क्या भारत में और महंगी होने वाली है चीनी और क्यों करना पड़ रहा है आयात?

क्या भारत में और महंगी होने वाली है चीनी और क्यों करना पड़ रहा है आयात?

tax free Sugar Import in India

आगामी त्यौहारी सीजन (गणेश चतुर्थी, दशहरा और दिवाली) से ठीक पहले देश में चीनी की कीमतों को नियंत्रित रखने के लिए भारत सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। Mint की रिपोर्ट के अनुसार, वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के तहत विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) ने 10 लाख मीट्रिक टन (1 Million Tonnes) कच्ची चीनी के शुल्क-मुक्त आयात (Duty-Free Import) की अनुमति दे दी है। ALSO READ: Sugar Price : चीनी के दाम क्यों बढ़ रहे हैं? 15 दिन में 20 रुपए महंगी हुई, सरकार ने उठाया बड़ा कदम, जानें आपके लिए क्या बदलेगा

 

1. आयात करने की नौबत क्यों आई?

गन्ने के उत्पादन और स्टॉक में कमी: मानसून की अनिश्चितता और चीनी सत्र (2025-26) में गन्ने की पैदावार पर असर पड़ने से चीनी मिलों के पास शुरुआती स्टॉक (Opening Stock) कम रहने का अनुमान है।
एथेनॉल निर्माण में इस्तेमाल: गन्ने के रस और सीरे का एक बड़ा हिस्सा पेट्रो-ईंधन में मिलाने वाले एथेनॉल (Ethanol) बनाने में डायवर्ट किया गया, जिससे शुद्ध चीनी उत्पादन में थोड़ी गिरावट आई।
त्यौहारी मांग: अगस्त से नवंबर के बीच मिठाइयों और प्रोसेस्ड फूड की मांग सबसे ज्यादा होती है। बाजार में चीनी की कमी की आशंका से थोक कीमतें बढ़ने लगी थीं।

  

2. निर्यात से आयात का सफर: जिम्मेदार कौन?

भारत यूएई, बांग्लादेश, श्रीलंका और अफगानिस्तान जैसे देशों को चीनी निर्यात कर विदेशी मुद्रा कमाता रहा है। हालांकि, स्थिति अचानक नहीं बदली:

अनुमान में चूक और निर्यात अनुमति: सरकार ने सत्र की शुरुआत में करीब 8 लाख टन से अधिक चीनी के निर्यात की अनुमति दी थी। जब domestic स्टॉक कम होने लगा, तब मई में निर्यात पर पूरी तरह से रोक लगाई गई।

जमाखोरी पर कसता शिकंजा: सरकार ने बड़े खरीदारों (जैसे कोल्ड ड्रिंक्स और कंफेक्शनरी कंपनियों) के लिए चीनी का स्टॉक रखने की सीमा 30 दिन से घटाकर 15 दिन कर दी है ताकि बाजार में कृत्रिम किल्लत न पैदा हो।  

 

3. क्या होगा आम जनता पर असर?

100% कस्टम ड्यूटी हटाने का उद्देश्य यही है कि विदेशों से आने वाली कच्ची चीनी भारत में रिफाइन होकर घरेलू बाजार में सही दामों पर उपलब्ध हो सके। सरकार का लक्ष्य खुदरा बाजार में चीनी की कीमतों को नियंत्रित रखना है, जिससे आम उपभोक्ता को त्यौहारी सीजन में अचानक आई महंगाई का सामना न करना पड़े।

17 पेनल्टी कॉर्नर और एक भी गोल नहीं, रोमांचक रहा भारत-इंग्लैंड का ड्रॉ मैच

Savita Punia

नीदरलैंड के एमस्टेलवीन में खेले गए FIH महिला हॉकी विश्व कप 2026 के पूल डी के अपने आखिरी मैच में, भारतीय टीम ने इंग्लैंड के हमलों को रोकने के लिए ज़बरदस्त बचाव किया और मैच 0-0 से ड्रॉ कराया।हॉकी विश्व कप के दूसरे दौर में जगह पक्की करने के लिए भारत को हार से बचना था। उन्होंने काफ़ी संघर्ष के बाद यह काम कर दिखाया। शुअर्ड मरिने की टीम ने दुनिया की नंबर 4 और ओलंपिक सिल्वर मेडलिस्ट चीन के साथ मैच 2-2 से ड्रॉ कराया था और उसके बाद दक्षिण अफ़्रीका को 6-1 से बुरी तरह हराया था।

दिलचस्प बात यह रही कि पूरे मैच में 17 पेनल्टी कॉरनर हुए जिसमें इंग्लैंड को 11 बार और भारत को 6 बार गोल करने का मौका मिला लेकिन दोनों टीमों में से एक भी टीम इसे भुना नहीं पाई।भारत ने पहले हाफ में दबदबा बनाते हुए कई मौके बनाए और पेनल्टी कॉर्नर हासिल किए लेकिन ब्रेक के बाद टीम अपनी लय बरकरार नहीं रख सकी। इंग्लैंड ने दबाव बढ़ाते हुए 11 पेनल्टी कॉर्नर हासिल किए लेकिन सविता पूनिया और बिछू देवी ने मजबूती से डटकर गोल नहीं होने दिया।

गोलकीपर सविता और बिच्छू की बदौलत मजबूत हुई रक्षण पंक्ति

सविता ने इस मुकाबले को ‘नॉकआउट मैच’ बताते हुए कहा कि भारत का रक्षात्मक प्रदर्शन अपने सर्वश्रेष्ठ स्तर पर था।इस विश्व कप में 300 से अधिक अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाली सबसे अनुभवी महिला खिलाड़ी सविता ने कहा, ‘‘हमें पहले से पता था कि यह कठिन मुकाबला होगा। हमने पहले हाफ में दबदबा बनाया और कई पेनल्टी कॉर्नर हासिल किए। हमें आक्रामक हॉकी जारी रखनी होगी और इन मौकों को गोल में बदलना होगा। हमारे लिए यह नॉकआउट मैच जैसा था और दबाव था, लेकिन एक टीम के रूप में हमने अच्छा खेला।’’उन्होंने कहा, ‘‘आज हमारा डिफेंस अपने सर्वश्रेष्ठ स्तर पर था।’’

सविता ने बिछू की विशेष रूप से तारीफ की जिन्होंने इंग्लैंड द्वारा विजयी गोल की तलाश में अपना गोलकीपर हटाने के बाद अंतिम 30 सेकेंड में महत्वपूर्ण बचाव किया।उन्होंने कहा, ‘‘आखिरी 30 सेकेंड में बिछू का बचाव मेरे देखे सर्वश्रेष्ठ बचावों में से एक था। मैंने उसे कई बार गले लगाया है। हम एक-दूसरे की ताकत हैं।’’

बिछू ने कहा कि इंग्लैंड के गोलकीपर को हटाने के बाद वह उसके आखिरी हमले के लिए तैयार थीं।उन्होंने कहा, ‘‘जब उन्होंने आखिरी मिनटों में गोलकीपर को हटा दिया तो मुझे लगा कि वे पूरी तरह से दबाव बनाएंगे। मैं इसके लिए तैयार थी और सिर्फ गेंद पर नजर रख रही थी। मैं डिफेंस के प्रदर्शन से बहुत खुश हूं।’’

सविता ने कहा कि एक सीनियर खिलाड़ी के तौर पर उनकी भूमिका युवा खिलाड़ियों को विश्व कप के दबाव से निपटने में मदद करना भी है।उन्होंने कहा, ‘‘मैं उनसे कहती रहती हूं कि आपसे गलतियां होंगी, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण है कि आप अच्छी तरह वापसी करें। एक मेंटर और वरिष्ठ खिलाड़ी के तौर पर मैं हमेशा उन्हें सहज महसूस कराने की कोशिश करती हूं। मैं उनके प्रदर्शन से बहुत खुश हूं।’’


वंदे मातरम पर राष्ट्रवाद की सियासत!, किसका फायदा, किसका नुकसान?

वंदे मातरम पर राष्ट्रवाद की सियासत!, किसका फायदा, किसका नुकसान?

भारतीय जनता पार्टी के वंदे मातरम पर देश में सियासी घमासान मचा हुआ है। कांग्रेस के वंदे मातरम के केवल एक अंतरे (दो पद) को पार्टी के कार्यक्रमों के गाने के फैसले को लेकर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के तीखे हमले के बाद इस पर सियासी बयानबाजी थमने का नाम नहीं ले  रही है। कांग्रेस ने वंदे मातरम को लेकर यह फ़ैसला ऐसे समय किया जब स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम में भाजपा ने सोनिया गांधी पर वंदे मातरम का अपमान करने का आरोप लगाया था। 
 
कांग्रेस वर्किंग कमेटी में वंदे मातरम के गाने के फैसले पर गृहमंत्री अमित शाह की आपत्ति पर  कांग्रेस ने भाजपा पर पलटवार करते हुए दिखावटी राष्ट्रवाद का आरोप लगाया। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह जनता से जुड़े मुद्दों पर अपनी नाकामियों से ध्यान भटकाने के लिए वंदे मातरम के मुद्दे को राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रहे है।
 
वंदे मातरम पर विवाद की शुरुआत कैसे?- वंदे मातरम पर नए विवाद पर स्वतंत्रता दिवस पर नई दिल्ली में कांग्रेस मुख्यालय में हुए कार्यक्रम मे वंदे मातरम के गायन के दौरान सोनिया गांधी के व्यवहार को लेकर हुई। भाजपा ने आरोप लगाया कि सोनिया गांधी ने वंदे मातरम को बीच में रोकने की कोशिश की। इसके बाद बुधवार को हुई कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में पार्टी के नेताओं ने वंदे मातरम के गायन का मुद्दा उठाया था।
 
बैठक में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पार्टी का रुख स्पष्ट करते हुए पार्टी के कार्यक्रमों में वंदे मातरम के दो पद गाने की बात कही। इसके लिए खरगे ने  28 अक्टूबर 1937 को कांग्रेस कार्यसमिति की ओर से पारित प्रस्ताव का हवाला दिया।
 
दरअसल 1937 में कोलकाता मे हुई कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में वंदेमातम को लेकर चर्चा हुई और एक प्रस्ताव तैयार किया गया। इस प्रस्ताव को तैयार करने में जवाहरलाल नेहरू, सरदार वल्लभभाई पटेल, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, मौलाना अबुल कलाम आजाद, गोविंद बल्लभ पंत और आचार्य नरेंद्र देव जैसे नेताओं की भूमिका थी। यह प्रस्ताव गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की सलाह पर तैयार किया गया था।
 
25 जनवरी 1950 को संविधान सभा की आखिरी बैठक में संविधान सभा के अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद ने घोषणा की थी कि ‘जन गण मन’ देश का राष्ट्रगान और ‘वंदे मातरम’ राष्ट्रीय गीत होगा। उन्होंने कहा कि ‘जन गण मन’ में भी पांच में से केवल एक अंतरे को राष्ट्रगान के तौर पर अपनाया गया है।
 
अमित शाह ने कांग्रेस की तुष्टिकरण की सियासत से जोड़ा- कांग्रेस कार्यसमिति में वंदेमातरम पर हुए इस फैसले को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कांग्रेस की तुष्टिकरण की सियासत से जोड़ दिया। मीडिया एजेंसी से चर्चा करते हुए अमित शाह ने कहा कि “कांग्रेस पार्टी की कार्यसमिति ने एक आश्चर्यजनक और देशविरोधी फैसला लिया है। उन्होंने अपनी पार्टी के 1937 के रिजोल्यूशन को फॉलो करते हुए महान वंदे मातरम् गीत के दो ही छंद गाने का फैसला लिया है”।
 
अमित शाह ने आगे कहा कि “मैं पूरे देश को याद दिलाना चाहता हूं, 1937 में कांग्रेस पार्टी ने मुस्लिम तुष्टिकरण के लिए वंदे मातरम् के दो टुकड़े कर देश के विभाजन की नींव डाली थी और वहीं से द्वि-राष्ट्र सिद्धांत को ताकत मिली थी। अंततोगत्वा देश का विभाजन हुआ और पाकिस्तान का जन्म हुआ। आज जब उस ऐतिहासिक गलती को वंदे मातरम् गीत के प्राकट्य के 150वें साल में सुधार कर बंकिम बाबू की इस अमर कृति को पूरा गीत गाकर राष्ट्रीय एकात्मता को सुदृढ़ करने का प्रयास किया गया है, और सभी सरकारी कार्यक्रमों में इसे पूर्ण रूप से गाने का निर्णय किया गया है और इस निर्णय को कानूनी जामा भी पहनाया गया है। इसी की अवहेलना करने का निर्णय कांग्रेस ने कल किया है”।

अमित शाह ने आगे कहा कि “कांग्रेस का यह निर्णय केवल और केवल इनकी घोर तुष्टिकरण की नीति की पुष्टि करता है। वोट बैंक के लिए इन्होंने न सिर्फ बंकिम बाबू की इस अमर कृति का अपमान किया, बल्कि उन लाखों शहीदों का भी अपमान किया, जो वंदे मातरम् का नारा लगाते हुए देश की आजादी के लिए फांसी पर चढ़ गए।  आज कांग्रेस पार्टी 1937 के अपनी पार्टी के रिजोल्यूशन को मान रही है और पार्लियामेंट के एक्ट को नकार रही है। राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी फिर एक बार तुष्टिकरण की राजनीति को पुरजोर तरीके से आगे बढ़ा रही है”।
 
वहीं केंद्रीय शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस के खिलाफ तीखा राजनीतिक प्रहार करते हुए कहा कि वंदे मातरम को अधूरा गाने का फैसला देश की भावना और राष्ट्रगीत का अपमान है। उन्होंने कहा  कि यह किसी पार्टी का नहीं बल्कि भारत माता के सम्मान का प्रश्न है। शिवराज सिंह ने कहा कि जो गीत स्वतंत्रता आंदोलन की प्रेरणा रहा, उसे पूरा गाना हर भारतीय का कर्तव्य है। उन्होंने कांग्रेस पर वोट बैंक की राजनीति करने का आरोप लगाया और कहा कि कुछ दल देश की एकता और संस्कृति से जुड़े प्रतीकों को भी राजनीतिक लाभ के लिए तोड़-मरोड़ देते हैं।
 
कांग्रेस का भाजपा पर पलटवार-भाजपा के वंदे मातरम के मुद्दें को राजनीतिक तूल देने पर कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा ने बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय और रवींद्रनाथ टैगोर को लेकर एक अलग राजनीतिक नैरेटिव बनाने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि यह मुद्दे का राजनीतिकरण है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके जरिए जनता से जुड़े वास्तविक मुद्दों और सरकार की कथित नाकामियों से ध्यान भटकाने की कोशिश हो रही है, जिसमें छात्रों से जुड़े मुद्दे भी शामिल हैं।
 
कांग्रेस के कानूनी प्रकोष्ठ के प्रमुख और राज्यसभा सांसद अभिषेक मनु सिंघवी ने इस पूरे विवाद में कानूनी पहलू सामने रखा है। कानून को उसकी मौजूदा स्थिति के हिसाब से देखा जाना चाहिए। उन्होंने सार्वजनिक और निजी कार्यक्रमों के बीच अंतर बताया। सिंघवी के मुताबिक मौजूदा कानून सरकारी आधिकारिक कार्यक्रमों में राष्ट्रगीत के गायन से जुड़ी बात करता है। पार्टी के आंतरिक कार्यक्रमों के बारे में उसमें वैसी स्पष्ट व्यवस्था नहीं है। यही तर्क कांग्रेस के उस फैसले को समझने की कोशिश में अहम हो जाता है, जिस पर अब पार्टी के भीतर ही अलग-अलग राय सामने आ रही है।

बांग्लादेश से हार के बाद ऑस्ट्रेलिया ने अंतिम ग्यारह में किया सिर्फ एक बदलाव

ऑस्ट्रेलिया ने बांग्लादेश के खिलाफ शनिवार को होने वाले दूसरे टेस्ट के लिए अंतिम ग्यारह की घोषणा कर दी है। टीम में सिर्फ एक बदलाव है सलामी बल्लेबाज जैक वेदरल्ड की जगह पर मैट रेनशॉ को शामिल किया गया है। बाकी पूरी ऑस्ट्रेलिया टीम जस की तस है।

ऑस्ट्रेलिया ने अपने शीर्ष क्रम में बदलाव करने में बहुत कम समय बर्बाद किया है, डार्विन में बांग्लादेश से नौ विकेट की निराशाजनक हार के बाद जेक वेदराल्ड को बाहर कर दिया गया है।मैथ्यू रेनशॉ को टीम में बुलाया गया है और 30 वर्षीय खिलाड़ी मैके में शीर्ष क्रम में ट्रैविस हेड के साथ साझेदारी कर सकते हैं।

अप्रैल में राष्ट्रीय अनुबंध मिलने के बाद वेदराल्ड के पहले टेस्ट में 23 और 0 का स्कोर बना पाए थे।उन दोहरी विफलताओं ने 12 पारियों के बाद उनके करियर औसत को 20.36 पर ला दिया।

रेनशॉ की साख उन्हें सीधे वापसी के लिए सबसे सीधा विकल्प बनाती है। वह पिछले सीज़न में सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले शेफील्ड शील्ड सलामी बल्लेबाज थे, जिन्होंने 10 पारियों में 50 से कम औसत के साथ तीन शतक बनाए थे। उन्होंने मैके में दो प्रथम श्रेणी शतक भी बनाए हैं, जो अपने पहले टेस्ट की मेजबानी करेगा।

उनका अंतर्राष्ट्रीय अनुभव उनके पक्ष में एक और कारक है। रेनशॉ के पास 14 टेस्ट हैं, हालांकि उनकी सबसे हालिया उपस्थिति तीन साल पहले दिल्ली में हुई थी, जब वह मध्य क्रम में बल्लेबाजी कर रहे थे।

इस बीच, नंबर 3 पर मार्नस लाबुशेन को खराब फॉर्म के बावजूद अंतिम ग्यारह में चुना गया है। वह डार्विन में केवल 1 और 31 रन बना सके और लगभग तीन वर्षों से कोई अंतरराष्ट्रीय शतक नहीं बना पाए हैं। अपनी पिछली 42 टेस्ट पारियों में उनका औसत 25.23 है।

ऑस्ट्रेलिया की टीम: पैट कमिंस (कप्तान), एलेक्स कैरी, कैमरून ग्रीन, जोश हेज़लवुड, ट्रैविस हेड, मार्नस लाबुशेन, नाथन लियोन, मैथ्यू रेनशॉ, स्टीव स्मिथ, मिचेल स्टार्क, ब्यू वेबस्टर।

LIVE: संसद मार्ग पुलिस थाने पर राहुल गांधी का धरना, पैलेट गन मामले में FIR की मांग

LIVE: संसद मार्ग पुलिस थाने पर राहुल गांधी का धरना, पैलेट गन मामले में FIR की मांग

rahul gandhi Latest News Today Live Updates in Hindi : लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को छात्रों के खिलाफ कार्रवाई के मामले में शिकायत दर्ज कराने संसद मार्ग पुलिस थाने पहुंचे। पल पल की जानकारी…

कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने वंदे मातरम् विवाद पर कहा कि उस समय महात्मा गांधी, सुभाष चंद्र बोस और पंडित नेहरू जैसे नेताओं ने कुछ निर्णय लिए थे। ये लोग आज उन्हें बदलना चाहते हैं। आज बहुत से मुद्दे हैं। आज नौजवान सड़कों पर हैं। ये ऐसे मुद्दे लेकर आते हैं जिनका कोई औचित्य नहीं है। कांग्रेस पार्टी के इतिहास और बलिदान को कौन नकार सकता है। कांग्रेस पार्टी स्पष्ट है कि 1937 में हमारी पार्टी ने जिस बात को रखा था, उसी को हमारी पार्टी रख रही है।उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यामानाशी के गवर्नर कोतारो नागासाकी से मुलाकात की।लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी शिकायत दर्ज कराने के लिए संसद मार्ग पुलिस स्टेशन स्थित DCP कार्यालय पहुंचे। जंतर मंतर पर छात्रों के खिलाफ कार्रवाई के मामले में FIR की मांग।

-पैलेट गन से घायल शख्स के साथ एफआईआर दर्ज कराने पुलिस थाने पहुंचे राहुल गांधी। 

-राहुल गांधी ने साहिल को मीडिया के सामने लाकर दावा किया था कि 20 जुलाई को शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर सुरक्षा बलों ने पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया।

-घटना के बाद दिल्ली पुलिस ने आधिकारिक तौर पर बयान जारी कर यह दावा किया था कि प्रदर्शनकारियों पर किसी भी तरह की पैलेट गन या छर्रों का इस्तेमाल नहीं किया गया है।

डीसीपी दफ्तर के बाहर धरने पर बैठे राहुल गांधी। पैलेट गन से घायल छात्र का परिवार भी साथ।

Harley-Davidson X440 prices hiked by up to Rs 2,000

Harley-Davidson X440 prices hiked by up to Rs 2,000
Harley-Davidson X440 prices hiked by up to Rs 2,000

Harley-Davidson has increased the prices for its X440 S and T variants. The top T variant gets a Rs 2,000 hike while the middle S variant gets a Rs 1,000 hike. It’s worth mentioning here that X440 prices for all variants were hiked in June whereas this time, the hike is only for the top two variants.

  1. Prices increased by Rs 2,000 for T and Rs 1,000 for S
  2. Price of the Base Vivid variant remain unchanged

No mechanical or feature changes

T remains the only variant with ride-by-wire tech

Besides the price increase, there are no other changes on the X440 with it retaining the 440cc single-cylinder, air-cooled engine with 27hp power and 38Nm of torque. Harley-Davidson had introduced the T variant late last year with the addition of ride-by-wire, redesigned subframe, and bar-end mirrors. Ride-by-wire also gave the X440 T traction control and two ride modes. 

As mentioned earlier, this marks the second price hike in two months, with the T now costing Rs 2.86 lakh and the S for Rs 2.60 lakh. The base Vivid variant’s price, however, remains unchanged at Rs 2.35 lakh. Do note that at the time of publication, Harley-Davidson’s Indian website does not reflect this price increase and only Hero’s website does, who looks after Harley-Davidson’s Indian sales and service.

Tata cars to get pricier from September 1

Tata cars to get pricier from September 1
Tata Punch front logo

Tata cars are set to get pricier by up to Rs 25,000 from September 1, 2026. The exact price hike will vary depending on the model, but the Indian automaker cited continued inflationary pressures and rising input costs as some of the reasons behind its decision. Tata Motors stated that increasing the prices of its cars will help the company offset these challenges. Hyundai has also announced a price hike for September, with Mauruti Suzuki announcing a similar decision for August 2026.

  • Reasons include inflationary pressures and rising input costs
  • Foreign exchange volatility and high employee separation costs also cited

Tata Motors price hike in September 2026

The company said that it has been bearing the brunt of sustained inflation and input costs, but continuing to do so will begin impacting profits. One of the main culprits behind this has been the rising cost of EV batteries, becoming around 10 percent more expensive over a period of several months.

Other factors behind the September 2026 price hike include foreign exchange volatility and high employee separation costs, according to Tata Motors. The resultant hike is to affect the brand’s EV and ICE (internal combustion engine) models, with the exact model-wise breakup yet to be announced. However, prices of Tata SUVs are expected to go up across the board.

बागेश्वर का बागनाथ मंदिर: उत्तर भारत का अनोखा दक्षिणमुखी शिव धाम, सावन में दर्शन का विशेष महत्व

बागेश्वर का बागनाथ मंदिर: उत्तर भारत का अनोखा दक्षिणमुखी शिव धाम, सावन में दर्शन का विशेष महत्व

bagnath mandir bageshwar

उत्तराखंड के बागेश्वर में सरयू और गोमती नदियों के संगम के निकट बागनाथ मंदिर उत्तर भारत का एकमात्र ऐसा प्राचीन शिव मंदिर है जिसका मुख दक्षिण दिशा की ओर है। बागेश्वर जिले का नाम भी इसी मंदिर के नाम पर रखा गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने सावन मास में बागेश्वर आने वाले श्रद्धालुओं से इस दिव्य और प्राचीन धाम के दर्शन करने की अपील की। ALSO READ: उत्तराखंड का कमलेश्वर महादेव मंदिर, जानें इतिहास, मान्यता और पहुंचने का रास्ता

 

सीएम धामी ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा, बागेश्वर में सरयू और गोमती नदियों के पावन संगम के निकट स्थित श्री बागनाथ मंदिर भगवान शिव की आराधना को समर्पित एक प्राचीन एवं दिव्य धाम है। पवित्र सावन मास में यहां दर्शन एवं पूजन का विशेष महत्व है। बागेश्वर जनपद आगमन पर इस पवित्र मंदिर के दर्शन अवश्य करें।

 

बागनाथ में मंदिरों का एक समूह है प्रमुख मंदिरों में भैरव मंदिर, दत्तात्रेय महाराज, गंगा माई मंदिर, हनुमान मंदिर, दुर्गा मंदिर, कालिका मंदिर, थिंगल भिरव मंदिर, पंचनाम जुनाखरा और वनेश्वर मंदिर हैं। ALSO READ: दक्षेश्वर महादेव मंदिर: सावन में क्यों खास है कनखल का यह शिव धाम?

 

बाघ के रूप में आए थे शिव जी!

हिन्दु पौराणिक कथा के अनुसार, ऋषि मार्कडेय यहां शिव जी पूजा किया करते थे। इससे प्रसन्न होकर शिव जी एक बाघ के रूप में उन्हें आशीर्वाद देने आये थे। इसलिए इस स्थान को व्याघ्रेश्वर नाम से जाना गया। कालातंर में यही नाम बागेश्वर हो गया। भगवान शिव के व्याघ्रेश्वर रूप का प्रतीक देवालय यहां स्थापित है। कहा जाता है कि यह मंदिर 7वीं शताब्दी और कत्यूरी शासनकाल से जुड़ा है। हालांकि नागर शैली में इस मंदिर का निर्माण चंद शासक लक्ष्मी चंद ने 1602 ईस्वी में कराया था। ALSO READ: रुद्रनाथ मंदिर क्यों है खास? भगवान शिव की मुखाकृति के दर्शन और मंदिर से जुड़ी अद्भुत मान्यताएं

 

कैसे पहुंचे बागनाथ मंदिर

देहरादून से बागेश्वर की दूरी लगभग 470 किमी है। देश की राजधानी दिल्ली से यह 502 किमी दूर है। नजदीकी रेलवे स्टेशन हल्द्वानी, काठगोदाम, रामनगर और टनकपुर हैं। इन जगहों से बस, टैक्सी से यात्रा कर बागेश्वर पहुंचा जा सकता है।

Ather electric scooters to be sold through CSD from September

Ather electric scooters to be sold through CSD from September
Ather electric scooters to be sold through CSD from September

Ather Energy has received approval to list its electric scooters on the Canteen Stores Department (CSD) portal, allowing eligible Armed Forces personnel, veterans and their families to purchase its models through the platform from September 2026.

  1. Eight Ather scooter variants will be available through CSD
  2. Models from the 450 and Rizta ranges are included
  3. Ather 450 Apex is not part of the CSD listing

Ather scooters available through CSD

Ather is among the first electric two-wheeler makers to be listed on CSD

The CSD is a government-run retail network under the Ministry of Defence that allows eligible Armed Forces personnel, veterans and their families to purchase a range of goods, including vehicles, at concessional prices. Vehicles purchased through the CSD channel are eligible for applicable GST concessions.

Ather becomes one of the first electric two-wheeler manufacturers in India to have its products listed on the CSD platform. Eight variants from the Ather 450 performance scooter range and Rizta family scooter lineup will be available through the channel. The performance-focused Ather 450 Apex, however, will not be available through CSD.

Eligible customers will be able to purchase the listed Ather scooters with manufacturer-backed discounts, which will apply over and above the applicable GST concessions available on CSD purchases. The exact benefit will vary depending on the model and variant.

The CSD listing expands Ather’s sales reach to eligible defence personnel and gives them another channel through which to purchase its electric scooters.

Market Insight : शुगर शेयरों में अभी भी गिरावट पर खरीदारी के मौके, दिवाली के आसपास करें मुनाफावसूली

Market Insight : आज बाजार में कुछ बड़ा ट्रेंड नहीं दिख रहा। IT और बैंक निफ्टी दोनों अहम स्तरों पर हैं। बैंक निफ्टी 200 DMA के ऊपर टिक नहीं रहा है। IT में बड़े गैपअप हुए लेकिन क्लोजिंग दिन के निचले स्तरों के करीब रही है। कोफोर्ज और परसिस्टेंट जैसे मजबूत IT शेयरों में गिरावट नहीं आई। BSE Vs MCX अभी भी एक पावरफुल थीम बनी हुई है। इसके अलावा आज देखना होगा कि मेटल्स क्या करते हैं। ये कहना है सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल का।

उन्होंने आगे कहा कि कल जो तेजी के ट्रिगर्स थे,वही आज पलट गए हैं। आज टेस्ट होगा कि कल बॉटम बना या सिर्फ रिलीफ रैली थी। सोने और चांदी में बड़ी वाली रैली आती दिख रही है। गोल्ड फाइनेंस शेयरों में अभी भी अच्छा मोमेंटम है। OFS का डर ना होता तो हिंद जिंक टॉप ट्रेड होता। कच्चा तेल अभी भी हमारे लिए सिरदर्द बना हुआ है। आज शुक्रवार है,तो वीकेंड फैक्टर भी है। ऐसे में अपनी सभी इंडेक्स ट्रेड्स को आज निपटा कर ही जाएं।

शुगर: क्या मुनाफावसूली करें?

CNBC-आवाज़ पर लगातार शुगर पर पॉजिटिव नजरिया रहा है। पिछले 2 हफ्तों में शुगर शेयरों में जबरदस्त तेजी हुई। सरकार ने 10 लाख MT ड्यूटी फ्री इंपोर्ट को मंजूरी दी है। दिक्कत ये है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी चीनी तेज है और 10 लाख MT सिर्फ 12 दिनों की खपत के बराबर है। 65 रुपये वाली चीनी हो सकता है 62 रुपये तक आ जाए। लेकिन इसके बावजूद जुलाई-सितंबर रिकॉर्ड तिमाही होगी। शुगर में अभी भी गिरावट पर खरीदारी का मौका होगा और दिवाली के करीब मुनाफावसूली का मौका होगा।

निफ्टी पर रणनीति

अनुज सिंघल ने कहा कि निफ्टी के लिए पहला रजिस्टेंस 24,250-24,300 पर और बड़ा रजिस्टेंस 24,350-24,400 पर है। 24,300-24,350 के रिजेक्शन पर बिकवाली करें SL 24,400 पर रखें। इसके लिए पहला सपोर्ट 24,150-24,200 पर और बड़ा सपोर्ट 24,000-24,050 पर है। अगर निफ्टी 24,150-24,200 को बचाए तो खरीदारी करें। SL 24,100 पर रखें।

बैंक निफ्टी पर रणनीति

बैंक निफ्टी अभी भी 57,600 के ऊपर जाने को तैयार नहीं है। बड़े ब्रेकआउट के लिए 57,600 के ऊपर टिकना जरूरी है। 57,600 के ऊपर टिका तो 57,800-58,000 आ सकता है। लेकिन 57,600-57,650 पर रिजेक्शन मिले तो 57,700 के SL से शॉर्ट करें। सबसे अहम सपोर्ट जोन 57,000-57,200 है। खरीदारी का सबसे अच्छा जोन 57,200-57,400 है। SL 57,050 पर रखें।

 

Trading Ideas : आज का दिन काफी अहम, शॉर्ट टर्म में करना चाहते हैं बंपर कमाई तो इन दो शेयरों पर रहे नजर

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