चीनी की बढ़ती कीमतों पर बोले मंत्री श्रवण कुमार, कहा- ‘मिठाई कौन खाता है, आजकल तो सबको डायबिटीज है’

चीनी की बढ़ती कीमतों पर बोले मंत्री श्रवण कुमार, कहा- ‘मिठाई कौन खाता है, आजकल तो सबको डायबिटीज है’

sugar rates increasing in india

बिहार सरकार के मंत्री और जेडीयू नेता श्रवण कुमार ने चीनी की बढ़ती कीमतों को लेकर ऐसा बयान दिया, जिस पर अब चर्चा हो रही है। चीनी के दाम बढ़ने से आम लोगों पर पड़ने वाले असर के सवाल पर मंत्री ने कहा कि इससे ज्यादा चिंता करने की जरूरत नहीं है, क्योंकि आजकल लोग वैसे भी कम चीनी का सेवन कर रहे हैं। ALSO READ: क्या भारत में और महंगी होने वाली है चीनी और क्यों करना पड़ रहा है आयात?

 

क्या बोले श्रवण कुमार

श्रवण कुमार ने कहा कि आजकल लोग कई तरह की बीमारियों से परेशान हैं और बड़ी संख्या में लोग डायबिटीज से जूझ रहे हैं। ऐसे में लोग मिठाई और चीनी का इस्तेमाल पहले की तुलना में कम कर रहे हैं। उनका कहना था कि चीनी के दाम बढ़ने से लोगों पर बहुत ज्यादा असर नहीं पड़ेगा।

 

मंत्री ने अपनी बात रखते हुए कहा कि आजकल लोग मिठाई खाने से भी परहेज करते हैं। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि ‘मिठाई कौन खाता है आजकल’, क्योंकि लोगों को डायबिटीज की बीमारी हो रही है।

 

मंत्री ने अपने बयान में यह भी संकेत दिया कि बदलती जीवनशैली और स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं के कारण चीनी की खपत में कमी आई है। हालांकि, चीनी की कीमतों में बढ़ोतरी का असर सिर्फ सीधे तौर पर चीनी खरीदने वालों पर ही नहीं, बल्कि मिठाई, पेय पदार्थ और अन्य खाद्य उत्पादों की कीमतों पर भी पड़ सकता है।

बहरहाल श्रवण कुमार के इस बयान के बाद चीनी की कीमतों का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है। सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में मंत्री की टिप्पणी को लेकर लोग अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। खास तौर पर बढ़ती महंगाई के बीच चीनी की कीमतों को लेकर दिए गए इस बयान पर कई लोग चुटकी लेते नजर आ रहे हैं।

70 रुपए किलो है दाम

गौरतलब है कि इन चीनी के दाम आसमान पर है। पिछले 15 दिनों में इसकी कीमतों में 20 रुपए प्रति किलो का इजाफा हुआ है। रिटेल में चीनी 70 रुपए प्रति किलो मिल रही है। सरकार ने बढ़ती किमतों पर लगाम लगाने के लिए इस पर आयात शुल्क नहीं लगाने का फैसला किया है। साथ ही इसका स्टॉक रखने पर भी पाबंदी लगाई है। ALSO READ: Sugar Price : चीनी के दाम क्यों बढ़ रहे हैं? 15 दिन में 20 रुपए महंगी हुई, सरकार ने उठाया बड़ा कदम, जानें आपके लिए क्या बदलेगा

Sainik School Vacancy 2026: संबलपुर सैनिक स्कूल में टीचिंग-नॉन टीचिंग स्टाफ की भर्ती का नोटिफिकेशन जारी, आधिकारिक वेबसाइट पर देखें जानकारी

Sainik School Vacancy 2026: टीचिंग क्षेत्र में सरकारी नौकरी करने की इच्छा है, तो संबलपुर सैनिक स्कूल में आपके लिए अच्छा मौका हो सकता है। यहां टीचिंग और नॉन टीचिंग पदों पर भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी किया गया है। इस भर्ती प्रक्रिया के जरिए पीजीटी, टीजीटी टीचर के साथ मैट्रन, आर्ट मास्टर, लैब असिस्टेंट और क्लर्क की नियुक्ति की जाएगी। संबलपुर सैनिक स्कूल में घोषित इन पदों पर नियमित और संविदा के आधार पर भर्तियां होंगी। स्कूल ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट sainikschoolsambalpur.edu.in पर इससे संबंधित विज्ञापन जारी किया है। खास बात यह है कि इन पदों के लिए 10वीं और 12वीं पास उम्मीदवार भी आवेदन कर सकते हैं।

संबलपुर सैनिक स्कूल में इस भर्ती के लिए आवेदन शुरू हो गए हैं। फॉर्म ऑफलाइन भरकर स्कूल को स्पीड पोस्ट/रजिस्टर पोस्ट के माध्यम से पहुंचाना होगा। आवेदन पत्र भेजने की अंतिम तिथि 7 सितंबर 2026 तय की गई है। इस तारीख के बाद पहुंचे आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे और इनके लिए स्कूल की कोई जिम्मेदारी नहीं होगी। उम्मीदवार किसी भी सवाल के लिए स्कूल के नंबर 9692200674 पर संपर्क कर सकते हैं।

संबलपुर सैनिक स्कूल में आवेदन के इच्छुक जनरल/ओबीसी उम्मीदवारों को ₹500 आवेदन शुल्क भरना होगा। वहीं, एससी/एसटी कैंडिडेट्स को ₹250 फीस का भुगतान करना होगा। यह फीस प्रिंसिपल सैनिक स्कूल संबलपुर के अकाउंट में भरनी होगी। इसके बाद अपना फॉर्म, जरूरी डॉक्यूमेंट्स, एप्लिकेशन फीस रिसिप्ट को स्कूल के पते पर भेज दें। एड्रेस है- ‘प्रिंसिपल, सैनिक स्कूल संबलपुर, पीओ- बसंतपुर, पीएस-बुर्ला, वाया सीएस चिपलिमा, गौशाला के पास, जिला संबलपुर, ओडिशा-768025’

संबलपुर सैनिक स्कूल भर्ती 2026 : चयन प्रक्रिया

इस भर्ती में उम्मीदवारों का चयन लिखित परीक्षा, स्किल/प्रैक्टिस टेस्ट और इंटरव्यू में प्रदर्शन के आधार पर किया जाएगा। सभी कॉन्ट्रेक्चुअल पोस्ट के लिए भी तीन चरणों की चयन प्रक्रिया रखी गई है। इंटरव्यू/लिखित परीक्षा आदि की तारीख स्कूल की वेबसाइट पर सितंबर के दूसरे सप्ताह में अपलोड कर दी जाएंगी। इसी शेड्यूल के मुताबिक उम्मीदवारों को इन सभी में शामिल होना होगा।

सैलरी कितनी मिलेगी?

टीचिंग और नॉन टीचिंग सभी पोस्ट के लिए सैलरी का पे-लेवल भी अलग-अलग रखा गया है।

पीजीटी टीचर : पे लेवल-08, 7वें वेतन आयोग के आधार पर ₹47600-₹151100 प्रति माह तक वेतन मिलेगा। इसके अलावा डीए और अन्य भत्ते भी देय होंगे।

टीजीटी टीचर : पे लेवल-07, 7वें वेतन आयोग के आधार पर ₹44,900-₹1,42,400 तक मंथली सैलरी मिलेगी। अन्य भत्ते भी दिए जाएंगे।

पीईएम/पीटीआई कम मैट्रन : 40,000/- प्रति माह

आर्ट मास्टर : ₹70,500/- प्रति माह

लैब असिस्टेंट : ₹30,000/- प्रति माह

लोअर डिवीजन क्लर्क (LDC): ₹30,000/- प्रति माह

UPSC EPFO APFC Recruitment 2026: ईपीएफओ एपीएफसी भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी, जानें योग्यता और आवेदन की लास्ट डेट

इंदौर के होटल सयाजी में खाद्य विभाग का छापा, नहीं मिला फाइव स्टार FSSAI लाइसेंस, किचन में कॉकरोच और चूहे भी

इंदौर के होटल सयाजी में खाद्य विभाग का छापा, नहीं मिला फाइव स्टार FSSAI लाइसेंस, किचन में कॉकरोच और चूहे भी

Sayaji

इंदौर के सयाजी होटल पर खाद्य विभाग ने छापामार कार्रवाई की। इस कार्रवाई में जांच के दौरान फूड स्टोरेज में चूहे और किचन व फूड प्रिपरेशन एरिया में कॉकरोच मिले। इतना ही नहीं, करीब 66 किलो नॉनवेज बिना उचित पैकिंग और लेबलिंग के रखी मिली पाई गई। हैरान करने वाली बात तो यह है कि होटल के पास सेंट्रल FSSAI फाइव स्टार लाइसेंस भी नहीं है। ये अनियमितता गुरुवार को हुई कार्रवाई के दौरान सामने आई है। खाद्य विभाग की टीम ने करीब पांच घंटे होटल के किचन का निरीक्षण किया।

खाद्य अधिकारी मनीष स्वामी ने बताया कि टीम को जांच के दौरान फूड स्टोरेज में चूहे दिखाई दिए और पैलेट के नीचे भी उनकी मौजूदगी के संकेत मिले। किचन और फूड प्रिपरेशन प्लेटफॉर्म पर कॉकरोच एवं चूहों द्वारा फैलाई गई गंदगी मिली। ड्राय स्टोरेज की दीवार और फर्श में दरारें थीं। गीले और सूखे कचरे के लिए अलग-अलग व्यवस्था नहीं थी। पीने के पानी के बर्तनों के पास रखे डस्टबिन में भी दोनों तरह का कचरा एक साथ मिला।

इंदौर के सयाजी होटल में खाद्य सुरक्षा विभाग के निरीक्षण के दौरान करीब 66 किलो नॉनवेज खाद्य सामग्री बिना पैकिंग डेट के मिली। इसके अलावा खाद्य सामग्री के गलत तरीके से स्टोरेज, तापमान मेंटेन न करने, किचन में कॉकरोच और चूहों की मौजूदगी, सड़ी खाद्य सामग्री, फंगस और बिना लेबल वाले उत्पाद जैसी कई अनियमितताएं सामने आईं। कुल मिलाकर खाद्य सामग्री के रखरखाव और स्वच्छता को लेकर भी कई खामियां सामने आईं।

वेज और नॉनवेज एक साथ स्‍टोर : निरीक्षण के दौरान पाया गया कि होटल में खाद्य सामग्री का निर्धारित तापमान मेंटेन नहीं किया जा रहा था। वेज और नॉनवेज खाद्य सामग्री को एक ही कोल्ड स्टोरेज में रखा गया था। सी-फूड, चिकन और मटन को भी एक साथ स्टोर किया गया था। उबले हुए आलू पर एक्सपायरी डेट की टैगिंग मिली, जबकि कुछ टेट्रापैक लीक मिले, जिससे खाद्य सामग्री के दूषित होने की आशंका जताई गई। टीम को पैक्ड कुल्फी भी मिली, जिस पर मैन्युफैक्चरिंग डेट, एक्सपायरी डेट और बैच नंबर दर्ज नहीं था। वहीं, स्टोर में फ्रोजन डेजर्ट रखा मिला, जबकि होटल के मेन्यू में उसे आइसक्रीम के रूप में दर्शाया गया था। कई खाद्य उत्पाद बिना लेबल के भी पाए गए।

किचन में भी खामियां : स्वच्छता व्यवस्था की जांच के दौरान ड्राई स्टोरेज और नॉनवेज स्टोरेज में जंग लगी सामग्री मिली। फूड प्रिपरेशन प्लेटफॉर्म पर भी जंग और रस्ट पाया गया। किचन और स्टोरेज एरिया में कॉकरोच और चूहों की लीद मिलने के साथ ही चूहे भी पाए गए। ड्राई स्टोरेज की दीवार और फर्श में दरारें मिलीं। स्टोर में सड़े हुए टमाटर और आलू तथा मूंगफली में फंगस भी पाया गया। जांच में यह भी सामने आया कि कई खाद्य सामग्री दीवार से सटाकर और बड़ी मात्रा में सामग्री बिना पैलेट के सीधे जमीन पर रखी गई थी। पैलेट के नीचे गंदगी मिली। ग्रेवी को रूम टेम्परेचर पर स्टोर किया गया था। डस्टबिन में गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग रखने की व्यवस्था भी नहीं मिली।

RBI के अनुमान को भी पीछे छोड़ सकती है भारत की GDP ग्रोथ, डिप्टी गवर्नर पूनम गुप्ता ने दिए ये बड़े संकेत

आरबीआई की डिप्टी गवर्नर पूनम गुप्ता ने गुरुवार को कहा कि मार्च में खत्म होने वाले फाइनेंशियल ईयर में भारत की ग्रोथ रेट 7% के करीब रह सकती है,जो सेंट्रल बैंक के 6.7% के अनुमान से बेहतर है। इस रफ्तार के साथ भारत दुनिया की सबसे तेजी से ग्रोथ करने वाली बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल रहेगा। फाइनेंशियल एक्सप्रेस में आई अखबार के आधार पर ब्लूमबर्ग ने बताया कि चेन्नई में मद्रास स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स में एक कार्यक्रम में बोलते हुए पूनम गुप्ता ने कहा कि उनका यह अनुमान अप्रैल-जून तिमाही के मजबूत रहने की उम्मीदों पर आधारित है। इस अवधि के आधिकारिक आंकड़े इस महीने के आखिर में आने वाले हैं। अर्थशास्त्रियों का अनुमान आम तौर पर 6.9% से 8% के बीच है। इसका मतलब है कि पूरे साल की ग्रोथ रेट काफी ज़्यादा,यानी 7% के करीब रह सकती है।

तमाम चुनौतियों के बावजूद कायम रही रफ्तार

इकोनॉमी की तेज रफ्तार से पता चलता है कि कमजोर मॉनसून और एनर्जी की बढ़ी लागत जैसे झटकों के बावजूद अर्थव्यवस्था में मजबूती बनी हुई है। इससे यह भी पता चलता है कि गुप्ता का रुख हाल ही में काफी सख्त क्यों हो गया है। इस हफ्ते जारी RBI की अगस्त पॉलिसी मीटिंग के मिनट्स से पता चला कि गुप्ता ने इस साल के आखिर में ब्याज दरें बढ़ाने की संभावना जताई थी।

पूनम गुप्ता ने कहा “इन झटकों के बावजूद,आगे के लिए मैं कहूंगी कि 7.5% ग्रोथ तो तय है और हमें इससे बेहतर करने की कोशिश करनी चाहिए।”

बाहरी खातों को लेकर भी जताया भरोसा 

पूनम गुप्ता ने भारत के बाहरी खातों (external accounts) को लेकर भी भरोसा जताया और कहा कि आगे स्थिति काफी बेहतर होगी। अर्थशास्त्रियों को उम्मीद है कि पहले घाटे के अनुमान के बावजूद,इस फाइनेंशियल ईयर में देश का बैलेंस ऑफ पेमेंट पॉजिटिव हो जाएगा। इसकी मुख्य वजह विदेशी मुद्रा में गिरावट को रोकने के उपायों के बाद 80 अरब डॉलर तक विदेशी फंड आने की उम्मीद है। इन उपायों में विदेशी मुद्रा डिपॉजिट को आकर्षित करने के लिए खास इंसेंटिव भी शामिल हैं।

भारत को एक विकसित देश बनाने के लिए 8% से ज्यादा की ग्रोथ रेट की जरूरत 

पूनम गुप्ता का यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारतीय अधिकारी देश की अर्थव्यवस्था को लेकर ज्यादा उम्मीदें जता रहे हैं,क्योंकि ईरान युद्ध के चलते जितने बुरे हालात का डर था,वे सच साबित नहीं हुए। मजबूत ग्रोथ को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले हफ्ते 2047 तक भारत को एक विकसित देश बनाने के अपने लक्ष्य को फिर से दोहराया। अर्थशास्त्रियों का कहना है कि इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए हमें कम से कम दो दशकों तक लगातार 8% से ज्यादा की ग्रोथ रेट की जरूरत हो सकती है।

 

 

Monetary Policy : अगर महंगाई ऊंचे स्तर पर रही तो RBI ब्याज दरों में कर सकता है बढ़ोतरी – MPC मेंबर

कटनी CSP नेहा पच्चीसिया पर गिरी गाज, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दिए तत्काल निलंबन के निर्देश

कटनी CSP नेहा पच्चीसिया पर गिरी गाज, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दिए तत्काल निलंबन के निर्देश

भोपाल। जमीन खरीद विवाद में फंसी कटनी की सीएसपी नेहा पच्चीसिया के खिलाफ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बड़ा एक्शन लिया है। मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को संबंधित सीएसपी के विरुद्ध तत्काल निलंबन की कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने की बात कही है।

 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के माध्यम से कहा कि कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही, दबाव अथवा पद के दुरुपयोग को कतई स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि शासन कानून व्यवस्था के मामले में पूरी गंभीरता और पारदर्शिता के साथ कार्रवाई करेगा।

 

दरअसल, कटनी की सीएसपी नेहा पच्चीसिया का नाम एक जमीन से जुड़े विवाद में सामने आया है। आरोप है कि एक करोड़ रुपये से अधिक कीमत की जमीन को दबाव बनाकर करीब 18 लाख रुपये में खरीदा गया। मामले को लेकर शिकायत के बाद पुलिस ने एफआईआर भी दर्ज की है।

प्रकरण सामने आने के बाद पुलिस अधिकारी की भूमिका को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद संबंधित अधिकारी के खिलाफ निलंबन की प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है। सरकार की ओर से यह संदेश भी दिया गया है कि कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों में किसी भी अधिकारी या कर्मचारी द्वारा पद का प्रभाव इस्तेमाल करने अथवा नियमों की अनदेखी करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी, ताकि वास्तविक तथ्यों का पता लगाया जा सके। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। सरकार के इस रुख के बाद कटनी जमीन विवाद का मामला प्रदेश स्तर पर चर्चा में आ गया है। अब जांच की रिपोर्ट और आगे होने वाली कार्रवाई पर सभी की नजरें रहेंगी।

 

Kanpur News: थार नहीं मिली तो विवाहिता का ‘काम तमाम’ करने की साजिश! पति समेत पांच पर मुकदमा

Kanpur Dowry Case: कानपुर के कल्याणपुर में रहने वाली विवाहिता की मां ने ससुरालियों पर थार गाड़ी और 100 वर्ग गज के प्लाट की मांग को लेकर बेटी को प्रताड़ित करने, गला दबाकर हत्या की कोशिश करने और जान से मारने की साजिश रचने का आरोप लगाया है। तहरीर के आधार पर कल्याणपुर पुलिस ने पति समेत पांच ससुरालियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

Ultraviolette launches riding academy open to electric and ICE motorcycle riders

Ultraviolette launches riding academy open to electric and ICE motorcycle riders
Ultraviolette launches riding academy open to electric and ICE motorcycle riders

Ultraviolette has launched a structured rider training academy in India, bringing its existing Track Attack and Into the Wild programmes under one platform. The academy will offer separate track and off-road training programmes, with three progressive certification levels for riders using either electric or ICE motorcycles.

  1. Track Attack focuses on circuit and performance riding
  2. Into the Wild offers structured off-road training
  3. Riders can participate on electric or ICE motorcycles

Ultraviolette academy gets three-level certification

Training is open to all motorcycle riders

The academy builds on Ultraviolette’s existing Track Attack and Into the Wild programmes, originally developed around the F77 and X-47. While those programmes are associated with Ultraviolette motorcycles, the new academy is not limited to owners of Ultraviolette bikes.

The company says riders using either electric or internal-combustion-engine (ICE) motorcycles can participate. Ultraviolette is providing the training and certification; it is not introducing or supplying ICE motorcycles as part of the academy.

Both programmes will follow a three-level structure, with riders required to successfully complete an assessment before progressing to the next level. The courses will combine classroom instruction with practical sessions at controlled racetracks and off-road training locations.

Level 1 will cover fundamental riding techniques, motorcycle control and safety. Level 2 will introduce greater technical complexity, while Level 3 will focus on advanced techniques and higher-intensity riding specific to either track or off-road environments.

Track Attack is the track-focused programme and will cover racing lines, braking points, corner entry and exit, throttle control, body positioning, acceleration, track positioning and overtaking awareness. Riders will also be taught track etiquette, flag protocols, protective equipment, motorcycle checks and circuit awareness.

Into the Wild, meanwhile, focuses on motorcycle control across loose and uneven terrain. Its curriculum includes body positioning, balance, throttle and brake control, off-road cornering, terrain assessment, obstacle navigation, motorcycle recovery and responsible trail riding.

The two programmes remain separate, with Track Attack concentrating on circuit riding and Into the Wild on off-road riding, but both use the same Level 1-to-Level 3 training and certification framework.

First Into the Wild session on August 23

Ultraviolette plans to run the programmes throughout the year across a growing network of racetracks and off-road locations in India. The first Level 1 Into the Wild session is scheduled for Bengaluru on August 23, 2026, followed by a Track Attack session on September 27.

The company says the academy is intended to progressively develop motorcycle control, technical ability, safety awareness and riding judgement, rather than simply provide a one-off riding experience.

Ultraviolette claims this makes it the first electric two-wheeler manufacturer globally to launch a structured riding academy offering both track and off-road training and certification. The claim has not been independently verified.

चाइनामैन स्पिनर कुलदीप यादव हो सकते हैं कोलंबो टेस्ट से बाहर

पिछले साल कुलदीप यादव इंग्लैंड के दौरे पर पांचो मैच में बैंच पर बैठे थे इसके बाद उनको वेस्टइंडीज के खिलाफ मौका मिना जो उन्होंने भुनाया। घरेलू जमीन पर दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ भी उनका प्रदर्शन औसत से ऊपर ही था। लेकिन करीब एक साल बाद लाल गेंद की क्रिकेट में उनकी वापसी वैसी नहीं हुई है जैसे कि होनी चाहिए थी। इस कारण उनका 23 अगस्त से शुरु हो रहे कोलंबो टेस्ट से ड्रॉप होना लगभग तय है।

गॉल स्टेडियम में पांचवें दिन की पिच स्पिन गेंदबाजी के लिए अच्छी थी और कुलदीप यादव इसका फायदा उठा सकते थे। लेकिन उन्होंने 11 ओवर में 38 रन देकर एक भी विकेट नहीं लिया।इससे साफ दिखा कि भारतीय कप्तान शुभमन गिल की नजर में कुलदीप तीसरे स्पिन गेंदबाज थे। उनसे पहले रविंद्र जडेजा और मानव सुथार ने गेंदबाजी की। दोनों ने मिलकर 46.4 ओवर किए और 14 विकेट लिए।

कुलदीप के खराब प्रदर्शन के लिए कप्तान या टीम प्रबंधन को दोष देना आसान है कि उन्होंने इस गेंदबाज पर पर्याप्त भरोसा नहीं दिखाया। कुलदीप को मिले 11 ओवरों में भी वह ऐसा प्रदर्शन नहीं कर पाए जिससे उन्हें ज्यादा गेंदबाजी दी जाती।पहली पारी में भी कुलदीप को अपना एकमात्र विकेट कमिंदु मेंडिस का मिला जिसमें शुभमन गिल के शानदार कैच का बड़ा योगदान था।

श्रीलंका के खिलाफ खेले गए अभ्यास मैच में भी वह बेअसर ही थे। उन्होंने पहली पारी में श्रीलंका एकादश के खिलाफ 18 ओवर में 76 रन देकर सिर्फ 2 विकेट ही लिए थे। उनके इस प्रदर्शन से कप्तान केएल राहुल ने उनको दूसरी पारी के लिए गेंद ही नहीं थमाई। हालांकि इसकी आलोचना हुई लेकिन राहुल अपनी जगह पर सही भी थे।

क्यों नहीं मिल रहे कुलदीप को विकेट

एक विचार यह भी है कि कुलदीप को हवा में गेंद की गति थोड़ी तेज रखनी चाहिए, ताकि पिच से उन्हें अधिक मदद मिल सके। वह आम तौर पर 82-85 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गेंदबाजी करते हैं और कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तर प्रदेश के इस गेंदबाज को ‘स्पीडोमीटर’ पर कुछ पायदान ऊपर जाते हुए 90 किमी प्रति घंटे के आसपास पहुंचना चाहिए।

9 साल में कुलदीप ने खेले हैं सिर्फ 19 टेस्ट मैच

कुलदीप के लिए यह चिंता की बात इस कारण भी है क्योंकि बीते 9 सालों में वह सिर्फ 19 टेस्ट खेल पाए हैं। कुलदीप ने 2017 में धर्मशाला पर पदार्पण किया था। उन्होंने यही पर 2024 में इंग्लैंड के खिलाफ पांचवें और अंतिम टेस्ट के पहले दिन कुलदीप ने शीर्ष क्रम के पांच खिलाड़ियों को आउट किया और मैन ऑफ द मैच का पुरुस्कार पाया। कुलदीप ने इस श्रृंखला में 19 विकेट झटके।यह ही एकमात्र ऐसी सीरीज रही जिसमें उन्होंने 4 मैच लगातार खेले। बीते कुछ वर्षों में टेस्ट में मौके कम मिले थे, फिर उनकी फॉर्म में गिरावट आयी और घुटने की सर्जरी भी हुई। इसके बाद कुलदीप ने फॉर्म में आने के लिए कुछ तकनीकी बदलाव भी किया।

SBI Cards के शेयर में आएगी 34% तक गिरावट! बर्नस्टीन ने घटाया टारगेट प्राइस

SBI कार्ड्स एंड पेमेंट सर्विसेज लिमिटेड के शेयरों में 21 अगस्त को गिरावट है। दिन में शेयर की कीमत बीएसई पर पिछले बंद भाव से 1.4 प्रतिशत तक टूटकर 637 रुपये के लो तक गई। दरअसल ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म बर्नस्टीन ने शेयर के लिए प्राइस टारगेट 610 रुपये से घटाकर 430 रुपये प्रति शेयर कर दिया है। हालांकि ‘अंडरपरफॉर्म’ रेटिंग को बरकरार रखा है। नया टारगेट शेयर के पिछले क्लोजिंग प्राइस से 33 प्रतिशत कम है।

बर्नस्टीन का कहना है कि रिवॉल्वर्स लेड क्रेडिट कार्ड मॉडल में बड़ा ढांचागत बदलाव हो रहा है, और इस दबाव के कम होने या पलटने के बहुत कम संकेत हैं। इस मॉडल से अर्थ है एक ऐसा कार्ड बिजनेस, जिसमें ग्राहक बिल का कुछ हिस्सा चुकाकर बाकी रकम को आगे बढ़ाते रहते हैं और कंपनी को उस बकाया रकम पर ब्याज से कमाई होती है। चूंकि SBI Cards पूरी तरह से क्रेडिट कार्ड जारी करने वाली कंपनी है, इसलिए उसे इस बदलाव का सबसे ज्यादा असर झेलना पड़ा है।

बर्नस्टीन को अभी भी रिवॉल्वर्स-टू-स्पेंड्स रेश्यो में और गिरावट से नुकसान का जोखिम दिख रहा है। इसके कारण क्रेडिट कॉस्ट में सुधार के बावजूद नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) और कमाई में बढ़ोतरी पर दबाव बना रह सकता है। ब्रोकरेज ने SBI कार्ड्स एंड पेमेंट सर्विसेज के लिए अर्निंग्स-प्रति-शेयर (EPS) अनुमानों को घटा दिया है।

SBI Cards का रिवॉल्वर्स-टू-स्पेंड्स रेश्यो घटकर 2.8 प्रतिशत

SBI कार्ड्स के मामले में रिवॉल्वर्स-टू-स्पेंड्स रेश्यो जून 2026 तिमाही में घटकर 2.8 प्रतिशत रह गया। बर्नस्टीन का कहना है कि इस गिरावट के कारण प्रति यूनिट खर्च पर होने वाले मुनाफे में भारी कमी आई है। अहम बात यह है कि रिवॉल्वर्स में आई गिरावट की भरपाई EMI लोन में बढ़ोतरी से नहीं हो पाई है। हालांकि SBI कार्ड्स ने कम ऑपरेटिंग खर्चों के जरिए कमाई पर पड़ने वाले असर को कुछ हद तक कम किया है, लेकिन बर्नस्टीन का कहना है कि अब इसका असर फीस/नॉन-इंटरेस्ट इनकम-टू-स्पेंड्स रेश्यो पर पड़ने लगा है।

Welspun Corp Share Price: स्टील पाइप मेकर के शेयरों में खरीद की सुनामी, ₹17200 करोड़ के ऑर्डर से 17% उछला

शेयर 6 महीनों में 18 प्रतिशत कमजोर

SBI Cards का मार्केट कैप 61400 करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है। यह BSE 200 इंडेक्स का हिस्सा है। शेयर 6 महीनों में 18 प्रतिशत और साल 2026 में अब तक 25 प्रतिशत नीचे आया है। कंपनी में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 68.86 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। कंपनी का अप्रैल-जून 2026 तिमाही में स्टैंडअलोन बेसिस पर रेवेन्यू 5,040.55 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 664.44 करोड़ रुपये रहा। पूरे वित्त वर्ष 2026 के दौरान स्टैंडअलोन रेवेन्यू 19,899.63 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 2,166.71 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।

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