Retirement Planning: सुकन्या समृद्धि, पीपीएफ और SIP में मंथली ₹10000 इनवेस्ट करने से कितना बड़ा फंड बनेगा? समझें पूरा कैलकुलेशन

रिटायरमेंट प्लानिंग जल्द करने के कई फायदे हैं। निवेश के लिए ज्यादा समय मिलता है। पैसे को बढ़ने के लिए भी पर्याप्त समय मिल जाता है। करियर की शुरुआत में व्यक्ति पर आर्थिक जिम्मेदारी कम होती है। इससे निवेश करने में दिक्कत नहीं आती है। सवाल है कि अगर 40 साल का कोई व्यक्ति अगले 15 साल के लिए निवेश करना चाहता है तो उसके लिए बेस्ट इनवेस्टमेंट ऑप्शन क्या होगा?

15 साल में निवेश से बनेगा बड़ा फंड

एक्सपर्ट्स का कहना है कि 15 साल का पीरियड निवेश के लिए अच्छा है। अगर हर महीने 10000 रुपये का निवेश 15 साल तक किया जाए तो अच्छा फंड तैयार हो सकता है। लंबी अवधि के निवेश के लिए कुछ अच्छे विकल्प हैं। इनमें पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF), सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) और म्यूचुअल फंड की इक्विटी स्कीम में SIP शामिल हैं।

पीपीएफ और SSY सरकारी की स्कीम

पीपीएफ और एसएसवाय सरकारी की स्कीम हैं। ये फिक्स्ड रिटर्न स्कीम हैं। इसका मतलब है कि निवेश से पहले आपको अंदाजा मिल जाता है कि किसी खास अवधि तक निवेश करने के बाद आपके लिए कितना बड़ा फंड तैयार होगा। सरकार की स्कीम होने की वजह से यह पूरी तरह सुरक्षित हैं। इनमें पैसा डूबने का डर ना के बराबर है। इसके अलावा इनके रिटर्न पर शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव का कोई असर नहीं पड़ता है।

SIP से मंथली निवेश करने में रिस्क

म्यूचुअल फंड की इक्विटी स्कीम में SIP उन लोगों के लिए सही है, जो निवेश पर रिस्क ले सकते हैं। इसकी वजह यह है कि म्यूचुअल फंड की इक्विटी स्कीम सिप से हर महीने निवेश के पैसे को शेयर बाजार में लगाती है। इसलिए स्कीम के रिटर्न पर शेयर बाजार के प्रदर्शन का सीधा असर पड़ता है। शेयर बाजार का प्रदर्शन अच्छा रहने पर ज्यादा रिटर्न मिलता है, जबकि प्रदर्शन खराब होने पर रिटर्न भी कम रह सकता है।

एसएसवाय में निवेश का पीरियड 15 साल

अब हम देखेंगे कि तीनों इनवेस्टमेंट ऑप्शंस में मंथली 10,000 रुपये के निवेश से 15 साल में कितना बड़ा फंड तैयार होता है। सबसे पहले हम SSY का उदाहरण लेते हैं। यह स्कीम उन लोगों के लिए है, जिनकी बेटियां हैं। माता-पिता मैक्सिमम दो बेटियों के नाम से सुकन्या समृद्धि अकाउंट ओपन कर सकते हैं। एक बेटी के नाम से सिर्फ एक अकाउंट ओपन होगा। बेटी की उम्र 10 साल से ज्यादा नहीं होनी चाहिए।

एसएसवाय का इंटरेस्ट रेट सालाना 8.2 फीसदी

सुकन्या समृद्धि स्कीम का इंटरेस्ट रेट 8.2 फीसदी है। इस स्कीम में सिर्फ 15 साल तक निवेश करना होता है। अकाउंट ओपन करने के 21 साल बाद स्कीम मैच्योर हो जाती है। इसका मतलब है कि अगर बेटी की उम्र अभी 5 साल है तो मंथली 10,000 रुपये 15 साल तक निवेश करने पर साल 2047 तक करीब 55,42,062 लाख रुपये का फंड तैयार हो जाएगा। इसमें 15 साल में कुल निवेश 18,00,000 रुपये होगा। इस पर आपको 37,42,062 रुपये का इंटरेस्ट मिलेगा। मैच्योरिटी अमाउंट पर टैक्स नहीं लगेगा।

retirement table

पीपीएफ का इंटरेस्ट रेट सालाना 7.1 फीसदी 

PPF की स्कीम 15 साल में मैच्योर हो जाती है। इसका इंटरेस्ट रेट अभी 7.1 फीसदी है। इस तरह आप 15 साल में कुल 18,00,000 रुपये निवेश करेंगे। इस पर आपको कुल 14,54,567 रुपये का इंटरेस्ट मिलेगा। कुल मिलाकर 15 साल बाद आपको कुल 32,54,567 लाख रुपये मिलेंगे। इस पैसे पर आपको कोई टैक्स नहीं चुकाना होगा। अगर आप इनकम टैक्स की ओल्ड रीजीम का इस्तेमाल करते हैं तो आप निवेश के पैसे पर डिडक्शंस क्लेम कर सकते हैं।

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सिप से निवेश करने में बनेगा सबसे बड़ा फंड

म्यूचुअल फंड की इक्विटी स्कीम में मंथली 10000 रुपये का निवेश करने पर कुल 47,59,314 रुपये का फंड बनेगा। इस कैलकुलेशन में सालाना 12 फीसदी रिटर्न माना गया है। इसका मतलब है कि 15 साल में आपका 18 लाख रुपये का निवेश कंपाउंडिंग की वजह से 29,59,314 रुपये का रिटर्न जेनरेट करता है। लेकिन, ध्यान देने वाली बात यह है कि इस पैसे पर आपको कैपिटल गेंस टैक्स चुकाना होगा। लॉन्ग टर्म कैपिटल गेंस का रेट 12.5 फीसदी है। इस रेट से कुल 5,94,914.25 रुपये टैक्स लगेगा। इसके बावजूद 15 साल का रिटर्न पीपीएफ और सुकन्या समृद्धि योजना से ज्यादा है।

चीन के अमीर अरबपतियों पर कस रहा टैक्स का शिकंजा, जानिए यहां के रईसों की कैसे बढ़ने वाली हैं मुश्किलें

चीनी कारोबारी अपनी कमाई पर कर बचाने के लिए ग्लोबल एक्सचेंज पर बिजनेस लिस्ट करने और अपने अरबों डॉलर ऑफशोर रखने का तरीका अपनाते रहे हैं। लेकिन अब ऐसा नहीं हो सकता है, क्योंकि टैक्स अधिकारियों ने जुलाई में कहा कि वे स्थानीय करदाताओं के लिए विदेशी ट्रस्ट से होने वाले मुनाफे पर 20% टैक्स लगाना शुरू करेंगे। इन लोगों के पास अब 22 अक्टूबर तक बिना किसी पेनल्टी के अपनी देनदारियों को टैली करने, रिपोर्ट करने और चुकाने का समय है।

ब्लूमबर्ग बिलियनेयर्स इंडेक्स के अनुसार, इस कदम से दुनिया के 500 सबसे अमीर लोगों में से आठ और उनके लाभार्थी सबसे ज्यादा प्रभावित हो सकते हैं। स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग के मुताबिक इन टाइकून्स के ऑफशोर ट्रस्ट के जरिए चीन में बड़े ऑपरेशन वाले बिजनेस में लिस्टेड स्टेक हैं। चीनी सरकार ने किसी भी व्यक्ति को सार्वजनिक तौर से अलग नहीं किया है। यह साफ़ नहीं है कि इनमें से किसी अरबपति को अपने विदेशी ट्रस्ट से हुए मुनाफे पर टैक्स देना होगा या उनसे ऐसा करने के लिए कहा गया है। ब्लूमबर्ग के रेगुलेटरी फाइलिंग के आधार पर की गई गणना के मुताबिक, शुक्रवार तक उनकी होल्डिंग्स कुल मिलाकर लगभग $140.2 बिलियन थीं।

चीन की कुछ सबसे जानी-मानी कंपनियों की स्थापना करने वाले आठ अरबपतियों ने अपने ट्रस्ट ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड्स और केमैन आइलैंड्स जैसे टैक्स हेवन में खोले हैं। वीडियो गेम डेवलपर NetEase Inc. चलाने वाले विलियम डिंग इनमें शामिल हैं। विदेशों में उनके लगभग $37 बिलियन रखे हैं, और कॉलिन हुआंग, जिन्होंने ई-कॉमर्स की बड़ी कंपनी PDD Holdings Inc. लॉन्च की और चीन के बाहर उनके पास $29 बिलियन हैं।

एल्युमिनियम बनाने वाली कंपनी चाइना होंगकियाओ ग्रुप लिमिटेड के एक स्पोक्सपर्सन ने कहा कि उसके फाउंडर झांग बो और कंपनी की लीडरशिप को टैक्स पॉलिसी में बदलाव से जोड़ना “बेबुनियाद और गुमराह करने वाला है।” बाकी सात कंपनियों के प्रतिनिधियों ने टिप्पणी के अनुरोध का जवाब नहीं दिया। विदेशों में ज्यादातर पैसा उन निवेशों से जमा हुआ था जो कंपनियों ने अमेरिका या हांगकांग में इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग पूरी करने से पहले किए थे। उनमें से कुछ कारोबार, जैसे PDD और पॉप मार्ट, ने ट्रेडिंग शुरू करने के बाद से वैल्यू में बहुत बढ़ोतरी की है, जिससे उनके संस्थापकों को कागज पर अरबों डॉलर मिले हैं।

लॉ फर्म इंस एंड कंपनी हांगकांग के पार्टनर केविन वू ने कहा कि टैक्स में हड़पने से पुराने मनी ट्रस्ट पर ज्यादा असर पड़ता है। उन्होंने कहा, “कंपनी के पब्लिक होने के बाद मूल्य बहुत बढ़ जाता है।” जिन होने वाले क्लाइंट्स ने बहुत पहले अपनी कंपनियों को लिस्ट किया था, वे “ऐसे इनवेंटिव वकीलों की मांग कर रहे हैं जो सिर्फ नियम बताने के बजाय ट्रस्ट को रीस्ट्रक्चर कर सकें।” उन्होंने ब्लूमबर्ग द्वारा पहचाने गए आठ अरबपतियों के बजाय अपनी बातचीत का जिक्र करते हुए कहा।

टैक्स कलेक्शन का यह अभियान चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के “आम खुशहाली” के अभियान का ही एक हिस्सा है, जिसमें घरेलू टेक्नोलॉजी की बड़ी कंपनियों पर कार्रवाई और बैंकरों की सैलरी में कटौती शामिल थी। भले ही पिछले कुछ सालों में इनमें से कुछ पाबंदियां कम हुई हैं, लेकिन लंबे समय से चल रही प्रॉपर्टी की मंदी ने स्थानीय सरकारों के फाइनेंस को भी गहरा झटका दिया है, जिससे रेवेन्यू के दूसरे सोर्स खोजने पड़े हैं।

यूनियन बैंकेयर प्रिवी में एशिया के सीनियर इकोनॉमिस्ट कार्लोस कैसानोवा ने कहा, “उन्हें स्थानीय और केंद्र सरकार के लेवल पर रेवेन्यू के सोर्स को बेहतर बनाने की जरूरत है और वे एक चैनल के तौर पर ऑफशोर वेल्थ की तलाश कर रहे हैं।”

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Nifty Outlook: 21 अक्टूबर को निफ्टी की चाल कैसी रहेगी? क्रूड समेत ये बड़े फैक्टर करेंगे तय

Nifty Outlook: शेयर बाजार में जैसे ही रिकवरी की उम्मीद बनती है, कोई नई परेशानी सामने आ जाती है। सोमवार को भी ऐसा ही हुआ। AI से जुड़ी बिकवाली का दबाव कम हुआ था। बॉन्ड यील्ड में भी नरमी आई थी। IT कंपनियों के मिले-जुले नतीजों से बाजार को संभलने की उम्मीद थी। लेकिन कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने फिर चिंता बढ़ा दी।

दशहरा की छुट्टी के बाद बुधवार, 21 अक्टूबर को बाजार खुलेगा। इस बार उसके सामने महंगे तेल की चुनौती होगी। ब्रेंट क्रूड करीब 112 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया है। इसके अलावा, बड़ी टेक कंपनियों के नतीजे भी आने शुरू होंगे। बाजार की नजर इन नतीजों पर रहेगी।

इसी दिन Jio Platforms का IPO भी सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा। ₹30,213 करोड़ के इस इश्यू को एंकर निवेशकों से जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला है। अब देखना होगा कि रिटेल और गैर-संस्थागत निवेशक इसमें कितनी दिलचस्पी दिखाते हैं।

तिमाही नतीजों पर भी रहेगी नजर

कंपनियों के तिमाही नतीजे भी बाजार की दिशा तय करेंगे। सोमवार को Urban Company और Himadri Specialty Chemicals के नतीजों में मामूली कमी को भी निवेशकों ने पसंद नहीं किया। इसका असर दोनों कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट के रूप में दिखा।

बुधवार को बाजार Bajaj Finance, L&T Technology Services, Hindustan Zinc, IREDA, Piramal Finance और Sobha समेत कई कंपनियों के तिमाही नतीजों पर अपनी प्रतिक्रिया देगा। इनके नतीजों सोमवार को बाजार बंद होने के बाद आए थे।

इसके अलावा Eternal, KEI Industries, M&M Finance, Mahindra Holidays, SRF और Vishal Mega Mart के नतीजे भी आने हैं। Indian Hotels और Aditya Birla Sun Life AMC के नतीजों पर भी बाजार की नजर रहेगी।

Nifty के लिए 22,800 का स्तर अहम

Religare Broking के अजीत मिश्रा के मुताबिक, सोमवार की गिरावट के बाद Nifty अपने 20-दिन के एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज यानी EMA के करीब पहुंच गया है। यह स्तर 22,900 है। इसके नीचे 22,550 से 22,750 का दायरा अगला अहम सपोर्ट हो सकता है। वहीं, बाजार में तेजी लौटने पर 23,200 से 23,300 के स्तर पर रुकावट आ सकती है।

HDFC Securities के विनय रजानी का कहना है कि बाजार में गिरावट के बावजूद तेजी से जुड़े इंडिकेटर और ऑसिलेटर अभी कमजोर नहीं पड़े हैं। उनके मुताबिक, Nifty के लिए 22,800 का स्तर अहम है। यहां 20-दिन का सिंपल मूविंग एवरेज यानी SMA और पिछला स्विंग हाई, दोनों सपोर्ट दे रहे हैं।

विनय रजानी के मुताबिक, Nifty इस स्तर के आसपास संभलकर फिर तेजी पकड़ सकता है। हालांकि, अगर इंडेक्स 22,500 के नीचे चला जाता है, तो तेजी की उम्मीद कमजोर पड़ सकती है। ऐसे में निवेशकों को सतर्क रहना होगा।

Bank Nifty में 55,500 का सपोर्ट अहम

Bank Nifty भी 55,500 के करीब बंद हुआ है। यह इसका अहम सपोर्ट स्तर है। अगर यहां से लगातार बिकवाली होती है, तो इंडेक्स 55,000 और फिर 54,500 तक गिर सकता है। वहीं, बाजार में रिकवरी होने पर 56,000 का स्तर पहली बड़ी चुनौती होगा।

LKP Securities के वत्सल भुवा के मुताबिक, सोमवार की गिरावट के बावजूद Bank Nifty अपने 20-दिन के मूविंग एवरेज और 55,200 के अहम सपोर्ट के ऊपर बंद हुआ। उनके अनुसार, तेजी की वापसी की पुष्टि तभी होगी, जब इंडेक्स लगातार 56,000 के ऊपर बंद होने लगेगा।

जब तक ऐसा नहीं होता, तब तक इस तेजी को गिरावट के बाद की रिकवरी के तौर पर ही देखना चाहिए। वत्सल भुवा ने यह भी कहा कि अगर इंडेक्स 55,000 के नीचे जाता है, तो निवेशकों को अपनी लॉन्ग पोजीशन पर दोबारा नजर डालनी करनी चाहिए।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Porsche Mission S image gallery

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Porsche Mission S

The Porsche Mission S concept previews a new mid-engined sports car positioned above the 911. It features a low front end with round headlights, raised front fenders, a sloping roofline and an integrated active rear wing. Its design draws on historic Porsche models, including the 959, 911 GT1 and 928. The cabin combines five round instruments, an analogue rev counter, digital displays and physical controls, without a fixed central touchscreen. Porsche is developing a new platform that can accommodate combustion, hybrid and plug-in hybrid powertrains. The Mission S remains a concept, with no production timeline or technical specifications announced.

IND vs NZ: रात 7:30 बजे नहीं शुरू होगा भारत-न्यूजीलैंड मैच, जानें कितने बजे शुरू होगा मुकाबला

भारत टीम 5 मैचों की टी20 न्यूजीलैंड दौरे पर है। साल 2026 में दूसरी बार भारतीय टीम न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच मैचों की T20I सीरीज खेलने उतरेगी। इस बार सीरीज के सभी मुकाबले न्यूजीलैंड की धरती पर होंगे। इससे पहले दोनों टीमों के बीच इसी साल टी20 मुकाबलों की सीरीज खेली जा चुकी है। इस सीरीज में भारतीय टीम की कमान श्रेयस अय्यर के हाथों में है। वहीं न्यूजीलैंड की कमान स्पिन गेंदबाज और ऑलराउंडर मिचेल सेंटनर संभाल रहे हैं। वहीं दोनों टीमों के बीच सीरीज का पहला मुकाबला 22 अक्टूबर को खेला जाएगा। वहीं इस सीरीज में भारत के तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार की वापसी भी हो रही है। आइए जानते हैं कब और कहां पर खेला जाएगा मुकाबला

कितने बजे से शुरू होगा मुकाबला

भारत और न्यूजीलैंड के बीच सभी फॉर्मेट की सीरीज की शुरुआत T20I मुकाबलों से होगी। पांच मैचों की इस सीरीज का पहला मैच गुरुवार, 22 अक्टूबर को क्राइस्टचर्च के हेगले ओवल मैदान पर खेला जाएगा। भारत और न्यूजीलैंड के बीच मुकाबला रात 7:30 बजे से नहीं शुरू होगा। पांच मैचों की T20I सीरीज के सभी मुकाबले भारतीय समयानुसार दोपहर 12:30 बजे शुरू होंगे। मैच शुरू होने से ठीक आधे घंटे पहले यानी दोपहर 12 बजे टॉस किया जाएगा।

भुवनेश्वर-अर्शदीप होंगे तेज गेंदबाज

न्यूजीलैंड दौरे के लिए भारतीय टीम में कई अनुभवी खिलाड़ियों को जगह मिली है। न्यूजीलैंड के खिलाफ तेज गेंदबाजी की जिम्मेदारी भुवनेश्वर कुमार और अर्शदीप सिंह संभालेंगे। भुवनेश्वर भारत के लिए अब तक 88 T20I मैच खेल चुके हैं, जबकि अर्शदीप सिंह टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारत की ओर से सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज हैं। ऐसे में दोनों गेंदबाज न्यूजीलैंड के खिलाफ भारतीय टीम के लिए अहम भूमिका निभा सकते हैं।

मिचेल के हाथों में हैं कमान

न्यूजीलैंड ने भी भारत के खिलाफ घरेलू T20I सीरीज के लिए मजबूत टीम तैयार की है। टीम की कप्तानी स्पिन गेंदबाज और ऑलराउंडर मिचेल सेंटनर करेंगे। इसके अलावा, टीम में फिन एलन जैसे विस्फोटक बल्लेबाज भी शामिल हैं। न्यूजीलैंड की टीम में छह विशेषज्ञ तेज गेंदबाजों को शामिल किया गया है, जिनमें जैकब डफी, लॉकी फर्ग्यूसन, मैट हेनरी, काइल जैमीसन, एडम मिल्ने और ब्लेयर टिकनर के नाम शामिल हैं। ये सभी गेंदबाज अपनी रफ्तार और गेंदबाजी के दम पर भारतीय बल्लेबाजों को मुश्किल में डाल सकते हैं। ऐसे में इस सीरीज के दौरान भारतीय बल्लेबाजों के सामने कीवी टीम के तेज गेंदबाजी आक्रमण का सामना करना एक बड़ी चुनौती होगी।

कब-कब होंगे मुकाबले

भारत और न्यूजीलैंड के बीच पांच मैचों की T20I सीरीज का पहला मुकाबला 22 अक्टूबर, गुरुवार को खेला जाएगा। इसके बाद दोनों टीमें 24 अक्टूबर, शनिवार को दूसरे मैच में आमने-सामने होंगी। सीरीज का तीसरा मुकाबला 27 अक्टूबर, मंगलवार को, चौथा मैच 31 अक्टूबर, शुक्रवार को और पांचवां व आखिरी मुकाबला 1 नवंबर, रविवार को खेला जाएगा। इस तरह दोनों टीमों के बीच यह टी20 सीरीज अक्टूबर के आखिरी हफ्ते से शुरू होकर नवंबर की शुरुआत तक चलेगी।

भारत: श्रेयस अय्यर (C), तिलक वर्मा (VC), अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन (WK), वैभव सूर्यवंशी, ईशान किशन (WK), अक्षर पटेल, शिवम दुबे, नीतीश कुमार रेड्डी, नमन धीर, प्रिंस यादव, मयंक यादव, अर्शदीप सिंह, भुवनेश्वर कुमार, वरुण चक्रवर्ती, कुलदीप यादव

न्यूज़ीलैंड: मिशेल सेंटनर (C), फिन एलन, माइकल ब्रेसवेल, जोश क्लार्कसन, डेवोन कॉनवे, जैकब डफी, लॉकी फर्ग्यूसन, मैट हेनरी, बेवोन जैकब्स, काइल जैमीसन, एडम मिल्ने, डेरिल मिशेल, ग्लेन फिलिप्स, टिम सीफर्ट, नाथन स्मिथ, ब्लेयर टिकनर

IND vs NZ: रात 7:30 बजे नहीं शुरू होगा भारत-न्यूजीलैंड मैच, जानें कितने बजे शुरू होगा मुकाबला

भारत टीम 5 मैचों की टी20 न्यूजीलैंड दौरे पर है। साल 2026 में दूसरी बार भारतीय टीम न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच मैचों की T20I सीरीज खेलने उतरेगी। इस बार सीरीज के सभी मुकाबले न्यूजीलैंड की धरती पर होंगे। इससे पहले दोनों टीमों के बीच इसी साल टी20 मुकाबलों की सीरीज खेली जा चुकी है। इस सीरीज में भारतीय टीम की कमान श्रेयस अय्यर के हाथों में है। वहीं न्यूजीलैंड की कमान स्पिन गेंदबाज और ऑलराउंडर मिचेल सेंटनर संभाल रहे हैं। वहीं दोनों टीमों के बीच सीरीज का पहला मुकाबला 22 अक्टूबर को खेला जाएगा। वहीं इस सीरीज में भारत के तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार की वापसी भी हो रही है। आइए जानते हैं कब और कहां पर खेला जाएगा मुकाबला

कितने बजे से शुरू होगा मुकाबला

भारत और न्यूजीलैंड के बीच सभी फॉर्मेट की सीरीज की शुरुआत T20I मुकाबलों से होगी। पांच मैचों की इस सीरीज का पहला मैच गुरुवार, 22 अक्टूबर को क्राइस्टचर्च के हेगले ओवल मैदान पर खेला जाएगा। भारत और न्यूजीलैंड के बीच मुकाबला रात 7:30 बजे से नहीं शुरू होगा। पांच मैचों की T20I सीरीज के सभी मुकाबले भारतीय समयानुसार दोपहर 12:30 बजे शुरू होंगे। मैच शुरू होने से ठीक आधे घंटे पहले यानी दोपहर 12 बजे टॉस किया जाएगा।

भुवनेश्वर-अर्शदीप होंगे तेज गेंदबाज

न्यूजीलैंड दौरे के लिए भारतीय टीम में कई अनुभवी खिलाड़ियों को जगह मिली है। न्यूजीलैंड के खिलाफ तेज गेंदबाजी की जिम्मेदारी भुवनेश्वर कुमार और अर्शदीप सिंह संभालेंगे। भुवनेश्वर भारत के लिए अब तक 88 T20I मैच खेल चुके हैं, जबकि अर्शदीप सिंह टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारत की ओर से सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज हैं। ऐसे में दोनों गेंदबाज न्यूजीलैंड के खिलाफ भारतीय टीम के लिए अहम भूमिका निभा सकते हैं।

मिचेल के हाथों में हैं कमान

न्यूजीलैंड ने भी भारत के खिलाफ घरेलू T20I सीरीज के लिए मजबूत टीम तैयार की है। टीम की कप्तानी स्पिन गेंदबाज और ऑलराउंडर मिचेल सेंटनर करेंगे। इसके अलावा, टीम में फिन एलन जैसे विस्फोटक बल्लेबाज भी शामिल हैं। न्यूजीलैंड की टीम में छह विशेषज्ञ तेज गेंदबाजों को शामिल किया गया है, जिनमें जैकब डफी, लॉकी फर्ग्यूसन, मैट हेनरी, काइल जैमीसन, एडम मिल्ने और ब्लेयर टिकनर के नाम शामिल हैं। ये सभी गेंदबाज अपनी रफ्तार और गेंदबाजी के दम पर भारतीय बल्लेबाजों को मुश्किल में डाल सकते हैं। ऐसे में इस सीरीज के दौरान भारतीय बल्लेबाजों के सामने कीवी टीम के तेज गेंदबाजी आक्रमण का सामना करना एक बड़ी चुनौती होगी।

कब-कब होंगे मुकाबले

भारत और न्यूजीलैंड के बीच पांच मैचों की T20I सीरीज का पहला मुकाबला 22 अक्टूबर, गुरुवार को खेला जाएगा। इसके बाद दोनों टीमें 24 अक्टूबर, शनिवार को दूसरे मैच में आमने-सामने होंगी। सीरीज का तीसरा मुकाबला 27 अक्टूबर, मंगलवार को, चौथा मैच 31 अक्टूबर, शुक्रवार को और पांचवां व आखिरी मुकाबला 1 नवंबर, रविवार को खेला जाएगा। इस तरह दोनों टीमों के बीच यह टी20 सीरीज अक्टूबर के आखिरी हफ्ते से शुरू होकर नवंबर की शुरुआत तक चलेगी।

भारत: श्रेयस अय्यर (C), तिलक वर्मा (VC), अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन (WK), वैभव सूर्यवंशी, ईशान किशन (WK), अक्षर पटेल, शिवम दुबे, नीतीश कुमार रेड्डी, नमन धीर, प्रिंस यादव, मयंक यादव, अर्शदीप सिंह, भुवनेश्वर कुमार, वरुण चक्रवर्ती, कुलदीप यादव

न्यूज़ीलैंड: मिशेल सेंटनर (C), फिन एलन, माइकल ब्रेसवेल, जोश क्लार्कसन, डेवोन कॉनवे, जैकब डफी, लॉकी फर्ग्यूसन, मैट हेनरी, बेवोन जैकब्स, काइल जैमीसन, एडम मिल्ने, डेरिल मिशेल, ग्लेन फिलिप्स, टिम सीफर्ट, नाथन स्मिथ, ब्लेयर टिकनर

Tinder CEO ने कर्मचारियों से पूछा सफलता का मतलब, जवाब सुनकर हुए हैरान, जानें क्या होगा नया नियम

आज के दौर में डेटिंग ऐप पर मैच मिलना आसान हो सकता है, लेकिन क्या उस मैच से कोई अच्छी बातचीत या सच्चा रिश्ता भी बनता है? Tinder के नए CEO स्पेंसर रास्कॉफ ने जब अपनी टीम से यही सवाल पूछा, तो उन्हें ऐसा जवाब मिला जिसने कंपनी की सोच पर ही सवाल खड़े कर दिए। कई कर्मचारियों के पास सफलता को समझाने के लिए ठोस जवाब नहीं था, जबकि कुछ का ध्यान केवल कमाई और मुनाफे पर था। इसके बाद कंपनी ने तय किया कि अब सफलता सिर्फ पैसों से नहीं, बल्कि लोगों के बीच बनने वाले कनेक्शन से भी मापी जाएगी।

जब CEO के सवाल पर कर्मचारी हो गए खामोश

स्पेंसर रास्कॉफ ने जुलाई 2025 में Tinder की कमान संभाली थी। इसके बाद उन्होंने कर्मचारियों से पूछा कि आखिर उनकी नजर में ऐप की सफलता क्या है। रिपोर्ट के मुताबिक, कई कर्मचारी इस सवाल का जवाब नहीं दे पाए। जिन लोगों ने जवाब दिया, उनमें से कई ने तिमाही मुनाफे और वित्तीय लक्ष्यों का जिक्र किया। रास्कॉफ को महसूस हुआ कि कंपनी शायद उस मूल मकसद से दूर हो गई है, जिसके लिए लोग Tinder का इस्तेमाल करते हैं। उन्होंने Fortune को दिए इंटरव्यू में माना कि नए फीचर्स और इनोवेशन की कमी के कारण ऐप यूजर्स की बदलती उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पा रहा था।

अब मैच नहीं, बातचीत भी होगी सफलता का पैमाना

Tinder ने इस समस्या से निपटने के लिए एक नया तरीका अपनाया है। कंपनी ने ‘स्पार्क्स’ (Sparks) नाम का मापदंड पेश किया, जिसके तहत उन बातचीतों को गिना जाता है, जहां मैच होने के बाद दोनों लोग कम से कम छह बार एक-दूसरे को जवाब देते हैं। लाखों मैसेज के विश्लेषण में कंपनी ने पाया कि इस तरह बातचीत आगे बढ़ने पर फ्लर्टिंग और आमने-सामने मिलने की योजना बनने की संभावना अधिक होती है। यानी अब Tinder के लिए सिर्फ दो लोगों का मैच होना काफी नहीं है। कंपनी यह भी देखना चाहती है कि उस मैच के बाद बातचीत कितनी आगे बढ़ती है।

यूजर्स को समझने के लिए बनाए दो काल्पनिक किरदार

कर्मचारी अलग-अलग लोगों की डेटिंग से जुड़ी जरूरतों को बेहतर समझ सकें, इसके लिए कंपनी ने दो काल्पनिक यूजर पर्सोना भी बनाए हैं। इनमें एबी को एक चिंतित रोमांटिक और जैस्मिन को खुशमिजाज, मिलनसार शख्स के रूप में दिखाया गया है। इस पहल का उद्देश्य टीम को यह समझाना है कि हर यूजर की पसंद, उम्मीदें और रिश्ता तलाशने का तरीका एक जैसा नहीं होता।

तेजी से नए फीचर्स ला रहा है Tinder

कंपनी अब डबल डेट, आमने-सामने मिलने वाले इवेंट और AI आधारित मैचमेकिंग जैसी सुविधाओं पर भी काम कर रही है। रास्कॉफ के मुताबिक, कंपनी अब एक साल पहले की तुलना में 70 फीसदी ज्यादा कोड तैयार कर रही है। इससे नए फीचर्स तेजी से लॉन्च करना संभव हुआ है। जनवरी में विकसित एक इवेंट फीचर को लॉस एंजिलिस में सिर्फ आठ सप्ताह में लॉन्च कर दिया गया, जबकि पहले ऐसे प्रोजेक्ट में छह से 12 महीने लग सकते थे।

क्या Tinder की नई रणनीति रंग ला रही है?

रास्कॉफ के मुताबिक, कंपनी के प्लेटफॉर्म पर मैचों में सालाना आधार पर 14 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। साथ ही, बेहतर बातचीत के संकेतकों में भी सुधार देखने को मिला है। हालांकि, इन शुरुआती आंकड़ों से यह तय नहीं होता कि यूजर्स को लंबे समय तक बेहतर रिश्ते मिलेंगे या नहीं। लेकिन Tinder की नई रणनीति एक अहम बदलाव जरूर दिखाती है, अब कंपनी का ध्यान सिर्फ इस बात पर नहीं है कि कितने लोग मैच कर रहे हैं, बल्कि इस पर भी है कि उन मैचों से आगे कोई सार्थक जुड़ाव बन रहा है या नहीं।

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सपा सरकार में कांवड़ यात्रा और रामनवमी के जुलूस बाधित किए जाते थे : कैबिनेट मंत्री चौधरी भूपेंद्र सिंह

सपा सरकार में कांवड़ यात्रा और रामनवमी के जुलूस बाधित किए जाते थे : कैबिनेट मंत्री चौधरी भूपेंद्र सिंह

Cabinet Minister Chaudhary Bhupendra Singh took aim at Akhilesh Yadav

– राजनीति में खाना खाने नहीं, सामाजिक मुद्दे हल कराने भाजपा के साथ आए हैं’, कैबिनेट मंत्री संजय निषाद का अखिलेश पर हमला

– ‘मीडिया का बॉयकॉट करने से जनता सपा के साथ नहीं आएगी’, बीजेपी प्रवक्ता दिनेश प्रताप सिंह ने अखिलेश पर साधा निशाना

– संविधान सबको समानता और अधिकार देने की बात करता है, सभी जातियों को मिले बराबर मौका : मंत्री संजय निषाद

Cabinet Minister Chaudhary Bhupender Singh : समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव पर यूपी सरकार के कैबिनेट मंत्रियों और बीजेपी के मुख्य प्रवक्ता ने तीखा निशाना साधा है। मंत्री चौधरी भूपेंद्र सिंह ने धार्मिक आयोजनों और पत्रकारों के प्रति सपा के रवैये पर सवाल उठाए। मंत्री संजय निषाद ने सामाजिक न्याय और संविधान के मुद्दे पर सपा को घेरा। वहीं, बीजेपी के मुख्य प्रवक्ता दिनेश प्रताप सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सपा द्वारा रावण के रूप में दिखाने वाले एआई वीडियो, महंगाई के आरोपों पर पलटवार किया है।

 

सपा सरकार में बाधित किए जाते थे धार्मिक आयोजन

कैबिनेट मंत्री चौधरी भूपेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि सपा सरकार में कांवड़ यात्रा, रामनवमी के जुलूस और हिंदुओं के धार्मिक आयोजनों को बाधित किया जाता था। उन्होंने कहा कि योगी सरकार में सभी वर्गों को बिना भेदभाव त्योहार मनाने का अवसर मिला है। उन्होंने अखिलेश यादव पर तुष्टीकरण की राजनीति करने और बहुसंख्यक समाज को अपमानित करने का आरोप लगाया।

 

भूपेंद्र सिंह ने पत्रकारों के प्रति सपा के रवैये पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव पत्रकारों के सवालों पर उनकी जाति पूछते हैं और मीडिया को अपमानित करते हैं। उन्होंने सपा से पत्रकार जगत से माफी मांगने की मांग की। साथ ही आरोप लगाया कि सपा और कांग्रेस ने युवाओं को गुमराह कर अराजकता फैलाने का प्रयास किया।

 

सामाजिक मुद्दों के समाधान के लिए भाजपा के साथ आए

कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने भी अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि वो राजनीति में खाना खाने के लिए नहीं, बल्कि सामाजिक मुद्दों को हल कराने के लिए भाजपा के साथ आए हैं। भाजपा इन मुद्दों के समाधान के लिए पहल कर रही है। उन्होंने कहा कि अगर भाजपा सामाजिक मुद्दों का समाधान नहीं करेगी और इस दिशा में दरवाजे बंद करेगी, तब आगे विचार किया जाएगा।

 

सत्ता में आने के बाद वादे भूल जाते हैं राजनीतिक दल

संजय निषाद ने कहा कि संविधान की मूल भावना समता, स्वतंत्रता, बंधुत्व और न्याय पर आधारित है। सभी राजनीतिक दल लोगों को सम्मान, सुरक्षा, समृद्धि, समानता और स्वावलंबन देने की बात करते हैं, लेकिन सत्ता में आने के बाद अपने वादे भूल जाते हैं। उन्होंने कहा कि इसी वजह से जनता अब मोदी और योगी को बुला रही है, क्योंकि उनकी सरकार लोगों के लिए काम कर रही है।

 

अखिलेश यादव के संविधान बचाने के बयान पर पलटवार करते हुए निषाद ने सामाजिक न्याय समिति की रिपोर्ट का हवाला दिया। उन्होंने दावा किया कि सरकारी नौकरियों में कुछ विशेष वर्गों के परिवारों का अधिक प्रतिनिधित्व है। उन्होंने सवाल उठाया कि दूसरी जातियों को उनका हक क्यों नहीं मिलना चाहिए? निषाद ने कहा कि संविधान का उद्देश्य सभी को समान अवसर और अधिकार देना है, न कि कुछ वर्गों तक अवसरों को सीमित रखना।

 

एआई वीडियो और मीडिया के बहिष्कार पर भाजपा का हमला

भाजपा के मुख्य प्रवक्ता दिनेश प्रताप सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को रावण के रूप में दिखाने वाले एआई वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि चुनाव नजदीक आने के साथ अखिलेश यादव की बौखलाहट बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि 2027 के विधानसभा चुनाव में जनता सपा को जवाब देगी। उन्होंने सपा शासन में गुंडागर्दी, माफियाराज और भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश रामराज्य की ओर बढ़ रहा है।

 

महंगाई के कारण बाजारों की रौनक गायब होने के अखिलेश यादव के आरोप पर उन्होंने कहा कि त्योहार के दौरान बाजारों में खुशहाली और लोगों के चेहरों पर मुस्कान है। दैनिक जागरण के बहिष्कार संबंधी बयान पर उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव पत्रकारिता को दबाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मीडिया लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है और सपा को मीडिया को निशाना बनाने के बजाय अपने रवैये में सुधार करना चाहिए।

छत पर सोलर पैनल लगते ही जीरो हुआ बिजली बिल! जानिए बिहार की उमा और रीना की पूरी स्टोरी

बिजली बिल डराने के बजाय राहत देने लगे, तो इससे बेहतर क्या होगा! बिहार में सौर ऊर्जा की बढ़ती पहुंच के बीच समस्तीपुर की उमा कुमारी और पूर्णिया की रीना कुमारी की कहानी कुछ ऐसी ही है। दोनों ने अपने घरों की छत पर सोलर पैनल लगवाए और अब बिजली बिल में बड़ी राहत का लाभ उठा रही हैं। उमा को केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं से आर्थिक मदद मिली, तो रीना का कहना है कि सोलर प्लांट लगने के बाद उनका दो हजार रुपये तक पहुंचने वाला बिजली बिल अब शून्य आ रहा है।

छत पर सोलर, घर में बचत की रोशनी

बिजली की बढ़ती जरूरतों के बीच रूफटॉप सोलर आम परिवारों के लिए बचत का एक ऑप्शन बनकर उभर रहा है। केंद्र सरकार की पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का उद्देश्य घरों की छतों पर सोलर प्लांट लगाकर परिवारों को बिजली के मामले में आत्मनिर्भर बनाना है। इस योजना के तहत पात्र परिवारों को हर महीने 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली का लाभ मिल सकता है। वहीं, सोलर प्लांट लगवाने के लिए निर्धारित मानकों के अनुसार सरकारी सब्सिडी भी दी जाती है।

योजना के तहत एक किलोवाट क्षमता के सोलर प्लांट पर 30 हजार रुपये, दो किलोवाट पर 60 हजार रुपये और तीन किलोवाट या उससे अधिक क्षमता के प्लांट पर अधिकतम 78 हजार रुपये की केंद्रीय सब्सिडी का प्रावधान है। नेट मीटरिंग की सुविधा से अतिरिक्त बिजली को ग्रिड में भेजने का विकल्प भी मिल सकता है।

समस्तीपुर की उमा ने लगवाया तीन किलोवाट का सोलर प्लांट

समस्तीपुर के आजाद नगर, मोहनपुर रोड की रहने वाली उमा कुमारी ने अपने घर की छत पर तीन किलोवाट क्षमता का सोलर प्लांट लगवाया है। उन्होंने बताया कि इस पूरी प्रक्रिया में बिजली विभाग से सहयोग मिला और प्लांट भी जल्द स्थापित हो गया। सबसे खास बात यह रही कि उन्हें सोलर प्लांट लगने के करीब 15 दिन बाद ही सब्सिडी की राशि मिल गई।

उमा कुमारी बताती हैं कि सोलर पैनल लगवाने के बाद उन्हें काफी संतुष्टि मिली। सब्सिडी की रकम समय पर खाते में आने से उनका भरोसा भी बढ़ा। उनके लिए यह सिर्फ छत पर सोलर पैनल लगवाने का फैसला नहीं था, बल्कि बिजली खर्च को कम करने की दिशा में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम था।

बिहार सरकार ने दिया अलग से सब्सिडी

उमा की मानें तो पहले उन्हें बिजली बिल में 240 रुपये का फिक्स चार्ज देना पड़ता था। लेकिन मुख्यमंत्री की ओर से 125 यूनिट मुफ्त बिजली देने की घोषणा के बाद उनका बिजली बिल शून्य आने लगा। उन्होंने बताया कि इसके बाद उन्हें मुख्यमंत्री बिजली योजना के तहत 20 हजार रुपये की अतिरिक्त सब्सिडी मिलने की जानकारी मिली और यह राशि भी उन्हें प्राप्त हो गई।

उमा कहती हैं कि सोलर प्लांट पर सब्सिडी मिलने और बिजली बिल शून्य होने से उन्हें काफी खुशी हुई। उनके अनुभव में सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने से घर के बिजली खर्च को लेकर बड़ी राहत मिली है।

पूर्णिया की रीना का भी बिजली बिल शून्य

पूर्णिया की रीना कुमारी की कहानी भी घरेलू बिजली खर्च में राहत की मिसाल है। सोलर पैनल लगवाने से पहले रीना के घर का बिजली बिल हर महीने करीब 1,500 से 2,000 रुपये तक आता था। अब उनके मुताबिक, बिजली बिल शून्य आ रहा है।

रीना बताती हैं कि सोलर प्लांट लगने के बाद उनके घर में सभी बिजली उपकरण चल रहे हैं। उन्हें सोलर प्लांट पर कुल 98 हजार रुपये की सब्सिडी मिली है। उनके लिए यह बदलाव आर्थिक बचत के साथ-साथ बिजली की जरूरतों को पूरा करने में मददगार साबित हुआ है। साथ ही रूफटॉप गार्डन को भी छाया मिल गया।

क्या आपके घर की छत भी बन सकती है बचत का जरिया?

उमा और रीना के अनुभव बताते हैं कि रूफटॉप सोलर सही क्षमता और योजना के तहत लगाया जाए, तो घरेलू बिजली खर्च कम करने में मदद कर सकता है। सोलर पैनल लगवाने की योजना बना रहे परिवारों को आवेदन से पहले आधिकारिक योजना पोर्टल पर पात्रता, सब्सिडी, पंजीकृत विक्रेता और इंस्टॉलेशन से जुड़ी शर्तों की जानकारी लेनी चाहिए। इस तरह आपके घर की छत भी खर्च बचाने का जरिया बन सकता है।

बिहार से सच्चिदानंद की रिपोर्ट

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iQOO Neo 12 की लॉन्च डेट कन्फर्म, मिलेगा कूलिंग फैन और 9,000mAh की बैटरी! जानें फीचर्स

iQOO ने आखिरकार चीन में अपने नए स्मार्टफोन Neo 12 की लॉन्च डेट का ऐलान कर दिया है। कंपनी ने लॉन्च से पहले फोन का डिजाइन और कलर ऑप्शन भी दिखा दिए हैं। यह स्मार्टफोन खास तौर पर गेमिंग को ध्यान में रखकर बनाया गया है। इसमें Qualcomm का Snapdragon 8 Elite Gen 5 प्रोसेसर और कंपनी की Q3 गेमिंग चिप मिल सकती है। साथ ही फोन में बेहतर कूलिंग के लिए Ice Dome एक्टिव कूलिंग सिस्टम भी दिया जाएगा। लीक रिपोर्ट्स के मुताबिक, iQOO Neo 12 में 9,000mAh की बड़ी बैटरी मिल सकती है। इसके अलावा, फोन की एक लाइव तस्वीर भी ऑनलाइन लीक हुई है।

iQOO Neo 12 की लॉन्च डेट और डिजाइन की झलक सामने आई

iQOO Neo 12 को चीन में 28 अक्टूबर को स्थानीय समयानुसार शाम 7 बजे (भारतीय समयानुसार शाम 4:30 बजे) लॉन्च किया जाएगा। लॉन्च इवेंट के तुरंत बाद इसकी बिक्री शुरू हो जाएगी। कंपनी ने बताया है कि यह आने वाला फोन Contest, Shadow Black और Frost Blade Blue कलर में उपलब्ध होगा।

रिपोर्ट के मुताबिक, Shadow Black वेरिएंट में Silver फिनिश है, जबकि Frost Blade Blue हल्के नीले रंग का है। Contest  कलर वाले वेरिएंट के पिछले हिस्से (रियर पैनल) पर एक नई टेक्सचर्ड फिनिश दी गई है, जिसमें लाइट का एक खास इफेक्ट दिखता है।

कंपनी ने इस नए डिवाइस को डिजाइन करने के लिए ‘चाइना एकेडमी ऑफ आर्ट’ के साथ मिलकर काम किया है। यह भी कन्फर्म हो गया है कि इस स्मार्टफोन में पॉलिश्ड मेटल फ्रेम होगा। आधिकारिक रेंडर में फोन के पीछे एक बड़ा, चौकोर आकार का कैमरा मॉड्यूल दिख रहा है, जिसके कोने गोल हैं। इस कैमरा मॉड्यूल में दो लेंस एक के ऊपर एक लगे हैं, और फ्लैश को इसके ठीक बाहर रखा गया है।

iQOO Neo 12 के रियर कैमरा मॉड्यूल पर Monster Inside की ब्रांडिंग है और लेंस के बगल में एक गोल जालीदार ग्रिल दी गई है। फोन के फ्रेम के दाईं ओर एग्जॉस्ट वेंट दिए गए हैं।

इसके अलावा, Weibo पर iQOO Neo 12 की कथित लाइव तस्वीरें सामने आई हैं। लीक हुए रेंडर में फोन का Frost Blade Blue वेरिएंट दिख रहा है।

यह भी कन्फर्म हो गया है कि iQOO Neo 12 Qualcomm के Snapdragon 8 Elite Gen 5 चिपसेट और कंपनी की अपनी Q3 गेमिंग चिप के साथ आएगा। इसमें एक इनबिल्ट कूलिंग फैन और Ice Dome एक्टिव कूलिंग सिस्टम होगा। माना जा रहा है कि इसमें 9,000mAh की बैटरी होगी, जो 100W वायर्ड फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करेगी।

लीक रिपोर्ट्स के मुताबिक, iQOO Neo 12 पिछले साल अक्टूबर में लॉन्च हुए iQOO Neo 11 का अगला मॉडल होगा। फिलहाल, इस नए स्मार्टफोन की प्री-बुकिंग Vivo China की वेबसाइट पर शुरू हो चुकी है।

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