Chat GPT हुआ डाउन, दुनियाभर के यूजर्स परेशान

Chat GPT हुआ डाउन, दुनियाभर के यूजर्स परेशान

chat GPT

क्या चैट GPT अभी डाउन है? क्या चैटGPT डाउन है? यह सवाल इसका उपयोग करने वालों के बीच गूंजता रहा। चैट GPT आउटेज से यूजर्स पर असर पड़ रहा है। डाउनडिटेक्टर के अनुसार ओपन AI गुरुवार सुबह आउटेज से डील कर रहा है। रात करीब 8.30 बजे भी डाउन का मैसेज सामने आया।

डाउनडिटेक्टर के मुताबिक यूजर्स को गुरुवार को ओपन AI इस्तेमाल करने में परेशानी हो रही है।  सुबह 11 बजे से ठीक पहले 12,000 से ज़्यादा रिपोर्ट आईं।  ओपन AI की ज़्यादातर शिकायतें चैटGPT से जुड़ी थीं। यहां लगभग 85 प्रतिशत दिक्कतें रिपोर्ट की गईं। दिक्कतें कब तक ठीक होंगी, इसका कोई टाइमटेबल नहीं है।  खबरों के मुताबिक जेमिनी एआई में भी यूजर्स को परेशानी आई।

Stock in Focus: सोलर कंपनी को ₹75 करोड़ का ऑर्डर मिला, शेयरों पर रहेगी नजर

Stock in Focus: सोलर एनर्जी कंपनी Solex Energy को घरेलू कंपनियों से ₹74.77 करोड़ के नए ऑर्डर मिले हैं। कंपनी को ये ऑर्डर सोलर PV मॉड्यूल बनाने और सप्लाई करने के लिए मिले हैं। इन्हें दिसंबर 2026 तक पूरा किया जाना है।

कंपनी का कहना है कि नए ऑर्डर से उसकी ऑर्डर पाइपलाइन और मजबूत हुई है। सोलर मॉड्यूल की बढ़ती मांग के बीच कंपनी को लगातार नए ऑर्डर मिल रहे हैं।

₹174 करोड़ के ऑर्डर के लिए LOI मिला

Solex Energy को करीब ₹174.30 करोड़ के एक और ऑर्डर के लिए लेटर ऑफ इंटेंट यानी LOI मिला है। इस ऑर्डर के लिए मॉड्यूल सप्लाई एग्रीमेंट पर साइन होना अभी बाकी है।

नए ऑर्डर और LOI समेत कंपनी की एग्जीक्यूटेबल ऑर्डर पाइपलाइन करीब ₹846 करोड़ तक पहुंच गई है। कंपनी का लक्ष्य इन ऑर्डर को 31 दिसंबर 2026 तक पूरा करना है।

जनवरी में मिला था ₹276 करोड़ का ऑर्डर

इस साल जनवरी में Solex Energy को घरेलू इंडिपेंडेंट पावर प्रोड्यूसर से ₹276 करोड़ का बड़ा वर्क ऑर्डर मिला था। यह ऑर्डर N-type TOPCon सोलर PV मॉड्यूल बनाने और सप्लाई करने के लिए था।

इस ऑर्डर के तहत कंपनी को 615 Wp और 620 Wp ग्लास-टू-ग्लास G12R सोलर मॉड्यूल की सप्लाई करनी थी। इनकी सप्लाई फरवरी से मई 2026 के बीच होनी थी।

Solex Energy के शेयरों का हाल

Solex Energy का शेयर गुरुवार को 2.11% की तेजी के साथ ₹728 पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने में स्टॉक 15.48% टूटा है। वहीं, 1 साल में ये करीब 44% क्रैश हुआ है। कंपनी का मार्केट कैप 777.46 करोड़ रुपये है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

जन्माष्टमी से पहले मुख्यमंत्री योगी ने उपहारों के माखन से भरी ब्रजवासियों की ‘मटकी’

जन्माष्टमी से पहले मुख्यमंत्री योगी ने उपहारों के माखन से भरी ब्रजवासियों की ‘मटकी’

Yogi in Mathura

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जन्माष्टमी से एक दिन पहले विकास परियोजनाओं के उपहारों के माखन से ब्रजवासियों की ‘मटकी’ भर दी, जो स्थानीय नागरिकों के जीवन में खुशियों की बहार लेकर आई। मुख्यमंत्री ने स्वामी हरिदास प्रेक्षागृह का लोकार्पण किया। यहां संतों को सम्मानित भी किया। साथ ही उन्हें सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ प्रदान किया। सीएम ने विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को सम्मानित किया।

 

मुख्यमंत्री ने आयोजन से पहले एक लाभार्थी को ट्रैक्टर की चाबी भी प्रदान की। मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ पाने वाले सपेरा संवर्ग के लाभार्थियों समेत जनप्रतिनिधियों, संतों, उप्र ब्रज तीर्थ विकास परिषद के पदाधिकारियों, स्वयं सहायता समूह की महिलाओं आदि ने मुख्यमंत्री को स्मृति चिह्न प्रदान किया। मुख्यमंत्री ने 1980 बैच की आईएएस (सेवानिवृत्त) आराधना जौहरी की पुस्तक का विमोचन किया। सीएम ने उन्हें भी बधाई दी।  

 

मुख्यमंत्री ने बच्चों का कराया अन्नप्राशन 

मुख्यमंत्री ने नन्हे-मुन्नों को गोद में लेकर दुलारा-पुचकारा। चंदन लगाया, गुड़िया व खिलौने दिए। सीएम ने बच्चों का अन्नप्राशन करते हुए उन्हें खीर भी खिलाई। सीएम ने मातृशक्ति को उपहार व फलों की टोकरी भी दी।  

मुख्यमंत्री ने स्वामी हरिदास प्रेक्षागृह का किया लोकार्पण, संतों को सम्मानित भी किया

मुख्यमंत्री ने स्वामी हरिदास प्रेक्षागृह का लोकार्पण किया। यहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, सांसद/फिल्म अभिनेत्री हेमामालिनी आदि ने फोटो भी खिंचवाई। इस दौरान प्रेक्षागृह के निर्माण, विकास से जुड़ी लघु फिल्म भी दिखाई गई। इससे पहले उन्होंने मंत्रोच्चार करने वाले बटुकों से भी परिचय प्राप्त किया। मुख्यमंत्री ने संतों को माल्यार्पण, फल, अंगवस्त्र आदि देकर सम्मानित भी किया। 

भगवान के विभिन्न स्वरूपों व भावों को 51 कलाकारों ने नृत्य के जरिए किया प्रस्तुत 

मंच पर हनुमान प्रसाद धानुका विद्यालय, वृंदावन की छात्राओं ने राष्ट्रगीत भी प्रस्तुत किया। 51 कलाकारों ने शिवोअहं प्रोडक्शन की ओर से भारत के विभिन्न राज्यों की नृत्य शैली के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण के विभिन्न स्वरूपों व भावों को प्रस्तुत किया। इसकी कोरियोग्राफर बीएचयू वाराणसी की कथक नृत्यांगना शिवानी मिश्रा थीं। 

सीएम ने किया स्टॉलों का अवलोकन 

मुख्यमंत्री ने यहां विभिन्न विभागों की तरफ से लगाए गए स्टॉलों का भी अवलोकन किया। योजनाओं की प्रगति के साथ ही महिलाओं समेत विभिन्न सामग्रियों, वस्त्रों, उत्पादों को तैयार करने वालों से कार्यों आदि के बारे में जानकारी ली। महिला स्वयंसेवी समूहों की महिलाओं ने भी अपने कार्यों से सीएम को अवगत कराया। 

सीएम ने दिए प्रमाण पत्र, स्वीकृति पत्र, चाबी/चेक 

सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 (शहरी) व मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत 7240 लाभार्थियों में सहायता राशि का वितरण किया। इस दौरान उन्होंने मंच पर विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र, प्रमाण पत्र, चेक-चाबी आदि प्रदान किया। 

सीएम के हाथों इन्हें मिला सम्मान 

  • मनोज कुमार- मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत 5 लाख का चेक 
  • अर्चना- विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के तहत दर्जी ट्रेड का टूल किट
  • तोरन सिंह- मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना क तहत 3.20 लाख का स्वीकृति पत्र 
  • शैलेंद्र सिंह- मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना के तहत 11.80 लाख का स्वीकृति प्रमाण पत्र 
  • पुष्पेंद्र सिंह- मुख्यमंत्री स्वदेशी गोसंवर्धन योजना के तहत 80 हजार का स्वीकृति प्रमाण पत्र 
  • डॉ. प्रिंसेज चक्रवर्ती- नियुक्ति पत्र 
  • डॉ. रजत द्विवेदी- नियुक्ति पत्र 
  • मुरारी लाल- कन्या विवाह सहायता योजना के तहत 65 हजार का चेक 
  • राजवीर सिंह- दुग्ध प्रसंस्करण के लिए 8.75 लाख का चेक 
  • सौरभ कुमार वर्मा- मसाला प्रसंस्करण के लिए 4.12 लाख से अधिक का चेक 
  • अजय- डिजिटल लाइब्रेरी व पुलिस विभाग में उप निरीक्षक पद पर चयनित होने के लिए प्रशस्ति पत्र  
  • पायल- लाड़ली वन व वृहद पौधरोपण के लिए प्रशस्ति पत्र 
  • श्यामवती- मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत स्वीकृति पत्र व चाबी 
  • ममता- मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत स्वीकृति पत्र व चाबी
  • सुखदेई- मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के तहत 5 लाख का चेक।

योगी सरकार का बड़ा कदम, यूपी के 6600 राजकीय नलकूपों का आधुनिकीकरण, 3.77 लाख हेक्टेयर में बढ़ी सिंचाई क्षमता

योगी सरकार का बड़ा कदम,  यूपी के 6600 राजकीय नलकूपों का आधुनिकीकरण, 3.77 लाख हेक्टेयर में बढ़ी सिंचाई क्षमता

किसानों को खेती के लिए पर्याप्त और भरोसेमंद सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में योगी सरकार लगातार प्रभावी कदम उठा रही है। प्रदेश सरकार की प्राथमिकता केवल सिंचाई संसाधनों का विस्तार करना ही नहीं, बल्कि पहले से उपलब्ध व्यवस्था को आधुनिक, सुचारु और अधिक उपयोगी बनाना भी है। इसी क्रम में सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग की ओर से राजकीय नलकूपों के आधुनिकीकरण पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इससे किसानों को समय पर पानी उपलब्ध कराने के साथ खेती की लागत और जोखिम कम करने में भी मदद मिल रही है।

 

विभागीय आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2022-23 से 2025-26 के बीच प्रदेश में 2,493 नए राजकीय नलकूपों का निर्माण, 1,769 असफल नलकूपों का पुनर्निर्माण और 6,600 राजकीय नलकूपों का आधुनिकीकरण पूरा किया गया। सरकार की यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने के साथ खेतों तक पानी की उपलब्धता को अधिक भरोसेमंद बनाने में महत्वपूर्ण साबित हो रही है।

 

इन कार्यों के परिणामस्वरूप 3.77 लाख हेक्टेयर सिंचाई क्षमता का सृजन या पुनर्स्थापना हुई, जबकि 3.15 लाख कृषक परिवार सीधे लाभान्वित हुए। यानी नलकूपों के आधुनिकीकरण का असर केवल सरकारी परिसंपत्तियों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसका सीधा फायदा खेत और किसान तक पहुंचा है। इसके अलावा पंप नहरों के आधुनिकीकरण और नए पंप नहरों के निर्माण से भी 0.62 लाख हेक्टेयर सिंचाई क्षमता का सृजन या पुनर्स्थापन हुआ।

 

5.59 लाख कृषक परिवारों को लाभ पहुंचाने का लक्ष्य

योगी सरकार ने आने वाले समय के लिए भी सिंचाई व्यवस्था को और मजबूत करने की तैयारी की है। वर्ष 2026-27 में 1,750 असफल राजकीय नलकूपों के पुनर्निर्माण और 8,717 नलकूपों के आधुनिकीकरण समेत कई परियोजनाएं संचालित हैं। इनके पूरा होने पर 4.21 लाख हेक्टेयर अतिरिक्त सिंचाई क्षमता के सृजन या पुनर्स्थापना और 5.59 लाख कृषक परिवारों को लाभ पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

यूपी भाजपा ने की कानपुर क्षेत्रीय टीम की घोषणा, 38 पदाधिकारियों में 4 महामंत्री और 10 मंत्री शामिल

यूपी भाजपा ने विधानसभा चुनाव को देखते हुए गोरखपुर, कानपुर, ब्रज, पश्चिमी यूपी, अवध और काशी क्षेत्र में नई क्षेत्रीय टीम की घोषणा की है। इनमें कानपुर में 10 उपाध्यक्ष, 4 महामंत्री और 10 कार्यकर्ताओं को मंत्री की जिम्मेदारी सौंपी है।

यूपी में योगी सरकार का बड़ा ‘सेवा संकल्प अभियान’, 17 सितंबर से गांव-गांव होंगे जनसेवा के कार्यक्रम

यूपी में योगी सरकार का बड़ा 'सेवा संकल्प अभियान', 17 सितंबर से गांव-गांव होंगे जनसेवा के कार्यक्रम

योगी सरकार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 वर्षों की सेवा पूर्ण होने के अवसर को प्रदेशभर में जनसेवा और राष्ट्र निर्माण के संकल्प से जोड़ेगी। इसके लिए सरकार 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर, 2026 तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलाने जा रही है। ग्राम और न्याय पंचायत से लेकर जिला मुख्यालय तथा महानगरों तक एक महीने चलने वाले अभियान में जनसेवा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, पर्यावरण, सामाजिक सरोकार और राष्ट्र निर्माण से जुड़े व्यापक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार का जोर अभियान को सरकारी आयोजनों तक सीमित रखने के बजाय इसमें व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित करने पर है। अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय को उत्तर प्रदेश का प्रभारी बनाया गया है।

 

योगी सरकार की मंशा ‘सेवा संकल्प अभियान’ के जरिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन और जनसेवा से नागरिकों को परिचित कराने के साथ उन्हें ‘विकसित भारत-2047’ के सामूहिक राष्ट्रीय संकल्प से जोड़ने की है। इसके लिए कार्यक्रमों को जिला मुख्यालयों तक सीमित न रखकर न्याय पंचायत, ग्राम पंचायत और नगरीय क्षेत्रों तक ले जाने की तैयारी है।

 

‘आशीर्वाद का दीया’ से योगी सरकार करेगी अभियान का आगाज

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिवस 17 सितम्बर को योगी सरकार ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम के साथ अभियान की शुरुआत करेगी। ग्राम पंचायतों से लेकर शहरों तक जनभागीदारी के साथ कार्यक्रम होंगे। इस अवसर पर दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण भी वितरित किए जाएंगे। अभियान के दौरान ‘करोड़ों बच्चों के सपनों का भारत’, ‘नमो सेवा गाथा’, ‘आंगन का उत्सव’, ‘कहानी बदलाव की’, ‘विकसित भारत संकल्प यात्रा’, ‘सेवा ज्योति यात्रा’, ‘वडनगर से वाराणसी यात्रा’, ‘सेवा मेरा योगदान’, ‘घर-घर से राष्ट्र तक रंगोली’, ‘इनोवेशन चैलेंज’ और ‘जनसेवा महाकुंभ’ जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

 

स्वच्छता से रक्तदान तक, जनसेवा पर रहेगा फोकस

‘सेवा मेरा योगदान’ के तहत योगी सरकार प्रदेशभर में स्वच्छता और वृक्षारोपण के साथ घाटों, पार्कों और गोशालाओं की सफाई एवं सौंदर्यीकरण के कार्यक्रम आयोजित करेगी। रक्तदान शिविर भी लगाए जाएंगे। वहीं ‘आरोग्य मेलों’ के जरिए लोगों के स्वास्थ्य परीक्षण, चिकित्सकीय परामर्श और आवश्यक दवाओं के वितरण की व्यवस्था की जाएगी। बच्चों, युवाओं और नवाचार से जुड़े कार्यक्रमों के माध्यम से नई पीढ़ी को राष्ट्र निर्माण से जोड़ने पर विशेष जोर रहेगा। ‘नमो सेवा गाथा’ के जरिए प्रधानमंत्री मोदी के 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन, जनकल्याणकारी योजनाओं और इस दौरान विभिन्न क्षेत्रों में आए बदलाव को लोगों तक पहुंचाया जाएगा।

 

7 अक्टूबर को हर जिले में ‘विकसित भारत संकल्प यात्रा’

अभियान के महत्वपूर्ण पड़ाव के रूप में 7 अक्टूबर को प्रदेश के प्रत्येक जिले में ‘विकसित भारत संकल्प यात्रा’ निकाली जाएगी। इसके माध्यम से नागरिकों को विकसित भारत के निर्माण में अपनी भूमिका निभाने का सामूहिक संकल्प दिलाया जाएगा। विभिन्न स्थानों पर बड़ी स्क्रीन लगाकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संबोधन का प्रसारण भी किया जाएगा।

 

विभागों को जिम्मेदारी सौंपेगी योगी सरकार

अभियान को प्रदेशव्यापी स्वरूप देने के लिए तैयारियां तेज कर दी गई हैं। सेवा संकल्प अभियान के प्रदेश प्रभारी एवं उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय जल्द संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। इसमें विभागवार जिम्मेदारियां तय करने के साथ कार्यक्रमों के प्रभावी और व्यापक आयोजन की कार्ययोजना तैयार की जाएगी। योगी सरकार का प्रयास है कि महीनेभर चलने वाला ‘सेवा संकल्प अभियान’ केवल आयोजनों की श्रृंखला न बनकर जनसेवा, सामाजिक सहभागिता और विकसित भारत के संकल्प को प्रदेश के गांव-गांव और शहर-शहर तक पहुंचाने का माध्यम बने।

SBI PO 2026 Mains Admit Card: स्टेट बैंक ने जारी किया पीओ मेन्स परीक्षा का एडमिट कार्ड, 12 सितंबर को होगी परीक्षा

SBI PO 2026 Mains Admit Card: भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने प्रोबेशनरी अधिकारिक (PO) मुख्य एडमिट कार्ड 2026 जारी कर दिया है। यह परीक्षा 12 सितंबर, 2026, रविवार को आयोजित की जाएगी। परीक्षा में शामिल होने के योग्य उम्मीदवार एसबीआई पीओ मेन्स हॉल टिकट आधिकारिक वेबसाइट sbi.bank.in से डाउनलोड कर सकते हैं। इस परीक्षा में एसबीआई पीओ भर्ती 2026 प्रीलिमनरी परीक्षा में सफल घोषित उम्मीदवार हिस्सा ले सकेंगे।

एसबीआई पीओ भर्ती 2026 मुख्य परीक्षा के लिए शॉर्टलिस्ट उम्मीदवार लॉगिन विंडो में अपने लॉगिन क्रेडेंशियल जैसे रजिस्ट्रेशन नंबर या रोल नंबर और पासवर्ड/DOB डालकर अपना एडमिट कार्ड चेक और डाउनलोड कर सकते हैं। आवेदकों के अपने कॉल लेटर डाउनलोड करने के बाद, उन्हें गलतियों और गड़बड़ियों को चेक करने के लिए ठीक से देखना होगा। किसी भी गड़बड़ी के मामले में, कैंडिडेट्स को तुरंत एग्जाम कराने वाली बॉडी से संपर्क करना होगा और परीक्षा की तारीख से पहले उन्हें ठीक करवाना होगा। एसबीआई पीओ भर्ती 2026 परीक्षा विज्ञापन संख्या CRPD/PO/2026-27/09 के तहत कुल 1,500 वैकेंसी के लिए आयोजित की जा रही है।

ध्यान रखें, परीक्षार्थियों के लिए अपना हॉल टिकट परीक्षा केंद्र ले जाना अनिवार्य है। एडमिट कार्ड के साथ कैंडिडेट्स को अपना वैलिड फोटो ID प्रूफ भी साथ लाना होगा। इन दोनों के बिना उन्हें परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। यह परीक्षा में शामिल होने के लिए सबसे जरूरी डॉक्युमेंट होता है। इसमें परीक्षा के विवरण के साथ ही परीक्षा केंद्र का पूरा पता, आईडी और परीक्षा के लिए जरूरी निर्देश होते हैं। कैंडिडेट अपना एसबीआई पीओ भर्ती 2026 मुख्य परीक्षा एडमिट कार्ड 12 सितंबर तक डाउनलोड कर सकते हैं।

एसबीआई पीओ भर्ती 2026 मुख्य परीक्षा के दिन के लिए निर्देश

12 सितंबर को होने वाले एसबीआई पीओ भर्ती 2026 मुख्य परीक्षा में शामिल होने वाले सभी उम्मीदवारों को परीक्षा प्रक्रिया आसान बनाने के लिए नीचे दी गई गाइडलाइंस को फॉलो करना होगा।

  • उम्मीदवारों को परीक्षा के दिन एडमिट कार्ड की हार्ड कॉपी ले जानी होगी। डिजिटल/सॉफ्ट कॉपी की इजाजत नहीं होगी।
  • एप्लिकेंट को यह पक्का करना होगा कि एडमिट कार्ड पर फोटो और सिग्नेचर साफ हों।
  • आखिरी मिनट में किसी भी तरह की परेशानी से बचने के लिए कैंडिडेट को एग्जाम सेंटर पर आधा घंटा पहले पहुंचना होगा।
  • एप्लिकेंट को एडमिट कार्ड के साथ अपना वैलिड ID प्रूफ भी साथ रखना होगा।

एसबीआई पीओ कॉल लेटर 2026: जरूरी डॉक्यूमेंट्स

एसबीआई पीओ मेन्स परीक्षा के दिन कैंडिडेट को एग्जाम सेंटर पर एडमिट कार्ड के साथ एक वैलिड ओरिजिनल ID प्रूफ भी ले जाना होगा। नीचे उन डॉक्यूमेंट्स की लिस्ट दी गई है जिन्हें एसबीआई पीओ 2026 परीक्षा में बैठने वाले एप्लीकेंट पहचान के सबूत के तौर पर इस्तेमाल कर सकते हैं:

  • वोटर ID कार्ड
  • PAN कार्ड
  • बैंक पासबुक
  • आधार कार्ड
  • ड्राइविंग लाइसेंस
  • राशन कार्ड

Railway Apprentice 2026: बिना लिखित परीक्षा के सदर्न रेलवे में भर्ती का मौका, 4400 से ज्यादा पदों पर भर्ती के लिए आवेदन शुरू

यूपी का राजनीतिक भविष्यफल!

यूपी का राजनीतिक भविष्यफल!

क्या आप उत्तर प्रदेश से हैं? किसी राजनीतिक दल से आगामी विधानसभा चुनाव के लिए टिकटार्थी हैं? अगर हां, तो आपको किसी विरहन की तरह भादों की रातें भारी लगेंगी। 

 

क्वार में आसमान साफ होने तक आपकी स्थिति कुछ हद तक साफ होगी। फिर भी मुकम्मल तौर पर कुछ कहना मुश्किल है। इसलिए देवताओं की परिक्रमा करते रहिए। अपनी श्रद्धा के अनुसार दान-दक्षिणा भी देते रहिए।

 

त्रेता में बारिश के बाद ही लंका कांड हुआ था। भगवान श्रीराम उत्तर प्रदेश के अयोध्या से ही थे। अब कलयुग में इस बार उत्तर प्रदेश में क्या होगा, कहना संभव नहीं। सब कुछ रामजी की मर्जी पर है। अपने मंदिर के चढ़ावे की कथित चोरी से वह खुश हैं या नाराज, यह वक्त बताएगा।

 

हर दौर की तरह इस बार भी विभीषणों की चांदी रहेगी। इन दिनों विभीषण कुछ ज्यादा ही हैं, इसलिए मिलेंगे भी खूब। 

लेकिन ध्यान रखिए—ये त्रेता वाले विभीषण नहीं, कलयुग के विभीषण हैं। इनकी निष्ठा संदिग्ध रहेगी। ये विपक्ष यानी रावण का साथ छोड़कर आपके साथ आएं, यह जरूरी नहीं। मौका मिला तो आपको ही मरवाने की भूमिका में भी नजर आ सकते हैं। इसलिए इनसे दोस्ती करते समय सावधानी जरूरी है।

 

सावन-भादों में बारिश अच्छी हुई है और सिलसिला अभी जारी है। इससे मौसमी नेताओं यानी ‘मेंढकों’  की खुशी का ठिकाना नहीं। इनकी टर्र-टर्र अभी और बढ़ेगी। हालांकि इस पर बहुत ध्यान देने की जरूरत नहीं, क्योंकि टर्राना मेंढकों का स्वभाव है और मौसम बदलते ही इनकी आवाज भी बदल जाएगी।

 

भादों मौसम के बदलाव का प्रतीक है। कुछ दिनों में मानसून की वापसी शुरू होगी। उत्तर प्रदेश में भी राजनीतिक मौसम बदलेगा या नहीं, फिलहाल मुकम्मल तौर पर कुछ कहना मुश्किल है।

 

ग्लोबल वार्मिंग ने मौसम को जितना अप्रत्याशित बनाया है, उससे कहीं ज्यादा चुनावी राजनीति ने सियासी मौसम को। देश के सबसे बड़े सूबे में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए बढ़ता चुनावी तापमान आने वाले दिनों को और अस्थिर बनाएगा। 

 

इसलिए थोड़ा दिल थामकर इंतजार करिए। आने वाले दिनों में कई चेहरे बदलेंगे, कई मौसम बदलेंगे और कई भविष्यफल गलत साबित होंगे। लेकिन तब तक एक काम जरूर कर लीजिए—SIR के बाद यह जरूर देख लीजिए कि आप मतदाता हैं भी या नहीं!

Yasin Malik wife: ‘8 साल से आवाज नहीं सुनी…’; तिहाड़ जेल में बंद यासीन मलिक अपनी पाकिस्तानी पत्नी को देगा तलाक, खुद के लिए की फांसी की मांग

Yasin Malik wife Mushaal Mullick: राजधानी दिल्ली के तिहाड़ जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे कश्मीरी अलगाववादी संगठन जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (JKLF) के चेयरमैन यासीन मलिक ने अपनी पाकिस्तानी पत्नी मुशाल मलिक से शादी खत्म करने की इच्छा जाहिर की है। यासीन मलिक ने जम्मू की टाडा (TADA) कोर्ट में एक 25 पन्नों का हलफनामा दायर किया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसमें उसने अपनी पाकिस्तानी पत्नी मुशाल हुसैन मलिक को तलाक देने और सरला भट्ट हत्याकांड में केस लड़े बिना खुद के लिए फांसी की मांग की है।

पत्नी-बेटी का किया जिक्र

मलिक ने इस मर्डर केस की सुनवाई के दौरान जम्मू की स्पेशल TADA/POTA कोर्ट में 25 पेज का पर्सनल हलफनामा (एफिडेविट) दाखिल करने का अनुरोध किया है। हमारे सहयोगी News18 की रिपोर्ट के मुताबिक, हलफनामे में उसने अपनी मां, पत्नी और 13 साल की बेटी रजिया सुल्ताना का जिक्र किया है। इसमें उसने परिवार से लंबे समय तक अलग रहने के बारे में लिखा।

‘8 साल से आवाज नहीं सुनी…’

रिपोर्ट के मुताबिक, मलिक ने हलफनामे में यह भी कहा कि उसने पिछले आठ वर्षों से अपनी पत्नी की आवाज तक नहीं सुनी है। उसका दावा है कि जेल में रहने के दौरान उसे पत्नी और बेटी से नियमित फोन पर बातचीत या सामान्य वीडियो कॉल की सुविधा नहीं मिल सकी। मलिक के मुताबिक, जेल में रहने के दौरान उनके परिवार से बातचीत सीमित और अनिश्चित रही है। उसने इस लंबे अलगाव की वजह अपनी जेल की सज़ा और बातचीत पर लगी पाबंदियों को बताया।

पत्नी से कहा- अपनी जिंदगी में आगे बढ़ो

यासीन मलिक ने अपनी पत्नी मुशाल से कहा कि वह अपनी बाकी जिंदगी उसका इंतजार करते हुए या उनके भविष्य को लेकर अनिश्चितता में न बिताएं। उसने उन्हें जिंदगी में नया अध्याय शुरू करने की बात कही है। मलिक ने लिखा कि उसका फैसला किसी नाराजगी या दुश्मनी की वजह से नहीं है। वह अब भी अपनी पत्नी का सम्मान करता है। मलिक ने यह भी कहा कि उसने मुशाल के साथ बिताए वैवाहिक वर्षों का अफसोस नहीं है। दोनों के बीच दूरी के लिए उसने उन परिस्थितियों को जिम्मेदार बताया, जो उसके कंट्रोल से बाहर थीं।

बेटी का बचपन मिस करने का भी जिक्र

हलफनामे में मलिक ने अपनी बेटी के बचपन से दूर रहने का भी जिक्र किया है। उसने कहा कि लंबे समय तक जेल में रहने और परिवार से अलगाव के कारण वह अपने बच्चों के बचपन में उनके साथ नहीं रह सका। उसने लिखा कि उसके बच्चे माता-पिता की सामान्य मौजूदगी और मार्गदर्शन के बिना बड़े हुए। परिवार को उम्मीद थी कि वह किसी दिन वापस घर लौटेंगे। लेकिन बाद में उन्हें फिर हिरासत में ले लिया गया। मलिक ने यह भी माना कि उनकी गिरफ्तारी और लंबे कारावास का उनकी पत्नी और पूरे परिवार की निजी जिंदगी पर गहरा असर पड़ा है।

बेटी से दादी के साथ रहने की अपील

अपनी बेटी रजिया सुल्ताना को संबोधित करते हुए मलिक ने उससे अपनी दादी के करीब रहने की अपील की है। उसने बेटी से कहा कि वह अपनी दादी से हर दिन कम से कम पांच मिनट फोन पर बात करे, ताकि परिवार से दूर रहने के बावजूद उनकी मां को अपनी पोती का स्नेह और साथ मिलता रहे। मलिक ने कहा कि उसका हलफनामा किसी से सहानुभूति या दया हासिल करने के लिए नहीं है, बल्कि यह उनकी अंतरात्मा की आवाज और परिवार के लिए एक संदेश है।

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आतंकी फंडिंग मामले में उम्रकैद की काट रहा सजा

यासीन मलिक को साल 2022 में दिल्ली की स्पेशल NIA कोर्ट ने आतंकी फंडिंग मामले में दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। वह फिलहाल तिहाड़ जेल में बंद है। मलिक और उसके नेतृत्व वाले JKLF पर जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद और हिंसा से जुड़े कई मामले दर्ज हैं। कश्मीर में उग्रवाद के दौर में हिंदूओं के खिलाफ टारगेटेड हिंसा और हत्याओं की घटनाएं भी हुई थीं। इनमें कश्मीरी हिंदुओं के विस्थापन से जुड़ी घटनाएं भी शामिल थीं। इन सभी मामलों में मलिक मुख्य रूप से शामिल था।