SBI Cards के शेयर में आएगी 34% तक गिरावट! बर्नस्टीन ने घटाया टारगेट प्राइस

SBI कार्ड्स एंड पेमेंट सर्विसेज लिमिटेड के शेयरों में 21 अगस्त को गिरावट है। दिन में शेयर की कीमत बीएसई पर पिछले बंद भाव से 1.4 प्रतिशत तक टूटकर 637 रुपये के लो तक गई। दरअसल ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म बर्नस्टीन ने शेयर के लिए प्राइस टारगेट 610 रुपये से घटाकर 430 रुपये प्रति शेयर कर दिया है। हालांकि ‘अंडरपरफॉर्म’ रेटिंग को बरकरार रखा है। नया टारगेट शेयर के पिछले क्लोजिंग प्राइस से 33 प्रतिशत कम है।

बर्नस्टीन का कहना है कि रिवॉल्वर्स लेड क्रेडिट कार्ड मॉडल में बड़ा ढांचागत बदलाव हो रहा है, और इस दबाव के कम होने या पलटने के बहुत कम संकेत हैं। इस मॉडल से अर्थ है एक ऐसा कार्ड बिजनेस, जिसमें ग्राहक बिल का कुछ हिस्सा चुकाकर बाकी रकम को आगे बढ़ाते रहते हैं और कंपनी को उस बकाया रकम पर ब्याज से कमाई होती है। चूंकि SBI Cards पूरी तरह से क्रेडिट कार्ड जारी करने वाली कंपनी है, इसलिए उसे इस बदलाव का सबसे ज्यादा असर झेलना पड़ा है।

बर्नस्टीन को अभी भी रिवॉल्वर्स-टू-स्पेंड्स रेश्यो में और गिरावट से नुकसान का जोखिम दिख रहा है। इसके कारण क्रेडिट कॉस्ट में सुधार के बावजूद नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) और कमाई में बढ़ोतरी पर दबाव बना रह सकता है। ब्रोकरेज ने SBI कार्ड्स एंड पेमेंट सर्विसेज के लिए अर्निंग्स-प्रति-शेयर (EPS) अनुमानों को घटा दिया है।

SBI Cards का रिवॉल्वर्स-टू-स्पेंड्स रेश्यो घटकर 2.8 प्रतिशत

SBI कार्ड्स के मामले में रिवॉल्वर्स-टू-स्पेंड्स रेश्यो जून 2026 तिमाही में घटकर 2.8 प्रतिशत रह गया। बर्नस्टीन का कहना है कि इस गिरावट के कारण प्रति यूनिट खर्च पर होने वाले मुनाफे में भारी कमी आई है। अहम बात यह है कि रिवॉल्वर्स में आई गिरावट की भरपाई EMI लोन में बढ़ोतरी से नहीं हो पाई है। हालांकि SBI कार्ड्स ने कम ऑपरेटिंग खर्चों के जरिए कमाई पर पड़ने वाले असर को कुछ हद तक कम किया है, लेकिन बर्नस्टीन का कहना है कि अब इसका असर फीस/नॉन-इंटरेस्ट इनकम-टू-स्पेंड्स रेश्यो पर पड़ने लगा है।

Welspun Corp Share Price: स्टील पाइप मेकर के शेयरों में खरीद की सुनामी, ₹17200 करोड़ के ऑर्डर से 17% उछला

शेयर 6 महीनों में 18 प्रतिशत कमजोर

SBI Cards का मार्केट कैप 61400 करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है। यह BSE 200 इंडेक्स का हिस्सा है। शेयर 6 महीनों में 18 प्रतिशत और साल 2026 में अब तक 25 प्रतिशत नीचे आया है। कंपनी में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 68.86 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। कंपनी का अप्रैल-जून 2026 तिमाही में स्टैंडअलोन बेसिस पर रेवेन्यू 5,040.55 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 664.44 करोड़ रुपये रहा। पूरे वित्त वर्ष 2026 के दौरान स्टैंडअलोन रेवेन्यू 19,899.63 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 2,166.71 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।

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BMW opens bookings for the i5 LWB in India

BMW opens bookings for the i5 LWB in India
BMW opens bookings for the i5 LWB First Edition in India

BMW has started accepting bookings for the i5 LWB First Edition in India, set for launch in a few weeks. Just 99 units of the long wheelbase electric sedan will be sold here initially, and they will be locally manufactured at BMW’s Chennai facility. This also confirms our November 2025 exclusive that BMW will launch the i5 LWB in India this year.

BMW i5 LWB details so far

The carmaker has confirmed that the i5 LWB will come with an 81.6kWh battery pack, offering a maximum range of 669km (on the modified Indian driving cycle or MIDC). Power output stands at 268hp, and the sedan sprints from 0-100kph in 6.7 seconds. Rear-axle air suspension will be on offer as well. Early testing, including our standard i5 review, found that the soft suspension and low ride height made it prone to scraping on speed breakers, but BMW claims that the LWB sedan’s ground clearance has been enhanced. It remains to be seen how well it performs on Indian roads.

Though the list of features of the India-spec car hasn’t been revealed, one can expect similar kit to the standard i5. It could pack  

IT Shares Prices: आईटी शेयरों में निवेश किया है तो कोटक की यह रिपोर्ट पढ़ लीजिए, कई स्टॉक्स हुए डाउनग्रेड

आपने आईटी कंपनियों के शेयरों में बड़ा निवेश किया है तो आपको कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज की रिपोर्ट पर गौर करने की जरूरत है। ब्रोकरेज फर्म ने आईटी सर्विसेज कंपनियों पर अपने रुख में बदलाव किया है। उसने इंफोसिस और टीएसएस पर अपनी राय बदल दी है। उसने पहले दोनों शेयरों को खरीदने (buy) की सलाह दी थी। अब उसने इसे बदलकर ऐड (add) कर दिया है।

कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने LTM पर भी अपनी राय बदलकर ‘Reduce’ से ‘Sell’ कर दी है। उसने आईटी शेयरों में हाल में आई 15-35 फीसदी की गिरावट के बाद ऐसा किया है। इससे पहले विदेशी ब्रोकरेज फर्म CLSA ने आईटी सेक्टर पर सावधानी बरतने की सलाह दी थी। उसने TCS, Infosys और Tech Mahindra को डाउनग्रेड कर इनपर अपनी रेटिंग ‘होल्ड’ कर दी थी। विप्रो और एम्फैसिस पर अंडरपरफॉर्म की रेटिंग दी थी।

ब्रोकरेज फर्म ने Infosys को डाउनग्रेड कर ‘Add’ करने के साथ ही शेयर के लिए 1,200 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। उसने TCS पर भी ऐड रेटिंग देते हुए 2,450 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। LTIMindtree पर ब्रोकरेज का फर्म का नजरिया और ज्यादा बेयरशि है। उसने इस शेयर पर अपनी रेटिंग ‘reduce’ से घटाकर ‘Sell’ कर दी है। उसने इस शेयर के लिए 4,150 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। उसने कहा है कि तेजी के बाद यह शेयर काफी महंगा हो गया है।

21 अगस्त को आईटी कंपनियों के शेयरों में कमजोरी दिखी। 1 बजे निफ्टी आईटी इंडेक्स 0.11 फीसदी नीचे था। इंफोसिस, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, टेक महिंद्रा के शेयरों की कीमतें लाल निशान में थीं। एक समय तो निफ्टी आईटी इंडेक्स 0.47 तक गिर गया था। बाद में इसमें रिकवरी दिखी।

इस साल Nifty IT Index करीब 19 फीसदी गिरा है। इस दौरान निफ्टी 50 में 7.3 फीसदी गिरावट आई है। कोटक का मानना है कि आईटी कंपनियों पर प्राइसिंग का दबाव है। ग्रोथ को सपोर्ट करने के लिए डील फ्लो पर्याप्त नहीं है। ओपन-सोर्स और AI मॉडल्स के असर को लेकर भी चिंता बनी हुई है। ब्रोकरेज फर्म का मानना है कि ओपन-वेट मॉडल्स से सर्विसेज की इंटेनसिटी बढ़ जाएगी और एआई के इस्तेमाल को बढ़ावा मिलेगा।

इस साल दिग्गज आईटी कंपनियों के शेयरों में बड़ी गिरावट दिखी है। टीसीएस 29 फीसदी गिरा है। इंफोसिस में 30 फीसदी से ज्यादा गिरावट आई है। टेक महिंद्रा 0.9 फीसदी गिरा है। हालांकि, कुछ आईटी शेयरों का प्रदर्शन स्ट्रॉन्ग रहा है। कोफोर्ज का शेयर इस साल 13.5 फीसदी चढ़ा है। LTM करीब 2 फीसदी चढ़ा है।

Stock To Buy: ₹18,000 करोड़ से ज्यादा के ऑर्डर ने इन 4 शेयरों को लगाए पंख, 13% तक चढ़े, चेक करें लिस्ट

Stock To Buy: शुक्रवार, 21 अगस्त को वेल्सपन कॉर्प लिमिटेड (Welspun Corp Ltd.), रेलटेल कॉर्पोरेशन ऑफ़ इंडिया लिमिटेड (RailTel Corporation of India Ltd.), सात्विक ग्रीन एनर्जी लिमिटेड  (Saatvik Green Energy Ltd) और डेटा पैटर्न्स लिमिटेड (Data Patterns Ltd). के शेयरों में 13% तक की बढ़त देखी गई। यह बढ़त उन्हें मिले ऑर्डर की वजह से मिली, जिनकी कुल कीमत ₹18,000 करोड़ से ज़्यादा है।

Data Patterns

Data Patterns (India) Ltd. ने शुक्रवार को बताया कि उसे Bharat Electronics Ltd. (BEL) से रडार इलेक्ट्रॉनिक्स की सप्लाई के लिए ₹585.76 करोड़ का ऑर्डर मिला है।

कंपनी ने आगे बताया कि 30 जुलाई को जब उसने एक्सचेंज को अपने ₹2,654 करोड़ के ऑर्डर बुक स्टेटस के बारे में जानकारी दी थी, तब से उसे ₹771.08 करोड़ के ऑर्डर मिले हैं। इसमें शुक्रवार को बताया गया ऑर्डर भी शामिल है।

₹771.08 करोड़ के ऑर्डर में से, ₹745.93 करोड़ के ऑर्डर को 30 जुलाई, 2026 को की गई घोषणा में “बातचीत हो चुकी है और अभी मिलना बाकी है” (negotiated and yet to be received) की श्रेणी में रखा गया था। बाकी ₹25.15 करोड़ के ऑर्डर नए हैं।

Data Patterns के शेयर 6.4% बढ़कर ₹4,998.9 पर ट्रेड कर रहे हैं। शुक्रवार की इस बढ़त के साथ, यह स्टॉक इस साल अब तक 93% ऊपर है।

RailTel Corporation of India

कंपनी ने गुरुवार को बताया कि उसे Western Coalfields से MPLS VPN (मल्टीप्रोटोकॉल लेबल स्विचिंग वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क) बनाने के लिए लगभग ₹165 करोड़ का ऑर्डर मिला है।

यह ऑर्डर Western Coalfields के लिए 60 महीनों के लिए किराए के आधार पर MPLS VPN नेटवर्क बनाने का है। कंपनी ने कहा कि इसे 20 सितंबर, 2031 तक पूरा किया जाना है।

RailTel के शेयर शुक्रवार को 2.3% बढ़कर ₹287.1 पर ट्रेड कर रहे हैं। यह स्टॉक इस साल अब तक 23% नीचे है।

Saatvik Green Energy

Saatvik Green Energy की मुख्य सब्सिडियरी Saatvik Solar Industries को देश की एक जानी-मानी इंडिपेंडेंट पावर प्रोड्यूसर कंपनी से सोलर PV मॉड्यूल की सप्लाई के लिए ₹190 करोड़ का ऑर्डर मिला है। इसे कमर्शियल ऑर्डर माना गया है और इसे मार्च 2027 तक पूरा किया जाना है।

ऑर्डर मिलने की घोषणा के बाद शुक्रवार को सात्विक ग्रीन एनर्जी के शेयर 3.8% बढ़कर ₹415.4 पर ट्रेड कर रहे हैं। इस साल अब तक स्टॉक में 10% की बढ़त हुई है।

वेल्सपन कॉर्प

वेल्सपन कॉर्प ने कहा कि उसे अब तक का सबसे बड़ा सिंगल ऑर्डर मिला है, जिसकी कीमत लगभग $1.8 बिलियन या ₹17,200 करोड़ है। यह ऑर्डर अमेरिका में मौजूद उसकी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट से पाइप सप्लाई करने के लिए है।

इस ऑर्डर के साथ, कंपनी का ग्लोबल ऑर्डर बुक रिकॉर्ड $4.4 बिलियन या लगभग ₹42,100 करोड़ तक पहुंच गया है, जो कंपनी का अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है।

शुक्रवार को स्टॉक में 13% की बढ़त हुई और यह ₹2,266 प्रति शेयर के अपने इंट्राडे और ऑल-टाइम हाई पर पहुंच गया। पिछले महीने इसमें 38% और इस साल अब तक 181.35% की तेजी आई है।

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(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

BMW X1 LWB vs rivals: Price and specifications compared 

BMW X1 LWB vs rivals: Price and specifications compared 
BMW X1 LWB vs rivals

After introducing the iX1 in long-wheelbase (LWB) guise, BMW India has given the same treatment to its ICE-powered X1. With a focus on chauffeur-driven customers who prioritise rear seat space and comfort, the German carmaker has been bringing certain models to India in LWB versions. In this article, we compare the specifications of the X1 LWB against other entry-level luxury SUVs. 

BMW X1 LWB vs rivals: Dimensions

X1 LWB has the longest length and wheelbase 

BMW X1 LWB vs rivals: Dimensions

 

BMW X1 LWB

Mini Countryman C

Mercedes-Benz GLA

Audi Q3

Length (mm)

4,616

4,447

4,412

4,482

Width (mm)

1,845

1,843

1,834

1,849

Height (mm)

1,641

1,661

1,616

1,607

Wheelbase (mm)

2,800

2,692

2,729

2,680

Ground clearance (mm)

190

190

183

170

Boot space (litres)

540

505

425

530

Wheel size (inches)

18

19

18 – 19

18

When we previously compared the standard X1 against its rivals, it had the longest length, but fell short of having the longest wheelbase. The new X1 LWB not only extends its lead in the length department, but also has the longest wheelbase in the segment. Additionally, it has the largest boot among the models here and rides highest off the ground along with the Countryman C. Meanwhile, the Countryman C is tallest, while the Audi Q3 is widest. Only the Mercedes-Benz GLA offers both 18-inch and 19-inch wheels depending on the variant.

BMW X1 LWB vs rivals: Powertrain options 

X1 LWB has the least powerful petrol engine

BMW X1 LWB vs rivals: Powertrain options 

 

BMW X1 LWB 

Mini Countryman C

Mercedes-Benz GLA

Audi Q3

Engine

1.5 turbo-petrol 

1.5 turbo-petrol 

1.3 turbo-petrol | 2.0 turbo-diesel

2.0 turbo-petrol 

Power (hp)

156 

156

163 | 190

190

Torque (Nm)

230 

240

270 | 400

320

Drive layout

FWD

FWD

FWD

AWD

Transmission

7DCT

7DCT

7DCT | 8DCT

7DCT

The X1 LWB and all its rivals come powered by turbo-petrol engines. However, only the Mercedes GLA offers a diesel engine as well. Comparing all petrol engines side by side, the Audi Q3 develops the most power and torque figures, while the X1 delivers the lowest numbers. Interestingly, despite the X1 LWB and Countryman C having the same engine, the latter develops more torque. Meanwhile, only the Audi Q3 comes with an AWD setup as standard, while the rest are FWD models only. The only commonality among all SUVs here is a 7-speed DCT for their petrol-powered versions.

BMW X1 LWB vs rivals: Price

X1 LWB is the third most expensive petrol-powered SUV here

BMW X1 LWB vs rivals: Price (Rs lakh)

 

BMW X1 LWB

Mini Countryman C

Mercedes-Benz GLA

Audi Q3

Petrol

49.90

47.5 

51.8

43.67 – 53

Diesel

53 – 55

BMW has priced the iX1 LWB at Rs 49.9 lakh ex-showroom. Notably, it’s more affordable than the regular X1 by 1 lakh. Compared to petrol-powered models, it is the third most expensive here. Interestingly, the Q3 is the most affordable here with petrol power, while its high-end variant is also the most expensive. Meanwhile, the diesel-powered GLA is the priciest in this comparison. 

All prices are ex-showroom, India

Top Stock Picks : निफ्टी कंपनियों के साथ ग्रोथ की दिक्कत, दीपन मेहता से जाने अब कहां नजर आ रहे कमाई के मौके

Top Stock Picks :मार्केट में इस समय इंडेक्स में पैसा बनना बंद हो गया है। स्टॉक स्पेसिफिक अच्छे मौके बन रहे हैं। लेकिन इंडेक्स तकलीफ में हैं। ऐसे में मार्केट आउटलुक पर चर्चा करते हुए एलिक्सिर इक्विटीज (Elixir Equities) के डायरेक्टर दीपन मेहता ने कहा कि अगर आपको स्टॉक प्राइस में रिटर्न्स चाहिए तो तीन चीजें खोजनी चाहिए और वो तीनों की चीजें हैं सिर्फ ग्रोथ। अब निफ्टी स्टक्स में ग्रोथ नहीं है। आप सॉफ्टवेयर सर्विज देख लीजिए, बैंक्स देख लीजिए या फिर आप सीमेंट कंपनीज देख लीजिए, कहीं पर भी ग्रोथ नहीं है। जहां ग्रोथ नहीं हैं वहां पर पैसा नहीं आएगा। इस समय लोकल इन्वेस्टर्स और एफआईआई का जितना भी पैसा है वह सिर्फ स्मॉल और मिड कैप स्टॉक, आईपीओ और प्राइवेट इक्विटी में जा रहा है। प्रॉब्लम निफ्टी के साथ है और यह स्ट्रक्चरल प्रॉब्लम है, निफ्टी में ग्रोथ नहीं है।

ऐसे में जब तक छोटी-छोटी कंपनियां बड़ी होकर निफ्टी में नहीं आएगी तब तक हमें बाजार में हिस्टोरिकल रिटर्न की तुलना में साइडवेज मूवमेंट या लो रिटर्न्स ही देखने को मिलेंगे। इन बातों को ध्यान में रखते हुए अगर आपको अगले कई सालों तक अपना पोर्टफोलियो बनाना है तो आपको मिड और स्मॉल कैप की अच्छी कंपनियों पर ही फोकस करना होगा। वहीं पर आपको अच्छे रिटर्न मिल सकते हैं। निफ्टी की कंपनियां काफी बड़ी और मैच्योर हो चुकी हैं, अब इनमें बहुत बड़ी ग्रोथ की उम्मीद नहीं है। हमें अब ग्रोथ के लिए क्वालिटी छोटी-मझोली कंपनियों पर नजर रखनी चाहिए।

उन्होंने आगे कहा कि जहां ग्रोथ होगी वहीं पैसा बनेगा और इस समय डिफेंस, इलेक्ट्रिकल इक्विपमेंट, रेलवे स्टक्स, प्लेटफार्म कंपनियों, प्रिसीजन मैन्युफैक्चरिंग, डेटा सेंटर और एआई रिलेटेड कंपनियों में ग्रोथ नजर आ रही है। हमें इन पर फोकस करिए। इस समय बाजार में बहुत सारी माइक्रो इन्वेस्टमेंट थीम्स हैं। एक ही इन्वेस्टमेंट थीम या एक इंडस्ट्री या एक ही ग्रुप में पैसा लगानें से बचें। आपके लिए बहुत सारी माइक्रो इन्वेस्टमेंट थीम में इन्वेस्ट करना जरूरी है। इससे थोड़ी कॉम्प्लेक्सिटी तो आ जाती है लेकिन पोर्टफोलियो में डाइवर्सिफिकेशन भी हो जाता है।

न्यू एज कंपनियों पर बात करते हुए दीपन मेहता ने कहा कि इन पर बहुत गहराई से रिसर्च करने की जरूरत है। इनको ट्रैक करना चाहिए क्योंकि ग्रोथ यहीं पर आ रही है। इनमें से कुछ कंपनियां घाटे में हैं। लेकिन जब ये मुनाफे में आएंगी तो उसके अगले 2-3 साल में इनके मुनाफे में सॉलिड ग्रोथ देखने को मिलेगा,क्योंकि उनकी ऑपरेटिंग लेवेज बहुत ही बढ़िया है। दीपन मेहता ने बताया कि पेटीएम और इटरनल में उनका निवेश है। इसके अलावा उनको इस सेगमेंट में फिजिक्स वाला,लेंस स्टार्ट और मीशो भी अच्छे लग रहे हैं। उनकी इन शेयरों को ट्रैक करने और इनमें बॉस्केट बना कर निवेश करने की सलाह है। उनका कहना है कि अगर इनमें दो-तीन मल्टीबैगर बन गए और बाकी 2-3 अगर अच्छा रिटर्न नहीं देते हैं तो भी बास्केट के रिटर्न काफी बढ़िया आ सकते हैं। इन कंपनियों में आपको कापी लॉन्ग टर्म नजरिए से निवेश करना चाहिए अगले कुछ दशक में इनमें से कुछ कंपनियां कमाल कर सकती हैं।

डिफेंस शेयरों पर बात करते हुए दीपन मेहता ने कहा कि हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स और भारत इलेक्टॉनिक्स तो उनकी कोर होल्डिंग में शामिल हैं, इसके अलावा ड्रोन बनाने वाली कंपनी आइडिया फोर्ज भी उनके पोर्टफोलियो में है। इस सेक्टर की एक और कंपनी पारस डिफेंस पर भी उनकी करीबी से नजर बनी हुई है। इस कंपनी की खास बात ये है कि जितने भी ड्रोन बनते हैं वहां पर इस कंपनी के कैमरे लगते हैं। इस समय यही तीन-चार कंपनियां अच्छी दिख रही हैं। लेकिन कुल मिला कर देखें तो इस समय डिफेंस स्पेस थोड़ महंगा दिख रहा है। हमें इस स्पेस में सही समय के लिए थोड़ा रुकना चाहिए।

शुगर शेयरों पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि यह सेक्टर बहुत साइक्लिकल है। लेकिन अब लग रहा है कि अगले दो तीन क्वार्टर इसके लिए बहुत ही बढ़िया रहेंगे क्योंकि क्लाइमेटिक फैक्टर्स के कारण ब्राजील में आउटपुट कम हो गया है और यहां पर भी ज्यादातर डिप्लॉयमेंट एथेनॉल की ओर जा रही। ऐसे में अगले कुछ क्वार्टर्स इन कंपनियों के लिए बहुत ही अच्छे रहेंगे और अच्छे रिटर्न मिल सकते है। इन कंपनियों में इस समय एक बहुत ही शानदार ट्रेडिंग ओपोरर्चुनिटी दिख रही है।

दीपन मेहता को फार्मा,हेल्थकेयर और डायग्नोस्टिक में भी निवेश के मौके नजर आ रहे है। उनका मानना है कि अपोलो हॉस्पिटल में एक बहुत ही बढ़िया स्प्लिट होने वाला है जिसकी वजह से वैल्यू अनलॉक हो सकती है। इसके नतीजे भी काफी अच्छे आए हैं। यह स्टॉक लॉन्ग टर्म ग्रोथ के नजरिए से काफी बढ़िया दिख रहा है। कैंसर के इलाज के जानी जाने वाली हेल्थ केयर ग्लोबल भी अच्छी कंपनी है। इस पर नजर रहनी चाहिए। डॉक्टर अग्रवाल जिसका मर्जर हो रहा है, थोड़ा महंगा है अभी लेकिन इसके भी पोटेंशियल बहुत ही बढ़िया लगते हैं।

 

Market Insight : शुगर शेयरों में अभी भी गिरावट पर खरीदारी के मौके, दिवाली के आसपास करें मुनाफावसूली

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

CBSE Class 10 Compartment Result 2026: 10वीं कंपार्टमेंट परीक्षा का रिजल्ट का इंतजार जारी, जानें कब तक जारी होंगे नतीजे

CBSE Class 10 Compartment Result 2026: सीबीएसई बोर्ड के 10वीं कक्षा की कंपार्टमेंट परीक्षा दे चुके छात्र बेसब्री से अपने रिजल्ट का इंतजार कर रहे हैं। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने अभी तक सीबीएसई कक्षा 10 कंपार्टमेंट रिजल्ट 2026 की घोषणा नहीं की है। न ही बोर्ड ने के लिए कोई ऑफिशियल तारीख या समय जारी किया है। छात्र कक्षा 10 कंपार्टमेंट परीक्षा के रिजल्ट के लिए बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर नजर बनाए हुए हैं।

एक बार जारी होने के बाद छात्र यहां रिजल्ट देख सकते हैं और अपना स्कोरकार्ड डाउनलोड कर सकते हैं। ध्यान रहे, सीबीएसई रिजल्ट की तारीख पहले से घोषित नहीं करता है। रिजल्ट का लिंक सीधे पोर्टल पर एक्टिवेट किया जा सकता है। इसलिए छात्रों को ताजा अपडेट के लिए बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर नजर रखनी चाहिए। लिंक एक्टिव होने के बाद छात्र और स्कूल अपने रोल नंबर और एडमिट कार्ड पर दी गई दूसरी जानकारी की मदद से सीबीएसई कक्षा 10 रिजल्ट 2026 ऑनलाइन चेक कर सकते हैं।

परिणाम जारी होने की अनुमानित तारीख और समय

ज्यादा जानकारी के लिए नीचे दी गई टेबल देखें:

इवेंट डिटेल्स

अनुमानित तारीख : अगस्त 2026 के बीच से आखिर तक

अनुमानित समय : घोषणा की जाएगी

आधिकारिक वेबसाइट : cbse.gov.in

आधिकारिक घोषणा : सीबीएसई रिजल्ट की तारीख पहले से घोषित नहीं करता है। रिजल्ट का लिंक सीधे पोर्टल पर एक्टिवेट किया जा सकता है।

सीबीएसई कक्षा 10 कंपार्टमेंट रिजल्ट 2026 कैसे चेक करें?

छात्र अपने रोल नंबर और अपने एडमिट कार्ड पर दी गई दूसरी जानकारी का इस्तेमाल करके सीबीएसई कक्षा 10 रिजल्ट 2026 ऑनलाइन चेक कर सकते हैं। नीचे दिए गए स्टेप्स को फॉलो करें।

  • ऑफिशियल सीबीएसई रिजल्ट्स पोर्टल या सीबीएसई ऑफिशियल वेबसाइट पर जाएं।
  • कक्षा 10 कंपार्टमेंट या दूसरे बोर्ड एग्जाम रिजल्ट के लिए लिंक पर क्लिक करें।
  • अपना रोल नंबर, स्कूल नंबर और एडमिट कार्ड ID टाइप करें।
  • अपनी डिजिटल मार्कशीट देखने और सेव करने के लिए सबमिट पर क्लिक करें।

सीबीएसई क्लास 10 रिजल्ट 2026 चेक करने के दूसरे तरीके

सीबीएसई कक्षा 10th रिजल्ट के दिन, कैंडिडेट्स को ज्यादा ट्रैफिक के कारण ऑफिशियल वेबसाइट एक्सेस करने में दिक्कत हो सकती है। ऐसे में, ऑफिशियल रिजल्ट नीचे दिए गए तरीकों से चेक करें

डिजिलॉकर (results.digilocker.gov.in)

UMANG ऐप

सीबीएसई कक्षा 10 रिजल्ट 2026 पर दी गई डिटेल्स

ऑनलाइन जारी की गई सीबीएसई कक्षा 10 मार्कशीट में उम्मीदवारों के विषयवार मार्क्स के साथ क्वालिफाइंग स्टेटस पास या फेल दिखेगा। मार्कशीट पर प्रिंटेड नीचे दी गई डिटेल्स चेक करें।

  • स्टूडेंट का नाम
  • रोल नंबर
  • जन्म तिथि
  • स्कूल का नाम और कोड
  • सब्जेक्ट के हिसाब से मिले मार्क्स
  • मिले ग्रेड
  • रिजल्ट स्टेटस (पास/कम्पार्टमेंट)
  • CGPA/परसेंटेज
  • इंटरनल असेसमेंट मार्क्स

Bihar Board Class 10 Compartment: बिहार बोर्ड ने 10वीं कक्षा का कंपार्टमेंट की मार्कशीट जारी, छात्रों को स्कूल से मिलेंगे स्कोरकार्ड

BMW X1 LWB launched at Rs 49.90 lakh

BMW X1 LWB launched at Rs 49.90 lakh
BMW iX1 LWB India price

BMW has launched the long wheelbase X1 in India at a price of Rs 49.90 lakh (ex-showroom). This adds to the regular, short wheelbase X1 lineup that continues to be on sale with both petrol and diesel engines. The X1 LWB, however, is solely available with a petrol engine and comes with the M Sport styling package as standard. For reference, the standard wheelbase X1 petrol is priced at Rs 50.90 lakh, which means the X1 LWB is Rs 1 lakh more affordable than the latter. 

  1. X1 LWB solely available with a 156hp, 1.5-litre petrol engine 
  2. Gets a 108mm longer wheelbase than the regular X1 
  3. Comes with improved rear seating and revised suspension tuning 

Here’s a look at the prices of the BMW X1 range in India:

ModelPrice (ex-showroom)
X1 LWB sDrive 18LiRs 49.90 lakh 
X1 sDrive 18iRs 50.90 lakh 
iX1 eDrive LWB 20L Rs 52.70 lakh 

The new LWB model is now the most affordable variant in X1 lineup. 

BMW X1 LWB exterior and interior details 

The biggest update on the X1 LWB compared to the standard X1 is that it is dimensionally larger than the latter. It is 116mm longer overall, with 108mm of that added length at the wheelbase alone. Elsewhere, it gets the same peeled-back headlamps, the same M Sport styling pack with sporty-looking bumpers and the same edgy tail-lights. Even the 18-inch alloys have been carried over from the short wheelbase model. The only little distinguishing element is a chrome surround for the large windows, which on the the standard X1 gets a blacked-out finish. A shadow package, however, is available as an optional extra. The X1 LWB is available in four colors – Night Dusk Blue, Skyscraper Grey, Carbon Black and Mineral White. 

The wheelbase is longer by 108mm compared to the regular X1. 

On the inside, apart from the obvious additional legroom for the rear seat passengers, the X1 LWB also gets a redone rear seat. There’s enhanced cushioning, while a 15mm longer seat base adds a bit more by way of thigh support. You also have the option to recline the backrest by a couple of degrees.

Up front, the X1 LWB is no different from the standard-wheelbase X1. The dashboard gets a 10.25-inch digital instrument cluster and a 10.7-inch touchscreen, asymmetric AC vents and also an upright wireless phone charging pad at the base of the dash. There’s also a floating centre console, which houses a few key buttons, such as for the gear selector, volume control and driving modes. 

Dashboard remains unchanged from the regular X1. 

You also get features like a adaptive LED headlamps, panoramic sunroof, 360-degree camera, powered front seat and a 12-speaker Harman Kardon sound system. It, however, misses out on ventilation and massage functions for the front seats, as well as dedicated climate zone for the rear passengers. The safety kit includes 8 airbags, ABS, ESC and Isofix child-seat mounts, among other features. The X1 LWB also packs a few ADAS functions such as auto emergency braking and lane departure warning and assist. Adaptive cruise control, however, is missing.

BMW X1 LWB powertrain and specs 

Under the hood, the X1 LWB just gets a sole engine option – a 1.5-litre 3-cylinder direct-injection turbo-petrol engine developing 156hp (up by 20hp over the X1) and 230Nm. This is routed to the front wheels via a 7-speed dual-clutch automatic, and in our testing, the X1 LWB achieved a 0-100kph time of 9.58 seconds. Unlike the standard X1, the LWB will not be offered with a diesel engine. BMW has also tweaked the X1 LWB’s suspension to deliver better ride comfort.

The X1, uniquely, is the only long-wheelbase model in its segment where it sees competition from the likes of the Mercedes-Benz GLA, Audi Q3 and Mini Countryman C. For reference, the standard wheelbase X1 is priced at Rs 50.90 lakh (ex-showroom). 

जिन्ना की बीमारी छिपाने वाले डॉक्टरों को पाकिस्तान सम्मान देगा:मुंबई के दो डॉक्टरों ने 1946 में बताया था- जिन्ना को गंभीर टीबी

पाकिस्तान अपने संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना की गंभीर बीमारी की जानकारी गुप्त रखने वाले मुंबई के दो डॉक्टरों को देश के बड़े नागरिक सम्मानों में से एक निशान-ए-इम्तियाज देगा। दोनों डॉक्टरों ने 1946 में जिन्ना के एक्स-रे की जांच कर उन्हें गंभीर टीबी होने की जानकारी दी थी। पाकिस्तान के योजना मंत्री और अवॉर्ड्स कमेटी के अध्यक्ष अहसन इकबाल ने सोशल मीडिया पर बताया कि दोनों डॉक्टरों को सम्मान दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों ने जिन्ना की बीमारी की बात किसी को नहीं बताई और उस समय ‘चुपचाप लेकिन बहुत बड़ी जिम्मेदारी निभाई।’ खबर अपडेट हो रही है…

NEET छात्रों पर पेलेट गन के इस्तेमाल पर राहुल गांधी सख्त, FIR दर्ज कराने के लिए पुलिस थाने में धरने पर बैठे

NEET छात्रों पर पेलेट गन के इस्तेमाल पर राहुल गांधी सख्त, FIR दर्ज कराने के लिए पुलिस थाने में धरने पर बैठे

Rahul Gandhi Dharana: संसद मार्च के दौरान प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज और पेलेट गन के इस्तेमाल को लेकर केंद्र सरकार और विपक्ष के बीच घमासान तेज हो गया है। इसी कड़ी में कांग्रेस नेता राहुल गांधी पीड़ित छात्र साहिल लोचव को न्याय दिलाने के लिए खुद संसद मार्ग थाने पहुंचे। जब पुलिस ने पीड़ित की एफआईआर (FIR) दर्ज करने से इनकार कर दिया, तो राहुल गांधी अपने वकील और कांग्रेस नेताओं के साथ थाने के भीतर ही धरने पर बैठ गए।

FIR पर अड़े राहुल गांधी

जानकारी के मुताबिक, हरियाणा के रहने वाले पीड़ित छात्र साहिल लोचव 14 अगस्त को वकीलों के साथ पुलिस शिकायत दर्ज कराने गए थे, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद साहिल ने राहुल गांधी से संपर्क किया। साहिल पहले भी राहुल गांधी के साथ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पेलेट गन से लगे अपने जख्म मीडिया को दिखा चुके हैं। ALSO READ: UGC-NET रद्द होने पर राहुल गांधी का NTA पर हमला, बोले- गलती एजेंसी की, सजा छात्रों को क्यों?

 

मामले की गंभीरता को देखते हुए राहुल गांधी खुद साहिल और उनके परिवार के साथ थाने पहुंचे। उन्होंने जॉइंट सीपी नूपुर सिंह और डीसीपी से मुलाकात कर तत्काल केस दर्ज करने को कहा। केस दर्ज न होने पर राहुल गांधी थाने में ही धरने पर बैठ गए और स्पष्ट किया कि जब तक एफआईआर दर्ज नहीं होती, वह वहां से नहीं हटेंगे। बताया जा रहा है कि राहुल गांधी इस मामले में मीडिया से भी बात कर सकते हैं। 

क्या कहा कांग्रेस ने?

कांग्रेस ने अपने एक्स हैंडल पर लिखा- अमित शाह ने देश के बच्चों पर पैलेट गन के इस्तेमाल का आदेश दिया, जिसमें साहिल की आंख में पैलेट लगने से गंभीर चोट आई। साहिल और उसकी मां FIR दर्ज कराने की मांग को लेकर पुलिस के पास जाते रहे, लेकिन पुलिस इसे नज़रअंदाज़ करती रही। ALSO READ: पीएम रात में नहीं सोते, अमित शाह संसद से भाग गए…राहुल गांधी ने दिखाए तेवर, कहा- हम इनको पागल कर देंगे!

 

इसलिए, आज विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने साहिल और उसकी मां के साथ पुलिस अधिकारियों से मुलाकात की और जांच के बारे में जानकारी मांगी। साहिल की शिकायत पर कोई 'इन्वेस्टिगेशन नंबर' भी नहीं दिया गया है, जिसके बिना FIR दर्ज की जा सकती है।  AIIMS की ओर से साहिल की MLC (मेडिको-लीगल केस) रिपोर्ट भी नहीं दी गई है, जिसे शिकायत और FIR के साथ जोड़ा जा सकता था। यह सरासर अन्याय है।  अमित शाह और दिल्ली पुलिस, कान खोलकर सुन लें—यह तानाशाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। छात्रों को न्याय दिलाने के लिए हम पूरी ताक़त से लड़ते रहेंगे।

सुप्रीम कोर्ट ने गठित की उच्च स्तरीय जांच समिति

दूसरी ओर, इस पूरे मामले पर संज्ञान लेते हुए सुप्रीम कोर्ट ने पांच सदस्यीय उच्च-स्तरीय जांच समिति (HPEC) का गठन किया है। यह समिति 20 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर और देश के अन्य हिस्सों में छात्र प्रदर्शनकारियों पर हुई पुलिस कार्रवाई के आरोपों की जांच करेगी। इस जांच समिति में पूर्व जस्टिस आर. सुभाष रेड्डी, पूर्व जस्टिस रवि शंकर झा (पूर्व मुख्य न्यायाधीश, पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट), पूर्व जस्टिस शालिंदर कौर (पूर्व न्यायाधीश, दिल्ली उच्च न्यायालय), ऋषि कुमार शुक्ला (पूर्व निदेशक, सीबीआई), एलआर बिश्नोई (पूर्व डीजीपी, मेघालय) शामिल हैं।