Yes Bank Share Price: AT-1 बॉन्ड्स पर कोर्ट के फैसले पर दूसरे दिन भी शेयर धड़ाम, City ने घटाया टारगेट प्राइस

Yes Bank Share Price: दिग्गज प्राइवेट सेक्टर लेंडर येस बैंक के शेयर आज भी बिकवाली की आंधी में फंस गए। एक कारोबारी दिन तो पहले इंट्रा-डे में यह छह साल में सबसे बड़ी गिरावट के साथ टूटकर एक साल के निचले स्तर ₹16.98 पर आ गया था। इसके शेयरों को यह शॉक ₹8415 करोड़ के AT-1 (एडीशनल टियर-1) बॉन्ड्स पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के चलते लगा है। इस झटके में शेयर एक कारोबारी दिन पहले इंट्रा-डे में 20% टूटे थे और निचले स्तर पर हल्की रिकवरी के बावजूद 14% से अधिक की गिरावट के साथ बंद हुए थे। अब आज की बात करें तो फिलहाल बीएसई पर यह 1.98% की गिरावट के साथ ₹17.79 पर है। इंट्रा-डे में आज यह 3.86% फिसलकर ₹17.45 तक आ गया था। कुछ महीने पहले 18 जून 2026 को यह एक साल के हाई ₹25.77 पर था।

क्या है Yes Bank के AT-1 बॉन्ड्स का मामला?

सुप्रीम कोर्ट ने साल 2020 में बैंक के AT-1 बॉन्ड्स को राइट ऑफ करने यानी बट्टे खाते में डालने के फैसले को गलत ठहराया है। बता दें कि बैंक की रीस्ट्रक्चरिंग के दौरान ₹8400 करोड़ के इन बॉन्ड्स को राइट-ऑफ कर दिया गया था, जिसके चलते बॉन्ड होल्डर्स को अपना मूलधन भी गंवाना पड़ा था। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के मुताबिक यस बैंक को अब इन AT-1 बॉन्ड्स पर 9.5% और 9% की तय कूपन दर के हिसाब से पेमेंट करना होगा। बैंक ने साल 2016 और साल 2017 में इन बॉन्ड्स के जरिए ₹8,415 करोड़ जुटाए थे। यह रकम कितनी है, इसका अंदाजा इससे लगा सकते हैं कि यह वित्त वर्ष 2026 में बैंक के ₹3476 के शुद्ध मुनाफे के दोगुने से भी अधिक है।

इस फैसले को लेकर बैंक ने एक्सचेंज फाइलिंग में कहा कि वह फिलहाल सभी कानूनी विकल्पों पर गौर कर रहा है। बैंक ने यह भी कहा कि उसके पास कैपेटिल मैनेजमेंट के बेहतर रास्ते हैं, जिससे उसे अपने ग्रोथ के लक्ष्यों को हासिल करने के लिए अतिरिक्त पूंजी से जुड़े फैसलों को लेकर फ्लेक्सिबिलिटी बनी रहेगी। यस बैंक के मुताबिक AT-1 बॉन्ड्स से जुड़े फैसले से 30 जून 2026 तक के CET-1 रेश्यो (मुनाफा समेत) पर लगभग 250 बेसिस पॉइंट्स का असर पड़ सकता है तो प्रो-फॉर्मा आधार पर टियर-1 रेश्यो 14% पर ही बना रहेगा।

क्या है ब्रोकरेज फर्म का रुझान

वैश्विक इंवेस्टमेंट बैंकिंग फर्म सिटी ने येस बैंक की सेल रेटिंग को बरकरार रखा है लेकिन टारगेट प्राइस को ₹22 से घटाकर ₹17.5 कर दिया। सिटी के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट का फैसला येस बैंक के लिए झटका है और इससे सीईटी-1 कम हो सकता है। सिटी का कहना है कि एटी-1 बॉन्ड्स को स्पष्ट रूप से बैंक की पूंजी बढ़ाने के लिए राइट ऑफ किया गया था। ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि येस बैंक के CET-1 रेश्यो में 250 बेसिस पॉइंट की कमी आएगी और कूपन पेमेंट को स्वैच्छिक और नॉन-कम्युलेटिव मानते हुए यह गिरकर 11.5% (सिर्फ मूलधन के आधार पर) रह जाएगा। इससे बैंक की बुक वैल्यू में 13% से 14% की गिरावट आएगी, जिसके चलते बफर को फिर से बहाल करने के लिए बैंक को अतिरिक्त पूंजी जुटाने की जरूरत पड़ेगी।

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₹23 के नीचे आया Yes Bank, धमाकेदार रिजल्ट के बावजूद 4% टूटा शेयर, ये है वजह

Yes Bank Share Price: प्राइवेट सेक्टर के दिग्गज लेंडर येस बैंक के लिए पिछले वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही धमाकेदार रही। बैंक का मुनाफा 33% से अधिक बढ़ गया लेकिन प्रोविजंस में दोगुने से अधिक बढ़ोतरी पर शेयरों ने ऐसा दबाव बनाया कि यह करीब 4% टूट गया। बिकवाली का दबाव इतना तेज रहा कि निचले स्तर पर खरीदारी के बावजूद यह संभल नहीं पाया और अब भी यह काफी दबाव में है। फिलहाल बीएसई पर यह 2.75% की गिरावट के साथ ₹22.98 के भाव पर है। इंट्रा-डे में यह 3.85% टूटकर ₹22.72 तक आ गया था। आगे की बात करें तो रिजल्ट के बाद ब्रोकरेज फर्म जेएम फाइनेंशियल ने इसक रेटिंग को सेल से अपग्रेड कर रिड्यूस कर दिया है और टारगेट प्राइस ₹17 से बढ़ाकर ₹22 किया है यानी कि इसके शेयर अभी टारगेट प्राइस से ऊपर हैं।

Yes Bank Q1 Results: खास बातें

येस बैंक के लिए वित्त वर्ष 2027 की शुरुआत धमाकेदार रही। स्टैंडएलोन लेवल पर इस वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही अप्रैल-जून 2026 में बैंक का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 33.7% बढ़कर ₹1,070.99 करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान बैंक की ब्याज से शुद्ध कमाई यानी NII (नेट इंटेरेस्ट इनकम) ₹2,371.47 करोड़ से 17.5% बढ़कर ₹2,786.46 करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान बैंक का नेट इंटेरेस्ट मार्जिन (NIM) भी डिपॉजिट्स की कम लागत और पीएसएल शॉर्टफाल डिपॉजिट्स में गिरावट के दम पर 2.5% से सुधरकर 2.7% पर पहुंच गया।

बैंक का ऑपरेटिंग प्रॉफिट भी सालाना आधार पर 25.5% बढ़कर ₹1704 करोड़ तो नॉन-इंटेरेस्ट इनकम 2.6% उछलकर ₹1,798 करोड़ पर पर पहुंच गया। बैंक की एसेट क्वालिटी में भी सुधार हुआ है। तिमाही आधार पर बैंक का ग्रास एनपीए 1.6% से 1.3% पर आ गया तो नेट एनपीए रेश्यो भी 0.3% से 0.2% पर आ गया। हालांकि प्रोविजंस तिमाही आधार पर ₹187.55 करोड़ से 110.33% उछलकर ₹394.48 करोड़ पर पहुंच गया।

एक साल में कैसी रही शेयरों की चाल

येस बैंक के शेयरों ने इस साल कुछ ही महीने में निवेशकों को रॉकेट की स्पीड से रिटर्न दिया था। 30 मार्च 2026 को बीएसई पर यह ₹17.19 के भाव पर था जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है। इस निचले स्तर से तीन महीने में यह 49.91% उछलकर 18 जून 2026 को ₹25.77 पर पहुंच गया जो इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई लेवल है।

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