सांवले रंग की वजह से हुआ मज़ाक, फिर बनी Award-Winning Actress | Nimisha Sajayan | Babita Singh

सांवले रंग की वजह से हुआ मज़ाक, फिर बनी Award-Winning Actress | Nimisha Sajayan | Babita Singh

“तुम हीरोइन जैसी नहीं दिखती” निमिषा साजयन ने ये बात कई बार सुनी थी। उनके सांवले रंग और लुक्स का मज़ाक उड़ाया गया। लेकिन उन्होंने खुद को बदलने के बजाय अपना रास्ता बदल दिया। 19 साल की उम्र में Thondimuthalum Driksakshiyum से शुरुआत की। फिर ऐसे किरदार चुने जिन्होंने खूबसूरती के पुराने पैमानों को चुनौती दी। Chola में उनकी परफॉर्मेंस ने उन्हें Kerala State Award for Best Actress दिलाया।
और अब Babita Singh Reporting में बबीता बनकर वो और कई साँचे तोड़ रही है, क्योंकि निमिषा कभी Beauty Standards में फिट होने नहीं निकलीं थी, वो Beauty Standards तोड़ने निकली थीं।

@nimisha_sajayan

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सांवले रंग की वजह से हुआ मज़ाक, फिर बनी Award-Winning Actress | Nimisha Sajayan | Babita Singh Reporting | Chola
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International Earth Science Olympiad: 19वें अंतरराष्ट्रीय ओलंपियाड में भारतीय छात्रों ने जीते 9 मेडल, 4 गोल्ड मेडल के साथ रहा अब तक का बेस्ट प्रदर्शन

International Earth Science Olympiad: भारत ने इंटरनेशनल अर्थ साइंस ओलंपियाड (IESO) में अपना अब तक का सबसे अच्छा प्रदर्शन करते हुए 9 मेडल अपने नाम किए हैं। 19वीं इंटरनेशनल अर्थ साइंस ओलंपियाड प्रतियोगिता 20 से 27 अगस्त 2026 के बीच इटली के ट्यूरिम में आयोजित की गई थी। इसमें चार सदस्यों वाली भारतीय टीम ने अलग-अलग कॉम्पिटिशन में 4 गोल्ड, 3 सिल्वर और 2 ब्रॉन्ज मेडल जीते।

19वें इंटरनेशनल अर्थ साइंस ओलंपियाड में शामिल 4 सदस्यीय भारतीय टीम में सौमिक मंडल, आरोन मैती, ऋद्धि रंजन और एमडी एहतेशाम रिजवी शामिल थे। इंटरनेशनल कॉम्पिटिशन के लिए चुने जाने से पहले स्टूडेंट्स ने महाराजा सयाजीराव यूनिवर्सिटी ऑफ बड़ौदा के जियोलॉजी डिपार्टमेंट में तीन हफ्ते का प्रशिक्षण और चयन प्रोग्राम आयोजित किया गया था।

इटली के ट्यूरिन में हुए 19वें इंटरनेशनल अर्थ साइंस ओलंपियाड में भारतीय छात्रों ने लिखित और प्रैक्टिकल परीक्षा, इंटरनेशनल टीम फील्ड इन्वेस्टिगेशन और अर्थ साइंस प्रोजेक्ट कॉम्पिटिशन में मेडल जीते। 19वें इंटरनेशनल अर्थ साइंस ओलंपियाड में नौ मेडल की जीत भारत का इस प्रतियोगिता में अब तक का बेस्ट प्रदर्शन माना जा रहा है। इससे पहले 2025 संस्करण में भारतीय छात्रों ने सात मेडल जीते थे। इन-पर्सन IESO में भारत का पिछला सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 2019 में 10 मेडल का था। हालांकि, 2026 के नतीजों को प्रतियोगिता में शामिल टीम का देश का अब तक का सबसे अच्छा प्रदर्शन बताया गया है।

17,000 उम्मीदवारों में से चुने गए छात्र

भारतीय टीम में शामिल चार छात्रों को राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित चयन प्रक्रिया के जरिए चुना गया। इस प्रक्रिया में करीब 17,000 छात्रों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। बाद में उन्होंने 20 मई से 11 जून, 2026 तक यूनिवर्सिटी में इंटेंसिव ट्रेनिंग प्रोग्राम में हिस्सा लिया।

इंटरनेशनल अर्थ साइंस ओलंपियाड स्कूल छात्रों को अर्थ साइंस से जुड़े क्षेत्र में मुकाबला करने का मौका देता है। इस प्रतियोगिता में जियोलॉजी, जियोफिजिक्स, मेटियोरोलॉजी, ओशनोग्राफी और एनवायर्नमेंटल साइंस से जुड़े विषय और गतिविधि शामिल हैं। फाइनल टीम चुने जाने से पहले भारत की चयन प्रक्रिया में एक नेशनल एंट्रेंस टेस्ट, एक ट्रेनिंग कैंप और इंडियन नेशनल अर्थ साइंस ओलंपियाड शामिल हैं। भारतीय छात्रों की यह उपलब्धि इंटरनेशनल साइंस ओलंपियाड स्टेज पर भारतीय स्कूली छात्रों के एक और मजबूत प्रदर्शन को जोड़ती है।

NEET PG 2026 Re-Exam: अधिकारिक वेबसाइट से डाउनलोड करें नीट पीजी री-एग्जाम एडमिट कार्ड, जानें डाउनलोड करने के स्टेप्स

‘शरीर पर 5 किलो सोना, 4.5 किलो के चांदी के जूते’, कौन हैं कानपुर के गूगल गोल्डन बाबा? जानिए क्यों हैं चर्चा में

Who is Google Golden Baba: पूरे देश में कृष्ण जन्माष्टमी की धूम है और मंदिरों से लेकर घरों तक तैयारियां जोरों पर हैं। इसी बीच कानपुर के काकादेव इलाके में रहने वाले मनोज सेंगर उर्फ मनोजानंद बाबा एक बार फिर सुर्खियों में आ गए हैं। लोग इन्हें ‘गूगल गोल्डन बाबा’ के नाम से जानते हैं। कृष्ण भक्ति में लीन यह बाबा इस बार जन्माष्टमी पर 651 भक्तों को लड्डू गोपाल की प्रतिमा और श्रीमद्भगवद्गीता की पुस्तक निशुल्क बांटने जा रहे हैं।

बहन के घर आने-जाने में की रेकी, सूना घर मिलते ही उड़ाए 15 लाख के जेवर, 200 CCTV कैमरों से खुला राज

Kanpur Theft News: कानपुर के रावतपुर स्थित सुदर्शन हाउसिंग सोसाइटी में बीजेपी पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य अशोक कुमार के घर हुई करीब 15 लाख रुपये की चोरी का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने बुधवार रात बंबा रोड के पास से आरोपित को गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से चोरी किए गए लाखों रुपये के जेवरात और एक लाख रुपये नकद बरामद हुए हैं। जांच में सामने आया कि आरोपित पहले इसी सोसाइटी में रह चुका था और उसकी बहन का घर भी यहीं है। बहन के घर आने-जाने के दौरान उसने अशोक कुमार के घर की रेकी की थी।23 अगस्त को लखनऊ से घर लौटे अशोक कुमार ने घर के तीन कमरों के ताले टूटे देखे थे। अलमारी में रखे करीब 15 लाख रुपये के जेवरात गायब थे। मामले में उनकी तहरीर पर कल्याणपुर थाने में चोरी का मुकदमा दर्ज किया गया था।

NEET PG 2026 Re-Exam: अधिकारिक वेबसाइट से डाउनलोड करें नीट पीजी री-एग्जाम एडमिट कार्ड, जानें डाउनलोड करने के स्टेप्स

NEET PG 2026 Re-Exam: नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) ने नीट पीजी 2026 री-एग्जामिनेशन के लिए एडमिट कार्ड जारी कर दिए हैं। नीट पीजी 2026 री-एग्जाम 5 सितंबर, 2026 को होंगे। इस परीक्षा में शामिल होने के लिए योग्य उम्मीदवार अब आधिकारिक वेबसाइट natboard.edu.in से अपने हॉल टिकट डाउनलोड कर सकते हैं।

यह री-एग्जामिनेशन उन उम्मीदवारों के लिए किया जा रहा है जिन्हें खास तौर पर इसमें शामिल होने के लिए योग्य माना गया है। परीक्षार्थियों को परीक्षा में शामिल होने से पहले अपने हॉल टिकट पर दिए गए विवरण को ध्यान से देख लेना चाहिए। बता दें, नीट पीजी 2026 री-एग्जाम iON डिजिटल जोन iDZ सीतापुरा सेंटर्स, जयपुर, राजस्थान (TC नंबर 41682 और 41683) में परीक्षा देने वाले 2,445 परीक्षार्थियों के लिए आयोजित किया जा रहा है। इस परीक्षा केंद्र की आंतरिक पावर सप्लाई बाधित होने की वजह से इस केंद्र पर परीक्षा पूरा नहीं हो सकी। इसलिए एनबीईएमएस ने इन परीक्षार्थियों के लिए नीट पीजी 2026 री-एग्जाम कराने की घोषणा की थी। इससे पहले नीट पीजी 2026 री-एग्जाम का आयोजन देश के 339 शहरों में बनाए गए 1111 परीक्षा केंद्रों पर 30 अगस्त, 2026 को किया था।

मेडिकल बोर्ड द्वारा यह परीक्षा 36 राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों में हुई थी, जिसमें 2,65,980 परीक्षार्थियों ने हिस्सा लिया था। इनमें से लगभग 2,63,535 कैंडिडेट्स की परीक्षा सफलतापूर्वक पूरी हुई। इस परीक्षा के लिए 2,73,096 उम्मीदवारों ने पंजीकरण कराया था। हालांकि, 2,445 के लिए यह परीक्षा तकलीफदेह साबित हुई। यह परीक्षार्थी पहुंचे थे।

नीट पीजी 2026 री-एग्जामिनेशन एडमिट कार्ड कैसे डाउनलोड करें

कैंडिडेट अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड करने के लिए इन स्टेप्स को फॉलो कर सकते हैं:

  • आधिकारिक एनबीईएमएस वेबसाइट natboard.edu.in पर जाएं।
  • होमपेज पर, नीट पीजी 2026 री-एग्जामिनेशन एडमिट कार्ड का लिंक ढूंढें।
  • जरूरी लॉगिन क्रेडेंशियल डालें।
  • ‘सबमिट’ बटन पर क्लिक करें।
  • नीट पीजी 2026 री-एग्जाम एडमिट कार्ड स्क्रीन पर दिखेगा।
  • हॉल टिकट डाउनलोड करें और भविष्य के लिए एक कॉपी रख लें।

एडमिट कार्ड पर दी गई जानकारी

नीट पीजी 2026 री-एग्जाम एडमिट कार्ड में कैंडिडेट का नाम, नीट पीजी रोल नंबर, एप्लीकेशन नंबर, जन्म तिथि, कैटेगरी, फोटो और सिग्नेचर जैसी जरूरी जानकारी होगी।

इसमें परीक्षा की तारीख, एग्जाम सेंटर का नाम और पता, सेंटर कोड, रिपोर्टिंग टाइम और आखिरी एंट्री टाइम भी लिखा होगा। एडमिट कार्ड पर नीट पीजी 2026 एडवाइजरी और जरूरी निर्देश भी होंगे जिनका कैंडिडेट को परीक्षा के दिन पालन करना होगा।

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Gold Jewellery Price: 18, 14 या 9 कैरेट की ज्वेलरी कितने में बनेगी? समझिए पूरा कैलकुलेशन

Gold Jewellery Price: सोने का भाव लगातार ऊंचे स्तर पर बना है। ऐसे में जाहिर तौर पर नए गहने खरीदना काफी महंगा हो गया है। हालांकि, हर कैरेट के सोने की कीमत एक जैसी नहीं होती। सबसे महंगा 24 कैरेट का सोना होता है। लेकिन, इससे गहने नहीं बनते। गहने बनने की शुरुआत अधिकतम 22 कैरेट गोल्ड से होती है। महंगाई के चलते अब कम कैरेट गोल्ड की तरफ भी ग्राहकों की दिलचस्पी बढ़ रही है।

खुराना ज्वैलरी हाउस की सौम्या खुराना के मुताबिक, अब ज्वेलर्स ग्राहकों के लिए हल्के आभूषण पेश कर रहे हैं, जो सस्ते होते हैं। 18 कैरेट, 14 कैरेट और यहां तक ​​कि 9 कैरेट की ज्वेलरी भी मार्केट में आ रही हैं। इन्हें लोग खूब पसंद भी कर रहे हैं।

आइए जानते हैं कि 18, 14 और 9 कैरेट की गोल्ड ज्वेलरी बनवाने पर कितना खर्च होगा। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन यानी IBJA के मुताबिक, 3 सितंबर को 10 ग्राम 24 कैरेट सोने की कीमत ₹2,549 बढ़कर ₹1.54 लाख हो गई। इसी भाव के आधार पर 18 कैरेट, 14 कैरेट और 9 कैरेट की 10 ग्राम ज्वेलरी का कैलकुलेशन किया गया है।

18K, 14K और 9K में कितना सोना

18 कैरेट की 10 ग्राम ज्वेलरी में 75% यानी 7.5 ग्राम शुद्ध सोना होता है। 14 कैरेट में यह मात्रा 58.5% यानी 5.85 ग्राम रहती है। वहीं 9 कैरेट की 10 ग्राम ज्वेलरी में 37.5% यानी 3.75 ग्राम शुद्ध सोना होता है।

बची हुई मात्रा में दूसरी धातुएं मिलाई जाती हैं। इससे ज्वेलरी मजबूत बनती है। कम कैरेट का मतलब है कि गहने में सोने की मात्रा कम है। यही वजह है कि उसकी कीमत भी कम पड़ती है।

Gold price crash: इन 5 वजहों से क्रैश हुआ गोल्ड, 6% तक गिरा भाव; अब आगे  क्या होगा? - gold price crash reasons and future outlook after 6 percent  drop in international market | Moneycontrol Hindi

18 कैरेट की 10 ग्राम ज्वेलरी का खर्च

18 कैरेट की 10 ग्राम ज्वेलरी में 7.5 ग्राम शुद्ध सोना होता है। ₹1.54 लाख प्रति 10 ग्राम के भाव पर इस सोने की कीमत ₹1,15,500 बैठती है।

बाकी 2.5 ग्राम में दूसरी धातुएं होती हैं। चांदी और तांबे की कीमत जोड़ने पर ज्वेलरी की कुल धातु लागत ₹1,18,502 हो जाती है। 10% मेकिंग चार्ज और 3% GST के बाद कुल कीमत करीब ₹1,34,262 बैठती है।

14 कैरेट की 10 ग्राम ज्वेलरी का खर्च

14 कैरेट की ज्वेलरी में सोने की मात्रा घटकर 5.85 ग्राम रह जाती है। इसकी कीमत ₹90,090 होती है। हालांकि, बचे हुए 4.15 ग्राम में चांदी और तांबा मिलाया जाता है। इनकी कीमत भी ग्राहक को चुकानी होती है।

इन धातुओं की कीमत जोड़ने पर कुल धातु लागत ₹95,073 बैठती है। मेकिंग चार्ज और GST मिलाने के बाद 10 ग्राम 14 कैरेट ज्वेलरी की कीमत करीब ₹1,07,718 हो जाती है। यानी 18 कैरेट के मुकाबले करीब ₹26,500 की बचत।

9 कैरेट की 10 ग्राम ज्वेलरी का खर्च

9 कैरेट में सिर्फ 3.75 ग्राम शुद्ध सोना होता है। मौजूदा भाव पर इस सोने की कीमत ₹57,750 बैठती है। बाकी 6.25 ग्राम में दूसरी धातुएं होती हैं। चांदी और तांबे की कीमत मिलाकर कुल धातु लागत ₹65,254 हो जाती है।

इसके बाद ₹6,525 मेकिंग चार्ज और 3% GST जुड़ता है। इस तरह 10 ग्राम 9 कैरेट ज्वेलरी करीब ₹73,933 में तैयार होती है। यानी 18 कैरेट के मुकाबले करीब ₹60,000 कम खर्च आता है।

एक नजर में 10 ग्राम ज्वेलरी का पूरा हिसाब

खर्च का हिसाब18 कैरेट14 कैरेट9 कैरेट
शुद्ध सोना7.5 ग्राम5.85 ग्राम3.75 ग्राम
सोने की कीमत₹1,15,500₹90,090₹57,750
दूसरी धातुओं की कीमत₹3,002₹4,983₹7,504
कुल धातु लागत₹1,18,502₹95,073₹65,254
मेकिंग चार्ज₹11,850₹9,507₹6,525
GST₹3,910₹3,137₹2,153
कुल कीमत₹1,34,262₹1,07,718₹73,933

9 कैरेट ज्वेलरी का बढ़ता चलन

बाजार में 9 कैरेट ज्वेलरी का चलन बढ़ रहा है। खासकर युवा ग्राहक हल्के और रोज पहनने वाले गहनों के लिए इसे देख रहे हैं। 14 कैरेट और 18 कैरेट ज्वेलरी भी हीरे और दूसरे रत्नों वाले डिजाइन में खूब इस्तेमाल होती है।

हालांकि, शादी-ब्याह के पारंपरिक गहनों के लिए भारत में 22 कैरेट गोल्ड की मांग अभी भी सबसे ज्यादा रहती है। लेकिन सोने के रिकॉर्ड भाव के बीच कम कैरेट की ज्वेलरी अब ग्राहकों के लिए सस्ता विकल्प बन रही है।

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Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।

Tibet Earthquake : भीषण बाढ़ की तबाही के बाद नेपाल पर एक और मुसीबत, हिमालयी क्षेत्र में क्यों मंडरा रहा है खतरा

Tibet Earthquake : भीषण बाढ़ की तबाही के बाद नेपाल पर एक और मुसीबत, हिमालयी क्षेत्र में क्यों मंडरा रहा है खतरा

Nepal flood

Tibet Earthquake : नेपाल और तिब्बत में ग्लेशियर आपदा के बाद आई विनाशकारी बाढ़ के बीच गुरुवार को तिब्बत में 5.0 तीव्रता का भूकंप आया। भारत के नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के मुताबिक, भूकंप का केंद्र उत्तराखंड के जोशीमठ से करीब 128 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में था। भूकंप के बाद फिलहाल किसी तरह के जान-माल के नुकसान की जानकारी सामने नहीं आई है। अधिकारियों की ओर से नुकसान का आकलन किया जा रहा है।

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नेपाल में बाढ़ के बीच आया भूकंप

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तिब्बत में भूकंप ऐसे समय आया है, जब हिमालयी क्षेत्र पहले से ही एक बड़ी ग्लेशियर आपदा के बाद आई भीषण बाढ़ से जूझ रहा है। इस आपदा का असर तिब्बत और नेपाल के कई इलाकों में देखने को मिला है। ताजा अपडेट के मुताबिक, इस आपदा में मृतकों की संख्या बढ़कर 1,252 हो गई है, जबकि कम से कम 4,216 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। बाढ़ और ग्लेशियर से जुड़ी इस आपदा ने हिमालयी क्षेत्र में बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है।

 

5.0 तीव्रता के भूकंप का क्या मतलब है?

 

NCS के अनुसार, तिब्बत में आए भूकंप की तीव्रता 5.0 थी। इस तीव्रता के भूकंप को सामान्यतः मध्यम श्रेणी का भूकंप माना जाता है। इस तरह के भूकंप में इमारतों में स्पष्ट कंपन महसूस किया जा सकता है। कमजोर या खराब निर्माण वाली इमारतों को मामूली से मध्यम नुकसान पहुंच सकता है, जबकि अच्छी तरह से निर्मित संरचनाएं आम तौर पर गंभीर संरचनात्मक क्षति से बची रहती हैं।

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सिर्फ 10 किलोमीटर गहराई में आया भूकंप

 

नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के मुताबिक, भूकंप का केंद्र जमीन के अंदर करीब 10 किलोमीटर की गहराई में था। कम गहराई वाले भूकंपों को अपेक्षाकृत ज्यादा नुकसानदायक माना जाता है, क्योंकि भूकंपीय ऊर्जा को सतह तक पहुंचने के लिए कम दूरी तय करनी पड़ती है। इस वजह से ऊर्जा रास्ते में कम कमजोर होती है और सतह पर झटके ज्यादा महसूस किए जा सकते हैं।

 

हिमालयी क्षेत्र में लगातार बनी हुई चिंता

 

तिब्बत में आए इस भूकंप ने हिमालयी क्षेत्र में जारी प्राकृतिक आपदाओं के बीच चिंता बढ़ा दी है। हाल ही में ग्लेशियर आपदा के बाद तिब्बत और नेपाल में आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। ऐसे में भूकंप और अन्य प्राकृतिक घटनाओं पर भारत, नेपाल और तिब्बत के अधिकारियों की नजर बनी हुई है। फिलहाल तिब्बत में आए 5.0 तीव्रता के भूकंप से किसी बड़े नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है।

अमेरिका में पढ़ाई पर घिरे अभिजीत दीपके ने PM मोदी को दी चुनौती, जानिए क्या कहा…

अमेरिका में पढ़ाई पर घिरे अभिजीत दीपके ने PM मोदी को दी चुनौती, जानिए क्या कहा...

Abhijeet Dipke Degree Controversy

Abhijeet Dipke News: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने अपनी शैक्षणिक योग्यता पर उठ रहे सवालों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक अनोखी चुनौती दी है। अमेरिका की बोस्टन यूनिवर्सिटी से अपनी पढ़ाई के रिकॉर्ड पर हाल ही में शुरू हुए विवाद के बाद दीपके ने पीएम मोदी से कहा कि चलिए दोनों अपनी-अपनी डिग्री सार्वजनिक करते हैं। 

 

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट में अभिजीत दीपके ने लिखा कि लोग मेरी डिग्री देखने का इंतजार करते-करते अपना सब्र खो रहे हैं। मुझे हैरानी होती है कि वे 12 साल से प्रधानमंत्री की डिग्री देखे बिना कैसे रह रहे हैं। इसके आगे उन्होंने पीएम मोदी को टैग करते हुए इनवाइट किया और कहा कि चलो हम दोनों अपनी डिग्री दिखाते हैं और इस मामले को यहीं खत्म करते हैं। ALSO READ: ‘कॉकरोच’ कहने पर हिला दी सरकार! पढ़िए CJP आंदोलन से अभिजीत दीपके को मिले 3 सबसे बड़े सबक

क्या है दीपके के सवाल?

दीपके ने एक्स पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की डिग्री साझा करते हुए कई सवाल उठाए हैं। उन्होंने लिखा- 1976 में, मोदी के मार्क्स कंप्यूटर से जेनरेट किए गए थे, जबकि दूसरे छात्रों के मार्क्स हाथ से लिखे गए थे। उन्होंने आगे लिखा- मोदी की मार्कशीट में 'यूनिवर्सिटी ऑफ़ दिल्ली' गोथिक फ़ॉन्ट में लिखा हुआ है, जबकि DU ने 1983 के बाद गोथिक फ़ॉन्ट का इस्तेमाल करना शुरू किया था। ALSO READ: NEET प्रदर्शन पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, दिल्ली समेत 5 राज्यों में FIR रद्द; CJP नहीं करेगी प्रोटेस्ट

पॉडकास्ट से शुरू हुआ विवाद

गौरतलब है कि अभिजीत दीपके की अमेरिकी डिग्री पर लंबे समय से सवाल उठते रहे हैं। यह विवाद तब और बढ़ गया जब हाल ही में प्रखर गुप्ता के एक पॉडकास्ट में (जिसमें एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक मेहमान थे) दीपके की बोस्टन यूनिवर्सिटी की शिक्षा पर खुले तौर पर सवाल खड़े किए गए। इसके जवाब में दीपके ने साफ किया कि वे अपनी डिग्री दिखाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं, बशर्ते प्रधानमंत्री भी अपनी डिग्री सार्वजनिक करें।

 

हालांकि पीएम मोदी की शैक्षणिक योग्यता पर सवाल उठना कोई नया मामला नहीं है, विपक्षी दल भी समय-समय पर यह मुद्दा उठाते रहे हैं। हालांकि, भाजपा पहले ही पीएम मोदी की डिग्री सार्वजनिक कर चुकी है और उसका कहना है कि यह मामला बहुत पहले ही सुलझ चुका है।

गोवा में हर साल मिलेंगे 3 मुफ्त LPG गैस सिलेंडर, 9 सितंबर से बैंक खाते में ट्रांसफर होंगे ₹3000, अप्लाई करने का तरीका जानिए

Goa free LPG: मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने घोषणा की है कि राज्य सरकार गोवा के लाभार्थियों को हर साल तीन एलपीजी गैस सिलेंडर मुफ्त उपलब्ध कराएगी। इसके लिए 9 सितंबर से हर साल 3,000 रुपये की राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक अकाउंट्स में जमा की जाएगी। उन्होंने बताया कि इस योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन फॉर्म पांच सितंबर से पंचायतों और विधायकों के कार्यालयों में उपलब्ध कराए जाएंगे। सीएम ने बताया कि यह राशि 9 सितंबर 2026 से मिलनी शुरू हो जाएगी।

पणजी में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह योजना 2022 के राज्य विधानसभा चुनाव के दौरान किए गए उनके वादे का हिस्सा है। उस समय उन्होंने लोगों को हर साल तीन मुफ्त एलपीजी सिलेंडर उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया था। सावंत ने कहा, “नौ सितंबर से लाभार्थियों के बैंक खातों में हर साल 3,000 रुपये जमा होने शुरू हो जाएंगे। इस वित्तीय सहायता से पात्र लाभार्थी योजना के तहत तीन एलपीजी सिलेंडर खरीदने का खर्च वहन कर सकेंगे।”

उन्होंने बताया कि गोवा निवासी जो व्यक्ति आवेदन फॉर्म भरकर आवश्यक दस्तावेज जमा करेगा, उसे अपने बैंक खाते में यह राशि मिलनी शुरू हो जाएगी। सावंत ने यह भी कहा कि योजना का लाभ लेने के लिए लाभार्थियों को बैंक पासबुक, आधार कार्ड और वोटर आईडी कार्ड की कॉपी जमा करनी होंगी।

9 सितंबर से अकाउंट में आएंगे ₹3,000

पणजी में आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को 9 सितंबर से हर साल 3,000 रुपये की आर्थिक सहायता उनके बैंक खातों में मिलनी शुरू होगी। इस राशि का इस्तेमाल लाभार्थी तीन LPG सिलेंडरों की लागत को पूरा करने के लिए कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि जो लोग आवेदन फॉर्म भरकर जरूरी दस्तावेज जमा करेंगे, उन्हें योजना की राशि सीधे उनके बैंक खाते में प्राप्त होगी।

किन डॉक्यूमेंट्स की होगी जरूरत?

योजना का लाभ लेने के लिए लाभार्थियों को नीचे दिए गए कुछ जरूरी दस्तावेज जमा करने होंगे:-

बैंक पासबुक की कॉपी

आधार कार्ड

वोटर आईडी कार्ड

2022 के विधानसभा चुनाव का वादा

सीएम प्रमोद सावंत ने कहा कि यह योजना 2022 के गोवा विधानसभा चुनाव के दौरान किए गए वादे का हिस्सा है। उन्होंने चुनाव के समय राज्य के लोगों को हर साल तीन फ्री LPG सिलेंडर उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया था। अब सरकार ने इस वादे को पूरा करने के लिए लाभार्थियों के बैंक खातों में सालाना ₹3,000 देने की व्यवस्था की है।

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High Return Stock: इस शेयर ने 2026 में पैसा दोगुना किया है, क्या निवेश करना चाहिए?

High Return Stock: आईनॉक्स इंडिया ने हाई वैल्यू बिजनेस पर फोकस बढ़ाया है। स्ट्रॉन्ग ऑर्डर बुक, अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ती मौजूदगी और नए अप्लिकेशंस में एंट्री से कंपनी की ग्रोथ को सपोर्ट मिलेगा। कंपनी का शेयर 3 सितंबर को 3.84 फीसदी चढ़कर 2,180 रुपये पर बंद हुआ। इस शेयर ने 2026 में निवेशकों को मालामाल किया है। इस दौरान इसने निवेशकों का पैसा दोगुना कर दिया है।

कपैसिटी बढ़ने से ग्रोथ को मिलेगा सपोर्ट

Inox India कांडला में अपनी कपैसिटी बढ़ा रही है। इससे भी ग्रोथ को सपोर्ट मिलेगा। शेयरों में ज्यादा तेजी का असर वैल्यूएशन पर पड़ा है। कंपनी की वैल्यूएशन 2028 में अनुमानित अर्निंग्स का करीब 44 गुना हो गई है। हालांकि, जून तिमाही में साल दर साल आधार पर कंपनी की रेवेन्यू ग्रोथ 8.3 फीसदी रही है। अगर लॉजिस्टिक्स से जुड़े मसले नहीं होते तो रेवेन्यू ग्रोथ ज्यादा रहती।

EBITDA मार्जिन करीब 23.5 फीसदी रहा

मुश्किल के बावजूद कंपनी का EBITDA साल दर साल आधार पर 1.4 फीसदी बढ़कर करीब 90 करोड़ रुपये रहा। EBITDA मार्जिन करीब 23.5 फीसदी रहा, जो अच्छा है। साल दर साल आधार पर टैक्स बाद प्रॉफिट (PAT) बगैर बदलाव के 61 करोड़ रुपये रहा। जून तिमाही में कंपनी का प्रदर्शन बेहतर रहता, क्योंकि 32-35 करोड़ रुपये के इक्विपमेंट डिस्पैच के लिए तैयार हैं।

फ्रेट कॉस्ट में उछाल से इक्विपमेंट की शिपिंग में बाधा

माल ढुलाई की बढ़ती लागत और शिपिंग की सीमित उपलब्धता की वजह से इक्विपमेंट की शिपिंग नहीं हो सकी। कंपनी के मैनेजमेंट ने बताया है कि यूरोपियन कनटेनर रेट्स 3,000-4000 से बढ़कर 8,000-9,000 ड़लर तक पहुंच गए हैं। कुछ ग्राहकों ने ज्यादा फ्रेट रेट्स को देखते हुए डिलीवरी टाल दी है। मैनेजमेंट का कहना है कि यह मुश्किल थोड़े समय के लिए है।

1686 करोड़ रुयये की स्ट्रॉन्ग ऑर्डरबुक

जून तिमाही में कंपनी को 532 करोड़ रुपये के ऑर्डर मिले। इससे कुल ऑर्डरबुक बढ़कर जून के अंत में 1,686 करोड़ रुपये पहुंच गई। इसमें एक्सपोर्ट ऑर्डर्स की 1,140 करोड़ रुपये की हिस्सेदारी है। कंपनी के लिए एयरोस्पेस नए मौके के रूप में उभरा है। कंपनी को 1,500 क्यूबिक मीटर क्राइजोनिक स्टोरेज टैंक्स के 8 बड़े ऑर्डर्स मिले हैं। उसी ग्राहक से छह अतिरिक्त टैंक के भी ऑर्डर मिले हैं।

सेमीकंडक्टर ईकोसिस्टम में भी पैर जमाने की कोशिश

कंपनी भारत में नए उभरते सेमीकंडक्टर ईकोसिस्टम में भी पैर जमाने की कोशिश कर रही है। इसे धोलेरा में सेमीकंडक्टर फैसिलिटी के लिए स्टोरेज और ट्रांसपोर्ट इक्विपमेंट के ऑर्डर मिले हैं। मैनेजमेंट ने बताया है कि ये ऑर्डर करीब 30 करोड़ रुपये के हैं। कंपनी के संभावित ग्राहकों में Micron, Foxconn और टाटा जैसी बड़ी कंपनियां शामिल है।

मैनेजमेंट ने 18-20 फीसदी का रेवेन्यू गाइडेंस बनाए रखा

मैनेजमेंट ने FY27 के रेवेन्यू ग्रोथ के 18-20 फीसदी गाइडेंस को बनाए रखा है। एबिड्टा मार्जिन के 21-24 फीसदी गाइडेंस को भी बनाए रखा है। यह इसके बावजूद है कि पहली तिमाही में कंपनी का प्रदर्शन अनुमान से थोड़ा कमजोर रहा। कंपनी की 1,686 करोड़ रुपये की ऑर्डरबुक से रेवेन्यू को लेकर अगले कई सालों की तस्वीर साफ है।