iPhone 18 Pro को लेकर बड़ा लीक, 3 नए कलर में आ सकता है फोन; Black की हो सकती है वापसी

iPhone 18 Pro को लेकर बड़ा लीक, 3 नए कलर में आ सकता है फोन; Black की हो सकती है वापसी

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Apple के अपकमिंग फ्लैगशिप स्मार्टफोन iPhone 18 Pro और iPhone 18 Pro Max को लेकर एक नया लीक सामने आया है। रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी इस बार Pro मॉडल को तीन नए कलर ऑप्शन में पेश कर सकती है। इनमें Dark Cherry/Burgundy, Sky Blue और Black शामिल बताए जा रहे हैं।

 

चीनी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Weibo के चर्चित लीकर Fixed Focus Digital के अनुसार, iPhone 18 Pro सीरीज के लिए Apple इन तीन रंगों पर काम कर रही है। अगर यह लीक सही साबित होता है, तो iPhone 18 Pro की कलर लाइनअप पिछले मॉडल से काफी अलग हो सकती है।

 

iPhone 18 Pro में कौन-कौन से कलर मिल सकते हैं?

 

लीक के अनुसार, iPhone 18 Pro और iPhone 18 Pro Max में Dark Cherry या Burgundy कलर मिल सकता है। माना जा रहा है कि यह iPhone 17 Pro सीरीज में दिए गए Cosmic Orange कलर की जगह ले सकता है। इसके अलावा Sky Blue कलर भी इस साल iPhone 18 Pro सीरीज का हिस्सा बन सकता है। इस कलर को लेकर पहले भी कई रिपोर्ट सामने आ चुकी हैं।

 

Black कलर की हो सकती है वापसी

 

iPhone Pro यूजर्स के लिए सबसे खास खबर Black कलर की वापसी हो सकती है। Apple ने iPhone 17 Pro सीरीज में Black कलर उपलब्ध नहीं कराया था। ऐसे में iPhone 18 Pro में Black की वापसी उन यूजर्स को पसंद आ सकती है, जो फोन में क्लासिक और प्रीमियम लुक चाहते हैं। वहीं, लीक में Silver कलर के शामिल होने की संभावना कम बताई गई है। Fixed Focus Digital का कहना है कि फिलहाल Silver वेरिएंट को लेकर कोई ठोस जानकारी सामने नहीं आई है।

 

Sky Blue दिख सकता है Silver जैसा

 

Sky Blue नाम सुनकर भले ही यह कलर काफी चमकीला लगे, लेकिन इसका फिनिश वास्तव में काफी हल्का हो सकता है। Apple पहले भी iPhone Air और MacBook Air में इस तरह के हल्के ब्लू शेड का इस्तेमाल कर चुका है।

 

कुछ लाइटिंग कंडीशन में यह रंग लगभग Silver जैसा दिखाई दे सकता है। ऐसे में जिन यूजर्स को बहुत ज्यादा चमकीले रंग पसंद नहीं हैं, उनके लिए Sky Blue एक अच्छा विकल्प हो सकता है।

 

सितंबर इवेंट में हो सकता है खुलासा

 

Apple के सितंबर इवेंट में iPhone 18 Pro और iPhone 18 Pro Max के लॉन्च के दौरान इनके फाइनल कलर ऑप्शन सामने आने की उम्मीद है। हालांकि, अभी तक Apple की ओर से इन रंगों को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। अगर लीक सही साबित होता है, तो Dark Cherry, Sky Blue और Black iPhone 18 Pro सीरीज के सबसे चर्चित कलर ऑप्शन हो सकते हैं।

Ather plans to expand to 2000 stores by 2028

Ather plans to expand to 2000 stores by 2028
An outside image of an Ather showroom

Ather is targeting to more than double its retail footprint to between 1,800 and 2,000 stores over the next two years as the EV maker rolls out its new family scooter Konarc and expands production capacity, according to a senior company official. The company currently sells the 450X and Rizta electric scooters, which are positioned in the premium and mass premium segments of the market across some 750 stores. The company plans to use its new EL platform to broaden its product range into the more affordable segment.

  1. More scooters of different battery sizes expected from the EL platform
  2. Ather EV motorcycle at least two years away
  3. Production capacity to increase with the Aurangabad plant becoming operational

Number of retail stores and production to increase

More products expected from the Konarc’s EL platform

The newly unveiled Konarc will be available in two variants and six battery options at a starting ex-showroom price of Rs 99,999. The delivery of the first two battery options (S 125 and S 161) is set to commence in September 2026. “We are targeting 1,800 to 2,000 stores in the next 24 months,” Ather Energy’s Chief Business Officer Ravneet Phokela said. Phokela said the company expects the domestic market to remain its main focus for now, with exports only becoming important after a few years.

The EL platform, on which the Konarc is based, can produce different types of scooters, and it can also accommodate different battery sizes, wheel dimensions and dashboard designs. The company boasts that the platform helps launch more products while also reducing costs through changes like lower use of aluminium and simpler engineering. Ather has said it plans to launch multiple scooter products based on the platform first; and added that an Ather electric motorcycle is more than two years away.

Ather’s push into a wider range of scooters comes as the company looks to increase production capacity. Ather currently manufactures electric scooters at its Hosur plant, which has an annual production capacity of 4.20 lakh units. Its upcoming Aurangabad facility is expected to add another 5 lakh units of annual capacity when its first phase becomes operational later this year. The company said that it’s also considering whether to accelerate the second phase of the Aurangabad facility if demand continues to grow at its current pace.

With inputs from Stephen Raj Antony.
 

High Return Stock: इस शेयर ने 5 साल में 8 गुना किया पैसा, क्या आप निवेश करना चाहेंगे?

High Return Stock: कोचिन शिपयार्ड (सीएसएल) के शेयरों ने बीते पांच सालों में निवेशकों को मालामाल किया है। यह समुद्री जहाज बनाने वाली देश की सबसे बड़ी कंपनियों में से एक है। कंपनी की ऑर्डरबुक करीब 21,900 करोड़ रुपये की है। कंपनी ने नेवल और कमर्शियल शिपब्लिडिंग में बड़े मौकों को देखते हुए 6,500 करोड़ रुपये कैपिटल एक्सपेंडिचर करने का प्लान बनाया है।

Cochin Shipyard की 21,900 करोड़ रुपये की कुल ऑर्डरबुक में 20,700 करोड़ हिस्सेदारी शिपबिल्डिंग की है। बाकी 1,200 करोड़ रुपये की हिस्सेदारी शिप रिपेयर की है। यह इस बात का संकेत है कि मीडियम टर्म में कंपनी के रेवेन्यू को लेकर तस्वीर साफ है। कंपनी के पास कई बड़े प्रोजेक्ट्स है, जिनमें ASW Corvettes, Next Generation Missile Vessels, और LNG-powered container vessels शामिल हैं।

सीएसएल भारतीय नौसेना के नेक्स्ट जेनरेशन सर्वे वेसल प्रोग्राम के लिए L1 बिडर बनी है। यह प्रोजेक्ट 5,000 करोड़ रुपये का है। कंपनी लैंडिंग प्लेटफॉर्म डॉक प्रोग्राम के लिए भी बड़ी दावेदार है। कमर्शियल सेगमेंट में देखा जाए तो सीएसएल की नजरें मीडियम-रेंज टैंकर्स, प्लेटफॉर्म सप्लाई वेसल और बड़े गैस कैरियर्स पर हैं।

कमर्शियल प्रोजेक्ट्स से कंपनी की ऑर्डरबुक डायवर्सिफाय होगी। साथ ही देश में कर्मशियल शिपबिल्डिंग में बढ़ते मौकों का फायदा उठाने में मदद मिलेगी। FY27 की पहली तिमाही में कंपनी की शिपबिल्डिंग से रेवेन्यू साल दर साल आधार पर 59 फीसदी बढ़कर 700 करोड़ रुपये हो गई। हालांकि, शिप रिपेयर रेवेन्यू 37 फीसदी घटकर 390 करोड़ रुपये रही। इसकी वजह आईएनएस विक्रमादित्य की रिफिट है, जिससे FY26 की पहली तिमाही में बेस काफी हाई था।

स्ट्रॉन्ग ऑर्डरबुक, बेहतर हो रहे एक्जिक्यूशन और बढ़ती कपैसिटी को देखते हुए मैनेजमेंट को आगे भी ग्रोथ अच्छी रहने की उम्मीद है। कंपनी का टारगेट FY27 में शिपबिल्डिंग में 10-12 फीसदी ग्रोथ, शिप रिपेयर में 15-20 फीसदी ग्रोथ और कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू ग्रोथ 12 फीसदी से ज्यादा का है।

सीएसएल के शेयर में FY28 की अनुमानित अर्निंग्स के 34 गुना पर ट्रेडिंग हो रही है। यह प्रतिद्वंद्वी कंपनियों के मुकाबले थोड़ा ज्यादा है। लेकिन, ऑर्डरबुक को देखते हुए यह ज्यादा नहीं लगता है। कंपनी क्षमता बढ़ाने पर 6,500 करोड़ रुपये खर्च कर रही है। इससे लॉन्ग टर्म ग्रोथ की संभावनाएं बेहतर लगती हैं। हालांकि, बीते एक साल में कंपनी के शेयरों का प्रदर्शन कमजोर रहा है।

Rhetan TMT की कर्ज लेने की क्षमता ₹300 करोड़ तक बढ़ाने का प्लान, शेयरों में दिखी तेजी

TMT स्टील बार बनाने वाली कंपनी Rhetan TMT ने अपनी उधार लेने की सीमा बढ़ाने की तैयारी की है। कंपनी ने 16 सितंबर 2026 को होने वाली AGM में उधार लेने की सीमा ₹200 करोड़ से बढ़ाकर ₹300 करोड़ करने का प्रस्ताव रखा है।

कारोबार बढ़ाने के लिए बढ़ेगी उधारी की सीमा

कंपनी के मुताबिक, यह प्रस्तावित बढ़ोतरी कारोबार के विस्तार और भविष्य की फंडिंग जरूरतों के लिए की जा रही है। इससे कंपनी को ज्यादा फाइनेंशियल फ्लेक्सिबिलिटी मिलेगी। सामान्य कामकाज के लिए लिए जाने वाले अस्थायी बैंक लोन इस सीमा में शामिल नहीं होंगे।

Rhetan TMT का कहना है कि पिछले पांच साल में उसका प्रॉफिट 140% CAGR से बढ़ा है। उधारी की सीमा बढ़ने से कंपनी को अपनी ग्रोथ योजनाओं के लिए फंड जुटाने में मदद मिल सकती है।

1 MW का कैप्टिव सोलर प्रोजेक्ट शुरू

Rhetan TMT ने गुजरात के काडी स्थित अपनी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट में 1 MW का कैप्टिव ग्राउंड-माउंटेड सोलर पावर प्रोजेक्ट भी शुरू कर दिया है। इससे कंपनी अपनी बिजली जरूरतों का एक हिस्सा रिन्यूएबल एनर्जी से पूरा करेगी।

कंपनी की कुल लागत में एनर्जी की हिस्सेदारी करीब 20% है। ऐसे में कैप्टिव सोलर पावर से लंबे समय में बिजली खर्च पर बेहतर नियंत्रण और ऑपरेशनल क्षमता बढ़ने की उम्मीद है।

हाई-ग्रेड TMT प्रोडक्ट्स पर भी फोकस

कंपनी को Fe500D, Fe550 और Fe550D ग्रेड के लिए BIS सर्टिफिकेशन भी मिल चुका है। इससे कंपनी को इंफ्रास्ट्रक्चर और कंस्ट्रक्शन सेक्टर की ज्यादा वैल्यू वाले प्रोजेक्ट्स की जरूरतों को पूरा करने में मदद मिल सकती है।

मैनेजिंग डायरेक्टर शालिन शाह ने कहा कि सोलर पावर प्रोजेक्ट कंपनी की एनर्जी इकोनॉमिक्स को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम है। कंपनी अब मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ाने, लागत पर नियंत्रण और प्रोडक्ट रेंज मजबूत करने पर फोकस कर रही है।

Rhetan TMT का शेयर बुधवार को 9.94% की तेजी के साथ 21.02 रुपये पर बंद हुआ। कंपनी का मार्केट कैप 1.67 हजार करोड़ रुपये है।

Zerodha संभालेगी IPO का काम! SEBI ने मर्चेंट बैंकर बनने का रास्ता किया साफ

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

बेटियों की शिक्षा को मजबूत आधार दे रही योगी सरकार, कस्तूरबा विद्यालयों के कायाकल्प के लिए 101 करोड़

बेटियों की शिक्षा को मजबूत आधार दे रही योगी सरकार, कस्तूरबा विद्यालयों के कायाकल्प के लिए 101 करोड़

Yogi School

Kasturba Gandhi Balika Vidyalaya UP: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने बेटियों की शिक्षा को मजबूत आधार देने की दिशा में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के आधारभूत ढांचे को नई ताकत देने का बड़ा कदम उठाया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में ₹101.49 करोड़ की धनराशि जारी कर इन विद्यालयों में आवासीय क्षमता, स्वच्छता और सुरक्षा से जुड़ी सुविधाओं के विस्तार का रास्ता साफ किया गया है। अतिरिक्त डॉरमेट्री से लेकर जर्जर भवनों के पुनर्निर्माण, टॉयलेट ब्लॉक, गार्ड रूम, सेप्टिक टैंक और बाउंड्री वॉल तक के छह प्रमुख निर्माण कार्यों के जरिए इन विद्यालयों को अधिक सुरक्षित, स्वच्छ और सुविधायुक्त आवासीय शिक्षा केंद्रों के रूप में विकसित किया जाएगा। 

 

महानिदेशक, स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक मोनिका रानी के निर्देशों के क्रम में आगे बढ़ाई गई प्रक्रिया में उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद को कार्यदायी संस्था बनाया गया। स्वीकृत लागत के सापेक्ष निर्धारित धनराशि अवमुक्त कर निर्माण कार्यों को धरातल पर उतारने की प्रक्रिया शुरू की गई है। बेटियों की शिक्षा को बेहतर सुविधाओं की मजबूत जमीन देने की यह पहल कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों को अधिक सुरक्षित और सुविधायुक्त आवासीय शिक्षा केंद्रों के रूप में विकसित करने की दिशा में योगी सरकार के ठोस प्रयास को रेखांकित करती है।

छह प्रमुख निर्माण कार्यों से बढ़ेंगी सुविधाएं

कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में छात्राओं की आवासीय, स्वच्छता और सुरक्षा संबंधी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त डॉरमेट्री, जर्जर भवनों का पुनर्निर्माण, टॉयलेट ब्लॉक, गार्ड रूम, सेप्टिक टैंक और बाउंड्री वॉल के निर्माण कार्य कराए जाएंगे। इससे विद्यालय परिसरों में छात्राओं के रहने की क्षमता बढ़ाने के साथ आवश्यक सुविधाओं का विस्तार होगा।

 

अतिरिक्त डॉरमेट्री से आवासीय क्षमता को मजबूती मिलेगी। जर्जर भवनों का पुनर्निर्माण सुरक्षित भवन उपलब्ध कराने में सहायक होगा। वहीं टॉयलेट ब्लॉक और सेप्टिक टैंक से स्वच्छता व्यवस्था बेहतर होगी तथा गार्ड रूम और बाउंड्री वॉल से परिसर की सुरक्षा को मजबूती मिलेगी।

जिलों में समन्वय से आगे बढ़ेगा क्रियान्वयन

राज्य स्तर से स्वीकृत निर्माण कार्यों को जिला स्तर पर तेजी से शुरू कराने के लिए संबंधित जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को कार्यदायी संस्था से समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं। इससे विद्यालयवार कार्यों की प्रगति को गति देने और निर्माण संबंधी प्रक्रियाओं को समय से पूरा कराने में मदद मिलेगी।

 

संदीप सिंह, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), बेसिक शिक्षा, उत्तर प्रदेश के मुताबिक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार बेटियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ सुरक्षित और सुविधायुक्त विद्यालयी वातावरण उपलब्ध कराने के लिए निरंतर काम कर रही है। कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार इसी संकल्प की महत्वपूर्ण कड़ी है। इन निर्माण कार्यों से छात्राओं को बेहतर शैक्षिक वातावरण और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

 

Bihar Mystery Fish: नेपाल की बाढ़ के साथ बिहार पहुंची अजीब मछलियां, इनको खाते ही हो रहीं बड़ी दिक्कतें! सरकार ने अब ये बताया

Bihar Mystery Fish: नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बाद बिहार की नदियों में सीमा पार से बहकर आ रही अज्ञात और अजीब किस्म की मछलियों ने हड़कंप मचा दिया है। बाढ़ के पानी के साथ आई इन मछलियों को खाने के बाद लोगों के बीमार पड़ने की खबरें सामने आ रही हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बिहार सरकार के पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग ने अडवाइजरी जारी कर लोगों को ऐसी मछलियों को खाने से से बचने की सख्त हिदायत दी है।

मछलियां क्यों बन रही हैं खतरनाक और बीमारी की क्या है वजह?

मत्स्य विभाग के मुताबिक बाढ़ के दौरान मछलियां तालाबों, झीलों, नदियों और जलाशयों से निकलकर पानी के तेज बहाव के साथ लंबी दूरी तय करती हैं। इस दौरान ये मछलियां कीचड़, गंदे नाले, सड़े-गले शवों और दूसरे हानिकारक प्रदूषकों के लगातार संपर्क में रहती हैं। इस वजह से ये मछलियां हानिकारक बैक्टीरिया, वायरस, फंगी और खतरनाक केमिकल से संक्रमित हो जाती हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि जब तक पर्यावरण सामान्य न हो जाए और साफ मछलियां उपलब्ध न हों, तब तक बाढ़ के पानी से पकड़ी गई मछलियों का सेवन बिल्कुल नहीं किया जाना चाहिए।

सरकार की अपील और लक्षण दिखने पर क्या करें?

बिहार सरकार के पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग ने नागरिकों से सुरक्षा के मद्देनजर कई दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। कहा गया है कि किसी भी अनजानी या अजीब दिखने वाली मछली को खाने के लिए इस्तेमाल न करें। बाढ़ के पानी से पकड़ी गई मछलियों को न खरीदें, न बेचें और न ही भोजन के रूप में इस्तेमाल करें। बिना विभागीय जांच और वेरिफिकेशन के किसी भी अनजान मछली को खाने लायक न समझें।

अगर ऐसी मछली खाने के बाद उल्टी, दस्त/डायरिया, पेट दर्, चक्कर आना या सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्याएं हो रही हैं तो तुरंत अस्पताल जाएं या डॉक्टर की सलाह लें। साथ ही ये भी कहा गया है कि ऐसी असामान्य मछलियां दिखने पर तुरंत जिला मत्स्य अधिकारी या स्थानीय प्रशासन को इसकी सूचना दें और किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें।

पश्चिमी चंपारण में जागरूकता अभियान

अनजान मछलियों के खतरे को देखते हुए प्रशासन सक्रिय हो गया है। एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक पश्चिमी चंपारण की जिला मत्स्य अधिकारी नूतन ने बताया कि क्षेत्र में व्यापक स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि नेपाल की बाढ़ से आ रही मछलियां अत्यधिक संक्रामक हैं और इनमें कई बीमारियां फैली हुई हैं। इनको खाने से पेट में तेज दर्द, उल्टी और पेचिश जैसे गंभीर लक्षण उभर रहे हैं। प्रशासन की ओर से विक्रेताओं को ऐसी मछलियां न बेचने और आम जनता को इन्हें न खरीदने व न खाने की सलाह दी जा रही है।

उधर नेपाल पुलिस ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर आधिकारिक निर्देश जारी कर अपने नागरिकों से बाढ़ के पानी में बहकर आई मछलियों और अन्य नदी आधारित खाद्य पदार्थों का सेवन न करने का अनुरोध किया है।

नेपाल में बाढ़ से 1127 लोगों की मौत, बिहार में अलर्ट

नेपाल पुलिस द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक 26 अगस्त को आई भीषण बाढ़ की वजह से नेपाल में मरने वालों की संख्या बढ़कर 1127 हो गई है। शवों के बरामद होने का सिलसिला अभी भी जारी है। नेपाल की नदियों में जलस्तर बढ़ने की वजह से निचले इलाकों में स्थित बिहार में हाई अलर्ट जारी है।

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रिपोर्ट-रूस की मदद से ईरान ने खतरनाक सुपरसोनिक मिसाइल बनाया:3 साल लगे; अमेरिकी जहाजों पर हमले में इस्तेमाल होगा

रूस गुपचुप तरीके से ईरान को सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल विकसित करने की तकनीक दे रहा था। फाइनेंशियल टाइम्स (FT) की रिपोर्ट के मुताबिक, इस सीक्रेट प्रोजेक्ट की शुरुआत 2023 में हुई थी। अमेरिका-इजराइल के ईरान के खिलाफ युद्ध के दौरान भी इस पर काम जारी रहा। इस कार्यक्रम का कोडनेम C430L है। इसमें कुछ रूसी मिसाइल एक्सपर्ट ईरान के साथ काम कर रहे थे। कार्यक्रम का मकसद ईरान को ऐसी मिसाइल तकनीक विकसित करने में मदद करना है, जिसका इस्तेमाल अमेरिकी वॉरशिप के खिलाफ किया जा सकता है। FT के मुताबिक, लीक हुए दस्तावेजों से पता चलता है कि C430L कार्यक्रम को लेकर रूस और ईरान के बीच बातचीत 2026 की गर्मियों तक जारी थी। हालांकि, अभी यह साफ नहीं है कि इस कार्यक्रम के तहत ईरान ने पूरी तरह तैयार सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल विकसित कर ली है या उसे सैन्य इस्तेमाल के लिए कब तक तैनात किया जा सकता है। ईरान के पास सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल क्षमता नहीं सुपरसोनिक का मतलब है ऐसी रफ्तार जो आवाज की गति (मैक 1) से ज्यादा हो। यह करीब 1,200 किमी/घंटा से ज्यादा की रफ्तार से उड़ती है। ईरान के पास तेज रफ्तार बैलिस्टिक और हाइपरसोनिक मिसाइलें हैं। ईरान अपनी फत्तह मिसाइल की रफ्तार करीब मैक 13 से 15 बताता है, यानी लगभग 16,000 से 18,500 किमी/घंटा। इन बैलिस्टिक मिसाइलों का उड़ने का तरीका अलग होता है। वह ऊपर जाती है और फिर तेज रफ्तार से नीचे अपने टारगेट की तरफ आती है। ऊंचाई पर आने वाली बैलिस्टिक मिसाइल रडार को ज्यादा आसानी से दिखाई दे सकती है। डिफेंस सिस्टम को उसे ट्रैक करने और उस पर हमला करने के लिए ज्यादा समय मिलता है। कम ऊंचाई पर आने वाली क्रूज मिसाइल जमीन या समुद्र की सतह के करीब उड़ती है। धरती की गोलाई और पहाड़ों जैसी चीजों की वजह से रडार उसे तब पकड़ सकता है, जब वह काफी करीब आ चुकी हो। यही वजह है कि ईरान सुपरसोनिक रफ्तार वाली क्रूज मिसाइल बना रहा है। C430L प्रोग्राम का मकसद- रैमजेट इंजन बनाना FT की जांच के मुताबिक, कार्यक्रम का मुख्य फोकस रैमजेट इंजन पर था। यह ऐसा इंजन है, जो तेज रफ्तार से उड़ रही मिसाइल को आगे बढ़ाने के लिए हवा और ईंधन का इस्तेमाल करता है। मिसाइल जब तेजी से आगे बढ़ती है तो सामने से आने वाली हवा इंजन के अंदर जाती है। वहां इस हवा में ईंधन मिलाकर जलाया जाता है। इससे पैदा होने वाली ताकत मिसाइल को आगे बढ़ाने और उसकी तेज रफ्तार बनाए रखने में मदद करती है। रैमजेट इंजन का तेज रफ्तार वाली मिसाइलों में इस्तेमाल होता है। हालांकि, इसे काम करने के लिए मिसाइल को पहले से पर्याप्त गति चाहिए। इसलिए शुरुआत में मिसाइल को गति देने के लिए अलग इंजन या लॉन्च सिस्टम की जरूरत हो सकती है। ईरान ने रैमजेट इंजन का टेस्ट भी किया रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान रैमजेट इंजन विकसित कर चुका है और उसका उड़ान परीक्षण भी कर चुका है। पूर्व CIA विश्लेषक जिम लैमसन के मुताबिक, इस तरह की तकनीक ईरान को भविष्य में ऐसा हथियार सिस्टम विकसित करने में मदद कर सकती है, जो अमेरिकी नौसेना के जहाजों के लिए खतरा बने। ड्रोन से मिसाइल तकनीक तक पहुंचा रूस-ईरान का सहयोग ईरान पहले ही रूस को शाहेद ड्रोन दे चुका है। इन ड्रोन का इस्तेमाल यूक्रेन युद्ध में बड़े पैमाने पर हुआ है। ईरान ने रूस में इन ड्रोनों का उत्पादन शुरू करने में भी मदद की थी। वहीं रूस ने भी ईरान को सैन्य उपकरण और हथियार मुहैया कराए हैं। यह पहली बार हो रहा है जब रूस सिर्फ हथियार देने के बजाय ईरान की अपनी मिसाइल बनाने की क्षमता बढ़ाने में मदद कर रहा है। यही वजह है कि C430L प्रोग्राम को रूस और ईरान के सैन्य सहयोग में एक अहम कदम मान जा रहा है। रूस की सरकारी हथियार कंपनी भी शामिल एफटी के मुताबिक, सी430एल कार्यक्रम को रूस की सरकारी हथियार निर्यात कंपनी रोसबोरोनेक्सपोर्ट ने तैयार किया था। इस प्रोजेक्ट में उसने रूस की मिसाइल कंपनी एनपीओ मशिनोस्त्रोयेनिया के साथ काम किया। अमेरिका ने 2014 में NPO मशिनोस्त्रोयेनिया पर प्रतिबंध लगाए थे। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, यह कंपनी जहाज, पनडुब्बी और जमीन से दागी जाने वाली क्रूज मिसाइलों पर काम करती है। यह कंपनी रूस के परमाणु हथियार कार्यक्रम से जुड़े काम में भी शामिल रही है। FT को मिले लीक दस्तावेजों और यात्रा रिकॉर्ड से पता चलता है कि C430L समझौते पर हस्ताक्षर होने से पहले रूस के हथियार निर्यात अधिकारियों और NPO मशिनोस्त्रोयेनिया के कई वरिष्ठ इंजीनियरों ने ईरान के कई दौरे किए थे।

अंकित बालियान हत्याकांड पर CM का सख्त रुख, योगी के मंत्री परिजनों से मिले

अंकित बालियान हत्याकांड पर CM का सख्त रुख, योगी के मंत्री परिजनों से मिले

Yogi adityanath

Ankit Balyan murder case: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार की अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत शामली के अंकित बालियान हत्याकांड में पुलिस कार्रवाई तेज हुई है। मुख्यमंत्री ने घटना का तत्काल संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। इसी क्रम में प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास और उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने शामली के बंतीखेड़ा गांव पहुंचकर दिवंगत अंकित बालियान के परिजनों से मुलाकात की और उन्हें सांत्वना दी।

 

मंत्री ने परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि अंकित बालियान की हत्या की घटना बेहद कष्टदायी है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए और सरकार की स्पष्ट नीति है कि प्रदेश में अपराध करने वाले किसी भी व्यक्ति को संरक्षण नहीं मिलेगा।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर अपराधियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई

मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि करीब पांच दिन पूर्व हरियाणा से आए शार्प शूटर द्वारा अंकित बालियान की सरेआम हत्या की घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया। घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तत्काल संज्ञान लिया और अधिकारियों को प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकार का स्पष्ट संदेश है कि उत्तर प्रदेश में अपराध करके कोई भी व्यक्ति कानून से बच नहीं सकता। अपराधी कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, उसके खिलाफ कानून के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस कार्रवाई में घायल हुए दोनों आरोपी

मंत्री ने बताया कि हत्याकांड में शामिल आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस द्वारा पकड़े जाने के दौरान आरोपियों ने भागने का प्रयास किया और पुलिस टीम पर गोली चलाई। जवाबी कार्रवाई में दोनों आरोपी घायल हुए। उन्होंने कहा कि मामले में शामिल सभी आरोपियों और किसी भी संभावित साजिशकर्ता के खिलाफ कानून के दायरे में सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि जांच में हत्याकांड के पीछे किसी बड़े षड्यंत्र या अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

‘परिवार ने पुलिस कार्रवाई पर संतोष जताया’

मंत्री अग्रवाल ने बताया कि उन्होंने अंकित बालियान के पिता से भी बातचीत की। परिवार ने पुलिस की कार्रवाई पर संतोष व्यक्त किया है और शार्प शूटरों की पहचान भी की है। उन्होंने कहा कि परिवार ने अपना बेटा खोया है। दीपावली, होली, रक्षाबंधन समेत हर त्योहार पर परिजनों को अंकित की कमी महसूस होगी। जिस मां की कोख सूनी हुई है, उसकी पीड़ा को शब्दों में व्यक्त करना संभव नहीं है।

एनकाउंटर पर सवाल उठाने पर विपक्ष पर निशाना

अखिलेश यादव द्वारा पुलिस एनकाउंटर पर सवाल उठाए जाने को लेकर मंत्री ने कहा कि पहले विपक्ष अपराधियों की गिरफ्तारी और कार्रवाई की मांग करता है और जब पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार करती है तो उसी कार्रवाई पर सवाल खड़े किए जाते हैं। उन्होंने कहा कि दुख और शोक की इस घड़ी को राजनीतिक मुद्दा बनाना उचित नहीं है। यदि पुलिस कार्रवाई को लेकर कोई तथ्यात्मक सवाल है तो उसकी जांच की मांग की जा सकती है, लेकिन बिना आधार के सरकार और पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाना उचित नहीं है।

‘योगी सरकार में अपराधियों को संरक्षण नहीं’

कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। सरकार का उद्देश्य स्पष्ट है कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वाले किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा, “अपराधी कितना भी प्रभावशाली हो, कानून के शिकंजे से बच नहीं सकता।” सरकार अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करने में पीछे नहीं हटेगी और अंकित बालियान हत्याकांड में भी दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

भाजपा विधायक के निधन पर योगी ने जताया शोक

भाजपा विधायक अनिल शर्मा का बुधवार को निधन हो गया। वे काफी समय से बीमार चल रहे थे, उनका अस्पताल में इलाज चल रहा था। उनके निधन पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शोक जताया। मुख्यमंत्री ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट ‘एक्स’ पर संवेदना व्यक्त की।

 

उन्होंने लिखा कि उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व राज्यमंत्री एवं जनपद बुलंदशहर के शिकारपुर विधानसभा क्षेत्र के माननीय विधायक अनिल शर्मा का निधन अत्यंत दु:खद है। विनम्र श्रद्धांजलि। सीएम योगी ने लिखा कि प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्री चरणों में स्थान तथा शोकाकुल परिजनों को यह अथाह दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें। ॐ शांति।

आउटसोर्स कर्मियों को बड़ी सौगात, नियोक्ता नहीं कर पाएंगे शोषण और अन्याय

आउटसोर्स कर्मियों को बड़ी सौगात, नियोक्ता नहीं कर पाएंगे शोषण और अन्याय

Yogi adityanath

योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश के लगभग लगभग पांच लाख आउटसोर्स कार्मिकों को बड़ी सौगात दी है। उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम के गठन के बाद अब नियोक्ता द्वारा न आउटसोर्स कर्मियों का शोषण हो पाएगा और न ही उनके साथ अन्याय हो पाएगा। पहली बार सम्मानजनक मानदेय सुनिश्चित हुआ। इसके साथ ही इससे सामाजिक सुरक्षा मिलेगी। पांच साल में रिवीजन होगा। साथ ही नियुक्ति प्रक्रिया में नियोक्ता का मनमानापन भी नहीं चल पाएगा। 

मुख्यमंत्री ने लॉन्च किया यूपी कॉस पोर्टल 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यूपी कॉस पोर्टल व वेबसाइट की लॉन्चिंग की। यूपी कॉस पोर्टल से आउटसोर्स निगमकर्मियों को बड़ी सुविधाएं भी मिलेंगी। इसके जरिए ऑनलाइन माध्यम से भर्ती व जॉइनिंग प्रक्रिया की जानकारी मिलेगी। समय पर मानदेय व सरकारी लाभ के साथ ही आउटसोर्स कर्मियों की पूरी जानकारी एक जगह मिलेगी। इससे उपस्थिति की सटीक जानकारी व छुट्टी का प्रबंधन भी सुनिश्चित होगा। यहां शिकायत और समाधान की भी सुविधा होगी। समय पर ईपीएफ अंशदान व ईएसआईसी का लाभ सुनिश्चित होगा। पोर्टल पर विभाग, एजेंसी और आउटसोर्सकर्मियों के लिए एक ही मंच होगा। 

एमओयू का किया गया हस्तांतरण

भारतीय स्टेट बैंक के साथ आउटसोर्स कर्मियों को मिलने वाले लाभ व सामाजिक सुरक्षा के लिए एसबीआई के साथ एमओयू का हस्तांतरण भी किया गया। 

Yogi adityanath

मुख्यमंत्री ने आउटसोर्स कर्मियों को वितरित किए चेक 

 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में आउटसोर्स कर्मियों को चेक भी वितरित किए। इस दौरान लघु फिल्म भी प्रदर्शित की गई। सीएम के हाथों इन्हें मिला चेक- 

  • रोहित कुमार- फर्राश- सचिवालय प्रशासन विभाग
  • कसिन खान- रात्रि चौकीदार- सचिवालय प्रशासन विभाग
  • सरिता-सफाई कर्मी- सचिवालय प्रशासन विभाग
  • आशु कुमार- फर्राश- सचिवालय प्रशासन विभाग
  • अरविंद कुमार यादव- वाहन चालक- सचिवालय प्रशासन विभाग
  • रामकुमार- माली- सचिवालय प्रशासन विभाग
  • जितेंद्र प्रसाद- पंप ऑपरेटर नगर निगम लखनऊ 
  • राजू कन्नौजिया- पंप ऑपरेटर नगर निगम लखनऊ
  • हंसराज सिंह- पंप ऑपरेटर नगर निगम लखनऊ
  • दिलीप कुमार- पंप ऑपरेटर नगर निगम लखनऊ
  • अंजनी कुमार- पंप ऑपरेटर नगर निगम लखनऊ 
  • नरेंद्र तिवारी- पंप ऑपरेटर नगर निगम लखनऊ ।

Warren Buffett: वॉरेन बफे ने 1977 में बताए थे निवेश के 5 नियम, आज भी हर निवेशक के लिए हैं काम के

अमेरिका के मशहूर इनवेस्टर वॉरेन बफे की निवेश की सोच दशकों से दुनिया भर के निवेशकों को प्रभावित करती रही है। 1977 में, 47 साल की उम्र में उन्होंने Berkshire Hathaway के शेयरहोल्डर्स को अपनी पहली चिट्ठी लिखी थी।

उस समय कंपनी का ऑपरेटिंग प्रॉफिट 2.19 करोड़ डॉलर था। चिट्ठी में बफे ने निवेश और बिजनेस से जुड़े कई अहम विचार रखे थे। करीब पांच दशक बाद भी उनके ये 5 सबक शेयर बाजार के निवेशकों के लिए काम के हैं।

पहले बिजनेस को समझें, फिर शेयर खरीदें

शेयर चुनने के लिए बफे ने चार बातों की एक चेकलिस्ट दी थी। पहला, बिजनेस ऐसा होना चाहिए जिसे आप समझ सकें। दूसरा, उसके लंबे समय के ग्रोथ प्रॉस्पेक्ट्स अच्छे होने चाहिए।

तीसरा, कंपनी का मैनेजमेंट ईमानदार और काबिल होना चाहिए। चौथा, शेयर सही कीमत पर मिलना चाहिए। बफे ने साफ कहा था कि वह सिर्फ इसलिए शेयर नहीं खरीदते थे कि कीमत कुछ समय में ऊपर जा सकती है। वो लंबे समय को ध्यान में रखकर शेयर चुनते हैं।

शेयर गिरने पर हमेशा डरें नहीं

बफे का मानना था कि अगर किसी कंपनी का बिजनेस अच्छा चल रहा है, तो उसके शेयर का भाव गिरना निवेशक के लिए मौका भी हो सकता है। कम कीमत पर उसी अच्छे बिजनेस में ज्यादा खरीदारी की जा सकती है।

यही बात SIP निवेशकों के लिए भी अहम है। बाजार गिरने पर निवेश जारी रखने से कम कीमत पर ज्यादा यूनिट्स मिलती हैं। फिर इन यूनिट्स को लंबी अवधि तक कंपाउंडिंग का फायदा मिल सकता है।

गलतियों को मानना जरूरी है

1977 में बर्कशायर का टेक्सटाइल बिजनेस लगातार खराब प्रदर्शन कर रहा था। बफे ने स्वीकार किया कि वह पहले भी इसके बेहतर नतीजों का अनुमान लगाकर गलत साबित हुए थे।

इससे उन्होंने एक बड़ा सबक लिया। उन्होंने कहा कि बेहतर है ऐसे बिजनेस में काम किया जाए, जहां परिस्थितियां आपके पक्ष में हों। यानी बिजनेस को लगातार मुश्किल हालात से लड़ना न पड़े। अच्छी मैनेजमेंट भी कमजोर बिजनेस मॉडल को हमेशा नहीं बचा सकती।

सिर्फ बढ़ती कमाई को सफलता न मानें

बफे ने कहा कि सिर्फ यह देखना काफी नहीं है कि कंपनी का प्रॉफिट बढ़ रहा है या नहीं। कई कंपनियों का प्रॉफिट इसलिए बढ़ता है क्योंकि वे लगातार ज्यादा पूंजी लगा रही होती हैं।

उनके मुताबिक, यह देखना ज्यादा जरूरी है कि कंपनी अपनी पूंजी पर कितना रिटर्न कमा रही है। इसी से बिजनेस की असली कैपिटल एफिशिएंसी का बेहतर अंदाजा लगाया जा सकता है।

ऐसा बिजनेस बेहतर, जिसे बार-बार ज्यादा पैसा न चाहिए

बफे ने अपनी बर्कशायर हैथवे की रिटेल कंपनी See’s Candies का उदाहरण दिया था। कंपनी का प्रॉफिट बढ़ा, लेकिन इसके लिए बहुत ज्यादा अतिरिक्त पूंजी लगाने की जरूरत नहीं पड़ी।

उनका मानना था कि शानदार बिजनेस वह है, जो निवेश की गई पूंजी पर अच्छा रिटर्न दे और ग्रोथ के लिए बार-बार भारी निवेश न मांगता हो। ऐसे बिजनेस में कैपिटल एफिशिएंसी ज्यादा होती है।

लंबे समय की तस्वीर ज्यादा अहम

बफे ने निवेशकों को एक साल के नतीजों के आधार पर किसी कंपनी का फैसला करने से भी सावधान किया था। उन्होंने Berkshire के इतिहास का उदाहरण देते हुए बताया कि एक समय कंपनी का बिजनेस काफी मजबूत था, लेकिन बाद के वर्षों में उसकी हालत कमजोर होती चली गई।

इसलिए किसी एक साल का प्रॉफिट या शेयर का शॉर्ट टर्म प्रदर्शन पूरी तस्वीर नहीं दिखाता। निवेशकों को बिजनेस की लंबी अवधि की ग्रोथ, उसकी प्रतिस्पर्धी स्थिति और मैनेजमेंट की गुणवत्ता को देखना चाहिए।

1977 में Berkshire Hathaway के Class A शेयर की कीमत करीब 75 से 100 डॉलर के बीच थी। 2026 में, 96 साल की उम्र में पहुंचे वॉरेन बफे के दौर में यही शेयर 1 सितंबर तक करीब 7.52 लाख डॉलर के आसपास कारोबार कर रहा था।

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Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।