El Nino impact: भारत में अल नीनो और कमजोर मानसून का दोहरा वार! क्या बढ़ेंगे दाल, चावल और सब्जियों के दाम?

El Nino Impact on India: प्रशांत महासागर में मजबूत होता अल नीनो का प्रभाव भारत की फूड इकॉनमी के लिए एक बड़ा खतरा बनता जा रहा है। जलवायु की यह स्थिति खेती की पैदावार पर असर डाल सकती है जिससे फूड सप्लाई चेन पर भी असर पड़ेगा। ऐसा हुआ तो खाने-पीने के सामान पर महंगाई का असर भी देखने को मिल सकता है। हालांकि भारत सरकार ने इस वित्त वर्ष में खरीफ की फसल को कम नुकसान का अनुमान दिया है पर भारत के विकास आउटलुक में पहले से ही महंगाई के जोखिम ने अपनी जगह बना रखी है।

रेटिंग एजेंसी इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च (Ind-Ra) पहले ही चेतावनी जारी कर चुका है कि वित्त वर्ष 2026-27 में फूड और फ्यूल इंफ्लेशन भारत के आथिर्क विकास पर असर डाल सकते हैं। एजेंसी ने चालू वित्त वर्ष के लिए जीडीपी वृद्धि दर 6.8 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है, जो पिछले वित्त वर्ष के 7.6 फीसदी से कम है। Ind-Ra के मुताबिक FY27 में रिटेल इंफ्लेशन औसतन 4.9 प्रतिशत रह सकता है। पिछले वित्त वर्ष में यह सिर्फ 2 फीसदी था। अल नीनो की वजह से फूड इंफ्लेशन बढ़ने के जोखिम को आर्थिक विकास में रुकावट डालने वाले प्रमुख कारकों में से एक माना गया है।

कृषि क्षेत्र की मौजूदा तस्वीर और खरीफ की स्थिति

वैसे अल नीनो के खतरे के बावजूद मौजूदा खेती की तस्वीर बहुत अधिक चिंताजनक नजर नहीं आ रहा है। कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 18 अगस्त को स्पष्ट किया था कि इस साल के खरीफ उत्पादन पर अल नीनो का कोई बड़ा असर पड़ने की संभावना नहीं है। हालांकि कुछ जगहों पर स्थानीय स्तर पर नुकसान हो सकता है। उन्होंने कहा कि कुछ इलाकों को छोड़कर अल नीनो का बड़ा असर नहीं दिख रहा है और स्थिति कुल मिलाकर अच्छी बनी हुई है। अधिकांश हिस्सों में फसलों की पानी की जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त बारिश हुई है।

देश के कृषि क्षेत्र ने कुछ इलाकों में कम बारिश के बावजूद व्यापक नुकसान से बचाव किया है। 14 अगस्त तक 1016.57 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में खरीफ फसलों की बुआई हो चुकी थी, जो इस अवधि तक सामान्य रूप से कवर होने वाले औसत क्षेत्र का 92 प्रतिशत है। यह रकबा पिछले साल के स्तर से सिर्फ 2 फीसदी ही कम है। कृषि मंत्री के मुताबिक बुआई का अंतर काफी कम हुआ है और संवेदनशील माने जाने वाले जिलों की संख्या 262 से घटकर लगभग 100 रह गई है।

हालांकि क्षेत्रीय स्तर पर स्थिति असमान बनी हुई है। कर्नाटक और तेलंगाना में जल संकट का सामना करना पड़ा है जबकि पूर्वी, उत्तर-पूर्वी और दक्षिणी क्षेत्रों में बारिश की कमी अधिक देखी गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के आंकड़ों के मुताबिक 12 अगस्त तक कुल मानसूनी घाटा 12 प्रतिशत था। पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भारत में 26 प्रतिशत, दक्षिण प्रायद्वीप में 19 प्रतिशत और उत्तर-पश्चिम भारत में 11 प्रतिशत बारिश की कमी दर्ज की गई है। आपको बता दें कि अल नीनो का असर हर जगह एक जैसा नहीं होता। इसमें कुछ हिस्से सूखे रह जाते हैं जबकि अन्य हिस्सों में सामान्य या अधिक बारिश होती है।

खाद्य कीमतों और अर्थव्यवस्था पर अल नीनो का प्रभाव

अल नीनो प्रशांत महासागर के उष्णकटिबंधीय क्षेत्र में समुद्र की सतह के गर्म होने से होने वाला एक मौसमी बदलाव है। ये वैश्विक स्तर पर वायुमंडलीय परिसंचरण, बारिश और तापमान को बदल देता है। भारत के लिए इसका सबसे बड़ा असर मानसून और कृषि पर देखा जाता है। कमजोर या असमान मानसून उन फसलों की उपज को घटा सकता है जो सिंचाई के बिना पूरी तरह बारिश पर निर्भर हैं। उत्पादन में गिरावट से आपूर्ति कम होती है, जिससे थोक और खुदरा कीमतें बढ़ने लगती हैं।

फसल की यह कमी सिर्फ खेतों तक सीमित नहीं रहती बल्कि पूरी फूड सप्लाई चेन (प्रॉक्यूरमेंट, स्टोरेज, ट्रांसपोर्ट, प्रोसेसिंग और रिटेल) पर भी असल डालती है। मुख्य फसलों की कम उपलब्धता से आयात की मांग बढ़ती है, जिससे भारतीय उपभोक्ताओं पर अंतरराष्ट्रीय कीमतों का बोझ पड़ता है और देश के आयात बिल पर दबाव बढ़ता है। Ind-Ra के मुख्य अर्थशास्त्रियों का मानना है कि अल नीनो की वजह से पैदा हुई महंगाई कच्चे तेल की कम कीमतों से भारत को मिलने वाले फायदे को भी खत्म कर सकती है।

जब अनाज, दालें, तिलहन, सब्जियां या अन्य फसलें कम पैदा होती हैं, तो बाजार में उनकी उपलब्धता घट जाती है। मांग समान रहने पर कीमतें बढ़ने लगती हैं। इसके सीधे असर से खरीद लागत बढ़ जाती है। आखिरकार यह बढ़ी हुई लागत उपभोक्ताओं तक पहुंचती है जिससे घरेलू बजट बिगड़ता है। सरकार को भी कीमतें नियंत्रित करने के लिए अपने स्टॉक से अनाज छोड़ने, आयात बढ़ाने या निर्यात पर प्रतिबंध लगाने जैसे कदम उठाने पड़ते हैं। लगातार खाद्य मुद्रास्फीति बने रहने से भारतीय रिजर्व बैंक के लिए ब्याज दरों में कटौती की गुंजाइश भी कम हो जाती है।

दुनिया भर में रिकॉर्ड तोड़ अल नीनो का खतरा

मौजूदा अल नीनो एक बड़े वैश्विक जलवायु संकट का रूप ले रहा है। क्लाइमेट ब्रिंक डैशबोर्ड के मुताबिक प्रशांत महासागर के नीनो 3.4 क्षेत्र में समुद्र की सतह का तापमान 30 साल के औसत से लगभग 2.6°C अधिक हो चुका है। पूर्वानुमानों के अनुसार नवंबर तक यह अंतर 3.9°C तक पहुंच सकता है। ऐसा हुआ तो ये 2015 के शक्तिशाली अल नीनो के करीब 3°C के रिकॉर्ड को भी पार कर जाएगा।

अमेरिकी राष्ट्रीय महासागरीय और वायुमंडलीय प्रशासन (NOAA) का अनुमान है कि 69 प्रतिशत संभावना है कि यह 1950 के बाद का सबसे मजबूत अल नीनो बन जाएगा। इस वजह से दुनिया के कुछ हिस्से अत्यधिक गर्म और सूखे हो रहे हैं जबकि अन्य इलाकों में मूसलाधार बारिश और बाढ़ आ रही है। उदाहरण के लिए इंडोनेशिया में लंबे सूखे के कारण भीषण जंगलों की आग देखी गई है।

जलवायु वैज्ञानिकों का अनुमान है कि यह अल नीनो वर्ष 2027 में वैश्विक तापमान में करीब 0.3°C और बढ़ा सकता है। इस वजह से ग्लोबल टेंप्रेचर औद्योगिक क्रांति से पहले के स्तर से 1.76°C ऊपर पहुंच सकता है, जिससे 2027 अब तक का सबसे गर्म साल बन सकता है।

मैन मेड ग्लोबल वार्मिंग भी अल नीनो के असर को और घातक बना रही है। गर्म हवा अधिक नमी सोखती है जिससे अति-बारिश की तीव्रता बढ़ती है, वहीं दूसरी तरफ उच्च तापमान मिट्टी की नमी सुखाकर सूखे को और भीषण बना देता है। ऐतिहासिक रिकॉर्ड और कोरल डेटा बताते हैं कि पिछली एक सदी में अल नीनो की तीव्रता में करीब 10 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। भारत के लिए तात्कालिक निष्कर्ष यही है कि भले ही कृषि क्षति अभी व्यापक न हुई हो, लेकिन मानसून के घाटे और अल नीनो के मजबूत होने से खाद्य आपूर्ति श्रृंखला पर जोखिम लगातार मंडरा रहा है।

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Gold Silver Prices Today: दिल्ली में सोने में तेजी, चांदी सिर्फ दो दिन में 15000 रुपये चढ़ गई

Gold Silver Prices Today: दिल्ली सर्राफा बाजार में 21 अगस्त को सोने और चांदी की कीमतों में तूफानी तेजी आई। इससे सोने और चांदी का भाव तीन महीने की ऊंचाई पर पहुंच गया। 20 अगस्त को भी सोना तेजी के साथ बंद हुआ था। बुलियन में तेजी की वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और तेजी में जोरदार तेजी को माना जा रहा है। साथ ही डॉलर इंडेक्स में नरमी से भी कीमतों को सपोर्ट मिला।

सोने का भाव 19 मई के बाद पहली बार 1,63,500 रुपये पर

सोना 21 अगस्त को 1,200 रुपये चढ़कर 1,63,500 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। इससे पहले सोने की यह कीमत 19 मई को थी। तब सोने का भाव 1,63,600 रुपये प्रति 10 ग्राम था। चांदी तो आज रॉकेट बन गई। 5000 रुपये के उछाल के साथ इसकी कीमत 2,50,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। सिर्फ दो दिन में चांदी में 15,000 रुपये का उछाल आया है।

इन वजहों से देश और विदेश में सोने और चांदी को लगे पंख

लेमन मार्केट डेस्क में रिसर्च हेड गौरव गर्ग ने कहा कि सोने में शुक्रवार को भी तेजी जारी रही। यह लगातार तीसरा हफ्ता है जब सोने में तेजी देखने को मिली है। चांदी भी सोने के पीछे-पीछे चलती दिख रही है। इसकी वजह डॉलर में कमजोरी और लंबी अवधि के अमेरिकी बॉऩ्ड की यील्ड में नरमी है। डॉलर में कमजोरी से दूसरी करेंसी में सोना खरीदना सस्ता हो जाता है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में तीन महीने बाद सोना 4600 डॉलर के पार

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने और चांदी में जोरदार तेजी दिखी। सोना 2 फीसदी यानी करीब 81 डॉलर के उछाल के साथ 4,600.91 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। सिल्वर में तो करीब 3 फीसदी का उछाल आया। इससे इसका भाव 69.87 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। एचडीएफसी सिक्योरिटीज में सीनियर कमोडिटीज एनालिस्ट सौमिल गांधी ने कहा कि सोना 18 मई के बाद पहली बार 4,600 डॉलर के लेवल पर पहुंचा है।

यह सोने की कीमतों में तेजी का लगातार तीसरा हफ्ता रहा

मिरै एसेट शेयरखान में कमोडिटीज हेड प्रवीण सिंह ने कहा कि इस हफ्ते सोने में 4 फीसदी से ज्यादा का उछाल आया है। इसकी वजह अमेरिकी सरकार की तरफ से बॉन्ड पर्चेंज प्रोग्राम का ऐलान है। इससे डॉलर में नरमी आई है। बॉन्ड यील्ड में भी नरमी दिखी है। इसका असर सोने और चांदी की कीमतों पर पड़ा है। हालांकि, अमेरिका-ईरान के बीच डील की कोई संभावना नहीं दिख रही। दोनों देशों के बीच गतिरोध जारी रहने और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के नहीं खुलने से क्रूड की कीमतें 93 डॉलर के पार बनी हुई हैं।

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क्रूड ऑयल की कीमतें अब भी काफी ऊंचे लेवल पर 

एक्सपर्ट्स का कहना है कि जब तक क्रूड की कीमतों में नरमी नहीं आती है सोने और चांदी में तेजी जारी रहने की उम्मीद कम है। पिछले कई महीनों में काफी ज्यादा गिरावट के बाद सोने और चांदी में रिकवरी दिख रही है। इससे बुलियन के निवेशकों ने राहत की सांस ली है। उधर, कई देशों के केंद्रीय बैंकों की खरीदारी से भी सोने को सपोर्ट मिल रहा है।

Samsung Galaxy Z Fold 8 Ultra : टेक यूजर के लिए क्या खास है?

Samsung Galaxy Z Fold 8 Ultra : टेक यूजर के लिए क्या खास है?

Samsung Galaxy Z Fold 8 Ultra

Samsung ने आखिरकार अपने फोल्डेबल स्मार्टफोन में Ultra बैज पेश कर दिया है। कंपनी का नया Galaxy Z Fold 8 Ultra अब तक का सबसे ज्यादा क्षमता वाला Fold मॉडल है। डिस्प्ले, कैमरा और बैटरी के मामले में इसे पिछले सभी Fold स्मार्टफोन से आगे ले जाया गया है। हालांकि, ₹1,99,999 की शुरुआती कीमत इसे लग्जरी स्मार्टफोन कैटेगरी में खड़ा करती है। ऐसे में 2026 में बड़ा सवाल यही है कि क्या एक फोल्डेबल फोन पर इतना पैसा खर्च करना वाकई सही फैसला है?

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8-इंच का बड़ा और शानदार डिस्प्ले

Galaxy Z Fold 8 Ultra की सबसे बड़ी खूबियों में इसका 8-इंच QXGA+ Dynamic AMOLED 2X इनर डिस्प्ले शामिल है। इसके साथ 6.5-इंच का कवर डिस्प्ले मिलता है। बड़ी स्क्रीन के बावजूद फोन को खोलने पर इसकी मोटाई सिर्फ 4.1mm है और वजन 215 ग्राम है, जो Fold 7 के बराबर है। डिस्प्ले की पीक ब्राइटनेस अब 3,000 निट्स तक पहुंच गई है। इसमें एंटी-रिफ्लेक्टिव कोटिंग भी दी गई है, जिससे तेज धूप में भी स्क्रीन को देखना आसान रहता है। टेक यूजर्स के लिए यह खासतौर पर उपयोगी है, क्योंकि बड़ी इनर स्क्रीन पर वीडियो देखने, डॉक्यूमेंट पढ़ने और मल्टीटास्किंग का अनुभव बेहतर होता है।

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Snapdragon 8 Elite Gen 5 for Galaxy से लैस

 

फोन में Snapdragon 8 Elite Gen 5 for Galaxy चिपसेट दिया गया है। Samsung के मुताबिक, Fold 7 की तुलना में CPU, GPU और NPU परफॉर्मेंस में अच्छी बढ़ोतरी हुई है। रोजमर्रा के इस्तेमाल में ऐप्स तेजी से खुलते हैं और हैवी गेम्स भी आसानी से चलते हैं। हालांकि, इस प्रोसेसर का सबसे बड़ा फायदा मल्टीटास्किंग में दिखाई देता है। बड़ी स्क्रीन पर दो फुल-साइज ऐप्स को एक साथ चलाया जा सकता है और दोनों के लिए पर्याप्त जगह मिलती है।

 

200MP कैमरा और ज्यादा दमदार अल्ट्रा-वाइड सेंसर

 

कैमरा सेटअप में भी Samsung ने बड़ा अपग्रेड किया है। फोन के रियर पैनल पर:

 

  • 200MP प्राइमरी कैमरा
  • 50MP अल्ट्रा-वाइड कैमरा
  • 10MP टेलीफोटो कैमरा
  • 3x ऑप्टिकल जूम मिलता है।

 

खास बात यह है कि अल्ट्रा-वाइड कैमरा Fold 7 के 12MP सेंसर से सीधे 50MP पर पहुंच गया है। दिन की रोशनी में तस्वीरों में अच्छी डिटेल और आकर्षक कलर मिलते हैं। अपग्रेड किया गया अल्ट्रा-वाइड कैमरा भी पिछली Fold सीरीज की तुलना में ज्यादा बेहतर और भरोसेमंद कैमरा अनुभव देता है।

 

5,000mAh बैटरी से बढ़ी बैटरी लाइफ

 

Galaxy Z Fold 8 Ultra में अब 5,000mAh बैटरी दी गई है, जबकि Fold 7 में 4,400mAh की बैटरी थी। Samsung के अनुसार, यह फोन 27 घंटे तक वीडियो प्लेबैक दे सकता है। इसके साथ 45W वायर्ड चार्जिंग और वायरलेस चार्जिंग का सपोर्ट मिलता है। बड़ी इनर स्क्रीन का लंबे समय तक इस्तेमाल करने वाले यूजर्स के लिए ज्यादा बैटरी क्षमता निश्चित तौर पर राहत दे सकती है।

 

कीमत ₹2 लाख से शुरू, S Pen की कमी खलेगी

 

Galaxy Z Fold 8 Ultra की कीमत स्टोरेज के हिसाब से ₹1,99,999 से ₹2,59,999 तक जाती है। यानी यह फोन साफ तौर पर प्रीमियम से आगे निकलकर लग्जरी स्मार्टफोन कैटेगरी में पहुंच जाता है। हालांकि, इतनी कीमत के बावजूद इसमें S Pen सपोर्ट नहीं दिया गया है। प्रोडक्टिविटी पर फोकस करने वाले फोल्डेबल फोन में यह एक बड़ी कमी मानी जा सकती है।

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क्या Fold 7 यूजर्स को अपग्रेड करना चाहिए?

अगर बजट आपके लिए बड़ी चिंता नहीं है और आपको सबसे ज्यादा क्षमता वाला Android फोल्डेबल चाहिए, तो Galaxy Z Fold 8 Ultra फिलहाल बेहद आकर्षक विकल्प है। लेकिन Fold 7 इस्तेमाल करने वालों के लिए अपग्रेड जरूरी नहीं लगता, क्योंकि बदलाव ज्यादा evolutionary हैं, revolutionary नहीं। वहीं, स्टैंडर्ड Galaxy Z Fold 8 Ultra से ₹20,000 सस्ता और हल्का है। इसलिए जो यूजर ज्यादा पोर्टेबिलिटी को प्राथमिकता देते हैं और हर स्पेसिफिकेशन में सबसे ऊपर जाने की जरूरत नहीं समझते, उनके लिए Fold 8 ज्यादा व्यावहारिक विकल्प हो सकता है।

असम में बाढ़ में घायल हथिनी ‘जॉयमोती’ को मिला नया जीवन, इलाज के लिए वंतारा किया गया एयरलिफ्ट

जॉयमोती नाम की 53 साल की मादा हाथी, जो जुलाई के दूसरे हफ्ते में नागालैंड और असम में आई बाढ़ के पानी में बह गई थी, को अब गुजरात के जामनगर स्थित वंतारा ले जाया जा रहा है। संगठन ने शुक्रवार को बताया कि हाथी को तुरंत और विशेषज्ञ पशु चिकित्सा इलाज की जरूरत है, इसलिए उसे एयरलिफ्ट किया जा रहा है।

बाढ़ के दौरान जॉयमोती को स्थानीय लोगों ने सरकारी एजेंसियों के साथ मिलकर रेस्क्यू किया था। बाढ़ में बहने के बाद हाथी को कई गंभीर चोटें आई हैं। उसके माथे, दाहिने कान, पूंछ के ऊपर, बाईं अंदरूनी जांघ और पेट पर घाव हैं। साथ ही, उसके बाहरी जननांग के पास गहरी चोट भी है, जिसमें कीड़े पड़ गए थे।

उसकी दाहिनी आंख भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है, जिसकी वजह से उस आंख की रोशनी पूरी तरह चली गई है और लगातार पानी भी निकल रहा है। इसके अलावा, उसके बाएं पिछले पैर में काफी समय से लंगड़ाने की समस्या है। यह समस्या उसे जंगल में पेड़ काटने के दौरान लगी चोट और फ्रैक्चर के कारण हुई थी। इस वजह से उसे सामान्य तरीके से चलने और खाना-पानी तक पहुंचने में परेशानी होती है।

रेस्क्यू के बाद जॉयमोती को स्थानीय स्तर पर प्राथमिक उपचार और शुरुआती पशु चिकित्सा सुविधा दी गई। इसमें घावों की ड्रेसिंग, दर्द की दवा, मल्टीविटामिन और मिनरल सप्लीमेंट्स के साथ जरूरी सपोर्टिव ट्रीटमेंट शामिल था। हालांकि, उसके शरीर पर कई जगह गंभीर चोटें हैं। साथ ही उसकी उम्र ज्यादा है और पहले से ही चलने-फिरने में परेशानी है। इन सभी वजहों से उसे तुरंत किसी विशेषज्ञ अस्पताल में इलाज की जरूरत थी।

हाथी को मेडिकल कारणों से किया गया शिफ्ट

हालांकि, वंतारा ने स्पष्ट किया है कि यह स्थानांतरण पूरी तरह से मेडिकल कारणों से किया जा रहा है। सड़क मार्ग के बजाय हवाई मार्ग से ले जाने का निर्णय हाथी को विशेष अस्पताल तक पहुंचाने में लगने वाले शारीरिक तनाव और समय को कम करने के लिए लिया गया है। पहुंचते ही जॉयमोती की पूरी पशु चिकित्सा जांच की जाएगी, जिसमें उसके घावों, आंखों की स्थिति और पोषण एवं सहायक देखभाल संबंधी सभी आवश्यकताओं का ध्यान रखा जाएगा।

बता दें कि किसी हाथी को गंभीर इलाज के लिए हवाई रास्ते से अस्पताल ले जाना भारत में अपनी तरह का पहला प्रयास है। इसके लिए पशु चिकित्सकों, एनिमल केयर टीम और लॉजिस्टिक्स से जुड़े लोगों ने काफी तैयारी की है।

जॉयमोती को ले जाने की पूरी प्रक्रिया में उसकी सेहत, आराम और सुरक्षा का खास ध्यान रखा गया। यात्रा से पहले मेडिकल जांच और तैयारी से लेकर विमान में चढ़ाने, उड़ान के दौरान उसकी निगरानी और अस्पताल पहुंचने तक हर चरण को सावधानी से पूरा किया गया।

वन्तारा असम में तीन वन्यजीव पशु चिकित्सा केंद्र स्थापित करेगी

इसके अतिरिक्त, वन्तारा ने असम में तीन वन्यजीव पशु चिकित्सा केंद्र स्थापित करने का प्रस्ताव दिया है, जिनमें हाथियों के लिए एक विशेष केंद्र भी शामिल है, ताकि वन्यजीवों की आपातकालीन पशु चिकित्सा देखभाल के लिए स्थानीय क्षमता को मजबूत किया जा सके। प्रस्तावित केंद्रों में प्रजाति-विशिष्ट सुविधाएं और पशु चिकित्सा सहायता उपलब्ध होगी, जिससे जरूरतमंद जानवरों को आपातकालीन स्थिति में उनके रहने के स्थान के पास ही समय पर और उचित उपचार मिल सकेगा। इन केंद्रों का संचालन पूरी तरह से असम वन विभाग द्वारा स्वतंत्र रूप से किया जाएगा।

इसका उद्देश्य स्थानीय क्षमता को मजबूत करना है ताकि असम में हाथियों और अन्य वन्यजीवों को उनके घर के पास ही उच्च गुणवत्ता वाली देखभाल मिल सके और विशेष उपचार की आवश्यकता होने पर लंबी दूरी के परिवहन की आवश्यकता न पड़े।

बता दें कि रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अनंत अंबानी द्वारा स्थापित वंतारा एक पशु कल्याण और वन्यजीव संरक्षण संगठन है।

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क्या शेयर बाजार में तूफानी तेजी आने वाली है? JPMorgan ने दिया Nifty को 27000 का टारगेट, बुल केस और बीयर केस में ये है अनुमान

ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म जेपी मॉर्गन की हालिया इंडिया स्ट्रैटेजी रिपोर्ट में निफ्टी के लिए 27,000 का बेस-केस टारगेट बरकरार रखा गया है। ब्रोकरेज का कहना है के बेहतर होते अर्निंग आउटलुक और घरेलू मांग में मजबूती को वजह से निफ्टी को सपोर्ट मिलेगा। जेपी मॉर्गन को उम्मीद है कि साल 2026 में MSCI इंडिया की अर्निंग्स 11 फीसदी और साल 2027 में 13 फीसदी बढ़त देखने को मिल सकती है। इसका निफ्टी के लिए’बुल-केस’टारगेट 30,000 के लेवल का है। जबकि ‘बेयर-केस’टारगेट 20,500 के लेवल का है।

ANI के मुताबिक जेपी मॉर्गन ने कहा है कि उसका झुकाव मुख्य रूप से तेज ग्रोथ वाले घरेलू साइक्लिकल शेयरों की ओर है। निफ्टी-50 के लिए जेपी मॉर्गन के बेस/बुल/बेयर केस टारगेट 27,000/30,000/20,500 के हैं।

इस ब्रोकरेज फर्म का कहना है वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही का अर्निंग्स सीजन उम्मीद से बेहतर रहा। पहली तिमाही में MSCI इंडिया कंपनियों का रेवेन्यू सालाना आधार पर 19 फीसदी बढ़ा,जबकि टैक्स के बाद मुनाफा 16 फीसदी बढ़ा। अर्निंग्स भी उम्मीद से बेहतर रही। लगभग 58 प्रतिशत MSCI इंडिया कंपनियों की अर्निंग्स उम्मीद से बेहतर रहीं,जबकि 24 प्रतिशत कंपनियां अनुमानों पर खरी नहीं उतर पाईं।

मिड-कैप और स्मॉल-कैप कंपनियों के मुनाफे में मजबूत बढ़त

मार्केट-कैप के हिसाब से छोटी कंपनियों का प्रदर्शन बेहतर रहा। जेपी मॉर्गन के अनुसार एनर्जी सेक्टर को छोड़कर देखें तो मिडकैप 100 कंपनियों का टैक्स के बाद का मुनाफा (PAT) सालाना आधार पर 42 फीसदी बढ़ा है। जबकि, निफ्टी स्मॉलकैप 100 कंपनियों का PAT 39 फीसदी बढ़ा है। इस तिमाही में मटीरियल्स,यूटिलिटीज,इंडस्ट्रियल्स और कंज्यूमर डिस्क्रिशनरी सेक्टर में ज्यादा ग्रोथ देखने को मिली। ग्लोबल परेशानियों के बावजूद,मजबूत घरेलू मांग के चलते भारतीय कंपनियों को सहारा मिला।

पावर,ऑटो और डिफेंस सेक्टर में दिख रहा दम

जेपी मॉर्गन की राय है कि आगे बिजली की मांग,कैपिटल एक्सपेंडिचर और ग्रिड साइकल से जुड़े शेयरों में तेजी देखने को मिल सकती है। इसके अलावा डिफेंस, ऑटोमोबाइल और कंज्यूमर स्टेपल्स जैसे सेक्टरों में तेजी आ सकती है।

पहली तिमाही में भारत में बिजली की पीक डिमांड लगभग 271 GW तक पहुंच गई। ऑटोमोबाइल सेक्टर में कंपनियों को वॉल्यूम में बढ़त और एक्सपोर्ट से फायदा हुआ जबकि कंज्यूमर स्टेपल्स में वॉल्यूम-आधारित रिकवरी के संकेत दिखे। आगे भी इनमें मजबूती काय रह सकती है।

ANI के मुताबिक जेपी मॉर्गन का भारत के इक्विटी को लेकर नजरिया मजबूत अर्निंग और घरेलू मांग की उम्मीदों पर टिका हुआ है। वहीं, जियोपॉलिटिकल घटनाएं और मौसम से जुड़ी अनिश्चितताएं जोखिम पैदा कर सकती हैं।

 

Market Outlook : दायरे में घूमने के बाद सपाट बंद हुआ बाजार, जानिए 24 अगस्त को कैसी रह सकती है इसकी चाल

 

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अश्विनी वैष्णव का बड़ा बयान, कहा-भारत को उत्पादन का हब बना सकती हैं एपल और गूगल

सरकार को उम्मीद है कि एपल और गूगल जैसी दुनिया की दिग्गज टेक्नोलॉजी कंपनियां भारत को अपना बड़ा प्रोडक्शन हब बना सकती हैं। एपल आईफोन के अलावा दूसरे प्रोडक्ट्स भी भारत में बनाना शुरू कर सकती है। गूगल एक्सपोर्ट्स के लिए भारत में उन प्रोडक्ट्स का उत्पादन शुरू कर सकती है, जिनका भी वह चीन में उत्पादन कर रही है। इलेक्ट्रॉनिक्स एंड आईटी मिनिस्टर अश्विनी वैष्णव ने यह उम्मीद जताई है। 21 अगस्त को मनीकंट्रोल के एक सवाल के जवाब में उन्होंने ये बातें कहीं।

एपल भारत में आईफोन के अलावा दूसरे प्रोडक्ट्स भी बनाएगी

गूगल के अपनी मैन्युफैक्चरिंग चीन से हटाने की खबरों पर वैष्णव ने कहा कि सरकार को उम्मीद है कि गूगल उन प्रोडक्ट्स के एक बड़े हिस्से का उत्पादन भारत में कर सकती है, जिनका वह एक्सपोर्ट करती है। उन्होंने कहा कि सरकार भारत में उत्पादन बढ़ाने के लिए एपल से भी बात कर रही है। उम्मीद है कि वह भारत में आईफोन के अलावा दूसरे प्रोडक्ट्स का भी उत्पादन करेगी।

गूगल ने भारत में पिक्सल स्मार्टफोन के उत्पादन के प्लान के बारे में बताया था

एपल और गूगल भारत में अपने हार्डवेयर के उत्पादन का विस्तार करना चाहती हैं। गूगल ने अक्तूबर 2023 में कहा था कि वह इंडिया में पिक्सल स्मार्टफोन की मैन्युफैक्चरिंग करेगी। उसका प्लान पिक्सल 8 से इसकी शुरुआत करने का था। इसके लिए वह पार्टनरशिप के लिए भारतीय और विदेशी मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों से बातचीत कर रही थी।

डिक्सन टेक्नोलॉजीज गूगल पिक्सल की एसेंबलिंग करती है

Dixon Technologies उन कंपनियों में शामिल है, जो भारत में Google Pixel स्मार्टफोन की एसेंबलिंग करती हैं। गूगल ने 2025 में भारत में पिक्सल रेंज के स्मार्टफोन का उत्पादन बढ़ाने की कोशिश शुरू कर दी थी। उसका प्लान एक्सपोर्ट्स के लिए इंडिया में अपने स्मार्टफोन का उत्पादन करने का था।

गूगल चीन की जगह भारत में बनाएगी फोन, वॉचेज और इयरबड्स

इस हफ्ते आईं खबरों में बताया गया कि गूगल 2027 से चीन में पिक्सल फोन, वॉचेज और वायरलेस इयरबड्स का उत्पादन बंद करना चाहती है। उसका प्लान चीन की जगह इंडिया और वियतनाम में इन उत्पादों की मैन्युफैक्चरिंग करने का है। गूगल ने सार्वजनिक रूप से इस रिपोर्ट की पुष्टि नहीं की है।

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एपल भारत में 2017 से ही आईफोन की एसेंबलिंग कर रही है

एपल पहले से इंडिया में काफी ज्यादा उत्पादन कर रही है। उसने 2017 में भारत में अपने आईफोन की एसेंबलिंग शुरू कर दी थी। तब से उन्हें Foxconn और टाटा ग्रुप सहित कई सप्लायर्स के जरिए इंडिया में अपना प्रोडक्शन बेस बढ़ाया है। काउंटरप्वाइंट रिसर्च के अनुमान के मुताबिक, 2026 में एपल के आईफोन के कुल उत्पादन में इंडिया की हिस्सेदारी करीब 26 फीसदी रह सकती है। एपल ने अपने आईफोन के लिए इंडिया को एक एक्सपोर्ट बेस बनाया है।

भारत बनाम अफगानिस्तान सीरीज के कार्यक्रम में हो सकता है यह फेरबदल

अगले महीने अफ़गानिस्तान और भारत के बीच होने वाली तीन मैचों की T 20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज़ की तारीखों में बदलाव की कोशिश हो रही है। मैचों को रीशेड्यूल करने का कोई औपचारिक फ़ैसला अभी तक नहीं लिया गया है, लेकिन अफ़गानिस्तान क्रिकेट बोर्ड (ACB) और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के बीच बातचीत चल रही है। एसीबी शेड्यूल को कुछ दिन पहले करने की कोशिश कर रहा है, जिसमें 14 सितंबर (गणेश चतुर्थी के दिन) को एक मैच कराने की संभावना भी शामिल है।

ये तीन मैच मूल रूप से 13, 15 और 17 सितंबर को होने थे, लेकिन पता चला है कि बीसीसीआई को इन्हें 11, 13 और 14 सितंबर को कराने का अनुरोध मिला है, ताकि उन तारीखों के आस-पास भारत में होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों का ध्यान रखा जा सके। माना जा रहा है कि एसीबी ने बीसीसीआई को यह प्रस्ताव देते समय अपने स्टेकहोल्डर्स के अनुरोध का भी हवाला दिया है।

माना जा रहा है कि उन्होंने तर्क दिया है कि बदले हुए शेड्यूल पर मैच कराने से – जिसमें त्योहार के दिन का मैच भी शामिल है – व्यूअरशिप और स्टेडियम में दर्शकों की संख्या पर सकारात्मक असर पड़ेगा। नई दिल्ली का अरुण जेटली स्टेडियम तीनों मैचों की मेज़बानी करेगा। यह एक अभूतपूर्व सीरीज़ है – पहली बार अफ़गानिस्तान भारत में ही भारत की मेज़बानी करेगा (हालांकि मैच भारत में ही हो रहे हैं)।

एसीबी अधिकारियों और सीरीज़ से जुड़े स्टेकहोल्डर्स का मानना है कि बीसीसीआई इस अनुरोध को मान सकता है। बांग्लादेश के ख़िलाफ़ सीरीज़ के रद्द होने की संभावना के कारण, श्रीलंका में टेस्ट सीरीज़ (27 अगस्त) के समापन और एशियाई खेलों (24 सितंबर) की शुरुआत के बीच भारतीय टीम के पास खाली समय है। दिल्ली एंड डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट एसोसिएशन (डीडीसीए), जो इन मैचों की मेज़बानी करेगा, ने कहा कि उसे किसी भी बदले हुए प्लान के बारे में कोई जानकारी नहीं है।

जून में, भारत ने अफ़गानिस्तान के साथ एक टेस्ट और तीन मैचों की वनडे सीरीज़ खेली थी। आने वाली टी 20 सीरीज़ से दोनों टीमों के बीच तीनों फ़ॉर्मेट में मुकाबले पूरे हो जाएंगे। बीसीसीआई सेक्रेटरी देवजीत सैकिया ने पिछली तारीखों की घोषणा करते हुए कहा था, “हमने हाल ही में जून में अफ़गानिस्तान के साथ टेस्ट और वनडे सीरीज़ खेली थी, और इस टी 20 सीरीज़ के साथ ही दोनों टीमें तीनों फ़ॉर्मेट में एक-दूसरे के ख़िलाफ़ खेल चुकी होंगी।”

4 साल से अधूरी सड़क के लिए कीचड़ में बैठे पार्षद और रहवासी, विरोध के बाद जागा इंदौर नगर निगम

4 साल से अधूरी सड़क के लिए कीचड़ में बैठे पार्षद और रहवासी, विरोध के बाद जागा इंदौर नगर निगम

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देशभर में आजकल एक नया चलन चल रहा है, जब तक आंदोलन न किया जाए या विरोध नहीं किया जाए, सरकारें और प्रशासन काम ही नहीं कर रहा है। अब हर समस्‍या के लिए लोगों को सड़क पर उतरना पड़ रहा है। हाल ही में इंदौर में ऐसा ही कुछ नागरिकों को करना पड़ा।

इंदौर के वार्ड 75 स्थित भावना नगर-पालदा नाका क्षेत्र में सड़क की बदहाली से परेशान पार्षद और रहवासियों ने नगर निगम के खिलाफ अनोखा प्रदर्शन किया। सड़क निर्माण नहीं होने से नाराज पार्षद कुणाल सोलंकी रहवासियों के साथ सड़क पर जमा कीचड़ में ही बैठ गए और धरना दिया। उन्होंने सड़क निर्माण की मांग की।

रहवासियों का कहना है कि यह सड़क लंबे समय से खराब है। बारिश होते ही पूरा रास्ता कीचड़ में तब्दील हो जाता है। इससे पैदल राहगीरों के साथ दोपहिया वाहन चालकों को भी परेशानी होती है। कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया। हालांकि रहवासी और पार्षद द्वारा प्रदर्शन के बाद नगर निगम ने सड़क का काम शुरू कर दिया गया है जिसके बाद धरना-प्रदर्शन खत्म किया गया।

पार्षद कुणाल सोलंकी ने नगर निगम कमिश्नर और एडिशनल कमिश्नर से मुलाकात कर समस्या का समाधान करने की मांग की। उन्होंने बताया कि सड़क का काम करीब चार साल पहले शुरू हुआ था, लेकिन अब तक पूरा नहीं हो सका है। यह सड़क वार्ड 75 और 77 के बीच आती है। अधूरे निर्माण के कारण आसपास के रहवासियों को लंबे समय से परेशानी उठानी पड़ रही है।

बता दें कि इंदौर में कई जगह खुदाई का काम चल रहा है। कहीं लोग खराब सड़कों से परेशान हैं तो कहीं गड्डों से परेशान हैं। बारिश का मौसम होने की वजह से दिक्‍कतें और ज्‍यादा बढ गई हैं, लेकिन किसी भी स्‍तर पर सुनवाई नहीं हो रही है।

प्यार का झांसा देकर चलती बाइक पर पिलाया जहर, डेढ़ घंटे तड़पते पति को देखती रही महिला, जयपुर मर्डर केस में बड़ा खुलासा

प्यार का झांसा देकर चलती बाइक पर पिलाया जहर, डेढ़ घंटे तड़पते पति को देखती रही महिला, जयपुर मर्डर केस में बड़ा खुलासा

Jaipur Crime News

Jaipur crime husband murder: जयपुर के विश्वकर्मा इलाके में पत्नी द्वारा पति को जहर देकर मार डालने की सनसनीखेज वारदात सामने आई है। शादी के महज डेढ़ साल बाद प्रेमी के साथ रहने के लिए आरोपी पत्नी ने अपने ही पिता से मंगवाए कीटनाशक से पति की जान ले ली। चलती बाइक पर प्यार का वास्ता देकर जूस में जहर पिलाने के बाद आरोपी महिला डेढ़ घंटे तक पति को तड़पते देखती रही। पुलिस ने आरोपी पत्नी और उसके प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया है।

 

दरअसल, विश्वकर्मा थाना क्षेत्र में एक 23 वर्षीया महिला ने अपने 9 साल पुराने प्रेमी से शादी करने के लिए अपने पति को तड़पा-तड़पाकर मार डाला। आरोपी पत्नी कविता मीणा ने अपने प्रेमी गणेश मीणा (27) के साथ मिलकर पति महेश मीणा की हत्या की साजिश रची और बड़ी ही बेदर्दी से उसे मार दिया। हालांकि सीसीटीवी फुटेज और फेसबुक से मिले अहम सुरागों के आधार पर पुलिस ने दोनों मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

बॉयफ्रेंड ने दिया मर्डर का आइडिया

पुलिस के मुताबिक कविता का अपने पड़ोसी गणेश से पिछले 9 सालों से प्रेम प्रसंग चल रहा था। परिवार वालों ने जबरन उसकी शादी महेश मीणा से करवा दी। कविता शादी से खुश नहीं थी और लगातार महेश पर झूठे आरोप लगाकर पीहर भाग जाती थी, लेकिन पारिवारिक दबाव के चलते रिश्ता खत्म नहीं हो पा रहा था। पति से पीछा न छूटने पर प्रेमी गणेश ने कविता को महेश को रास्ते से हटाने की सलाह दी। गांव में हुई एक पुरानी घटना से प्रेरणा लेकर दोनों ने महेश को जहर देकर मारने की योजना बनाई।

पिता से ही मंगवाया कीटनाशक

आरोपी महिला ने करीब 4 महीने पहले अपने पिता से बहाने बनाकर फसलों में डालने वाला कीटनाशक (जहर) मंगवाया था। घर में किसी को शक न हो, इसलिए उसने थोड़ा कीटनाशक सास को अनाज में डालने के लिए दिया और बाकी हिस्सा अपने पास छिपाकर रख लिया। 5 अगस्त को कविता ने मंदिर जाने के बहाने पति महेश को बाहर बुलाया। रास्ते में उसने जूस खरीदा और चलती बाइक पर उसमें छिपाकर लाया जहर मिला दिया। महेश ने जब जूस पीने से मना किया, तो कविता ने प्यार की कसमें देकर जबरन उसे जहर वाला जूस पिला दिया।

डेढ़ घंटे तक तड़पता रहा महेश

जहर का असर होते ही महेश को उल्टियां होने लगीं और वह तड़पने लगा। कविता करीब डेढ़ घंटे तक उसे तड़पता देखती रही। बाद में प्रेमी गणेश अपने दो दोस्तों के साथ पहुंचा और महेश को बेहोशी की हालत में बाइक पर लेकर 3 घंटे तक घूमता रहा। मौत की पुष्टि होने पर शव को सड़क किनारे छोड़कर फरार हो गए।

 

शुरुआत में पुलिस के पास हत्या की कोई स्पष्ट वजह नहीं थी, लेकिन घटना स्थल के आसपास लगे CCTV फुटेज खंगालने पर बाइक सवार संदिग्ध युवकों की पहचान हुई। जब पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म (Facebook) की जांच की, तो कविता और गणेश की तस्वीरें साथ मिलीं। कड़ाई से पूछताछ करने पर कविता टूट गई और उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।

कल का मौसम: 22 अगस्त को मूसलाधार बारिश की चेतावनी! IMD ने बताया दिल्ली-यूपी से लेकर MP-बिहार के मौसम का हाल

India Weather Update: देश भर में मानसून की हलचल ने अलग अलग इलाकों में भारी बारिश और आंधी-तूफान का मौसम बना रखा है। इस बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शनिवार 22 अगस्त के लिए मौसम का ताजा पूर्वानुमान जारी कर दिया है। मौसम विभाग के मुताबिक देश के अधिकांश राज्यों में मानसूनी बादल जमकर बरसेंगे। मध्य प्रदेश, दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, बिहार समेत देश के 15 से अधिक राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश, तेज आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया गया है।

मध्य प्रदेश में बहुत भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के मुताबिक शनिवार को मध्य प्रदेश के अधिकांश इलाकों में मौसम का कड़ा मिजाज देखने को मिलेगा। पूर्वी मध्य प्रदेश में अलग-अलग जगहों पर मूसलाधार से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। इसके साथ ही पश्चिमी मध्य प्रदेश के इलाकों में भी भारी बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। पूरे मध्य प्रदेश में बारिश के साथ-साथ गरज-चमक और बिजली गिरने का भी खतरा बना रहेगा। मौसम के रौद्र रूप को देखते हुए लोगों को सावधान रहने की हिदायत दी गई है।

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दिल्ली, यूपी, बिहार और पंजाब-हरियाणा में झमाझम बारिश

उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में 22 अगस्त को झमाझम बारिश होने वाली है। मौसम विभाग ने दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इसके अलावा पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार में भी बादलों का जमावड़ा रहेगा और कई जगहों पर भारी बारिश देखने को मिल सकती है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख के पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में भी तेज बारिश की संभावना है।

पूर्वोत्तर भारत और तटीय राज्यों का हाल

पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भारत के राज्यों में भी मानसूनी गतिविधियां पूरी तरह सक्रिय रहेंगी। असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, ओडिशा और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश होने का अनुमान है। छत्तीसगढ़ और उत्तराखंड में भारी बारिश के साथ आकाशीय बिजली चमकने और गिरने की भी प्रबल संभावना जताई गई है।

तेज आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली का खतरा

बारिश के साथ-साथ देश के कई हिस्सों में तेज आंधी और बवंडर जैसी हवाएं चल सकती हैं। आंध्र प्रदेश, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलने और बिजली कड़कने की आशंका है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश, राजस्थान, तटीय कर्नाटक, दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक और जम्मू-कश्मीर के इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चलेंगी। इसके अलावा आंध्र प्रदेश और कर्नाटक के कई जगहों पर बहुत तेज हवाएं सतही चलने का अलर्ट जारी किया गया है।

समुद्र में उठेंगी ऊंची लहरें, तूफानी हवाओं की चेतावनी

समुद्री क्षेत्रों में भी मौसम का मिजाज काफी बिगड़ा रहेगा। अरब सागर के अधिकांश पश्चिमी-मध्य हिस्से, सोमालिया और ओमान के तटीय इलाकों के पास 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी, जो बढ़कर 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं। इसी तरह बंगाल की खाड़ी, मन्नार की खाड़ी और श्रीलंका के दक्षिणी तट से सटे इलाकों में भी 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली तूफानी हवाएं चलने की संभावना है। मौसम विभाग ने मछुआरों को इन तटीय और समुद्री क्षेत्रों में न जाने की कड़ी चेतावनी दी है।