Stock Market Updates: सेंसेक्स और निफ्टी फ्लैट, फिर भी निवेशकों ने गंवाए ₹96547 करोड़

शेयर बाजार ने शुक्रवार, 21 अगस्त को फ्लैट कारोबार किया। सेंसेक्स 3.11 अंकों की मामूली बढ़त के साथ 77,540.83 रुपये पर और निफ्टी 20.1 अंकों की बढ़त के साथ 24,252 पर बंद हुआ। इस बीच BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 96547 करोड़ रुपये घट गया। दिन में सेंसेक्स ने 77,725.67 का हाई और 77,445.86 का लो देखा। निफ्टी 50 दिन में 24,284.05 के हाई और 24,206.80 के लो तक गया। वैश्विक अनिश्चितताओं के कारण कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और अमेरिकी बाजारों में तेज गिरावट के बीच निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया।

गुरुवार, 20 अगस्त को शेयर मार्केट बंद होने पर BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 4,92,71,879.619 करोड़ रुपये रहा था। शुक्रवार को यह घटकर 4,91,75,332.89 करोड़ रुपये हो गया। यानि कि 96,546.729 करोड़ रुपये की कमी।

निफ्टी पर पावर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया, HDFC लाइफ इंश्योरेंस कंपनी, कोटक महिंद्रा बैंक, नेस्ले इंडिया और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड टॉप गेनर रहे। वहीं मारुति सुजुकी इंडिया, ट्रेंट, HCL टेक्नोलॉजीस, इंडिगो की पेरेंट कंपनी इंटरग्लोब एविएशन और ONGC टॉप लूजर रहे।

गुरुवार को कैसा रहा था कारोबार

गुरुवार को सेंसेक्स 628.04 अंक या 0.82 प्रतिशत की बढ़त के साथ 77,537.72 पर बंद हुआ था। निफ्टी भी 7 दिन की गिरावट से उबरते हुए 153.55 अंक या 0.64 प्रतिशत की बढ़त के साथ 24,231.85 पर बंद हुआ था। BSE स्मॉलकैप सेलेक्ट सूचकांक 0.83 प्रतिशत और मिडकैप सेलेक्ट सूचकांक 0.56 प्रतिशत चढ़ा।

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रुपये में तेजी

शुक्रवार को भारतीय करेंसी रुपया, अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले 3 पैसे चढ़कर 95.71 प्रति डॉलर (अस्थायी) पर रहा। अमेरिकी डॉलर में कमजोरी से घरेलू मुद्रा को सपोर्ट मिला। हालांकि, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों की चुनौती के चलते कमजोर डॉलर का असर कम रहा। रुपया गुरुवार को 1 पैसे की गिरावट के साथ 95.74 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।

वैश्विक बाजारों का हाल

एशियाई बाजारों में तेजी है। हेंग सेंग, कॉस्पी, ताइवान वेटेड अच्छी बढ़त में हैं। SET कंपोजिट, जकार्ता कंपोजिट और शंघाई कंपोजिट भी हरे निशान में हैं। वहीं निक्केई 225 में गिरावट है। अमेरिकी बाजार गुरुवार को गिरावट में बंद हुए। यूरोपीय बाजारों में तेजी है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

‘द पैराडाइज’ को लेकर राघव जुयाल ने बढ़ाई एक्साइटमेंट, फिल्म को लेकर जताया पूरा भरोसा!

राघव जुयाल ‘किल’ में विलेन के किरदार में अपनी शानदार परफॉर्मेंस के लिए खूब पसंद किए गए थे। अब वह एक बार फिर एक दमदार और इंटेंस किरदार के साथ वापसी कर रहे हैं। वह ‘द पैराडाइज’ में विक्रम मलिक का किरदार निभाएंगे, जिसकी अनाउंसमेंट के बाद से ही फैंस के बीच जबरदस्त एक्साइटमेंट देखने को मिल रही है। फिल्म में नानी लीड रोल में हैं और एक सेक्स वर्कर के बेटे का किरदार निभा रहे हैं। उनके किरदार की एक दमदार बैकस्टोरी है, जो उनके बदलाव की कहानी में अहम भूमिका निभाती है!

‘द पैराडाइज’ भारतीय सिनेमा की सबसे ज्यादा चर्चित फिल्मों में से एक है, जिसमें नेचुरल स्टार नानी लीड रोल में हैं। इस फिल्म को मशहूर फिल्ममेकर श्रीकांत ओडेला ने डायरेक्ट किया है और अनाउंसमेंट के बाद से ही इसे लेकर जबरदस्त बज बना हुआ है। फिल्म के दमदार टीजर, पोस्टर्स और गानों ने इंटरनेट पर खूब धूम मचाई है, जिनमें दर्शकों को एक्शन, ड्रामा और थ्रिल से भरपूर कहानी की झलक देखने को मिली है। टीजर में नानी के किरदार जदल की दमदार झलक दिखाई गई, जो काफी गुस्सैल, रॉ और देसी अंदाज में नजर आ रहे हैं। फिल्म की कहानी स्लम एरिया की पृष्ठभूमि पर सेट है। हालांकि, राघव जुयाल के किरदार विक्रम मलिक ने सभी को हैरान कर दिया है और दर्शक उन्हें देखने के लिए काफी एक्साइटेड हैं।

राघव पहले ही ‘द पैराडाइज’ से अपने किरदार विक्रम मलिक की झलक दिखाकर सभी को चौंका चुके हैं। इस बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा,“सबने कहा कि ये मैं नहीं हूं। तभी मुझे एहसास हुआ कि ये लोग सिनेमा को कितना प्यार करते हैं।” उन्होंने आगे कहा, “ये फिल्म बहुत जबरदस्त होने वाली है और मुझे सच में लगता है कि अपने हटकर कंटेंट की वजह से ये फिल्म खूब धमाल मचाएगी।”

इसके अलावा, नेचुरल स्टार नानी पहले ही ‘हाय नन्ना’ और ‘सरिपोधा सनिवारम’ जैसी बड़ी ब्लॉकबस्टर फिल्में दे चुके हैं और इस बार वह ‘द पैराडाइज’ में बिल्कुल अलग स्केल और एक दमदार किरदार के साथ नजर आने वाले हैं। वहीं, डायरेक्टर श्रीकांत ओडेला अपनी मेगा ब्लॉकबस्टर डेब्यू फिल्म ‘दसरा’ के बाद वापसी कर रहे हैं, जो बॉक्स ऑफिस पर सफल रही थी और दुनियाभर में 121 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई की थी। इस बार भी वह दर्शकों के लिए एक और दमदार सिनेमाई अनुभव लेकर आने का वादा कर रहे हैं। ‘दसरा’ की सफलता के बाद एक बार फिर इन दोनों की जोड़ी साथ आ रही है और ऐसे में माना जा रहा है कि ये जोड़ी एक नया रिकॉर्ड बना सकती है।

वहीं, ‘द पैराडाइज’ का टीजर और इसके प्रमोशनल कंटेंट पहले ही नए बेंचमार्क बना रहे हैं और रिकॉर्ड तोड़ रहे हैं। फिल्म के गाने ‘आया शेर’ को यूट्यूब पर 200 मिलियन से ज्यादा व्यूज मिल चुके हैं और इसे 1.8 मिलियन से ज्यादा लाइक्स भी मिले हैं। यह गाना सोशल मीडिया पर भी खूब वायरल हो रहा है, जहां हजारों इंस्टाग्राम रील्स बनाई जा रही हैं और फैंस नानी के लुक और उनके सिग्नेचर हुकस्टेप को रीक्रिएट कर रहे हैं। इन सभी चीजों ने फिल्म को लेकर दर्शकों के बीच एक्साइटमेंट और भी बढ़ा दी है।

एसएलवी सिनेमाज द्वारा प्रोड्यूस की गई ‘द पैराडाइज’ 24 सितंबर 2026 को दुनियाभर के सिनेमाघरों में बड़े स्तर पर रिलीज होने वाली है। फिल्म को आठ भाषाओं- हिंदी, तेलुगु, तमिल, इंग्लिश, स्पैनिश, बंगाली, कन्नड़ और मलयालम में रिलीज किया जाएगा। फिल्म के ग्लोबल स्केल को देखते हुए मेकर्स ने कथित तौर पर हॉलीवुड स्टार रयान रेनॉल्ड्स से ‘द पैराडाइज’ को इंटरनेशनल मार्केट्स में प्रेजेंट करने के लिए संपर्क किया है। अपने विजनरी डायरेक्टर, दमदार स्टारकास्ट और ग्लोबल स्केल के साथ ‘द पैराडाइज’ सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि एक बड़े कल्चरल फिनॉमिना के तौर पर सामने आ रही है, जिसे लेकर फैंस के बीच एक्साइटमेंट लगातार बढ़ रही है।

भारत में चीनी के दाम बढ़ने से Pakistan को क्यों दिखा फायदा, दिल्ली के फैसले से क्यों हुआ बैचेन

भारत में चीनी के दाम बढ़ने से Pakistan को क्यों दिखा फायदा, दिल्ली के फैसले से क्यों हुआ बैचेन

bihar minister shravan kumar on sugar price

पाकिस्तान की चीनी इंडस्ट्री अब अपने अतिरिक्त चीनी स्टॉक के लिए भारत को संभावित बाजार के तौर पर देख रही है। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब भारत सरकार ने घरेलू कीमतों में तेजी के बीच 10 लाख मीट्रिक टन कच्ची चीनी के शुल्क-मुक्त आयात को मंजूरी दी है। हालांकि, भारत और पाकिस्तान के बीच मौजूदा तनावपूर्ण संबंधों के चलते दोनों देशों के बीच सीधा व्यापार अभी ठप है।

 

पाकिस्तान के अखबार द न्यूज इंटरनेशनल ने रिपोर्ट किया कि पाकिस्तान शुगर मिल्स एसोसिएशन (PSMA) के एक वरिष्ठ सदस्य ने सरकार से भारत को अतिरिक्त चीनी निर्यात करने की संभावनाएं तलाशने की अपील की है।

 

भारत के आयात फैसले से पाकिस्तान को दिखी उम्मीद

 

भारत सरकार ने गुरुवार (20 अगस्त) को टैरिफ रेट कोटा (TRQ) के तहत 31 अक्टूबर 2026 तक 10 लाख मीट्रिक टन कच्ची चीनी के शुल्क-मुक्त आयात की अनुमति दी है। डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ फॉरेन ट्रेड (DGFT) के मुताबिक, इस फैसले का उद्देश्य घरेलू बाजार में चीनी की उपलब्धता बढ़ाना और बढ़ती कीमतों पर नियंत्रण करना है।

 

भारत का यह फैसला चीनी बाजार के लिए अहम बदलाव माना जा रहा है, क्योंकि देश का चीनी बाजार लंबे समय से आयात को लेकर काफी हद तक संरक्षित रहा है। इसी बीच पाकिस्तान की चीनी मिलों को उम्मीद है कि भारत की बढ़ी हुई आयात मांग उसके अतिरिक्त स्टॉक को खपाने का रास्ता खोल सकती है।

 

पाकिस्तान के पास 12 लाख टन अतिरिक्त चीनी

 

PSMA के वरिष्ठ सदस्य और Hunza Sugar Mills Ltd के प्रतिनिधि चौधरी मुहम्मद वहीद ने पाकिस्तान सरकार से भारत को अतिरिक्त चीनी निर्यात की अनुमति देने की मांग की है। वहीद के मुताबिक, पाकिस्तान की चीनी इंडस्ट्री के पास 12 लाख टन से ज्यादा अतिरिक्त चीनी का स्टॉक मौजूद है। इससे मिलों पर दबाव बढ़ रहा है, खासकर अगले गन्ना पेराई सीजन से पहले।

 

इंडस्ट्री को आशंका है कि अगर अगली फसल भी बंपर रही तो चीनी का भंडार और बढ़ सकता है। इससे मिलों के लिए किसानों से अगली गन्ने की फसल खरीदना मुश्किल हो सकता है।

 

भारत को चीनी निर्यात से पाकिस्तान को क्या फायदा?

 

वहीद ने कहा कि पाकिस्तान की भारत से भौगोलिक नजदीकी उसे दूर के निर्यात बाजारों की तुलना में फ्रेट कॉस्ट का फायदा दे सकती है। भारत को चीनी निर्यात करने से पाकिस्तान को विदेशी मुद्रा हासिल करने, चीनी मिलों की नकदी स्थिति सुधारने और भंडारण लागत घटाने में मदद मिल सकती है।

 

इसके अलावा, इससे चीनी मिलों को गन्ना किसानों को समय पर भुगतान करने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।

 

पाकिस्तानी चीनी उद्योग का यह भी मानना है कि दोनों देशों के बीच चीनी व्यापार शुरू होने से आर्थिक संबंधों के लिए कम से कम एक नया रास्ता खुल सकता है।

 

भारत-पाकिस्तान व्यापार में बड़ी अड़चन

हालांकि, फिलहाल पाकिस्तान भारत को चीनी भेजने की कोई मौजूदा द्विपक्षीय व्यापार व्यवस्था तैयार नहीं कर रहा है। पाकिस्तान की चीनी इंडस्ट्री सिर्फ सरकार से ऐसे निर्यात की अनुमति देने की मांग कर रही है। भारत और पाकिस्तान के बीच राजनीतिक और सुरक्षा तनाव के कारण सीधा द्विपक्षीय व्यापार पहले से ही प्रभावित है। अटारी-वाघा बॉर्डर और हवाई मार्ग बंद हैं। ऐसे में पाकिस्तान से भारत को चीनी की वास्तविक खेप भेजने के लिए दोनों सरकारों की मंजूरी और व्यापार के लिए जरूरी व्यवस्था तैयार करना अनिवार्य होगा।

Yamaha RayZR 125 Fi Hybrid Price and Variants explained

Yamaha RayZR 125 Fi Hybrid Price and Variants explained
Yamaha RayZR front right side static in studio

Yamaha had just updated its 125cc scooter, the RayZR 125 Fi Hybrid with additional features and new colours. It’s now offered in a total of four different variants in a span of roughly Rs 22,000. What exactly are the different variants and what do you gain by stepping up? Let’s see.

Let’s first get what is shared between all four out of the way. They have the same 125cc single-cylinder engine that makes 8.2hp of power and 10.3Nm of torque. Like the model name implies, all four also get Yamaha’s mild hybrid system that increases the torque by a very small amount. There’s a starter motor generator that enables a silent start, and a stop-start system. They all also have a unified braking system (UBS), same tyre and rim sizes, a rear drum brake, 21L underseat storage, and there’s no change in any of the dimensions (like seat height) either. And finally, despite the additional features on the higher variants, they all weigh the same 99kg.

All prices mentioned are ex-showroom, Delhi.

Yamaha RayZR 125 Fi Hybrid variant breakdown

Drum

In case the name hasn’t given it away, the base variant comes with a 130mm drum brake at the front. It has an LCD instrument cluster that shows all the basic information like speed and a fuel gauge, but it does not get any connectivity features. It’s available in a single Metallic Black colour and costs Rs 79,880.

Yamaha RayZR drum front right side static in studio

Disc

This variant swaps the drum brake for a 190mm disc brake at the front. This variant also adds Y-Connect, Yamaha’s connectivity suite, that adds basic features like phone battery level, call, email, and SMS alerts, and reporting of things like fuel consumption, maintenance recommendations, last parked location on the app. This variant costs Rs 87,680 (Rs 7,800 extra) and is available in three colours, Dark Metallic Blue, Ice Fluo Vermillion, and Metallic Black.

Street Rally LCD

The next step up is via the Street Rally version of the RayZR that’s mechanically identical to the regular RayZR. However, it gets hand guards, and additional side reinforcements to the front apron for a more muscular look. The colours and decals look slightly different on it, and for these extras, Street Rally LCD adds Rs 6,250, coming in at Rs 93,930.

Yamaha RayZR Street Rally front right side static in studio

Street Rally TFT

Finally, the most feature loaded RayZR of them all. This received most of the recent updates, with a TFT instrument cluster that supports turn-by-turn navigation and music control to the existing Y-Connect feature suite. In addition to that, this variant also gets ‘Yamaha Scooter Answer Back’ that helps you locate your scooter via the app in a crowded parking garage, for example. The Street Rally TFT gets two colours, Matte Titan (exclusive to this variant) and Matte Black. The top variant will set you back by Rs 1,00,440 squeezing just past the one lakh rupee mark.

Delhi-NCR में H1N1 और डेंगू का बढ़ा खतरा, डॉक्टरों ने बताया किन लक्षणों को नजरअंदाज न करें

दिल्ली-NCR के अस्पतालों में इन दिनों बुखार, फ्लू और डेंगू जैसी मच्छरों से फैलने वाली बीमारियों के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। ओपीडी (OPD) और इमरजेंसी में इनकी संख्या काफी ज्यादा देखी जा रही है। डॉक्टरों ने बताया है कि पिछले कुछ हफ्तों में इन्फ्लूएंजा A या H1N1 के मामलों में तेजी से उछाल आया है।

डॉक्टरों ने News18 को बताया कि मॉनसून के दौरान ज्यादा नमी और रुक-रुक कर होने वाली बारिश, साथ ही भीड़-भाड़ वाली बंद जगहें और फ्लू का टीका लगवाने वालों की कम संख्या इस बढ़ोतरी की वजह हैं।

हालांकि, ज्यादातर मरीज घर पर आराम और देखभाल से ठीक हो जाते हैं। लेकिन डॉक्टरों ने सलाह दी है कि सांस लेने में तकलीफ, सीने में दर्द या ऑक्सीजन लेवल गिरने जैसे लक्षणों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें। ऐसी स्थिति में बिना देर किए तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

मौसम और घर के अंदर भीड़-भाड़ की वजह से बढ़ीं बीमारियां

दिल्ली के BLK-Max सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में इंटरनल मेडिसिन विभाग के हेड और वाइस चेयरमैन डॉ. राजिंदर कुमार सिंघल ने कहा, “पिछले कुछ हफ्तों में, पूरे इलाके में तेज बुखार वाली बीमारियों के लिए आउटपेशेंट (OPD) आने वालों और इमरजेंसी में भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या में काफी बढ़ोतरी हुई है।”

उन्होंने कहा कि मामलों में रेस्पिरेटरी वायरस इन्फेक्शन और मच्छरों से फैलने वाली बीमारियों का मिला-जुला असर दिख रहा है। उन्होंने आगे कहा, “मौसम का बदलना, ज्यादा नमी और बीच-बीच में होने वाली बारिश से कम्युनिटी में पैथोजन (बीमारी फैलाने वाले कीटाणु) के जिंदा रहने और फैलने की रफ्तार काफी बढ़ जाती है।”

सिंघल ने कहा कि H1N1 के मामलों में बढ़ोतरी तीन वजहों से हो रही है: पहला, नमी वाला गर्म मौसम, जिससे इन्फेक्शन वाली बूंदें हवा में ज्यादा देर तक बनी रहती हैं। दूसरा, ” लोगों का बंद और एयर कंडीशन वाले कमरों में ज्यादा समय बिताना जहां हवा का बहाव ठीक नहीं होता और वायरस तेजी से फैलता है। और तीसरा, “फ्लू का सालाना वैक्सीनेशन कम होना और साफ-सफाई की आदतों में लापरवाही बरतना, जिससे बहुत से लोग बीमारी की चपेट में आ सकते हैं।”

दिल्ली में H1N1 के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी

फरीदाबाद के अमृता हॉस्पिटल में पल्मोनोलॉजी डिपार्टमेंट के हेड डॉ. अर्जुन खन्ना ने हाल की रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया कि इस साल दिल्ली में H1N1 के 1,449 मामले सामने आए हैं, जो पिछले साल इसी समय के मुकाबले लगभग छह गुना ज्यादा हैं। उन्होंने कहा कि संक्रमण शुरू में हल्का लग सकता है, लेकिन कमजोर मरीजों में यह निमोनिया, खून में ऑक्सीजन का खतरनाक स्तर तक गिरना और कभी-कभी फेफड़ों के गंभीर रूप से फेल होने जैसी स्थिति में बदल सकता है।

खन्ना ने कहा, “बात साफ है: हर बार बुखार होने पर घबराएं नहीं, लेकिन इन्फ्लूएंजा को हल्के में भी न लें।” उन्होंने आगे कहा, “हम ऐसे बहुत से मरीज देख रहे हैं जिन्हें तेज बुखार, शरीर में तेज दर्द, खांसी, गले में खराश और बहुत ज्यादा थकान है। हमें चिंता है कि कुछ मरीजों की हालत उतनी तेजी से बिगड़ रही है, जितनी आम वायरल बुखार में उम्मीद नहीं की जाती।”

खन्ना ने बढ़ते मामलों के पीछे मानसून का मौसम, स्कूलों, ऑफिस और सार्वजनिक परिवहन जैसी भीड़भाड़ वाली बंद जगहों में खराब वेंटिलेशन और फ्लू वायरस में लगातार होने वाले बदलाव को जिम्मेदार बताया। उनका मतलब है कि पिछले संक्रमण या वैक्सीन से मिली सुरक्षा हमेशा के लिए नहीं रहती।

फोर्टिस हॉस्पिटल, शालीमार बाग में रेस्पिरेटरी मेडिसिन और रेस्पिरेटरी क्रिटिकल केयर के HOD, डॉ. विकास मौर्य ने भी कहा कि पिछले साल की तुलना में इस साल H1N1 पॉजिटिव पाए जाने वाले मरीजों की संख्या में “भारी उछाल” आया है। उन्होंने बताया कि फ्लू जैसे लक्षणों वाले मरीजों में से लगभग 70-80% H1N1 पॉजिटिव पाए जा रहे हैं, और इसके बाद इन्फ्लूएंजा के अन्य स्ट्रेन और रेस्पिरेटरी वायरस का नंबर आता है।

मौर्य ने कहा, “मानसून के दौरान होने वाला हर बुखार H1N1 की वजह से नहीं होता। हम अन्य वायरल रेस्पिरेटरी इन्फेक्शन भी देख रहे हैं, जिनमें इन्फ्लूएंजा के अन्य स्ट्रेन जैसे H3N2 के साथ-साथ राइनोवायरस, एडेनोवायरस और COVID-19 जैसे इन्फेक्शन शामिल हैं। चिंता की एक और बात वे वायरस हैं जिनकी पहचान अभी उपलब्ध टेस्ट से नहीं हो पाती, लेकिन मरीज के लक्षणों से लगता है कि यह वायरल इन्फेक्शन है।”

लक्षण और खतरे के संकेत

डॉक्टरों ने News18 को बताया कि H1N1 का असर आम सर्दी-जुकाम की तुलना में अचानक और ज्यादा गंभीर होता है। इसमें तेज बुखार और कंपकंपी, शरीर में तेज दर्द, सिरदर्द और बहुत ज्यादा थकान, सूखी खांसी और गले में खराश जैसे लक्षण होते हैं। बच्चों में उल्टी या दस्त जैसे लक्षण भी दिख सकते हैं।

खन्ना ने कहा, “सिर्फ 102 या 103 डिग्री बुखार खतरनाक नहीं है। खतरे के संकेत तब होते हैं जब इसके साथ सांस लेने में तकलीफ, सीने में बेचैनी, असामान्य रूप से बहुत ज्यादा नींद आना, उलझन या ऑक्सीजन का स्तर कम होना जैसे लक्षण दिखें।”

उन्होंने कहा, “ऐसे में इसका इलाज घर पर नहीं किया जाना चाहिए।”

खन्ना ने आगे कहा कि अगर कोई मरीज ठीक होता हुआ दिखे और फिर अचानक उसे दोबारा तेज बुखार आ जाए और खांसी बढ़ जाए, तो इसे निमोनिया या किसी दूसरी गंभीर समस्या का संभावित संकेत मानकर इलाज किया जाना चाहिए।

किन्हें और कब टेस्ट करवाना चाहिए?

डॉ. सिंघल के अनुसार, हल्के मामलों में फ्लू के लिए रूटीन टेस्टिंग की जरूरत नहीं होती, लेकिन ज्यादा जोखिम वाले ग्रुप्स के लिए इसकी पुरजोर सलाह दी जाती है — जैसे 65 साल से ज्यादा उम्र के लोग, 5 साल से कम उम्र के बच्चे, गर्भवती महिलाएं, और डायबिटीज, फेफड़ों की पुरानी बीमारी, अस्थमा, किडनी की बीमारी, दिल की बीमारी या कमजोर इम्यूनिटी (जैसे कैंसर के इलाज या ऑर्गन ट्रांसप्लांट की वजह से) वाले लोग।

ऐसे लोगों के लिए भी टेस्टिंग की सलाह दी जाती है जिनकी हालत बिगड़ रही हो, जैसे सांस लेने में तकलीफ, सीने में दर्द या ऐसा बुखार जो ठीक न हो रहा हो।

खन्ना ने अस्पताल में भर्ती 29,000 से ज्यादा H1N1 मरीजों पर हुई एक बड़ी स्टडी का भी जिक्र किया, जिसमें पाया गया कि एंटीवायरल दवाएं जल्दी शुरू करने से मौतें कम हुईं। उन्होंने कहा कि डॉक्टर बहुत ज्यादा बीमार और ज्यादा जोखिम वाले मरीजों में टेस्ट के नतीजे आने से पहले ही एंटीवायरल इलाज शुरू कर सकते हैं।

सिंघल ने कहा कि ओसेल्टामिविर (Oseltamivir) जैसी एंटीवायरल दवाएं तब सबसे अच्छा काम करती हैं जब उन्हें लक्षण शुरू होने के 48 घंटों के अंदर शुरू किया जाए।

मानसून के दौरान डेंगू के मामले भी बढ़ रहे हैं

दिल्ली के श्री बालाजी एक्शन मेडिकल इंस्टीट्यूट में इंटरनल मेडिसिन के डायरेक्टर डॉ. अरविंद अग्रवाल ने कहा, “हमारी OPD सेवाओं में हर दिन डेंगू या H1N1 के शक वाले 15 से 20 मामले सामने आ रहे हैं।”

उन्होंने कहा, “इनमें से 2 से 3 मरीजों को गंभीर पेट दर्द, लगातार उल्टी या ब्लड प्लेटलेट काउंट में तेजी से गिरावट जैसे गंभीर लक्षणों के कारण भर्ती करना पड़ता है।” उन्होंने आगे कहा कि बाकी मरीजों का इलाज OPD में ही हो जाता है, जिसमें वे खुद अपनी सेहत पर नजर रखते हैं और ओरल रिहाइड्रेशन (मुंह से तरल पदार्थ लेना) का तरीका अपनाते हैं।

अग्रवाल ने कहा, “हम लोगों को सलाह देते हैं कि वे अपने आस-पास पानी जमा न होने दें, मच्छर भगाने वाली चीजों का इस्तेमाल करें, साफ-सफाई बनाए रखें और लगातार बुखार होने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।”

डॉक्टरों की सलाह और सावधानियां

डॉक्टरों ने गंभीर बीमारी से बचने के लिए सालाना फ्लू वैक्सीन लगवाने की सलाह दी है, खासकर ज्यादा जोखिम वाले लोगों और हेल्थकेयर वर्कर्स के लिए। इसके साथ ही, खांसते या छींकते समय मुंह और नाक को ढकने, कम से कम 20 सेकंड तक साबुन और पानी से हाथ धोने या हैंड सैनिटाइजर का इस्तेमाल करने, और बिना बुखार की दवा लिए बुखार उतरने के कम से कम 24 घंटे बाद तक घर पर रहने की भी सलाह दी गई है।

उन्होंने खुद से एंटीबायोटिक्स लेने के खिलाफ भी चेतावनी दी है, क्योंकि ये फ्लू जैसे वायरल इन्फेक्शन पर असर नहीं करतीं और भविष्य में होने वाले इन्फेक्शन का इलाज मुश्किल बना सकती हैं। जब तक डॉक्टर खास तौर पर एंटीवायरल दवा न लिखें, तब तक पैरासिटामोल जैसी बुखार कम करने वाली दवाएं लेना और खूब तरल पदार्थ (fluids) लेना पहला कदम होना चाहिए।

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सांप के डसने से कोमा में जा रहा था एंबुलेंस ड्राइवर, दोस्तों ने 2 घंटे में मारीं 400 थपकियां; 30 इंजेक्शन भी बेअसर

सांप के डसने से कोमा में जा रहा था एंबुलेंस ड्राइवर, दोस्तों ने 2 घंटे में मारीं 400 थपकियां; 30 इंजेक्शन भी बेअसर

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उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले से एक बेहद अजीब और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक एंबुलेंस ड्राइवर को जहरीले सांप ने डस लिया। जहर का असर इतना तेज था कि 30 एंटी-वेनम इंजेक्शन भी बेअसर साबित हुए। ड्राइवर को बेहोशी में जाने से बचाने के लिए उसके साथियों ने दो घंटे तक उसे लगातार करीब 400 थपकियां मारीं।

 

मृतक ओवेंद्र (35 वर्ष), मूल रूप से फर्रुखाबाद जिले के बीरपुर का रहने वाला हैं। वह हरदोई के हरपालपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में एंबुलेंस ड्राइवर है। घटना के समय वह अपने सरकारी क्वार्टर में सा रहा था।

 

कैसे हुआ हादसा?

रात के समय सोते वक्त एक जहरीले सांप ने ओवेंद्र के बाएं हाथ की उंगली पर डस लिया। सांप के काटने का अहसास होते ही उन्होंने तुरंत अपने सहकर्मी प्रदीप को जगाया। प्रदीप उन्हें फौरन सीएचसी लेकर गए, जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद वे वापस अपने कमरे पर लौट आए।

 

30 एंटी-वेनम इंजेक्शन भी रहे बेअसर

कमरे पर लौटने के कुछ ही देर बाद ओवेंद्र की तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी। उन्हें चक्कर आने लगे, उल्टियां हुईं और सांस लेने में भारी तकलीफ महसूस होने लगी। हालत गंभीर देख साथी उन्हें तुरंत हरदोई मेडिकल कॉलेज ले गए। इमरजेंसी में तैनात डॉक्टरों ने जहर का असर कम करने के लिए उन्हें 30 एंटी-वेनम इंजेक्शन लगाए, लेकिन इसके बावजूद उनकी स्थिति में सुधार नहीं हुआ।

 

होश में रखने के लिए मारी गईं 400 थपकियां

जहर के असर से ओवेंद्र की आंखें बंद हो रही थीं और वे बेहोशी की तरफ जा रहे थे। डॉक्टरों ने चेतावनी दी थी कि अगर वे सो गए, तो उनकी जान को बड़ा खतरा हो सकता है।

Apoorva Mukhija: भारत छोड़ने के बाद अपूर्वा मुखिजा ने शेयर की पहली पोस्ट, न्यूयॉर्क MBA डेस्टिनेशन का चला पता

Apoorva Mukhija: अपूर्वा मुखिजा हाल ही में ‘अनट्रिगर्ड बाय अमीनजैज’ (Untriggered by AminJaz) पॉडकास्ट में नजर आईं और बताया कि वह अब भारत में नहीं रहती हैं। इन्फ्लुएंसर ने बताया कि वह MBA करने के लिए न्यूयॉर्क चली गई हैं, जो उस शहर में रहने की उनकी लंबे समय से चली आ रही इच्छा को भी पूरा करता है।

हाल ही में एक इंस्टाग्राम स्टोरी में, उन्होंने न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी कैंपस के अंदर खड़े होकर अपनी एक तस्वीर पोस्ट की। इन्फ्लुएंसर शहर में रहने, MBA करने, डॉर्म में रहने और स्टूडेंट लाइफ में वापस लौटने को लेकर उत्साहित हैं।

अपूर्वा मुखिजा ने MBA के लिए न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी में एडमिशन लिया

इन्फ्लुएंसर को कैंपस के अंदर पोज देते हुए देखा गया, जिसमें उन्होंने स्ट्रेट-फिट जींस और नीले रंग का टैंक टॉप पहना था जिस पर “NYC” लिखा था। कैप्शन में लिखा था, “भले ही मैं न्यूयॉर्क में रहती हूं, लेकिन मुझे अभी भी टूरिस्ट की तरह तैयार होना पसंद है।”

25 साल की डिजिटल क्रिएटर ने बताया कि उन्होंने ‘पास्ट मॉडर्न’ (Past Modern) कलेक्शन का टॉप पहना था। एक और स्टोरी में, उन्होंने बताया कि उन्होंने उसी ब्रांड से एक और टॉप खरीदा था, जिस पर मोतियों से न्यूयॉर्क की स्काईलाइन की कढ़ाई की गई थी।

अपूर्वा मुखिजा न्यूयॉर्क क्यों गईं?

पॉडकास्ट पर बात करते हुए इन्फ्लुएंसर ने बताया, “मैंने काफी ट्रैवल किया है, और जब मैं न्यूयॉर्क पहुंची, तो मुझे लगा कि ‘मैं सच में यहीं रहना चाहती हूं।’ इस शहर में कुछ तो खास बात है। यहां की जिंदगी बहुत तेज-तर्रार है, लोग बहुत अच्छे कपड़े पहनते हैं, खाना बहुत बढ़िया है और मुझे यहां का आर्किटेक्चर बहुत पसंद है। मैंने अपनी पसंदीदा हर वेब सीरीज में न्यूयॉर्क देखा है, इसलिए मैं हमेशा से वहां रहना चाहती थी। मैंने न्यूयॉर्क के सिर्फ़ एक कॉलेज में अप्लाई किया और मेरा एडमिशन हो गया।”

उन्होंने बताया कि न्यूयॉर्क जाना हमेशा से उनका सपना था, लेकिन इस बदलाव के दौरान उन्हें घबराहट भी हो रही थी। MBA करने, डॉर्म रूम में रहने और फिर से स्टूडेंट बनने के लिए उन्होंने भारत में अपने दोस्तों, करियर और जानी-पहचानी चीज़ों को पीछे छोड़ दिया।

अपूर्वा ने आगे बताया कि इस कदम के पीछे एक वजह अपना सोशल सर्कल बढ़ाना और नए लोगों से मिलना भी था। उन्होंने कहा कि वह अपना बिज़नेस शुरू करना चाहती थीं, लेकिन इसके लिए उन्हें लॉजिस्टिक्स और कंपनी चलाने के दूसरे पहलुओं के बारे में सीखना ज़रूरी था। इसी मकसद से उन्होंने बिज़नेस की पढ़ाई करने का फैसला किया। इन्फ्लुएंसर ने अपने फ़ैन्स को भरोसा दिलाया कि वह न्यूयॉर्क से कंटेंट शेयर करती रहेंगी, लेकिन उन्होंने लगातार ऐसा करने का कोई वादा नहीं किया।

Gold Loan कंपनियों के शेयरों में तूफानी तेजी, आपको आगे भी मालामाल कर सकते हैं ये शेयर

गोल्ड लोन देने वाली कंपनियों के शेयरों में 21 अगस्त को तूफानी तेजी दिखी। इसकी वजह यह है कि विदेशी ब्रोकरेज फर्म जेपी मॉर्गन ने आईआईएफएल फाइनेंस, मुथूट फाइनेंस और मण्णपुरम फाइनेंस के शेयरों को कवर करना शुरू किया है। उसने इन शेयरों को ‘ओवरवेट’ रेटिंग दी है।

IIFL Finance के शेयर के लिए 750 रुपये का टारगेट प्राइस

IIFL Finance, Muthoot Finance और Manappuram Finance के शेयरों में 2 से 8 फीसदी की तेजी दिखी। सबसे ज्यादा 7.26 फीसदी की तेजी IIFL Finance के शेयर में दिखी। इससे शेयर का भाव 682.90 रुपये पर पहुंच गया। जेपी मॉर्गन ने आईआईएफएल के शेयर के लिए 750 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। इसका मतलब है कि यह शेयर करीब 18 फीसदी चढ़ सकता है।

IIFL Finance का शेयर बीते एक साल में 48 फीसदी चढ़ा है

सीएनबीसी-टीवी18 की खबर के मुताबिक, जेपी मॉर्गन का मानना है कि आईआईएफएल फाइनेंस टर्नअराउंड की शुरुआती अवस्था में है। प्रॉफिट बनाने की बढ़ती क्षमता को देखते हुए इसके शेयरों की रिरेटिंग हो सकती है। बीते एक साल में आईआईएफएल फाइनेंस का शेयर 48 फीसदी से ज्यादा चढ़ा है।

मुथूट फाइनेंस के शेयरों में भा सकती है तेजी

मुथूट फाइनेंस के शेयरों के बारे में भी जेपी मॉर्गन की राय पॉजिटिव है। उसने इस शेयर के लिए 3,400 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। इसका मतलब है कि यह शेयर 14 फीसदी चढ़ सकता है। ब्रोकरेज फर्म ने कहा है कि इस शेयर का प्रदर्शन इस साल दूसरी गोल्ड लोन कंपनियों के शेयरों से कमजोर रहा है। ऐसे में अभी निवेश करने से आगे अच्छी कमाई हो सकती है। Muthoot Finance का शेयर 21 अगस्त को 2.29 फीसदी चढ़कर 3,038 रुपये पर बंद हुआ। बीते एक साल में यह 13.54 फीसदी चढ़ा है।

Manappuram Finance के शेयरों में भी निवेश से भी होगी कमाई

Manappuram Finance के शेयरों में भी निवेश करने पर अच्छी कमाई हो सकती है। जेपी मॉर्गन ने इस शेयर के लिए 395 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। इसका मतलब है कि इस शेयर में 13 फीसदी तेजी आ सकती है। उसने कहा है कि कंपनी के जून तिमाही के नतीजों से इसके टर्नअराउंड के संकेत मिले हैं। मण्णपुरम फाइनेंस का शेयर 21 अगस्त को 2.35 फीसदी चढ़कर 357.45 रुपये पर बंद हुआ। बीते एक साल में यह शेयर करीब 35 फीसदी उछला है।

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शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों में नाममात्र की तेजी 

गोल्ड लोन कंपनियों के शेयरों में तब जोरदार तेजी दिखी, जब बाजार के प्रमुख सूचकांक सीमित दायरे में बने रहे। 21 अगस्त को निफ्टी 0.08 फीसदी यानी 20 अंक चढ़कर 24,252 पर बंद हुआ। सेंसेक्स सिर्फ 3 अंक चढ़कर 77,540 पर क्लोज हुआ। हालांकि, बैंक निफ्टी में 0.46 फीसदी की मजबूती दिखी।

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क्रूज ऑपरेटर वॉटरवेज लीशर टूरिज्म का स्टॉक स्प्लिट होने वाला है। इस कॉरपोरेट एक्शन के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाला एक शेयर 1 रुपये फेस वैल्यू वाले 10 शेयरों में टूटने वाला है। रिकॉर्ड डेट 25 अगस्त 2026 है। इस तारीख तक जिन लोगों के नाम शेयरों के लाभार्थी मालिकों के तौर पर रजिस्टर ऑफ मेंबर्स ऑफ द कंपनी या डिपॉजिटरीज के रिकॉर्ड्स में दर्ज होंगे, उनके स्टॉक स्प्लिट हो जाएंगे।

वॉटरवेज लीशर टूरिज्म जुलाई 2026 में शेयर बाजारों में लिस्ट हुई थी। कंपनी का IPO 585 करोड़ रुपये का था। यह कंपनी कॉर्डेलिया क्रूज ब्रांड के तहत कारोबार करती है। यह देश की पहली क्रूज कंपनी है, जो लिस्ट हुई है। कॉर्डेलिया क्रूज भारत की प्रीमियम क्रूज लाइन है। कंपनी में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 89.35 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। IPO में 72 लाख नए शेयर जारी हुए।

शेयर एक सप्ताह में 16 प्रतिशत चढ़ा

कंपनी का शेयर 21 अगस्त को BSE पर करीब 6.5 प्रतिशत बढ़त के साथ 969 रुपये पर बंद हुआ। कंपनी का मार्केट कैप 7000 करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर एक सप्ताह में 16 प्रतिशत मजबूत हुआ है। इसका BSE पर अब तक का रिकॉर्ड हाई 987 रुपये और रिकॉर्ड लो 623.30 रुपये है। शेयर के लिए अपर प्राइस बैंड 1,000.90 रुपये और लोअर प्राइस बैंड 819 रुपये है। सर्किट लिमिट 10 प्रतिशत है।

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कंपनी की वित्तीय सेहत

अप्रैल-जून 2026 तिमाही में वॉटरवेज लीशर टूरिज्म का स्टैंडअलोन बेसिस पर रेवेन्यू 190.11 करोड़ रुपये रहा। इस बीच शुद्ध मुनाफा 27.35 करोड़ रुपये और अर्निंग्स प्रति शेयर 4.19 करोड़ रुपये रही। कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 में 52.14 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया। इससे पहले के वित्त वर्ष में कंपनी को 168.19 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ था। वित्त वर्ष 2026 में इनकम 586.99 करोड़ रुपये रही, जो वित्त वर्ष 2025 में 597.68 करोड़ रुपये थी। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी पर 101.90 करोड़ रुपये की उधारी थी।

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कोलंबो टेस्ट के लिए श्रीलंका की टीम हुई और कमजोर, इन दो युवाओं पर खेला दांव

श्रीलंका के लिए गॉल टेस्ट विश्व टेस्ट चैंपियनशिप में 5 मैचों में दूसरी हार थी जिससे श्रीलंका की स्थिति खराब हुई। कोलंबो में यह बद से बदत्तर हो सकती है क्योंकि टीम के 3 अनुभवी बल्लेबाज पथुम निसंका, कुशल मेंडिस और दिनेश चंदीमल चोट के कारण बाहर है। ऐसे में टीम को नए चेहरों पर दांव खेलना पड़ा है।

श्रीलंका ने भारत के खिलाफ रविवार से यहां शुरू होने वाले दूसरे और अंतिम टेस्ट मैच के लिए ऑफ-स्पिन ऑलराउंडर साहन अरच्चिगे और बल्लेबाज कामिल मिशारा को टीम में शामिल किया है।भारत ने गॉल में पहला टेस्ट 165 रन से जीतकर दो मैचों की श्रृंखला में 1-0 की बढ़त बना रखी है।

अरच्चिगे को रमेश मेंडिस की जगह टीम में लिया गया है। उन्होंने अब तक 5 वनडे और 1 T20I मैच खेला है।अरच्चिगे ने पिछले महीने श्रीलंका ए की कप्तानी करते हुए भारत A के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन किया था। उन्होंने कुल 209 रन बनाए थे और वह साई सुदर्शन (332 रन) के बाद दूसरे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज थे।

शीर्ष क्रम के बल्लेबाज मिशारा ने टीम में निशान फर्नांडो की जगह ली, जिनका पहले टेस्ट मैच में प्रदर्शन निराशाजनक रहा था।निशान फर्नांडो ने अभ्यास मैच में भारत के खिलाफ दो पारियों में अर्धशतक जड़े थे और कोई भी भारतीय गेंदबाज उनका विकेट नहीं ले पाया था लेकिन पहले टेस्ट में वह उम्मीद पर खरे नहीं उतरे और गैरजिम्मेदाराना शॉट खेलकर दोनों बार मोहम्मद सिराज का शिकार बने।

पासिंदु सूरियाबंदारा चोटिल दिनेश चांदीमल की जगह टीम में बने रहेंगे।चांदीमल दूसरे टेस्ट से अपने आप बाहर हो गए हैं क्योंकि आईसीसी के नियमों के अनुसार, सिर में चोट के कारण सब्स्टीट्यूट किए गए खिलाड़ी सात दिनों तक नहीं खेल सकते। गॉल में चौथे दिन उनके बाहर होने से पसिनदु सूरियाबंदारा के डेब्यू का रास्ता साफ हुआ। सूरियाबंदारा अपनी पहली टेस्ट पारी में बिना खाता खोले आउट हो गए थे, लेकिन फिर भी प्लेइंग इलेवन में अपनी जगह बनाए रख सकते हैं।

वहीं, निसांका जून में हुई अपनी कलाई की सर्जरी से उबरने के लिए अभी भी संघर्ष कर रहे हैं।लंका प्रीमियर लीग (एलपीएल) के शुरुआती दौर में हैमस्ट्रिंग की चोट लगने के बाद से मेंडिस ने कोई भी प्रतिस्पर्धी क्रिकेट नहीं खेला है। टेस्ट टीम में उनकी जगह निरोशन डिकवेला को शामिल किया गया था, और पहली पारी में 80 रन बनाने के बाद, डिकवेला के अपनी जगह बनाए रखने की संभावना है।

दूसरे टेस्ट के लिए श्रीलंका की टीम: लाहिरु उदारा, कामिल मिशारा, पसिंदु सोरियाबंदारा, कामिंदु मेंडिस (उप कप्तान), धनंजय डी सिल्वा (कप्तान), सहान अरच्चिगे, सोनल दिनुशा, निरोशन डिकवेला, केशारा नुवांता, प्रभात जयसूर्या, मिलन रत्नायके, लाहिरू कुमारा, असिथा फर्नांडो, विश्वा फर्नांडो।