ़ापे में उसके पास नियमित आमदनी का कोई जरिया रहे। ताकि उसे हर छोटी-मोटी जरूरत के लिए किसी और पर निर्भर न रहना पड़े। हालांकि, कई लोगों की बचत नहीं रहती, तो उनके लिए पेंशन फंड बनाना मुश्किल होता है।

लेकिन, सरकार की अटल पेंशन योजना (APY) कम निवेश के साथ पेंशन की गारंटी देती है। इसमें 60 साल की उम्र के बाद ₹1,000 से ₹5,000 तक की न्यूनतम मासिक पेंशन की गारंटी मिलती है। इसके लिए उम्र के हिसाब से हर महीने तय योगदान करना होता है।

कम उम्र में योजना से जुड़ने पर कम योगदान देना पड़ता है। उदाहरण के लिए, 18 साल की उम्र में ₹5,000 की पेंशन के लिए ₹210 महीने का योगदान है। 40 साल की उम्र में यही रकम ₹1,454 महीने हो जाती है।

कौन ले सकता है योजना का लाभ?

अटल पेंशन योजना में 18 से 40 साल की उम्र के भारतीय नागरिक शामिल हो सकते हैं। बैंक या पोस्ट ऑफिस में सेविंग्स अकाउंट होना जरूरी है। 1 अक्टूबर 2022 के बाद मौजूदा या पूर्व इनकम टैक्सपेयर नया APY अकाउंट नहीं खोल सकते।

स्कीम में हर व्यक्ति सिर्फ एक अकाउंट खोल सकता है। योगदान 60 साल की उम्र तक करना होता है। इसे बैंक या पोस्ट ऑफिस के जरिए शुरू किया जा सकता है।

₹5,000 पेंशन के लिए कितना निवेश?

आपकी उम्र जितनी कम होगी, मासिक योगदान उतना ही कम होगा। पेंशन 60 साल की उम्र के बाद शुरू होती है।

योजना में शामिल होने की उम्रमासिक योगदान
60 साल के बाद मासिक पेंशन

18 साल₹210₹5,000
20 साल₹248₹5,000
25 साल₹376₹5,000
30 साल₹577₹5,000
35 साल₹902₹5,000
40 साल₹1,454₹5,000

APY में ₹1,000, ₹2,000, ₹3,000, ₹4,000 और ₹5,000 की मासिक पेंशन का विकल्प मिलता है। योगदान की रकम उम्र और चुने गए पेंशन स्लैब के हिसाब से तय होती है।

निवेश और कमाई को ऐसे समझें

अगर कोई व्यक्ति 18 साल की उम्र में ₹5,000 पेंशन का विकल्प चुनता है, तो उसे 60 साल तक 42 साल योगदान करना होगा। इसके लिए उसे हर महीने ₹210 जमा करने होंगे।

60 साल के बाद उसे ₹5,000 की न्यूनतम गारंटीड मासिक पेंशन मिलेगी। यानी APY में कम उम्र में शुरुआत करने का फायदा कम मासिक योगदान के रूप में मिलता है।

पेंशनधारक की मौत के बाद क्या होगा?

60 साल की उम्र के बाद पेंशनधारक की मौत होने पर पति या पत्नी को उतनी ही मासिक पेंशन मिलती है। पति-पत्नी दोनों के निधन के बाद जमा पेंशन वेल्थ नॉमिनी को दी जाती है।

अगर 60 साल से पहले सब्सक्राइबर की मौत हो जाती है, तो जीवनसाथी के पास योगदान जारी रखकर अकाउंट को 60 साल तक चलाने का विकल्प भी होता है।

इसे उदाहरण से समझिए

मान लीजिए कि पेंशनधारक ने ₹5,000 मासिक पेंशन का विकल्प चुना। 60 साल के बाद उनकी मौत हुई, तो पति या पत्नी को ₹5,000 महीने की पेंशन मिलती रहेगी। पति-पत्नी दोनों के निधन के बाद नॉमिनी को ₹8.5 लाख की तय पेंशन वेल्थ एकमुश्त मिलेगी। यह रकम पेंशनधारक के अपने योगदान की रकम भर नहीं है।

यह योजना के तहत ₹5,000 पेंशन विकल्प के लिए पहले से तय कॉर्पस है, जिसे पेंशन फंड के निवेश, सब्सक्राइबर के योगदान और जरूरत पड़ने पर सरकार की गारंटी के जरिए फंड किया जाता है। यानी ₹5,000 पेंशन के बदले 18 साल की उम्र से सिर्फ ₹1.06 लाख योगदान करने पर भी नॉमिनी को ₹8.5 लाख की तय पेंशन वेल्थ मिल सकती है। यही अटल पेंशन योजना की गारंटी का अहम हिस्सा है।

कैसे जमा होता है पैसा?

अटल पेंशन योजना में योगदान बैंक या पोस्ट ऑफिस अकाउंट से ऑटो-डेबिट के जरिए जमा होता है। सब्सक्राइबर अपनी सुविधा के हिसाब से हर महीने, तीन महीने या छह महीने में योगदान दे सकता है।

APY को रिटायरमेंट की पूरी जरूरत के बजाय एक गारंटीड बेस पेंशन के तौर पर देखना ज्यादा व्यावहारिक हो सकता है। ₹5,000 की पेंशन भविष्य में महंगाई के हिसाब से पर्याप्त होगी या नहीं, यह अलग सवाल है। इसलिए सिर्फ इस योजना पर निर्भर रहने के बजाय अपनी जरूरत के हिसाब से दूसरी बचत और निवेश की भी जरूरत पड़ सकती है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

रूबियो बोले- भारत-ईरान के बीच ट्रेड डील की जानकारी नहीं:अमेरिकी विदेश मंत्री की चेतावनी- ईरान से ट्रेड करने वाले देशों पर भी प्रतिबंध लगाएंगे

पीएम मोदी और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन की मुलाकात के बाद अमेरिका ने भारत-ईरान व्यापार संबंधों को लेकर अपनी स्थिति साफ की है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कहा है कि उन्हें नहीं लगता कि भारत और ईरान के बीच फिलहाल किसी ट्रेड डील पर बातचीत चल रही है। हालांकि, उन्होंने साथ ही चेतावनी दी कि अगर कोई देश ईरान को अमेरिकी प्रतिबंधों से बचने में मदद करता है तो उस देश पर भी अमेरिका प्रतिबंध लगा सकता है। रुबियो ने एक इंटरव्यू के दौरान ये बात कही। SCO में मोदी और ईरानी राष्ट्रपति की मुलाकात अमेरिकी विदेश मंत्री का बयान पीएम मोदी और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन की SCO शिखर सम्मेलन के दौरान हुई मुलाकात के बाद आया है। दोनों नेताओं ने भारत-ईरान संबंध, व्यापार और पश्चिम एशिया के हालात पर चर्चा की। मोदी ने कहा था कि भारत ईरान के साथ अपने पुराने संबंधों को और मजबूत करना चाहता है। दोनों देशों के बीच व्यापार बढ़ाने और नए क्षेत्रों को इसमें शामिल करने पर भी जोर दिया गया था। मोदी ने कहा था कि भारत BRICS और SCO जैसे मंचों पर ईरान के साथ सहयोग जारी रखेगा। उन्होंने पेजेश्कियन को 12-13 सितंबर को नई दिल्ली में होने वाले BRICS शिखर सम्मेलन में शामिल होने का न्योता भी दिया। पश्चिम एशिया के तनाव पर बातचीत अमेरिका का ईरान की कमाई के 5 रास्तों पर बैन दरअसल, अमेरिका ने ईरान की अर्थव्यवस्था के 5 अहम क्षेत्रों पर नए प्रतिबंध लगाए हैं। जिनका इस्तेमाल ईरान दूसरे देशों में अपनी आर्थिक गतिविधियों के लिए करता है। इनमें डिजिटल एसेट्स (जैसे क्रिप्टोकरेंसी), टेक्नोलॉजी, सोना, एविएशन और शिपिंग सेक्टर शामिल हैं। अमेरिका इन क्षेत्रों के जरिए ईरान की कमाई और अंतरराष्ट्रीय कारोबार को रोकना चाहता है। यानी अगर कोई देश इन क्षेत्रों में ईरान के साथ ऐसा कारोबार करता है जिससे उसे पैसा या आर्थिक फायदा मिलता है। तो अमेरिका उस देश पर भी प्रतिबंध लगा सकता है या उसे अमेरिकी डॉलर की वित्तीय व्यवस्था से बाहर कर सकता है। अमेरिका बोला- अब ईरान के पास सिर्फ दो रास्ते बचे अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने कहा था कि हमने ‘ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट’ शुरू किया है। यह ईरान और उसके सहयोगी देशों के खिलाफ एक अभियान है। ईरान के सामने अब सिर्फ दो रास्ते हैं। पहला- पूरी तरह से दुनिया से अलग-थलग पड़ना और गुजारे लायक अर्थव्यवस्था। दूसरा- फिर से सामान्य स्थिति की ओर बढ़ना और वैश्विक अर्थव्यवस्था में फिर से शामिल होने का मौका पाना। भारत की 4 कंपनियों पर भी प्रतिबंध अमेरिका ने ईरान से तेल और पेट्रोकेमिकल कारोबार के आरोप में भारत की 4 कंपनियों पर भी प्रतिबंध लगाए हैं। अमेरिकी विदेश विभाग के मुताबिक, इन कंपनियों ने ईरान से पेट्रोलियम और पेट्रोकेमिकल उत्पाद खरीदने या भारत लाने में भूमिका निभाई। इनमें पोर्टीज पार्टनर्स, सदाशिवा ओवरसीज, पीपी सॉफ्टटेक और प्रकृति इंफ्रा इम्पेक्स इंडिया शामिल हैं। अमेरिका का कहना है कि यह कार्रवाई ईरान की तेल से होने वाली कमाई रोकने और उसके कारोबार से जुड़े नेटवर्क पर दबाव बढ़ाने के लिए की गई है। भारत पर क्या असर पड़ सकता है, 5 पॉइंट में समझें… तेल: भारत ईरान से कच्चा तेल खरीदता है तो अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण भुगतान और खरीद मुश्किल हो सकती है। चाबहार पोर्ट: ईरान के चाबहार बंदरगाह में भारत की रणनीतिक और कारोबारी रुचि है। अमेरिकी प्रतिबंधों का असर इस परियोजना पर पड़ सकता है। डॉलर में भुगतान: अगर ईरान से जुड़े भारतीय कारोबार पर अमेरिकी वित्तीय प्रतिबंध लगते हैं, तो डॉलर में लेन-देन करना मुश्किल हो सकता है। व्यापार: ईरान के साथ कारोबार करने वाली भारतीय कंपनियों को अमेरिकी नियमों का पालन करना पड़ सकता है। कूटनीतिक दबाव: अमेरिका भारत से भी ईरान के साथ आर्थिक संबंध सीमित करने को कह सकता है। हालांकि, भारत अपने राष्ट्रीय हित और ऊर्जा जरूरतों के आधार पर फैसला करेगा। —————————- ये खबर भी पढ़ें… 2 दिन बाद अमेरिका का ईरान पर फिर मिसाइल हमला, 19 की मौत, 68 घायल अमेरिका ने 2 दिन बाद फिर ईरान पर हमला किया है। अमेरिकी सेना ने मंगलवार रात सिरिक, खुजस्तान, केश्म द्वीप और बंदर अब्बास में मिसाइल और ड्रोन स्ट्राइक की। ईरान के अनुसार इन हमलों में 19 लोगों की मौत हुई है, जबकि 68 लोग घायल हुए हैं। पूरी खबर पढ़ें…