योगी सरकार की डिजिटल पहल, 31 हजार से ज्यादा ओबीसी युवा बन रहे तकनीकी दक्ष

योगी सरकार की डिजिटल पहल, 31 हजार से ज्यादा ओबीसी युवा बन रहे तकनीकी दक्ष

Yogi adityanath

Yogi government: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार युवाओं को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने और रोजगार के लिए तैयार करने पर विशेष जोर दे रही है। पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की निशुल्क ओ-लेवल एवं सीसीसी कंप्यूटर प्रशिक्षण योजना आर्थिक रूप से कमजोर ओबीसी युवक-युवतियों के लिए तकनीकी शिक्षा का प्रभावी माध्यम बन गई है। योजना के तहत इस वर्ष 31 हजार से ज्यादा प्रशिक्षणार्थी कंप्यूटर प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। सरकार की इस पहल से युवाओं को आधुनिक तकनीकी ज्ञान और रोजगारपरक कौशल हासिल करने का अवसर मिल रहा है। 

70 हजार से ज्यादा आए थे आवेदन

वित्तीय वर्ष 2026-27 में योजना के लिए 40 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इस वर्ष 31,602 प्रशिक्षणार्थी प्रतिभाग कर रहे हैं। जिसमें सबसे ज्यादा ओ-लेवल में 24,240 और सीसीसी में 7,362 प्रशिक्षणार्थी शामिल हैं। 11 अगस्त से प्रशिक्षण शुरू हो चुका है। वर्ष 2026-27 में योजना के लिए 70 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हुए थे। इनमें सबसे अधिक आवेदन ओ-लेवल प्रशिक्षण के लिए आये थे। 

 

योजना के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर ओबीसी युवाओं को बिना किसी शुल्क के आधुनिक कंप्यूटर शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे उनकी तकनीकी दक्षता बढ़ाने के साथ रोजगार के अवसरों को भी मजबूती मिल रही है। योजना का लाभ उन ओबीसी अभ्यर्थियों को दिया जा रहा है, जिन्होंने इंटरमीडिएट या उससे अधिक शिक्षा प्राप्त की है। इसके साथ ही इनके अभिभावकों की वार्षिक आय एक लाख रुपये या उससे कम है।

338 प्रशिक्षण संस्थानों का मजबूत नेटवर्क

प्रशिक्षण भारत सरकार के राष्ट्रीय इलेक्ट्रानिक एवं सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (नाइलिट) से मान्यता प्राप्त संस्थानों के माध्यम से कराया जा रहा है। प्रदेश में वर्तमान में 338 प्रशिक्षण संस्थान योजना से जुड़े हैं। इनमें 63 संस्थान केवल ओ-लेवल, 39 सीसीसी और 236 संस्थान दोनों पाठ्यक्रम संचालित कर रहे हैं। इससे प्रदेश के अधिकांश जिलों में युवाओं को अपने नजदीक ही कंप्यूटर प्रशिक्षण हासिल करने की सुविधा मिल रही है। सरकार की ओर से ओ-लेवल प्रशिक्षण के लिए प्रति छात्र 15 हजार रुपये और सीसीसी के लिए 3,500 रुपये तक का भुगतान किया जाता है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के युवाओं पर प्रशिक्षण का आर्थिक बोझ नहीं पड़ता।

डिजिटल शिक्षा से रोजगार की ओर बढ़ रहे युवा

योगी सरकार की यह पहल तकनीकी शिक्षा को गांव और कस्बों तक पहुंचाने के साथ युवाओं को बदलती डिजिटल अर्थव्यवस्था के अनुरूप तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। निःशुल्क कंप्यूटर प्रशिक्षण, व्यापक संस्थागत नेटवर्क और बड़ी संख्या में युवाओं की भागीदारी इस योजना को रोजगारोन्मुखी शिक्षा की दिशा में सरकार की एक सराहनीय पहल बना रही है।

युवाओं को तकनीकी रूप से सक्षम बनाना सरकार की प्राथमिकता

पिछड़ा वर्ग कल्याण निदेशक उमेश प्रताप सिंह ने कहा कि इस वर्ष 31 हजार से अधिक प्रशिक्षणार्थी योजना के तहत प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। सरकार का उद्देश्य युवाओं को डिजिटल ज्ञान और रोजगारपरक कौशल उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। योजना के लिए 338 संस्थानों का नेटवर्क तैयार किया गया है, जिससे अधिक से अधिक युवाओं को उनके नजदीकी क्षेत्रों में प्रशिक्षण की सुविधा मिल सके।

2.50 लाख रुपए में आएगी Royal Enfield की नई Adventure Bike! Himalayan 440 में मिलेंगे 443cc इंजन और 21-इंच व्हील

2.50 लाख रुपए में आएगी Royal Enfield की नई Adventure Bike! Himalayan 440 में मिलेंगे 443cc इंजन और 21-इंच व्हील

royal enfield himalayan 440

Royal Enfield अपनी लोकप्रिय एडवेंचर बाइक लाइनअप को और मजबूत करने की तैयारी में है। कंपनी 4 सितंबर 2026 को नई Royal Enfield Himalayan 440 लॉन्च कर सकती है। यह ब्रांड के 440cc प्लेटफॉर्म पर आधारित दूसरी बाइक होगी। खास बात यह है कि Himalayan 440 कंपनी की सबसे किफायती Adventure Bike हो सकती है। नई बाइक को Royal Enfield Scram 440 और Himalayan 450 के बीच पोजिशन किया जा सकता है। ऐसे ग्राहकों को ध्यान में रखा जा सकता है जो कम कीमत में एक मजबूत और भरोसेमंद एडवेंचर बाइक चाहते हैं।

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Himalayan 411 की जगह लेगी Himalayan 440?

 

Royal Enfield Himalayan 411 के बंद होने के बाद कंपनी के पोर्टफोलियो में एक ऐसी बाइक की कमी महसूस की जा रही थी, जो एडवेंचर बाइक सेगमेंट में किफायती एंट्री दे सके। वहीं, Himalayan 450 बेहतर परफॉर्मेंस के साथ आती है, लेकिन इसकी कीमत कुछ ग्राहकों के बजट से बाहर हो सकती है।

 

ऐसे में Himalayan 440 उन ग्राहकों के लिए बेहतर विकल्प बन सकती है, जो लंबी दूरी की टूरिंग के साथ हल्की ऑफ-रोडिंग के लिए एक सरल और मजबूत बाइक चाहते हैं।

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443cc इंजन देगा दमदार परफॉर्मेंस

 

Himalayan 440 में 443cc, एयर/ऑयल-कूल्ड, सिंगल-सिलेंडर इंजन मिलने की उम्मीद है। यही इंजन Royal Enfield Scram 440 में भी इस्तेमाल किया गया है।

 

Scram 440 में यह इंजन 25.4 bhp की पावर और 34 Nm का टॉर्क जनरेट करता है। उम्मीद है कि Himalayan 440 में भी इंजन का आउटपुट लगभग इसी स्तर पर रखा जा सकता है।

 

21-इंच फ्रंट व्हील के साथ आएगी बाइक

 

Himalayan 440 के हार्डवेयर में भी बदलाव देखने को मिल सकते हैं। बाइक में 21-इंच फ्रंट और 17-इंच रियर स्पोक व्हील दिए जाने की संभावना है। इससे इसे खराब सड़कों और हल्की ऑफ-रोडिंग के लिए ज्यादा सक्षम बनाया जा सकता है।

 

सस्पेंशन सेटअप भी एडवेंचर बाइक के हिसाब से लंबा ट्रैवल वाला हो सकता है। इसमें आगे करीब 190mm और पीछे 180mm सस्पेंशन ट्रैवल मिलने की उम्मीद है, जो Himalayan 411 के सेटअप के समान है।

 

मिलेगा सिंपल सेमी-डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर

 

Himalayan 440 में Himalayan 450 की तुलना में ज्यादा सरल इंस्ट्रूमेंट कंसोल दिया जा सकता है। इसमें Scram 440 जैसा सेमी-डिजिटल सेटअप मिलने की संभावना है।

 

इसमें एनालॉग स्पीडोमीटर के साथ डिजिटल डिस्प्ले दिया जा सकता है, जिसमें फ्यूल लेवल, टाइम, ट्रिप और ओडोमीटर जैसी जानकारी दिखाई देगी।

 

इसके अलावा बाइक में Royal Enfield Tripper Navigation Module को स्टैंडर्ड फीचर के तौर पर दिए जाने की उम्मीद है।

 

2.50 लाख रुपये हो सकती है कीमत

 

कीमत की बात करें तो Royal Enfield Himalayan 440 की एक्स-शोरूम कीमत करीब 2.50 लाख रुपये रखी जा सकती है। अगर ऐसा होता है तो यह Himalayan 450 के मुकाबले काफी किफायती विकल्प बनेगी। कंपनी की यह बाइक उन ग्राहकों को आकर्षित कर सकती है जो Himalayan 450 से कम कीमत में एक रग्ड, सिंपल और टूरिंग-फोकस्ड एडवेंचर मोटरसाइकिल चाहते हैं।

Gold Outlook: गोल्ड ₹1.53 लाख पर, क्या यह ₹1.60 लाख का लेवल पार करेगा? जानिए आगे कैसी रह सकती है चाल

Gold Outlook: सोने में गुरुवार यानी 3 सितंबर को रिकवरी दिखी। डॉलर में कमजोरी और महंगे क्रूड की वजह से महंगाई बढ़ने की चिंता कम होने से सोने को सपोर्ट मिला। शुरुआती कारोबार में कॉमेक्स गोल्ड फ्यूचर्स 1.30 फीसदी चढ़कर 4,472.10 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। इधर, भारत में भी कमोडिटी एक्सचेंज एमसीएक्स में गोल्ड फ्यूचर्स में तेजी दिखी।

MCX में गोल्ड में तेजी 

MCX में गोल्ड फ्यूचर्स 1.05 फीसदी यानी 1,595 रुपये चढ़कर 1,53,997 रुपये प्रति 10 ग्राम चल रहा था। एनालिस्ट्स का कहना है कि अब एमसीएक्स पर गोल्ड फ्यूचर्स के लिए 1.60 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम का लेवल महत्वपूर्ण दिख रहा है। उधर, अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व की मीटिंग करीब आ रही है। ऐसे में इनवेस्टर्स की नजरें फेड के फैसले पर टिकी हैं।

1.60 लाख का लेवल अहम 

बोनांजा में सीनियर रिसर्च एनालिस्ट नृपेंद्र यादव के मुताबिक, एमसीएक्स गोल्ड के लिए 1.60 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम का लेवल अहम है। उन्होंने कहा कि हाल में आई तेजी और फिर करेक्शन के बाद 1.60 लाख के लेवल को ब्रेकआउट लेवल माना जा सकता है। अगर गोल्ड 1.60 लाख के लेवल को पार करने के बाद टिका रहता है तो इससे यह संकेत मिलेगा कि गोल्ड में आए करेक्शन की वजह मुख्यत: मुनाफावसूली थी।

तेजी में गोल्ड 1.65 लाख तक जा सकता है

1.60 लाख के लेवल के पार गोल्ड के टिके रहने पर इसके 1.65-1.70 लाख तक जाने का रास्ता खुल जाएगा। यादव ने कहा, “इससे पहले के टेक्निकल एसेसमेंट में भी 1.58-1.60 लाख के लेवल को ब्रेकआउट जोन बताया गया था। इसका मतलब है कि 1.65-1.70 लाख संभावित अगला टारगेट हो सकता है। गिरावट की स्थिति में 1.52-1.50 पर सोने को अहम सपोर्ट मिलेगा।”

केंद्रीय बैंकों की खरादीरी से गोल्ड को सपोर्ट

यादव ने बताया कि जब कभी गोल्ड ब्रेकआउट देता है तो इसका कनफर्मेशन जरूरी हो जाता है। मौजूदा लेवल पर ऐसा नहीं दिख रहा। हालांकि, दुनिया के कई देशों के केंद्रीय बैंक सोना खरीद रहे हैं, जिससे इसे सपोर्ट मिल रहा है। गोल्डमैन सैक्स का मानना है कि केंद्रीय बैंक 2026 में हर महीने करीब 50 टन सोना खरीद रहे हैं। उसने साल के अंत तक गोल्ड की कीमतों के लिए 4,900 डॉलर प्रति औंस का अनुमान जताया है।

जियोपॉलिटिकल टेंशन का भी गोल्ड पर असर

जियोपॉलिटिकल टेंशन बने रहने से भी गोल्ड को सपोर्ट मिल रहा है। गोल्ड को सुरक्षित निवेश का सबसे अच्छा विकल्प माना जाता है। भारतीय निवेशकों के लिए रुयये का लेवल भी एक बड़ा मसला है। अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में गोल्ड कंसॉलिडेशन जारी रहता है तो भी रुपये में कमजोरी से एमसीएक्स गोल्ड को सपोर्ट मिल सकता है।

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इनवेस्टर्स की नजरें फेडरल रिजर्व के फैसले पर

यादव ने कहा कि गोल्ड के लिए शॉर्ट टर्म में सबसे बड़ा रिस्क अमेरिका में इंटरेस्ट रेट को लेकर फेड का फैसला, डॉलर इंडेक्स और बॉन्ड यील्ड है। फेड चेयरमैन के हालिया रुख से यह साफ हो गया है कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक की पॉलिसी सख्त होगी। इससे यील्ड में उछाल दिखा है और डॉलर में मजबूती आई है। इससे गोल्ड पर कुछ समय के लिए दबाव बन सकता है।

Vande Bharat Update: ‘वंदे भारत’ ट्रेन में बड़े बदलाव की आहट! एग्जीक्यूटिव क्लास से खत्म हो सकता है 180-डिग्री रोटेटिंग सीट का फीचर

Vande Bharat Update: देश की सबसे लोकप्रिय और प्रीमियम ट्रेनों में शामिल ‘वंदे भारत एक्सप्रेस’ के डिजाइन और फीचर्स में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। रेलवे के सीनियर इंजीनियरों ने वंदे भारत ट्रेनों के एग्जीक्यूटिव क्लास से 180-डिग्री रोटेटिंग सीट (घूमने वाली सीट) के फीचर को खत्म करने का प्रस्ताव दिया है। इस फीचर को हटाकर सीटों को फिक्स करने और अधिक मजबूत बनाने की सिफारिश की गई है ताकि ट्रेन की ऑपरेशनल दक्षता को बेहतर बनाया जा सके।

क्यों हटाया जा सकता है रोटेटिंग सीट का फीचर?

पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक सीनियर रेलवे इंजीनियरों का तर्क है कि सीटों को घुमाने वाला ये मैकेनिज्म जरूरत से ज्यादा जगह लेता है। इसकी वजह से सीट के कलपुर्जे भी जल्दी घिसते या खराब होते हैं। एक सीनियर रेलवे अधिकारी ने बताया कि मौजूदा वंदे भारत के एग्जीक्यूटिव क्लास में सीटों में रोटेशन और रिक्लाइनिंग दोनों तरह के मैकेनिज्म दिए गए हैं।

इससे यात्री ट्रेन की गति की दिशा में, खिड़की की तरफ या उलटी दिशा में सीट का रुख मोड़ सकते हैं। इस सुविधा के लिए अतिरिक्त मैकेनिकल कंपोनेंट्स, क्लीयरेंस और एक्स्ट्रा जगह की जरूरत पड़ती है। इसके अलावा इस मैकेनिज्म की वजह से पुर्जे ढीले होने, खराब होने और बार-बार मेंटेनेंस की जरूरत पड़ती है।

प्रिंसिपल चीफ मैकेनिकल इंजीनियर्स की बैठक में उठा मुद्दा

इस प्रस्ताव पर हाल ही में आयोजित प्रिंसिपल चीफ मैकेनिकल इंजीनियर्स के एक सम्मेलन में चर्चा की गई। इस सम्मेलन में कोच उत्पादन इकाइयों ने एग्जीक्यूटिव क्लास के कोचों से रोटेटिंग सीट फीचर को हटाकर, पारंपरिक शताब्दी और अन्य ट्रेनों की तरह सीटों को पूरी तरह से फिक्स करने का विचार रखा।

रेलवे बोर्ड ने सम्मेलन को जो मिनट्स बनाए हैं उनमें लिखा गया है कि वंदे भारत के एग्जीक्यूटिव क्लास कोचों में सीटों को अधिक मजबूत बनाने के लिए उनके घूमने वाले फीचर को समाप्त किया जा सकता है। रेलवे बोर्ड ने इंटीग्रल कोच फैक्टरी, चेन्नई के प्रिंसिपल चीफ मैकेनिकल इंजीनियर को इस सुझाव पर आगे की कार्रवाई शुरू करने की जिम्मेदारी सौंपी है।

सीटें फिक्स होने से बढ़ेगी क्षमता और राजस्व

इंजीनियरों का सुझाव है कि सीटों को फिक्स करने से सीटों को घुमाने के लिए खाली छोड़ी जाने वाली जगह बच जाएगी। पंक्तियों के बीच की जगह को कम करके एग्जीक्यूटिव क्लास कोच में सीटों की एक एक्स्ट्रा पंक्ति जोड़ी जा सकती है।

एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर सीटों को फर्श के साथ स्थायी रूप से फिक्स कर दिया जाता है तो उनका स्ट्रक्चर और मजबूत होगा। इससे न सिर्फ यात्रियों की क्षमता बढ़ेगी बल्कि ट्रेन की राजस्व उत्पन्न करने की क्षमता में भी सुधार होगा। अधिकारियों के मुताबिक अगर कई कोचों और ट्रेन सेटों में एक-एक अतिरिक्त पंक्ति जुड़ती है तो इससे रेलवे की कमाई के मामले में बड़ा फायदा हो सकता है।

प्रीमियम सुविधा से मजबूती और रखरखाव पर ध्यान

हालांकि यह प्रस्ताव अभी शुरुआती चरण में है लेकिन अगर इसे मंजूरी मिलती है तो यह वंदे भारत एग्जीक्यूटिव क्लास के डिजाइन में एक बड़ा बदलाव होगा। यह कदम प्रीमियम फ्लेक्सिबिलिटी और सुविधाओं के बजाय ट्रेन की मजबूती, आसान रखरखाव और यात्री क्षमता बढ़ाने की दिशा में बदलाव लाने वाला साबित हो सकता है।

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थिएटर में नंगे पैर ‘हनुमान अंश’ देखते नजर आया मुस्लिम शख्स, सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

सोशल मीडिया पर एक मुस्लिम व्यक्ति का वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें वह सिनेमा हॉल में ‘हनुमान अंश’ फिल्म देख रहा है। कई लोगों का ध्यान इस बात पर गया कि फिल्म देखते समय वह बिना जूते-चप्पल के बैठा है। नीम करोली बाबा के जीवन पर आधारित यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर भी खूब पसंद की जा रही है।

वीडियो में वह व्यक्ति सफेद कुर्ता-पायजामा और सफेद टोपी पहने हुए बिना जूते-चप्पल के थिएटर में बैठा दिखाई दे रहा है। वह फिल्म देखने में पूरी तरह मग्न है और उसे इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ रहा कि कोई उसका वीडियो बना रहा है।

वीडियो ऑनलाइन पोस्ट होने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने इस पर प्रतिक्रिया देनी शुरू कर दी। एक यूज़र ने लिखा, “बिना राजनीति वाला भारत।” दूसरे ने लिखा, “वे दशकों से चल रहे राजनीतिक ध्रुवीकरण से उसके मन को दूषित करने में नाकाम रहे।”

नीम करोली बाबा के जीवन पर आधारित फिल्म ‘हनुमान अंश’ को लेकर हो रही चर्चाओं के बीच यह वायरल क्लिप लोगों का ध्यान खींच रही है। हाल ही में मिराज सिनेमा ने सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि उन्होंने नीम करोली बाबा के लिए सीट नंबर 9 आरक्षित करने का फैसला किया है, क्योंकि उनका मानना ​​है कि बाबा अपने भक्तों के साथ फिल्म देखेंगे।

नंगे पैर फिल्म देखने आए एक व्यक्ति का वीडियो और उस पर ऑनलाइन मिली प्रतिक्रियाओं ने ‘हनुमान अंश’ फिल्म के बारे में चर्चा को और बढ़ा दिया है, क्योंकि यह फिल्म सिनेमाघरों में लगातार लोगों का ध्यान खींच रही है।

नीम करौली बाबा, जिनका जन्म 1900 के आसपास उत्तर प्रदेश के अकबरपुर में लक्ष्मण नारायण शर्मा के रूप में हुआ था। वे हनुमान के परम भक्त थे। 1960 और 1970 के दशक में कैंची धाम और वृंदावन में अपने आश्रमों के माध्यम से उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली। उनकी शिक्षाओं ने पश्चिमी देशों के कई साधकों को आकर्षित किया, जिनमें हार्वर्ड के मनोवैज्ञानिक रिचर्ड अल्परट (राम दास) और आध्यात्मिक साधक भगवान दास प्रमुख थे।

उनकी शिक्षाओं में निस्वार्थ सेवा और भक्ति पर जोर दिया गया था, जिसे संक्षेप में “सब से प्रेम करो, सबकी सेवा करो, सबको भोजन कराओ” कहा जाता है। हालांकि उनके अनुयायियों द्वारा बताई गई बातों में उनके जीवन से जुड़ी कई चमत्कारी घटनाओं का जिक्र मिलता है, लेकिन ये कहानियाँ उनके आध्यात्मिक जीवन-वृत्तांत का हिस्सा हैं, न कि प्रमाणित इतिहास का।

11 सितंबर 1973 को वृंदावन में उनके निधन के बाद, उनकी विरासत दुनिया भर में फैली और स्टीव जॉब्स, मार्क जुकरबर्ग और जूलिया रॉबर्ट्स जैसी प्रमुख पश्चिमी हस्तियों को प्रभावित किया; इन सभी ने उनके कैंची धाम आश्रम का दौरा किया था।

खबरों के अनुसार, 1.8 करोड़ रुपये के कम बजट में बनी ‘हनुमान अंश’ ने भारत में लगभग 10 लाख रुपये की शुरुआती कमाई की और 28वें दिन तक 62 करोड़ रुपये से अधिक की नेट कमाई कर ली। फिल्म निर्माताओं का मानना ​​है कि लोगों के बीच फिल्म की अच्छी चर्चा (वर्ड ऑफ माउथ) के कारण ही यह फिल्म इतने लंबे समय तक सिनेमाघरों में चल पाई।

Kinetic Watts & Volts eyes seven overseas markets

Kinetic Watts & Volts eyes seven overseas markets
Kinetic Watts & Volts eyes seven overseas markets

Kinetic Watts & Volts (KWV) is evaluating seven international markets as the Pune-based electric two-wheeler maker looks to expand beyond India. Turkey, Nepal, Sri Lanka, Bangladesh, Kenya, Nigeria and Egypt are currently being assessed, with KWV studying local regulations, customer requirements, electric two-wheeler demand and potential distribution partners.

  1. International expansion to cover markets across Europe, South Asia and Africa
  2. Makarand Joshi appointed to lead KWV’s international business development
  3. Company plans to add 40 more exclusive showrooms in India

Kinetic EV international expansion plans

It has also issued 150 LOIs to prospective dealership partners.

KWV currently sells the Kinetic DX and DX+ electric scooters in India, with the range positioned around accessible urban mobility. The company is now looking to identify markets and distribution partners that can support its next phase of growth overseas.

KWV has appointed Makarand Joshi as head of international business development to lead its overseas plans. Joshi has more than two decades of experience in developing overseas markets for Indian automotive products, with experience across Asia, the Middle East, Europe and Africa. His background includes two-wheelers, commercial vehicles and tractors, as well as international distribution and market-entry strategies.

Ajinkya Firodia, Vice Chairman and Managing Director, Kinetic Watts & Volts, said the company’s products had been designed with a broad range of markets in mind. He added that the momentum of its domestic business had allowed KWV to begin laying the groundwork for international expansion. The company is yet to confirm which of the seven markets it will enter or provide a timeline for its overseas launch.

KWV’s international plans come as it continues to build its presence in the Indian market. The company currently has 45 exclusive showrooms and expects another 40 outlets to become operational within the next two months. It has also issued 150 Letters of Intent (LOI) to prospective dealership partners.

With inputs from ANGITHA SURESH

अशोकनगर में पदस्थ SI पूजा रघुवंशी का वीडियो वायरल, मेडिकल पर होने के बाद SP ने रोकी सैलरी, PHQ से लगाई गुहार

अशोकनगर में पदस्थ SI पूजा रघुवंशी का वीडियो वायरल, मेडिकल पर होने के बाद SP ने रोकी  सैलरी, PHQ से लगाई गुहार

भोपाल। मध्य प्रदेश के अशोकनगर जिले में पदस्थ महिला सब इंस्पेक्टर पूजा रघुवंशी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में पूजा रघुवंशी पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए अपनी स्वास्थ्य संबंधी परेशानी और विभागीय स्तर पर अपनी मांग को लेकर लगातार की जा रही उपेक्षा का जिक्र करती नजर आ रही हैं।

 

वायरल वीडियो में एसआई पूजा रघुवंशी कहती नजर आ रही है कि कुछ वर्ष पहले एक कार दुर्घटना में उनकी रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर हुआ था। इसके बाद उन्हें करीब एक साल तक बेड रेस्ट पर रहना पड़ा। उनका कहना है कि इलाज और आराम के बाद कुछ समय के लिए दर्द ठीक हो गया था, लेकिन पिछले करीब 7-8 महीनों से उनकी स्पाइन में दोबारा बहुत ज्यादा दर्द हो रहा है। स्थिति यह है कि वह इस दर्द को सहन तक नहीं कर पा रही हैं। वायरल वीडियो में पूजा रघुवंशी अपनी परेशानी बताते हुए कहती हैं कि स्वास्थ्य संबंधी समस्या के कारण वह पिछले करीब 5-6 महीनों से मेडिकल और डॉक्टरों के चक्कर काट रही हैं। उनका कहना है कि उन्होंने अपनी स्थिति को लेकर विभाग के अधिकारियों से लगातार निवेदन किया है।

 

पूजा के अनुसार उन्होंने जिले के एसपी से लेकर पुलिस मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों तक अपनी समस्या पहुंचाई है। उनका दावा है कि अपनी समस्या को लेकर वह 5-6 बार पुलिस मुख्यालय भी जा चुकी हैं। इसके बावजूद उनकी समस्या का समाधान नहीं होने की बात वह वीडियो में कहती हैं। वायरल वीडियो में SI पूजा रघुवंशी कहती नजर आ रही है कि जब तक उनका स्वास्थ्य पूरी तरह ठीक नहीं हो जाता, तब तक उन्हें फील्ड वर्क की जगह किसी कार्यालय में तैनात किया जाए। उनका कहना है कि वह पुलिस की नौकरी से बचना नहीं चाहतीं और न ही काम करने से इनकार कर रही हैं। उनकी परेशानी केवल इतनी है कि मौजूदा स्वास्थ्य स्थिति में फील्ड ड्यूटी उनके लिए बेहद मुश्किल हो रही है। इसलिए उन्हें अस्थायी तौर पर ऐसा काम दिया जाए, जिसे वह अपनी शारीरिक स्थिति के बावजूद कर सकें।

 

वीडियो में पूजा रघुवंशी भावुक होकर अपनी मानसिक स्थिति का भी जिक्र करती हैं। वह कथित तौर पर कहती हैं कि विभागीय स्तर पर अपनी समस्या को लेकर लगातार परेशान होने के कारण वह बेहद तनाव में हैं। इसी दौरान वह यह भी कहती हैं कि अगर उनके बच्चे नहीं होते तो वह आत्महत्या कर लेतीं।

 

पूजा रघुवंशी ने अपनी शिकायत में कथित तौर पर करीब पांच महीने की सैलरी रोके जाने का भी आरोप लगाया है। वायरल वीडियो में पूजा रघुवंशी अधिकारियों से लगातार निवेदन करने की बात कहती हैं। उनका कहना है कि स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्या के बावजूद उनकी बात पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

Dividend Stocks: TCS से ONGC तक… ये 10 स्टॉक्स देते हैं तगड़ा डिविडेंड, क्या आप लगाएंगे दांव?

Dividend Stocks: अगर आप शेयर बाजार से डिविडेंड की कमाई भी चाहते हैं, तो 10 शेयरों पर नजर रख सकते हैं। Religare Broking की सितंबर 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक, इन शेयरों में 3.3% से लेकर 9.7% तक डिविडेंड यील्ड है। PTC India इस लिस्ट में सबसे ऊपर है। वहीं Coal India, REC, ONGC, TCS और HCLTech जैसे बड़े नाम भी शामिल हैं।

  1. PTC India

पावर ट्रेडिंग कंपनी PTC India इस लिस्ट में सबसे ऊपर है। इसका डिविडेंड यील्ड 9.7% है। शेयर का P/E 8.7 गुना है। FY26 में कंपनी ने ₹14.70 प्रति शेयर डिविडेंड दिया। FY25 में यह ₹7.80 था।

2. Coal India

सरकारी कोयला कंपनी Coal India का डिविडेंड यील्ड 6.6% है। शेयर का P/E 7.9 गुना है। FY26 में कंपनी ने ₹26.40 प्रति शेयर डिविडेंड दिया। FY25 में यह ₹25.50 था। कंपनी ने FY26 के लिए ₹5.25 प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड भी घोषित किया है।

3. REC

सरकारी पावर फाइनेंस कंपनी REC का डिविडेंड यील्ड 6.2% है। शेयर का P/E 5.3 गुना है। FY26 में कंपनी ने ₹19.60 प्रति शेयर डिविडेंड दिया। FY25 में कंपनी ने ₹20.40 प्रति शेयर डिविडेंड दिया था।

4. ONGC

सरकारी तेल और गैस कंपनी ONGC का डिविडेंड यील्ड 5.8% है। शेयर का P/E 6.7 गुना है। FY26 में कंपनी ने ₹13.50 प्रति शेयर डिविडेंड दिया। FY25 में यह ₹12.30 प्रति शेयर था।

5. Gujarat Pipavav Port

पोर्ट ऑपरेटर कंपनी Gujarat Pipavav Port का डिविडेंड यील्ड 5.7% है। शेयर का P/E 14.9 गुना है। FY26 में कंपनी ने ₹9.60 प्रति शेयर डिविडेंड दिया। FY25 में यह ₹7.70 प्रति शेयर था।

6. Power Finance Corporation

सरकारी पावर फाइनेंस कंपनी Power Finance Corporation का डिविडेंड यील्ड 5% है। शेयर का P/E 4.9 गुना है। FY26 में कंपनी ने ₹16.70 प्रति शेयर डिविडेंड दिया। FY25 में यह ₹13.50 प्रति शेयर था।

7. TCS

आईटी कंपनी TCS का डिविडेंड यील्ड 4.5% है। शेयर का P/E 16.2 गुना है। FY26 में कंपनी ने कुल ₹109 प्रति शेयर डिविडेंड दिया।

8. HCLTech

आईटी कंपनी HCLTech का डिविडेंड यील्ड 4.1% है। शेयर का P/E 19.6 गुना है। FY26 में कंपनी ने ₹54 प्रति शेयर डिविडेंड दिया।

Anant Raj Share Price: डेटा सेंटर कंपनी अनंत राज में जोरदार तेजी, 9% उछला स्टॉक

9. GAIL

सरकारी गैस कंपनी GAIL का डिविडेंड यील्ड 3.5% है। शेयर का P/E 11.8 गुना है। FY26 में कंपनी ने ₹6 प्रति शेयर डिविडेंड दिया। FY25 में यह ₹6.50 प्रति शेयर था।

10. Petronet LNG

गैस इंपोर्ट और री-गैसिफिकेशन कंपनी Petronet LNG का डिविडेंड यील्ड 3.3% है। शेयर का P/E 10.7 गुना है। FY26 में कंपनी ने ₹10 प्रति शेयर डिविडेंड दिया। FY25 में भी कंपनी ने इतना ही डिविडेंड दिया था।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Happy Janmashtami 2026 Wishes: राधा-कृष्ण के प्रेम से सजे 20+ संदेश और शायरियां, अपनों के साथ जरूर करें शेयर

Happy Janmashtami 2026 Wishes: जन्माष्टमी का पर्व भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के रूप में पूरे देश में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है। यह दिन भक्ति के साथ-साथ अपनों के साथ खुशियां बांटने और रिश्तों में मिठास घोलने का भी अवसर देता है। जन्माष्टमी के मौके पर लोग अपने परिवार, दोस्तों और रिश्तेदारों को शुभकामनाएं भेजकर उनके जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की कामना करते हैं। अगर आप भी इस पावन अवसर पर अपने करीबियों को कुछ खास और दिल छू लेने वाले संदेश भेजना चाहते हैं, तो खूबसूरत शुभकामनाएं और शायरियां आपके लिए बेहतर विकल्प हो सकती हैं।

इन संदेशों के जरिए आप अपने मन की भावनाओं को आसानी से अपनों तक पहुंचा सकते हैं। चाहे संदेश छोटा हो या भावनाओं से भरा, सच्चे मन से भेजी गई शुभकामनाएं रिश्तों को और मजबूत बनाती हैं। इस जन्माष्टमी अपने प्रियजनों के साथ खुशियां बांटें और उन्हें ये प्यारे संदेश भेजकर त्योहार की खुशी को और खास बनाएं।

जन्माष्टमी के 10 शुभकामना संदेश

1.श्रीकृष्ण की कृपा से आपके जीवन में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहे। जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं।

2. नटखट नंदलाल आपके जीवन से सभी दुख दूर करें और खुशियों से आपकी झोली भर दें। जय श्रीकृष्ण!

3. कान्हा की बांसुरी की मधुर धुन आपके जीवन में प्रेम और खुशियां लेकर आए। आपको और आपके परिवार को जन्माष्टमी की शुभकामनाएं।

4. भगवान श्रीकृष्ण आपके हर कदम पर सफलता दें और जीवन को खुशियों से भर दें। जन्माष्टमी के पावन पर्व की बधाई

5. मुरली मनोहर की कृपा आप और आपके परिवार पर हमेशा बनी रहे। प्रेम, शांति और खुशियों से भरी जन्माष्टमी की शुभकामनाएं।

6. कान्हा आपके घर में सुख-समृद्धि लाएं और आपके जीवन की हर परेशानी दूर करें। जन्माष्टमी की ढेरों शुभकामनाएं।

7. श्रीकृष्ण के आशीर्वाद से आपके जीवन में नई उम्मीद, नई ऊर्जा और खुशियों का संचार हो। जय श्रीकृष्ण!

8. राधा-कृष्ण के प्रेम की तरह आपके रिश्तों में भी हमेशा मिठास और अपनापन बना रहे। जन्माष्टमी की हार्दिक बधाई।

9. गोविंद आपके जीवन के सभी संकट हर लें और आपको हर क्षेत्र में सफलता प्रदान करें। जन्माष्टमी की शुभकामनाएं।

10. इस जन्माष्टमी कान्हा आपके घर खुशियों की सौगात लेकर आएं और परिवार में प्रेम व शांति बनाए रखें। जय श्रीकृष्ण!

जन्माष्टमी की शायरियां

janmashtmi

1. कान्हा की बांसुरी की धुन सुनाई दे,

हर दिल में प्रेम की मिठास दिखाई दे।

जन्माष्टमी का पावन पर्व लाए खुशियां हजार,

हर चेहरे पर सदा मुस्कान दिखाई दे।

2. मटकी की मिठास, माखन का स्वाद,

कान्हा के आशीर्वाद से खुश रहे आपका परिवार।

3. राधा के प्रेम में रंग जाए जीवन,

कृष्ण की भक्ति में महके हर मन।

जन्माष्टमी का पर्व लाए खुशियां अपार,

कान्हा बनाए जीवन खुशहाल।

4. नंद के घर फिर आए नंदलाल,

खुशियों से भर दें सबका हाल।

कान्हा की कृपा बनी रहे हर पल,

यही है हमारी दिल से शुभकामना आज और कल।

janmashtmi (1)

5. मुरली की धुन में ऐसा रंग जाएं,

कान्हा के प्रेम में हम मुस्कुराएं।

हर गम जीवन से दूर हो जाए,

जन्माष्टमी खुशियों की सौगात लाए।

6. कृष्ण नाम की ज्योति जलाते रहें,

हर मुश्किल में मुस्कुराते रहें।

कान्हा की कृपा मिले हर कदम पर,

जीवन में खुशियों के फूल खिलाते रहें।

7. माखन चुराने वाला प्यारा कान्हा,

सबके जीवन का सहारा कान्हा।

आपके घर भी खुशियां लाए,

ऐसा है हमारा प्यारा कान्हा।

8. राधा-कृष्ण का प्रेम मिले,

जीवन को नई उमंग मिले।

हर दिन खुशियों से भर जाए,

कान्हा का ऐसा आशीर्वाद मिले।

9. जिस घर में कृष्ण का नाम होता है,

वहां खुशियों का पैगाम होता है।

कान्हा की कृपा जिस पर हो जाए,

उसका जीवन खुशहाल होता है।

10. नंदलाला की कृपा हो जाए,

हर मुश्किल आसान हो जाए।

चेहरे पर मुस्कान बनी रहे,

जीवन खुशियों से भर जाए।

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11. कान्हा की बंसी बजती रहे,

दिल में भक्ति सजती रहे।

दूर रहें जीवन से सारे गम,

खुशियों की बारिश होती रहे हर दम।

 

12. कृष्ण की भक्ति में मन रम जाए,

हर दुख जीवन से दूर हो जाए।

कान्हा का आशीर्वाद मिले इतना,

हर सपना आपका पूरा हो जाए।

13. मुरली वाले की मुरली की तान,

भर दे जीवन में खुशियों की जान।

कान्हा के चरणों में मिले सम्मान,

जन्माष्टमी पर यही अरमान।

14. कान्हा की लीला न्यारी है,

हर भक्त को उनसे प्यारी है।

जिस पर हो जाए कृपा उनकी,

उसकी दुनिया खुशियों से भारी है।

15. श्याम की भक्ति, राधा का प्यार,

मुबारक हो आपको जन्माष्टमी का त्योहार।

कान्हा रखें सदा खुश आपको,

यही दुआ है दिल से बार-बार।

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Delhi Holiday: दिल्ली में 11 सितंबर से लेकर लगातार 3 दिन छुट्टी! जानिए क्या बंद रहेगा और कौन सी सर्विस रहेंगी चालू

BRICS Summit 2026 In Delhi: राष्ट्रीय राजधानी में होने वाले 18वें ब्रिक्स लीडर्स समिट को देखते हुए दिल्ली में केंद्र सरकार के सभी दफ्तर 11 सितंबर 2026 (शुक्रवार) को बंद रहेंगे। BRICS समिट 2026 के लिए बड़े पैमाने पर लॉजिस्टिकल इंतजाम करने और आम लोगों को होने वाली परेशानी को कम करने के लिए नई दिल्ली इलाके में सभी केंद्र सरकार के ऑफिस शुक्रवार, 11 सितंबर 2026 को बंद रहेंगे।

सरकार ने गुरुवार (3 सितंबर) को इस बारे में एक नोटिफिकेशन जारी कर कहा कि BRICS बिजनेस फोरम और 18वां BRICS लीडर्स समिट 11 से 13 सितंबर 2026 को नई दिल्ली के ‘भारत मंडपम’ में आयोजित किया जाएगा। इस समिट में लगभग तीस BRICS सदस्य और पार्टनर देशों के नेता, इंटरनेशनल संगठनों के प्रमुख और भारत सहित BRICS देशों के बिजनेस प्रतिनिधि शामिल होंगे।

लगातार तीन दिन मिलेगी छुट्टी

कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय की तरफ से गुरुवार (3 सितंबर) को जारी एक आधिकारिक आदेश के अनुसार, दिल्ली और नई दिल्ली में केंद्र सरकार के दफ्तरों को बंद करने का फैसला इस कार्यक्रम के बड़े पैमाने और इस हाई-लेवल समिट के आयोजन के लिए ज़रूरी बड़े लॉजिस्टिकल इंतज़ामों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। 11 सितंबर के अगले दिन शनिवार और रविवार है। यानी केंद्रीय कर्मचारियों को 11 सितंबर से लगातार तीन दिन छुट्टी मिलेगी।

11 से 13 सितंबर तक आयोजित होगा समिट

BRICS बिजनेस फोरम और 18वां BRICS लीडर्स समिट नई दिल्ली के ‘भारत मंडपम’ में 11 से 13 सितंबर तक आयोजित होने हैं। इस समिट में भारत समेत BRICS देशों के बिजनेस प्रतिनिधियों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रमुखों के अलावा, लगभग 30 BRICS सदस्य और पार्टनर देशों के नेता शामिल होंगे। इस कदम का मकसद समिट के दौरान आम जनता को होने वाली परेशानी को कम करना भी है। इसके लिए राजधानी में बड़े पैमाने पर सुरक्षा और ट्रैफिक इंतजाम किए जाएंगे। यह बंदी 11 सितंबर (शुक्रवार) को लागू होगी। जबकि 12 और 13 सितंबर को क्रमशः शनिवार और रविवार है।

BRICS देशों के दिग्गज होंगे शामिल

एक आदेश में कहा गया है, “मुझे यह बताने का निर्देश दिया गया है कि BRICS बिजनेस फोरम और 18वां BRICS लीडर्स समिट 11-13 सितंबर, 2026 को भारत मंडपम, नई दिल्ली में आयोजित होने वाला है। समिट में लगभग तीस BRICS सदस्य और पार्टनर देशों के नेता, अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रमुख और भारत सहित BRICS देशों के बिजनेस प्रतिनिधि शामिल होंगे। इस कार्यक्रम के बड़े पैमाने और इसमें शामिल लॉजिस्टिकल इंतजामों को देखते हुए और आम जनता को होने वाली परेशानी को कम करने के लिए यह निर्णय लिया गया है कि दिल्ली/नई दिल्ली में स्थित केंद्र सरकार के दफ्तर शुक्रवार, 11 सितंबर 2026 को बंद रखे जाएं (12 और 13 सितंबर 2026 को क्रमशः शनिवार और रविवार है)।”

25 शहरों में 350 से ज्यादा बैठकें होंगी

इस साल भारत की अध्यक्षता में ब्रिक्स समिट देश भर के 25 से ज्यादा शहरों में 350 से अधिक बैठकें और उच्च-स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों और बिजनेस-टू-बिजनेस तथा लोगों के बीच आपसी पहल के जरिए भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता ने व्यावहारिक और विकास-उन्मुख नतीजों के माध्यम से ब्रिक्स सहयोग को आगे बढ़ाने में योगदान दिया है।

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भारत ‘ब्रिक्स’ का एक संस्थापक सदस्य है। इससे पहले भारत 2012, 2016 और 2021 में इसकी अध्यक्षता कर चुका है। भारत ने 1 जनवरी 2026 को चौथी बार ब्रिक्स की अध्यक्षता संभाली। साल 2026 एक महत्वपूर्ण पड़ाव भी है क्योंकि ब्रिक्स अपनी स्थापना के बीस साल पूरे कर रहा है।