
उत्तराखंड के बागेश्वर में सरयू और गोमती नदियों के संगम के निकट बागनाथ मंदिर उत्तर भारत का एकमात्र ऐसा प्राचीन शिव मंदिर है जिसका मुख दक्षिण दिशा की ओर है। बागेश्वर जिले का नाम भी इसी मंदिर के नाम पर रखा गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने सावन मास में बागेश्वर आने वाले श्रद्धालुओं से इस दिव्य और प्राचीन धाम के दर्शन करने की अपील की। ALSO READ: उत्तराखंड का कमलेश्वर महादेव मंदिर, जानें इतिहास, मान्यता और पहुंचने का रास्ता
सीएम धामी ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा, बागेश्वर में सरयू और गोमती नदियों के पावन संगम के निकट स्थित श्री बागनाथ मंदिर भगवान शिव की आराधना को समर्पित एक प्राचीन एवं दिव्य धाम है। पवित्र सावन मास में यहां दर्शन एवं पूजन का विशेष महत्व है। बागेश्वर जनपद आगमन पर इस पवित्र मंदिर के दर्शन अवश्य करें।
बागेश्वर में सरयू और गोमती नदियों के पावन संगम के निकट स्थित श्री बागनाथ मंदिर भगवान शिव की आराधना को समर्पित एक प्राचीन एवं दिव्य धाम है। पवित्र सावन मास में यहां दर्शन एवं पूजन का विशेष महत्व है।
बागेश्वर जनपद आगमन पर इस पवित्र मंदिर के दर्शन अवश्य करें। pic.twitter.com/WbUPSXird3
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) August 21, 2026
बागनाथ में मंदिरों का एक समूह है प्रमुख मंदिरों में भैरव मंदिर, दत्तात्रेय महाराज, गंगा माई मंदिर, हनुमान मंदिर, दुर्गा मंदिर, कालिका मंदिर, थिंगल भिरव मंदिर, पंचनाम जुनाखरा और वनेश्वर मंदिर हैं। ALSO READ: दक्षेश्वर महादेव मंदिर: सावन में क्यों खास है कनखल का यह शिव धाम?
बाघ के रूप में आए थे शिव जी!
हिन्दु पौराणिक कथा के अनुसार, ऋषि मार्कडेय यहां शिव जी पूजा किया करते थे। इससे प्रसन्न होकर शिव जी एक बाघ के रूप में उन्हें आशीर्वाद देने आये थे। इसलिए इस स्थान को व्याघ्रेश्वर नाम से जाना गया। कालातंर में यही नाम बागेश्वर हो गया। भगवान शिव के व्याघ्रेश्वर रूप का प्रतीक देवालय यहां स्थापित है। कहा जाता है कि यह मंदिर 7वीं शताब्दी और कत्यूरी शासनकाल से जुड़ा है। हालांकि नागर शैली में इस मंदिर का निर्माण चंद शासक लक्ष्मी चंद ने 1602 ईस्वी में कराया था। ALSO READ: रुद्रनाथ मंदिर क्यों है खास? भगवान शिव की मुखाकृति के दर्शन और मंदिर से जुड़ी अद्भुत मान्यताएं
कैसे पहुंचे बागनाथ मंदिर
देहरादून से बागेश्वर की दूरी लगभग 470 किमी है। देश की राजधानी दिल्ली से यह 502 किमी दूर है। नजदीकी रेलवे स्टेशन हल्द्वानी, काठगोदाम, रामनगर और टनकपुर हैं। इन जगहों से बस, टैक्सी से यात्रा कर बागेश्वर पहुंचा जा सकता है।


