कभी चीन का ‘सुब्रत रॉय सहारा’, अब उम्रकैद, Evergrande के Hui Ka Yan की कहानी ने क्यों चौंकाया?

कभी चीन का 'सुब्रत रॉय सहारा', अब उम्रकैद, Evergrande के Hui Ka Yan की कहानी ने क्यों चौंकाया?

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चीन की एक अदालत ने गुरुवार को संकटग्रस्त रियल एस्टेट कंपनी Evergrande के संस्थापक और पूर्व चेयरमैन हुई का यान (Hui Ka Yan) को उम्रकैद की सजा सुनाई है। भारत में कभी सुब्रत रॉय के सहारा ग्रुप की तूती बोलती थी, वैसे ही चीन में रियल एस्टेट डेवलपर एवरग्रैंड ग्रुप के 'हुई का यान' का जलवा था।  शेनझेन की दो अदालतों ने हुई का यान के दो बेटों समेत 56 अन्य लोगों को भी सजा सुनाई। इन लोगों को 22 महीने से लेकर 18 साल तक की अलग-अलग अवधि की सजा दी गई।

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सोशल मीडिया पर उनकी बुलंदी की कहानी को सहारा ग्रुप के बिजनेस साम्राज्य और फिर भरभराकर ढहने की घटना से जोड़ा जा रहा है। दोनों ने एक साधारण परिवार में जन्म लिया और अरबों का साम्राज्य खड़ा किया।  अदालत ने उनकी निजी संपत्ति जब्त करने का भी आदेश दिया है। कभी दुनिया के सबसे अमीर लोगों में शामिल रहे हुई का यान का यह फैसला चीन के सबसे बड़े रियल एस्टेट संकट के एक महत्वपूर्ण अध्याय का अंत माना जा रहा है।

 

शेनझेन इंटरमीडिएट पीपुल्स कोर्ट ने हुई का यान और Evergrande के खिलाफ बड़े पैमाने पर वित्तीय धोखाधड़ी समेत कई गंभीर अपराधों में दोषी पाया। अदालत के मुताबिक, 2016 से 2021 के बीच कंपनी और उसके संस्थापक ने वित्तीय धोखाधड़ी, धन के दुरुपयोग, फंड जुटाने में धोखाधड़ी और अवैध रूप से सार्वजनिक जमा स्वीकार करने जैसे अपराध किए।

 

हुई का यान ने अप्रैल में अपने खिलाफ लगे आरोपों में दोष स्वीकार किया था। गुरुवार को अदालत में वह नेवी ब्लू शर्ट पहने दो पुलिस अधिकारियों के बीच खड़े नजर आए। 2023 में अचानक सार्वजनिक जीवन से गायब होने के बाद यह पहली बार था जब उन्हें सार्वजनिक रूप से देखा गया। कभी काले रहे उनके बाल अब सफेद हो चुके थे।

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राजनीतिक अधिकार भी जीवनभर के लिए छीने

 

अदालत ने हुई का यान के राजनीतिक अधिकार भी जीवनभर के लिए छीन लिए। इसके अलावा Evergrande Group और उसकी सहायक कंपनी Evergrande Real Estate Group पर संयुक्त रूप से करीब 2.35 अरब डॉलर का जुर्माना लगाया गया है। अदालत ने कहा कि अपराध में शामिल रकम असाधारण रूप से बड़ी थी और इससे भारी आर्थिक नुकसान हुआ। अदालत के अनुसार, हुई का यान और कंपनी की गतिविधियों ने चीन की समाजवादी बाजार अर्थव्यवस्था की व्यवस्था को गंभीर रूप से प्रभावित किया।

कभी चीन की सबसे बड़ी रियल एस्टेट कंपनियों में थी Evergrande

 

हुई का यान ने 1996 में दक्षिणी चीन में Evergrande की स्थापना की थी। चीन में तेजी से शहरीकरण और गांवों से शहरों की ओर लोगों के पलायन के दौर में कंपनी ने तेजी से विस्तार किया। देखते ही देखते Evergrande चीन की सबसे तेजी से बढ़ने वाली रियल एस्टेट कंपनियों में शामिल हो गई कंपनी ने रियल एस्टेट के अलावा फुटबॉल टीम और इलेक्ट्रिक वाहन कारोबार समेत कई क्षेत्रों में अपना विस्तार किया। इसी दौर में हुई का यान चीन के सबसे अमीर कारोबारियों में शामिल हो गए और राजनीतिक सलाहकारों के एक प्रभावशाली समूह का हिस्सा भी रहे।

 

300 अरब डॉलर से ज्यादा के कर्ज ने बदली तस्वीर

Evergrande का कारोबार कर्ज के सहारे तेजी से बढ़ रहा था। लेकिन 2020 तक चीन की सरकार को चिंता होने लगी कि देश का विशाल रियल एस्टेट बाजार वित्तीय व्यवस्था के लिए जोखिम बन सकता है। इसके बाद सरकार ने डेवलपर्स के लिए कर्ज लेने की सीमा पर सख्ती शुरू कर दी। कर्ज पर निर्भर Evergrande के लिए यह बड़ा झटका था। कंपनी के पास निर्माण परियोजनाओं को जारी रखने के लिए जरूरी नकदी का प्रवाह प्रभावित हुआ। आखिरकार 2021 में Evergrande भारी कर्ज के बोझ तले ढह गई। उस समय कंपनी पर 300 अरब डॉलर से अधिक का कर्ज था।

 

कंपनी के पतन ने चीन की अर्थव्यवस्था की उस कमजोरी को उजागर किया जिसमें आर्थिक विकास के लिए रियल एस्टेट क्षेत्र पर अत्यधिक निर्भरता थी। Evergrande संकट के बाद चीन लंबे समय तक चले आवास और संपत्ति बाजार के संकट में फंस गया, जिसका असर आज भी अर्थव्यवस्था पर दिखाई देता है।

कर्मचारियों से भी पैसे जुटाने का आरोप

Evergrande का नकदी संकट बढ़ने के दौरान कंपनी ने अपने कर्मचारियों से भी अल्पकालिक कर्ज के लिए पैसा लगाने का दबाव बनाया था। कंपनी के डिफॉल्ट करने के कुछ महीनों बाद उसने बताया था कि बैंकों ने करीब 2 अरब डॉलर की संपत्ति जब्त कर ली थी। बाद में हुई आंतरिक जांच में सामने आया कि 2020 के अंत में कंपनी के अधिकारियों ने कर्ज लेने की पाबंदियों से बचने के लिए कथित तौर पर ऐसी व्यवस्था बनाई थी, जिसमें Evergrande की सहायक कंपनियों को गारंटी के तौर पर इस्तेमाल करते हुए तीसरे पक्ष के जरिए कर्ज लिया गया।

 

2024 में Evergrande को लिक्विडेशन का आदेश

Evergrande के संकट का असर अदालतों तक भी पहुंचा। 2024 में हांगकांग की एक अदालत ने Evergrande को लिक्विडेशन में भेजने का आदेश दिया था।  शेनझेन की दो अदालतों ने हुई का यान के दो बेटों समेत 56 अन्य लोगों को भी सजा सुनाई। इन लोगों को 22 महीने से लेकर 18 साल तक की अलग-अलग अवधि की सजा दी गई।

 

Evergrande के पतन से चीन की अर्थव्यवस्था पर पड़ा असर

 

Evergrande का उभार चीन के विशाल रियल एस्टेट बूम का प्रतीक था। इस दौर में स्थानीय सरकारों को जमीन लीज पर देने से आय हुई, बैंकों ने डेवलपर्स को बड़े पैमाने पर कर्ज दिया और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय कंपनियों ने चीनी रियल एस्टेट कंपनियों की लिस्टिंग से फीस कमाई। लेकिन Evergrande के पतन ने इस पूरे मॉडल की कमजोरियों को उजागर कर दिया। इसके बाद कई रियल एस्टेट कंपनियां डिफॉल्ट हुईं और चीन का प्रॉपर्टी बाजार लंबे समय तक मंदी में रहा। चीन के लाखों परिवारों के लिए घर केवल रहने की जगह नहीं थे, बल्कि संपत्ति बनाने का सुरक्षित माध्यम भी माने जाते थे। लेकिन घरों की कीमतों में गिरावट और डेवलपर्स के संकट ने इस भरोसे को बड़ा झटका दिया।

राहुल गांधी की मांग के आगे झुकी दिल्ली पुलिस, धरने के बाद NEET पैलेट पीड़ित छात्र साहिल की FIR लिखी

राहुल गांधी की मांग के आगे झुकी दिल्ली पुलिस, धरने के बाद NEET पैलेट पीड़ित छात्र साहिल की FIR लिखी

Rahul Gandhi Delhi Police FIR

Rahul Gandhi Delhi Police FIR: NEET पेपर लीक विरोध प्रदर्शन के दौरान विद्यार्थियों पर हुए पुलिस बल प्रयोग का मामला अब पूरी तरह राजनीतिक और कानूनी रूप ले चुका है। नीट (NEET) में गड़बड़ियों और कथित पेपर लीक को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुई कार्रवाई के खिलाफ कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी शुक्रवार को सड़क पर उतर आए। राहुल गांधी पैलेट गन के हमले में गंभीर रूप से घायल छात्र साहिल लोचव को साथ लेकर खुद संसद मार्ग थाने पहुंचे।

 

जब दिल्ली पुलिस ने पीड़ित छात्र की शिकायत पर एफआईआर (FIR) दर्ज करने से इनकार किया, तो राहुल गांधी थाने के भीतर ही धरने पर बैठ गए। काफी देर तक चले इस हाई-प्रोफाइल ड्रामे और कांग्रेस नेताओं के कड़े रुख के आगे अंततः पुलिस को झुकना पड़ा। दिल्ली पुलिस ने पीड़ित छात्र की शिकायत स्वीकार करते हुए अज्ञात के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली है। ALSO READ: UGC-NET रद्द होने पर राहुल गांधी का NTA पर हमला, बोले- गलती एजेंसी की, सजा छात्रों को क्यों?

क्या कहा था राहुल गांधी ने? 

इससे पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा था कि जब तक इंसाफ नहीं मिलेगा, तब तक हम डटे रहेंगे। मामले की जानकारी मिलते ही प्रियंका गांधी, जयराम रमेश और कुमारी सैलजा समेत कई वरिष्ठ कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता भी संसद मार्ग थाने पहुंच गए। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस 'ऊपर से आदेश' होने का हवाला देकर पीड़ित छात्र की एफआईआर दर्ज नहीं कर रही थी।

 

उन्होंने मीडिया से बात करते हुए सवाल उठाया कि इस 19 साल के बच्चे (साहिल लोचव) के शरीर में पैलेट गन के कई छर्रे लगे हैं और आंख की रोशनी जाने की नौबत है। पुलिस कह रही है कि उन्होंने पैलेट गन नहीं चलाई, तो फिर इन मासूम छात्रों पर गन किसने चलाई? जब तक एफआईआर दर्ज कर जांच अधिकारी (I/O) का नाम नहीं बताया जाता, हम यहीं बैठेंगे। पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज करने और मामले की जांच क्राइम ब्रांच को सौंपे जाने के आश्वासन के बाद ही धरना समाप्त हुआ। ALSO READ: संसद के बाहर अमित शाह के बयान के बाद क्यों भड़के राहुल गांधी? मीडिया पर दागे तीखे सवाल

क्या था Gen Z का प्रदर्शन का पूरा मामला?

यह पूरा विवाद 20 जुलाई 2026 को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए 'संसद मार्च' से जुड़ा है। NEET और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में बार-बार सामने आ रही धांधली और पेपर लीक की घटनाओं से आक्रोशित युवाओं (Gen-Z) ने संसद की तरफ मार्च का आह्वान किया था। छात्र तत्कालीन शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और परीक्षा प्रणाली में कड़े सुधारों की मांग कर रहे थे।

 

प्रदर्शन के दौरान छात्रों और सुरक्षाबलों के बीच तीखी झड़प हुई। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले दागे। आरोप है कि इस दौरान भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पैलेट गन (एंटी-रॉयट गन) से मैटेलिक/प्लास्टिक छर्रे चलाए गए। इस कार्रवाई में हरियाणा के रहने वाले 19 वर्षीय छात्र साहिल लोचव और इरशाद मंसूरी सहित कई छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए। साहिल के शरीर और चेहरे पर दर्जनों छर्रे लगे, जिससे उनकी दाहिनी आंख की रोशनी जाने का खतरा बन गया है।

 

शुरुआत में दिल्ली पुलिस ने पैलेट गन चलाने के दावों को खारिज किया था, लेकिन पीड़ितों के मेडिकल रिकॉर्ड और थाने के जनरल डायरी (GD) रिकॉर्ड्स सामने आने के बाद मामला और गहरा गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व जस्टिस आर. सुभाष रेड्डी की अध्यक्षता में 5-सदस्यीय उच्च-स्तरीय जांच समिति (HPEC) का गठन किया है।

डोपिंग के कारण भारत के इस भाला फेंक खिलाड़ी पर लगा 10 साल का प्रतिबंध

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ओलंपियन शिवपाल सिंह को दूसरे डोपिंग अपराध के लिए गुरुवार को 10 साल का निलंबन सौंपा गया। 31 वर्षीय भाला फेंकने वाले, जिन्होंने टोक्यो 2020 ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व किया था, को प्रतिबंधित एनाबॉलिक स्टेरॉयड मेथेनडिएनोन के लिए सकारात्मक परीक्षण के बाद राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (नाडा) अनुशासन पैनल द्वारा मंजूरी दे दी गई थी।

शिवपाल सिंह का नवीनतम निलंबन 2021 में उनके पहले डोपिंग अपराध के बाद आया है, जब प्रतियोगिता से बाहर परीक्षण के दौरान उनके नमूने का स्टेरॉयड के लिए सकारात्मक परीक्षण किया गया था। बाद में नाडा एंटी-डोपिंग अनुशासनात्मक पैनल ने अगस्त 2022 में उन पर 2021 तक का चार साल का प्रतिबंध लगा दिया।

हालाँकि, शिवपाल सिंह ने नाडा के अपील पैनल के समक्ष सफलतापूर्वक तर्क दिया कि उनका सकारात्मक परीक्षण दूषित खुराक के परिणामस्वरूप हुआ था। जनवरी 2023 में, पैनल ने उनके तर्क को स्वीकार कर लिया और निलंबन को चार साल से घटाकर एक साल कर दिया।

इसके बाद शिवपाल सिंह ने अप्रैल 2023 में प्रतियोगिता में वापसी की और गोवा में राष्ट्रीय खेलों में स्वर्ण पदक जीतने से पहले जून में भुवनेश्वर में राष्ट्रीय अंतर-राज्य चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता। उनकी नवीनतम मंजूरी प्रभावी रूप से उनके करियर पर पर्दा डाल सकती है, 10 साल का प्रतिबंध उन्हें उनके प्रतिस्पर्धी वर्षों से काफी आगे ले जाएगा।

शिवपाल सिंह के करियर का मुख्य आकर्षण दोहा में 2019 एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप में आया, जहां उन्होंने 86.23 मीटर के व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ रजत पदक जीता। भारतीय एथलीट की आखिरी प्रतिस्पर्धी उपस्थिति मार्च 2025 में इंडियन ओपन थ्रो प्रतियोगिता में हुई, जहां वह उपविजेता रहे।

iPhone 18 Pro की लॉन्च डेट से कीमत तक लीक हुए बड़े डिटेल, जानें क्या-क्या मिलेगा नया

Apple अगले महीने iPhone 18 Pro से पर्दा उठा सकती है। माना जा रहा है कि कंपनी के हर साल होने वाले सितंबर इवेंट में नई प्रीमियम iPhone सीरीज पेश की जाएगी। हालांकि, Apple ने अभी तक इस इवेंट या नए iPhone को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

कई रिपोर्ट्स और लीक्स की मानें तो इस बार नई सीरीज में iPhone 18 Pro, iPhone 18 Pro Max और एक नया iPhone Ultra देखने को मिल सकता है। वहीं, सामान्य iPhone 18 को बाद में लॉन्च किए जाने की उम्मीद है।

ऐसे में अगर आप भी सोच रहे हैं कि iPhone 18 Pro में क्या खास मिल सकता है, तो मौजूदा लीक्स और इंडस्ट्री रिपोर्ट्स के आधार पर फोन से जुड़ी अब तक सामने आई सभी संभावित जानकारियां यहां दी गई हैं।

संभावित लॉन्च डेट

Apple आम तौर पर सितंबर में नए iPhone लॉन्च करता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस साल का इवेंट 9 सितंबर को कैलिफ़ोर्निया के क्यूपर्टिनो में स्टीव जॉब्स थिएटर में हो सकता है। अब अगर Apple अपने तय शेड्यूल के हिसाब से चलता है, तो घोषणा के कुछ दिन बाद ही प्री-ऑर्डर शुरू हो सकते हैं और महीने के आखिर में ये फोन रिटेल में उपलब्ध हो सकते हैं।

यह इवेंट इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि Tim Cook के कार्यकाल के बाद Apple के नए CEO John Ternus के नेतृत्व में यह कंपनी का पहला बड़ा iPhone लॉन्च हो सकता है।

डिजाइन और डिस्प्ले

iPhone 18 Pro के डिजाइन में इस बार कोई बड़ा बदलाव देखने को मिलने की उम्मीद नहीं है। लीक्स के मुताबिक, Apple iPhone 17 Pro के डिजाइन को ही आगे बढ़ा सकती है, हालांकि फोन के लुक में कुछ छोटे-मोटे बदलाव जरूर किए जा सकते हैं।

अटकलें हैं कि इस स्मार्टफोन में ProMotion टेक्नोलॉजी वाला 6.3-इंच का LTPO OLED डिस्प्ले होगा, जो 120Hz तक का अडैप्टिव रिफ्रेश रेट देगा। रिपोर्ट्स यह भी बताती हैं कि Apple आउटडोर में बेहतर विजिबिलिटी के लिए पीक ब्राइटनेस लेवल को बेहतर बना सकता है।

कुछ अफवाहों का दावा है कि Dynamic Island छोटा हो सकता है, हालांकि इंडस्ट्री के कई जानकारों का मानना ​​है कि ऐसा बदलाव शायद iPhone की किसी आने वाली जेनरेशन में ही देखने को मिले।

परफॉर्मेंस और सॉफ्टवेयर

उम्मीद है कि iPhone 18 Pro में Apple का अगली पीढ़ी का A20 Pro प्रोसेसर होगा, जिसे खबरों के अनुसार 2nm मैन्युफैक्चरिंग प्रोसेस से बनाया जाएगा।

इस चिपसेट के साथ 12GB RAM होने की उम्मीद है, जिससे ऑन-डिवाइस AI फीचर्स और मल्टीटास्किंग के लिए ज्यादा क्षमता मिलेगी। नए प्रोसेसर से पिछली पीढ़ी की तुलना में पावर एफिशिएंसी, ग्राफिक्स परफॉर्मेंस और कनेक्टिविटी में भी सुधार होने की उम्मीद है।

Apple iOS में AI क्षमताओं का विस्तार जारी रख सकता है। इसके अलावा, अपग्रेडेड हार्डवेयर से ज्यादा एडवांस्ड ऑन-डिवाइस प्रोसेसिंग को सपोर्ट मिलने की उम्मीद है।

कैमरा अपग्रेड

उम्मीद है कि कैमरे में होने वाले सुधार पूरी तरह से हार्डवेयर को फिर से डिजाइन करने के बजाय इमेज क्वालिटी पर फोकस्ड होंगे।

iPhone 18 Pro में ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप बरकरार रहने की संभावना है, और रिपोर्ट्स में बेहतर सेंसर, खासकर टेलीफोटो कैमरे के लिए, होने का संकेत दिया गया है। कुछ लीक से पता चलता है कि Apple बड़े Pro Max मॉडल के लिए वेरिएबल अपर्चर कैमरा सिस्टम रख सकता है, जबकि स्टैंडर्ड Pro मॉडल में यह फीचर नहीं होगा।

Apple से ऐसे सॉफ्टवेयर सुधार लाने की भी उम्मीद है जो फोटोग्राफी और वीडियो रिकॉर्डिंग को बेहतर बनाएंगे। इसमें A20 Pro चिप की नई इमेज प्रोसेसिंग क्षमताएं मदद करेंगी।

बैटरी और चार्जिंग

हालांकि, बैटरी की क्षमता के बारे में अभी कोई जानकारी नहीं है, लेकिन रिपोर्ट्स के मुताबिक iPhone 18 Pro में 5,000mAh की बैटरी होने की संभावना कम है। इसके बजाय, उम्मीद है कि Apple A20 Pro प्रोसेसर और iOS ऑप्टिमाइजेशन के कॉम्बिनेशन से परफॉर्मेंस को बेहतर बनाने पर ध्यान देगा।

इन बदलावों से बैटरी का साइज ज्यादा बढ़ाए बिना ही बैटरी लाइफ को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।

अनुमानित कीमत

इस साल कीमतें बढ़ने की उम्मीद है। कई रिपोर्ट्स से पता चलता है कि Apple, iPhone 18 Pro की शुरुआती कीमत को पिछले मॉडल के मुकाबले लगभग $100 तक बढ़ा सकता है।

अगर ऐसा होता है, तो भारत में भी इसकी कीमत बढ़ सकती है और शुरुआती कीमत 1.5 लाख रुपये के करीब पहुंच सकती है। हालांकि, Apple ने कीमत के बारे में अभी कोई जानकारी कन्फर्म नहीं की है।

ध्यान रखें कि लॉन्च से पहले सामने आई ये सभी जानकारियां लीक्स और रिपोर्ट्स पर आधारित हैं। इसलिए फोन के फीचर्स, स्पेसिफिकेशन्स और कीमत को लेकर अंतिम जानकारी Apple की आधिकारिक घोषणा के बाद ही साफ होगी।

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Govinda: जब गोविंदा ने शाहरुख खान से लेकर आमिर तक के स्टारडम पर किया था कमेंट, यूजर्स बोले- सब टिके रहे…वे ही खो गए

Govinda: 1990 के दशक के मशहूर स्टार गोविंदा, जिन्होंने कभी शाहरुख खान और आमिर खान के स्टारडम पर तंज कसा था, पिछले एक साल से अपनी पत्नी सुनीता आहूजा के साथ चल रहे सार्वजनिक झगड़े की वजह से सुर्खियों में हैं। अपनी बेहतरीन कॉमिक टाइमिंग और लगातार ब्लॉकबस्टर फिल्में देने वाले सुपरस्टार गोविंदा के बारे में अब उनकी फिल्मों से ज़्यादा उनकी उथल-पुथल भरी शादीशुदा जिंदगी की चर्चा हो रही है। उनकी आखिरी फिल्म ‘रंगीला राजा’ 2019 में रिलीज हुई थी।

19 अगस्त को मामला तब बदला जब 59 वर्षीय सुनीता आहूजा ने पिछले साल दायर किया गया तलाक का केस वापस ले लिया है। खबर है कि 61 वर्षीय गोविंदा एक नई फिल्म पर काम कर रहे हैं, जिसमें उनके साथ काफी कम उम्र की एक्ट्रेस कोमल रानी स्वर्णकार हैं। लेकिन फिल्म से ज्यादा गोविंदा और कोमल के कथित अफेयर ने लोगों का ध्यान खींचा।

एक X यूजर ने 1990 के दशक में अपने करियर के पीक पर दिए गए गोविंदा के एक मैगज़ीन इंटरव्यू के दौरान किए गए बड़े-बड़े दावों को शेयर किया। इसमें गोविंदा ने कहा, “देखते हैं आमिर, सलमान, शाहरुख और अजय कब तक टिक पाते हैं!” इंटरव्यू के दौरान एक्टर ने यह भी कहा, “हिट देने के लिए मुझे श्रीदेवी या माधुरी की जरूरत नहीं है।”

गोविंदा ने अमिताभ बच्चन को भी नहीं बख्शा, जिनके साथ उन्होंने 1998 में ‘बड़े मियां छोटे मियां’ में काम किया था। एक और तंज कसते हुए उन्होंने कहा, “अमिताभ ने भी पिछले दस सालों में कहां कोई हिट दी है?” जैसे ही X पोस्ट शेयर हुई, उस पर ढेरों कमेंट आने लगे।

एक यूजर ने लिखा, “सब टिके रहे, बस वो नहीं।” दूसरे यूजर ने लिखा, “घमंड अंधा कर देता है।”एक और कमेंट में लिखा था, “अति आत्मविश्वास से कुछ हासिल नहीं होता, भाई। देखो, अगर वो सुनीता के प्रति वफादार होता, तो कर्म का फल मिल जाता। ये सारे चिंदी खान उसके चमचे बनकर खड़े होते – अफसोस, बहुत जल्दी जाना पड़ा।”

एक और कमेंट में लिखा था, “वो एक बेहतरीन ऑल-राउंड एंटरटेनर थे। लेकिन उनका अहंकार और घमंड ही उनके पतन का कारण बना। वरना, उनके साथ काम करने वाले सभी अभिनेता उनके सामने फीके लगते थे। साथ ही, जब भी मुझे अवतार फिल्म के बारे में उनकी कही बात याद आती है, तो लगता है कि वो मानसिक रूप से बीमार हैं।”

एक और कमेंट में लिखा था, “उनका घमंड ही उनके पतन का कारण बना।” एक अन्य यूजर ने लिखा, “एसआरके के 10वें मैनेजर के पास गोविंदा से भी ज्यादा पैसा है। अंत में केवल बुद्धिमान और विनम्र ही टिक पाते हैं।”

सलमान खान और गोविंदा के बीच अनबन की अफवाहें

इस पोस्ट में गोविंदा ने सलमान खान पर तंज भी कसा है। अगर आप फिल्म प्रेमी हैं, तो आप जानते ही होंगे कि दोनों के बीच ‘पुराना इतिहास’ रहा है। गोविंदा ने एक बार 1997 की ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘जुड़वा’ की कास्टिंग को लेकर चल रही चर्चाओं को हवा दी थी। एक पुराने इंटरव्यू में गोविंदा ने बताया था कि फिल्म की शूटिंग शुरू होने के बाद भी सलमान खान ने उन्हें सीधे तौर पर प्रोजेक्ट छोड़ने के लिए कहा था।

2019 में बॉलीवुड हंगामा को दिए एक इंटरव्यू में गोविंदा ने कहा था, “उस समय मैं ‘जुड़वा’ कर रहा था और किसी दिन सलमान ने मुझे 2-3 बार फोन किया और कहा कि ‘छीची भैया, आप कितनी हिट दोगे यार?'” मैंने बोला, क्या हुआ? वो बोला, ‘वो जो पिक्चर आप कर रहे हो, जुड़वा, वो आप बंद कर दीजिए और वो मुझे दे दीजिए।’

उन्होंने आगे कहा, “सलमान ने कहा ‘निर्देशक डेविड धवन भी आपको मुझे देना पड़ेगा। निर्माता साजिद नाडियाडवाला भी मैंने आपके साथ काम किया।’ निर्देशक और निर्माता। इसलिए फिल्म, जो पहले से ही निर्माणाधीन थी, रोक दी गई, बंद कर दी गई और अंतत सलमान को सौंप दी गई।”

गोविंदा और सुनीता आहूजा का उतार-चढ़ाव भरा रिश्ता

पिछले साल से ही गोविंदा और सुनीता के तलाक की खबरें ऑनलाइन चल रही हैं। कुछ महीने पहले सुनीता आहूजा के कुछ इंटरव्यू में अपनी निजी बातें बताने के बाद, गोविंदा और सुनीता के रिश्ते में खटास की अटकलें और तेज़ हो गईं। इन अफ़वाहों के बीच, ETimes की एक रिपोर्ट में एक सूत्र के हवाले से कहा गया, “सुनीता ने कुछ महीने पहले अलग होने का नोटिस भेजा था, लेकिन तब से इस मामले में कोई आगे की कार्रवाई नहीं हुई है।”

रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया कि पिछले साल दोनों के बीच सुलह हो गई थी। हाल ही में, जब गोविंदा को एयरपोर्ट पर कोमल रानी स्वर्णकार के साथ देखा गया, तो सुनीता आहूजा ने उन पर तंज कसते हुए उन्हें ‘शुगर डैडी’ कहा। गोविंदा ने एक वीडियो मैसेज में सबके सामने सुनीता की ‘अपमानजनक’ भाषा के इस्तेमाल का जवाब दिया। गोविंदा और सुनीता आहूजा की शादी मार्च 1987 में हुई थी। दोनों ने 1988 में अपनी बेटी टीना के जन्म के बाद तक अपनी शादी की बात छिपाकर रखी थी। कई साल बाद, 1997 में उनके बेटे यशवर्धन का जन्म हुआ।

LIC का जीवन उमंग प्लान, सिर्फ कुछ साल चुकाएं प्रीमियम और जीवनभर का बीमा कवर पाएं

अगर आप लंबी अवधि तक इंश्योरेंस प्रोटेक्शन वाली पॉलिसी चाहते हैं तो आप एलआईसी की एक खास पॉलिसी के बारे में सोच सकते हैं। इस पॉलिसी का नाम एलआईसी जीवन उमंग है। इस पॉलिसी में निवेश से 100 साल की उम्र तक बीमा कवर पक्का हो जात है। खास बात यह है कि एलआईसी यानी भारतीय जीवन बीमा निगम सरकार की इंश्योरेंस कंपनी है, जिससे इसकी पॉलिसी में निवेश करने में किसी तरह का रिस्क नहीं है।

100 साल के होने तक मिलता है बीमा कवर

जो लोग रिटायरमेंट के बाद गारंटीड सालाना इनकम चाहते हैं, वे LIC Jeevan Umang Plan में निवेश शुरू कर सकते है। यह दरअसल एक होल- लाइफ इंश्योरेंस प्लान है, जिसमें पॉलिसीहोल्डर को तब तक बीमा कवर मिलता है, जब तक वह 100 साल का नहीं हो जाता। इस प्लान में आपको प्रोटेक्शन के साथ इनकम का भी विकल्प मिलता है।

प्रीमियम पेमेंट पीरियड के विकल्प

इस पॉलिसी में प्रीमियम चुकाने की अवधि ग्राहक अपनी सुविधा के हिसाब से चुन सकता है। ग्राहक को 15 साल, 20 साल, 25 साल और 30 साल तक प्रीमियम चुकाने का विकल्प मिलता है। इनमें से वह किसी एक चुनाव कर सकता है। यह एक पार्टिसिपेटरी प्लान है, जिसमें पॉलिसीहोल्डर को पॉलिसी के परफॉर्मेंस के हिसाब से बोनस मिलता है।

टैक्स के लिहाज से भी फायदेमंद

पॉलिसी की अवधि में हर साल चुकाए जाने वाले प्रीमियम पर इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80सी के तहत डिडक्शन का बेनेफिट मिलता है। साथ ही पॉलिसीहोल्डर की मौत या पॉलिसी की मैच्योरिटी पर मिलने वाला पूरा पैसा टैक्स-फ्री होता है। टैक्स से यह छूट इनकम टैक्स एक्ट, 1961 के सेक्शन 10डी(डी) के तहत मिलती है।

डेथ बेनेफिट का फ्लेक्सिबल पेमेंट

इस पालिसी की एक खास बात यह है कि पॉलिसीहोल्डर किस्तों में डेथ बेनेफिट के विकल्प का भी चुनाव कर सकता है। इसमें पॉलिसीहोल्डर की मौत की स्थिति में बीमा के पैसे का पेमेंट एकमुश्त की जगह 5 साल, 10 साल या 15 साल के दौरान नॉमिनी को मिलेगा। इससे पॉलिसीहोल्डर की मौत की स्थिति में कुछ सालों तक परिवार को रेगुलर इनकम होती रहती है।

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प्रीमियम हर महीने भी चुका सकते हैं

इस पॉलिसी के प्रीमियम का पेमेंट हर महीने, हर तिमाही, हर छमाही या सालाना किया जा सकता है। अगर आप हर महीने प्रीमियम का पेंमेंट करना चाहते हैं तो आपको कम से कम 5000 रुपये का पेमेंट करना होगा। आप हर तिमाही पेमेंट करना चाहते हैं तो मिनिमम 15,000 रुपये का पेमेंट करना होगा। अगर हर छमाही पेमेंट करना चाहते हैं तो 25,000 का पेमेंट करना होगा। सालाना पेमेंट के लिए कम से कम 50,000 रुपये चुकाने होंगे।

Mobile Manufacturing Scheme 2.0 : सरकार ने लॉन्च की 62,500 करोड़ करोड़ रुपए की मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग स्कीम, जानिए पूरी डिटेल

Mobile Manufacturing Scheme : आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग स्कीम 2.0 के लॉन्च की घोषणा की है। 62 हजार 500 करोड़ रुपए की इस स्कीम का लक्ष्य भारत में मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देना है। इसके तहत सरकार कंपनियों को उत्पादन के लिए 5% तक इंसेंटिव देगी। इस स्कीम के जरिए 40 लाख करोड़ के मोबाइल का उत्पादन हो सकेगा। ये स्कीम 1 अप्रैल 2026 से लागू होगी।

मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग स्कीम 2.0 के तहत कंपनियों से आवेदन मांगने की शुरुआत कर दी गई है। 15 जुलाई को कैबिनेट ने स्कीम को मंजूरी दी थी। स्कीम का कुल बजट 62,500 करोड़ रुपए और अवधि 5 साल यानी वित्त वर्ष 2027 से वित्त वर्ष 2031 तक है। इसमें मोबाइल उत्पादन,घरेलू वैल्यू एडिशन और कंपोनेंट सोर्सिंग को कवर किया गया है।

1 अप्रैल 2026 से लागू होगी स्कीम

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव एस कृष्णन ने कहा कि यह योजना मौजूदा फाइनेंशियल ईयर से यानी 1 अप्रैल 2026 से लागू होगी और फाइनेंशियल ईयर 2031 तक चलेगी। इस स्कीम के तहत,भारत में बने मोबाइल फोन की बिक्री पर मैन्युफ़ैक्चरर्स को 2.25% से 5% तक का इंसेंटिव मिलेगा। कंपनियां खास कंपोनेंट्स और सब-असेंबली को घरेलू स्तर पर सोर्स करके 1.5% तक का अतिरिक्त इंसेंटिव भी पा सकती हैं। कैबिनेट से मंज़ूर इस फ़्रेमवर्क में भारतीय ब्रांड बनाने के मकसद से प्रोडक्ट डिजाइन और रिसर्च एंड डेवलपमेंट के लिए 3% का अतिरिक्त इंसेंटिव भी दिया जाएगा।

बड़ी मात्रा में मिलेगा रोजगार

एस कृष्णन ने कहा कि भारतीय हैंडसेट ब्रांड पर 5 प्रतिशत के ज्यादा इंसेंटिव दिया जाएगा। इसके जरिए सरकार उन घरेलू कंपनियों को सपोर्ट करना चाहती है जो विदेशी बाजारों में अपना विस्तार करना चाहती हैं। सरकार का अनुमान है कि इस स्कीम के जरिए 5 साल में कुल लगभग 40 लाख करोड़ रुपये के मोबाइल फोन का उत्पादन हो सकता है और करीब 60,000 प्रत्यक्ष नौकरियां मिल सकती हैं।

PLI 1.0 ने प्रोडक्शन और इन्वेस्टमेंट के लक्ष्यों को भी किया पार

यह स्कीम इसके पहले आई प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव स्कीम (PLI-LSEM) के बाद आई है,जिसकी अवधि 31 मार्च, 2026 को खत्म हुई थी। पहले वाले प्रोग्राम का मुख्य मकसद बड़े पैमाने पर इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग करना और मोबाइल फोन प्रोडक्शन को बढ़ाना था। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक PLI 1.0 के तहत मोबाइल फोन का प्रोडक्शन 11.61 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया,जबकि इसका लक्ष्य 8.12 लाख करोड़ रुपये था। PLI 1.0 का निवेश लक्ष्य 7,000 करोड़ रुपये था लेकिन इसके तहत हुआ निवेश 20,500 करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया है।

पहले की PLI स्कीम ने ग्लोबल हैंडसेट बनाने वाली कंपनियों और कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरर्स को आकर्षित किया,जिनमें सैमसंग और भारत में Apple डिवाइस बनाने वाली कंपनियां शामिल हैं।

लोकलाइजेंशन पर फोकस

मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग स्कीम 2.0 में देश में बनने वाले कंपोनेंट्स और सब-असेंबली की हिस्सेदारी बढ़ाने पर ज्यादा जोर दिया जाएगा। एस कृष्णन कृष्णन ने कहा कि मोबाइल फोन बनाने में घरेलू स्तर पर वैल्यू एडिशन लगभग 15 प्रतिशत से बढ़कर 23 प्रतिशत हो गया है। MPMS के तहत अतिरिक्त सोर्सिंग इंसेंटिव का मकसद मैन्युफैक्चरर्स को अपनी घरेलू सप्लाई चेन को मजबूत करने के लिए प्रोत्साहित करना है।

 

 

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दिल्ली विश्वविद्यालय में 1 साल के PG कोर्स के लिए 5857 सीटें जुड़ीं, जानें 4-साल की डिग्री के बाद सीधे PhD का नियम

यह खबर उन छात्रों के लिए बेहद अहम है, जो दिल्ली विश्वविद्यालय से परास्नातक यानी पोसट ग्रेजुएशन करना चाहते हैं। यूनिवर्सिटी ने शैक्षिक सत्र 2026-27 के शैक्षिक सत्र के लिए एक साल की अवधि वाले 46 पीजी प्रोग्राम में सीटें बढ़ाने का फैसला किया है। इसके तहत यूनिवर्सिटी हर प्रोग्राम में 120 बढ़ाएगा, जिससे कुल 5857 सीटें एक साल के पीजी पाठ्यक्रम में बढ़ेंगीं।

यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब यूनिवर्सिटी से चार साल के अंडरग्रेजुएट कार्यक्रम से पहला बैच स्नातक पूरा कर निकलने वाला है। यूनिवर्सिटी ने अपने दो साल के पीजी प्रोग्राम में सीटों की मौजूदा संख्या बनाए रखी है, जिससे चार साल के अंडरग्रेजुएट प्रोग्राम (FYUP) के तहत स्नातक होने वाले छात्रों को शामिल करने के लिए कुल पीजी इनटेक को असरदार तरीके से बढ़ाया गया है। न्यूज एजेंसी एएनाई की खबर के मुताबिक, डीयू 46 विषयों में एक साल का पीजी प्रोग्राम ऑफर कर रहा है, जिसमें कुल 5,857 सीटें हैं। इसमें रेगुलर मोड में 2,807 सीटें शामिल हैं। 46 प्रोग्राम में 5,857 सीटें हर प्रोग्राम में औसतन लगभग 127 सीटें बनती हैं।

डीयू के रजिस्ट्रार विकास गुप्ता ने बताया कि यूनिवर्सिटी ने क्लासरूम और टीचिंग स्टाफ की बढ़ी हुई जरूरत को पूरा करने का इंतजाम किया है। गुप्ता ने कहा, “हम अतिरिक्त टीचर हायर करेंगे। हमने कॉलेजों में पढ़ाने वाले टीचरों के लिए भी इंतजाम किया है कि वे यूनिवर्सिटी में आकर पढ़ाएं। हम उन्हें मानदेय देंगे।” बता दें, एफवाईयूपी को छात्रों को उनकी स्नातक पढ़ाई के दौरान रिसर्च और एंटरप्रेन्योरशिप का ज्यादा अनुभव देने और भारतीय डिग्री को वैश्विक मानक के साथ जोड़ने के मकसद से शुरू किया गया था।

डीयू ने नेशनल एजुकेशन पॉलिसी (NEP) 2020 के आधार पर अंडरग्रेजुएट करिकुलम फ्रेमवर्क (UGCF) 2022 के तहत 2022-23 शैक्षिक सत्र से एफवाईयूपी शुरू किया था। 2022-23 शैक्षिक सत्र में डीयू में कुल 75,948 छात्रों को प्रवेश मिला। इनमें से, 40,005 स्टूडेंट्स 2025 में तीन साल की स्नातक पढ़ाई पूरी करने के बाद बाहर हो गए, जबकि लगभग 35,943 चौथे साल में आगे बढ़े।

यूनिवर्सिटी के डेटा के मुताबिक, चौथे साल में आगे बढ़ने वाले 35,943 स्टूडेंट्स में से 12,111 ने 2026-27 एकेडमिक सेशन के लिए एक साल के पोस्टग्रेजुएट प्रोग्राम में एडमिशन के लिए अप्लाई किया। इसका मतलब है कि चौथे साल में आगे बढ़ने वाले लगभग 33.7% छात्रों ने एक साल के पीजी प्रोग्राम के लिए आवेदन किया। एक साल के पीजी प्रोग्राम में उपलब्ध 5,857 सीटों में से, आवेदकों की संख्या 12,111 थी। इसलिए उपलब्ध सीटें एप्लिकेंट्स की संख्या का लगभग 48.36% हैं।

डीयू का एक साल का पीजी कार्यक्रम भी दूसरे विश्वविद्यालयों की तुलना में काफी बड़ा है। यूनिवर्सिटी ने 2026-27 एकेडमिक सेशन के लिए अपने दो साल के पोस्टग्रेजुएट प्रोग्राम में भी उतनी ही सीटें ऑफर करना जारी रखा है, खासकर उन छात्रों के लिए जिन्होंने तीन साल पूरे करने के बाद एफवाईयूपी छोड़ दिया था।

यूनिवर्सिटी ने चार साल के अंडरग्रेजुएट प्रोग्राम से पीएचडी प्रवेश के लिए एक सीधा शैक्षिक रास्ता भी बनाया है। यूनिवर्सिटी के ऑर्डिनेंस VI में एक बदलाव के तहत, एफवाईयूपी को 7.5 या उससे ज्यादा सीजीपीए और एससी/एसटी छात्रों के लिए 7.0 या उससे ज्यादा सीजीपीए के साथ पूरा करने वाले छात्र सीधे पीएचडी प्रोग्राम के लिए अप्लाई करने के लायक होंगे।

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BMW X1 vs X1 LWB: Differences explained

BMW X1 vs X1 LWB: Differences explained
X1 LWB

BMW has expanded its X1 range in India with the new long-wheelbase X1 LWB. Priced at Rs 49.90 lakh (ex-showroom), it sits alongside the regular X1 and is Rs 1 lakh cheaper than the standard-wheelbase X1 petrol. While both SUVs share much of their styling and cabin design, the X1 LWB brings a longer body, more rear-seat space and a different powertrain. Here’s how the two versions differ.

BMW X1 vs X1 LWB: Dimensions

Dimensions

X1

X1 LWB

Difference

Length

4500 mm

4616 mm

116 mm

Width

1845 mm

1842 mm

3 mm

Height

1630 mm

1641 mm

11 mm

Wheelbase

2692 mm

2800 mm

108 mm

Boot Capacity

476 litres

540 litres

64 litres

The biggest difference is the X1 LWB’s size. It is 116mm longer overall than the standard X1, with 108mm of the additional length going into the wheelbase. This extra wheelbase is primarily used to increase rear-seat legroom. The X1 LWB also gets a redesigned rear seat with enhanced cushioning, a 15mm longer seat base for additional thigh support and a backrest that can be reclined by a couple of degrees. The X1 LWB is also 3mm narrower and 11mm taller than the standard X1. Boot space is also larger on the X1 LWB, at 540 litres compared with 476 litres in the standard X1.

BMW X1 vs X1 LWB: Exterior 

X1
X1 LWB
 

 

The two versions look largely alike. Both get the same headlamps, M Sport styling package, tail-lamps and 18-inch alloy wheels. The X1 LWB can be identified by its chrome window surrounds, whereas the standard X1 gets a black finish in this area. A Shadow package is available as an option on the LWB.

BMW X1 vs X1 LWB: Interior 

X1
X1 LWB
 

 

The dashboard and front section of the cabin are unchanged. Both get a 10.25-inch digital instrument cluster, 10.7-inch touchscreen, asymmetric AC vents and the floating centre console. The key difference is at the back. Besides the additional legroom, the X1 LWB gets the revised rear seat described above. BMW has also tuned its suspension for improved ride comfort. The X1 LWB also gets red seat upholstery, while the standard X1 gets black upholstery.

The X1 LWB, however, misses out on front-seat ventilation and massage functions, as well as a dedicated climate-control zone for the rear seats.

BMW X1 vs X1 LWB: Powertrain 

X1
X1 lwb
 

 

The standard X1 continues to be offered with both petrol and diesel engines, while the X1 LWB is available only with a 1.5-litre three-cylinder turbo-petrol engine. Both SUVs are front-wheel drive only.

In the X1 LWB, this engine produces 156hp and 230Nm and sends power to the front wheels through a seven-speed dual-clutch automatic gearbox. This is 20hp more than the 136hp version of the 1.5-litre petrol engine used in the standard-wheelbase X1.

BMW X1 vs X1 LWB: Price 

x1
x1 lwb
 

 

The X1 LWB is priced at Rs 49.90 lakh, making it Rs 1 lakh cheaper than the standard-wheelbase X1 petrol, which costs Rs 50.90 lakh. Both the X1 and X1 LWB are locally assembled in India. The X1 LWB is primarily aimed at buyers who prioritise rear-seat space, while the standard X1 offers a wider powertrain choice.

Which variant of the Skoda Kylaq should you buy?

Which variant of the Skoda Kylaq should you buy?
Skoda Kylaq variants and features explained

The Kylaq, Skoda’s most affordable offering in India, was introduced in 2024 and marked the brand’s return to the sub-4m space after years. Currently, the Kylaq is Skoda’s best-selling model in our market and has sold over 50,000 units since its launch as of February 2026. Here’s a breakdown of the powertrain options, comfort and convenience features, safety kit and exterior colours available on each trim of the Skoda SUV.

Skoda Kylaq variant-wise price and powertrain options

The base Classic trim misses out on an automatic transmission option

Skoda Kylaq ex-showroom price as of August 21, 2026 (Rs lakh)

Trim

MT

AT

Classic

7.59

Classic+

8.25

9.25

Signature

9.43

10.43

Signature+

10.77

11.77

Sportline

11.32

12.32

Prestige

11.75

12.75

Prestige+

11.99

12.99

The Skoda Kylaq has an ex-showroom price ranging from Rs 7.59 lakh to Rs 12.99 lakh. Except for the base Classic trim, the remaining trim levels offer both manual and automatic gearboxes. Powering the Kylaq is a 115hp, 178Nm, 1.0-litre direct-injection turbo-petrol engine that also does duty in the Kushaq and the Slavia. Transmission duties are handled by either a -speed manual or a 6-speed automatic gearbox. Notably, in Classic+ guise, the Kylaq is the most accessible car with a torque converter gearbox. 

Skoda claims a top speed of 188kph and that the manual version is capable of a 0-100kph sprint in 10.5 seconds. In our Kylaq real-world performance tests, the automatic version achieved a 0-100kph time of 11.69 seconds. Skoda also claims an ARAI-rated fuel economy of 19.68kpl for the manual and 19.05kpl for the automatic; our Kylaq real-world mileage tests saw the manual average 12.86kpl, while the automatic went 11.03km on a litre of petrol.

Skoda Kylaq variant-wise colour options

Offered in seven colours on the outside, two on the inside 

The compact SUV is offered in seven colours, namely, Candy White, Brilliant Silver, Cherry Red, Carbon Steel, Deep Black, Lava Blue, and Steel Grey. While all trims come in a monotone finish, select paint jobs on the Sportline come with a black roof. Additionally, the Sportline trim exclusively gets the Steel Grey colour option. The interior of the Skoda Kylaq gets a black and grey colour scheme as standard, but the Sportline has an all-black theme. Here’s a table comprising the available exterior colours on the Skoda Kylaq depending on the trim level chosen:

Colour 

Classic

Classic+

Signature

Signature+

Sportline 

Prestige

Prestige+ 

Candy White

Yes

Yes

Yes

Yes

Dual-tone

Yes

Yes

Brilliant Silver

Yes

Yes

Yes

Yes

Dual-tone

Yes

Yes

Cherry Red

Yes

Yes

Yes

Yes

Dual-tone

Yes

Yes

Carbon Steel

Yes

Yes

Yes

Yes

Yes

Yes

Deep Black

Yes

Yes

Yes

Yes

Yes

Yes

Lava Blue

Yes

Yes

Yes

Yes

Yes

Yes

Steel Grey

Dual-tone

Skoda Kylaq standard safety kit 

Gets six airbags, ABS, EBD, traction control and more.

As standard, the Skoda Kylaq comes equipped with six airbags, ABS, EBD, ESC, traction control, brake disc wiping, roll-over protection, central locking, rear parking sensor, and ISOFIX mounts. 

Skoda Kylaq variant-wise features

Skoda Kylaq Classic: Rs 7.59 lakh

Gearbox option – 6MT

Skoda Kylaq Classic trim exterior
Skoda Kylaq Classic trim interior
 

Skoda Kylaq Classic trim

  • LED headlights with LED daytime running lamps (DRLs)
  • LED tail-lights
  • 16-inch steel wheels with covers
  • 15-inch spare wheel
  • Roof rails
  • Roof-mounted spoiler
  • Dual-tone dashboard
  • Manual day/night interior rearview mirror (IRVM)
  • Driver seat height adjust
  • Adjustable headrests for all passengers
  • Auto engine start-stop
  • Tilt and telescopic steering adjust
  • Powered wing mirrors
  • All power windows
  • Auto AC
  • Rear defogger
  • Analogue dials with a digital MID
  • Front centre armrest
  • 12V charging socket (front)
  • Fabric seats
  • Analogue dials with 3.5-inch MID
  • 2 tweeters
  • Front LED cabin lamps

Skoda Kylaq Classic+ – Rs 8.25 lakh-9.25 lakh

Gearbox options – 6MT, 6AT

Features over Classic

  • Single-pane sunroof
  • Cruise control
  • 4 speakers
  • Auto-dimming IRVM
  • Front and rear LED cabin lamps
  • Steering-mounted controls
  • Leatherette-wrapped gear lever (AT only)
  • Rear LED cabin lamps
  • One-touch up/down for driver-side window 

Skoda Kylaq Signature – Rs 9.43 lakh-10.43 lakh

Gearbox options – 6MT, 6AT

Skoda Kylaq Signature trim exterior
Skoda Kylaq Signature trim interior
 

Skoda Kylaq Signature trim

Features over Classic+
  • 16-inch silver alloy wheels
  • Black tailgate strip between the tail-lights
  • Tyre-pressure monitoring system (TPMS)
  • Paddle shifters (AT only)
  • 7-inch touchscreen infotainment system
  • Wired Android Auto and Apple CarPlay 
  • 2x USB Type-C ports (rear)
  • Auto-folding outside rearview mirrors (ORVMs)
  • Rear wiper and washer
  • Chrome garnish on AC vents and door handles
  • Rear AC vents
  • Sliding front centre armrest with storage space
  • Cooled glove box
  • Driver-side window one-touch up/down
  • Rain-sensing wipers (front)

Skoda Kylaq Signature+ – Rs 10.77 lakh-11.77 lakh

Gearbox options – 6MT, 6AT

Skoda Kylaq Signature+ trim exterior
Skoda Kylaq Signature+ trim interior
 

Skoda Kylaq Signature+ trim

Features over Signature
  • Shark-fin antenna
  • Chrome strip on outside door handles
  • Auto-folding ORVMs
  • Hill-hold assist
  • Rear parking camera with static guidelines
  • Auto headlights with follow-me-home function
  • Keyless entry and go
  • 10-inch touchscreen infotainment system
  • Wireless Android Auto and Apple CarPlay
  • 8-inch digital instrument cluster
  • Dash inserts
  • Leather-wrapped steering wheel
  • USB Type-C ports (front) 
  • 60:40 split-folding rear seats
  • Rear centre armrest with cup holders
  • Rear parcel tray
  • In-car connectivity suite

Skoda Kylaq Sportline – Rs 11.32 lakh to Rs 12.32 lakh

Gearbox options – 6MT, 6AT

Features over Signature+

Skoda Kylaq Sportline
Skoda Kylaq Sportline interior
 

Skoda Kylaq Sportline trim

 

  • Black 17-inch alloy wheels
  • Rear spoiler with finlets 
  • Black ORVMs and branding 
  • Sportline badge on tailgate
  • Leatherette front armrest and door pads
  • White ambient lighting
  • Aluminium pedals 
  • Leatherette seat upholstery with Sportline inscription
  • LED projector headlamps 
  • LED fog lamps with cornering function
  • Wireless phone charger

Skoda Kylaq Prestige – Rs 11.75 lakh-12.75 lakh

Gearbox options – 6MT, 6AT

Skoda Kylaq Prestige trim exterior
Skoda Kylaq Prestige trim interior
 

Skoda Kylaq Prestige trim

Features over Signature+
  • Dual-tone 17-inch alloys
  • LED projector headlights
  • LED rear turn indicator and reverse lamp
  • Front LED fog lamps with static bending function
  • White ambient lighting
  • Leatherette upholstery on seats, front armrest and doors
  • Chrome parking brake tip
  • Ventilated front seats
  • Wireless phone charger
  • Anti-theft alarm

Skoda Kylaq Prestige+ – Rs 11.99 lakh-12.99 lakh

Gearbox options – 6MT, 6AT

Feature over Prestige

  • 6-way powered front seats

Which Skoda Kylaq variant should you consider?

The mid-spec Signature+ trim offers good value for money

Starting at Rs 10.77 lakh, the mid-spec Signature+ trim offers dual digital screens, a single-pane sunroof, a rear parking camera with sensors, auto AC with rear vents, all-LED lighting and 16-inch silver alloy wheels, making it a value-for-money offering. While you do miss out on features such as a wireless phone charger and powered and ventilated front seats, the premium you have to pay for these is not justifiable. Moreover, this trim is available with both manual and automatic gearbox options.

However, if you are on a budget, you can consider the lower Signature trim, which offers a smaller touchscreen with wired Android Auto and Apple CarPlay, rear wiper and washer, rear AC vents and a sunroof. This trim also comes in both manual and automatic variants, and priced at Rs 9.43 lakh and Rs 10.43 lakh, respectively, they still offer a lot of value.

Although the Classic+ trim is also well-equipped for its price, the lack of an infotainment system makes recommending it a bit more challenging. However, the 7-inch OEM infotainment system with wired smartphone connectivity, offered with the higher Signature trim, is available in the online classifieds marketplace under Rs 10,000. If you are open to retrofitting it at your authorised dealership, the Classic+ trim becomes the most value-for-money option on a strict budget. 

Prices are ex-showroom, India.