DLF The Aureva: गुरुग्राम का लग्जरी रिटायरमेंट प्रोजेक्ट पूरी तरह बिका, शेयरों पर रहेगी नजर

DLF The Aureva: रियल्टी कंपनी DLF ने गुरुग्राम के सेक्टर 63 स्थित अपने लग्जरी रिटायरमेंट प्रोजेक्ट The Aureva की पूरी बिक्री कर ली है। कंपनी के मुताबिक, प्रोजेक्ट से करीब ₹1,985 करोड़ की सेल्स बुकिंग हुई है।

करीब 4.17 एकड़ में फैले इस प्रोजेक्ट में 172 लग्जरी घर हैं। इनका कुल कारपेट एरिया 4 लाख वर्गफुट से ज्यादा है। वहीं, कुल सेलएबल एरिया 7.5 लाख वर्गफुट से अधिक है।

लग्जरी के साथ वेलनेस पर फोकस

The Aureva को खास तौर पर रिटायरमेंट के बाद आरामदायक जिंदगी को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। यहां घर के साथ वेलनेस, हेल्थकेयर और सोशल लाइफ का भी ध्यान रखा गया है।

प्रोजेक्ट में लग्जरी क्लब हाउस है। इसके अलावा फिटनेस और वेलनेस सेंटर, इंडोर स्विमिंग पूल, स्पा, योगा पवेलियन, मेडिटेशन सेंटर और लाइब्रेरी जैसी सुविधाएं हैं। बैंक्वेट स्पेस, गार्डन और आउटडोर गैदरिंग एरिया भी बनाए गए हैं।

172 लग्जरी घर

The Aureva एक G+45 मंजिल की स्टैंडअलोन टावर है। इसमें 4 BHK घर हैं। हर घर के साथ तीन डेडिकेटेड पार्किंग स्पेस दिए गए हैं।

घरों में स्टाफ डॉर्मिटरी और बड़े प्राइवेट डेक भी हैं। डिजाइन में सुरक्षा और आसानी से आने-जाने का भी ध्यान रखा गया है।

ग्लोबल कंसल्टेंट्स ने किया डिजाइन

DLF के मुताबिक, प्रोजेक्ट को कई ग्लोबल कंसल्टेंट्स के साथ मिलकर तैयार किया गया है। इनमें HB Design, SHMA, BO Steiber Lighting Design, Hewshott और ESD Global शामिल हैं।

The Aureva सेक्टर 63 में The Arbour के पास है। यहां से Golf Course Extension Road, Southern Peripheral Road और NH-48 तक आसानी से पहुंचा जा सकता है।

DLF ने क्या कहा

DLF Home Developers के MD और चीफ बिजननेस ऑफिस आकाशा ओहरि ने कहा कि The Aureva के जरिए कंपनी भारत में लग्जरी रिटायरमेंट हाउसिंग को नया रूप देना चाहती है। प्रोजेक्ट में लग्जरी के साथ वेलनेस, हॉस्पिटैलिटी, हेल्थकेयर और कम्युनिटी सुविधाओं को जोड़ा गया है।

1 अक्टूबर को BSE पर DLF का शेयर ₹662.60 पर बंद हुआ। शेयर में पिछले बंद भाव के मुकाबले ₹9.40 की गिरावट रही।

YES Bank Q2 Update: यस बैंक का लोन 24% बढ़ा, डिपॉजिट में भी तगड़ा उछाल; फोकस में रहेगा स्टॉक

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

YES Bank Q2 Update: यस बैंक का लोन 24% बढ़ा, डिपॉजिट में भी तगड़ा उछाल; फोकस में रहेगा स्टॉक

YES Bank Q2 Update: प्राइवेट बैंक YES Bank ने सितंबर तिमाही का बिजनेस अपडेट जारी किया है। बैंक का लोन और एडवांस 30 सितंबर 2026 तक 3,09,675 करोड़ रुपये रहा। तिमाही आधार पर इसमें 8.6% की बढ़त हुई। वहीं सालाना आधार पर लोन 23.8% बढ़ा है।

डिपॉजिट भी बढ़ा

यस बैंक के डिपॉजिट 30 सितंबर तक 3,54,084 करोड़ रुपये पहुंच गए। तिमाही आधार पर इसमें 12.3% की बढ़ोतरी हुई। सालाना आधार पर डिपॉजिट 19.5% बढ़ा है। एक साल पहले यह 2,96,276 करोड़ रुपये था।

CASA डिपॉजिट में बढ़त

बैंक का CASA यानी करंट और सेविंग अकाउंट डिपॉजिट 1,06,255 करोड़ रुपये रहा। जून तिमाही में यह 1,03,233 करोड़ रुपये था। साल भर पहले यह 99,708 करोड़ रुपये था। हालांकि, CASA रेश्यो घटकर 30% रह गया, जो जून में 32.7% और एक साल पहले 33.7% था।

सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट बढ़ा

YES Bank के सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट 30 सितंबर तक 11,382 करोड़ रुपये रहे। जून तिमाही में यह आंकड़ा 6,604 करोड़ रुपये था। यानी इसमें भी अच्छी बढ़ोतरी हुई है।

क्रेडिट-टू-डिपॉजिट रेश्यो घटा

बैंक का क्रेडिट-टू-डिपॉजिट रेश्यो 87.5% रहा। पिछली तिमाही में यह 90.4% था। एक साल पहले यह 84.5% था। वहीं, कंसोलिडेटेड आधार पर औसत लिक्विडिटी कवरेज रेश्यो 131.4% रहा।

नॉर्मलाइज्ड लोन ग्रोथ 3.3%

FCNR(B) डिपॉजिट और उससे जुड़े विदेशी मुद्रा टर्म लोन को हटाने पर लोन ग्रोथ 3.3% रही। पिछली तिमाही में यह 17.7% थी। इसी तरह, नॉर्मलाइज्ड डिपॉजिट ग्रोथ 6.5% रही, जो पिछली तिमाही में 13.2% थी।

नॉर्मलाइज्ड CASA रेश्यो

FCNR(B) को हटाने के बाद CASA रेश्यो 31.7% रहा। जून तिमाही में यह 32.8% और एक साल पहले 33.7% था। नॉर्मलाइज्ड क्रेडिट-टू-डिपॉजिट रेश्यो 83.2% रहा। पिछली तिमाही में यह 90.4% था।

FCNR(B) को लेकर बैंक की सफाई

बैंक ने बताया कि नॉर्मलाइज्ड आंकड़ों में कुछ FCNR(B) डिपॉजिट शामिल नहीं किए गए हैं। ये डिपॉजिट RBI की रियायती USD/INR फॉरेक्स स्वैप सुविधा के तहत जुटाए गए थे। इनसे जुड़े विदेशी मुद्रा टर्म लोन को भी आंकड़ों से अलग रखा गया है।

30 सितंबर और 30 जून 2026 के आंकड़ों को बकाया FCNR(B) डिपॉजिट और संबंधित लोन के हिसाब से एडजस्ट किया गया है। वहीं, 30 सितंबर 2025 के आंकड़ों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

यस बैंक के शेयरों का हाल

1 अक्टूबर को YES Bank का शेयर 1.19% की गिरावट के साथ 20.70 रुपये पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने में स्टॉक 14.05% चढ़ा है। हालांकि, एक साल के दौरान इसमें 5.61% की गिरावट आई है। यस बैंक का मार्केट कैप 64.95 हजार करोड़ रुपये है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Market Next Week : मिड और स्मॉल कैप्स में लगातार चौथे हफ्ते दिखी गिरावट, जानिए अगले हफ्ते कैसी रह सकती है बाजार की चाल

Market Next Week: बाजार के एक बड़े हिस्से पर दबाव बना रहा और मिड कैप और स्मॉल कैप इंडेक्स लगातार चौथे हफ्ते भी गिरावट का शिकार रहे। इस हफ्ते निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 3.5% और निफ़्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 3.3% की गिरावट आई, जिससे इनका प्रदर्शन बेंचमार्क इंडेक्स के मुकाबले कमजोर रहा। बीते हफ्ते BSE सेंसेक्स 1,986.04 अंक या 2.68% गिरकर 71,909.70 पर बंद हुआ,जबकि निफ़्टी 50 में 3.10% या 718.55 अंकों की गिरावट आई और यह 22,421.95 पर बंद हुआ।

निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सबसे ज्यादा टूटा

सेक्टोरल इंडेक्सों पर नजर डालें तो निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में सबसे ज्यादा 6% की गिरावट आई। इसके बाद निफ्टी ऑटो में 5.8% की गिरावट दर्ज की गई। निफ्टी मेटल, FMCG और PSU बैंक इंडेक्स में 4% से ज़्यादा की गिरावट हुई, जबकि निफ्टी रियल्टी, हेल्थकेयर, इंफ्रा और ऑयल एंड गैस इंडेक्स में 3% से ज़्यादा की गिरावट आई। हालांकि, निफ्टी IT में 0.5% की बढ़त हुई।

निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 3.5% की गिरावट

निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में इस हफ्ते 3.5% की गिरावट आई। इसमें लगातार चौथे हफ्ते भी इसमें गिरावट का सिलसिला जारी रहा। सबसे ज्यादा गिरावट वाले शेयरों में PB फिनटेक, पतंजलि फूड्स, वोडाफोन आइडिया, कोरोमंडल इंटरनेशनल, स्विगी, LIC हाउसिंग फाइनेंस, जुबिलेंट फूडवर्क्स, SBI कार्ड्स एंड पेमेंट सर्विसेज़, यस बैंक, कल्याण ज्वैलर्स इंडिया, हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन और रैडिको खेतान शामिल रहे।

निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में भी लगातार चौथे हफ्ते गिरावट

निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में भी लगातार चौथे हफ्ते गिरावट जारी रही। यह इस हफ्ते 3.3% गिर गया। इस गिरावट की वजह IFCI, आदित्य बिड़ला रियल एस्टेट, फ़िज़िक्सवाला, गुजरात मिनरल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन, गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स, आइनॉक्स विंड, वॉकहार्ट और वेल्सपन कॉर्प के शेयरों में आई गिरावट रही।

विदेशी संस्थागत निवेशकों की बिकवाली बढ़ी

बीते हफ्ते विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने अपनी बिकवाली बढ़ा दी और लगातार छठे हफ़्ते निकासी की। उन्होंने कुल 34,966.07 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। वहीं,घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने बाज़ार को सपोर्ट करना जारी रखा और इस हफ़्ते 33,455.30 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

इस हफ्ते बाजार में आई गिरावट से BSE पर लिस्टेड कंपनियों की कुल मार्केट वैल्यू में लगभग 15 लाख करोड़ रुपये की कमी आई।

जानें आगे कैसी रह सकती है बाजार की चाल

कोटक सिक्योरिटीज के VP टेक्निकल रिसर्च,अमोल अठावले ने कहा कि छोटे ट्रेडिंग वीक में बेंचमार्क इंडेक्स में भारी गिरावट आई। निफ्टी 3.10 प्रतिशत गिरकर बंद हुआ, जबकि सेंसेक्स में लगभग 2000 अंकों की गिरावट आई। सेक्टरों की बात करें तो लगभग सभी प्रमुख सेक्टर इंडेक्स में ऊपरी स्तरों पर प्रॉफिट बुकिंग देखने को मिली। कंज्यूमर और ऑटो इंडेक्स में सबसे ज्यादा गिरावट आई। कंज्यूमर इंडेक्स 6.15 प्रतिशत और ऑटो इंडेक्स 5.85 प्रतिशत नीचे बंद हुआ।

इस हफ्ते मार्केट में ऊपरी लेवल पर लगातार बिकवाली का दबाव बना रहा। वीकली चार्ट पर एक लॉन्ग ‘बेयरिश कैंडल’ बनी। इंट्राडे चार्ट पर ‘लोअर हाई’ और ‘लोअर लो’ बनने का सिलसिला जारी रहा,जो काफी हद तक नेगेटिव ट्रेंड का संकेत है।

अमोल अठावले का मानना ​​है कि शॉर्ट-टर्म में मार्केट का मिजाज कमज़ोर रहेगा, लेकिन यह ‘ओवरसोल्ड’ स्थिति में है। इसलिए, मौजूदा लेवल से ‘पुलबैक रैली’ की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। नीचे की तरफ, 22,200/71,300 एक अहम सपोर्ट जोन है, जबकि 22,500/72,200 तत्काल रेजिस्टेंस लेवल है। अगर मार्केट 22,500/72,200 के ऊपर जाता है तो पुलबैक बढ़कर 22,700–22,800/73,000-73,200 तक जा सकता है। इसके विपरीत अगर यह 22,200/71,300 के नीचे जाता है तो बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है और मार्केट 22,000–21,950/71,000-70,700 तक गिर सकता है।

बैंक निफ्टी पर अपनी राय साझा करते हुए अमोल अठावले ने कहा कि इसके लिए 54,000 एक अहम सपोर्ट ज़ोन है। अगर यह इस लेवल के ऊपर बना रहता है तो इंडेक्स वापस 55,000–55,500 तक जा सकता है। हालांकि, 54,000 के नीचे जाने पर बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है और इसके 53,500–53,200 तक गिरने की संभावना बढ़ सकती है।

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज़ के हेड ऑफ़ रिसर्च,वेल्थ मैनेजमेंट सिद्धार्थ खेमका का कहना है कि आने वाले समय में भारतीय शेयर बाजार पर दबाव बने रहने की संभावना है,क्योंकि ग्लोबल बॉन्ड मार्केट में भारी गिरावट,कच्चे तेल की कीमतों में फिर से तेजी और पिछले छह महीनों में विदेशी निवेशकों की सबसे ज्यादा बिकवाली का असर बाजार के सेंटीमेंट पर पड़ रहा है। US 10-ईयर ट्रेजरी बॉन्ड का यील्ड 2007 के अपने उच्चतम स्तर को पार करके 5.3% पर पहुंच गया है,जो अप्रैल 2002 के बाद सबसे ज्यादा है,जबकि 30-साल के बॉन्ड का यील्ड 5.6% पर है।

निफ्टी की अर्निंग यील्ड अब अमेरिकी बॉन्ड पर मिलने वाले ब्याज से कम होने हो गई है। इसके कारण,ग्लोबल यील्ड के स्थिर होने, कच्चे तेल की कीमतों में कमी आने और विदेशी निकासी में कमी आने तक बाजार में तेजी की संभावना नहीं है।

रेलिगेयर ब्रोकिंग के SVP रिसर्च अजीत मिश्रा का कहना है कि टेक्निकल नजरिए से देखें तो निफ्टी अपने अहम लॉन्ग टर्म सपोर्ट लेवल यानी 22,600 और 22,400 के आसपास 200-हफ्ते के SMA और EMA से साफ तौर पर नीचे आ गया और 22,180 के लेवल (जो अप्रैल 2026 का निचला स्तर था) की ओर बढ़ गया है। इससे बाजार में मंदी का माहौल और मज़बूत हुआ है।

निफ्टी के लिए 22,000–22,200 का जोन अगले अहम सपोर्ट के तौर पर काम कर सकता है, जबकि 22,500–22,600 का लेवल सबसे नजदीकी रेजिस्टेंस बन सकता है। इसके बाद 22,800 पर अगला बड़ा रेजिस्टेंस होगा। इंडेक्स में करेक्शन का दौर जारी रहने और उतार-चढ़ाव बढ़ने के कारण,निकट भविष्य में सतर्क रहने की जरूरत है और चुनिंदा शेयरों में ही मौके तलाशने की सलाह है।

LKP सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे का कहना है कि बाजार का मूड अभी भी कमजोर बना हुआ है क्योंकि कोविड के समय आई गिरावट के बाद पहली बार इंडेक्स अपने 200-हफ्ते के मूविंग एवरेज के नीचे बंद हुआ है। निचले स्तर पर,22,200 पर सपोर्ट है। अगर इंडेक्स इसके नीचे जाता है तो 22,060 तक और गिरावट आ सकती है।

ऊपर की तरफ 22,600 पर रेजिस्टेंस है। जब तक इंडेक्स 22,600 के नीचे रहेगा,तब तक उछाल पर बिकवाली का ट्रेंड बना रहेगा।

 

त्योहारी सीजन से पहले AC और TV की कीमतें 5-8% बढ़ीं, अप्लायंस बनाने वाली कंपनियों को बिक्री में डबल डिजिट ग्रोथ की उम्मीद

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Trading Plan : कोई भी ट्रेड आज 3:40 बजे तक निपटा कर जाएं, कल का अनुमान अभी लगाना काफी मुश्किल

Trading Plan : आज दरों पर US फेड के फैसले से पहले बाजार में शानदार रिकवरी आई है। निफ्टी निचले स्तरों से करीब 100 अंक सुधरा है और 23200 के ऊपर आ गया है। बैंक निफ्टी भी 56200 के अहम लेवल के ऊपर है। मिड और स्मॉलकैप ने भी यूटर्न मारा है। इधर INDIA VIX 3 फीसदी फिसला है। 2:35 बजे के आसपास सेंसेक्स 311.82 अंक या 0.42 प्रतिशत बढ़कर 74,315.64 पर और निफ्टी 115.90 अंक या 0.50 प्रतिशत बढ़कर 23,234.50 पर दिख रहा था। FMCG सेक्टर में सबसे ज़्यादा,लगभग 2 प्रतिशत की बढ़त देखी गई है। जबकि PSU बैंक, रियल्टी और मीडिया सेक्टर में 1 प्रतिशत से ज़्यादा की तेज़ी दिख रही है।

हालांकि IT शेयरों में गिरावट दिख रही और इसका सेक्टर इंडेक्स 1.59 प्रतिशत गिर गया है । बेंचमार्क में बढ़त के बावजूद मार्केट ब्रेड्थ नेगेटिव है। 1,727 शेयरों में बढ़त के मुकाबले 2,176 शेयरों में गिरावट आई है। मिडकैप शेयरों में हल्की बढ़त दिख रही है। स्मॉलकैप इंडेक्स लगभग सपाट है।

बैंकों और ग्रुप लाइफ कंपनियों के कमीशन पर कैंची चलाने की तैयारी है। इंडिविजुल एजेंट्स को राहत मिल सकी है। इस जल्द IRDAI का कंसल्टेशन पेपर जारी होगा। CNBC-TV की इस एक्सक्लूसिव खबर के बाद PB फिनटेक 5 फीसदी ऊपर भागा है। सिगरेट महंगी होने से ITC में उछाल आया है।चुनिंदा ब्रांड्स के दाम 9-13% बढ़े हैं। यह शेयर 2% चढ़कर निफ्टी के टॉप गेनर्स में शामिल है। गॉडफ्रे फिलिप्स भी 2.5% उछला है।

नए MDR फ्रेमवर्क से PAYTM में जोश है और ये करीब 2.5 फीसदी चढ़कर 52 हफ्तों की ऊंचाई पर पहुंच गया है। उधर यस बैंक में भी खरीदारी कायम है। हालांकि ऊपरी स्तरों से दोनों शेयर हल्के हुए हैं।

बाजार: रिकवरी का दिन

बाजार पर बात करते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिट अनुज सिंघल ने कहा कि बाजार में निचले स्तरों से अच्छी रिकवरी आई है। बाजार ने एक शॉर्ट और 1 लॉन्ग ट्रेड दी। पहले शॉर्ट ट्रेड ने काम किया और फिर लॉन्ग ट्रेड ने और अब फैसले की घड़ी से पहले का सेशन बाकी है। आज शाम को आएगा US फेड का फैसला। निफ्टी और बैंक निफ्टी दोनों में अच्छी रिकवरी आई है। दोनों में ठीक सपोर्ट लेवल से रिकवरी आई। निफ्टी में 23,100 और बैंक निफ्टी में 55,800 से रिकवरी आई। मिडकैप, स्मॉलकैप में भी निचले स्तरों से शानदार रिकवरी हुई। बड़ा सवाल यह है कि क्या बाजार अब दरों में कटौती को पचा चुका है?

बाजार: अब क्या?

अनुज सिंघल ने कहा कि बाजार में शॉर्ट साइड के सारे टारगेट हिट हुए हैं और इसीलिए हमने शॉर्ट समेटने का नजरिया लिया है। कोई भी ट्रेड आज 3:40 तक निपटा कर जाएं। कल का अभी अनुमान लगाना काफी मुश्किल है। आज फेड चीफ क्या कहेंगे कोई नहीं कह सकता। मगर बाजार बहुत कुछ निगेटिव पचा चुका है। यहां से और गिरने के लिए फेड का एक्ट्रीम हॉकिस होना जरूरी है और अगर ज्यादा हॉकिस नहीं हुए तो रिकवरी भी संभव है। जो भी है अब मंदी 23,100 के नीचे बंद होने पर ही होगी। अभी भी बाजार ने पोजीशनल लॉन्ग का संकेत नहीं दिया है।

निफ्टी-बैंक निफ्टी पर रणनीति

निफ्टी के लिए 23,100-23,150 पर सपोर्ट और 23,400-23,450 पर रेजिस्टेंस है। निफ्टी बैंक के लिए 55,800-56,000 पर सपोर्ट और 56,500-56,800 पर रेजिस्टेंस है।

 

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YES Bank Share Price : सिटी की बुलिश रिपोर्ट ने भरा जोश, 5% भागा शेयर, जानिए क्या हो ट्रेडिंग रणनीति

YES Bank Share Price :बुधवार, 16 सितंबर को YES बैंक के शेयरों में लगभग 5% की तेजी आई। स्टॉक में यह तेजी कुछ खास यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) मर्चेंट ट्रांज़ैक्शन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR)लागू होने के बाद देखने को मिला। मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है नए MDR फ्रेमवर्क से बैंकों और डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम में शामिल दूसरी कंपनियों को कमाई का एक नया ज़रिया मिलेगा। फिलहाल 1.40 बजे के आसपास यह शेयर 0.27 रुपए यानी 1.17% की बढ़त के साथ 23.36 रुपए के आसपास कारोबार कर रहा था। आज का इसका दिन का हाई 24.10 रुपए और दिन का लो 23.29 रुपए है।

15 अक्टूबर से लागू होने वाले नए नियमों के तहत ₹2,000 से ज़्यादा के UPI पर्सन-टू-मर्चेंट (P2M) ट्रांज़ैक्शन पर 0.4% तक MDR लगेगा,जिसकी अधिकतम सीमा ₹300 होगी। यह चार्ज मर्चेंट को देना होगा, जबकि ग्राहक बिना किसी ट्रांज़ैक्शन फ़ीस के UPI का इस्तेमाल करते रहेंगे।

YES बैंक के नोट में दिए गए अनुमानों के मुताबिक नया फ़्रेमवर्क मर्चेंट पेमेंट के लिए UPI के पहले वाले ज़ीरो-MDR मॉडल से अलग है और इससे सालाना लगभग ₹16,000-17,000 करोड़ का रेवेन्यू पूल बनने की उम्मीद है।

YES बैंक को इससे बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद

एक्पर्ट्स का कहना है कि MDR के नए नियमों से बैंकिंग सिस्टम को फायदा मिलेगा। इस बारे में सिटी ने एक रिपोर्ट निकाली है। सिटी के मुताबिक MDR चार्जेज का सबसे बड़ा बेनिफिशियरी यस बैंक हो सकता है। सिटी के मुताबिक इन नए नियमें से यस बैंक कर पूर्व मुनाफे में 6-12% का उछाल संभव है। वहीं, PPOP में 5–10% की बढ़त का अनुमान है। सिटी का कहना है कि यह चार्ज नेटवर्क विस्तार के लिए लिया जा रहा है। MDR कोई सरकारी टैक्स नहीं है। इससे UPI इकोसिस्टम में 16000–17,000 करोड़ रेवेन्यू जुड़ने का अनुमान है। यह UPI नेटवर्क पर काम करने वाले बैंकों और पेमेंट ऐप्स के लिए बड़ा स्ट्रक्चरल बूस्ट होगा। इसका 60% हिस्सा बैंकिंग सिस्टम की जेब में जाएगा। 25% हिस्सा UPI ऐप प्रोवाइडेर्स को मिलेगा। वहीं, 15% हिस्सा नॉन-बैंक पेमेंट एग्रीगेटर को मिलेगा।

स्टॉक पर टेक्निकल एक्सपर्ट की राय

एक्सिस सिक्योरिटीज में सीनियर वाइस प्रेसिडेंट रिसर्च (हेड ऑफ़ रिसर्च) राजेश पलविया ने कहा कि शुक्रवार को हुई जबरदस्त खरीदारी और भारी ट्रेडिंग वॉल्यूम के कारण, यस बैंक ने ₹23 के अपने छह हफ्ते के सप्लाई बैरियर को मज़बूती से पार किया और ₹24 के आसपास बंद हुआ,जो बाज़ार में मज़बूत भागीदारी का संकेत है। ₹21.85 के अहम 200-डे सिंपल मूविंग एवरेज (SMA) सपोर्ट लेवल से मज़बूत उछाल के बाद इस तेज़ी को और गति मिली, जिससे स्टॉक अपने 20, 50 और 100 डे SMA के स्तरों को फिर से हासिल करने में कामयाब रहा।

डेली,वीकली और मंथली RSI रीडिंग का बुलिश ज़ोन में मज़बूती से बने रहना स्टॉक में व्यापक तेज़ी को और पुख्ता करता है,जो सभी अहम टाइमफ्रेम में लगातार तेज़ी बने का संकेत है। इस स्टॉक में 23 रुपए के स्टॉप लॉस के साथ 27-30 रुपए के शॉर्ट टर्म टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है।

 

Stock Market : रेंज में अटका बाजार, कोटक सिक्योरिटीज के सहज अग्रवाल से जाने अब कैसे बन सकता है पैसा

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

इन बैंकों में FD पर मिल रहा 8.5% तक का ब्याज! रिटायरमेंट के बाद 10 लाख फिक्स करने पर समझिए इंट्रेस्ट इनकम का पूरा कैलकुलेशन

Bank FD Rate: रिटायरमेंट के बाद वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक सुरक्षित और रेगुलर इनकम का सोर्स होना काफी जरूरी होता है। यही वजह है कि अधिकांश बुजुर्ग अपनी गाढ़ी कमाई और रिटायरमेंट फंड को सेफ रखने के साथ-साथ बेहतर रिटर्न पाने के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) चुनते हैं। बैंकों के बीच एफडी पर इंट्रेस्ट रेट्स में काफी फर्क देखने को मिलता है। स्मॉल फाइनेंस बैंक की ओर से वरिष्ठ नागरिकों को सबसे अधिक इंट्रेस्ट रेट ऑफर किया जाता है। इसके अलावा प्राइवेट, पब्लिक और विदेशी बैंक भी सीनियर सिटिजन्स को एफडी पर कॉम्पिटेटिव रिटर्न देते हैं।

सीनियर सिटिजंस को FD पर मिलने वाले इंट्रेस्ट रेट में मामूली सा भी फर्क उनके टोटल रिटर्न पर अच्छा खासा असर डालता है। खासकर तब जब रिटायरमेंट के बाद बड़े फंड की FD की गई हो। अलग-अलग बैंकों के इंट्रेस्ट रेट की तुलना करना और सही फ्रिक्वेंसी का चयन करना इंट्रेस्ट इनकम को मैक्सिमाइज करने में काफी मदद करता है।

स्मॉल फाइनेंस बैंक: 8.50% तक का मिल रहा है बंपर इंट्रेस्ट

सीनियर सिटिजन को एफडी पर मैक्सिमम रिटर्न देने में स्मॉल फाइनेंस बैंक सबसे आगे हैं। कई स्मॉल फाइनेंस बैंक 8.50 प्रतिशत तक इंट्रेस्ट मिल रहा है। स्मॉल फाइनेंस बैंक की FD के इंट्रेस्ट रेट को एक नजर में नीचे देखा जा सकता है-

  • इक्विटास स्मॉल फाइनेंस बैंक (Equitas Small Finance Bank): वरिष्ठ नागरिकों को 8.50 प्रतिशत तक की ब्याज दर दे रहा है।
  • ईएसएएफ स्मॉल फाइनेंस बैंक (ESAF Small Finance Bank): वरिष्ठ नागरिकों को 8.50 प्रतिशत तक की ब्याज दर प्रदान कर रहा है।
  • शिवालिक स्मॉल फाइनेंस बैंक (Shivalik Small Finance Bank): एफडी पर 8.50 प्रतिशत तक का ब्याज दे रहा है।
  • सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक (Suryoday Small Finance Bank): वरिष्ठ नागरिकों के लिए 8.50 प्रतिशत तक की दर की पेशकश कर रहा है।
  • जना स्मॉल फाइनेंस बैंक (Jana Small Finance Bank): एफडी पर 8.30 प्रतिशत तक की ब्याज दर दे रहा है।
  • उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक (Ujjivan Small Finance Bank): 8.30 प्रतिशत तक की ब्याज दर की पेशकश कर रहा है।
  • उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक (Utkarsh Small Finance Bank): वरिष्ठ नागरिकों को 8.25 प्रतिशत तक की दर प्रदान कर रहा है।

प्राइवेट और पब्लिक सेक्टर बैंक: सुरक्षित निवेश के साथ बढ़िया विकल्प

प्राइवेट और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक भी बुजुर्गों को आकर्षित करने के लिए कॉम्पिटेटिव एफडी रेट पेश कर रहे हैं:

प्राइवेट सेक्टर बैंक

एसबीएम बैंक इंडिया वरिष्ठ नागरिकों को सर्वाधिक 8.15 प्रतिशत तक का इंट्रेस्ट रेट दे रहा है। इसके बाद डीसीबी बैंक (DCB Bank) 8.00 प्रतिशत और बंधन बैंक (Bandhan Bank) 7.95 प्रतिशत तक का रिटर्न दे रहे हैं। इंडसइंड बैंक (IndusInd Bank) और यस बैंक (YES Bank) दोनों 7.75 प्रतिशत तक, आरबीएल बैंक (RBL Bank) और तमिलनाडु मर्केंटाइल बैंक (Tamilnad Mercantile Bank) 7.70 प्रतिशत तक और जम्मू एंड कश्मीर बैंक (Jammu & Kashmir Bank) 7.55 प्रतिशत तक की ब्याज दर की पेशकश कर रहे हैं।

सार्वजनिक क्षेत्र (सरकारी) के बैंक

सरकारी बैंकों में बैंक ऑफ इंडिया (Bank of India) वरिष्ठ नागरिकों को सबसे अधिक 7.45 प्रतिशत तक की ब्याज दर दे रहा है। बैंक ऑफ बड़ौदा (Bank of Baroda) और सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया (Central Bank of India) 7.25 प्रतिशत तक की ब्याज दर प्रदान कर रहे हैं। इसके अलावा बैंक ऑफ महाराष्ट्र (Bank of Maharashtra) और इंडियन बैंक (Indian Bank) 7.15 प्रतिशत तक जबकि इंडियन ओवरसीज बैंक (Indian Overseas Bank) और केनरा बैंक (Canara Bank) 7.10 प्रतिशत तक की ब्याज दर दे रहे हैं।

विदेशी बैंक

विदेशी बैंकों की बात करें तो स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक (Standard Chartered Bank) 7.10 प्रतिशत तक, डॉयचे बैंक (Deutsche Bank) 7.00 प्रतिशत तक और एचएसबीसी बैंक (HSBC Bank) 6.00 प्रतिशत तक की एफडी ब्याज दर दे रहे हैं।

10 लाख रुपये की एफडी पर सालाना ब्याज आय का गणित

अगर कोई वरिष्ठ नागरिक 8.50% की उच्चतम वार्षिक ब्याज दर पर 10 लाख रुपये की राशि फिक्स्ड डिपॉजिट में निवेश करता है:

कुल फिक्स्ड राशि: ₹10,000,000

वार्षिक ब्याज दर: 8.50%

सालाना ब्याज आय: ₹85,000

यानी 8.50% की दर से 10 लाख रुपये फिक्स करने पर सिर्फ इंट्रेस्ट से ही वरिष्ठ नागरिक को सालाना ₹85000 (करीब ₹7083 प्रति माह) की निश्चित कमाई होगी। (नोट: अगर बैंक में ब्याज का रीइन्वेस्टमेंट या तिमाही आधार पर कम्पाउंडिंग होती है तो इंट्रेस्ट से कुल इनकम इससे भी अधिक हो सकती है।)

विशेषज्ञों की राय: कैसे करें सही और सुरक्षित एफडी निवेश

फाइनेंशियस एक्सपर्ट्स का सुझाव है कि वरिष्ठ नागरिकों को अपनी पूरी जमा राशि किसी एक ही बैंक में रखने के बजाय अलग-अलग बैंकों में बांटकर निवेश करना चाहिए। इसका सबसे बड़ा लाभ यह है कि वे डीआईसीजीसी (DICGC) के तहत मिलने वाले 5 लाख रुपये तक के जमा बीमा कवर के दायरे में सुरक्षित रहते हैं। उच्च रिटर्न पाने के लिए स्मॉल फाइनेंस बैंकों का चयन समझदारी से करें और अपनी लिक्विडिटी की जरूरतों के हिसाब से एफडी की अवधि तय करें।

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।

₹23 के नीचे आया Yes Bank, धमाकेदार रिजल्ट के बावजूद 4% टूटा शेयर, ये है वजह

Yes Bank Share Price: प्राइवेट सेक्टर के दिग्गज लेंडर येस बैंक के लिए पिछले वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही धमाकेदार रही। बैंक का मुनाफा 33% से अधिक बढ़ गया लेकिन प्रोविजंस में दोगुने से अधिक बढ़ोतरी पर शेयरों ने ऐसा दबाव बनाया कि यह करीब 4% टूट गया। बिकवाली का दबाव इतना तेज रहा कि निचले स्तर पर खरीदारी के बावजूद यह संभल नहीं पाया और अब भी यह काफी दबाव में है। फिलहाल बीएसई पर यह 2.75% की गिरावट के साथ ₹22.98 के भाव पर है। इंट्रा-डे में यह 3.85% टूटकर ₹22.72 तक आ गया था। आगे की बात करें तो रिजल्ट के बाद ब्रोकरेज फर्म जेएम फाइनेंशियल ने इसक रेटिंग को सेल से अपग्रेड कर रिड्यूस कर दिया है और टारगेट प्राइस ₹17 से बढ़ाकर ₹22 किया है यानी कि इसके शेयर अभी टारगेट प्राइस से ऊपर हैं।

Yes Bank Q1 Results: खास बातें

येस बैंक के लिए वित्त वर्ष 2027 की शुरुआत धमाकेदार रही। स्टैंडएलोन लेवल पर इस वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही अप्रैल-जून 2026 में बैंक का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 33.7% बढ़कर ₹1,070.99 करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान बैंक की ब्याज से शुद्ध कमाई यानी NII (नेट इंटेरेस्ट इनकम) ₹2,371.47 करोड़ से 17.5% बढ़कर ₹2,786.46 करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान बैंक का नेट इंटेरेस्ट मार्जिन (NIM) भी डिपॉजिट्स की कम लागत और पीएसएल शॉर्टफाल डिपॉजिट्स में गिरावट के दम पर 2.5% से सुधरकर 2.7% पर पहुंच गया।

बैंक का ऑपरेटिंग प्रॉफिट भी सालाना आधार पर 25.5% बढ़कर ₹1704 करोड़ तो नॉन-इंटेरेस्ट इनकम 2.6% उछलकर ₹1,798 करोड़ पर पर पहुंच गया। बैंक की एसेट क्वालिटी में भी सुधार हुआ है। तिमाही आधार पर बैंक का ग्रास एनपीए 1.6% से 1.3% पर आ गया तो नेट एनपीए रेश्यो भी 0.3% से 0.2% पर आ गया। हालांकि प्रोविजंस तिमाही आधार पर ₹187.55 करोड़ से 110.33% उछलकर ₹394.48 करोड़ पर पहुंच गया।

एक साल में कैसी रही शेयरों की चाल

येस बैंक के शेयरों ने इस साल कुछ ही महीने में निवेशकों को रॉकेट की स्पीड से रिटर्न दिया था। 30 मार्च 2026 को बीएसई पर यह ₹17.19 के भाव पर था जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है। इस निचले स्तर से तीन महीने में यह 49.91% उछलकर 18 जून 2026 को ₹25.77 पर पहुंच गया जो इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई लेवल है।

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HDFC Bank Q1 Results: जून तिमाही में मुनाफा 5% बढ़ा, इनकम 7% घटी; NPA गिरा

प्राइवेट सेक्टर के HDFC Bank के अप्रैल-जून 2026 तिमाही के नतीजे सामने आ गए हैं। तिमाही के दौरान स्टैंडअलोन बेसिस पर बैंक का शुद्ध मुनाफा 19059.72 करोड़ रुपये रहा। यह एक साल पहले के मुनाफे 18155.21 करोड़ रुपये से 5 प्रतिशत ज्यादा है। वहीं दूसरी ओर कुल इनकम 7 प्रतिशत घटकर 92184.38 करोड़ रुपये रही। जून 2025 तिमाही में यह 99200 करोड़ रुपये थी।

एक्सचेंज फाइलिंग के मुताबिक, जून 2026 तिमाही में HDFC Bank का ग्रॉस NPA (Non-Performing Assets) रेशियो सालाना आधार पर कम होकर 1.17 प्रतिशत रहा। एक साल पहले यह 1.4 प्रतिशत था। नेट NPA रेशियो भी मामूली तौर पर घटकर 0.41 प्रतिशत हो गया। जून 2025 तिमाही में यह 0.47 प्रतिशत था। NPA में गिरावट बैंक की एसेट क्वालिटी में सुधार दर्शाती है।

HDFC Bank शेयर एक साल में 17 प्रतिशत कमजोर

HDFC Bank के शेयर की कीमत वर्तमान में BSE पर 819.65 रुपये है। बैंक का मार्केट कैप 12.62 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर की फेस वैल्यू 1 रुपये है। शेयर एक साल में 17 प्रतिशत नीचे आया है। तिमाही नतीजे जारी होने के बाद सोमवार, 20 जुलाई को शेयर फोकस में रहेगा।

Yes Bank Q1 Results: यस बैंक का मुनाफा 33% उछला, निफ्टी बैंक में वापसी के बाद चमके नतीजे! जानें हर एक डिटेल

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Yes Bank Q1 Results: यस बैंक का मुनाफा 33% उछला, निफ्टी बैंक में वापसी के बाद चमके नतीजे! जानें हर एक डिटेल

Yes Bank Q1 FY27 Financial Results: यस बैंक ने आज, 18 जुलाई को FY27 की पहली तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। जून तिमाही में यस बैंक के नेट प्रॉफिट में सालाना आधार पर 33.5% की शानदार बढ़त दर्ज की गई है। साथ ही बैंक की ब्याज से होने वाली कमाई में भी तगड़ा उछाल आया है।

हालांकि, तिमाही आधार पर बैंक के प्रोविजंस यानी लोन डूबने की आशंका में रखी रकम में 100% से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है। आइए आपको बताते हैं यस बैंक के पहली तिमाही के नतीजों की हर एक बड़ी बात।

मुनाफा 33.5% बढ़ा, नेट इंटरेस्ट इनकम में भी उछाल

यस बैंक के लिए मुनाफे और कोर इनकम के मोर्चे पर यह तिमाही बेहतर साबित हुई है। जून तिमाही में यस बैंक का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 33.5% बढ़कर ₹1,070 करोड़ पर पहुंच गया है। पिछले साल की इसी तिमाही में बैंक का मुनाफा कम था। यह प्रदर्शन सीएनबीसी-टीवी18 के पोल के अनुमान (₹1,100 करोड़) के बिल्कुल करीब रहा है। बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम सालाना आधार पर 17.5% की ग्रोथ के साथ ₹2,786.3 करोड़ रही है।

तिमाही आधार पर दोगुने से ज्यादा बढ़े प्रोविजंस

नतीजों में सबसे ज्यादा ध्यान खींचने वाला आंकड़ा प्रोविजंस का रहा है। मार्च तिमाही के मुकाबले जून तिमाही में यस बैंक का प्रोविजन 100% से भी ज्यादा बढ़कर ₹394 करोड़ पर पहुंच गया है। मार्च तिमाही में यह आंकड़ा महज ₹187 करोड़ था। प्रोविजंस का बढ़ना यह दिखाता है कि बैंक ने संभावित खराब लोन से निपटने के लिए सुरक्षित फंड की राशि को बढ़ाया है।

एसेट क्वालिटी रही पूरी तरह स्थिर, नहीं बढ़ा एनपीए

प्रोविजंस बढ़ने के बावजूद बैंक की एसेट क्वालिटी पिछली तिमाही के स्तर पर ही पूरी तरह टिकी हुई है। ग्रॉस एनपीए पिछली तिमाही के समान ही 1.3% पर स्थिर रहा। हालांकि वैल्यू के हिसाब से यह मार्च के ₹3,604 करोड़ से मामूली बढ़कर ₹3,704 करोड़ रहा है। नेट एनपीए भी बिना किसी बदलाव के 0.2% पर बरकरार रहा। वैल्यू के मामले में यह पिछली तिमाही के ₹653 करोड़ के मुकाबले ₹677 करोड़ रहा है।

लोन और डिपॉजिट का कैसा रहा हाल?

यस बैंक के लोन ग्रोथ नेट एडवांस में सालाना आधार पर 18.4% की मजबूत बढ़त दर्ज की गई है और यह ₹2.85 लाख करोड़ पर पहुंच गया है। मार्च तिमाही के मुकाबले भी यह 4.3% बढ़ा है। बैंक के कुल डिपॉजिट में सालाना आधार पर 14.3% की बढ़त हुई है और यह ₹3.15 लाख करोड़ रहा। हालांकि, तिमाही आधार पर मार्च के मुकाबले डिपॉजिट में 1.1% की मामूली गिरावट देखी गई है।

निफ्टी बैंक में वापसी के बाद शेयरों की स्थिति

शुक्रवार को हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन नतीजों से ठीक पहले यस बैंक का शेयर 0.9% की मामूली गिरावट के साथ ₹23.53 पर बंद हुआ था। इस साल की शुरुआत से बात करें तो यस बैंक के शेयर ने निवेशकों को करीब 10% का रिटर्न दिया है। सबसे बड़ी बात यह है कि हाल ही में इंडेक्स रिशफल के दौरान यस बैंक को दोबारा निफ्टी बैंक इंडेक्स में शामिल कर लिया गया है, जिससे निवेशकों का भरोसा इस स्टॉक पर बढ़ा है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।